समाज


मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के किसानों की फसल निर्यात करने के लिये एपिडा (Agricultural and Processed Food Products Export Devlopment Authority) की तर्ज पर प्रदेश में बोर्ड का गठन किया जायेगा। श्री चौहान जबलपुर में कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत आयोजित राज्य-स्तरीय किसान महा-सम्मेलन में बड़ी संख्या में मौजूद किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ग्रीष्मकालीन उड़द भी समर्थन मूल्य पर खरीदेगी। उन्होंने उड़द उत्पादक किसानों से आग्रह किया कि कृषक समृद्धि योजना में अपना पंजीयन करायें, ताकि उन्हें भी योजना का समय लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि खेती का विकास और किसान का कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खेतिहर परिवारों के बेटा-बेटी कृषि आधारित उद्योग-धंधे स्थापित करें। राज्य सरकार उन्हें 10 लाख से 2 करोड़ रूपये तक ऋण उपलब्ध करवाएगी। इस ऋण की गारंटी भी राज्य सरकार लेगी। श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में लॉजिस्टिक हब और फुड चेन बनाई जायेगी। कच्चे माल के प्र-संस्करण की व्यवस्था की जायेगी। किसानों को कृषक समृद्धि योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों के बच्चों की शिक्षा संस्थानों की फीस भी राज्य सरकार भरेगी। आवश्यकतानुसार किसान परिवार के सदस्यों का प्रायवेट अस्पताल में ईलाज कराने की पूरी व्यवस्था की जायेगी। किसानों को बिजली बिलों की परेशानी से राहत देने के लिये जुलाई माह में बड़े पैमाने पर शिविर लगाये जायेंगे। उन्होंने बताया कि किसान परिवार के बच्चों को भी शिक्षा विभाग की लेपटॉप योजना का लाभ दिया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि प्रदेश के बच्चे खूब पढ़ें, आगे बढ़ें और नया मध्यप्रदेश गढ़ें। राज्य-स्तरीय किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि एक जमाना था, जब प्रदेश के किसान बिजली, सिंचाई, बैंक के कर्ज और सड़क की बदहाली के कारण चैन से खेती नहीं कर पाते थे। उन्होंने कहा कि आज स्थिति बिल्कुल अलग है। आज प्रदेश में विद्युत उत्पादन 18 हजार 354 मेगावॉट तक पहुँच गया है। किसानों को भरपूर बिजली मुहैया कराई जा रही है। सिंचाई का रकबा 40 हजार हेक्टेयर हो गया है, किसानों के खेतों में पाईप लाईन से आवश्यकतानुसार भरपूर पानी पहुँचाया जा रहा है। किसान को अब बैंक ऋण पर भारी ब्याज नहीं देना पड़ता है। जीरो प्रतिशत ब्याज पर बैंक से ऋण लेकर किसान खेती कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से ग्रामीण अंचल शहरों से जुड़ गये हैं। फसल बीमा योजना और सूखा राहत राशि की बड़े पैमाने पर व्यवस्था से किसान निश्चिंत होकर खेती को लाभ का धंधा बनाने में जुट गये हैं। रु. 394 करोड़ लागत के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री श्री चौहान ने राज्य-स्तरीय किसान महा-सम्मेलन में लगभग 394 करोड़ रूपये लागत के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया। इसमें 257 करोड़ की नर्मदा पेयजल योजना, 51 करोड़ का बेलखेड़ा विद्युत उपकेन्द्र, 34 करोड़ 8 लाख का गौरा बाजार विद्युत उपकेन्द्र, 20 करोड़ 38 लाख का मेडिकल यूनिवर्सिटी का प्रशासनिक भवन तथा 21 करोड़ 71 लाख की मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल योजना शामिल है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत प्रदेश के 10 लाख 80 हजार 228 पंजीकृत किसानों के बैंक खातों में रबी वर्ष 2018-19 में उपार्जित गेहूँ की 265 रूपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कुल प्रोत्साहन राशि 2 हजार 245 करोड़ ऑनलाईन ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेश के किसान आर्थिक रूप से सशक्त होंगे। खेती के क्षेत्र में नया इतिहास रचेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि प्रदेश में खेती से होने वाली आमदनी किसानों के लिये समृद्धि का सशक्त माध्यम बने। श्री चौहान ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में पंजीकृत किसानों को हित-लाभ वितरित किये। इसी के साथ किसानों की बेटियों को हायर सेकेण्डरी की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये सम्मानित भी किया। श्री चौहान ने इस मौके पर किसानों को सरकार के साथ नया मध्यप्रदेश गढ़ने, गाँव को स्वच्छ बनाने और बेटा-बेटी को बराबरी से पढ़ाने का संकल्प दिलाया। राज्य-स्तरीय किसान सम्मेलन में महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद, सांसद श्री राकेश सिंह, महापौर डॉ. स्वाति गोड़बोले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मनोरमा पटेल, विधायक श्री अंचल सोनकर, श्री सुशील तिवारी, सुश्री प्रतिभा सिंह, सुश्री नंदिनी मरावी, श्री अशोक रोहाणी, श्री मोती कश्यप, श्री लारेन बी लोबो, जबलपुर प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. विनोद मिश्रा, महाकौशल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री प्रभात साहू, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री रणवीर सिंह रावत, अन्य किसान नेता, अन्य जन-प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद थे।  

