विशेष

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच इंडियन यूथ कांग्रेस ने हिरासत में लिए गए लोगों की मदद के लिए पहल की है। संगठन ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस की हिरासत में पहुंचे लोगों और कथित तौर पर धमकियों का सामना कर रहे लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। शनिवार को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबरों के बाद यह कदम उठाया गया। संगठन का उद्देश्य उन लोगों तक कानूनी मदद पहुंचाना है, जो प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे थे और कार्रवाई के बाद सहायता की जरूरत महसूस कर रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से लोग दिल्ली पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए राजधानी के कई इलाकों में पुलिस ने बैरिकेडिंग की और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से करीब 1,500 लोगों को हिरासत में लिया। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई और सीमावर्ती इलाकों में भी निगरानी तेज की गई। पुलिस की कार्रवाई के बीच हिरासत में लिए गए लोगों की कानूनी सहायता का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है। इंडियन यूथ कांग्रेस की ओर से जारी हेल्पलाइन का उद्देश्य हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों को मदद का रास्ता देना है। संगठन ने उन लोगों को भी सहायता देने की बात कही है, जिन्हें प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर धमकियां मिल रही हैं। दूसरी ओर, प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा इंतजाम कड़े बने हुए हैं और पुलिस की ओर से विभिन्न स्थानों पर निगरानी की जा रही है। ऐसे में हेल्पलाइन शुरू किए जाने को प्रदर्शनकारियों की कानूनी मदद के लिए उठाए गए कदम के तौर पर देखा जा रहा है।  

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Dakhal News 10 October 2026

कनाडाई लेखिका और कवयित्री ऐन कार्सन को 2026 के साहित्य नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। नोबेल समिति के मुताबिक, कार्सन ने अपनी रचनाओं के जरिए प्राचीन यूनानी-रोमन साहित्य और मिथकों को आधुनिक जीवन के अनुभवों से जोड़ा है। उनकी लेखन शैली में कविता, कथा और निबंध के बीच की सीमाएं अक्सर दिखाई नहीं देतीं। 1950 में टोरंटो में जन्मीं कार्सन ने प्राचीन यूनानी और रोमन साहित्य का अध्ययन किया और इसी विषय में 1981 में अपनी डॉक्टरेट की थीसिस प्रकाशित की। उनकी चर्चित कृतियों में ‘ऑटोबायोग्राफी ऑफ रेड: ए नॉवेल इन वर्स’ भी शामिल है, जिसमें उन्होंने एक प्राचीन यूनानी मिथक को प्रेम, रिश्तों और हिंसा जैसे मानवीय पहलुओं के साथ नए अंदाज में पेश किया। कार्सन की अन्य चर्चित पुस्तकों में ‘नॉक्स’ और ‘द ब्यूटी ऑफ द हसबैंड’ शामिल हैं। ‘नॉक्स’ उन्होंने अपने भाई माइकल की स्मृति में लिखी थी, जिनका 2000 में डेनमार्क में निधन हुआ था। वहीं 2001 में प्रकाशित ‘द ब्यूटी ऑफ द हसबैंड’ में विवाह, विश्वासघात और रिश्ते के टूटने की कहानी को 29 हिस्सों में प्रस्तुत किया गया है। कार्सन की खासियत यह मानी जाती है कि वह पुराने साहित्यिक संदर्भों को जस का तस दोहराने के बजाय उनमें समकालीन भावनाओं और अपने रचनात्मक दृष्टिकोण को शामिल करती हैं। यही प्रयोगधर्मिता उनके लेखन को अलग पहचान देती है। पिछले एक दशक में साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित लेखकों में महिलाओं की हिस्सेदारी भी उल्लेखनीय रही है। इस अवधि में 10 विजेताओं में 5 महिलाएं शामिल रहीं, जबकि 2024 में दक्षिण कोरिया की हान कांग को यह सम्मान मिला था। साहित्य के नोबेल के लिए नामांकन प्रक्रिया लंबे समय तक गोपनीय रहती है और नामांकित लेखकों की जानकारी 50 साल बाद सार्वजनिक की जाती है। प्रक्रिया में शुरुआती स्तर पर बड़ी संख्या में नामों पर विचार होता है, जिन्हें बाद में सीमित कर अंतिम उम्मीदवारों तक पहुंचाया जाता है। स्वीडिश अकादमी के 18 सदस्य मतदान के जरिए विजेता का चयन करते हैं। नोबेल रिकॉर्ड के अनुसार, भारत से भी सर्वपल्ली राधाकृष्णन, श्री अरविंद, ताराशंकर बंद्योपाध्याय और आर.के. नारायण जैसे साहित्यकारों के नाम अलग-अलग वर्षों में नामांकन सूची में रहे हैं।  

