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भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश के अन्य शहरों में कोरोना संक्रमण का फैलाव रुक गया है, लेकिन इंदौर में स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। इसको लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी चिंतित हैं। उन्होंने सोमवार को देर शाम वीडियो काफ्रेंसिंग के जरिये इंदौर कलेक्टर से शहर की जानकारी ली। इसके बाद सीएम ने मंगलवार सुबह भी फोन पर कलेक्टर मनीष सिंह से पूरा फीडबैक लिया और उन्हें हर तरह की शासन से मदद भिजवाने की बात भी कही। वहीं, मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए कलेक्टर मनीष सिंह को फ्री हैंड भी दे दिया है। वे इसकी रोकथाम के लिए अब हर तरह का निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। बता दें कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के सबसे अधिक मरीज इंदौर में ही मिले हैं। यहां अब तक 44 मरीज कोरोना पॉजीटिव पाए गए हैं। कोरोना संक्रमण की रोकथाम में लापरवाही के चलते ही यहां कलेक्टर और डीआईजी का दो दिन पहले तबादला किया गया था और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने भरोसेमंद अधिकारी मनीष सिंह को इंदौर कलेक्टर और हरिनारायण चारी मिश्रा को डीआईजी बनाकर भेजा है। मुख्यमंत्री ने इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह से सोमवार को देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चर्चा कर सख्ती से लॉकडाउन का पालन करवाने के निर्देश दिये। वहीं, मंगलवार सुबह भी मुख्यमंत्री ने काफी देर तक कलेक्टर मनीष सिंह से फोन पर चर्चा की और शहर के वर्तमान हालातों की जानकारी ली।कलेक्टर ने मुख्यमंत्री को 17 और नये मरीजों के पॉजिटिव पाये जाने की जानकारी दी, तो मुख्यमंत्री ने उन्हें हर तरह की मदद करने की बात कही, जिसमें शासन की ओर से पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने से लेकर काबिल अफसरों की तैनाती और जनप्रतिनिधियों से भी पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि संकट की इस घड़ी में पूरा प्रशासन मुस्तैदी से जुटा हुआ है और हम जल्द ही कोरोना पर काबू पा लेंगे। इंदौर में सात दिन रहेगी सख्तीइंदौर में बीते 2 दिनों से पुलिस प्रशासन ने लॉकडाउन और कफ्र्यू के मामले में सख्ती कर रखी है। हालांकि, सोमवार शाम को दूध वितरण के लिये 2 घंटे की जो ढील दी गई थी, उसका भी लोगों ने दुरुपयोग किया और भीड़ के रूप में सडक़ों पर उतर आये, जिसके चलते मंगलवार सुबह घरों तक ही दूध पहुंचाने के इंतजाम किये गये, क्योंकि कोरोना मरीजों की संख्या बढऩे के चलते अब प्रशासन का कहना है कि 7 दिनों तक सख्ती रहेगी। कोई भी व्यक्ति अपने घर से बाहर न निकले।कलेक्टर मनीष सिंह ने सोमवार को ही इंदौर को टोटल लॉकडाउन कर सभी तरह आपूर्ति और सेवाओं पर रोक लगा दी थी, लेकिन नागरिकों की मांग पर शाम पांच से सात बजे तक दूध की सप्लाई की छूट दी गई थी। दो घंटे दूध वितरण की छूट मिलने पर लोग घरों से निकल पड़े और सडक़ों पर भीड़ जमा हो गई। इसे देखते हुए कलेक्टर मनीष सिंह ने फिर सख्ती से दूध की सप्लाई पर भी रोक लगा दी और आदेश दिया कि अब लोगों के घरों पर दूध का वितरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले 7 दिन इसी तरह की सख्ती कायम रहेगी और दूध घरों तक पहुंचाया जायेगा। मंगलवार सुबह से इसकी व्यवस्था भी की गई है। प्रयास यह भी किये जा रहे हैं कि लोगों को अधिक से अधिक दूध पावडर के पैकेट दिये जायें, ताकि वे अगले 4-5 दिन घर पर ही दूध तैयार कर सकें।इधर डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्रा ने मंगलवार सुबह सेट पर सभी थाना प्रभारियों को आदेश दिया कि वे मुख्य सडक़ों के चौराहों के अलावा गली-मोहल्ले में भी जाकर लोगों को घरों में रहने की हिदायतें दें। ज्यादातर लोग घर के बाहर इकट्ठे हो रहे हैं और फालतू की चर्चाओं में मशगूल हैं। वहीं कई लोग इकट्ठे होकर जुआं-सट्टा भी खेल रहे हैं, जिन पर सख्ती की जाना आवश्यक है।

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Dakhal News 31 March 2020


 Bhopal, 500 students, trapped abroad , rescued

भोपाल। लॉकडाउन के चलते अपने देश नहीं लौट पाए छात्र छात्राओं को अब रेस्क्यू किया जाएगा । भोपाल सहित अन्य राज्यो से तकरीबन 500 लोग पढ़ाई करने या टूरिस्ट वीजा पर इटली और ईरान गए हुए है थे जिनको अब भोपाल लाया जा रहा है ।     बात दें कि एक विशेष हवाई जहाज द्वारा 02 अप्रैल को करीबन 500 लोगो के भोपाल पहुचने की उम्मीद है जहां भोपाल के ई एम ई सेंटर में इनके लिए बनाया 500 बेड का अस्पताल बनाया गया है । जहाँ इन्हें 14 दिन तक क्वारटाइन किया जाएगा। यह आइसोलेन वार्ड सेना के अधिकारियों की सतत निगरानी में तैयार किया गया है इस आइसोलेशन वार्ड की निगरानी खुद सेना के अफसर करेंगे।   

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Dakhal News 31 March 2020


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इंदौर। देश की मिनी मुंबई कहलाने वाले इंदौर शहर में कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रही है। इंदौरवासियों के लिए एक ओर चिंता की खबर है। इंदौर से भोपाल भेजे गए 40 सैंपल्स में से 17 मरीज कोरोना पॉजिटिव आए हैं। सभी मरीज इंदौर के हैं। इसके साथ ही इंदौर में कोराना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या 40 पार यानि कुल 44 मरीज हो गए है। इंदौर प्रशासन ने इसकी पुष्टि की है और साथ ही कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को बहुत ही चिंताजनक बताया है।   कोरोना संक्रमण के चलते जहां अब तक इंदौर में 3 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, वही अब यहां कोरोना संक्रमण के शिकार लोगों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। इंदौर के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को रविवार को इंदौर से भोपाल भेजे गए 40 सैंपल की जांच रिपोर्ट मिली है। रिपोर्ट में 17 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए है और अब स्वास्थ्य विभाग सभी 17 लोगों को संक्रमण के दृष्टिकोण से इलाज में जुट गया है। बताया जा रहा है कि भोपाल से आई रिपोर्ट में 17 मरीजो में कोरोना की पुष्टि होने के बाद अब इंदौर में कोरोना पॉजिटिव मरीजो की संख्या 42 तक पहुंच गई है। वही 13 मरीजों की दोबारा जांच आईसीएमआर के निर्देश के अनुसार की जा रही है जिन्हें अभी संदिग्ध माना जा रहा है। फिलहाल, अकेले इंदौर में कोरोना से 3 मौत हो चुकी है वही पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढक़र 44 तक जा पहुंची है जो इंदौर के लिए एक बड़े खतरे की घन्टी माना जा रहा है। उल्लेखनी है कि कोरोना संक्रमण के मामले में इंदौर संक्रमित शहरों की सूची में आठवें नंबर पर है। वहीं कोरोना संक्रमण से मौत के मामले में भी मप्र दूसरे नंबर पर है। अब तक कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं उसके बाद दूसरे नंबर पर मप्र है। 

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Dakhal News 31 March 2020


bhopal, Number, corona infected ,patients reached 39

भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शनिवार देर रात एमजीएम मेडिकल कॉलेज से जारी की गई जांच रिपोर्ट में पांच नये कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही इंदौर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 24 और मध्यप्रदेश में 39 हो गई है।  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जड़िया ने बताया कि शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब एक बजे जारी की गई हेल्थ रिपोर्ट में पांच नए कोरोना संक्रमित मरीज सामने आए हैं। इसमें चार पुरुष मरीज इंदौर के और एक महिला उज्जैन की है। इसके साथ ही इंदौर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 24 पहुंच गई है। इनमें 19 इंदौर के, चार उज्जैन के और एक खंडवा का रहने वाला है। इन 24 संक्रमित मरीजों में से अब तक दो की मौत हो चुकी है, जबकि शेष का आइसोलेशन में उपचार जारी है। इसके अलावा जबलपुर में आठ, भोपाल में तीन, शिवपुरी में दो और ग्वालियर में दो कोरोना पॉजीटिव मरीज मिले हैं।  जानकारी के अनुसार इंदौर के एक अस्पताल से कोरोना वायरस संक्रमित दो मरीजों ने भागने की कोशिश की, लेकिन बाद में उन्हें पकड़ लिया गया। बताया जा रहा है कि एमआरटीबी अस्पताल में भर्ती कोरोना पॉजिटिव दो मरीज रविवार सुबह अस्पताल से भाग गए थे। तलाशी के बाद दोनों को खजराना से पकड़ा गया। इस मामले में अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। अब उसके संपर्क में आए लोगों की भी जांच की जा रही है।

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Dakhal News 29 March 2020


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इंदौर। नवागत कलेक्टर मनीष सिंह ने रविवार को बिना किसी देरी के शहर में कंप्लीट लॉक डाउन के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि  कोरोना वायरस को लेकर अब धीरे-धीरे प्रशासन शक्ति बढ़ाता जाएगा। जनता से अनुरोध है कि कुछ दिनों थोड़ी परेशानियों का सामना कर लें, क्योंकि कोविड- 19 को आज संयमित नहीं किया गया तो कल वह बहुत ही भयावह स्थिति बन कर उभरेगा। ज्यादा केस वाले स्थान पूर्ण रूप से प्रतिबंधितकलेक्टर ने बताया कि ऐसे स्थान जहां पर कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या ज्यादा है वे पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेंगे। रानीपुरा, नयापुरा ,चंदन नगर ,हाथीपाला, दौलतगंज आदि  स्थानों पर ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। आज रानीपुरा को टेकओवर किया जा रहा है। इस स्थान के आसपास की रोड को लॉक डाउन करके स्क्रीनिंग भी की जाएगी। स्क्रीनिंग के पश्चात दवाइयां भी बटवाई जाएंगी। इस प्रकार चयनित स्थानों पर ऐसे व्यक्ति जिनकी उम्र 55 साल से अधिक है तथा जिन्हें हृदय रोग अथवा डायबिटीज की परेशानी है, उन्हें दवा का कितना डोज देना है, यह भी निश्चित किया जा रहा है।प्राइवेट अस्पतालों से पूर्ण सहयोग की अपेक्षाजिलाधीश ने बताया कि हमारी प्राथमिकता ऐसे मरीजों को अलग करना है जो हाई रिस्क कैटेगरी में आते हैं अर्थात जिन्हें क्वॉरेंटाइन करने की जरूरत है। ऐसे मरीजों को आइसोलेट करके रखा जाएगा। इसके लिए अलग से दो-तीन हॉस्पिटल तय कर मरीजों को शिफ्ट किया जाएगा। क्वॉरेंटाइन के लिए मैरिज गार्डन भी लिए जा रहे हैं जहां मरीजों के भोजन संबंधी उचित व्यवस्थाएं भी रहेंगी।स्वयंसेवी संस्थाओं को दी गई छूट निरस्तगरीब, विकलांग, वृद्ध, आश्रित लोगों के सेवा कार्य की इच्छुक सामाजिक संस्थाओं के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश में छूट दी गई थी। पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुसार कुछ निश्चित संस्थाएं  गरीबों, आश्रितों,वृद्धों एवं विकलांगों की मदद हेतु भोजन पैकेट, दवाइयां आदि उपलब्ध करा सकेंगे। कलेक्टर मनीष सिंह ने इस आदेश को निरस्त किया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन अलग से लगभग 10 हजार भोजन पैकेट की व्यवस्था कर रहा है। जिसके द्वारा जरूरतमंदों की मदद की जाएगी साथ ही दवा तथा इलाज संबंधी व्यवस्था भी बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस समय प्रशासन का मुख्य उद्देश्य लोगों को घरों में रहने के लिए प्रेरित करना है जिससे कि कोरोना वायरस के संक्रमण की जंजीर को तोड़ा जा सके।वाहनों के लिए शुरू किया गया ऑड-इवन क्लोज आदेश भी निरस्तवहीं, वाहनों के लिए शुरू किया गया ऑड-इवन, क्लोज आदेश निरस्त किया गया है। इसका उद्देश्य लोगों को घर में रहने के लिए प्रेरित करना एवं सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना है। इंदौर कोरोना वायरस के संक्रमण की जिस स्टेट से गुजर रहा है उस समय यह अतिआवश्यक है कि लोग घर में ही रहें और बाहर बिल्कुल भी ना जाएं।उन्होंने बताया कि हॉस्टल में रहने वाले बच्चों की भोजन व्यवस्था हॉस्टल मालिकों तथा मजदूरों के लिए इसी प्रकार की व्यवस्था ठेकेदार के द्वारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह हॉस्टल मालिकों तथा ठेकेदारों की जिम्मेदारी बनती है कि वे समुचित व्यवस्था बनाएं अन्यथा उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।उन्होंने लोगों से अपील की कि, इस वक्त ज्यादा हरी सब्जियां भी ना खरीदें। क्योंकि सब्जियां भी कई स्तर से होते हुए घर में पहुंचती है तथा इनमें भी वायरस पाए जाने की संभावना बनी रहती है। अत: इस घड़ी में कम साधनों में आवश्यकता की पूर्ति करना ही बेहतर है।संभागायुक्त एवं एडीजी ने किया खजराना एवं रानीपुरा इलाके का निरीक्षणइधर, सम्भागायुक्त आकाश त्रिपाठी और एडीजी विवेक शर्मा ने रविवार को शहर के खजराना और रानीपुरा इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कर्फ्यू व्यवस्थाएं देखीं। उल्लेखनीय है कि करोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले में धारा 144 के अंतर्गत जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। शहर में कर्फ्यू के दौरान सारी व्यवस्थाएं नियमित रूप से जारी रहें तथा कोई भी व्यक्ति कर्फ्यू का उल्लंघन ना करें इसके लिए  कमिश्नर, कलेक्टर, नगर निगम तथा पुलिस विभाग  द्वारा नियमित रूप से भ्रमण किया जा रहा है।

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Dakhal News 29 March 2020


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भोपाल। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए किये जा रहे ऐहतियातन प्रयासों के बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार शाम को फेसबुक लाइव के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों से रू-ब-रू हुए। उन्होंने प्रदेशवासियों से बातकर बड़ा ऐलान किया कि जिन फैक्ट्रियों में मजदूर काम करते थे और लॉकडाउन की वजह से वह काम पर नहीं जा रहे हैं, उन सभी मजदूरों को घर बैठने पर मजदूरी का पैसा मिलेगा। फैक्ट्री प्रबंधन उनकी मजदूरी का पैसा बराबर देगा और ऐसा नहीं करने पर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार शाम को छह बजे फेसबुक लाइव पर मजदूरों से अपील करते हुए कहा कि वह जहां हैं, वही रहें। उनके रहने खाने की व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री लगातार दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री से संपर्क में है। उनको उन राज्यों में उत्तम सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने किसानों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि बिन मौसम बरसात से हुए नुकसान पर किसान भाइयों को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्हें खाद बीज की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। न ही किसी जरूरी सामान की कमी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील करते हुए कहा कि इस समय प्रदेशवासी घर में ही रहें। हम अपने प्रदेशवासियों के लिए हर समय सहायता कर रहे हैं। सरकार सबके भोजन की व्यवस्था में जुटी हुई है। उनके पास राशन कार्ड नहीं उन्हें भी राशन दिया जाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वह सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें। पीडि़त से सहानुभूति का भाव रखें। सीएम शिवराज ने स्वास्थ्य के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि कोरोना के लिए एक लाख टेस्ट किट का आर्डर दिया गया है। इस महामारी के संक्रमण को रोकने और इसके इलाज के लिए भी पूरी व्यवस्था की गई है। इलाज को लेकर लोगों को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जनता के लिए 1 लाख 70 हजार करोड़ का पैकेज दिया है। हम लोग कोरोना से लड़ेंगे और इससे जीतेंगे भी। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वह अपने परिवार को समय दें, योग-व्यायाम करते रहें, प्रधानमंत्री जी की बातों का पालन करें और इलाज को लेकर किसी तरह की चिंता ना करें।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फेसबुक लाइव पर मेडिकल स्टाफ, पुलिस प्रशासन, सफाई कर्मी डॉक्टर स्वयंसेवी संस्था एवं पत्रकारों को बधाई देते हुए कहा कि सभी लोग इस संकट के समय में अपने कर्तव्य का बहुत अच्छे ढंग से निर्वहन कर रहे हैं। डॉक्टर जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं तो कहीं स्वयंसेवी संस्था भी मदद के लिए आगे आई हैं। पत्रकार मित्र लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं तो वहीं पुलिस प्रशासन मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि समाज की ताकत हिम्मत देती है, हमें विश्वास है कि कोरोना को लडक़र हम इसे अवश्य परास्त करेंगे। कोरोना से डरने की जरूरत नहीं बस लॉक डाउन का पालन करें क्योंकि घर पर रहकर ही कोरोना को हराया जा सकता है।

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Dakhal News 29 March 2020


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भोपाल। मध्‍य पदेश में इस वक्‍त सबसे अधिक इंदौर में 19 पॉजिटिव कोराना वायरस  संक्रमित मिल रहे हैं तो वह इंदौर शहर ही है, जिसे देश में सबसे स्‍वच्‍छ शहर का दर्जा प्राप्‍त है। एक तरफ जहां इस जिले में कोविड-19 महामारी का प्रकोप है तो दूसरी ओर यहां बड़ी प्रशासनिक सर्जरी हुई है। ऐसे नाजुक वक्‍त में शासन ने कलेक्‍टर का स्‍थानान्‍तरण कर दिया है। अब इंदौर के नए डीएम  मनीष सिंह होंगे जोकि लोकेश जाटव का स्‍थान लेंगे। जाटव को अब सचिव मध्‍यप्रदेश शासन बनाया गया है।    हालांकि अभी सामान्‍य प्रशासन विभाग की अधिकारिक वेबसाइट पर इसकी सूचना सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज शनिवार अचानक से लोकेश जाटव का यहां से स्‍थानातरण किया गया है। इनके स्‍थान पर आए मनीष सिंह अभी प्रबंध संचालक, मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, भोपाल थे, जबकि इसके पहले उप सचिव, नगरीय विकास एवं आवास भी वे रह चुके हैं।    उधर, 2004 बैच के आईएएस लोकेश जाटव दिसम्‍बर 2018 को इंदौर कलेक्‍टर बनने के पूर्व अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पद पर भोपाल में पदस्थ रहने के साथ ही  इससे पहले डिंडोरी, राजगढ़, नीमच, मंडला और रायसेन में वे कलेक्टरी कर चुके हैं और इस लिहाज से इंदौर उनका एक जिलाधीश के नाते छठा जिला था। 

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Dakhal News 28 March 2020


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भोपाल। कोरोना वायरस के चलते देशभर के साथ मप्र में भी 14 अप्रैल तक लॉकडाउन रहेगा। लॉकडाउन के चलते आमजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र में इसका बुरा प्रभाव पड़ा है। कोरोना के कारण बनी गंभीर स्थिति के कारण सभी परिक्षाएं स्थगित करनी पड़ी है। वहीं जिन कक्षाओं की परिक्षाएं हो चुकी है उनकी कॉपी जांचने और रिजल्ट बनाने का काम भी नहीं हो सकता। ऐसी स्थिति कब तक रहेगी यह भी स्पष्ट नहीं है। इस कारण सरकार ने इन छात्रों को जनरल प्रमोशन देने का विचार कर रही है।   माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सभी कक्षाओं की परिक्षाएं लॉकडाउन के कारणा स्थगित कर दी है। साथ ही कापी जांचने और रिजल्ट बनाने का काम भी स्थगित कर दिया है। ऐसे में राज्य सरकार ने अभी पहली से नौंवी कक्षा के छात्र-छात्राओं को जनरल प्रमोशन देने का विचार कर रही है। इस बीच मध्य प्रदेश सरकार 10वीं क्लास के छात्रों को जनरल प्रमोशन दिए जाने पर विचार कर रही है। इसे लेकर राज्य सरकार जल्द ही ऐलान कर सकती है। छात्रों को उनके सालभर के प्रदर्शन के आधार पर प्रमोशन दे दिया जाएगा। हालांकि, 12वीं के अंकों के आधार पर कॉलेजों में दाखिला दिया जाता है इसलिए हायर सेकंडरी में ऐसा नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों ने 9वीं और 11वीं का परिणाम घोषित कर दिया है। जानकारी के मुताबिक कुछ सीबीएसई स्कूल भी पहली से आठवीं तक के छात्रों को उनके परफार्मेंस के आधार पर जनरल प्रमोशन दे सकते हैं।  

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Dakhal News 28 March 2020


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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को शहर में कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन में आमजन को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने शहर के कुछ हिस्सों में अकेले पहुंचकर प्रशासन द्वारा की गई विभिन्न व्यवस्थाएं देखीं। चौहान ने सोशल डिस्टेंसिंग तथा लॉक डाउन के दौरान रखी जाने वाली सारी सावधानियों को रखते हुए तथा नियमों का पालन करते हुए यह भ्रमण किया।   मुख्यमंत्री  चौहान ने सफाई व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक चीजों की आपूर्ति करने वालों को धन्यवाद देते हुए उनसे रोग से बचाव के उपाय अपनाने की जानकारी ली। उन्होंने संक्रामक रोग से बचाव के लिए आमजन द्वारा मास्क के उपयोग, परस्पर दूरी बनाकर रखने और  अपनाई जा रही अन्य  सावधानियों का भी जायजा लिया।   नागरिकों की सजगता को सराहा मुख्यमंत्री ने भोपाल के नागरिकों की सजग भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने इस दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों, नागरिक सुविधाएं प्रदान करने वाले व्यक्तियों और कुछ नागरिकों से भी उनका हालचाल पूछा। मुख्यमंत्री ने डयूटी पर तैनात पुलिस स्टाफ की हौसला अफजाई की और  उन्हें परिवार छोड़कर दायित्व  निर्वहन   के लिए धन्यवाद दिया।   विभिन्न क्षेत्रों का किया निरीक्षण मुख्यमंत्री चौहान ने भोपाल के बिट्टन मार्केट, शाहपुरा, सर्व धर्म नगर, मंदाकिनी तिराहा, नयापुरा तिराहे और बैरागढ़ चीचली क्षेत्र में  बगैर सुरक्षा व्यवस्था पहुंचकर नागरिकों को मिल रही सुविधाओं को देखा। इस दौरान उन्होंने पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर, किराना शॉप पर अत्यावश्यक नागरिक सुविधाओं के प्रदाय की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने  कोलार रोड पर एक निजी मेडिकल अस्पताल का भी अवलोकन किया और वहां उपलब्ध उपचार सुविधाएं देखीं। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री चौहान प्रतिदिन राज्य में रोग से बचाव के प्रयासों की समीक्षा भी कर रहे हैं।

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Dakhal News 28 March 2020


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भोपाल। मध्‍य प्रदेश में कोरोना वायरस (कोविड-19) का कहर बढ़ता ही जा रहा है। जबलपुर से शुरू हुआ राजधानी भोपाल, ग्‍वालियर अंचल से होते हुए मिनी मुंबई और राज्‍य की आर्थि‍क राजधानी इंदौर तक फैल चुका है। यहां तक कि महाकाल की नगरी उज्‍जैयनी को भी नहीं छोड़ा और मरीजों की संख्‍या 14 तक हो चुकी है। प्रशासन ने एतिहातन सूबे के जबलपुर, भोपाल, ग्‍वालियर, शिवपुरी के बाद उज्‍जैन में कर्फ्यू लगा दिया है। और अब इंदौर में भी लगाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं पूरी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। दरअसल, मध्य प्रदेश की औद्योगिक राजधानी इंदौर में कोरोना वायरस के पांच और मरीज मिले हैं। बुधवार की सुबह इसकी पुष्टि हुई है। इसी के साथ अब प्रदेश में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 14 हो गई है। संभागायुक्त‑कलेक्टर सहित स्वास्थ्य विभाग का अमला सबसे पहले हास्पिटल पहुंचा और डाक्टरों से मरीजों की जानकारी हासिल की। सुबह संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी और कलेक्टर लोकेश जाटव ने इन पांचों कोरोना मरीजों की अधिकृत पुष्टि की। कलेक्टर इंदौर लोकेश कुमार जाटव ने कहा है कि इस बात को लेकर पैनिक की आवश्यकता नहीं है। सभी मरीज़ों की हालत स्थिर है और वे चिकित्सीय निगरानी में हैं। सभी का बेहतर इलाज हो रहा है और अन्यत्र संक्रमण नहीं हो, इसके पुख़्ता इंतज़ाम किए गए हैं। जिन पांच मरीजों में कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया है, उनमें स्नेह नगर निवासी अग्रवाल परिवार के दो युवक हैं। एक मरीज चंदन नगर और दूसरा रानीपुरा का बताया गया है। तीन युवक बॉम्बे हास्पिटल, एक अरिहंत हास्पिटल में और चौथे मरीज को एमवाय अस्पताल में भर्ती किया गया है। बॉम्बे अस्पताल में भर्ती तीन लोग ऋषिकेश से लौटे हैं। इनमें से किसी की फॉरेन हिस्ट्री नहीं है। फिर भी विभाग पता कर रहा है कि ये किसके संपर्क में आए हैं। उल्‍लेखनीय है कि पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्‍ट्र के संबोधन के बाद से लॉकडाउन कर दिया गया है। लॉकडाउन के चलते यहां मध्य प्रदेश में इस समय कर्फ्यू जैसी स्थिति है। प्रशासन लगातार अनुरोध कर रहा है कि यदि कोई भी स्वास्थ्य या अन्‍य समस्या है तो कॉल सेंटर के माध्‍यम से संपर्क करें। मप्र में अभी तक की स्थिति: भोपाल: 1जबलपुर: 6ग्वालियर: 1शिवपुरी: 1 इंदौर: 4 उज्जैन: 1  

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Dakhal News 25 March 2020


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राजगढ़। पिछली कांग्रेस सरकार के शासन मे थप्पड़ कांड को लेकर चर्चित हुई जिले की कलेक्टर निधि निवेदिता और डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा को प्रदेश की भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही हटा दिया है। उक्त दोनों को हटाए जाने की मांग तत्कालीन विपक्षी दल भाजपा ने जोरदार तरीके से की थी।  अब राजगढ़ के नए कलेक्टर 2012 बैच के आईएएस नीरजकुमार सिंह होंगे।सामान्य प्रशासन विभाग की प्रमुख सचिव कार्मिक दीप्ति गौड़ मुखर्जी के हस्ताक्षर से मंगलवार शाम को जारी तबादला आदेश मे राजगढ़ कलेक्टर निधि निवेदिता को वल्लभ भवन भोपाल मे उप सचिव पदस्थ किया गया है। वहीं उप सचिव नीरज सिंह को राजगढ़ कलेक्टर बनाकर भेजा गया है। वहीं, डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा को भी राजगढ़ से हटाकर वल्लभ भवन मे संलग्न किया है। गौरतलब है कि 19 जनवरी 2020 को सीएए के समर्थन मे सामाजिक संगठनों के आव्हान पर जिले के ब्यावरा में तिरंगा महारैली निकाली जानी थी। पहले अनुमति देकर महारैली के ठीक एक दिन पूर्व 18 जनवरी की रात 10 बजे कलेक्टर ने जिले मे धारा 144 लागू कर दी थी। इसके बाद भी जब लोगों ने तिरंगा महारैली निकाली तो कलेक्टर निधि निवेदिता ने पूर्व विधायक अमरसिंह यादव से झूमा झटकी की थी। उन्होंने हाथ जोड़कर रैली निकालने का आग्रह कर रहे भाजपा के मीडिया प्रभारी रवि बड़ोने को थप्पड़ जड़ दिया था। डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा भी आवेशित होकर भीड़ के बीच पहुँच गई थी। उन्होंने कार्यकर्ताओं पर अभद्रता के आरोप लगाए थे।

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Dakhal News 25 March 2020


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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कुर्सी संभालते ही ताबड़तोड़ फैसले लेने शुरू कर दिए है। राजगढ़ कलेक्टर और रीवा नगर निगम आयुक्त के तबादले के बाद सरकार ने एक ओर बढ़ा कदम उठाया है। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य महिला आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष और बाल अयोग अध्यक्ष के पदों पर की गई नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।    आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि ओझा को राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने वाली अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। इससे पूर्व राज्य सरकार ने 16 मार्च को अधिसूचना जारी कर ओझा को राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया था। इसके अलाावा पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष पद पर जेपी धनोपिया, बाल आयोग अध्यक्ष पद से अभय तिवारी, अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष प्रदीप अहीरवार और सदस्य गुरुचरण खरे, राज्य अल्पसंख्यक आयोग में नियुक्त नूरी खान समेत सभी नियुक्ति आदेशों को निरस्त कर दिया है।  यह सभी नियुक्ति कमलनाथ ने सरकार गिरने के एक सप्ताह  पहले ही की थी।    

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Dakhal News 25 March 2020


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भोपाल। मध्य प्रदेश की पंद्रहवीं विधानसभा का छठवां सत्र मंगलवार अपने समय सुबह ठीक 11 बजे शुरू हुआ, जिसमें सरकार के प्रति विश्वास प्रस्ताव लाया गया जो सर्वसम्‍मति से पास हो गया। इस दौरान कांग्रेस का सदन में कोई भी विधायक नहीं पहुंचा। इसके साथ ही आज मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की भाजपा सरकार ने सदन में बहुमत हासिल कर लिया है।    सदन की पूरी कार्यवाही के लिए सभापति जगदीश  देवड़ा को बनाया गया था। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही 27 मार्च तक के लिए स्‍थगित कर दी गई। भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने आज सदन की कार्यवाही के बाद बताया कि सभापति तालिका जीवित थी, इसलिए सभापति के रूप में वरिष्‍ठ सदस्‍य जगदीश देवड़ा उपस्‍थ‍ित थे, सदन में कोई प्रोटेम स्‍पीकर नहीं बनाया गया था क्‍योंंकि हाल ही में विधानसभा अध्‍यक्ष ने इस्‍तीफा दिया है।  डॉ.  मिश्रा ने बताया कि बहुमत के लिए हमें 104 सदस्‍य सदन में चाहिए थे,  जिसमें कि सदन में इससे कहीं अधिक सदस्‍य आज उपस्‍थ‍ित हुए। निर्दलीय विधायक भी यहां उपस्‍थ‍ित हुए, जिन्‍होंने भारतीय जनता पार्टी की शिवराज सरकार के प्रति अपना भरोसा जताया।    उल्‍लेखनीय है कि सरकार इस सत्र में लेखानुदान लाएगी। आज के सत्र के पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश विधानसभा के चार दिवसीय सत्र को लेकर व्हिप जारी कर समस्त विधायक को सदन की कार्यवाही में अनिवार्य रुप से उपस्थित रहने को कहा था। भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक नरोत्तम मिश्रा ने व्हिप जारी करते हुए सभी पार्टी विधायकों को निर्देशित किया था कि वे 24 मार्च को प्रारंभ हो रहे विधानसभा के सम्पूर्ण सत्र में सदन की पूरी कार्यवाही में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।  

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Dakhal News 24 March 2020


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भोपाल। मध्यप्रदेश में नयी सरकार के गठन के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति द्वारा अपने पद से दिए गए त्यागपत्र को मंजूर कर लिया गया है। एनपी प्रजापति ने सोमवार देर रात नई सरकार के गठन के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे मंगलवार सुबह मंजूर कर लिया गया है।    एनपी प्रजापति ने विधानसभा उपाध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा है कि वे नैतिकता के आधार पर विधानसभा अध्यक्ष पद से त्यागपत्र देते हैं। उन्होंने इसे तुरंत स्वीकार करने का अनुरोध किया था।    भाजपा ने विधायकों को जारी किया व्हीप  वहीं भाजपा ने मध्यप्रदेश विधानसभा के चार दिवसीय सत्र को लेकर मंगलवार को अपने विधायकों को व्हिप जारी कर सदन की कार्यवाही में अनिवार्य रुप से उपस्थित रहने को कहा है। भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक नरोत्तम मिश्रा द्वारा पार्टी की ओर से व्हिप जारी किया गया, जिसमें निर्देशित किया गया है कि भाजपा के समस्त विधायक 24 मार्च को प्रारंभ हो रहे विधानसभा के सम्पूर्ण सत्र में सदन की सम्पूर्ण कार्यवाही में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे और आज सरकार द्वारा सदन में लाए जा रहे विश्वास मत प्रस्ताव के पक्ष में अनिवार्य रूप से मतदान करें।

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Dakhal News 24 March 2020


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भोपाल, 23 मार्च (हि.स.)। शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार रात 9 बजे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चौहान प्रदेश के इतिहास में ऐसे पहले नेता हैं, जो चौथी बार मुख्यमंत्री बने हैं। राजभवन में हुए एक सादा समारोह में राज्‍यपाल लालजी टंडन ने उन्‍हें प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव एम.गोपाल रेड्डी ने किया। शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ एवं सुश्री उमा भारती, भारतीय जनता पार्टी के विधायक एवं अधिकारीगण उपस्थित थे। मध्‍य प्रदेश में भाजपा ने 15 साल अपनी सत्‍ता चलाई थी, उसके बाद बीच में 15 महीने कांग्रेस की सरकार रहने के बाद फिर भाजपा की सरकार एक बार यहां आ गई है। इससे पहले शिवराज 2003, 2008 और 2013 में मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनके मुख्‍यमंत्री बनने पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित अनेक नेताओं ने उन्‍हें बधाई दी है। कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज सिंह चौहान के शपथ लेने पर मैं उन्हें बधाई देता हूं। साथ ही उम्मीद करता हूं कि कांग्रेस सरकार द्वारा विगत 15 माह में शुरू किये गये जनहितैषी कार्यों, निर्णयों व योजनाओं को प्रदेशहित में वे आगे बढ़ाएंगे। वहीं शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम सब मिलकर प्रदेश को नम्‍बर एक का राज्‍य बनाएंगे। हमारे सामने आज चुनौतियां बहुत हैं, जिनका हम सभी को मिलकर मुकाबला करना है। मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह का जन्म 5 मार्च, 1959 को हुआ। पिता का नाम प्रेमसिंह चौहान है और माता का नाम श्रीमती सुंदरबाई चौहान है। वर्ष 1992 में साधना सिंह के साथ शिवराज सिंह चौहान का विवाह हुआ और उन्‍होंने स्नातकोत्तर (दर्शनशास्त्र) तक स्वर्ण पदक के साथ शिक्षा प्राप्‍त की है। सन् 1975 में मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। आपात काल के विरोध करने पर 1976-77 में भोपाल जेल में निरुद्ध रहे। अनेक जन समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन और जेल यात्राएं की हैं। सन् 1977 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवं शिवराज सिंह चौहान: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में नर्मदा नदी के किनारे जैत नाम के छोटे से गांव के किसान परिवार में जन्मे शिवराज की कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं रही है, लेकिन जब वे विद्यार्थी परिषद के संपर्क में आए तो छात्र राजनीति करने लगे। सबसे पहले वे गरीब मजदूरों की हक में लड़ाई लडऩे के लिए अपने परिवार के विरोध में गए। यहीं से समझिए कि उनके आन्‍दोलन का सफर का प्रारंभ हो गया और उनके इस एक कदम ने तय कर दिया कि वे भविष्‍य में एक सफल राजनेता बनकर उभरेंगे और ऐसा समय के साथ हुआ भी। आज वे एक सफल राजनेता हैं। सन् 1977-78 में अखिल भारतीय विधार्थी परिषद के संगठन मंत्री रहे। सन् 1978 से 1980 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मध्य प्रदेश के संयुक्त मंत्री रहे। सन् 1980 से 1982 तक अखिल भारतीय विधार्थी परिषद के प्रदेश महासचिव, 1982-83 में परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य, 1984-85 में भारतीय जनता युवा मोर्चा, मध्य प्रदेश के संयुक्त सचिव, 1985 से 1988 तक महासचिव तथा 1988 से 1991 तक युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे।पहली बार विधायक बने:चौहान 1990 में पहली बार बुधनी विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। वे 1991 में विदिशा संसदीय क्षेत्र से पहली बार सांसद बने। चौहान 1991-92 मे अखिल भारतीय केसरिया वाहिनी के संयोजक तथा 1992 में अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा के महासचिव बने। सन् 1992 से 1994 तक भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महासचिव रहे। सन् 1992 से 1996 तक मानव संसाधन विकास मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति, 1993 से 1996 तक श्रम और कल्याण समिति तथा 1994 से 1996 तक हिन्दी सलाहकार समिति के सदस्य रहे।  जब पहुंचे लोकसभा: चौहान 11वीं लोकसभा में वर्ष 1996 में विदिशा संसदीय क्षेत्र से सांसद चुने गये। सांसद के रूप में 1996-97 में नगरीय एवं ग्रामीण विकास समिति, मानव संसाधन विकास विभाग की परामर्शदात्री समिति तथा नगरीय एवं ग्रामीण विकास समिति के सदस्य रहे। चौहान वर्ष 1998 में विदिशा संसदीय क्षेत्र से ही तीसरी बार 12वीं लोकसभा के लिए सांसद चुने गये। वह 1998-99 में प्राक्कलन समिति के सदस्य रहे। चौहान वर्ष 1999 में विदिशा से चौथी बार 13वीं लोकसभा के लिये सांसद निर्वाचित हुए। वे 1999-2000 में कृषि समिति के सदस्य तथा वर्ष 1999-2001 में सार्वजनिक उपक्रम समिति के सदस्य रहे। सन् 2000 से 2003 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। इस दौरान वे सदन समिति (लोक सभा) के अध्यक्ष तथा भाजपा के राष्ट्रीय सचिव रहे। चौहान 2000 से 2004 तक संचार मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति के सदस्य रहे। शिवराज सिंह चौहान पाँचवीं बार विदिशा से 14वीं लोकसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। वर्ष 2004 में कृषि समिति, लाभ के पदों के विषय में गठित संयुक्त समिति के सदस्य, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव, भाजपा संसदीय बोर्ड के सचिव, केन्द्रीय चुनाव समिति के सचिव तथा नैतिकता विषय पर गठित समिति के सदस्य और लोकसभा की आवास समिति के अध्यक्ष रहे। चौहान वर्ष 2005 में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किये गये। पहली बार बने थे मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री:चौहान 29 नवम्बर, 2005 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। प्रदेश की तेरहवीं विधानसभा के निर्वाचन में चौहान ने भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक की भूमिका का बखूबी निर्वहन कर विजयश्री प्राप्त की। चौहान को 10 दिसम्बर, 2008 को भारतीय जनता पार्टी के 143 सदस्यीय विधायक दल ने सर्वसम्मति से नेता चुना। चौहान ने 12 दिसम्बर, 2008 को भोपाल के जम्बूरी मैदान में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। प्रदेश की चौदहवीं विधानसभा के निर्वाचन में भी चौहान के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड जीत हासिल की। चौहान को 165 सदस्यीय भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल ने तीसरी बार सर्वसम्मति से अपना नेता चुना। चौहान ने 14 दिसम्बर, 2013 को भोपाल के जम्बूरी मैदान में लगातार तीसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चौहान 16 दिसंबर, 2018 तक मुख्यमंत्री रहे।  शिवराज सिंह चौहान दिसंबर 2018 के विधानसभा निर्वाचन में बुधनी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए। इसके बाद आज सोमवार को फिर एक बार चौहान ने प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की है। 

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Dakhal News 24 March 2020


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भोपाल। देश में कोरोना वायरस के कोहराम के बीच मध्यप्रदेश में नयी सरकार के गठन को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कोरोना के चलते भाजपा द्वारा अपनी सभी बैठकों को टाल दिया गया था, लेकिन अब सोमवार शाम को ही भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें विधायक दल के नेता का चयन होगा। यह जानकारी भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर ने मीडिया को दी। इस बैठक में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान विधायक दल के नेता चुने जा सकते हैं। उनका मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। राजभवन में शपथ ग्रहण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शिवराज आज शाम को ही चौथी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। प्रदेश भाजपा मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने बताया कि पार्टी कार्यालय में सोमवार शाम छह बजे विधायक दल की बैठक होगी। कोरोना के मद्देनजर ऐहतियातन आवश्यक प्रबंध किए गए हैं और बैठक में विधायकों को कम से कम एक-एक मीटर की दूरी पर बिठाया जाएगा। बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जो कि राज्य का मुख्यमंत्री होगा।गौरतलब है कि कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के चलते भोपाल में आगामी 31 मार्च तक लॉक डाउन किया गया है। वहीं, भाजपा ने भी 25 मार्च तक अपनी सभी बैठकों को निरस्त कर दिया गया था, लेकिन अब भाजपा ने सोमवार शाम 6.00 बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रायशुमारी की जाएगी। मुख्यमंत्री पद के लिए तीन नाम पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम चर्चा में है, लेकिन शिवराज सिंह चौहान के नाम पर मुहर लगने की संभावना अधिक है, क्योंकि वे लगातार तीन बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि बैठक के बाद भाजपा आज ही राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है। राजभवन में नये सीएम के शपथ ग्रहण की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

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Dakhal News 23 March 2020


bhopal, BJP legislature party, meeting postponed ,one day ,due to Corona

भोपाल। मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के चलते 31 मार्च तक लॉकडाउन घोषित किया गया है। इस दौरान पूरे जिले में धारा 144 लागू रहेगी। निर्देश का पालन नहीं करने वालों पर पुलिस सख्ती बरतेगी। कोरोना के चलते मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मचे सियासी घमासान पर भी ब्रेक लग गया है। कमलनाथ के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद अब भाजपा सरकार बनाने की तैयारी में है। राज्यपाल भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रण दे सकते हैं। इसके पहले भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। हालांकि कोरोना के बचाव के लिए ये बैठक लगातार टलती जा रही है। 23 मार्च को प्रस्तावित बैठक एक दिन और टल गई है।   सोमवार को होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक अब 24 मार्च को होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि 24 मार्च की शाम या देर रात को भाजपा विधायक दल की औपचारिक बैठक में शिवराज सिंह चौहान को नेता चुना जा सकता है। भाजपा इसी दिन राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है। सरकार बनाने का दावा पेश करने के चलते भाजपा ने अपने सभी विधायकों को दो- तीन दिन भोपाल में ही रुकने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि बतौर पर्येवेक्षक धर्मेंद्र प्रधान और अनिल जैन दिल्ली से भोपाल आ सकते हैं। सबकुछ ठीक रहा तो 25 मार्च को प्रदेश के नए मुख्यमंत्री को शपथ दिलाई जा सकती है। शपथ ग्रहण समारोह में भी किसी तरह के ताम-झाम नहीं करने का फैसला पार्टी ने किया है। चुनिंदा लोगों की मौजूदगी में सादगी से शपथ दिलाई जाएगी।    

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Dakhal News 23 March 2020


bhopal,Lockdown, Collector, issued Section 144 order ,March 31

भोपाल। भोपाल कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने लोक स्वास्थ्य और कोरोना वायरस के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए 31 मार्च रात्रि 12:00 बजे तक भोपाल जिले की राजस्व सीमाओं को सील करते हुए भोपाल जिले में पूरी तरह से लॉक डाउन करने का आदेश तत्काल रूप से लागू कर दिया गया है।    इस दौरान सभी शासकीय, अर्ध शासकीय ,अशासकीय कार्यालय, संस्थान बंद रहेंगे, लोगों को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी, सभी सार्वजनिक परिवहन और निजी वाहन भी सड़कों पर नहीं निकल सकेंगे । भोपाल से सभी बसों, ट्रेन, हवाई उड़ानों, धार्मिक स्थलों, निर्माण कार्यो को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।   धारा 144 के अंतर्गत जारी किए गए आदेश में अति आवश्यक सेवाओं से संबंधित व्यवसायिक प्रतिष्ठान जैसे दूध, फल, सब्जी, किराना, दवा,प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, पेट्रोल पंप को इस आदेश के अंतर्गत छूट दी गई है। इसके साथ ही होम डिलीवरी टिफिन सेंटर, कम्युनिटी किचिन, स्वस्थ्य विभाग के निर्देश के पालन पर चालू रहेंगे। आदेश में बताया गया कि दूध और पेपर बांटने वाले व्यक्तियों को सुबह 6:30 से 9:30 बजे तक इस कार्य के लिए छूट रहेगी।   अत्यावश्यक सेवा के लिए परिवार का कोई एक सदस्य आवास के निकट सेवा प्रदाता संस्थान तक जा सकेगा और सोशल डिस्टेंस का पालन करेगा। इसके साथ ही जिले में किसी भी व्यक्ति के बाहरी व्यक्ति के प्रवेश और व्यक्ति के बाहर जाने को प्रतिबंधित कर दिया गया। जिले में कोई भी वाहन प्रवेश नहीं करेगा अति आवश्यक सेवाओं के लिए जैसे मास्क , दवाएं फल, सब्जी, न्यूज़ पेपर ले जाने वाले वाहन, दूध के वाहन, गैस सिलेंडर, पेट्रोल और समय समय पर आवश्यकता के अनुसार निर्धारित होने वाली सेवाओ को इस प्रतिबंध से छूट रहेगी । किसी व्यक्ति को यदि घर या शहर से बाहर जाना है तो उसके लिए संबंधित थाने में जाकर उसे पास प्राप्त करना होगा।    अतिआवश्यक सेवाओ और दवाई,मास्क, पेट्रोल, गैस, और ऐसी ही अन्य सेवाओ में लगे कर्मचारियों को इसके लिये डीएम,एडीएम,एसडीएम कार्यालय से पास प्राप्त करने के बाद अनुमति रहेगी, इस दौरान उन सभी को लोगो को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के प्रोटो काल का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।     इसी के साथ स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय समय पर जारी किये जाने वाले निर्देशों का पालन किया जाए। राजस्व, नगर निगम,पंचायत, स्वास्थ्य,पुलिस ,होमगार्ड्स, बिधुत, पेयजल, लेखा ,आपदा प्रबंधन, प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, टेलीकॉम, पोस्टल,बैंकिंग सेवाओ आदि को इस आदेश से मुक्त रखा गया है। घर से बाहर निकलने वाले कर्मचारियों को अपना आई डी कार्ड साथ रखना होगा।   

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Dakhal News 23 March 2020


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भोपाल। मध्यप्रदेश में अल्पमत के संकट से जूझ रही कमलनाथ के गिरने के बाद अब राज्यसभा की खाली सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक उठापटक शुरू हो गई है। भाजपा विधायक शरद कोल के इस्तीफे को लेकर भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को देर शाम राजभवन पहुंचा था, जहां उन्होंने विधानसभा स्पीकर पर अवैधानिक तरीके से दबाव में इस्तीफा स्वीकार करने का आरोप लगाया था।  इस मामले में राज्यपाल लालजी टण्डन ने शनिवार को देर रात विधानसभा स्पीकर को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा कि सदन के प्रसुप्त (स्लीपिंग) अवस्था में स्पीकर द्वारा नीतिगत निर्णय नहीं लिये जाने चाहिए। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से अपेक्षा की है कि जब तक उनके (स्पीकर के) विरुद्ध प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में निर्णय नहीं ले लिया जाता, तब तक वे संविधान, विधानसभा नियमावली एवं नैतिकता के आधार पर प्रत्येक विषय की वैधानिक स्थिति का परीक्षण कर कार्य करेंगे।राज्यपाल लालजी टण्डन ने विधानसभा स्पीकर एनपी प्रजापति को पत्र में लिखा है कि -'मुझे नेता प्रतिपक्ष से 21 मार्च को एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में न तो सदन में नेता है और न ही सदन कार्यशील है। ऐसी स्थिति में जब सदन प्रसुप्त अवस्था में है तो अध्यक्ष द्वारा नीतिगत निर्णय नहीं लिए जाना चाहिए, जिनसे किसी का हित अथवा अहित हो, लेकिन प्रतिदिन राजनैतिक भावना से ग्रसित निर्णय लिए जा रहे हैं, जो सामान्यजन के हितों को विपरीत रूप से प्रभावित कर रहे हैं। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि विधानसभा सचिवालय में विधानसभा अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है, जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुयी है। राज्यपाल ने उन्हें मिले पत्रों का संदर्भ देते हुए कहा है कि उनके (स्पीकर के) खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विधानसभा सचिवालय में लंबित है। प्रस्ताव पर कार्यवाही विधायिका का कार्य है, इसलिए सदन की बैठक आहूत होने पर इस प्रस्ताव पर प्राथमिकता से आवश्यक कार्यवाही होना चाहिए। तब तक विधानसभा के प्रमुख सचिव स्पीकर के निर्देशानुसार सामान्य दैनंदिन कार्य संपादित करेंगे। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीन खाली होने वाली सीटों पर आगामी 26 मार्च को चुनाव है। इसके लिए कांग्रेस के दो उम्मीदवार दिग्विजय सिंह और फूलसिंह बरैया मैदान हैं, जबकि भाजपा ने भी दो उम्मीदवार ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुमेर सिंह सोलंकी को मैदान में उतारा है। विधानसभा में संख्याबल के हिसाब से भाजपा और कांग्रेस को एक-एक सीटें तो आसानी से मिल जाएंगी, लेकिन तीसरी सीट के बीच दोनों के बीच कांटे का मुकाबला है। इसीलिए यह राजनीतिक उठापटक चल रही है।

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Dakhal News 22 March 2020


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भोपाल। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर मध्यप्रदेश के आठ जिलों में शनिवार को ही लॉकडाउन करने के आदेश जारी कर दिये गये थे। इसके बाद अब भोपाल में भी 72 घंटे का लॉकडाउन कर दिया गया है। इस संबंध में रविवार को कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी तरुण पिथोड़े ने आदेश जारी कर दिये हैं। भोपाल कमिश्नर कल्पना श्रीवास्तव ने इसकी पुष्टि की है। दरअसल, रविवार को सुबह 10.30 भोपाल में राजाभोज एयरपोर्ट पर कोरोना वायरल की एक संदिग्ध एक युवती मिली थी। इसके बाद कार्यवाहक मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश के मुख्य सचिव व डीजीपी से बात कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश देते हुए कहा था कि आवश्यक चीजों को छोडक़र जनता की सुरक्षा को देखते हुए भोपाल को लॉक डाउन किया जाए। इसके बाद भोपाल कलेक्टर ने 72 घंटे लॉकडाउन करने के निर्देश जारी कर दिये हैं। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के आठ जिलों में कोरोना वायरस संक्रमण से बचान के लिए शनिवार को ही लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है। इनमें जबलपुर, नरसिंहपुर, बालाघाट, सिवनी, रीवा, छिंदवाड़ा और ग्वालियर, बैतूल शामिल है। जबलपुर संभाग के नरसिंहपुर जिले में रविवार से 14 दिन के लिए लॉकडाउन किया गया है। 

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Dakhal News 22 March 2020


bhopal,  Acting Chief Minister, appeal people state, do not leave,even after public curfew

भोपाल। मध्यप्रदेश के कार्यवाहक मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रविवार को जनता कर्फ्यू के बीच प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि वे जनता कर्फ्यू के बाद भी अपने घरों से बाहर न निकलें। उन्होंने ट्वीट किया है कि कोरोना से बचाव के लिए पूरे देश में आज सुबह 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक जनता कर्फ्यू लागू है।  उन्होंने लिखा है कि मेरी प्रदेश के नागरिकों से अपील है कि जितना सहयोग आप इस जनता कर्फ्यू के लिये दे रहे हैं, उतना ही सहयोग हमें रात्रि 9 बजे के बाद भी करना है। सडक़ों पर भीड़ नहीं करना है। ऐसा न हो कि हम रात्रि 9 बजे के बाद सडक़ों पर निकल जायें और भीड़ इकट्ठी हो जाए। ऐसा करने से जनता कर्फ्यू का उद्देश्य ही खत्म हो जायेगा, इसलिये हम आगे भी सावधानी बरते। रात्रि 9 बजे के बाद भी यदि आवश्यक कार्य हो तो ही घर से बाहर निकलें। कही भी भीड़-भाड़ न करें, एकत्रीकरण न हो।

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Dakhal News 22 March 2020


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भोपाल। मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों को नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिये बताई गई सावधानियों का पालन करें। उन्होंने शुक्रवार को मीडिया को जारी अपनी अपील में कहा है कि प्रदेशवासी प्रतिबद्ध होकर रविवार, 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का पालन करें। नोवल कोरोना वैश्विक संकट है, इससे डरने और घबराने की जरूरत नहीं है। आवश्यकता सावधानियों का पालन करने की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मंत्र 'हम स्वस्थ-जग स्वस्थ' का पालन करने के लिए संकल्पित हों। जनता कफ्र्यू की अपील का पालन करने हों संकल्पितराज्यपाल ने कहा कि नोवल कोरोना से बचाव के प्रयासों में नागरिकों का सहयोग नितांत आवश्यक है। कोरोना से बचाव के प्रयास, समय रहते सबसे पहले हमारे देश में प्रारम्भ कर दिए गए थे। इसलिए देश में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। उन्होंने नागरिकों से कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 'जनता कफ्र्यू' की अपील का पालन करने को नागरिक संकल्पित हों।आश्वस्त रहें, नागरिक आपूर्तियाँ बनी रहेंगीराज्यपाल ने कहा है कि आत्म-नियंत्रण, कोरोना संकट से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलें। सामाजिक सामुदायिक सम्पर्क से बचें। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि नागरिक आपूर्तियां बनी रहेंगी। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग लोगों को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। केन्द्र और राज्य सरकार के परामर्शों का अनुपालन किया जाना चाहिये। नियमित जाँच के लिए अस्पताल जाने से बचें, जिससे स्वास्थ्य कर्मियों पर दबाव कम हो।राज्यपाल ने कहा कि रविवार, 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक जनता कफ्र्यू का पालन करें। इस दौरान घर से बाहर नहीं निकलें। केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोग ही घर से बाहर निकलें। जनता कफ्र्यू के दिन ठीक शाम 5 बजे घर से बाहर निकलकर 5 मिनट तक ताली बजाकर आभार व्यक्त करें। नागरिक खुद स्वस्थ रहें और दूसरों को स्वस्थ रहने की प्रेरणा दें। कोरोना से डरे नहीं बल्कि लड़ें।

