Patrakar Priyanshi Chaturvedi
खजुराहो में 10वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का शानदार उद्घाटन हुआ। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया और कहा कि फिल्में समाज में जागृति लाने का एक महत्वपूर्ण साधन हैं। इस अवसर पर उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से आग्रह किया कि वे आदिवासी समुदाय के जीवन और संघर्षों पर आधारित फिल्में बनाएं।
राज्यपाल पटेल ने कहा, "फिल्मों का प्रभाव समाज पर गहरा होता है और ये जागरूकता फैलाने का बेहतरीन तरीका हैं। इसलिए फिल्म निर्माता आदिवासी समुदाय की कहानी को पर्दे पर लाकर उनके संघर्ष और समृद्धि को दुनिया के सामने लाएं।"
इस फिल्म फेस्टिवल के दौरान प्रतिदिन मुंबई के कलाकारों की प्रस्तुति देखने को मिलेगी। समारोह का आयोजन अभिनेता राजा बुंदेला की कंपनी द्वारा किया जा रहा है। यह सात दिवसीय फिल्म फेस्टिवल 11 दिसंबर तक चलेगा।
फेस्टिवल में कई प्रमुख शख्सियतों को सम्मानित भी किया गया। इस साल अतुल मल्लिकराम, अंजली पॉल, क्रिस्टीना नेने, विश्वास कुमार भटेले और एस.ए. शिवाकांत वाजपेयी को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इसके अलावा, खजुराहो विधानसभा के सदस्य वी.डी. शर्मा ने कहा कि उन्होंने संसद में और यहां की धरती पर कई प्रयास किए हैं ताकि खजुराहो में ऐसे फिल्म फेस्टिवल जैसे कार्यक्रम होते रहें। उन्होंने यह भी कहा कि खजुराहो में जल्द ही एक फिल्म सिटी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र फिल्म निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सके।
फिल्म फेस्टिवल का उद्देश्य न केवल कला और संस्कृति को बढ़ावा देना है, बल्कि यह फिल्म उद्योग के लिए एक मंच प्रदान करना है, जहां वे समाज को जागरूक करने वाली फिल्मों को प्रस्तुत कर सकें।
Dakhal News
|
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.
Created By:
Medha Innovation & Development |