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Dakhal News 8 October 2026

राजनीति

        लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एसआईआर में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार और कई प्रमुख नेताओं पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का नाम लेते हुए उन्हें अपना प्रमुख विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि वह एक दशक से अधिक समय से नरेंद्र मोदी, आरएसएस और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे हैं। राहुल ने दावा किया कि वह अपने विरोधियों की कार्यशैली और उनकी रणनीतियों को अच्छी तरह समझते हैं।   राहुल गांधी ने अपने बयान में इन नेताओं और अधिकारियों पर निशाना साधते हुए उन्हें कायर बताया और राजनीतिक घटनाक्रम की कहानी का खलनायक करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी और एसआईआर से जुड़े मुद्दों पर देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण सरकार और उसके सहयोगियों पर दबाव बढ़ रहा है। दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी और पुलिस की कार्रवाई के संदर्भ में राहुल ने कहा कि चाहे पुलिस की संख्या बढ़ाई जाए या नेताओं और युवाओं को हिरासत में लिया जाए, आंदोलन पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि विरोध करने वालों को दबाव से डराया नहीं जा सकता और उनकी लड़ाई जारी रहेगी।   राहुल गांधी ने संविधान की रक्षा और जनता की आवाज उठाने का संकल्प दोहराते हुए प्रदर्शनकारी युवाओं का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष संविधान की रक्षा करेंगे तथा यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि देश में पिछले 10 से 15 वर्षों के दौरान जो कुछ हुआ, उसकी पुनरावृत्ति न हो। राहुल ने युवाओं से विरोध जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि वह उनके साथ खड़े हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब एसआईआर और कथित वोट चोरी को लेकर राजनीतिक टकराव तेज है और दिल्ली में विभिन्न विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई भी चर्चा में है।  

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Dakhal News 10 October 2026

  दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA गठबंधन के सांसदों के मार्च को पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने जा रहे निर्वाचित सांसदों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। राउत का दावा है कि प्रदर्शन को रोकने के लिए करीब 1.5 लाख सुरक्षाकर्मी लगाए गए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान महिला सांसदों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात कर चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन देना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने संसद मार्ग के पास मार्च रोक दिया। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने धरना दिया और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। संजय राउत ने कहा कि बड़ी संख्या में सांसद चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें मुलाकात का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार उचित नहीं है। हालांकि, चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा कि शाम 4 बजे तक किसी राजनीतिक दल की ओर से अधिकृत प्रतिनिधियों के जरिए मुलाकात का अनुरोध नहीं मिला था। आयोग के मुताबिक, बाद में दिल्ली पुलिस से राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल के मिलने की जानकारी मिली थी। आयोग ने यह भी कहा कि करीब 240 सांसदों के साथ संसद भवन एनेक्सी में मुलाकात का प्रस्ताव निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं था। इस तरह प्रदर्शन और मुलाकात को लेकर विपक्ष तथा चुनाव आयोग के पक्ष सामने आए हैं। राउत ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) समेत चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष सवाल उठा रहा है और इस लड़ाई को देशभर में आगे बढ़ाया जाएगा। राउत ने यह भी कहा कि राहुल गांधी अपने निर्धारित कार्यक्रम के कारण मुंबई लौटे हैं और आगे फिर दिल्ली आ सकते हैं। महिला सांसदों के साथ कथित दुर्व्यवहार और भारी सुरक्षा बल की तैनाती को लेकर लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया अहम होगी। वहीं, चुनाव आयोग ने सांसदों से मुलाकात के अनुरोध को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया है।  