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Dakhal News 20 March 2020


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भोपाल। मध्यप्रदेश में शुक्रवार को फ्लोर टेस्ट से पहले ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनी हार स्वीकार कर ली। उन्होंने दोपहर 12 बजे सीएम हाउस में प्रेसवार्ता कर पहले अपने इस्तीफे की घोषणा की और उसके बाद राजभवन पहुंचकर राज्यपाल लालजी टण्डन को अपना इस्तीफा सौंपा। हालांकि, जब तक नहीं सरकार नहीं बनेगी, तब तक कमलनाथ कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे।  कमनलाथ शुक्रवार को दोपहर एक बजे राजभवन पहुंचे और राज्यपाल लालजी टण्डन को अपना इस्तीफा सौंपा। उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा है कि मैंने अपने 40 वर्ष के सार्वजनिक जीवन में हमेशा से शुचिता की राजनीति की है और प्रजातांत्रिक मूल्यों को सदैव तरजीह दी है। मध्यप्रदेश में पिछले दो हफ्ते में जो कुछ भी हुआ, वह प्रजातांत्रिक मूल्यों के अवमूल्यन का एक नया अध्याय है। मैं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद से अपना त्याग पत्र दे रहा हूँ, साथ ही नये बनने वाले मुख्यमंत्री को मेरी शुभकामनाएं। प्रदेश के विकास में उन्हें मेरा सहयोग रहेगा। इस दौरान राज्यपाल लालजी टण्डन ने उनसे कहा कि जब तक नई सरकार नहीं बन जाती, तब तक आप कार्यवाहक मुख्यमंत्री के पद पर बने रहें। राज्यपाल के आग्रह पर जब तक भाजपा सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेगी, तब तक कमलनाथ कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर काम करेंगे। इस दौरान नीतिगत फैसले नहीं लिए जाएंगे। 

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Dakhal News 20 March 2020


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भोपाल। मध्यप्रदेश में सियासी उठापटक के बीच सीएम कमलनाथ ने शुक्रवार को अपने निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया। उन्होंने इस दौरान भाजपा निशाना साधते हुए अपने 15 महीने के कार्यकाल का लेखा-जोखा मीडिया के सामने रखा। अंत में उन्होंने कहा कि मैं राज्यपाल से मिलने जा रहा हूं। कुछ ही देर बाद वे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप देंगे। इसके साथ ही प्रदेश में बीते 17 दिन से चल रहे सियासी घमासान का भी अंत हो जाएगा। सीएम कमलनाथ ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि 11 दिसम्बर 2018 को विधानसभा का परिणाम आया था, कांग्रेस सबसे ज्यादा सीट जीतकर आई और 17 दिसम्बर को मैंने सीएम की शपथ ली। वहीं, 25 मार्च को मंत्रिपरिषद का गठन कर दिया। आज 20 मार्च है और इन 15 महीनों में हमारा प्रयास रहा है कि हम प्रदेश को नई दिशा दें। मेरे 40-45 साल के राजनीतिक जीवन में विकास पर विश्वास रखा। उन्होंने कहा कि भाजपा को प्रदेश की जनता ने 15 साल दिये और हमें पांच दिये थे, लेकिन हमारे 22 विधायकों को भाजपा ने कर्नाटक में बंदी बनाकर सरकार गिराने का प्रयास किया। इसका गवाह पूरा प्रदेश है। भाजपा ने लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की है। प्रदेश के साथ धोखा करने वालों क जनता कभी माफ नहीं करेगी। बागियों को जनता माफ नहीं करेगी। यह विश्वासघात मेरे साथ नहीं, मध्यप्रदेश की जनता के साथ है। प्रदेश के विकास का एक नया नक्शा बन रहा था, लेकिन भाजपा मेरी सरकार को अस्थिर करने के प्रयास में लगी रही।उन्होंने अपने सरकार की 15 महीनों की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि हमने 15 महीने में तीन लाख किसानों का कर्जा माफ किया। दूसरे चरण में साढ़े सात लाख किसानों के कर्ज माफी की प्रक्रिया जारी है। तीसरे चरण में एक जून से कर्ज माफी की तीसरी प्रक्रिया शुरू करने वाले थे। प्रदेश को माफिया मुक्त करने का अभियान चलाया, लेकिन भाजपा नहीं चाहती थी कि माफिया के खिलाफ अभियान चले। बीजेपी शासन काल में माफिया को बढ़ावा मिला। बीजेपी ने विधायकों को तोडऩे के लिये करोड़ो खर्च किये। हमने मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई की। हमने प्रदेश को विश्वपटल पर पहुंचाने के लिये प्रयास किये। युवाओं को रोजगार देने की कोशिश की। रामवनगमन पथ, गौ माता सरक्षण के लिये गौशाला बनाई। हम प्रदेश को सुरक्षित भयमुक्त बनाना चाहते हैं ये भाजपा को रास नहीं आया। भाजपा भाजपा ने हमारी सरकार के साथ षडयंत्र कर किसानों और जनता के साथ धोखा किया। धोखा देने वालों को जनता माफ नहीं करेगी।अंत में उन्होंने कहा कि हमारे विधायकों को 9 मार्च को भाजपा कहीं ले गई, इसलिए अब मैंने तय किया है कि मैं अपने पद से इस्तीफा दे दूं। राज्यपाल महोदय से मिलने का समय लिया है। प्रेसवार्ता के बाद सीएम कमलनाथ राजभवन के लिए रवाना हो गए, जहां वे राज्यपाल लालजी टण्डन को अपना इस्तीफा सौंपेंगे।

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Dakhal News 20 March 2020


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शिवपुरी। भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक और कांग्रेस के बागी विधायक सुरेश राठखेड़ा की बेटी का शव शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में ससुराल में फाँसी के फंदे पर लटका मिला है। सुरेश राठखेड़ा शिवपुरी जिले की पोहरी विधानसभा सीट से विधायक थे मध्यप्रदेश में चल रहे सियासी संकट के दौरान कांग्रेस से बगावत करके बेंगलुरु में ठहरे हुए थे। जिनका इस्तीफा बीती रात स्वीकार किया गया है। पूर्व विधायक सुरेश राठखेड़ा के बेटी ज्योति का शव राजस्थान के बासखेड़ा ग्राम में अपने ससुराल में फांसी के फंदे पर लटका मिला है। मामला हत्या का है या आत्महत्या का फिलहाल इसका खुलासा नही हुआ है।इस घटना के बाद राठखेड़ा परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।   राजस्थान में हुआ था विवाह-    इस्तीफा देने वाले विधायक के बेटी ज्योति का विवाह लगभग तीन साल पहले राजस्थान के बासखेड़ा माल निवासी चिकित्सा अधिकारी जय सिंह मेहता से हुई थी। केलवाड़ा पुलिस ने ज्योति का शव अपने कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के लिए दिया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक सुरेश राठखेड़ा को विशेष प्लेन से बेंगलुरू परिवार के पास भेजा गया है। सुरेश राठखेड़ा को ज्योतिरादित्य सिंधिया का कट्टर समर्थक माना जाता है। हाल ही में जब सिंधिया ने सीएम कमलनाथ के प्रति विरोध जताया था तो उन्होंने खुलकर सिंधिया का समर्थन करते हुए कहा था कि सिंधिया यदि कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टी बनाते हैं तो वे उसमें शामिल हो जाएंगे।   परिजनों ने लगाए हत्या के आरोप-   सुरेश राठखेड़ा की बिटिया का कोटा में निधन की जानकारी मिलने पर उन्हें विशेष बिमान के साथ बैंगलोर से झालाबाड भेजा गया। वहीं राठखेड़ा के भाई व अन्य परिजन मृतक बेटी के ससुराल पहुंचे और वहां पर उन्होंने अपनी बेटी की हत्या का आरोप ससुराल पक्ष पर लगाया।  इधर दूसरी ओर उनके परिजनों ने मृतिका का शव अपने शिवपुरी के राठखेड़ा गांव में ले जाने और यहीं पर अंतिम संस्कार की बात कही।

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Dakhal News 20 March 2020


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मुम्बई।उच्चतम न्यायालय के पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने गुरुवार को राज्यसभा संसद की शपथ ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें शपथ दिलायी। इस दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया और सदन से वाकआउट कर गये। इसके बाद राज्यसभा में मौजूद कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष के विरोध की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी इस सदन की शोभा कई गणमान्य न्यायाधीशों ने बढ़ाई है लेकिन इस तरह से विपक्ष का विरोध शर्मनाक है। हंगामे के दौरान सभापति एम वैंकेया नायडू ने कहा कि हम सभी की अपनी राय हो सकती है लेकिन सदन में इस तरह से राष्ट्रपति (रामनाथ कोविन्द) के फैसले का विरोध गलत है। उल्लेखनीय है कि  रंजन गोगोई देश के 46वें चीफ जस्टिस रहे हैं। उन्होंने सीजेआई का पद तीन अक्टूबर 2018 से 17 नम्वबर 2019 तक संभाला। 18 नवम्बर, 1954 को असम में जन्मे रंजन गोगोई ने डिब्रूगढ़ के डॉन बोस्को स्कूल और दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज में पढ़ाई की। उनके पिता केशव चंद्र गोगोई असम के मुख्यमंत्री थे। जस्टिस रंजन गोगोई ने 1978 में वकालत के लिए पंजीकरण कराया था। 28 फरवरी, 2001 को रंजन गोगोई को गुवाहाटी हाई कोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। जस्टिस गोगोई 23 अप्रैल, 2012 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने थे।

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Dakhal News 19 March 2020


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नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के सियासी संकट पर सुप्रीम कोर्ट अब लंच के बाद सुनवाई करेगा। मध्यप्रदेश के स्पीकर की ओर वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलीलें पूरी कर ली हैं।   सुनवाई के दौरान अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि सिर्फ फ्लोर टेस्ट-फ्लोर टेस्ट का मंत्र जपा जा रहा है। स्पीकर के अधिकार क्षेत्र में दखल देने की कोशिश हो रही है। सुप्रीम कोर्ट भी स्पीकर के विवेकाधिकार में दखल नहीं दे सकता है। सिंघवी ने कहा कि विधायक बागी हो गए हैं। सदन छोटा हो गया है। 16 लोगों के बाहर रहने से सरकार गिर जाएगी। नई सरकार में यह 16 कोई फायदा ले लेंगे। उन्होंने कहा कि कोर्ट को स्पीकर के लिए कोई समय तय नहीं करना चाहिए। स्पीकर को समय दिया देना चाहिए। लेकिन फिर भी आप कह दीजिए कि उचित समय मे स्पीकर तय करे तो वह 2 हफ्ते में तय कर लेंगे। तब जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि अगर विधायक वीडियो कांन्फ्रेंसिंग से बात करें तो क्या स्पीकर फैसला ले लेंगे? इसका सिंघवी ने नकारात्मक जवाब दिया।   सिंघवी ने कहा कि कोर्ट के बिना आदेश के स्पीकर दो हफ्ते में इस्तीफे या अयोग्यता पर फैसला कर लेंगे। इस्तीफे और अयोग्यता पर बिना फैसला हुए, फ्लोर रेस्ट नहीं होना चाहिए। सिंघवी ने कहा कि अगर विधायक बंधक नहीं हैं तो राज्यसभा चुनाव लड़ रहे दिग्विजय सिंह को अपने वोटर से मिलने क्यों नहीं दिया गया? सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल फ्लोर टेस्ट कराने की जरूरत बताई। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हम हॉर्स ट्रेडिंग को बढ़ावा नहीं देना चाहते। इसलिए जल्दी फ्लोर टेस्ट ज़रूरी होता है। सिंघवी ने कहा कि जब विधानसभा का सत्र चल रहा हो उस दौरान कोर्ट ने कभी भी फ्लोर टेस्ट का आदेश नहीं दिया है। यह मामला भी ऐसा ही है।   सिंघवी ने कहा कि कर्नाटक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर के अधिकारों को अहमियत दी थी। कोर्ट ने इस्तीफों पर फैसला लेने की कोई समय सीमा भी तय नहीं की थी। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हमने यह भी कहा था कि विधायक सदन की कार्रवाई में जाने या न जाने का फैसला खुद ले सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि कर्नाटक के आदेश स्पीकर के अधिकार क्षेत्र में दखल नहीं देता कि वो कब तक अयोग्यता पर फैसला ले लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि फ्लोर टेस्ट न हो। कर्नाटक के मामले में अगले दिन फ्लोर टेस्ट हुआ, कोर्ट ने विधायकों की अयोग्यता के मामले को लंबित होने की वजह से फ्लोर टेस्ट नही टाला था ।   जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि संवैधानिक सिद्धांत जो उभरता है, उसमें अविश्वास मत पर कोई प्रतिबंध नहीं है क्योंकि स्पीकर के समक्ष इस्तीफे या अयोग्यता का मुद्दा लंबित है। इसलिए, हमें यह देखना होगा कि क्या राज्यपाल उसके साथ निहित शक्तियों से परे काम करेंगे या नहीं। दूसरा सवाल ये है कि यदि स्पीकर राज्यपाल की सलाह को स्वीकार नहीं करता है, तो राज्यपाल को क्या करना चाहिए। एक विकल्प यह है कि राज्यपाल अपनी रिपोर्ट केंद्र को दे।   जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि एक बात बहुत स्पष्ट है कि सभी विधायक एक साथ कार्य कर रहे हैं। यह एक राजनीतिक ब्लॉक हो सकता है, हम कोई भी दखल नहीं दे सकते। जस्टिस हेमंत गुप्ता ने कहा कि संसद या विधानसभा के सदस्यों को विचार की कोई स्वतंत्रता नहीं है, वे व्हिप से संचालित होते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा नियम के मुताबिक इस्तिफा एक लाइन का होना चाहिए। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि अगर सदन सत्र में नहीं है और यदि सरकार बहुमत खो देती है, तो राज्यपाल को विश्वास मत रखने के लिए स्पीकर को निर्देश देने की शक्ति है। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि क्या होगा जब विधानसभा को पूर्व निर्धारित किया जाता है और सरकार अपना बहुमत खो देती है? राज्यपाल फिर विधानसभा नहीं बुला सकते ? चूंकि इसे अनुमति नहीं देने का मतलब अल्पमत में सरकार जारी रखना होगा। जस्टिस चंद्रचूड़ ने सिंघवी से पूछा कि आपके अनुसार राज्यपाल केवल सदन को बुला सकते हैं और फिर इसे सदन पर छोड़ सकते हैं। तब सिंघवी ने कहा कि हां। जस्टिस हेमंत गुप्ता ने पूछा कि अगर सरकार अल्पमत में है, तो क्या राज्यपाल के पास विश्वास मत कराने की शक्ति नहीं है। तब सिंघवी ने कहा कि नहीं, वह नहीं कर सकते उनकी शक्ति सदन बुलाने के बारे में हैं।   मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि विधानसभा का सत्र हमेशा पांच सालों के लिए होता है। इसका अभिषेक मनु सिंघवी ने विरोध करते हुए कहा कि यह सामान्य ज्ञान की बात है सदन पांच सालों के लिए होता है सत्र नहीं। सिंघवी ने कहा कि यह एक टेस्ट केस होगा कि क्या राज्यपाल को कोई सरकार अस्थिर करने का अधिकार है।   सिंघवी ने कहा कि राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, केरल और महाराष्ट्र में राज्य विधानसभाएं कोरोना वायरस की वजह से सस्पेंड कर दी गई हैं। कोर्ट को ये देखना चाहिए कि स्पीकर का फैसला गलत है कि नहीं। यहां तक कि संसद भी काम स्थगित करने पर विचार कर रही है।   पिछले 18 मार्च को सुनवाई के दौरान मध्यप्रदेश कांग्रेस के वकील दुष्यंत दवे ने कहा था कि 16 विधायकों को अवैध रुप से हिरासत में रखा गया है। तब बागी विधायकों के वकील मनिंदर सिंह ने इसे गलत बताया था। मनिंदर सिंह ने कहा था कि कोई हिरासत में नहीं है । दवे ने कहा था कि कोर्ट बाद में विस्तार से मामले की सुनवाई करे ।   18 मार्च को सुनवाई के दौरान मुकुल रोहतगी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा था कि यह 1975 में सत्ता के लिए देश पर इमरजेंसी थोपने वाली पार्टी है। किसी भी तरह सत्ता में बने रहना चाहती है। रोहतगी ने कहा था कि सत्ता के लिए अजीब दलीलें दी जा रही हैं। जिसके पास बहुमत नहीं है वह एक दिन सत्ता में नहीं रह सकता। रोहतगी ने कहा था कि यहां पहले खाली सीटों पर चुनाव की दलील देकर 6 महीने का प्रबंध करने की योजना है। चुनाव करवाना चुनाव आयोग का काम है। यहां इस पर विचार नहीं हो रहा, फ्लोर टेस्ट पर हो रहा है । तब जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा था कि विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने से पहले स्पीकर का संतुष्ट होना ज़रूरी है।   मुकुल रोहतगी ने दलील दी थी कि राज्य में सरकार के बहुमत खो देने की शंका होने पर राज्यपाल को ज़रूरी कदम उठाने होते हैं। अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन की सिफारिश भेजने से पहले राज्यपाल को सभी संभावित विकल्पों पर विचार करना होता है। तब कोर्ट ने पूछा  था कि 2018 में कांग्रेस ने 114+7 विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई। 6 इस्तीफे मंज़ूर हुए। क्या अब स्थिति 108+7 की है? तब रोहतगी ने कहा था कि इन आंकड़ों में आपको नहीं पड़ना चाहिए। राज्यपाल भूमिका निभा रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि लेकिन 16 के इस्तीफे लंबित हैं। सरकार कहती है कि उनको भोपाल लाकर ही फ्लोर टेस्ट हो।   बागी विधायकों की ओर से वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने कहा था कि इस्तीफा और अयोग्यता में फर्क का ध्यान रखा जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में 22 विधायकों के इस्तीफे का मामला आया है। हम इस बात का समर्थन करते हैं कि सरकार ने बहुमत खो दिया है और तुरंत फ्लोर टेस्ट कराया जाना चाहिए। मनिंदर सिंह ने कहा कि विधायकों ने प्रेस कांफ्रेंस कर के बताया है कि वह अपनी इच्छा से बंगलुरू में हैं। इस्तीफा देना उनका संवैधानिक अधिकार है और उस पर फैसला लेना स्पीकर का कर्तव्य। वह इस्तीफों को लटका कर नहीं रख सकते।   विधानसभा के स्पीकर की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि कर्नाटक और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद कोर्ट ने दखल दिया था। यहां विधानसभा का कार्यकाल चल रहा है। स्पीकर के अधिकार क्षेत्र में दखल नहीं दिया जा सकता। लोग चाहें तो अविश्वास प्रस्ताव लाएं। गवर्नर क्यों आदेश दे रहे हैं। सिंघवी ने कहा था कि 19 इस्तीफे संदिग्ध हैं। 7 लोगों के इस्तीफे एक ही व्यक्ति ने लिखे। 2 लोगों ने 6-6 इस्तीफे लिखे। बस विधायकों से दस्तखत ले लिए गए। सबकी भाषा मिलती-जुलती है। स्पीकर बिना संतुष्ट हुए इस्तीफों पर फैसला नहीं ले सकते हैं।   सिंघवी ने कहा था कि क्या चलती विधानसभा में स्पीकर की उपेक्षा कर गवर्नर के आदेश पर कार्रवाई होगी? कोर्ट ऐसा आदेश न दे। यह संवैधानिक पाप होगा। तब कोर्ट ने कहा था कि या तो आप 16 का इस्तीफा स्वीकार करें या नामंज़ूर कर दे। आपके यहां बजट सत्र को ही 10 दिन स्थगित कर दिया गया। बिना बजट के राज्य कैसे चलेगा ? तब कपिल सिब्बल और सिंघवी ने कहा था कि कर्नाटक मामले पर सुप्रीम कोरट का फैसला इस्तीफे और अयोग्यता पर स्पष्ट अंतर कर देता है। सिंघवी ने कहा कि राज्यपाल स्पीकर को ये निर्देश नहीं दे सकते हैं कि विधानसभा कैसे चलाना है।  

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Dakhal News 19 March 2020


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भोपाल। दुनियाभर में इन दिनों कोरोना वायरस का आतंक फैला हुआ है। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए भारत सरकार ने भी कई अहम निर्णय लेने के साथ आमजन को सावधानी बरतने के लिए कहा है। तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी प्रदेशवासियों से सावधानी बरतने और जागरुकता लाने की अपील की है।    सीएम कमलनाथ ने गुरुवार को प्रदेश की जनता के नाम एक संदेश देकर कोरोना के खिलाफ सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि आप सब नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण, फैलाव और इसके खतरों से परिचित हैं। पूरे विश्व में कोरोना का प्रभाव हम देख रहे है। इसे महामारी घोषित किया जा चुका है। हमने राज्य में इसे संक्रामक रोग घोषित किया है। कोरोना वॉयरस की रोकथाम के लिए प्रदेश में पूरे  प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक आपने जो सतर्कता, सावधानी बरती है और जागरूकता दिखाई है वह सराहनीय है। आगे भी आप सभी लोग इसे निरंतर जारी रखें। घबराने की कोई जरूरत नहीं है। बस आने वाले दिनों में और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।    सीएम कमलनाथ ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा है कि आपने अपने अनुशासित व्यवहार व प्रयासों से प्रदेश के इंदौर, भोपाल जैसे शहरों को स्वच्छता में देश में अव्वल स्तर पर पहुँचाया है। आपका अनुशासित और संयमित व्यवहार ही कोरोना को रोकने में मदद करेगा। खान-पान ऐसा रखें जिससे आपके अंदर प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो। आवश्यकता होने पर डॉक्टर की सलाह व उपयोगी दवाएं भी लें। सीएम कमलनाथ ने अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए वे सभी उपाय किए हैं, जिन्हें अपनाने की सलाह भारत सरकार और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी है। आप सब भी इसका पालन करें। अनावश्यक एक जगह एकत्र ना हो। जब तक अत्यंत अनिवार्य नहीं हो यात्रा करने से बचें।  घरों में और आसपास सफाई रखें। साबुन और पानी से हाथ धोंएं। छींकते समय नाक और मुंह ढकें। सर्दी और फ्लू से प्रभावित लोगों के पास जाने से बचें। कोरोना वायरस के संक्रमण और इसके फैलाव की रोकथाम के बारे में जो नागरिक जागरूक हो चुके हैं वे अपनी वैज्ञानिक जानकारी अन्य नागरिकों को भी दें। राज्य सरकार ने पूरी तैयारियां कर ली है। आप सबके सहयोग से हम कोरोना के संक्रमण से सुरक्षित रह पाएंगे।    आगे सीएम कमलनाथ ने अपने संदेश में कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा नोवल कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिये सभी संभव प्रयास किये जा रहे हैं। स्कूल, कॉलेज, सिनेमा हॉल, मेरिज हॉल, सार्वजनिक पुस्तकालय, वॉटर पार्क, जिम, स्वीमिंग-पूल, आँगनवाड़ी आदि को आगामी आदेश तक बंद करने का निर्णय लिया गया है। कार्यालयों में कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था को बंद किया गया है। सांस्कृतिक समारोह, सार्वजनिक समारोह, आधिकारिक यात्राओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को स्थगित किया गया है। विकासखण्ड स्तर तक शांति समितियों की बैठक आयोजित कर स्थानीय जन-प्रतिनिधियों और धर्म गुरूओं के माध्यम से नोवल कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिये लोगों को जागरूक करने को कहा जा रहा है। धार्मिक प्रमुखों से कम से कम धार्मिक समारोह करने का आग्रह किया गया है। इसके साथ ही, 20 से अधिक लोगों की सभाओं को रोकने के लिये कानूनी उपाय भी किए जा रहें हैं। साथ ही शासकीय एवं अशासकीय अस्पतालों में भी सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। हमारा हर नागरिक सुरक्षित रहे इसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं। आप भी सहयोग करें और स्वयं के साथ ही पूरे परिवार आस-पड़ोस और समाज में कोरोना वायरस को रोकने के लिए जो भी संभव हो आप सभी सहयोग दें।    मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपील करते हुए कहा कि आइये एकजुटता के साथ इस कोरोना वायरस बीमारी के प्रकोप को नाकामयाब करें। मंत्रि-परिषद की बैठक में भी नोवल कोरोना वायरस का प्रसार प्रदेश, देश और विश्व स्तर पर रोकने के लिये किये गये उपायों को ध्यान में रखकर, प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा व बचाव के लिये कई आवश्यक निर्णय लिये गये है।

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Dakhal News 19 March 2020


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भोपाल। मध्य प्रदेश में रोज बदल रहे सियासी घटनाक्रम के बीच राजनीतिक संकट को सुलझाने के लिए चिट्ठी की सियासत भी जारी है। विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने मंगलवार को राज्यपाल लालजी टंडन को चिट्ठी लिखकर विधायकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। देर रात जवाब में राज्यपाल ने स्पीकर को पत्र लिखा है। पत्र में राज्यपाल ने विधानसभा अध्यक्ष पर कटाक्ष करते हुए लिखा है कि शायद उन्हें वह चिट्ठी गलती से भेज दी है।    राज्यपाल ने पत्र में लिखा है कि 'आपने अपने पत्र के अंतिम पैराग्राफ में विधायकों की सुरक्षा की मांग की है। प्रदेश के सभी नागरिकों की सुरक्षा का दायित्व कार्यपालिका का है और आप उससे ही सुरक्षा चाहते होंगे किंतु त्रुटिवश यह पत्र मुझे प्रेषित हुआ प्रतीत होता है। आपके पत्र के दूसरे पैराग्राफ में मुझसे कुछ प्रश्नों के उत्तर की अपेक्षा की गई है। उक्त अपेक्षा निश्चित ही किसी नियमावली के अंतर्गत होगी और आपने उसका अवलोकन किया होगा। कृपया संबंधित नियमावली मुझे प्रेषित करने का कष्ट करें।   राज्यपाल ने अपने पत्र में विधानसभा अध्यक्ष से ही सवाल पूछ लिए हैं। उन्होंने पत्र में लिखा है कि जो विधायक अनुपस्थित हैं उनकी सुरक्षा के बारे में आपकी चिंता प्रशंसनीय लेकिन पत्र में आपने उनकी जानकारी प्राप्त करने के लिए क्या प्रयास किए, यह उल्लेख नहीं है। आपने छह सदस्यों के इस्तीफे स्वीकार किए, यह निष्पक्ष साहस पूर्ण और शीघ्र किया हुआ निर्णय है, लेकिन आप जानते होंगे कि किस विधिक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए था। पत्र में आगे उन्होंने लिखा है कि तथाकथित लापता विधायकों से आपको और मुझे लगातार पत्र प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने अपने किसी भी पत्र में, जहां पर भी वे वर्तमान में हैं, अपनी ओर से कोई समस्या व्यक्त नहीं की है। उनके पत्र एवं वीडियो लगातार समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया में आ रहे हैं और अब वे सर्वोच्च न्यायालय भी पहुंच गए हैं।

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Dakhal News 18 March 2020


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भोपाल। मध्य प्रदेश की सियासत का पारा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है, लेकिन इससे पहले कर्नाटक के बेंगलुरु में नया मोड़ आ गया। बेंगलुरु के एक रिसोर्ट में रुके कांग्रेस के बागी विधायकों से मिलने मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बेंगलुरु पहुंचे। विधायकों से मिलने से रोके जाने पर दिग्विजय धरने पर बैठ गए। इसके बाद बिना परमिशन के धरने पर बैठने के कारण दिग्विजय सिंह समेत कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया ले लिया है। दिग्विजय सिंह ने सबसे पहले ट्वीट कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। जिसके बाद प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में गहमा गहमी बढ़ गई।   दिग्विजय सिंह के साथ में केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया प्रदेश, वित्त मंत्री तरुण भनोत, सज्जन सिंह वर्मा, हर्ष यादव, सचिन यादव व कुणाल चौधरी, आरिफ मसूद भी पहुंचे हैं। पुलिस ने रमाडा होटल से 5 किलोमीटर दूर दिग्विजय सिंह को रोक लिया। पुलिस द्वारा विधायकों से मिलने से रोके जाने पर दिग्विजय सिंह और कांग्रेस नेताओं का सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों से विवाद हुआ। कांग्रेस के बागी विधायकों से मिलने पर अड़े दिग्विजय सिंह वहीं धरने पर बैठ गए। दिग्विजय सिंह के बेंगलुरु में रिसोर्ट पहुंचने की खबर लगते ही पुलिस के आला अधिकारी भी होटल पहुंच गए। यहां से पुलिस ने दिग्विजय सिंह समेत कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।    दिग्विजय सिंह ने सबसे पहले ट्वीट कर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद वहां मौजूद मीडिया से बातचीत करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि पुलिस हमें विधायकों से मिलने नहीं दे रही है। मैं मध्य प्रदेश का राज्यसभा उम्मीदवार हूं। 26 तारीख को राज्यसभा चुनाव के लिए विधानसभा में वोटिंग होनी है। हमारे विधायकों को यहां होटल में बंधक बनाकर रखा गया है। वे हमसे बात करना चाहते हैं, लेकिन उनके मोबाइल छीन लिए गए। विधायकों की जान को खतरा है। मेरे पास हाथ में ना बम है, ना पिस्तौल है और ना हथियार है। फिर भी पुलिस मुझे क्यों रोक रही है।

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Dakhal News 18 March 2020


bhopal,  Rebel MLA, issued video, not meet Digvijay

भोपाल। अपने समर्थकों के साथ बेंगलुरु पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह जहां बागी विधायकों से मिलने की मांग को लेकर हंगामा कर रहे हैं, वहीं इन विधायकों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इन वीडियो में विधायक कह रहे हैं कि हम दिग्विजयसिंह के कारण ही भोपाल से यहां आए हैं और हमें उनसे नहीं मिलना है।    बेंगलुरु में रुके बाकी विधायकों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिसमें वो कह रहे हैं कि दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस का बंटाधार कर दिया। हम उनकी वजह से ही भोपाल से भागकर यहां आए हैं और हमें दिग्विजय सिंह से नहीं मिलना। इसी बीच कांग्रेस छोड़ बीजेपी में जा चुके बिसाहूलाल सिंह ने कर्नाटक डीजीपी को पत्र लिखकर अपने लिये सुरक्षा की मांग की है।    दिग्विजय पहले सड़क देखकर आएं: मनोज चौधरीप्रदेश की हाट पिपल्या विधानसभा से विधायक मनोज चौधरी अपने वीडियो में कह रहे हैं कि वो अपनी मर्जी से यहां आए हैं। चौधरी कहते हैं कि वो दिग्विजय सिंह से मिलने के लिए तैयार हैं, लेकिन उससे पहले दिग्विजय सिंह उनके निर्वाचन क्षेत्र की तमाम सड़कों को देखकर आएं। उन किसानों से मिलकर आएं जिन पर झूठे केस लाद दिए गए हैं।    भाई-भतीजावाद फैला रहे दिग्विजय: बिसाहूलाल सिंह अनूपपुर से विधायक बिसाहूलाल सिंह अपने वीडियो में कह रहे हैं कि मैं 40 साल से दिग्विजय को अपना नेता मानते आ रहा हूं। पार्टी में वरिष्ठ होने के नाते मैं मंत्री पद का स्वाभाविक दावेदार था, लेकिन दिग्विजय सिंह के भाई-भतीजावाद के कारण मुझे मंत्री नहीं बनाया गया। बिसाहूलाल सिंह ने अपने बयान में राहुल गांधी तक का हवाला दिया है। उन्होंने कर्नाटक के डीजीपी को सुरक्षा के लिये पत्र भी लिखा है।    अपनी मर्ज़ी से आए हैं, मर्ज़ी से जाएंगे: कमलेश विधायक कमलेश अपने वीडियो में कहते हैं कि हम लोग स्वेच्छा से आए हैं और स्वेच्छा से ही जाएंगे। वो कहते हैं कि कांग्रेस के बड़े नेता आए हैं, लेकिन अब ये फालतू क्यों परेशान हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता क्षेत्र की जनता का कोई काम नहीं कर रहे थे, इसलिए अब ये वापस चले जाएं।    दिग्गी की वजह से डूबी कांग्रेस की नैया: सुरेश धाकड़ एक ओर बागी विधायक सुरेश धाकड़ अपने वीडियो में कहते हैं कि मैं अपनी मर्जी से यहां आया और अपना इस्तीफा भेजा। वो कहते हैं कि दिग्गी यहां आए हैं, लेकिन इन्हीं की वजह से कांग्रेस की नैया डूबी हैं। हम इनसे नहीं मिलना चाहते।    दिग्विजय ने कांग्रेस बर्बाद कर दी: इमरती देवीपूर्व मंत्री इमरती देवी वीडियो में कहती हैं कि मैं मंत्री रही हूं, अभी पता चला है कि दिग्विजय सिंह आए हैं। लेकिन हम दिग्विजय सिंह की वजह से ही भोपाल से भागे हैं। उन्होंने पूरी कांग्रेस बर्बाद कर दी। ऐसी कांग्रेस में हम नहीं रहना चाहते, जहां दिग्विजय सिंह हों।     स्वयं की इच्छा से यहां आया हूं: तुलसी सिलावट कमलनाथ सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे तुलसी सिलावट अपने वीडियो में कहते हैं कि मैं स्वास्थ्य मंत्री था और स्वयं की इच्छा से यहां आया हूं। दिग्गी यहां आए हैं, लेकिन हमें उनसे नहीं मिलना। इसी तरह की बातें ग्वालियर विधायक मुन्ना लाल गोयल और रघुराज सिंह कंसाना ने भी कही हैं।   

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Dakhal News 18 March 2020


bhopal, Veterans jammed , BJP MLA, resort of Sehore

भोपाल। मध्य प्रदेश में चल रहा सियासी ड्रामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्यपाल के सीएम कमलनाथ को पत्र लिखने के बाद मंगलवार को फ्लोर टेस्ट की संभावनाओं के चलते भाजपा ने अपने विधायकों को मानेसर भेजने की बजाय सीहोर के रिसॉर्टों में ठहराया है। भाजपा ने अपने विधायकों को ग्रेसेस रिसॉर्ट और क्रिसेंट में ठहरा रखा है। ग्रेसेस में 50 और क्रिसेंट में 4 कमरों को बुक कराया गया है। सोमवार शाम को भोपाल एयरपोर्ट से भाजपा विधायकों को इन रिसॉर्ट में लाया गया। यहां रातभर शिवराज सिंह और नरोत्तम मिश्रा उनके साथ रहे हैं।   मंगलवार सुबह पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, मंत्री राजेंद्र शुक्ल समेत कई बड़े नेता भी रिसॉर्ट में मौजूद हैं। सुरक्षा के मद्देनज रिसॉर्ट के बाहर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए है। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे क्रिसेंट रिसॉर्ट से बाकी विधायकों को भी ग्रेसेस रिसोर्ट बुलाया गया। दो गाड़ियों में पहुंचे विधायकों के साथ इंदौर के विधायक रमेश मेंदोला और पूर्व मंत्री जगदीश देवड़ा मौजूद थे। यहां शिवराज सिंह चौहान ने सुबह विधायकों के साथ बैठक ली। बताया जा रहा है कि इसमें उन्होंने भाजपा की अगली तैयारियों के बारे में चर्चा की।    रिसॉर्ट के बाहर मीडिया से बातचीत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्थिति बिल्कुल साफ है। कांग्रेस बड़ा शोर मचा रही थी लेकिन अब यह सरकार बच नहीं सकती है। कांग्रेस के नेता बेंगलुरु में रुके विधायकों को भाजपा द्वारा बंधक बनाए जाने की बात कह रही थी लेकिन सभी विधायक साथियों ने स्पष्ट कर दिया है वह अपनी मर्जी से वहां हैं और इस सरकार के खिलाफ हैं। सब ने खुलकर देश के सामने अपनी बात रखी। शिवराज ने चुटकी लेते हुए कहा कि अब कमलनाथ जी तू ना इधर उधर की बात कर भैया, जल्दी तू फ्लोर टेस्ट करा। दूध का दूध और पानी का पानी साफ साफ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर बहुमत पर हो तो भाग क्यों रहे हो। फ्लोर टेस्ट से डरते क्यों हो, यह टाइम खींचने की कोशिश कर रहे हैं। दबाव प्रलोभन देकर प्रयास कर रहे हैं कि सरकार बच जाए लेकिन यह सरकार अब बच नहीं सकती है। 

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Dakhal News 17 March 2020


bhopal, CM Kamal Nath ,wrote a letter , Governor again

भोपाल। मध्य प्रदेश के जारी सियासी उठापटक के बीच राज्यपाल लालजी टंडन के पत्र का जवाब देते हुए सीएम कमलनाथ ने मंगलवार को दोबारा पत्र लिखा है। अपने पत्र में सीएम कमलनाथ ने लिखा है कि आज फ्लोर टेस्ट ना बुलाए जाने पर बहुमत नहीं होने की बात लिखना असंवैधानिक है। पहले बेंगलुरु में बंधक 16 विधायक स्वतंत्र होने दीजिए खुले वातावरण में आने दीजिए। उल्लेखनीय है कि सोमवार को राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को दोबारा पत्र लिखकर मंगलवार को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराने के लिए कहा था।    मंगलवार को राज्यपाल लालजी टंडन को लिखे अपने पत्र में सीएम कमलनाथ ने कहा है कि आपने अपने पत्र में दी गई समयावधि में फ्लोर टेस्ट नहीं कराए जाने पर खेद जताया है लेकिन मैंने पिछले 15 महिनों में कई बाद सदन में बहुमत सिद्ध किया है। यदि भाजपा मेरे पास बहुमत नहीं होने का अरोप लगा रही है तो वे अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से फ्लोर टेस्ट करा सकते हैं। सीएम कमलनाथ ने पत्र में कहा है कि भाजपा द्वारा विधानभा के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत कर दिया गया है। विस अध्यक्ष द्वारा नियमानुसार कार्यवाही के बाद अपने आप सिद्ध हो जाएगा कि विधानसभा में हमारा बहुमत है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि आपके द्वारा 17 मार्च को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट नहीं करवाए जाने पर और अपना बहुमत सिद्ध नहीं करने पर मुझे विधानसभा में बहुमत प्राप्त नहीं है मान लेना आधारहीन होने के साथ असंवैधानिक भी है।    मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने पत्र में राज्यपाल से बेंगलुरु में रुके बागी विधायकों का मुद्दा भी उठाते हुए उन्हें मुक्त कराने की बात कही है। सीएम कमलनाथ ने भाजपा पर कांग्रेस के 16 विधायकों को जबरदस्ती बंधक बनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि विधायकों को बेंगलुरु में पुलिस की मदद से होटल रिसॉर्ट में बंदी की तरह रखा गया है। उनसे कोई मिल नहीं सकता, बात नहीं कर सकता और उन्हें भोपाल आने से रोका जा रहा है। भाजपा नेताओं पर आरोप लगाते हुए सीएम कमलनाथ ने कहा कि विधायकों के मन मस्तिष्क पर प्रलोभन, डर दबाव डालकर मीडिया में झूठे बयान दिलवाए जा रहे है। सीएम कमलनाथ ने राज्यपाल को लिखे पत्र में कहा है कि बंदी बनाए गए 16 कांग्रेस विधायकों को स्वतंत्र होने दीजिए और पांच सात दिन खुले वातावरण में बिना किसी डर दबाव के रहने दीजिए फिर वे स्वतंत्र मन से निर्णय ले सकेंगे। 

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Dakhal News 17 March 2020


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भोपाल। बेंगलुरु में ठहरे कांग्रेस के ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक 22 बागी विधायक मंगलवार को मीडिया के सामने आए। उन्होंने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कमलनाथ सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। विधायकों का कहना है कि वचन पत्र में किए गए वादों को नहीं निभाए जाने के कारण उन्होंने इस्तीफा दिया है। इसके अलावा बागी विधायकों ने भाजपा द्वारा बंधक बनाए जाने की खबरों का भी खंडन किया है। इसके साथ ही विधायकों ने यह भी दावा किया है कि हमारे साथ अभी 20 और कांग्रेस विधायक आएंगे।    मंगलवार को बेंगलुरु के रिसार्ट में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस के सभी 22 विधायकों ने एक सुर में कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा है। सिंधिया समर्थक विधायकों का कहना है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हमें 5 मिनट भी धैर्य से नहीं सुना। हमारे विधानसभा क्षेत्र में 1 रुपये का भी काम नहीं हुआ लेकिन हम किसको अपनी समस्या बताएं। विधायकों का आरोप है कि सारे काम छिंदवाड़ा में हुए, वहां हुए हजारों करोड़ के कार्यों के मुकाबले हमारे विधानसभा क्षेत्र में कुछ भी मंजूर नही हुआ, इसलिए हम सब ने विधायक पद से इस्तीफे दिए हैं। विधायकों ने मीडिया के सामने आकर कहा कि हमें यह सूचना मिली कि हमें बंधक बनाया गया है, लेकिन आप लोग देख सकते हैं कि यह बात गलत है, हम स्वतंत्र है और अपनी मर्जी से यहां है। जब चुनाव लड़ा गया तो दो चेहरे सामने लाए गए जिसमें कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया थे। इसके बाद सिंधिया की जगह कमलनाथ को सीएम बनाया गया। सीएम बनने के बाद उनका व्यवहार बदल गया। हर बार छिंदवाड़ा में कामों के लिए पैसा लगाया जा रहा था। ज्योतिरादित्य सिंधिया की सरकार बनाने में बड़ी भूमिका थी। हमारे साथी विधायक जो जयपुर में थे उनसे पूछ लीजिए, वह भी इनसे प्रताड़ित हैं।   बिसाहूलाल बोले, मुझे सम्मान नहीं दिया गया प्रेस वार्ता में सिंधिया समर्थक विधायक बिसाहूलाल सिंह ने कहा कि मैं दिल्ली गया, वहां मुझे राहुल गांधी ने कहा तुम्हारे साथ अन्याय हुआ है, तुम्हारा नाम तो मंत्री बनाए जाने की सूची में था। बिसाहूलाल ने कहा कि मुझे सम्मान नहीं दिया गया, सीएम से मिलने पर कहा जाता था जल्दी निकल जाओ। कमलनाथ ने एक भी आदिवासी को पट्टा नहीं दिया गया, आदिवासी को शादी पर कोई पैसा नहीं मिला। यह सिर्फ बोलते हैं, मैंने भाजपा ज्वाइन कर ली है। बिसाहूलाल ने कहा कि कोरोना का इतना ही डर है तो वल्लभ भवन में भी छुट्टी करवा दीजिए। सबसे सीनियर नेता को न तो मंत्री बनाया गया न ही विधानसभा अध्यक्ष। बेंगलुरु में रुकने पर विधायक ने कहा कि जब सिंधिया जैसे बड़े नेता पर हमला हो सकता है, तो हम लोग कैसे मप्र में सुरक्षित रह सकते हैं, इसलिए हम विधायक यहाँ बेंगलुरु में हैं।   इमरती बोली, मुख्यमंत्री से मिलना मुश्किल होता था प्रेसवार्ता में इमरती देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलना मुश्किल होता था। जब मुलाक़ात करने जाए तो कहते थे चलो निकलो, जल्दी बात करो और जाओ। मैं आज जो भी हूं, ज्योतिरादित्य सिंधिया की वजह से हूं। सरकार ने वचनपत्र तैयार किया था, उस पर कोई अमल नहीं हुआ। मैंने मुख्यमंत्री से कहा था कि जब मेरे इलाके में काम ही नहीं हुआ, तो मुझे अब आगे चुनाव नहीं लड़ना।   गोविंद सिंह का आरोप, सिर्फ छिंदवाड़ा को दिए हजारों करोड़ पत्रकारों को संबोधित करते हुए गोविंद सिंह राजपूत ने आरोप लगाए कि कैबिनेट ने सिर्फ छिंदवाड़ा को ही हजारों करोड़ रुपए आवंटित किए। हमने मुख्यमंत्री से कहा कि केवल इस पर चुनाव नहीं जीता जा सकता। गोविंद सिंह ने कहा कि जयपुर-भोपाल में ठहराए गए कांग्रेस के विधायकों को अगर खुला छोड़ दिया तो वे भी हमारे पास बेंगलुरु में आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमने इस्तीफा सौंपा है और सभी केंद्रीय सुरक्षा बल की मौजूदगी में भोपाल आने को तैयार हैं। छह विधायकों के इस्तीफे मंजूर किए गए तो 16 के क्यों नहीं। हम सभी उपचुनाव के लिए तैयार हैं। दिग्जिवय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा माफिया आज भी सरकार चला रहा है।   इससे पहले सोमवार को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट की संभावना के चलते सभी 22 बागी विधायकों का मेडिकल फिटनेस कराया गया है। कोरोना टेस्ट की स्क्रीनिंग के लिए 5 सीनियर डॉक्टरों की टीम 30 से ज्यादा किट लेकर पहुंची थी। सभी विधायकों का हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर ओर शुगर टेस्ट भी कराया गया। कुछ विधायक ने बेचैनी की शिकायत की थी। डॉक्टरों ने मेडिकल फिट घोषित कर दिया है। कोरोना नेगेटिव पाया गया है। ये सर्टिफिकेट भोपाल पहुंच गए हैं।

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Dakhal News 17 March 2020


bhopal,Governor writes letter , CM Kamanlath again,  floor test, done on March 17

भोपाल। मध्यप्रदेश में सत्ता को लेकर चल रहा सियासी घमासान सोमवार को एक नये मोड़ पर पहुंच गया है। विधानसभा की कार्यवाही बिना फ्लोर टेस्ट के स्थगित होने के बाद भाजपा ने जहां सुप्रीम कोर्ट की शरण ली है, वहीं राज्यपाल लालजी टण्डन ने सीएम कमलनाथ को दोबारा पत्र लिखकर मंगलवार, 17 मार्च को फ्लोर टेस्ट कराने को कहा है। दरअसल, विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद भाजपा विधायक राजभवन पहुंचे थे और राज्यपाल के समक्ष परेड करते हुए उचित कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद राज्यपाल ने सीएम कमलनाथ को फ्लोर टेस्ट के संबंध में दोबारा पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने सीएम कमनलाथ को संबोधित करते हुए लिखा है कि मेरे द्वारा 14 मार्च को भेजे गए पत्र का जो उत्तर आपने भेजा है, उसका भाव और  भाषा संसदीय मर्यादाओं के अनुकूल नहीं है। मैंने अपने पत्र में आपसे विधानसभा में 16 मार्च को विश्वास मत प्राप्त करने का निवेदन किया था। आज विधानसभा का सत्र प्रारंभ हुआ। मैंने अपना अभिभाषण पढ़ा, परन्तु आपके द्वारा सदन में विश्वास मत प्राप्त करने की कार्यवाही प्रारंभ नहीं की गई और इस संबंध में कोई सार्थक प्रयास भी नहीं किया गया। बिना फ्लोर टेस्ट के ही सदन की कार्यवाही 26 मार्च तक स्थगित कर दी गई। राज्यपाल ने अपने पत्र में लिखा है कि आपने अपने पत्र में सर्वोच्च न्यायालय के जिस निर्णय का जिक्र किया है, वह वर्तमान परिस्थितियों में लागू नहीं होता है। जब यह प्रश्न उठे कि किसी सरकार को सदन का विश्वास प्राप्त है या नहीं, ऐसी स्थिति में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अपने अनेक निर्णयों में निर्विवादित रूप से स्थापित किया गया है कि इस प्रश्न का उत्तर अंतिम रूप से सदन में फ्लोर टेस्ट के माध्यम से ही हो सकता है। आपने मेरे द्वारा दी गई समयावधि में अपना बहुमत सिद्ध करने की बजाय यह पत्र लिख कर विश्वास मत प्राप्त करने और फ्लोर टेस्ट कराने में अपनी असमर्थता व्यक्त की है, जिसका कोई औचित्य नहीं है। अत: आपसे पुन: निवेदन है कि आप संवैधानिक एवं लोकतंत्रीय मान्यताओं का सम्मान करते हुए बुधवार, 17 मार्च तक मध्यप्रदेश विधानसभा में फ्लोर टेस्ट करवाएं तथा अपना बहुमत सिद्ध करें, अन्यथा यह माना जाएगा कि वास्तव में आपको विधानसभा में बहुमत प्राप्त नहीं है।

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Dakhal News 16 March 2020


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भोपाल। मध्यप्रदेश में सियासी घमासान के बीच सोमवार को बजट सत्र शुरू हुआ। परम्परा के अनुसार इसकी शुरुआत राज्यपाल लालजी टण्डन के अभिभाषण से हुई, लेकिन राज्यपाल ने एक मिनट में चंद लाइनें पढक़र अपना अभिभाषण पूरा कर दिया और इसके बाद विधायकों को नियमों का पालन करने और विधानसभा की गरिमा मनाए रखने की सलाह देकर सदन से रवाना हो गए। दरअसल परम्परा के मुताबिक विधानसभा के साल के पहले सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होती है। अभिभाषण में राज्यपाल को अपनी सरकार के पिछले एक साल के कार्यकाल का लेखा-जोखा सदन में रखना होता है। सोमवार को मप्र विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल लालजी टण्डन के अभिभाषण से हुई। राज्यपाल के सदन में पहुंचते ही भारी हंगामा शुरू हो गया था। हंगामे के बीच ही उन्होंने अभिभाषण पढ़ते हुए कहा कि मेरी सरकार ने आवास के लिए पत्रकारों के लिए पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान पर 25 लाख रुपये का ऋण देने का निर्णय लिया है। एक वर्ष में बहुआयामी विकास की कोशिश की है। वचन पत्र के वचनों की पूर्ति के लिए कार्य किए हैं। वचन पत्र और रोडमैप पर अमल कर प्रदेश की नई पहचान बनाई जाएगी। इतना कहने के बाद वे वहां से निकल गए, लेकिन जाने से पहले उन्होंने सदन के सभी सदस्यों को शुभकमानाएं देते हुए सलाह दी कि वे शांतिपूर्ण तरीके से संविधान द्वारा निर्देशित परंपरा और नियमों का पालन करें और विधानसभा की गरिमा बनाए रखें ताकि मध्यप्रदेश के गौरव और लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन हो सके।

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Dakhal News 16 March 2020


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नई दिल्ली। मध्यप्रदेश का सियासी मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। भाजपा ने तुरंत फ्लोर टेस्ट की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।   शिवराज सिंह चौहान की याचिका पर कल यानि 17 मार्च को सुनवाई संभव है। अभी शिवराज सिंह के वकील ने मामले को रजिस्टार के समक्ष मेंशन कर जल्द सुनवाई की गुहार लगाई है। रजिस्टार ने कहा कि याचिका में कुछ खामियां हैं और अगर वो दूर कर लेते हैं तो मामले की सुनवाई 17 मार्च को होगी।   मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 26 मार्च तक विधानसभा की कार्यवाही स्थगित रखने के स्पीकर के फैसले को चुनौती दी है। याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट स्पीकर को आदेश दे कि 12 घंटे में बहुमत परीक्षण कराए।

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Dakhal News 16 March 2020


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भोपाल। राज्यपाल लालजी टंडन ने सोमवार को उनके अभिभाषण के तुरंत बाद विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराने के आदेश दिये हैं। इसके बाद सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जयपुर से लौटे कांग्रेस के विधायकों की बैठक रविवार को होटल कोर्ट यार्ड मैरियट में हो रही है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर के आवास पर बैठक की।    विधानसभा में सोमवार सुबह होने वाले फ्लोर टेस्ट की रणनीति बनाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, हाल ही में भाजपा में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर और धर्मेंद्र प्रधान के बीच मंत्रणा हुई। बैठक के बाद बीजेपी के सभी वरिष्ठव नेता सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के आवास पर भी गए और उनसे विभिन्न संभावनाओं को लेकर परामर्श लिया। मध्यिप्रदेश के मौजूदा सियासी संकट पर कोई भी कदम उठाने से पहले बीजेपी नेतृत्व सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करना चाहता है।  इसी सिलसिले में बैठक के बाद सभी नेता सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से सलाह-मशविरा करने पहुंचे थे। इससे पहले रविवार को ही पार्टी के विधानसभा में मुख्य सचेतक पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने सभी पार्टी विधायकों को व्हिप जारी कर उनसे अनिवार्य रूप से सोमवार को विधानसभा में उपस्थित रहने को कहा है। 

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Dakhal News 15 March 2020


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भोपाल। मध्य प्रदेश में पल-पल बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस विधायक जयपुर से भोपाल वापस लौट आए हैं। रविवार सुबह करीब 11 बजे 130 सीटर इंडिगो एयरलाइन्स के विशेष विमान से सभी कांग्रेस विधायक भोपाल के राजाभोज एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट से बाहर निकलते हुए कांग्रेस विधायकों ने विक्ट्री साइन दिखाया। कांग्रेसी विधायकों के साथ उनका स्टॉफ भी इसी विमान से भोपाल आया। विधायकों को लेने पूर्व महापौर सुनील सूद, कांग्रेस जिला अध्यक्ष कैलाश मिश्रा और पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल एयरपोर्ट पहुंचे। पिछले पांच दिनों में जयपुर में रखे गए कांग्रेस के 82 विधायक रविवार को भोपाल आ गए। जयपुर से आए सभी कांग्रेसी विधायकों को एयरपोर्ट से सीधे होटल ले जाया गया, यहां सभी को एक साथ रखा जाएगा। सीएम कमलनाथ होटल में विधायकों से मुलाकात करेंगे। इसके मद्देजनर होटल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। होटल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बाहरी लोगों की आवाजाही पर भी पाबंदी लगाई गई है। इसके अलावा आज शाम को मुख्यमंत्री निवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक है। जहां सभी विधायक बैठक में शामिल होंगे। संभावना है कि सोमवार को कांग्रेस विधायकों को सीएम हाउस से ही विधानसभा ले जाया जाएगा। इससे पहले भोपाल के राजाभोज एयरपोर्ट पर धारा 144 लागू कर दी गई थी। साथ ही साथ एयरपोर्ट पर सुरक्षा इतनी कड़ी कर दी गई थी कि एयरपोर्ट छावनी में तब्दील हो गया। आम लोगों की गाडिय़ों को एयरपोर्ट से पहले ही रोक दिया गया था। 