Dakhal News

Dakhal News 11 June 2018


 एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

 एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गाँवों, गरीबों और किसानों का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना के तहत हर गरीब व्यक्ति को ''सम्बल'' देकर उसे समर्थ बनाया जायेगा। गरीबों और मेहनतकशों के विकास में सरकार कोई कसर नहीं रखेगी। मुख्यमंत्री आज टीकमगढ़ जिले के बड़ागांव (धसान) के समीप अंतौरा गांव में असंगठित श्रमिकों व तेन्दूपत्ता संग्राहकों के संयुक्त सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने विधायक की मांग पर बड़ागांव में अमर शहीद श्री नारायण दास खरे तथा श्री अमृत लाल फणींन्द्र की प्रतिमा लगाने और हर साल शहीद मेला आयोजित करवाने की घोषणा की। उन्होंने जिले के बड़ागांव, बल्देवगढ़, खरगापुर में महाविद्यालय खोलने और विकास कार्यों की सभी मांगों का परीक्षण कर उन्हें जल्द से जल्द पूरा करवाने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने बानसुजारा समूह जल-प्रदाय योजना के लिये 272 करोड़ रूपयों की वित्तीय स्वीकृति शीघ्र दिलाने की घोषणा भी की। श्री चौहान ने असंगठित श्रमिकों को प्रतीकात्मक रूप से पंजीयन प्रमाण-पत्र एवं आवासीय पट्टे तथा चरण-पादुका योजना में 33 हजार 777 तेन्दूपत्ता एवं महुआ फूल संग्राहकों को जूते, चप्पल, साड़ियां व पानी की कुप्पी आदि सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहक श्रीमती मानकुंवर बाई एवं श्री धनीराम को अपने हाथों से चप्पल/जूते पहनाकर साड़ी और पानी की कुप्पी प्रदान कीं। उन्होंने युवा उद्यमी योजना के तहत श्री अंशुल दांगी को पोहा निर्माण इकाई के लिये 40 लाख का चैक प्रदान किया तथा अन्य हितग्राहियों को भी पात्रतानुसार हितलाभ वितरित किये। श्री चौहान ने 122 करोड 55 लाख 20 हजार रूपये की लागत वाले 13 विकास कार्यो का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी इस मौके पर किया। मुख्यंमत्री ने कहा कि सरकार हर गरीब एवं श्रमिक को उसकी पहचान स्थापित करने के लिये पंजीयन प्रमाण-पत्र के रूप में स्मार्ट कार्ड देगी। स्मार्ट कार्ड में उसकी संपूर्ण जानकारी होगी। स्मार्ट कार्डधारी व्यक्ति मुख्यमंत्री जन-कल्याणकारी योजना ''सम्बल'' का लाभ लेने के लिये पात्र होगा। योजना के तहत उसे 11 प्रकार की सुविधाओं/सहायता/बैंक लिंकेज का लाभ दिया जायेगा। गरीब बच्चों की कक्षा एक से पीएचडी तक की पढ़ाई की फीस अब सरकार भरेगी। उन्होंने कहा कि गरीब महिलाओं को स्व-रोजगार स्थापना के लिये बैंक लिंकेज दिया जायेगा। युवाओं को रोजगार देने के लिये सरकार जल्द