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Dakhal News 9 October 2026

मीडिया

  भोपाल में प्रभात चौराहे से मिसरोद तक का करीब 12 किलोमीटर लंबा मार्ग लगातार ऊंचाई और ढलान के कारण वाहन चालकों के लिए रोलर-कोस्टर जैसा अनुभव देने जा रहा है। इस रास्ते पर पहले से बने सुभाष ब्रिज, डॉ. अंबेडकर ब्रिज और वीर सावरकर ब्रिज के बाद अब बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय (बीयू) से मिसरोद तक पांच किलोमीटर लंबी नई एलिवेटेड लेन बनाने की तैयारी है। इस परियोजना को केंद्र से मंजूरी मिल चुकी है और नए साल में निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। इसके बनने के बाद इस मार्ग पर चार बड़े ब्रिज हो जाएंगे। हालांकि, अलग-अलग हिस्सों में बने इन ब्रिजों के कारण वाहन चालकों को बार-बार ऊपर चढ़ना और नीचे उतरना पड़ता है, जिससे यातायात की गति प्रभावित होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन सभी ब्रिजों को एकीकृत योजना के तहत आपस में जोड़ दिया जाए, तो इस मार्ग को सिग्नल-फ्री और अधिक सुगम कॉरिडोर बनाया जा सकता है। स्ट्रक्चरल इंजीनियर अब्दुल मजीद के अनुसार, सुभाष ब्रिज से मिसरोद तक का हिस्सा भोपाल की व्यस्त यातायात लाइफलाइन बन रहा है। फिलहाल अलग-अलग एजेंसियों की ओर से बनाए गए ब्रिजों के बीच सड़क पर उतरने वाले वाहनों का सामना स्थानीय ट्रैफिक से होता है। गणेश मंदिर और गायत्री मंदिर के आसपास यह स्थिति यातायात के प्रवाह को प्रभावित कर सकती है। करीब 12 किलोमीटर के इस मार्ग में प्रस्तावित और मौजूदा ब्रिजों की कुल लंबाई लगभग 9.70 किलोमीटर बताई गई है। ऐसे में ब्रिजों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करना जरूरी माना जा रहा है। स्ट्रक्चरल इंजीनियर शैलेंद्र बागरे के मुताबिक, बीयू से मिसरोद तक प्रस्तावित एलिवेटेड लेन को वीर सावरकर ब्रिज के अंतिम हिस्से से सीधे जोड़ने के लिए निर्बाध रैंप बनाया जा सकता है। इससे वाहनों को बार-बार मुख्य सड़क पर उतरने की जरूरत कम होगी। इसके अलावा, जहां एक ब्रिज समाप्त होकर दूसरा शुरू होता है, वहां 100 से 150 मीटर लंबी अलग बफर लेन बनाने का सुझाव दिया गया है, ताकि स्थानीय और हाईवे ट्रैफिक के बीच टकराव की स्थिति न बने। विशेषज्ञों ने पूरे मार्ग के रखरखाव और ट्रैफिक प्रबंधन की जिम्मेदारी एक ही एजेंसी को देने की जरूरत भी बताई है। इन उपायों पर अमल होने से इस व्यस्त मार्ग पर यातायात को अधिक व्यवस्थित और सुचारु बनाने में मदद मिल सकती है।   

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Dakhal News 10 October 2026

  मध्यप्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में ओबीसी वर्ग को फिलहाल 14 प्रतिशत आरक्षण ही मिलेगा। अदालत के मुताबिक, आरक्षण बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के पक्ष में राज्य सरकार पर्याप्त आंकड़े पेश नहीं कर सकी। साथ ही, कोर्ट ने 13 प्रतिशत होल्ड पदों पर तीन महीने के भीतर अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का निर्देश दिया है। इस फैसले से लंबे समय से लंबित सरकारी भर्तियों और नियुक्तियों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। ओबीसी आरक्षण बढ़ाने का फैसला वर्ष 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में लिया गया था। इसके बाद आरक्षण से जुड़े कई मामले अदालत में पहुंच गए और अलग-अलग याचिकाओं के कारण मामला लंबे समय तक लंबित रहा। यह विवाद सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था। 19 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने सभी संबंधित मामलों पर एक साथ निर्णय लेने के लिए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट को निर्देश दिए थे। इसके बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने करीब 15 दिनों तक सुनवाई की और 5 अगस्त 2026 को फैसला सुरक्षित रख लिया था। ओबीसी पक्ष की ओर से आरक्षण बढ़ाने के समर्थन में आबादी और प्रतिनिधित्व से जुड़े आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए थे, लेकिन अदालत ने 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग स्वीकार नहीं की। इस फैसले का असर पीएससी, शिक्षक भर्ती, पटवारी और पुलिस भर्ती सहित विभिन्न सरकारी नियुक्तियों पर पड़ सकता है। ओबीसी आरक्षण विवाद के कारण कई भर्तियों में 13 प्रतिशत पदों को होल्ड पर रखा गया था, जिनमें शिक्षकों के पद भी शामिल हैं। अब अदालत के निर्देश के बाद इन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो सकता है। वहीं, ओबीसी वर्ग से जुड़े अभ्यर्थियों और संगठनों का कहना है कि प्रदेश में इस वर्ग की आबादी के अनुपात में 14 प्रतिशत आरक्षण पर्याप्त नहीं है। ऐसे में हाईकोर्ट के फैसले से भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के साथ आरक्षण के मुद्दे पर बहस भी जारी रहने की संभावना है।    

