विशेष


bhopal, Organic mission, phased manner ,MP, farmers

भोपाल। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने संपूर्ण प्रदेश में आर्गेनिक मिशन के संचालन की आवश्यकता बताई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक स्वरूप को देखते हुए इसका हरसंभव विस्तार किया जाना चाहिए। यह बात राज्यपाल पटेल ने शनिवार को राजभवन में आर्गेनिक मिशन पर केन्द्रित प्रस्तुतीकरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।   प्रस्तुतीकरण के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि में आर्गेनिक उर्वरकों के उपयोग से कृषि लागत कम कर कृषकों की आय में वृद्धि पर केन्द्रित आर्गेनिक मिशन अभिनंदनीय है। मध्यप्रदेश में पशुधन, देश में सर्वाधिक है, दुग्ध उत्पादन में हम तीसरे नंबर पर हैं। अत: यह मिशन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य शासन द्वारा विकसित आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप के लक्ष्यों को पूर्ण करने में सहायक सिद्ध होगा।    मुख्यमंत्री चौहान ने प्रारंभिक चरण में आगर-मालवा स्थित सालरिया गौशाला में प्रोजेक्ट क्रियान्वित करने पर सहमति दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अन्य गौ-शालाओं में चरणबद्ध रूप से मिशन क्रियान्वित किया जाएगा। प्रदेश के कुछ गांवों को आदर्श आर्गेनिक ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को आर्गेनिक प्रक्रियाएं अपनाने में मदद मिलेगी और वे इसके लाभ से भी परिचित हो सकेंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने आदिवासी तथा वन क्षेत्रों में रासायनिक खाद तथा कीटनाशक के प्रयोग को हतोत्साहित करने के लिये जन-जागरण अभियान चलाने की आवश्यकता बताई।   प्रारंभ में राजभवन में अहमदाबाद के डॉ. भरत जे. पटेल द्वारा आर्गेनिक उर्वरकों के उपयोग से कृषि की लागत कम करने तथा कृषकों की आय बढ़ाने पर केन्द्रित प्रोजेक्ट संबंधी प्रस्तुतीकरण दिया गया। डॉ. पटेल द्वारा रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों का उपयोग कम कर आर्गेनिक उर्वरक के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए गुजरात और उत्तरप्रदेश में परियोजना संचालित की जा रही है। मृदा तथा वन संरक्षण, हरित एवं नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन तथा स्वच्छ दुग्ध कार्यक्रम भी इस परियोजना के अंग हैं। यह परियोजना ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था के उन्नयन के साथ जीवन-शैली से संबंधित रोगों जैसे रक्तचाप, मधुमेह आदि के नियंत्रण में भी सहायक है।   इस अवसर पर किसान-कल्याण एवं कृषि मंत्री कमल पटेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया, पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Dakhal News

Dakhal News 23 January 2021


bhopal, Organic mission, phased manner ,MP, farmers

भोपाल। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने संपूर्ण प्रदेश में आर्गेनिक मिशन के संचालन की आवश्यकता बताई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक स्वरूप को देखते हुए इसका हरसंभव विस्तार किया जाना चाहिए। यह बात राज्यपाल पटेल ने शनिवार को राजभवन में आर्गेनिक मिशन पर केन्द्रित प्रस्तुतीकरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।   प्रस्तुतीकरण के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि में आर्गेनिक उर्वरकों के उपयोग से कृषि लागत कम कर कृषकों की आय में वृद्धि पर केन्द्रित आर्गेनिक मिशन अभिनंदनीय है। मध्यप्रदेश में पशुधन, देश में सर्वाधिक है, दुग्ध उत्पादन में हम तीसरे नंबर पर हैं। अत: यह मिशन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य शासन द्वारा विकसित आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप के लक्ष्यों को पूर्ण करने में सहायक सिद्ध होगा।    मुख्यमंत्री चौहान ने प्रारंभिक चरण में आगर-मालवा स्थित सालरिया गौशाला में प्रोजेक्ट क्रियान्वित करने पर सहमति दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अन्य गौ-शालाओं में चरणबद्ध रूप से मिशन क्रियान्वित किया जाएगा। प्रदेश के कुछ गांवों को आदर्श आर्गेनिक ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को आर्गेनिक प्रक्रियाएं अपनाने में मदद मिलेगी और वे इसके लाभ से भी परिचित हो सकेंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने आदिवासी तथा वन क्षेत्रों में रासायनिक खाद तथा कीटनाशक के प्रयोग को हतोत्साहित करने के लिये जन-जागरण अभियान चलाने की आवश्यकता बताई।   प्रारंभ में राजभवन में अहमदाबाद के डॉ. भरत जे. पटेल द्वारा आर्गेनिक उर्वरकों के उपयोग से कृषि की लागत कम करने तथा कृषकों की आय बढ़ाने पर केन्द्रित प्रोजेक्ट संबंधी प्रस्तुतीकरण दिया गया। डॉ. पटेल द्वारा रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों का उपयोग कम कर आर्गेनिक उर्वरक के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए गुजरात और उत्तरप्रदेश में परियोजना संचालित की जा रही है। मृदा तथा वन संरक्षण, हरित एवं नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन तथा स्वच्छ दुग्ध कार्यक्रम भी इस परियोजना के अंग हैं। यह परियोजना ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था के उन्नयन के साथ जीवन-शैली से संबंधित रोगों जैसे रक्तचाप, मधुमेह आदि के नियंत्रण में भी सहायक है।   इस अवसर पर किसान-कल्याण एवं कृषि मंत्री कमल पटेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया, पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Dakhal News

Dakhal News 23 January 2021


bhopal, Organic mission, phased manner ,MP, farmers

भोपाल। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने संपूर्ण प्रदेश में आर्गेनिक मिशन के संचालन की आवश्यकता बताई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक स्वरूप को देखते हुए इसका हरसंभव विस्तार किया जाना चाहिए। यह बात राज्यपाल पटेल ने शनिवार को राजभवन में आर्गेनिक मिशन पर केन्द्रित प्रस्तुतीकरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।   प्रस्तुतीकरण के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि में आर्गेनिक उर्वरकों के उपयोग से कृषि लागत कम कर कृषकों की आय में वृद्धि पर केन्द्रित आर्गेनिक मिशन अभिनंदनीय है। मध्यप्रदेश में पशुधन, देश में सर्वाधिक है, दुग्ध उत्पादन में हम तीसरे नंबर पर हैं। अत: यह मिशन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य शासन द्वारा विकसित आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप के लक्ष्यों को पूर्ण करने में सहायक सिद्ध होगा।    मुख्यमंत्री चौहान ने प्रारंभिक चरण में आगर-मालवा स्थित सालरिया गौशाला में प्रोजेक्ट क्रियान्वित करने पर सहमति दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अन्य गौ-शालाओं में चरणबद्ध रूप से मिशन क्रियान्वित किया जाएगा। प्रदेश के कुछ गांवों को आदर्श आर्गेनिक ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को आर्गेनिक प्रक्रियाएं अपनाने में मदद मिलेगी और वे इसके लाभ से भी परिचित हो सकेंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने आदिवासी तथा वन क्षेत्रों में रासायनिक खाद तथा कीटनाशक के प्रयोग को हतोत्साहित करने के लिये जन-जागरण अभियान चलाने की आवश्यकता बताई।   प्रारंभ में राजभवन में अहमदाबाद के डॉ. भरत जे. पटेल द्वारा आर्गेनिक उर्वरकों के उपयोग से कृषि की लागत कम करने तथा कृषकों की आय बढ़ाने पर केन्द्रित प्रोजेक्ट संबंधी प्रस्तुतीकरण दिया गया। डॉ. पटेल द्वारा रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों का उपयोग कम कर आर्गेनिक उर्वरक के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए गुजरात और उत्तरप्रदेश में परियोजना संचालित की जा रही है। मृदा तथा वन संरक्षण, हरित एवं नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन तथा स्वच्छ दुग्ध कार्यक्रम भी इस परियोजना के अंग हैं। यह परियोजना ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था के उन्नयन के साथ जीवन-शैली से संबंधित रोगों जैसे रक्तचाप, मधुमेह आदि के नियंत्रण में भी सहायक है।   इस अवसर पर किसान-कल्याण एवं कृषि मंत्री कमल पटेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया, पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Dakhal News

Dakhal News 23 January 2021


bhopal, Our struggle,continue in support , farmers, Kamal Nath

भोपाल। राजधानी भोपाल में शनिवार को कांग्रेस ने किसान आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की अगुआई में राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष अरुण यादव, राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा सहित सैकड़ों संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता जवाहर चौक पर जुटे। यहां से सभी ने राजभवन का घेराव करने के लिए कूच किया। कांग्रेस को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और रोशनपुरा के पास ही कांग्रेसियों को रोक लिया गया। हालांकि कांग्रेसी नहीं माने और बैरिकेट के ऊपर चढ़ गए। इसके बाद पुलिस ने लाठियां बरसाईं और वॉटर कैनन भी चलाई। पुलिस ने कांग्रेसियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह, उनके बेटे जयवर्धन, विधायक कुणाल चौधरी समेत 20 नेताओं को गिरफ्तार किया गया।   राजभवन का घेराव करने जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पुलिस की कार्यवाही पर पूर्व सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने इसकी निंदा की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ‘किसानों के समर्थन में आज मध्यप्रदेश के भोपाल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हज़ारों किसान भाइयों व कांग्रेसजनों पर शिवराज सरकार के ईशारे पर किये गये बर्बर लाठीचार्ज, आंसू गैस व वाटर केनन छोड़े जाने की व गिरफ़्तारी की कड़ी निंदा करता हूँ। उन्होंने कहा कि इस लाठीचार्ज में कई किसान भाइयों, कांग्रेसजनों, महिलाओं व मीडिया के साथियों को चोटे आयी है। उनके स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। किसानो के समर्थन में हमारा संघर्ष जारी रहेगा, हम ऐसे दमन से डरने-दबने वाले नहीं है।

Dakhal News

Dakhal News 23 January 2021


bhopal, Our struggle,continue in support , farmers, Kamal Nath

भोपाल। राजधानी भोपाल में शनिवार को कांग्रेस ने किसान आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की अगुआई में राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष अरुण यादव, राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा सहित सैकड़ों संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता जवाहर चौक पर जुटे। यहां से सभी ने राजभवन का घेराव करने के लिए कूच किया। कांग्रेस को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और रोशनपुरा के पास ही कांग्रेसियों को रोक लिया गया। हालांकि कांग्रेसी नहीं माने और बैरिकेट के ऊपर चढ़ गए। इसके बाद पुलिस ने लाठियां बरसाईं और वॉटर कैनन भी चलाई। पुलिस ने कांग्रेसियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह, उनके बेटे जयवर्धन, विधायक कुणाल चौधरी समेत 20 नेताओं को गिरफ्तार किया गया।   राजभवन का घेराव करने जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पुलिस की कार्यवाही पर पूर्व सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने इसकी निंदा की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ‘किसानों के समर्थन में आज मध्यप्रदेश के भोपाल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हज़ारों किसान भाइयों व कांग्रेसजनों पर शिवराज सरकार के ईशारे पर किये गये बर्बर लाठीचार्ज, आंसू गैस व वाटर केनन छोड़े जाने की व गिरफ़्तारी की कड़ी निंदा करता हूँ। उन्होंने कहा कि इस लाठीचार्ज में कई किसान भाइयों, कांग्रेसजनों, महिलाओं व मीडिया के साथियों को चोटे आयी है। उनके स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। किसानो के समर्थन में हमारा संघर्ष जारी रहेगा, हम ऐसे दमन से डरने-दबने वाले नहीं है।

Dakhal News

Dakhal News 23 January 2021


bhopal, Wipro group, open software development center, Shivraj

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विप्रो के प्रमुख अजीम प्रेमजी उद्योग क्षेत्र के साथ ही समाजसेवा के क्षेत्र में अद्वितीय कार्य कर रहे हैं। उनके सामाजिक सेवाओं को एक उदाहरण और आदर्श माना जा सकता है। मध्यप्रदेश में अजीम प्रेम जी फाउंडेशन द्वारा विश्वविद्यालय स्थापना के लिए की गई पहल प्रशंसनीय है। इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार फाउंडेशन को हर संभव सहयोग करेगी। इसके साथ ही भोपाल में विप्रो समूह द्वारा सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना के लिए दी गई सहमति मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है।   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा विप्रो के अजीम प्रेमजी से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने प्रेमजी से शिक्षा योजनाओं, नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में सहयोगी बनने, बाल भवन में आदर्श आंगनवाड़ी की स्थापना और प्रदेश में कुपोषण उन्मूलन में सहयोगी बनने पर चर्चा की। वीडियो कानफ्रेंस में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी, जनसंपर्क संचालक आशुतोष प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।   सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेंटर वीडियो कान्फ्रेंस में भोपाल में विप्रो के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना के संबंध में चर्चा हुई। प्रेमजी ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे इस सेंटर की स्थापना के लिए सहमत हैं। इस संबंध में सभी जरूरी कार्य शुरु किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में कौशल विकास और उसके माध्यम से युवाओं को अधिकाधिक रोजगार देने का कार्य हो रहा है। आईटी क्षेत्र में भी युवाओं को अधिक अवसर मिलें, इस दृष्टि से ऐसे डेवलपमेंट सेंटर की उपयोगिता रहेगी। चर्चा में प्रेमजी ने कहा कि मध्यप्रदेश को विप्रो समूह की ओर से पूरा सहयोग मिलेगा।   विश्वविद्यालय के लिए भोपाल में भूमि आवंटित, डेढ़ वर्ष में आकार लेगी योजना भोपाल में एपीएफ (अजीम प्रेमजी फाउंडेशन) को विश्वविद्यालय के लिए 50 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इसका प्रथम चरण शीघ्र प्रारंभ होगा। लक्ष्य यह है कि आगामी 18 माह में विश्वविद्यालय प्रारंभ हो जाए। मुख्यमंत्री ने प्रेमजी को आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय की स्थापना से जुड़े सभी कार्य समय पर संपन्न होंगे। भोपाल में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यह विश्वविद्यालय एक महत्वपूर्ण संस्था के रूप में उभरेगा।   विप्रो को बनायेंगे नॉलेज पार्टनर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अजीम प्रेमजी से आग्रह किया कि नई शिक्षा नीति के संदर्भ में विप्रो समूह क्रियान्वयन के स्तर पर नॉलेज पार्टनर बने, तो अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। प्रशिक्षण से लेकर अन्य गतिविधियों में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध करवा सकता है। प्रेमजी ने मुख्यमंत्री के आग्रह को स्वीकार करते हुए नॉलेज पार्टनर बनने पर सहमति व्यक्त की।   प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में कार्य का विस्तार करेगा फाउंडेशन मुख्यमंत्री को प्रेमजी ने जानकारी दी कि वर्तमान में मध्यप्रदेश के 1151 प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन कार्य कर रहा है। अभी फाउंडेशन की गतिविधियां पांच जिलों में है। इसका अन्य जिलों में भी विस्तार किया जाएगा। भोपाल स्थित जवाहर बाल भवन में आदर्श आंगनवाड़ी की स्थापना और प्री-प्रायमरी शिक्षा के लिए राज्यस्तरीय रिसर्च सेंटर के विकास के लिए भी प्रयास होंगे। अभी फाउंडेशन द्वारा अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन के क्षेत्र में भी गतिविधियां संचालित हैं।   कुपोषण उन्मूलन में सहयोग मुख्यमंत्री ने प्रेमजी को जानकारी दी की प्रदेश में स्वास्थ्य और शिक्षा पर फोकस किया गया है। फाउंडेशन द्वारा कुपोषण उन्मूलन और पोषण के प्रति जागरूकता के क्षेत्र में सहयोग की अपेक्षा है। प्रेमजी ने इस क्षेत्र में भी सहयोग प्रदान करने की बात कही।   स्व-सहायता समूहों की रचनात्मकता के बारे में बताया मुख्यमंत्री ने प्रेमजी को बताया कि मध्यप्रदेश में साढ़े तीन लाख महिला स्व-सहायता समूह श्रेष्ठ कार्य कर रहे हैं। इन्हें आंदोलन का स्वरूप दिया गया है, जिससे समूहों की उपयोगिता और आर्थिक समृद्धि बढ़ी है। समूहों से जुड़ी लगभग 35 लाख महिलाएं कोरोना काल में भी फेस मास्क निर्माण के पुनीत कार्य से जुड़ी रहीं। उन्होंने रेडी टू ईट तैयार करने के लिए चल रही सात में से पांच फैक्टरी का संचालन संभाला है। राज्य सरकार ने समूहों को प्रशिक्षण, ब्याज सब्सिडी और मार्केटिंग की सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं।

Dakhal News

Dakhal News 22 January 2021


bhopal, pyaare Mian Case, Preparing release girls,girl child, big question?

भोपाल। प्यारे मियां यौन शोषण मामले में एक नाबालिग की नींद की गोलियां खाने की वजह से हुई मौत के बाद पुलिस की निगरानी में गुरुवार दोपहर करीब 1.30 बजे उसका भदभदा विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। अब प्रशासन एवं महिला बाल विकास विभाग अपने पर दबाव महसूस कर रहा है, जिसके चलते वह अन्‍य पीड़िताओं को छोड़ने की योजना बना रहा है। बताया जा रहा है कि ऐसा करने के लिए कलेक्‍टर पर भारी दबाव है। हालांकि कलेक्‍टर ने इस पूरे मामले की जांच भी शुरू कर दी है।    तलाशे जा रहे अन्‍य बच्‍च‍ियों को बाहर निकालने के रास्‍ते  अधिकारिक सूत्रों की मानें तो शेष बच्‍चियों को छोड़ने के लिए शासन रास्‍ते तलाश रहा है और बाल कल्‍याण समिति के सुरक्षा कारणों को देखते हुए नहीं छोड़ने की स्‍थ‍िति में कौन उन्‍हें छोड़ सकता है, इसके लिए कानूनी रास्‍ते खोज रहा है। दरअसल, प्यारे मियां यौन शोषण से जुड़े इस केस में नाबालिग पीड़िताएं फरियादी हैं, न कि आरोपी या अपराधी। लेकिन सबसे बड़ा प्रश्‍न है कि इनके न्‍यायालय के समक्ष बिना बयान दिए मौत होने की स्‍थि‍ति में सबसे अधिक फायदा किसे होगा, स्‍वभाविक है कि वह नाम प्‍यारे मियां का ही है।    यदि इनके न्‍यायालय के समक्ष बयान होने के पूर्व ही बच्‍चि‍यों को उनके घर भेज दिया जाता है तो इसकी भी संभावना है कि परिवार या अन्‍य दबावों के चलते ये मजबूरन अपने बयान बदलने के लिए विवश कर दी जाएं। जिसको देखते हुए बताया जा रहा है कि बाल कल्‍याण समिति इन्‍हें सिर्फ न्‍यायालयीन बयान होने तक बालिका गृह या अन्‍य शासन की देखरेख में सुरक्षित स्‍थान पर रखना चाहती है ।    राष्ट्रीय बाल आयोग करेगा पूरे मामले की अपने स्‍तर पर जांच  इधर, राष्ट्रीय बाल आयोग ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। इसके लिए आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने जांच कमेटी गठित की है। यह कमेटी दिल्ली से भोपाल आकर जांच करेगी । श्री कानूनगो ने कहा है कि दिल्‍ली से भेजी जानेवाली जांच समिति 26 जनवरी के बाद इस माह के अंत के दिनों में भोपाल पहुंचकर अपनी जांच में जुट जाएगी, जोकि जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट आयोग को प्रस्तुत करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय स्‍तर पर आगे क्‍या करना है निर्णय होगा।    इस दौरान राष्ट्रीय बाल आयोग के अघ्‍यक्ष श्री कानूनगो ने यह भी बताया कि उन्होंने 9 जनवरी को बालिका गृह का निरीक्षण किया था। जहां कई तरह की खामियां पाई गई थीं। उन कमियों को दूर करने के लिए आयोग ने कलेक्टर को 9 बिंदुओं पर सिफारिश की थी, लेकिन दुख की बात है कि अब तक उस पर क्‍या अमल हुआ इसकी कोई जानकारी हमें उपलब्‍ध नहीं कराई गई, जिससे साफ है कि उन सिफारिशों पर अभी तक अमल नहीं हुआ है। इसी वजह से आयोग अब अपने स्तर पर मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ खुद से प्रकरण दर्ज कराएगा।   सीडब्‍लूसी सदस्‍य कृपा शंकर चौबे ने रखा अपना पक्ष, एक समाचार पत्र के कारनामें से हुए दुखी  वहीं, इस मामले में एक समाचार पत्र द्वारा बालकल्‍याण समिति (सीडब्‍लूसी) के सदस्‍य कृपा शंकर चौबे का नाम प्रमुखता से लिखने एवं उन पर तमाम आरोप लगाने को लेकर श्री चौबे ने अब मीडिया के बीच अपना पक्ष रखा है। कृपा शंकर का कहना है कि मैं पिछले कई दिनों से कोरोना वायरस से पीड़ि‍त हूं। यहां तक कि मेरा पूरा परिवार ही कोरोना संक्रमित हो गया, जिसके कारण से मैं अभी कुछ दिनों तक अस्‍पताल में भी भर्ती रहा, अब घर आकर डॉक्‍टरों की सलाह से आराम कर रहा हूं। मुझे चिकित्‍सकों के स्‍पष्‍ट निर्देश हैं कि जब तक पूरी तरह से स्‍वस्‍थ नहीं हो जाते, आपको घर से नहीं निकलना है। ऐसे में जब पीड़िता की मौत का मामला हुआ तब पूरे प्रकरण में मैं ना तो बालकल्‍याण समिति के दफ्तर में गया और ना ही बालिका गृह, ऐसे में मुझे घोर आपत्‍त‍ि है कि मेरा नाम मीडिया में मुझसे बात किए बगैर घसीटा गया है। उनका कहना है कि पूर्व में भी इस समाचार पत्र द्वारा ऐसे ही मेरे अनुपस्‍थ‍ित होने के बाद‍ भी एक अन्‍य मामले में मेरा नाम जोड़ दिया गया था। उनका कहना है कि वे अब इस समाचार पत्र व उसकी उक्‍त पत्रकार के द्वारा उनका नाम घसीटने के कारण बहुत क्षुब्‍ध हैं ।    बच्‍च‍ियों को बालिका गृह से छोड़ने के प्रश्‍न पर उनका कहना था कि हम बेवजह किसी की बच्‍ची को परिवार से दूर रखना नहीं चाहते। उनका दावा है कि समिति ने अब तक तमाम केस सफलता से हल किए और बच्‍च‍ियों को पूरी सुरक्षा गारंटी एवं उनके आगे बढ़ने के रास्‍तों को देखते हुए उनके घर पहुंचाया है। जिसका रिकार्ड भी मौजूद है। इसलिए यह कहना कि हम जबरन किसी बच्‍ची को रोकते हैं गलत होगा। उन्‍होंने कहा कि बालकल्‍याण समिति का काम बच्‍चों को सुरक्षा मुहैया करना है एवं उनके साथ कुछ गलत हुआ है तो ऐसे में बुरा करनेवालों के लिए बच्‍चों के हित में उनके साथ खड़े रहना है। प्‍यारे मियां मामले में बालिकाओं के हित में जो निर्णय लेना चाहिए, वहीअब तक हमने लिए हैं और आगे भी लेंगे। 

Dakhal News

Dakhal News 22 January 2021


bhopal, Youth Congress, former Chief Minister Kamal Nath, will surround, Raj Bhavan

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में युवक कांग्रेस शनिवार को राजभवन का घेराव करेगी। कांग्रेस के इस घेराव कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। इस संबंध में जानकारी देते हुए मध्य प्रदेश युवक कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने बताया कि कल होने वाले कांग्रेस पार्टी के राजभवन घेराव में युवक कांग्रेस अपने अध्यक्ष डॉ विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में बढ़ चढक़र हिस्सा लेगी।विवेक त्रिपाठी ने शुक्रवार को मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि 23 जनवरी को कांग्रेस पार्टी किसानों के सम्मान में अपना समर्थन देते हुए राजभवन का घेराव करेगी, जिसमें प्रदेशभर से आए युवक कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भारी संख्या में शामिल होंगे। त्रिपाठी के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने युवक कांग्रेस को किसानों की लड़ाई में मजबूती के साथ खड़ा रहने का निर्देश दिया है जिसका पालन करते हुए कल युवक कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में अपना समर्थन कांग्रेस पार्टी और किसानों को देगी।   विवेक त्रिपाठी के अनुसार शुक्रवार को इसी विषय पर चर्चा करने के लिए मैंने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के निवास पर उनसे मिलकर चर्चा की है। जिसमें कमलनाथ ने आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए हैं। उन्होंने बताया कि कल होने वाले राजभवन घेराव के लिए युवक कांग्रेस ने आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली है पूरे प्रदेश भर से हमारे कार्यकर्ता, पदाधिकारी और नेता भोपाल पहुंच चुके हैं। उनसे आगामी रणनीतियों पर चर्चा भी हो चुकी है, हम कल इस गूंगी बहरी सरकार के खिलाफ किसानों की आवाज को बुलंद करने अपना मोर्चा खोलेंगे।

Dakhal News

Dakhal News 22 January 2021


bhopal,Foundation stone,development works ,costing 49.98 crore, Amarkantak

अनूपपु। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रह्लाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय की प्रसाद योजनान्तर्गत धार्मिक पर्यटन क्षेत्र अमरकंटक में 49.98 करोड़ लागत के विकास कार्यों का शिलान्यास एवं मिनी स्मार्ट सिटी अमरकंटक योजना के तहत 8.01 करोड़ लागत के कार्यों का लोकार्पण तथा 24.92 करोड़ लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया।  इस दौरान इस दौरान केंद्रीय, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), भारत सरकार प्रह्लाद सिंह पटेल बिसाहूलाल सिंह खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री, उषा बाबू सिंह ठाकुर, पर्यटन, संस्कृति एवं आध्यात्म मंत्री,मीना सिंह, आदिम जाति कल्याण एवं जनजातीय कार्य विभाग मंत्री, एवं हिमाद्रि सिंह, सांसद, सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।   पर्यटन मंत्रालय द्वारा माँ नर्मदा एवं सोन नदी के उद्गम क्षेत्र तीर्थराज अमरकंटक में दर्शनार्थियों की सुविधा एवं पर्यटन के विकास हेतु प्रसाद (तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक संवर्धन ड्राइव) योजना अंतर्गत 49.98 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। योजनांतर्गत आकल्पित विकास कार्यों में क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, संरक्षण, संवर्धन एवं पर्यटन विकास के कार्यों को समाहित किया गया है। उक्त विकास कार्यों को 2 वर्ष की अवधि में अमलीजामा पहनाया जाएगा।    प्रसाद योजनांतर्गत माँ नर्मदा उद्गम मंदिर में 4.12 करोड़ रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण संरक्षण एवं दर्शनार्थियों की सुविधा हेतु कार्य किए जाएँगे। कुंड के जल शुद्धिकरण हेतु 38.23 लाख लागत का फिल्टर प्लांट एवं ग्रैविटी फिल्टर बेड,12.11 लाख रुपये की सोलर पैनल इन्स्टालेशन का कार्य किया जाएगा। माँ नर्मदा उद्गम मंदिर एवं पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित कल्चुरी मंदिर परिसर में 1 करोड़ 62 लाख की लागत से मंदिर को मोनोक्रोमैटिक लाइटिंग से सुसज्जित करने का कार्य किया जाएगा। परिक्रमा वासियों हेतु 55.33 लाख की लागत से किचन एवं भोजन परिसर व्यवस्था की जाएगी। इसके अतिरिक्त लैंडस्केपिंग, प्रवेश द्वार एवं परिसर के सौंदर्यीकरण के कार्य किए जाएँगे। इंद्रदमन ताल में 1 करोड़ 11 लाख की लागत से सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा। माँ नर्मदा के उद्गम दक्षिणी तट में 16 करोड़ 11 लाख की लागत से लैंडस्केपिंग, उद्यान विकास, डेकोरेटिव पोस्ट लाइटिंग, चेन लिंक फेंसिंग, पाथवे, कार्व्ड स्टोरी पैनल, सीसीटीवी, जनसुविधाएँ टॉयलेट ब्लॉक, कपड़े बदलने हेतु कीयोस्क, वाहन पार्किंग क्षेत्र, स्टोन बेंच आदि का कार्य किया जाएगा। उक्त कार्यों में माँ नर्मदा पर 7 करोड़ 81 लाख की लागत से पदयात्री पुल का निर्माण कार्य शामिल है। विशाल कथा आयोजनो हेतु 1 करोड़ 32 लाख की लागत से 1290 वर्ग मीटर क्षेत्र में विशाल कथा मंडप विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही आंतरिक पैदल पथ, हाई मास्ट एवं डेकोरेटिव लाइटिंग, फेंसिंग, उद्यान, प्रशासनिक भवन, सीसीटीवी, प्रवेश द्वार, जन सुविधाओं सहित कुल 7 करोड़ 99 लाख 81 हजार की लागत से विकास कार्य किए जाएँगे। माई की बगिया, सोनमुड़ा एवं कपिलधारा में 5 करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाकर उन्हें और आकर्षक बनाया जाएगा। इनमें सम्बंधित स्थलों से सम्बंधित किवंदितियों को आकर्षक पैनल के माध्यम से प्रदर्शित करना, लैंडस्केपिंग, डेकोरेटिव लाइटिंग, स्टोन बेंच, सोलर पैनल, पाथवे, विश्राम गृह, पार्किंग क्षेत्र, पेय जल सुविधा एवं अन्य जन सुविधाएँ शामिल हैं।

Dakhal News

Dakhal News 21 January 2021


bhopal, MP Chief Minister, statement on increasing, liquor shops praise,Uma Bharti

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में शराब की दुकानों की संख्या बढ़ाने के बारे में सरकार ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। मुख्यमंत्री के इस बयान पर भाजपा की वरिष्ठ नेत्री और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी का यह वक्तव्य अभिनंदनीय है।   भाजपा की फायरब्रांड नेता उमा भारती ने गुरुवार को सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए कहा है कि कोरोनाकाल के लॉकडाउन के समय पर लगभग शराबबंदी की स्थिति रही। इससे यह तथ्य स्पष्ट हो गया है कि अन्य कारणों एवं कोरोना से लोगों की मृत्यु हुई किंतु शराब नहीं पीने से कोई नहीं मरा। उन्होंने कहा कि अभी हाल में उप्र एवं मप्र में शराब पीने से बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु हुई सडक़ दुर्घटनाओं के अधिकतर कारण तो ड्राइवर का शराब पीना ही होता है। यह बड़े आश्चर्य की बात है कि शराब मृत्यु का दूत है, फिर भी थोड़े से राजस्व का लालच एवं शराब माफिया का दबाव शराबबंदी नहीं होने देता है।   उन्होंने अगले ट्वीट में कहा कि अगर देखा जाए तो सरकारी व्यवस्था ही लोगों को शराब पिलाने का प्रबंध करती है, जैसे मां जिसकी जिम्मेदारी अपने बालक को पोषण करते हुए रक्षा करने की होती है, वही मां अगर बच्चे को जहर पिला दे तो, सरकारी तंत्र के द्वारा शराब की दुकाने खोलना ऐसे ही है। उन्होंने आगे लिखा लिखा कि- मैं तो अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी से इस ट्वीट के माध्यम से सार्वजनिक अपील करती हूं कि जहां भी भाजपा की सरकारें हैं उन राज्यों में पूर्ण शराबबंदी की तैयारी करिए।    उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को चुनाव जीतने का दबाव रहता है बिहार की भाजपा की जीत यह साबित करती है कि शराबबंदी के कारण ही महिलाओं ने एकतरफा वोट नीतीश कुमार जी को दिये। शराबबंदी कहीं से भी घाटे का सौदा नहीं है शराब बंदी से राजस्व को हुई क्षति को कहीं से भी पूरा किया जा सकता है किंतु शराब के नशे में बलात्कार, हत्याएं, दुर्घटनाएं छोटी बालिकाओं के साथ दुष्कर्म जैसी घटनाएं भयावह हैं तथा देश एवं समाज के लिए कलंक है। कानून व्यवस्था को मेंटेन करने के लिए हजारों करोड़ रूपये खर्च होते हैं समाज में संतुलन बनाए रखने के लिए शराबबंदी एक महत्वपूर्ण कदम है इस पर एक डिबेट शुरू की जा सकती है। 

Dakhal News

Dakhal News 21 January 2021


bhopal, Every hand, government

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हर हाथ को काम मिले, इसके लिए लगातार प्रयास होंगे। युवा बुलंद हौसलों के साथ कार्य करें, सरकार उनके साथ है। चौहान ने कहा कि कोरोना काल से बिगड़ी अर्थ-व्यवस्था को तेजी से ठीक करने के प्रयास किए गए हैं। आर्थिक कठिनाइयों का रोना न रोते हुए हमने रास्ते निकाले हैं, यही सरकार और नेतृत्व का दायित्व भी है। उन्‍होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियों के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उक्‍त बातें मुख्‍यमंत्री ने बुधवार को राजधानी भोपाल के मिण्टो हॉल में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश स्तरीय 'रोजगार उत्सव' का शुभारंभ करते हुए कही।    मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सरकार के बजट का बड़ा हिस्सा वेतन के वितरण में चला जाता है और इसी बजट से विकास कार्य भी करने होते हैं, लेकिन इससे समझौता नहीं हो सकता। युवाओं को बाजार की मांग और आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश में अधोसंरचना, कृषि, खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी आदि के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया है। खनिजों के दोहन और स्थानीय उत्पाद को प्रोत्साहित करने का कार्य हो रहा है। गत कुछ माह में 100 से अधिक रोजगार मेले भी लगाए गए हैं। हर महीने 1 लाख और वर्ष में 12 लाख युवा रोजगार या स्व-रोजगार हासिल कर लें, यह लक्ष्य लेकर कार्य शुरू किया है। नौजवानों को जीविका का साधन उपलब्ध करवा कर नई जिन्दगी दें, इसी उद्देश्य के साथ मध्यप्रदेश आत्म-निर्भर बनेगा।   मध्यप्रदेश की विशेषताएँ समृद्धि दिलवाएंगी चौहान ने कहा कि प्रदेश में स्थानीय हुनर को प्रोत्साहन दिया जाएगा। दीपावली पर उपयोग में आने वाला दिया चीन से नहीं आना चाहिए। भारत में निर्मित वस्तुओं का ही उपयोग हो और हम लोकल को वोकल बनाने का कार्य करें। मध्यप्रदेश का बाघ प्रिंट, चंदेरी की साड़ियाँ, अगरिया समुदाय द्वारा निर्मित किए जाने वाले लौह उत्पाद प्रसिद्ध हैं। 'एक जिला एक उत्पाद' के अंतर्गत जिलों के उत्पाद और विशेष वस्तुओं को अंतर्राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध करवाने का प्रयास सरकार का है।    ग्लोबल स्किल पार्क देगा युवाओं को प्रशिक्षण मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल के ग्लोबल स्किल पार्क से प्रथम वर्ष में 6 हजार और फिर आगे प्रतिवर्ष 10 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्किल पार्क होगा। इसे वर्ष 2022 तक निर्मित करने का लक्ष्य है। मॉडल आईटीआई के माध्यम से भी प्रदेश के संभागीय मुख्यालयों में युवाओं को प्रशिक्षित करने की व्यवस्था की गई है। पुरानी योजनाओं की री-पैकेजिंग भी की जा रही है। इन सभी कार्यों में धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।    श्रम सिद्धि अभियान चौहान ने कहा कि प्रदेश में 32 लाख नये श्रमिकों को जॉब कार्ड उपलब्ध करवाए गए हैं। करीब 92 लाख श्रमिकों को रोजगार भी दिलवाया गया है। वर्ष 2020-21 में हुआ यह कार्य प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा रोजगार अभियान भी बन गया।   स्व-सहायता समूहों से मिली मदद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोजगार के माध्यम से विभिन्न वर्गों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से सामग्री के निर्माण और विक्रय का तंत्र सशक्त किया गया है। करीब पौने तीन लाख नए परिवार लगभग 25 हजार समूह से जुड़े हैं। पर्यटन से रोजगार के अंतर्गत बफर में सफर, नाईट सफारी और धार्मिक स्थानों के विकास के कार्यों से लोगों को आर्थिक संबल मिला है।   रोजगार पोर्टल कारगर सिद्ध होगा उन्‍होंने कहा कि कोरोना काल में रोजगार सेतु पोर्टल के माध्यम से 46 हजार नियुक्तियाँ संभव हो सकी। पोर्टल के माध्यम से 35 हजार नियोक्ता और 7 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिक एक प्लेटफार्म पर आकर परस्पर जुड़ सके हैं। पुलिस में भर्ती के साथ ही अन्य विभागों के करीब 5 हजार रिक्त पद भरने की प्रक्रिया को गति दी गई है।    औद्योगिक प्रगति के प्रयास मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आज रोजगार सबसे बड़ी प्राथमिकता है। युवाओं को उनकी योग्यता और क्षमता के मुताबिक कार्य मिले, इसके लिए बहुमुखी प्रयास किए जा रहे हैं। जहाँ नर्मदा जल का पूरा उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है वहीं इंडस्ट्रियल कल्स्टर बनाने, चंबल क्षेत्र में अटल एक्सप्रेस-वे के निर्माण से औद्योगिक प्रगति आसान होगी। एक्सप्रेस-वे के निकट उद्योग विकसित होंगे।   मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों के युवाओं एवं शीर्ष नियोक्ताओं से संवाद भी किया। कार्यक्रम की विशेष अतिथि खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला प्रांत है, जिसने आत्म-निर्भर भारत के अंतर्गत आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश का रोड मेप बनाया। सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी.डी. शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 138 रोजगार मेलों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार दिलवाने में इस साल सफलता मिली है, निश्चित ही यह बड़ी उपलब्धि है।   उल्लेखनीय है कि आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश अभियान के तहत प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक तकनीकी कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर आजीविका के बेहतर अवसर प्रदान करने की मुहिम में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने रोजगार मेलों के माध्यम से हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं। इस वित्त वर्ष में अब तक विभिन्न विभाग द्वारा लगभग 1 लाख 45 हजार युवाओं को रोजगार एवं स्व-रोजगार के अवसर दिलवाए गए हैं।   कार्यक्रम में वाणिज्यिक कर, वित्त, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री जगदीश देवड़ा, जल संसाधन, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास मंत्री तुलसीराम सिलावट, खनिज साधन एवं श्रम मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह, पर्यटन संस्कृति एवं आध्यात्म मंत्री सुउषा ठाकुर, प्रमुख सचिव करलिन खोंगवार, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति सुनील गुप्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम का दूरदर्शन, क्षेत्रीय न्यूज चैनल्स एवं सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर सीधा प्रसारण हुआ।

Dakhal News

Dakhal News 20 January 2021


bhopal, Every hand, government

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हर हाथ को काम मिले, इसके लिए लगातार प्रयास होंगे। युवा बुलंद हौसलों के साथ कार्य करें, सरकार उनके साथ है। चौहान ने कहा कि कोरोना काल से बिगड़ी अर्थ-व्यवस्था को तेजी से ठीक करने के प्रयास किए गए हैं। आर्थिक कठिनाइयों का रोना न रोते हुए हमने रास्ते निकाले हैं, यही सरकार और नेतृत्व का दायित्व भी है। उन्‍होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियों के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उक्‍त बातें मुख्‍यमंत्री ने बुधवार को राजधानी भोपाल के मिण्टो हॉल में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश स्तरीय 'रोजगार उत्सव' का शुभारंभ करते हुए कही।    मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सरकार के बजट का बड़ा हिस्सा वेतन के वितरण में चला जाता है और इसी बजट से विकास कार्य भी करने होते हैं, लेकिन इससे समझौता नहीं हो सकता। युवाओं को बाजार की मांग और आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश में अधोसंरचना, कृषि, खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी आदि के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया है। खनिजों के दोहन और स्थानीय उत्पाद को प्रोत्साहित करने का कार्य हो रहा है। गत कुछ माह में 100 से अधिक रोजगार मेले भी लगाए गए हैं। हर महीने 1 लाख और वर्ष में 12 लाख युवा रोजगार या स्व-रोजगार हासिल कर लें, यह लक्ष्य लेकर कार्य शुरू किया है। नौजवानों को जीविका का साधन उपलब्ध करवा कर नई जिन्दगी दें, इसी उद्देश्य के साथ मध्यप्रदेश आत्म-निर्भर बनेगा।   मध्यप्रदेश की विशेषताएँ समृद्धि दिलवाएंगी चौहान ने कहा कि प्रदेश में स्थानीय हुनर को प्रोत्साहन दिया जाएगा। दीपावली पर उपयोग में आने वाला दिया चीन से नहीं आना चाहिए। भारत में निर्मित वस्तुओं का ही उपयोग हो और हम लोकल को वोकल बनाने का कार्य करें। मध्यप्रदेश का बाघ प्रिंट, चंदेरी की साड़ियाँ, अगरिया समुदाय द्वारा निर्मित किए जाने वाले लौह उत्पाद प्रसिद्ध हैं। 'एक जिला एक उत्पाद' के अंतर्गत जिलों के उत्पाद और विशेष वस्तुओं को अंतर्राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध करवाने का प्रयास सरकार का है।    ग्लोबल स्किल पार्क देगा युवाओं को प्रशिक्षण मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल के ग्लोबल स्किल पार्क से प्रथम वर्ष में 6 हजार और फिर आगे प्रतिवर्ष 10 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्किल पार्क होगा। इसे वर्ष 2022 तक निर्मित करने का लक्ष्य है। मॉडल आईटीआई के माध्यम से भी प्रदेश के संभागीय मुख्यालयों में युवाओं को प्रशिक्षित करने की व्यवस्था की गई है। पुरानी योजनाओं की री-पैकेजिंग भी की जा रही है। इन सभी कार्यों में धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।    श्रम सिद्धि अभियान चौहान ने कहा कि प्रदेश में 32 लाख नये श्रमिकों को जॉब कार्ड उपलब्ध करवाए गए हैं। करीब 92 लाख श्रमिकों को रोजगार भी दिलवाया गया है। वर्ष 2020-21 में हुआ यह कार्य प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा रोजगार अभियान भी बन गया।   स्व-सहायता समूहों से मिली मदद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोजगार के माध्यम से विभिन्न वर्गों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से सामग्री के निर्माण और विक्रय का तंत्र सशक्त किया गया है। करीब पौने तीन लाख नए परिवार लगभग 25 हजार समूह से जुड़े हैं। पर्यटन से रोजगार के अंतर्गत बफर में सफर, नाईट सफारी और धार्मिक स्थानों के विकास के कार्यों से लोगों को आर्थिक संबल मिला है।   रोजगार पोर्टल कारगर सिद्ध होगा उन्‍होंने कहा कि कोरोना काल में रोजगार सेतु पोर्टल के माध्यम से 46 हजार नियुक्तियाँ संभव हो सकी। पोर्टल के माध्यम से 35 हजार नियोक्ता और 7 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिक एक प्लेटफार्म पर आकर परस्पर जुड़ सके हैं। पुलिस में भर्ती के साथ ही अन्य विभागों के करीब 5 हजार रिक्त पद भरने की प्रक्रिया को गति दी गई है।    औद्योगिक प्रगति के प्रयास मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आज रोजगार सबसे बड़ी प्राथमिकता है। युवाओं को उनकी योग्यता और क्षमता के मुताबिक कार्य मिले, इसके लिए बहुमुखी प्रयास किए जा रहे हैं। जहाँ नर्मदा जल का पूरा उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है वहीं इंडस्ट्रियल कल्स्टर बनाने, चंबल क्षेत्र में अटल एक्सप्रेस-वे के निर्माण से औद्योगिक प्रगति आसान होगी। एक्सप्रेस-वे के निकट उद्योग विकसित होंगे।   मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों के युवाओं एवं शीर्ष नियोक्ताओं से संवाद भी किया। कार्यक्रम की विशेष अतिथि खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला प्रांत है, जिसने आत्म-निर्भर भारत के अंतर्गत आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश का रोड मेप बनाया। सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी.डी. शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 138 रोजगार मेलों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार दिलवाने में इस साल सफलता मिली है, निश्चित ही यह बड़ी उपलब्धि है।   उल्लेखनीय है कि आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश अभियान के तहत प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक तकनीकी कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर आजीविका के बेहतर अवसर प्रदान करने की मुहिम में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने रोजगार मेलों के माध्यम से हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं। इस वित्त वर्ष में अब तक विभिन्न विभाग द्वारा लगभग 1 लाख 45 हजार युवाओं को रोजगार एवं स्व-रोजगार के अवसर दिलवाए गए हैं।   कार्यक्रम में वाणिज्यिक कर, वित्त, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री जगदीश देवड़ा, जल संसाधन, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास मंत्री तुलसीराम सिलावट, खनिज साधन एवं श्रम मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह, पर्यटन संस्कृति एवं आध्यात्म मंत्री सुउषा ठाकुर, प्रमुख सचिव करलिन खोंगवार, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति सुनील गुप्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम का दूरदर्शन, क्षेत्रीय न्यूज चैनल्स एवं सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर सीधा प्रसारण हुआ।

Dakhal News

Dakhal News 20 January 2021


bhopal, Every hand, government

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हर हाथ को काम मिले, इसके लिए लगातार प्रयास होंगे। युवा बुलंद हौसलों के साथ कार्य करें, सरकार उनके साथ है। चौहान ने कहा कि कोरोना काल से बिगड़ी अर्थ-व्यवस्था को तेजी से ठीक करने के प्रयास किए गए हैं। आर्थिक कठिनाइयों का रोना न रोते हुए हमने रास्ते निकाले हैं, यही सरकार और नेतृत्व का दायित्व भी है। उन्‍होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियों के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उक्‍त बातें मुख्‍यमंत्री ने बुधवार को राजधानी भोपाल के मिण्टो हॉल में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश स्तरीय 'रोजगार उत्सव' का शुभारंभ करते हुए कही।    मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सरकार के बजट का बड़ा हिस्सा वेतन के वितरण में चला जाता है और इसी बजट से विकास कार्य भी करने होते हैं, लेकिन इससे समझौता नहीं हो सकता। युवाओं को बाजार की मांग और आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश में अधोसंरचना, कृषि, खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी आदि के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया है। खनिजों के दोहन और स्थानीय उत्पाद को प्रोत्साहित करने का कार्य हो रहा है। गत कुछ माह में 100 से अधिक रोजगार मेले भी लगाए गए हैं। हर महीने 1 लाख और वर्ष में 12 लाख युवा रोजगार या स्व-रोजगार हासिल कर लें, यह लक्ष्य लेकर कार्य शुरू किया है। नौजवानों को जीविका का साधन उपलब्ध करवा कर नई जिन्दगी दें, इसी उद्देश्य के साथ मध्यप्रदेश आत्म-निर्भर बनेगा।   मध्यप्रदेश की विशेषताएँ समृद्धि दिलवाएंगी चौहान ने कहा कि प्रदेश में स्थानीय हुनर को प्रोत्साहन दिया जाएगा। दीपावली पर उपयोग में आने वाला दिया चीन से नहीं आना चाहिए। भारत में निर्मित वस्तुओं का ही उपयोग हो और हम लोकल को वोकल बनाने का कार्य करें। मध्यप्रदेश का बाघ प्रिंट, चंदेरी की साड़ियाँ, अगरिया समुदाय द्वारा निर्मित किए जाने वाले लौह उत्पाद प्रसिद्ध हैं। 'एक जिला एक उत्पाद' के अंतर्गत जिलों के उत्पाद और विशेष वस्तुओं को अंतर्राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध करवाने का प्रयास सरकार का है।    ग्लोबल स्किल पार्क देगा युवाओं को प्रशिक्षण मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल के ग्लोबल स्किल पार्क से प्रथम वर्ष में 6 हजार और फिर आगे प्रतिवर्ष 10 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्किल पार्क होगा। इसे वर्ष 2022 तक निर्मित करने का लक्ष्य है। मॉडल आईटीआई के माध्यम से भी प्रदेश के संभागीय मुख्यालयों में युवाओं को प्रशिक्षित करने की व्यवस्था की गई है। पुरानी योजनाओं की री-पैकेजिंग भी की जा रही है। इन सभी कार्यों में धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।    श्रम सिद्धि अभियान चौहान ने कहा कि प्रदेश में 32 लाख नये श्रमिकों को जॉब कार्ड उपलब्ध करवाए गए हैं। करीब 92 लाख श्रमिकों को रोजगार भी दिलवाया गया है। वर्ष 2020-21 में हुआ यह कार्य प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा रोजगार अभियान भी बन गया।   स्व-सहायता समूहों से मिली मदद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोजगार के माध्यम से विभिन्न वर्गों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से सामग्री के निर्माण और विक्रय का तंत्र सशक्त किया गया है। करीब पौने तीन लाख नए परिवार लगभग 25 हजार समूह से जुड़े हैं। पर्यटन से रोजगार के अंतर्गत बफर में सफर, नाईट सफारी और धार्मिक स्थानों के विकास के कार्यों से लोगों को आर्थिक संबल मिला है।   रोजगार पोर्टल कारगर सिद्ध होगा उन्‍होंने कहा कि कोरोना काल में रोजगार सेतु पोर्टल के माध्यम से 46 हजार नियुक्तियाँ संभव हो सकी। पोर्टल के माध्यम से 35 हजार नियोक्ता और 7 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिक एक प्लेटफार्म पर आकर परस्पर जुड़ सके हैं। पुलिस में भर्ती के साथ ही अन्य विभागों के करीब 5 हजार रिक्त पद भरने की प्रक्रिया को गति दी गई है।    औद्योगिक प्रगति के प्रयास मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आज रोजगार सबसे बड़ी प्राथमिकता है। युवाओं को उनकी योग्यता और क्षमता के मुताबिक कार्य मिले, इसके लिए बहुमुखी प्रयास किए जा रहे हैं। जहाँ नर्मदा जल का पूरा उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है वहीं इंडस्ट्रियल कल्स्टर बनाने, चंबल क्षेत्र में अटल एक्सप्रेस-वे के निर्माण से औद्योगिक प्रगति आसान होगी। एक्सप्रेस-वे के निकट उद्योग विकसित होंगे।   मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों के युवाओं एवं शीर्ष नियोक्ताओं से संवाद भी किया। कार्यक्रम की विशेष अतिथि खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला प्रांत है, जिसने आत्म-निर्भर भारत के अंतर्गत आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश का रोड मेप बनाया। सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी.डी. शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 138 रोजगार मेलों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार दिलवाने में इस साल सफलता मिली है, निश्चित ही यह बड़ी उपलब्धि है।   उल्लेखनीय है कि आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश अभियान के तहत प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक तकनीकी कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर आजीविका के बेहतर अवसर प्रदान करने की मुहिम में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने रोजगार मेलों के माध्यम से हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं। इस वित्त वर्ष में अब तक विभिन्न विभाग द्वारा लगभग 1 लाख 45 हजार युवाओं को रोजगार एवं स्व-रोजगार के अवसर दिलवाए गए हैं।   कार्यक्रम में वाणिज्यिक कर, वित्त, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री जगदीश देवड़ा, जल संसाधन, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास मंत्री तुलसीराम सिलावट, खनिज साधन एवं श्रम मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह, पर्यटन संस्कृति एवं आध्यात्म मंत्री सुउषा ठाकुर, प्रमुख सचिव करलिन खोंगवार, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति सुनील गुप्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम का दूरदर्शन, क्षेत्रीय न्यूज चैनल्स एवं सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर सीधा प्रसारण हुआ।

