Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्यप्रदेश अब भारत में दुग्ध उत्पादन के मामले में तीसरे स्थान पर आ गया है, जो राज्य के कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सफलता है। प्रदेश में प्रतिदिन 591 लाख किलोग्राम दूध का उत्पादन होता है, जिससे राज्य का योगदान भारत के कुल दुग्ध उत्पादन में महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 20% हिस्सा बने। सांची ब्रांड के तहत उच्च गुणवत्ता वाले दुग्ध उत्पादों की बिक्री से किसानों को अच्छा मुनाफा मिल रहा है।
दुग्ध उत्पादकों को मिलेगा बोनस
प्रदेश के दुग्ध उत्पादक किसानों को अब बोनस मिलने जा रहा है। यह कदम किसानों के मेहनत और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। सरकार ने प्राकृतिक कृषि विकास योजना के तहत देशी गाय और अच्छी नस्ल के नंदी पालन के लिए भी प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया है। यह कदम प्रदेश के किसानों को दुग्ध उत्पादन में और अधिक प्रोत्साहित करेगा और उनकी आय को बढ़ावा देगा।
पशुपालन से किसानों की आय में वृद्धि
मध्यप्रदेश में कृषि के साथ-साथ पशुपालन भी किसानों की आय बढ़ाने का एक बड़ा जरिया बन गया है। राज्य में 7.5% पशुधन है, जो राष्ट्रीय औसत 5.05% से काफी ज्यादा है। इसके साथ ही, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से भी प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए करार हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को गौ-पालन और सौर संयंत्रों के प्रयोग पर भी प्रोत्साहन देने की योजना बनाई है, जिससे राज्य में दुग्ध उत्पादन और पशुपालन में वृद्धि हो सके।
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