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Dakhal News 9 October 2026

समाज

  शारदीय नवरात्रि के स्वागत के लिए भोपाल में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस बार शहर के अलग-अलग इलाकों में दुर्गा पंडालों को देश के प्रसिद्ध मंदिरों और शक्तिपीठों के स्वरूप में सजाया जा रहा है। बरखेड़ा पठानी में 25 मीटर तक ऊंची पहाड़ी संरचनाएं तैयार की जा रही हैं, जबकि अवधपुरी में करीब डेढ़ एकड़ क्षेत्र में हिंगलाज मंदिर की झांकी बनाई जा रही है। इन पंडालों में कृत्रिम पहाड़, गुफाएं और आकर्षक रोशनी के जरिए श्रद्धालुओं को तीर्थस्थलों जैसा अनुभव देने की तैयारी है। बरखेड़ा पठानी के एसएन सेक्टर ग्राउंड में जय मां भवानी धर्म जागृति मंच की ओर से करीब 1.35 करोड़ रुपये की लागत से भव्य झांकी तैयार की जा रही है। इसमें नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर और मुक्तिनाथ धाम के साथ वैष्णो देवी की गुफा का स्वरूप भी बनाया जा रहा है। श्रद्धालुओं को यहां केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के साथ बांग्लादेश के ढाकेश्वरी शक्तिपीठ की झलक भी देखने को मिलेगी। वहीं, अवधपुरी में बलूचिस्तान स्थित हिंगलाज मंदिर की प्रतिकृति तैयार की जा रही है, जिस पर लगभग 60 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। दूसरी ओर, विट्टल मार्केट हाट बाजार में सोमनाथ मंदिर के स्वरूप वाली झांकी बनाई जा रही है। जय मां वैष्णो दुर्गा उत्सव एवं श्री राम रसोई समिति के इस 24वें आयोजन पर करीब 1.30 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सोमनाथ मंदिर की झांकी को तैयार करने के लिए कोलकाता से आए 42 कारीगर पिछले तीन महीने से काम कर रहे हैं। आयोजन समिति के अनुसार, मंदिर के एक हजार वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इसकी धार्मिक महत्ता और ऐतिहासिक विरासत को दर्शाने की कोशिश की जा रही है। झांकी में करीब 45 से 48 मूर्तियां लगाई जाएंगी, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। नवरात्रि के दौरान भोपाल में तैयार हो रही इन झांकियों के जरिए भक्तों को एक ही शहर में कई प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के स्वरूप देखने का अवसर मिलेगा

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Dakhal News 10 October 2026

  मध्य प्रदेश में निवेश बढ़ाने की दिशा में मुंबई में हुई बैठकों के दौरान कई बड़े औद्योगिक समूहों ने प्रदेश में नई परियोजनाओं की संभावनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ RPG समूह के चेयरमैन हर्ष गोयनका और Welspun Enterprises के एमडी संदीप गर्ग समेत उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश को लेकर विचार-विमर्श किया। RPG समूह ने जबलपुर, रतलाम और सागर में टायर निर्माण के साथ जबलपुर में विद्युत पारेषण क्षेत्र में निवेश की संभावना जताई। उज्जैन के आईटी पार्क में तैयार बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल कर IT सेक्टर में गतिविधियां शुरू करने पर भी चर्चा हुई। वहीं Welspun समूह ने पाइप निर्माण, टेक्निकल टेक्सटाइल और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स में रुचि दिखाई है। निवेश प्रस्तावों की कड़ी में Welspun की ओर से एमएस लाइन पाइप क्षेत्र में करीब 150 करोड़ रुपये के निवेश पर चर्चा हुई, जबकि सिंटेक्स के करीब 700 करोड़ रुपये के प्रगतिरत निवेश को लेकर भी बातचीत हुई। दूसरी ओर, Inox Air Products ने गुना में सेमीकंडक्टर-ग्रेड सिलेन गैस प्लांट के लिए 1,260 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है। कंपनी के मुताबिक परियोजना से स्थानीय स्तर पर 320 से अधिक रोजगार के अवसर बनने की संभावना है और उत्पादन अप्रैल 2029 से शुरू करने का लक्ष्य है। इसके अलावा Bhilosa Industries ने धार के PM मित्र पार्क को केंद्र में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से 7,500 करोड़ रुपये के निवेश और करीब 3,750 प्रत्यक्ष रोजगार का प्रस्ताव रखा है। कंपनी की योजना पॉलिएस्टर यार्न, फाइबर और मैन-मेड फाइबर आधारित उत्पादों का एकीकृत विनिर्माण नेटवर्क विकसित करने की है। इसी क्रम में Ipca Laboratories ने देवास में करीब 1,000 करोड़ रुपये और उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी में करीब 80 करोड़ रुपये के निवेश की योजना सामने रखी है। दोनों परियोजनाओं से करीब 1,500 रोजगार के अवसर बनने की संभावना जताई गई है। रतलाम के प्रस्तावित बायोटेक पार्क से कंपनी को जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इन बैठकों में मध्य प्रदेश की औद्योगिक सुविधाओं, कनेक्टिविटी, उपलब्ध जमीन और निवेश के लिए अनुकूल परिस्थितियों को लेकर चर्चा हुई। अब इन प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने के लिए कंपनियों की ओर से संभावित स्थानों का निरीक्षण और आगे की प्रक्रिया पूरी की जानी है।  