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Dakhal News 15 March 2020


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भोपाल। मध्यप्रदेश में बीते कई दिनों से जारी सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। संकट से गुजर रही कमलनाथ सरकार को 16 मार्च को फ्लोर टेस्ट से गुजरना होगा। शनिवार आधी रात राज्यपाल लालजी टंडन ने कमलनाथ सरकार को विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने का निर्देश दे दिया। राज्यपाल का यह आदेश पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत प्रदेश भाजपा नेतृत्व का एक दल द्वारा राज्यपाल लालजी टंडन से मिलने के सात घंटे बाद आया है।     राज्यपाल ने पत्र में कहा कि सरकार अभिभाषण के ठीक बाद बहुमत साबित करे। विश्वास मत विभाजन के आधार पर बटन दबाकर होगा, अन्य किसी तरीके से नहीं। इसकी संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाए। यह कार्यवाही हर हाल में 16 मार्च को प्रारंभ होगी और स्थगित, विलंबित या निलंबित नहीं की जाएगी। इस फरमान के साथ जोड़-तोड़ की सियासत करने वालों को तगड़ा झटका लगा है। राज्यपाल ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 174 और 175 (2) में वर्णित संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए वे निर्देश देते हैं कि एमपी की विधानसभा का सत्र 16 मार्च को उनके अभिभाषण के साथ शुरू होगा।  राज्यपाल ने स्पष्ट कहा है कि उनके अभिभाषण के तत्काल बाद सदन में जो एकमात्र काम होगा वो विश्वास मत पर मतदान होगा।    राज्यपाल ने अपने पत्र में लिखा है, मुझे जानकारी मिली है कि 22 विधायकों ने मध्य प्रदेश विधानसभा स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने इलेक्ट्रानिक और प्रिंट मीडिया को भी इसकी जानकारी दी है। मैंने इस बावत मीडिया कवरेज को भी देखा है। राज्यपाल लालजी टंडन ने सीएम को लिखा है कि उन्होंने भी अपने 13 तारीख के पत्र में विश्वास मत हासिल करने पर सहमति दे दी है। उन्होंने कहा है कि विधानसभा के विपक्षी दल भाजपा ने एक ज्ञापन दिया है और ताजा घटनाक्रम का उल्लेख किया है। राज्यपाल ने कहा कि भाजपा ने यह भी बताया है कि राज्य सरकार द्वारा त्यागपत्र देने वाले एंव अन्य सदस्यों पर अवांछित दबाव बनाया जा रहा है।   राज्यपाल ने आगे पत्र में लिखा, मुझे प्रथम दृष्टया विश्वास हो गया है कि आपकी सरकार ने सदन का विश्वास खो दिया है और आपकी सरकार अल्पमत में है, यह स्थिति अत्यंत गंभीर है, इसलिए संवैधानिक रूप से अनिवार्य एवं प्रजातांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्वयक हो गया है कि दिनांक 16 मार्च 2020 को मेरे अभिभाषण के तत्काल बाद आप विधानसभा में विश्वासमत हासिल करें।   उल्लेखनीय है कि वहीं शनिवार शाम को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव समेत अन्य भाजपा नेताओं ने राज्यपाल से मिलकर बजट सत्र से पहले फ्लोर टेस्ट की मांग की थी। वहीं कांग्रेस छोडक़र भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक 22 विधायक बेंगलुरु में हैं। इनमें 6 मंत्री भी थे। इन सभी 22 विधायकों ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इनमें से छह विधायक जो राज्य में मंत्री थे उनके इस्तीफे को विधानसभाध्यक्ष एन पी प्रजापति ने मंजूर कर लिया है। इस बीच, कांग्रेस ने अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी कर दिया। स्पीकर ने बेंगलुरु से इस्तीफा भेजने वाले 22 विधायकों को नया नोटिस जारी किया है। अब इन सभी विधायकों को 15 मार्च को शाम 5 बजे तक पेश होने का वक्त दिया गया है। नियम के मुताबिक सभी विधायकों को स्पीकर के सामने उपस्थित होना जरूरी है। इसबीच, सरकार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा सकती है। मुख्यमंत्री कमलनाथ कानूनी पहलुओं पर विचार कर रहे हैं।

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Dakhal News 15 March 2020


bhopal, Notice issued , six pro-Scindia MLA, reappear on Sunday

भोपाल। मध्यप्रदेश में मचे सियासी घमासान के बीच सिंधिया समर्थक छह मंत्रियों समेत 22 विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने उनके इस्तीफों को लेकर नोटिस जारी कर अलग-अलग तारीखों में स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया था। इनमें से छह मंत्रियों को शुक्रवार को उनके समक्ष उपस्थित होना था, लेकिन वे भोपाल नहीं पहुंचे। अब उन्हें विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने शनिवार को दोबारा नोटिस जारी किया है, जिनमें उन्हें रविवार, 15 मार्च को अपने इस्तीफे को लेकर स्पष्टीकरण देने को कहा है। गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक माने जाने वाले छह मंत्री समेत 19 विधायक पिछले कुछ दिनों से बेंगलुरु के एक रिसोर्ट में ठहरे हुए हैं और उन्होंने वहीं से अपने इस्तीफे सोशल मीडिया के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति को भेजे थे। इसके बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेन्द्र सिंह ने कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर 22 कांग्रेस विधायकों को इस्तीफे उन्हें सौंपे। इसी को लेकर विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने नोटिस जारी कर छह मंत्रियों को शुक्रवार, 13 मार्च को बुलाया था, जबकि सात विधायकों को शनिवार को और शेष विधायकों को रविवार, 15 मार्च को उपस्थित होकर अपना इस्तीफा देने को कहा था। बेंगलुरु में रुके सिंधिया समर्थक विधायक शुक्रवार को भोपाल आने के लिए बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंच गए थे और करीब तीन घंटे वहां रुकने के बाद भोपाल आने की बजाय वापस रिसोर्ट पहुंच गए। बताया जा रहा है कि वे शनिवार शाम तक भोपाल आ सकते हैं। छह विधायकों को समय देने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने शुक्रवार को उनका करीब तीन घंटे इंतजार किया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा था कि मैं नियमों से बंधा हुआ हूं। विधायक मिलने नहीं आए इसलिए उन्हें अब बाद में मिलने का समय दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विधायकों ने अपनी स्वेच्छा से इस्तीफे दिये हैं, इसका पता तभी चलेगा, जब वे स्वयं उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण देंगे। इसीलिए उन्होंने शनिवार को उन छह विधायकों को पुन: नोटिस जारी कर रविवार, 15 मार्च को शाम पांच बजे तक उनके समक्ष पेश होने का समय दिया है। 

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Dakhal News 14 March 2020


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भोपाल। मध्यप्रदेश में बीते एक सप्ताह से चल रहा सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद उनके समर्थकों ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ दिया है। अब तक छह मंत्रियों समेत कुल 22 विधायकों के अलावा सैकड़ों सिंधिया समर्थक अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस अपनी सरकार बचाने में जुट गई है। मुख्यमंत्री कमनलाथ ने शुक्रवार को राज्यपाल लालजी टण्डन से मुलाकात कर बेंगलुरु पहुंचे कांग्रेस के 19 विधायकों को वापस लाने की मांग की थी। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया था कि भाजपा द्वारा उन विधायकों को बेंगलुरु में बंधक बनाकर रखा है। वहीं, उन्होंने दो मंत्रियों जीतू पटवारी और लाखन सिंह यादव को अपने विधायकों को मनाने के लिए बेंगलुरु भेजा था, लेकिन सिंधिया समर्थक विधायकों से बात करने के लिए बेंगलुरु गए मंत्री जीतू पटवारी और लाखन सिंह यादव नाकाम होकर लौट आए हैं। मंत्री जीतू पटवारी ने वापस आकर कहा है कि बेंगलुरु में सभी विधायकों को बंदी बनाकर रखा गया है। वे कांग्रेस के सदस्य हैं और वापस आने के बाद वे सरकार का ही साथ देंगे। बताया जा रहा है कि आज (शनिवार) शाम तक बेंगलुरु से सभी विधायक भोपाल पहुंचने वाले हैं। इधर, निर्दलीय विधायक सुरेन्द्र सिंह शेरा को सीएम कमनलाथ ने मंत्री बनाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद से वे कमलनाथ सरकार का साथ देने की बात कह रहे हैं, जबकि बसपा के दो विधायक भी सरकार को समर्थन दे रहे हैं और अब तक बसपा ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। राज्यसभा चुनाव में बसपा किसके साथ जाएगी, यह भी अभी तय नहीं हुआ है। दोनों बसपा विधायकों का कहना है कि उन्हें पार्टी सुप्रीमो मायावती के निर्देश का इंतजार है, लेकिन कमलनाथ सरकार को समर्थन दे रहे एकमात्र सपा विधायक ने कांग्रेस का साथ देने का संकेत दिया है। सपा के प्रदेश प्रभारी जगदेव यादव ने कहा है कि हम कांग्रेस के साथ हैं और आगे भी रहेंगे। 

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Dakhal News 14 March 2020


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भोपाल। दिग्गज नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद से ही कांग्रेस नेताओं द्वारा लगातार उन पर जुबानी हमले किए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता उन पर पद की लालसा में पार्टी के साथ धोखा करने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं अब मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सिंधिया पर तंज कसा है। दिग्विजय सिंह ने शनिवार को एक के बाद एक कई ट्वीट कर सिंधिया पर जमकर हमला बोला है और उन्हें कांग्रेस और गांधी परिवार को धोखा देेने की बात कही है।    दिग्विजय ने ट्वीट कर खुद के लिए कहा कि मुझे सत्ता मोह नहीं है। मैं सत्ता से बाहर रहा और कांग्रेस पार्टी के लिए 2004 से 2014 तक काम किया, इस तथ्य के बावजूद कि मुझे मंत्रिमंडल में शामिल होने और राज्यसभा में जाने की पेशकश की गई थी, लेकिन मैंने विनम्रता से मना कर दिया। मैं अपने गृह क्षेत्र राजगढ़ से आसानी से लोकसभा में आ सकता था लेकिन मैंने मना कर दिया और कांग्रेस उम्मीदवार को जीत मिली। क्यों? क्योंकि मेरे लिए विश्वसनीयता और विचारधारा अधिक महत्वपूर्ण है जो दुर्भाग्य से भारतीय राजनीतिक परिदृश्य से गायब हो गई है। दुखद है।    अपने ट्वीट में सिंधिया को महाराज संबोधित कर दिग्विजय ने तंज कसते हुए लिखा ‘मैंने कभी यह उम्मीद नहीं की थी कि महाराज (क्षमा करें, क्योंकि मैं खुद एक रियासती पृष्ठभूमि से आता हूं, मैं उन्हें ज्योतिरादित्य कह कर संबोधित नहीं कर सकता) कांग्रेस और गांधी परिवार को धोखा देंगे और किसके लिए!  राज्यसभा और कैबिनेट मंत्री बनने मोदीशाह के नेतृत्व में? दु:खद है कभी भी उनसे यह उम्मीद नहीं करता था। लेकिन फिर कुछ लोगों के लिए पॉवर ऑफ हंगर (सत्ता की भूख), विश्वसनीयता और विचारधारा जो एक स्वस्थ लोकतंत्र का सार है से अधिक महत्वपूर्ण है।   दिग्विजय सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा है कि मैं ऐसे परिवेश में पला बढ़ा जहाँ मेरे पिता नास्तिक थे और मेरी माँ बहुत धार्मिक थीं। मेरे लिए मेरा धर्म सनातन धर्म है और सार्वभौम भाईचारे में मेरा विश्वास है। 1981 में जब मैं भारत के सबसे अधिक सम्मानित और वरिष्ठतम जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद जी से मिला तब मेरी मान्यताओं को और दृढ़ता मिली। और मैंने उनसे "दीक्षा" ले ली। मेरे लिए मेरा धर्म मानवतावाद "इन्सानियत" है जो हिंदुत्व के बिलकुल विपरीत है। अपने आप को शक्तिशाली बनाने की बजाय मेरे लिए सत्ता सिर्फ मानवता की सेवा करने के संकल्प को पूरा करने का साधन मात्र है।   मुझे संघ में शामिल होने का मौका मिला लेकिन मैं नहीं गया   एक पुराने किस्से को साझा करते हुए दिग्विजय ने आगे लिखा कि राजमाता विजया राजे सिंधिया जी, जिनके लिए मेरे मन में अभी भी बहुत सम्मान है, वे चाहती थी कि मैं 1970 में जनसंघ में शामिल हो जाऊं। जब मैं राघौगढ़ नगर पालिका का अध्यक्ष था, लेकिन मैंने विनम्रता से मना कर दिया। जब मैंने गुरु गोलवलकर की किताब "बंच ऑफ थॉट्स" को पढ़ा और आरएसएस के नेताओं से बातचीत की।   प्रधानमंत्री मोदी आरएसएस के प्रचारकों की इस नई नस्ल का सबसे शानदार उदाहरण   दिग्विजय ने कहा कि मैं भाजपा से बिलकुल सहमत नहीं हूँ लेकिन उनकी विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की प्रशंसा करता हूँ। आरएसएस 1925 से 90 के दशक तक अपने अंतिम लक्ष्य "हिंदू राष्ट्र" को भुलाए बगैर दिल्ली में सत्ता में आने के लिए इंतजार किया। उन्होंने सफलतापूर्वक समाजवादियों और विशेष रूप से जेपी और अब नीतीश को आरएसएस प्रचारक को पीएम बनाए जाने के अपने अंतिम लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मूर्ख बनाया है। मैंने ऐसे आरएसएस कार्यकर्ताओं को भी देखा है जिन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर अपने परिवार को संघ के लिए काम करने के लिए छोड़ दिया। लेकिन अब आरएसएस के नए प्रचारक बदल गए हैं। नरेंद्र मोदी आरएसएस के प्रचारकों की इस नई नस्ल का सबसे शानदार उदाहरण हैं। मैं नरेंद्र मोदी जी का प्रशंसक नही हूँ बल्कि उनके सबसे कटु आलोचकों में से एक हूँ, लेकिन हर मुद्दे और हर अवसर पर बिना कोई समझौता किए देश को ध्रुवीकृत करने के उनके साहस के प्रयास की प्रशंसा करता हूं। ऐसा करते वक्त उन्होंने कभी परवाह नही की कि भारत के सनातन धर्म और हिंदू धर्म की मान्य परंपराओं द्वारा बुने गए सामाजिक ताने बाने को नष्ट करने से देश को क्या नुकसान हो रहा है?

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Dakhal News 14 March 2020


bhopal, Pro-Scindia MLA, did not return , Bhopal Bengaluru Airport

भोपाल। मध्यप्रदेश में चल रहा राजनीतिक घमासान शुक्रवार को भी जारी रहा। विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति द्वारा नोटिस जारी कर समक्ष उपस्थित होकर जवाब देने का कहने के बाद सिंधिया समर्थक विधायक शुक्रवार को भोपाल आने के लिए बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंच गए थे, लेकिन वे वहां से वापस होटल गए। अब सभी विधायक शनिवार को भोपाल आएंगे। बताया जा रहा है कि सिंधिया समर्धक विधायकों से बेंगलुरु एयरपोर्ट पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बातचीत की। इसके बाद वे वापस होटल लौट गए। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने इन विधायकों को भाजपा द्वारा बंधक बनाए रखने का आरोप लगाया है। सिंधिया समर्थकों से मिलने बेंगलुरु पहुंचे मंत्री जीतू पटवारी और लाखन सिंह यादव ने शुक्रवार को वहां मीडिया से बातचीत में बताया कि सभी कांग्रेस के विधायक भोपाल आना चाहते थे, लेकिन भाजपा ने उन्हें बंधक बनाकर रखा है। सिंधिया समर्थक मंत्रियों को हटायावहीं, राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ की सिफारिश पर शुक्रवार को छह सिंधिया समर्थक मंत्रियों को उनके पद से हटा दिया है। इन मंत्रियों में इमरती देवी, तुलसीराम सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, महेन्द्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर और डॉ. प्रभुराम चौधरी हैं। ये सभी मंत्री बेंगलुरु में डेरा डाले हुए हैं। इन छह मंत्रियों को विधानसभा अध्यक्ष ने शुक्रवार को विधानसभा पहुंचकर अपना जवाब पेश करने का नोटिस दिया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे।इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने है कि इस्तीफा दिए 6 कांग्रेसी विधायकों को शुक्रवार को मिलने का समय दिया गया था। लेकिन कोई भी विधायक मिलने नहीं पहुंचे। उन्होंने तीन घंटे उनका इंतजार किया। अब शनिवार को दूसरे विधायकों को समय दिया गया है। इसलिए उनसे मुलाकात की जाएगी। आज जो विधायक नहीं आए हैं, अब उनको मिलने की अगली तारीख दी जाएगी। दरअसल, विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस के बागी विधायकों के इस्तीफे पर उन्हें नोटिस जारी कर उन्हें प्रत्यक्ष रूप से अपना इस्तीफा सौंपने को कहा था। इनमें छह विधायकों को शुक्रवार को, 8 को शनिवार को और बाकी विधायकों को रविवार को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत होना था। भोपाल एयरपोर्ट पर भिड़े भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताइधर, बेंगलुरु से शुक्रवार को बागी कांग्रेस विधायक भोपाल पहुंचने वाले थे, लेकिन उनका आना टल गया। उनके इंतजार में भोपाल के राजाभोज एयरपोर्ट सुबह से कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा हुआ था। इस दौरान कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। सूचना मिलने पर भोपाल कलेक्टर तरुण पिथौड़े और डीआईजी इरशाद वली एयरपोर्ट पहुंचे और मौके पर तनाव को देखते हुए कलेक्टर ने धारा-144 लागू करने के आदेश दिये। बताया जा रहा है कि विवाद भाजपा कार्यकर्ताओं के सिंधिया के समर्थन और कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध में नारे लगाने के दौरान हुआ। गहमागहमी के माहौल के चलते कांग्रेस के विधायकों को सीआईएसएफ के जवानों ने रोक दिया। इसके बाद उन्होंने सिंधिया के विरोध में नारेबाजी की। राज्यपाल से मिले भाजपा के दिग्गज, फ्लोर टेस्ट की कर सकते हैं मांगइस शुक्रवार को सियासी गतिविधियों के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर, भूपेंद्र सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया राज्यपाल से मिलने के लिए राजभवन पहुंचे, जहां प्रदेश में चल रही ताजा राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा की। वहीं, शुक्रवार  सुबह मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल से मुलाकात की थी और उन्होंने राज्यपाल को एक पत्र सौंपते हुए यह गुहार लगाई थी कि कांग्रेस विधायकों का इस्तीफा भाजपा द्वारा प्रस्तुत किए जाने की जांच होनी चाहिए। साथ ही साथ उन्होंने भाजपा को फ्लोर टेस्ट के लिए भी आमंत्रित किया था। मुख्यमंत्री कमलनाथ के बाद अब भाजपा नेताओं का राज्यपाल से मिलना प्रदेश की राजनीतिक घटनाक्रम के लिए दिलचस्प है। अटकलें भी तेज है कि बीजेपी नेता राज्यपाल से फ्लोर टेस्ट की मांग कर सकते हैं।

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Dakhal News 13 March 2020


bhopal, Jyotiraditya Scindia, filed nomination , Rajya Sabha

भोपाल। भाजपा में शामिल होने के बाद पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को दोपहर में विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राज्यसभा सांसद प्रभात झा, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, गोपाल भार्गव समेत बड़ी संख्या में भाजपा नेता मौजूद रहे। सिंधिया के साथ ही भाजपा के दूसरे उम्मीदवार प्रो. सुमेर सिंह ने भी राज्यसभा के लिए अपना नामांकन पत्र जमा रिटर्निंग अधिकारी एपी सिंह को सौंपा। ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी में जश्न का माहौल है। वे भाजपा की सदस्यता लेने के बाद गुरुवार शाम को भोपाल पहुंचे थे, जहां भाजपा कार्यालय में उनका भव्य स्वागत किया गया था। इसके बाद रात में उन्होंने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के घर डिनर किया, जहां उनकी जमकर आव-भगत की गई। वहीं शुक्रवार को उन्होंने अन्य वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ डॉ. नरोत्तम मिश्रा के लंच किया और फिर दोपहर दो बजे विधानसभा पहुंचे, जहां सिंधिया और प्रो. प्रोफेसर सुमेर सिंह ने भाजपा की ओर से राज्यसभा के लिए अपने नामांकन दाखिल किये। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटें आगामी नौ अप्रैल को खाली हो रही हैं। इनमें एक कांग्रेस के खाते की है, जबकि दो भाजपा के कब्जे वाली रही है। कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह के साथ ही भाजपा सांसद प्रभात झा और सत्यनारायण जटिया का कार्यकाल आगामी नौ अप्रैल को समाप्त होगा। इन तीन सीटों के लिए कांग्रेस की तरफ से दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को ही अपना नामांकन दाखिल कर दिया था, जबकि कांग्रेस के दूसरे उम्मीदवार फूल सिंह बरैया ने शुक्रवार को अपना नामांकन जमा किया है। मध्यप्रदेश विधानसभा में विधायकों के संख्याबल के आधार पर एक-एक सीट तो दोनों पार्टियों को मिलना तय है, लेकिन तीसरी सीट पर असमंजस की स्थिति है। प्रदेश में चल रहे सियासी घमासान के चलते यह हालात बने हैं। सिंधिया समर्थक विधायकों और मंत्रियों के इस्तीफे अगर स्वीकार होते हैं, तो यह सीट भाजपा के खाते में चली जाएगी, लेकिन इनके इस्तीफे स्वीकार नहीं हुए और वह कांग्रेस का साथ देते हैं तो भाजपा को एक ही सीट से संतोष करना पड़ सकता है। आगामी 26 मार्च को इस तीसरी सीट के लिए निर्वाचन होना है। भाजपा-कांग्रेस के बीच इस तीसरी सीट को लेकर घमासान होने की संभावना है।

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Dakhal News 13 March 2020


bhopal, Kamal Nath, meets Governor, accuses BJP, buying and selling MLAs

भोपाल। मध्य प्रदेश में चल रही राजनीतिक उठापटक के बीच राज्यपाल लालजी टंडन होली की छुट्टी मनाकर गुरुवार की रात को भोपाल लौट आए हैं। उनके वापस लौटते ही शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राजभवन पहुंचकर उनसे मुलाक़ात की। इस दौरान सीएम कमलनाथ ने प्रदेश में भाजपा द्वारा की जा रही विधायकों की हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर राज्यपाल को पत्र सौंपा। पत्र में उन्होंने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए।    मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को राजभवन पहुंचकर तीन पेज का पत्र राज्यपाल को सौंपने के साथ ही उन्हें प्रदेश के राजनैतिक हालातों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुलाकात के दौरान राज्यपाल से मांग की है कि वे गृह मंत्री अमित शाह से बेंगलुरु में बंधक विधायकों को मुक्त कराने के लिए कहें।   राजभवन से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सीएम कमलनाथ ने कहा कि मैंने आज राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें होली की बधाई दी है। साथ ही  प्रदेश के राजनीतिक हालातों पर चर्चा करते हुए मैंने राज्यपाल से यह माँग भी की है कि बैंगलुरु में बंधक हमारे कांग्रेस के विधायकों को क़ैद से छुड़ाकर वापस भोपाल लाया जाए। सीएम कमलनाथ ने आगे कहा कि यह सच्चाई पूरा देश देख चुका है कि किस प्रकार से कांग्रेस विधायकों को कैद रखा गया है। आप 22 विधायकों को कैद कर लें और फिर फ्लोर टेस्ट की माँग करे,  यह पूरी तरह से गलत है। सीएम कमलनाथ ने कहा कि फ़्लोर टेस्ट तब संभव है, जब वे स्वतंत्र हो। विधायकों को मीडिया के सामने लाया जाये। राज्यपाल के अभिभाषण और बजट पर फ्लोर टेस्ट हो ही जायेगा। 

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Dakhal News 13 March 2020


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भोपाल। इस देश में दो तरीके के लोग हैं। इनमें से कइयों का मकसद राजनीति होता है और कइयों का जनसेवा। मैं गर्व से कह सकता हूं कि अटलजी रहे हों या नरेंद्र मोदीजी हों, चाहे सिंधिया परिवार की सदस्य मेरी दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया, मेरे पूज्य पिताजी हों या मैं फिर मैं.., हमारा लक्ष्य जनसेवा है और राजनीति उसका माध्यम है। यह बातें पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार शाम को भाजपा कार्यलय में आयोजित भव्य स्वागत समारोह में पार्टी कार्यकर्ताओं और अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि आज मेरे लिए एक बहुत भावुक दिन हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, पीएम नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के आशीर्वाद से मेरे लिए भाजपा का दरवाजा खुला। जिस परिवार में मैंने 20 साल बिताए हैं, मैं कांग्रेस को छोडक़र अपने आप को भाजपा के हवाले कर रहा हूं। सिंधिया परिवार का लक्ष्य राजनीति नहीं, जनसेवा हैं। कुर्सी और पद महत्वपूर्व नहीं, सम्मान महत्वपूर्ण होना चाहिए। मैं संकोच करने वाला व्यक्ति नहीं हूं। केवल सम्मान और पहचान के साथ मैं आपके हृदय में स्थान पा सकूंगा तो अपने जीवन को सफल मानूंगा। उन्होंने शिवराज सिंह चौहान की तारीफ करते हुए कहा कि आज हम एक साथ हैं। दल अलग हो सकते हैं, राजनीतिक रंग अलग हो सकते हैं, मतभेद हो सकते हैं, लेकिन पक्ष और विपक्ष के बीच कभी मनभेद नहीं होना चाहिए। विपक्ष में बैठकर भी शिवराज सिंह जैसा समर्पित और जनता के प्रति सबकुछ न्यौछावर करने वाला कार्यकर्ता इस देश और प्रदेश में बिरला ही होगा। प्रदेश में दो ही नेता कार में एसी नहीं चलाते हैं, एक शिवराज जी  और दूसरा मैं। शिवराज जी और हम अब एक हैं। जब एक और एक मिल जाएं तो 11 होना चाहिए। शिवराज जी को मैंने अंदर से देखा है।  इससे पहले भाजपा कार्यालय में आयोजित सिंधिया के स्वागत समारोह में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज का दिन विशेष है। गौरवशाली और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए भाजपा कार्यकर्ता राजनीति करते हैं। शिवराज ने भाजपा के पितृपुरुषों का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदीजी के नेतृत्व में संकल्प पूरा हो रहा है। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय समेत पार्टी पदाधिकारी और हजारों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा में शामिल होने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया गुरुवार क पहली बार भोपाल पहुंचे थे। शाम पांच बजे भोपाल एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत के बाद उनका रोड शो शुरू हुआ, जो करीब 20 किलोमीटर का सफर तय कर भाजपा कार्यालय पहुंचा। यहां उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय, कुशाभाऊ ठाकरे, राजमाता सिंधिया और माधवराव सिंधिया की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। इस दौरान भाजपा नेताओं द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। 

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Dakhal News 12 March 2020


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भोपाल। मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर उनके साथ उनकी धर्मपत्नी अमृता सिंह, पुत्र और नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह, मंत्री गोविंद सिंह, आरिफ अकील, पीसी शर्मा, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव, रामेश्वर निखरा, राजकुमार पटेल समेत समर्थक उपस्थित थे।    दिग्विजय सिंह ने नामांकन दाखिल करने के बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मुख्यमंत्री कमलनाथ को धन्यवाद दिया। इस दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी भी विचारधारा से समझौता नहीं किया और न ही उन्होंने कभी पद का लालच रखा। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में इस समय साम्प्रदायिक शक्तियां हावी हैं। भाजपा अपनी सरकार बनाने के लिए जिस तरह के हथकंडे अपना रही है, उसे जनता को समझना चाहिए। ये प्रजातंत्र के सिद्धांत के खिलाफ है। हम फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं।    सिंधिया के भाजपा से जुड़ने पर उन्होंने कहा कि ये लड़ाई नेहरू-गांधी और गोडसे की विचारधारा के बीच की है। इसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गोडसे को चुना जिसका हमें दुख है। उन्होंने सिंधिया द्वारा प्रदेश सरकार पर ट्रांसफर उद्योग चलाए जाने के आरोप का जवाब देते हुए कहा कि सिंधिया के कहने पर सैकड़ों तबादले हुए हैं।मेरे गृह जिले में कलेक्टर-एसपी तक के तबादले सिंधिया के कहने पर किये गए। यहां तक कि सिंधिया के मुताबिक टिकट बांटे गए और मंत्री बनाये गए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस को उन्हें अध्यक्ष बनाने या फिर राज्यसभा भेजने में कोई दिक्कत नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब सरकार बनी थी, तब सिंधिया को डिप्टी सीएम बनाने का प्रस्ताव दिया था लेकिन वो तुलसी सिलावट को डिप्टी सीएम बनाना चाह रहे थे। दिग्विजय सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस विधायक गांधी की विचारधारा छोड़कर गोडसे की विचारधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने सिंधिया को भाजपा की ओर से सीएम के लिए बेहतर उम्मीदवार बताया है। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में जल्द ही राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होने हैं।  

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Dakhal News 12 March 2020


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भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस और भाजपा के बीच चल रहे सियासी घमासान की परिणति क्या होगी, इसको लेकर उत्सुकता बढ़ती जा रही है। वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद राज्य का सियासी परिदृश्य पूरी तरह से बदला गया है। हालांकि, सीएम कमनलाथ और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को अब भी उम्मीद है कि उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है, लेकिन सिंधिया के भाजपा का दामन थामने और उनके समर्थक छह मंत्रियों समेत 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद बहुमत का आंकड़ा गड़बड़ा गया है। अब सभी की नजरें राजभवन पर टिकी हुई हैं। दरअसल सीएम कमनलाथ ने दो दिन पहले राज्यपाल लालजी टण्डन को पत्र लिखकर सिंधिया समर्थक छह मंत्रियों को हटाने की सिफारिश की थी। इन मंत्रियों को लेकर राज्यपाल कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। राज्यपाल होली की छुट्टियां मनाने लखनऊ गए हुए हैं और गुरुवार शाम तक भोपाल लौट आएंगे। वहीं, अगले सोमवार यानी 16 फरवरी से विधानसभा का बजट सत्र भी शुरू होने जा रहा है। इस दौरान भाजपा फ्लोर टेस्ट की मांग कर सकती है। हालांकि कांग्रेस के सभी दिग्गज आश्वस्त हैं कि उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है। फ्लोर टेस्ट में भी बहुमत साबित करने में कमनलाथ सरकार कामयाब होगी। 

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Dakhal News 12 March 2020


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नई दिल्ली। कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विधिवत शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आज जनसेवा का माध्यम नहीं रही तथा मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार भ्रष्टाचार में डूबी है जिसने राज्य की जनता को दिए गए वचन तोड़े हैं।   भाजपा मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में देश का भविष्य और विकास यात्रा पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने भाजपा नेतृत्व का आभार व्यक्त किया कि उन्हें इस परिवार में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया।   इसके पहले भाजपा अध्यक्ष ने सिंधिया का पार्टी में स्वागत करते हुए उन्हें प्राथमिक सदस्यता की पर्ची और गुलदस्ता भेंट किया। 19 वर्षों तक कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहे सिंधिया ने गत मंगलवार को पार्टी से त्यागपत्र दे दिया था। सिंधिया के समर्थक मध्य प्रदेश के 20 से अधिक विधायकों ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ दिया है, जिसके कारण कमलनाथ सरकार के गिरने का खतरा बढ़ गया है।   सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के अवसर पर पार्टी अध्यक्ष नड्डा ने उनकी दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया का स्मरण करते हुए कहा कि राजमाता ने भारतीय जनसंघ के शैशवकाल और भाजपा की स्थापना से संगठन को मजबूत बनाया और दृष्ट व दिशा दी। राजमाता परिवार के एक सदस्य के रूप में ज्योतिरादित्य का भाजपा में शामिल होना घरवापसी जैसा है और वह भाजपा के परिवार के सदस्य हैं।   ज्योतिरादित्य ने अपने संबोधन में कहा कि  उनके जीवन में दो तारीखों की बहुत अहमियत है। पहली तारीख  30 सितंबर 2001 थी जब उनके पिता माधवराव सिंधिया का निधन हुआ था जिसके बाद उन्हें सक्रिय राजनीति में आना पड़ा था। दूसरी तारीख 10 मार्च 2020 है जब उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ने की घोषणा की। अपने इस फैसले की पृष्ठभूमि बताते हुए सिंधिया ने कहा कि मध्य प्रदेश में जब विधान सभा चुनाव हुए तो एक नई उम्मीद जागी थी, किंतु 18 महीने में ही वह सपने पूरी तरह बिखर गए जो लोगों ने देखे थे। इसके उलट राज्य में तबादला उद्योग शुरू हो गया। सूबे में रेत माफिया का बोलबाला है।   सिंधिया ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस में अलग हालात हैं। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया। राज्य और देश की प्रगति के लिए योगदान देने हेतु भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  और गृहमंत्री अमित शाह ने मुझे यह मंच प्रदान किया। उन्होंने नड्डा, मोदी और शाह को इसके लिए धन्यवाद भी दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अब वह पार्टी नही रही जो पहले थी।   पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने कहा कि उनका मन आज दुखी भी है और व्यथित भी। वह विश्वास के साथ कह सकते हैं कि उस पार्टी (कांग्रेस) द्वारा सार्वजनिक सेवा का उद्देश्य पूरा नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा, पार्टी की वर्तमान स्थिति यह इंगित करती है कि यह वैसा नहीं है जैसा वह हुआ करती थी। तीसरा-निर्णय उसके तीन मुख्य बिंदु हैं। एक- वास्तविकता से इनकार करना, दूसरा- जड़ता का वातावरण उत्तपन्न होना और नई विचारधारा  को स्वीकार न करना और तीसरा नेतृत्व को मान्यता नहीं मिलना।   सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह अपना सौभाग्य मानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी और जेपी नड्डा ने उन्हें वह मंच उपलब्ध कराया है जहां से वह जनसेवा के रास्ते पर आगे बढ़ पाएं । उन्होंने कहा कि देश में ऐसा जनादेश किसी को नहीं मिला है जैसा मोदी को मिला है। वह बेहद सक्रिय, क्षमतावान और पूर्णरूप से समर्पित होकर काम करते हैं, उन्होंने देश का नाम बढ़ाया है। उनमें भविष्य की चुनौतियों को परखने और उसके लिए योजना बनाकर काम करने की क्षमता है और उनके हाथ में भारत का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित है।   सिंधिया को भाजपा में शामिल कराने के अवसर पर मंच पर नड्डा के साथ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे, बैजयंत जय पांडा, राष्ट्रीय महासचिव अनिल जैन, अरूण सिंह, केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, राष्ट्रीय प्रवक्ता जफर इस्लाम व मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीडी शर्मा उपस्थित रहे।

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Dakhal News 11 March 2020


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भाजपा ज्वॉइन करने के बाद बताया क्यों छोड़ी कांग्रेस |  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी खूब तारीफ की और कहा कि उनके नेतृत्व में देश का भविष्य उज्ज्वल है। आखिरकार भाजपा का दाम थाम लिया। दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचे और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा का दामन थामने के बाद मीडिया को बताया कि आखिरी उन्होंने कांग्रेस क्यों छोड़ी | कहा की कांग्रेस अब पहले जैसी पार्टी नहीं रही। यहां जड़ता का वातावरण है। नए नेतृत्व और नई सोच के लिए कोई जगह नहीं है। वही सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी खूब तारीफ की और कहा कि उनके नेतृत्व में देश का भविष्य उज्ज्वल है।  सिंधिया इस बीच इमोशनल भी हुए और बोले की 'मेरे जीवन में दो तारीखें बहुत अहम हैं। पहली 30 सितंबर 2001, जिस दिन मैंने अपने पूज्य पिता को खोया। दूसरी तारीख 10 मार्च 2020 जब उनकी 75वीं वर्षगांठ पर मैंने जीवन में नए मोड का सामना करते हुए बड़ा निर्णय लिया। मैंने सदैव माना है कि हमारा लक्ष्य भारत मां की सेवा और जन सेवा होना चाहिए। राजनीति इसका एक माध्यम मात्र है। उससे ज्यादा नहीं। मेरे पूज्य पिताजी और मैंने 19 सालों में जो भी समय मिला, पूरी शिद्दत के साथ यही करने की कोशिश की है।आज कांग्रेस पार्टी को लेकर मेरा मन दुखी है, क्योंकि आज जो स्थिति बनी है, उसमें मैं कह सकता हूं कि वहां रहते हुए जनसेवा नहीं कर पा रहा था। इसके अलावा तीन बिंदु हैं, जो कांग्रेस छोड़ने का मुख्य कारण बने। यहां वास्तविकता से इन्कार किया जाता है, वास्तविकता से समझकर उसके हिसाब से काम नहीं होता, यहां जड़ता आ गई है, नई सोच, नई विचारधार और नए नेतृत्व को सही मान्यता नहीं मिली है। ऐसा वातावरण राष्ट्रस्तर पर निर्मित हो चुका है।'  जब 2018 में कांग्रेस की सरकार बनी थी तब सपना देखा था । लेकिन 18 महीने में वह सपना बिखर गया। कहा गया था कि किसानों का 10 दिन में कर्ज माफ कर देंगे, 18 महीने बाद भी किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ है। आज भी किसानों को बोनस नहीं मिला है। मंदसौर गोलीकांड में जो केस दर्ज हुए थे, वो आज तक वापस नहीं हुए हैं। किसान त्रस्त है, नौजवान बेबस है। रोजगार के अवसर नहीं है। भ्रष्टाचार हो रहा है। रेत माफिया, ट्रांसफर माफिया काम कर रहे हैं।''मैं खुद को सौभाग्यशाली समझता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोजीदी, अमित शाहजी और जेपी नड्डाजी ने मुझे वो मंच प्रदान किया, जिसका आधार बनाकर मैं जनसेवा और राष्ट्रसेवा कर सकता हूं। देश के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुई कि दो बार पूर्ण बहुमत के साथ कोई सरकार चुन कर आए। हमारे प्रधानमंत्रीजी समर्पित भाव से काम करते हैं। वे पूरी श्रद्धा और क्षमता के साथ काम करते हैं। वे भविष्य की चुनौतियों के देखते हैं और उनका सामना करने के लिए योजना बनाते हैं। मैं कह सकता हूं कि मोदी के नेतृतव में भारत का भविष्य सुरक्षित है।'

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Dakhal News 11 March 2020


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भोपाल। वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कांग्रेस से इस्तीफा देने और बगावत करने के बाद वे कांग्रेस नेताओं ने निशाने पर आ गए हैं। लगातार पार्टी द्वारा दरकिनार करने और अहमियत न मिलने के बाद सिंधिया ने इतना बड़ा निर्णय लिया, लेकिन मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इन तमाम बातों को नकारते हुए गलत ठहराया है। साथ ही ट्वीट कर ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशासा साधते हुए तंज कसा है।    बुधवार सुबह दिग्विजय सिंह ने सिंधिया पर हमला करते हुए ट्वीट कर लिखा कि ‘ज्योतिरादित्य सिंधिया को बिल्कुल भी पार्टी से दरकिनार नहीं किया गया था। पिछले 16 महीने में ग्वालियर और चंबल संभाग में बिना उनकी सहमति के कुछ नहीं किया गया। मध्यप्रदेश, खासकर ग्वालियर चंबल संभाग के किसी भी कांग्रेस नेता से इसके बारे में पूछा जा सकता है। सिंह ने कहा यह दुखद है लेकिन वे कांग्रेस छोडक़र मोदी - शाह की शरण में गए हैं, उनको शुभकामनाएं।   सिंधिया के भाजपा में शामिल होने की अटकलों के बीच दिग्विजय सिंह ने एक अन्य ट्वीट कर महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के नाम पर सिंधिया पर निशाना साधा है। दिग्विजय ने ट्वीट कर लिखा ‘महात्मा गांधी को मारने के लिए नाथूराम गोडसे ने जिस रिवॉल्वर का इस्तेमाल किया, उसे ग्वालियर के परचुरे ने उपलब्ध कराया था। दिग्विजय ने ट्वीट में जिन परचुरे का नाम लिया, उनका पूरा नाम डॉ. डीएस परचुरे था। वह ग्वालियर में एक हिंदू संगठन के प्रमुख थे।    केन्द्र सरकार पर साधा निशाना   इसके अलावा एक अन्य ट्वीट कर दिग्विजय सिंह ने केन्द्र सरकार पर भी हमला बोला है। दिग्विजय ने केन्द्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए ट्वीट कर लिखा ‘केंद्र सरकार के पास राज्यों को उनके हक़ का जीएसटी का मुआवजा देने के लिये पैसा नहीं है पर ग़ैर भाजपा सरकारों को गिराने के लिये समय भी है और पैसा भी है’।

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Dakhal News 11 March 2020


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भोपाल। दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा बगावत करने के बाद अब कांग्रेस प्रदेश में अपनी सरकार बचाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। पार्टी में तोड़-फोड़ की आशंका और विधायकों को खरीद फरोस्त से बचाने की तैयारी में कांग्रेस के 88 और चार निर्दलीय विधायकों को विशेष विमान से भोपाल से जयपुर ले जाया जाएगा। जयपुर जाने से पहले सभी कांग्रेस विधायक सीएम कमलनाथ से मिलने पहुंचे। प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया और मुकुल वासनिक भी इनके साथ मौजूद हैं। कुछ विधायकों का कहना है कि हम साथ में घूमने जा रहे हैं, इसके अलावा उन्होंने कुछ नहीं कहा।   बुधवार को कांग्रेस विधायक भोपाल से जयपुर रवाना होंगे। विशेष विमान से कांग्रेस के 88 और 4 निर्दलीय विधायक जयपुर भेजे जाऐंगे। विधायकों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत को सौंपी गई है। बताया जा रहा है कि वहां सभी को ब्यूना विस्ता रिसोर्ट में ठहराया जा सकता है। इस पूरे काम को अंजाम देने के लिए जयपुर में राजस्थान सीएम की टीम ने मोर्चा संभाला हुआ है। बताते चले कि इससे पहले राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत महाराष्ट्र के विधायकों की भी 4 दिन आवभगत कर चुके हैं।    इसके अलावा कमलनाथ सरकार में मंत्री गोविंद सिंह और सज्जन वर्मा बेंगलुरू पहुंचे है। यहां वे बागी विधायकों को मनाने की कोशिश करेंगे। डीके शिवकुमार के साथ रिजॉट्र्स पहुंचेंगे ताकि बागी विधायकों से बातचीत कर सकें। 

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Dakhal News 11 March 2020


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भोपाल। मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार पर छाया संकट टलने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले दिनों कांग्रेस के दो लापता विधायकों का अब तक पता नहीं चल पाया है और अब ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक विधायक और मंत्री लापता हो गए हैं। उनका फोन बंद आ रहा है और किसी का भी उनसे सम्पर्क नहीं हो पा रहा है। इसी बीच सीएम कमलनाथ सोमवार को दिल्ली गए थे और वहां सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद शाम को वापस भोपाल पहुंच गए हैं। वह भोपाल में प्रेस वार्ता करके कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार सिंधिया गुट के छह मंत्री सोमवार को दोपहर से गायब हैं। उनके मोबाइल भी बंद बताए जा रहे हैं। इनमें मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेन्द्र सिंह सिसोदिया, तुलसीराम सिलावट, इमरती देवी, गोविन्द सिंह राजपूत के साथ ही कुछ विधायक भी शामिल हैं। अटकलें लगाई जा रही हैं कि सिंधिया को पार्टी में अहम जिम्मेदारी नहीं सौंपने से नाराज होकर यह सभी मंत्री-विधायक गायब हुए हैं और ये सभी बेंगलुरु पहुंचे हैं। सीएम कमलनाथ अभी दिल्ली से वापस भोपाल पहुंचे हैं और कुछ देर में वे प्रेस वार्ता को संबोधित कर मामले का खुलासा कर सकते हैं। 

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Dakhal News 9 March 2020


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भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। राज्यसभा चुनाव से पहले प्रदेश के सियासी गलियारों में हॉर्स ट्रेडिंग के मामले को लेकर भी बवाल मचा हुआ है। इन सब के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह दिल्ली के दौरे पर हैं। सोमवार 9 मार्च को सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह आलाकमान से मुलाकात कर सकते हैं। इस दौरान राज्यसभा के उम्मीदवारों के नामों पर भी बातचीत हो सकती है।   सीएम कमलनाथ सोमवार से दिल्ली दौरे पर है। रविवार देर रात सीएम कमलनाथ अपने ओएसडी आरके मिगलानी के साथ भोपाल से दिल्ली के लिए रवाना हुए। इससे पहले स्टेट हैंगर पर ही सीएम कमलनाथ ने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह से मुलाकात की। दिल्ली दौरे के दौरान सीएम कमलनाथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। जिसमें राज्यसभा प्रत्याशी को लेकर चर्चा कर सकते हैं। 13 मार्च को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की आखिरी तारीख हैं। राज्यसभा के लिए दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और मीनाक्षी नटराजन समेत अन्य नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं।   

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Dakhal News 9 March 2020


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नई दिल्ली। कर्नाटक के पूर्व राज्यपाल और यूपीए सरकार में कानून मंत्री रहे हंसराज भारद्वाज का रविवार की रात निधन हो गया। 82 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार दिल्ली के निगम बोध घाट परकिया जाएगा।    पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता हंसराज भारद्वाज के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हवाले से दुख व्यक्त करते हुए पीएमओ ने ट्वीट किया 'पूर्व मंत्री हंसराज भारद्वाज के निधन से दुखी। दुख की इस घड़ी में मेरे विचार उनके परिवार और शुभचिंतकों के साथ हैं। ओम शांति.'    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कर्नाटक और केरल के पूर्व राज्यपाल और पूर्व केन्द्रीय कानून मंत्री हंसराज भारद्वाज के निधन पर शोक जताया है। लोकसभा अध्यक्ष ने अपने ट्विटर पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि भारद्वाज जी का निधन राजनैतिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर हंसराज जी को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।    भारद्वाज 22 मई 2004 से 28 मई 2009 तक आजादी के बाद सबसे लंबा कार्यकाल चलाने वाले कानून मंत्री रहे हैं। वह 2009 से 2014 तक कर्नाटक के राज्यपाल रहे। 2012-13 तक वह केरल के राज्यपाल भी रहे। इसके अलावा हंसराज भारद्वाज 1982, 1994, 2000 और 2006 में राज्यसभा सदस्य भी रह चुके हैं। कांग्रेस नेता हंसराज भारद्वाज की पहचान सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील के तौर पर भी होती थी।

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Dakhal News 9 March 2020


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उद्धव ठाकरे ने राम मंदिर निर्माण के लिए दिए एक करोड़    बाला साहब ठाकरे की कट्टर हिंदूवादी पार्टी शिवसेना को जब से उनके पुत्र ने सभाला तब से कई सवालों के घेरे में बानी रही | हाल ही में जब उद्धव ठाकरे ने सरकार बनाने के लिए कांग्रेस से हाथ मिलाया तब जनता और विरोधी पार्टियों ने कहा था की अब यह बालासाहब ठाकरे के सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी नहीं हैं |  अब उद्धव ठाकरे सीएम बनने के बाद पहली बार अयोध्या में रामलला के दर्शन करने पहुंचे तो राम मंदिर निर्माण में सहयोग के लिए एक करोड़ रुपए देने की बात कही | उद्धव ठाकरे जब अयोध्या पहुंचे तो  शिवसैनिकों ने उनका जमकर स्वागत किया । उन्होंने कहा कि मैं पिछले डेढ़ साल में तीन बार अयोध्या आ गया। यहां आया तो मैं मुख्यमंत्री बन गया जो मैंने सपने में भी नहीं सोचा था। मैंने कहा था कि मैं बार - बार यहां आऊंगा और देखिये डेढ़ साल में तीसरी बार अयोध्या आ गया हूं। राज्य में गठबंधन सरकार के कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने के बाद उद्धव ठाकरे अयोध्या राम मंदिर में दर्शन करने पहुंचे हैं हैं।  शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे अयोध्या में राममंदिर निर्माण की मांग उठाते रहे थे। और जब मंदिर बन रहा हैं तो उद्धव ठाकरे द्वारा एक करोड़ दिया जा रहा हैं | कहा ये भी जा रहा हैं की उद्धव ठाकरे अपनी पार्टी की खोई हिंदूवादी छवि को लौटने का प्रयास कर रहे हैं |   

Dakhal News

Dakhal News 7 March 2020


kamalnath mantri mandal

    कमलनाथ सरकार पर संकट आने का सबसे बड़ा कारण बने रूठे हुए विधायक | ये वो विधायक हैं जो मंत्री बनना चाहते हैं | इनमे निर्दलीय और अन्य दलों के विधायक भी हैं | कमलनाथ को कैसे भी करके इन्हे मानना होगा क्यूंकि कमलनाथ की लंगड़ी सरकार की ये सब बैसाखिया हैं | ये बात विपक्ष जनता हैं और शायद इसीलिए इन रूठे विधायकों पर दाव खेल रहा हैं | डंग के इस्तीफे से साफ़ हो गया हैं की अपनी ही सरकार से विधायक खुश नहीं हैं | और कई बार कई विधायक ये कहते भी नजर आये हैं की अपनी ही सरकार में हम काम नहीं करवा पा रहे है |    अब इन रूठे विधायकों को कैसे मनाये इसकी जुगत में कमलनाथ लग गए हैं और उनका साथ देने के लिए सबसे पहले उनके सबसे भरोसेमंद मंत्री सज्जन सिंह वर्मा सामने आये हैं | लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा सहित कुछ अन्य मंत्रियों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से कहा कि यदि आपको अन्य किसी को सरकार में समायोजित करना है तो हम पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। सूत्रों की माने तो पूरी कैबिनेट ने एक सुर में मुख्यमंत्री से कहा कि हम आपके साथ हैं, जो भी निर्णय लेंगे वो हमें मान्य होगा।  पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी विधानसभा के बजट सत्र के बाद मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत दिए हैं।  कुछ मंत्री पद की लालसा रखने वाले विधायकों को पद देने के लिए | संभवतः वर्तमान के कुछ मंत्रियों को निकट भविष्य में मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस, निर्दलीय, सपा और बसपा के विधायक मंत्री बनाने को लेकर सरकार पर लंबे समय से दबाव बना रहे हैं। खास तौर पर बसपा विधायक रामबाई और निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा, सार्वजनिक तौर पर अपनी इच्छा जाहिर भी कर चुके हैं। कांग्रेस विधायक बिसाहूलाल सिंह, केपी सिंह, हरदीप सिंह डंग, एंदल सिंह कंषाना का मंत्री नहीं बनाने को लेकर दर्द भी सामने आता रहा है। सरकार पर छाए संकट की मुख्य वजह इसे ही माना जा रहा है, इसलिए मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अब इस्तीफा देने वाले मंत्री किस खेमे के होंगे गिग्विजय या कमलनाथ के | इस पुरे सियासी घमासान में एक बात तो साफ़ है की ज्योतिरादित्य सिंधिया अभी अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं | 

Patrakar amitabh upadhyay

amitabh upadhyay 7 March 2020


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  मध्यप्रदेश में सियासी घमासान रुकने का नाम नहीं ले रहा | अब बदला पुर की राजनीति ने मध्यप्रदेश का रुख कर लिया हैं | संजय पाठक पर हो रही लगातार कारवाही इस बात का प्रमाण दे रही हैं | पहले संजय पाठक की खदानों को बंद किया गया और अब खेत में कड़ी फसलों पर जेसीबी चला दी गई | दिग्विजय ने अपने एक बयान में कहा था की संजय पाठक उनके दोस्त के पुत्र हैं और उन्होंने पैसा ज्यादा कमा लिया हैं इस लिए भटक गये हैं | संजय पाठक को दिग्विजय की यह बात अच्छी नहीं लगी थी और उन्होंने भी मीडिया से कहा था की उन्होंने ट्रांसफर पोस्टिंग से या रेत माफिया से पैसा नहीं कमाया हैं व्यवसाय से पैसा कमाया हैं |  सरकार अब  संजय पाठक को बख्शने के मूड में नहीं लग रही शनिवार की सुबह ही उमरिया जिला प्रशासन ने पाठक के बांधवगढ़ स्थित साइना रिसोर्ट पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की और इसके बाद वहां लगी फसल पर जेसीबी चला दिया। जिला प्रशासन का कहना है कि इलाके में 11 रिसोर्ट की जांच के बाद 12 फरवरी को कार्रवई के निर्देश जारी किए गए थे। यहां प्रशासन द्वारा करीब 2 एकड़ क्षेत्र में अतिक्रमण होना बताया जा जरा है। इसके बाद मध्य प्रदेश सरकार पर बदले की कार्रवाई के आरोप लगने लगे हैं। विधायक संजय पाठक ने कहा कि कृषि भूमि पर खड़ी फसल पर प्रशासन ने जेसीबी कैसे चला दिया। इसके पहले जबलपुर के पास सिहोरा में संजय पाठक के परिवार की आयरन ओर खदान को बंद करवाया गया था। प्रशासन के अनुसार बांधवगढ़ में सबसे ज्यादा कब्जा यहीं था, इसलिए सबसे पहले यहां से ही कार्रवाई की शुरुआत की गई। गौरतलब है कि इसके पहले कांग्रेस ने विधायक संजय पाठक पर विधायकों की खरीद-फरोख्त में शामिल होने का आरोप लगाया था। उन पर यह आरोप लगाया गया था कि विधायकों को पैसे का लालच देकर उन्होंने विधायकों को खरीदने की कोशिश की। उधर शुक्रवार को विधायक संजय पाठक ने कहा था कि सियासी घमासान में उनकी जान को खतरा है। इस मामले में सरकार के मंत्री पीसी शर्मा का कहना है कि संजय पाठक के रिसोर्ट पर कार्रवाई नियमों के तहत की गई है। 