ही नई भर्ती करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अगले चार साल में 40 लाख गरीबों को पक्का मकान बनाकर देंगे। हर गरीब व्यक्ति को जमीन का पट्टा देकर उसका पक्का मकान बनाया जायेगा तथा उनका इलाज कराया जायेगा, मुख्यमंत्री अन्त्योदय आवास योजना के तहत हर साल 10 लाख मकान बनाकर दिये जायेंगे। जिस हितग्राही के नाम से मकान बनेगा, राशि भी उसी के बैंकखाते में जारी की जायेगी। श्री चौहान ने असंगठित श्रमिकों और तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना (संबल) की जानकारी देते हुए कहा कि सभी श्रेणी के मेहनतकश मजूदर, ढाई एकड़ से कम कृषि भूमि वाले काश्तकार, छोटे व्यापारी, आयकर न देने वाले तथा जो शासकीय सेवा में नहीं है, ये सभी इस योजना के दायरे में आयेंगे। मुख्यंमत्री ने कहा कि 200 रूपये फ्लेट रेट पर बिजली देने के लिये जुलाई एवं अगस्त में पंजीयन शिविर लगेंगे। गरीबों के बच्चों की फीस भरने का काम जुलाई से शुरू होगा। जन-कल्याण योजना में पंजीयन करा चुके असंगठित श्रमिकों के लिये 13 जून को प्रदेश के हर ब्लाक में कार्यक्रम आयोजित कर हितलाभ प्रदान किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि सरकार ने यह निर्णय लिया है कि गरीबों के बच्चों की स्कूल, कॉलेज से लेकर आई.आई.टी, आई.आई.एम., नीट, इंजीनियरिंग, मेडिकल कॉलेज, लॉ कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों की फीस सरकार भरेगी। हर गांव और वार्ड में 5 सदस्यीय समिति बनाने की मंशा व्यक्त की। समिति जिला प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से गठित होगी। इसमें 3 असंगठित श्रमिक और 2 सलाहकार भी होंगे। इस अवसर पर केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास तथा अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने मुख्यमंत्री से टीकमगढ़ संसदीय क्षेत्र में विभिन्न श्रेणी के विकास/निर्माण कार्यों को पूरा करने की मंजूरी देने और कुछ मामलों में भारत सरकार को प्रस्ताव भेजने का अनुरोध किया। कार्यक्रम को विधायक श्री के.के. श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। सम्मेलन में लोक स्वास्थ्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी श्री रूस्तम सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री पर्वतलाल अहिरवार,, विधायक सर्वश्री दिनेश कुमार अहिरवार, श्री अनिल जैन तथा श्रीमती रेखा यादव, श्रीमती अनीता सुनील नायक सहित अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रमिक एवं तेंदूपत्ता संग्राहक तथा ग्रामीण उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 7 June 2018