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Dakhal News 8 October 2026

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  अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनोट ने स्टारलिंक को भारत में लाइसेंस मिलने में हो रही देरी को लेकर जारी बहस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राज्यसभा सांसद कमल हासन के बयान का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “ओह! यह तो चुभ गया होगा।” कंगना ने हासन की टिप्पणी को तीखा और व्यंग्यात्मक बताया। दरअसल, कमल हासन ने अपने बयान में कहा था कि भारत एक स्वतंत्र लोकतांत्रिक देश है और अपनी नीतियां तय करने का अधिकार भारतीय जनता के पास है, किसी अरबपति के पास नहीं। उनका यह बयान स्टारलिंक के संस्थापक इलॉन मस्क की ओर से भारत में कंपनी को मंजूरी मिलने में देरी पर सवाल उठाए जाने के बाद आया। इलॉन मस्क ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि स्टारलिंक को दुनिया के 165 से अधिक देशों में सेवाएं देने की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन भारत में लाइसेंस मिलने की प्रक्रिया में देरी हो रही है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या बड़े कारोबारी समूह कंपनी की भारत में एंट्री में बाधा बन रहे हैं। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मस्क की पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी थी, जिस पर मस्क ने स्थिति को परेशान करने वाला बताया। दूसरी ओर, भारत सरकार ने कारोबारियों के हितों के आधार पर भेदभाव किए जाने के आरोपों को खारिज किया है। सरकार का कहना है कि सैटेलाइट संचार सेवाओं के लिए सुरक्षा से जुड़े नियम सभी कंपनियों पर समान रूप से लागू होते हैं। भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी के तहत स्टारलिंक ने कथित तौर पर 20 गेटवे साइट्स स्थापित की हैं, जहां एंटीना के जरिए सैटेलाइट नेटवर्क को जमीन पर मौजूद इंटरनेट व्यवस्था से जोड़ा जाना है। कंपनी ने रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के साथ शुरुआती समझौता ज्ञापन भी किए हैं। इसके अलावा, महाराष्ट्र, गुजरात और मेघालय सरकारों के साथ लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए जाने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल, भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए सुरक्षा समीक्षा और सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। आवश्यक अनुमति और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही कंपनी अपनी सेवाएं शुरू कर सकेगी।