Editor shruti upadhyay

shruti upadhyay 7 March 2020


rajysabha

  न तो किसी पर्चा लिया और न ही दाखिल किया    ऐनवक्त पर प्रत्याशियों का करेंगी एलान करेगी भाजपा-कांग्रेस    मध्यप्रदेश में सियासत चरम पर हैं | कहा जा रहा हैं की यह सब राज्यसभा में जाने की कवायद हैं | मध्यप्रदेश में भले ही सरकार को गिराने की बात हो रही हैं | मगर इस बात से भी कोई इंकार नहीं कर रहा की यह सब कही ना कही दिग्वजय द्वारा रचा हुआ खेल हैं | कहा ये भी जा रहा हैं की इस खेल में दिग्विजय ने एक तीर से दो निशाने लगाए हैं | एक तो दिग्विजय ने खुद की दावेदारी पक्की की हैं | तो वही दूसरी तरफ सिंधिया को अभिमन्यु बनाकर चक्रव्यू में घेरने की कोशिश भी की हैं |  दिग्विजय ने अपने आप को कमलनाथ सरकार का संकट मोचन साबित करने की कोशिश भी की हैं जिससे कमलनाथ पर दबाव बनाया जा सके |    राजसभा की अधिसूचना जारी हो चुकी हैं लेकिन अभी तक भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की हैं | माना जा रहा हैं की दोनों ही पार्टिया ऐनवक्त पर अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर सकती हैं |   जो भी हो मगर ये साफ़ हैं की राज्यसभा के चुनाव मध्यप्रदेश की सियासत को आखरी अंजाम तक पहुंचा में अहम् भूमिका निभा सकता हैं |    मध्य प्रदेश से राज्यसभा के 11 सदस्यों में से तीन का कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त हो रहा है |पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा व सत्यनारायण जटिया का राज्यसभा का कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त हो रहा है। रिक्त होने वाली इन तीन सीटों पर चुनाव के लिए विधानसभा के प्रमुख सचिव और राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर एपी सिंह ने अधिसूचना जारी कर दी है। हालांकि नामांकन दाखिल करने के लिए पहले दिन न किसी ने नामांकन पर्चा ना तो खरीदा ना ही दाखिल किया है। नामांकन पर्चे 13 मार्च तक दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद नामांकन पर्चों की छंटनी होगी और 18 मार्च तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।  26 मार्च को मतदान होगा।   राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशियों को 58 विधायकों के मत चाहिए होंगे |  कांग्रेस और भाजपा की एक-एक सीट तो पक्की है |  लेकिन तीसरी सीट के लिए कांग्रेस-भाजपा के बीच घमासान रोचक होगा । इसका खेल मध्यप्रदेश में शुरू हो चूका हैं |    

Editor shruti upadhyay

shruti upadhyay 6 March 2020


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    तराना से कांग्रेस विधायक महेश  परमार ने शिवराज सिंह चौहान पर 35 करोड़ रुपए का ऑ‍फर देने का आरोप लगाया है। दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि शिवराज सिंह चौहान ने यह पूरा षडयंत्र रचा, दो प्राइवेट विमानों से वे विधायकों को ले जाने की तैयारी में थे। विधायक हरदीप सिंह डंग, बिसाहू लाल, रघुरंजन कंसाना और सुरेंद्र सिंह शेरा अभी भी बेंगलुरु में भाजपा के कब्जे में हैं। भाजपा ने सभी के फोन छीन लिए हैं। विधायकों की मर्जी के बिना भाजपा नेता अपने साथ ले गए हैं। दिग्विजय ने कहा मैं बिना प्रमाण कुछ नहीं कहता | इससे पहले दिग्विजय सिंह ने सबसे पहले भाजपा पर लगाया था की कांग्रेस विधायकों को खरीदने की कोशिश की जा रही हैं | मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी कहा था विधायक कह रहे हैं कि उन्हें पैसा ऑफर किया जा रहा है। इसी मामले में मंत्री जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह विधायक रामबाई को लेने गुरुग्राम के होटल पहुंचे थे | सूत्रों के अनुसार स्थिति सरकार के काबू में आने के बाद कमलनाथ भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी देंगे। इसके पहले मंगलवार देर रात मध्य प्रदेश के मंत्री जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह गुरुग्राम के होटल से बसपा विधायक रामबाई को अपने साथ बाहर लाए। पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने उन्हें बंधक बना रखा था। यह भी आरोप लग रहे हैं कि मध्य प्रदेश के कुछ अन्य विधायकों को भी भाजपा ने अपने पास बंधक बना रखा है।   

Patrakar amitabh upadhyay

amitabh upadhyay 4 March 2020


manoj parmaan congres mla

तराना से कांग्रेस विधायक मनोज परमान ने शिवराज सिंह चौहान पर 35 करोड़ रुपए का ऑ‍फर देने का आरोप लगाया है। दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि शिवराज सिंह चौहान ने यह पूरा षडयंत्र रचा, दो प्राइवेट विमानों से वे विधायकों को ले जाने की तैयारी में थे। विधायक हरदीप सिंह डंग, बिसाहू लाल, रघुरंजन कंसाना और सुरेंद्र सिंह शेरा अभी भी बेंगलुरु में भाजपा के कब्जे में हैं। भाजपा ने सभी के फोन छीन लिए हैं। विधायकों की मर्जी के बिना भाजपा नेता अपने साथ ले गए हैं। दिग्विजय ने कहा मैं बिना प्रमाण कुछ नहीं कहता | इससे पहले दिग्विजय सिंह ने सबसे पहले भाजपा पर लगाया था की कांग्रेस विधायकों को खरीदने की कोशिश की जा रही हैं | मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी कहा था विधायक कह रहे हैं कि उन्हें पैसा ऑफर किया जा रहा है। इसी मामले में मंत्री जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह विधायक रामबाई को लेने गुरुग्राम के होटल पहुंचे थे | सूत्रों के अनुसार स्थिति सरकार के काबू में आने के बाद कमलनाथ भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी देंगे। इसके पहले मंगलवार देर रात मध्य प्रदेश के मंत्री जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह गुरुग्राम के होटल से बसपा विधायक रामबाई को अपने साथ बाहर लाए। पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने उन्हें बंधक बना रखा था। यह भी आरोप लग रहे हैं कि मध्य प्रदेश के कुछ अन्य विधायकों को भी भाजपा ने अपने पास बंधक बना रखा है। 

Patrakar amitabh upadhyay

amitabh upadhyay 4 March 2020


avishwas prastav

  कहा से शुरू हुई जोड़तोड़ की कहानी    तैयारी राजसभा चुनाव की हो रही थी | सिंधिया , दिग्विजय के साथ - साथ प्रियंका वाड्रा का नाम भी मध्यप्रदेश की खाली सीट भरने के लिए कांग्रेस से लिया जा रहा था | फिर समीकरण ऐसे बदले की कमलनाथ को प्रदेश में अपनी सरकार बचाने के लिए एड़ीचोटी लगनी पद गई | सूत्रों की माने तो अगर बीजेपी का खेला दांव सही पड़ा तो भाजपा विधायक दल बजट सत्र में कमलनाथ सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पेश कर सकती है। विधानसभा सचिवालय के मुताबिक अविश्वास प्रस्ताव के लिए दस दिन पहले सूचना देना अनिवार्य है। बजट सत्र लंबा चलेगा, इसलिए अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष पेश करना चाहेगा तो कोई दिक्कत नहीं है। कहानी बसपा की निलंबित विधायक रामबाई से शुरू हुई थी। दिग्विजय सिंह ने कहा था | कि भाजपा नेता उन्हें चार्टर प्लेन में ले गए हैं।  कांग्रेस की कमलनाथ सरकार मुश्किल में बताई जा रही है। खबर थी की  हरियाणा के नूंह और कर्नाटक के बेंगलुरू में करीब 8 कांग्रेस विधायकों को रखा गया है। कहा यह भी जा रहा है कि कांग्रेस के 14 विधायक कमलनाथ सरकार से नाराज हैं। हालांकि कांग्रेस के नेता इन अफवाहों को गलत बता रहे हैं | कह रहे हैं कि सरकार पर कोई संकट नहीं है। वहीं भाजपा कह रही है कि यह कांग्रेस की अंदरुनी लड़ाई है। वैसे कमलनाथ की सरकार बनने के बाद से लड़खड़ा ही रही हैं | जोड़तोड़ की कमलनाथ सरकार कभी भी जा सकती है | और हुआ भी यही एक साल जैसे तैसे बिट जाने के बाद भी स्थिरता नहीं आई , अचानक कई नाराज विधायकों के एक साथ गायब होने के सरकार सतके में आ गई |  मध्यप्रदेश कांग्रेस सरकार के कई दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी जैसे बड़े नेताओं को कमान सम्भालनि पड़ी और रातों रात दिल्ली कूच करना पड़ा |   

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Dakhal News 4 March 2020


horse trading in madhyapradesh

  होटल में कैद कांग्रेस व अन्य पार्टी के विधायक    आधी रात  को मध्यप्रदेश की राजनीती का हाई बोल्टेज ड्रामा मध्यप्रदेश से हरियाणा और फिर दिल्ली पहुंचा | विधायकों की खरीद- फरोख्त के मामला ऐसा बढ़ा की दिल्ली में आधी रात बैठकों का दौर शुरू हो गया । आधी रात को  मेवात-गुरुग्राम रोड पर तावड़ू स्थित आईटीसी ग्रांड मानेसर होटल में भाजपा और  कांग्रेस के नेता आपस में भिड़ गए। भाजपा के  पूर्व मंत्रियों के कांग्रेस के चार, बसपा के दो और एक अन्य विधायक के साथ होटल मराठा में रुकने की खबर आई । रात को ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दिल्ली पहुंचे | फिर कांग्रेस और बाकि के विधायकों को होटल मराठा से होटल आईटीसी ग्रांड मानेसर में पहुंचा दिया गया। खबर मुख्यमंत्री कमलनाथ को लगी तो उन्होंने भी अपने चार मंत्रियों को दिल्ली भेज दिया और विधायकों को भाजपा के कब्जे से मुक्त कराने की कोशिश शुरू हुई । कांग्रेस सरकार के मंत्रियों ने जब विधायकों को छुड़ाने की कोशिश की तो भाजपा के एक पूर्व मंत्री ने हरियाणा पुलिस बुला ली | वहीँ पर मंत्री जीतू पटवारी की हरियाणा के पुलिस अधिकारियों से नोंकझोंक हो गई । पटवारी ने कहा की बिना महिला पुलिस के आप एक महिला विधायक को हाथ कैसे लगा सकते हों । फिर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी वहां पहुंच गए। मामला तूल पकड़ाने लगा।  बसपा विधायक राम बाई कांग्रेस के मंत्रियों के साथ वहां से चली गईं। सियासी ड्रामा देर रात चरम पर था । दिग्विजय सिंह ने पुरे घटनाक्रम बताया कि राम बाई कांग्रेस के नेताओं के साथ वापस आ गई हैं।  इस मामले में कमलनाथ भोपाल से दिल्ली में अहम् निर्णय लेंगे और सारे घटनाक्रम को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके साफ़ करेंगे 

Patrakar amitabh upadhyay

amitabh upadhyay 4 March 2020


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सीधी। कांग्रेस के वरिष्ठ एवं तेज तर्रार नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बाद अब कांग्रेस के एक और नेता ने अपनी ही सरकार के कामकाज पर पीड़ा जाहिर की है। उन्‍होंने कहा कि इस समय सरकार में ठीक नहीं चल रहा है।   जानकारी के अनुसार लगातार उपेक्षा के शिकार हो रहे कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता अजयसिंह का मीडिया के सामने दर्द आखिरकार छलक ही पड़ा। वे शुक्रवार को यहां आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने सीधी पहुंचे थे। अजय सिंह ने यहां मीडिया से कहा कि सरकार में इस समय कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उन्‍होंने कहा कि सीधी में विकास कार्य करना चाहते हैं, लेकिन सरकार में अब उनकी आवाज नहीं सुनी जा रही है।   गौरतलब है कि इसके पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया सरकार के कामकाज पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अतिथि शिक्षकों को भरोसा दिलाते हुए कहा था कि अगर वचनपत्र के वादे पूरे नहीं किए गए तो वह आपके साथ सड़कों पर उतरेंगे। ऐसे में अजयसिंह के भी उन्हीं के मार्ग पर चलने से सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती है। मुख्यमंत्री कमलनाथ शनिवार को दिल्ली में पहुंचे हैं, जहां पर वे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर उनका यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हो सकता है कि प्रदेश में नए कांग्रेस अध्‍यक्ष की नियुक्ति को लेकर हरी झण्‍डी आला कमान से मिल जाए। 

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Dakhal News 29 February 2020


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नरसिंहपुर/होशंगाबाद। मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर और होशंगाबाद जिले में स्थित माहेश्वरी ग्रुप की तीन शुगर मिल समेत अन्य ठिकानों पर गुरुवार को आयकर विभाग की अलग-अलग टीमों ने दबिश देकर छापामार कार्रवाई शुरू की गई। सभी जगह आयकर अधिकारी दस्तावेज खंगालने में जुटी है, जबकि गेट पर भारी पुलिसबल तैनात है, ताकि कोई अंदर से बाहर और बाहर से अंदर न आ-जा सके। फिलहाल कार्रवाई जारी है।  नरसिंहपुर जिले के ग्राम सालीचौका स्थित नर्मदा शुगर मिल में गुरुवार सुबह छह बजे सात गाडिय़ों में सवार होकर आयकर विभाग की टीम पहुंची और मिल के दफ्तरों में मौजूद कर्मचारियों को बाहर निकालकर अधिकारी दस्तावेज खंगालने में जुट गए। किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। इसके अलावा माहेश्वरी ग्रुप के होशंगाबाद जिले के बनखेड़ी स्थित रामदेव शुगर मिल, गौडिय़ा स्थित शक्ति शुगर मिल पर भी अगल-अलग टीमों ने गुरुवार को सुबह एक साथ दबिश दी। यहां भी आयकर अधिकारी दस्तावेज खंगालने में जुटे हैं। वहीं, पिपरिया में भी क्षेत्र के प्रसिद्ध उद्योगपति ठैनी वाले सेठ की सात मिलों और दफ्तरों पर गुरुवार को सुबह छह बजे आयकर विभाग की टीम ने दबिश देकर छापामार कार्रवाई की है। जय गिरराज राइस मिल खापरखेड़ा, राइस मिल शोभापुर, रामदेव शुगर मिल बनखेड़ी, शक्ति शुगर मिल कौडिय़ा सहित बैतूल और गुजरात बार्डर पर स्थित शुगर मिल, पिपरिया में श्रीजी एग्रो, श्रीनाथ ट्रेडर्स पर आयकर विभाग की कार्रवाई जारी है और यहां दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इनके खिलाफ टैक्स चोरी की शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।इस र्कारवाई में भोपाल आयकर विभाग के अधिकारियों के साथ स्थानीय अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। जानकारी मिलने के बाद मीडियाकर्मी भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने जानकारी लेनी चाहिए, लेकिन आयकर विभाग के अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते रहे और अपनी कार्रवाई को अंजाम देने में जुटे रहे।

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Dakhal News 27 February 2020


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भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार को मंत्रालय में नाबार्ड द्वारा आयोजित राज्य ऋण संगोष्ठी 2020-21 में स्टेट फोकस पेपर का विमोचन किया। इस अवसर पर सीएम कमलनाथ ने कहा कि राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश को देश की हार्टिकल्चर कैपीटल बनाने का संकल्प लिया है। उद्यानिकी क्षेत्र किसानों की समृद्धि के द्वार खोलने वाला क्षेत्र है। यह कृषि क्षेत्र का भविष्य है। नाबार्ड को हार्टिकल्चर क्षेत्र में ऋण देने का अनुमान 6 प्रतिशत से बढ़ाकर कम से कम 15 प्रतिशत तक रखना चाहिए। मध्यप्रदेश में बड़ी मात्रा में अनुपयोगी पड़ी राजस्व भूमि का उपयोग उद्यानिकी क्षेत्र के विस्तार में किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कृषि क्षेत्र में भी नई दृष्टि और नई सोच के साथ काम करने की आवश्यकता है। पूरा दृश्य बदल रहा है। पहले छोटे दानों जैसे कोदो-कुटकी, ज्वार-बाजरा पर ज्यादा ध्यान नहीं था। आज इन फसलों की प्राथमिकता है। पहले यह गरीबों की खाद्य सामग्री मानी जाती थी अब इनके पोषक तत्वों के कारण बढती मांग के चलते सर्वाधिक उपयोगी साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड के पास वर्षों का संचित अनुभव और बौद्धिक क्षमता है। इसका उपयोग भविष्य में निर्मित होने वाले परिदृश्य में उपयोगी होगा।   मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती युवाओं की बेरोजगारी है क्योंकि वे शहरों और गांवों के बीच भटक रहे हैं। युवाओं को नई तकनीक और तकनीकी कौशल से जोडऩा होगा। प्रदेश की कृषि को आधुनिक बनाना होगा। नाबार्ड को अब फसलों के निर्यात पर भी ध्यान देना होगा। कृषि क्षेत्र के भीतर उभरते बाजार पर भी पैनी नजर रखना होगी। नाबार्ड अपने विशेषता को सामान्य रूप से किए जाने वाले कार्यों में उपयोग न करे, खेती की नई तकनीकों पर ध्यान दें। वेयर हाऊस निर्माण और उपार्जन की अधोसंचानाओं के निर्माण पर भी ध्यान दे।    इस अवसर पर नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक एसके बंसल ने बताया कि नाबार्ड ने वर्ष 2020-21 के लिए एक लाख 98 हजार 786 करोड़ रुपए की ऋण की संभावना का आकलन किया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 13 प्रतिशत ज्यादा है। पिछले साल यह एक लाख 74 हजार 970 करोड़ थी। इस ऋण अनुमान में फसलीय ऋण पर 1,03,005 करोड़ रुपये और टर्म लोन पर 44 हजार 982 करोड़ रुपये ऋण अनुमान है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमियों के लिए लगभग 32 हजार एक करोड़ और प्राथमिकता क्षेत्र जैसे निर्यात ऋण, शिक्षा, आवास, नवकरणीय ऊर्जा और अन्य सामाजिक बुनियादी ढांचे पर 18 हजार 797 करोड़ रुपये ऋण देने का अनुमान है। बंसल ने विभिन्न शेत्रों में विकास की संभावना पर प्रकाश डालते हुए बैंकों का अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया।    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले किसान उत्पादक संगठनों को सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्य शासन और नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी एवं लीड बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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Dakhal News 27 February 2020


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इंदौर। मुख्यमंत्री कमलनाथ का बुधवार को इंदौर संभाग के धार जिले के विकासखण्ड मुख्यालय डही का एक दिवसीय भ्रमण डही क्षेत्र को अनेक सौगातें दे गया। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यहां 1 लाख 21 हजार 804.53 रुपए लागत के 40 विकास कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया।  मुख्यमंत्री ने डही उद्धवहन सिंचाई योजना का भूमिपूजन भी किया। उन्होंने कहा कि डही में बनने वाली यह उद्धवहन सिंचाई योजना आदिवासी नायक टंट्या भील के नाम से जानी जायेगी।   इस अवसर पर आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि आज इतनी बड़ी संख्या में आदिवासी जन यहां आए हैं यह बल देखकर बहुत खुशी हो रही है। अब हम सब मिलकर विकास का एक नया अध्याय लिखेंगे। कमलनाथ ने कहा कि आदिवासी समाज सहज, सरल और मेहनतकश हैं। लेकिन विगत 15 वर्षों में उन्हें छला गया है। हमारी सरकार प्रदेश में 15 वर्षों के बाद में बनी है। इन वर्षों में मध्यप्रदेश में किसानों और आम आदमी की दुर्गति हुई। लेकिन अब हमारी सरकार बिगड़ी हुई अर्थव्यवस्था को संवारने के लिए कृत संकल्पित हैं। हम ऐसी नीति बना रहे हैं जिससे किसानों की दशा सुधरे।    मुख्यमंत्री ने कहा कि वे एक लंबे समय से कुक्षी क्षेत्र में आना चाहते थे परंतु उनकी इच्छा थी कि वे ख़ाली हाथ नहीं आए । आज एक हज़ार करोड़ रुपये की इस सिंचाई योजना की सौग़ात लेकर वे आए हैं। उन्होंने कहा कि यह राशि क्षेत्र के लिए एक निवेश की तरह है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे क्षेत्र में सहायक आर्थिक गतिविधियां प्रारंभ होंगी। भले ही पानी बाद में आए, लेकिन इसके पूर्व ही क्षेत्र में रोज़गार के अवसर आ जाएंगे।   जिले की प्रभारी एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ ने कहा कि हम सब का सौभाग्य है कि कमलनाथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं। वे प्रदेश के विकास के लिए सदैव तत्पर और संकल्पित रहते हैं। क्षेत्रीय विधायक एवं नर्मदा घाटी विकास मंत्री सुरेन्द्र सिंह बघेल ने कहा कि विगत 15 वर्षों में डही क्षेत्र के विकास के लिए कुछ नहीं किया गया। आज मुख्यमंत्री कमलनाथ के कारण क्षेत्र को इतनी बड़ी सौग़ातें मिली हैं। कार्यक्रम में विधायक पांचीलाल मेड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।   मुख्यमंत्री ने डही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 1 लाख 12 हजार 782 रुपए की लागत की डही माईक्रो उद्वहन सिंचाई योजना का भूमिपूजन किया। इसके अलावा शासकीय महाविद्यालय कुक्षी में 100 सीटर बालक छात्रावास एवं बाउण्ड्रीवाल लागत 513.69 लाख रुपए सहित अन्‍य विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।

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Dakhal News 26 February 2020


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भोपाल। फिल्म अभिनेत्री तापसी पन्नू की आगामी हिंदी फिल्म 'थप्पड़ को मध्य प्रदेश सरकार ने टैक्स में छूट देने का ऐलान किया है। सरकार की घोषणा के बाद राज्य कर विभाग ने फिल्म को तीन महीने के लिए एसजीएसटी से छूट देने का आदेश जारी कर दिया है। सरकार के निर्णय और आदेश जारी होने के बाद राज्य कर विभाग ने सभी सिंगल स्क्रीन और मल्टीप्लेक्स को निर्देशित किया है कि फिल्म देखने आने वाले दर्शकों से टिकट पर एसजीएसटी (स्टेट जीएसटी) न वसूलें।    मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार सुबह ट्वीट कर फिल्म थप्पड़ को टैक्स फ्री किए जाने की जानकारी देते हुए लिखा ‘मध्यप्रदेश में 28 फरवरी से रिलीज होने वाली  हिंदी फिल्म " थप्पड़ " को जिसकी पटकथा एक सामाजिक संदेश पर आधारित है, को राज्य वस्तु एवं सेवा कर ( एसजीएसटी )की छूट प्रदान की जाती है। लिंग भेदभाव हिंसा पर आधारित इस फि़ल्म की पटकथा में एक महिला के बदलाव , बराबरी के हक़ व आत्म सम्मान के लिये किये संघर्ष को प्रमुखता से दिखाया गया है।   उल्लेखनीय है कि अनुभव सिन्हा की निर्देशन में बनी फिल्म थप्पड़ में घरेलू हिंसा का मुद्दा उठाया है। इससे पहले प्रदेश सरकार ने दीपिका पादुकोण अभिनित फिल्म छपाक और अक्षय कुमार की पैडमेन को भी मप्र में टैक्स फ्री किया था।

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Dakhal News 26 February 2020


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बैतूल। बैतूल जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में मंंगलवार शाम एक छात्रा ने खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली। घटना में छात्रा 95 प्रतिशत तक जल गई है। हालत गंभीर होने पर उसे देर रात नागपुर रैफर किया गया, जहां ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस पूछताछ में छात्रा ने तीन युवकों पर ज्यादती करने का आरोप लगाया था। पीडि़ता ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। जिसमें उसने एक नाम और मोबाइल नंबर लिखकर गुनाहगारों को न छोडऩे की बात लिखी है। जबकि पीडि़ता की मां ने 3 आरोपियों के नाम बताए हैं। गैंगरेप का मुख्य आरोपी संदीप हिसाने को पुलिस ने अमरावती से गिरफ्तार कर लिया है। वहीं महाराष्ट्र पुलिस ने दूसरे आरोपी नितेश नागले को भी पकड़ लिया है। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।   पुलिस से मिली जानकारी अनुसार कोतवाली थाने के चौकी गांव में रहने वाली 8वीं कक्षा में पढऩे वाली 14 वर्षीय एक नाबालिग छात्रा ने मंगलवार शाम 6 बजे खुद को केरोसिन डालकर आग लगा ली। घटना के वक्त उसकी दोनों बहनें छत पर थी और माता पिता किसी काम से बाहर गए थे। घर से धुंआ निकलता देख परिजन और आसपड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे तो वहां छात्रा को आग से झुलसते देखा। आग से छात्रा 95 प्रतिशत तक जल चुकी थी। लोगों ने किसी तरह आग बुझाई और छात्रा को लेकर रात 8 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। घटना की सूचना पाकर रात 9.30 बजे एसपी डीएस भदौरिया, एडिशनल एसपी श्रद्धा जोशी ने अस्पताल पहुंचकर छात्रा के बयान लिए। छात्रा की हालत गंभीर होने पर उसे रात 10 बजे नागपुर रैफर किया गया। नागपुर में ईलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई। पुलिस को घर से सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने तीन लडक़ों पर अपनी जिंदगी खराब करने और ऐसा कदम उठाने पर मजबूर करने का आरोप लगाया है।    बताया जा रहा है दुष्कर्म करने के बाद आरोपी लगातार उसके ऊपर दबाव बना रहे थे और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी नाबालिग को दे रहे थे। इसी दबाव से परेशान छात्रा ने ये कदम उठाया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। एक आरोपी अजय की तलाश जारी है।  

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Dakhal News 26 February 2020


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भोपाल। पूर्व केन्द्रीय मंत्री और दिग्गज भाजपा नेत्री उमा भारती मंगलवार दोपहर प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंची। यहां उन्होंने नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी। मुलाकात के दौरान उमा भारती ने मीडिया के सामने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को केसरिया तिलक लगाया और उनकी तारीफ करते हुए उन्हें कुशल संगठक बताया।    मीडिया से बातचीत करते हुए उमा भारती ने विष्णु दत्त शर्मा को अध्यक्ष बनने पर कहा कि वह कुशल संगठक रहे है। मध्य प्रदेश भाजपा को कुशल नेता मिला है। हाल ही में वे लोकसभा चुनाव में लगभग 5 लाख मतों से चुनाव जीते है। सभी गुण वीडी शर्मा में समाहित है। आगे उमा भारती ने कहा कि मैं वीडी शर्मा को लगभग 25 साल से जानती हूँ, वह मेरा छोटा भाई है। मेरे लिए वीडी शर्मा का प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनना खुशी बात है। वीडी शर्मा को केसरिया तिलक लगाए जाने पर उमा भारती ने कहा कि मंगलवार को असली शौर्य का प्रतीक केशरिया तिलक किया है। चंदन में घर से खिस कर लाई थी। मैं उन्हें शुभकामनाएं देती हूं कि पिछले साल जो सरकार चली गयी। गौरव हमारा चला गया वो फिर से प्राप्त होगा।   इस दौरान कमलनाथ सरकार पर हमला करते हुए उमा भारती ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी लेकिन कांग्रेस ने अपने किए वादे पूरे नही किये, जिससे लोग छला हुआ महसूस कर रहे है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ी हुई है। हम भले ही सरकार में नही है लेकिन हम यह सब बर्दाश्त नही करेंगे और सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर देंगे। 

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Dakhal News 25 February 2020


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भोपाल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मप्र की पूर्व संचालित छवि भारद्वाज द्वारा पुरुष नसबंदी का लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने संबंधी आदेश का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब ग्वालियर कलेक्टर अनुराग चौधरी निलंबित कर्मचारियों के संबंध में विवादित फरमान कर जारी कर दिया है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिये हैं कि निलंबित अधिकारियों-कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था अलग की जाए। इस निर्देश पर सवाल उठने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस मामले को संज्ञान में लिया है। दरअसल, कलेक्टर अनुराग चौधरी ने सोमवार को समय-सीमा प्रकरण की समीक्षा बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि कार्यालयों में निलंबित कर्मचारियों के बैठने के लिए स्थान तय किया जाए और वहां लिखा जाए कि यह स्थान निलंबित कर्मचारियों के बैठने के लिए है। ग्वालियर में सभी विभागों ने कलेक्टर के आदेश के परिपालन में एक सर्कूलर जारी कर दिया है। आमतौर पर प्र्रशासनिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनैतिक गतिविधियों में शामिल अधिकारी एवं कर्मचारियों को निलंबन जैसी सजा मिलती है, लेकिन सार्वजनिक तौर पर उन्हें अपमानित करने का कोई सरकारी नियम नहीं है। क्योंकि निलंबन के 99 फीसदी से ज्यादा मामलों में कर्मचारी बहाल हो जाते हैं। इस मामले में सामान्य प्रशासन विभाग के आला अधिकारी ने नहीं छापने की शर्त पर बताया कि ऐसा कोई नियम नहीं है। ग्वालियर जिला प्रशासन के फरमान पर मुख्यमंत्री सचिवालय ने भी संज्ञान लिया है।व्यवस्था सुधारने के लिए लिया फैसला: कलेक्टर    जब इस संबंध में मंगलवार को ग्वालियर कलेक्टर अनुराग चौधरी ने बात की गई तो उन्होंने बताया कि प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार लाने के लिए यह फैसला लिया है। किसी को अपमानित करने जैसी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों को निलंबित किया है, वे या तो लोकायुक्त में ट्रेप हुए हैं या लंबे समय से ड्यूटी से गायब हैं या फिर वित्तीय अनियमितता में घिरे हैं। जो अच्छा काम कर रहे हैं उन्हें प्रोत्साहित भी किया जाता है। जिन कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, उन्हें निलंबन अवधि में आधा वेतन मिलता है। उन्हें मुख्यालय में अटैच किया जाता है। वे निलंबन अवधि में भी मुख्यालय से गायब रहते हैं। जनता के टैक्स से वेतन मिलता है। जनता के प्रति सभी की जवाबदारी है। बिना काम के वेतन क्यों दिया जाए। इसलिए सभी विभागों को ऐसे निर्देश गए हैं।इस मामले में आरटीआई संयोजक अजय दुबे ने ग्वालियर कलेक्टर के फरमान का स्वागत किया है। उनका कहना है कि ग्वालियर में जिस तरह निलंबित कर्मचारियों को बैठाने की व्यवस्था है। क्या उसी तरह मंत्रालय में आईएएस, आईपीएस और आईएफएस को बैठाने की व्यवस्था की जाएगी। 

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Dakhal News 25 February 2020


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भोपाल । मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म है। इसके जरिए हम जरूरतमंद लोगों की मदद करके अपने धर्म और धर्म द्वारा दिए गए संदेश का पालन करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश और हमारी संस्कृति इसलिए महान है क्योंकि इसमें एक-दूसरे के प्रति आदर और सम्मान की भावना के साथ ही एकजुट होकर रहने की विशेषता है। उक्‍त बातें मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को ताजुल मसाजिद के समीप मध्यप्रदेश मसाजिद कमेटी के नए भवन का लोकार्पण करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।    कमलनाथ ने इस मौके पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आरिफ अकील द्वारा इमाम के वेतन को 2200 से बढ़ाकर 5000 एवं मोईज्जनों के वेतन को 1900 से बढा़कर 4500 रूपये करने के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हम अपने देश की महान संस्कृति के मूल, सभ्यता और विविधता को युवा पीढ़ी तक पहुंचाएं और वे इसे आत्मसात करें, जिससे हमारा देश सदैव सुरक्षित और एकजुट रह सके। कमलनाथ ने कहा कि बुजुर्गों का यह दायित्व है कि वे भावी पीढ़ी को सही दिशा और दृष्टि प्रदान करें।   भोपाल जिले के प्रभारी सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि मसाजिद कमेटी सेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय संस्था है, जो समाज के गरीब वर्गों को मदद और संबल प्रदान करती है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आरिफ अकील ने कहा कि मसाजिद कमेटी का नए भवन बनने से लोगों की मदद करने के काम को व्यवस्थित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मसाजिद कमेटी द्वारा जरूरतमंद बालिकाओं को दी जाने वाली छात्रवृत्ति का वितरण किया।  

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Dakhal News 25 February 2020


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इंदौर । प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम  सिलावट ने रविवार को सांवेर को संवारने की मुहिम की अगुवाई की। इस दौरान उन्‍होंने जहां सड़क झाडू लगाया, तो वहीं नालियों में उतरकर मलबा निकाला। यहीं नहीं स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने बंद पड़े चैंबरों के ढक्कन खुलवाकर सफ़ाई भी की। इसके पूर्व  सिलावट ने अजनोद चौराहे पर नागरिकों को संबोधित किया और सांवेर को स्वस्थ, शिक्षित और स्वच्छ बनाने के लिए नागरिकों से समर्पण मांगते हुए संकल्प भी दिलाया।    मंत्री सिलावट ने इस अवसर पर कहा कि सांवेर को जनसुविधाओं की दृष्टि से एक आदर्श शहर बनाने में के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। उन्‍होंने कहा कि 80 के दशक में जब उन्‍होंने “नर्मदा मैया सांवेर चलो’’ कह कर आंदोलन किया था, तब उनकी बातों पर किसी को विश्वास नहीं था। पर आज यह योजना आकार लेने लगी है। जल्द ही सांवेर में हर घर में माँ नर्मदा का जल आएगा। उन्होंने कहा कि सांवेर की आंतरिक सड़कों के निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है। सांवेर क्षेत्र के विभिन्न अस्पतालों का कायाकल्प किया जा रहा है।     सिलावट ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे आज से प्लास्टिक का उपयोग नहीं करें।  उन्‍होंने कहा कि कोई भी बड़ा कार्य नागरिकों के सहयोग के बिना पूरा नहीं होगा। इस स्वच्छता अभियान में हम सब अपने-अपने स्तर से सहयोग करें, तभी हम अपने हम अपने उद्देश्य में सफल होंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में नागरिक और क्षेत्रीय जन प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।   सिलावट ने कपड़े की थैलियां घर-घर जाकर बांटने की शुरुआत भी की। एसडीएम सांवेर रवीश श्रीवास्तव ने बताया कि आज शहर में 15 वार्डों का चयन कर विभिन्न शासकीय विभागों की सहभागिता से दलों का गठन किया गया था और सभी ने मिलकर नगर की सफ़ाई की। मंत्री सिलावट में अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक भी ली और क्षेत्र के अस्पतालों के उन्नयन तथा चिकित्सा सुविधाओं में बढ़ोतरी की समीक्षा की।

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Dakhal News 23 February 2020


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भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्यप्रदेश को केंद्र से मिलने वाली राशि में 14 हजार 500 करोड़ रुपये की कटौती के संबंध में जो बयान दिया है, वो पूरी तरह राजनीतिक है। उसका वास्तविकता से कुछ भी लेना-देना नहीं है। वास्तव में प्रदेश सरकार केंद्र की योजनाओं के पैसे का न तो उपयोग कर रही है, न ही उपयोगिता प्रमाण पत्र दे रही है। केंद्र की कोई भी योजना हो, उसका पैसा ऑन डिमांड उपलब्ध है, लेकिन कमलनाथ सरकार योजनाओं का काम ही आगे नहीं बढ़ा रही है। यह बातें पूर्व केन्द्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने रविवार को भोपाल में मीडिया से बातचीत में कही। पूर्व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने रविवार को भाजपा की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में शामिल होने के लिए भोपाल पहुंचे थे। उन्होंने यहां भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि केंद्र सरकार हर कदम पर मध्यप्रदेश के लोगों के साथ खड़ी है और मौजूदा बजट में भी प्रदेश के किसानों के लिये, सिंचाई सुविधाओं के लिये, नेशनल हाइवे और एयरपोर्ट के विकास के लिये अनेकों प्रावधान किये गए हैं।मोदी सरकार ने प्रस्तुत किया जन-जन का बजटजयंत सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने जो बजट प्रस्तुत किया है, वह प्रशंसनीय है। इस बजट में देश के, समाज के हर वर्ग को लाभ मिल रहा है, इसलिए यह जन-जन का बजट है। समाज के गरीब तबके को पक्का घर देने के बाद केंद्र सरकार ने अब हर नल में जल पहुंचाने की व्यवस्था की है, तो गृहिणियों को महंगाई से राहत देने, कुकिंग गैस उपलब्ध कराने और उनके खाते खोलने की व्यवस्था की गई है। उद्योगपतियों को कार्पोरेट टैक्स का फायदा है, तो मध्यम वर्ग को आयकर में राहत मिली है। युवाओं के लिये स्वरोजगार और स्किल डेवलपमेंट के प्रावधान हैं, तो इस बजट के माध्यम से निवेशकों की भी मदद की गई है। उन्होंने कहा कि इस बजट में हर वर्ग के लिये योजनाएं हैं और भाजपा का प्रयास है कि इन योजनाओं की जानकारी समाज के हर वर्ग तक पहुंचाई जाए। इसी के संबंध में पार्टी की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला हुई है।अर्थव्यवस्था के विकास का रोड मैप है बजटपूर्व वित्त राज्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य तय किया है और हम उसी तरफ बढ़ रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट इसी लक्ष्य को हासिल करने का पॉलिसी रोड मैप है। बजट 2020-21 में उपभोग, निवेश और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन दिया गया है। इसका लाभ तो सभी को मिलेगा ही, यह अर्थव्यवस्था के विकास और विस्तार को भी गति देगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने अर्थव्यवस्था के विकास को गति देने के लिये बजट में जो प्रावधान किए हैं, उससे हमारी विकास दर तेजी से बढ़ेगी और जल्द ही उसके 7.5 प्रतिशत पर पहुंच जाने की आशा है। हमारी केंद्र सरकार ने राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में रखने के सफल उपाय किए हैं।

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Dakhal News 23 February 2020


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देवास। देवास शहर के कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत शहर के दुर्गा नगर इलाके में रविवार को सीवरेज के लिए खोदे गए एक गहरे गड्ढे में पाइप डालने के दौरान ऊपर से मिट्टी गिर गई, जिसमें तीन मजदूर दब गए। एक मजदूर तो सुरक्षित निकल आया, लेकिन दो अंदर ही फंस गए। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं, मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, शहर के दुर्गा नगर इलाके में रविवार को सुबह सीवरेज के गड्ढे में पाइप डालते समय ऊपर से मिट्टी धंसककर गड्ढे में जा गिरी, जिससे वहां काम कर रहे तीन मजदूर दब गए। उनमें से एक मजदूर को तुरंत सुरक्षित बाहर आ गया, जबकि दो मजदूर पाइप के अंदर होने की वजह से मिट्टी में दब गए। दोनों करीब डेढ़ घंटे मिट्टी में दबे रहे। अन्य मजदूरों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला, तब तक एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किया गया है। मृतक की पहचान विनोद पुत्र मेहताब निवासी अंबापानी जिला धार के रूप में हुई है, जबकि 17 वर्षीय मनीष पुत्र दिनेश गंभीर रूप से घायल है  और अरविंद (17) सुरक्षित बाहर निकल आया था।मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगदीश डावर का कहना है कि सीवरेज का काम करने वाली कंपनी ठेकेदार के माध्यम से काम कर रही है और यहां काम करने वाले सभी मजदूर धार और झाबुआ जिले के रहने वाले हैं। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर प्रकरण दर्ज किया जाएगा। 

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Dakhal News 23 February 2020


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भोपाल। मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि वन सम्पदा, मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी सम्पदा है। मध्यप्रदेश को अपनी वन सम्पदा पर गर्व है। इसे संरक्षित और सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी वनों से जुडे लोगों और वन विभाग के प्रत्येक सदस्य की है। कमलनाथ ने कहा कि वन से जुड़े लोगों और राज्य के हित के बीच तनाव और टकराहट से बचते हुए वन संरक्षण को आगे जारी रखना होगा। उक्‍त बातें मुख्यमंत्री ने शनिवार को राजधानी भोपाल के आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में वानिकी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।   कमलनाथ ने कहा कि बिगड़े वनों को हरा-भरा बनाना, आज सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि वनों का भारतीय संस्कृति से गहरा जुड़ाव है। वनों से सभी प्राणियों का भविष्य जुड़ा है। इसलिये वनों को संरक्षित और सुरक्षित रखते हुए इनका बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।   वन संरक्षण अधिनियम के उद्देश्यों को आत्मसात करें वनकर्मी मुख्यमंत्री ने कहा कि वन अधिकारियों और मैदानी अधिकारियों के सक्रिय सहयोग से ही वन संरक्षण संभव है। उन्होंने कहा कि वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी वन संरक्षण अधिनियम के उद्देश्यों को आत्मसात करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब 1980 में वन संरक्षण अधिनियम बना था, तब की परिस्थितियों और वर्तमान परिस्थितियों में जमीन-आसमान का अंतर है। उन्होंने कहा कि तब लोगों की अपेक्षाएं और आशाएं कम थीं। राष्ट्रीय उद्यान बनाना आसान था।   मध्यप्रदेश की जैव विविधता अत्यंत समृद्ध कमलनाथ ने कहा‍ कि अब प्राथमिकताएं बदल रही हैं। उन्होंने बांस और छोटे अनाज का उदाहरण देते हुए बताया कि अब ये आर्थिक महत्व की फसल बन रही है। इसके लिये वन विभाग को सहयोगी की भूमिका निभानी होगी। बिगड़े वन क्षेत्रों में सुधार लाने के सभी उपाय अपनाने होंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की जैव विविधता अत्यंत समृद्ध है। इस पर कई अनुसंधान भी हो रहे हैं। अब दुनिया तेजी से रसायन आधारित फार्मास्युटिकल दवाओं से रसायन-मुक्त फार्मास्युटिकल दवा निर्माण की तरफ बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वनोपज भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सम्पदा है। वन विभाग को इन सब आधारों पर अपनी सोच-समझ बढ़ाते हुए आगे बढ़ना होगा। कमल नाथ ने कहा कि वन विभाग को अब एक दिशा में काम न करते हुए समान उद्देश्य के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाना चाहिये।   मुख्यमंत्री नाथ को वानिकी सम्मेलन में रूद्राक्ष का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। उन्‍होंने वनांचल संदेश, कैम्पिंग डेस्टिनेशन और वाईल्डलाईफ डेस्टिनेशन पुस्तकों का विमोचन किया। इस मौके पर वन मंत्री उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री को स्मृति-चिन्ह भेंट किया। वन मंत्री ने संयुक्त वन प्रबंधन समितियों की भूमिका और वन संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों की चर्चा की। इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. यू. प्रकाशम ने वानिकी सम्मेलन के उद्देश्यों और प्रदेश में वनों की स्थिति की जानकारी दी। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन ए.पी. श्रीवास्तव और वरिष्ठ वन अधिकारी उपस्थित रहे।

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Dakhal News 22 February 2020


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भोपाल। मध्य प्रदेश में तबादलों का दौर जारी है। राज्य शासन ने शुक्रवार देर रात आईएएस अधिकारियों के तबादलों की सूची जारी की है। कुछ माह पहले होशंगाबाद में एसडीएम के साथ रेत विवाद के बाद हटाए गए शीलेंद्र सिंह को फिर से कलेक्टर बनाते हुए छतरपुर भेजा गया है।   राज्य शासन ने शुक्रवार देर रात अवकाश के दिन 14 आईएएस अफसरों का तबादला कर दिया। सरकार ने सतना, बैतूल और छतरपुर के कलेक्टरों को हटा दिया है। राज्य शासन द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार दीपाली रस्तोगी को प्रमुख सचिव म.प्र शासन, जनजातीय कार्य एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, शिव शेखर शुक्ला को प्रमुख सचिव म.प्र शासन, खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग, डी.पी.आहूजा को प्रमुख सचिव म.प्र शासन, पशुपालन विभाग, उमाकांत उमराव को प्रमुख सचिव म.प्र, सहकारिता विभाग और सुखवीर सिंह को आयुक्त-सह-संचालक, वित्त विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। नगरीय विकास और जनसंपर्क आयुक्त पी. नरहरि को मप्र माध्यम का भी एमडी बनाया गया है। संजय शुक्ला को पीएचई के साथ चिकित्सा शिक्षा भी सौंपी गई है।    वहीं पुरुष नसबंदी का आदेश देने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की डायरेक्टर व आईएएस छवि भारद्वाज को भी पद से हटाते हुए मंत्रालय में ओएसडी पदस्थ कर दिया। जबकि स्थानीय नेताओं के साथ विवाद और कांग्रेसी विधायकों के विरोध के बाद मोहित बुंदस से भी जिला लेकर उन्हें शासन में उप सचिव बना दिया गया है। बैतूल कलेक्टर तेजस्वी एस नायक को मंत्री सुखदेव पांसे के साथ पटरी नहीं बैठना नुकसान पहुंचा गया। उन्हें भी शासन ने मंत्रालय में उप सचिव पदस्थ किया है। एसीएस इकबाल सिंह बैंस से उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण लेकर उमाकांत उमराव को दिया गया है। इकबाल के पास अब  सिर्फ राजस्व मंडल अध्यक्ष का ही प्रभार रहेगा।  

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Dakhal News 22 February 2020


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भोपाल । मध्‍यप्रदेश में कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए सार्थक एप को सभी जिलों में लागू किया जाना है, अभी प्रयोग के तौर पर टीकमगढ़ जिले में इसकी अनिवार्यता की गई है। लेकिन पिछले वर्ष जब से इसके राज्‍य में लागू किए जाने की चर्चा शुरू हुई है तभी से सभी जिलों में कर्मचारी संगठन  इसका लगातार विरोध कर रहे हैं । अब, इसे लेकर ''मैदानी कर्मचारी संघ'' खुलकर सामने आया है, इसके पहले प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मध्यप्रदेश सचिव संगठन इसका विरोध कर चुके हैं।    ''मैदानी कर्मचारी संघ'' के पदाधिकारी सचिव विक्रम सिंह बुंदेला ने शनिवार कहा कि कर्मचारियों का कार्य क्षेत्र मैदानी होने के कारण एक निश्चित स्थान पर उपस्थित होकर प्रतिदिन उपस्थिति दर्ज कराना संभव नहीं है। लेकिन शासन अपने आदेश पर अड़ा हुआ है। उन्‍होंने कहा कि कर्मचारियों का कार्य क्षेत्र 10 से 15 किलोमीटर या इससे अधिक दूरी तक फैला हुआ है। यदि हम सभी लोग रोज उपस्‍थ‍िति के फेर में ही पड़े रहें तो सीधे तौर पर शासन का ही कार्य प्रभावित होगा। कर्मचारियों द्वारा संपादित किए जाने वाले कार्य एक निश्चित स्थान पर न बैठकर फील्ड में होता है।, यह बात शासन को समझना चाहिए।     वहीं, एक अन्‍य कर्मचारी पदाधिकारी ओम प्रकाश पांडे ने कहा कि सभी शासकीय कार्य एक निश्चित समय सीमा में करने होते हैं।मैदानी कर्मचारियों को सार्थक एप पर नियत मुख्यालय पर जाकर केवल उपस्थिति दर्ज कराने की भाग दौड़ में समय की बर्वादी होगी और शासकीय कार्य में विलंब होगा। वर्तमान में कुछ वरिष्ठ कर्मचारी जो रिटायर्डमेंट के करीब है। उनसे एंड्राइड मोबाइल का संचालन ही नहीं होता और उनके लिए इस एप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराना संभव नहीं हो पा रहा है, जिसके चलते इन सभी कर्मचारियों द्वारा कार्य करने के बाद भी उनका वेतन काटा जा रहा है।  उन्‍होंने बताया कि  वाणिज्य कर मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर को सभी मैदानी कर्मचारी संघ जिला द्वारा एक ज्ञापन सौंपकर मांग की गई, कि मप्र शासन के कैबिनेट वाणिज्यकर मंत्री से सार्थक एप अनिवार्यता खत्म करने की गुहार हमारे संगठन द्वारा लगाई गई है।    इनके अलावा मुन्ना लाल राय कर्मचारी पदाधिकारी का कहना है कि सार्थक एप के द्वारा जीपीएस की माध्यम से सभी मैदानी कर्मचारियों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी, जिसे कहीं से भी सही नहीं ठहराया जा सकता है । उन्‍होंने कहा कि सार्थक एप मप्र के किसी भी जिले में लागू नहीं होकर सिर्फ टीकमगढ़ जिले में ही लागू करते हुए यहां के मैदानी कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा  है। ऐसे में यह जरूरी है कि सभी मैदानी कर्मचारियों की सार्थक एप के माध्यम से उपस्थिति की अनिवार्यता समाप्त किए जाए।    उल्‍लेखनीय है कि इससे पहले मध्यप्रदेश सचिव संगठन जिला इकाई के अंतर्गत सभी विकासखंडों के सचिव और रोजगार सहायक सचिवों ने सार्थक एप में उपस्थिति दर्ज कराने के दौरान होने वाली समस्याओं के बारे में बताते हुए इसे लागू न करने की मांग की है। सचिवों का कहना है कि अगर एप लागू किया जाता है तो सभी लोगे इसके विरोध में उग्र आंदोलन करेंगे। साथ ही इसी तरह से इस ऐप के विरोध में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपनी 6 सूत्रीय मांगे शासन के सामने रख चुके हैं। यहां कार्यकर्ताओं  ने कहा कि सार्थक एप में कर्मचारियों को दिन में 2 बार मोबाइल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करनी है। अगर कोई कर्मचारी अचानक किसी काम से चला गया है तो उसे दोबारा मोबाइल पर पंच करना काफी मुश्किल होगा। इसके अलावा कई ऐसे गांव हैं जहां नेटवर्क ही नहीं मिलता, वहां कर्मचारी कैसे अपनी उपस्थिति मोबाइल पर देगा। पहले ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का समय पर मानदेय और भवन भाड़ा और अन्य सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। ऊपर से यह सार्थक एप के जरिए उपस्‍थ‍िति की अनिवार्यता की जा रही है जोकि कहीं से भी सही नहीं है। 

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Dakhal News 22 February 2020


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नरसिंहपुर। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट को लेकर ज्योतिष एवं द्वारका-शारदापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने सवाल उठाये हैं। उन्होंने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ट्रस्ट के गठन में राम मंदिर की लड़ाई लडऩे वालों की अनदेखी की गई है। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने शुक्रवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर जिले के झोतेश्वर मंदिर में पूजन-अर्चन के बाद मणिदीप आश्रम में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान पत्रकारों द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए पांच सौ वर्षों से लड़ाई लड़ी जा रही है। जो लोग इस लड़ाई में शामिल रहे, उनकी अनदेखी कर ट्रस्ट का गठन किया गया है। राम मंदिर के लिए अदालत में इस लड़ाई लडऩे वाले कानून के जानकरों को भी ट्रस्ट में शामिल नहीं किया। यहां तक हिन्दू समाज के प्रतिनिधियों, शंकराचार्यों और धर्माचार्यों को भी इससे दूर रखा गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इशारों पर काम कर रही है। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट में गठन में साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि इसमें संघ से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के अध्यक्ष नित्य गोपाल पर आपराधिक प्रकरण चल रहे हैं, ढांचा गिराने में उनकी प्रमुख भूमिका थी। वहीं, जिन्होंने कार सेवकों पर गोली बरसाने का कार्य किया था, उनको भी ट्रस्ट में शामिल कर केंद्र सरकार ने पुरस्कृत किया गया है। उन्होंने बताया कि मार्च के प्रथम सप्ताह में झोतेश्वर में विराट साधु-संत समागम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देशभर के साधु-संत और हिन्दू समाज के लोग शामिल होंगे। इस दौरान राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

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Dakhal News 21 February 2020


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जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित गन कैरिज फैक्ट्री में भारतीय सेना के लिए तैयार की गई 155 एमएम 45 कैलिबर धनुष तोप का शुक्रवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर वरिष्ठ सेन्य अधिकारियों की उपस्थिति में खमरिया स्थित लॉन्ग प्रूफ रेंज में परीक्षण किया गया, जो कि सफल रहा। जबलपुर में पहली बार धनुष तोप का परीक्षण हुआ, जबकि इससे पहले गत 21 जनवरी को गन कैरिज फैक्ट्री में तैयार की गई सारंग तोप का भी यहां सफल परीक्षण किया जा चुका है।  बता दें के जबलपुर के खमरिया स्थित गन कैरेज फैक्ट्री में भारतीय सेना के लिए आयुध सामग्री का निर्माण होता है। यहां सारंग और धनुष तोप का निर्माण किया गया है। सारंग तोप का गत दिनों सफल परीक्षण होने के बाद शुक्रवार को खमरिया के लॉन्ग प्रूफ रेंज में दिल्ली से डॉयरेक्टर जनरल ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस लेफ्टिनेंट जनरल संजय चौहान की मौजूदगी में पहली बार धनुष तोप का परीक्षण किया गया। यह परीक्षण सुबह 10 बजे शुरू हुआ था। इस दौरान अलग-अलग एंगल से धनुष तोप से फायरिंग की गई। इसी दौरान सारंग तोप का भी पुन: परीक्षण किया गया। इस मौके पर ऑडनेंस फैक्ट्री खमरिया, व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर और गन कैरिज फैक्ट्री के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि धनुष तोप भारतीय सेना के बेड़े में शामिल हो चुकी है। पिछले साल ही छह तोप सेना को सौंपी गई थीं, जिनका राजस्थान के पोखरण और उड़ीसा के बालासोर में परीक्षण किया गया था। अब जबलपुर में भी इन तोपों का सफलतापूर्वक परीक्षण संपन्न हुआ। मौके पर मौजूद सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, धनुष और सारंग तोप करीब 40 किलोमीटर तक निशाना साध सकती हैं। इन तोपों से सेना को ताकत मिलेगी।

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Dakhal News 21 February 2020


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छिंदवाड़ा। प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शुक्रवार को सुबह अपने गृह जिले छिन्दवाड़ा के पातालेश्वर धाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेश व जिले की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर जिले के सांसद नकुल नाथ, प्रदेश लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पांसे, पूर्व मंत्री  दीपक सक्सेना, राज्य अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष गंगा प्रसाद तिवारी, आनंद बक्शी, अतिरिक्त कलेक्टर राजेश शाही, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशांक गर्ग सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी, पत्रकार, पातालेश्वर धाम प्रबंधन समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रृद्धालु मौजूद थे।

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Dakhal News 21 February 2020