कृष्णा-राजकपूर ऑडिटोरियम का उद्घाटन करेंगे शिवराज

एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान शनिवार 2 जून को रीवा में कृष्णा-राजकपूर ऑडिटोरियम का उद्घाटन करेंगे। सुप्रसिद्ध फिल्म कलाकार एवं निर्देशक स्वर्गीय राजकपूर की पुण्य-तिथि 2 जून को आयोजित इस समारोह में उनके परिवार के सदस्य रणधीर कपूर, राजीव कपूर, प्रेम किशन मल्होत्रा, प्रेम चोपड़ा तथा श्रीमती उमा चोपड़ा विशेष रूप से शामिल होंगे। जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र कृष्णा- राजकपूर ऑडिटोरियम के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल तथा हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री कृष्ण मुरारी मोघे समारोह के विशेष अतिथि होंगे। उद्घाटन समारोह में म्यूजिकल नाईट का आयोजन किया जाएगा। प्रख्यात गायक श्री सुरेश वाडकर तथा टॉक-शो होस्ट प्रख्यात अभिनेता अन्नू कपूर समारोह में प्रस्तुति देंगे। एक हजार सीटर कृष्णा-राजकपूर ऑडिटोरियम का 3301 वर्ग मीटर क्षेत्र में निर्माण किया गया है। यह वातानुकूलित ऑडिटोरियम 18 करोड़ रूपये की लागत से बनाया गया है। इसमें थियेटर, रिसोर्ट, रेस्टोरेंट और दो लॉन तथा बाउण्ड्रीवाल का निर्माण किया गया है। पार्किंग के लिये भी पर्याप्त जगह रखी गई है।

Dakhal News

Dakhal News 1 June 2018


shivraj singh

   मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने  दमोह में असंगठित श्रमिक और तेन्दूपत्ता संग्राहक सम्मेलन में कहा कि प्रदेश में गरीब और मेहनतकश लोगों के विकास का महायज्ञ थमेगा नहीं। हमारी सरकार और प्रदेश का हर नागरिक मिल-जुलकर विकास के इस महायज्ञ को पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों को एक रूपये किलो के भाव से गेहूँ, चावल और नमक उपलब्ध करवाने वाला हमारा प्रदेश देश का एकमात्र राज्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई भी गरीब भूखा नहीं सोयेगा। हर गरीब व्यक्ति को आवासीय जमीन का पट्टा देकर पक्के मकान का मालिक बनाया जायेगा। हर गरीब का मुफ्त इलाज कराया जायेगा। गरीबों के बच्चों की पूरी पढ़ाई की फीस राज्य सरकार भरेगी। 13 जून को सभी विकासखण्ड में होंगे जन-कल्याण योजना कार्यक्रम मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि आगामी 13 जून को प्रदेश के सभी विकासखण्ड मुख्यालय में मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना के पंजीकृत हितग्राहियों के लिये कार्यक्रम होंगे। कार्यक्रम में हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के हित-लाभ चेक द्वारा प्रदान किये जायेंगे। श्री चौहान ने बताया कि इस योजना की निगरानी के लिये हर गाँव और हर वार्ड में पाँच सदस्यीय समिति बनाई जायेगी। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से संग्राहकों को पहनाई चरण-पादुका मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में अपने हाथों से तेन्दूपत्ता संग्राहक तखत सिंह, करण सिंह और सुदामा को चरण पादुका पहनाई और पानी की कुप्पी भेंट की। इसी तरह महिला तेन्दूपत्ता संग्राहक लीला रैकवार, चम्पाबाई, गौरव बाई और बड़ी बहू को चरण पादुका पहनाई और साड़ी तथा पानी की कुप्पी भेंट की।उन्होंने विस्तार से योजना की जानकारी दी। रू. 140 करोड़ के कार्यों का भूमि-पूजन/लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सम्मेलन में दमोह और सागर जिले में 140 करोड़ के विकास और निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के 40 हजार से अधिक हितग्राहियों को हित-लाभ वितरित किये। सम्मेलन में सागर और दमोह जिले के लगभग साढ़े 18 हजार तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुकाएँ, पानी की कुप्पी भेंट की गई। सम्मेलन में सांसद श्री प्रहलाद पटेल, वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया, बुन्देलखण्ड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम के अध्यक्ष श्री नारायण कबीरपंथी, शहरी-ग्रामीण असंगठित कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री सुल्तान सिंह शेखावत, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री महेश कोरी, दमोह और सागर जिले के विधायक, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में हितग्राही तथा नागरिक मौजूद थे।    