Dakhal News

Dakhal News 20 January 2021


bhopal, Every hand, government

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हर हाथ को काम मिले, इसके लिए लगातार प्रयास होंगे। युवा बुलंद हौसलों के साथ कार्य करें, सरकार उनके साथ है। चौहान ने कहा कि कोरोना काल से बिगड़ी अर्थ-व्यवस्था को तेजी से ठीक करने के प्रयास किए गए हैं। आर्थिक कठिनाइयों का रोना न रोते हुए हमने रास्ते निकाले हैं, यही सरकार और नेतृत्व का दायित्व भी है। उन्‍होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियों के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उक्‍त बातें मुख्‍यमंत्री ने बुधवार को राजधानी भोपाल के मिण्टो हॉल में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश स्तरीय 'रोजगार उत्सव' का शुभारंभ करते हुए कही।    मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सरकार के बजट का बड़ा हिस्सा वेतन के वितरण में चला जाता है और इसी बजट से विकास कार्य भी करने होते हैं, लेकिन इससे समझौता नहीं हो सकता। युवाओं को बाजार की मांग और आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश में अधोसंरचना, कृषि, खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी आदि के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया है। खनिजों के दोहन और स्थानीय उत्पाद को प्रोत्साहित करने का कार्य हो रहा है। गत कुछ माह में 100 से अधिक रोजगार मेले भी लगाए गए हैं। हर महीने 1 लाख और वर्ष में 12 लाख युवा रोजगार या स्व-रोजगार हासिल कर लें, यह लक्ष्य लेकर कार्य शुरू किया है। नौजवानों को जीविका का साधन उपलब्ध करवा कर नई जिन्दगी दें, इसी उद्देश्य के साथ मध्यप्रदेश आत्म-निर्भर बनेगा।   मध्यप्रदेश की विशेषताएँ समृद्धि दिलवाएंगी चौहान ने कहा कि प्रदेश में स्थानीय हुनर को प्रोत्साहन दिया जाएगा। दीपावली पर उपयोग में आने वाला दिया चीन से नहीं आना चाहिए। भारत में निर्मित वस्तुओं का ही उपयोग हो और हम लोकल को वोकल बनाने का कार्य करें। मध्यप्रदेश का बाघ प्रिंट, चंदेरी की साड़ियाँ, अगरिया समुदाय द्वारा निर्मित किए जाने वाले लौह उत्पाद प्रसिद्ध हैं। 'एक जिला एक उत्पाद' के अंतर्गत जिलों के उत्पाद और विशेष वस्तुओं को अंतर्राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध करवाने का प्रयास सरकार का है।    ग्लोबल स्किल पार्क देगा युवाओं को प्रशिक्षण मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल के ग्लोबल स्किल पार्क से प्रथम वर्ष में 6 हजार और फिर आगे प्रतिवर्ष 10 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्किल पार्क होगा। इसे वर्ष 2022 तक निर्मित करने का लक्ष्य है। मॉडल आईटीआई के माध्यम से भी प्रदेश के संभागीय मुख्यालयों में युवाओं को प्रशिक्षित करने की व्यवस्था की गई है। पुरानी योजनाओं की री-पैकेजिंग भी की जा रही है। इन सभी कार्यों में धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।    श्रम सिद्धि अभियान चौहान ने कहा कि प्रदेश में 32 लाख नये श्रमिकों को जॉब कार्ड उपलब्ध करवाए गए हैं। करीब 92 लाख श्रमिकों को रोजगार भी दिलवाया गया है। वर्ष 2020-21 में हुआ यह कार्य प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा रोजगार अभियान भी बन गया।   स्व-सहायता समूहों से मिली मदद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोजगार के माध्यम से विभिन्न वर्गों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से सामग्री के निर्माण और विक्रय का तंत्र सशक्त किया गया है। करीब पौने तीन लाख नए परिवार लगभग 25 हजार समूह से जुड़े हैं। पर्यटन से रोजगार के अंतर्गत बफर में सफर, नाईट सफारी और धार्मिक स्थानों के विकास के कार्यों से लोगों को आर्थिक संबल मिला है।   रोजगार पोर्टल कारगर सिद्ध होगा उन्‍होंने कहा कि कोरोना काल में रोजगार सेतु पोर्टल के माध्यम से 46 हजार नियुक्तियाँ संभव हो सकी। पोर्टल के माध्यम से 35 हजार नियोक्ता और 7 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिक एक प्लेटफार्म पर आकर परस्पर जुड़ सके हैं। पुलिस में भर्ती के साथ ही अन्य विभागों के करीब 5 हजार रिक्त पद भरने की प्रक्रिया को गति दी गई है।    औद्योगिक प्रगति के प्रयास मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आज रोजगार सबसे बड़ी प्राथमिकता है। युवाओं को उनकी योग्यता और क्षमता के मुताबिक कार्य मिले, इसके लिए बहुमुखी प्रयास किए जा रहे हैं। जहाँ नर्मदा जल का पूरा उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है वहीं इंडस्ट्रियल कल्स्टर बनाने, चंबल क्षेत्र में अटल एक्सप्रेस-वे के निर्माण से औद्योगिक प्रगति आसान होगी। एक्सप्रेस-वे के निकट उद्योग विकसित होंगे।   मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों के युवाओं एवं शीर्ष नियोक्ताओं से संवाद भी किया। कार्यक्रम की विशेष अतिथि खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला प्रांत है, जिसने आत्म-निर्भर भारत के अंतर्गत आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश का रोड मेप बनाया। सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी.डी. शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 138 रोजगार मेलों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार दिलवाने में इस साल सफलता मिली है, निश्चित ही यह बड़ी उपलब्धि है।   उल्लेखनीय है कि आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश अभियान के तहत प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक तकनीकी कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर आजीविका के बेहतर अवसर प्रदान करने की मुहिम में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने रोजगार मेलों के माध्यम से हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं। इस वित्त वर्ष में अब तक विभिन्न विभाग द्वारा लगभग 1 लाख 45 हजार युवाओं को रोजगार एवं स्व-रोजगार के अवसर दिलवाए गए हैं।   कार्यक्रम में वाणिज्यिक कर, वित्त, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री जगदीश देवड़ा, जल संसाधन, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास मंत्री तुलसीराम सिलावट, खनिज साधन एवं श्रम मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह, पर्यटन संस्कृति एवं आध्यात्म मंत्री सुउषा ठाकुर, प्रमुख सचिव करलिन खोंगवार, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति सुनील गुप्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम का दूरदर्शन, क्षेत्रीय न्यूज चैनल्स एवं सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर सीधा प्रसारण हुआ।

Dakhal News

Dakhal News 20 January 2021


bhopal, Kamal Nath, targeted government,women

भोपाल। मध्य प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ जुर्म थमने का नाम नहीं ले रहा है। उमरिया में नाबालिग से हुए गैंगरेप का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि बैतूल जिले में भी 13 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी की घटना सामने आई है। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे महिला अपराधों पर चिंता जताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने सरकार से महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।   कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा है कि मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार में बहन-बेटियों से दरिंदगी की घटनाएं निरंतर जारी है। बहन-बेटियां चाहती है सबसे पहले सुरक्षा लेकिन कभी पूजन व कभी उम्र के नाम पर गुमराह करने का काम जारी है। सीधी, खंडवा, उमरिया की वीभत्स घटनाओं के बाद अब बैतूल जिले की सारनी व इंदौर की घटना ने प्रदेश को किया शर्मशार। कमलनाथ ने तंज कसते हुए कहा कि जो विपक्ष में बैठकर बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर लंबे-चौड़े भाषण देकर धरने देते थे वो आज इन घटनाओं पर मौन? पता नहीं कब नींद से जागेगी सरकार और बहन-बेटियों को सुरक्षा प्रदान करने को लेकर कड़े कदम उठायेगी? ज़हरीली शराब की तरह ही बहन-बेटियों से दरिंदगी की घटनाओं पर जिम्मेदार अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो।

Dakhal News

Dakhal News 20 January 2021


umaria, Society participates, campaign being run , honor of women, Shivraj

उमरिया। बेटियों और महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए प्रदेश सरकार द्वारा महिला सम्मान अभियान का संचालन समाज के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इसमें आम जनता सहयोगी बने। प्रदेश सरकार द्वारा बेटियो और महिलाओं की सुरक्षा के लिए धर्म स्वातंत्र विधेयक 2020 पारित किया गया है। प्रदेश की जनता हमारी भगवान है। उनके लिए मैं फूल सा कोमल तथा गुण्डों, बदमाशों के लिए वज्र सा कठोर हूं। प्रदेश में माफिया को नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा। यह बातें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को शहडोल जिले के ब्यौहारी जनपद मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।   मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या पूजन के साथ किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के किसानों एवं गरीबों को उनका हक तथा शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने का निर्णय लिया है, ताकि प्रदेश तेजी से तरक्की कर सके। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री मीना सिंह, सांसद रीती पाठक, विधायक जय सिंह मरावी, शरद कुमार कोल, मनीषा सिंह, पूर्व विधायक बली सिंह, जयराम सिंह मार्को, कमल प्रताप सिंह, शहडोल कमिश्नर नरेश पाल, एडीजी जी जनार्दन, कलेक्टर सतेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार गोस्वामी सहित एव अन्य जनप्रतिनिधि, गणामान्य नागरिक उपस्थित रहे।   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उपस्थित जन समूह को मध्यप्रदेश के विकास में सहभागी बनने की शपथ दिलाते हुए नशा मुक्त एवं महिला सम्मान दिलाने के लिए राज्य सरकार के साथ सहभागी बनने का आह्वान कयिा। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में प्रदेश सरकार गठित हुई थी, उस दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव की सभी व्यवस्थाएं की गई। अब प्रदेश सरकार प्रदेश के हर गरीब को रोटी, कपड़ा, मकान, पढ़ाई, लिखाई तथा दवाई की व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए संकल्प के साथ कार्य कर रही है।   उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों को वर्ष में 6 हजार रुपये की सम्मान निधि तथा राज्य सरकार द्वारा चार हजार रुपये की सम्मान निधि कुल 10 हजार रुपये की सम्मान निधि दी जा रही है। आयुष्मान योजना के तहत हर व्यक्ति के इलाज की व्यवस्था, वर्ष 2024 तक हर गरीब को पक्का आवास, हर घर में नल जल योजना से पानी उपलब्ध करानें का कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर सांसद रीती पाठक एवं विधायक शरद कुमार कोल ने स्वागत भाषण तथा क्षेत्र के विकास के लिए अपनी बात रखी।   मुख्यमंत्री ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को किया लाभान्वित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वनाधिकार पट्टा, आयुष्मान कार्ड, पात्रताधारी पर्ची, प्रधानमंत्री आवास योजना, लाडली लक्ष्मी योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, भू अधिकार स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेण्डर योजना, मुख्यमंत्री स्ट्रीट वेण्डर योजना, स्व सहायता समूह क्रेडिट लिंकेज योजना, किसान उत्पादन समूह, मनरेगा योजना के अंतर्गत कपिलधारा योजना के 9324 हितग्राहियों को 14 करोड़ 66 लाख रुपये के हितलाभ का वितरण किया।

Dakhal News

Dakhal News 16 January 2021


singrouli, Every poor , get solid housing,2024, Shivraj

सिंगरौली। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिंगरौली एनसीएल मैदान में शनिवार को आयोजित विशाल समारोह में 276करोड़ 35 लाख रुपये की लागत के विभिन्न निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं लोकापर्ण किया। इस अवसर पर उन्होंने आमजन को संबोधित करते हुये कहा कि सिंगरौली में 2024 तक हर गरीब को पक्का आवास उपलब्ध कराया जाएगा। सिंगरौली शहर और जिले के विकास की पूरी कार्य योजना तैयार की गई है। सिंगरौली का सर्वांगीण विकास किया जायेगा। समारोह मे मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के 504 हितग्राहियों को नये आवास की चाबी प्रदान की। उन्होंने समारोह में विभिन्न हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया।   मुख्यमंत्री ने प्रारंभ में कन्यापूजन करके बेटियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि सिंगरौली जिले के लिए वरदान बनने वाली गोड़ सिचाई परियोजना का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाएगा। उन्होंने लोगों की करतल ध्वानि के बीच सिंगरौली मे माईनिंग कालेज की स्थापना की घोषणा की।    मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगरौली मे मेडिकल कालेज निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर लिया गया है। शीघ्र ही इसका निर्माण कार्य शुरू होगा। कौशल विकास के लिए आईटीआई कालेज की सीटों में वृद्धि की जायेगी। जिले में लग रहे बड़े उद्योगों में 75 प्रतिशत स्थान स्थानीय युवाओं के लिए होंगे। सिंगरौली के विकास मे किसी तरह की कसर नहीं रहेगी। उन्होंने अधिकारियो को निर्देश देते हुये कहा कि उद्योगों की स्थापना के साथ विस्थापितो का उचित पुनर्वास करें। कमिश्नर इसकी नियमित समीक्षा करें। सिंगरौली जिले मे अगले दो साल मे हर घर मे नल से जल की आपूर्ति की जायेगी।   मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगरौली शहर तथा जिले मे युवाओ को स्वारोजगार का अवसर देने के लिए कई प्रयास किये जा रहे हैं। पथ पर विक्रय करने वालों को बिना ब्याज का 10 हजार रुपये का ऋण दिया जा रहा है। आयुष्मान योजना से हर गरीब को हर साल 5 लाख रूपये तक के उपचार की सहायता मिलेगी। प्रदेश मे गुण्डे-बदमाशों तथा माफियाओं की अक्ल ठिकाने लगा दी गई है। भूमाफियाओं से 7 हजार करोड़ रुपये की सरकारी जमीन मुक्त कराई गई है। ड्रग्स माफियाओं को जेल भेजने तथा उनकी फैक्ट्री नष्ट करने की कार्यवाही की गई है। धर्मान्तरण तथा बेटियों का अपमान एवं शोषण करने वालो को जीवन भर जेल मे डालने के  लिए नये कानून बनाये गये हैं।   उन्होंने कहा कि जनता मेरी भगवान है उसके कल्याण का कार्य मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है संबल योजना से पुन: पात्र हितग्राहियो को लाभान्वित किया जा रहा है। शीघ्र ही मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से गरीब बेटियों के विवाह होंगे।    मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं करोना काल में मुख्यमंत्री बना, कोरोना से लडऩे के लिए दूरदर्शी प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व मे सफल लड़ाई लड़ी गई। आज का दिन सिंगरौली ही नहीं, पूरे देश की जनता के लिए वैक्सीन के रूप मे कोरोना से मुक्त की संजीवनी बूटी लेकर आया है। पूरे प्रदेश में पहला कोरोना वैक्सीन का टीका उन सफाई कर्मियों तथा डाक्टरों को लगाया गया, जिन्होंने अपनी जान की पहवाह किये बिना करोना से हमे बचाने का प्रयास किया। कोरोना वैक्सीन पूरी तरह से सुरंक्षित और कारागार है। इसके बारे में फैलाई जा रही अफवाहों से घबराएं नहीं, अपनी बारी आने परे निर्भय होकर वैक्सीन लगवाये। समारोह में सांसद रीति पाठक तथा विधायक राम लल्लू वैश्य ने भी संबोधित किया।

Dakhal News

Dakhal News 16 January 2021


bhopal,MP Chief Minister Shivraj, inaugurates statewide, vaccination campaign

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार सुबह 10.30 बजे दुनिया के सबसे बड़े देशव्यापी कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल के हमीदिया अस्पताल पहुंचे और प्रदेशव्यापी कोरोना वैक्सीनेशन अभियान का शुभारम्भ किया। सबसे पहला टीका हमीदिया अस्पताल के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी संजय यादव को लगाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संजय यादव को बधाई देते हुए कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन अभियान के प्रथम चरण में लगभग सवा चार लाख स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को टीका लगाया जाएगा। कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग भी मौजूद रहे।   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत का टीकाकरण अभियान बहुत ही मानवीय और महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर आधारित है, जिसे सबसे ज्यादा जरूरी है, उसे सबसे पहले कोरोना का टीका लगेगा। जिसे कोरोना संक्रमण का रिस्क सबसे ज्यादा है, उसे सबसे पहले टीका लगेगा। उन्होंने कहा कि इतिहास में इस प्रकार का और इतने बड़े स्तर का टीकाकरण अभियान पहले कभी नहीं चलाया गया। दुनिया के 100 से भी ज्यादा देश ऐसे हैं, जिनकी जनसंख्या 3 करोड़ से भी कम है और भारत अपने पहले चरण में ही 3 करोड़ लोगों का टीकाकरण कर रहा है।   उन्होंने कहा कि आज से कोविड-19 वैक्सीनेशन शुरू हो गया है। इतने कम समय में यह केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता और संगठित प्रयासों के कारण ही संभव हो पाया है। प्रदेश को 5 लाख से ज्यादा वैक्सीन डोज प्राप्त हो चुके हैं। इन प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले ही संकट को पहचान लिया था और टास्क फोर्स बना दिया था। प्रधानमंत्री के आह्वान पर सभी एकजुट हुए। हमने भी इसे मध्यप्रदेश में आउट ऑफ कंट्रोल नहीं होने दिया। कोविड-19 से नागरिकों के बचाव के लिए सभी आवश्यक प्रबन्ध किए गए।   मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए वैक्सीन संजीवनी बूटी जैसी है। मध्यप्रदेश में प्रथम चरण में लगभग 4 लाख 17 हजार हेल्थ केयर वर्कर्स को चरणबद्ध तरीके से वैक्सीनेट किया जाएगा। मध्यप्रदेश की 150 स्वास्थ्य संस्थाओं पर भी वैक्सीनेशन प्रारंभ किया जाएगा। टीकाकरण के लिए प्रसन्नता के माहौल के बीच एक उत्सव सा माहौल तैयार किया गया है। संबंधित टीकाकरण केंद्रों को काफी सजाया, संवारा गया है। वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए भी आवश्यक उपाय भी किए गए हैं।   उन्होंने कहा कि 'कोविशील्ड' और 'कोवैक्सीन' दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, मीडिया के मित्रों से अपील की है कि वे वैक्सीन के बारे में किसी भ्रामक जानकारी या अफवाह को पनपने नहीं दें और इस महाअभियान को सभी मिलकर सफल बनाने में सहयोग दें। 

Dakhal News

Dakhal News 16 January 2021


damoh, Union Minister Patel, Water Resources, Minister Silavat

दमोह। केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री प्रहलाद पटेल ने प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने दमोह जिले के जलाशयों और स्टाप डेमों के निर्माण की बात कही है।   केन्द्रीय मंत्री पटेल ने गुरुवार को लिखे अपने पत्र बताया है कि दमोह में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की गत 03 जनवरी को आयोजित बैठक में कार्यपालन यंत्री जल संसाधन द्वारा बताया  गया है कि पारना जलाशय योजना के निर्माण कार्य के लिए 20 जुलाई 2017 एवं 06 जुलाई 2019 को निविदायें आमंत्रित की गई थी, जो कि निविदा समिति के निर्णय अनुसार निरस्त की जा चुकी है। पुन: 1651 लाख रुपये की निविदा आमंत्रित किए जाने हेतु प्रस्ताव प्रमुख अभियंता जल संसाधन विभाग भोपाल को प्रेषित किया जा चुका है, जिस पर कार्यवाही अभी अपेक्षित है।   इसी प्रकार जबेरा विकासखंड अंतर्गत भजिया जलाशय लघु सिंचाई योजना निर्मित है जिसका निर्माण कार्य वर्ष 2000 में पूर्ण हुआ था, इसकी नहरों व बांध के सुधार हेतु 180.84 लाख रुपये का प्रस्ताव आरआरआर मद अंतर्गत बनाकर प्रमुख अभियंता जल संसाधन विभाग भोपाल की ओर भेजा जा चुका है, जिसकी भी स्वीकृति अभी तक अपेक्षित है। वहीं, सुनार नदी पर चकैरीघाट स्टाप डैम का निर्माण कार्य 67 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। शेष कार्य हेतु निविदा आमंत्रित की गयी है, जो 24 दिसम्बर 2020 को खोली जानी थी, परंतु अभी तक वरिष्ठ कार्यालय द्वारा निविदा नहीं खोली गयी। केन्द्रीय मंत्री पटेल ने जल संसाधन मंत्री सिलावट से अपने स्तर पर आदेश शीघ्र प्रदान किए जाने अनुरोध किया है।  

Dakhal News

Dakhal News 14 January 2021


damoh, Union Minister Patel, Water Resources, Minister Silavat

दमोह। केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री प्रहलाद पटेल ने प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने दमोह जिले के जलाशयों और स्टाप डेमों के निर्माण की बात कही है।   केन्द्रीय मंत्री पटेल ने गुरुवार को लिखे अपने पत्र बताया है कि दमोह में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की गत 03 जनवरी को आयोजित बैठक में कार्यपालन यंत्री जल संसाधन द्वारा बताया  गया है कि पारना जलाशय योजना के निर्माण कार्य के लिए 20 जुलाई 2017 एवं 06 जुलाई 2019 को निविदायें आमंत्रित की गई थी, जो कि निविदा समिति के निर्णय अनुसार निरस्त की जा चुकी है। पुन: 1651 लाख रुपये की निविदा आमंत्रित किए जाने हेतु प्रस्ताव प्रमुख अभियंता जल संसाधन विभाग भोपाल को प्रेषित किया जा चुका है, जिस पर कार्यवाही अभी अपेक्षित है।   इसी प्रकार जबेरा विकासखंड अंतर्गत भजिया जलाशय लघु सिंचाई योजना निर्मित है जिसका निर्माण कार्य वर्ष 2000 में पूर्ण हुआ था, इसकी नहरों व बांध के सुधार हेतु 180.84 लाख रुपये का प्रस्ताव आरआरआर मद अंतर्गत बनाकर प्रमुख अभियंता जल संसाधन विभाग भोपाल की ओर भेजा जा चुका है, जिसकी भी स्वीकृति अभी तक अपेक्षित है। वहीं, सुनार नदी पर चकैरीघाट स्टाप डैम का निर्माण कार्य 67 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। शेष कार्य हेतु निविदा आमंत्रित की गयी है, जो 24 दिसम्बर 2020 को खोली जानी थी, परंतु अभी तक वरिष्ठ कार्यालय द्वारा निविदा नहीं खोली गयी। केन्द्रीय मंत्री पटेल ने जल संसाधन मंत्री सिलावट से अपने स्तर पर आदेश शीघ्र प्रदान किए जाने अनुरोध किया है।  

Dakhal News

Dakhal News 14 January 2021


morena, MP Death toll, from poisonous alcohol, reached 24

मुरैना। जहरीली शराब से मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार रात 11 बजे तक चार लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या 16 पर पहुंच गई थी। लेकिन मंगलवार-बुधवार की दरिम्यानी रात को पांच और लोगों की मौत हो गई। जिससे मरने वालों का आंकड़ा 21 पर पहुंच गया और फिर गुरुवार सुबह तक मरनेवालों का यह आंकड़ा अब 24 हो गया है।    पुलिस की तरफ से दी गयी जानकारी के मुताबिक बीती रात छैरा गांव से 2 लोगों के शव पोस्टमार्टम के लिये मुरैना लाए गए हैं। वहीं, शराब कांड की जांच के लिए तीन सदस्यीय दल मुरैना  पहुंचा है।   उल्‍लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा, एडीजीपी ए सांई मनोहर, डीआईजी मिथलेश शुक्ला को इस जांच दल में शामिल किया है। ये सभी सुबह हबीबगंज एक्सप्रेस से यहां पहुंचे हैं। दल के सदस्य आज सबसे पहले मानपुर, पहावली में मृतक के परिजनों से मिलकर जानकारी लेंगे। इसके बाद ये सभी बागचीनी थाना जायेंगे। समग्र बिंदुओं पर जांच कर आज रात को ही वापस दल भोपाल रवाना हो जाएगा।   वहीं, मुरैना शराब कांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग भी उठने लगी है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मामले की सीबीआई जांच की मांग की है । प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत तथा पूर्व मंत्री व निवाड़ी विधायक बृजेंद्र सिंह राठोर ने मानपुर में मृतक परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा है कि प्रदेश शराब माफियाओं के हवाले हो गया है, अवैध शराब का कारोबार राजनैतिक संरक्षण में हो रहा है।    फिलहाल, मुरैना के छैरा में शराब भट्टियों पर  पुलिस प्रशासन तथा आबकारी विभाग ने दो कार्यवाही की हैं। प्रशासन व पुलिस दल ने बोतल पैंकिंग मशीन सहित 600 लीटर ओपी केमिकल, खाली 4000 बोतल तथा स्टीकर जब्त किये हैं। वहीं आबकारी विभाग ने देशी-विदेशी मदिरा तथा बारदाना व स्टीकर बरामद किये हैं।   इससे पहले नवागत जिला आबकारी अधिकारी निधि जैन द्वारा आबकारी टीम के साथ ग्राम छैरा-इमलिया रोड पर छापामार कार्रवाई मेंं 1 लाख 43 हजार 490 रुपये की शराब जब्त की गई थी। आबकारी अधिकारी ने बताया कि छापे में ग्राम छैरा में 997 पाव गोआ बिस्की, 318 पाव नकली देशी प्लेन, 605 पाव कांच के खाली बारदाना, 70 लेवल गोआ बिस्की के जब्त किये गये हैं। साथ ही बागचीनी थाना पुलिस ने एक मामले में दो आरोपितों के विरुद्व मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया है। वहीं मशीन व ओपी केमिकल को लेकर अज्ञात आरोपितों पर मामला दर्ज हुआ है। इसके अलावा सिहोंनिया पुलिस ने भी चार स्थानों से 46 पेटी शराब आरोपितों सहित पकड़ी है।

Dakhal News

Dakhal News 14 January 2021


morena, MP Death toll, from poisonous alcohol, reached 24

मुरैना। जहरीली शराब से मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार रात 11 बजे तक चार लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या 16 पर पहुंच गई थी। लेकिन मंगलवार-बुधवार की दरिम्यानी रात को पांच और लोगों की मौत हो गई। जिससे मरने वालों का आंकड़ा 21 पर पहुंच गया और फिर गुरुवार सुबह तक मरनेवालों का यह आंकड़ा अब 24 हो गया है।    पुलिस की तरफ से दी गयी जानकारी के मुताबिक बीती रात छैरा गांव से 2 लोगों के शव पोस्टमार्टम के लिये मुरैना लाए गए हैं। वहीं, शराब कांड की जांच के लिए तीन सदस्यीय दल मुरैना  पहुंचा है।   उल्‍लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा, एडीजीपी ए सांई मनोहर, डीआईजी मिथलेश शुक्ला को इस जांच दल में शामिल किया है। ये सभी सुबह हबीबगंज एक्सप्रेस से यहां पहुंचे हैं। दल के सदस्य आज सबसे पहले मानपुर, पहावली में मृतक के परिजनों से मिलकर जानकारी लेंगे। इसके बाद ये सभी बागचीनी थाना जायेंगे। समग्र बिंदुओं पर जांच कर आज रात को ही वापस दल भोपाल रवाना हो जाएगा।   वहीं, मुरैना शराब कांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग भी उठने लगी है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मामले की सीबीआई जांच की मांग की है । प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत तथा पूर्व मंत्री व निवाड़ी विधायक बृजेंद्र सिंह राठोर ने मानपुर में मृतक परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा है कि प्रदेश शराब माफियाओं के हवाले हो गया है, अवैध शराब का कारोबार राजनैतिक संरक्षण में हो रहा है।    फिलहाल, मुरैना के छैरा में शराब भट्टियों पर  पुलिस प्रशासन तथा आबकारी विभाग ने दो कार्यवाही की हैं। प्रशासन व पुलिस दल ने बोतल पैंकिंग मशीन सहित 600 लीटर ओपी केमिकल, खाली 4000 बोतल तथा स्टीकर जब्त किये हैं। वहीं आबकारी विभाग ने देशी-विदेशी मदिरा तथा बारदाना व स्टीकर बरामद किये हैं।   इससे पहले नवागत जिला आबकारी अधिकारी निधि जैन द्वारा आबकारी टीम के साथ ग्राम छैरा-इमलिया रोड पर छापामार कार्रवाई मेंं 1 लाख 43 हजार 490 रुपये की शराब जब्त की गई थी। आबकारी अधिकारी ने बताया कि छापे में ग्राम छैरा में 997 पाव गोआ बिस्की, 318 पाव नकली देशी प्लेन, 605 पाव कांच के खाली बारदाना, 70 लेवल गोआ बिस्की के जब्त किये गये हैं। साथ ही बागचीनी थाना पुलिस ने एक मामले में दो आरोपितों के विरुद्व मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया है। वहीं मशीन व ओपी केमिकल को लेकर अज्ञात आरोपितों पर मामला दर्ज हुआ है। इसके अलावा सिहोंनिया पुलिस ने भी चार स्थानों से 46 पेटी शराब आरोपितों सहित पकड़ी है।

Dakhal News

Dakhal News 14 January 2021


bhopal,MP 94 thousand ,corona vaccine arrived, Minister Sarang inspected

भोपाल। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्‍वास कैलाश सारंग बुधवार को भोपाल आयी कोरोना वैक्सीन के स्टोरेज और ट्रान्सपोर्ट प्रक्रिया का निरीक्षण करने के लिये किलोल पार्क स्थित स्टेट वैक्सीन स्टोर पहुंचे। वहां उन्होंने प्रक्रिया के सुचारू व्यवस्था का आकलन किया।   सारंग ने बताया कि भोपाल में 94 हजार वैक्सीन आयी हैं। जिसे संभाग के 8 जिले भोपाल, बैतूल, हरदा, होशंगाबाद, रायसेन, राजगढ़, सीहोर और विदिशा भेजा जा रहा है। इसी प्रकार आज इन्दौर और जबलपुर को भी वैक्सीन प्राप्त हो जायेंगी। गुरूवार को ग्वालियर को वैक्सीन उपलब्ध होगी। प्रथम चरण में लगभग 5 लाख 6 हजार से अधिक वैक्सीन प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने बताया कि वैक्सीन स्टोरेज से लेकर री-डिस्टिब्यूशन तक सारी व्यवस्थाएँ चाक-चौबंद हैं।   बताया गया कि ग्वालियर में 13 जिलों के लिये लगभग एक लाख 9 हजार 500, इंदौर में 15 जिलों के लिए एक लाख 52 हजार और जबलपुर में 15 जिलों के लिए एक लाख 51 हजार वैक्सीन उपलब्ध होंगी।

Dakhal News

Dakhal News 13 January 2021


bhopal,Chief Minister ,gave instructions , remove SP, SP, Morena liquor case

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुरैना जिले में शराब सेवन के फलस्वरूप हुई मौतों के मामले में बुधवार सुबह निवास पर उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुरैना की घटना अमानवीय और तकलीफ पहुँचाने वाली है। प्रदेश में मिलावट के विरुद्ध अभियान संचालित है, फिर भी यह दु:खद घटना हुई। चौहान ने इस मामले में मुरैना के कलेक्टर और एस.पी. को हटाने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित क्षेत्र के एसडीओपी को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।    बता दें कि इस मामले में आबकारी अधिकारी को पूर्व में ही निलम्बित किया जा चुका है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। अन्य जिले भी सजग रहें। ऐसे मामलों में कलेक्टर, एस.पी. जिम्मेदार माने जाएंगे। दोषी अधिकारियों के विरुद्ध एक्शन भी लिया जाएगा। बैठक में गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, वाणिज्यिक कर एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर दीपाली रस्तोगी मौजूद रहे।   जारी रहे अभियान मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि ऐसी घटना पर मैं मूकदर्शक नहीं रह सकता। ड्रग माफिया के विरुद्ध सख्त अभियान जारी रहे। पूरे प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ अभियान चले। अवैध शराब बिक्री पर पूरा नियंत्रण हो। ऐसा व्यापार करने वालों को ध्वस्त किया जाए।   घटना की ली पूरी जानकारी, डिस्टलरी की जाँच के निर्देश मुख्यमंत्री चौहान ने पुलिस महानिदेशक से घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मुरैना जिले में हुई घटना में उपयोग में लाई गई मिलावटी शराब के निर्माण केन्द्र और दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही के साथ ही संबंधित डिस्टलरी की जाँच के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने आबकारी और पुलिस अमले की पद-स्थापना में निश्चित समयावधि के बाद परिवर्तन के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि डिस्टलरी के लिए पदस्थ आबकारी अमले और ओआईसी को ओवर टाइम दिए जाने की व्यवस्था में भी परिवर्तन किया जाए।

Dakhal News

Dakhal News 13 January 2021


bhopal,Cabinet,Rs 500 crore approval , Pradhan Mantri, Micro Food, Upgradation Scheme

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में केन्द्र प्रवर्तित योजना प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना(पीएमएफएमई) को वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक के लिए राशि 500 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ क्रियान्वित करने की स्वीकृति दी।   इसमें परियोजना स्वीकृति के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रस्तावों की अनुशंसा के लिए जिला स्तरीय समिति बनाई गई है। 10 लाख रूपये तक की अनुदान सहायता वाले प्रोजेक्ट के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति रहेगी। अर्न्तविभागीय मंत्री सक्षम समूह 10 लाख रुपये से अधिक की स्वीकृति दे सकेगा।   यह योजना कलस्टर एप्रोच के साथ 'एक जिला एक उत्पाद' पर आधारित है। निजी इकाइयों को 35 प्रतिशत अधिकतम 10 लाख क्रेडिट लिंक अनुदान मिलेगा। एफ.पी.ओ./एस.एच.जी./कॉपरेटिव को पूंजी निवेश, प्रशिक्षण एवं विपणन पर 35 प्रतिशत क्रेडिट लिंक अनुदान (न्यूनतम टर्नओवर 1 करोड़ ) रहेगा। एस.एच.जी. को सीड केपिटल 40 हजार प्रति सदस्य दी जायगी। ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग में सहायता दी जायेगी।   ग्रामीण (सीमान्त, छोटे किसान तथा भूमिहीन कृषि श्रमिक ) ऋण विमुक्ति विधेयक मंत्रि-परिषद ने  मध्यप्रदेश ग्रामीण (सीमान्त व छोटे किसान तथा भूमिहीन कृषि श्रमिक ) ऋण विमुक्ति विधेयक 2020 के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 304(बी) के परन्तुक के अनुसरण में विधेयक को विधान सभा में पुर: स्थापित करने के पहले राष्ट्रपति की अनुमति प्राप्त एवं विधान सभा से पारित कराने की सभी कार्यवाही के लिए राजस्व विभाग को अधिकृत किया ।      पूर्व में मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति ऋण विमुक्ति अधिनियम 2020 के अंतर्गत राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत मध्यप्रदेश की अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों को ऋण ग्रस्तता से राहत के लिए उपबंध किये गये हैं।  मध्यप्रदेश ग्रामीण (सीमान्त व छोटे किसान तथा भूमिहीन कृषि श्रमिक ) ऋण विमुक्ति विधेयक 2020 में भी समान प्रकार के उपबंध है जो विधेयक में प्रस्तावित किये गए है।   ग्रामीण क्षेत्रों के भूमिहीन कृषि श्रमिकों, सीमान्त किसानों तथा छोटे किसानों (राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत मध्यप्रदेश की अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों को छोड़कर) को, नियमों व प्रक्रिया के विरूद्व तथा अत्यन्त ऊँची ब्याज दरों पर दिये गये ऋण की समस्या का निरंतर सामना करना पड़ रहा है। इसका परिणाम ऐसे व्यक्तियों की वित्तीय हानि, मानसिक प्रताड़ना तथा शोषण के रूप में निकलता है। ऐसे भूमिहीन कृषि श्रमिकों, सीमान्त किसानों तथा छोटे किसानों को 15 अगस्त 2020 तक उन्हें दिए गए कतिपय ऋणों, जिनमें ब्याज की राशि शामिल है, के उन्मोचन द्वारा राहत देने के लिए मध्यप्रदेश ग्रामीण (सीमान्त व छोटे किसान तथा भूमिहीन कृषि श्रमिक) ऋण विमुक्ति विधेयक,2020 प्रस्तावित किया गया है।

Dakhal News

Dakhal News 12 January 2021


bhopal,Cabinet,Rs 500 crore approval , Pradhan Mantri, Micro Food, Upgradation Scheme

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में केन्द्र प्रवर्तित योजना प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना(पीएमएफएमई) को वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक के लिए राशि 500 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ क्रियान्वित करने की स्वीकृति दी।   इसमें परियोजना स्वीकृति के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रस्तावों की अनुशंसा के लिए जिला स्तरीय समिति बनाई गई है। 10 लाख रूपये तक की अनुदान सहायता वाले प्रोजेक्ट के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति रहेगी। अर्न्तविभागीय मंत्री सक्षम समूह 10 लाख रुपये से अधिक की स्वीकृति दे सकेगा।   यह योजना कलस्टर एप्रोच के साथ 'एक जिला एक उत्पाद' पर आधारित है। निजी इकाइयों को 35 प्रतिशत अधिकतम 10 लाख क्रेडिट लिंक अनुदान मिलेगा। एफ.पी.ओ./एस.एच.जी./कॉपरेटिव को पूंजी निवेश, प्रशिक्षण एवं विपणन पर 35 प्रतिशत क्रेडिट लिंक अनुदान (न्यूनतम टर्नओवर 1 करोड़ ) रहेगा। एस.एच.जी. को सीड केपिटल 40 हजार प्रति सदस्य दी जायगी। ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग में सहायता दी जायेगी।   ग्रामीण (सीमान्त, छोटे किसान तथा भूमिहीन कृषि श्रमिक ) ऋण विमुक्ति विधेयक मंत्रि-परिषद ने  मध्यप्रदेश ग्रामीण (सीमान्त व छोटे किसान तथा भूमिहीन कृषि श्रमिक ) ऋण विमुक्ति विधेयक 2020 के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 304(बी) के परन्तुक के अनुसरण में विधेयक को विधान सभा में पुर: स्थापित करने के पहले राष्ट्रपति की अनुमति प्राप्त एवं विधान सभा से पारित कराने की सभी कार्यवाही के लिए राजस्व विभाग को अधिकृत किया ।      पूर्व में मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति ऋण विमुक्ति अधिनियम 2020 के अंतर्गत राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत मध्यप्रदेश की अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों को ऋण ग्रस्तता से राहत के लिए उपबंध किये गये हैं।  मध्यप्रदेश ग्रामीण (सीमान्त व छोटे किसान तथा भूमिहीन कृषि श्रमिक ) ऋण विमुक्ति विधेयक 2020 में भी समान प्रकार के उपबंध है जो विधेयक में प्रस्तावित किये गए है।   ग्रामीण क्षेत्रों के भूमिहीन कृषि श्रमिकों, सीमान्त किसानों तथा छोटे किसानों (राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत मध्यप्रदेश की अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों को छोड़कर) को, नियमों व प्रक्रिया के विरूद्व तथा अत्यन्त ऊँची ब्याज दरों पर दिये गये ऋण की समस्या का निरंतर सामना करना पड़ रहा है। इसका परिणाम ऐसे व्यक्तियों की वित्तीय हानि, मानसिक प्रताड़ना तथा शोषण के रूप में निकलता है। ऐसे भूमिहीन कृषि श्रमिकों, सीमान्त किसानों तथा छोटे किसानों को 15 अगस्त 2020 तक उन्हें दिए गए कतिपय ऋणों, जिनमें ब्याज की राशि शामिल है, के उन्मोचन द्वारा राहत देने के लिए मध्यप्रदेश ग्रामीण (सीमान्त व छोटे किसान तथा भूमिहीन कृषि श्रमिक) ऋण विमुक्ति विधेयक,2020 प्रस्तावित किया गया है।

Dakhal News

Dakhal News 12 January 2021


bhopal, Commitments made, from industries , fulfilled, Shivraj

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कहा है कि प्रदेश में उद्योगों का संवर्धन तथा उनके माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार सृजन हमारी नीति है। प्रदेश में उद्योगों को सभी आवश्यक सुविधाएं एवं रियायतें दी जा रही हैं। प्रदेश में उद्योग स्थापना के समय उद्योगों से जो 'कमिटमेंट' किए गए थे उन्हें पूरा किया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री चौहान ने मंगलवार को मंत्रालय में उद्योग प्रोत्साहन समिति की बैठक में कही।    उद्योगों को विभिन्न प्रोत्साहन मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को सरकार द्वारा निवेश प्रोत्साहन सहायता, रियायती दर पर भूमि, विद्युत दर में छूट, अधोसंरचना सुविधा आदि उपलब्ध कराये जाते हैं।   खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को प्राथमिकता मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण तथा प्रदेश में मिलने वाले कच्चे माल की प्रोसेसिंग करने वाले उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है।   रेडीमेड गारमेंट से अधिक रोजगार मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में रेडीमेड गारमेंट उद्योग से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। अत: इन उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।   बैठक में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा, वाणिज्यकर मंत्री जगदीश देवड़ा, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रभुराम चौधरी, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Dakhal News

Dakhal News 12 January 2021


bhopal, Commitments made, from industries , fulfilled, Shivraj

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कहा है कि प्रदेश में उद्योगों का संवर्धन तथा उनके माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार सृजन हमारी नीति है। प्रदेश में उद्योगों को सभी आवश्यक सुविधाएं एवं रियायतें दी जा रही हैं। प्रदेश में उद्योग स्थापना के समय उद्योगों से जो 'कमिटमेंट' किए गए थे उन्हें पूरा किया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री चौहान ने मंगलवार को मंत्रालय में उद्योग प्रोत्साहन समिति की बैठक में कही।    उद्योगों को विभिन्न प्रोत्साहन मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को सरकार द्वारा निवेश प्रोत्साहन सहायता, रियायती दर पर भूमि, विद्युत दर में छूट, अधोसंरचना सुविधा आदि उपलब्ध कराये जाते हैं।   खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को प्राथमिकता मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण तथा प्रदेश में मिलने वाले कच्चे माल की प्रोसेसिंग करने वाले उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है।   रेडीमेड गारमेंट से अधिक रोजगार मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में रेडीमेड गारमेंट उद्योग से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। अत: इन उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।   बैठक में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा, वाणिज्यकर मंत्री जगदीश देवड़ा, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रभुराम चौधरी, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Dakhal News

Dakhal News 12 January 2021


bhopal,statement , Munavvar Rana, Home Minister Narottam, Age affected them

भोपाल। अपने बयानों को लेकर अक्सर विवादों में रहने वाले शायर मुनव्वर राना एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बाद उन्होंने एक ट्वीट कर देश की संसद को गिराकर वहां खेत बनाने की बात लिखी। इसके अलावा अनाज का भंडारण करने वाले गोदामों को भी जला देने की बात लिखी। हालांकि कुछ ही देर बाद उन्होंने अपने ट्वीट डिलीट कर दिए। वहीं मुनव्वर राणा के ट्वीट पर मप्र के सीएम शिवराज ने तंज कसा है।   मंत्री मिश्रा ने सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए मुनव्वर राणा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि शायर मुनव्वर राणा जी आजकल जिस तरह की गैरजिम्मेदाराना बातें कर रहे हैं, उससे लगता है कि अब उम्र का असर हो चला है। लेकिन सरकार अब इस बात पर भी गंभीरता से विचार करेगी कि समाज में जहर घोलने का निरंतर प्रयास करने वाले तत्वों के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है।   ममता बेनर्जी पर साधा निशानाइस दौरान पश्चिम बंगाल की राजनीति परिस्थितियों पर प्रतिक्रिया देते हुए गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में इमामों के मुखिया का बयान ममता बेनर्जी के पक्ष में जारी कराया गया है। हालांकि बंगाल का मतदाता अब ऐसे फरमानों से प्रभावित होने वाला नहीं है। वो अब विकास और सुशासन के लिए भाजपा की सरकार चाहता है। उन्होंने टीएमसी सांसद के विवादित बयान पर कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी की सीता माता पर अभद्र टिप्पणी बहुसंख्यक हिंदू समाज का अपमान है। ममता बेनर्जी की पार्टी तुष्टिकरण की राजनीति के लिए हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करती आई है। अब ताडक़ा के पक्ष का व्यक्ति तो ऐसी ही टिप्पणी करेगा।

Dakhal News

Dakhal News 11 January 2021


bhopal, Industrial Minister ,Dattigaon met ,Chief Minister Chauhan, information

भोपाल । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से सोमवार सुबह उनके निवास पर औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने भेंट की। मुख्यमंत्री चौहान से चाय पर चर्चा के दौरान उद्योग मंत्री ने विभागीय गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।   मुख्यमंत्री चौहान से उद्योग मंत्री दत्तीगांव की प्रदेश में निवेश वृद्धि के लिए प्रयास बढ़ाने के लिए क्लीयरेंस की प्रक्रिया तेज करने, 30 दिन में आवश्यक अनुमति प्रदान करने की लक्ष्य पूर्ति, नार्थ साउथ ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर के अलावा चंबल क्षेत्र में अटल प्रोग्रेस वे और नर्मदा एक्सप्रेस के विकास, नए उद्योगों की स्थापना के लिए अध्ययन कर उस दिशा में कार्रवाई, अन्य राज्यों के मॉडल को अपनाने के लिए अध्ययन यात्रा, ईज आफ डूइंग बिजनेस पर कार्य, निर्यात प्रोत्साहन, एयर कार्गो हब के रूप में मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाने के लिए नीति के निर्माण और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्योगों के विकास, ऐसे उत्पादों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रयास बढ़ाने के बारे में भी चर्चा हुई।   मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कोरोना काल में कुछ गतिविधियां नहीं हो सकी। अब अन्य राज्यों में जाकर वहां की बेस्ट प्रैक्टिसेज का अध्ययन कर प्रदेश में अपनाने के भी प्रयास हों।

Dakhal News

Dakhal News 11 January 2021


bhopal, MP will not allow, MPs ,allocate water ,from Ken-Betwa, link project

भोपाल। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि केन बेतवा लिंक परियोजना से जल आवंटन में मध्यप्रदेश का अहित नहीं होने देंगे। साथ ही उत्तरप्रदेश के हितों की भी पूरी रक्षा की जाएगी। इस संबंध शीघ्र ही वे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ संयुक्त बैठक कर अंतिम हल निकालेंगे।   यह बातें उन्होंने शनिवार को भोपाल प्रवास के दौरान मंत्रालय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं सभी संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केन-बेतवा लिंक परियोजना के जल बंटवारे संबंधी बैठक में कही। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, नेशनल जल जीवन मिशन के डायरेक्टर भरत लाल, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन एसएन मिश्रा आदि उपस्थित थे।   बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश हमेशा से दूसरे राज्यों के हितों की परवाह करता रहा है, परंतु प्रदेश का अहित न हो इसका भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। केन-बेतवा परियोजना से मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश को 700 एमसीएम पानी देने के लिए सहमत है। शीघ्र ही केंद्रीय मंत्री शेखावत के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बातचीत कर योजना के गतिरोध को दूर किया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री ने जल आवंटन को लेकर मध्यप्रदेश का पक्ष मजबूती से रखा।   आपसी बातचीत से 15 दिन में निकालें हल बैठक में ईस्टर्न राजस्थान नहर परियोजना सह पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना में मप्र एवं राजस्थान के बीच जल उपयोग को लेकर भी बातचीत हुई। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने निर्देश दिए कि 15 जनवरी से आगामी 15 दिनों में दोनों पक्ष निरंतर बातचीत कर हल निकालें। इस परियोजना की डीपीआर में प्रस्तावित बांध एवं बैराजों के लिए 50 फीसदी जल निर्भरता पर जल उपयोग की गणना की गई है। मध्यप्रदेश का कहना है कि इसे 75 फीसदी जल निर्भरता पर आकलन के आधार पर पुनरीक्षित किया जाए।   केन-बेतवा लिंक परियोजना के संबंध में मध्यप्रदेश का पक्ष मध्यप्रदेश की दौधन बांध पर 6590 एम.सी.एम जल उपलब्धता के आधार पर बांध से उत्तरप्रदेश के लिए 700 एम.सी.एम जल सभी प्रयोजनों के लिए लिंक केनाल सहित नॉन मानसून के दौरान आवंटित करने पर सहमति है। लिंक केनाल द्वारा उत्तरप्रदेश को प्रदत्त जल को शामिल करते हुए उत्तरप्रदेश को आवंटित 1700 एमसीएम जल की एकाउंटिग बरियारपुर पिकअप वीयर पर की जाए। शेष संपूर्ण जल 2733 एमसीएम के उपयोग करने के लिए मध्यप्रदेश स्वतंत्र रहेगा।   उत्तरप्रदेश का पक्ष परियोजना अंतर्गत उत्तरप्रदेश गैर मानसून अवधि में दौधन बांध से नवम्बर से मई माह तक 935 एमसीएम पानी चाहता है।   राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण का सुझाव राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण ने सुझाव दिया है कि परियोजना से नॉन मानसून मौसम में दौधन बांध पर उत्तरप्रदेश को 750 एम.सी.एम तथा मध्यप्रदेश को 1834 एमसीएम जल दें। अभिकरण द्वारा दौधन बांध पर जल उपलब्धता 6188 एमसीएम मानी गयी है।   मध्यप्रदेश का तर्क परियोजना के अंतर्गत समस्त तकनीकी एवं जल योजना डिजाईन केन्द्रीय जल आयोग द्वारा दौधन बांध पर 6590 एमसीएम जल उपलब्धता के आधार पर की गई है, एवं समस्त अनुमोदन इसी आधार पर किए गए है। यदि दौधन बांध पर जल उपलब्धता 6590 एम.सी.एम के स्थान पर 6188 एमसीएम मानी जाती है, उस स्थिति में भविष्य में मध्यप्रदेश को लगभग 400 एमसीएम जल की हानि होगी, साथ ही यदि 750 एमसीएम जल दौधन बांध से नॉन मानसून सीजन में उत्तरप्रदेश को उपलब्ध कराया जाता है, उस स्थिति में रंगवान बांध, अंतरिम जलग्रहण क्षेत्र और बरियारपुर स्टोरेज में लगभग 200 एमसीएम जल उत्तरप्रदेश को अतिरिक्त रूप से प्राप्त होगा। इसलिए उत्तरप्रदेश को कुल आवंटित 1700 एमसीएम जल मौजूदा केन सिस्टम से बरियारपुर पर दिया जाना मप्र के हित में होगा।   केन-बेतवा परियोजना के प्रमुख बिन्दु वर्ष 2009 में भारत सरकार द्वारा केन-बेतवा लिंक बहुउद्देशीय परियोजना को राष्ष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया एवं इसके वित्त पोषण हेतु 90:10 अनुपात में केन्द्र एवं संबंधित राज्यों के मध्य आधार सुनिश्चित किया गया। परियोजना मप्र के छतरपुर-पन्ना जिले में स्थित है। परियोजना के क्रियान्वयन से होने वाली संपूर्ण क्षति जैसे- भूमि अधिग्रहण, जंगल क्षति, राजस्व भूमि की क्षति, प्रतिपूरक वनीकरण हेतु गैर वनभूमि की व्यवस्था, जनजातीय परिवारों का विस्थापन एवं पुनर्वास इत्यादि मध्यप्रदेश द्वारा वहन की जा रही है। राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण द्वारा परियोजना की ड्राफ्ट अक्टूबर 2018 में तैयार की गई। ड्राफ्ट एकजाई डीपीआर की कुल लागत लगभग 35111.24 करोड़ आंकलित की गई।   जल संसाधन विभाग मध्यप्रदेश द्वारा ड्राफ्ट एकजाई में उत्तरप्रदेश को रबी सीजन में 700 एमसीएम के स्थान पर 930 एमसीएम जल का उपयोग दर्शाया गया है, जबकि मध्यप्रदेश का रबी सीजन में जल एवं कमांड क्षेत्र कम किया गया है, जो मध्यप्रदेश को मान्य नहीं है। इस संबंध में भारत सरकार के समक्ष मध्यप्रदेश का पक्ष मजबूती से रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने बैठक में ही केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से परियोजना संबंधी गतिरोध शीघ्र दूर करने सबंधी आग्रह किया।

Dakhal News

Dakhal News 9 January 2021


bhopal, MP will not allow, MPs ,allocate water ,from Ken-Betwa, link project

भोपाल। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि केन बेतवा लिंक परियोजना से जल आवंटन में मध्यप्रदेश का अहित नहीं होने देंगे। साथ ही उत्तरप्रदेश के हितों की भी पूरी रक्षा की जाएगी। इस संबंध शीघ्र ही वे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ संयुक्त बैठक कर अंतिम हल निकालेंगे।   यह बातें उन्होंने शनिवार को भोपाल प्रवास के दौरान मंत्रालय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं सभी संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केन-बेतवा लिंक परियोजना के जल बंटवारे संबंधी बैठक में कही। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, नेशनल जल जीवन मिशन के डायरेक्टर भरत लाल, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन एसएन मिश्रा आदि उपस्थित थे।   बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश हमेशा से दूसरे राज्यों के हितों की परवाह करता रहा है, परंतु प्रदेश का अहित न हो इसका भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। केन-बेतवा परियोजना से मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश को 700 एमसीएम पानी देने के लिए सहमत है। शीघ्र ही केंद्रीय मंत्री शेखावत के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बातचीत कर योजना के गतिरोध को दूर किया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री ने जल आवंटन को लेकर मध्यप्रदेश का पक्ष मजबूती से रखा।   आपसी बातचीत से 15 दिन में निकालें हल बैठक में ईस्टर्न राजस्थान नहर परियोजना सह पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना में मप्र एवं राजस्थान के बीच जल उपयोग को लेकर भी बातचीत हुई। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने निर्देश दिए कि 15 जनवरी से आगामी 15 दिनों में दोनों पक्ष निरंतर बातचीत कर हल निकालें। इस परियोजना की डीपीआर में प्रस्तावित बांध एवं बैराजों के लिए 50 फीसदी जल निर्भरता पर जल उपयोग की गणना की गई है। मध्यप्रदेश का कहना है कि इसे 75 फीसदी जल निर्भरता पर आकलन के आधार पर पुनरीक्षित किया जाए।   केन-बेतवा लिंक परियोजना के संबंध में मध्यप्रदेश का पक्ष मध्यप्रदेश की दौधन बांध पर 6590 एम.सी.एम जल उपलब्धता के आधार पर बांध से उत्तरप्रदेश के लिए 700 एम.सी.एम जल सभी प्रयोजनों के लिए लिंक केनाल सहित नॉन मानसून के दौरान आवंटित करने पर सहमति है। लिंक केनाल द्वारा उत्तरप्रदेश को प्रदत्त जल को शामिल करते हुए उत्तरप्रदेश को आवंटित 1700 एमसीएम जल की एकाउंटिग बरियारपुर पिकअप वीयर पर की जाए। शेष संपूर्ण जल 2733 एमसीएम के उपयोग करने के लिए मध्यप्रदेश स्वतंत्र रहेगा।   उत्तरप्रदेश का पक्ष परियोजना अंतर्गत उत्तरप्रदेश गैर मानसून अवधि में दौधन बांध से नवम्बर से मई माह तक 935 एमसीएम पानी चाहता है।   राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण का सुझाव राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण ने सुझाव दिया है कि परियोजना से नॉन मानसून मौसम में दौधन बांध पर उत्तरप्रदेश को 750 एम.सी.एम तथा मध्यप्रदेश को 1834 एमसीएम जल दें। अभिकरण द्वारा दौधन बांध पर जल उपलब्धता 6188 एमसीएम मानी गयी है।   मध्यप्रदेश का तर्क परियोजना के अंतर्गत समस्त तकनीकी एवं जल योजना डिजाईन केन्द्रीय जल आयोग द्वारा दौधन बांध पर 6590 एमसीएम जल उपलब्धता के आधार पर की गई है, एवं समस्त अनुमोदन इसी आधार पर किए गए है। यदि दौधन बांध पर जल उपलब्धता 6590 एम.सी.एम के स्थान पर 6188 एमसीएम मानी जाती है, उस स्थिति में भविष्य में मध्यप्रदेश को लगभग 400 एमसीएम जल की हानि होगी, साथ ही यदि 750 एमसीएम जल दौधन बांध से नॉन मानसून सीजन में उत्तरप्रदेश को उपलब्ध कराया जाता है, उस स्थिति में रंगवान बांध, अंतरिम जलग्रहण क्षेत्र और बरियारपुर स्टोरेज में लगभग 200 एमसीएम जल उत्तरप्रदेश को अतिरिक्त रूप से प्राप्त होगा। इसलिए उत्तरप्रदेश को कुल आवंटित 1700 एमसीएम जल मौजूदा केन सिस्टम से बरियारपुर पर दिया जाना मप्र के हित में होगा।   केन-बेतवा परियोजना के प्रमुख बिन्दु वर्ष 2009 में भारत सरकार द्वारा केन-बेतवा लिंक बहुउद्देशीय परियोजना को राष्ष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया एवं इसके वित्त पोषण हेतु 90:10 अनुपात में केन्द्र एवं संबंधित राज्यों के मध्य आधार सुनिश्चित किया गया। परियोजना मप्र के छतरपुर-पन्ना जिले में स्थित है। परियोजना के क्रियान्वयन से होने वाली संपूर्ण क्षति जैसे- भूमि अधिग्रहण, जंगल क्षति, राजस्व भूमि की क्षति, प्रतिपूरक वनीकरण हेतु गैर वनभूमि की व्यवस्था, जनजातीय परिवारों का विस्थापन एवं पुनर्वास इत्यादि मध्यप्रदेश द्वारा वहन की जा रही है। राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण द्वारा परियोजना की ड्राफ्ट अक्टूबर 2018 में तैयार की गई। ड्राफ्ट एकजाई डीपीआर की कुल लागत लगभग 35111.24 करोड़ आंकलित की गई।   जल संसाधन विभाग मध्यप्रदेश द्वारा ड्राफ्ट एकजाई में उत्तरप्रदेश को रबी सीजन में 700 एमसीएम के स्थान पर 930 एमसीएम जल का उपयोग दर्शाया गया है, जबकि मध्यप्रदेश का रबी सीजन में जल एवं कमांड क्षेत्र कम किया गया है, जो मध्यप्रदेश को मान्य नहीं है। इस संबंध में भारत सरकार के समक्ष मध्यप्रदेश का पक्ष मजबूती से रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने बैठक में ही केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से परियोजना संबंधी गतिरोध शीघ्र दूर करने सबंधी आग्रह किया।