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ग्वालियर। भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि पूरे देश में सीएए, एनपीआर और एनआरसी का विरोध हो रहा है। सरकार नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) की मदद से धर्म के नाम पर बंटवारा कर रही है.। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह सभी को एक सामान अधिकार दें । लोकतंत्र में सभी को बराबरी का हक मिलना चाहिए।    माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने यह बातें गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए कही। इस दौरान उन्‍होंने केंद्र की मोदी सरकार और समुची भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि‍ केन्द्र सरकार ने सीएए कानून बनाकर देश को अस्थिरता में झोंककर ध्रुवीकरण करके सांप्रदायिक राजनीति शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हुआ कि देश में नागरिकता को धर्म से जोड़ा गया है। सच पूछिए तो केंद्र सरकार संविधान के खिलाफ काम कर रही है।  सरकार का यह कानून भारत के संविधान के खिलाफ है।     जब उनसे विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रश्‍न पूछा गया तो उनका जवाब था कि लोकतांत्रिक देश में हमें सरकार के द्वारा बनाए जा रहे कानून या लिए जाने वाले फैसलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। सरकार हमें ऐसा करने से नहीं रोक सकती है। माकपा महासचिव का कहना था कि  सीएए आगे चलकर एनपीआर और एनआरसी में बदलेगा और ये तीनों आपस में जुड़े हुए हैं। यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि एनपीआर केवल जनगणना जैसा है। यूपीए सरकार के समय एनपीआर का प्रोजेक्ट फेल हो गया था। यही कारण है कि देश के 13 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसका विरोध किया है।   पत्रकार वार्ता में उनके साथ जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व नेता शरद यादव एवं कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता एवं मप्र के पूर्व सीएम दिग्‍विजय सिंह भी मौजूद रहे। यहां शरद यादव ने कहा कि देश के सामने बेरोजगारी, आर्थिक मंदी जैसे मुद्दे हैं। नोटबंदी, जीएसटी से वैसे ही लोगों की कमर टूट गई है और केंद्र की मोदी सरकार है कि सीएए जैसे कानून बनाकर संविधान के विपरीत काम कर रही है। देश को इस वक्‍त सीएए, एनपीआर और एनआरसी नहीं विकास चाहिए।    वहीं, दिग्विजय सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार शुरू से ही नागरिकता संशोधन कानून, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर  और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर  खिलाफ है। केंद्रीय स्‍तर पर भी पहले दिन से कांग्रेस वर्किंग कमेटी सीएए, एनपीआर और एनआरसी को लेकर देशव्यापी विरोध कर रही है और हमारा यह विरोध जब तक जारी रहेगा तब तक कि केंद्र की मोदी सरकार इसे वापिस नहीं ले लेती है। सच तो यह है कि मोदीजी देश की बिगड़ती अर्थव्‍यवस्‍था और बेरोजगारी से ध्‍यान भटकानें के लिए यह सब कर रही है।    दरअसल, ये सभी नेता सीएए के विरोध में सीपीआई (एम) के द्वारा आयोजित रैली में हिस्सा लेने ग्‍वालियर आए हुए थे। इस दौरान  पत्रकारों से बातचीत में उन्‍होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदीजी के नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लाने के कारण से पूरे देश की 130 करोड़ की जनसंख्या प्रभावित हुई है केंद्र की सरकार देश का माहौल खराब करने में लगी है। इस दौरान उन्‍होंने  राम मंदिर निर्माण का ट्रस्ट को लेकर भी मोदी सरकार पर आरोप लगाए। दिग्‍गी का मानना है कि सरकार ने सही तरीके से इसे नहीं बनाया। इसमें रामाश्रय संप्रदाय और अखाड़ा परिषद के संतों को शामिल नहीं किया गया है।   

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Dakhal News 20 February 2020


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शिवपुरी। मप्र कांग्रेस में कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच चल रही खेेमेबाजी अब सड़कों पर आ गई है। इस खेमेबाजी के बीच अब नेताओं का पोस्टर वॉर भी शुरू हो गया है। शिवपुरी में तो ज्योतिरादित्य सिंधिया के एक समर्थक शहर कांग्रेस अध्यक्ष शैलेंद्र टेडिया ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को निशाने पर रखते हुए एक पोस्टर लगवा दिया है, जिसमें सीएम कमलनाथ पर निशाना साधा गया है।    इस पोस्टर में लिख गया है कि एक पद एक सिद्धांत का फार्मूला क्यों याद नहीं आ रहा मप्र सरकार को। इस पोस्टर में कमलनाथ और ज्योतिरादित्य की राहुल गांधी के साथ फोटो लगाई है और अप्रत्यक्ष तौर पर मुख्यमंत्री को निशाने पर रखते हुए लिखा गया है कि मुख्यमंत्री इस छाया चित्र की मर्यादा को भूल गए हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया से जो कहा गया है उस पर पुन: विचार करना चाहिए। लोकतंत्र में अपनी बात रखने पर पार्टी मजबूत होती है। एक पद पर एक ही व्यक्ति का फार्मूला क्यों याद नहीं आ रहा मप्र सरकार को।    शिवपुरी के मुख्य चौराहे पर लगाया गया यह पोस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया के खास समर्थक शहर कांग्रेस अध्यक्ष शैलेंद्र टेडिया ने लगवाया है और इसमें उनकी भी फोटो है। शिवपुरी में सिंधिया समर्थकों की पोस्टर वॉर की राजनीति के बाद अब मप्र में कांग्रेस की आपसी कलह सड़कों पर आ गई है। जब इस मामले में स्थानीय सिंधिया समर्थक नेताओं से बात की तो उन्होंने कहा कि हमाने नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विधानसभा में जो वचन पत्र का वादा किया था उसे याद दिलाया है।    मप्र कांग्रेस के प्रदेश सचिव विजय शर्मा ने कहा कि हमारे नेता ज्योतिरादित्य जनता से किया वचन पत्र सरकार को याद दिला रहे हैं और हम अपने महाराज के साथ हैं। शिवपुरी कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा कि विधानसभा चुनाव में ग्वालियर संभाग में सबसे ज्यादा सीट हमारे नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की बदौलत जीती। जनता से जो वादे किए उन्हें तो पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि हम हमारे नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ हैं। 

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Dakhal News 20 February 2020


bhopal, BSP MLA, refute allegations , claim defamation, Minister Govind Singh

भोपाल। सहकारिता मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह ने कहा है कि 'पथरिया से बसपा विधायक रामबाई ने मेरे विरूद्ध जो बयान दिया है, वह पूर्ण रूप से असत्य, तथ्यहीन एवं अमर्यादित है। उन्होंने कहा है कि या तो वे अपने इस बयान का खंडन करें, अन्यथा मैं उनके विरूद्ध मानहानि का प्रकरण दर्ज कराऊंगा।'' उन्होंने यह बातें गुरुवार को मीडिया से बातचीत में बसपा विधायक रामबाई के बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कही।  दरअसल, प्रदेश के दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से बसपा विधायक रामबाई ने बुधवार को भोपाल में सहकारी बैंक कम्प्यूटर ऑपरेटर संविदा महासंघ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि सरकार मुख्यमंत्री की मंशा के विपरीत काम कर रही है। युवाओं को रोजगार देने की जगह उनका रोजगार छीना जा रहा है, जबकि वचन पत्र में बेरोजगारों को रोजगार भत्ता देने और संविदा कर्मियों को नियमित करने का वचन दिया गया था, लेकिन अब उन्हें नौकरी से बाहर किया जा रहा है। समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर इस सरकार में चल क्या रहा है? उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं है। कांग्रेस की सरकार होती तो भाजपा से भी गई-गुजरी होती। वो तो कमलनाथ जी हैं तो ठीक है। इसके बाद भी अधिकारी भोपाल बैठकर धंधा-बिजनेस चला रहे हैं। सरकार में पूरे अधिकारी भाजपा शासन के बैठे हैं, जो मंत्रियों का दिमाग घुमा रहे हैं। अब यह लोगों को बाहर करेंगे और दूसरों से ले-देकर उन्हें अंदर करेंगे। नौजवानों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने यहां तक कह दिया था कि सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई मर रहा है या जी रहा है। सब मर जाएं तो भी उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। सरकार का बस नहीं चलता, नहीं तो वह चीन जैसी महामारी फैला दे।इस दौरान उन्होंने सहकारिता मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह पर भी जमकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि सहकारिता विभाग से संविदा कर्मियों को बाहर कर दिया गया है। मंत्री डॉ. गोविंद सिंह को समझना चाहिए कि बाहर निकाले कर्मियों को क्या होगा। समझ में नहीं आ रहा है कि यह मंत्री कर क्या रहे हैं? भोपाल में बैठकर बिजनेस चला रहे हैं। जो देता है उसे बुला लेते हैं और जो नहीं देता, उसे बाहर कर देते हैं। विधायक रामबाई के बयान को लेकर सहकारिता मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह गुरुवार को मीडिया से बातचीत में उन्हें मानहानि का परिवाद दायर करने चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि रामबाई अपने बयान का खंडन करें। वहीं, मंत्री गोविन्द सिंह की चेतावनी का जवाब बसपा विधायक रामबाई ने भी दिया है। उन्होंने गुरुवार को मीडिया जब इस संबंध में उनसे बातचीत की तो उन्होंने कहा कि मैं हमेशा सही बोलती हूं। दादा (डॉ. गोविन्द सिंह) को अगर उनके खिलाफ केस दर्ज कराना चाहें तो करा दें। मैं स्वयं उन्हें फोन करके केस दर्ज कराने के लिए कहूँगी।

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Dakhal News 20 February 2020


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छिन्दवाड़ा। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिला मुख्यालय स्थित पुलिस ग्राउंड पर सीएम कमनलाथ के मुख्य आतिथ्य में गुरुवार को विशाल सामूहिक विवाह सम्मेलन हुआ, जिसमें एक साथ तीन हजार 353 जोड़ों को विवाह कराया गया। यह विवाह सम्मेलन गोल्डन बुक ऑफ विश्व रिकार्ड में दर्ज हो गया। इसके पूर्व सिंगरोली जिले में 2 हजार 290 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ था।  सीएम कमलनाथ ने दाम्पत्य सूत्र में बंधे जोड़ों को नये जीवन की शुरुआत के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस यात्रा में नव-दंपत्ति यह संकल्प लें कि वे सच्चाई का साथ देंगे, समाज के मूल्यों को बनाये रखेंगे और देश की संस्कृति, परम्परा व आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता की भावना समाहित करने वाले इस देश में विभिन्न धर्म, जाति, संप्रदाय के लोग आपसी भाई-चारे के साथ रहते हैं। यह देश की सबसे बड़ी शक्ति है। यही हमारी अमूल्य धरोहर है। इसी परम्परा का निर्वहन करते हुए विभिन्न धर्म, जाति के लोग आज इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। इस सम्मेलन में आकर मैं बेहद खुश हूं। सीएम ने कहा कि इस सम्मेलन में हिंदू, मुस्लिम, बौद्ध परम्पराओं- रस्मों के अनुसार विवाह कार्यक्रम किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा को किस तरह आने वाली पीढ़ी के लिए विकसित किया जाये, यह उनका स्वप्न था। वर्तमान युवा पीढ़ी इंटरनेट से जुड़ी है। ज्ञान ही सबसे बड़ी शक्ति है जिसका उपयोग कर जीवन को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि 40 साल पहले के छिंदवाड़ा का परिदृश्य वर्तमान छिंदवाड़ा से काफी भिन्न था। तत्कालीन समय में छिंदवाड़ा में पेयजल, सडक़, विद्युत आपूर्ति आदि की समस्याएं थी। वर्तमान समय में जिले के युवाओं को किस प्रकार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जाये, आम जन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और शिक्षा के क्षेत्र का विकास मुख्य चुनौती है। इस चुनौती से निपटने के लिए युवा वर्ग को आगे आना होगा, तभी बेहतर एवं विकसित छिंदवाड़ा के माध्यम से प्रदेश एवं राष्ट्र निर्माण संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि जिले के लोगों ने हमेशा सच्चाई का साथ दिया है। आपके स्नेह, विश्वास और शक्ति से ही छिंदवाड़ा की नई पहचान बनती रहेगी। वर्तमान में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। अब लोगों को अपने इलाज के लिए नागपुर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, बल्कि अब स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मरीज नागपुर से छिंदवाड़ा की तरफ रूख करेंगे। कृषि विश्वविद्यालय, प्रशिक्षण केन्द्र, छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी शुरू हो चुकी है। जिले में रेलवे सुविधाएं, स्किल सेंटर विकास का प्रतीक है। यह सभी जिले के विकास का नया इतिहास बनाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की क्रय शक्ति बढ़ाने के लिए कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान कर नई क्रांति लाई जाएगी। आपके इस विश्वास पर खरे उतरेंगे और वचनपत्र के अनुसार सारे वचन निभाये जायेंगे। सामूहिक विवाह सम्मेलन गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में शामिलकार्यक्रम में 3 हजार 353 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, जिसमें 114 दिव्यांग जोड़े भी शामिल थे। गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड साउथ एशिया के हेड आलोक कुमार ने मुख्यमंत्री कमनलाथ को छिन्दवाड़ा के सामूहिक विवाह सम्मेलन के गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड का प्रमाण पत्र प्रदान किया। आलोक कुमार ने बताया कि इसके पूर्व सिंगरोली जिले में 2 हजार 290 जोड़ो का विवाह संपन्न हुआ था। छिन्दवाड़ा में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन इस रिकॉर्ड को ध्वस्त किया है।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों द्वारा दिव्यांग युवक-युवती परिचय पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। इस पुस्तिका में 600 जोड़ों की जानकारी संकलित है। कार्यक्रम में सांसद नकुलनाथ प्रदेश के सामाजिक न्याय मंत्री लखन घनघोरिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पांसे, पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना, राज्य कृषि सलाहकार परिषद के सदस्य विश्वनाथ ओकटे, विधायक सुजीत चौधरी, निलेश उइके, सुनील उइके, कमलेश शाह व विजय चौरे, अन्य जनप्रतिधि व अधिकारी मौजूद रहे।

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Dakhal News 20 February 2020


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ग्वालियर। मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार शुरू से ही नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनसीआर) खिलाफ है। केंद्रीय स्‍तर पर भी पहले दिन से कांग्रेस वर्किंग कमेटी सीएए, एनपीआर और एनआरसी को लेकर देशव्यापी विरोध कर रही है और हमारा यह विरोध जब तक जारी रहेगा तब तक कि केंद्र की मोदी सरकार इसे वापस नहीं ले लेती है। सच तो यह है कि मोदीजी देश की बिगड़ती अर्थव्‍यवस्‍था और बेरोजगारी से ध्‍यान भटकानें के लिए यह सब कर रही है। उक्‍त बातें कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कही हैं।    वे गुरुवार को सीएए के विरोध में सीपीआई (एम) के द्वारा आयोजित रैली में हिस्सा लेने ग्‍वालियर आए हुए थे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदीजी के नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लाने के कारण से पूरे देश की 130 करोड़ की जनसंख्या प्रभावित हुई है केंद्र की सरकार देश का माहौल खराब करने में लगी है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति औा बेरोजगारी की कोई चिंता नहीं बल्‍कि वह इन मुद्दों से ध्‍यान भटकाने के लिए ही सीएए, एनपीआर एवं एनआरसी को सामने ला रही है।   इस दौरान उन्‍होंने  राम मंदिर निर्माण का ट्रस्ट को लेकर भी मोदी सरकार पर आरोप लगाए । दिग्‍गी का मानना है कि सरकार ने सही तरीके से इसे नहीं बनाया। इसमें रामाश्रय संप्रदाय और अखाड़ा परिषद के संतों को शामिल नहीं किया गया है। जब हिन्‍दू आतंकवाद विषय को लेकर उनसे पत्रकारों से प्रश्‍न पूछा तो वे बोले कि इस विषय को लेकर भाजपा के दोनों नेताओं के खिलाफ मानहानि का नोटिस भेजा जा रहा है।  

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Dakhal News 20 February 2020


bhopal,  CM Kamal Nath , IPS Officers Conclave, future police technology

भोपाल। राजधानी भोपाल के मिंटो हाल में बुधवार को आईपीएस आफिसर्स कानक्लेव 2020 का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कमलनाथ मुख्य रुप से शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम कमलनाथ ने कहा कि प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक उपयोग से भविष्य की पुलिस फोर्स के पास हथियारों के बजाए प्रौद्योगिकी उपकरण से सुसज्जित होगी। इसलिए अभी से पुलिस को नई नई प्रौद्योगिकी से परिचित होना होगा और उन्हें अपनाना सीखना होगा। राज्य सरकार इस दिशा में आगे बढऩे के लिए पुलिस बल को हरसंभव सहायता उपलब्ध करायेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में मध्यप्रदेश की पुलिस प्रौद्योगिकी के उपयोग की दृष्टि से इतनी दक्ष होगी कि अन्य प्रदेशों के लिए आदर्श होगी।    मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक विकास बढऩे के साथ ही भिन्न-भिन्न आर्थिक अपराध भी सामने आ रहे हैं। पुलिस को आर्थिक अपराधों की प्रवृत्ति और प्रकृति से परिचित होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण परिणाम के लिये शासन-प्रशासन के सभी अंगों में समरसता जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत एक विशिष्ट देश है। मध्यप्रदेश स्वयं में विशिष्टि प्रदेश है। यह विविधताओं से भरा-पूरा प्रदेश है। विविधताओं और भिन्नताओं के बावजूद एक बने रहना इसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश न सिर्फ सबसे बड़ा वन प्रदेश है बल्कि सबसे बड़ी जनजातीय संख्या वाला प्रदेश भी है। इसलिए सामाजिक-आर्थिक विषमताओं और विभिन्नताओं को देखते हुए मध्यप्रदेश में पुलिस के सामने भी कई चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है। तकनीकी और प्रौद्योगिकी के कारण सामाजिक व्यवहार और नजरिये में भी बदलाव आ रहा है। इस बदलाव को पुलिस बल को पहचानना होगा।    मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस प्रशासन का चेहरा होती है। पुलिस समाज को संदेश देने का काम करती है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के लिए अच्छी बात यह है कि यहाँ अपनी धतरी पर जन्मा और पनपा आतंकवाद नहीं है। भारतीय समाज की इसमें बड़ी भूमिका है क्योंकि सहिषणुता के कारण भारतीय समाज में सबको को साथ लेकर चलने की अदभुत क्षमता है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को इन बदलावों को समझने और इनके अनुसार रणनीति बनाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सोच में अलगाव या बंटवारे के विचार की कोई जगह नहीं है। बंटवारे का मतलब है विनाश।    डीजीपी पुलिस वी.के. सिंह ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि बदलते हुए वैश्विक परिदृश्य और सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने में आ रहे परिवर्तनों को देखते हुए पुलिस की चुनौतीपूर्ण भूमिका को समझने और पूरी दक्षता के साथ इसे स्वीकारने और निभाने के तौर-तरीकों पर विचार करने की जरूरत बताई । उन्होने पुलिस बल के लिये आवास सुविधाओं के विस्तार और साप्ताहिक अवकाश जैसे निर्णय लेने के लिये मुख्यमंत्री का आभार जताया। आईपीएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय यादव ने कन्क्लेव के उद्देश्य से विस्तार से चर्चा की।   डीजीपी वी.के. सिंह, आईपीएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं विशेष पुलिस निदेशक विजय यादव ने आईपीएस ऑफिसर्स की ओर से मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया।

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Dakhal News 19 February 2020


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भोपाल । कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को मध्य प्रदेश से राज्य सभा भेजने की अटकलें तेज हो गईं हैं । फिलहाल प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी इस मामले पर चुप्पी साधे हैं । पार्टी के कुछ प्रमुख नेताओं ने दबी जुबान से जरूर प्रियंका को लेकर अपनी स्वीकार्यता जाहिर की है लेकिन ऊपर क्या चल रहा है, इसकी खबर किसी को नहीं मिल पा रही है ।     दो महीने बाद मध्य प्रदेश में तीन सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसे लेकर कुछ दिनों से सियासत तेज हो गयी है ।  कहा जा रहा है कि कांग्रेस को प्रदेश से मिलने जा रही दो राज्यसभा सीटों में से एक पर प्रदेश के बाहर के किसी नेता को भेजा जा सकता है । जिसमें प्रियंका गांधी का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है ।   पीसीसी के चंद्रप्रभाष शेखर ने इस संबंध में कुछ भी बोलने से इंकार किया । उन्होंने कहा कि अभी तक पीसीसी को एआईसीसी की तरफ से कोई पत्र नहीं मिला है। गौरतलब है कि प्रियंका गांधी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजे जाने का बयान प्रदेश सरकार के मंत्री सज्जन सिंह वर्मा की तरफ से आया । इसके बाद पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव भी ट्वीट के जरिये मैदान में उतर गए । उन्होंने प्रियंका को राज्यसभा भेजे जाने को आज की जरूरत बताया और कहा कि इससे राज्यसभा में फांसीवादी विचारधारा के विरुद्ध संघर्ष के लिए एक सशक्त आवाज मिलेगा ।     पूर्व विधायक हामीद काजी ने कहा कि प्रियंका को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा जाता है तो अच्छा फैसला होगा। दूसरी तरफ महामंत्री महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि वे केंद्रीय नेतृत्व से यह मांग करेंगे कि  प्रियंका गांधी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा का टिकट दिया जाय ।    वहीं, विधायक नीलांशु चतुर्वेदी ने भी प्रियंका गांधी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव में उतारे जाने की वकालत की है, उन्होंने कहा है कि प्रियंका गांधी  के प्रदेश से जुड़ने पर कांग्रेस पार्टी को और मजबूती मिलेगी। वरिष्ठ कॉंग्रेस नेत्री किरण अहिरवार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव आने वाले हैं इसलिए प्रियंका गांधी की जरूरत वहां ज्यादा से ज्यादा है।   

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Dakhal News 19 February 2020


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भोपाल। भोपाल क्राइम ब्रांच पुलिस ने मंगलवार देर रात राजधानी भोपाल के एमपी नगर ईलाके से ब्रिटिश और नवाबी शासन काल से जुड़े अहम दस्तावेज व पुरातत्व सामग्री से भरे एक ट्रक को पकड़ा है। पुलिस पूछताछ में ट्रक ड्रायवर और उसके साथ मौजूद व्यक्ति ने बताया कि उन्होंने यह दस्तावेज नवाब परिवार के सदस्य से रद्दी के रूप में खरीदे हैं और इन्हें लेकर गुजरात जा रहे है। पुलिस को शक है कि रद्दी के भाव से खरीदी गई ये सामग्री पुरातत्व के काम की हो सकती है, इसलिए फिलहाल दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।    दरअसल क्राइम ब्रांच पुलिस को सूचना मिली थी कि ओपल ट्रांसपोर्ट कंपनी के एक मिनी ट्रक में ब्रिटिश और नवाबी शासन काल के दस्तावेज बक्सों और बोरियों में भरे हैं। ट्रक दस्तावेज लेकर गुजरात जा रहा है। सूचना के बाद क्राइम ब्रांच ने मंगलवार रात ट्रक को एमपी नगर इलाके में रोका था। ट्रक की तलाशी  करने पर उसमें ब्रिटिश व नवाब खानदान के 100 साल पुराने दस्तावेज और नवाबी दौर में उपयोग किए जाने वाले एंटिक सामान मिले। इनमें चिराग समेत अन्य सामान भी है। ट्रक पकडऩे के बाद क्राइम ब्रांच ने उसके ड्राइवर और ट्रक में मौजूद व्यक्ति को थाने लाकर पूछताछ की। कुछ ही देर बाद इसे खरीदने वाले गुजरात के व्यापारी थाने पहुंच गए।    व्यापारी ने बताया कि भोपाल के अंतिम नवाब हमीदुल्ला खान के परिवार की फातिमा सुल्तान से यह दस्तावेज 30 हजार में खरीदना बताया। क्राइम ब्रांच ने जांच के लिए फातिमा सुल्तान से भी संपर्क किया। क्राइम ब्रांच के अफसरों के मुताबिक फातिमा सुल्तान ने पुलिस को बताया है कि यह दस्तावेज भोपाल में उनके आधिपत्य के स्टोर रूम में कई सालों से रखे थे। उसमें कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज नहीं हैं। फातिमा सुल्तान नवाब हमीदुल्लाह की सबसे छोटी बेटी राबिया की बहू हैं। पुलिस के मुताबिक इनमें 1937 और इससे पहले के भी कई दस्तावेज मिले हैं, जो पुरातत्व विभाग के लिए जरूरी हो सकते हैं। एएसपी निश्चल झारिया ने बताया कि पुरातत्व विभाग को इसकी जानकारी भेजी जा रही है।  

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Dakhal News 19 February 2020


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भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ और योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने मंगलवार को राजधानी भोपाल स्थित मिंटो हाल में आल्टरनेट प्रोजेक्ट फायनेंसिंग पर कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में विभिन्न बैंकों के प्रमुख, वित्तीय विशेषज्ञ, औद्योगिक घरानों, अधोसंरचना निर्माण संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ शासन के विभागीय अधिकारी भी मौजूद है। आल्टरनेट प्रोजेक्ट फायनेंसिंग कार्यशाला में वैकल्पिक वित्तीय प्रबंधन के संबंध विचार-विमर्श में होगा।    कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मैं यहां कुछ बताने नहीं बल्कि यहां पर जो निचोड़ निकलेगा उसको जानने आया हूं। यह हर सरकार के लिए चैलेंज है। परिवर्तनों को हमें स्वीकार करना होगा। युवा इस देश के निर्माण करने वाले हैं उनके लिए हमें ऐसा वातावरण बनाना होगा कि ज्यादा से ज्यादा इकोनामी जनरेट हो। हमें अपने खनिज संसाधनों का सही से उपयोग करना है। आगे सीएम कमलनाथ ने कहा कि हमें वित्तीय प्रबंधन के लिए ऑउट ऑफ बॉक्स जाकर सोचना होगा, हमारे परंपरागत तौर तरीकों को बदलना होगा। हमारे पास जमीन है, हम उसका उपयोग कैसे कर सकते हैं। उद्यानिकी के क्षेत्र में हम सबसे बेहतर कर सकते हैं, इस मामले में हम देश में मध्य प्रदेश का नाम सबसे ऊपर कर सकते हैं। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के वित्तमंत्री तरुण भनोत ने कहा कि हमने वैकल्पिक आय के स्रोतों के मद्देनजर रेत नीति में बदलाव किया। सड़क निर्माण के लिए सिर्फ बजट के माध्यम से ही नहीं बल्कि पीपीपी मॉडल से भी राशि जुटाई जा रही है। कार्यशाला में जो सुझाव आएंगे सरकार उन पर अमल करेगी।   उल्लेखनीय है कि इस वर्कशॉप में विकास परियोजनाओं के लिए बजट के परंपरागत स्रोतों पर निर्भरता कम कर वैकल्पिक वित्तीय स्रोत तलाशे जाएंगे। योजनाओं को स्व-वित्त पोषित करने के तरीकों पर भी विचार किया जाएगा। इसमें मोंटेक सिंह अहलूवालिया अपने टिप्स देंगे। मध्य प्रदेश का बजट तैयार करने से पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ की पहल पर सरकार उन सभी विकल्पों पर विचार करेगी, जहां से वित्तीय संसाधन जुटाए जा सकते हैं।  

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Dakhal News 18 February 2020


bhopal,  NPR, CM Kamanlath ,announced after opposition, MLA Masood

भोपाल। मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को लेकर कांग्रेस पार्टी में घमासान मच गया है। दरअसल, शनिवार को पार्टी के विधायक आरिफ मसूद ने एनपीआर का मध्य प्रदेश में राजपत्र जारी होने का कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने विरोध किया था। उन्होंने प्रेसवार्ता आयोजित कर सरकार को धमकी देते हुए कहा था कि यदि मुख्यमंत्री का रुख सकारात्मक नहीं रहा तो ऐसी पार्टी में रहने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस राजपत्र को तत्काल खारिज करने की मांग की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ऐलान किया कि प्रदेश में एनपीआर लागू नहीं होगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा शनिवार को देर रात एक बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्पष्ट कर दिया है कि वह एनपीआर लागू करने नहीं जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में एनपीआर का गैजेटेड नोटिफिकेशन जारी होने की बात पता चलने पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने शनिवार को प्रेसवार्ता के दौरान कमलनाथ सरकार से गैजेटेड नोटिफिकेशन को खारिज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बड़े ही अफसोस की बात है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के बाद भी ये लागू हो गया। अब हम इसका पुरजोर तरीके से विरोध करेंगे। मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर इसे खारिज करने की मांग की जाएगी। हम इसके खिलाफ भोपाल सहित पूरे प्रदेश में आंदोलन करेंगे। हर मुस्लिम घर के आगे नो सीएए और नो एनआरसी के पोस्टर लगाए जाएंगे। इसके अलावा जनगणना करने आने वालों का भी विरोध करेंगे।प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी किये गये बयान में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधायक मसूद की शंका का समाधान करते हुए कहा है कि एनपीआर की जिस अधिसूचना की बात की जा रही है, वह नौ दिसंबर 2019 का है। इस अधिसूचना के बाद केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) जारी किया है अर्थात जो एनपीआर अधिसूचित किया गया है, वह नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के तहत नहीं किया गया है। नागरिकता संशोधन अधिनियम 1955 की नियमावली 2003 के नियम तीन के तहत किया गया है। मध्यप्रदेश सरकार ने अभी कोई गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। मध्यप्रदेश में राज्य सरकार एनपीआर को लागू नहीं करेगी।

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Dakhal News 18 February 2020


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ग्वालियर। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इस बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ग्वालियर में चार दिवसीय बिटिया उत्सव का आयोजन किया जाएगा। लिटरेचर फेस्ट के रुप में होने वाले इस अनूठे आयोजन में साहित्य, सिनेमा, नाटक और लोक रंग की जानी मानी हस्तियां जुटेंगी और आधी आबादी से जुड़े मुद्दों पर बेवाकी से चर्चा करेंगी। आयोजन में पुस्तक मेला, खान पान और हैंडीक्रॉफ्ट के स्टॉल लगाए जाएंगे। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक सुरेश तोमर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष बिटिया उत्सव का आगाज 5 मार्च को होगा। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी के मुख्य आतिथ्य में शुभारंभ किया जायेगा। जबकि समापन महिला दिवस पर 8 मार्च को किया जाएगा। इस बार पूरा आयोजन जीवाजी विश्वविद्यालय के गालव सभागार व उसके आसपास वाले परिसर में होगा। आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।उन्होंने बताया कि इस चार दिवसीय बिटिया महोत्सव में साहित्य सिनेमा कला लोकरंग के कई सत्र होंगे और इन क्षेत्रों के विद्वान विशेषज्ञ महिला एवं बाल मुद्दों से जुड़े विषयों पर गहन विचार विमर्श करेंगे। इस आयोजन में इस दफा जाने माने कवि अशोक वाजपेयी, अनामिका, चेतनक्रांति, वीरु सोनकर, नीलेश रघुवंशी को आमंत्रित किया गया है। जबकि कथाकार के तौर पर किरण सिंह, मनीषा कुलश्रेष्ठ, लक्ष्मी शर्मा, ऊषाकिरन खान भी उत्सव में शिरकत करेंगी। जानी मानी सिने निदेशक अविनाश दास व स्वरा भास्कर भी बिटिया उत्सव में आ रहे है। इनके अलावा सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं "औरत होने की सजा" पुस्तक के लेखक अरविंद जैन महिला संबंधी कानूनों पर चर्चा करेंगे। जानी मानी टीवी पत्रकार अमृता राय, प्रकाश के.रे, सर्वप्रिया सांगवान भी इस आयोजन में महिला संबंधी मुद्दों पर चर्चा करेंगी।नाटक व कला शिविर भी बिटिया उत्सव में प्रतिदिन नाटकों का मंचन भी किया जाएगा। इनमें महाश्वेता देवी द्वारा लिखित कहानी रुदाली पर आधारित नाटक का मंचन केजी त्रिवेदी के निर्देशन में होगा। एक अन्य नाटक अगरबत्ती का मंचन भी होगा। इसके लेखक व निर्देशक आशीष पाठक है। दो अन्य नाटक भी उत्सव में होंगे। इसके अलावा आर्ट कैंप में जाने माने चित्रकार शिरकत कर पेंटिंग्स बनाएंगे। उत्सव के अंतिम दिन इन पेंटिंग्स का डिस्प्ले किया जाएगा।आयोजन नई दिशा देगा बिटिया उत्सव इस बार 5 से 8 मार्च को आयोजित किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी के मार्गदर्शन में इस आयोजन की तैयारियां की जा रही है। उद्घाटन सत्र में उनके अतिरिक्त मध्यप्रदेश की बेटियां पहली फाइटर पायलेट फ्लाइट लेफ्टिनेंट अवनी चतुर्वेदी, दुनिया के सारे महाद्वीपों के सर्वोच्च शिखरों को फतह कर चुकी मेघा परमार भी रहेंगीं। हम इस आयोजन को लिटरेचर फेस्ट के रुप में मना रहे हैं। इसमें महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। उम्मीद है कि यह आयोजन नई दिशा प्रदान करेगा।

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Dakhal News 18 February 2020


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सतना। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्‍ठ नेता व मैहर से विधायक नारायण त्रिपाठी ने अलग विंध्य प्रदेश की मांग की आवाज बुलंद कर दी है। सोमवार को वे उंचेहरा के सरस्वती शिशु मंदिर में अध्ययनरत छात्रों के बीच पहुंचे थे। सबसे पहले उन्‍होंने स्‍कूल में छात्रों से सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछे। साथ ही छात्रों को पुरस्कृत किया।    मीडिया सुर्खियों में बने रहने वाले मैहर विधायक त्रिपाठी ने छात्रों से अपील की परीक्षा उपरांत छात्रों युवाओं, बुद्धजीवी अधिवक्ता बंधु एवं समाजिक संगठनो की अगुआई में अलग विंध्य प्रदेश के लिए यह संघर्ष किया जाएगा। जब तक विंध्य प्रदेश अलग नही होता संघर्ष जारी रखना है। यह आंदोलन भोपाल से लेकर दिल्ली तक लड़ाई लड़ी जाएगी। चाहे हमको 5 से 10 साल संघर्ष क्यो ना करना पड़े । बनेगा कब जब हमारी युवा शक्ति आगे आएगी। उन्‍होंने कहा कि मैं किसी से दबता य डरता ही नहीं हू, मैं अंतिम सांस तक संघर्ष करता रहूंगा ।

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Dakhal News 17 February 2020


indore,  Kashi Mahakal Express, reached Indore, singing Bhajan Kirtan

इंदौर| वाराणसी से इंदौर के बीच शुरू हुई काशी महाकाल एक्सप्रेस सोमवार सुबह पहली बार इंदौर पहुंची। काशी महाकाल एक्सप्रेस देश की तीसरी प्राइवेट ट्रेन हैं | ट्रेन की विशेषता यह है कि इसमें भगवान् भोले नाथ के लिए एक सीट परमानेंट बुक कराई गई है| ट्रेन के एसी कोच में भगवान् भोले नाथ  का दरबार सजा है | कोच बी 4  में सीट नंबर 64 पर भगवान् को बड़ी साज सज्जा के साथ रखा गया हैं| भारतीय रेलवे के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब बाबा महाकाल के लिए ट्रेन में सीट रिज़र्व की गई है|    सोमवार सुबह 8 :10 बजे ट्रेन इंदौर रेलवे स्टेशन पहुंची| जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर पहुंची शिव भक्तों ने जयकारे लगाकर और भजन कीर्तन गाकर यात्रियों का स्वागत किया । काशी महाकाल एक्सप्रेस कि ख़ास बात यह हैं कि यह ट्रेन तीन ज्योतिर्लिंगों को जोड़ने वाली देश की पहली ट्रेन है| यह ट्रेन तीन ज्योतिर्लिंगों को आपस में जोड़ेगी, सबसे पहले काशी विश्वनाथ उसके बाद उज्जैन के बाबा महाकाल और इंदौर के नजदीक ओम्कारेश्वर के दर्शन इस ट्रेन से भक्त कर सकेंगे| आज ट्रायल के तौर पर ट्रैन इंदौर पहुंची हैं| 20 फ़रवरी से ट्रेन नियमित सप्ताह में तीन दिन चलेगी |   उल्लेखनीय हैं कि पिछले दिनों उज्जैन बाबा महाकाल के दर्शन करने आए रेल मंत्री पियूष गोयल ने ट्रेन चलाने का एलान किया था | पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को इसको वाराणसी से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था|  

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Dakhal News 17 February 2020


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भोपाल। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की कमलनाथ सरकार को घेरने का कोई अवसर नहीं छोड़ते, बात चाहे किसान क़र्ज़ माफ़ी की हो, प्रदेश की कानून व्यवस्था या महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा की। हर मुद्दे पर शिवराज प्रदेश सरकार के सामने डटकर खड़े हो जाते हैं। एक बार फिर शिवराज ने अपने कार्यकाल में लिए कैबिनेट के फैसले को कमलनाथ सरकार द्वारा बदलने और भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए हैं।   सोमवार को अपने निवास पर पत्रकार वार्ता कर पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश कि कमलनाथ सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। टैक होम राशन, पोषण आहार में खेल हो रहा है। शिवराज ने कहा कि हमारी सरकार में हमने तय किया था कि ये कार्य निजी कंपनी के हाथ में नहीं रहेगा। इसके लिए हमने 7 संयंत्र अपने कार्यकाल में देवास, धार, होशंगाबाद, मंडला और भी तीन जिलो में बनाए हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हमने पोषण आहार का कार्य महिला स्वा सहायता समूह को दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने सरकार पर फैले को बदलने और निजी कंपनी को काम देकर लाभ पहुंचने का आरोप लगाते हुए कहा कि एमपी एग्रो किसी भी निजी कंपनी या ठेकेदारों को सम्मिलित नहीं करेगा। लेकिन कमलनाथ की सरकार में नया खेल हुआ, मुख्य सचिव ने 11 बिंदु को इस फैसले से  गायब कर दिया| शिवराज ने सवाल दागते हुए कहा कि वो ये बताए कि किसकी मर्जी से ये किया गया।   क्या एक मुख्य सचिव की इतनी मजाल की वो कैबिनट के फैसले को पलट दे। शिवराज ने आईएस गौरी सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि मैं गौरी सिंह का अभिनंदन करता हूं, उन्होंने सरकार के इस फैसले का ही विरोध किया था। गौरी सिंह ने कहा था कि पोषण आहार का निजी करण नहीं होना चाहिए। लेकिन कमलनाथ सरकार में ईमानदार अफसर बली चढ़ रही हैं। इस फैसले पर मुख्यमंत्री कमलनाथ को खुद जवाब देना चाहिए।   सिंधिया न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा सड़क पर उतरने के बयान का समर्थन करते हुए शिवराज ने कहा कि सिंधिया जी न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं है। कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने वचन पत्र के अनुसार किसानों का क़र्ज़ अभी तक माफ़ नहीं किया है। सिंधिया यही कह रहे हैं कि किसान का क़र्ज़ माफ़ कीजिये। अतिथि शिक्षकों को नियमित करने की माँग सिंधिया कर रहे हैं। वचन पत्र के अनुसार बेरोज़गारों को भत्ता देने का वादा किया गया था, सिंधिया भी यही वादा पूरा करने की माँग कर रहे हैं।

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Dakhal News 17 February 2020


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श्रीनगर। पुलवामा हमले के एक साल पूरा होने पर जम्मू कश्मीर सीआरपीएफ स्पेशल जोन के डीजी जुल्फिकार हसन ने शुक्रवार को कहा कि पुलवामा आतंकी हमले की साजिश करने वालों को इस घटना के कुछ ही दिनों बाद उनके अंजाम तक पहुंचा दिया गया था। उन्होंने कहा कि इस हमले की साजिश में मदद करने वालों को गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इस हमले को अंजाम दिया था, उनका हिसाब किया जा चुका है।    उन्होंने आगे कहा कि इस हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी(एनआईए) द्वारा की जा रही है और मेरा मानना है कि यह जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। इस मामले में एनआईए ने बहुत प्रगति की है। उन्होंने कहा कि हमने शहीदों के परिवारों की देखभाल का जिम्मा लिया है और हम उसे बखूबी निभा रहे हैं।   उल्लेखनीय है कि 14 फरवरी 2019 में पुलवामा में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आतंकियों द्वारा सीआरपीएफ के काफि0ले पर आत्मघाती हमला किया गया था। इस आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस आतंकी हमले ने देश को झकझोर कर रख दिया था।

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Dakhal News 14 February 2020


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भोपाल। छिंदवाड़ा के सौंसर में शिवाजी महाराज की प्रतिमा हटाए जाने के मामले में राजनीतिक घमासान जारी है। इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और सीएम कमलनाथ के सांसद पुत्र नकुलनाथ आमने सामने हो गए हैं और दोनों के बीच ट्वीटर पर जंग छिड़ गई है। एक ओर जहां पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर छिंदवाड़ा सांसद नकुलनाथ द्वारा अपने खर्च पर प्रतिमा स्थापना किए जाने पर तंंज कसने के साथ ही शनिवार को सौंसर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने का एलान किया है। वहीं अब नकुल नाथ ने भी ट्वीट कर शिवराज पर पलटवार किया है।    शिवराज के ट्वीट पर पलटवार करते हुए सांसद नकुलनाथ ने उनका विकास मॉडल के लिए स्वागत किया है लेकिन राजनीति के लिए शिवाजी महाराज के नाम के प्रयोग को गलत ठहराया है। नकुलनाथ ने ट्वीट कर लिखा ‘@ChouhanShivraj जी आपका विकास मॉडल छिंदवाड़ा में स्वागत है,परन्तु आप जिस तरह से छत्रपति शिवाजी महाराज जी के नाम पर राजनैतिक रोटियां सेंकने आ रहे है वह गलत है, छत्रपति शिवाजी महाराज हमारी आस्था के प्रतीक है,आपका उनके नाम को राजनीति के लिए प्रयोग करना उचित नहीं।    एक अन्य ट्वीट कर नकुलनाथ ने शिवराज को भोजन का न्यौता देने के साथ ही छिंदवाड़ा के विकास को देखने का आग्रह भी किया है। नकुलनाथ ने ट्वीट में कहा है कि ‘आप छिंदवाड़ा आ ही रहे है तो आप मेरे ग्रह ग्राम शिकारपुर में कल दोपहर भोजन के लिए भी आमंत्रित है। और भोजन के पश्चात मैं चाहूंगा कि आप एक दफा सम्पूर्ण छिंदवाड़ा के विकास को देखकर अवश्य लौटे’।

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Dakhal News 14 February 2020


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इंदौर। पुलवामा अटैक की पहली बरसी पर जहां देश, शहीदों को नमन कर याद कर रहा है वही राजनेताओं द्वारा इस मौके पर राजनीति भी शुरू हो गई है। एक ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा पुलवामा हमले की बरसी पर ट्वीट कर सवाल उठाए गए हैं। तो वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी के ट्वीट पर भाजपा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने निशाना साधा है। कैलाश ने राहुल गांधी को नादान बताते हुए कहा है कि उन्हें इस बात की अक्ल नहीं कि कब, किस समय पर कौन से सवाल उठाने चाहिए। दरअसल, शुक्रवार को राहुल गांधी ने पुलवामा अटैक की बरसी पर ट्वीट कर हमले को लेकर हुई जांच और इसके पीछे किसको फायदा पहुंचा सहित तीन सवाल उठाए हैं।   शुक्रवार को इंदौर के पितृ पर्वत पर बाबा हनुमान की अष्टधातु की विश्व की सबसे बड़ी मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के संबंध में भाजपा राष्ट्रीय महासचिव पत्रकारों से मुखातिब हुए। उन्होंने बताया कि पितृ पर्वत पर होने वाला आयोजन किसी छोटे कुंभ से कम नहीं होगा। इसमें देशभर के साधु संत सहित कई बड़ी हस्तियां शिरकत करेंगी। कैलाश विजयवर्गीय की माने तो इसके लिए गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी नाम दर्ज कराया गया है।    इस दौरान पुलवामा हमले की बरसी पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा पुलवामा अटैक को लेकर केन्द्र की भाजपा सरकार पर साधे गए सवालों पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह राहुल की नादानी है। उन्हें इस बात की अक्ल नहीं कि कब, किस समय पर कौन से सवाल उठाने चाहिए। कुछ विषय ऐसे होते है कि उस पर राजनीति नही करनी चाहिए । उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नादान है लेकिन मैं नादान नही हूं कि उनके प्रश्न के जवाब दूं। मुझे नही लगता कि ऐसे प्रश्न पूछना भी चाहिए, ये नादानी भरे प्रश्न हैद्ध उन्हें इसके जवाब देने की भी कोई आवश्यकता भी नही है। दिग्विजयसिंह के सवाल पर भी कहा कि ऐसे नादानी भरे प्रश्न नही करनी चाहिए। देश की राजनीति में ओर भी कई समस्याएं है, कम से कम सुरक्षा को लेकर सेना के ऊपर कोई प्रश्नचिन्ह नही उठाना नही चाहिए।

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Dakhal News 14 February 2020


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भोपाल। खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने से जनवरी महीने में खुदरा महंगाई दर 7.59 फीसद तक बढ़ गई है। बीते दिन बुधवार को सरकार ने महंंगाई दर के आंंकड़े जारी किए थे। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई दिसम्बर 2019 में 7.35 फीसद और पिछले साल जनवरी में 1.97 फीसद थी। महंगाई दर में हुई बढ़ोतरी के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।   मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर महंगाई दर में हुई बढ़ोतरी के लिए केंद्र सरकार को कोसते हुए वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा, 'एनएसओ के आंकड़े बता रहे हैं कि खुदरा महंगाई दर 7.59 फीसदी पर पहुंची, यह छह साल का सबसे ऊंचा स्तर है। बेरोज़गारी पहले से ही 45 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है। सब्ज़ियों के दाम 50 प्रतिशत तक बढ़ गए, दूसरी तरफ़ औद्योगिक उत्पादन में भी 0.3% की गिरावट, मेन्यूफ़ैक्चरिंग सेक्टर के 23 उद्योगों में से 16 में ग्रोथ नेगेटिव, ग़ैर सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडर के दाम 144.50 तक बढ़े, खाने-पीने की चीजें महंगी हुई और रोज़गार घट रहे हैं, आखिर देश किस दिशा में जा रहा है। आज आवश्यकता है इस दिशा में ध्यान देने की, बहुत हो गया वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम।  

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Dakhal News 13 February 2020


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भोपाल। राजधानी भोपाल के रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह बड़ा हादसा हो गया । सुबह तकरीबन 9 बजे प्लेटफार्म नंबर 2 और 3 को जोड़ने वाले पाथ स्लेब का एक हिस्सा नीचे गिर गया। इस हादसे में 7 यात्री घायल हो गए । घटना में रेलवे की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। पाथ स्लेब के जर्जर होने की शिकायत अधिकारियों से की गई थी, लेकिन इन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, मंडल रेल प्रबंधक उदय बोरवणकर ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिये हैं।    एक दिन पहले गिरा था सपोर्टिंग सरिया गुरुवार को हादसा होने से एक दिन पहले ही पाथ स्लेब के जर्जर होने के संकेत मिलने लगे थे। बुधवार को पाथवे का सपोर्टिंग सरिया पाथवे से अलग होकर नीचे गिर गया था। इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं लगी थी, लेकिन प्लेटफॉर्म पर मौजूद एक वेंडर ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की थी। अधिकारियों ने इसके बाद पाथ स्लेब का निरीक्षण भी किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। यदि उसी समय फुटओवर ब्रिज को बंद कर दिया जाता, तो शायद गुरुवार का हादसा नहीं होता।    चिरायु अस्पताल में चल रहा घायलों का इलाज हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस और रेल अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। प्लेटफॉर्म क्रं. 2-3 पर रेल यातायात रोक दिया गया। घायलों को निकालकर चिरायु अस्पताल पहुंचाया गया। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी आईए सिद्दीकी ने बताया कि हादसे में 7 लोग घायल हुए हैं, जिनका उपचार एक निजी अस्पताल में किया जा रहा है। रेलवे की डॉक्टर्स की टीम भी वहां मौजूद है। फिलहाल घटनास्थल पर इनजीनियर्स की टीम मौजूद है और हादसे के तकनीकी कारणों का पता लगाया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक उदय बोरवणकर ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिये हैं।    मुख्यमंत्री ने की आर्थिक सहायता की घोषणा भोपाल रेलवे स्टेशन पर हादसे के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ के प्रतिनिधि के तौर पर जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से हादसे में गंभीर रूप से घायल लोगों को 50 हजार रुपये एवं सामान्य रूप से घायल हुए लोगों को 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिये जाने की घोषणा की। मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच करवाई जायेगी।    इनका कहना है..  इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश आदेश दे दिये है। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रेल्वे प्रशासन हादसे में घायल हुए लोगों की हरसंभव मदद करेगा ।   उदय बोरवणकर, मंडल रेल प्रबंधक 

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Dakhal News 13 February 2020


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धार। जिले के गंधवानी टीआई नरेश कुमार सूर्यवंशी को उनके निवास पर ही एक युवती के साथ रंगरेलियां मनाते पकड़ा गया था। युवती की शिकायत पर बुधवार रात टीआई सूर्यवंशी के खिलाफ दुष्कर्म और बंधक बनाने का केस दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।    टीआई नरेश सूर्यवंशी की इंदौर निवासी पत्नी दो दिन पहले गंधवानी आई थी। पत्नी ने सूर्यवंशी को उनके निवास में एक युवती के साथ पकड़ लिया था और जमकर हंगामा किया था। इस मामले में जिला पुलिस अधीक्षक ने टीआई सूर्यवंशी को निलंबित कर दिया था।  इधर, इस घटना में नाटकीय मोड़ उस समय आया, जब  टीआई के साथ उनके घर में मिली युवती ने ही बुधवार रात टीआई के खिलाफ बंधक बनाने और बलात्कार करने की शिकायत कर दी। युवती की शिकायत पर देर रात सूर्यवंशी के खिलाफ बलात्कार और बंधक बनाने का मामला  गंधवानी थाने में ही दर्ज कर आरोपी टीआई को गिरफ्तार कर लिया गया।   इस बात की पुष्टि जिला अधीक्षक धार आदित्य प्रताप सिंह ने की है ।  

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Dakhal News 13 February 2020


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भोपाल। मप्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कमलनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। निलंबित डॉक्टरों की बहाली के बाद अब जल्द ही सरकार स्वास्थ्य विभाग में बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी। डॉक्टर्स के अलावा मेडिकल आफिसर, विशेषज्ञों और नर्स व लैब टैक्रिशियन की भर्ती भी सरकार करेगी। यह जानकारी जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने बुधवार का मीडिया से बातचीत करते हुए दी।    मंगलवार को सीएम कमलनाथ ने पिछले 6 माह में निलंबित किए गए डॉक्टरों के बहाली के निर्देश जारी किए। इसके साथ ही प्रदेश में 1700 से अधिक डॉक्टरों की भर्ती के लिए भी विज्ञापन जारी करने और इस साल 5000 से अधिक नर्सों की भी भर्ती करने की जानकारी दी। जल्द ही विज्ञापन जारी होने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए सरकार स्वास्थ्य विभाग में बंपर भर्ती करेगी। जल्द ही 1700 डॉक्टर्स भर्ती किये जायेंगे। साथ ही 722 मेडिकल आफिसर और 900 से अधिक विशेषज्ञों की भी स्वास्थ विभाग भती करेगा। इसके अलावा 5 हजार नर्स 620 लैब टेक्नीशियन और 04 हजार कम्युनिटी हेल्थ आफिसर की भी भर्ती प्रदेश में जल्द शुरू होगी   घायलों को जल्द इलाज देने सरकार लाएगी नई पॉलिसी जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार रोड एक्सीडेंट इंश्योरेंस पालिसी शुरू करेगी जिससे घायलों को प्राइवेट अस्पताल में इलाज मिल सकेगा। इस पालिसी से प्राइवेट अस्पतालों में निशुक्ल इलाज मिलेगा। 

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Dakhal News 12 February 2020


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टीकमगढ़। टीकमगढ़ जिला जेल में मंगलवार रात एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जानकारी लगते ही मृतक कैदी के परिजन बुधवार सुबह जेल के बाहर जमा हो गए और हंगामा करने लगे। परिजनों का आरोप है कि युवक की हत्या की गई है। फिलहाल पुलिस परिजनों को समझाकर शांत कराने की कोशिश कर रही है।    जानकारी अनुसार जिला जेल में बंद विचाराधीन कैदी वृंदावन रैकवार की मंगलवार देर रात संदिग्ध मौत हो गई थी। जेल प्रशासन ने उसके शव को जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष में रखवाया है। बुधवार सुबह घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दी गई। जैसे ही परिजन जेल पहुंचे तो उन्होंने जेलर से मिलने की बात कही लेकिन जेलर जेल से बाहर नहीं निकले। इसके बाद नाराज परिजनों ने जेल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही तत्काल थाना प्रभारी अनिल मौर्य अपने बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजन नहीं माने और भड़क गए। नाराज परिजनों ने सड़क पर जाम लगा दिया। परिजनों का आरोप है कि युवक की जेल में हत्या कर दी गई है। जबकि जेल प्रशासन का कहना है कि विचाराधीन कैदी की हार्ट अटैक से मौत हुई है। फिलहाल परिजनों को मनाने का प्रयास जारी है। 

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Dakhal News 12 February 2020


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उज्जैन। आय से अधिक संपत्ति के मामलों पर मप्र में लोकायुक्त लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी के तहत बुधवार सुबह लोकायुक्त की टीम ने उज्जैन में सहकारिता निरीक्षक के घर पर छापा मारा है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में टीम कार्रवाई कर रही है। उज्जैन लोकायुक्त की टीम दस्तावेज खंगालने में जुटी है। प्रारंभिक जांच में 10 लाख की नकदी सहित 5 प्लॉट, एक आलीशान बंगले के दस्तावेज मिले है। फिलहाल कार्यवाही जारी है, जांच पूरी होने के बाद बड़ी संपत्ति का खुलासा होने की संभावना है।     उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने बुधवार अलसुबह सहकारिता विभाग में पदस्थ सहकारी निरीक्षक निर्मल कुमार राय के सेठी नगर स्थित घर पर छापा मारा। लंबे समय से लोकायुक्त पुलिस को उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिल रही थी। लोकायुक्त डीएसपी वेदांत शर्मा के निर्देशन में टीम सहकारिता निरीक्षक के घर कार्यवाही करने पहुंची। आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई छापेमार कार्यवाही में सहकारिता निरीक्षक निर्मल कुमार राय धन कुबेर निकला।    टीम को उनके पास से एक तीन मंजिला मकान, एक दुकान, एक फार्म हाउस, 15 लाख से अधिक नगद,1 कार, 4 बाइक, सोने चांदी के जेवरात समेत प्रापर्टी के दस्तावेज बरामद किए है। टीम की कार्यवाही निर्मल राय के सेठी नगर स्थित घर एवं चौराहे पर स्थित ऑफिस पर चल रही है। लोकायुक्त डीएसपी वेदांत शर्मा के अनुसार 10 लाख से अधिक नकदी के साथ ही 2 करोड़ कीमत के पांच प्लाट मिले। इसके अलावा निर्मल राय कई सोसायटियों में सदस्य निकला है। 2 बैंक में लॉकर मिले है। फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है, उक्त कार्रवाई में डीएसपी वेदांत शर्मा इंस्पेक्टर बसंत श्रीवास्तव एवं राजेंद्र वर्मा शामिल है।

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Dakhal News 12 February 2020