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Dakhal News 10 October 2026

  करीब पांच दशक लंबे करियर में अलग-अलग तरह के किरदार निभाने वाले नाना पाटेकर ने अपनी आखिरी फिल्म ‘शक्ति शालिनी’ की शूटिंग का एक बड़ा हिस्सा मध्य प्रदेश में किया था। मैडॉक हॉरर कॉमेडी यूनिवर्स की इस फिल्म की शूटिंग के लिए वह मई 2026 में मध्य प्रदेश पहुंचे थे। फिल्म में उनके साथ अनीत पड्डा और विनीत कुमार सिंह भी नजर आएंगे। ‘शक्ति शालिनी’ को 2027 में रिलीज किए जाने की तैयारी है। फिल्म की कहानी में चंबल के बीहड़ और डाकुओं से जुड़ा बैकड्रॉप देखने को मिलेगा, जिसके चलते मध्य प्रदेश के ग्वालियर, दतिया और मुरैना में शूटिंग की गई। दतिया के करण सागर इलाके में भी फिल्म के कुछ दृश्यों की शूटिंग हुई थी, जहां स्थानीय लोगों ने नाना पाटेकर को शूटिंग करते देखा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म में नाना पाटेकर एक तांत्रिक की भूमिका निभा रहे हैं। बताया गया है कि निधन से पहले वह अपने हिस्से की शूटिंग पूरी कर चुके थे मध्य प्रदेश से नाना पाटेकर का जुड़ाव इससे पहले भी कई फिल्मों के जरिए रहा है। साल 2010 में रिलीज हुई ‘राजनीति’ की शूटिंग के दौरान वह भोपाल में भी रहे थे। इसके अलावा 1990 में आई ‘थोड़ा सा रोमानी हो जाएं’ और 2000 की क्राइम थ्रिलर ‘तरकीब’ की शूटिंग भी मध्य प्रदेश में हुई थी। इन दोनों फिल्मों के कई हिस्से होशंगाबाद, यानी मौजूदा नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी में फिल्माए गए थे।

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Dakhal News 8 October 2026

दखल क्यों

  मध्य प्रदेश में किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से शाजापुर की कृषि उपज मंडी में ‘बलराम कृषि महोत्सव’ आयोजित किया गया। ‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ के तहत हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली शामिल हुए और किसानों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में जिले के जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। इस दौरान आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, नवीन कृषि यंत्रों और खेती से जुड़ी नई पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने परंपरागत कृषि अनुभव के साथ आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को खेती की उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार के लिए महत्वपूर्ण बताया। महोत्सव में कृषि और उससे जुड़े विभिन्न विभागों की ओर से प्रदर्शनी लगाई गई। निजी कृषि आदान कंपनियों और कृषि उपकरण निर्माताओं ने भी अपने स्टॉल के माध्यम से उन्नत मशीनों, बीज, उर्वरक, जैविक उत्पादों और अन्य कृषि नवाचारों की जानकारी दी। किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण और कृषि यंत्रीकरण जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। इसके साथ ही शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई, ताकि किसान उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाकर खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बना सकें। कार्यक्रम में किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान करने के लिए भी व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान किसानों के साथ-साथ मेधावी विद्यार्थियों से भी सीधा संवाद किया। इसके लिए आयोजन स्थल पर टू-वे कम्युनिकेशन की व्यवस्था की गई, जिससे मुख्यमंत्री ऑनलाइन माध्यम से प्रतिभागियों से बातचीत कर सके। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों तक नई तकनीकों और कृषि नवाचारों की जानकारी पहुंचाना तथा उन्हें खेती में आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना रहा। सरकार की ओर से कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और किसानों की समृद्धि बढ़ाने के प्रयासों के तहत ऐसे आयोजनों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है    

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Dakhal News 10 October 2026

        दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन से पहले रेल और मेट्रो सेवाओं को लेकर अहम बदलाव की जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली आने वाली 61 ट्रेनें रद्द की गई हैं, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद रखने का फैसला लिया गया है। नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आसपास संभावित ट्रैफिक जाम को देखते हुए रेलवे ने यह कदम उठाया है। पूर्वी रेलवे ने भी सोशल मीडिया पर ट्रेनों के रद्द होने की वजह इन इलाकों में यातायात बाधित होने की आशंका बताई है। हालांकि, रेलवे की ओर से जारी जानकारी में सीधे तौर पर प्रदर्शन का जिक्र नहीं किया गया है।   जानकारी के अनुसार, 9 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे के बाद शुरुआती स्टेशन से रवाना होने वाली और 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली या हजरत निजामुद्दीन पहुंचने वाली कुछ निर्धारित ट्रेनें रद्द की गई हैं। इनमें हावड़ा-नई दिल्ली और सियालदह-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस भी शामिल हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस के निर्देश पर 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से बंद रखने की व्यवस्था की गई है। यह पाबंदी स्थिति सामान्य होने तक जारी रह सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि दिल्ली की सभी मेट्रो सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं।   राजधानी में यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित है। इसे देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। रेल और मेट्रो सेवाओं में बदलाव से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, खासकर उन लोगों को जिन्हें रेलवे स्टेशन या प्रभावित मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचना है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी गई है कि घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का शेड्यूल और मेट्रो सेवाओं की ताजा स्थिति जरूर जांच लें, ताकि सफर के दौरान होने वाली असुविधा से बचा जा सके।  

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Dakhal News 9 October 2026

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