Dakhal News

Dakhal News 9 January 2021


Katni, 52 workers, returned hostage safely, activeness ,district administration

कटनी। जिला प्रशासन की सक्रियता और महाराष्ट्र की सोलापुर पुलिस के सहयोग से सोलापुर में बंधक बनाये गये 52 श्रमिकों को छुड़ाने में सफलता मिली है। शुक्रवार देर रात 2 बजे श्रमिकों को सकुशल स्लीमनाबाद लाया गया।    जानकारी के अनुसार मंगलवार की जनसुनवाई में बहोरीबंद तहसील के ग्राम धनवाही के ग्रामीणों ने आकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में इस विषय में शिकायत दर्ज कराई थी। इसकी जानकारी जैसे ही कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को मिली, उन्होंने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुये तुरंत ही बहोरीबंद एसडीएम रोहित सिसोनिया (आईएएस) को प्रकरण की जांच करने और त्वरित रुप से जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।   एसडीएम सिसोनिया ने तत्परता के साथ बंधक बनाये गये श्रमिकों की जानकारी एकत्र की। साथ ही उन्होंने श्रमिकों से व्यक्तिगत रुप से बात की और पूरी जानकारी ली। जिसमें इस बात की पुष्टि हुई कि श्रमिकों को झांसा देकर सोलापुर जिले के कंदल गांव नामक स्थान ले जाया गया है। जहां पर इनसे अत्याधिक काम कम पैसे देकर जोर-जबरजस्ती से कराया जा रहा है। शिकायत की पुष्टि होने पर कलेक्टर मिश्रा एवं एसडीएम सिसोनिया ने महाराष्ट्र के अधिकारियों से संपर्क किया। जिसमें महत्वपूर्ण सहयोग टीकमगढ़ जिले में पदस्थ एसडीएम सौरभ सोनवाने (आईएएस) ने भी किया। सोनवाने ने महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में पदस्थ पुलिस अधीक्षक तेजस्वी सतपोटे से बात की और उन्हें पूरा घटनाक्रम तथा श्रमिकों की समस्या बताई।   श्रमिकों की समस्या संज्ञान में आते ही पुलिस अधीक्षक तेजस्वी सतपोटे ने मामले को अत्याधिक गंभीरता से लेते हुये 5 जनवरी को ही विषेश टीम का गठन करते हुये कार्य में लगाया। जिसके बाद चौबीस घंटे के भीतर ही 6 जनवरी टीम छापामार कार्यवाही करते हुये सभी बंधक बनाये गये 52 श्रमिकों को अपनी अभिरक्षा में लिया। साथ ही उन्हें वाहनों के माध्यम से मंदरुप थाने ले गये। 7 जनवरी की सुबह तेजस्वी सतपोटे द्वारा विशेष वाहन से बंधनमुक्त कराये गये श्रमिकों को गृह जिला कटनी के लिये जाने के लिये सोलापुर से नागपुर के लिये रवाना किया गया। जहां पर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के द्वारा की गई वाहन व्यवस्था से उन्हें नागपुर से उनके ग्राम धनवाही, कारीपाथर, बंधी स्टेशन सकुशल लाया गया है।   कलेक्टर मिश्रा ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस अधीक्षक सोलापुर तेजस्वी सतपोटे, इन्सपेक्टर महाराष्ट्र पुलिस नितिन थेटे और एसडीएम टीकमगढ़ सौरभ सोनवाने का विशेष योगदान रहा है। इनके द्वारा सम्पूर्ण विषय की गंभीरता से लेते हुये अपने पदीय दायित्वों से उपर उठकर मानवीय दृष्टिकोण से कार्य किया गया, जिससे सभी श्रमिकों की सकुशल घर वापसी हो पाई है। मिश्रा ने इस कार्य में लगे सभी सदस्यों का जिला प्रशासन की तरफ से आभार भी माना है।

Dakhal News

Dakhal News 9 January 2021


Katni, 52 workers, returned hostage safely, activeness ,district administration

कटनी। जिला प्रशासन की सक्रियता और महाराष्ट्र की सोलापुर पुलिस के सहयोग से सोलापुर में बंधक बनाये गये 52 श्रमिकों को छुड़ाने में सफलता मिली है। शुक्रवार देर रात 2 बजे श्रमिकों को सकुशल स्लीमनाबाद लाया गया।    जानकारी के अनुसार मंगलवार की जनसुनवाई में बहोरीबंद तहसील के ग्राम धनवाही के ग्रामीणों ने आकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में इस विषय में शिकायत दर्ज कराई थी। इसकी जानकारी जैसे ही कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को मिली, उन्होंने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुये तुरंत ही बहोरीबंद एसडीएम रोहित सिसोनिया (आईएएस) को प्रकरण की जांच करने और त्वरित रुप से जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।   एसडीएम सिसोनिया ने तत्परता के साथ बंधक बनाये गये श्रमिकों की जानकारी एकत्र की। साथ ही उन्होंने श्रमिकों से व्यक्तिगत रुप से बात की और पूरी जानकारी ली। जिसमें इस बात की पुष्टि हुई कि श्रमिकों को झांसा देकर सोलापुर जिले के कंदल गांव नामक स्थान ले जाया गया है। जहां पर इनसे अत्याधिक काम कम पैसे देकर जोर-जबरजस्ती से कराया जा रहा है। शिकायत की पुष्टि होने पर कलेक्टर मिश्रा एवं एसडीएम सिसोनिया ने महाराष्ट्र के अधिकारियों से संपर्क किया। जिसमें महत्वपूर्ण सहयोग टीकमगढ़ जिले में पदस्थ एसडीएम सौरभ सोनवाने (आईएएस) ने भी किया। सोनवाने ने महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में पदस्थ पुलिस अधीक्षक तेजस्वी सतपोटे से बात की और उन्हें पूरा घटनाक्रम तथा श्रमिकों की समस्या बताई।   श्रमिकों की समस्या संज्ञान में आते ही पुलिस अधीक्षक तेजस्वी सतपोटे ने मामले को अत्याधिक गंभीरता से लेते हुये 5 जनवरी को ही विषेश टीम का गठन करते हुये कार्य में लगाया। जिसके बाद चौबीस घंटे के भीतर ही 6 जनवरी टीम छापामार कार्यवाही करते हुये सभी बंधक बनाये गये 52 श्रमिकों को अपनी अभिरक्षा में लिया। साथ ही उन्हें वाहनों के माध्यम से मंदरुप थाने ले गये। 7 जनवरी की सुबह तेजस्वी सतपोटे द्वारा विशेष वाहन से बंधनमुक्त कराये गये श्रमिकों को गृह जिला कटनी के लिये जाने के लिये सोलापुर से नागपुर के लिये रवाना किया गया। जहां पर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के द्वारा की गई वाहन व्यवस्था से उन्हें नागपुर से उनके ग्राम धनवाही, कारीपाथर, बंधी स्टेशन सकुशल लाया गया है।   कलेक्टर मिश्रा ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस अधीक्षक सोलापुर तेजस्वी सतपोटे, इन्सपेक्टर महाराष्ट्र पुलिस नितिन थेटे और एसडीएम टीकमगढ़ सौरभ सोनवाने का विशेष योगदान रहा है। इनके द्वारा सम्पूर्ण विषय की गंभीरता से लेते हुये अपने पदीय दायित्वों से उपर उठकर मानवीय दृष्टिकोण से कार्य किया गया, जिससे सभी श्रमिकों की सकुशल घर वापसी हो पाई है। मिश्रा ने इस कार्य में लगे सभी सदस्यों का जिला प्रशासन की तरफ से आभार भी माना है।

Dakhal News

Dakhal News 9 January 2021


bhopal,Union Minister ,Shekhawat praised ,Shivraj

भोपाल। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा है कि प्रधानमंत्री की हर योजना में मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में लीडर है। अटल भू-जल योजना एवं जल जीवन मिशन का भी प्रदेश में तेजी से क्रियान्वयन हो रहा है। यह प्रसन्नता की बात है कि मध्यप्रदेश निर्धारित अवधि से पूर्व ही अपने लक्ष्य पूरे कर लेगा। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत शनिवार को सीएम हाउस में अटल भू-जल योजना एवं जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट मौजूद रहे।   पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वर्ष 2024 तक हर घर में शुद्ध जल पहुंचाने का संकल्प है। मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री जी के इस संकल्प को वर्ष 2023 तक ही पूरा कर लिया जाएगा। अटल भू-जल योजना का भी रोडमैप तैयार है, इस पर तेजी अमल किया जाएगा।   अटल भू-जल योजना में मध्यप्रदेश में 6 जिले एवं 9 ब्लॉक शामिलकेन्द्रीय जल शक्ति मंत्री शेखावत ने कहा है कि अटल भू-जल योजना के प्रथम चरण में मध्यप्रदेश में तेज गति से काम हुआ है। मध्यप्रदेश की भूजल गुणवत्ता काफी अच्छी है। योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के 6 जिले छतरपुर, सागर, टीकमगढ़, दमोह, पन्ना एवं निवाड़ी तथा 9 ब्लाक पथरिया, छतरपुर, नौगांव, राजनगर, अजयगढ़, पलैरा, बलदेवगढ़़ एवं निवाड़ी शामिल हैं।  योजना को वर्ष 2025 तक पूरा किया जाना है। मध्यप्रदेश में योजना की लागत 315.62 करोड़ रुपये है। शत-प्रतिशत राशि विश्व बैंक व भारत सरकार से प्राप्त होगी।   जलस्रोतों के उपयोग के लिए जागरूकता आवश्यकमंत्री शेखावत ने कहा कि हर घर गांव में जलस्रोतों व भूजल की स्थिति तथा जल के उपयोग के संबंध में ग्रामवासियों में जागरूकता आवश्यक है। गांव के जल प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जानी है    हर घर में नल से स्वच्छ व गुणवत्तापूर्ण पानीजल जीवन मिशन का उद्देश्य है हर घर में नल कनेक्शन हो तथा उससे स्वच्छ गुणवत्तापूर्ण पानी मिलता रहे। इसके लिए जो संरचना बने वह 30 साल तक चलती रहे। पूरे देश में अगले पांच वर्ष में 16 करोड़ नल कनेक्शन होने हैं।   गांव ही करेगा जल का प्रबंधनजल जीवन मिशन के अंतर्गत हर गांव में जल प्रबंधन समितियां तथा ग्राम पंचायत के माध्यम से वहां के जल का प्रबंधन किया जाना है। इसके लिए हर गांव की जल कार्य योजना तैयार की जानी है। इस मिशन का उद्देश्य है पानी की क्वालिटी, क्वांटिंटी तथा रेगुलरिटी (मात्रा, गुणवत्ता व नियमितता) सुनिश्चित करना।   ग्राम स्तर पर डैशबोर्डमिशन के अंतर्गत हर ग्राम स्तर पर पानी प्रबंधन की मॉनीटेरिंग के लिए डैशबोर्ड बनाया जाएगा। पानी की टंकियों पर सेंसर लगाये जाएंगे, जो पानी की स्थिति बतायेंगे। घर-घर पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए डिवाइज (उपकरण) प्रदान किए जाएंगे।   6 माह  में डेढ़ लाख नल कनेक्शनमुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत मध्यप्रदेश में तेज गति से काम हो रहा है। पिछले 6 माह में लगभग डेढ़ लाख कनेक्शन हो गए हैं। प्रदेश के 1 करोड़ 21 लाख घरों में से 29 लाख 68 हजार घरों में कनेक्शन हो गए हैं तथा 91 लाख 56 हजार घरों में कनेक्शन होने हैं। योजना के अंतर्गत बुरहानपुर एवं निवाड़ी जिलों में आगामी मार्च महीने तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा।   जल जीवन पुस्तिकाओं का विमोचन कियाबैठक में जल शक्ति मंत्री शेखावत द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की जल जीवन मिशन पर प्रकाशित पुस्तिकाओं का विमोचन किया गया। इसी के साथ बुरहानपुर जिले की जल जीवन मिशन की जिला कार्य योजना का विमोचन भी किया गया। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, नेशनल जल जीवन मिशन के डायरेक्टर भरत लाल, अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मलय श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन एस.एन. मिश्रा आदि उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 9 January 2021


bhopal,Successful dry run,corona vaccination, 51 districts of MP, Health Minister congratulated

भोपाल। मध्यप्रदेश में राजधानी भोपाल को छोडक़र शेष सभी 51 जिलों में शुक्रवार को सुबह 9:00 बजे से शुरू हुए कोविड-19 वैक्सीन का ड्राई रन के सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने विभागीय अधिकारियों - कर्मचारियों को बधाई दी।    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने एनएचएम  मुख्यालय में कोविड 19 के वेक्सिनेशन के लिए बनाए गए स्टेट कंट्रोल रूम से सभी जिलों के अधिकारियों से सीधी बातचीत की। उन्होंने ड्राई रन के लिए जिलों  के  वैक्सीनेशन केंद्र पर पहुंचे लाभार्थी को प्रोटोकाल के साथ की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली।   जिलों के टीकाकरण अधिकारियों ने बताया कि आज वह सभी जिनको ड्राई रन के लिए रजिस्टर्ड किया गया था वो  समय पर पहुंचे। लाभार्थियों को केंद्र पर  पहले  प्रतीक्षा कक्ष में बिठाकर उनकी पहचान स्थापित की गई। इसके बाद उन्हें प्रोटोकॉल का पालन करते हुए वेक्सिनेशन  कक्ष में भेजा गया जहां पर  उनका रिहर्सल वैक्सीनेशन के बाद उन्हें आब्जर्वेशन कक्ष में पूरे प्रोटोकॉल के साथ बिठाया गया। ऑब्जरवेशन कक्ष  में 30 मिनट रुकने के बाद उन्हें पूरी तरह से सामान्य स्थिति में अपने घर जाने के लिए कहा गया।    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने अधिकारियों से कहा कि कुछ स्थानों पर यदि कोई कमी नजर आई हो तो  जरूर बताएं। ड्राई रन का उद्देश्य यही है कि हम वास्तविक रूप से टीकाकरण शुरू करने के पहले यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि टीकाकरण के समय कोई कमी नहीं रह जाए।

Dakhal News

Dakhal News 8 January 2021


bhopal,MP Water ,will be supplied , bottleneck, one crore houses, Shivraj

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक करोड़ क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) का लक्ष्य तेजी से कार्य कर प्राप्त किया जाये। बैठक में बताया गया 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत शाला एवं आंगनबाड़ी में नल से जल पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। जनवरी से मार्च 2021 की अवधि में प्रदेश के डेढ़ लाख आंगनवाड़ी केन्द्रों और विद्यालयों में नल कनेक्शन लग जायेंगे। इसके अंतर्गत आँगनवाड़ी केन्द्रों में करीब 75 हजार नल कनेक्शन दिये जायेंगे। इसी तरह करीब 75 हजार शालाओं में भी कनेक्शन तीन माह में प्रदान किये जा रहे हैं।   मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आबादी को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से वर्ष 2023 तक 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के मापदंड से गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध करवाने का लक्ष्य प्राप्त किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्ष 2020-21 में 26 लाख घरेलू कनेक्शन देने का लक्ष्य है। इसी तरह वर्ष 2021-22 में 33 लाख, वर्ष 2022-23 में 28 लाख और वर्ष 2023-24 में 14 लाख कनेक्शन देने का लक्ष्य हैं। भारत सरकार से प्राप्त राशि और किए गए व्यय के आधार पर मध्य प्रदेश बड़े राज्यों में दूसरे क्रम पर है जहां 378 करोड़ रुपए की राशि व्यय की गई है।   मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि ग्रामीण आबादी को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाने के लिये स्वीकृत योजनाओं का कार्य तेजी से पूर्ण किया जाये। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 10 योजनाओं से 4347 ग्राम लाभान्वित होंगे। ये योजनाएं गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, सिंगरौली, आगर, देवास, सागर और धार में क्रियान्वित होंगी।   मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों के अंतर्गत स्त्रोत आधारित समूह जल प्रदाय योनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। बैठक में गुणवत्ता प्रभावित बसाहटों और सांसद आदर्श ग्राम की योजनाओं में संचालित कार्यों की भी समीक्षा की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव मलय श्रीवास्तव ने मिशन के कार्यों के संबंध में जानकारी दी।

Dakhal News

Dakhal News 8 January 2021


bhopal, Khelo India Games , year 2022, held in Bhopal

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को मंत्रालय में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है कि वर्ष 2022 के खेलो इंडिया गेम्स भोपाल में कराने की केंद्र सरकार द्वारा सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी गई है, शीघ्र ही विधिवत स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी। मध्यप्रदेश के 2 खिलाडिय़ों चिंकी यादव एवं ऐश्वर्य प्रताप सिंह द्वारा शूटिंग में ओलंपिक कोटा जीतना भी गर्व का विषय है। इसी प्रकार प्रदेश के 25 खिलाड़ी ओलंपिक क्वालिफायर के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।   बैठक में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, डायरेक्टर जनरल पवन जैन, प्रमुख सचिव मनोज गोयल आदि उपस्थित थे।   मुख्यमंत्री कप एवं विधायक कप का आयोजन होगा बताया गया कि प्रदेश में नए एवं प्रतिभावान खिलाडिय़ों को अवसर प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री कप का आयोजन किया जाएगा। गत सरकार ने विधायक कप का आयोजन बंद कर दिया था, जिसे दोबारा शुरू किया जाएगा   योग 'खेलो इंडिया गेम्स 2021' में शामिल भारत सरकार द्वारा योग को खेलो इंडिया गेम्स 2021 में खेल के रूप में शामिल किया गया है। प्रदेश में योग के विस्तार के लिए जिला स्तर पर विवेकानंद योग सेंटर्स की स्थापना की जाएगी। इसके बाद विकासखंड स्तर तक इनका विस्तार किया जाएगा।   भोपाल में पुरुषों की हॉकी तथा मार्शल आर्ट अकादमी प्रदेश में हॉकी को आगे बढ़ाने के लिए पुरुष हॉकी अकादमी भोपाल में तथा महिला हॉकी अकादमी ग्वालियर में पुन: स्थापित की जाएंगी। टीटी नगर स्टेडियम में मार्शल आर्ट अकादमी बनाई जा रही है। भोपाल में शूटिंग रेंज का भी विस्तार किया जाएगा।   ग्वालियर में अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर तथा भोपाल में अंतरराष्ट्रीय स्पोट्र्स साइंस सेंटर मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर में 50 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर के निर्माण तथा भोपाल में विश्व स्तरीय स्पोट्र्स साइंस सेंटर के निर्माण की योजना है। स्पोर्टर्स साइंस सेंटर में खिलाडिय़ों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए विभिन्न प्रकार के वैज्ञानिक तरीके अपनाए जाएंगे। रांझी जबलपुर में तीरंदाजी की विश्व स्तरीय अधोसंरचना बनाए जाने की भी योजना है। बीजलपुर इंदौर में मल्टीपर्पज स्पोट्र्स कांप्लेक्स का निर्माण कराया जाएगा।   10 अंतरराष्ट्रीय व 40 राष्ट्रीय पदक अर्जित किए खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने बताया कि कोरोना काल में अगस्त माह से प्रदेश की खेल अकादमियों को प्रारंभ कर दिया गया था। यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि गत 5 महीनों में मध्य प्रदेश के खिलाडिय़ों ने 10 अंतरराष्ट्रीय एवं 40 राष्ट्रीय पदक अर्जित किए हैं।   खिलाडिय़ों की पुलिस में भर्ती मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों को मध्य प्रदेश पुलिस में भर्ती के संबंध में वर्ष 2019 में मंत्रिपरिषद द्वारा निर्णय लिया गया था। अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशन उपरांत भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी।   9684 युवाओं को रोजगार प्रदेश में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न रोजगार कार्यक्रमों के अंतर्गत 9684 युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है।

Dakhal News

Dakhal News 8 January 2021


indore, Logistics hub , developed at Indore airport, Shivraj  Community-verified icon

इंदौर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को इंदौर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नवनिर्मित आधुनिक अंतरराष्ट्रीय एयर कार्गो टर्मिनल का मंत्रियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि इंदौर एयरपोर्ट को 22 एकड़ ज़मीन दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मप्र के भविष्य का लॉजिस्टिक हब है। केंद्रीय रूप से स्थित होने के कारण हमारा प्रदेश संभावनाओं से परिपूर्ण है। इन्दौर एयरपोर्ट से 20 किलोमीटर की परिधि में लॉजिस्टिक हब विकसित किया जाएगा।   मुख्यमंत्री ने कहा कि मां अहिल्याबाई हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनसे हमें सुशासन के सूत्र मिलते हैं। उनकी प्रेरणा से हम मध्यप्रदेश को माफियामुक्त करने के अभियान में लगे हैं। मध्यप्रदेश में कानून के विरुद्ध काम करने वालों को सख्त सजा दिलायी जाएगी। ड्रग्स माफिया हों या भू माफिया, मध्यप्रदेश में उन्हें पनाह नहीं मिलेगी। हम इन्हें मध्यप्रदेश के धरती पर दिखने नहीं देंगे, यह हमारा संकल्प है।   उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर हम वोकल फार लोकल हुए हैं। हमारा लक्ष्य है लोकल उत्पादों को देश के बाहर भी ख्याति दिलाना। इंदौर तेजी से आगे बढ़ रहा है। यहां नवनिर्मित कार्गो टर्मिनल से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इंदौर देश का भविष्य का लॉजिस्टिक्स हब बनेगा। हमने इसके विकास के लिए जमीन भी चिन्हित की है। इंदौर में असीम संभावनाएं हैं। अंतरराष्ट्रीय कार्गो टर्मिनल से हमारे निर्माण की गतिविधियों को बल मिलेगा, हमारे किसान अपने फल-सब्जियों को एक्सपोर्ट कर पाएंगे। इससे इंदौर के विकास को भी पंख लगेंगे।   उन्होंने कहा कि इंदौर अपने सपनों का शहर है। सेवाभावी और संस्कारयुक्त शहर है। आज इंदौर को एक बड़ी सौगात मिल रही है। यह तय है कि आने वाले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के लोकल को वोकल बनाने के सपने को पूरा करने में इंदौर सबसे आगे रहेगा। उन्होंने कहा कि हम देश ही नहीं दुनिया की जरूरतें पूरी करेंगे, लेकिन उसके लिये जरूरी था अंतरराष्ट्रीय एयर कार्गो टर्मिनल, वो अब हमारे पास है। इंदौर अभी भी एक्सपोर्ट करता है। हम दवाइयां, लेदर, मशीनरी, डायमंड, स्पेयर पाट्र्स भी एक्स्पोर्ट करते हैं।

Dakhal News

Dakhal News 6 January 2021


bhopal,Home Minister ,congratulates police ,action taken , drug mafia , Indore

भोपाल। बीते दिन इंदौर पुलिस ने 70 किलो एमडी ड्रग्स जब्त किया है। जब्त किए गए ड्रग्स की अनुमानित कीमत 70 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने 5 पैडलरों को भी हिरासत में लिया है। ड्रग माफिया पर हुई कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इंदौर पुलिस की तारीख करते हुए उन्हें बधाई दी है।   गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा है कि इंदौर पुलिस की कार्रवाई ड्रग माफिया पर करारी चोट है। इस सफलता के लिए इंदौर पुलिस के जांबाज अफसर और जवानों को बहुत-बहुत बधाई। गृहमंत्री ने कहा कि हमने कहा था कि हम भूमाफिया को छोड़ेंगे नहीं उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो रही है। प्रदेश में अब किसी भी तरह के माफिया को नहीं रहने दिया जाएगा। गुटखा माफिया के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस और ममता बेनर्जी पर कसा तंजइस दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मंत्री मिश्रा ने कहा कि अखंड भारत की परिकल्पना को खंड-खंड करने का काम नेहरू-गांधी परिवार ने ही किया है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ.प्रणब मुखर्जी जी की किताब से अब यह और स्पष्ट हो गया है। नेहरू खानदान की तुष्टिकरण की नीति के कारण ही नेपाल का विलय भारत में नहीं हो पाया। इस दौरान पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बेनर्जी सरकार के आधा दर्जन से ज्यादा मंत्री कैबिनेट बैठक से नदारद हैं। इससे केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी की बात की पुष्टि होती है कि चुनाव पास आते-आते ममता जी अपनी पार्टी में अकेली रह जाएंगी। वहां जनता बंगाल भाजपा की सरकार बनाने का मन बना चुकी है।   पत्थरबाजों से सख्ती से निपटा जाएगाप्रदेश में पत्थरबाजों को लेकर मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि "जिस घर से पत्थर आएंगे, उसी के पत्थर निकाले जाएंगे।"यह सबक समाज में विध्वंस और खौफ फैलाने की सोच रखने वाले तत्वों को याद रखना होगा। प्रदेश में कानून का राज है। अराजकता फैलाने का प्रयास करने वाली ताकतों से अब सख्ती से ही निबटा जाएगा।  

Dakhal News

Dakhal News 6 January 2021


bhopal,MP Chief Minister Chouhan, gave instructions, alert about bird flu

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि मध्यप्रदेश में मुर्गियों में पाए जाने वाले संक्रामक रोग बर्ड फ्लू से बचाव, रोकथाम और नियंत्रण के पूरे प्रयास किये जायें। भले ही मध्यप्रदेश में ऐसे मामले नहीं आये हैं, फिर भी एहतियातन सभी सावधानियां बरती जाएं। यह निर्देश मुख्यमंत्री चौहान ने बुधवार को अपने निवास पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में दिए। उन्‍होंने इस दौरान राज्य में बर्ड फ्लू से बचाव, रोकथाम और नियंत्रण के प्रयासों की समीक्षा की।    बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश में ऐसी समस्या नहीं है, एहतियातन आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इनमें भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस से जिलों को अवगत करवाया गया है। दक्षिण भारत के केरल सहित सीमावर्ती राज्यों से सीमित अवधि के लिए पोल्ट्री प्रतिबंधित रहेगा। यह अस्थाई रोक एहतियातन लगाई गई है। प्रदेश के कुछ स्थानों कुछ कौवों की मृत्यु की सूचना के बाद सावधानी के तौर पर ये कदम उठाया गया है। जिन जिलों से ऐसे समाचार मिले हैं, वहां रोग होने की पुष्टि भारतीय उच्च सुरक्षा रोग अनुसंधान प्रयोग शाला (NISHAD) से प्रतीक्षित है। इसके पहले सावधानी के तौर पर सम्पूर्ण प्रदेश में रोग के नियंत्रण और शमन के लिये अलर्ट जारी किया गया है।   मुख्यमंत्री चौहान ने जिलों में गाइडलाइन का पालन करवाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पशुपालन विभाग और सहयोगी विभागों एवं एजेंसियों को इस मामले में सजग रहने, रेंडम चेक करने और आमजन को आवश्यक जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां से पक्षियों की मृत्यु की जानकारी मिली है, सावधानी के तौर पर पोल्ट्री फार्म पर भी नजर रखी जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में बर्ड फ्लू की प्रतिदिन की स्थिति से भारत सरकार को अवगत करवाया जा रहा है। बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव पशुपालन जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मोहम्मद सुलेमान और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।   प्रमुख बिन्दु -कुछ जिलों में कौवों की मृत्यु का समाचार मिलने पर सैम्पल एकत्रीकरण और रोग की रोकथाम और नियंत्रण के लिये कार्रवाई की गई।   -बर्ड फ्लू रोग उदभेद करने वाले जिलों में कलेक्टर मार्गदर्शन में पशुपालन, वन, स्वास्थ्य और स्थानीय निकाय के सम्नवित प्रयासों से जरूरी कार्यवाही तत्काल की गई है। भारत सरकार की एडवाइजरी के अनुसार सतर्कता रखी जा रही है।   -वर्तमान में सिर्फ कौवों में बर्ड फ्लू के H5N8 वायरस के संक्रमण की जानकारी मिली है। यह वायरस मुर्गियों में नहीं पाया गया है।   -जिलों में विभागीय दल जलाशयों, कुक्कुट प्रक्षेत्रों, कुक्कुट बाजारों में सघन निगरानी रख रहा है। -बर्ड फ्लू संदर्भ में जन जागरूकता के लिये कुक्कुट पालकों और व्यवसायियों को इस रोग से बचाव के लिये आवश्यक जानकारियां दी की जा रही है।   -मध्यप्रदेश के जिलों में पोल्ट्री फार्म और बैकयार्ड कुक्कुट में किसी भी प्रकार से मुर्गियों में अप्राकृतिक मृत्यु की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। जिलों में पशुपालन विभाग का अमला संपूर्ण सतर्कता बरत रहा है।   -कौवों या मुर्गियों में बीमारी या अप्राकृतिक मृत्यु की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल सैंपल एकत्र कर प्रयोगशाला भेजने की कार्यवाही की जाती है। संक्रमित स्थान का डिस इन्फेक्शन और सैनिटाइजेशन जिले के स्थानीय निकाय के सहयोग से किया जाता है। इस प्रोटोकाल से सर्व संबंधितों को अवगत करवाया गया है।   -जो लोग मांसाहार करते हैं, उनके लिए यह सावधानी जरूरी है कि मुर्गियों को अच्छे से पका कर उपयोग करें, इससे मानव स्वास्थ्य को किसी प्रकार का खतरा नहीं है, अभी तक ऐसा कोई प्रकरण भी नहीं आया है, परंतु सावधानी और सतर्कता की आवश्यकता है।

Dakhal News

Dakhal News 6 January 2021


bhopal, Shivraj expressed, surprise , ongoing politics regarding , Corona vaccine

भोपाल। राजनीति दलों द्वारा कोरोना वैक्सीन को लेकर खूब राजनीति की जा रही है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि वे टीका (कोरोना वैक्सीन) नहीं लगवा रहे हैं। वे बीजेपी की वैक्सीन पर कैसे भरोसा कर सकते हैं?   अखिलेश यादव के बयान के बाद कोरोना वायरस के टीके को लेकर राजनीति शुरू हो गई। अखिलेश के इस बयान पर हैरानी जताते हुए मप्र के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने करारा जवाब दिया है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर अखिलेश यादव के बयान पर हैरानी जताते हुए कहा कि "टीके में भी राजनीति?? हे ईश्वर! कमाल है भाई, भाजपा पर टीका-टिप्पणी करते-करते इतने भ्रमित हो गए कि उनके लिए अब कोविड का टीका भी भाजपा का हो गया! अब कोई इसपर क्या टिप्पणी करे! ऐसी बातें कर लाखों लोगों को भ्रमित कर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करना अच्छी बात नहीं।"    बता दें कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बाद सपा के एक एमएलसी ने भी कोरोना वैक्सीन को लेकर सवाल उठाए। इनके अलावा कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेता शशि थरूर और जयराम रमेश ने भी भारत में बनायी जा रही कोवैक्सीन को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

Dakhal News

Dakhal News 4 January 2021


bhopal, Shivraj expressed, surprise , ongoing politics regarding , Corona vaccine

भोपाल। राजनीति दलों द्वारा कोरोना वैक्सीन को लेकर खूब राजनीति की जा रही है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि वे टीका (कोरोना वैक्सीन) नहीं लगवा रहे हैं। वे बीजेपी की वैक्सीन पर कैसे भरोसा कर सकते हैं?   अखिलेश यादव के बयान के बाद कोरोना वायरस के टीके को लेकर राजनीति शुरू हो गई। अखिलेश के इस बयान पर हैरानी जताते हुए मप्र के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने करारा जवाब दिया है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर अखिलेश यादव के बयान पर हैरानी जताते हुए कहा कि "टीके में भी राजनीति?? हे ईश्वर! कमाल है भाई, भाजपा पर टीका-टिप्पणी करते-करते इतने भ्रमित हो गए कि उनके लिए अब कोविड का टीका भी भाजपा का हो गया! अब कोई इसपर क्या टिप्पणी करे! ऐसी बातें कर लाखों लोगों को भ्रमित कर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करना अच्छी बात नहीं।"    बता दें कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बाद सपा के एक एमएलसी ने भी कोरोना वैक्सीन को लेकर सवाल उठाए। इनके अलावा कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेता शशि थरूर और जयराम रमेश ने भी भारत में बनायी जा रही कोवैक्सीन को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

Dakhal News

Dakhal News 4 January 2021


bhopal, Shivraj expressed, surprise , ongoing politics regarding , Corona vaccine

भोपाल। राजनीति दलों द्वारा कोरोना वैक्सीन को लेकर खूब राजनीति की जा रही है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि वे टीका (कोरोना वैक्सीन) नहीं लगवा रहे हैं। वे बीजेपी की वैक्सीन पर कैसे भरोसा कर सकते हैं?   अखिलेश यादव के बयान के बाद कोरोना वायरस के टीके को लेकर राजनीति शुरू हो गई। अखिलेश के इस बयान पर हैरानी जताते हुए मप्र के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने करारा जवाब दिया है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर अखिलेश यादव के बयान पर हैरानी जताते हुए कहा कि "टीके में भी राजनीति?? हे ईश्वर! कमाल है भाई, भाजपा पर टीका-टिप्पणी करते-करते इतने भ्रमित हो गए कि उनके लिए अब कोविड का टीका भी भाजपा का हो गया! अब कोई इसपर क्या टिप्पणी करे! ऐसी बातें कर लाखों लोगों को भ्रमित कर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करना अच्छी बात नहीं।"    बता दें कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बाद सपा के एक एमएलसी ने भी कोरोना वैक्सीन को लेकर सवाल उठाए। इनके अलावा कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेता शशि थरूर और जयराम रमेश ने भी भारत में बनायी जा रही कोवैक्सीन को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

Dakhal News

Dakhal News 4 January 2021


bhopal, Shivraj expressed, surprise , ongoing politics regarding , Corona vaccine

भोपाल। राजनीति दलों द्वारा कोरोना वैक्सीन को लेकर खूब राजनीति की जा रही है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि वे टीका (कोरोना वैक्सीन) नहीं लगवा रहे हैं। वे बीजेपी की वैक्सीन पर कैसे भरोसा कर सकते हैं?   अखिलेश यादव के बयान के बाद कोरोना वायरस के टीके को लेकर राजनीति शुरू हो गई। अखिलेश के इस बयान पर हैरानी जताते हुए मप्र के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने करारा जवाब दिया है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर अखिलेश यादव के बयान पर हैरानी जताते हुए कहा कि "टीके में भी राजनीति?? हे ईश्वर! कमाल है भाई, भाजपा पर टीका-टिप्पणी करते-करते इतने भ्रमित हो गए कि उनके लिए अब कोविड का टीका भी भाजपा का हो गया! अब कोई इसपर क्या टिप्पणी करे! ऐसी बातें कर लाखों लोगों को भ्रमित कर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करना अच्छी बात नहीं।"    बता दें कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बाद सपा के एक एमएलसी ने भी कोरोना वैक्सीन को लेकर सवाल उठाए। इनके अलावा कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेता शशि थरूर और जयराम रमेश ने भी भारत में बनायी जा रही कोवैक्सीन को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

Dakhal News

Dakhal News 4 January 2021


bhopal, MP is to be, mafia free, work better, Shivraj Singh

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी संभाग आयुक्तों, कलेक्टर, पुलिस महानिरीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दो टूक लहजे में प्रदेश को माफिया मुफ्त बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि राज्य को माफिया मुक्त बनाना है। प्रशासन इस दिशा में और बेहतर ढंग से कार्य करें।असंभव कुछ नहीं है। संभव की सीमा जानने का एक ही तरीका है-असंभव से आगे निकल जाना। प्रदेश को हमें बहुत आगे ले जाना है। परफॉर्म करने वाला अधिकारी ही टिकेगा।   मुख्यमंत्री चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को नये साल की बधाई देते हुए कहा कि मेरा किसी से राग द्वेष नहीं है, बस मध्य प्रदेश के विकास और प्रगति का जुनून है। एक साल में बहुत आगे निकलना है और मैंने कहा है कि निकलना है मतलब निकलना ही है। उन्होंने कहा कि मैं आगे चलूंगा। आपका परफार्मेंस देखना चाहता हूं, परफार्मेंस देने वाला ही आगे चलेगा। हम जिलों के विकास की योजना बनाएंगे और अप्रैल से उसी पर काम होगा। अभी कुछ योजनाओं में हमारी स्थिति बेहतर है। मैं जिलों के बीच भी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा चाहता हूं।   मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि गुड गवर्नेंस सरकार की प्राथमिकता है। कानून व्यवस्था बेहतर हो। जिलों की समस्याओं के आधार पर शॉर्ट और लॉग टर्म प्लान बनाएं। मसलन, भू माफिया, अफीम माफिया सहित अन्य माफिया से कैसे निपटा जाए। केंद्र की हर योजना में हमें आगे रहना है और यह जिलों के सहयोग से ही संभव हो सकता है। उन्होंने कहा कि हर महीने कार्यों की समीक्षा होगी। इसी के आधार पर जिलों की रेटिंग करेंगे और विभागों की भी रेटिंग होगी।   उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन की तैयारी पूरी रखें। मैंने तय किया है कि मैं अभी वैक्सीन नहीं लगवाऊंगा। पहले बाकी को लगे। इसके बाद अपना नंबर आये। पहले प्राथमिकता ग्रुप्स को लग जाए, उस व्यवस्था को बनाने में हम सब को जुटना पड़ेगा। एक और महत्वपूर्ण कार्य जो अनदेखा रहता है वो है कि हमें रेवेन्यू बढ़ाना है। चाहे जीएसटी और या वाणिज्य कर का मामला हो, उस पर चर्चा करेंगे। पैसे की कमी का रोना हम नहीं रो सकते। इसमें भी जिलों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी।  

Dakhal News

Dakhal News 4 January 2021


bhopal,Justice Mohammad Rafique, became the 26th Chief Justice, Madhya Pradesh

भोपाल। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रविवार को भोपाल स्थित राजभवन में आयोजित गरिमामय एवं संक्षिप्त समारोह में नवनियुक्त मुख्य न्यायाधिपति मोहम्मद रफीक को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति की शपथ दिलाई। इसके साथ ही न्यायमूर्ति मोहम्मद रफीक मध्यप्रदेश के 25वें मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन राजभवन सांदीपनि सभागार राजभवन में किया गया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मौजूद थे।   कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, गृह एवं विधि विधाई मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, मंत्री किसान कल्याण एवं कृषि विकास कमल पटेल, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा, औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्ती गांव, मप्र विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा, विभिन्न आयोगों के अध्यक्ष, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति, अधिवक्ता, विधि-विधायी कार्य एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुये। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने शपथ विधि कार्यवाही का संचालन किया।   गौरतलब है कि न्यायमूर्ति मोहम्मद रफीक इसके पहले ओडिशा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश थे। वे अप्रैल 2020 में ओडिशा हाईकोर्ट के 31वें चीफ जस्टिस बने थे। रविवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा मप्र के 26वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। दरअसल, मध्यप्रदेश के मुख्य न्यायाधीश अजय कुमार मित्तल का कार्यकाल 29 सितम्बर 2020 को समाप्त हो गया था। तब से यह पद खाली पड़ा हुआ था। हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश संजय यादव मुख्य न्यायाधीश का कार्यभार संभाल रहे थे। सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम की अनुशंसा पर गत दिनों उन्हें मप्र हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया था, जबकि मप्र के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय यादव को इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज दिया गया था।

Dakhal News

Dakhal News 3 January 2021


bhopal,Justice Mohammad Rafique, became the 26th Chief Justice, Madhya Pradesh

भोपाल। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रविवार को भोपाल स्थित राजभवन में आयोजित गरिमामय एवं संक्षिप्त समारोह में नवनियुक्त मुख्य न्यायाधिपति मोहम्मद रफीक को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति की शपथ दिलाई। इसके साथ ही न्यायमूर्ति मोहम्मद रफीक मध्यप्रदेश के 25वें मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन राजभवन सांदीपनि सभागार राजभवन में किया गया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मौजूद थे।   कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, गृह एवं विधि विधाई मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, मंत्री किसान कल्याण एवं कृषि विकास कमल पटेल, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा, औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्ती गांव, मप्र विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा, विभिन्न आयोगों के अध्यक्ष, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति, अधिवक्ता, विधि-विधायी कार्य एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुये। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने शपथ विधि कार्यवाही का संचालन किया।   गौरतलब है कि न्यायमूर्ति मोहम्मद रफीक इसके पहले ओडिशा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश थे। वे अप्रैल 2020 में ओडिशा हाईकोर्ट के 31वें चीफ जस्टिस बने थे। रविवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा मप्र के 26वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। दरअसल, मध्यप्रदेश के मुख्य न्यायाधीश अजय कुमार मित्तल का कार्यकाल 29 सितम्बर 2020 को समाप्त हो गया था। तब से यह पद खाली पड़ा हुआ था। हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश संजय यादव मुख्य न्यायाधीश का कार्यभार संभाल रहे थे। सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम की अनुशंसा पर गत दिनों उन्हें मप्र हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया था, जबकि मप्र के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय यादव को इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज दिया गया था।

Dakhal News

Dakhal News 3 January 2021


bhopal,CM Shivraj, strict against ,stone-pelting

भोपाल। मध्य प्रदेश में पत्थरबाजों के खिलाफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सख्त हो गए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया है कि पत्थरबाजों को किसी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानून बनाने की तैयारी सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि उसकी संपत्ति को राजसात करना पड़े तो राजसात करके वसूली करेंगे और नुकसान की भरपाई करेंगे। ऐसे किसी व्यक्तिगत की संपत्ति को भी जला दिया, तोड़ फोड़ कर दी तो उसके नुकसान की भरपाई भी उपद्रवी से की जाएगी। यह कड़े कानून बनाने का निर्देश मैंने दिया है जल्द ही कानून सामने आएंगे।   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश में पत्थरबाजी करने वाले पत्थरबाज यह समाज के दुश्मन हैं। यह कोई भी हो पत्थरबाजी कोई साधारण अपराध नहीं है कहीं से भी उठाया और पत्थर दे दिया, उससे लोगों की जान भी जा सकती है। उससे भय और आतंक का माहौल पैदा होता है, भगदड़ मचती है, अव्यवस्थाएं होती हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में रूल ऑफ़ लॉ रहेगा। कानून का राज इस तरह के अपराधी साधारण अपराधी नहीं है इन्हीं छोड़ा नहीं जाएगा।   सीएम शिवराज ने कहा कि अभी तो मामूली सी कार्यवाही होती थी। अब हम कड़ी सजा का प्रावधान करने के लिए कानून बना रहे हैं। लेकिन केवल पत्थरबाजी नहीं, कई बार उत्पाती सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं, आग लगा देते हैं, सार्वजनिक संपत्ति के साथ-साथ व्यक्तिगत संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया जाता है। किसी की दुकान में आग लगा दी, किसी के यहां तोडफ़ोड़ कर दी, यह अक्षम्य अपराध है। शांतिपूर्ण ढंग से कोई अपनी बात कहें लोकतंत्र इसकी इजाजत देता है लेकिन आग लगा दो, तोडफ़ोड़ कर दो, पत्थर चला दो, इसकी इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती और इसलिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने तय किया है की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ ना केवल कड़ी कार्रवाई करेंगे बल्कि अगर सार्वजनिक संपत्ति को कोई नुकसान पहुंचाता है तो सजा के साथ-साथ संपत्ति का जो नुकसान होगा, वह भी वसूल किया जाएगा। 

Dakhal News

Dakhal News 3 January 2021


bhopal,CM Shivraj, strict against ,stone-pelting

भोपाल। मध्य प्रदेश में पत्थरबाजों के खिलाफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सख्त हो गए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया है कि पत्थरबाजों को किसी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानून बनाने की तैयारी सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि उसकी संपत्ति को राजसात करना पड़े तो राजसात करके वसूली करेंगे और नुकसान की भरपाई करेंगे। ऐसे किसी व्यक्तिगत की संपत्ति को भी जला दिया, तोड़ फोड़ कर दी तो उसके नुकसान की भरपाई भी उपद्रवी से की जाएगी। यह कड़े कानून बनाने का निर्देश मैंने दिया है जल्द ही कानून सामने आएंगे।   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश में पत्थरबाजी करने वाले पत्थरबाज यह समाज के दुश्मन हैं। यह कोई भी हो पत्थरबाजी कोई साधारण अपराध नहीं है कहीं से भी उठाया और पत्थर दे दिया, उससे लोगों की जान भी जा सकती है। उससे भय और आतंक का माहौल पैदा होता है, भगदड़ मचती है, अव्यवस्थाएं होती हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में रूल ऑफ़ लॉ रहेगा। कानून का राज इस तरह के अपराधी साधारण अपराधी नहीं है इन्हीं छोड़ा नहीं जाएगा।   सीएम शिवराज ने कहा कि अभी तो मामूली सी कार्यवाही होती थी। अब हम कड़ी सजा का प्रावधान करने के लिए कानून बना रहे हैं। लेकिन केवल पत्थरबाजी नहीं, कई बार उत्पाती सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं, आग लगा देते हैं, सार्वजनिक संपत्ति के साथ-साथ व्यक्तिगत संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया जाता है। किसी की दुकान में आग लगा दी, किसी के यहां तोडफ़ोड़ कर दी, यह अक्षम्य अपराध है। शांतिपूर्ण ढंग से कोई अपनी बात कहें लोकतंत्र इसकी इजाजत देता है लेकिन आग लगा दो, तोडफ़ोड़ कर दो, पत्थर चला दो, इसकी इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती और इसलिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने तय किया है की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ ना केवल कड़ी कार्रवाई करेंगे बल्कि अगर सार्वजनिक संपत्ति को कोई नुकसान पहुंचाता है तो सजा के साथ-साथ संपत्ति का जो नुकसान होगा, वह भी वसूल किया जाएगा। 

Dakhal News

Dakhal News 3 January 2021


bhopal,CM Shivraj, strict against ,stone-pelting

भोपाल। मध्य प्रदेश में पत्थरबाजों के खिलाफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सख्त हो गए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया है कि पत्थरबाजों को किसी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानून बनाने की तैयारी सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि उसकी संपत्ति को राजसात करना पड़े तो राजसात करके वसूली करेंगे और नुकसान की भरपाई करेंगे। ऐसे किसी व्यक्तिगत की संपत्ति को भी जला दिया, तोड़ फोड़ कर दी तो उसके नुकसान की भरपाई भी उपद्रवी से की जाएगी। यह कड़े कानून बनाने का निर्देश मैंने दिया है जल्द ही कानून सामने आएंगे।   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश में पत्थरबाजी करने वाले पत्थरबाज यह समाज के दुश्मन हैं। यह कोई भी हो पत्थरबाजी कोई साधारण अपराध नहीं है कहीं से भी उठाया और पत्थर दे दिया, उससे लोगों की जान भी जा सकती है। उससे भय और आतंक का माहौल पैदा होता है, भगदड़ मचती है, अव्यवस्थाएं होती हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में रूल ऑफ़ लॉ रहेगा। कानून का राज इस तरह के अपराधी साधारण अपराधी नहीं है इन्हीं छोड़ा नहीं जाएगा।   सीएम शिवराज ने कहा कि अभी तो मामूली सी कार्यवाही होती थी। अब हम कड़ी सजा का प्रावधान करने के लिए कानून बना रहे हैं। लेकिन केवल पत्थरबाजी नहीं, कई बार उत्पाती सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं, आग लगा देते हैं, सार्वजनिक संपत्ति के साथ-साथ व्यक्तिगत संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया जाता है। किसी की दुकान में आग लगा दी, किसी के यहां तोडफ़ोड़ कर दी, यह अक्षम्य अपराध है। शांतिपूर्ण ढंग से कोई अपनी बात कहें लोकतंत्र इसकी इजाजत देता है लेकिन आग लगा दो, तोडफ़ोड़ कर दो, पत्थर चला दो, इसकी इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती और इसलिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने तय किया है की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ ना केवल कड़ी कार्रवाई करेंगे बल्कि अगर सार्वजनिक संपत्ति को कोई नुकसान पहुंचाता है तो सजा के साथ-साथ संपत्ति का जो नुकसान होगा, वह भी वसूल किया जाएगा। 

Dakhal News

Dakhal News 3 January 2021


bhopal,Silvat and Rajputs, joined Shivraj cabinet, Governor administered oath

भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा उपचुनाव से पहले मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले दोनों पूर्व मंत्री तुलसीराम सिलावट और गोविन्द सिंह राजपूत पुन: शिवराज कैबिनेट में शामिल हो गए हैं। रविवार को राजभवन में आयोजित गरिमामय एवं संक्षिप्त समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दोनों विधायकों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, अन्य मंत्री, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस, राजनेता, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।   उल्लेखनीय है कि वर्ष-2020 में मार्च के माह में पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस के 22 विधायक अपने पद से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए थे। इनमें तुलसीराम सिलावट और गोविन्द सिंह राजपूत भी शामिल थे। इसके बाद मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने दोनों को अपने मंत्रिपरिषद में शामिल किया था। संवैधानिक प्रावधानों के तहत उन्हें मंत्री बने रहने के लिए छह महीने में पुन: विधायक बनना था, लेकिन कोरोना के चलते उपचुनाव छह महीने बाद हुए, जिसके चलते दोनों को गत 21 अक्टूबर को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था, लेकिन हाल ही में हुए उपचुनाव में दोनों ही नेताओं ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की। गोविन्द सिंह राजपूत सुरखी विधानसभा सीट और तुलसीराम सिलावट सांवेर से भाजपा के टिकट पर निर्वाचित हुए। इसके बाद उन्हें पुन: मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया।   विधानसभा की सदस्य संख्या के हिसाब से प्रदेश में अधिकतम 35 विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है। तुलसीराम सिलावट और गोविन्द सिंह राजपूत के मंत्री बन जाने के बावजूद शिवराज मंत्रिमंडल में अभी 23 कैबिनेट मंत्री और सात राज्यमंत्री हैं। उपचुनाव में महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी और कृषि राज्यमंत्री गिर्राज डंडोतिया को हार का सामना करना पड़ा था। इसीलिए उन्होंने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसीलिए अभी मंत्रियों के पद रिक्त हैं, ऐसे में संभावना है कि मुख्यमंत्री आगामी दिनों में फिर मंत्रिपरिषद का विस्तार कर सकते हैं।