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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली पराजय को विनम्रता से स्वीकार लिया है। भाजपा दिल्ली प्रदेश के प्रवक्ता हरीश खुराना ने ‘हिन्दुस्थान समाचार’ से बातचीत में चुनाव नतीजों को स्वीकार करते हुए कहा कि चुनाव हारने का कोई एक कारण नहीं बल्कि कई सारे कारण होते हैं । उन्होंने कहा कि पार्टी की प्रदेश इकाई इसका आंकलन करेगी कि क्या कारण है कि वह सिर्फ यही चुनाव नहीं, अपितु 22 साल में लगातार पांचवां विधानसभा चुनाव हार गई, जबकि इस बीच हुए लोकसभा चुनाव ही नहीं अपितु म्यूनिसपल कारपोरेशन के चुनाव जीतती रही है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में किन कारणों से पराजय का सामना करना पड़ा, उसके पीछे के कारणों का आंकलन करने के बाद भाजपा उन खामियों को दूर करेगी।    भाजपा की ओर से अरविंद केजरीवाल के सामने मुख्यमंत्री का कोई चेहरा सामने न पेश किए जाने पर खुराना ने कहा कि  वर्ष 2015 में हरियाणा में चुनाव हुआ तो  मनोहर लाल खट्टर मुख्यमंत्री पद के लिए उम्मीदवार नही थे। न ही झारखंड में रघुवर दास और  महाराष्ट्र में देवेन्द्र फणनवीस को मुख्यमंत्री का चेहरा बना चुनाव लड़ा गया था। चुनाव परिणाम बाद जब भाजपा के पक्ष में बहुमत आया तो ये लोग मुख्यमंत्री बने।  उन्होंने कहा कि चुनावी राजनीति का कोई लिखित फार्मूला नहीं होता है।   राष्ट्रवाद, नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और शाहीन बाग में चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर आक्रामक प्रचार अभियान को भी खुराना चुनाव नतीजों के लिए जिम्मेदार नहीं मानते । उनके मुताबिक, राष्ट्रवाद, सीएए और शाहीन बाग को लेकर कोई आक्रामक प्रचार नही किया गया।  हमें दो बात नही भूलनी चाहिए कि शाहीन बाग में ‘जिन्ना वाली आजादी’ के नारे लगे, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हत्या की बात हुई। इन बातों का वोट से लेना देना हो या न हो, लेकिन सच्चाई तो यही है न कि उसको समर्थन देने वालों में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और कांग्रेस के लोग शामिल थे।   भाजपा नेता व प्रवक्ता शिवम छाबड़ा भी इस बात की तस्दीक करते हैं कि मुख्यमंत्री का चेहरा पेश न किया जाना हार के लिए कोई कारण नही है और न ही, सीएए के विरोध प्रदर्शन का चुनाव परिणामों पर कोई प्रभाव पड़ा है। छाबड़ा के मुताबिक, आम आदमी पार्टी (आप) की केजरीवाल सरकार के पांच साल के कुशासन को भाजपा जनता के बीच पहुंचाने में नाकाम रही और इसी कारण उसे पराजय का सामना करना पड़ा है। छाबड़ा का कहना है कि जनता को मुफ्त बिजली, पानी ही रास आया इसलिए केजरीवाल को दोबारा बहुमत मिला है।   हालांकि, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और दिल्ली प्रदेश के प्रभारी श्याम जाजू चुनाव परिणामों और उसके पीछे के कारणों पर अभी कुछ कहने को जल्दबाजी बताते हैं। उनके मुताबिक, चुनाव नतीजों का आंकलन करने के बाद ही पार्टी पराजय के कारणों को चिन्हित करेगी।

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Dakhal News 11 February 2020


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भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिल्ली विधानसभा चुनावों के नतीजों को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मंगलवार को दिल्ली चुनाव नतीजों के प्रारंभिक रुझानों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दिल्ली में आप की सरकार बनना तय था, ज्योंकि लोग अब भाजपा का चेहरा पहचानने लगे हैं। सीएम कमलनाथ ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि केंद्र सरकार के क्या हाल हैं, यह सभी जानते हैं। देश में बेरोजगारी बढ़ रही है। अर्थव्यवस्था की स्थिति भी खराब है, लेकिन केंद्र में सत्तारूढ़ दल भाजपा का कोई भी नेता बेरोजगारी को लेकर बात नहीं करता है। अर्थव्यवस्था में सुधार के कोई उपाय नहीं किये जा रहे हैं। लोगों का भरोसा भाजपा से उठता जा रहा है, इसकी झलक दिल्ली के चुनाव रुझानों में साफ देखा गया है। लोग अब भाजपा को समझने लगे हैं, इसीलिए उससे दूरी बना रहे हैं।

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Dakhal News 11 February 2020


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भोपाल। मध्‍यप्रदेश की राजधानी भोपाल के मिंटो हॉल में आयोजित राष्ट्रीय जल सम्मेलन की अध्‍यक्षता करते हुए जल-पुरुष राजेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में जल अधिकार को लेकर जो मसौदा बना है यहां उपस्थित 25 प्रदेशों के प्रतिनिधि अपने-अपने राज्यों में इस प्रारूप को लागू कराने के लिए अपने-अपने मुख्यमंत्रियों से चर्चा करें।    मंगलवार को उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ अपनी रचनात्मकता एवं नयेपन के लिए जाने जाते हैं, इसलिए हमने इस सम्मेलन में 25 प्रदेशों में पानी पर कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया। कहा कि मुख्यमंत्री जो जल अधिकार सम्‍बन्‍धित बिल ला रहे हैं उसे कैसे अन्य प्रदेश की सरकारें आगे लेकर जा सकती हैं। इस पर गंभीर विचार होना चाहिए। मप्र सरकार ने पिछले एक साल से अपने राज्य की जनता को पानी के साथ जोड़ने के लिए उनमें जो मालिकाना भाव पैदा किया है और इसमें उनको पूरी तरह शामिल किया है। ऐसा सभी राज्‍यों में होना चाहिए।   जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार अब इस स्थिति में है कि ऐसा कानून इस राज्य में बनाए जो हर गांव एवं शहर के आदमी को पीने का पानी मुहैया करा सके। इसके साथ यह भी सच है कि केवल कानून बनाने से कुछ नहीं होगा। इसकी सफलता इस बात पर निर्भर है कि समाज अपनी तरफ से आगे आये, जल संरक्षण को अपना काम माने।   इस अवसर पर मुख्यमंत्री कमल नाथ भी उपस्‍थ‍ित थे । सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से पानी और पर्यावरण से जुड़े विषय-विशेषज्ञ मध्यप्रदेश 'जल का अधिकार' अधिनियम लागू करने के संदर्भ में विस्तृत चर्चा करने यहां आए हैं। इस सम्‍मेलन का प्रारंभ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  सुखदेव पांसे ने सुबह 10.30 बजे किया। सम्‍मेलन में भाग लेने के लिए विशेष तौर से झारखण्ड के पूर्व मंत्री सरयू राय, कर्नाटक के पूर्व मंत्री  बी.आर. पाटिल, तेलगंगा जल बोर्ड के अध्यक्ष  प्रकाश राव, स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी आए हुए हैं।   

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Dakhal News 11 February 2020


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भोपाल। राजधानी भोपाल के मानस भवन में सोमवार को मप्र नगर निगम एवं नगर पालिका कर्मचारी संघ द्वारा सोमवार को स्नेह सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मत्री जयवर्धन सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुई। उन्होंने कार्यक्रम में नगरीय निकायों के दैनिक वेतनभोगी (दैवेभो) कर्मचारियों को नियमित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों के वर्ष 2007 से 2016 तक के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों एवं सफाई कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। जल्द ही यह प्रस्ताव कैबिनेट में रखा जाएगा और हरी झंड़ी मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि नगरीय निकायों के वर्ष 2007 से 2016 तक के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों एवं सफाई कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। सामुदायिक संगठकों के नियमितिकरण का प्रस्ताव मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में होने वाली अगली मंत्रिपरिषद की बैठक में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संघ के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा कर जल्द ही आदेश जारी किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों में नागरिकों की समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के लिये मानव संसाधन जरूरी है। राज्य सरकार द्वारा निकायों के सभी रिक्त पदों को भरने के प्रयास किये जा रहे हैं। इन पदों पर दैनिक वेतनभोगियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने, राष्ट्रीय पेंशन स्कीम का लाभ, अवकाश 290 से बढ़ाकर 340 दिन करने, सेवा समाप्ति और ईपीएफ के संबंध में भी सकरात्मक निर्णय लिये जाएंगे। स्नेह सम्मेलन में संघ के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह सोलंकी और उपाध्यक्ष अशोक कुमार रावत ने कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे।

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Dakhal News 10 February 2020


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होशंगाबाद। प्रदेश की जीवनदायिनी नर्मदा नदी में बड़ी-बड़ी मशीनों से रेत का खनन किस तरह हो रहा है, इसका खुलासा राज्य सरकार के नदी न्यास बोर्ड के अध्यक्ष कंप्यूटर बाबा ने किया है। उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ रविवार-सोमवार को दरमियानी रात एक बजे होशंगाबाद में नर्मदा नदी के जासलपुर घराट पर छापा मार कार्रवाई की। इस दौरान मौके से रेत खनन एवं परिवहन में शामिल तीन ट्रॉला, एक हाईवा एवं एक लोडर पकड़ा है, जबकि जेसीबी एवं डंपर लेकर माफिया मौके से फरार हो गया है।  नदी न्यास बोर्ड के अध्यक्ष कंप्यूटर बाबा इन दिनों नर्मदा समेत अन्य नदियों में हो रहे अवैध उत्खनन की जांच में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में वे रविवार को होशंगाबाद जिले के प्रवास पर गए। बाबा को नर्मदा नदी से मशीनों से रेत का खनन होने की शिकायत पहले से मिल रही थी। उन्होंने रात करीब एक बजे जासलपुर घाट पहुंचकर छापा मारा। बाबा एवं प्रशासन की टीम के पहुंचने से पहले ही माफिया जेसीबी, डंफर एवं रेत खनन में लगे अन्य वाहनों को लेकर फरार हो गया। बाबा ने प्रशासन की टीम के साथ माफिया का दो किमी तक पीछा भी किया, लेकिन माफिया चकमा देने में कामयाब रहा। इसके बाद जासलपुर घाट लौटकर मौके पर पकड़े गए वाहनों पर कार्रवाई के लिए तहसीलदार एवं खनिज अधिकारी को निर्देश दिए गए। यह पूरा घटनाक्रम रात एक बजे से तीन बजे के बीच का है।विधायक भी उठा चुकी हैं मामलाइससे पहले कांगे्रस विधायक सुनीता पटेल भी नरसिंहपुर में नर्मदा नदी में अवैध उत्खनन का मामला सार्वजनिक रूप से उठा चुकी है। विधानसभा अध्यक्ष एवं मप्र सरकार के तीन मंत्रियों की मौजूदगी में विधायक पटेल ने प्रशासनिक नाकामियों को उजागर करते हुए कहा कि थाने के सामने से रेत के डंपर निकलते हैं, लेकिन पुलिस को दिखाई नहीं देते हैं। सुनीता पटेल ने भोपाल में अनशन की धमकी दी थी। इसके बाद नरसिंहपुर जिला प्रशासन ने रेत माफिया पर कार्रवाई की। हालांकि इसके बावजूद भी नर्मदा नदी से मशीनों से रेत का खनन एवं परिवहन जारी है।प्रशासन के दावे की खोली पोलकंप्यूटर बाबा ने छापा मारकर नर्मदा नदी में मशीनों से रेत का अवैध उत्खनन नहीं होने के दावे की पोल खोल दी है। राज्य सरकार ने नई खनिज नीति में नर्मदा नदी में मशीनों से रेत के उत्खनन पर रोक लगाई है। इसके बावजूद भी होशंगाबाद समेत अन्य जिलों में नर्मदा नदी से रेत का अवैध उत्खनन बड़े पैमाने पर हो रहा है। इस मामले में कम्प्यूटर बाबा ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा है कि रात में प्रशासन की टीम के साथ जासलपुर घाट पर रेत खनन एवं परिवहन में शामिल वाहन पकड़े। अफसरों को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए हैं। प्रदेश में कमलनाथ की मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार है। खनन माफिया को किसी भी सूरत में पनपने नहीं दिया जाएगा। 

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Dakhal News 10 February 2020


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भोपाल। मध्यप्रदेश में नए मुख्य सचिव की खोज शुरू हो गई है। नए मुख्य सचिव को लेकर कई नामों पर चर्चा पर भी हो रही है, लेकिन इस रेस में सबसे आगे 1985 बैच के आईएएस अधिकारी गोपाल रेड्डी का नाम है। गौरतलब है कि वर्तमान मुख्य सचिव एसआर मोहंती का कार्यकाल 31 मार्च 2020 को खत्म हो रहा है। उन्होंने 31 दिसम्बर 2018 को कांग्रेस सरकार बनने के बाद कार्यभार संभाला था।   संभावना जताई जा रही है कि मोहंती के उत्तराधिकारी गोपाल रेड्डी होंगे। जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव व 1985 बैच के आईएएस एम गोपाल रेड्डी मप्र के नए मुख्य सचिव हो सकते हैं। इसका आदेश 31 मार्च को निकलेगा। गोपाल रेड्डी अभी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे। हाल ही में वह मध्यप्रदेश लौटकर आए हैं। हालांकि प्रदेश में इनसे सीनियर कई आईएएस अधिकारी हैं। मगर सीएम की गुड बुक में अभी गोपाल रेड्डी का ही नाम सबसे ऊपर है। वह छिंदवाड़ा में कलेक्टर भी रह चुके हैं। हालांकि ये भी सितम्बर में रिटायर हो जाएंगे। इस रेस में अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव का भी नाम था। इस रेस से बाहर होने के बाद वह लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। वह 1984 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।  

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Dakhal News 10 February 2020


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बैतूल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद प्रशासनिक अधिकारी अति उत्साह में कानून को हाथ में लेकर सार्वजनिक रूप से मारपीट एवं गाली गलौच करने से भी नहीं चूक रहे हैं। गत दिनों राजगढ़ कलेक्टर निधि निवेदित द्वारा सहायक उपनिरीक्षक को थप्पड़ मारने के मामले में कलेक्टर के खिलाफ आरोप प्रमाणित होने के बाद भी अब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी बीच बैतूल जिले के भैंसदेही एसडीएम आरएस बघेल द्वारा रेत के ट्रकों की जांच के दौरान उनके चालकों एवं मालिकों के साथ गाली गलौच करने का मामला सामने आया है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसके बाद भैंसदेही एसडीएम के दुव्र्यवहार से आक्रोशित महाराष्ट्र के रेत कारोबारियों ने मय प्रमाण प्रदेश के मुख्यमंत्री से शिकायत कर कार्यवाही की मांग की है। कारोबारियों ने आरोप लगाया है कि भैंसदेही एसडीएम द्वारा रेत के ट्रकों की जांच की आड़ में अवैध वसूली के लिए लम्बे समय से दबाव बनाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह भैंसदेही एसडीएम आरएस बघेल ने गुदगांव चौपाटी पर पुलिस एवं राजस्व अमले के साथ रेत के ट्रकों की जांच पड़ताल की थी। इस दौरान अवैध रेत परिवहन की आशंका में एसडीएम ने 30 ट्रकों को जब्त कर भैंसदेही में खड़ा करवा दिया था। बताया जाता है कि ट्रक चालकों एवं मालिकों ने रेत परिवहन की वैध अनुज्ञा होने के बाद भी वाहन जब्ती की कार्रवाई की गई। वैध अनुज्ञा को मानने से जब एसडीएम ने इंकार किया तो ट्रक चालकों और उनके बीच बहस होने लगी। इसी दौरान अपनी पदीय गरिमा को भूलकर एसडीएम भडक़ गये एवं पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उन्होंने चिल्ला चिल्लाकर गालियां देनी शुरू कर दी। एसडीएम द्वारा की गई गाली गलौच का शनिवार को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।वीडियो में एसडीएम को साफ-साफ ट्रक चालकों को गालियां देते हुए सुना जा सकता है। वे कह रहे हैं कि ‘चोर साले क्या समझ रहे हो... तुम गुंडे हो... मेरे को नियम कानून सिखाओ... इसी दौरान एक ट्रक ड्रायवर ने प्रति प्रश्र किया कि क्या मैं चोर हूं.... गुंडा...हूं... मैं रायल्टी दिखाता हूं... नियम हमारे लिए भी बने हैं। वीडियो में भैंसदेही एसडीएम पदीय गरिमा को भूलकर तैश में आकर अपना आपा खोते नजर आ रहे हैं। एसडीएम जब गाली गलौच कर रहे थे तो मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी ट्रक ड्रायवरों-चालकों के साथ धक्का-मुक्की करते नजर आ रहे हैं। अवैध परिहवन की आशंका में भैंसदेही एसडीएम द्वारा जब्त किए गए तीस ट्रकों की जांच दो दिनों बाद भी शुरू नहीं हुई है, जिससे महाराष्ट्र के रेत कारोबारी आक्रोशित हैं। एसडीएम के द्वारा की गई जांच पड़ताल को संदिग्ध बताते हुए महाराष्ट्र के रेत कारोबारियों ने आरोप लगाया है कि रेत के ट्रकों की जांच के दौरान खनिज विभाग के अधिकारियों का नहीं होना यह साबित करता है कि दबाव बनाने के लिए जांच पड़ताल की गई है। उनके द्वारा बाकायदा वैध परिवहन अनुज्ञा के आधार पर रेत का परिवहन किया जा रहा है। यदि रेत परिवहन में गड़बड़ी है तो मौके पर ही खनिज अधिकारियों को बुलाकर कार्यवाही क्यों नहीं की गई। इस मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ को एक शिकायती पत्र भेजकर एसडीएम के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।मेरे ऊपर चढ़ाई कर रहे थे इसलिए की गाली गलौच: एसडीएमइस मामले में भैंसदेही एसडीएम आरएस बघेल का कहना है कि रेत के अवैध परिवहन की आशंका में 30 ट्रक जब्त कर जांच के लिए माइनिंग को केस भेज दिए हैं। जांच के दौरान ट्रक ड्रायवरों के साथ गाली गलौच करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे लोग मेरे ऊपर चढ़ाई कर रहे थे इसलिए उन्होंने गोली गलौच की थी। प्रतिवेदन आया है, जांच करेंगे: माइनिंग ऑफीसरवहीं, जिला खनिज अधिकारी शशांक शुक्ला ने बताया कि भैंसदेही एसडीएम द्वारा 30 ट्रकों से रेत के अवैध परिवहन का प्रतिवेदन रायल्टी पर्ची एव पंचनामे के साथ जांच के लिए भेजा है। प्रतिवेदन में ड्रायवरों के बयान नहीं है। प्रतिवेदन के साथ भेजी गई रायल्टी पर्चियां की जांच पोर्टल से की जाएगी। जांच होने के बाद नियमानुार कार्यवाही की जाएगी।

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Dakhal News 9 February 2020


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धार। जिले के मनावर थाना क्षेत्र में बच्चा चोरी के शक में 6 किसानों पर भीड़ के हमला करने (माब लिंचिंग) के मामले में पुलिस ने तीन और आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, जिला पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने एक अन्य थाना क्षेत्र तिरला के एसआई रमेश चौहान को निलंबित कर दिया है।    बताया गया है कि करीब 45 लोगों पर हत्या और बलवे का मामला दर्ज किया गया है। इसमें से 30 आरोपितों को चिन्हित कर उनके फोटोग्राफ्स जारी कर इन पर 10 -10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। पुलिस ने शनिवार की रात बोरलाई और लिम्दा से दो आरोपितों को पकड़ा है। इसमें मंगलसिंह पुत्र भुवानसिंह निवासी लिम्दा और दूसरा दिनेश पुत्र मांगू बोरलाई के साथ ही लालू पुत्र राम सिंह भीलाला टेमरिया मनावर को गिरफ्तार किया है। अन्य सभी शातिर अपराधी जंगलों में जाकर छुप गए हैं। पुलिस पांच टीमें बनाकर अलग-अलग छापेमारी कर पकड़ने का प्रयास कर रही है।

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Dakhal News 9 February 2020


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बैतूल (मध्य प्रदेश)। चीन से हाल ही में लौटे पांच स्थानीय छात्र स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की कड़ी निगरानी में हैं। पांचों एमबीबीएस के छात्र हैं।    पांचों को अपने-अपने घरों में अलग कमरे में रखा गया है। इन कमरों को अस्थाई रूप से आइसोलेशन वार्ड में तब्दील किया गया है। इन कमरों में किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है। जिला महामारी एवं रोग नियंत्रण अधिकारी आरके धुर्वे का कहना है कि पांचों छात्र स्वस्थ हैं। इनमें कोरोना वायरस से संबंधित किसी भी प्रकार के कोई लक्षण अभी तक नजर नहीं आया है। इन छात्रों में एक पाढर,एक बैतूल, एक भौंरा, एक सारणी और एक शाहपुर का रहने वाला है। इनके स्वास्थ्य की रिपोर्ट प्रतिदिन भोपाल और दिल्ली भेजी जा रही है।

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Dakhal News 9 February 2020


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नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को मतदान संपन्न हो गया। सभी 70 सीटों पर औसतन 57 प्रतिशत मतदान हुआ है। हालांकि मतदान के अंतिम आंकड़ों में एक-आध प्रतिशत की घट-बढ़ हो सकती है, क्योंकि मतदान खत्म होने की समय सीमा शाम छह बजे तक कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लगी थीं। छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण रहा। वर्ष 2015 के चुनाव में 67.12 प्रतिशत मतदान हुआ था। दिल्ली में वर्ष 1993 के बाद से विधानसभा का यह सातवां चुनाव है। वर्ष 1993 में 61.75 प्रतिशत मतदान हुआ था।  चुनाव आयोग के मुताबिक विधानसभा की 70 सीटों में से सबसे अधिक मतदान (68.50) मटियामहल क्षेत्र में हुआ है, जबकि सबसे कम (37.50 प्रतिशत) शकूरबस्ती में हुआ है। इसी के साथ सभी 70 सीटों पर कुल 672 उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया है। मतगणना 11 फरवरी को होगी और नतीजे भी उसी दिन दोपहर तक आ जाएंगे। नई दिल्ली सीट पर सबसे ज्यादा 28 उम्मीदवार चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं, जबकि सबसे कम चार उम्मीदवार पटेलनगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं बुराड़ी सीट पर 22 और करावलनगर सीट पर 18 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इस बार मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप), भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। आप ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नई दिल्ली सीट से चुनाव मैदान में उतारा है। उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया आप उम्मीदवार के रूप में पटपड़गंज सीट से चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं। जबकि भाजपा ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता को रोहिणी सीट चुनाव मैदान में उतारा है।   विधानसभा की सभी 70 सीटों पर कुल 1,47,86,389 मतदाता हैं। इनमें 81,05,236 पुरुष और 66,80,277 महिला हैं, जबकि 869 थर्ड जेंडर मतदाता है। चुनाव आयोग के मुताबिक पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं की संख्या 2,32,815 है।    ओखला विधानसभा क्षेत्र के शाहीनबाग इलाके में मतदान केंद्रों पर लोग मतदान करने के लिए भारी संख्या में उमड़े। बीते 15 दिसम्बर से यहां नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में प्रदर्शन चल रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान प्रदर्शन स्थल पर काफी बयानबाजी भी हुई थी। शाहीनबाग में पांच पोलिंग बूथ बनाये गए। यहां महिलाएं अलग-अलग जत्थों में वोट डालने पहुंची ताकि विरोध-प्रदर्शन पर मतदान का असर न पड़े।   किस पार्टी को मिली थीं कितनी सीटें  वर्ष 2015 में विधानसभा के मध्यावधि चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 67 और भाजपा ने 03 सीटें जीती थीं।  वर्ष 2013 में भाजपा को 32, आप 28, कांग्रेस 08, अन्य को दो सीटें मिली थीं।  वर्ष 2008 में भाजपा 23, कांग्रेस 43, बसपा दो, अन्य दो।  वर्ष 1993 के प्रथम चुनाव में भाजपा 49, कांग्रेस 14, जनता दल को 04 सीटें मिली थीं।    कब कितना मतदान  वर्ष 2015 - 67.12 वर्ष 2013 - 65.63 वर्ष 2008 - 57.58 वर्ष 2003 - 53.42 वर्ष 1998 - 48.99 वर्ष 1993 - 61.75  (मतदान के आंकड़े प्रतिशत में)    विधानसभा वार मतदान प्रतिशत  नरेला 61.81 , बुराड़ी 48.60, तिमारपुर 51.17, आदर्श नगर 53.25, बादली 56.23, रिठाला 51.20, बवाना 41.95, मुंडका 57, किराड़ी 55.67, सुल्तानपुर माजरा 50.34, नांगलोई 53.15, मंगोलपुरी 59.59, रोहिणी 58.80, शालीमार बाग 45.68, शकूरबस्ती 37.49, त्रिनगर 60.97, वजीरपुर 65.12, मॉडल टाउन 55.85, सदर बाजार 60.74, चांदनी चौक 46.21, मटियामहल 68.35, बल्लीमारान 47.35, करोलबाग 54.79, पटेल नगर 55.84, मोती नगर 51.85, मादीपुर 60.73, राजौरी गार्डन 44.70, हरि नगर 57.35, तिलक नगर 58.60, जनकपुरी 59.12, विकासपुरी 56.79, उत्तम नगर 49.38, द्वारका 58.79, मटियाला 47.36, नजफगढ़ 68, बिजवासन 46.93, पालम 66, दिल्ली कैन्ट 39.52, राजेंद्र नगर 54.44, नई दिल्ली 42, जंगपुरा 43.35, कस्तूरबा नगर 49.19, मालवीय नगर 59.20, आरके पुरम 50.92, महरौली 46.59, छतरपुर 48.80, देवली 59.19, अम्बेडकर नगर 52.75, संगम विहार 59.88, ग्रेटर कैलाश 60, कालकाजी 53.82, तुगलकाबाद54.30, बदरपुर 53.99, ओखला 50.05, त्रिलोकपुरी 43.22, कोंडली 60.84, पटपड़गंज 56.11, लक्ष्मी नगर 54.95, विश्वास नगर 58.68, कृष्णानगर 62.51, गांधीनगर 58.91, शाहदरा 59.26, सीमापुरी 63, रोहतास नगर 44.20, सीलमपुर 60.63, घोण्‍डा 60.52, बाबरपुर 60.26, गोकलपुरी 61.93, मुस्तफाबाद 66.29, करावल नगर में 63.24 प्रतिशत मतदान हुआ है।   मतदान के अंतिम आंकड़ें अभी और बढ़ने की संभावना है क्योंकि मतदान खत्म होने की समय-सीमा शाम छह बजे तक कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लगी थीं।

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Dakhal News 8 February 2020


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भोपाल।  पेयजल योजनाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए और उनके क्रियान्वयन के लिए वित्तीय संसाधन जुटाए जाएं। पेयजल योजनाओं के संचालन और संधारण की लागत का विश्लेषण किया जाना चाहिए और उन्हें स्वयं के वित्तीय स्रोतों के जरिए संचालित करने का प्रयास होना चाहिए। उक्‍त बातें आज मंत्रालय में मध्यप्रदेश जल निगम के संचालक मंडल की बैठक में  निर्देश देते हुए  मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कही हैं ।    उन्‍होंने निर्माणाधीन योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि नई जल परियोजनाओं के सभी प्रस्ताव समयबद्ध कार्यक्रम के साथ प्रस्तुत किए जाएं। साथ ही उसके अनुसार योजनाएं पूरी हों यह भी सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने नई योजनाओं की वित्तीय रूपरेखा बनाने में अनुभवी संस्थाओं की सेवाएं लेने को कहा।वहीं, मुख्यमंत्री ने आगामी ग्रीष्म ऋतु के दौरान आम नागरिकों के लिए पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।   श्री नाथ के अलावा इस बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पांसे, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल एवं नगरीय विकास मंत्री जयवर्द्धन सिंह भी उपस्थित थे इस दौरान प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी संजय शुक्ला ने भारत सरकार के जलजीवन मिशन के प्रावधानों की जानकारी संचालक मंडल की बैठक में दी। साथ ही बैठक में मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती, अपर मुख्य सचिव वित्त अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन  एम. गोपाल रेड्डी, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास मनोज श्रीवास्तव उपस्थित थे।

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Dakhal News 8 February 2020


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भोपाल/इंदौर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देश पर प्रदेश में हाईकोर्ट से लेकर जिला एवं सत्र न्यायालयों में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया है, जिसका शुभारंभ सुबह 10.30 बजे हुआ। इस लोक अदालत के लिए गठित विभिन्न खंडपीठों में आपसी सुलह-मशबिरे के आधार पर लम्बित प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है। बड़ी संख्या में पक्षकार लोक अदालत में पहुंच रहे हैं। प्रदेश के सभी जिला एवं तहसील स्तर पर आयोजित इस नेशनल लोक अदालत में न्यायालय में लंबित आपराधिक प्रकरण, परक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत चेक बाउंस प्रकरण, बैंक रिकबरी संबंधी मामले, एमएसीटी (मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण) के मामले, वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण के प्रकरण, विद्युत एवं जलकर एवं बिल संबंधी प्रकरण (चोरी के मामलों को छोडक़र), सेवा मामले जो सेवा निवृत्त संबंधी लाभों से संबंधित है, राजस्व के प्रकरण (जिला न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों में लंबित), दीवानी मामले तथा बैंक रिकवरी, 138 एनआईएक्ट, जलकर, एवं विद्युत संबंधी पूर्ववाद (प्रीलिटिगेशन) आदि राजीनामा योग्य प्रकरणों को अधिक से अधिक संख्या में निराकरण के लिए रखा जाएगा। जिला प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेशभर में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ शनिवार को सुबह 10.20 बजे हो चुका है। जिला न्यायालय, समस्त तहसील न्यायालय, कुटुम्ब न्यायालय, श्रम न्यायालय एवं सहकारी संस्थाओं में आयोजित इस लोक अदालत में लम्बित मामलों की सुनवाई जारी है। इन प्रकरणों का आपसी समझौते के आधार पर निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने समस्त पक्षकार एवं उनके अधिवक्तों से अपील की है कि वे अपने प्रकरण अधिक से अधिक संख्या में निपटाकर लोक अदालत योजना का लाभ उठाएं।

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Dakhal News 8 February 2020


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इंदौर। जिले के इंदौर -उज्जैन रोड स्थित धरमपुरी गांव के एक बड़े पॉवर हाउस में शुक्रवार सुबह अचानक आग लग गई। आग की लपटें इतनी भीषण थीं कि दूर से ही उसे देखा जा सकता था। पॉवर हाउस से धुंआ निकलता देख वहां अफरा तफरी मच गई। सूचना के बाद मौके पर पहुुंची फायर बिग्रेड की टीम ने आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया।    आग की वजह से जैतपुरा, धरमपुरी, सांवेर के कुछ क्षेत्रों और इंदौर के औद्योगिक इलाकों में बिजली बंद होने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल अलग अलग ट्रांसफार्मर में लगी आग पर पानी से काबू नहीं पाया जा सका है और अब रेत का सहारा लेकर आग बुझाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। आग पर काबू पाने के बाद विद्युत विभाग जल्द पॉवर सप्लाई शुरू करने की कोशिश के साथ ही ग्रिड में आई खामी का पता लगाने की कोशिश भी करेगा।   घटना धरमपुरी ग्राम के पाकीजा स्कूल के पास जेतपुरा पहाड़ी पर स्थित ग्रिड की है। यहां स्थित पॉवर हाउस में शुक्रवार सुबह एक के बाद एक धमाके की आवाज आई और उसके बाद सांवेर रोड क्षेत्र में स्थित धरमपुरी इलाके और आस - पास के अन्य ग्रामीण इलाकों के आसमान में धुंए का गुबार छा गया। यहां पॉवर हाउस की एक बड़ी ग्रिड में आग इतनी तेजी से फैली की उसकी लपटें दूर दूर तक दिखाई देने लगीं। चंद मिनटों में ही आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें देखकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। आग लगने के बाद विद्युत विभाग ने ग्रिड से विद्युत सप्लाई रोक दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी, जिसके बाद बहुत हद तक आग पर काबू पा लिया गया है। धरमपुरी के रहने वाले अजय कुमार चौहान ने बताया कि घटना धरमपुरी क्षेत्र के जैतपुरा गांव की है, जहां ग्रिड में बड़ा ब्लास्ट हुआ और 10 मिनट तक धमाके होते रहे।

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Dakhal News 7 February 2020


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सीहोर। चार साल पहले आष्टा जनपद सीईओ के रहते ग्राम पंचायतों में भारी  भ्रष्टाचार हुआ था। जांच रिपोर्ट में पंचायतों पर आरोप सिद्ध होने के बाद कुछ कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई भी हुई थी, लेकिन जिला पंचायत सदस्य ने इस मामले में सरपंच, सचिवों व जिम्मेदारों को दोषी ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की थी। बावजूद इसके 1 फरवरी 2020 को एक बार फिर से उन्हीं सीईओ को आष्टा जनपद सीईओ की कमान सौंपने आदेश जारी किए गए है।    जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 से 2016 तक संजय अग्रवाल आष्टा जनपद में सीईओ रहे हैं। जिनके 1 फरवरी को पुन: पदस्थापना के आदेश जारी होने से स्थानीय जनप्रतिनिधयिों में हलचल तेज हो गई है। क्योंकि पूर्व कार्यकाल में हुए ग्राम पंचायतों के घोटाले को लेकर उन पर कई आरोप लगे थे। इसको लेकर जिला पंचायत सदस्य आम्बाराम मालवीय ने पंचायतों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की थी। जिसमें कहा गया था कि आष्टा जनपद सीईओ संजय अग्रवाल के रहते मनरेगा के कार्य पशु शेड, मेढ़बंधान आदि में 55 लाख रुपए का फर्जी भुगतान किया था, जिन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कुमडावदा तालाब के भंडार भूमि की नीलामी न कर सीधे लाखों रुपए का गबन किया गया। इसको लेकर दोषियों पर एफआईआर व शासन को हुई क्षति भरपाई करने की कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन सीईओ संजय अग्रवाल की पुन: पदस्थापना से एक बार फिर प्रदेश की कमलनाथ सरकार प्रश्न चिंह तो लग ही रहे हैं। साथ ही जनप्रतिनिधि भी इस आदेश से भौचक्के नजर आ रहे हैं।    यह है मामला, सही पाई गई थी शिकायत शिकायतकर्ता भैरोलाल व हमीरसिंह द्वारा ग्राम पंचायत मुगली जनपद पंचायत आष्टा द्वारा भ्रष्टाचार की शिकायत की थी, जिसकी तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ डॉ केदार सिंह ने 4 सदस्यीय दल गठित कर जांच कराई थी। जॉच रिपोर्ट ग्राम पंचायत मुगली में व 2013-14 में 45 में से चार ही पशु शेड मौके पर मिले थे, जिसमें लगभग 18.22 लाख राशि फर्जी तरीके से आहरित की गई। वहीं 2012-13 से 2013-14 में 75 बकरी शेड 9 ही मिले थे, जिसमें करीब 29.33 लाख रुपए आहरण किए गए थे। जबकि इसी समय 31 मेढ़ बंधान कार्य स्वीकृत किए गए जिसमें से मौके पर कोई बंधान नहीं पाया गया, जिस पर कुल व्यय राशि 3.72110 का दुरूपयोग किया गया था। इसमें फर्जी तरीके से मूल्यांकन उपयंत्री पुरूषोत्तम अग्रवाल तथा तत्कालीन सहायक यंत्री आरबी चौधरी द्वारा लगभग 52 रुपए से अधिक राशि के फर्जी मूल्यांकन तथा सत्यापन किया गया। जांच रिपार्ट में बिना कार्य कराए फर्जी राशि आहरण की पुष्टि हुई थी। जिसमें चार कर्मचारियों को निलंबित किया गया था, लेकिन अभी तक उनसे वसूली नहीं की गई है।   शिकायत की थी ग्रामीणों के साथ मिलकर मैंने मामले की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले को जिला पंचायत की सामान्य सभा में भी कई बार उठाया गया था। मेरा प्रयास है कि जिन हितग्राहियों के नाम पर गबन किया गया है, उसकी वसूली कर हितग्राहियों को लाभ दिलाया जाए।  आम्बाराम मालवीय, सदस्य जिला पंचायत

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Dakhal News 7 February 2020


bhopal, Diggi expressed objections , Ram temple trust, hurt on Sanatan traditions

भोपाल। केंद्र की मोदी सरकार के हर काम पर टीका-टिप्पणी करना पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के लिये सबसे जरूरी कामों में से एक है। अब उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिये गठित ट्रस्ट को लेकर आपत्ति जताई है। जिस तरह से सरकार ने इस ट्रस्ट का गठन किया है, उसे दिग्विजय सिंह ने सनातन धर्म की परंपराओं पर चोट बताया है।    केंद्र सरकार द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट के गठन का जहां प्रदेश के भाजपा नेताओं ने स्वागत किया है, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने इसकी निंदा की है। उन्होंने कहा है कि इस ट्रस्ट में एक भी मान्यता प्राप्त शंकराचार्य या रामानन्दी संप्रदाय के संत शामिल नहीं हैं। उन्होंने पूछा है कि पूर्व से स्थापित रामालय ट्रस्ट को मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी दिये जाने में क्या परेशानी है, जिसका गठन सनातन धर्म के सभी संतों की सहमति से किया गया था। उन्होंने कहा है कि मोदी-शाह सरकार राजनीतिक स्वार्थ के लिये सनातन धर्म की परंपरागत मान्यताओं को भी नष्ट कर रही है।   

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Dakhal News 7 February 2020


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इन्दौर।  मध्यप्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी इंदौर सिर्फ व्यवसाय के लिए ही नहीं यहाँ के कोचिंग संस्थानोंं के लिए भी मशहूर है । देश-प्रदेश के युवा इस शहर में अपने भविष्य का निर्माण करने आते हैंं । एजुकेशन हब होने के कारण यहा कोचिंग संस्थानोंं की भरमार है जिसके चलते जगह-जगह शहर में कोचिंग संस्थानो के होर्डिंग टंगे नज़र आते हैंं। लेकिन अब नगर निगम प्रशासन ने सख्ती से इन संस्थानोंं की गैर जिम्मेदाराना प्रचार प्रणाली पर कार्यवाई की है ।    नगर निगम आयुक्त आशीष सिंह के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश आउटडोर मिडिया डिवाईस नियम 2017 के अंतर्गत पंजीयन करवाने एवं विज्ञापन प्रदर्शन करने की अनुमति नहींं लेने वाले के विरूद्ध मार्केट विभाग द्वारा शहर के मुख्य रूप से भंवरकुआ चैराहा व भंवरकुआ क्षेत्र के आस-पास स्थित कोचिंग संस्थानो को बगैर अनुमति के विज्ञापन होर्डिग्स लगाने वालोंं को नोटिस जारी करते हुए राशि जमा कराने हेतु सुचित किया गया है।     उल्‍लेखनीय है कि कोचिंग संस्थानोंं को नगर निगम के आदेशानुसार  07 दिनों के भीतर निर्धारित शुल्क जमा कराकर, नियमानुसार पंजीयन कराया जाना आवश्यक था, साथ ही विज्ञापन प्रदर्शन का समय सीमा में विज्ञापन कर भी जमा कराया जाना अनिवार्य था। लेकिन इन संस्थानोंं ने कोई भी राशि जमा नहींं कराई। इस कारण बीते मंगलवार शाम से इनके विरूद्ध सख्त कार्यवाही के साथ ही विज्ञापन बोर्ड हटाने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है जो आज बुधवार को भी देखी गई ।      मध्यप्रदेश आउटडोर मिडिया डिवाईस नियम 2017 को दृष्टिगत रखते हुए, मार्केट विभाग द्वारा भंवरकुआ व आस-पास के कोचिंग संस्थानो जिनमें कौटिल्य एकेडमी पर रूपये 672600, विश्वास एकेडमी पर रूपये 99120, ओसियन एकेडमी पर 35400, जादौन एकेडमी पर 31860 की राशि वसूल की गई है ।  इसके साथ ही निगम मार्केट विभाग द्वारा शेष रहे संस्थानोंं को भी नियमानुसार विज्ञापन बोर्ड का पंजीयन कराने व विज्ञापन की राशि जमा करने के निर्देश दिये गये हैंं। 

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Dakhal News 5 February 2020


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भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ को महिला-बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने बुधवार को मंत्रालय में मंत्री-मंडल की बैठक के पूर्व मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिये विभिन्न श्रेणियों में मिले तीन राष्ट्रीय पुरस्कार सौंपे। कमलनाथ ने इस उपलब्धि के लिये मंत्री इमरती देवी और विभागीय अधिकारियों- कर्मचारियों तथा मैदानी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण एवं शिशु-मातृ मृत्यु दर को समाप्त करने के लिये प्रतिबद्धता के साथ काम करें।   मंत्री इमरती देवी ने मुख्यमंत्री नाथ को बताया कि मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में उल्लेखनीय कार्य के लिये तीन श्रेणियों में राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किये गये हैं। योजना के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय कार्य के लिये राज्य स्तरीय श्रेणी में मध्यप्रदेश को प्रथम पुरस्कार मिला है। जिला स्तरीय श्रेणी में प्रदेश के इंदौर जिले को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना सप्ताह के क्रियान्वयन के लिये प्रदेश को देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। प्रदेश में यह सप्ताह 2 से 8 दिसम्बर 2019 तक मनाया गया था।   महिला-बाल विकास मंत्री ने बताया कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर बाल शिक्षा केन्द्र खोले जा रहे हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा कुपोषित बच्चे लाभांवित हो सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश से कुपोषण को समाप्त करना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 3 हजार से ज्यादा डे-केयर सेन्टर खोले जा रहे हैं। बच्चों को ज्यादा से ज्यादा पोषक आहार दिया जा रहा है। साथ ही, अभिभावकों को भी पोषण आहार से संबंधित जानकारी दी जा रही है। सभी जिलों, ब्लाक एवं गांव में कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर योजना का अधिक से अधिक लाभ पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।   प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में प्रदेश में अब तक कुल 14 लाख 55 हजार 501 हितग्राहियों को पंजीकृत किया गया है। लगभग 13 लाख 40 हजार 224 हितग्राहियों को पहली किश्त, 12 लाख 60 हजार 304 हितग्राहियों को दूसरी और 8 लाख 80 हजार 517 हितग्राहियों को तीसरी किश्त का भुगतान किया गया है।  

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Dakhal News 5 February 2020


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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करते हुए अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में इसका ऐलान करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट के गठन को मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि इस ट्रस्ट का नाम ‘श्री राम जन्मस्थली तीर्थ क्षेत्र’ होगा और यह पूरी तरह से स्वायत्त होगा। इसके साथ ही सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में  पांच एकड़ जमीन दी जाएगी।   बुधवार को लोकसभा में सदस्यों को इसकी जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में श्रीराम जन्मस्थली पर भव्य मंदिर के निर्माण के लिए और इससे संबंधी अन्य विषयों के लिए एक विशाल योजना तैयार की है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक एक स्वायत्त ट्रस्ट श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के गठन का प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक मंदिर बनाने के लिए होगा।   उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा क भारत की प्राणवायु में, आदर्शों में, मर्यादाओं में भगवान श्रीराम और अयोध्या की ऐतिहासिकता से हम सभी परिचित हैं। अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण वर्तमान और भविष्य में रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए एक और फैसला किया गया है। पीएम ने बताया कि कानून के तहत ट्रस्ट को 67.03 एकड़ जमीन ट्रांसफर की जाएगी, जिसमें भीतरी और बाहरी आंगन भी शामिल है। उन्होंने कहा कि रामलला विराजमान की जमीन भी ट्रस्ट को मिलेगी। यह ट्रस्ट ही भव्य और दिव्य राम मंदिर निर्माण पर फैसला लेगा।   प्रधानमंत्री ने सदन में सदस्यों को बताया कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में पांच एकड़ जमीन आवंटित की जाएगी और इसके लिए उत्तर प्रदेश  सरकार ने भी अपनी सहमति प्रदान कर दी है। मोदी ने कहा कि ‘09 नवम्बर को अयोध्या पर फैसला आने के बाद देशवासियों ने परिपक्वता का परिचय दिया। मैं उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा करता हूं। हमारी संस्कृति, हमारी परम्पराएं वसुधैव कुटुम्बकम का दर्शन देती है और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देती है। हिंदुस्तान में हर पंथ के लोग चाहे हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई हों या बौद्ध, पारसी जैन हों, हम सब एक वृहद परिवार के सदस्य हैं। इस परिवार के हर सदस्य का विकास हो, वो सुखी रहे, स्वस्थ रहे, देश का विकास हो इसी भावना के साथ मेरी सरकार सबका साथ, सबका विश्वास के मंत्र पर चल रही है।’  

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Dakhal News 5 February 2020


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भोपाल। मध्‍यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में आयोजित होने वाले आईफा अवार्ड समारोह को लेकर सरकार पर फिर निशाना साधा है। इस बार उन्‍होंने कांग्रेस की कमलनाथ सरकार को घेरते हुए गंभीर आरोप भी लगाए हैं। साथ में अपने आरोपों को पुख्‍ता करने के लिए सोशल मीडिया पर एक समाचार पत्र की कटिंग की साझा की है।    उन्होंने मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि '' प्रदेश सरकार #IIFA2020 में व्यस्त हैं। फिल्मी सितारों के ग्लैमर में मदहोश है। इसे आम जनता का दर्द दिखाई नहीं दे रहा है। गाड़ियां फूंकी जा रही हैं, गुंडों की पौ बारह है, चारों तरफ त्राहि-त्राहि मची है, लेकिन सरकार कुंभकरणी निद्रा में सो रही, आखिर कब तक सोती रहेगी? #MP_मांगे_जवाब''। पूर्व मुख्‍यमंत्री ने इससे पहले भी एक ट्वीट कमलनाथ सरकार को घेरते हुए उस पर गंभीर आरोप लगाते हुए किया, जिसमें उन्‍होंने लिखा कि 'कांग्रेस सरकार पर सत्ता का नशा सिर चढ़कर बोल रहा है। इसीलिए अतिथि विद्वानों और उनके परिवार की पीड़ा दूर करने व उनका हक देने की बजाय करोड़ों रुपए #IIFA अवॉर्ड की चकाचौंध पर उड़ाने के लिए सरकार बावली है। अतिथि विद्वानों के बच्चों और परिवार की हाय सरकार को ले डूबेगी। मध्‍यप्रदेश जवाब मांग रहा है' ।    उल्‍लेखनीय है कि मध्‍यप्रदेश में लम्‍बे समय से शासकीय महाविद्यालयों में पढ़ा रहे अतिथि विद्वान नियमितिकरण की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र जिसे उसने वचन पत्र का नाम दिया था उसमें भी इन अतिथि विद्वानों के नियमित करने का जिक्र है, इसलिए पूर्व मुख्‍यमंत्री चौहान बार-बार इस मुद्दे पर कमलनाथ सरकार से कह रहे हैं कि कांग्रेस सरकार अपने वचन पत्र में कही बातों को अमल में लाए। प्रदेश की जनता से वादा खिलाफी ना करे। वहीं, उनका कहना यह भी है कि आईफा अवार्ड समारोह में प्रदेश का धन खर्च करने के बजाए पहले प्रदेश की सरकार प्रदेश की समस्याओं का हल करे, उन पर व्‍यय करने पर ध्‍यान दे।   

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Dakhal News 4 February 2020


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भोपाल। रीवा लोकायुक्त पुलिस ने योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग रीवा संभाग के संयुक्त संचालक आरके झारिया को डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए सोमवार को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उनके रीवा तथा भोपाल स्थित ठिकानों पर छापे की कार्रवाई देर रात तक होकर मंगलवार सुबह तक चलती रही। इस कार्रवाई के दौरान अकेले उनके भोपाल में कोलार स्‍थ‍ित घर से 36 लाख नगद की राशि बरामद हुई है। वहीं रीवा के ठिकानों को मिलाकर यह राशि चालीस लाख रुपए से अधिक व  नगदी सहित करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति का खुलासा लोकायुक्त पुलिस द्वारा किया गया है ।   उनके इस भ्रष्‍टाचार का खुलासा तब हुआ जब संयुक्त संचालक ने विधायक निधि से काम कराने वाले ठेकेदार को प्रशासनिक स्वीकृति दिलाने के नाम पर रिश्वत की मांग की। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक रीवा राजेंद्र वर्मा ने बताया है कि पिछले दिनों ठेकेदार संतोष (34) पिता रामनिवास द्विवेदी निवासी रतहरा ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी कि योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के संभागीय संयुक्त संचालक आरके झारिया विधायक निधि से स्वीकृत कार्य में प्रशासनिक अनुमति दिलवाने के एवज में 3 प्रतिशत राशि की मांग कर रहे हैं। विधायक निधि से ग्रामीण क्षेत्र में पानी का टैंकर व 10 गांवों में यात्री प्रतीक्षालय बनवाने के लिए विधायक निधि से 71 लाख 22 हजार 500 रुपये की धनराशि जारी की गई थी। इस काम में प्रशासनिक अनुमति दिलाने के लिए रिश्वत की मांग की जा रही है।   लोकायुक्त एसपी राजेन्द्र वर्मा ने बताया कि इस शिकायत के बाद लोकयुक्‍त पुलिस सक्रिय हुई और डेढ़ लाख में सौदा तय किया गया। हमने अपने साथी प्रवेंद्र कुमार, निरीक्षक अनूप सिंह ठाकुर के नेतृत्व में 16 सदस्यीय टीम का गठन कर कार्रवाई के निर्देश दिए। जिसके बाद संयुक्त संचालक आरके झारिया को डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है। अब कार्रवाई के बाद आरोपित को जमानत दे दी गई है।   उधर, भोपाल लोकायुक्त के उप पुलिस अधीक्षक नवीन अवस्थी के नेतृत्‍व में भोपाल में कोलार क्षेत्र स्थितउनके निजी निवास पर छापे की कार्रवाई की गयी, जिसमें लोकायुक्‍त पुलिस को 36 लाख रुपये नगद, पौने दो किलो सोना एवं चांदी बरामद हुई है। इसके अलावा उनके दो बैंक लॉकरों का भी पता चला है। लोकयुक्‍त पुलिस से जुड़े अधिकारिक सूत्रों ने इस कार्रवाई को लेकर बताया कि पहले यह छापा सोमवार सुबह तय 11 बजे डाला जाना था लेकिन लोकायुक्त टीम ने अचानक से अपनी योजना में फेरबदल किया ओर इसे शाम पांच बजे का कर दिया, जोकि जांच आगे फिर पूरी रात चलती रही। अपने तय समय के अनुसार  ठेकेदार रिश्वत की रकम लेकर जैसे ही संयुक्त संचालक आरके झारिया को देने उनके कार्यालय में पहुंचा तभी लोकायुक्त टीम ने रिश्वत लेते हुए संयुक्त संचालक को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था।

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Dakhal News 4 February 2020


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भोपाल। मध्‍य प्रदेश की धरती पर पहली बार अगले माह आईफा अवॉर्ड्स समारोह का आयोजन 27 से 29 मार्च के बीच होने जा रहा है, जिसे लेकर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, पूर्व विधानसभा अध्‍यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा और अन्‍य विपक्षी नेताओं खासकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े नेताओं ने सूबे की कांग्रेस के नेतृत्व वाली कमलनाथ सरकार को घेरा है। कांग्रेस सरकार इस मामले में चारों ओर से घिरी नजर आ रही है। नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लेकिन वह कुछ बोल नहीं रही है।    नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने मंगलवार को आईफा अवार्ड पर सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आईफा अवार्ड मध्‍यप्रदेश की कांग्रेस सरकार के निकम्मेपन, नाकारापन और वादाखिलाफी का जश्न है। प्रदेश सरकार एक साल  बाद भी किसानों का कर्जमाफ नहीं कर सकी है। सरकार ने वृद्धजनों के लिए जिलों की निराश्रित निधि के 750 करोड़ भी अन्यत्र खर्च कर दिए। हड़ताल पर बैठे अतिथि विद्वानों को नौकरी से निकाला जा रहा है और सरकार का यह तर्क की आईफा से रोजगार बढे़गा, हास्यास्पद है।   उन्‍होंने सोशल मीडिया के जरिए ट्वीट करते हुए सरकार से प्रश्‍न किया कि एक तरफ कमलनाथ की सरकार तत्कालीन भाजपा सरकार पर दोषारोपण करती है कि खजाना खाली छोड़ा है। लेकिन फिजूल खर्ची के लिए मप्र की कांग्रेस सरकार के पास पैसा कहां से आ रहा है। आईफा अवार्ड पर करीब 58 करोड़ से अधिक राशि खर्च करने जा रही है। इसकी तैयारियों के लिए सरकारी मशीनरी को लगाया गया है। सरकार में बैठे लोगों को आईफा अवार्ड जैसे नाच गाने का शौक है तो बड़े शहरों में जाकर अपने पैसों से अपने शौक पूरे करें। जनता की गाढ़ी कमाई ऐसे आयोजनों पर खर्च करना जनता का अपमान है। इसे प्रदेश की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।   उनका कहना यह भी है कि यह आईफा अवार्ड प्रदेश की जनता के पैसों से कमलनाथ सरकार के नाकारापन, वादाखिलाफी, दलित और आदिवासियों पर बढ़ते अत्याचारों का जश्न है। गरीबों की चिंता करने की बजाय कमलनाथ सरकार फिल्म स्टारों की आवभगत में लगेगी।    उधर, कांग्रेस की तरफ से फिलहाल इस मामले में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्‍होंने कहा है कि इस समारोह के होने से प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और यहां के पर्यटन, उद्योग, व्यवासाय और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश में नया निवेश आएगा। इतना ही नहीं, इंदौर में होने वाले आईफा अवार्ड से प्रदेश की ख्याति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचेगी।    नेता प्रतिपक्ष के लगाए गए आरोपों को लेकर इनका कहना यही था कि वे सिर्फ राजनीतिक आधार पर इस कार्यक्रम का विरोध कर रहे हैं जोकि  बेहद शर्मनाक है। इस कार्यक्रम को सिर्फ नाचने गाने वालों का बताकर भाजपा अपनी सोच उजागर कर रही है। सलूजा आगे कहते हैं कि नेता प्रतिपक्ष श्री भार्गव का आयोजन को लेकर किया जा रहा विरोध इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले हजारों लोगों का अपमान है।    उल्‍लेखनीय है कि देश की आर्थ‍िक राजधानी महाराष्‍ट्र के मुंबई शहर के बाद यह आयोजन भारत में दूसरी बार मध्‍यप्रदेश की आर्थ‍िक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर शहर में होने जा रहा है। 