Dakhal News

Dakhal News 3 January 2021


bhopal,Silvat and Rajputs, joined Shivraj cabinet, Governor administered oath

भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा उपचुनाव से पहले मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले दोनों पूर्व मंत्री तुलसीराम सिलावट और गोविन्द सिंह राजपूत पुन: शिवराज कैबिनेट में शामिल हो गए हैं। रविवार को राजभवन में आयोजित गरिमामय एवं संक्षिप्त समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दोनों विधायकों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, अन्य मंत्री, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस, राजनेता, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।   उल्लेखनीय है कि वर्ष-2020 में मार्च के माह में पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस के 22 विधायक अपने पद से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए थे। इनमें तुलसीराम सिलावट और गोविन्द सिंह राजपूत भी शामिल थे। इसके बाद मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने दोनों को अपने मंत्रिपरिषद में शामिल किया था। संवैधानिक प्रावधानों के तहत उन्हें मंत्री बने रहने के लिए छह महीने में पुन: विधायक बनना था, लेकिन कोरोना के चलते उपचुनाव छह महीने बाद हुए, जिसके चलते दोनों को गत 21 अक्टूबर को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था, लेकिन हाल ही में हुए उपचुनाव में दोनों ही नेताओं ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की। गोविन्द सिंह राजपूत सुरखी विधानसभा सीट और तुलसीराम सिलावट सांवेर से भाजपा के टिकट पर निर्वाचित हुए। इसके बाद उन्हें पुन: मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया।   विधानसभा की सदस्य संख्या के हिसाब से प्रदेश में अधिकतम 35 विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है। तुलसीराम सिलावट और गोविन्द सिंह राजपूत के मंत्री बन जाने के बावजूद शिवराज मंत्रिमंडल में अभी 23 कैबिनेट मंत्री और सात राज्यमंत्री हैं। उपचुनाव में महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी और कृषि राज्यमंत्री गिर्राज डंडोतिया को हार का सामना करना पड़ा था। इसीलिए उन्होंने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसीलिए अभी मंत्रियों के पद रिक्त हैं, ऐसे में संभावना है कि मुख्यमंत्री आगामी दिनों में फिर मंत्रिपरिषद का विस्तार कर सकते हैं।

Dakhal News

Dakhal News 3 January 2021


bhopal,Silvat and Rajputs, joined Shivraj cabinet, Governor administered oath

भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा उपचुनाव से पहले मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले दोनों पूर्व मंत्री तुलसीराम सिलावट और गोविन्द सिंह राजपूत पुन: शिवराज कैबिनेट में शामिल हो गए हैं। रविवार को राजभवन में आयोजित गरिमामय एवं संक्षिप्त समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दोनों विधायकों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, अन्य मंत्री, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस, राजनेता, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।   उल्लेखनीय है कि वर्ष-2020 में मार्च के माह में पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस के 22 विधायक अपने पद से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए थे। इनमें तुलसीराम सिलावट और गोविन्द सिंह राजपूत भी शामिल थे। इसके बाद मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने दोनों को अपने मंत्रिपरिषद में शामिल किया था। संवैधानिक प्रावधानों के तहत उन्हें मंत्री बने रहने के लिए छह महीने में पुन: विधायक बनना था, लेकिन कोरोना के चलते उपचुनाव छह महीने बाद हुए, जिसके चलते दोनों को गत 21 अक्टूबर को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था, लेकिन हाल ही में हुए उपचुनाव में दोनों ही नेताओं ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की। गोविन्द सिंह राजपूत सुरखी विधानसभा सीट और तुलसीराम सिलावट सांवेर से भाजपा के टिकट पर निर्वाचित हुए। इसके बाद उन्हें पुन: मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया।   विधानसभा की सदस्य संख्या के हिसाब से प्रदेश में अधिकतम 35 विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है। तुलसीराम सिलावट और गोविन्द सिंह राजपूत के मंत्री बन जाने के बावजूद शिवराज मंत्रिमंडल में अभी 23 कैबिनेट मंत्री और सात राज्यमंत्री हैं। उपचुनाव में महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी और कृषि राज्यमंत्री गिर्राज डंडोतिया को हार का सामना करना पड़ा था। इसीलिए उन्होंने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसीलिए अभी मंत्रियों के पद रिक्त हैं, ऐसे में संभावना है कि मुख्यमंत्री आगामी दिनों में फिर मंत्रिपरिषद का विस्तार कर सकते हैं।

Dakhal News

Dakhal News 3 January 2021


bhopal, religious site,government should acquire,throwing stones, Protem Speaker Sharma

भोपाल। शनिवार को अकोदिया शाजापुर पहुंचे मप्र विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने उज्जैन में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए धर्म संग्रह करने निकले लोगों पर धर्म विशेष द्वारा की गयी पत्थरबाजी के संबंध में मीडिया कर्मियों द्वारा पूछे गए सवाल पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उज्जैन एवं इंदौर में रामभक्तों पर की गयी पत्थर बाजी की घटना निंदनीय एवं असहनीय है।   प्रोटेम स्पीकर शर्मा ने शासन एवं प्रशासन द्वारा घटना को अंजाम देने वालो के घरों को जमीन दोज किये जाने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्राओं पर हमला करने वालो के विरुद्ध सख्ती ने निपटा जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कश्मीर के पत्थर बाजों का भी समर्थन करती थी परंतु अब वहाँ भी पत्थर बाजी बंद है और मध्यप्रदेश में भी इस तरह की घटनाओं को सख्ती से निपटा जाएगा। शर्मा ने कहा कि जिन धार्मिक स्थलों से बारातो-धार्मिक यात्राओं-रैलियों पर पत्थर बाजी की जाती है ऐसे स्थलों का शासन द्वारा अधिग्रहण करने के कानून पर विचार किया जाना चाहिए।

Dakhal News

Dakhal News 2 January 2021


bhopal,Shivraj cabinet ,expanded on January 3, Scindia supporters

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रहे हैं। आगमी 3 जनवरी को मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। रविवार को दोपहर 12.30 बजे मंत्री पद की शपथ लेंगे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल शपथ दिलाएंगी। ऐसी खबर है कि इसी दिन मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के नव नियुक्त चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक को शपथ ग्रहण करेंगे। मुख्य न्यायाधीश का शपथ ग्रहण समारोह दोपहर 3 बजे राजभवन में होगा।   सूत्रों की माने तो तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को शिवराज कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ दिलायी जा सकती है। दरअसल मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दिल्ली का दौरा कर चुके है। साथ ही उनकी और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच लगातार बैठकें भी हुई। जिसके बाद सिंधिया समर्थक गोविंद सिंह राजपूत और तुलसी सिलावट के नाम पर मुहर लगी। दोनों ही राजनेता सिंधिया के करीबी हैं। इन दोनों नेताओं ने उपचुनाव से पहले मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। क्योंकि ये विधानसभा के निर्वाचित सदस्य नहीं थे और दोनों को मंत्री पर पर रहते 6 महीने पूरे हो चुके थे। उपचुनाव में सिलावट और राजपूत ने अपनी-अपनी सीटों से जीत दर्ज की है। जिसके बाद एक बार फिर दोनों नेताओं को शिवराज कैबिनेट में जगह मिलने जा रही है।    उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा सीटों में हुए उपचुनाव में भाजपा ने 19 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ भाजपा ने बहुमत के आंकड़े को भी पार किया है। हालांकि इस चुनाव में शिवराज कैबिनेट के तीन मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा। जिसके बाद कैबिनेट के 6 पद खाली हो गए थे। इन पदों पर नए चेहरों को लेकर लंबी चर्चा चली। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित कुल 35 मंत्री बनाए जा सकते हैं। अब शिवराज सरकार में कुल 6 मंत्रीपद खाली हैं। ऐसी भी चर्चाएं हैं कि 3-4 पद खाली छोड़े जा सकते हैं। ऐसे में अभी दो या तीन नेताओं को ही मंत्रीपद की शपथ दिलायी जा सकती है।

Dakhal News

Dakhal News 1 January 2021


bhopal,Shivraj cabinet ,expanded on January 3, Scindia supporters

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रहे हैं। आगमी 3 जनवरी को मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। रविवार को दोपहर 12.30 बजे मंत्री पद की शपथ लेंगे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल शपथ दिलाएंगी। ऐसी खबर है कि इसी दिन मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के नव नियुक्त चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक को शपथ ग्रहण करेंगे। मुख्य न्यायाधीश का शपथ ग्रहण समारोह दोपहर 3 बजे राजभवन में होगा।   सूत्रों की माने तो तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को शिवराज कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ दिलायी जा सकती है। दरअसल मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दिल्ली का दौरा कर चुके है। साथ ही उनकी और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच लगातार बैठकें भी हुई। जिसके बाद सिंधिया समर्थक गोविंद सिंह राजपूत और तुलसी सिलावट के नाम पर मुहर लगी। दोनों ही राजनेता सिंधिया के करीबी हैं। इन दोनों नेताओं ने उपचुनाव से पहले मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। क्योंकि ये विधानसभा के निर्वाचित सदस्य नहीं थे और दोनों को मंत्री पर पर रहते 6 महीने पूरे हो चुके थे। उपचुनाव में सिलावट और राजपूत ने अपनी-अपनी सीटों से जीत दर्ज की है। जिसके बाद एक बार फिर दोनों नेताओं को शिवराज कैबिनेट में जगह मिलने जा रही है।    उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा सीटों में हुए उपचुनाव में भाजपा ने 19 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ भाजपा ने बहुमत के आंकड़े को भी पार किया है। हालांकि इस चुनाव में शिवराज कैबिनेट के तीन मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा। जिसके बाद कैबिनेट के 6 पद खाली हो गए थे। इन पदों पर नए चेहरों को लेकर लंबी चर्चा चली। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित कुल 35 मंत्री बनाए जा सकते हैं। अब शिवराज सरकार में कुल 6 मंत्रीपद खाली हैं। ऐसी भी चर्चाएं हैं कि 3-4 पद खाली छोड़े जा सकते हैं। ऐसे में अभी दो या तीन नेताओं को ही मंत्रीपद की शपथ दिलायी जा सकती है।

Dakhal News

Dakhal News 1 January 2021


bhopal,Shivraj cabinet ,expanded on January 3, Scindia supporters

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रहे हैं। आगमी 3 जनवरी को मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। रविवार को दोपहर 12.30 बजे मंत्री पद की शपथ लेंगे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल शपथ दिलाएंगी। ऐसी खबर है कि इसी दिन मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के नव नियुक्त चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक को शपथ ग्रहण करेंगे। मुख्य न्यायाधीश का शपथ ग्रहण समारोह दोपहर 3 बजे राजभवन में होगा।   सूत्रों की माने तो तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को शिवराज कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ दिलायी जा सकती है। दरअसल मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दिल्ली का दौरा कर चुके है। साथ ही उनकी और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच लगातार बैठकें भी हुई। जिसके बाद सिंधिया समर्थक गोविंद सिंह राजपूत और तुलसी सिलावट के नाम पर मुहर लगी। दोनों ही राजनेता सिंधिया के करीबी हैं। इन दोनों नेताओं ने उपचुनाव से पहले मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। क्योंकि ये विधानसभा के निर्वाचित सदस्य नहीं थे और दोनों को मंत्री पर पर रहते 6 महीने पूरे हो चुके थे। उपचुनाव में सिलावट और राजपूत ने अपनी-अपनी सीटों से जीत दर्ज की है। जिसके बाद एक बार फिर दोनों नेताओं को शिवराज कैबिनेट में जगह मिलने जा रही है।    उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा सीटों में हुए उपचुनाव में भाजपा ने 19 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ भाजपा ने बहुमत के आंकड़े को भी पार किया है। हालांकि इस चुनाव में शिवराज कैबिनेट के तीन मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा। जिसके बाद कैबिनेट के 6 पद खाली हो गए थे। इन पदों पर नए चेहरों को लेकर लंबी चर्चा चली। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित कुल 35 मंत्री बनाए जा सकते हैं। अब शिवराज सरकार में कुल 6 मंत्रीपद खाली हैं। ऐसी भी चर्चाएं हैं कि 3-4 पद खाली छोड़े जा सकते हैं। ऐसे में अभी दो या तीन नेताओं को ही मंत्रीपद की शपथ दिलायी जा सकती है।

Dakhal News

Dakhal News 1 January 2021


indore, Prime Minister Modi ,gave a gift , Shivraj

इंदौर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से इंदौर में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत बनाए गए लाइट हॉउस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इंदौर से वर्चुअली शामिल हुए। इस अवसर पर सीएम शिवराज ने कहा कि नववर्ष के पहले दिन ही नया प्रोजेक्ट लाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीबों को उपहार दिया है। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, विधायक तुलसीराम सिलावट मौजूद रहे।    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिल्ली से वर्चुअली कार्यक्रम में शामिल होकर इंदौर के लाइट हाउस प्रोजेक्ट परियोजना का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यह कहते हुये गर्व है कि इस प्रोजेक्ट के तहत केवल 6 शहरों का चयन किया गया और उसमें इंदौर शहर भी शामिल है। देश का सबसे स्वच्छ शहर। लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत नई टेक्नोलॉजी का उपयोग कर के इंदौर में 128 करोड़ की लागत से 1024 आवास तैयार किये जा रहे हैं।   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व भारत सरकार का आभार व्यक्त करता हूं कि कोविड संकट के इस समय में इस परियोजना के प्रति आवास की राशि 2 लाख से बढ़ाकर अब साढ़े 5 लाख रुपये कर दी गई है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सभी को नये वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि गरीब कल्याण हमारी प्राथमिकता है और हमारा संकल्प भी। यह वर्ष सभी नागरिकों के जीवन में नई रोशनी, नई उमंग और नया उत्साह लेकर आये, मेरी यही कामना है। नववर्ष के पहले दिन ही नया प्रोजेक्ट लाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीबों को उपहार दिया है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी 378 नगरीय निकायों में अब तक 7 लाख 24 हजार से अधिक आवास स्वीकृत हो चुके हैं। इनमें से लगभग 3 लाख आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और 2 लाख से अधिक आवासों का निर्माण प्रगति पर है। यह हमारा सौभाग्य है कि सितंबर, 2020 में माननीय प्रधानमंत्री जी की गरिमामयी उपस्थिति में ही 1 लाख लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित आवासों में सपरिवार गृह प्रवेश किया था।   मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मैन ऑफ आइडियाज कहा जाता है, क्योंकि वे हर क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करते हैं। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2019-20 को निर्माण तकनीकी वर्ष घोषित किया था और नई निर्माण टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने की दिशा दिखाई थी। प्रधानमंत्री जी का संकल्प है कि आजादी के 75वें वर्ष 2022 तक हर एक गरीब के पास अपना पक्का मकान होगा। लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत नई टेक्नोलॉजी का उपयोग कर के इंदौर में 128 करोड़ की लागत से 1024 आवास तैयार किये जा रहे हैं। मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व भारत सरकार का आभार व्यक्त करता हूं।

Dakhal News

Dakhal News 1 January 2021


indore, Prime Minister Modi ,gave a gift , Shivraj

इंदौर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से इंदौर में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत बनाए गए लाइट हॉउस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इंदौर से वर्चुअली शामिल हुए। इस अवसर पर सीएम शिवराज ने कहा कि नववर्ष के पहले दिन ही नया प्रोजेक्ट लाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीबों को उपहार दिया है। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, विधायक तुलसीराम सिलावट मौजूद रहे।    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिल्ली से वर्चुअली कार्यक्रम में शामिल होकर इंदौर के लाइट हाउस प्रोजेक्ट परियोजना का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यह कहते हुये गर्व है कि इस प्रोजेक्ट के तहत केवल 6 शहरों का चयन किया गया और उसमें इंदौर शहर भी शामिल है। देश का सबसे स्वच्छ शहर। लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत नई टेक्नोलॉजी का उपयोग कर के इंदौर में 128 करोड़ की लागत से 1024 आवास तैयार किये जा रहे हैं।   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व भारत सरकार का आभार व्यक्त करता हूं कि कोविड संकट के इस समय में इस परियोजना के प्रति आवास की राशि 2 लाख से बढ़ाकर अब साढ़े 5 लाख रुपये कर दी गई है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सभी को नये वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि गरीब कल्याण हमारी प्राथमिकता है और हमारा संकल्प भी। यह वर्ष सभी नागरिकों के जीवन में नई रोशनी, नई उमंग और नया उत्साह लेकर आये, मेरी यही कामना है। नववर्ष के पहले दिन ही नया प्रोजेक्ट लाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीबों को उपहार दिया है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी 378 नगरीय निकायों में अब तक 7 लाख 24 हजार से अधिक आवास स्वीकृत हो चुके हैं। इनमें से लगभग 3 लाख आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और 2 लाख से अधिक आवासों का निर्माण प्रगति पर है। यह हमारा सौभाग्य है कि सितंबर, 2020 में माननीय प्रधानमंत्री जी की गरिमामयी उपस्थिति में ही 1 लाख लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित आवासों में सपरिवार गृह प्रवेश किया था।   मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मैन ऑफ आइडियाज कहा जाता है, क्योंकि वे हर क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करते हैं। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2019-20 को निर्माण तकनीकी वर्ष घोषित किया था और नई निर्माण टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने की दिशा दिखाई थी। प्रधानमंत्री जी का संकल्प है कि आजादी के 75वें वर्ष 2022 तक हर एक गरीब के पास अपना पक्का मकान होगा। लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत नई टेक्नोलॉजी का उपयोग कर के इंदौर में 128 करोड़ की लागत से 1024 आवास तैयार किये जा रहे हैं। मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व भारत सरकार का आभार व्यक्त करता हूं।

Dakhal News

Dakhal News 1 January 2021


Bhopal, BJP leader ,Prabhat Jha ,demands change , Habibganj station

भोपाल। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रभात झा ने हबीबगंज स्टेशन का नाम बदलने की मांग की है। उन्होंने इसके लिए रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर कहा है कि हबीबगंज स्टेशन का नाम ‘अटल जंक्शन’ किया जाना चाहिए। उन्होंने अपने पत्र में तर्क दिया है कि हबीबगंज नाम का कोई इतिहास नहीं है। इसलिए स्टेशन का नाम हबीबगंज होने का कोई औचित्य नहीं है। गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का हबीबगंज स्टेशन बनकर लगभग तैयार है और इसे 31 मार्च को लोकार्पित किया जाएगा।    झा ने अपने पत्र में तर्क दिया है कि अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म ग्वालियर में हुआ तथा शिक्षा-दीक्षा वहीं पर हुई। ग्वालियर और विदिशा से सांसद चुने गए तथा बाद में देश के प्रधानमंत्री बने। विश्व में अटल बिहारी वाजपेयी के नाम की विशिष्ट पहचान है। हबीबगंज स्टेशन नाम का कोई औचित्य नहीं है। अत: हबीबगंज स्टेशन का नाम अटल बिहारी वाजपेयी पर करने से भारत ही नहीं, विश्व में इस स्टेशन की पहचान बनेगी। उन्होंने कहा है कि झांसी रेलवे स्टेशन का नामकरण वीरांगना महारानी लक्ष्मी बाई के नाम पर होना चाहिए। प्रभात झा ने हबीबगंज के साथ झांसी रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग रखी है। झा के मुताबिक बैठक में हबीबगंज व झांसी रेलवे स्टेशनों का नाम बदलने को लेकर केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के प्रतिनिधि शिव मंगल सिंह तोमर, समाजवादी पार्टी के सांसद चंद्रपाल सिंह, जालौन के सांसद भानुप्रताप सिंह वर्मा, ग्वालियर के सांसद विवेक शेजवलकर, टीकमगढ़ के सांसद वीरेन्द्र सिंह, खजुराहो के सांसद वीडी शर्मा एवं भिंड की सांसद संध्या राय सहित उपस्थित सभी जन प्रतिनिधियों इस प्रस्ताव का समर्थन किया था।

Dakhal News

Dakhal News 31 December 2020


Bhopal, BJP leader ,Prabhat Jha ,demands change , Habibganj station

भोपाल। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रभात झा ने हबीबगंज स्टेशन का नाम बदलने की मांग की है। उन्होंने इसके लिए रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर कहा है कि हबीबगंज स्टेशन का नाम ‘अटल जंक्शन’ किया जाना चाहिए। उन्होंने अपने पत्र में तर्क दिया है कि हबीबगंज नाम का कोई इतिहास नहीं है। इसलिए स्टेशन का नाम हबीबगंज होने का कोई औचित्य नहीं है। गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का हबीबगंज स्टेशन बनकर लगभग तैयार है और इसे 31 मार्च को लोकार्पित किया जाएगा।    झा ने अपने पत्र में तर्क दिया है कि अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म ग्वालियर में हुआ तथा शिक्षा-दीक्षा वहीं पर हुई। ग्वालियर और विदिशा से सांसद चुने गए तथा बाद में देश के प्रधानमंत्री बने। विश्व में अटल बिहारी वाजपेयी के नाम की विशिष्ट पहचान है। हबीबगंज स्टेशन नाम का कोई औचित्य नहीं है। अत: हबीबगंज स्टेशन का नाम अटल बिहारी वाजपेयी पर करने से भारत ही नहीं, विश्व में इस स्टेशन की पहचान बनेगी। उन्होंने कहा है कि झांसी रेलवे स्टेशन का नामकरण वीरांगना महारानी लक्ष्मी बाई के नाम पर होना चाहिए। प्रभात झा ने हबीबगंज के साथ झांसी रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग रखी है। झा के मुताबिक बैठक में हबीबगंज व झांसी रेलवे स्टेशनों का नाम बदलने को लेकर केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के प्रतिनिधि शिव मंगल सिंह तोमर, समाजवादी पार्टी के सांसद चंद्रपाल सिंह, जालौन के सांसद भानुप्रताप सिंह वर्मा, ग्वालियर के सांसद विवेक शेजवलकर, टीकमगढ़ के सांसद वीरेन्द्र सिंह, खजुराहो के सांसद वीडी शर्मा एवं भिंड की सांसद संध्या राय सहित उपस्थित सभी जन प्रतिनिधियों इस प्रस्ताव का समर्थन किया था।

Dakhal News

Dakhal News 31 December 2020


bhopal,Madhya Pradesh ,Khas 2020, Shivraj government, started Sambal scheme

भोपाल। मध्‍य प्रदेश के लिए वर्ष 2020 बहुत ही अच्‍छे और बुरे अनुभव देकर गया है। एक ओर जहां कोरोना जैसी महामारी ने प्रदेश की अर्थव्‍यवस्‍था के साथ सामाजिक तोनेबाने को ही छिन्‍न-भिन्‍न कर दिया तो दूसरी ओर मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फिर से सत्‍ता सम्‍हालते ही गरीबों के हित में निर्णय लेना शुरू कर दिए थे, जिससे कि कोरोना के भयंकर असर से उन्‍हें जितना अधिक सहयोग प्रदान किया जा सकता हो, वह उन्‍हें सहजता से मिल सके। दरअसल, इस दिशा में उनके कई महत्‍वपूर्ण लिए गए निर्णयों में से एक खास निर्णय पुन:  ''संबल योजना'' का शुरू करना रहा है। फिर से इसलिए शुरू किया गया क्योंकि पिछले सरकार ने इस योजना को ठंडे बस्ते मे डाल दिया था।   मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा बिरला प्रदेश होगा, जहां गरीब वर्ग की जन्म से लेकर मृत्यु तक होने वाले व्यय की जिम्मेदारी शासन उठाता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान की संवेदनशील सोच से उपजी संबल योजना में यह सब कवर होता है। गरीबों के प्रति हमेशा मन में चिंता लिए श्री चौहान यह चाहते हैं कि प्रदेश का कोई भी गरीब परिवार असहाय स्थिति में किसी के आगे न गिड़गिड़ाये। इसलिए गरीब परिवार के घर में होने वाली प्रसूति, बच्चे का जन्म, बच्चों की पढ़ाई के साथ परिवार के किसी सदस्य की दुर्घटना में मृत्यु, सामान्य मृत्यु, दुर्घटना में हुई स्थाई और अस्थाई अपंगता के साथ अंत्येष्टि सहायता भी संबल योजना में उपलब्ध करवाई जाती है।   मुख्यमंत्री श्री चौहान संबल योजना को न्याय का माध्यम मानते हैं उनका कहना है कि जो धन कमाते हैं, सरकार उनसे टैक्स लेती है और उससे गरीब जरूरतमंदों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाती है यही सामाजिक न्याय है, जो हमारे देश में वर्षों से चला आ रहा है। गरीब भगवान का स्वरुप है और उनकी सेवा भगवान की पूजा के समान है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में संबल योजना का प्रावधान किया गया।   इस बारे में मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोरोन संकट के बीच महामारी से जूझ रहे लोगों की जिन्दगी में संबल देने वाली, सहारा देने वाली योजना संबल, गरीब जनता की जिंदगी में नये प्रकाश के रूप में आयी है। संबल केवल योजना नहीं है बल्कि गरीबों का सहारा है संबल, बच्चों का भविष्य है संबल, माँ, बहन, बेटियों का सशक्तिकरण है संबल। उन्‍होंने कहा है कि जीवन की कठिन लड़ाई में ऐसे गरीब भाई बहनों जो आर्थिक रूप से संपन्न नहीं है उन्हें सहारा चाहिए, साथ और सहयोग चाहिए। संबल योजना इसीलिए लागू की गई है। इस योजना के माध्यम से गरीबों को न्याय मिल रहा है, यही सामाजिक न्याय है।   दरअसल, संबल योजना में पहले कार्ड बने थे। योजना शुरू होते ही सभी पंजीकृत हितग्राहियों को लाभ मिलने लगा है। संबल योजना ऐसी है जो जन्म से जीवन पर्यन्त तक हितग्राहियों को लाभ पहुँचाती है। संबल योजना के पात्र बहन को बेटा, बेटी जन्म देने के पहले 4 हजार रूपये और जन्म देने के बाद 12 हजार रूपये उनके खाते में दिये जाते है। यह सहायता बहनों को आराम करने का अवसर देती है और पोषण आहार भी मिलता है। इस योजना में बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था भी की गई है।    उल्‍लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराज प्रदेश में बच्चों के मामा कहे जाते हैं। संबल में पढ़ाई की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है। किताबें, आठवीं तक यूनिफार्म् और मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था रहती है। मुख्यमंत्री ने एक नई योजना इसमें जोड़ी है, संबल परिवार के ऐसे बच्चे जो 12वीं में मेरिट में आते है ऐसे 5 हजार बच्चों को 30 हजार रूपये प्रति विद्यार्थी अलग से दिये जा रहे हैं ।   मुख्यमंत्री श्री चौहान का कहना है कि मेडिकल, इंजीनियरिंग, आईआईटी, आईआईएम में गरीब बच्चों का चयन हो जाता है तो फीस भरना उसके बूते की बात नही हैं, इसलिए सरकार फीस की व्यवस्था करती है। पढ़ाई के साथ ही खेल में बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए नई योजना शुरू की गई है, इसके अंतर्गत संबल परिवार के बच्चों जो ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कॉम्पिटिशन या राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे उन्हें 50 हजार प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है।   वहीं, संबल योजना में गरीबों को सस्ते दर पर बिजली तथा बीमारी के लिए सहायता भी दी जाती है। पंजीकृत व्यक्ति की दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये की राशि परिवार के सहारे के लिए दी जाती है। सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रूपये, अंतिम संस्कार के लिए 5 हजार रूपये की व्यवस्था संबल में की जाती है। आंशिक स्थाई अपंगता पर भी आर्थक सहायता संबल के तहत मिलती है। संबल गरीब के लिए एक पूरा पैकेज है, ऐसी योजना देश में किसी भी राज्य में नही हैं। समाज में नीचे खड़े व्यक्ति को बराबर पर खड़े करने के लिए यह योजना एक संबल है।

Dakhal News

Dakhal News 31 December 2020


bhopal,Madhya Pradesh ,Khas 2020, Shivraj government, started Sambal scheme

भोपाल। मध्‍य प्रदेश के लिए वर्ष 2020 बहुत ही अच्‍छे और बुरे अनुभव देकर गया है। एक ओर जहां कोरोना जैसी महामारी ने प्रदेश की अर्थव्‍यवस्‍था के साथ सामाजिक तोनेबाने को ही छिन्‍न-भिन्‍न कर दिया तो दूसरी ओर मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फिर से सत्‍ता सम्‍हालते ही गरीबों के हित में निर्णय लेना शुरू कर दिए थे, जिससे कि कोरोना के भयंकर असर से उन्‍हें जितना अधिक सहयोग प्रदान किया जा सकता हो, वह उन्‍हें सहजता से मिल सके। दरअसल, इस दिशा में उनके कई महत्‍वपूर्ण लिए गए निर्णयों में से एक खास निर्णय पुन:  ''संबल योजना'' का शुरू करना रहा है। फिर से इसलिए शुरू किया गया क्योंकि पिछले सरकार ने इस योजना को ठंडे बस्ते मे डाल दिया था।   मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा बिरला प्रदेश होगा, जहां गरीब वर्ग की जन्म से लेकर मृत्यु तक होने वाले व्यय की जिम्मेदारी शासन उठाता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान की संवेदनशील सोच से उपजी संबल योजना में यह सब कवर होता है। गरीबों के प्रति हमेशा मन में चिंता लिए श्री चौहान यह चाहते हैं कि प्रदेश का कोई भी गरीब परिवार असहाय स्थिति में किसी के आगे न गिड़गिड़ाये। इसलिए गरीब परिवार के घर में होने वाली प्रसूति, बच्चे का जन्म, बच्चों की पढ़ाई के साथ परिवार के किसी सदस्य की दुर्घटना में मृत्यु, सामान्य मृत्यु, दुर्घटना में हुई स्थाई और अस्थाई अपंगता के साथ अंत्येष्टि सहायता भी संबल योजना में उपलब्ध करवाई जाती है।   मुख्यमंत्री श्री चौहान संबल योजना को न्याय का माध्यम मानते हैं उनका कहना है कि जो धन कमाते हैं, सरकार उनसे टैक्स लेती है और उससे गरीब जरूरतमंदों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाती है यही सामाजिक न्याय है, जो हमारे देश में वर्षों से चला आ रहा है। गरीब भगवान का स्वरुप है और उनकी सेवा भगवान की पूजा के समान है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में संबल योजना का प्रावधान किया गया।   इस बारे में मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोरोन संकट के बीच महामारी से जूझ रहे लोगों की जिन्दगी में संबल देने वाली, सहारा देने वाली योजना संबल, गरीब जनता की जिंदगी में नये प्रकाश के रूप में आयी है। संबल केवल योजना नहीं है बल्कि गरीबों का सहारा है संबल, बच्चों का भविष्य है संबल, माँ, बहन, बेटियों का सशक्तिकरण है संबल। उन्‍होंने कहा है कि जीवन की कठिन लड़ाई में ऐसे गरीब भाई बहनों जो आर्थिक रूप से संपन्न नहीं है उन्हें सहारा चाहिए, साथ और सहयोग चाहिए। संबल योजना इसीलिए लागू की गई है। इस योजना के माध्यम से गरीबों को न्याय मिल रहा है, यही सामाजिक न्याय है।   दरअसल, संबल योजना में पहले कार्ड बने थे। योजना शुरू होते ही सभी पंजीकृत हितग्राहियों को लाभ मिलने लगा है। संबल योजना ऐसी है जो जन्म से जीवन पर्यन्त तक हितग्राहियों को लाभ पहुँचाती है। संबल योजना के पात्र बहन को बेटा, बेटी जन्म देने के पहले 4 हजार रूपये और जन्म देने के बाद 12 हजार रूपये उनके खाते में दिये जाते है। यह सहायता बहनों को आराम करने का अवसर देती है और पोषण आहार भी मिलता है। इस योजना में बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था भी की गई है।    उल्‍लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराज प्रदेश में बच्चों के मामा कहे जाते हैं। संबल में पढ़ाई की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है। किताबें, आठवीं तक यूनिफार्म् और मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था रहती है। मुख्यमंत्री ने एक नई योजना इसमें जोड़ी है, संबल परिवार के ऐसे बच्चे जो 12वीं में मेरिट में आते है ऐसे 5 हजार बच्चों को 30 हजार रूपये प्रति विद्यार्थी अलग से दिये जा रहे हैं ।   मुख्यमंत्री श्री चौहान का कहना है कि मेडिकल, इंजीनियरिंग, आईआईटी, आईआईएम में गरीब बच्चों का चयन हो जाता है तो फीस भरना उसके बूते की बात नही हैं, इसलिए सरकार फीस की व्यवस्था करती है। पढ़ाई के साथ ही खेल में बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए नई योजना शुरू की गई है, इसके अंतर्गत संबल परिवार के बच्चों जो ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कॉम्पिटिशन या राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे उन्हें 50 हजार प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है।   वहीं, संबल योजना में गरीबों को सस्ते दर पर बिजली तथा बीमारी के लिए सहायता भी दी जाती है। पंजीकृत व्यक्ति की दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये की राशि परिवार के सहारे के लिए दी जाती है। सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रूपये, अंतिम संस्कार के लिए 5 हजार रूपये की व्यवस्था संबल में की जाती है। आंशिक स्थाई अपंगता पर भी आर्थक सहायता संबल के तहत मिलती है। संबल गरीब के लिए एक पूरा पैकेज है, ऐसी योजना देश में किसी भी राज्य में नही हैं। समाज में नीचे खड़े व्यक्ति को बराबर पर खड़े करने के लिए यह योजना एक संबल है।

Dakhal News

Dakhal News 31 December 2020


bhopal,Madhya Pradesh ,Khas 2020, Shivraj government, started Sambal scheme

भोपाल। मध्‍य प्रदेश के लिए वर्ष 2020 बहुत ही अच्‍छे और बुरे अनुभव देकर गया है। एक ओर जहां कोरोना जैसी महामारी ने प्रदेश की अर्थव्‍यवस्‍था के साथ सामाजिक तोनेबाने को ही छिन्‍न-भिन्‍न कर दिया तो दूसरी ओर मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फिर से सत्‍ता सम्‍हालते ही गरीबों के हित में निर्णय लेना शुरू कर दिए थे, जिससे कि कोरोना के भयंकर असर से उन्‍हें जितना अधिक सहयोग प्रदान किया जा सकता हो, वह उन्‍हें सहजता से मिल सके। दरअसल, इस दिशा में उनके कई महत्‍वपूर्ण लिए गए निर्णयों में से एक खास निर्णय पुन:  ''संबल योजना'' का शुरू करना रहा है। फिर से इसलिए शुरू किया गया क्योंकि पिछले सरकार ने इस योजना को ठंडे बस्ते मे डाल दिया था।   मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा बिरला प्रदेश होगा, जहां गरीब वर्ग की जन्म से लेकर मृत्यु तक होने वाले व्यय की जिम्मेदारी शासन उठाता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान की संवेदनशील सोच से उपजी संबल योजना में यह सब कवर होता है। गरीबों के प्रति हमेशा मन में चिंता लिए श्री चौहान यह चाहते हैं कि प्रदेश का कोई भी गरीब परिवार असहाय स्थिति में किसी के आगे न गिड़गिड़ाये। इसलिए गरीब परिवार के घर में होने वाली प्रसूति, बच्चे का जन्म, बच्चों की पढ़ाई के साथ परिवार के किसी सदस्य की दुर्घटना में मृत्यु, सामान्य मृत्यु, दुर्घटना में हुई स्थाई और अस्थाई अपंगता के साथ अंत्येष्टि सहायता भी संबल योजना में उपलब्ध करवाई जाती है।   मुख्यमंत्री श्री चौहान संबल योजना को न्याय का माध्यम मानते हैं उनका कहना है कि जो धन कमाते हैं, सरकार उनसे टैक्स लेती है और उससे गरीब जरूरतमंदों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाती है यही सामाजिक न्याय है, जो हमारे देश में वर्षों से चला आ रहा है। गरीब भगवान का स्वरुप है और उनकी सेवा भगवान की पूजा के समान है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में संबल योजना का प्रावधान किया गया।   इस बारे में मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोरोन संकट के बीच महामारी से जूझ रहे लोगों की जिन्दगी में संबल देने वाली, सहारा देने वाली योजना संबल, गरीब जनता की जिंदगी में नये प्रकाश के रूप में आयी है। संबल केवल योजना नहीं है बल्कि गरीबों का सहारा है संबल, बच्चों का भविष्य है संबल, माँ, बहन, बेटियों का सशक्तिकरण है संबल। उन्‍होंने कहा है कि जीवन की कठिन लड़ाई में ऐसे गरीब भाई बहनों जो आर्थिक रूप से संपन्न नहीं है उन्हें सहारा चाहिए, साथ और सहयोग चाहिए। संबल योजना इसीलिए लागू की गई है। इस योजना के माध्यम से गरीबों को न्याय मिल रहा है, यही सामाजिक न्याय है।   दरअसल, संबल योजना में पहले कार्ड बने थे। योजना शुरू होते ही सभी पंजीकृत हितग्राहियों को लाभ मिलने लगा है। संबल योजना ऐसी है जो जन्म से जीवन पर्यन्त तक हितग्राहियों को लाभ पहुँचाती है। संबल योजना के पात्र बहन को बेटा, बेटी जन्म देने के पहले 4 हजार रूपये और जन्म देने के बाद 12 हजार रूपये उनके खाते में दिये जाते है। यह सहायता बहनों को आराम करने का अवसर देती है और पोषण आहार भी मिलता है। इस योजना में बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था भी की गई है।    उल्‍लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराज प्रदेश में बच्चों के मामा कहे जाते हैं। संबल में पढ़ाई की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है। किताबें, आठवीं तक यूनिफार्म् और मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था रहती है। मुख्यमंत्री ने एक नई योजना इसमें जोड़ी है, संबल परिवार के ऐसे बच्चे जो 12वीं में मेरिट में आते है ऐसे 5 हजार बच्चों को 30 हजार रूपये प्रति विद्यार्थी अलग से दिये जा रहे हैं ।   मुख्यमंत्री श्री चौहान का कहना है कि मेडिकल, इंजीनियरिंग, आईआईटी, आईआईएम में गरीब बच्चों का चयन हो जाता है तो फीस भरना उसके बूते की बात नही हैं, इसलिए सरकार फीस की व्यवस्था करती है। पढ़ाई के साथ ही खेल में बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए नई योजना शुरू की गई है, इसके अंतर्गत संबल परिवार के बच्चों जो ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कॉम्पिटिशन या राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे उन्हें 50 हजार प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है।   वहीं, संबल योजना में गरीबों को सस्ते दर पर बिजली तथा बीमारी के लिए सहायता भी दी जाती है। पंजीकृत व्यक्ति की दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये की राशि परिवार के सहारे के लिए दी जाती है। सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रूपये, अंतिम संस्कार के लिए 5 हजार रूपये की व्यवस्था संबल में की जाती है। आंशिक स्थाई अपंगता पर भी आर्थक सहायता संबल के तहत मिलती है। संबल गरीब के लिए एक पूरा पैकेज है, ऐसी योजना देश में किसी भी राज्य में नही हैं। समाज में नीचे खड़े व्यक्ति को बराबर पर खड़े करने के लिए यह योजना एक संबल है।

Dakhal News

Dakhal News 31 December 2020


bhopal,Digvijay made ,serious allegations, against state,central government

भोपाल।  मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने केन्द्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने भाजपा पर कोरोना के नाम पर विधानसभा व संसद की बैठकें टालने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि भाजपा कोरोना आपदा को अवसर बनाने में जुटी है। साथ ही एक बार फिर ईवीएम को लेकर उन्होंने तंज कसते हुए कहा है कि जब तक ईवीएम है जनता की नाराजग़ी व चुनाव हारने की चिंता भी नहीं है।   दिग्विजय सिंह ने बुधवार को एक के बाद एक कई ट्वीट कर मप्र और केन्द्र सरकार पर हमला बोला है। दिग्विजय ने ट्वीट कर कहा ‘मध्यप्रदेश सरकार व भारत सरकार के लिए कोरोना इतना ख़तरनाक हो चुका है ना तो विधानसभा ना संसद की बैठकें हो सकती हैं। जबकि अनेक प्रांतों में विधानसभा की बैठकें हो रही हैं भारत को छोड़ कर सभी लोकतांत्रिक देशों में संसदीय बैठकें हो रही है। एक अन्य ट्वीट कर उन्होंने कहा कि लेकिन भगवान राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा उगाने के लिए जुलूस निकाले जा सकते दंगा भडक़ाने वाले नारे लगाए जा सकते हैं भाजपा की बैठकें हो सकती हैं, विधान सभा चुनाव हो सकते हैं अमित शाह जी की चुनावी रैलीयॉं सभाएँ हो सकती हैं। फिर विधानसभा व संसद की बैठकें क्यों नहीं हो सकती?   ईवीएम मशीन को लेकर सरकार पर चुटकी लेते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि क्योंकि मोदीशाह जी किसानों के आंदोलन, बिगड़ी अर्थव्यवस्था, बड़ती हुई महंगाई व बेरोजग़ारी पर चर्चा नहीं कराना चाहते। इन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास नहीं है। और जब तक ईवीएम है जनता की नाराजग़ी व चुनाव हारने की चिंता भी नहीं है। उनके लिए कोरोना आपदा में अवसर है।

Dakhal News

Dakhal News 30 December 2020


bhopal, Congress formed, delegation meet ,Ujjain case, Chief Secretary

भोपाल। मप्र के उज्जैन स्थित बेगमबाग में शुक्रवार की शाम हिंदू संगठनों की रैली पर जमकर पत्थर बरसाए जाने और प्रशासन द्वारा कार्यवाही करते हुए विशेष समुदाय के लोगों के घरों पर कार्यवाही किए जाने के बाद अब मामले पर राजनीति शुरू हो गई है। पूर्व सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने इस पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए एक प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। जो कि प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेगा। कांग्रेस की ओर से इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि विगत दिनों उज्जैन में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा क्षेत्र का सांप्रदायिक सद्भाव  बिगाडऩे का कुत्सित प्रयास किया गया। इस घटना से उज्जैन के नागरिकों में निरंतर भय व अशांति का वातावरण बना हुआ है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने उज्जैन की घटना को गंभीरता से लेते हुए वहाँ शांति, भयमुक्त वातावरण व सांप्रदायिक सद्भाव बना रहे, इसको लेकर कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल को प्रदेश के मुख्य सचिव व डीजीपी के पास भेजने का निर्णय लिया है।   उन्होंने बताया कि पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा की अगुवाई में कल 29 दिसम्बर, मंगलवार को कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल उज्जैन की घटना को लेकर दोपहर 12 बजे प्रदेश के मुख्य सचिव महोदय से उनके कक्ष में मिलेगा , उसके बाद प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक से भी कांग्रेस का उक्त प्रतिनिधिमंडल मिलकर उज्जैन की घटना की निष्पक्ष जाँच की माँग करेगा। प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, सुरेंद्र सिंह बघेल, आरिफ अकील, आरिफ मसूद, रवि जोशी, विशाल पटेल, रेखा वर्मा, उज्जैन क्षेत्र के विधायक दिलीप गुर्जर, रामलाल मालवीय, विधायक मुरली मोरवाल, विधायक महेश परमार शामिल रहेंगे।

Dakhal News

Dakhal News 28 December 2020


bhopal, Narottam tightens up, Congress performance, Rahul Baba, definitely like

भोपाल। केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में और किसान आंदोलन के समर्थन में सोमवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस विधायक दल ने नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में विधानसभा परिसर स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष सांकेतिक मौन धरना दिया। धरने के दौरान कांग्रेस विधायकों ने हाथ में प्रतीकात्मक रुप से खिलौना ट्रैक्टर लिया हुआ था। खिलौना ट्रैक्टर लेने पर प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने चुटकी ली है।   भाजपा सरकर के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि खिलौने वाले ट्रैक्टर लेकर विधानसभा में प्रदर्शन करना किसानों को समझ आए न आए राहुल गांधी को जरुर पसंद आएगा। पहले "आलू से सोना" और अब राहुल बाबा को मनाने के लिए "ट्रैक्टर का खिलौना"। कांग्रेस के उम्रदराज हो चले युवराज को रिझाने के लिए वयोवृद्ध कमलनाथ जी ने जो खिलौना खोजा है शायद उसे देखकर ही वे इटली से जल्द लौट आएं...!!! कांग्रेस के मौन धरने पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मौन धरना किसानों के लिए नहीं बल्कि उनसे बोले गए झूठ के पश्चाताप के लिए है। प्रदेश में किसानों के साथ किए गए कर्जमाफी के धोखे के लिए कांग्रेसियों ने गांधी जी की प्रतिमा के समक्ष मौन धरना देकर उनसे माफी ही मांगी होगी।   कांग्रेस के स्थापना दिवस को बताया विसर्जन दिवसइस दौरान गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए बड़ा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस के स्थापना दिवस को विजर्सन दिवस बताया है। अपने बयान में मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि राहुल बाबा ने आखिर बराक ओबामा जी की बात साबित कर ही दी कि उनकी "उम्र 55 की और दिल बचपन का" है। किसानों की लड़ाई बीच में छोडक़र अचानक अपनी ननिहाल इटली चले गए। पता नहीं वहां कांग्रेस का स्थापना दिवस मनाने गए हैं या विसर्जन दिवस...?

Dakhal News

Dakhal News 28 December 2020


bhopal, MP Congress, protest against ,agricultural laws, holds rally

भोपाल। केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन नये कृषि कानूनों के विरोध और दिल्ली की सीमा पर आंदोलनरत किसानों के समर्थन में मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी द्वारा अपने स्थापना दिवस के मौके पर सोमवार को राजधानी भोपाल में विशाल रैली निकाली और विधानसभा पहुंचकर मौन धरना दिया। पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में विधानसभा परिसर में पार्टी विधायक मौन धरने पर बैठ गए।   दरअसल, मध्यप्रदेश में सोमवार से विधानसभा का तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र प्रस्तावित था, जिसे रविवार देर शाम सर्वदलीय बैठक के बाद स्थगित कर दिया गया था। विधानसभा में कोरोना की स्थिति को देखते हुए किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं है। इधर, कांग्रेस के स्थापना दिवस के मौके पर कमलनाथ समेत सभी विधायक और कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय में एकत्रित हुए और रैली निकालकर विधानसभा पहुंचे। विधानसभा में केवल विधायकों को ही प्रवेश दिया गया। अन्य लोगों को पुलिस ने गेट पर ही रोक दिया। अंदर पहुंचे विधायकों ने विधानसभा परिसर में मौन धरने दिया। इस दौरान सभी के हाथों में खिलौने वाले ट्रक थे।   इस दौरान पूर्व सीएम एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि सरकार में आने पर हम ऐसा कानून लाएंगे कि फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम पर बिक ही नहीं पाएगी। कांग्रेस ने हमेशा किसानों के हित में कदम उठाए हैं और किसानों द्वारा किए जा रहे आंदोलन का पूर्ण समर्थन करती है।   धरने पर बैठे पूर्व कृषि मंत्री और कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने कहा कि सरकार इतनी डरी हुई है कि वह किसानों की आवाज को उठाने ही नहीं देना चाहती है। यही वजह है कि कांग्रेस के प्रदर्शन के मद्देनजर भोपाल की सीमाओं को चारों तरफ से सील कर दिया गया है। यहां तक कि विधानसभा में विधायक अपने सहायक को लेकर तक नहीं जा सकते हैं। यदि कृषि कानून इतने ही किसान हितैषी हैं तो फिर किसान दिल्ली की सीमा पर इतनी ठंड में विरोध प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं।

Dakhal News

Dakhal News 28 December 2020


bhopal, MP Congress, protest against ,agricultural laws, holds rally

भोपाल। केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन नये कृषि कानूनों के विरोध और दिल्ली की सीमा पर आंदोलनरत किसानों के समर्थन में मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी द्वारा अपने स्थापना दिवस के मौके पर सोमवार को राजधानी भोपाल में विशाल रैली निकाली और विधानसभा पहुंचकर मौन धरना दिया। पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में विधानसभा परिसर में पार्टी विधायक मौन धरने पर बैठ गए।   दरअसल, मध्यप्रदेश में सोमवार से विधानसभा का तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र प्रस्तावित था, जिसे रविवार देर शाम सर्वदलीय बैठक के बाद स्थगित कर दिया गया था। विधानसभा में कोरोना की स्थिति को देखते हुए किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं है। इधर, कांग्रेस के स्थापना दिवस के मौके पर कमलनाथ समेत सभी विधायक और कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय में एकत्रित हुए और रैली निकालकर विधानसभा पहुंचे। विधानसभा में केवल विधायकों को ही प्रवेश दिया गया। अन्य लोगों को पुलिस ने गेट पर ही रोक दिया। अंदर पहुंचे विधायकों ने विधानसभा परिसर में मौन धरने दिया। इस दौरान सभी के हाथों में खिलौने वाले ट्रक थे।   इस दौरान पूर्व सीएम एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि सरकार में आने पर हम ऐसा कानून लाएंगे कि फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम पर बिक ही नहीं पाएगी। कांग्रेस ने हमेशा किसानों के हित में कदम उठाए हैं और किसानों द्वारा किए जा रहे आंदोलन का पूर्ण समर्थन करती है।   धरने पर बैठे पूर्व कृषि मंत्री और कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने कहा कि सरकार इतनी डरी हुई है कि वह किसानों की आवाज को उठाने ही नहीं देना चाहती है। यही वजह है कि कांग्रेस के प्रदर्शन के मद्देनजर भोपाल की सीमाओं को चारों तरफ से सील कर दिया गया है। यहां तक कि विधानसभा में विधायक अपने सहायक को लेकर तक नहीं जा सकते हैं। यदि कृषि कानून इतने ही किसान हितैषी हैं तो फिर किसान दिल्ली की सीमा पर इतनी ठंड में विरोध प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं।

Dakhal News

Dakhal News 28 December 2020


bhopal,Narottam counterattack ,Congress allegations, definitely happen

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र पर कोरोना का खतरा मंडरा रहा है। कोरोना संकट को देखते हुए ही शनिवार को सर्वदलीय बैठक भी रद्द कर दी गई थी। फैसला हुआ था कि रविवार को भाजपा और कांग्रेस मीटिंग कर शीतकालीन सत्र के भविष्य पर निर्णय लेंगे। अब दोनों पार्टियां आज अपने विधायक दल की बैठक करेंगी। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार कोरोना के बहाने सत्र टालने का षडय़ंत्र कर रही हैं। कांग्रेस के आरोपों पर मप्र के गृह एवं जेल मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार किया है।   गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि विधानसभा के सत्र को लेकर वो लोग सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रहे हैं जिनके राज में विधानसभा की बैठक के बारे में सुप्रीम कोर्ट को निर्देश देना पड़ा था। कांग्रेस नेता आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबां में भी तो झांकें। सर्वदलीय बैठक के स्थगित होने की सूचना पर उन्होंने कहा है कि कोई आमंत्रण तो नहीं निकला था। बैठक आज होगी या फिऱ कल लेकिन बैठक तो होगी। नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा की कोर कमेटी की बैठक पर कहा कि हम लगातार बैठक करते रहते हैं, वरिष्ठ नेताओं से बैठक करते हैं जिसमें जनता की सेवा किस तरह से कर सकते हैं इसके आइडिया मिलते हैं।   कांग्रेस पर कसा तंजकृषि कानून के विरोध में कांग्रेस के ट्रेक्टर ट्राली से विधानसभा घेराव पर निशाना साधते हुए मंत्री मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के नेता अब किसानों को घडिय़ाली आंसू दिखाने के लिए शहर में ट्रैक्टर रैली निकालने की बात कर रहे हैं। यदि कांग्रेस ने 15 महीने के राज में किसानों से किए वादे पूरे किए होते तो चार्टर में चलने वाले उसके नेताओं को ट्रैक्टर रैली निकालने का दिखावा नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अब उसके सहयोगी दलों का भी भरोसा नहीं रहा। महात्मा गांधी जी ने सही कहा था कांग्रेस अपनी प्रासंगिकता खो चुकी है। इसे भंग कर देना चाहिए। सोनिया जी और राहुल गांधी जी को गांधी जी की नसीहत पर अब गंभीरता से विचार करना चाहिए। वहीं भोपाल के मास्टर प्लान पर दिग्विजयसिंह के सवाल पर कहा कि 'उनके चिरंजीव नगरीय प्रशासन मन्त्री थे, करने वाले होते तो पहले ही कार्रवाई कर लेते। 

Dakhal News

Dakhal News 27 December 2020


bhopal,Before assembly, session started, Chief Minister ,conducted, corona investigation

भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा का तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र सोमवार, 28 दिसम्बर से शुरू होने जा रहा है। इसके मद्देनजर विधानसभा की कार्यवाही में उपस्थित रहने वाले सभी सदस्यों, अधिकारियों-कर्मचारियों व अन्य लोगों को कोविड-19 जांच कराना अनिवार्य है। इसी के चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपनी कोरोना जांच कराई, जिसमें उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।   मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा रविवार को सुबह ट्वीट के माध्यम से इसकी जानकारी देते हुए बताया कि ‘मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले सभी विधायकों की कोरोना जांच अनिवार्य रूप से करवाने की व्यवस्था की गई है। इसी व्यवस्था के अंतर्गत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज प्रात: निवास पर कोरोना टेस्ट कराया, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।’   बता दें कि एक दिन पहले ही विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा और विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने भी अपनी कोरोना जांच कराई थी। अभी उनकी रिपोर्ट नहीं आई है। मप्र की 230 सदस्यों वाली विधानसभा में सत्र में उपस्थित होने वाले सभी सदस्यों को कोरोना जांच के लिए कहा गया है। इसके अलावा विधानसभा में कोरोना के चलते ऐहतियातन सभी व्यवस्थाएं की गई हैं।

Dakhal News

Dakhal News 27 December 2020


bhopal,MP, Now traders, will not be able, cheat the farmers

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार ने नये कृषि कानूनों का लाभ आसानी से किसानों तक पहुंचाने के लिये फैसले लिये हैं। अब किसान और फसल क्रय करने वाली कम्पनी, व्यापारी या व्यक्ति के मध्य होने वाले अनुबंध प्रपत्र को अनुविभागीय दण्डाधिकारी राजस्व कार्यालय में दस्तावेज के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। ताकि किसान के साथ किसी भी तरह का धोखा नहीं हो सके।   जनसंपर्क अधिकारी अतुल खरे ने शनिवार को बताया कि अनुबंध के लिए राज्य सरकार द्वारा एक प्रोफार्मा तैयार किया जा रहा है। जिसमें किसान और फसल क्रय करने वाली कम्पनी के प्रतिनिधि, व्यापारी या व्यक्ति के हस्ताक्षर होंगे तथा इस प्रपत्र को अनुविभागीय दण्डाधिकारी राजस्व के कार्यालय में सुरक्षित रखा जायेगा।   राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि प्रदेश की सभी 313 जनपद पंचायतों में नये कृषि कानूनों की बारीकियों से कृषकों को अवगत कराने और इन कानूनों का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षण आयोजित होंगे। ताकि नये कृषि कानूनों के हर पहलू से किसान अवगत होकर फायदा प्राप्त कर सकें।   मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हित में नये कानूनों के लिये की गई पहल के अनुरूप क्रियान्वयन भी प्रारंभ कर दिया गया है। विभिन्न जिलों में किसानों द्वारा मिलों को उत्पादन बेचने के संबंध में लाभकारी मूल्य दिलवाने का कार्य हो रहा है। राज्य सरकार का पूरा प्रयास है कि इनका लाभ अधिकतम किसानों को मिले। किसानों की आय दोगुना करने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा को पूरा किया जाएगा। मध्यप्रदेश के किसान प्रधानमंत्री जी के साथ है। मध्यप्रदेश में इन कानूनो के संबंध में किसानों के मध्य कोई भ्रम की स्थिति नहीं है।

Dakhal News

Dakhal News 26 December 2020


bhopal,MP, Now traders, will not be able, cheat the farmers

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार ने नये कृषि कानूनों का लाभ आसानी से किसानों तक पहुंचाने के लिये फैसले लिये हैं। अब किसान और फसल क्रय करने वाली कम्पनी, व्यापारी या व्यक्ति के मध्य होने वाले अनुबंध प्रपत्र को अनुविभागीय दण्डाधिकारी राजस्व कार्यालय में दस्तावेज के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। ताकि किसान के साथ किसी भी तरह का धोखा नहीं हो सके।   जनसंपर्क अधिकारी अतुल खरे ने शनिवार को बताया कि अनुबंध के लिए राज्य सरकार द्वारा एक प्रोफार्मा तैयार किया जा रहा है। जिसमें किसान और फसल क्रय करने वाली कम्पनी के प्रतिनिधि, व्यापारी या व्यक्ति के हस्ताक्षर होंगे तथा इस प्रपत्र को अनुविभागीय दण्डाधिकारी राजस्व के कार्यालय में सुरक्षित रखा जायेगा।   राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि प्रदेश की सभी 313 जनपद पंचायतों में नये कृषि कानूनों की बारीकियों से कृषकों को अवगत कराने और इन कानूनों का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षण आयोजित होंगे। ताकि नये कृषि कानूनों के हर पहलू से किसान अवगत होकर फायदा प्राप्त कर सकें।   मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हित में नये कानूनों के लिये की गई पहल के अनुरूप क्रियान्वयन भी प्रारंभ कर दिया गया है। विभिन्न जिलों में किसानों द्वारा मिलों को उत्पादन बेचने के संबंध में लाभकारी मूल्य दिलवाने का कार्य हो रहा है। राज्य सरकार का पूरा प्रयास है कि इनका लाभ अधिकतम किसानों को मिले। किसानों की आय दोगुना करने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा को पूरा किया जाएगा। मध्यप्रदेश के किसान प्रधानमंत्री जी के साथ है। मध्यप्रदेश में इन कानूनो के संबंध में किसानों के मध्य कोई भ्रम की स्थिति नहीं है।

Dakhal News

Dakhal News 26 December 2020


bhopal,MP, Now traders, will not be able, cheat the farmers

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार ने नये कृषि कानूनों का लाभ आसानी से किसानों तक पहुंचाने के लिये फैसले लिये हैं। अब किसान और फसल क्रय करने वाली कम्पनी, व्यापारी या व्यक्ति के मध्य होने वाले अनुबंध प्रपत्र को अनुविभागीय दण्डाधिकारी राजस्व कार्यालय में दस्तावेज के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। ताकि किसान के साथ किसी भी तरह का धोखा नहीं हो सके।   जनसंपर्क अधिकारी अतुल खरे ने शनिवार को बताया कि अनुबंध के लिए राज्य सरकार द्वारा एक प्रोफार्मा तैयार किया जा रहा है। जिसमें किसान और फसल क्रय करने वाली कम्पनी के प्रतिनिधि, व्यापारी या व्यक्ति के हस्ताक्षर होंगे तथा इस प्रपत्र को अनुविभागीय दण्डाधिकारी राजस्व के कार्यालय में सुरक्षित रखा जायेगा।   राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि प्रदेश की सभी 313 जनपद पंचायतों में नये कृषि कानूनों की बारीकियों से कृषकों को अवगत कराने और इन कानूनों का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षण आयोजित होंगे। ताकि नये कृषि कानूनों के हर पहलू से किसान अवगत होकर फायदा प्राप्त कर सकें।   मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हित में नये कानूनों के लिये की गई पहल के अनुरूप क्रियान्वयन भी प्रारंभ कर दिया गया है। विभिन्न जिलों में किसानों द्वारा मिलों को उत्पादन बेचने के संबंध में लाभकारी मूल्य दिलवाने का कार्य हो रहा है। राज्य सरकार का पूरा प्रयास है कि इनका लाभ अधिकतम किसानों को मिले। किसानों की आय दोगुना करने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा को पूरा किया जाएगा। मध्यप्रदेश के किसान प्रधानमंत्री जी के साथ है। मध्यप्रदेश में इन कानूनो के संबंध में किसानों के मध्य कोई भ्रम की स्थिति नहीं है।

Dakhal News

Dakhal News 26 December 2020


bhopal,MP, Now traders, will not be able, cheat the farmers

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार ने नये कृषि कानूनों का लाभ आसानी से किसानों तक पहुंचाने के लिये फैसले लिये हैं। अब किसान और फसल क्रय करने वाली कम्पनी, व्यापारी या व्यक्ति के मध्य होने वाले अनुबंध प्रपत्र को अनुविभागीय दण्डाधिकारी राजस्व कार्यालय में दस्तावेज के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। ताकि किसान के साथ किसी भी तरह का धोखा नहीं हो सके।   जनसंपर्क अधिकारी अतुल खरे ने शनिवार को बताया कि अनुबंध के लिए राज्य सरकार द्वारा एक प्रोफार्मा तैयार किया जा रहा है। जिसमें किसान और फसल क्रय करने वाली कम्पनी के प्रतिनिधि, व्यापारी या व्यक्ति के हस्ताक्षर होंगे तथा इस प्रपत्र को अनुविभागीय दण्डाधिकारी राजस्व के कार्यालय में सुरक्षित रखा जायेगा।   राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि प्रदेश की सभी 313 जनपद पंचायतों में नये कृषि कानूनों की बारीकियों से कृषकों को अवगत कराने और इन कानूनों का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षण आयोजित होंगे। ताकि नये कृषि कानूनों के हर पहलू से किसान अवगत होकर फायदा प्राप्त कर सकें।   मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हित में नये कानूनों के लिये की गई पहल के अनुरूप क्रियान्वयन भी प्रारंभ कर दिया गया है। विभिन्न जिलों में किसानों द्वारा मिलों को उत्पादन बेचने के संबंध में लाभकारी मूल्य दिलवाने का कार्य हो रहा है। राज्य सरकार का पूरा प्रयास है कि इनका लाभ अधिकतम किसानों को मिले। किसानों की आय दोगुना करने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा को पूरा किया जाएगा। मध्यप्रदेश के किसान प्रधानमंत्री जी के साथ है। मध्यप्रदेश में इन कानूनो के संबंध में किसानों के मध्य कोई भ्रम की स्थिति नहीं है।

Dakhal News

Dakhal News 26 December 2020


bhopal,Digvijay tightened up, Shivraj

भोपाल।  मध्य प्रदेश सरकार भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त हो गई है और आए दिन उन पर कार्यवाई कर रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर राज्य के भू-माफियाओं को चेतावनी देते हुए कहा है कि वो राज्य छोडक़र चले जाएं, नहीं तो वो सभी को जमीन में गाड़ देगे। शिवराज के इस अंदाज पर मप्र के पूर्व सीएम और कांग्रेस राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने तंज कसा है और सवाल पूछे हैंं।   दिग्विजय सिंह ने शनिवार को एक के बाद एक कई ट्वीट कर माफियाओं के खिलाफ  प्रदेश में चल रही कार्यवाई पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि शिवराज जी कहते हैं भू-माफिया, अवैध कब्जा करने वाले को 10 फुट जमीन में गाढ़ दूंगा। लालबर्रा बालाघाट में तहसीलदार द्वारा सरकारी भवन को तोडक़र भूमाफियाओं को अवैध कालोनी बनाने शासकीय भूमि से सडक़ दी जा रही है। शिकायत होने पर भी कुछ नहीं वाह शिवराज सिंह जी वाह!!   एक अन्य ट्वीट कर उन्होंने सीएम शिवराज के कार्यकाल में भाजपा नेताओं पर अवैध अतिक्रमण करने का आरोप लगाते हुए का कि 15 साल में कौन से भू माफिया के खिलाफ़ शिवराज उर्फ़ मामू ने कार्यवाही की? जऱा बताएं तो। सारे भू माफिया को पनपाने का काम तो मामू आपने ही किया है। प्रदेश की राजधानी भोपाल के कोलार क्षेत्र में शासकीय ज़मीनों पर कॉलोनी कट गईं और सभी आपके शिष्य हैं। सूची चाहिए? मैं दे दूँगा।   दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि 1995 के बाद भोपाल का मास्टर प्लॉन आज तक क्यों नहीं बना? सैंकड़ों अवैध कॉलोनियां कट गईं, आपने आज तक किसी भी अवैध कॉलोनायजऱ के खिलाफ़ कोई भी कार्यवाही की हो तो बताएं। यदि साहस है तो न्यायिक जॉच आयोग का गठन करें मैं प्रमाण दूँगा। केवल जुबानी जमा खर्च करने के आप आदी हैं।   क्या कहा था शिवराज नेदरअसल शुक्रवार को पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर आयोजित किसान सम्मान कार्यक्रम में भाग लेने होशंगाबाद के बाबई में पहुंचे थे। इस दौरान अपने संबोधन में पूरी फिल्मी सिंघम वाली स्टाइल में सीएम शिवराज सिंह ने गुंडों और बदमाशों को प्रदेश छोडऩे की धमकी देते हुए कहा कि, ‘आजकल अपन खतरनाक मूड में हैं, गड़बड़ करने वालों को छोड़ेंगे नहीं, पूरे फॉर्म में है मामा अभी। एक तरफ माफियाओं के खिलाफ अभियान चल रहा है। मसल पावर का, रसूख का इस्तेमाल करके कहीं अवैध कब्जा कर लिया, कहीं भवन बना दिया, कहीं ड्रग माफिया है। सुन लो रे! मध्यप्रदेश छोड़ देना, नहीं तो 10 फीट नीचे जमीन में गाड़ दूंगा। सुशासन का मतलब जनता परेशान न हो, गुंडे, बदमाश, फन्ने खां यह कोई नहीं चलने वाले अब।

Dakhal News

Dakhal News 26 December 2020


bhopal, Religious freedom, law passed, voice in cabinet meeting

भोपाल। मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार लव जिहाद के खिलाफ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक लाएगी। इसके प्रस्तावित मसौदे को शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कानून के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में लागू कानून दूसरे राज्यों से अलग होगा।   कैबिनेट बैठक में धर्म स्वातंत्र्य कानून को मंजूरी मिलने के बाद गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि मप्र धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2020 को आज कैबिनेट ने ध्वनिमत से अपनी मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद विधेयक को अब विधानसभा के सत्र में पेश किया जाएगा। विधेयक के पारित होते ही 1968 वाला धर्म स्वातंत्र्य कानून समाप्त हो जाएगा। कोई भी व्यक्ति दूसरे को प्रलोभन, धमकी, बल, दुष्प्रभाव, विवाह के नाम पर अथवा अन्य कपटपूर्ण तरीके से प्रत्यक्ष अथवा अन्यथा उसका धर्म परिवर्तन अथवा धर्म परिवर्तन का प्रयास नहीं कर सकेगा। कोई भी व्यक्ति धर्म परिवर्तन किए जाने का दुष्प्रेरण अथवा षडय़ंत्र नहीं कर सकेगा।   उन्होंने कहा कि अपना धर्म छुपाकर धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम का उल्लंघन करने पर तीन साल से दस साल तक के कारावास और 50 हजार रूपए अर्थदण्ड और सामूहिक धर्म परिवर्तन (02 या अधिक व्यक्ति का) का प्रयास करने पर 5 से 10 वर्ष के कारावास एवं एक लाख रूपए के अर्थदण्ड का प्रावधान किया गया है। किसी भी व्यक्ति के द्वारा अधिनियम का उल्लंघन करने पर एक साल से पांच साल तक के कारावास और 25 हजार रूपए का जुर्माना लगेगा। नाबालिग,महिला,अ.जा,अ.ज.जा के केस में दो से दस साल तक की कारावास और कम से कम 50 हजार रूपए का अर्थदंड लगाने का प्रावधान है।   गृहमंत्री मिश्रा ने बताया कि धर्मांतरण के लिए होने वाली शादियों पर रोक लगाने के लिए प्रस्तावित धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम को कठोर बनाने के साथ कुछ ऐसे प्रावधान किए गए है जो देश के किसी भी राज्य में अब तक नहीं है। नए कानून में धर्म संपरिवर्तन के आशय से किया गया विवाह शून्य घोषित करने के साथ महिला और उसके बच्चों के भरण पोषण का हकदार करने का प्रावधान भी किया गया है। ऐसे विवाह से जन्मे बच्चे माता-पिता की संपत्ति के उत्तराधिकारी होंगे।  

Dakhal News

Dakhal News 26 December 2020


bhopal, Religious freedom, law passed, voice in cabinet meeting

भोपाल। मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार लव जिहाद के खिलाफ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक लाएगी। इसके प्रस्तावित मसौदे को शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कानून के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में लागू कानून दूसरे राज्यों से अलग होगा।   कैबिनेट बैठक में धर्म स्वातंत्र्य कानून को मंजूरी मिलने के बाद गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि मप्र धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2020 को आज कैबिनेट ने ध्वनिमत से अपनी मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद विधेयक को अब विधानसभा के सत्र में पेश किया जाएगा। विधेयक के पारित होते ही 1968 वाला धर्म स्वातंत्र्य कानून समाप्त हो जाएगा। कोई भी व्यक्ति दूसरे को प्रलोभन, धमकी, बल, दुष्प्रभाव, विवाह के नाम पर अथवा अन्य कपटपूर्ण तरीके से प्रत्यक्ष अथवा अन्यथा उसका धर्म परिवर्तन अथवा धर्म परिवर्तन का प्रयास नहीं कर सकेगा। कोई भी व्यक्ति धर्म परिवर्तन किए जाने का दुष्प्रेरण अथवा षडय़ंत्र नहीं कर सकेगा।   उन्होंने कहा कि अपना धर्म छुपाकर धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम का उल्लंघन करने पर तीन साल से दस साल तक के कारावास और 50 हजार रूपए अर्थदण्ड और सामूहिक धर्म परिवर्तन (02 या अधिक व्यक्ति का) का प्रयास करने पर 5 से 10 वर्ष के कारावास एवं एक लाख रूपए के अर्थदण्ड का प्रावधान किया गया है। किसी भी व्यक्ति के द्वारा अधिनियम का उल्लंघन करने पर एक साल से पांच साल तक के कारावास और 25 हजार रूपए का जुर्माना लगेगा। नाबालिग,महिला,अ.जा,अ.ज.जा के केस में दो से दस साल तक की कारावास और कम से कम 50 हजार रूपए का अर्थदंड लगाने का प्रावधान है।   गृहमंत्री मिश्रा ने बताया कि धर्मांतरण के लिए होने वाली शादियों पर रोक लगाने के लिए प्रस्तावित धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम को कठोर बनाने के साथ कुछ ऐसे प्रावधान किए गए है जो देश के किसी भी राज्य में अब तक नहीं है। नए कानून में धर्म संपरिवर्तन के आशय से किया गया विवाह शून्य घोषित करने के साथ महिला और उसके बच्चों के भरण पोषण का हकदार करने का प्रावधान भी किया गया है। ऐसे विवाह से जन्मे बच्चे माता-पिता की संपत्ति के उत्तराधिकारी होंगे।  

Dakhal News

Dakhal News 26 December 2020


bhopal,Kamal Nath ,lashed out , central government, repressive attitude continues

भोपाल। केन्द्र सरकार के कृषि कानून को लेकर इन दिनों देशभर में सियासत हो रही है। आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में विपक्षी दल खुल कर सामने आए है। वहीं अब कांग्रेस भी किसान का समर्थन करते हुए सडक़ों पर उतर आई है। गुरुवार को प्रियंका गांधी वाड्रा और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ मार्च करते हुए राष्ट्रपति भवन तक जा रही थी। इस दौरान पुलिस ने प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया। प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी की मप्र के पूर्व सीएम कमलनाथ ने निंदा की है।  कमकलनाथ ने कृषि कानून को लेकर सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार का तानाशाही व दमनकारी रवैया जारी है। इन क़ानूनों को लेकर ना किसानों से, ना किसान संगठनो से, ना विपक्षी दलो से चर्चा की गयी और अब ना उनके समर्थन में सडक़ पर उतरने दिया जा रहा है, ये कैसी तानाशाही ? वहीं प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी की गिरफ़्तारी बेहद निंदनीय, कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी, वो किसानो के साथ है, इन काले क़ानूनों के विरोध में है, उनके हर संघर्ष में उनके साथ है।

Dakhal News

Dakhal News 24 December 2020


bhopal,CM Shivraj , Scindia ,meet on 26 December, important issues ,discussed

भोपाल। वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया 26 दिसंबर को भोपाल आ रहे हैं। यहां उनकी एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मुलाकात होने वाली है। दोनों नेताओं के बीच 26 दिसंबर को शाम 6 बजे सीएम हाउस में कई मसलों पर चर्चा हो सकती है।   शनिवार 26 दिसंबर को सिंधिया सुबह 11: 23 दिल्ली से ग्वालियर पहुंचेंगे। यहां विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद सिंधिया शाम पांच बजे ग्वालियर एयरपोर्ट से भोपाल के लिए उड़ान भरेंगे। 5:45 पर भोपाल पहुंचने के बाद सिंधिया एयरपोर्ट से सीधे मुख्यमंत्री निवास जाऐंगे जहां शाम 6 बजे उनकी सीएम शिवराज के साथ मुलाकात तय है। इसके बाद शाम साज बजे सिंधिया भाजपा कार्यालय आएंगे, उनके साथ प्रदेश प्रभारी भी दौरे पर रहेंगे।    माना जा रहा है सिंधिया और सीएम शिवराज सिंह चौहान के बीच कई विषयों पर चर्चा और रायशुमारी हो सकती है। इससे पहले भी सिंधिया 30 नवंबर को भोपाल आए थे और सीएम शिवराज के साथ मुलाकात की थी। दोनों नेताओं की मुलाकात का कार्यक्रम बनने के बाद अब एक बार फिर से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। इसके साथ ही माना जा रहा है कि मप्र में लोकसभा चुनाव-2019 से पहले आयकर छापों के बाद मनी लांड्रिंग मामले में कांग्रेस छोडक़र भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं के नाम आने पर भी दोनों राजनेताओं के बीच चर्चा हो सकती है।   

Dakhal News

Dakhal News 24 December 2020


bhopal,CM Shivraj , Scindia ,meet on 26 December, important issues ,discussed

भोपाल। वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया 26 दिसंबर को भोपाल आ रहे हैं। यहां उनकी एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मुलाकात होने वाली है। दोनों नेताओं के बीच 26 दिसंबर को शाम 6 बजे सीएम हाउस में कई मसलों पर चर्चा हो सकती है।   शनिवार 26 दिसंबर को सिंधिया सुबह 11: 23 दिल्ली से ग्वालियर पहुंचेंगे। यहां विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद सिंधिया शाम पांच बजे ग्वालियर एयरपोर्ट से भोपाल के लिए उड़ान भरेंगे। 5:45 पर भोपाल पहुंचने के बाद सिंधिया एयरपोर्ट से सीधे मुख्यमंत्री निवास जाऐंगे जहां शाम 6 बजे उनकी सीएम शिवराज के साथ मुलाकात तय है। इसके बाद शाम साज बजे सिंधिया भाजपा कार्यालय आएंगे, उनके साथ प्रदेश प्रभारी भी दौरे पर रहेंगे।    माना जा रहा है सिंधिया और सीएम शिवराज सिंह चौहान के बीच कई विषयों पर चर्चा और रायशुमारी हो सकती है। इससे पहले भी सिंधिया 30 नवंबर को भोपाल आए थे और सीएम शिवराज के साथ मुलाकात की थी। दोनों नेताओं की मुलाकात का कार्यक्रम बनने के बाद अब एक बार फिर से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। इसके साथ ही माना जा रहा है कि मप्र में लोकसभा चुनाव-2019 से पहले आयकर छापों के बाद मनी लांड्रिंग मामले में कांग्रेस छोडक़र भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं के नाम आने पर भी दोनों राजनेताओं के बीच चर्चा हो सकती है।   

Dakhal News

Dakhal News 24 December 2020


bhopal,CM Shivraj , Scindia ,meet on 26 December, important issues ,discussed

भोपाल। वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया 26 दिसंबर को भोपाल आ रहे हैं। यहां उनकी एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मुलाकात होने वाली है। दोनों नेताओं के बीच 26 दिसंबर को शाम 6 बजे सीएम हाउस में कई मसलों पर चर्चा हो सकती है।   शनिवार 26 दिसंबर को सिंधिया सुबह 11: 23 दिल्ली से ग्वालियर पहुंचेंगे। यहां विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद सिंधिया शाम पांच बजे ग्वालियर एयरपोर्ट से भोपाल के लिए उड़ान भरेंगे। 5:45 पर भोपाल पहुंचने के बाद सिंधिया एयरपोर्ट से सीधे मुख्यमंत्री निवास जाऐंगे जहां शाम 6 बजे उनकी सीएम शिवराज के साथ मुलाकात तय है। इसके बाद शाम साज बजे सिंधिया भाजपा कार्यालय आएंगे, उनके साथ प्रदेश प्रभारी भी दौरे पर रहेंगे।    माना जा रहा है सिंधिया और सीएम शिवराज सिंह चौहान के बीच कई विषयों पर चर्चा और रायशुमारी हो सकती है। इससे पहले भी सिंधिया 30 नवंबर को भोपाल आए थे और सीएम शिवराज के साथ मुलाकात की थी। दोनों नेताओं की मुलाकात का कार्यक्रम बनने के बाद अब एक बार फिर से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। इसके साथ ही माना जा रहा है कि मप्र में लोकसभा चुनाव-2019 से पहले आयकर छापों के बाद मनी लांड्रिंग मामले में कांग्रेस छोडक़र भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं के नाम आने पर भी दोनों राजनेताओं के बीच चर्चा हो सकती है।   

Dakhal News

Dakhal News 24 December 2020


bhopal,CM Shivraj , Scindia ,meet on 26 December, important issues ,discussed

भोपाल। वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया 26 दिसंबर को भोपाल आ रहे हैं। यहां उनकी एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मुलाकात होने वाली है। दोनों नेताओं के बीच 26 दिसंबर को शाम 6 बजे सीएम हाउस में कई मसलों पर चर्चा हो सकती है।   शनिवार 26 दिसंबर को सिंधिया सुबह 11: 23 दिल्ली से ग्वालियर पहुंचेंगे। यहां विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद सिंधिया शाम पांच बजे ग्वालियर एयरपोर्ट से भोपाल के लिए उड़ान भरेंगे। 5:45 पर भोपाल पहुंचने के बाद सिंधिया एयरपोर्ट से सीधे मुख्यमंत्री निवास जाऐंगे जहां शाम 6 बजे उनकी सीएम शिवराज के साथ मुलाकात तय है। इसके बाद शाम साज बजे सिंधिया भाजपा कार्यालय आएंगे, उनके साथ प्रदेश प्रभारी भी दौरे पर रहेंगे।    माना जा रहा है सिंधिया और सीएम शिवराज सिंह चौहान के बीच कई विषयों पर चर्चा और रायशुमारी हो सकती है। इससे पहले भी सिंधिया 30 नवंबर को भोपाल आए थे और सीएम शिवराज के साथ मुलाकात की थी। दोनों नेताओं की मुलाकात का कार्यक्रम बनने के बाद अब एक बार फिर से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। इसके साथ ही माना जा रहा है कि मप्र में लोकसभा चुनाव-2019 से पहले आयकर छापों के बाद मनी लांड्रिंग मामले में कांग्रेस छोडक़र भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं के नाम आने पर भी दोनों राजनेताओं के बीच चर्चा हो सकती है।   

Dakhal News

Dakhal News 24 December 2020


bhopal,CM Shivraj , Scindia ,meet on 26 December, important issues ,discussed

भोपाल। वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया 26 दिसंबर को भोपाल आ रहे हैं। यहां उनकी एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मुलाकात होने वाली है। दोनों नेताओं के बीच 26 दिसंबर को शाम 6 बजे सीएम हाउस में कई मसलों पर चर्चा हो सकती है।   शनिवार 26 दिसंबर को सिंधिया सुबह 11: 23 दिल्ली से ग्वालियर पहुंचेंगे। यहां विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद सिंधिया शाम पांच बजे ग्वालियर एयरपोर्ट से भोपाल के लिए उड़ान भरेंगे। 5:45 पर भोपाल पहुंचने के बाद सिंधिया एयरपोर्ट से सीधे मुख्यमंत्री निवास जाऐंगे जहां शाम 6 बजे उनकी सीएम शिवराज के साथ मुलाकात तय है। इसके बाद शाम साज बजे सिंधिया भाजपा कार्यालय आएंगे, उनके साथ प्रदेश प्रभारी भी दौरे पर रहेंगे।    माना जा रहा है सिंधिया और सीएम शिवराज सिंह चौहान के बीच कई विषयों पर चर्चा और रायशुमारी हो सकती है। इससे पहले भी सिंधिया 30 नवंबर को भोपाल आए थे और सीएम शिवराज के साथ मुलाकात की थी। दोनों नेताओं की मुलाकात का कार्यक्रम बनने के बाद अब एक बार फिर से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। इसके साथ ही माना जा रहा है कि मप्र में लोकसभा चुनाव-2019 से पहले आयकर छापों के बाद मनी लांड्रिंग मामले में कांग्रेस छोडक़र भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं के नाम आने पर भी दोनों राजनेताओं के बीच चर्चा हो सकती है।   

Dakhal News

Dakhal News 24 December 2020


bhopal,CM Shivraj , Scindia ,meet on 26 December, important issues ,discussed

भोपाल। वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया 26 दिसंबर को भोपाल आ रहे हैं। यहां उनकी एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मुलाकात होने वाली है। दोनों नेताओं के बीच 26 दिसंबर को शाम 6 बजे सीएम हाउस में कई मसलों पर चर्चा हो सकती है।   शनिवार 26 दिसंबर को सिंधिया सुबह 11: 23 दिल्ली से ग्वालियर पहुंचेंगे। यहां विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद सिंधिया शाम पांच बजे ग्वालियर एयरपोर्ट से भोपाल के लिए उड़ान भरेंगे। 5:45 पर भोपाल पहुंचने के बाद सिंधिया एयरपोर्ट से सीधे मुख्यमंत्री निवास जाऐंगे जहां शाम 6 बजे उनकी सीएम शिवराज के साथ मुलाकात तय है। इसके बाद शाम साज बजे सिंधिया भाजपा कार्यालय आएंगे, उनके साथ प्रदेश प्रभारी भी दौरे पर रहेंगे।    माना जा रहा है सिंधिया और सीएम शिवराज सिंह चौहान के बीच कई विषयों पर चर्चा और रायशुमारी हो सकती है। इससे पहले भी सिंधिया 30 नवंबर को भोपाल आए थे और सीएम शिवराज के साथ मुलाकात की थी। दोनों नेताओं की मुलाकात का कार्यक्रम बनने के बाद अब एक बार फिर से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। इसके साथ ही माना जा रहा है कि मप्र में लोकसभा चुनाव-2019 से पहले आयकर छापों के बाद मनी लांड्रिंग मामले में कांग्रेस छोडक़र भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं के नाम आने पर भी दोनों राजनेताओं के बीच चर्चा हो सकती है।   

Dakhal News

Dakhal News 24 December 2020


bhopal,Efforts made, overall progress , tribe, Shivraj

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जनजातीय वर्ग सहित वो लोग जो विकास में सबसे पीछे और सबसे नीचे हैं उनका कल्याण राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है। सरकारी खजाने पर भी पहला हक इन वर्गों का ही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजाति वर्ग की परंपराओं, जीवन मूल्यों और उनकी संस्कृति को कायम रखते हुए उनकी समग्र प्रगति के प्रयास बढ़ाये जाएंगे। उक्‍त बातें मुख्यमंत्री एवं परिषद के अध्यक्ष चौहान ने बुधवार को मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा आदिम जाति मंत्रणा परिषद की बैठक में कही।    उन्होंने कहा कि आदिम जाति मंत्रणा परिषद का नाम अब जनजातीय मंत्रणा परिषद रहेगा। इस अवसर पर जानकारी दी गई कि विभाग की ओर से जनजातीय जन-जीवन पर केन्द्रित एक नवीन संग्रहालय शहडोल संभाग में प्रारंभ किया जाएगा। इसके लिए उमरिया या निकट के किसी उपयुक्त स्थल का चयन किया जाएगा। वर्तमान में विभाग का इस तरह का संग्रहालय छिन्दवाड़ा में संचालित है।   मुख्यमंत्री ने साहूकारी के लायसेंस की अनिवार्यता के संबंध में वैधानिक प्रावधानों को लागू किए जाने संबंधी जानकारी प्राप्त की। आहार अनुदान योजना में जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को कुल 218 करोड़ का लाभ दिया गया है। उन्होंने कहा कि जनजातीय वर्ग के हित में इस तरह के प्रयास जारी रहेंगे।   सभी पात्रों को वनाधिकार पट्टे मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय कल्याण योजनाओं का क्रियान्वयन इस तरह किया जाए कि इस वर्ग के लोगों की जिंदगी बदले। जनजातीय वर्ग के लोगों की संपत्ति पर किसी अन्य के कब्जे नहीं होने दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वनाधिकार पट्टे देने के कार्य में पात्र व्यक्ति को वंचित नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यह अवश्य सुनिश्चित किया जाए कि नए कब्जे न हों। दिसम्बर 2006 के पूर्व के कब्जाधारियों को वनाधिकार के पट्टे दिए जाएं। जनजातीय वर्ग की युवतियों से विवाह कर उनकी भूमि पर कब्जा करने की मंशा रखने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।   जनजातीय आबादी का स्वास्थ्य सर्वेक्षण होगा चौहान ने कहा कि जनजातीय लोगों में अनुवांशिक रोग सिकिल सेल एनीमिया पर नियंत्रण के लिए पूरे प्रदेश में जनजातीय आबादी का स्वास्थ्य सर्वेक्षण करवाया जाएगा। इसके साथ ही इन्हें हेल्थ कार्ड भी उपलब्ध करवाये जाएंगे। सिकिल सेल, एनीमिया जैसी घातक बीमारी के बचाने के लिए जनजातीय समाज में जागरूकता अभियान भी संचालित किया जाएगा।   आकांक्षा योजना की प्रगति सराहनीय मुख्यमंत्री ने कहा कि आकांक्षा योजना में जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को नि:शुल्क कोचिंग दी जाती है। इस योजना का लाभ लेने के लिये 721 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया जिनमें से 541 विद्यार्थियों का जेईई, नीट और क्लेट के लिये चयन एक विशेष उपलब्धि है। योजना की प्रगति सराहनीय है।    बैठक में बताया गया कि जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतिभा योजना में जेईई, नीट, क्लेट, एनडीए, एनआईआईटी, एफडीडीआई, एनआईएफटी और आईएचएम में चयनित होने पर 50 हजार रूपए की राशि और अन्य परीक्षाओं के लिये 25 हजार रुपये की राशि प्रति विद्यार्थी प्रदान की जाती है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति योजना में गत वर्ष लगभग साढ़े चार लाख विद्यार्थी लाभान्वित किये गये। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि परिषद के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझाव काफी महत्वपूर्ण हैं। इन सुझावों पर विचार कर अमल किया जाएगा।   बैठक में प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्याण पल्लवी जैन गोविल ने विभागीय गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। प्रदेश में 86 वन धन केन्द्र बनाए गए हैं। बड़वानी और उमरिया में जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन किया गया। प्रदेश में वर्तमान में 2645 आश्रम, क्रीड़ा परिसर और अन्य संस्थाएं संचालित हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख विद्यार्थी दाखिल हैं। प्रदेश में 126 विशिष्ट आवासीय संस्थाएं संचालित हैं। आदिम जाति कल्याण विभाग 22 हजार 592 प्राथमिक शालाओं, 6800 माध्यमिक शालाओं, 731 हाई स्कूल और 860 हायर सेकेण्डरी स्कूल का संचालन कर रहा है।   बैठक में परिषद की 9 जनवरी 2020 को हुई बैठक के पालन प्रतिवेदन पर भी चर्चा हुई। इस दौरान विभागीय मंत्री एवं परिषद की उपाध्यक्ष मीना सिंह उपस्थित थीं। परिषद के सदस्यों में वन मंत्री विजय शाह, विधायकगण आदि वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा उपस्थित रहे।

Dakhal News

Dakhal News 23 December 2020


bhopal,Efforts made, overall progress , tribe, Shivraj

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जनजातीय वर्ग सहित वो लोग जो विकास में सबसे पीछे और सबसे नीचे हैं उनका कल्याण राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है। सरकारी खजाने पर भी पहला हक इन वर्गों का ही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजाति वर्ग की परंपराओं, जीवन मूल्यों और उनकी संस्कृति को कायम रखते हुए उनकी समग्र प्रगति के प्रयास बढ़ाये जाएंगे। उक्‍त बातें मुख्यमंत्री एवं परिषद के अध्यक्ष चौहान ने बुधवार को मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा आदिम जाति मंत्रणा परिषद की बैठक में कही।    उन्होंने कहा कि आदिम जाति मंत्रणा परिषद का नाम अब जनजातीय मंत्रणा परिषद रहेगा। इस अवसर पर जानकारी दी गई कि विभाग की ओर से जनजातीय जन-जीवन पर केन्द्रित एक नवीन संग्रहालय शहडोल संभाग में प्रारंभ किया जाएगा। इसके लिए उमरिया या निकट के किसी उपयुक्त स्थल का चयन किया जाएगा। वर्तमान में विभाग का इस तरह का संग्रहालय छिन्दवाड़ा में संचालित है।   मुख्यमंत्री ने साहूकारी के लायसेंस की अनिवार्यता के संबंध में वैधानिक प्रावधानों को लागू किए जाने संबंधी जानकारी प्राप्त की। आहार अनुदान योजना में जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को कुल 218 करोड़ का लाभ दिया गया है। उन्होंने कहा कि जनजातीय वर्ग के हित में इस तरह के प्रयास जारी रहेंगे।   सभी पात्रों को वनाधिकार पट्टे मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय कल्याण योजनाओं का क्रियान्वयन इस तरह किया जाए कि इस वर्ग के लोगों की जिंदगी बदले। जनजातीय वर्ग के लोगों की संपत्ति पर किसी अन्य के कब्जे नहीं होने दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वनाधिकार पट्टे देने के कार्य में पात्र व्यक्ति को वंचित नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यह अवश्य सुनिश्चित किया जाए कि नए कब्जे न हों। दिसम्बर 2006 के पूर्व के कब्जाधारियों को वनाधिकार के पट्टे दिए जाएं। जनजातीय वर्ग की युवतियों से विवाह कर उनकी भूमि पर कब्जा करने की मंशा रखने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।   जनजातीय आबादी का स्वास्थ्य सर्वेक्षण होगा चौहान ने कहा कि जनजातीय लोगों में अनुवांशिक रोग सिकिल सेल एनीमिया पर नियंत्रण के लिए पूरे प्रदेश में जनजातीय आबादी का स्वास्थ्य सर्वेक्षण करवाया जाएगा। इसके साथ ही इन्हें हेल्थ कार्ड भी उपलब्ध करवाये जाएंगे। सिकिल सेल, एनीमिया जैसी घातक बीमारी के बचाने के लिए जनजातीय समाज में जागरूकता अभियान भी संचालित किया जाएगा।   आकांक्षा योजना की प्रगति सराहनीय मुख्यमंत्री ने कहा कि आकांक्षा योजना में जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को नि:शुल्क कोचिंग दी जाती है। इस योजना का लाभ लेने के लिये 721 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया जिनमें से 541 विद्यार्थियों का जेईई, नीट और क्लेट के लिये चयन एक विशेष उपलब्धि है। योजना की प्रगति सराहनीय है।    बैठक में बताया गया कि जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतिभा योजना में जेईई, नीट, क्लेट, एनडीए, एनआईआईटी, एफडीडीआई, एनआईएफटी और आईएचएम में चयनित होने पर 50 हजार रूपए की राशि और अन्य परीक्षाओं के लिये 25 हजार रुपये की राशि प्रति विद्यार्थी प्रदान की जाती है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति योजना में गत वर्ष लगभग साढ़े चार लाख विद्यार्थी लाभान्वित किये गये। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि परिषद के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझाव काफी महत्वपूर्ण हैं। इन सुझावों पर विचार कर अमल किया जाएगा।   बैठक में प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्याण पल्लवी जैन गोविल ने विभागीय गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। प्रदेश में 86 वन धन केन्द्र बनाए गए हैं। बड़वानी और उमरिया में जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन किया गया। प्रदेश में वर्तमान में 2645 आश्रम, क्रीड़ा परिसर और अन्य संस्थाएं संचालित हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख विद्यार्थी दाखिल हैं। प्रदेश में 126 विशिष्ट आवासीय संस्थाएं संचालित हैं। आदिम जाति कल्याण विभाग 22 हजार 592 प्राथमिक शालाओं, 6800 माध्यमिक शालाओं, 731 हाई स्कूल और 860 हायर सेकेण्डरी स्कूल का संचालन कर रहा है।   बैठक में परिषद की 9 जनवरी 2020 को हुई बैठक के पालन प्रतिवेदन पर भी चर्चा हुई। इस दौरान विभागीय मंत्री एवं परिषद की उपाध्यक्ष मीना सिंह उपस्थित थीं। परिषद के सदस्यों में वन मंत्री विजय शाह, विधायकगण आदि वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा उपस्थित रहे।

Dakhal News

Dakhal News 23 December 2020


bhopal,Digvijay countered, letter written, farmers,Union Agriculture Minister

भोपाल। मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को उनके द्वारा किसानों को लिखे गए पत्र का बिंदुवार जवाब देकर एक पत्र लिखा है। अपने पत्र में दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार के तीनों कृषि अध्यादेश को किसान विरोधी बतलाया हैं। दिग्विजय सिंह ने कृषि मंत्री से किसानों की मांगे मानने का अनुरोध करते हुए स्पष्ठ कहा है कि सरकार ये तीनों कानून वापस लें और नए कानून को संसद की प्रवर समिति में रखकर किसान संगठनों से चर्चा कर संसद में कानून पारित करें जिससे कॉर्पोरेट घरानों की जगह किसानों के हितों का संरक्षण हो सके।   दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि मैंने देश के किसानों को संबोधित आपका आठ पेज का पत्र पढ़ा। कृषि मंत्री होने के नाते आपके द्वारा पत्र में व्यक्त भावनाओं को समझने का प्रयास किया। मैं पिछले 30 वर्षो से आपको जानता हूँ और आपकी निष्पक्षता और स्पष्टवादिता का प्रशंसक रहा हूँ। लेकिन लगता है कि इस पत्र का मज़मून आपके द्वारा तैयार नहीं किया गया है शायद किसी और की मंशा को आपके हस्ताक्षर से भेजने के लिए मजबूर किया गया है। आगे उन्होंने अपने पत्र में कहा आपने पत्र में स्वयं को किसान परिवार का बताया है, जबकि आपने माननीय केन्द्रीय चुनाव आयोग को लोकसभा चुनाव के समय 2014 में दिए गये शपथ पत्र में अपनी संपत्ति के ब्यौरे में यह स्वीकार किया है कि आपके पास कोई कृषि भूमि नहीं है। आपने व्यवसाय के कॉलम में किसान नहीं बल्कि समाजसेवी होने का हवाला दिया है।   दिग्विजय सिंह ने केन्द्रीय कृषि मंत्री तोमर पर तंज कसते हुए कहा कि सही पूछिये तो आठ पेज के पत्र के अंत में आपने अन्न-दाताओं को कृषि सुधारों से संबंधित आश्वासन दिये है यदि संसद में चर्चा करके कृषि संबंधी तीनों कानूनों को संसद की प्रवर समिति को सौंप दिया होता तो इस आंदोलन की नौबत ही नहीं आती। कांग्रेस पार्टी सहित सभी विपक्षी दलों द्वारा विधेयकों पर चर्चा कराने की मांग को आपके द्वारा निरस्त कर दिया गया था। जबकि संसदीय परम्पराओं में यदि एक भी सदस्य मत विभाजन की मांग करता है तो लोकसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, राज्यसभा सभापति, उपसभापति को मत विभाजन की मांग स्वीकार करने की ’’बाध्यता’’ है। आपने उन सभी संसदीय परम्पराओं को ठुकराते हुए मनमाने तरीके से बिल पास कराये और भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय जोड़ दिया। दिग्विजय सिंह ने बिन्दुवार आपत्ति दर्ज की है।   अपने पत्र के अंत में दिग्विजय ने आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों की जायज़ मांगो को आपकी सरकार द्वारा बहुमत के अंहकार में अन्देखा नहीं करना चाहिये। आपकी सरकार की हठधर्मिता न सिर्फ किसान विरोधी है बल्कि समग्र रूप से राष्ट्रहित में भी नहीं है। बेेहतर यह होगा की आप इन कानूनों को तत्काल वापिस लेवें तथा संसद की प्रवर समिति को सौंप कर सभी किसान संगठनों से चर्चा कर ही संसद से पारित करें। जिससे कॉर्पोरेट घरानों की जगह किसानों के हितो का संरक्षण हो सके।

Dakhal News

Dakhal News 23 December 2020


bhopal,Digvijay countered, letter written, farmers,Union Agriculture Minister

भोपाल। मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को उनके द्वारा किसानों को लिखे गए पत्र का बिंदुवार जवाब देकर एक पत्र लिखा है। अपने पत्र में दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार के तीनों कृषि अध्यादेश को किसान विरोधी बतलाया हैं। दिग्विजय सिंह ने कृषि मंत्री से किसानों की मांगे मानने का अनुरोध करते हुए स्पष्ठ कहा है कि सरकार ये तीनों कानून वापस लें और नए कानून को संसद की प्रवर समिति में रखकर किसान संगठनों से चर्चा कर संसद में कानून पारित करें जिससे कॉर्पोरेट घरानों की जगह किसानों के हितों का संरक्षण हो सके।   दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि मैंने देश के किसानों को संबोधित आपका आठ पेज का पत्र पढ़ा। कृषि मंत्री होने के नाते आपके द्वारा पत्र में व्यक्त भावनाओं को समझने का प्रयास किया। मैं पिछले 30 वर्षो से आपको जानता हूँ और आपकी निष्पक्षता और स्पष्टवादिता का प्रशंसक रहा हूँ। लेकिन लगता है कि इस पत्र का मज़मून आपके द्वारा तैयार नहीं किया गया है शायद किसी और की मंशा को आपके हस्ताक्षर से भेजने के लिए मजबूर किया गया है। आगे उन्होंने अपने पत्र में कहा आपने पत्र में स्वयं को किसान परिवार का बताया है, जबकि आपने माननीय केन्द्रीय चुनाव आयोग को लोकसभा चुनाव के समय 2014 में दिए गये शपथ पत्र में अपनी संपत्ति के ब्यौरे में यह स्वीकार किया है कि आपके पास कोई कृषि भूमि नहीं है। आपने व्यवसाय के कॉलम में किसान नहीं बल्कि समाजसेवी होने का हवाला दिया है।   दिग्विजय सिंह ने केन्द्रीय कृषि मंत्री तोमर पर तंज कसते हुए कहा कि सही पूछिये तो आठ पेज के पत्र के अंत में आपने अन्न-दाताओं को कृषि सुधारों से संबंधित आश्वासन दिये है यदि संसद में चर्चा करके कृषि संबंधी तीनों कानूनों को संसद की प्रवर समिति को सौंप दिया होता तो इस आंदोलन की नौबत ही नहीं आती। कांग्रेस पार्टी सहित सभी विपक्षी दलों द्वारा विधेयकों पर चर्चा कराने की मांग को आपके द्वारा निरस्त कर दिया गया था। जबकि संसदीय परम्पराओं में यदि एक भी सदस्य मत विभाजन की मांग करता है तो लोकसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, राज्यसभा सभापति, उपसभापति को मत विभाजन की मांग स्वीकार करने की ’’बाध्यता’’ है। आपने उन सभी संसदीय परम्पराओं को ठुकराते हुए मनमाने तरीके से बिल पास कराये और भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय जोड़ दिया। दिग्विजय सिंह ने बिन्दुवार आपत्ति दर्ज की है।   अपने पत्र के अंत में दिग्विजय ने आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों की जायज़ मांगो को आपकी सरकार द्वारा बहुमत के अंहकार में अन्देखा नहीं करना चाहिये। आपकी सरकार की हठधर्मिता न सिर्फ किसान विरोधी है बल्कि समग्र रूप से राष्ट्रहित में भी नहीं है। बेेहतर यह होगा की आप इन कानूनों को तत्काल वापिस लेवें तथा संसद की प्रवर समिति को सौंप कर सभी किसान संगठनों से चर्चा कर ही संसद से पारित करें। जिससे कॉर्पोरेट घरानों की जगह किसानों के हितो का संरक्षण हो सके।

Dakhal News

Dakhal News 23 December 2020


bhopal, Narottam calls, Congress

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। कांग्रेस नेता केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली से विधानसभा पहुंचेंगे और नारेबाजी करते हुए विधानसभा का घेराव करेंगे। कांग्रेस के इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व सीएम समेत पार्टी के बड़े नेता शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तीखी प्रक्रिया देते हुए आलोचना की है।   गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस के ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर विधानसभा घेराव करने को लेकर तंज कसा है। उन्होंने इसे कांग्रेस की नौटंकी करार देते हुए कहा कि किसानों के लिए वो कमलनाथ ट्रैक्टर पर बैठने की बात कर रहे हैं जो मुख्यमंत्री रहते कभी किसी किसान के खेत में नहीं गए। राहुल गांधी तो किसान आंदोलन में ट्रैक्टर पर सोफा लगवाकर बैठे नजर आए थे। मंत्री मिश्रा ने कांग्रेसियों को नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी नौटंकी बंद कर ये बताए कि उसने किसानों की उन्नति के लिए क्या किया?   डीडीसी चुनाव में जीत तो आगाज हैइस दौरान जम्मू कश्मीर में हुए डीडीसी चुनाव में भाजपा को मिली बड़ी जीत पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में डीडीसी चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में इस सफलता के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा जी को हार्दिक बधाई। ये तो अभी आगाज है। गुपकार नहीं, स्वीकार।ममता बेनर्जी पर साधा निशानापश्चिम बंगाल में चुनावी हलचल पर मंत्री मिश्रा ने ममता बेजर्नी पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था नहीं बची है। वहां ममता बेनर्जी सरकार में माफिया का बोलबाला है। उसे ममता के भाई-भतीजों का खुला संरक्षण है। उन्होंने कहा कि टीएमसी में उनकी तानाशाही का घड़ा भर चुका है। चुनाव पास आते-आते वे अकेली ही रह जाएंगी।

Dakhal News

Dakhal News 23 December 2020


bhopal,Shivraj condemns ,murder of MP ,molesting innocent,Haryana

भोपाल। हरियाणा के झज्जर में मध्यप्रदेश की मासूम के साथ रेप की दिल दहला देने वाली वारदात हुई है। मासूम के साथ दुष्कर्म करने के बाद आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने हरियाणा के झज्जर में प्रदेश की पांच वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की घटना को हृदय विदारक बताते हुए इसकी निंदा की है। उन्होंने कहा कि पीडि़ता से किए गए बर्ताव के दोषी को कड़ी से कड़ी सजा देने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से की चर्चा। सीएम खट्टर ने आश्वस्त किया कि अपराधी को सख्त सजा दी जाएगी।   मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि प्रभावित परिवार को मप्र सरकार की ओर से  4 लाख रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। प्रभावित परिवार को आवश्यक मदद के साथ ही न्याय भी दिलवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री से सख्त कार्यवाही का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा मध्य प्रदेश का पुलिस दल भी हरियाणा जा रहा है। दल झज्जर रवाना हो गया है। मुख्यमंत्री ने घटना को दुखद और निंदनीय बताते हुए कहा कि उनकी आज इस संबंध में हरियाणा के मुख्यमंत्री से चर्चा हुई है। हरियाणा में रहने वाले मध्यप्रदेश के परिवार को पूरा न्याय दिलवाया जाएगा।   यह है पूरा मामलाहरियाणा के झज्जर के छावनी क्षेत्र में पांच साल की बच्ची का रविवार की रात को अपहरण कर लिया और उसकी दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी। यह घटना मूल रुप से मध्य प्रदेश के रहने वाले राजमिस्त्री के परिवार के साथ हुई है। राजमिस्त्री काफी समय से यही पर रह रहा है। आरोपित पड़ोस का ही रहने वाला बताया जा रहा है और आपराधिक प्रवृति का बताया जा रहा है।पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है।

Dakhal News

Dakhal News 22 December 2020


bhopal,Former CM, MP Motilal Vora, died at the age of 93

भोपाल। मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा का सोमवार को निधन हो गया। जानकारी के मुताबिक, खराब सेहत की वजह से मोतीलाल वोरा को रविवार रात एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। 93 साल की उम्र में मोतीलाल वोरा का निधन हुआ। कल ही उनका जन्मदिन था। लंबे समय तक कांग्रेस कोषाध्यक्ष रहे मोतीलाल वोरा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और उत्तरप्रदेश के राज्यपाल रह चुके रह चुके हैं।   मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रहने वाले मोतीलाल वोरा ने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली थी। मोतीलाल वोरा का जन्म 20 दिसंबर 1928 को राजस्थान के नागौर जिले में हुआ था। मोतीलाल वोरा का विवाह शांति देवी वोरा से हुआ था। उनकी चार बेटियां और दो बेटे हैं। उनके बेटे अरुण वोरा दुर्ग से विधायक हैं और वे तीन बार विधायक के रूप में चुनाव जीत चुके हैं।   मोतीलाल वोरा का सफर- मोतीलाल वोरा ने कई वर्षों तक पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए पत्रकारिता की और बाद में 1968 में राजनीति में प्रवेश किया।- 1970 में मध्यप्रदेश विधानसभा से चुनाव जीता और मध्य प्रदेश ‘राज्य सडक़ परिवहन निगम’ के उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए।- 1977 और 1980 में दोबारा विधानसभा में चुने गए और उन्हे 1980 में अर्जुन सिंह मंत्रिमंडल में उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाली।- मोतीलाल वोरा 1983 में कैबिनेट मंत्री बने और मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में भी नियुक्त हुए।- 13 फरवरी 1985 में वोरा को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया।- 13 फरवरी 1988 को मोतीलाल वोरा ने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देकर 14 फरवरी 1988 में केंद्र के स्वास्थ्य परिवार कल्याण और नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कार्यभार संभाला।- अप्रैल 1988 में मोतीलाल वोरा राज्यसभा के लिए चुने गए।- 26 मई 1993 से 3 मई 1996 तक उत्तर प्रदेश के राज्यपाल रहे।

Dakhal News

Dakhal News 21 December 2020


bhopal, Home Minister, big statement, money laundering case

भोपाल। लोकसभा चुनाव 2019 में हुए लॉन्ड्रिंग मामला इन दिनों सुर्खियों में है। पूरे मामले को लेकर इन दिनों प्रदेश में खूब राजनीति हो रही है। वहीं अब इस पर मप्र के गृह एवं जेल मंत्री नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान सामने आया है।   गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए इस पूरे मामले पर कहा कि मप्र कांग्रेस की कमलनाथ सरकार में हुए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सभी नाम पूरी जांच के बाद सीबीडीटी और चुनाव आयोग की रिपोर्ट में सामने आए हैं। इस मामले में कानून अपना काम करेगा। जांच प्रचनल में है तथ्य जल्द ही सामने आएंगे। कोई भी कितना बड़ा क्यों न हो बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए गृहमंत्री ने कहा कि काग्रेस कभी भी वंशवाद से मुक्त नहीं हो सकती। वहां दिल्ली से भोपाल तक वंशवाद ही हावी है। चाहे राष्ट्रीय कांग्रेस हो या राज्य की युवक कांग्रेस।भ्रष्ट और गुंडाराज ने बंगाल को कंगाल कर दिया इस दौरान पश्चिम बंगाल के हालातों पर मंत्री मिश्रा ने कहा कि ममता बेनर्जी के भ्रष्ट और गुंडाराज ने बंगाल को कंगाल कर दिया है। बंगाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी की रैली और आमसभा में जिस तरह का जनसैलाब उमड़ा है उससे तय है कि जनता बदलाव का मन बना चुकी है।