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Dakhal News 4 February 2020


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भोपाल/इंदौर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंककर्मियों की दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रही। इस दौरान मध्यप्रदेश के करीब सात हजार बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे और इन शाखाओं के 22 हजार से अधिक कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। शनिवार को सुबह भोपाल में बैंक कर्मियों ने विशाल रैली निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की, जबकि इंदौर में बैंक कर्मियों ने कमिश्नर कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर कमिश्नर आकाश त्रिपाठी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के जिला अध्यक्ष किशोर जेवरिया ने बताया कि आईबीए द्वारा बुलाई गई बैठक में वेतन पुनरीक्षण समझौता वार्ता विफल होने के कारण नौ बैंक यूनियंस द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की गई है, जिसमें देशभर के 10 लाख बैंक कर्मचारी-अधिकारी शामिल हैं। इसमें मध्यप्रदेश के करीब 22 हजार बैंक कर्मी शामिल हैं। यह हड़ताल शनिवार को भी जारी रही। हड़ताल के दूसरे दिन भी प्रदेश की सात हजार बैंक शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। कर्मचारियों की प्रमुख मांगें हैं कि 20 फीसदी वेतन में बढ़ोतरी हो, बैंकों में हफ्ते में पांच दिन काम, बेसिक में स्पेशल भत्ता, एनपीएस खत्म हो, परिवार पेंशन में सुधार, स्टाफ वेलफेयर फंड का लाभ के आधार पर बांटना, रिटायरमेंट राशि को आयकर मुक्त किया जाए।हड़ताल के दूसरे दिन भी बैंक कर्मियों ने शनिवार को भोपाल समेत प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। भोपाल में अरेरा हिल्स से रैली निकाली गई, जबकि इंदौर में बैंक कर्मियों ने कमिश्नर कार्यालय का घेराव कर कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के जिला संयोजक मोहनकृष्ण शुक्ला ने बताया कि इस दो दिवसीय हड़ताल के चलते मध्यप्रदेश में करीब सात लाख करोड़ का लेन-देन प्रभावित हुआ है। रविवार को छुट्टी होने के कारण बैंक बंद रहेंगे, जिससे कारण चेक क्लीयरिंग के साथ ही अन्य तरह का लेन-देन ठप पूरी तरह रहेगा। हालांकि, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैकिंग और एटीएम चालू हैं, लेकिन तीन दिन बैंक रहने से एटीएम में भी नकदी की दिक्कत आ सकती है।

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Dakhal News 1 February 2020


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भोपाल । कोरोना वायरस को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह से अलर्ट नजर आ रही है। इस मामले में  स्वास्थ विभाग की एडवायजरी जारी होने के बाद अब इस वायरस से संक्रमित हो चुके बिमारों या जिन पर इस वायरस के प्रकोप का अंदेशा है, उन सब के लिए सरकार ने राज्‍य में सभी जगह अपनी तैयारी कर ली है। स्वास्थ विभाग देवी अहिल्या हवाई अड्डे(इंदौर) और राजाभोज विमानतल ( भोपाल) पर प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों का चेकअप और स्क्रीनिंग करवा रहा है। वहीं, गांधी नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी)में विशेष वार्ड बनाने के साथ ही हमीदिया अस्पताल में छह बिस्तर का विशेष वार्ड बनवाया गया है।    इस संबंध में राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में कोरोना वायरस के लिए नोडल ऑफिसर बनाए गए छाती व श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. पराग शर्मा ने शुक्रवार बताया कि हमारे विभाग द्वारा इस वायरस से निपटने की पूरी तैयारी कर ली गई है। वायरस के संक्रमण को आगे रोकने के लिए हमारे पास एन-95 मास्क, सैंपल लेने के लिए पीपीई किट और वायरस ट्रांसपोर्ट मीडिया (वीटीएम) किट और वेंटिलेटर की पर्याप्‍त उपलब्धता है । उन्‍होंने बताया कि संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. उल्का श्रीवास्तव ने भोपाल के बड़े शासकीय हमीदिया अस्पताल के अलावा प्रदेश के सभी 13 सरकारी मेडिकल महाविद्यालयों में अलग से वार्ड बनाकर कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए जरूरी संसाधन रखने संबंधी सभी डीन को पत्र लिखा जा चुका है। जिसके बाद यहां तक जानकारी है, प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों ने इस वायरस को रोकने के लिए आवश्‍यक जरूरतों को पूरा कर लिया है।    डॉ. पराग शर्मा ने साथ में यह भी कहा कि अभी एक भी संदिग्ध मरीज हमारे पास नहीं आया है। मध्य प्रदेश सरकार पहले ही स्वास्थ विभाग को एडवायजरी जारी कर चुकी है। इसके बाद से ही स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए  वायरस को लेकर लोगों में जागरूकता लाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।    इसके साथ ही स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि इस जानलेवा कोरोना वायरस को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर है। प्रदेश के सभी निजी और शासकीय अस्पतालों के साथ साथ एयरपोर्ट पर भी अलर्ट जारी किया जा चुका है। मैं प्रदेश के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, कमिश्नर हेल्थ के अलावा प्रदेशभर के प्रमुख स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ इस मामले को लेकर मीटिंग ले चुका हूं । सभी जगह निर्देशित कर दिया गया है कि इस वायरस से निपटने और रोकथाम के लिए जो भी संभव कदम उठाना पड़ें उसे उठाएं। उन्‍होंने कहा कि वायरस की रोकथाम को लेकर व्यापक प्रचार भी किया जा रहा है । सभी मेडिकल कॉलेज डीन, जिला अस्पताल अधीक्षकों को संदिग्ध मरीज के इलाज के लिए सभी अस्पतालों में आईसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश दिए गए हैं।   डॉ. प्रवीण जड़िया के अनुसार कोरोना वायरस के शुरुआती लक्षण के रूप में सिरदर्द, नाक बहना, खांसी आना, गले में खराश होना, बुखार आना, बार-बार अस्वस्थ्य होना, छींक आना, थकान महसूस होने के साथ, निमोनिया, फेफड़ों में सूजन दिखाई देना है । यदि किसी व्यक्ति में इस प्रकार के लक्षण हों तो वे तुरंत अस्‍पताल में जांच कराए। मीट और अंडों को अच्छे से पकाएं। जंगल और खेतों में रहने वाले जानवरों के साथ असुरक्षित संपर्क न बनाएं।   उधर, डॉ. पराग शर्मा का कहना है कि यह वायरस विषाणुओं का एक बड़ा वंश है। अभी तक इस वायरस से बचाव के लिए कोई टीका नहीं बना है। संभवत: यह पशुओं से उत्पन्न हुआ। अब मनुष्य से मनुष्य में फैल रहा है। इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका संक्रमण से बचाव है। जिन देशों यह फैला है वहां की यात्रा से बचें खासतौर पर चीन जाने से। व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान दें। साबुन से बार-बार हाथ धोएं। खांसते या छींकते वक्त मुंह को ढक लें। भीड़ में जाने से बचें। उन्‍होंने कहा कि बुखार, खांसी-जुकाम और सांस लेने में परेशानी होने पर फौरन डॉक्टर को दिखाएं।अपने हाथ साबुन और पानी या अल्कोहल युक्त हैंड रब से साफ करें। खांसते या छींकते वक्त अपनी नाक और मुंह को टिश्यू या मुड़ी हुई कोहनी से ढकें। जिन्हें सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण हों, उनके साथ करीबी संपर्क बनाने से बचें।    उल्‍लेखनीय है कि कोरोना वायरस चीन से अब दुनियाभर में फेल रहा है । यह एक नया वायरस है जो पहली बार चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर में पाया गया है। अब तक यह चीन में कोरोना वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। चीन में कोरोना वायरस से अब तक 259 लोगों की मौत हो गई है और करीब 11800 लोग इसकी चपेट में हैं। भारत के केरल में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया हैजिसकी अधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। इसी तरह से यह चीन से होते हुए वायरस विश्‍व के कई देशों में जा पहुंचा है। 

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Dakhal News 1 February 2020


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भोपाल। मध्‍यप्रदेश के सरकारी महाविद्यालयों में पढ़ा रहे अतिथि विद्वान इन दिनों आर्थ‍िक संकट के दौर से गुजर रहे हैं। एक तरफ उनके साथ कांग्रेस सरकार की वादा खिलाफी है तो दूसरी ओर पिछले आठ माह गुजर जाने के बाद भी उन्‍हें उनके हक का मासिक वेतन सरकार के उच्‍चशिक्षा विभाग ने मुहैया नहीं कराया है। अतिथि विद्वानों का आरोप है कि कांग्रेस अपने वचन पत्र का पालन तो कर ही नहीं रही, साथ ही च्वाइस फिलिंग के नाम पर उन्‍हें अब बाहर का रास्‍ता दिखाया जा रहा है ।    इस संबंध में अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. देवराज सिंह ने हिस से शनिवार को कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही सबसे पहले उसने जो कार्य किया वह है अतिथि विद्वानों का मानदेय रोक देने का। पिछले आठ माह से हमारे साथियों को उनका मानदेय नहीं दिया गया है। जिसके कारण से आज उनके सामने अपने  परिवार की आर्थ‍िक जरूरतों को पूरा नहीं कर पाने का संकट खड़ा हो गया है। आप सोच सकते हैं कि यदि ऐसा उन तमाम सरकारी कर्मचारियों के साथ होता जो नियमित सरकार के कर्मचारी हैं तो प्रदेश में इस वक्‍त क्‍या हालात होते ?    उन्‍होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग दोबारा च्वाइस फिलिंग का भी हम विरोध कर रहे हैं। क्‍योंकि सरकार को पहले 1200 पदों पर भर्ती करना था। लेकिन अब च्वाइस फिलिंग सिर्फ 680 पर की जा रही है जोकि यह पूरी तरह भ्रामक है। इस कारण से सीधे तौर पर हमारे 520 साथी बाहर हो जा रहे हैं। नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. देवराज सिंह का कहना यह भी था कि कमलनाथ सरकार ने लोक सेवा आयोग से चयनित असिस्टेंट प्रोफेसरों के पदभार संभालने पर प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों से तकरीबन ढाई हजार अतिथि विद्वानों को निकाल दिया है। अब जो च्वाइस फिलिंग करवाई जा रही है, वह सीधे तौर पर सरकार की वादा खिलाफी को दर्शाता है। क्‍योंकि कांग्रेस ने सरकार में आने के पहले अपने वचन पत्र में सभी अतिथि विद्वानों को नियमित करने का वादा किया था। 

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Dakhal News 1 February 2020


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रतलाम/आलोट। आगर विधायक, पूर्व सांसद और भाजपा के प्रदेश महामंत्री मनोहर ऊंटवाल का लम्बी बीमारी के बाद गुरुवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया था। शुक्रवार को सुबह अंतिम दर्शन के लिए तिरंगे पर लिपटा पार्थिव शरीर आलोट स्थित उनके निवास हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रखा गया, जहां अपने चहेते नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करने हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह भी आलोट पहुंचे हैं। उन्होंने विधायक ऊंटवाल के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजिल अर्पित की और उनकी शव यात्रा में भी शामिल हुए। अंतिम दर्शन के बाद दिवंगत विधायक ऊंटवाल की अंतिम यात्रा शुक्रवार दोपहर उनके निवास से शुरू हुई, जिसमें प्रदेश के कई सांसद-विधायक, पार्टी नेता-कार्यकर्ता और हजारों की संख्या में आम नागरिक "ऊंटवाल अमर रहे" के नारे लगाते हुए चल रहे हैं। यह अंतिम यात्रा करीब दो किलोमीटर का सफर तय कर मुख्य मार्ग से होती हुई अनादिकल्पेश्वर मुक्तिधाम पहुंचेगी, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उन्हें मुखाग्नि बेटे मनोज ऊंटवाल देंगे। गौरतलब है कि विधायक ऊंटवाल को सिर में दर्द होने के कारण गत छह जनवरी को इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। यहां ऑपरेशन के बाद भी उनकी तबियत में सुधार नहीं हुआ, तो उन्हें एयर एम्बुलेंस के माध्यम से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान गुरुवार को उनका निधन हो गया। धार जिले के बदनावर में 19 जुलाई 1966 को जन्में ऊंटवाल वर्ष 1985-86 में आरएसएस नगर विस्तारक के रूप में आलोट आए थे। इसके बाद तो वे यहीं के होकर रह गए। वे दो बार आगर और दो बार आलोट से विधायक रहे। ऊंटवाल 2014 में शाजापुर-देवास लोकसभा से सांसद भी रहे। अंतिम यात्रा में विधायक माधव मारू, हिम्मत कोठारी, देवास सांसद महेंद्र सोलंकी, विधायक जगदीश देवड़ा, राजेन्द्र पांडेय, मनोज चावला, संघ के प्रभाकर केलकर, राजपाल सिंह सिसौदिया, बंसीलाल गुर्जर सहित कई नेता शामिल हैं।

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Dakhal News 31 January 2020


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भोपाल। चीन में फैले कोरोना वायरस की वजह से भारत के कई छात्र-छात्राएं शियान सिटी में फंसे हुए हैं। इन छात्रों में मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के दो विद्यार्थी शुभम गुप्ता और मतीन खान भी शामिल हैं। दोनों छात्रों ने वीडियो के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई थी। मामला संज्ञान में आने के बाद अब प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दोनों छात्रों और उनके परिजनों को उनकी सुरक्षित वापसी का आश्वासन दिया है।    मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर दोनों छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए विदेश मंत्रालय से अनुरोध करने की बात कही है। साथ ही उन्होंने ने प्रदेशवासियों से कोरोना वायरस को लेकर चिंतित नहीं होने की अपील की है। सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा है कि 'प्रदेश के खरगोन ज़िले के दो छात्रों के चीन में फंसे होने और मदद मांगने की जानकारी मिली है। हम विदेश मंत्रालय से आज ही अनुरोध करेंगे कि तत्काल इन छात्रों की सुरक्षित वापसी के इंतज़ाम हों। चीन में कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए इनके अलावा अन्य सभी भारतीयों को भी सुरक्षित वापस लाने के इंतज़ाम हों। प्रदेश के नागरिक कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर चिंतित ना हों। प्रदेश सरकार ने इससे बचाव तथा रोकथाम को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश पूर्व में ही जारी किये हुए हैं। हमने प्रदेश के सभी अस्पतालों में इसको लेकर विशेष इंतज़ाम करने के निर्देश जारी किये हैं।'   गृहमंत्री बोले-सकुशल वापसी का प्रयास करेगी सरकार  इस मामले में गृहमंत्री बाला बच्चन का कहना है कि चीन के वुहान में फंसे खरगोन के दो छात्रों की सकुशल वापसी के लिए मध्य प्रदेश सरकार प्रयास करेगी। इसके साथ अन्य जिलों में फंसे बच्चों को भी लाने का काम किया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा इस पर तत्काल एक्शन लेना चाहिए। चीन के वुहान में फंसे दो बच्चों के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में फंसे बच्चों को लाने के लिए तुरंत एक्शन प्लान बनाकर काम किया जाएगा।   उल्लेखनीय है कि वीडियो में खरगोन के दोनों छात्रों शुभम गुप्ता और मतीन खान ने तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस और उससे होने वाली परेशानियों का जिक्र किया है। छात्रों ने वायरस की वजह से कमरे में कैद होने और खाने-पीने की कमी की बात कही है।    उल्लेखनीय है कि शुभम गुप्ता और मतीन खान चीन के वुहान में स्थित शियान सिटी के कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं. दोनो MBBS -2 के छात्र है। छात्रों के वीडियो से परिवार के लोग चिंतित है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी,  रक्षा मंत्रालय एंव विदेशमंत्री तक से मीडिया के माध्यम से गुहार लगाई है|   

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Dakhal News 31 January 2020


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भोपाल। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंक कर्मियों की दो दिवसीय हड़ताल शुक्रवार से शुरू हो गई है। प्रदेश के 22 हजार बैंक कर्मी इस हड़ताल में शामिल हुए हैं, जिसके चलते प्रदेशभर के सात हजार से अधिक बैंक शाखाओं पर लाते लटके हुए हैं। इधर, भोपाल में शुक्रवार को बैंक कर्मियों ने विशाल रैली निकाली, जिसमें सैकड़ों बैंककर्मी शामिल रहे। रैली के दौरान सड़कों पर जोरदार नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के जिला अध्यक्ष किशोर जेवरिया ने गुरुवार को आईबीए की बुलाई गई बैठक में वेतन पुनरीक्षण समझौता वार्ता विफल होने के कारण यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर यह हड़ताल की है। इसमें देशभर के 10 लाख बैंक कर्मचारी-अधिकारी शामिल हैं। मध्यप्रदेश के करीब 22 हजार अधिकारी-कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं। भोपाल में शुक्रवार को सुबह 10 बजे अरेरा हिल्स पर सभी बैंककर्मी एकत्रित हुए और शहर में विशाल विरोध रैली निकाली। यह रैली एमपी नगर, बोर्ड आफिस चौराहा, डी मॉल होते हुए पुन: अरेरा हिल्स पहुंची। इंदौर में भी शुक्रवार को सुबह 10 बजे बैंककर्मी सांठा बाजार स्थित बैंक ऑफ इंडिया के सामने एकत्रित हुए और यहां भव्य रैली निकाली जो कि बोहरा बाजार, सराफा होते हुए प्रिंस यशंवत रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया पर खत्म हुई, जहां बैंककर्मियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर जोरदार प्रदर्शन किया। इसी प्रकार प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर बैंक कर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में रैली निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।शुक्रवार को शुरू हुई हड़ताल शनिवार, एक फरवरी को भी जारी रहेगी। इस दौरान सार्वजनिक, राष्ट्रीयकृत और कुछ प्राइवेट बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे। बैंक पदाधिकारियों के मुताबिक, इस हड़ताल के चलते प्रदेश के सात हजार बैंक शाखाओं के 22 हजार अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इस दो दिवसीय हड़ताल के चलते प्रदेश में सात लाख करोड़ का लेन-देन प्रभावित होने की संभावना है।

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Dakhal News 31 January 2020


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भोपाल। मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन के लिये पहला स्थान प्राप्त हुआ है। इंदौर जिले को इस योजना के बेहतर प्रदर्शन के लिये पहले स्थान पर चुना गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना सप्ताह के क्रियान्वयन के लिये भी प्रदेश को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। प्रदेश में यह सप्ताह 2 से 8 दिसम्बर 2019 को मनाया गया था। राज्य की महिला-बाल विकास मंत्री  ईमरती देवी और प्रमुख सचिव अनुपम राजन आगामी तीन फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में यह पुरस्कार प्राप्त करेंगे।जनसम्पर्क अधिकारी बिन्दु सुनील ने शुक्रवार को इस सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मध्यप्रदेश में अब तक कुल 14 लाख 55 हजार 501 हितग्राहियों को पंजीकृत किया गया है। लगभग 13 लाख 40 हजार 224 हितग्राहियों को पहली किश्त, 12 लाख 60 हजार 304 को दूसरी और 8 लाख 80 हजार 517 हितग्राहियों को तीसरी किश्त भुगतान की गई है।उन्होंने बताया कि मातृ वंदना योजना का मुख्य उद्देश्य कार्य करने वाली महिलाओं की मजदूरी के नुकसान की भरपाई करने के लिये आर्थिक क्षतिपूर्ति के रूप में प्रोत्साहन राशि देना और उनके उचित आराम और पोषण की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। प्रोत्साहन राशि का भुगतान हितग्राही के आधार से जुड़े बैंक खाते अथवा डाकघर खाते में सीधे जमा की जाती है। पात्र हितग्राही महिला को गर्भावस्था का पंजीयन शीघ्र कराने पर एक हजार रुपये पहली किश्त, कम से कम एक प्रसव पूर्व जाँच (गर्भावस्था के 6 माह बाद) के बाद द्वितीय किश्त 2 हजार रुपये तथा बच्चे के जन्म का पंजीकरण और उसके प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर 2 हजार रुपये की तीसरी किश्त देय होती है।

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Dakhal News 31 January 2020


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सागर। मध्य प्रदेश के सागर में एक मार्मिक मामला सामने आया है। यहां जेल में बंद अपनी मां से मिलने आए एक मासूम की जिद पर देर रात जज को कोर्ट खोलकर बैठना पड़ा और मां बेटे की मुलाकात करवानी पड़ी। अपनी मां से मिलने के बाद जहां बच्चे के चेहरे पर खुशी छा गई, वहीं पुलिस और जज को भी बच्चे का खिलखिलाता चेहरा देख कर सुकून मिला।     दरअसल, बुधवार रात को एक चार साल का मासूम बच्चा जारौन अली रोता बिलखता सागर सेंट्रल जेल के बाहर भटक  रहा था। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों की नजर जब उस पर पड़ी तो उन्होंने बच्चे के बारे में पूछताछ की। बच्चे के साथ मौजूद उसके चाचा रहमान अली ने बताया कि सागर निवासी एक नाबालिग लडक़ी से जुड़े आपराधिक मामले में उसके बड़े भाई शहजान अली, भाभी आफरीन और मां नगमा को गोपालगंज पुलिस ने आरोपित बनाया है। ये सभी केंद्रीय जेल सागर में बंद हैं। बच्चा अपनी मां आफरीन से मिलने के लिए बिलख रहा है, लेकिन मुलाकात का समय खत्म होने की वजह से अधिकारियों ने बच्चे को मां से मिलने नहीं दिया।    युवक की बात सुनने के बाद प्रहरियों ने केंद्रीय जेल के अफसरों को वस्तुस्थिति बताई और उन्हें लेकर जेल परिसर लेकर पहुंचा। जेलर नागेंद्रसिंह चौधरी ने जेल सुपरिटेंडेन्ट संतोषसिंह सोलंकी को पूरे घटनाक्रम से वाकिफ कराया। पहले तो जेल सुपरिटेंडेन्ट सोलंकी ने नियमों की बात कहकर सुबह आने को कहा। लेकिन मां से मिलने के लिए रो रहे मासूम को देखकर उन्हें भी दया आ गई और विशेष न्यायाधीश एडीजे डीके नागले को घटना बताई। इसके बाद न्यायाधीश रात करीब 8. 30 जिला न्यायालय पहुंच गए। यहां से जेलर चौधरी, मां आफरीन और सुपरिटेंडेन्ट सोलंकी की तरफ से लिखी चिट्ठी लेकर कोर्ट में हाजिर हो गए। जज नागले ने विचारण के बाद जारौन को जेल दाखिल करने की अनुमति दे दी और मासूम अपनी मां से मिल कर खुश हो गया। इस पूरे मामले पर सागर के केंद्रीय जेल के सुपरिटेंडेन्ट संतोषसिंह सोलंकी ने बताया कि मेरे करियर में ये पहला ऐसा मामला हैं, जिसमें मैंने कोर्ट खुलवाने के लिए आवेदन किया। एक रोता-बिलखता मासूम अपनी मां से मिलवा कर मुझे आत्मिक सुकून मिला है।

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Dakhal News 30 January 2020


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भोपाल। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि शहीद दिवस पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने युवा पीढ़ी का आह्वान किया है कि वे गांधी जी के विचारों और उनकी सोच को अपनाएं।   गुरुवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पुरानी विधानसभा मिंटो हॉल स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थल पर उनका पुण्य स्मरण किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी गांधीजी को जाने यह देश और दुनिया के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, मंत्री पी.सी.शर्मा , पूर्व मंत्री चंद्रप्रकाश शेखर, राजीव सिंह, शोभा ओझा , पूर्व महापौर सुनील सूद सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। 

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Dakhal News 30 January 2020


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भोपाल। आगर से भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल ने गुरूवार सुबह दिल्ली के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। उन्हें कुछ दिन पहले उन्हें ब्रेन हेमरेज के चलते इंदौर में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद 4 दिन पहले ही उन्हें दिल्ली शिफ्ट किया गया था। जहां से आज उनके निधन का समाचार मिला।     जीवन परिचय   19 जुलाई 1966 में धार जिले के बदनावर में जन्मे मनोहर ऊंटवाल पांच बार विधायक और एक बार सांसद रहे। 1980 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबंद्ध एवं मिडिल स्कूल बदनावर के छात्र संघ अध्यक्ष रहे। 1993- 94 में नगर पालिका बदनावर के पार्षद रहे। इसके बाद 1998 पहली बार विधानसभा के सदस्य चुने गए। 2013 का विधानसभा चुनाव जीतने के बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में देवास संसदीय सीट से सांसद थे। इसके लिए विधानसभा की सदस्यता से त्याग पत्र दिया था। 2018 के विधानसभा चुनाव में फिर भाजपा ने उन्हें आगर-मालवा से विधायक निर्वाचित हुए थे। मनोहर ऊंटवाल भाजपा के कद्दावर नेता थे। शिवराज मंत्रिमंडल में मंत्री भी रहे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां और दो बेटा है।   सीएम कमलनाथ ने जताया शोक   भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल के निधन पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शोक जताया है और परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की है। सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा ‘प्रदेश के आगर के विधायक मनोहर उंटवाल  के दु:खद निधन का समाचार प्राप्त हुआ। वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। परिवार के प्रति मेरी शोक संवेदनाएँ। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणो में स्थान व पीछे परिजनो को यह दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करे’।

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Dakhal News 30 January 2020


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भोपाल। कांग्रेस पिछड़ा वर्ग सलाहकार समिति के संयोजक रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी आजाद सिंह डबास हाल ही में उस समय सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ को चिट्ठी लिखकर राजगढ़ कलेक्टर निधि निवेदिता द्वारा भाजपा कलेक्टर को थप्पड़ मारे जाने को गलत बताया था। डबास ने अब नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव को पत्र लिखकर उनसे हनी ट्रैप मामले को लेकर कई सवाल पूछे हैं।    रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी आजाद सिंह डबास ने नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव को हनी ट्रैप मामले को लेकर चिट्ठी लिखी है। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने हाल ही में सोशल मीडिया पर दावा किया था कि उन्हें ऐसे 8 अधिकारियों के वीडियो की जानकारी है जो हनीट्रैप में शामिल हैं। गोपाल भार्गव ने अधिकारियों पर सवाल खड़े किए थे। डबास ने नेता प्रतिपक्ष से कहा है कि अगर उनके पास हनी ट्रैप मामले से संबंधित कोई जानकारी हे, तो उन्हें इसे जांच एजेंसियों को सौंपना चाहिए।     डबास ने ये पूछे सवालडबास ने अपनी चिट्ठी में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव से पूछा है कि अगर आपके पास हनीट्रैप का कोई वीडियो है तो उसे एसआईटी को क्यों नहीं सौंपा? उन्होंने पूछा है कि हनी ट्रैप में फंसकर एक करोड़ रुपए देने वाले अधिकारी का नाम सार्वजनिक करने के लिए क्या करेंगे ? डबास ने पूछा है कि सरकार ने इस मामले की जांच कर रही एसआईटी के मुखिया को तीन बार बदला, इस बारे में आप कब बोलेंगे? डबास ने पूछा है कि आप हनी ट्रैप मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसियों से कब कराएंगे और हनीट्रैप के सबूत आयकर विभाग को सौंपने पर क्या कार्रवाई करेंगे ?  

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Dakhal News 29 January 2020


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मंडला। विश्व पर्यटन के नक्शे पर अपनी नैसर्गिक सुंदरता के लिए मशहूर कान्हा की खूबसूरती निहारने के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी बुधवार को परिवार और दोस्तों के साथ कान्हा टाइगर रिजर्व पहुंचे हैं। धोनी यहां 31 जनवरी तक मुक्की गेट के समीप स्थित बंजारा ताज रिसोर्ट में रुकेंगे और जंगल सफारी का आनंद लेंगे। पूर्व कप्तान धोनी पहली बार कान्हा की सैर करने आए हैं।    बुधवार सुबह महेन्द्र सिंह धोनी अपनी पत्नी साक्षी और दोस्तों के साथ प्राइवेट प्लेन से बिरसा हवाई पट्टी पहुंचे। जैसे ही लोगों को उनके आने की खबर मिली बिरसा हवाई पट्टी के पास प्रशंसकों की भीड़ जमा हो गई। प्रशंसक धोनी का नाम लेकर पुकारने लगे, इस पर उन्होंने सबका अभिवादन किया और कुछ लोगों के साथ सेल्फी भी ली। इसके बाद धोनी बिरसा हवाई पट्टी से सीधे रिसोर्ट पहुंचे। धोनी 31 जनवरी तक बंजारा टोला के रिसॉर्ट में रुकेंगे। वे कान्हा की सैर कब करेंगे यह कार्यक्रम अभी पार्क प्रबंधन तक नहीं पहुंचा है। धोनी के पहुंचने के बाद कान्हा टाइगर रिजर्व की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। धोनी का किसी से भी मिलने का कार्यक्रम नहीं हैं। यह पहली बार नहीं है जब कान्हा के रोमांचकारी टाइगर सफारी का आनंद लेने कोई बड़ी हस्ती आई हो, इसके पहले भी यहां प्राकृतिक सुंदरता और बाघों को देखने के लिए बड़ी सेलिब्रिटी आते रहे हैं। टाइगर स्टेट का दर्जा प्राप्त मध्य प्रदेश में बाघ कान्हा नेशनल पार्क में ही सबसे आसानी से दिख जाते हैं।

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Dakhal News 29 January 2020


indore, Four new colleges, opened in Indore,daughters, Minister of Higher Education announced

इंदौर। बेटियों के अच्छी शिक्षा मुहैया कराने के लिए इंदौर में चार नए कॉलेज खोले जाएंगे। यह घोषणा प्रदेश के उच्चशिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने सोमवार को इंदौर में की। पटवारी कांग्रेस सेवादल के एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सोमवार को इंदौर प्रवास पर थे।    उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने इंदौर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बेटियों को अच्छी शिक्षा मुहैया करवाने के लिए उनके लिए अलग से कॉलेज खोलने की आवश्यकता है। इसी को ध्यान में रखकर सरकार इंदौर में बेटियों के लिए जल्द चार नए कॉलेज खोलने जा रही है। पटवारी ने कहा कि यदि हमें उनका ग्रॉस रेसो बढ़ाना है तो यह कदम उठाना होगा। मंत्री पटवारी ने बताया कि सरकार आने वाले साल में बेटियों की शिक्षा फ्री करने की योजना भी बना रही है।    निकाय चुनावों तक कमलनाथ ही रहेंगे अध्यक्ष उच्चशिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि मुझे दिल्ली चुनाव के लिये भी जिम्मेदारी दी गई है और जिला प्रभारी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निकाय चुनाव कमलनाथ के नेतृत्व में ही होंगे। हम इस चुनाव में भी झंडा फहराएंगे। आज हमारे पास एक ऐसा नेतृत्व है, जिसके पास एक विजन है। वे दृढ़ इच्छाशक्ति के धनी हैं। इसका ताजा उदाहरण भूमाफियाओं पर कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य आमआदमी को सहूलियत और सुविधाएं देना है। 

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Dakhal News 27 January 2020


bhopal, Homeguards protest, against regularization,other demands, warns of suicide  

भोपाल। प्रदेश सरकार द्वारा नियमितीकरण में की जा रही हीलाहवाली के बाद प्रदेश के हजारों होमगॉर्ड सैनिक भी आंदोलन पर उतर आए हैं। सोमवार को जहांगीराबाद स्थित होमगॉर्ड मुख्यालय के परिसर में होमगॉर्ड सैनिकों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और मांगें न माने जाने पर आत्महत्या कर लेने  की चेतावनी भी दी।    राजधानी के जहांगीराबाद स्थित होमगार्ड मुख्यालय में सोमवार सुबह सैकड़ों होमगॉर्ड सैनिक इकट्ठा हो गए, जिनमें पूरे प्रदेश के होमगॉर्ड सैनिक शामिल थे। इन सैनिकों ने परिसर में स्थित ग्राउंड में नियमितीकरण तथा अन्य मांगों के लिये प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल होमगॉर्ड्स ने जमकर नारेबाजी की और भारतमाता की जय के जयकारे लगाए। इसके साथ ही इन सैनिकों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वे आत्महत्या कर लेगें। प्रदर्शन में शामिल सैनिकों ने बताया कि उनका यह प्रदर्शन नियमितीकरण, तथा पुलिस के समान वेतन की मांगों को लेकर है। इसके अलावा वे एक वर्ष में 10 महीने नौकरी, हर तीन साल में मेडिकल और पुलिस वेरिफिकेशन के खिलाफ आंदोलन कर रहें है। इधर, होमगॉर्ड मुख्यालय में सैनिकों के प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही राजधानी पुलिस में हड़कंप मच गया। प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही पुलिस के अधिकारी फोर्स लेकर होमगॉर्ड मुख्यालय पहुंच गए थे।   

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Dakhal News 27 January 2020


mandsour, Due departmental negligence, people  Hyderwas

मन्दसौर। जिले में पुल की जिम्मेदारी से बचकर काम करने वाले प्रधानमंत्री सड़क विभाग की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई हैं। हेदरवास में बनी विभाग की सड़क की डीपीआर में पुल को शामिल न कर गांव को शहर की बजाय फोरलेन से जोड़ दिया। खामियाजे के बतौर अभी तक गलत कनेक्टिविटी आधा दर्जन जाने ले चुकी हैं। लोग आक्रोशित हैं और प्रशासन मौन।मन्दसौर में प्रधानमंत्री सड़क योजना की 5 साल पुरानी लापरवाही अब लोगों की जान पर पड़ गई है। मन्दसौर के प्रतापगढ़ रोड से हेदरवास के बीच पांच साल पहले पीएमजीएसवाय ने सड़क बनाई थी। योजना के मुताबिक गांव की सड़क को शहर से जोड़ना था लेकिन विभाग के कारिंदों ने इस गांव को मन्दसौर के प्रतापगढ़ रोड की बजाय उसकी कनेक्टिविटी फोरलेन से कर दी। इस चूक से गांव के करीब 6 लोगों की मौत पिछले कुछ महीनों में हो गई। गांव के लोग जमकर गुस्सा हैं। वे विभाग को कोस रहे हैं। लेकिन न तो प्रशासन इसकी जांच करने को तैयार हैं और न ही नेता जनता की जिंदगी से खेलने पर कुछ बोलने को तैयार हैं।पुल के काम को शामिल ही नहीं किया डीपीआर में -बताया जाता हैं कि विभाग के महाप्रबंधक यशपाल जोशी और उनके मातहतों की बड़ी लापरवाही इन मौतों का कारण बन गई है। जब रोड की डीपीआर बनी तब भी महाप्रबंधक जोशी ही थे। उस समय हेदरवास मे सीसी रोड और डामर की योजना तो बना दी लेकिन उस डीपीआर में गांव से निकल रहे बुगलिया नाले पर पुल गायब कर दिया। लोगों का मानना है कि यदि महाप्रबंधक और उनके मातहत योजना की गंभीरता तो समझ जाते तो हैदरवास में महज 50 से 100 फिट लंबा पुल बनता और सड़क की कनेक्टिविटी बजाय फोरलेन के प्रतापगढ़ रोड से 300 मीटर डामर से ही हो जाती। इससे दो फायदे होते। पहला यह कि हेदरवास के लोग सीधे मन्दसौर शहर से जुड़ जाते और दूसरा यह कि फोरलेन पर आए दिन दुर्घटनाओं में जिंदगी लीलने का सिलसिला चालू ही नही होता।पुल के कामों से बचने की कोशिश में रहते हैं अधिकारी -मन्दसौर के पीएमजीएसवाय विभाग के महाप्रबंधक यशपाल जोशी और उनकी टीम पुल बनाने को लेकर हमेशा चर्चा में रही है। जोशी मूलतः ऊर्जा विभाग से हैं, वे करीब सवा दशक से प्रतिनियुक्ति पर इस विभाग में डटे हुए हैं। उनके मन्दसौर और नीमच के एक दशक के कार्यकाल में कई प्रमुख पुलों को या तो डीपीआर में शामिल ही नहीं किया गया या फिर दूसरे विभागों को इसके निर्माण काम सरका दिए गए। हलको में चर्चा हैं कि वे पुल बनाने में रुचि नही लेते हैं। यही वजह हैं कि हेदरवास में भी डीपीआर में पुल शामिल नही हुआ। उनके ही कार्यकाल में यह गांव का सड़क बनी थी। इसके बाद वे फिर मन्दसौर आये। बारिश में पूरा हैदरवास डूब गया था। उसके बावजूद पुल को लेकर न विभाग जागा और न ही नेता नगरी व कथित सख्त मिजाज प्रशासन।मन्दसौर-नीमच जिले में कई पुलों ने खोली पोल -पीएमजीएसवाय और महाप्रबंधक के कार्यकाल में मन्दसौर जिले में नाहरगढ़-बिल्लोद की सड़क का पुल शासन को मुंह चिढ़ा रहा हैं। भारी बारिश में विभाग की उदासीनता से डेढ़ महीने आवागमन बंद रहा। उसके बावजूद प्रधानमंत्री सड़क योजना ने बजाय जवाबदारी के इस सड़क और पुल को जर्जर हालत में ही दूसरे विभागों को देने की जुगत कर डाली। हालांकि विभागों ने इसे एक्सेप्ट नही किया और अब यह पुल और सड़क भगवान के भरोसे हैं। नीमच जिले में जोशी के कार्यकाल में ही मनासा-कंजार्डा मार्ग की करीब 35 किमी लंबी सड़क पर बनने वाले 4 से 5 छोटे छोटे पुल विभाग ने स्वयं बनाने की बजाय सेतु निगम को सौंप पल्ला झाड़ लिया। मन्दसौर में भी यही वजह हैं कि यह पुल लापरवाही का शिकार हो गया।फोरलेन पर 3 किमी तक नही हैं कोई भी कट -पीएमजीएसवाय ने हैदरवास की सड़क को फोरलेन से जोड़कर खानापूर्ति कर दी हैं। कागजों में विभाग ने सब कुछ सही बता दिया लेकिन असलियत यह हैं कि हैदरवास की सड़क जहाँ फोरलेन पर खुल रही हैं। उसके सामने तो ठीक प्रतापगढ़ नाके से एमआईटी चैराहे तक 3 किमी में कही कोई रोड़ क्रॉस के लिए कट तक नही हैं। प्रतापगढ़ से आने वाले हो या नीमच की ओर जाने वाले ग्रामीण हो, वे गलत साइड गाड़ी चलाकर आने जाने को मजबूर हैं। यही वजह हैं कि आये दिन सड़क हादसे हो रहे हैं और लोग हताहत हो रहे हैं।इस संबंध में मन्दसौर कलेक्टर मनोज पुष्प से चर्चा करनी चाही पर बैठक में होने से बात नही हो पाई। उधर जीएम जोशी का मोबाइल भी संपर्क क्षेत्र से बाहर था।  

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Dakhal News 24 January 2020


harda, coaches, broken train coupling,Punjab Mail left in jungle

हरदा। हरदा स्टेशन से पहले एक बड़ा ट्रेन हादसा टल गया। यहां फिरोजपुर से मुंबई जा रही पंजाब मेल की कपलिंग टूटने से ट्रेन दो हिस्से में बंट गई। ट्रेन केवल 17 डिब्बों के साथ ही स्टेशन पहुुंची, जबकि सात अन्य डिब्बे स्टेशन से कुछ दूर जंगल में ही छूट गए। जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया। ट्रेन को पीछे की तरफ ले जाया गया और छूटे हुए सातों बोगियों को जोड़कर फिर हरदा रेलवे स्टेशन लाया गया। यहां मरम्मत होने के बाद ट्रेन रात 10:45 बजे रवाना हुई।   दरअसल, ट्रेन के दो हिस्से में बंटते ही एस-5 के यात्रियों को झटका लगा। झटका इतना जोर का था कि बर्थ पर सोए कई यात्री गिर गए। कुछ के हाथ-पैर और कुछ को अंदरूनी चोटें आई हैं। अंधेरा होने से अफरातफरी मच गई। तुरंत रेलवे को सूचना दी गई। रेलवे स्टाफ मौके पर पहुंचा। तब पता चला कि ट्रेन दो हिस्से में बंट चुकी है। सात बोगियां हरदा रेलवे स्टेशन से पहले ओवरब्रिज के पास रुक गईं। हरदा के एएसएम रामेश्वर सिंह ने बताया कि पंजाब मेल के एस-5 बोगी की स्पेयर कपलिंग टूट गई थी। बाद में 17 डिब्बों को भी वापस लाकर जंगल में छूटे सातों डिब्बों से जोड़ा गया। उसके बाद उसे हरदा स्टेशन लाया गया। मरम्मत में करीब 25 मिनट लगे। इसके बाद ट्रेन रात 10.45 बजे रवाना कर दी गई।

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Dakhal News 24 January 2020


biora,  statement about motherhood, has been twisted.

ब्यावरा। पूर्व राज्यमंत्री बद्रीलाल यादव द्वारा बुधवार को ब्यावरा में आयोजित सभा में दिये गए भाषण को लेकर राजनीतिक गलियारों में खासी चिल्लपौ मची हुई है। कांग्रेस के मीडिया विभाग से लेकर अधिकतर नेता उनके इस भाषण की छीछालेदर कर चुके हैं। इसी बीच, पूर्व राज्यमंत्री बद्रीलाल यादव ने अपने उस भाषण को लेकर सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि सभा के दौरान उन्होंने जो कहा, वह मातृत्व भावना को लेकर कहा था, उनके इस बयान को तोड़ा मरोड़ा गया है।    पूर्व राज्यमंत्री बद्रीलाल यादव ने अपने बिगड़े बोल पर सफाई देते हुए गुरुवार को कहा है कि जिलाधीश जिले का मुखिया होता है, उनका व्यवहार सभी के लिए एक समान होता है। इस बात पर बच्चे और मातृत्व की भावना के साथ दिए गए बयान को गलत दिशा में ले जाया गया है। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा भाषण में मालवी भाषा का उपयोग करता हूं और हमेशा से ही लोकसेवकों का सम्मान करता आया हूं। उन्होंने कहा कि मेरा भाव किसी का अपमान करना नही है, मेरा आशय था कि कलेक्टर भाजपा नेताओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करती है और तमाचे मारती है, वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त संरक्षण प्रदान करती है, हमसे बात करना पसंद नही करती और कांग्रेसियों को बुलाकर चाय-दूध पिलाकर स्वागत-सत्कार करती है। उन्होंने कहा कि महिला जाति का सम्मान हमारी संस्कृति और सभ्यता में है। कांग्रेस उनके बयान का गलत तरीके से अर्थ निकालकर माहौल खराब करना चाहती है। इस संबंध में भाजपा जिलाध्यक्ष दिलवर यादव का कहना है कि पूर्व राज्यमंत्री ने सभा में जो बोला उसे उन्होंने सुना नही है, लेकिन अगर कुछ बोला है तो यह उनका व्यक्तिगत विचार है, इससे पार्टी का कोई सरोकार नही है। वहीं पूर्व राज्यमंत्री द्वारा दिए गए बयान को लेकर गुरुवार को महिला कांग्रेस द्वारा यादव का पुतला दहन किया जाएगा, साथ ही कलेक्टोरेट के कर्मचारियों द्वारा कलमबंद हड़ताल करने की बात कही गई है।

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Dakhal News 23 January 2020


jabalpur, Shankaracharya Swami Swaroopanand Saraswati, hospitalized, suffering poor health  

जबलपुर। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास से पहले द्वारिका-शारदा, ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की तबीयत अचानक बिगड़ गई। गले में इंफेक्शन के चलते उन्हें बुधवार देर शाम अस्पताल में कराया गया है। जहां डाक्टरों की देखरेख में उनका आईसीयू में ईलाज जारी है। उन्हें लगातार डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।    दरअसल शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की बुधवार देर शाम नरसिंहपुर जिले के सांकल घाट आश्रम में मौजूद थे। इस दौरान उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने पर उनके साथी उन्हें गोटेगांव में डॉक्टरों को दिखाया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया गया। इसके बाद उन्हें ईलाज के लिए जबलपुर लाया गया। प्रारंभिक जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि उनके सीने में कफ जम गया था, जिसकी वजह से शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। हालांकि ये बताया जा रहा है कि शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की सेहत में पहले से सुधार हो रहा है, लेकिन हॉस्पिटल में अभी भी डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। उन्हें एक निजी अस्पताल के एआईसीयू में एडमिट कराया गया है। वहां वो डॉक्टरों की सघन देखरेख में हैं।

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Dakhal News 23 January 2020


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भोपाल। मध्य प्रदेश के सागर जिले में धर्म विशेष के तीन लोगों के 14 जनवरी को आपसी रंजिश में जलाए गए युवक धनप्रसाद अहिरवार की इलाज के दौरान बुधवार को दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में मौत हो गई। युवक को मंगलवार रात एयरलिफ्ट कर भोपाल से दिल्ली ले जाया गया गया था। धनप्रसाद की मौत के बाद अब एक बार फिर राजनीति शुरू हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने धनप्रसाद की मौत के लिए कमलनाथ को जिम्मेदार ठहराया है और सांप्रदायिक तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए जमकर लताड़ा है।    राकेश सिंह ने गुरुवार सुबह एक के बाद कई ट्वीट कर धनप्रसाद की मौत पर दुख जताते हुए कमलनाथ सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। राकेश सिंह ने ट्वीट कर लिखा ‘कमलनाथ सरकार की सांप्रदायिक तुष्टिकरण की नीति ने अंतत: अनुसूचित जाति के बंधु धनप्रसाद के प्राण ले लिए। सम्प्रदाय विशेष के लोगों द्वारा जिंदा जला दिए गए धन प्रसाद के अपराधियों को पकड़ना तो दूर, सरकार ने उन्हें ठीक से इलाज भी मुहैया नहीं कराया। यह अत्यंत दु:खद और शर्मनाक है’। हमारे विधायक प्रदीप लारियाजी ने धनप्रसाद के दु:खद निधन का समाचार दिया। मैं स्तब्ध हूं, दुनिया से जाने की उम्र नही थी उनकी,लेकिन कांग्रेस सरकार ने इलाज में लापरवाही बरती। राष्ट्रीय अनुसूचितआयोग निर्देश न देता तो पीड़ित को दिल्ली भी नहीं भेजा जाता। ये सरकार का बेहद अमानवीय चेहरा है।   कमलनाथ सरकार पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगाते हुए राकेश सिंह ने कहा कि ‘यदि सागर के धनप्रसाद हिन्दू नहीं होते तो कमलनाथ सरकार एक पैर पर खड़े होकर उनके इलाज व सेवा में लगी होती। लेकिन दुर्भाग्य से इस सरकार के रहते अपराध व मानवता को भी सांप्रदायिक चश्मे से देखा जाता है। सरकार की सांप्रदायिक नीति हमारे अनुसूचितजाति के बंधु के जीवन पर भारी पड़ गई’।   उल्लेखनीय है कि 14 जनवरी को सागर के मोतीनगर थाना क्षेत्र में दो पक्षों में पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हो गया था। धर्मश्री क्षेत्र में कुछ लोगों ने एक युवक के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की और फिर केरोसिन डालकर आग लगा दी थी। पुलिस ने इस मामले में धनप्रसाद अहिरवार का पड़ोस में रहने वाले इरफान खान, कल्लू अज्जू को गिरफ्तार किया था। इस मामले को लेकर भाजपा और अहिरवार महापंचायत सहित अन्य संगठनों ने प्रदर्शन किया था।

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Dakhal News 23 January 2020


bhopal, BJP, file an FIR, Rajgarh Collector

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के समर्थन में रविवार को निकाली जा रही रैली में शामिल भाजपा नेताओं की पिटाई करने वाली राजगढ़ कलेक्टर एवं डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगी। इसके लिए भाजपा कोर्ट जाएगी। घटना का जायजा लेने के लिए भाजपा का एक प्रतिनिधि मंडल सोमवार को सुबह राजगढ़ के लिए रवाना हो गया है। घटना के संबंध में थाने में आवेदन दिया जाएगा। यदि पुलिस मामला दर्ज नहीं करती है तो भाजपा कोर्ट की शरण लेगी। इधर कांग्रेस ने इस घटना के लिए भजापा को ही जिम्मेदार ठहराते हुुए महिला अधिकारियों के साथ दुव्र्यवहार के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस-भाजपा की लड़ाई में फिलहाल अधिकारियों पर गाज गिरना टल गया है। बता दें कि राजगढ़ जिले के ब्यावरा में भाजपा नेताओं द्वारा सीएए के समर्थन में रैली निकाली जा रही थी। प्रशासन ने धारा 144 लगा दी। भाजपा नेता हाथ में तिरंगा लेकर भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे। इसी दौरान भारी पुलिस बल की मौजूगी में कानून-व्यवस्था संभालने के लिए कलेक्टर निधि निवेदिता और डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा समेत अन्य अधिकारी पहुंचे। भीड़ नारेबाजी कर रही तभी प्रिया वर्मा ने भाजपा नेता की मारपीट की। इसके बाद कलेक्टर ने भी भाजपाईयों पर हाथ साफ किए। इसके बाद हालात बेहद खराब हुए। अफसरों द्वारा की गई मारपीट के तत्काल वीडियो वारयल हो गए। मारपीट की इस घटना की प्रशासनिक अधिकारी भी दबी जुवान से निंदा कर रहे हैं। हालांकि शासन ने अभी इस मामले में कोई एक्शन नहीं लिया गया है। इधर भाजपा ने राजगढ़ पिटाई कांड को लेकर बड़े आंदेालन की तैयारी कर ली है। पूर्व मंत्री विश्वास सारंग के नेतृत्व में विधायक ऊषा ठाकुर, जीतू जिराती, वंशी लाल गुर्जर का प्रतिनिधि मंडल राजगढ़ पहुुंच रहा है।मुख्यमंत्री ने विदेश में मांगी रिपोर्टमुख्यमंत्री कलमनाथ लंदन में हैं। घटना की सूचना मिलने पर उन्होंने पूरी रिपोर्ट मांगी। उन्होंने तत्काल एक्शन के निर्देश दिए। बताया गया कि मंत्रालय के शीर्ष अफसरों ने मामले को संभाल लिया है। जिसकी वजह से फिलहाल राजगढ़ की घटना को लेकर किसी भी बड़े अधिकारी पर कार्रवाई नहीं होगी। ज्यादा विरोध होने पर पुलिस एवं प्रशासन के कुछ अधिकारी एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सकती हैै।जेपी नड्डा ने मांगी रिपोर्टराजगढ़ की घटना को लेकर भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सोमवार को सुबह रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह से भी इस संबंध में चर्चा की है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भी हाईकमान को घटना से अवगत कराया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का आज चुनाव हो रहा है। नड्डा अभी कार्यकारी अध्यक्ष है। उनका अध्यक्ष बनना तय है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि सीएए के समर्थन में रैली करने और राजगढ़ के पार्टी नेताओं से मिलने के लिए नड्डा सबसे पहले मप्र का दौरा कर सकते हैं।वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्याक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि यह लोकतंत्र का काला दिन है। हाथ में तिरंगा लेने और भारत माता की जय बोलने पर कलेक्टर ने मारा है। भाजपा पुलिस में आवेदन देकर अफसरों पर एफआईआर दर्ज कराएंगे। यदि नहीं हुई तो प्रमाण लेकर कोर्ट जाएंगे। मुख्यमंत्री बताएं कि क्या ऐसे आदेश उन्होंने दिए हैं।