Dakhal News

Dakhal News 21 December 2020


bhopal, Chief Minister Chouhan, salutes the martyrs,martyrdom day

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को चार शहीदों को उनके शहादत दिवस पर नमन किया। मुख्यमंत्री चौहान ने अपने निवास कार्यालय सभाकक्ष में शहीद राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, अश्‍फाकुल्ला खान, रोशन सिंह और पं. राम प्रसाद बिस्मिल के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया।    उल्लेखनीय है कि वर्ष 1925 में हुए काकोरी कांड के बाद इन चारों शहीदों को फांसी की सजा सुनाई गई थी। राजेंद्र नाथ लाहिड़ी को 17 दिसम्बर 1927 को और अश्‍फाकुल्ला खान, रोशन सिंह और पं. राम प्रसाद बिस्मिल को 19 दिसम्बर 1927 को फांसी दी गई थी।   मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि चारों राष्ट्रप्रेमी मित्रों ने स्वतंत्रता और स्वाभिमान की चाह में अपने जीवन का बलिदान किया। भारतीय स्वाधीनता आंदोलन में काकोरी कांड की अहम् भूमिका थी। इस घटना के बाद देश में क्रांतिकारियों के प्रति आमजन का नजरिया परिवर्तित होने लगा था और क्रांतिकारी पहले से ज्यादा लोकप्रिय होने लगे थे। इन चारों बलिदानियों के बलिदान से युवाओं को देशभक्ति की प्रेरणा मिली।

Dakhal News

Dakhal News 19 December 2020


Indore, Congress protests, against rising prices, petrol and diesel, bullock cart

इंदौर। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में शनिवार को कांग्रेस ने अनूठा प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर बैलगाड़ी युग दिखाने की कोशिश की। पेट्रोल, डीजल और गैस के बढ़े दाम के साथ कृषि कानून के विरोध में सुबह 11 बजे बड़ी संख्या में कांग्रेसी बैलगाड़ी पर सवार होकर रीगल चौराहे स्थित धरना स्थल पर पहुंचे।   धरना प्रदर्शन के दौरान उपवास कार्यक्रम में करीब-करीब सभी बड़े नेता शामिल हुए। बैलगाड़ी पर स्कूटर रखकर उस पर सवार शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल मोदी सरकार के खिलाफ हल्ला बोलने मंच के पास पहुंचे। बैलगाड़ी में कुछ स्लोगन लिखी तख्तियां भी लटकी हुई थीं। जिसमें लिखा था पेट्रोल डीजल की बढ़ गई कीमत, अब बैलगाड़ी की पड़ी जरूरत। पेट्रोल, डीजल के दाम कम करो, भाजपा कुछ शर्म करो। खा गए राशन पी गए तेल, देखो-देखो मोदी-शिवराज का खेल। धरना प्रदर्शन में विधायक संजय शुक्ला, राजेश चौकसे, सन्नी राजपाल, सदाशिव यादव, अंतर सिंह दरबार सहित बड़ी संख्या में नेता कार्यकर्ता शामिल हुए।   इस दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने कहा कि मोदी सरकार में पेट्रोल डीजल के भाव लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आज डीजल और पेट्रोल के भाव 100 रुपये के आसपास पहुंच चुका है। गैस की बात करें, तो एक सप्ताह में डेढ़ सौ रुपए बढ़ गए हैं। काला कृषि कानून जो मोदी सरकार लेकर आई है। हम उसका भी विरोध करते हैं। आज ही शिवराज सिंह सरकार ने बिजली के बिल 15 पैसे यूनिट बढ़ा दिए हैं। कांग्रेस की मांग है कि मोदी सरकार तत्काल काले कानून को वापस ले। साथ ही पेट्रोल और डीजल के भाव को कम करे।

Dakhal News

Dakhal News 19 December 2020


Indore, Congress protests, against rising prices, petrol and diesel, bullock cart

इंदौर। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में शनिवार को कांग्रेस ने अनूठा प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर बैलगाड़ी युग दिखाने की कोशिश की। पेट्रोल, डीजल और गैस के बढ़े दाम के साथ कृषि कानून के विरोध में सुबह 11 बजे बड़ी संख्या में कांग्रेसी बैलगाड़ी पर सवार होकर रीगल चौराहे स्थित धरना स्थल पर पहुंचे।   धरना प्रदर्शन के दौरान उपवास कार्यक्रम में करीब-करीब सभी बड़े नेता शामिल हुए। बैलगाड़ी पर स्कूटर रखकर उस पर सवार शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल मोदी सरकार के खिलाफ हल्ला बोलने मंच के पास पहुंचे। बैलगाड़ी में कुछ स्लोगन लिखी तख्तियां भी लटकी हुई थीं। जिसमें लिखा था पेट्रोल डीजल की बढ़ गई कीमत, अब बैलगाड़ी की पड़ी जरूरत। पेट्रोल, डीजल के दाम कम करो, भाजपा कुछ शर्म करो। खा गए राशन पी गए तेल, देखो-देखो मोदी-शिवराज का खेल। धरना प्रदर्शन में विधायक संजय शुक्ला, राजेश चौकसे, सन्नी राजपाल, सदाशिव यादव, अंतर सिंह दरबार सहित बड़ी संख्या में नेता कार्यकर्ता शामिल हुए।   इस दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने कहा कि मोदी सरकार में पेट्रोल डीजल के भाव लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आज डीजल और पेट्रोल के भाव 100 रुपये के आसपास पहुंच चुका है। गैस की बात करें, तो एक सप्ताह में डेढ़ सौ रुपए बढ़ गए हैं। काला कृषि कानून जो मोदी सरकार लेकर आई है। हम उसका भी विरोध करते हैं। आज ही शिवराज सिंह सरकार ने बिजली के बिल 15 पैसे यूनिट बढ़ा दिए हैं। कांग्रेस की मांग है कि मोदी सरकार तत्काल काले कानून को वापस ले। साथ ही पेट्रोल और डीजल के भाव को कम करे।

Dakhal News

Dakhal News 19 December 2020


bhopal, Chief Minister ,Shivraj transfers ,1600 crore, crop insurance

भोपाल।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन जिला मुख्यालय पर शुक्रवार सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के 35.50 लाख किसानों के खातों में खरीफ फसल-2020 की क्षति राहत की 1600 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की  इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केन्द्र द्वारा पारित तीन कृषक कानूनों के बारे में विस्तार से किसानों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के मेहनती किसान भाइयों-बहनों को मेरा कोटि-कोटि प्रणाम! हम सबके लिए यह सौभाग्य की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने आज रायसेन में आयोजित किसान महासम्मेलन और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े किसानों को वर्चुअल माध्यम संबोधित किया।   उन्होंने कहा कि बीते समय में प्राकृतिक आपदा के कारण मध्यप्रदेश के किसानों को नुकसान हुआ है। आज प्रदेश के 35.50 लाख किसानों के खातों में 1600 करोड़ रुपये की मदद सीधे पहुँच रही है। कोई बिचौलिया नहीं, कोई कमीशन नहीं, कोई कट नहीं, टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर लाभ सीधा किसानों को मिल रहा है। किसान कितनी भी मेहनत कर ले लेकिन उसके उत्पाद का भंडारण सही तरीके से न हो तो उसे नुकसान होता है। यह किसान का नहीं, पूरे देश का नुकसान है। पहले इसे लेकर उदासीनता थी लेकिन अब हमारी सरकार की प्राथमिकता भंडारण के नए केंद्र बनाना है। भारत की कृषि और किसान अब और पिछड़ेपन में नहीं रह सकता। दुनियाभर में किसानों को आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध है, भारत के किसानों को भी वह मिलना चाहिए। अब इसमें और देर नहीं होना चाहिए। हमारी सरकार ने इसकी पहल की है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनकी अपनी राजनीतिक जमीन चली गई है, वे ही भ्रमित कर रहे हैं कि किसानों की जमीन चली जायेगी। स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट जो पहले ही लागू हो जानी चाहिए थी, उसे वे 8 साल तक दबाये बैठे रहे, मैंने कदम उठाये, तो इन्हें दर्द हो रहा है। किसानों के दु:ख-दर्द से विपक्ष पीडि़त है तो वे तब कहाँ थे जब किसानों को यूरिया के लिए लाठी खाना पड़ती थी। हमने भ्रष्टाचार की जुगलबंदी को बंद किया, यूरिया की नीम कोटिंग की, बीच के लोगों को हटाया और किसानों को भरपूर यूरिया उपलब्ध कराया। अगर पुरानी सरकारों को किसान की चिंता होती तो देश में 100 से अधिक सिंचाई प्रोजेक्ट दशकों तक लटके नहीं होते। बांध बनने में 25 साल लग जाते, बांध बनते तो नहरें नहीं बनती। इससे करोड़ों रुपये बर्बाद होते थे।   उन्होंने कहा कि हमारी सरकार एमएसपी को लेकर इतनी गम्भीर है कि बोवनी के समय ही इसकी घोषणा कर दी जाती है। ये कृषि कानून बनने के बाद भी एमएसपी की घोषणा पहले की तरह की गई। कोविड-19 के बावजूद एमएसपी पर सरकारी खरीदी हुई, उन्हीं मंडियों में हुई। कृषि कानून को लागू हुए 6 महीने से अधिक हो गये थे और कानून बनने के बाद एमएसपी की पूर्व की भांति घोषणा हुई, उन्हीं मंडियों में खरीदी भी हुई। मैं देश के प्रत्येक किसान को विश्वास दिलाता हूं कि एमएसपी पहले की भांति ही रहेगी। देश में कृषि कानून को लागू हुए छह महीने से अधिक हो गये हैं, लेकिन देश में अब तक एक भी मंडी बंद नहीं हुई है।    मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती का सीना चीरकर दुनिया का पेट भरने वाले, हरियाली और खुशहाली के लिए काम करने वाले किसान भाइयों को प्रणाम करता हूं। किसानों के सबसे बड़े हितैषी हिन्दुस्तान में कोई नेता हैं, तो वे नरेंद्र मोदी जी हैं। किसान सम्मान निधि और फसल बीमा जैसी अनेक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से उन्होंने किसानों को समर्थ बनाने की दिशा में अभूतपूर्व काम किया है। किसान भाइयों को पहले ऋण नहीं मिलता था, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री मोदी की पहल से किसानों को केसीसी की सुविधा मिली। अगर कोई व्यापारी किसान से खेत से ही उत्पाद खरीद ले तो किसान को लाभ ही होगा। बोवनी के समय कोई व्यापारी किसान से समझौता कर ले और फसल के अच्छे दाम दे, तो उसे लाभ ही होगा। स्टॉक लिमिट के खत्म होने से किसान तभी फसल बेचे जब मुनाफा अधिक मिले! ये तीन कृषि कानूनों पर वही रो सकता है जिसने इन्हें पढ़ा ही न हो। कांग्रेस के समय तो न सडक़ थी, न बिजली थी, न सिंचाई थी! किसानों को राहत की राशि देने की तो कोई बात ही नहीं करता था।   शिवराज ने कहा कि तीनों कृषि कानून से किसान समृद्ध होंगे, लेकिन कांग्रेसी किसानों को भ्रमित कर रहे हैं। वो राहुल गांधी जी भी घडिय़ाली आंसू बहा रहे हैं, जिन्हें यही पता नहीं है कि आलू जमीन के नीचे होता है कि ऊपर। राहुल गांधी और कमलनाथ बोलते हैं कि हम किसानों के लिए उपवास करेंगे। आप उपवास नहीं पश्चाताप करो! आपने किसानों से झूठे वादे किए, उनको ठगा, उनको छला, उनको धोखा दिया, उसके लिए पश्चाताप करो। कमलनाथ जी ने कजऱ्माफी का झूठ तो बोला ही, उसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान कल्याण निधि के लिए पात्र किसानों की सूची ही केंद्र को नहीं भेजी! हमने किसानों की सूची भेजी और 6,000 रुपये के साथ ही अपनी ओर से 4,000 रुपये भी किसानों को दिये।    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आशीर्वाद और सहयोग से पिछले आठ महीने में हमने 82,422 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत किसानों के खाते में अंतरित करने का काम किया। किसान बन्धुओं, किसी की बातों में मत आना, मंडी बंद नहीं होगी और न ही एमएसपी पर खरीदी बंद होगी! मंडी की व्यवस्था को हम पहले से अधिक सुदृढ़ कर रहे हैं। किसानों के नाम पर घडिय़ाली आँसू बहाने वाले नेता मोदी जी का विरोध करने के लिए झूठ बोल रहे हैं।

Dakhal News

Dakhal News 18 December 2020


bhopal, Vikrant Bhuria ,became new state president , Youth Congress, Kamal Nath wishes

भोपाल। मध्य प्रदेश युवक कांग्रेस संगठन के हाल ही संपन्न हुए चुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं। विक्रांत भूरिया यूथ कांग्रेस के नए अध्यक्ष बन गए हैं। वे कांग्रेस विधायक और प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया के बेटे हैं। विक्रांत अब युवक कांग्रेस की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं दूसरे नंबर पर संजय सिंह यादव ने जीत हासिल कर उपाध्यक्ष पद पर कब्जा किया है। यूथ कांग्रेस चुनाव के दौरान गंभीर आरोप लगाने वाले विवेक त्रिपाठी तीसरे नंबर पर रहे हैं।   विक्रांत भूरिया को 40 हजार 850 वोट मिले हैं, वहीं संजय यादव 20 हजार वोटों के साथ उपाध्यक्ष बने हैं। इनके अलावा तीसरे नंबर पर रहे विवेक त्रिपाठी सचिव बने है। बताते चले कि प्रदेश में वर्ष 2013 के बाद अब युवा कांग्रेस के चुनाव कराए गए हैं। 1.11 लाख मतदाताओं ने प्रदेश अध्यक्ष, महासचिव, जिला अध्यक्ष, महासचिव और विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए 10, 11 और 12 दिसंबर को मतदान हुआ था। युवक कांग्रेस चुनाव में 12 उम्मीदवार थे लेकिन तीन ने नाम वापस ले लिया था। कयास लगाए जा रहे थे कि विक्रांत भूरिया अध्यक्ष बन सकते है। भाजपा आरोप लगा रही थी कि होगा वही जो दिग्गी-कमलनाथ चाहते हैं और वही हुआ। इससे भाजपा के आरोप सही लगते दिख रहे हैं।   कमलनाथ ने दी बधाईयुवक कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित होने पर विक्रांत भूरिया को मप्र के पूर्व सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने शुभकामनाएं दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा ‘युवक कांग्रेस के संपन्न चुनावों में मध्यप्रदेश युवक कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित होने पर विक्रांत भूरिया को हार्दिक शुभकामनाएँ। अन्य पदाधिकरियों को भी बहुत- बहुत बधाई। उम्मीद करता हूँ कि आप सभी युवाओं की आवाज़ बनकर पार्टी की रीति- नीतियो के अनुरूप जनहित के लिये संघर्ष करते रहेंगे।

Dakhal News

Dakhal News 18 December 2020


bhopal, Purity like, Ganga water ,Narmada water , our intention, Prime Minister

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार पूरी तरह से किसानों को समर्पित है तथा यहाँ किसानों की भलाई के लिए निरंतर कार्य हो रहे हैं। आज प्रदेश के 35 लाख से अधिक किसानों के खातों में फसल नुकसानी के 1600 करोड़ रुपए की राशि सीधे उनके खातों में अंतरित की जा रही है, कोई बिचौलिए नहीं, कोई कमीशन नहीं। यह भारत में पिछले 5-6 वर्षों में बनाई गई व्यवस्था का परिणाम है, जिसकी पूरे विश्व में आज प्रशंसा हो रही है।    उन्होंने कहा कि किसानों को खेती से जुड़े कार्यों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड दिलाए जा रहे हैं, जिससे उन्हें कम ब्याज दर पर ऋण प्राप्त हो रहा है। आज यहां कोल्ड स्टोरेज, वेयर हाऊस आदि कृषि अधोसंरचनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास भी हुआ है, जो कि किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी होंगे। देश में भंडारण की कमी के चलते प्रतिवर्ष एक लाख करोड़ के फल, सब्जी, अनाज खराब हो जाते हैं। देश में भंडारण केन्द्रों का नेटवर्क बनाना तथा फूड प्रोसेसिंग के उद्यम स्थापित करना हमारी प्राथमिकता है।   देश में जो कृषि सुधार 25-30 वर्ष पहले हो जाने थे वे अब हुए हैं   प्रधानमंत्री ने कहा कि तीनों कृषि कानून किसानों के लिए अत्यंत लाभदायक एवं कृषि की उन्नति के लिए परम आवश्यक है। ये कानून 25-30 वर्ष पहले ही देश में लागू हो जाने थे। पिछली सरकारों ने अपने घोषणा पत्रों में इन्हें लागू करने का जिक्र तो किया परंतु कार्य नहीं किया। कृषि सुधार के संबंध में स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को गत सरकार ने दबा दिया, जबकि हमने उसे लागू किया है। आज जब हमारी सरकार ने किसानों के हित में कृषि सुधारों को लागू किया है तो किसानों में भ्रम एवं डर फैलाया जा रहा है। किसान भाई इसे समझें और बिल्कुल भी भ्रमित न हों। हमारी नीयत माँ गंगा एवं माँ नर्मदा के जल जैसी पवित्र है। हमारा हर कदम किसानों के हित में है।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को प्रदेश के रायसेन में आयोजित किसान महासम्मेलन में प्रदेश के 50 लाख से अधिक किसानों को सीधे (वर्चुअली) संबोधित किया। किसान कार्यक्रम स्थल से तथा प्रदेश के सभी जिला, जनपद तथा ग्राम पंचायतों से वर्चुअली जुड़े थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के साढ़े 35 लाख किसानों के खातों में फसल नुकसानी की प्रथम किश्त के रूप में 1600 करोड़ रुपये की राशि अंतरण की शुरुआत की। मुख्यमंत्री द्वारा कार्यक्रम में 70 करोड़ रुपये से अधिक के कृषि अधोसंरचना विकास के कार्यों का शिलान्यास/लोकार्पण किया। इसके साथ ही 2 हजार मछुआ पालक एवं पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में सांसद  वीडी शर्मा कृषि मंत्री कमल पटेल, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी आदि उपस्थित थे।   किसानों की कर्जमाफी का वादा पूरा नहीं किया   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गत सरकार ने किसानों से किया गया कर्जमाफी का वादा पूरा नहीं किया। किसानों के कर्ज माफ नहीं हुए तथा उन्हें कर्जमाफी के स्थान पर बैंकों के नोटिस व गिरफ्तारी के वारंट मिले। आज किसानों के हित में किए जा रहे सुधारों का विपक्षी विरोध कर रहे हैं तथा भ्रम फैला रहे हैं।   आज नहीं है यूरिया की किल्लत   उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध करा रही है। हमने यूरिया की कालाबाजारी रोकी है। पुराने खाद कारखानों को दोबारा चालू किया जा रहा है। आधुनिक फर्टिलाइजर प्लांट लगाए जा रहे हैं। हम किसानों को अब अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता भी बना रहे हैं। किसानों के खेतों में कम कीमत पर सोलर पम्प लगाए जाने का अभियान चलाया जा रहा है। हमने अनाज पैदा करने वाले किसानों के साथ ही पशुपालन, मधुमक्खी पालन तथा मछली पालन करने वाले किसानों का भी पूरा ध्यान रखा है।   एमएसपी बंद हो जाएगी, इससे बड़ा नहीं है कोई झूठ   प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्षी यह भ्रम फैला रहे हैं कि एमएसपी बंद हो जाएगी। इससे बड़ा कोई झूठ नहीं है। हमने न केवल विभिन्न फसलों की एमएसपी में पर्याप्त वृद्धि की है बल्कि गत वर्षों में एमएसपी खरीदी भी कई गुना बढ़ गई है। पुरानी सरकार में जहाँ गेहूँ की एमएसपी दर 1400 रुपये प्रति क्विंटल थी अब वह 1975 रुपये प्रति क्विंटल है। धान की एमएसपी 1310 के स्थान पर 1870, ज्वार की 1520 के स्थान पर 2640, मसूर की 1950 के स्थान पर 5100, चने की 3100 के स्थान पर 5100, तुअर की 4300 के स्थान पर 6000 तथा मूंग की एमएसपी 4500 के स्थान पर अब 7200 रुपये प्रति क्विंटल है।   मंडियों के आधुनिकीकरण पर 5 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च करेंगे   प्रधानमंत्री ने कहा कि दूसरा बड़ा झूठ यह है कि मंडियां बंद हो जाएंगी। देश की कोई भी कृषि उपज मंडी बंद नहीं होगी, बल्कि हम उनके आधुनिकीकरण पर 5 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करने जा रहे हैं। नए कानून के माध्यम से किसान को यह विकल्प दिया गया है कि वो अपनी फसल अपनी इच्छानुसार, जहां उसे अधिक लाभ प्राप्त हो, मंडी के भीतर या मंडी के बाहर कहीं भी बेचे। पिछले छह महीने से ये नए कानून देश में लागू किए गए हैं, आज तक कोई मंडी बंद नहीं हुई है, और न ही आगे बंद होगी।   कृषि अनुबंध कानून देता है किसानों को सुरक्षा   उन्होंने कहा कि हमने जो फार्मिंग एग्रीमेंट (कृषि अनुबंध) कानून बनाया है, वह किसानों को सुरक्षा प्रदान करता है। बुवाई के समय ही किसान अपनी उपज का अनुबंध किसी से भी कर सकता है। यह अनुबंध उसकी फसल का ही होगा न कि उसकी भूमि का। किसानों को यह अधिकार दिया गया है कि वे उसे समाप्त कर सकेंगे परंतु व्यापारी अनुबंध को समाप्त नहीं कर पाएगा। नए कानून के अनुसार व्यापारी अनुबंध की गई दर पर किसानों की फसल खरीदने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य सरकारें सरल भाषा में एक अनुबंध फार्म बनाकर किसानों को उपलब्ध कराएं, जिससे उन्हें अनुबंध करने में सुविधा हो।

Dakhal News

Dakhal News 18 December 2020


gwalior, Central government, committed to protect, farmers

ग्वालियर। पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार किसानों के हित संरक्षण के लिए संकल्पित है। अन्नदाता देश-प्रदेश का ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लोगों का पेट भरता है। फसल बोते समय खाद-बीज डालने के साथ-साथ अपना पसीना बहाकर एक वटवृक्ष तैयार करके हम तक फसल पहुंचाता है। आज चंद लोग किसानों के हित संरक्षण के लिए बनाए कानून में रोड़ा अटका रहे हैं। यह बातें उन्होंने बुधवार को ग्वालियर के फूलबाग में आयोजित भव्य किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।    सांसद सिंधिया ने जय जवान-जय किसान के नारे से अपने उद्बोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि मूलत: लोग भगवान की पूजा-आराधना करते हैं। किंतु वास्तविक भगवान देश का अन्नदाता है जो सारे देश की मौलिक आवश्यकताओं की पूर्ति करता है। भारत के किसान को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित संरक्षण के लिए तीन कृषि बिल पारित किए गए हैं। यह तीनों बिल किसानों को अपनी फसल बोने से लेकर उत्पादन बेचने तक की स्वतंत्रता देते हैं। अब नए कृषि कानून के तहत किसानों को खाद बीज के भण्डारण की पूर्व से ही व्यवस्था रहेगी।   उन्होंने कहा कि 22 करोड़ किसानों को खेत मिट्टी परीक्षण कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए हैं, ताकि किसानों के हाथ और मजबूत हो सकें। कोरोना संकट में भी किसानों ने खेती करके देश की आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कृषि अधोसंरचना में एक लाख करोड़ रुपये कृषि कोष में जमा कराए हैं। किसानों को हर वर्ष किसान सम्मान निधि के रूप में केन्द्र 6 हजार रुपये और प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्णय के अनुसार प्रत्येक किसान को 4 हजार रुपये, इस तरह अब किसान को 10 हजार की किसान सम्मान निधि प्रतिवर्ष मिल रही है।    उन्होंने कहा कि राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार किसानों के हित का 2 हजार 200 करोड़ रुपये तिजोरी में रखे हुए थी, उसे तोड़कर मुख्यमंत्री चौहान ने किसानों के खातों में जमा कराया। अभी तक 7 हजार 700 करोड़ रुपये किसानों को राहत के रूप में उनके खातों में जमा कराए हैं। वहीं, 1600 करोड़ अंतरित राशि भी प्रदेश सरकार अगले दो दिन के अंदर किसानों के खातों में जमा कराएगी।    नए कृषि कानून का उल्लेख करते हुए सिंधिया ने कहा कि केन्द्र सरकार ने समर्थन मूल्य डेढ़ गुना बढ़ाया है ताकि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके। किसान अपने उत्पादन को अब कहीं पर भी बेच सकते हैं। उन्होंने कहा कि 70 सालों से जंजीरों में जकड़ा किसान अब पूरी तरह से स्वतंत्र हो रहा है। कृषि उपज मंडियां बंद नहीं होंगी। अब किसान बिचौलियों से मुक्त होंगे। किसान सम्पन्न होगा तभी देश आगे तरक्की कर सकेगा। मंडियों को आधुनिक बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अभी धान और गेहूं पर समर्थन मूल्य दिया जाता था, अब दलहनी फसलों को भी समर्थन मूल्य पर किसान बेच सकेंगे।    कार्यक्रम को केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आतिथ्य में रीवा में आयोजित कार्यक्रम का एलईडी पर सीधा प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में 35 लाख 50 हजार किसानों के खातों में अंतरित राशि 1600 करोड़ रुपये आगामी 18 दिसम्बर से जमा कराई जाएगी। इसमें पूर्व की बकाया राशि के अलावा इस वर्ष सोयाबीन फसलों के नुकसान और अन्य फसल क्षति की राहत राशि भी शामिल रहेगी। 

Dakhal News

Dakhal News 16 December 2020


bhopal,Maa Narmada,center of faith, strict action, illegal sand mining

भोपाल। प्रदेश के किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने कहा है कि मां नर्मदा हमारी आस्था का केन्द्र है। नर्मदांचल में अवैध रेत उत्खनन करने वालों के विरूद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी। अवैध उत्खननकर्ताओं के विरूद्ध भारतीय दण्ड विधान की धारा 379 और 411 में मुकदमा दर्ज किया जायेगा। ओवरलोडेड डम्परों को न सिर्फ जब्त किया जायेगा बल्कि उनके मालिकों के विरूद्ध भी कार्यवाही की जायेगी। यह बातें उन्होंने बुधवार को सिवनी-मालवा के प्रतिनिधि मण्डल से हुई मुलाकात के दौरान कही।कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि नर्मदा नदी के किनारे अवैध उत्खनन को सख्ती से रोकने की हिदायत संभागीय एवं जिलाधिकारियों को दी गई है। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि उन्होंने अवैध रेत उत्खनन कर्ताओं के विरूद्ध कार्यवाही नहीं की तो उनके विरूद्ध सरकार कार्यवाही करेगी। उन्होंने कहा कि अवैध उत्खनन को हर हाल में रोका जाएगा। माँ नर्मदा का आंचल छलनी करने वालों के विरूद्ध दण्डात्मक कानूनी कार्यवाही करेंगे। उल्लेखनीय है कि विगत दिनों दिल्ली प्रवास के दौरान कृषि मंत्री पटेल को जबलपुर जिले की शाहपुरा तहसील के बैलखेड़ी घाट पर अवैध उत्खनन की सूचना दूरभाष पर मिली थी। उनके निर्देश पर पॉकलेन मशीन और डम्पर की जप्ती की कार्यवाही प्रशासन के द्वारा की गई थी।ओवर लोडिंग से सड़कों को नुकसान पहुँचाने वालों के विरूद्ध भी होगी कार्यवाहीमंत्री पटेल ने ओवर लोडिंग से सड़कों को नुकसान पहुँचाने वाले वाहन चालकों और मालिकों के विरूद्ध भी कार्यवाही करने के निर्देश दिये है। उन्होंने कहा कि ओवर लोडिंग से सड़के खराब होती है जो आगे चलकर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनती है। इन दुर्घटनाओं से निरपराध लोग जान-माल की क्षति के शिकार होते है। ऐसे वाहन चालकों और मालिकों के विरूद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जायेगी।

Dakhal News

Dakhal News 16 December 2020


bhopal,Mukul Wasnik, reached State Congress office, made ,big statement , body elections

भोपाल। मप्र कांग्रेस ने नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव व मध्यप्रदेश के प्रभारी मुकुल वासनिक तीन दिवसीय दौरे पर राजधानी पहुंचे हैं। बुधवार सुबह वे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे। यहां वे विभिन्न बैठकें लेकर नगरीय निकाय चुनाव में जीत की रणनीति बनाऐंगे।   प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे मुकुल वासनिक का कांग्र्रेस नेताओं ने स्वागत किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों पर कहा कि मैं आज भोपाल आया हूं, यहाँ पर आज वरिष्ठ नेताओं, जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, मोर्चा संगठनों के पदाधिकारियों व सभी से मिलकर, बैठकर चर्चा करूँगा। उसके बाद मैं सागर, जबलपुर व रीवा संभाग जा रहा हूँ। वहाँ पर भी सभी से मिलकर नगरीय निकाय चुनाव की आगामी रणनीति व तैयारियों को लेकर सभी से चर्चा करूंगा। आज हमारे सामने क्या चुनौतियाँ है, वर्तमान में क्या स्थिति है, उस संदर्भ में फ़ैसलों को हम कैसे अंतिम रूप दे और उसके बाद मैं प्रदेश के अन्य संभागो में जाऊँगा और उसके बाद हम अपनी रणनीति व तैयारियों को अंतिम रूप देंगे।   विधायकों को लड़ाने का कोई फैसला नहीं लियाइस दौरान नगरीय निकाय चुनाव में विधायकों को लड़ाने के मामले पर कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक ने कहा कि अभी हमने इस पर कोई फ़ैसला नहीं लिया है। इस पर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी और हम सभी वरिष्ठ नेता मिल बैठकर अंतिम फैसला लेंगे।पुनर्गठन एक सतत चलने वाली प्रक्रिया प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पुनर्गठन को लेकर प्रदेश प्रभारी वासनिक ने कहा कि यह प्रक्रिया कभी रुक नहीं सकती। हमारी कोशिश रहती है कि ऊर्जावान लोगों को साथ में जोड़ते रहे, संगठन को मज़बूत करते रहे, अनुभवी लोगों का नाम लेते रहे। यह एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है, कभी रुक नहीं सकती है। युवक कांग्रेस के चुनाव में सामने आ रही शिकायत पर उन्होंने कहा कि यह विषय युवक कांग्रेस से संबंधित है, उसका निराकरण युवक कांग्रेस का नेतृत्व ही करेगा।   बताते चले कि मध्यप्रदेश कांग्र्रेस के प्रभारी मुकुल वासनिक तीन दिनों तक मप्र के दौरे पर रहेंगे। इन तीनों के दौरान वे भोपाल, सागर, जबलपुर और रीवा जिले के प्रवास पर रहेंगे और जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे। मुकुल वासनिक के अलावा कांग्रेस के प्रदेश सहप्रभारी सीपी मित्तल भी जबलपुर पहुंचेंगे। कांग्रेस के सभी विंग के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

Dakhal News

Dakhal News 16 December 2020


bhopal, Cabinet hikes ,six months,dial 100 scheme, amends sand rule

भोपाल । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की वर्चुअल बैठक हुई।  मंत्रि-परिषद ने डायल 100 योजना के निरंतर संचालन के लिए पूर्व से अनुबंधित फर्म के साथ निविदा की अनुमोदित दरों पर ही अनुबंध अवधि में छह माह अर्थात 1 अप्रैल से 30 सितम्बर 2020 तक तथा पुन: छह माह अर्थात 1 अक्टूबर 2020 से 31 मार्च 2021 तक की वृद्वि की स्वीकृति दी हैं।   मध्यप्रदेश रेत नियम 2019 में संशोधन मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भंडारण तथा व्यापार) नियम 2019 में संशोधन करने की मंजूरी दी। संशोधनों से प्रदेश में रेत खनिज की आपूर्ति आबाधित रूप से संभव हो सकेगी। इससे निर्माण कार्यो को गति मिलेगी तथा श्रमिकों को रोजगार के अवसर सृजित होंगे। राज्य शासन के राजस्व आय प्राप्ति पर भी इसका प्रभाव अपरोक्ष रूप से पड़ेगा।   खनिज राजस्व बकाया वसूली योजना मंत्रि-परिषद ने खनिज साधन विभाग के अंतर्गत खनिज राजस्व बकाया की वसूली के लिये योजना मंजूर की हैं। योजना में वर्ष 1960-61 से वर्ष 2009-10 तक की खनिज राजस्व बकाया में ब्याज की छूट प्रदान की है। इसी प्रकार वर्ष 2010-11 से वर्ष 2017-18 तक की 5 लाख रुपये की बकाया राशि में संपूर्ण ब्याज की छूट दी है। इस अवधि की 5 लाख से 1 करोड़ एवं इससे अधिक की बकाया राशि में ब्याज में 18 प्रतिशत की छूट दी गई हैं।   लाईट हाऊस प्रोजेक्ट मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत लाईट हाऊस प्रोजेक्ट क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार एवं भारत सरकार से एम.ओ.यू. करने की स्वीकृति दी हैं। साथ ही इंदौर नगर पालिक निगम द्वारा प्रेषित प्रस्ताव अनुसार राज्य सरकार के अंशदान की राशि एक लाख रूपये प्रति आवास के आधार पर राशि 10 करोड़ 24 लाख रूपये प्रदान करने की स्वीकृति दी हैं।   अन्य निर्णय -मंत्रि-परिषद ने शासन की नीतियों, कार्यक्रमों और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए जनसंपर्क विभाग के अंतर्गत 375 अस्थाई पदों को 1 मार्च 2020 से 28 फरवरी 2021 तक निरंतर रखने का निर्णय लिया है।   -मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद को संस्था के मूल उदे्श्यो की पूर्ति के परिप्रेक्ष्य में प्रशासनिक कार्य सुविधा की दृष्टि से महानिदेशक, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद का नवीन पद, महानिदेशक मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद को शासी निकाय का सदस्य सचिव एवं कार्यकारिणी सभा के सभापति के रूप में नामांकित करने का निर्णय लिया।   -मंत्रि-परिषद ने पूरे देश में माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देश के पालन में न्यायिक अधिकारियों का एक समान पदाभिधान करने के लिए संशोधन करने की मंजूरी दी हैं।    -मंत्रि-परिषद ने प्रदेश की विद्युत कंपनियों के लिये कार्यशील पूजीऋण/नगद साख सुविधा के लिए शासकीय प्रत्याभूति प्रदान करने की मंजूरी दी। एम.पी. पावर मैनेजमेंट कंपनी एवं तीनों विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उदय योजना में तय की गई सीमा अनुसार आगामी 5 वर्षो तक वित्तीय संस्थाओं/बैंकों से प्राप्त किये जाने वाले साख सुविधा/कार्यशील पूंजी ऋण के लिये शासकीय प्रत्याभूति प्रदान करने के लिये सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई।   -पावर जनरेटिंग/ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिये विद्युत नियामक आयोग द्वारा तय की गई सीमा आगामी 5 वर्षो तक साख सुविधा/कार्यशील पूंजी ऋण के लिए शासकीय प्रत्याभूति प्रदान करने के लिये सैद्धांतिक सहमति दी।   -विद्युत कंपनियों के लिये स्वीकृत उपरोक्त नगद साख सीमा/कार्यशील पूंजी ऋण के लिये बैंकों/वित्तीय संस्थाओं को प्रत्याभूति के नवीनीकरण की स्वीकृति आवश्यकतानुसार वित्त विभाग द्वारा आगामी 5 वर्षो तक दी जायेगी। उक्त प्रस्तावित गारंटी पर मात्र 0.5 प्रतिशत की दर से प्रत्याभूति शुल्क लिया जाएगा।

Dakhal News

Dakhal News 15 December 2020


bhopal,CM gives instructions, ministers to monitor ,work related, department

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मंत्रीगण अपने विभाग से जुड़े निगम मंडल की गतिविधियों को भी गति प्रदान करें। आमजन के हित में योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन किया जाए। विभाग के कार्यों पर निरंतर नजर रखें। पूरे परिश्रम से दिन-रात कार्य कर आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का लक्ष्य पूर्ण करना है। मुख्यमंत्री मंगलवार सुबह मंत्रालय से वीडियो कांफ्रेंस द्वारा मंत्री परिषद सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। सीएम शिवराज ने कैबिनेट बैठक के पूर्व मंत्रियों से कहा कि वे अपने भ्रमण, जनता से संवाद, बैठकों और कार्यक्रमों में नये कृषि कानूनों के फायदों के बारे में चर्चा करें। किसानों के साथ ही सभी वर्गों को देश की आर्थिक प्रगति की दिशा नये कृषि कानूनों के माध्यम से उठाए गए महत्वपूर्ण कदम की जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री ने होशंगाबाद जिले में किसानों को धान का उच्चतम मूल्य दिलवाने के लिए नए किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) अनुबंध मूल्य आश्वासन और सेवा अधिनियम 2020 में की गई कार्यवाही को आदर्श बताते हुए अन्य जिलों में भी किसान हित में ऐसे कदम उठाने की अपेक्षा की। किसानों की आर्थिक दशा सुधारने के लिए बने इन कानूनों के प्रावधानों का विवरण भी जनता तक पहुंचाया जाए। इसके लिए मंत्री नेतृत्व करते हुए इस कार्य को पूर्ण करें।   किसानों को देंगे राहत राशिमुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि आगामी 18 दिसम्बर को पूरे राज्य में किसानों को राहत राशि उनके खातों में अंतरित की जाएगी। इसमें पूर्व की बकाया राशि के अलावा इस वर्ष सोयाबीन फसलों के नुकसान और अन्य फसल क्षति की राहत राशि भी शामिल रहेगी। प्रदेश के 35 लाख 50 हजार किसानों के खातों में 1600 करोड़ रुपये जमा की किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे स्वयं विदिशा में राशि अंतरित करेंगे। शेष जिलों में मंत्रीगण इन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मंत्रियों के जिलों में जाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय और कृषि मंत्री समन्वय कर निर्णय ले रहे हैं। इस कार्यक्रम ने स्थानीय विधायक और सांसद भी शामिल होकर अपनी बात कहेंगे।   कलेक्टर कमिश्नर कान्फ्रेंस जनकल्याण का मंत्रसीएम शिवराज ने कहा कि इस माह हुई कलेक्टर कमिश्नर कान्फ्रेंस में जनता के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्देश वरिष्ठ अधिकारियों को दिए गए हैं। जनकल्याण के लिए प्रशासनिक कसावट करते हुए इस मंत्र को लागू किया गया है। आगामी 4 जनवरी को पुन: ऐसी कान्फ्रेंस होगी। इसमें विभाग विशेष की चर्चा के दौरान संबंधित मंत्री भी उपस्थित रहेंगे।  मंत्री विभागीय चर्चा के बिंदुओं के संदर्भ में कार्यवाही भी सुनिश्चित करें।   जारी रहे माफिया के विरुद्ध कार्रवाईमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सभी तरह के माफिया के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का अभियान जारी रहेगा। मंत्रीगण भी नेतृत्व करते हुए आम जनता के हित में इस अभियान  को मजबूती प्रदान करें। विकास के साथ ही माफिया पर नियंत्रण का कार्य भागीरथी प्रयत्न माना जाए, इस दिशा में मंत्री सक्रिय भूमिका का निर्वह करते रहें।   निगम मंडल के कार्यों पर हो मंत्रियों की नजरसीएम शिवराज ने कहा कि मंत्री अपने विभाग के निगम मंडल के कार्यों पर नजर रखें। पूरे परिश्रम से कार्यों का संचालन, संपादन हो। हमें 20-20 खेलते हुए अच्छे परिणाम देने हैं। साफ सुथरे ढंग से कार्य संचालन हो। हमारी सजगता में कमी न हो। जनकल्याण के कार्यों के लक्ष्य पूरे किए जाएं। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा मंत्रीगण उपस्थित थे। प्रारंभ में वंदेमातरम गायन हुआ।

Dakhal News

Dakhal News 15 December 2020


bhopal,CM gives instructions, ministers to monitor ,work related, department

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मंत्रीगण अपने विभाग से जुड़े निगम मंडल की गतिविधियों को भी गति प्रदान करें। आमजन के हित में योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन किया जाए। विभाग के कार्यों पर निरंतर नजर रखें। पूरे परिश्रम से दिन-रात कार्य कर आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का लक्ष्य पूर्ण करना है। मुख्यमंत्री मंगलवार सुबह मंत्रालय से वीडियो कांफ्रेंस द्वारा मंत्री परिषद सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। सीएम शिवराज ने कैबिनेट बैठक के पूर्व मंत्रियों से कहा कि वे अपने भ्रमण, जनता से संवाद, बैठकों और कार्यक्रमों में नये कृषि कानूनों के फायदों के बारे में चर्चा करें। किसानों के साथ ही सभी वर्गों को देश की आर्थिक प्रगति की दिशा नये कृषि कानूनों के माध्यम से उठाए गए महत्वपूर्ण कदम की जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री ने होशंगाबाद जिले में किसानों को धान का उच्चतम मूल्य दिलवाने के लिए नए किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) अनुबंध मूल्य आश्वासन और सेवा अधिनियम 2020 में की गई कार्यवाही को आदर्श बताते हुए अन्य जिलों में भी किसान हित में ऐसे कदम उठाने की अपेक्षा की। किसानों की आर्थिक दशा सुधारने के लिए बने इन कानूनों के प्रावधानों का विवरण भी जनता तक पहुंचाया जाए। इसके लिए मंत्री नेतृत्व करते हुए इस कार्य को पूर्ण करें।   किसानों को देंगे राहत राशिमुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि आगामी 18 दिसम्बर को पूरे राज्य में किसानों को राहत राशि उनके खातों में अंतरित की जाएगी। इसमें पूर्व की बकाया राशि के अलावा इस वर्ष सोयाबीन फसलों के नुकसान और अन्य फसल क्षति की राहत राशि भी शामिल रहेगी। प्रदेश के 35 लाख 50 हजार किसानों के खातों में 1600 करोड़ रुपये जमा की किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे स्वयं विदिशा में राशि अंतरित करेंगे। शेष जिलों में मंत्रीगण इन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मंत्रियों के जिलों में जाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय और कृषि मंत्री समन्वय कर निर्णय ले रहे हैं। इस कार्यक्रम ने स्थानीय विधायक और सांसद भी शामिल होकर अपनी बात कहेंगे।   कलेक्टर कमिश्नर कान्फ्रेंस जनकल्याण का मंत्रसीएम शिवराज ने कहा कि इस माह हुई कलेक्टर कमिश्नर कान्फ्रेंस में जनता के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्देश वरिष्ठ अधिकारियों को दिए गए हैं। जनकल्याण के लिए प्रशासनिक कसावट करते हुए इस मंत्र को लागू किया गया है। आगामी 4 जनवरी को पुन: ऐसी कान्फ्रेंस होगी। इसमें विभाग विशेष की चर्चा के दौरान संबंधित मंत्री भी उपस्थित रहेंगे।  मंत्री विभागीय चर्चा के बिंदुओं के संदर्भ में कार्यवाही भी सुनिश्चित करें।   जारी रहे माफिया के विरुद्ध कार्रवाईमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सभी तरह के माफिया के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का अभियान जारी रहेगा। मंत्रीगण भी नेतृत्व करते हुए आम जनता के हित में इस अभियान  को मजबूती प्रदान करें। विकास के साथ ही माफिया पर नियंत्रण का कार्य भागीरथी प्रयत्न माना जाए, इस दिशा में मंत्री सक्रिय भूमिका का निर्वह करते रहें।   निगम मंडल के कार्यों पर हो मंत्रियों की नजरसीएम शिवराज ने कहा कि मंत्री अपने विभाग के निगम मंडल के कार्यों पर नजर रखें। पूरे परिश्रम से कार्यों का संचालन, संपादन हो। हमें 20-20 खेलते हुए अच्छे परिणाम देने हैं। साफ सुथरे ढंग से कार्य संचालन हो। हमारी सजगता में कमी न हो। जनकल्याण के कार्यों के लक्ष्य पूरे किए जाएं। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा मंत्रीगण उपस्थित थे। प्रारंभ में वंदेमातरम गायन हुआ।

Dakhal News

Dakhal News 15 December 2020


bhopal,Kamal Nath,question government, why bother,minimum support price

भोपाल। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन काले किसान विरोधी कृषि कानूनों के समर्थन में मध्य प्रदेश की भाजपा द्वारा सरकार द्वारा चलाए जा रहे जन जागरण अभियान, किसान चौपाल, किसान सम्मेलनों पर पलटवार किया है।   कमलनाथ ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि जब एक तरफ़ पूरे देश का किसान सडक़ों पर आकर इन काले कानूनों का खुलकर विरोध कर रहा है। देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर पिछले 19 दिन से सडक़ों पर, कड़ाके की ठंड पर बैठकर आंदोलन कर रहा है। सभी जानते है कि यह काले कानून किसानों से बगैर सहमति, चर्चा, मत विभाजन के, बगैर विपक्षी दलो से चर्चा किये, तानाशाह तरीके से कोरोना काल में थोपे गए हैं। वहीं दूसरी किसानो के समर्थन में खड़े होने की बजाय बेहद शर्मनाक है कि खुद को सच्चा किसान हितेषी बताने वाली मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार इन काले कानूनों के समर्थन में जन जागरण अभियान , किसान चौपाल व किसान सम्मेलन आयोजित कर रही है?   कमलनाथ ने आगे अपने बयान में कहा है कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाले आज किसान को पूरी तरह से बर्बाद करने पर तुले हुए है और बड़ी शर्म की बात है कि किसान विरोधी इन तीन काले कानूनों का विरोध करने की बजाय भाजपा इसका खुलकर समर्थन कर रही है? हमारी सरकार द्वारा शुरू की गयी किसान कर्ज़़ माफ़ी योजना को इन्होंने पाप बताकर रोक दिया है, ये पूरी तरह से किसान विरोधी है।   कृृषि मंत्री के बयान पर कसा तंजकमलनाथ ने निशाना साधते हुए कहा कि तमाम जिम्मेदार भाजपा नेता रोज बयानबाजियाँ कर किसानों व किसान संगठनों को कभी दलाल, देशद्रोही, सांप, बिच्छू, नेवला, कुकुरमुत्ता की खुलेआम संज्ञा दे रहे है और जिम्मेदार मौन है? किसानों के आंदोलनों को कभी वामपंथियों का, कभी नक्सलवादियों का, कभी पाकिस्तानियों का, कभी चीनियों का, कभी ख़ालिस्तानियों का आंदोलन बताने पर तुले हुए है ?

Dakhal News

Dakhal News 15 December 2020


Seoni, Chief Minister ,inaugurated, virtual darbai reservoir,Chhapara block

सिवनी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा सोमवार 14 दिसंबर को वर्चुअल माध्यम से जिले के छपारा विकासखंड अंतर्गत आने वाले दरबई लघु जलाशय का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को खुशियों की सौगाते दी जिससे 230 हेक्टयेर क्षेत्रफल की सिंचाई की जा सकेगी।    अधिकारिक जानकारी के अनुसार 788.71 लाख रूपये लागत से निर्मित हुई दरबई लघु जलाशय परियोजना से दरबई ग्राम सहित आस-पास के ग्रामों के कृषकों तथा आमजनों को सीधा लाभ मिलेगा। इस परियोजना तहत 230 हेक्टेयर क्षेत्रफल की सिंचाई की जा सकेगी। जो निश्चित रूप से कृषकों की आय में वृद्धि करने में सहायक सिद्ध होगी। विधायक दिनेश राय द्वारा अपने संबोधन में स्थानीय नागरिकों को दरबई जलाशय कार्य पूर्ण हो जाने पर बधाई दी है। स्थानीय रहवासी भी उनके क्षेत्र में दरबई जलाशय परियोजना के पूर्ण हो जाने पर हर्षित दिखाई दिए तथा वह इस महत्वकांक्षी परियोजना के लिए शासन-प्रशासन धन्यवाद दिए। आगे बताया गया कि 788.71 लाख रूपये लागत से निर्मित महत्वांकाक्षी दरबई लघु जलाशय के ग्राम पंचायत भवन केवलारी में आयोजित हुए लोकार्पण कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक दिनेश राय भी शामिल हुए साथ ही अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लखनादौन सिद्धार्थ जैन, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग पी.एन.नाग साहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित अधिकारियों,कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। सभी के द्वारा भोपाल से प्रसारित लाईव प्रसारण को देखा व सुना गया।

Dakhal News

Dakhal News 14 December 2020


bhopal, Kamal Nath , Shivraj government, anti-farmer

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि एक तरफ देश भर के हजारों किसान कड़ाके की ठंड में देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर अपने परिवारों के साथ केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर पिछले 18 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। इस आंदोलन में कई किसान अपनी जान भी गवा चुके हैं और वही दूसरी तरफ खुद को किसान पुत्र कहलवाने वाले और ख़ुद को सच्चा किसान हितेषी बताने वाली मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार इन काले कानूनों के समर्थन में प्रायोजित जन जागरण अभियान, पत्रकार वार्ता, चौपाल और सम्मेलन करने जा रही है? यह बड़ा ही शर्मनाक है।    कमलनाथ ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि मध्यप्रदेश की भाजपा की सरकार को भी अकाली दल की तरह ही साहस दिखाते हुए किसानों के समर्थन में खड़ा होकर अपनी केंद्र सरकार का खुलकर विरोध करना था। इन क़ानूनों को वापस लेने की माँग करना थी और इन काले क़ानूनों के विरोध में चौपाल, सम्मेलन आयोजित कर विधानसभा में सर्वसम्मति से इसके खिलाफ़ प्रस्ताव पारित करना था लेकिन इसके उलट मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार बेहद शर्मनाक रवैया अपनाते हुए इन कानूनों के समर्थन के नाम पर गुमराह करने के लिये जन जागरण अभियान चलाने का काम करने जा रही है? इससे शिवराज सरकार का किसान विरोधी रवैया उजागर हो गया है।   पूर्व सीएम ने कहा कि सभी जानते हैं कि यह तीनों कृषि कानून किसान व किसान संगठनों से, विपक्षी दलों से, बगैर मत विभाजन के, बगैर चर्चा के तानाशाही तरीके से थोपे गए हैं। यह क़ानून भी नोटबंदी व जीएसटी की तरह ही किसानो के साथ धोखा है, इसमें भी झूठे सपने दिखाये जा रहे हैं। देशभर का किसान इन कानूनों का विरोध कर रहा है क्योंकि इन कानूनों के लागू होने से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) खत्म हो जाएगी, मंडी व्यवस्था खत्म होगी, जमाखोरी व मुनाफाखोरी बढ़ेगी, कारपोरेट जगत को फायदा होगा, कांटैक्ट फार्मिग से किसान बंधुआ मजदूर बन जाएगा, किसान बर्बाद हो जाएगा।   कमलनाथ ने कहा कि हमने तो घोषणा की थी कि यदि प्रदेश में हमारी सरकार बनी तो हम एमएसपी से कम खऱीदी को अपराध वाला क़ानून प्रदेश में लागू करेंगे। शिवराज सरकार इन क़ानूनों को लेकर निरंतर झूठ परोस रही है कि इन क़ानूनों से एमएसपी ख़त्म नहीं होगी और मंडिया ख़त्म नहीं होगी, जबकि इन क़ानूनों में एमएसपी की ग्यारंटी का कोई जिक्र नहीं है, फिर किस आधार पर यह झूठ परोसा जा रहा है? शिवराज सरकार में तो एमएसपी घोषित ज़रूर होती है लेकिन मिलती नहीं।   कमलनाथ ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश के मुखिया ख़ुद को किसान पुत्र व सच्चा किसान हितेषी बताते हैं लेकिन यह सरकार पूरी तरह से किसान विरोधी सरकार है। यदि केंद्र सरकार के वर्तमान तीन कृषि काले कानूनों का शिवराज सरकार साहस दिखाते हुए विरोध कर किसानों के समर्थन में खुलकर खड़ी हो जाती तो शायद इनके पापों का प्रायश्चित हो जाता और किसान इन्हें इनकी पूर्व की गलतियों के लिए माफ कर देते लेकिन किसानों के समर्थन में खड़े होना तो दूर, जिस प्रकार से किसान विरोधी इन बिलों के समर्थन में खड़े होने का निर्णय मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने लिया है। वह खुद बयां कर रहा है कि कृषि प्रधान मध्य प्रदेश कि वर्तमान भाजपा सरकार पूरी तरह से किसान विरोधी सरकार है। उसे किसान आंदोलन और किसानों के हित से कोई लेना-देना नहीं, किसानों की मांगों से कोई लेना-देना नहीं वह तो प्रायोजित जन जागरण अभियान, चौपाल व सम्मेलनों के माध्यम से झूठा संदेश देकर प्रदेश की भोली- भाली जनता को गुमराह करने का प्रयास करेगी कि यह तीन कृषि कानून किसानों के हित के हैं।

Dakhal News

Dakhal News 14 December 2020


sehdol,Continuation death, innocent people ,did not stop, two more children broken

शहडोल। मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में कुशाभाऊ ठाकरे जिला अस्पताल में बच्चों के मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां मासूमों की मौत का आंकड़ा दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। सोमवार सुबह एसएनसीयू व पीआईसीयू वार्ड में दो ओर मासूमों की मौत हो गई। आज हुई मौतों को लेकर अब तक अस्पताल प्रबंधन ने चुप्पी साधी हुई है।   जानकारी के अनुसार उमरिया जिले के चंदनिया की 4 माह की बच्ची और सेमहरिया देवगई की 3 माह की बच्ची की मौत हो गई। इसके साथ ही यहां 17 दिनों में 23 बच्चों की मौत हो गई है। बता दें कि शहडोल जिला अस्पताल में लगातार बच्चों की मौत ने स्वास्थ्य विभाग और सरकार में हडक़ंप मचा दिया है। सीएमएचओ डॉ. राजेश पांडे ने बच्चों की मौत के पीछे निमोनिया को कारण बताया है। मुख्यमंत्री शिवराज ने मामले में जांच के सख्त निर्देश दिए थे। वहीं बीते दिनों स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने भी अस्पताल का निरीक्षण कर अधिकारियों की क्लास लगाई थी। बावजूद मौत का मामला थम नहीं रहा है। इस दौरान मौत के आंडक़ों को छुपाने का भी खुलासा हुआ था।

Dakhal News

Dakhal News 14 December 2020


bhopal,Eight people, MP died , Chittorgarh accident, CM expressed grief

रतलाम। राजस्थान के चित्तौडग़ढ़ जिले में निकुंभ थाना क्षेत्र के ग्राम सांदलखेड़ा के पास शनिवार देर रात एक तेज रफ्तार जीप (क्रूजर वाहन) और ट्रेलर के बीच टक्कर हो गई। इस हादसे में जीप सवार रतलाम जिले के 08 लोगों की मौत हो गई जबकि 10 घायल हुए हैं। घायलों को चित्तौडग़ढ़ के जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। जीप सवार लोग मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के ताल थाना क्षेत्र के ग्राम आक्याकलां के रहने वाले थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।   जानकारी के मुताबिक, रतलाम जिले के ग्राम आक्याकलां निवासी शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ताल के तृतीय श्रेणी कर्मचारी शंकरलाल के बेटे शिवनारायण परमार और बेटी हवाकुंवर की शादी गत 07 दिसम्बर को और गांव के ही सत्यनारायण मालवीय की शादी 11 दिसम्बर को हुई थी। दोनों परिवार के लोग तीनों नवविवाहित जोड़ों को दर्शन कराने के लिए शनिवार को दोपहर तीन बजे राजस्थान के प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर गए थे। लौटते समय ग्राम सादलखेड़ा के पास ट्रेलर वाहन और क्रूजर वाहन के बीच टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि क्रूजर वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सात लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर निकुंभ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक घायल ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।   पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान 60 वर्षीय अम्बालाल पुत्र गंगाराम राठौड़ निवासी घोसला थाना राघवी जिला उज्जैन, 25 वर्षीय नर्मदा बाई पत्नी शिवनारायण निवासी घोसला थाना राघवी जिला उज्जैन, 58 वर्षीय राजकुंवर बाई पत्नी अम्बाराम राठौड़ निवासी घोसला थाना राघवी जिला उज्जैन, चालक 30 वर्षीय जितेंद्र पुत्र शम्भुलाल निवासी आक्याकलां, 21 वर्षीय राहुल पुत्र मनोहरलाल बलाई निवासी कालू हेडा थाना पानविहार जिला उज्जैन, 50 वर्षीय शंकरलाल पुत्र कनीराम बलाई निवासी आक्याकलां, 53 वर्षीय रूक्मणिबाई पत्नी मांगीलाल निवासी नारायणखेड़ी और एक अन्य शामिल हैं। हादसे में घायल 10 लोगों का जिला अस्पताल चित्तौडग़ढ़ में उपचार चल रहा है।   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को ट्वीट करते हुए हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट किया है कि -‘निकुम्भ, जिला चित्तौडग़ढ़, राजस्थान में मप्र निवासी आठ लोगों की सडक़ दुर्घटना में मृत्य होने का दु:खद समाचार मिला है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्माओं को शांति दें, उनके परिवार के सदस्यों को यह दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करें और घायलों को शीघ्र ही पूर्ण स्वस्थ करें।’

Dakhal News

Dakhal News 13 December 2020


bhopal,Eight people, MP died , Chittorgarh accident, CM expressed grief

रतलाम। राजस्थान के चित्तौडग़ढ़ जिले में निकुंभ थाना क्षेत्र के ग्राम सांदलखेड़ा के पास शनिवार देर रात एक तेज रफ्तार जीप (क्रूजर वाहन) और ट्रेलर के बीच टक्कर हो गई। इस हादसे में जीप सवार रतलाम जिले के 08 लोगों की मौत हो गई जबकि 10 घायल हुए हैं। घायलों को चित्तौडग़ढ़ के जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। जीप सवार लोग मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के ताल थाना क्षेत्र के ग्राम आक्याकलां के रहने वाले थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।   जानकारी के मुताबिक, रतलाम जिले के ग्राम आक्याकलां निवासी शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ताल के तृतीय श्रेणी कर्मचारी शंकरलाल के बेटे शिवनारायण परमार और बेटी हवाकुंवर की शादी गत 07 दिसम्बर को और गांव के ही सत्यनारायण मालवीय की शादी 11 दिसम्बर को हुई थी। दोनों परिवार के लोग तीनों नवविवाहित जोड़ों को दर्शन कराने के लिए शनिवार को दोपहर तीन बजे राजस्थान के प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर गए थे। लौटते समय ग्राम सादलखेड़ा के पास ट्रेलर वाहन और क्रूजर वाहन के बीच टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि क्रूजर वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सात लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर निकुंभ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक घायल ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।   पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान 60 वर्षीय अम्बालाल पुत्र गंगाराम राठौड़ निवासी घोसला थाना राघवी जिला उज्जैन, 25 वर्षीय नर्मदा बाई पत्नी शिवनारायण निवासी घोसला थाना राघवी जिला उज्जैन, 58 वर्षीय राजकुंवर बाई पत्नी अम्बाराम राठौड़ निवासी घोसला थाना राघवी जिला उज्जैन, चालक 30 वर्षीय जितेंद्र पुत्र शम्भुलाल निवासी आक्याकलां, 21 वर्षीय राहुल पुत्र मनोहरलाल बलाई निवासी कालू हेडा थाना पानविहार जिला उज्जैन, 50 वर्षीय शंकरलाल पुत्र कनीराम बलाई निवासी आक्याकलां, 53 वर्षीय रूक्मणिबाई पत्नी मांगीलाल निवासी नारायणखेड़ी और एक अन्य शामिल हैं। हादसे में घायल 10 लोगों का जिला अस्पताल चित्तौडग़ढ़ में उपचार चल रहा है।   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को ट्वीट करते हुए हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट किया है कि -‘निकुम्भ, जिला चित्तौडग़ढ़, राजस्थान में मप्र निवासी आठ लोगों की सडक़ दुर्घटना में मृत्य होने का दु:खद समाचार मिला है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्माओं को शांति दें, उनके परिवार के सदस्यों को यह दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करें और घायलों को शीघ्र ही पूर्ण स्वस्थ करें।’

Dakhal News

Dakhal News 13 December 2020


bhopal,Eight people, MP died , Chittorgarh accident, CM expressed grief

रतलाम। राजस्थान के चित्तौडग़ढ़ जिले में निकुंभ थाना क्षेत्र के ग्राम सांदलखेड़ा के पास शनिवार देर रात एक तेज रफ्तार जीप (क्रूजर वाहन) और ट्रेलर के बीच टक्कर हो गई। इस हादसे में जीप सवार रतलाम जिले के 08 लोगों की मौत हो गई जबकि 10 घायल हुए हैं। घायलों को चित्तौडग़ढ़ के जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। जीप सवार लोग मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के ताल थाना क्षेत्र के ग्राम आक्याकलां के रहने वाले थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।   जानकारी के मुताबिक, रतलाम जिले के ग्राम आक्याकलां निवासी शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ताल के तृतीय श्रेणी कर्मचारी शंकरलाल के बेटे शिवनारायण परमार और बेटी हवाकुंवर की शादी गत 07 दिसम्बर को और गांव के ही सत्यनारायण मालवीय की शादी 11 दिसम्बर को हुई थी। दोनों परिवार के लोग तीनों नवविवाहित जोड़ों को दर्शन कराने के लिए शनिवार को दोपहर तीन बजे राजस्थान के प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर गए थे। लौटते समय ग्राम सादलखेड़ा के पास ट्रेलर वाहन और क्रूजर वाहन के बीच टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि क्रूजर वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सात लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर निकुंभ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक घायल ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।   पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान 60 वर्षीय अम्बालाल पुत्र गंगाराम राठौड़ निवासी घोसला थाना राघवी जिला उज्जैन, 25 वर्षीय नर्मदा बाई पत्नी शिवनारायण निवासी घोसला थाना राघवी जिला उज्जैन, 58 वर्षीय राजकुंवर बाई पत्नी अम्बाराम राठौड़ निवासी घोसला थाना राघवी जिला उज्जैन, चालक 30 वर्षीय जितेंद्र पुत्र शम्भुलाल निवासी आक्याकलां, 21 वर्षीय राहुल पुत्र मनोहरलाल बलाई निवासी कालू हेडा थाना पानविहार जिला उज्जैन, 50 वर्षीय शंकरलाल पुत्र कनीराम बलाई निवासी आक्याकलां, 53 वर्षीय रूक्मणिबाई पत्नी मांगीलाल निवासी नारायणखेड़ी और एक अन्य शामिल हैं। हादसे में घायल 10 लोगों का जिला अस्पताल चित्तौडग़ढ़ में उपचार चल रहा है।   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को ट्वीट करते हुए हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट किया है कि -‘निकुम्भ, जिला चित्तौडग़ढ़, राजस्थान में मप्र निवासी आठ लोगों की सडक़ दुर्घटना में मृत्य होने का दु:खद समाचार मिला है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्माओं को शांति दें, उनके परिवार के सदस्यों को यह दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करें और घायलों को शीघ्र ही पूर्ण स्वस्थ करें।’

Dakhal News

Dakhal News 13 December 2020


bhopal,Eight people, MP died , Chittorgarh accident, CM expressed grief

रतलाम। राजस्थान के चित्तौडग़ढ़ जिले में निकुंभ थाना क्षेत्र के ग्राम सांदलखेड़ा के पास शनिवार देर रात एक तेज रफ्तार जीप (क्रूजर वाहन) और ट्रेलर के बीच टक्कर हो गई। इस हादसे में जीप सवार रतलाम जिले के 08 लोगों की मौत हो गई जबकि 10 घायल हुए हैं। घायलों को चित्तौडग़ढ़ के जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। जीप सवार लोग मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के ताल थाना क्षेत्र के ग्राम आक्याकलां के रहने वाले थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।   जानकारी के मुताबिक, रतलाम जिले के ग्राम आक्याकलां निवासी शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ताल के तृतीय श्रेणी कर्मचारी शंकरलाल के बेटे शिवनारायण परमार और बेटी हवाकुंवर की शादी गत 07 दिसम्बर को और गांव के ही सत्यनारायण मालवीय की शादी 11 दिसम्बर को हुई थी। दोनों परिवार के लोग तीनों नवविवाहित जोड़ों को दर्शन कराने के लिए शनिवार को दोपहर तीन बजे राजस्थान के प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर गए थे। लौटते समय ग्राम सादलखेड़ा के पास ट्रेलर वाहन और क्रूजर वाहन के बीच टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि क्रूजर वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सात लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर निकुंभ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक घायल ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।   पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान 60 वर्षीय अम्बालाल पुत्र गंगाराम राठौड़ निवासी घोसला थाना राघवी जिला उज्जैन, 25 वर्षीय नर्मदा बाई पत्नी शिवनारायण निवासी घोसला थाना राघवी जिला उज्जैन, 58 वर्षीय राजकुंवर बाई पत्नी अम्बाराम राठौड़ निवासी घोसला थाना राघवी जिला उज्जैन, चालक 30 वर्षीय जितेंद्र पुत्र शम्भुलाल निवासी आक्याकलां, 21 वर्षीय राहुल पुत्र मनोहरलाल बलाई निवासी कालू हेडा थाना पानविहार जिला उज्जैन, 50 वर्षीय शंकरलाल पुत्र कनीराम बलाई निवासी आक्याकलां, 53 वर्षीय रूक्मणिबाई पत्नी मांगीलाल निवासी नारायणखेड़ी और एक अन्य शामिल हैं। हादसे में घायल 10 लोगों का जिला अस्पताल चित्तौडग़ढ़ में उपचार चल रहा है।   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को ट्वीट करते हुए हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट किया है कि -‘निकुम्भ, जिला चित्तौडग़ढ़, राजस्थान में मप्र निवासी आठ लोगों की सडक़ दुर्घटना में मृत्य होने का दु:खद समाचार मिला है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्माओं को शांति दें, उनके परिवार के सदस्यों को यह दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करें और घायलों को शीघ्र ही पूर्ण स्वस्थ करें।’

Dakhal News

Dakhal News 13 December 2020


bhopal, Kamal Nath, surrounds government, farmers

भोपाल। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया गया है कि सिंचाई के लिए बिजली नहीं मिलने की बजह से फसल सूखने का गम से परेशान किसान ने यह आत्मघाती कदम उठाया। किसान की मौत के बाद अब उस पर राजनीति शुरू हो गई है। पूर्व सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने किसान की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए शिवराज सरकार पर निशाना साधा है।   कमलनाथ ने शनिवार को ट्वीट कर कहा कि ‘दमोह के बेलवाडा गाँव में एक किसान रूपलाल अहिरवार को सिंचाई के लिये बिजली नहीं मिलने से उसके द्वारा फाँसी लगाकर ख़ुदकुशी किये जाने की घटना बेहद दुखद। बिजली विभाग द्वारा केबल ज़ब्त करने की जानकारी व किसान को खऱाब फ़सल का मुआवज़ा नहीं मिलने की जानकारी भी सामने आयी है। शिवराज सरकार में किसानो की आत्महत्याएँ जारी...?   दरअसल, दमोह जिले के तेन्दूखेड़ा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बैलवाड़ा निवासी किसान रुपलाल अहिरवार का शव शुक्रवार सुबह सिकमी पर लिए खेत में एक आम के पेड़ पर फांसी के फंदे से झूलता मिला था। सूचना के बाद मौके पर पहुंची थाना प्रभारी नीतू खटीक ने पंचनामा कार्यवाही करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए तेन्दूखेड़ा भिजवाया। जहां पीएम के बाद परिजनों ग्रमीणों के द्वारा शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव ले जाने से मना करते हुए तेन्दूखेड़ा में जबलपुर दमोह सागर मार्ग तथा बस स्टैंड के बीचों बीच रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों का कहना है कि विद्युत विभाग द्वारा उनके लाइट कनेक्शन काट देने से सिक्मी से खेती कर रहे किसान रुपलाल फसल में सिंचाई नहीं होने की बजह से खेत मे लगी गेहूं की फसल सूख रही थी और इससे पहले धान की फसल की उपज नही होने से सदमे में था। खेती पर पूरी तरह से निर्मर किसान को तनाव इतना बड़ गया कि उसने खेत में लगे पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

Dakhal News

Dakhal News 12 December 2020


bhopal,Hoshangabad, farmer got justice, under new agricultural law, CM tweeted information

भोपाल। नए कृषि कानून को लेकर एक तरफ देशभर में हंगामा मचा हुआ है। पिछले कई दिनों से किसान दिल्ली में डटे हुए है और कृषि कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। सभी विपक्षी दल भी किसानों का समर्थन कर रहे है। इस बीच मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि कानून को किसान हितैषी बताते हुए प्रदेश के होशंगाबाद जिले का एक उदाहरण दिया है। उन्होंने ट्वीट कर नए कृषि कानून से होशंगाबाद के किसानों को मिले न्याय पर खुशी जाहिर करते हुए कृषि कानून को अन्नदाता के हितों की रक्षा का नया ध्येय बताया है।   सीएम शिवराज ने शनिवार सुबह लगातार एक के बाद एक कई ट्वीट कर कृषि कानून को लेकर कहा है कि अन्नदाता के हितों की रक्षा ही नये कृषि कानून का ध्येय है। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि होशंगाबाद के किसानों को इस कानून के कारण 24 घंटे के भीतर न्याय मिला है। दिल्ली की कंपनी फॉर्चून राइस लि. ने होशंगाबाद के किसान बंधुओं से बाजार के उच्च मूल्य पर धान खरीदी का 3 जून को अनुबंध किया था और लगातार खरीदी भी की जा रही थी। परंतु धान की कीमत 3 हजार रुपये प्रति क्विंटल होने पर कंपनी ने खरीदी बंद कर किसानों से संपर्क पूरी तरह से समाप्त कर दिया।   आगे अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने उक्त प्रकरण की जानकारी प्राप्त होने पर तत्परतापूर्वक कार्रवाई की। न्यायालय अनुविभागीय दंडाधिकारी पिपरिया ने समन जारी कर फॉर्चून राइस लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि को 24 घंटे के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। सीएम शिवराज ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि एसडीएम कोर्ट द्वारा जारी समन पर कंपनी के डायरेक्टर श्री अजय भलोटिया हाजिर हुए और उन्होंने कॉन्शुलेशन बोर्ड के समक्ष 9 दिसंबर के उच्चतम दर पर धान क्रय करना स्वीकार किया। मुझे प्रसन्नता है कि भौखेड़ी के कृषक पुष्पराज और ब्रजेश पटेल के साथ अनेक किसान बंधुओं को न्याय मिला।

Dakhal News

Dakhal News 12 December 2020


bhopal,Hoshangabad, farmer got justice, under new agricultural law, CM tweeted information

भोपाल। नए कृषि कानून को लेकर एक तरफ देशभर में हंगामा मचा हुआ है। पिछले कई दिनों से किसान दिल्ली में डटे हुए है और कृषि कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। सभी विपक्षी दल भी किसानों का समर्थन कर रहे है। इस बीच मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि कानून को किसान हितैषी बताते हुए प्रदेश के होशंगाबाद जिले का एक उदाहरण दिया है। उन्होंने ट्वीट कर नए कृषि कानून से होशंगाबाद के किसानों को मिले न्याय पर खुशी जाहिर करते हुए कृषि कानून को अन्नदाता के हितों की रक्षा का नया ध्येय बताया है।   सीएम शिवराज ने शनिवार सुबह लगातार एक के बाद एक कई ट्वीट कर कृषि कानून को लेकर कहा है कि अन्नदाता के हितों की रक्षा ही नये कृषि कानून का ध्येय है। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि होशंगाबाद के किसानों को इस कानून के कारण 24 घंटे के भीतर न्याय मिला है। दिल्ली की कंपनी फॉर्चून राइस लि. ने होशंगाबाद के किसान बंधुओं से बाजार के उच्च मूल्य पर धान खरीदी का 3 जून को अनुबंध किया था और लगातार खरीदी भी की जा रही थी। परंतु धान की कीमत 3 हजार रुपये प्रति क्विंटल होने पर कंपनी ने खरीदी बंद कर किसानों से संपर्क पूरी तरह से समाप्त कर दिया।   आगे अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने उक्त प्रकरण की जानकारी प्राप्त होने पर तत्परतापूर्वक कार्रवाई की। न्यायालय अनुविभागीय दंडाधिकारी पिपरिया ने समन जारी कर फॉर्चून राइस लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि को 24 घंटे के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। सीएम शिवराज ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि एसडीएम कोर्ट द्वारा जारी समन पर कंपनी के डायरेक्टर श्री अजय भलोटिया हाजिर हुए और उन्होंने कॉन्शुलेशन बोर्ड के समक्ष 9 दिसंबर के उच्चतम दर पर धान क्रय करना स्वीकार किया। मुझे प्रसन्नता है कि भौखेड़ी के कृषक पुष्पराज और ब्रजेश पटेल के साथ अनेक किसान बंधुओं को न्याय मिला।

Dakhal News

Dakhal News 12 December 2020


bhopal,Hoshangabad, farmer got justice, under new agricultural law, CM tweeted information

भोपाल। नए कृषि कानून को लेकर एक तरफ देशभर में हंगामा मचा हुआ है। पिछले कई दिनों से किसान दिल्ली में डटे हुए है और कृषि कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। सभी विपक्षी दल भी किसानों का समर्थन कर रहे है। इस बीच मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि कानून को किसान हितैषी बताते हुए प्रदेश के होशंगाबाद जिले का एक उदाहरण दिया है। उन्होंने ट्वीट कर नए कृषि कानून से होशंगाबाद के किसानों को मिले न्याय पर खुशी जाहिर करते हुए कृषि कानून को अन्नदाता के हितों की रक्षा का नया ध्येय बताया है।   सीएम शिवराज ने शनिवार सुबह लगातार एक के बाद एक कई ट्वीट कर कृषि कानून को लेकर कहा है कि अन्नदाता के हितों की रक्षा ही नये कृषि कानून का ध्येय है। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि होशंगाबाद के किसानों को इस कानून के कारण 24 घंटे के भीतर न्याय मिला है। दिल्ली की कंपनी फॉर्चून राइस लि. ने होशंगाबाद के किसान बंधुओं से बाजार के उच्च मूल्य पर धान खरीदी का 3 जून को अनुबंध किया था और लगातार खरीदी भी की जा रही थी। परंतु धान की कीमत 3 हजार रुपये प्रति क्विंटल होने पर कंपनी ने खरीदी बंद कर किसानों से संपर्क पूरी तरह से समाप्त कर दिया।   आगे अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने उक्त प्रकरण की जानकारी प्राप्त होने पर तत्परतापूर्वक कार्रवाई की। न्यायालय अनुविभागीय दंडाधिकारी पिपरिया ने समन जारी कर फॉर्चून राइस लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि को 24 घंटे के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। सीएम शिवराज ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि एसडीएम कोर्ट द्वारा जारी समन पर कंपनी के डायरेक्टर श्री अजय भलोटिया हाजिर हुए और उन्होंने कॉन्शुलेशन बोर्ड के समक्ष 9 दिसंबर के उच्चतम दर पर धान क्रय करना स्वीकार किया। मुझे प्रसन्नता है कि भौखेड़ी के कृषक पुष्पराज और ब्रजेश पटेल के साथ अनेक किसान बंधुओं को न्याय मिला।

Dakhal News

Dakhal News 12 December 2020


bhopal,Drug business, will not be allowed, flourish , Madhya Pradesh,Shivraj

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में ड्रग्स और नशे का कारोबार पनपने नहीं दिया जाएगा। इस काले धंधे को नेस्तनाबूद किया जाएगा। उन्होंने यह बातें शुक्रवार को इंदौर में ड्रग्स के शिकार बन चुके लोगों के लिए नशा मुक्ति केंद्र का ई-लोकार्पण करते हुए कही। इस अवसर पर उन्होंने चलित नशा मुक्ति केंद्र का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने इंदौर में प्रशासन द्वारा गत दिनों ड्रग्स के कारोबारियों के ख़िलाफ़ की गई कार्यवाही पर संतोष जताया। एयरपोर्ट में मुख्यमंत्री ने इंदौर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से साफ़ लहज़े में कहा कि ड्रग्स का काला धंधा करने वालों को जड़ से समाप्त करें।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार शाम को इंदौर पहुँचे। विमानतल पर सांसद शंकर लालवानी व विधायकों ने उनका स्वागत किया। पूर्व मंत्री तुलसी सिलावट भी मुख्यमंत्री और सिंधिया के साथ इंदौर पहुँचे थे। मुख्यमंत्री और सिंधिया ने इंदौर में आयोजित विभिन्न वैवाहिक समारोहों में शिरकत की और नवदंपत्तियों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने हाटपिपल्या विधायक मनोज चौधरी, गोविंद मालू, संजय शुक्ला के निवास पर जाकर नव दंपत्ति को आशीर्वाद दिया।ड्रग ट्रीटमेंट सेंटर से मिलेगा फ़ायदासंभागायुक्त डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि आज से इंदौर में प्रारंभ किया जा रहा ड्रग ट्रीटमेंट सेंटर (नशा मुक्ति केंद्र) ड्रग डि-एडिक्शन कार्यक्रम के अन्तर्गत स्वीकृत है। इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय केन्द्र एम्स एवं क्षेत्रीय केन्द्र केईएम मुंबई के द्वारा क्रियान्वित किया जायगा। उन्होंने बताया कि इस केन्द्र के माध्यम से ओपीडी,  आईपीडी,  नि:शुल्क आवश्यक दवायें तथा समुदाय की जागरूकता के लिये मनोवैज्ञानिक उपाय जैसे काउंसलिंग एवं आईईसी आदि सेवाएं प्रदान की जायेंगी। इस केन्द्र के नोडल अधिकारी अधीक्षक मानसिक चिकित्सालय इंदौर होंगे। वर्तमान में ड्रग ट्रीटमेंट सेंटर में 10  बेडयुक्त वार्ड का शुभारंभ किया जा रहा है, जिसे एक माह में 50 बेड तक विस्तारित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि शहर में नशा मुक्ति के संबंध में जागरूकता फैलाने तथा नशे से ग्रस्त व्यक्तियों को आवश्यकतानुसार नशा मुक्त सेवा उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल यूनिट प्रारंभ की जा रही है। इस चलित नशा मुक्ति केन्द्र में मेडिकल ऑफिसर एवं स्टाफ भी उपलब्ध रहेगा।संभागायुक्त ने बताया कि जिले में रेडक्रास सोसायटी एवं एनजीओ के माध्यम से संचालित सात नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्रों के व्यवस्थित संचालन के लिए अधीक्षक मानसिक चिकित्सालय इंदौर को प्रभारी नियुक्त किया गया है तथा प्रत्येक केन्द्र पर व्यवस्थित पर्यवेक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन के लिए मानसिक चिकित्सालय के विशेषज्ञों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। एनजीओ द्वारा संचालित अंकुर नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र राउ में नशा मुक्ति के लिए आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग किया जा रहा है जिसके माध्यम से लगभग 1500 ओपीडी एवं 150 आईपीडी व्यक्तियों का इलाज किया गया है।

Dakhal News

Dakhal News 11 December 2020


bhopal,Drug business, will not be allowed, flourish , Madhya Pradesh,Shivraj

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में ड्रग्स और नशे का कारोबार पनपने नहीं दिया जाएगा। इस काले धंधे को नेस्तनाबूद किया जाएगा। उन्होंने यह बातें शुक्रवार को इंदौर में ड्रग्स के शिकार बन चुके लोगों के लिए नशा मुक्ति केंद्र का ई-लोकार्पण करते हुए कही। इस अवसर पर उन्होंने चलित नशा मुक्ति केंद्र का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने इंदौर में प्रशासन द्वारा गत दिनों ड्रग्स के कारोबारियों के ख़िलाफ़ की गई कार्यवाही पर संतोष जताया। एयरपोर्ट में मुख्यमंत्री ने इंदौर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से साफ़ लहज़े में कहा कि ड्रग्स का काला धंधा करने वालों को जड़ से समाप्त करें।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार शाम को इंदौर पहुँचे। विमानतल पर सांसद शंकर लालवानी व विधायकों ने उनका स्वागत किया। पूर्व मंत्री तुलसी सिलावट भी मुख्यमंत्री और सिंधिया के साथ इंदौर पहुँचे थे। मुख्यमंत्री और सिंधिया ने इंदौर में आयोजित विभिन्न वैवाहिक समारोहों में शिरकत की और नवदंपत्तियों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने हाटपिपल्या विधायक मनोज चौधरी, गोविंद मालू, संजय शुक्ला के निवास पर जाकर नव दंपत्ति को आशीर्वाद दिया।ड्रग ट्रीटमेंट सेंटर से मिलेगा फ़ायदासंभागायुक्त डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि आज से इंदौर में प्रारंभ किया जा रहा ड्रग ट्रीटमेंट सेंटर (नशा मुक्ति केंद्र) ड्रग डि-एडिक्शन कार्यक्रम के अन्तर्गत स्वीकृत है। इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय केन्द्र एम्स एवं क्षेत्रीय केन्द्र केईएम मुंबई के द्वारा क्रियान्वित किया जायगा। उन्होंने बताया कि इस केन्द्र के माध्यम से ओपीडी,  आईपीडी,  नि:शुल्क आवश्यक दवायें तथा समुदाय की जागरूकता के लिये मनोवैज्ञानिक उपाय जैसे काउंसलिंग एवं आईईसी आदि सेवाएं प्रदान की जायेंगी। इस केन्द्र के नोडल अधिकारी अधीक्षक मानसिक चिकित्सालय इंदौर होंगे। वर्तमान में ड्रग ट्रीटमेंट सेंटर में 10  बेडयुक्त वार्ड का शुभारंभ किया जा रहा है, जिसे एक माह में 50 बेड तक विस्तारित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि शहर में नशा मुक्ति के संबंध में जागरूकता फैलाने तथा नशे से ग्रस्त व्यक्तियों को आवश्यकतानुसार नशा मुक्त सेवा उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल यूनिट प्रारंभ की जा रही है। इस चलित नशा मुक्ति केन्द्र में मेडिकल ऑफिसर एवं स्टाफ भी उपलब्ध रहेगा।संभागायुक्त ने बताया कि जिले में रेडक्रास सोसायटी एवं एनजीओ के माध्यम से संचालित सात नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्रों के व्यवस्थित संचालन के लिए अधीक्षक मानसिक चिकित्सालय इंदौर को प्रभारी नियुक्त किया गया है तथा प्रत्येक केन्द्र पर व्यवस्थित पर्यवेक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन के लिए मानसिक चिकित्सालय के विशेषज्ञों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। एनजीओ द्वारा संचालित अंकुर नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र राउ में नशा मुक्ति के लिए आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग किया जा रहा है जिसके माध्यम से लगभग 1500 ओपीडी एवं 150 आईपीडी व्यक्तियों का इलाज किया गया है।

Dakhal News

Dakhal News 11 December 2020


bhopal,Drug business, will not be allowed, flourish , Madhya Pradesh,Shivraj

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में ड्रग्स और नशे का कारोबार पनपने नहीं दिया जाएगा। इस काले धंधे को नेस्तनाबूद किया जाएगा। उन्होंने यह बातें शुक्रवार को इंदौर में ड्रग्स के शिकार बन चुके लोगों के लिए नशा मुक्ति केंद्र का ई-लोकार्पण करते हुए कही। इस अवसर पर उन्होंने चलित नशा मुक्ति केंद्र का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने इंदौर में प्रशासन द्वारा गत दिनों ड्रग्स के कारोबारियों के ख़िलाफ़ की गई कार्यवाही पर संतोष जताया। एयरपोर्ट में मुख्यमंत्री ने इंदौर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से साफ़ लहज़े में कहा कि ड्रग्स का काला धंधा करने वालों को जड़ से समाप्त करें।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार शाम को इंदौर पहुँचे। विमानतल पर सांसद शंकर लालवानी व विधायकों ने उनका स्वागत किया। पूर्व मंत्री तुलसी सिलावट भी मुख्यमंत्री और सिंधिया के साथ इंदौर पहुँचे थे। मुख्यमंत्री और सिंधिया ने इंदौर में आयोजित विभिन्न वैवाहिक समारोहों में शिरकत की और नवदंपत्तियों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने हाटपिपल्या विधायक मनोज चौधरी, गोविंद मालू, संजय शुक्ला के निवास पर जाकर नव दंपत्ति को आशीर्वाद दिया।ड्रग ट्रीटमेंट सेंटर से मिलेगा फ़ायदासंभागायुक्त डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि आज से इंदौर में प्रारंभ किया जा रहा ड्रग ट्रीटमेंट सेंटर (नशा मुक्ति केंद्र) ड्रग डि-एडिक्शन कार्यक्रम के अन्तर्गत स्वीकृत है। इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय केन्द्र एम्स एवं क्षेत्रीय केन्द्र केईएम मुंबई के द्वारा क्रियान्वित किया जायगा। उन्होंने बताया कि इस केन्द्र के माध्यम से ओपीडी,  आईपीडी,  नि:शुल्क आवश्यक दवायें तथा समुदाय की जागरूकता के लिये मनोवैज्ञानिक उपाय जैसे काउंसलिंग एवं आईईसी आदि सेवाएं प्रदान की जायेंगी। इस केन्द्र के नोडल अधिकारी अधीक्षक मानसिक चिकित्सालय इंदौर होंगे। वर्तमान में ड्रग ट्रीटमेंट सेंटर में 10  बेडयुक्त वार्ड का शुभारंभ किया जा रहा है, जिसे एक माह में 50 बेड तक विस्तारित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि शहर में नशा मुक्ति के संबंध में जागरूकता फैलाने तथा नशे से ग्रस्त व्यक्तियों को आवश्यकतानुसार नशा मुक्त सेवा उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल यूनिट प्रारंभ की जा रही है। इस चलित नशा मुक्ति केन्द्र में मेडिकल ऑफिसर एवं स्टाफ भी उपलब्ध रहेगा।संभागायुक्त ने बताया कि जिले में रेडक्रास सोसायटी एवं एनजीओ के माध्यम से संचालित सात नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्रों के व्यवस्थित संचालन के लिए अधीक्षक मानसिक चिकित्सालय इंदौर को प्रभारी नियुक्त किया गया है तथा प्रत्येक केन्द्र पर व्यवस्थित पर्यवेक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन के लिए मानसिक चिकित्सालय के विशेषज्ञों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। एनजीओ द्वारा संचालित अंकुर नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र राउ में नशा मुक्ति के लिए आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग किया जा रहा है जिसके माध्यम से लगभग 1500 ओपीडी एवं 150 आईपीडी व्यक्तियों का इलाज किया गया है।

Dakhal News

Dakhal News 11 December 2020


bhopal, Narottam Mishra arrives, meet Amitabh Bachchan, mother-in-law

भोपाल। बंगाल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित वरिष्ठ नेताओं के काफिले पर हुए हमले के बाद से ही सियासी गलियारों में घमासान मचा हुआ है। भाजपा कार्यकर्ताओं में घटना को लेकर खासा आक्रोश है। वहीं अब प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बंगाल में मौजूदा परिस्थितियों पर एक मुहिम चलाने का ऐलान किया है। वे बंगला समुदाय के प्रबुद्धजनों से देश भर में संपर्क साध रहे हैं।     इसी मुहिम के तहत मंत्री नरोत्तम मिश्रा शुक्रवार को भोपाल में निवासरत सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की सास इंद्रा भादुड़ी से मुलाकात करने के लिए उनके घर पहुंचे। यहां नरोत्तम मिश्रा ने इंदिरा भादुड़ी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इंदिरा भादुड़ी से पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी कि सरकार के खिलाफ  समर्थन मांगा है। उन्होंने ममता बनर्जी की सरकार में हो रही हिंसा को लेकर इंदिरा भादुड़ी से की बातचीत की और ममता बनर्जी की सरकार के खिलाफ राष्ट्रवाद के नाम पर भाजपा के लिए समर्थन मांगा है। उन्होंने अगले सप्ताह में होने जा रहे एक कार्यक्रम के लिए इंदिरा भादुड़ी को न्योता भी दिया।    नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट कर मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा ‘बॉलीवुड के महानायक श्री अमिताभ बच्चन (@SrBachchan) जी की भोपाल में निवासरत सासु मां श्रीमती इंदिरा भादुड़ी से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्हें अगले हफ्ते भोपाल में होने वाले बंगाली बंधुओं के सम्मेलन में शामिल होने का न्योता दिया।

Dakhal News

Dakhal News 11 December 2020


bhopal, Scindia

भोपाल। वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार सुबह राजधानी भोपाल पहुंचे। एयर इंडिया के विमान से दिल्ली से भोपाल के राजाभोज एयरपोर्ट पहुंचने पर सिंधिया समर्थकों ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से निकले के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सिंधिया बंगाल में भाजपा नेताओं के काफिले पर हुए हमले की कढ़ी निंदा करते हुए ममता बेनर्जी को आड़े हाथों लिया।    सिंधिया ने कहा कि बंगाल में प्रजातांत्रिक मूल्यों पर तांडव का एक उदाहरण देखने को मिला है। इसका जवाब बंगाल की जनता चुनाव में जरूर देगी। इस दौरान किसान आंदोलन पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि केंद्र सरकार के मंत्री लगातार किसानों से बात कर रहे हैं। किसानों की गलतफहमियां दूर करने की कोशिश की जा रही है। कृषि प्रधान देश में कृषि प्रधान सरकार है, लिहाजा किसानों के हित में ही काम किए जा रहे हैं। सीएम शिवराज द्वारा प्रदेश में नशा माफिया के खिलाफ चलाई जा रही कार्रवाई पर सिंधिया ने कहा कि समाज नशा मुक्त होना ही चाहिए, क्योंकि नशे से व्यक्ति ही नहीं बल्कि परिवार और समाज भी प्रभावित होता है।   बता दें कि एयरपोर्ट से निकलने के बाद सिंधिया सीधे मुख्यमंत्री निवास के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री निवास में ज्योतिरादित्य सिंधिया और शिवराज सिंह के बीच कई अहम विषयों को लेकर बड़ी बैठक चल रही है। बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, सह-संगठन मंत्री हितानंद शर्मा के बीच संगठन विस्तार, मंत्रिमंडल विस्तार और निगम मण्डल की नियुक्तियों को लेकर चर्चा चल रही है। बैठक के बाद ज्योतिरादित्तीय सिंधिया, सीएम शिवराज सिंह के साथ शाजापुर दौरे पर जाएंगे।

Dakhal News

Dakhal News 11 December 2020


bhopal,Stones thrown,BJP leaders ,will prove , last nail ,TMC

भोपाल। पश्चिम बंगाल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमले से भाजपा आक्रामक हो गई है। इस घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं पर फेंके गए पत्थर टीएमसी के ताबूत में अंतिम कील साबित होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कायराना हमला ममता बनर्जी ने कराया है।    मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पत्थर जेपी नड्डा के काफिले पर नहीं, लोकतंत्र पर फेंका गया है। यह लोकतंत्र की हत्या का प्रयास है। इसे जनता सहन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि डरी हुईं ममता बनर्जी पराजय के भय से राष्ट्रीय अध्यक्ष की गाड़ी पर पत्थर फिंकवा रही हैं, लेकिन इससे भाजपा डरने वाली नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुंडों ने भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय की गाड़ी पर हमला किया है। उन्हें चोट भी लगी है और पुलिस खड़ी देखती रही। बंगाल की जनता इस चोट का बदला वोट से देगी।    गौरतलब है कि गुरुवार सुबह हुए हमले में बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और मुकुल रॉय समेत कई नेता बाल-बाल बच गए। हमले में विजयवर्गीय की गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए गए और उनके हाथ में भी चोट आई है।

Dakhal News

Dakhal News 10 December 2020


bhopal, Kamal Nath,statement,exploitation of farmers

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ बुधवार शाम इंदौर पहुंचे। यहां उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत की। इसके बाद रात में कमलनाथ भोपाल के लिए रवाना हुए। भोपाल रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए कमलनाथ ने किसान आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है।   पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि हमारे देश की अर्थव्यवस्था कृषि क्षेत्र पर आधारित है और जब तक कृषि क्षेत्र में आर्थिक मजबूती नहीं होगी, देश की अर्थव्यवस्था नहीं सुधर सकती है। आज हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता यह होना चाहिये कि किसानों के साथ न्याय हो, उन्हें उनकी उपज का सही मूल्य मिले, यह हमारी प्राथमिक नीति रहनी चाहिए।   उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से सरकार यह तीन नए कानून लायी है यह सिर्फ़ किसानों के शोषण के कानून है। अब फैसला सरकार को लेना है। सरकार को यह हकीकत समझना चाहिए। यह सरकार हवा में चल रही है, यह पूरे देश को बर्बाद करेगी।

Dakhal News

Dakhal News 10 December 2020


bhopal, Tigress Sundari, return to Kanha,Satkosia Tiger Reserve

भोपाल। ओडिशा के सतकोसिया राष्ट्रीय उद्यान से बाघिन सुंदरी वापस कान्हा लाई जाएगी। इस संबंध में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक को पत्र लिखा है। अपने पत्र में सीएम शिवराज ने सतकोसिया राष्ट्रीय उद्यान में बाघ की मौत पर दुख जताया है। साथ ही उन्होंने बाघिन सुंदरी की वापसी तक ओडिशा में ही समुचित ध्यान देकर सुरक्षित रखे जाने का अनुरोध किया है।   सीएम शिवराज ने बुधवार को ट्वीट कर इस संबंध में जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा कि आज मैंने ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री @Naveen_Odisha जी को पत्र लिखकर मध्यप्रदेश की बाघिन सुंदरी का ध्यान रखने का अनुरोध किया है। सुंदरी और उसके नर साथी को प्रदेश सरकार ने 2018 में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण एवं ओडिशा सरकार के अनुरोध पर प्रदान किया था। ओडिशा के सतकोसिया टाइगर रिजर्व में दुर्भाग्यवश बाघ की मृत्यु हो गई और अब सुंदरी भी नैसर्गिक व्यवहार नहीं कर रही है। एक अन्य ट्वीट कर उन्होंने कहा ‘ओडिशा सरकार व राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के अनुरोध पर सुंदरी को वापस लाने का निर्णय लिया है। हम उसके अनुरूप अपने यहां व्यवस्था कर रहे हैं। मैं श्री @Naveen_Odisha जी, से निवेदन करता हूं कि हमारे कान्हा टाइगर रिजर्व के घोरेला केन्द्र में सुंदरी बाघिन के अनुरूप उसे रखने की समुचित व्यवस्था होने तक, आप मानक के अनुसार उसका ध्यान रखवायें। मुझे विश्वास है कि आपका यथोचित सहयोग मिलेगा। सादर धन्यवाद!   उल्लेखनीय है कि ओडिशा के अनुरोध पर मध्य प्रदेश ने बाघों का जोड़ा सौंपा था। लेकिन वन्यजीव प्रबंधन में लापरवाही के कारण नर बाघ की मौत हो गई और मादा बाघ सुंदरी की भी वहां ठीक-ठाक से देखभाल नहीं की जा रही है। जिसके बाद प्रदेश सरकार ने बाघिन सुंदरी को वापस लाने का फैसला किया है। 

Dakhal News

Dakhal News 9 December 2020


bhopal, Prime Minister ,should withdraw, all three agricultural laws,Digvijay Singh

भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, मप्र के पूर्व सीएम और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने किसानों द्वारा किये गये भारत बंद का समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीनों कृषि कानून वापस लेना चाहिए। संसद की संयुक्त संसदीय समिति गठित कर किसाना संगठनों से चर्चा करना चाहिए, ताकि किसानों के हित में कानून बनें।   उन्होंने मंगलवार को ट्वीट करते हुए कहा कि किसान मेहतन कर हमारा पेट भरता है। इसलिए उसे अन्नदाता कहते हैं। उन्होंने अनुरोध करते हुए कहा कि क्या हम उनके लिए इतना भी नहीं कर पाएंगे। दिग्विजय सिंह ने इंदौर में छावनी क्षेत्र में पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ किसानों के समर्थन में प्रदर्शन किया।     अरुण यादव ने भी की कृषि कानून वापस लेने की मांग   वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण यादव ने भी केंद्र सरकार द्वारा पारित किये गये कृषि संबंधी तीनों को किसान विरोधी बताते हुए उन्हें वापस लेने की मांग की है। अरुण यादव मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ भारत बंद के समर्थन करने के लिए भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि ये 'काले कानून' वापस लिए जाने चाहिए। इनसे किसानों का अहित ही होगा। इस दौरान उन्होंने अपने समर्थकों की मौजूदगी में कानून और केंद्र सरकार का विरोध किया।

Dakhal News

Dakhal News 8 December 2020


bhopal, Prime Minister ,should withdraw, all three agricultural laws,Digvijay Singh

भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, मप्र के पूर्व सीएम और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने किसानों द्वारा किये गये भारत बंद का समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीनों कृषि कानून वापस लेना चाहिए। संसद की संयुक्त संसदीय समिति गठित कर किसाना संगठनों से चर्चा करना चाहिए, ताकि किसानों के हित में कानून बनें।   उन्होंने मंगलवार को ट्वीट करते हुए कहा कि किसान मेहतन कर हमारा पेट भरता है। इसलिए उसे अन्नदाता कहते हैं। उन्होंने अनुरोध करते हुए कहा कि क्या हम उनके लिए इतना भी नहीं कर पाएंगे। दिग्विजय सिंह ने इंदौर में छावनी क्षेत्र में पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ किसानों के समर्थन में प्रदर्शन किया।     अरुण यादव ने भी की कृषि कानून वापस लेने की मांग   वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण यादव ने भी केंद्र सरकार द्वारा पारित किये गये कृषि संबंधी तीनों को किसान विरोधी बताते हुए उन्हें वापस लेने की मांग की है। अरुण यादव मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ भारत बंद के समर्थन करने के लिए भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि ये 'काले कानून' वापस लिए जाने चाहिए। इनसे किसानों का अहित ही होगा। इस दौरान उन्होंने अपने समर्थकों की मौजूदगी में कानून और केंद्र सरकार का विरोध किया।

Dakhal News

Dakhal News 8 December 2020


bhopal, Congress and opposition parties , spreading confusion,  Shivraj

भोपाल। मध्यप्रदेश में विपक्षी दलों द्वारा आहूत भारत बंद का असर दिखाई नहीं दे रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ट्वीट करके कहा है कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल किसान आंदोलन के नाम पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके इस प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा।   मुख्यमंत्री चौहान ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि कांग्रेस और विपक्षी पार्टियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुकाबला मैदान में नहीं कर सकते हैं, इसलिए ये भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। चौहान ने कहा कि गलतफहमी फैलाने की विपक्ष की कोशिश को हम सफल नहीं होने देंगे। गौरतलब है कि सोमवार को हैदराबाद में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में भी मुख्यमंत्री चौहान ने भारत बंद को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला किया था और बताया था कि तमाम विपक्षी दल पहले उन प्रावधानों का समर्थन कर चुके हैं, जो कृषि कानूनों में शामिल हैं।   कृषि कानूनों के पक्ष में हैं प्रदेश के किसानमुख्यमंत्री चौहान ने सिलसिलेवार ट्वीट करके कहा कि राज्य के किसान तीनों कृषि कानूनों के पक्ष में हैं। किसानों के पक्ष में किए जा रहे सुधार फायदेमंद हैं, यह बात यहां के किसान भी समझते हैं। चौहान ने कहा कि देश के बहुत बड़े हिस्से में आंदोलन नहीं है। मध्यप्रदेश में किसान पूरी तरह संतुष्ट हैं। हम मानते हैं कि एक भी किसान के मन में शंका है तो उस पर चर्चा होना चाहिए और वह हो भी रही है। उन्होंने ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार संजीदा है और किसानों के हित के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। किसानों से बात करके उनकी हर शंका का समाधान करने के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे।

Dakhal News

Dakhal News 8 December 2020


bhopal, Congress and opposition parties , spreading confusion,  Shivraj

भोपाल। मध्यप्रदेश में विपक्षी दलों द्वारा आहूत भारत बंद का असर दिखाई नहीं दे रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ट्वीट करके कहा है कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल किसान आंदोलन के नाम पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके इस प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा।   मुख्यमंत्री चौहान ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि कांग्रेस और विपक्षी पार्टियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुकाबला मैदान में नहीं कर सकते हैं, इसलिए ये भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। चौहान ने कहा कि गलतफहमी फैलाने की विपक्ष की कोशिश को हम सफल नहीं होने देंगे। गौरतलब है कि सोमवार को हैदराबाद में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में भी मुख्यमंत्री चौहान ने भारत बंद को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला किया था और बताया था कि तमाम विपक्षी दल पहले उन प्रावधानों का समर्थन कर चुके हैं, जो कृषि कानूनों में शामिल हैं।   कृषि कानूनों के पक्ष में हैं प्रदेश के किसानमुख्यमंत्री चौहान ने सिलसिलेवार ट्वीट करके कहा कि राज्य के किसान तीनों कृषि कानूनों के पक्ष में हैं। किसानों के पक्ष में किए जा रहे सुधार फायदेमंद हैं, यह बात यहां के किसान भी समझते हैं। चौहान ने कहा कि देश के बहुत बड़े हिस्से में आंदोलन नहीं है। मध्यप्रदेश में किसान पूरी तरह संतुष्ट हैं। हम मानते हैं कि एक भी किसान के मन में शंका है तो उस पर चर्चा होना चाहिए और वह हो भी रही है। उन्होंने ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार संजीदा है और किसानों के हित के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। किसानों से बात करके उनकी हर शंका का समाधान करने के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे।

Dakhal News

Dakhal News 8 December 2020


bhopal, Bharat Bandh, Special arrangements ,MP government alert, Bhopal-Indore

भोपाल। कृषि कानूनों के विरोध में आयोजित भारत बंद का असर मध्य प्रदेश में देखने को नहीं मिलेगा। भारत बंद को लेकर मध्य प्रदेश सरकार पूरी तरह चौकस है। राजधानी भोपाल, इंदौर के अलावा प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में जांच के साथ ही किसान नेताओं पर नजर रखी जा रही है।    मंगलवार को भारत बंद के आह्वान को देखते हुए पुलिस ने चौकसी की तैयारियां पूरी कर ली है। सीमावर्ती थानों में पुलिस बल की संख्या बढ़ा दी गयी है। भारत बंद को कांग्रेस ने समर्थन दिया है। सभी जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस आज प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपेगी।   इंदौर, मंदसौर, रतलाम सहित कुछ जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। इंदौर में जबरन बंद कराने पर कार्रवाई होगी। जिले में 200 पुलिसकर्मियों का अतिरिक्त बल लगाया गया है। सभी एडीशनल एसपी अपने क्षेत्र के प्रभारी होंगे। ग्वालियर में पुलिस बंद समर्थकों के सड़कों पर निकलने से दो घंटे पहले मोर्चा संभाल लेगी। 24 स्थाई पिकेट लगाए गए हैं। इसके अलावा 20 से अधिक वाहन शहर में पेट्रोलिंग करेंगे। प्रदेश में पेट्रोल पंप खुले रहेंगे। दूध और दवा की आपूर्ति सुचारू रूप से चलेगी।

Dakhal News

Dakhal News 8 December 2020


bhopal, Bharat Bandh, Special arrangements ,MP government alert, Bhopal-Indore

भोपाल। कृषि कानूनों के विरोध में आयोजित भारत बंद का असर मध्य प्रदेश में देखने को नहीं मिलेगा। भारत बंद को लेकर मध्य प्रदेश सरकार पूरी तरह चौकस है। राजधानी भोपाल, इंदौर के अलावा प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में जांच के साथ ही किसान नेताओं पर नजर रखी जा रही है।    मंगलवार को भारत बंद के आह्वान को देखते हुए पुलिस ने चौकसी की तैयारियां पूरी कर ली है। सीमावर्ती थानों में पुलिस बल की संख्या बढ़ा दी गयी है। भारत बंद को कांग्रेस ने समर्थन दिया है। सभी जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस आज प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपेगी।   इंदौर, मंदसौर, रतलाम सहित कुछ जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। इंदौर में जबरन बंद कराने पर कार्रवाई होगी। जिले में 200 पुलिसकर्मियों का अतिरिक्त बल लगाया गया है। सभी एडीशनल एसपी अपने क्षेत्र के प्रभारी होंगे। ग्वालियर में पुलिस बंद समर्थकों के सड़कों पर निकलने से दो घंटे पहले मोर्चा संभाल लेगी। 24 स्थाई पिकेट लगाए गए हैं। इसके अलावा 20 से अधिक वाहन शहर में पेट्रोलिंग करेंगे। प्रदेश में पेट्रोल पंप खुले रहेंगे। दूध और दवा की आपूर्ति सुचारू रूप से चलेगी।

Dakhal News

Dakhal News 8 December 2020


bhopal, necessary to remain, student forever,success in life,Minister Dr. Mishra

भोपाल। गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जीवन में सफलता के लिये सदैव विद्यार्थी बने रहना आवश्यक है। सेवा में सदैव वाणी पर संयम रखें। दृढ़ इच्छाशक्ति रखें। अनुभव का कोई सानी नहीं। स्वयं का सदैव आंकलन करते रहें। यह बात गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने सोमवार को उप पुलिस अधीक्षकों के संयुक्त दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कही।    भौरी पुलिस अकादमी में आयोजित 39वीं, 40वीं और 41वीं बैच के संयुक्त दीक्षांत समारोह से प्रदेश को 128 नये पुलिस अधिकारी मिले। समारोह में प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 36 अधिकारियों को पुरस्कृत किया गया, इनमें 19 महिला अधिकारी हैं। महिला अधिकारियों ने 39वीं एवं 40वीं बैच में ओवरऑल परफॉरमेंस में प्रथम स्थान प्राप्त किया। पुरस्कृत अधिकारियों के अतिरिक्त शेष अधिकारी अपने-अपने जिलों से यू-ट्यूब लाइव के माध्यम से समारोह में वर्चुअली सम्मिलित हुए।   गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि सेवा के दौरान अपने मन को सदैव मजबूत रखें। उन्होंने कहा कि जब मन कमजोर होता है तो समस्याएं आती हैं, जब मन स्थिर होता है तो चुनौती होती है, लेकिन जब मन मजबूत होता है तो मुसीबतों में से अवसर निकलकर आते हैं। आप सभी अकादमी में शिक्षित भी हुए और प्रशिक्षित भी बावजूद इसके अनुभव से बड़ा गुरू कोई नहीं है। मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि आप एक महत्वपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं देने जा रहे हैं, सदैव स्मरण रहे विश्व में क्रांति, भ्रांति और शांति वाणी से ही हुई है। कार्यक्षेत्र में आपकी वाणी आपकी सफलता का निर्धारण करेगी।    चुनौतियों का सामना कर सफल होंगे : डीजीपी जौहरी संयुक्त  दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी ने कहा कि प्रशिक्षण आपको चुनौतियों से मुकाबले के लिए तैयार कर चुका है। बदला हुआ समय चुनौतीपूर्ण है। अपराध के तरीके बदल गए हैं, इसलिए स्वयं को सजग, अपडेट रखते हुए देशभक्ति-जनसेवा के नवीन प्रतिमान स्थापित करें। उन्होंने कहा कि नव प्रशिक्षित उप पुलिस अधीक्षक चुनौतियों का सामना कर सफल होंगे।    विशेष पुलिस महानिदेशक अरूणा मोहन राव ने बधाई तथा शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी ने प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह सेवा के दौरान आगे बढ़ने में सहायक होगा। उप निदेशक अकादमी विनीत कपूर ने स्वागत उद्बोधन में प्रशिक्षुओं तथा प्रशिक्षण की जानकारी प्रदान की। अतिथियों का स्वागत तुलसी का पौधा भेंट कर किया गया।    महिला उप पुलिस अधीक्षकों ने किया बेहतर प्रदर्शन समारोह में बताया गया कि तीनों बैच के 128 उप पुलिस अधीक्षक में 56 महिला  पुलिस अधिकारी है। पुरस्कृत अधिकारियों में 36 में से 19 महिला पुलिस अधिकारी हैं। तीनों बीच में  ओवरऑल परफारमेंस के आधार पर 2 बैच में महिला अधिकारियों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 39 वीं बैच में  ऋचा जैन,  40 वीं बैच में यशस्वी शिंदे  और 41वीं बैच में पराग सैनी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। आन्तरिक परीक्षाओं के मूल्यांकन में 39वीं बैच में प्रिया सिंह और 40वीं बैच में यशस्वी शिंदे ने प्रथम स्थान प्राप्त किया जबकि 41वीं बैच में प्रथम स्थान पराग सैनी ने प्राप्त किया।   प्रशिक्षक के रूप में एडिशनल एसपी रश्मि पाण्डे, संदीप भूरिया, सेवानिवृत्त अधिकारी वीरेंद्र सिंह गुर्जर और निरीक्षक चौधरी मदनमोहन समर को भी विशिष्ट सम्मान से सम्मानित किया गया। समारोह में पुलिस अकादमी निदेशक एवं एडीजी (प्रशिक्षण) अनुराधा शंकर सिंह, लोकायुक्त एडीजी टी.के. वाइफे, एडीजी अशोक अवस्थी भी मौजूद रहे।