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Dakhal News 20 January 2020


bhopal, Kamal Nath government, taxed tourism, 136 crores

भोपाल। मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में पिछले एक साल में राष्ट्रीय स्तर पर 16 पुरस्कार हासिल कर देशभर में जहां अपनी पहचान और मजबूत करने में सफल रहा है, वहीं प्रदेश को आगे बढ़ाने की दिशा में पूर्ववर्ती शिवराज सरकार की नीति को भी आगे बढ़ाने में कमलनाथ सरकार पूरी तरह से सफल साबित हो रही है।   दरअसल, पिछले दिग्‍विजय के कांग्रेसी कार्यकाल में राज्‍य का पर्यटन क्षेत्र पूरी तरह से डूब चुका था, जिसे नए सिरे से आगे बढ़ाने का कार्य भाजपा की तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री साध्‍वी उमा भारती, स्‍व. बाबूलाल गौर से लेकर शिवराज सिंह चौहान बखूबी करते रहे लेकिन फिर एक बार कांग्रेस की कमलनाथ सरकार आने के बाद लोगों को लग रहा था कि कहीं प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र का हाल पुराने कांग्रेसी कार्यकाल जैसा ना हो जाए, लेकिन अब एक साल बीत चुके हैं और प्रदेश पर्यटन में पहले की तरह ही दिनों दिन आगे बढ़ रहा है। नई कमलनाथ सरकार अपने इस एक साल के कार्यकाल में पर्यटन पर 136 करोड़ का पूंजी निवेश किया है।   राज्‍य सरकार दे रही नवाचार को प्रमुखता इस संबंध में पर्यटन मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल ने हिस को बताया कि हमारी सरकार की पर्यटन को लेकर नीति बिल्‍कुल स्‍पष्‍ट है। हमें मध्‍यप्रदेश के सभी प्रमुख पर्यटन स्‍थलों को विश्‍वस्‍तरीय पहचान दिलानी है। राज्य सरकार ने इस दौरान पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये नवाचारों को प्राथमिकता दी है। उन्‍होंने कहा कि इन नवाचारों में विशेषकर वन प्रक्षेत्रों में पर्यटन सुविधाओं को सरल और सहज तरीके से उपलब्ध कराने की पहल की गई और अन्‍य पर्यटन स्थलों के संरक्षण और संवर्धन को प्राथमिकता दी गई। जो कार्य लम्‍बे समय से अधूरे थे ऐसे सभी अधोसरंचना संबंधी विकास कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने पर ध्यान केन्द्रित किया गया। प्रदेश के नगरों, महानगरों के साथ देश और विदेशों में रोड-शो कर निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिये प्रोत्साहित किया गया। इससे पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के नये अवसर निर्मित हुए और राजस्व में भी बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हुआ है ।   ये रहे बड़े निर्णय पर्यटन मंत्री बघेल ने बताया कि  पिछले एक साल में निवेशकों के लिये व्यापक, सरल एवं पारदर्शी पर्यटन नीतियाँ बनाई गईं। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर महानगर से प्रदेश के पर्यटन स्थलों के लिये हेलीकाप्टर सुविधा शीघ्र शुरू करने का निर्णय लिया गया है । साथ में राज्य सरकार की नवाचारी पर्यटन नीति के तहत हॉट एयर बैलून, वाइल्ड लाइफ रिसोर्ट, मेगा एवं अल्ट्रा परियोजनाओं के लिये आकर्षण अनुदान और रियायतें दी गईं।   इसके आलावा अनूसचित जाति एवं जनजातीय उद्यमियों को और दूरस्थ तथा दुर्गम क्षेत्रों में स्थापित की जानेवाली पर्यटन परियोजनाओं के लिये 5 प्रतिशत अतिरिक्त लागत पूँजी अनुदान दिये जाने का प्रावधान किया गया। प्रदेश में तीन नये फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट की स्थापना करने का निर्णय लिया गया। उन्‍होंने कहा कि प्रदेश में आनेवाले पर्यटकों को ग्रामीण अनुभव प्रदान करने के लिए पर्यटन स्थलों के समीप चयनित ग्रामों में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने का फैसला हुआ। ऐसे ही अन्‍य तमाम बड़े निर्णय पिछले एक साल के दौरान हमारी सरकार द्वारा लिए गए हैं। जिसके परिणाम स्‍वरूप आप देख सकते हैं कि मध्‍यप्रदेश को इस साल राष्ट्रीय स्तर पर 16 पुरस्कार हासिल हुए हैं।   प्रदेश में बढ़ते पर्यटन विकास को लेकर मंत्री बघेल का यह भी कहना था कि उन्‍हें प्रदेश में पर्यटन विकास को लेकर केंद्र का पूरा सहयोग मिल रहा है । हमारे लिए यह सुखद है मध्‍य प्रदेश से ही केंद्र में संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वंतत्र प्रभार) श्री प्रहलाद पटेल हैं। ये उनका भी प्रदेश है, इसलिए वे हमारी कही बातों को गंभीरता से लेते हैं ।    बड़ी योजनाओं पर कार्य शुरू करने के साथ राज्‍यों में किए जा रहे रोड शो मप्र में बढ़ते पर्यटन विकास को लेकर वहीं आयुक्त मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड तथा प्रबंध संचालक एवं मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के सचिव फैज अहमद किदवई ने हिस से कहा कि पिछले एक साल में जो बड़े इस दिशा के गिने तो क्षेत्रीय यूनिट ओरछा, खजुराहो एवं भोपाल को डेस्टिनेशन वेडिंग फेसिलिटी के रूप में विकसित किया गया है। खजुराहो के पास कुटनी डेम में 10 नवीन कमरों, मणिखेड़ा डेम पर 8 कमरों और किला कोठी चंदेरी में 6 कमरों के होटल बनाये गये। बुद्धिस्ट साइट देउरकोठार भरहुत एवं साँची के समीप विकास कार्य किये गये हैं, इसके कारण से विदेशी पर्यटकों एवं भारतीय पर्यटकों की संख्‍या में वृद्धि हुई है। फैज अहमद किदवई ने बताया कि 12 प्रमुख शहरों में पिछले एक वर्ष में ट्रेवल एजेन्ट और टूर ऑपरेटर प्रशिक्षण कार्यक्रम 'एम.पी.एक्सपर्ट' और राष्ट्रीय स्तर पर तथा विभिन्न राज्यों में रोड शो किये गये। इसके अलावा, 14 पर्यटन परियोजनाओं की स्थापना पर 17 करोड़ 69 लाख रुपये पूँजीगत अनुदान दिया गया। फलस्वरूप एक वर्ष में 136 करोड़ का पूँजी निवेश हुआ, जिससे होटलों में 543 कमरों का निर्माण हुआ। इस काम में लगभग 2050 लोगों को रोजगार मिला है ।   अधिक से अधिक युवाओं को पर्यटन से जोड़ने का प्रयास जारी युवाओं को पर्यटन के क्षेत्र से जोड़ने के लिये सचिव फैज अहमद किदवई ने बताया कि पर्यटन निगम प्रतिष्ठित समूहों के माध्यम से प्रशिक्षण दिलाने का निर्णय ले चुका है । ब्राण्डेड होटल प्रोत्साहन नीति, फॉर्म स्टे, ग्राम स्टे योजना (पंजीयन एवं विनियमन) योजना-2019 बनाई गई है । फिल्म पर्यटन नीति भी शीघ्र बनाई जा रही है। वर्तमान में प्रदेश के पर्यटन स्थलों में लगभग 6-7 फिल्म वेब सीरीज की शूटिंग पूरी हो चुकी है और कई की शूटिंग चल रही है। इस वर्ष पर्यटन विभाग द्वारा एम.पी. इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटलिटी में ट्रेवल्स एण्ड टूरिज्म स्टडीज विषय का बीबीए कोर्स प्रारंभ किया गया।   इसी तरह से जल-पर्यटन के लिये अधिसूचित जल-क्षेत्रों में जल क्रीड़ा गतिविधियों के संचालन के लिये 15 अभिस्वीकृति-पत्र एवं लायसेंस जारी किये गये। इस वर्ष पर्यटन क्विज में प्रदेश के सर्वाधिक 8000 स्कूलों के 24 हजार छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। उन्‍होंने इस दौरान यह भी बताया कि प्रदेश के 11 प्रमुख जिलों एवं अन्‍य पर्यटन स्थलों में समृद्ध विरासत, प्राकृतिक सुन्दरता, इतिहास, परम्पराओं, ऐतिहासिक धरोहरों से परिचय कराने के लिए प्रचार-प्रसार से संबंधित अब तक वॉक फेस्टिवल-2019 किये गये हैं। जिनके कि आज सकारात्‍मक परिणाम प्रत्‍यक्ष सामने दिखाई दे रहे हैं ।

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Dakhal News 20 January 2020


jabalpur,  Saas congratulates ,JP Nadda, becoming BJP\

जबलपुर। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पार्टी हाईकमान द्वारा सोमवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की घोषणा कर दी है। इसके बाद मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित जेपी नड्डा के ससुराल में जश्न का माहौल है। उनकी सास जयश्री बनर्जी ने उन्हें बधाई दी है। भाजपा से पूर्व सांसद रही जेपी नड्डा की सास जयश्री बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर उन्होंने अपने दामाद को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि यह जबलपुर के लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि आगामी 24 जनवरी को उनके नाती की शादी हो रही है, जिसमें शामिल होने के लिए उनके दामाद जबलपुर आ रहे हैं। यह राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनका पहला जबलपुर आगमन होगा। इस दौरान उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। 

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Dakhal News 20 January 2020


indore,Outside the house, crooks ran away ,carrying a bag, full of jewelery

इंदौर। शहर में बदमाश आए दिन वारदात को अंजाम देते हुए पुलिस को खुली चुनौती दे रहे हैं।  शनिवार की रात भी आभूषणों का एक व्यापारी जब अपने घर पहुंचा तो उसका पीछा करते हुए बदमाशों ने लूट की वारदात को अंजाम देते हुए लाखों रुपये मूल्य के जेवरात और रुपये से भरा बैग लूट कर फरार हो गए।   लूट की यह सनसनीखेज वारदात मल्हारगंज थाना क्षेत्र की हेमू कॉलोनी इलाके में हुई। पुलिस के अनुसार खड़ा गणपति क्षेत्र में विजय श्री ज्वेलर्स के नाम से दुकान संचालित करने वाले विजय सोपी निवासी हेमू कॉलोनी बीती रात करीब 9:00 बजे अपनी दुकान बंद कर घर जाने के लिए निकले थे। थोड़ी ही देर में वह अपने घर पहुंच गए। एक्टिवा पर सवार विजय जैसे ही घर पहुंचकर वाहन से नीचे उतरे, उसी समय एक बदमाश उनके पास पहुंचा और उन्हें धक्का दे कर बैग छीन कर भाग निकला। अचानक हुए इस घटनाक्रम विजय ने शोर मचाते हुए बदमाश का पीछा किया लेकिन थोड़ी ही दूरी पर पहले से मौजूद उसके दो पल्सर सवार साथी उसे गाड़ी पर बैठा कर निकल भागे।   इस पर विजय ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। लूट की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने लुटेरों की तलाश के लिए नाकेबंदी की लेकिन देर रात तक उनका कोई पता नहीं चल सका था पुलिस को दर्ज कराई रिपोर्ट में विजय ने बताया कि बैग में करीब चार लाख रुपये के जेवरात थे।  देर रात तक पुलिस क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए आरोपितों की तलाश कर रही थी।

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Dakhal News 19 January 2020


indore, three thousand participants ,attended  huge bicycle rally

इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर और मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में साइकिल एसोसिएशन द्वारा रविवार को सुबह पर्यावरण बचाने के उद्देश्य से 'आओ चलाएं साइकिल' कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके अंतर्गत शहर में विशाल साइकिल रैली (परेड) निकाली गई। इस कार्यक्रम में तीन हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए और करीब आठ किलोमीटर का सफर साइकिल से तय किया। प्रतिभागियों ने रैली में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया। इस रैली महू से आर्मी के जवान, हाईकोर्ट के वकील और बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल रहे। साइकिल परेड को लेकर सभी बहुत उत्साहित थे। आयोजकों द्वारा इस रैली में विश्व रिकॉर्ड बनाने का दावा भी किया है। सायक्लोथोन दिवस के उपलक्ष्य में इंदौर में रविवार को सुबह यह आयोजन किया गया था, इस साइकिल रैली को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विजय नगर क्षेत्र से निकली यह साइकिल रैली लवकुश चौराहे पहुुंची और यहां से पुन: विजय नगर क्षेत्र पहुंची। करीब आठ किलोमीटर लंबी इस रैली में तीन हजार लोगों ने साइकिल चलाई। रैली के दौरान साइकिल चालक कतार में निकले और उनके बीच की दूरी 5 से 10 फीट थी।भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने साइकिल रैली में शामिल सभी लोगों को पर्यावरण के साथ-साथ पेट्रोलियम संरक्षण के लिए शपथ दिलवाई। सभी ने यहां शपथ ली कि वे अपने सभी कार्यों में पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण के लिए प्रयास करते रहेंगे, ताकि देश की प्रगति के लिए आवश्यक इन सीमित संसाधनों की पूर्ति लंबे समय तक संभव हो सके। पेट्रोलियम पदार्थों के व्यर्थ उपयोग को रोकने के लिए लोगों को जागरूक भी करेंगे। इस रैली में पर्यावरण, नशा मुक्ति और नो हॉर्न का संदेश भी दिया गया। रैली में विधायक रमेश मेंदोला सहित भाजपा के कई नेता मौजूद थे। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया है। आयोजकों ने इस रैली में विश्व रिकॉर्ड बनाने का दावा किया है। अब तक साइकिल परेड का विश्व कीर्तिमान बांग्लादेश और तुर्कीस्तान के नाम था, जो कि उन्होंने 1995 साइकिल चालकों को साथ बनाया था। इंदौर में निकाली गई इस साइकिल परेड तीन हजार से अधिक लोग शामिल हुए। जबलपुर में भी निकली साइकिल रैलीइंदौर के साथ ही प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में भी रविवार सुबह पर्यावरण बचाने का संदेश देते हुए साइकिल रैली निकाली गई। इस साइकिल मैराथन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने भी इसमें हिस्सा लिया। रैली के बाद युवाओं और बच्चों ने स्टेज पर डांस का परफॉरमेंस भी दिया।

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Dakhal News 19 January 2020


bhopal,Voting begins, Bar Council elections ,Madhya Pradesh

भोपाल। मध्यप्रदेश में वकीलों की शीर्ष संस्था राज्य अधिवक्ता परिषद (स्टेट बार कौंसिल) के 25 सदस्यों के चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान हो रहा है। इसके लिए राज्य के सभी जिला एवं तहसील न्यायालयों में बनाए गए पोलिंग बूथों पर शुक्रवार को सुबह 10 बजे मतदान शुरू हुआ। इस चुनाव में प्रदेशभर के 145 उम्मीदवार मैदान में है, जिनमें भोपाल के 13 वरिष्ठ अधिवक्ता भी शामिल हैं। स्टेट बार कौंसिल के 25 सदस्यों के चुनाव के लिए शुक्रवार को प्रदेशभर में मतदान हो रहा है। सुबह 10 बजे मतदान शुरू हुआ, जो शाम साढ़े पांच बजे तक चलेगा। हालांकि, शुरुआत में मतदान की रफ्तार बहुत धीमी थी, लेकिन धीरे-धीरे अधिवक्ता मतदान करने पहुंच रहे हैं और दोपहर तक करीब 25 फीसदी मतदान हो चुका है। उम्मीद जताई जा रही है कि शाम करीब 70 फीसदी मतदान हो सकता है। निर्वाचन अधिकारी व एडीजे उमेश श्रीवास्तव ने बताया कि मतदाता बगैर किसी व्यवधान के हो सके, इसके लिए सभी जगह तहसील और जिला अदालतों में अलग-अलग बूथ बनाए गए हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं। वहीं, मतदान केंद्र से 200 गज की परिधि में किसी भी चुनाव उम्मीदवार अथवा उनके समर्थकों को चुनाव प्रचार की अनुमति नहीं है। इस चुनाव में प्रदेशभर के करीब 60 हजार अधिवक्ता मतदान में हिस्सा लेंगे। दो माह बाद घोषित होंगे परिणामस्टेट बार कौंसिल के 25 सदस्यों के चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान संपन्न होगा और इसके बाद सभी जगह की मत पेटियां सुरक्षित जबलपुर भेजी जाएंगी, जहां दो महीने बाद मतगणना होगी और परिणाम घोषित किये जाएंगे।

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Dakhal News 17 January 2020


bhopal, pain of visiting scholars , special session , MP Assembly, BJP moved House

मप्र विधानसभा के विशेष सत्र में गुंजा अतिथि विद्वानों का दर्द, भाजपा ने किया सदन से वहिर्गमन    भोपाल, 17 जनवरी (हि.स.) ।मध्य प्रदेश विधानसभा में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) के आरक्षण को आगामी 10 साल के लिए बढ़ाने वाले संविधान (126वां) संशोधन विधेयक का अनुमोदन करने के लिए बुलाई गई दो दिवसीय बैठक के अंतिम दिन सदन में शुक्रवार को अतिथि विद्वानों का मामला गूंज उठा। जिसके चलते विपक्ष ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए सदन के वहिगर्मन तक कर दिया।    राज्य विधानसभा में एससी-एसटी आरक्षण को लेकर विधेयक के अनुमोदन पर कोई चर्चा आरंभ होती, उससे पहले  नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव एवं भाजपा के अन्‍य सदस्‍यों ने अथिति विद्वानों का मामला विधानसभा में उठाया और कहा कि कांग्रेस अपने वादे को निभाए। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में जो वादे अतिथि शिक्षक-अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण को लेकर किया था उसने उसका पालन अब तक नहीं किया और  अलग से इस मामले में जांच समिति का गठन कर दिया, जिसकि कोई चर्चा पहले नहीं थी । वास्‍तव में ऐसा करना कांग्रेस की वादा खिलाफी को दर्शाता है ।    उन्‍होंने कहा कि यह दुखद है कि कांग्रेस अपने वचन पत्र का मान नहीं रख रही है। प्रदेश में 8000 सहायक प्राध्यापकों के पद खाली हैं, ऐसे में जो अतिथि विद्वान पिछले 1 वर्ष से आंदोलन कर रहे हैं, उन सभी को सरकार द्वारा समायोजित किया जाता चाहिए था ना कि वह जांच बैठाने का कार्य करती । हम इस सदन के माध्यम से यह मांग रखते हैं सभी अतिथि विद्वानों को नियमित किया जाए ।    नेता प्रतिपक्ष के साथी साथ ही विधानसभा में आज अन्य भाजपा विधायकों ने भी कांग्रेस के ऊपर वादा खिलाफी का आरोप लगाया  और कहा कि कांग्रेस जिस वचन पत्र में किए वादों के साथ सत्‍ता में आई है, उसे वह पूरे करने चाहिए। अतिथि विद्वानों के नियमित करने का वादा कांग्रेस का है लेकिन एक वर्ष बीत चुका है, सरकार ने किसी एक अतिथि विद्वान को भी नियमित नहीं किया जो सीधे तौर पर उसकी वादा खिलाफी को दर्शाता है।     इसके बाद जब उच्‍चशिक्षा मंत्री जीतू पटवारी की तरफ से जो जवाब दिया गया उससे भाजपा के विधायक संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने सदन का वहिर्गमन कर दिया।  मंत्री जीतू पटवारी ने नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव से कहा कि आप सदन के वरिष्ठ सदस्य हैं, आपके सुझाव हमारे लिए मान्य हैं । आप हमें बताइए हम उनके ऊपर विचार करेंगे जबकि भाजपा के विधायकों और नेता प्रतिपक्ष का साफ कहना था कि आपने जो चुनावी वादा किया अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण का, उसे आप पूरा कीजिए,  इधर-उधर की बात मत कीजिए ।    उल्‍लेखनीय है कि अतिथि विद्वानों के पूरे प्रदेश में अब तक करीब 1300 से ज्यादा अतिथि विद्वानों को बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है।  साथ ही उच्च शिक्षा विभाग ने अतिथि विद्वानों के लिए च्वाइस फिलिंग की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है ।  अतिथि विद्वानों ने उच्च शिक्षा विभाग के च्वाइस फिलिंग के आदेश की प्रतियों की होली जलाकर सरकार के खिलाफ विरोध भी जताया है । साथ ही अतिथि‍  विद्वान सरकार के खिलाफ लगातार अपना आन्‍दोलन चला रहे हैं।   

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Dakhal News 17 January 2020


bhopal, Chief Minister Kamal Nath, inaugurates, three-day IAS Service Meet 2020

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में शुक्रवार को तीन दिवसीय आईएएस सर्विस मीट 2020 की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश में मध्यप्रदेश विविधताओं से सम्पन्न राज्य है और पूरे विश्व में भारत ऐसा देश है, जो विविधताओं से पूर्ण है। इस विविधता को सकारात्मक ऊर्जा में बदलना होगा। उन्होंने कहा कि विविधता में भारत की बराबरी करने वाला देश सिर्फ सोवियत संघ था। आज वह अस्तित्व में नहीं है क्योंकि उसने भारत जैसी सोच-समझ और सहिष्णुता की संस्कृति नहीं थी। यही भारत की पहचान है।  उन्होंने कहा कि जो आईएएस अधिकारी अपनी सेवा यात्रा के मध्य में है, जो सेवा पूरी करने वाले हैं वे चिंतन करें कि मध्यप्रदेश को वे कहां छोडक़र जाना चाहते हैं। जो अधिकारी अपनी सेवा यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं, वे साचें कि मध्यप्रदेश को कहां देखना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को न्याय देने वाला बताते हुए कहा कि संविधान में उल्लेखित स्वतंत्रता और समानता जैसे मूल्यों की सीमाएं हो सकती हैं लेकिन न्याय की कोई सीमा नहीं है। यह हर समय और परिस्थिति में दिया जा सकता है। दृष्टिकोण में परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। प्रशासनिक अधिकारियों के पास जो क्षमता और कौशल है वह सामान्यत: राजनैतिक नेतृत्व के पास नहीं रहता। राजनैतिक नेतृत्व बदलते ही प्रशासनिक तंत्र का भी नया जन्म होता है लेकिन ज्ञान, कला, कौशल नहीं बदलते। न्यू आइडिया आफ चेंज के लिए मिलेंगे तीन पुरस्कार, मुख्य सचिवों की जूरी चुनेगी सर्वोत्कृष्ट आइडिया कार्यक्रम में सीएम कमलनाथ ने नए परिवर्तनकारी विचारों- ‘न्यू आइडिया आफ चेंज’ के लिए तीन पुरस्कार देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसके लिए पूर्व मुख्य सचिवों की एक ज्यूरी बनाई जाएगी, जो सर्वोत्कृष्ट आइडिया चुनेगी। बदलना होगा मप्र की प्रोफाइलसीएम कमलनाथ ने कहा कि हर राज्य का अपना प्रोफाइल होता है। सबको मिलकर मध्यप्रदेश का प्रोफाइल बनाना होगा। वर्तमान प्रोफाइल को बदलना होगा। मध्यप्रदेश की नई पहचान बनानी होगी। इसके लिए जरूरी है कि प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा आर्थिक गतिविधियां उत्पन्न हों। प्रौद्योगिकी हर पल बदल रही है। पूरा भारत बदल रहा है। ज्ञान और सूचना के भंडार तक आज जो पहुंच बढ़ी है वह पहले नहीं थी। उन्होंने कहा कि विश्व में सबसे ज्यादा महत्वाकांक्षी जनसंख्या भारत में है। ये जनसंख्या युवाओं की है। बदलते समय में महत्वाकांक्षाएं भी बदल रही हैं। अब यह देखना है कि इन्हें कैसे अपनाएं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि आधारित अर्थव्यवस्था का प्रदेश है। वर्तमान समय में अधिक उत्पादन की चुनौती है। खाद्यान्न की कमी अब चुनौती नहीं रही। परिवर्तन तब दिखेगा जब धोती-पायजामा पहनने वाला किसान आधुनिक खेती करते हुए जींस और शर्ट वाला किसान बन जाये। सबसे बड़ी चुनौती हमारी नई पीढ़ी की है। हर साल बड़ी संख्या में कौशल सम्पन्न युवा तैयार होते हैं। उन्हें रोजगार की जरूरत है। रोजगार आर्थिक गतिविधियों का एक घटक है। इसलिए आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ाना चुनौतीपूर्ण काम है। उन्होंने कहा कि हर सरकार की अपनी कार्यशैली होती है। अपनी अच्छाइयां और कमजोरियां होती हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की नई पीढ़ी को यह देखना होगा कि मध्यप्रदेश को किस दिशा में जाना चाहिए। मध्यप्रदेश एक आर्थिक शक्ति बनने की संभावना रखता है। मध्यप्रदेश के पास लॉजिस्टिक लाभ है। यहाँ का बाजार और व्यापार पूरे देश से जुड़ सकता है। सिर्फ नजरिए में परिवर्तन लाने की देर है। इसके लिए नया सीखने की जरूरत है। क्या सीखते हैं इससे ज्यादा जरूरी है कि कैसे सीखते हैं। मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने आईएएस मीट के आयोजन की पृष्ठभूमि की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नई ऊर्जा और अनुभव को एक साथ लाने का अवसर है ताकि यह कार्यशैली में भी बना रहे और इसका भरपूर लाभ समाज को मिले। अपर मुख्य सचिव एम. गोपाल रेड्डी, मनोज श्रीवास्तव एवं प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। प्रारंभ में मध्यप्रदेश आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष आईसीपी केशरी ने अपने स्वागत भाषण में मुख्यमंत्री को आधुनिक, उदार, डॉयनमिक और विश्वदृष्टि से सम्पन्न नेता बताते हुए कहा कि वे 159 देशों का भ्रमण कर चुके हैं। वे किसानों के हित में 19 मंत्रियों के साथ विश्व व्यापार संगठन की बैठक का भी विरोध करने वाले नेता हैं। उनके नेतृत्व में देश में ऑटोमोबाइल सेक्टर में क्रांतिकारी परिवर्तन आया। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं प्रख्यात लेखक पवन वर्मा और प्रशासन अकादमी की महानिदेशक वीरा राणा उपस्थित थीं।  

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Dakhal News 17 January 2020


bhopal,MP assembly, special session postponed, paying tribute to the disabled

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र गुरुवार को शुरू हुआ। सत्र के शुरुआत में गत दिनों प्रदेश में दिवंगत हुए दो विधानसभा सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही शुक्रवार को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। विधानसभा अध्यक्ष ने एनपी प्रजापति ने इसकी घोषणा की। उल्लेखनीय है कि लोकसभा और विधानसभाओं की सीटों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण 10 साल बढ़ाने संबंधी 126वें संविधान संशोधन विधेयक को पास करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है। सत्र की शुरुआत गुरुवार को सुबह 11 बजे हुई। पहले दिन सदन में दिवंगत विधानसभा के सदस्य बनवारी लाल शर्मा और भूतपूर्व विधानसभा सदस्य रुगनाथ सिंह आंजना को श्रद्धांजलि दी गई। विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने सदन की ओर से, सदन के नेता और मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सत्तापक्ष की तरफ से और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव द्वारा विपक्ष की तरफ से दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद दो मिनट का मौन रखकर सदन की कार्यवाही शुक्रवार को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

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Dakhal News 16 January 2020


bhopal,Chief Minister, voluntary vote, MP increased from hundred, 150 crores, bill related to reserv

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को सुबह विधानसभा में मप्र मंत्रिपरिषद की बैठक हुई, जिसमें प्रदेश के हित में कई अहम फैसले लिये गये। बैठक में आरक्षण संबंधी विधेयक पास किया गया है, जबकि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान राशि बढ़ाने का निर्णय लिया गया। यह जानकारी प्रदेश के जनसम्पर्क मंत्री पीसी शर्मा ने बैठक के बाद मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद द्वारा लोकसभा और विधानसभाओं की सीटों में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण 10 साल बढ़ाने संबंधी 126वें संविधान संशोधन विधेयक के अनुमोदन को पारित कर दिया गया है। यह विधेयक शुक्रवार को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान सदन में रखा जाएगा। इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान राशि में इजाफा करने का निर्णय लिया है। इस राशि को 100 करोड़ से बढ़ाकर 150 करोड़ रुपये कर दिया गया है। जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के विकास और जनता से जुड़े कई फैसले लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पान की फसल को हुए नुकसान की भरपाई किसानों के लिए सरकार करेगी। पान के किसानों को राहत राशि मिलेगी। पान के किसानों को 30 हजार रुपये राहत राशि देने का ऐलान किया गया। फसलों की बर्बादी पर मुआवजा राशि को बढ़ाया गया है। निवाड़ी जिले के नए पद भी स्वीकृत किए गए हैं। बैठक में राज्य एवं जिला स्तर पर तबादलों को लेकर भी फैसला लिया गया। अब चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले भी बिना समन्वय के हो सकेंगे जबकि अन्य श्रेणी के तबादले समन्यवक द्वारा किए जाएंगे। विशेष परिस्थिति में प्रभारी मंत्री कर सकेंगे ट्रांसफर। उन्होंने बताया कि हाल ही प्रदेश में नए बने निवाड़ी जिले में ई गवर्नेंस के लिए 17 नए पदों का सृजन किया है। मंत्रिपरिषद ने इन पदों को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने भोपाल में अर्बन डिवेलपमेंट इंस्टिट्यूट की स्थापना को भी मंजूरी दे दी है।

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Dakhal News 16 January 2020


bhopal,Campaign to run ,against acid sale, Madhya Pradesh, CM gives instructions

भोपाल। मध्यप्रदेश में एसिड बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में सीएम कमलनाथ ने गुरुवार को निर्देश जारी किये हैं। इसकी जानकारी उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से मीडिया को दी है।मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार को सिलसिले ट्वीट करते हुए कहा है कि प्रदेश में ऐसिड (तेजाब) की खुले में बिक्री पर नियंत्रण और अंकुश होना बेहद जरूरी है। इसके लिए प्रदेश भर में एक अभियान चलाने के आवश्यक निर्देश जारी किये गये हैं। उन्होंने दूसरे ट्वीट में लिखा है कि -‘ प्रदेश में किसी भी बहन-बेटी पर ऐसिड अटैक की घटनाओं की रोकथाम के लिये यह कदम बेहद जरूरी है। ऐसी घटनाएं कतई बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। ऐसी घटनाओं में जिम्मेदारी तय होगी। ऐसिड अटैक की घटनाएं बर्बरता और नृशंसता की परिचायक हैं, इसलिए इन पर रोक जरूरी है।’बता दें कि एडिस पर आधारित अभिनेती दीपिका पादुकोण अभिनित फिल्म को मध्यप्रदेश में टैक्स फ्री किया गया है। सीएम कमलनाथ ने अपने तीसरे ट्वीट में लिखा है कि - ‘सिर्फ एसिड अटैक सर्वाइवर पर बनी फिल्म को टैक्स फ्री करना ही काफी नहीं है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिये जागरूकता से लेकर कड़े कदम उठाये जाने की बेहद आवश्यकता है। ऐसी घटना होने पर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा भी मिले, यह भी हम सुनिश्चित करेंगे।’

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Dakhal News 16 January 2020


manish tiwari

  पूछा- सरकार कुछ क्यों नहीं करती     संसद के शीत सत्र के दूसरा दिन हंगामेदार रहा है। सदन में आज प्रदूषण का मुद्दा भी उठा है। दिनभर की कार्रवाई के दौरान दोपहर में लोकसभा में प्रदूषण पर चर्चा हुई जिस पर सभी दलों ने अपनी बात रखी | सदन में प्रदूषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि जब हर साल दिल्ली में प्रदूषण की समस्या होती है तो फिर अब तक इस सदन और सरकार द्वारा क्यों इसे लेकर आवाज नहीं उठाई गई? क्यों हर साल लोगों को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता है। यह गंभीर चिंता का मुद्दा है।मनीष तिवारी ने आगे कहा कि आज इस सदन ने देश की जनता को संदेश दिया है कि जिन्हें उन्होंने चुनकर भेजा है वो इस प्रदूषण के मुद्दे पर संवेदनशील और गंभीर हैं।लोकसभा में 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने के सवाल के बीच अचानक हंगामा होने लगा और विपक्षी सांसद तानाशाही बंद करो के नारे लगाते हुए वेल में आ गए।  

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Dakhal News 19 November 2019


loksabha

विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरा। इसी क्रम में नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला को हिरासत में रखे जाने का मुद्दा लोकसभा में उठाया। उनकी हिरासत को अवैध बताते हुए उन्हें सदन में आने की अनुमति देने की मांग की। फारूक श्रीनगर से सांसद हैं। विपक्षी सदस्यों ने अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद सांसदों को जम्मू-कश्मीर का दौरा करने से रोके जाने का भी मुद्दा उठाया।चौधरी ने कहा- "हमारे नेता राहुल गांधी को (जम्मू-कश्मीर) दौरे की अनुमति नहीं दी गई। कई सांसदों को वापस भेज दिया गया... जबकि योरप से आए संसदीय प्रतिनिधिमंडल को वहां ले जाया गया। क्या यह सभी सांसदों का अपमान नहीं है? मैं सत्ता पक्ष के भी सदस्यों से पूछना चाहता हूं कि क्या वे नहीं सोचते कि यह उनका अपमान है?"नेशनल कांफ्रेंस सुप्रीमो की हिरासत का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला 106 दिनों से हिरासत में हैं और सदन के सत्र में भाग लेना उनका संवैधानिक अधिकार है। चौधरी ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री को लोकसभा की कार्यवाही में भाग नहीं लेने देना "क्रूरता" है।  

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Dakhal News 19 November 2019


venkaiah naidu

सीपीआई सांसद बिनोय रॉय के सस्पेंशन ऑफ बिजनेस के नोटिस को सभापति वैकेंया नायडू द्वारा खारिज किए जाने के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया और सदन का कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी है।नुमलीगढ़ रिफायनरी के प्राइवेटाइजेशन के खिलाफ असम से सांसद रिपुन बोरा समेत अन्य ने सदन में विरोध प्रदर्शन किया।  

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Dakhal News 19 November 2019


सुपर मॉम बाघिन

  तीन शावकों के साथ बाघिन पी रही नदी में पानी   पेंच टाइगर रिज़र्व से रोमांचित कर देने वाला एक वीडियो सामने आया है |  इस वीडियो में सुपर मॉम कॉलर वाली बाघिन अपने तीन शावकों  के साथ नदी किनारे बैठकर पानी पी रही है |  खास बात यह भी है की बाघिन के नाम सर्वाधिक उन्तीस शावकों को जन्म देने का रिकॉर्ड है |  अब यह वीडियो जमकर वायरल हो रहा है |     पेंच टाइगर रिज़र्व सिवनी की वर्ल्ड फेमस कालर वाली बाघिन और उसके शावकों का मनमोहक विडियो वायरल हो रहा हैं  जिसमे  बाघिन और उसके तीन शावक नदी किनारे एक साथ बैठ कर पानी पीते नजर आ रहे है | सुपर मॉम पेंच टाइगर रिजर्व की पहचान बन गई है  सुपर मॉम कालर वाली बाघिन के नाम सर्वाधिक 29 शावको को जन्म देने का रिकार्ड दर्ज है |  पेंच टाइगर रिजर्व में इस सुपर मॉम को देखने के लिए दुनिया भर से टाइगर प्रेमी आ रहे है नन्हे शावकों को ताकतवर नर बाघ से बचाकर वयस्क होने तक उनकी देखभाल करने वाली | कॉलरवाली बाघिन को वन्यजीव विशेषज्ञ भरोसेमंद ‘मां’ मानते हैं  कॉलरवाली बाघिन को ‘पेंच की क्वीन’ के नाम से भी जाना जाता है | आइये इसके कुछ रोचक तत्वा के बारे जानते है कॉलरवाली बाघिन का जन्म 2005 में चार शावकों के साथ हुआ | मार्च 2008 में बाघिन को कॉलर लगाया गया, जिससे कॉलर वाली बाघिन  यह नाम पड़ा  25 मई 2008 को तीन शावकों को जन्म दिया, जो जीवित नहीं रह पाए |10  अक्टूबर 2008 को जन्मे चार शावकों में तीन नर व एक मादा जीवित रहे  इसके बाद बाघिन ने उन्तीस बच्चों को जन्म दिया  दिसंबर 2018 में जन्मे  शावक बाघिन के साथ बने हुए हैं | जिनका वो बखूबी धन भी रखती हैं और जंगल में रहने के पैतरे भी सीखा रही हैं |   

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Dakhal News 15 November 2019


UNESCOकश्मीर

  पाकिस्तान के DNA में है आतंक और आतंकवाद   भारत ने  फ्रांस में संयुक्त राष्ट्र की एक बैठक में जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ा  जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तान के डीएनए में आतंकवाद गहराई तक घुसा हुआ है | भारत ने कहा कि नकदी की कमी से जूझ रहे राष्ट्र के "विक्षिप्त व्यवहार" का परिणाम है कि यह देश लगभग विफल देश बनने के लिए गिरता चला जा रहा है | भारत ने पेरिस में यूनेस्को के महा सम्मेलन में कहा पाकिस्तान में सभी प्रकार का अंधेरा है |    यूनेस्को की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाली अनन्या अग्रवाल ने कहा कि कमजोर अर्थव्यवस्था, कट्टरपंथी समाज और आतंकवाद की गहरी जड़ों के साथ ही पाकिस्तान के विक्षिप्त व्यवहार के कारण वह गिरते हुए एक विफल राज्य की ओर गिरता चला जा रहा है | उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में चरमपंथी विचारधाराओं और कट्टरपंथी शक्तियों की आतंकवाद की सबसे गहरी अभिव्यक्तियों सहित हर तरह का अंधेरा मौजूद है | उन्होंने कहा कि यूनेस्को के मंच का दुरुपयोग भारत के खिलाफ जहर उगलने और उसका राजनीतिकरण करने के लिए हम पाकिस्तान की निंदा करते हैं अनन्या अग्रवाल ने कहा कि साल 2018 में विफल होने वाले देशों की संभावित सूची में पाकिस्तान 14वें नंबर पर था | सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में प्रधानमंत्री इमरान खान की टिप्पणी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक ऐसा देश है जिसका नेता संयुक्त राष्ट्र के मंच का इस्तेमाल खुलेआम परमाणु युद्ध का प्रचार करने और अन्य राष्ट्रों के खिलाफ हथियार रखने के लिए करता है | 

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Dakhal News 15 November 2019


supreme court

सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश (cji ) का दफ्तर भी अब सूचना के अधिकार कानून (rti ) के दायरे में आएगा। सर्वोच्च न्यायालय की पांच जजों की संविधान पीठ ने बुधवार को यह बड़ा फैसला दिया है। आज आए इस फैसले में तीन जज सहमत थे और दो जज इसके विरोध में थे। पांच जजों की इस संविधान पीठ में जस्टिस एनवी रमना, डीवाई चंद्रचूड़, दीपक गुप्ता और संजीव खन्ना शामिल हैं और इस पीठ की अध्यक्षता खुद चीफ जस्टिस रंजन गोगोई कर रहे थे। संविधान पीठ ने चार अप्रैल को सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज सुनाए अपने फैसले में बेंच ने इसे मंजूरी दे दी है लेकिन शर्तों के साथ। कोर्ट ने कहा है कि आरटीआई में कोई भी जानकारी मांगे जाने पर थर्ड पार्टी को इस बात की सूचना पहले दी जाएगी कि उसके बारे में जानकारी मांगी गई है। सुनवाई पूरी करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा था कि कोई भी अपारदर्शी प्रणाली नहीं चाहता। लेकिन, पारदर्शिता के नाम पर न्यायपालिका को नष्ट नहीं किया जा सकता। हाई कोर्ट ने नहीं मानी थीसुप्रीम कोर्ट की दलीलसुप्रीम कोर्ट के महासचिव और केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी ने दिल्ली हाई कोर्ट और केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के आदेशों को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है। दिल्ली हाई कोर्ट में तीन जजों की बेंच ने सुप्रीम कोर्ट की इस दलील को मानने से इनकार कर दिया था कि सीजेआई के दफ्तर को आरटीआई के दायरे में लाने से न्यायपालिका की स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचेगा। इससे पहले सीआईसी ने भी अपने आदेश में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस का दफ्तर आरटीआई के दायरे में है।

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Dakhal News 13 November 2019


मुठभेड़ Kashmir

  कश्मीर घाटी में ऑपरेशन ऑल आउट   जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों का आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन जारी है और इसी के तहत मंगलवार को यहां दो और आतंकियों को मुठभेड़ में मार  गिराया गया है | इस मुठभेड़ में एक जवान भी घायल हुआ है | यह मुठभेड़ जम्मू-कश्मीर के गांदरबल के गुंड में हुई है | यहां सुरक्षाबलों को आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी जिसके बाद टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था | इस दौरान आतंकियों ने फायरिंग कर दी और फिर शुरू हुई मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए हैं | खबर है कि इस मुठभेड़ में एक जवान भी घायल हुआ है जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है | इससे पहले सुरक्षाबलों ने सोमवार को बांदीपोरा में भी मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराया था | रविवार को सुरक्षाबलों के बांदीपोरा के वावडुरा इलाके में दो आतंकियों के छिपो होने की सूचना मिली थी | टीम ने दोनों आतंकियों को घेर लिया था | आज भी  सुरक्षाबलों ने दोनों आतंकियों को सरेंडर करने की चेतावनी दी लेकिन जब लगातार फायरिंग होती रही तो सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में आतंकवादियों को मार गिराय | मारे गए आतंकी पाकिस्तानी बताए जा रहे हैं | मुठभेड़ के बाद एक बयान में कश्मीर झोन पुलिस ने बताया कि मारे गए आतंकियों में से एक तल्हा है जो पाकिस्तानी है और लश्कर-ए-तैयबा का ऑपरेटिंग कमांडर है | उनके पास से भारी मात्रा में गोला बारूद बरामद हुआ |  

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Dakhal News 12 November 2019


2 आतंकियों को मार गिराया

  आतंकियों के सफाये के लिए सेना का विशेष अभियान   जम्मू कश्मीर से आतंक के सफाए का सिलसिला जारी है | उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में रविवार शाम से शुरू हुई मुठभेड़ में अब तक सुरक्षा बलों ने 2 आतंकियों को मार गिराया है और आतंकवादियों के खात्मे के लिए सेना ने विशेष अभियान चलाया हुआ है |    जिन दो आतंकियों को सुरक्षाबलों ने ढ़ेर किया है फिलहाल उनकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। रविवार को  लाडूरा गांव में आतंकियों के होने की सूचना पर सुरक्षा बलों ने गांव की घेराबंदी की थी |  इसके बाद आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी | इसके जवाब में सुरक्षा बलों  ने  भी गोलीबारी की  . जानकारी के मुताबिक मारे गए दोनों आतंकियों के पास से सुरक्षा बलों को हथियार और गोला बारुद बरामद हुए हैं | सुरक्षा बलों को इलाके में अभी कुछ और आतंकियों के मौजूद होने का भी शक है।  इस वजह से सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है | जम्मू कश्मीर से आतंक के सफाए के लिए इस साल की शुरुआत से ही सेना ने विशेष अभियान चला रखा है | सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान की वजह से आतंकियों की हालत दिन पर दिन खराब होने लगी है  इस बीच NIA द्वारा टेरर फंडिंग को लेकर की गई कार्रवाई ने भी आर्थिक तौर पर आतंकियों की कमर तोड़ने का काम किया है | ऐसे में जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद भी आतंकियों की बौखलाहट काफी बढ़ गई है | अब तक आतंकी सिर्फ सेना और पुलिस के जवानों को ही निशाना बनाते थे लेकिन पिछले कुछ वक्त में आतंकियों द्वारा आम लोगों को भी निशाना बनाया गया है |   

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Dakhal News 11 November 2019


वकील एफआईआर

  पुलिस की अर्जी दिल्ली हाई कोर्ट से खारिज तीस हजारी कोर्ट में भिड़ंत के बाद शुरू हुआ वकील और पुलिस के बीच का विवाद अभी थमा नहीं है | दिल्ली हाई कोर्ट में तीस हजारी विवाद पर सुनवाई हुई दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच हिंसा मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने  कहा कि गृह मंत्रालय की स्पष्टीकरण की मांग वाली अर्जी का निपटारा कर दिया गया है  | दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा बनाई गई कमिटी ही मामले की जांच जारी करेगी  | वकील और पुलिस वालों की मारपीट के मामले में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है | दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा हमने अपने रविवार के आदेश में कहा था कि केवल 2 FIR जो उस दिन तक दर्ज हुई हैं, उसको लेकर कार्रवाई नहीं होगी उसके बाद अगर कोई एफआईआर दर्ज हुई है तो उस पर दिल्ली पुलिस कार्रवाई कर सकती है दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को कहा कि गृह मंत्रालय की स्पष्टीकरण की मांग वाली अर्जी का निपटारा कर दिया गया है  | मामले की  मीडिया रिपोर्टिंग पर कोई रोक नहीं है | दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में किसी तरह का स्पष्टीकरण देने से इनकार कर दिया  हाई कोर्ट ने कहा सभी कुछ हमने अपने आदेश में लिखा था | दिल्ली हाई कोर्ट ने गृह मंत्रालय की अर्जी खारिज कर दी है  | गृह मंत्रालय ने 2 नवंबर को तीस हजारी कोर्ट में वकीलों और पुलिस के बीच हिंसा को लेकर हाई कोर्ट के आदेश पर स्पष्टता मांगी थी इसके अलावा दिल्ली हाई कोर्ट ने साकेत जिला अदालत मामले में पुलिस की अर्जी को खारिज कर दिया है | पुलिस ने वकीलों पर एफआईआर दर्ज कराने की इजाजत मांगी थी |

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Dakhal News 7 November 2019


बिना पोस्टर बैनर

सिलावट के जन्मदिन पर लगे अवैध होर्डिंग सिलावट की टीम ने निगम कर्मियों को मारा   मुख्यमंत्री कमलनाथ जी आपके मंत्री तुलसी सिलावट के लोगों ने आपके  आदेश की धज्जियाँ  उडाई और आपके कर्मचारियों की जमकर पिटाई लगाई |आप मध्यप्रदेश में ऐसा बदलाव लाये हैं कि आपके मंत्री के लोगों ने आपके आदेश को रद्दी की टोकरी में फैंकने लायक भी नहीं समझा  | और जमकर मनमानी की आपकी सरकार में अगर दम है तो ऐसे लोगों को ऐसा सबक सिखाएं कि ये भविष्य में ऐसा करने की हिमाकत न कर सकें | मुख्यमंत्री कमलनाथ की आपका इकबाल कम हो चुका है आपके लोग की अपकी  बातों को अनसुना कर रहे हैं और आपके आदेशों को हवा में उड़ा रहे हैं  | कमलनाथ जी अगर फुर्सत मिले तो इन दृश्यों को देख लीजियेगा इंदौर नगर निगम के ये कर्मचारी आपकी मंशा और आपके आदेश के मुताबिक मंत्री तुलसी सिलावट के अवैध होर्डिंग और पोस्टर हटा रहे थे  | तभी तुलसी सिलावट के लोगों ने इनके साथ बदतमीजियां की और इनकी जमकर पिटाई लगाईं  ... मुख्यमंत्री कमलनाथ जी आप यही बदलाव चाहते थे कि आपके आदेशों की ऐसे ही धज्जियां उड़ाई जाएँ तो आपको यह मुबारक है | सभ्य समाज में इसे गुंडागर्दी कहा जाता है जो आपके केबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट के लोग कर रहे हैं  | इंदौर में बिना पोस्टर और बैनर के नेताओं को तो जैसे  राजनीति पसंद ही  नहीं आ रही है स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट के जन्मदिन के मौके पर मंत्री के  रिश्तेदार  और समर्थकों ने  नियम विरूद्ध मंत्री   के निवास को पोस्टर और बैनर से पाट कर गंद मचा दी थी | और जब नगर निगम का अमला पोस्टर और बैनर हटाने गया तो कर्मचारियों के साथ गाली गलौच कर मार पीट की गई | मुख्यमंत्री कमलनाथ जी अगर इसी तरह मंत्रियों के समर्थक निगम कर्मचारियों की पिटाई करेंगे तो कैसे आपके सपने का होर्डिंग मुक्त प्रदेश कैसे बनेगा |   मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ  जी आप  प्रदेश को होर्डिंग्स और बैनर मुक्त कराने के लिए लाख जतन कर ले   | लेकिन आप ही के लोग आपकी सुनने के लिए तैयार नहीं हैं  | सरेआम आपके निर्देश के बावजूद उनके मंत्रियों द्वारा आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही है  इस मामले में भी आपके   स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट  को खुद ऐसा करने वालों को रोकना चाहिए था  | लेकिन आपके मंत्री ने भी ऐसा नहीं किया  इंदौर में तो मंत्री  जी के  सरकारी आवास को जन्मदिन की बधाइयों के होर्डिंग्स और बैनर से पाट दिया गया  था  | इस बात की जानकारी जैसे ही नगर निगम को लगी वैसे ही उन्हें हटाने के लिए निगम ने कवायद शुरू कर दी  लेकिन मंत्री समर्थक निगम अधिकारियों से विवाद पर उतारू हो गए  | निगम कर्मचारियों और अधिकारीयों ने नियमो का हवाला देकर होर्डिंग्स हटाने का प्रयास किया  तो इस पर मंत्री के समर्थक निगम कर्मचारियों को गाली देने लगे और उनसे मार पीट तक की दौरान मंत्री सिलावट के भतीजे और समर्थकों ने निगम उपायुक्त महेंद्र सिंह से तीखी बहस की  | और कवरेज कर रहे  मीडिया कर्मियों को भी कवरेज करने से रोका  ऐसे में कहना लाजमी होगा कि नियम कायदों और आदेशों का पाठ पढ़ाने वाले मंत्री  | अपने ही मुखिया के आदेश का पालन अपने समर्थकों से करवाने में असफल साबित हो रहे  है   पिछले दिनों अवैध होर्डिंग्स और बैनर को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए है  कि यदि उनका स्वयं का पोस्टर भी हो तो हटा दिया जाए  | लेकिन मुख्यमंत्री कमलनाथ जी ऐसा लग रहा है की  आपकी पकड़ आपके मंत्रियों पर ही कमजोर हो गई है |   

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Dakhal News 6 November 2019


प्रेमिका पिटाई

  थियेटर के बहार पत्नी ने पति की प्रेमिका को मारा   एक युवक को पत्नी छोड़ प्रमिका के साथ मूवी देखने जाना भारी पड़ गया  | पत्नी ने थिएटर के बाहर पति में थप्पड़ मारे और फिर उसकी प्रेमिका की जमकर पिटाई की  हंगामे के बाद मामला पुलिस तक पहुँच गया |   पत्नी ने जैसे ही  थियेटर के बाहर पति को दूसरे का हाथ थामे देखा, उनकी पिटाई कर दी | पहले पति को चांटे लगाए फिर प्रेमिका के बाल पकड़कर चौराहे पर घसीट लाई हंगामे के बाद मामला थाने पहुंचा तो पुलिस ने अदमचेक काटकर उन्हें रवाना कर दिया नंदानगर निवासी महिला के पति सौरभ दुबे का मालवा मिल चौराहे पर रहने वाली युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा है  | सौरभ भंवरकुआं क्षेत्र में कार कंपनी में नौकरी करता है | महिला का कहना है मैंने कई बार पति को समझाया कि वह प्रेमिका का साथ छोड़ दे  उसकी हरकतों से दोनों की शादीशुदा जिंदगी में दरार पड़ रही है  |  सौरभ झूठ बोलता और ऑफिस के बहाने प्रेमिका से मिलने पहुंच जाता था  | पांच दिन पहले इसी बात पर दंपती में विवाद हुआ रविवार दोपहर महिला को खबर मिली कि सौरभ प्रेमिका को लेकर रिंग रोड स्थित एक मल्टीप्लेक्स में फिल्म देखने गया है  | महिला बहन को लेकर दोनों को सबक सिखाने मल्टीप्लेक्स पहुंच गई  |  पार्किंग में दोनों की गाड़ी भी दिख गई  | करीब दो घंटे बाद जैसे ही सौरभ व प्रेमिका एक दूसरे का हाथ थामे बाहर आए तो महिला उन पर टूट पड़ी  | जैसे ही सौरभ को चांटे जड़े तो प्रेमिका भागने लगी  | महिला ने उसे पकड़कर सड़क पर पटका और लात-घूसों से पीटना शुरू कर दिया  यह देख मौके पर लोगों की भीड़ लग गई  |  इतने में पुलिस आ गई और सब को पुलिस स्टेशन लाई  | पुलिस ने सौरभ व उसकी प्रेमिका के विरुद्ध अदमचेक काटकर रवाना कर दिया |   

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Dakhal News 4 November 2019


pradyuman safai abhiyaan

  नाले में घुस कर नाले से निकाली गन्दगी   मध्यप्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने  ग्वालियर में सफाई अभियान' शुरू किया  तोमर खुद नाले में उतरे और फावड़े से अंदर की गंदगी को बाहर निकाला  | मंत्री के इस अंदाज को देख क्षेत्र के लोग  अचंभित नजर आए  |और उनके  सफाई अभियान में  सहयोग  किया |   ग्वालियर में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने रविवार सुबह ग्वालियर में 'वास्तविक सफाई अभियान' शुरू किया तोमर अपने साथियों के साथ बिरला नगर स्थित वार्ड 16 के न्यू कॉलोनी के चोक हुए नाले की सफाई की  | मंत्री तोमर खुद नाले में उतरे और फावड़े से अंदर की गंदगी को बाहर निकाला | नाला चोक होने से इसका गंदा पानी लोगों के घरों में घुस रहा था  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने ग्वालियर रेलवे स्टेशन  के प्लेटफार्म नंबर चार पर पहुंचकर टॉयलेट साफ किया एवं झाड़ू लगाई | इस दौरान उनका रेलवे के अधिकारियों से विवाद भी हो गया था  | जिस  पर रेलवे अधिकारियों का कहना था कि  | रेलवे स्टेशन की जिम्मेदारी हमारा काम है  | मंत्री अपना राज्य साफ करें और यहां राजनीति न करें  | मंत्री तोमर के फोटो को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था  | जिसके  बाद तोमर का हौसला और बढ़ गया  और  इसको लेकर उन्होंने वास्तविक सफाई अभियान  शुरू कर दिया  |   

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Dakhal News 3 November 2019


Right To Health

  राइट टू हेल्थ में कैशलेस इलाज की सुविधा   भोपाल में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दो दिवसीय राइट टू हेल्थ काॅनक्लेव का शुभारंभ किया  इस मौके पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि, इस योजना के जरिए व्यक्ति यह जान सकेगा कि यह सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य के प्रति कितनी संवेदनशील है  | स्वास्थ्य का अधिकार अब कानून बनने जा रहा है, यह काम केवल सीएम कमलनाथ ही कर सकते थे |    राइट टू हेल्थ काॅनक्लेव में स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने बताया कि  इस पर हर साल 1900 करोड़ रुपए खर्च होंगे  | स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति ये सरकार गंभीर है  | इसका  अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्वास्थ्य विभाग का बजट भी बढ़ा दिया है  | अगले दो दिन तक हेल्थ एक्सपर्ट्स इस विषय पर मंथन करेंगे और भविष्य में प्रदेश के लोगों को कैसी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी  | इसका रोडमैप तैयार होगा  | देश में मध्य प्रदेश ऐसा पहला राज्य होगा जो अपने नागरिकों को राइट टू हेल्थ देगा  राइट टू हेल्थ योजना के जरिये सरकार प्रदेश के लोगों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने जा रही है  |    मध्यप्रदेश में मौजूदा आयुष्मान योजना में 1 करोड़ 42 लाख परिवार कवर हो रहे हैं  | प्रति परिवार हर साल 5 लाख रुपए तक का नि:शुल्क इलाज दिया जा रहा है | करीब 46 लाख परिवार अभी योजना के दायरे में नहीं हैं  | इनमें ज्यादातर नौकरी पेशा या फिर व्यवसायी हैं  | अब इन्हें भी इस योजना के दायरे में लाने की तैयारी है  | अब इस बात पर मंथन किया जा रहा है कि कैशलेस बीमा के लिए इनसे कुछ राशि ली जाए या नहीं  |      

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Dakhal News 2 November 2019


Right To Health

  राइट टू हेल्थ में कैशलेस इलाज की सुविधा   भोपाल में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दो दिवसीय राइट टू हेल्थ काॅनक्लेव का शुभारंभ किया |  इस मौके पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि, इस योजना के जरिए व्यक्ति यह जान सकेगा कि यह सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य के प्रति कितनी संवेदनशील है | स्वास्थ्य का अधिकार अब कानून बनने जा रहा है, यह काम केवल सीएम कमलनाथ ही कर सकते थे |    राइट टू हेल्थ काॅनक्लेव में स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने बताया कि  इस पर हर साल 1900 करोड़ रुपए खर्च होंगे |  स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति ये सरकार गंभीर है | इसका  अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्वास्थ्य विभाग का बजट भी बढ़ा दिया है | अगले दो दिन तक हेल्थ एक्सपर्ट्स इस विषय पर मंथन करेंगे और भविष्य में प्रदेश के लोगों को कैसी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी | इसका रोडमैप तैयार होगा देश में मध्य प्रदेश ऐसा पहला राज्य होगा जो अपने नागरिकों को राइट टू हेल्थ देगा | राइट टू हेल्थ योजना के जरिये सरकार प्रदेश के लोगों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने जा रही है |  मध्यप्रदेश में मौजूदा आयुष्मान योजना में 1 करोड़ 42 लाख परिवार कवर हो रहे हैं |  प्रति परिवार हर साल 5 लाख रुपए तक का नि:शुल्क इलाज दिया जा रहा है |  करीब 46 लाख परिवार अभी योजना के दायरे में नहीं हैं | इनमें ज्यादातर नौकरी पेशा या फिर व्यवसायी हैं |अब इन्हें भी इस योजना के दायरे में लाने की तैयारी है|  अब इस बात पर मंथन किया जा रहा है कि कैशलेस बीमा के लिए इनसे कुछ राशि ली जाए या नहीं |    

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Dakhal News 1 November 2019