Dakhal News

Dakhal News 7 December 2020


bhopal, Chief Minister Shivraj, arrives Tiruchendur, will participate, Vail Yatra

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने तमिलनाडु दौरे सोमवार दोपहर 12 बजे 12 बजे तिरूचेंदुर पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री तूतीकोरिन में भाजपा की वेल यात्रा के समापन समारोह में शामिल होंगे। इसके बाद तूतीकोरिन में ही भगवान मुरुगन का दर्शन करेंगे।    तमिलनाडु में भाजपा की वेल यात्रा विगत एक माह से चल रही है। इस यात्रा को भाजपा के लिए राजनीति दृष्टिकोण से काफी अहम माना जा रहा है। यह यात्रा तमिलनाडु में भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) के 6 प्रमुख मंदिरों से निकाली गई है। भाजपा  का आरोप है कि तमिलनाडु में विपक्षी संगठनों ने भगवान मुरूगन के अपमान किया है। इसलिए तमिल गर्व, तमिल भगवान मुरुगन के सम्मान, तमिल भावनाओं के सम्मान और तमिल संस्कृति को बढ़ाने के उद्देश्य से वेल यात्रा निकाली जा रही है। इस यात्रा में भाजपा के कई दिग्गज नेता शामिल हो चुके हैं। बीते 21 नवंबर को गृहमंत्री अमित शाह भी इस यात्रा में शामिल हुए थे।

Dakhal News

Dakhal News 7 December 2020


bhopal, Home Minister, Narottam Mishra, appealed common people ,army

भोपाल। मध्य दौरान प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर सोमवार को आमजन से सेना के वेलफेयर में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र झंडा दिवस की शुभकामनाएं और साथ ही जनता से अपील करता हूँ कि सैनिक वेलफेयर के लिए डोनेट करें। देश की सुरक्षा में समर्पित रहने वाले हमारी तीनों सेनाओं के जांबाज सैनिकों के शौर्य व साहस को नमन और सशस्त्र सेना झंडा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।   सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर ब्रिगेडियर ( से.नि.) अरुण सहगल, संचालक सैनिक कल्याण ने गृहमंत्री के जैकेट पर झंडा लगाया। इस अवसर पर मंत्री मिश्रा ने हमारे पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए झंडा कोष में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि ये पैसा हमारे शहीदों के परिवार को जाता है। भारतीय सशस्त्र सेना झंडा दिवस वर्षों से भारत के सैनिकों, नौसैनिक और वायु सैनिक के सम्मान के रूप में मनाया जा रहा है। सशस्त्र बलों की तीन शाखाओं, भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, और भारतीय नौसेना राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अपने प्रयासों को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। आइए हम-सब मिलकर अपने वीर जवानों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष में अवश्य योगदान दें।

Dakhal News

Dakhal News 7 December 2020


indore,Demand for ,MP Shankar Lalwani, Khajrana ,should be named, Ganesh Nagar

इंदौर। प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक इलाके ईदगाह हिल्स के नाम बदलने की मांग के बाद अब राज्‍य की आर्थ‍िक राजधानी इंदौर से खजराना इलाके का नाम बदलने की मांग उठी है। इस बार सांसद ने यह मांग उठाई है और तथ्‍यों के आधार पर कहा है कि श्रीगणेश मंदिर से नाम से देशभर में ख्‍यात खजराना क्षेत्र का नाम गणेश नगर रखा जाना चाहिए।    इस संबंध में सांसद शंकर लालवानी ने रविवार को कहा है कि आज इंदौर के प्रसिद्ध भगवान गणेश की प्रसिद्धि संपूर्ण भारत में है, देशभर से श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए आते हैं। यह पहला अवसर नहीं है कि मेरे द्वारा इस तरह की उक्‍त मांग की जा रही है। लिहाजा लोगों की मांग को देखते हुए खजराना क्षेत्र का नाम भी गणेश नगर या गणेश कॉलोनी रखा जाना चाहिए।    सांसद शंकर लालवानी ने तथ्‍यों के आधार पर इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि इंदौर शहर में कई क्षेत्र ऐसे हैं जो अपने मूल पहचान की जगह किसी और नाम से जाने जाते हैं, इसी तरह का यह क्षेत्र भी है। यहां के लोग भी चाहते हैं कि इसका नाम गणेश नगर किया जाए। उन्‍होंने कहा कि पुराने इतिहासकारों का मत है कि होलकर वंशजों ने इस क्षेत्र में  अपना खजाना छुपा कर रखा था। जिसके कारण आगे चलकर धीरे-धीरे खजाना से खजराना यहां का नाम पड़ गया। लेकिन अब सभी कुछ बदल चुका है, सच्‍चाई हम सभी को पता है और यही बदलाव यहां की स्‍थानीय जनता भी चाहती है। इसलिए उन्‍होंने शासन से इस स्‍थान के नाम परिवर्तन की मांग की है। 

Dakhal News

Dakhal News 6 December 2020


bhopal, Narottam counterattacks, Digvijay and Tankha, statement

भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना वैक्सीन के ट्रायल को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और हरियाणा के मंत्री भाजपा नेता अनिल विज के कोरोना वैक्सनी ट्रायल में शामिल होने पर कांग्रेस ने तंज कसा है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और विवेक तन्खा ने भाजपा नेताओं के वैक्सनी ट्रायल में शामिल होने को पोलिटिकल शो बताते हुए ड्रग ट्राइयल को पब्लिक ट्राइयल बनाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के इस बयान पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पटवार किया है।   मंत्री मिश्रा ने रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए दिग्विजय सिंह और विवेक तन्खा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह और विवेक तन्खा ज्योतषिाचार्य और वैज्ञानिक हैं। इसलिए वैक्सीन पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम ही सवाल उठाना है। इन्होंने सेना और राम जन्मभूमि पर भी सवाल उठाए थे। विवेक तन्खा की सलाह पर मंत्री मिश्रा ने कहा कि जब उनकी सरकार थी तब कुछ किया नहीं, अब क्यों सलाह दे रहे हैं। बाबा साहब अम्बेडकर की पुण्यतिथि पर उन्हें हम सब नमन करते हैं, हम उनके विचारों का सम्मान करते हैं। उनके स्थानों को पंच तीर्थ भाजपा ने बनाये हैं। कमकनाथ एमपी तो आये लेकिन अब कहा चले गए हैं, खत लिखने से क्या होता है नैन मिले तो बात बनें, अपने किया कामों को तो कभी लिखें।   दूसरे प्रदेश से अलग होगा लव जिहाद कानूनइस दौरान लव जिहाद कानून को लेकर गृहमंत्री  नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि लव जिहाद कानून जल्द कैबिनेट में आएगा और विधानसभा में भी। उन्होंने कहा कि मप्र में लव जिहाद कानून दूसरे प्रदेश से अलग होगा और अच्छा होगा। इसके तहत 10 साल की सजा, गुजरा भत्ता, सम्पति कुर्की जैसे विषयों पर भी चर्चा चल रही है। पादरी, मौलवी जो भी यह कार्य करते हैं उनके लिए भी सजा का प्रवधान होगा।

Dakhal News

Dakhal News 6 December 2020


bhopal, Narottam counterattacks, Digvijay and Tankha, statement

भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना वैक्सीन के ट्रायल को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और हरियाणा के मंत्री भाजपा नेता अनिल विज के कोरोना वैक्सनी ट्रायल में शामिल होने पर कांग्रेस ने तंज कसा है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और विवेक तन्खा ने भाजपा नेताओं के वैक्सनी ट्रायल में शामिल होने को पोलिटिकल शो बताते हुए ड्रग ट्राइयल को पब्लिक ट्राइयल बनाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के इस बयान पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पटवार किया है।   मंत्री मिश्रा ने रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए दिग्विजय सिंह और विवेक तन्खा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह और विवेक तन्खा ज्योतषिाचार्य और वैज्ञानिक हैं। इसलिए वैक्सीन पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम ही सवाल उठाना है। इन्होंने सेना और राम जन्मभूमि पर भी सवाल उठाए थे। विवेक तन्खा की सलाह पर मंत्री मिश्रा ने कहा कि जब उनकी सरकार थी तब कुछ किया नहीं, अब क्यों सलाह दे रहे हैं। बाबा साहब अम्बेडकर की पुण्यतिथि पर उन्हें हम सब नमन करते हैं, हम उनके विचारों का सम्मान करते हैं। उनके स्थानों को पंच तीर्थ भाजपा ने बनाये हैं। कमकनाथ एमपी तो आये लेकिन अब कहा चले गए हैं, खत लिखने से क्या होता है नैन मिले तो बात बनें, अपने किया कामों को तो कभी लिखें।   दूसरे प्रदेश से अलग होगा लव जिहाद कानूनइस दौरान लव जिहाद कानून को लेकर गृहमंत्री  नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि लव जिहाद कानून जल्द कैबिनेट में आएगा और विधानसभा में भी। उन्होंने कहा कि मप्र में लव जिहाद कानून दूसरे प्रदेश से अलग होगा और अच्छा होगा। इसके तहत 10 साल की सजा, गुजरा भत्ता, सम्पति कुर्की जैसे विषयों पर भी चर्चा चल रही है। पादरी, मौलवी जो भी यह कार्य करते हैं उनके लिए भी सजा का प्रवधान होगा।

Dakhal News

Dakhal News 6 December 2020


bhopal, Home Minister, Narottam Mishra, did not get permission, Corona Vaccine

भोपाल। मध्य प्रदेश के गृह एवं जेल मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा शुक्रवार सुबह कोवैक्सीन का ट्रायल लेने पीपुल्स अस्पताल पहुंचे। यहां आईसीएमआर की गाइडलाइन अनुसार मंत्री मिश्रा को वैक्सीनेशन के पूर्व काउंसलिंग की गई। हालांकि गृहमंत्री के परिवार में पत्नी और बेटे के कोरोना पॉजिटिव होने के कारण उन्हें कोवैक्सीन के ट्रायल की परमिशन नहीं दी गई है।   दरअसल, राजधानी के पीपुल्स हॉस्पिटल में कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल चल रहा है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कोरोना वैक्सीन का ट्रायल टीका लगवाने का ऐलान किया था। इसके लिए वे शुक्रवार को पीपुल्स हॉस्पिटल पहुंचे थे। काउंसिलिंग के दौरान गृहमंत्री से परिवार में पत्नी और बेटे के कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी मिलने के पश्चात कोवैक्सीन के ट्रायल की परमिशन नहीं दी गई है। इसको लेकर मंत्री नरोत्तम मिश्रा का बयान भी सामने आया है।    उन्होंने कहा कि बहुत इच्छा थी कि कोविड वैक्सीन के ट्रायल में वॉलंटियर बनूं और इसके माध्यम से समाज के लिए कुछ करूं। वैक्सीन ट्रायल के लिए आईसीएमआर के एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया में फिट नहीं बैठ सका इसकी मन में बहुत पीड़ा है।    उन्होंने बताया कि पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ.अनिल दीक्षित ने बताया कि कोविड की गाइडलाइन अनुसार मुझे वॉलंटियर के रूप में वैक्सीन नहीं लगाया जा सकता। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया के मुताबिक वॉलंटियर के किसी निकट परिजन को कोविड19 नहीं होना चाहिए। जबकि मेरी धर्मपत्नी, पुत्र पॉजिटिव हो चुके हैं। इस दौरान मंत्री मिश्रा ने वैक्सीन ट्रायल की गाइडलाइन सरल करने की बात कही है। गृहमंत्री मिश्रा ने कहा- वॉलिंटियर गाइडलाइन सुनेगा तो तैयार नहीं होगा, यदि हो सके तो गाइडलाइन सरल हो।

Dakhal News

Dakhal News 4 December 2020


bhopal,After rice, adulteration,ration salt, Kamal Nath calls , case serious,shameful

भोपाल। मध्य प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत गरीबों को दिए जाने वाले चावल के बाद अब नमक में भी मिलावट का मामला सामने आया है। सागर जिले के बीना ब्लॉक और जबलपुर की राशन दुकानों से बांटे जा रहे नमक में बारीक रेत मिलाने का खुलासा हुआ है। इस मामले को लेकर अब राजनीति शुरू हो गई है। विपक्ष में बैठी कांग्रेस आक्रामक हो गई है और सरकार पर सवाल उठा रही है। वहीं पूर्व सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने पूरे मामले को शर्मनाक बताते हुए दोषियों पर कार्यवाही की मांग की है।   कमलनाथ ने ट्वीट कर पूरे मामले पर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट कर कहा ‘शिवराज सरकार में प्रदेश के कई जिलो में गऱीबों को जानवरो के खाने लायक़ चावल के वितरण के बाद अब गऱीबों को सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली के तहत दिये जाने वाला नमक भी मिलावटी? नमक में रेत? जबलपुर व सागर में इस तरह के मामले सामने आये हैं, बेहद गंभीर व शर्मनाक? एक अन्य ट्वीट कर उन्होंने कहा कि ‘शिवराज सरकार में हर जगह भ्रष्टाचार, फर्जीवाडे, घोटाले, मिलावट का काम जारी। प्रदेशभर में गऱीबों को वितरित की जाने वाली राशन सामग्री की जाँच हो, घटिया चावल के वितरण के बाद अब नमक भी मिलावटी, गरीबों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बंद हो, दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो।

Dakhal News

Dakhal News 4 December 2020


bhopal,After rice, adulteration,ration salt, Kamal Nath calls , case serious,shameful

भोपाल। मध्य प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत गरीबों को दिए जाने वाले चावल के बाद अब नमक में भी मिलावट का मामला सामने आया है। सागर जिले के बीना ब्लॉक और जबलपुर की राशन दुकानों से बांटे जा रहे नमक में बारीक रेत मिलाने का खुलासा हुआ है। इस मामले को लेकर अब राजनीति शुरू हो गई है। विपक्ष में बैठी कांग्रेस आक्रामक हो गई है और सरकार पर सवाल उठा रही है। वहीं पूर्व सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने पूरे मामले को शर्मनाक बताते हुए दोषियों पर कार्यवाही की मांग की है।   कमलनाथ ने ट्वीट कर पूरे मामले पर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट कर कहा ‘शिवराज सरकार में प्रदेश के कई जिलो में गऱीबों को जानवरो के खाने लायक़ चावल के वितरण के बाद अब गऱीबों को सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली के तहत दिये जाने वाला नमक भी मिलावटी? नमक में रेत? जबलपुर व सागर में इस तरह के मामले सामने आये हैं, बेहद गंभीर व शर्मनाक? एक अन्य ट्वीट कर उन्होंने कहा कि ‘शिवराज सरकार में हर जगह भ्रष्टाचार, फर्जीवाडे, घोटाले, मिलावट का काम जारी। प्रदेशभर में गऱीबों को वितरित की जाने वाली राशन सामग्री की जाँच हो, घटिया चावल के वितरण के बाद अब नमक भी मिलावटी, गरीबों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बंद हो, दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो।

Dakhal News

Dakhal News 4 December 2020


bhopal,Shivraj said, Ratlam encounter, such maleficent , right to live in society

भोपाल। मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी दिलीप देवल को गुरुवार रात पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। पुलिस आरोपित को वारदात के बाद से ही ट्रेस कर रही थी और उस पर तीस हजार का ईनाम भी घोषित किया था। इस मुठभेड़ में दो सब इंस्पेक्टर सहित पांच पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। रतलाम मुठभेड़ पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिक्रिया दी है।   सीएम शिवराज ने ट्वीट कर मुठभेड़ पर कहा है कि अभी थोड़ी देर पहले रतलाम ट्रिपल मर्डर केस का मुख्य आरोपी दिलीप देवल पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया। मैंने पुलिस को सख्त निर्देश दिए थे की ऐसे नरपिशाच को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उसे जल्द से जल्द पकड़ा जाए। उन्होंने पुलिस की टीम को कार्यवाही के लिए धन्यवाद देते हुए घायल पुलिस कर्मियों के स्वस्थ होने की कामना की है। एक अन्य ट्वीट कर उन्होंने कहा ‘जब पुलिस टीम उसे पकडऩे गयी तो उसने टीम पर गोलियाँ चलाई और हमारे बहादुर जवानों ने उसका मुंहतोड़ जवाब दिया। हमारे कुछ पुलिसकर्मी इस मुठभेड़ में घायल भी हुए है। मैं उनके शीघ्रातिशीघ्र ठीक होने की कामना करता हूँ। पूरी पुलिस टीम को मध्यप्रदेश की तरफ़ से धन्यवाद। मध्यप्रदेश आज फिर से शांति से सोएगा क्योंकि आप हमारे रक्षक हो। जय हिंद!

Dakhal News

Dakhal News 4 December 2020


bhopal, Private mandis ,may open soon ,MP government, preparing permission

भोपाल। केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानून को लेकर इन दिनों देश भर में के किसानों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। वहीं अब मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार प्रदेश में निजी मंडिया खोलने पर विचार कर रही है। इसके लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। इससे किसान अपनी उपज कहीं भी बेच सकेंगे। यहां तक कि व्यापारियों को मंडियों के बाहर भी खरीद की अनुमति होगी।   प्रदेश में निजी मंडिया खोलने के लिए शिवराज सरकार जल्द ही अनुमति देने की तैयारी में है। इसके लिए कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 में संशोधन की तैयारी तेज हो गई है। सरकार द्वारा 28 दिसंबर से प्रस्तावित तीन दिवसीय विधानसभा सत्र के दौरान सदन में संशोधन विधेयक प्रस्तुत करेगी। संशोधित विधेयक में केंद्रीय कानून के सभी बिंदु शामिल रहेंगे। निजी मंडियों में व्यापारी न्यूनतम समर्थन मूल्य में अनाज की खरीदारी किसानों से कर सकेंगे। इसमें व्यापारियों को पंजीयन कराना होगा। इससे किसानों को इसका लाभ मिलेगा।

Dakhal News

Dakhal News 3 December 2020


bhopal,CM Shivraj ,dismisses speculation,cabinet expansion

भोपाल। मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सिंधिया और सीएम शिवराज की मुलाकात के बाद सीएम शिवराज दिल्ली का दिल्ली दौरा मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों को हवा दे रहा है। अब राज्यपाल आनंदीबेन पटेल 7 दिसंबर को दो दिवसीय दौरे पर मध्य प्रदेश आ रही हैं। इससे चर्चा तेज है कि 8 दिसंबर को शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस तरह की कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है।   वही अब मंत्रिमंडल विस्तार पर सीएम शिवराज का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों को सिरे से नकार दिया है। दरअसल गुरुवार को सीएम शिवराज भोपाल गैस कांड की 36 वीं बरसी पर सेंटर लायब्रेरी में सर्वधर्म प्रार्थना सभा में पहुंचे थे। यहां मीडिया ने जब उनसे मंत्रिविस्तार को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि अभी मंत्रिमंडल विस्तार की कोई तिथि तय नही है। जब होगा तो पता चल जाएगा।   माफियाओं पर सख्त सरकारइस दौरान प्रदेश भर में गुंडे माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान पर सीएम शिवराज ने कहा कि हमारी सरकार, सज्जनों के लिए फूल से ज्यादा कोमल और दुष्टों के लिए वज्र से ज्यादा कठोर है। इसलिए माफिया बोरिया-बिस्तर बांध लें, नहीं तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। मध्यप्रदेश में कोई माफिया, गुंडा, तस्कर, दादा, कोई बदमाश छोड़ा नहीं जायेगा।किसानों के लिए कोई कसर नही छोड़ेंगेकिसान कल्याण योजना को लेकर सीएम शिवराज ने कहा कि मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के अंतर्गत 100 करोड़ रुपये आज प्रदेश के 5 लाख किसानों के खाते में डाले जा रहे हैं। यह जारी रहेगा और इससे लगभग 80 लाख किसान लाभान्वित होंगे। किसानों के कल्याण के लिए जो कदम उठाने चाहिए, वो हमारी सरकार लगातार उठा रही है। हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

Dakhal News

Dakhal News 3 December 2020


bhopal,CM Shivraj ,dismisses speculation,cabinet expansion

भोपाल। मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सिंधिया और सीएम शिवराज की मुलाकात के बाद सीएम शिवराज दिल्ली का दिल्ली दौरा मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों को हवा दे रहा है। अब राज्यपाल आनंदीबेन पटेल 7 दिसंबर को दो दिवसीय दौरे पर मध्य प्रदेश आ रही हैं। इससे चर्चा तेज है कि 8 दिसंबर को शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस तरह की कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है।   वही अब मंत्रिमंडल विस्तार पर सीएम शिवराज का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों को सिरे से नकार दिया है। दरअसल गुरुवार को सीएम शिवराज भोपाल गैस कांड की 36 वीं बरसी पर सेंटर लायब्रेरी में सर्वधर्म प्रार्थना सभा में पहुंचे थे। यहां मीडिया ने जब उनसे मंत्रिविस्तार को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि अभी मंत्रिमंडल विस्तार की कोई तिथि तय नही है। जब होगा तो पता चल जाएगा।   माफियाओं पर सख्त सरकारइस दौरान प्रदेश भर में गुंडे माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान पर सीएम शिवराज ने कहा कि हमारी सरकार, सज्जनों के लिए फूल से ज्यादा कोमल और दुष्टों के लिए वज्र से ज्यादा कठोर है। इसलिए माफिया बोरिया-बिस्तर बांध लें, नहीं तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। मध्यप्रदेश में कोई माफिया, गुंडा, तस्कर, दादा, कोई बदमाश छोड़ा नहीं जायेगा।किसानों के लिए कोई कसर नही छोड़ेंगेकिसान कल्याण योजना को लेकर सीएम शिवराज ने कहा कि मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के अंतर्गत 100 करोड़ रुपये आज प्रदेश के 5 लाख किसानों के खाते में डाले जा रहे हैं। यह जारी रहेगा और इससे लगभग 80 लाख किसान लाभान्वित होंगे। किसानों के कल्याण के लिए जो कदम उठाने चाहिए, वो हमारी सरकार लगातार उठा रही है। हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

Dakhal News

Dakhal News 3 December 2020


bhopal, girl claimed, write what, Shivraj told ,her wife

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा ट्विटर पर शेयर की गई एक कविता को लेकर बवाल मच गया है। शिवराज ने जिस कविता को अपनी पत्नी की बताकर शेयर किया था, उस कविता पर भूमिका बिरथरे नामक ट्विटर यूजर ने दावा किया है। भूमिका का कहना है कि यह कविता उसने लिखी थी। वहीं, विपक्षी कांग्रेस ने इसे लेकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है।   मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के ससुर घनश्यामदास मसानी का 18 नवम्बर को निधन हो गया था। 88 साल के मसानी भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। उस समय सीएम अपनी पत्नी और दोनों बेटों के साथ तिरुपति बालाजी के दर्शन के लिए गए थे। खबर मिलते ही शिवराज अपनी यात्रा बीच में छोड़कर लौट आए थे। मुख्यमंत्री चौहान ने अपने ससुर को याद करते हुए एक ‘बाऊजी’ शीर्षक वाली एक कविता ट्विटर पर शेयर की थी। उन्होंने कहा था कि यह कविता उनकी पत्नी साधनासिंह ने अपने पिता के लिए लिखी थी। इसी कविता पर मंगलवार को भूमिका बिरथरे नामक लड़की ने दावा किया है। भूमिका ने दावा किया है कि उसने अपने डैडी की याद में इस कविता को लिखा था और 21 नवंबर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया था। साधना सिंह ने इस कविता को कॉपी किया। डैडी शब्द की जगह बाबूजी किया और पोस्ट कर दिया। बाद में शिवराज ने इसे शेयर करते हुए साधना सिंह की लिखी कविता बताया।   भूमिका ने कविता के शब्दों में हेरफेर पर भी आपत्ति जताई है। उन्होंने लिखा है कि वे अपने पिता को डैडी कहती थी, लेकिन सोशल मीडिया इसे कुछ लोग बाबूजी, बाऊजी या पापा जैसे शब्दों के साथ शेयर कर रहे हैं। उन्होंने अपील की है कि कविता के शब्द बेहद व्यक्तिगत हैं और इससे उनकी भावनाएं जुड़ी हैं। इसे तोड़-मरोड़कर कविता के साथ अन्याय न करें। भूमिका ने इस कविता को लेकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान पर भी तंज कसा है। उसने ट्वीट किया है- सर भांजी हूं आपकी, मेरी कविता चुराकर आपको क्या मिलेगा??? ये कविता मेरे द्वारा लिखी गई है। उम्मीद है आप मेरे अधिकारों का हनन नहीं करेंगे। मामा तो अधिकारों की रक्षा के लिए हैं ना।   इधर, इस प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने भी मुख्यमंत्री चौहान पर निशाना साधा है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा है कि भाजपा नाम बदलने में माहिर है। अब तो शिवराज दूसरों की लिखी कविता को अपनी धर्मपत्नी की लिखी हुई बता रहे हैं।

Dakhal News

Dakhal News 1 December 2020


bhopal,Shivraj met, Prime Minister Modi, entrusted self-reliant ,Madhya Pradesh roadmap

नईदिल्ली/भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार सुबह नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके निवास 7 लोक कल्याण मार्ग, पहुंचकर मुलाकात की। लगभग एक घंटे चली मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को प्रदेश में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप प्रधानमंत्री को सौंपा तथा बालाघाट क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ की गई कार्यवाही की जानकारी दी। इससे पहले मुख्यमंत्री चौहान 29 सितम्बर को प्रधानमंत्री से मिले थे।   मुख्यमंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री को यह भी बताया कि कोरोना के बाद आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में क्या कदम उठाए जा रहे हैं। कोरोना वैक्सीन आने पर टीकाकरण अभियान कैसे चलाया जाएगा, इसकी जानकारी भी मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को दी। उन्होंने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश में कोरोना वैक्सीन की कोल्ड चेन और टीकाकरण के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। इसके लिए जिलों में टास्क फोर्स बनाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री दिल्ली में पार्टी के अन्य बड़े नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा और गृहमंत्री अमित शाह से मुख्यमंत्री की आज मुलाकात हो सकती है। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व को भरोसे में लेकर ही मुख्यमंत्री अपनी टीम में नए सदस्यों को शामिल करना चाहते हैं।

Dakhal News

Dakhal News 1 December 2020


bhopal, death , innocent children, Shahdol , prices , petrol and diesel

भोपाल। मध्यप्रदेश के शहडोल जिला अस्पताल में मासूम बच्चों की मौत और प्रदेश में पेट्रोल- डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर विपक्ष हमलावर हो गया है। पूर्व सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने दोनों ही मुद्दों पर चिंता जाहिर करते हुए सरकार का घेराव किया है और सवाल पूछे हैं।   कमलनाथ ने मंगलवार को एक के बाद एक कई ट्वीट कर शहडोल जिला अस्पताल में मासूम बच्चों की मौत और पेट्रोल डीजल के दामों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। शहडोल मामले पर बच्चों की मौत पर चिंता जाहिर करते हुए कमलनाथ ने सरकार से पीडि़त परिजनों को हर संभव मदद की मांग की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा ‘शहडोल में मासूम बच्चों की मौत का आंकड़ा निरंतर बढ़ता जा रहा है, दो और बच्चों की मौत की जानकारी सामने आई है। यह आँकड़े बेहद गंभीर व चिंताजनक है। सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए सभी आवश्यक निर्णय लें।भर्ती सभी गंभीर हालत के बच्चों को समुचित इलाज मिले ताकि उन्हें मौत के मुंह में जाने से बचाया जा सके। आवश्यकता पडऩे पर उन्हें  प्रदेश के अन्य अस्पतालों में शिफ़्ट कर सरकार अपने खर्च पर उनका इलाज करवाये। पीडि़त परिवारों की भी सरकार हर संभव मदद करें।   वहीं एक अन्य ट्वीट कर कमलनाथ ने प्रदेश में पेट्रोल डीजल के रिकार्ड बढ़ोत्तरी पर सरकार पर तंज कसते हुए कहा ‘पेट्रोल-डीजल की निरंतर बढ़ती कीमतें रिकॉर्ड बनाते जा रही है। माध्यप्रदेश में देश में सबसे महंगा पेट्रोल मिलने के बाद अब डीजल की औसत कीमत के मामले में भी प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर पहुँच चुका है। कोरोना महामारी में पहले से ही आमजन बेहद परेशान है, ऐसे में सरकार को तत्काल पेट्रोल-डीजल पर लगे करो में कमी कर जनता को राहत प्रदान करना चाहिए लेकिन सरकार कुंभकर्णीय नींद में सोई हुई है। विपक्ष में विरोध में साईकिल चलाने वाले, बैलगाड़ी यात्रा निकालने वाले आज ग़ायब है, मौन है।

Dakhal News

Dakhal News 1 December 2020


bhopal, death , innocent children, Shahdol , prices , petrol and diesel

भोपाल। मध्यप्रदेश के शहडोल जिला अस्पताल में मासूम बच्चों की मौत और प्रदेश में पेट्रोल- डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर विपक्ष हमलावर हो गया है। पूर्व सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने दोनों ही मुद्दों पर चिंता जाहिर करते हुए सरकार का घेराव किया है और सवाल पूछे हैं।   कमलनाथ ने मंगलवार को एक के बाद एक कई ट्वीट कर शहडोल जिला अस्पताल में मासूम बच्चों की मौत और पेट्रोल डीजल के दामों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। शहडोल मामले पर बच्चों की मौत पर चिंता जाहिर करते हुए कमलनाथ ने सरकार से पीडि़त परिजनों को हर संभव मदद की मांग की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा ‘शहडोल में मासूम बच्चों की मौत का आंकड़ा निरंतर बढ़ता जा रहा है, दो और बच्चों की मौत की जानकारी सामने आई है। यह आँकड़े बेहद गंभीर व चिंताजनक है। सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए सभी आवश्यक निर्णय लें।भर्ती सभी गंभीर हालत के बच्चों को समुचित इलाज मिले ताकि उन्हें मौत के मुंह में जाने से बचाया जा सके। आवश्यकता पडऩे पर उन्हें  प्रदेश के अन्य अस्पतालों में शिफ़्ट कर सरकार अपने खर्च पर उनका इलाज करवाये। पीडि़त परिवारों की भी सरकार हर संभव मदद करें।   वहीं एक अन्य ट्वीट कर कमलनाथ ने प्रदेश में पेट्रोल डीजल के रिकार्ड बढ़ोत्तरी पर सरकार पर तंज कसते हुए कहा ‘पेट्रोल-डीजल की निरंतर बढ़ती कीमतें रिकॉर्ड बनाते जा रही है। माध्यप्रदेश में देश में सबसे महंगा पेट्रोल मिलने के बाद अब डीजल की औसत कीमत के मामले में भी प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर पहुँच चुका है। कोरोना महामारी में पहले से ही आमजन बेहद परेशान है, ऐसे में सरकार को तत्काल पेट्रोल-डीजल पर लगे करो में कमी कर जनता को राहत प्रदान करना चाहिए लेकिन सरकार कुंभकर्णीय नींद में सोई हुई है। विपक्ष में विरोध में साईकिल चलाने वाले, बैलगाड़ी यात्रा निकालने वाले आज ग़ायब है, मौन है।

Dakhal News

Dakhal News 1 December 2020


bhopal, CM Shivraj ,will address, people of the state ,tonight at 8.00 pm

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज (सोमवार) रात्रि 8.00 बजे प्रदेश की की जनता को संबोधित कर महत्वपूर्ण संदेश देंगे। मुख्यमंत्री का संदेश दूरदर्शन सभी रीजनल चैनल्स और सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जाएगा।    सीएमओ कार्यालय द्वारा सोमवार सुबह ट्वीट के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज रात 8.00 बजे प्रदेश के जनता को महत्वपूर्ण संदेश देंगे। उनके संदेश का प्रसारण दूरदर्शन, सभी क्षेत्रीय समाचार चैनलों और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर किया जाएगा। नागरिक सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री के लाइव कार्यक्रम से जुड़ सकते हैं।

Dakhal News

Dakhal News 30 November 2020


bhopal,Kamal Nath ,raised questions , government

भोपाल। मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार द्वारा कृषि उपज मंडियों में व्यापारियों से लिए जाने वाले मंडी शुल्क की राशि घटाकर 1.50 रुपये के स्थान पर 50 पैसे प्रति 100 रुपये कर दी गई है। यह छूट 14 नवम्बर से आगामी 3 माह तक रहेगी। सरकार के इस फैसले पर मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार के इस ऐलान को चुनावी जुमला करार देते हुए, इस छूट को स्थायी रूप से लागू करने की मांग की है।    कमलनाथ ने शुक्रवार को एक के बाद एक लगातार कई ट्वीट कर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा ‘एक और चुनावी घोषणा बनी जुमला व धोखा। मंडी टेक्स में सिर्फ 3 माह के लिए दी गई परीक्षण अस्थायी छूट कृषि उपज व्यापारियों के साथ बड़ा धोखा, इससे ना व्यापारियों का भला होगा ना किसानों का। उन्होंने कहा कि ‘व्यापारियों ने किसान हित में व व्यापारियों के हित में सरकार के सामने कई जायज़ माँगे रखी थी लेकिन किसी पर भी फ़ैसला नहीं। मंडी टैक्स की यह छूट भी स्थायी रूप से लागू होना चाहिये थी। वर्तमान समय में मंडी में ऐसे ही आवक कम होने की कगार पर, ऐसे में मात्र तीन माह के लिये मिली अस्थायी छूट का कोई बड़ा फायदा व्यापारियों को नहीं मिलेगा? बाद में रेवेन्यू लॉस के नाम पर मंडी टेक्स फिर बढ़ा दिया जाएगा। अभी सिर्फ़ गुमराह करने के लिये लिया गया निर्णय, इससे कृषि उपज व्यापारियों को कोई बड़ा फ़ायदा नहीं ।   कमलनाथ ने कहा कि यदि सरकार व्यापारियों का व किसानो का हित चाहती है तो इस छूट को परीक्षण के तौर पर अस्थायी रूप से लागू करने की बजाय इसे स्थायी रूप से लागू करे व उनकी सभी जायज़ माँगो पर तत्काल निर्णय लिया जाये।

Dakhal News

Dakhal News 27 November 2020


bhopal,Corona vaccine trial ,capital from today, Volunteer, first dose, vaccine

भोपाल। राजधानी भोपाल में शुक्रवार से कोरोना की कोवैक्सीन के तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल शुरू हो रहा है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और भारत बायोटेक इंटरनेशनल की कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में किया जाएगा।   कोरोना की वैक्सीन की पहली खेप बुधवार को भोपाल पहुंची थी जिसके बाद आज से कोवैक्सीन के तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल होगा। वैक्सीन के 1000 डोज कॉलेज को मिले।  जानकारी के मुताबिक ट्रायल के तहत 2 से 3 हज़ार वॉलेंटियर्स को टीका लगाया जाएगा। टीके का पहला डोज जहां से लगेगा वहीं, दूसरा डोज 28 दिन बाद लगाया जाएगा। ट्रायल कामयाब होने के बाद यह टीका सबसे पहले फ्रंटलाइन कोरोना वॉयरियर उसके बाद बच्चों और बुजुर्गों को लगाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश में हजारों सेंटर भी खोले जाएंगे। हालांकि स्वास्थ्य विभाग में इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा। टीके की जानकारी लोगों को पता चलती रहे, इसके लिए उन्हें मोबाइल पर भेजकर टीकाकरण की तारीख और समय को बताया जाएगा।

Dakhal News

Dakhal News 27 November 2020


bhopal, MP: State government ,reduced mandi fee

भोपाल। प्रदेश की शिवराज सरकार ने गत दिनों व्यापारियों से किए अपने एक वादे को पूरा कर दिया है। मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कहा है कि मध्य प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में व्यापारियों से लिए जाने वाले मंडी शुल्क की राशि अब 1.50 रुपये के स्थान पर 50 पैसे प्रति 100 रुपये होगी। यह छूट 14 नवम्बर 2020 से आगामी 3 माह के लिए रहेगी। मुख्यमंत्री चौहान ने यह निर्णय गुरुवार को उच्च स्तरीय बैठक में लिया। इस दौरान मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव अजीत केसरी, प्रमुख सचिव मनोज गोविल तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।   बता दें कि गत दिनों व्यापारियों द्वारा मुख्यमंत्री चौहान को आश्वस्त किया गया था कि मंडी शुल्क में छूट देने से मंडियों की आय में कमी नहीं होगी। तीन महीने बाद इस छूट के परिणामों का अध्ययन कर आगे के लिए निर्णय लिया जाएगा। जिसके बाद व्यापारियों के आश्वासन पर मंडी शुल्क में छूट दी गई है। छूट की अवधि में यदि मंडियों को प्राप्त आय से मंडियों के संचालन, उनके रखरखाव एवं कर्मचारियों के वेतन भत्तों की व्यवस्था सुनिश्चित करने में कठिनाई नहीं होती है, तो राज्य शासन द्वारा इस छूट को आगे भी जारी रखा जा सकता है।   गत वर्ष मंडियों को हुई थी 12 सौ करोड़ रुपये की आय वर्ष 2019-20 में प्रदेश की कृषि उपज मंडी समितियों को मंडी फीस एवं अन्य स्रोतों से कुल 12 सौ करोड रुपये की आय हुई थी। मंडी बोर्ड में लगभग 4200 तथा मंडी समिति सेवा में लगभग 29 सौ अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं तथा लगभग 2970 सेवानिवृत्त अधिकारी- कर्मचारी हैं। इनके वेतन भत्तों पर गत वर्ष 677 करोड रुपये का व्यय हुआ था।

Dakhal News

Dakhal News 26 November 2020


bhopal, Shivraj government, first cabinet meeting, today ,after by-election results

भोपाल। मध्य प्रदेश में संपन्न हुए विधानसभा उपचुनाव नतीजों के बाद गुरुवार को शिवराज सरकार की पहली कैबिनेट बैठक होने जा  रही है। शाम 6:30 बजे मंत्रालय में आयोजित होने वाली इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर मुहर लग सकती है।   सीएम शिवराज की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित होनी वाली कैबिनेट बैठक में मुख्य रूप से जिन प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है उनमें मुंबई स्थित मध्यालोक अतिथि गृह भवन निर्माण के लिए पुनरीक्षित- प्रशासकीय स्वीकृति, मप्र मानव अधिकार आयोग के लिए स्वीकृत अस्थाई पदों को 1 अप्रैल 2020 से केंद्रीय वित्त आयोग की अवार्ड तिथि तक निरंतर करने हेतु, नेशनल पार्कों व अभयारण्य और चिडिय़ाघरों में प्रवेश शुल्क सेप्राप्त होने वाली राशि का उपयोग के लिए विकास निधि फंड की स्थापना इसमें अहम हैं।    इसके अलावा इस बैठक में अन्‍य प्रस्‍तावों में मप्र नर्सिंग शिक्षण संस्था मान्यता नियम में आवश्यक संशोधन, जबलपुर मेडिकल कॉलेज में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति तथा यहां स्वीकृत 250 पदों में से 20 पदों को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पलमोनरी मेडिसिन में अंतरण, जबलपुर में ग्राम गधेरी में राज्य न्यायिक अकादमी की स्थापना के लिए सैद्धांतिक सहमति, सीहोर जिले की सीप-अंबर सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति प्रमुख रुप से शामिल है।

Dakhal News

Dakhal News 26 November 2020


bhopal, constitution day, Narottam took dig,Congress,constitution is like Gita

भोपाल। देशभर में आज यानि गुरुवार को संविधान दिवस मनाया जा रहा है। इसके साथ ही 26 नवंबर को राष्ट्रीय कानून दिवस के रूप में भी जाना जाता है। संविधान दिवस के मौके पर मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बाबा साहब अम्बेडकर को याद कर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए संविधान को गीता के समान बताया है।   गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेसी कभी नहीं चाहते थे कि नेहरू गांधी खानदान के ऊपर किसी का नाम हो, इसलिए तो कभी संविधान दिवस का सोचा ही नहीं। आगे उन्होंने कहा कि हमारे संविधान को तुष्टिकरण का ग्रन्थ बनाने की कोशिश की गई। संविधान का ग्रन्थ हमारे लिए गीता के समान है। संविधान के साथ सभी को अपने कर्तव्य का भी पालन करना चाहिए। गृहमंत्री मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2015 में संविधान दिवस मनाने की शुरूआत की थी। बाबा साहब अम्बेडकर संविधान समिति के अध्यक्ष थे। मंत्री ने आगे कहा कि 26 जनवरी की आत्मा 26 नवंबर में ही बसती है। जो लोग संविधान की दुहाई देते हैं मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि महान लोकतंत्र की आत्मा संविधान में बसती है।   उपचुनाव के बाद जिम्मेदारियां बढ़ीउपचुनाव के बाद आज हो रही कैबिनेट की बैठक को लेकर मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि उपचुनाव के बाद बहुमत में हैं तो जि़म्मेदारियां और बढ़ जाती हैं। कैबिनेट की बैठक में जनहित के फैसले लिए जाएंगे। पंजाब के किसानों के आंदोलन को लेकर मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पंजाब सरकार ध्यान भटकाने के कोशिश कर रही है। किसान का नहीं ये कांग्रेस का आंदोलन है। किसान समझ चुका है कि कांग्रेस किसानों को नौजवानों को धोखा देती है।

Dakhal News

Dakhal News 26 November 2020


bhopal, Chief Minister ,Shivraj informed, Prime Minister Modi, status of Corona in MP

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कोरोना के बढ़ते मामलों की समीक्षा करते हुए संक्रमण की रोकथाम तथा वैक्सीन के वितरण की रणनीति को लेकर राज्यों के मुख्यमंत्री से चर्चा की। उन्होंने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्यप्रदेश में कोरोना की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी बातचीत की। मुख्यमंत्री शिवराज ने पीएम मोदी को प्रदेश में कोरोनी का स्थिति को लेकर जानकारी दी।    बता दें कि मध्यप्रदेश में बीते छह दिनों से कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। यहां दो दिन से नये संक्रमितों की संख्या 1700 के पार पहुंच रही है। इंदौर, भोपाल में सबसे ज्यादा नये संक्रमित मिल रहे हैं। इसकी चलते यहां रात 8.00 बजे सुबह 6.00 बजे तक रात्रिकालीन कफ्र्यू लगाया गया है। इसके अलावा, ग्वालियर, रतलाम, विदिशा समेत पांच जिलों में रात 10.00 बजे से सुबह 06.00 बजे तक रात्रिकालीन कफ्र्यू लागू है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर सभी तरह के उपाय किये जा रहे हैं और सख्ती दिखाते हुए लोगों को मास्क पहनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।   वहीं, कोरोना का टीका अभी भले ही नहीं आया है, लेकिन टीके को लेकर भी मध्य प्रदेश सरकार ने तैयारी कर ली है। बताया गया है कि सबसे पहले प्रदेश के पांच लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों को यह टीका लगाया जाएगा। इसके बाद प्रदेश के 50 साल के ज्यादा उम्र के करीब 30 लाख लोगों को यह टीका लगाया जाएगा। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को टीका लगाने की तैयारियों की समीक्षा की थी। राज्य टीकाकरण अधिकरी डॉ. संतोष शुक्ला ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने प्रदेश के टीका संग्रहण केंद्र के 1200 कर्मचारी-अधिकारियों को टीके लगाने का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया है। टीका आने के बाद सभी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और पंचायतों में टीका लगाया जाएगा। टीका लगवाने के लिए लोगों को एसएमएस या आमंत्रण पत्र भेजकर बुलाया जाएगा।

Dakhal News

Dakhal News 24 November 2020


bhopal, Narottam targets ,Congress and Kamal Nath, compares , Mehmood Gajvi

भोपाल। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में 106 करोड़ रुपये का बेहिसाब लेन देन सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। एक तरफ जहां कांग्रेस में हडक़ंप की स्थिति बन गई है तो वहीं दूसरी ओर भाजपा आक्रामक हो गई है। प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा इस पूरे मामले के सामने आने के बाद से ही कांग्रेस और कमलनाथ पर जमकर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने कमलनाथ की तुलना महमूद गजऩवी से कर डाली। उन्होंने कहा कि अब समझ में आया कि खजाना खाली है, कमलनाथ क्या अलग क्यों रखते थे। महिला एवं बाल विकास विभाग के कुपोषण का पैसा कांग्रेस राहुल बाबा के कुपोषण दूर करने में लगाया। सोशल वेलफेयर का पैसा गांधी वेलफेयर में जमा हो रहा था।   मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए इस पूरे मामले पर कांग्रेस और कमलनाथ पर जमकर हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मप्र कांग्रेस की कमलनाथ सरकार प्रदेश के इतिहास की भ्रष्टतम सरकार थी। अब मीडिया में भी मप्र से कांग्रेस मुख्यालय को भेजी गई बेहिसाब नकदी का खुलासा हुआ है। कमलनाथ जी प्रदेश की जनता के सोशल वेलफेयर का पैसा गांधी फैमिली के वेलफेयर पर लुटा रहे थे ताकि कुर्सी सलामत रहे। उन्होंने कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि गरीबों के पैसे को लूट कर कमलनाथ ने महमूद गजऩवी जैसा जघन्य पाप किया है। मप्र सरकार भी कांग्रेस के बेहिसाब लेनदेन के पूरे मामले का संज्ञान लेकर विधि विशेषज्ञों से राय लेगी। इनकम टैक्स विभाग से रिकॉर्ड मांगकर ईओडब्ल्यू से जांच कराने पर विचार करेंगी।   दरअसल, एक अंग्रेजी समाचार चैनल की रिपोर्ट के अनुसार उसके पास आयकर विभाग की 408 पन्ने का स्रोत मौजूद है। जिससे पता चला है कि 2016 से 2019 के बीच में नई दिल्ली के अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय में करीबन 106 करोड रुपये की बेहिसाब नगदी के लेनदेन किए गए हैं। जब पैसे बारी-बारी से कई किश्तों में पार्टी मुख्यालय पहुंची है। इतना ही नहीं न्यूज़ चैनल यह भी दावा किया कि 408 पन्ने के स्रोत में 13 फरवरी 2019 से 4 अक्टूबर के बीच 74 करोड़ 62 हजार रुपये की राशि की लेनदेन पार्टी मुख्यालय में की गई है। वही इससे पहले अगस्त 2016 से सितंबर 2016 के बीच पार्टी मुख्यालय में 26 करोड़ 50 लाख रुपये पार्टी मुख्यालय पहुंचाए गए थे। इसके बाद से ही गृहमंत्री  नरोत्तम मिश्रा लगातार कमलनाथ पर हमला बोल रहे हैं। इससे पहले सोमवार देर शाम को भी उन्होंने ट्वीट कर सवाल साधे थे। जिसमें उन्होंने कहा था कि कमलनाथ के राज में मप्र से कांग्रेस मुख्यालय को भेजे गए 106 करोड़ रुपये। आयकर के दस्तावेजों से अकबर रोड नई दिल्ली को भेजी गई बेहिसाब नकदी का खुलासा। कमलनाथ जी आखिर सच सामने आ ही गया कि मुख्यमंत्री के रूप में आप जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए हमेशा पैसों की कमी का रोना क्यों रोते रहते थे? अब पता चला कि अपनी कुर्सी पक्की करने के लिए आपने प्रदेश की जनता के हक का पैसा गांधी परिवार की मंडली पर जमकर न्योछावर किया है!

Dakhal News

Dakhal News 24 November 2020


bhopal, zone 2 and 3, MP earthquake, Chief Minister ,panic during earthquake

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को मंत्रालय में राज्य आपदा प्रबंधन की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि गत दिनों प्रदेश के सिवनी, बालाघाट, बड़वानी, अलीराजपुर, छिंदवाड़ा, मंडला आदि जिलों तथा उनके समीप भूकंप के झटके महसूस किए गए। इनमें रिक्टर स्केल पर सर्वाधिक तीव्रता 4.3, सिवनी में आए भूकंप की थी। मध्यप्रदेश भूकम्प के जोन 2 व 3 में आता है, जो खतरनाक श्रेणी नहीं है। जोन 4 एवं 5 खतरनाक श्रेणी में आते हैं जहां भूकम्प की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 से अधिक रहती है। सरकार द्वारा भूकम्प उन्मुख सभी क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की सारी व्यवस्थाएं की गई हैं। धैर्य रखें, घबराएं नहीं तथा सभी आवश्यक सावधानियां बरतें।बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा तथा सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।वाटर लैवल में अंतर है संभावित कारणगत दिनों प्रदेश में आए भूकंप के संभावित कारणों की समीक्षा में बताया गया कि वाटर लैवल में परिवर्तन इस बार आए भूकंप का संभावित कारण है। इस बार सर्वाधिक 4.3 तीव्रता का भूकंप सिवनी में आया, जिसका एपीसेंटर सिवनी शहर के ठीक नीचे था।गत दिनों प्रदेश में आए भूकम्पमध्यप्रदेश में 22 नवम्बर को सिवनी शहर में रिक्टर स्केल पर 4.3 तीव्रता का, कटंगी बालाघाट में 2.4 तीव्रता का, कुरई सिवनी में 1.8 तीव्रता का तथा बरघाट केवलारी में 2.7 तीव्रता का भूकंप आया। इसी प्रकार 07 नवंबर को बड़वानी एवं अलीराजपुर के समीप 4.2 तीव्रता का, सिवनी जिले के पास ही 27 अक्टूबर को 3.3 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके मंडला और बालाघाट में भी आए, 31 अक्टूबर को छिंदवाड़ा में 3.2 तीव्रता का तथा सिवनी जिले के पास 3.5 तीव्रता का भूकंप आया।भूकम्प के समय ये सावधानियां बरतेंजहां है वहीं रहें, संतुलित रहें। हड़बड़ी घातक हो सकती है। यदि घर के अन्दर हैं, तो गिर सकने वाली भारी वस्तुओं से दूर रहें। खिड़कियों से दूर रहें। मजबूत मेज के नीचे छुपें। चेहरे व सिर को हाथों की सुरक्षा प्रदान करें व कम्पन रूकने तक सिर को हाथों की सुरक्षा में रखें। अगर घर से बाहर हैं तो खुली जगह तलाशें। भवनों, पेड़ों, बिजली के खम्भों व तारों से दूर रहें। अगर वाहन में हो तो रूकें और अन्दर ही रहें। पुल, बिजली के तारों, भवनों, खाई और तीव्र ढाल वाली चट्टानों से दूर रहें। बिजली के उपकरण व खाना पकाने की गैस बन्द कर दें। टूटे सामान से पैर चोटिल हो सकते है, अत: जूते पहन कर रखें। अगर काई ज्वलनशील पदार्थ फैल गया है, तो तुरन्त उसे साफ करें। यदि आग लग गयी है और धुआं है, तो लेट कर बाहर निकलने का प्रयास करें। ऐसे में साफ हवा जमीन के नजदीक ही मिलेगी।

Dakhal News

Dakhal News 23 November 2020


bhopal, Chief Minister ,puts 150 crore,account , women, self-help groups

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता महिलाओं का सशक्तीकरण है। इसके लिए सरकार उन्हें विभिन्न गतिविधियों के लिए 4 प्रतिशत ब्याज पर बैंकों से ऋण दिला रही है तथा शेष ब्याज की राशि मध्यप्रदेश सरकार भर रही है। उन्‍होंने कहा कि इस वर्ष महिलाओं को उनकी आर्थिक गतिविधियों के लिए 1400 करोड़ की राशि दिलाई जा रही है। इसी के साथ यह भी निर्णय लिया गया है कि सरकारी खरीद का एक हिस्सा महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों का होगा। साथ ही उनकी बनाई सामग्रियों को बाजार प्रदान करने तथा प्रोत्साहित करने के लिए शहरों में 'मॉल्स' में भी रखा जाएगा।   मुख्यमंत्री चौहान ने सोमवार को मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के खातों में 150 करोड़ रुपए की ऋण राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। इस दौरान मुख्यमंत्री चौहान