Dakhal News

Dakhal News 1 June 2018


 मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

  मुख्यमंत्री श्री चौहान ने "दिल से" दी दसवीं, बारहवीं परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को अग्रिम बधाई  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने दसवीं और बारहवीं की राज्य बोर्ड परीक्षा के घोषित होने वाले परिणाम की चर्चा करते हुए परीक्षा में अच्छे नंबरों से पास होने वाले विदयार्थियों को अग्रिम बधाई देते हुए शुभकामनाएँ दी हैं। साथ ही उन्होंने परीक्षा में असफल रहे विदयार्थियों से कहा कि असफल होने पर निराश होने की जरूरत नहीं है। आगे और ज्यादा तैयारी करें और आगे बढें। मुख्यमंत्री आज आत्मीय संवाद 'दिल से' के माध्यम से प्रदेशवासियों को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने कहा कि केवल डिग्री अथवा अच्छे नम्बर आना सफल होने की गारंटी नहीं है। उन्होंने महात्मा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, बाक्सर सुश्री मैरी कॉम, महान् क्रिकेटर श्री सचिन तेंदुलकर, अमेरिका के प्रथम राष्ट्रपति जार्ज वाशिंगटन का उदाहरण देते हुए कहा कि परीक्षा में कम नम्बर आने के बावजूद उन्होंने महान् काम किये। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग प्रदेश की शांति, सद्भावना एवं समरसता भंग करने के काम में लगे हैं। वे तरह-तरह की अफवाहें फैलाते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। प्रदेशवासी मिल-जुल कर प्रदेश को आगे बढ़ायें। श्री चौहान ने मातृ दिवस पर सभी माताओं के त्याग और तपस्या को नमन् करते हुए युवाओं का आव्हान किया कि वे हमेशा अपने माता-पिता का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि 15 मई को नर्मदा सेवा यात्रा का एक वर्ष पूरा हो रहा है। उन्होंने लोगों का आव्हान किया कि नदियों को बचाने के लिये स्व-प्रेरणा से आगे आयें। नर्मदा सेवा यात्रा और नर्मदा सेवा मिशन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नर्मदा जल को प्रदूषण से बचाने के लिये सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाये जा रहे हैं। शराब की दुकानें बंद कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि 35 लाख से ज्यादा लोगों ने पौधों का रोपण किया। श्री चौहान ने इंदौर की हृदय-विदारक घटना की चर्चा करते हुए कहा कि दरिंदों की सजा केवल मृत्यु दण्ड है। उन्होंने मात्र 23 दिनों में न्याय प्रक्रिया पूरी करने और दोषी को मृत्यु दण्ड दिलाने के लिये पुलिस प्रशासन की सराहना की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को बेटियों की गरिमा की रक्षा के लिये दोषी राक्षसों को फाँसी की सजा देने का कानून बनाने के लिये धन्यवाद दिया। श्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में चार साल पूरे होने की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि श्री मोदी ने अद्भुत जन-कल्याण योजनाएँ शुरू की हैं। उन्होंने स्वच्छता को जन-अभियान बना दिया है। श्री चौहान ने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में शक्तिशाली भारत का उदय हुआ है। सौभाग्य से भारत को श्री मोदी जैसा समर्पित नेता मिला है। श्री चौहान ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण के लिये शुरू की गई योजना के लाभ की चर्चा करते हुए कहा कि यह देश की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजना है। चार साल के भीतर कोई भी गरीब बिना जमीन के नहीं रहेगा। उन सब का पक्का मकान होगा। बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्चा सरकार उठायेगी। श्रमिकों को फ्लेट रेट पर बिजली मिलेगी। श्री चौहान ने किसान कल्याण के लिये उठाये गये क्रांतिकारी कदमों की चर्चा करते हुए कहा कि किसानों को संकट में नहीं रहने देंगे। गेंहूँ, लहसुन, प्याज, चना, मसूर, सरसों की फसलों पर किसानों को नुकसान नहीं होने देंगे। वनवासी बंधुओं को वनाधिकार पटटे देने का अभियान 20 मई से शुरू हो रहा है। श्री चौहान ने नर्मदा की सेवा में समर्पित व्यक्तित्व स्वर्गीय श्री अनिल माधव दवे का स्मरण करते हुए कहा कि वे नर्मदा के सच्चे सपूत थे।

Dakhal News

Dakhal News 14 May 2018


बालकवि बैरागी को दी गई अंतिम विदाई

  साहित्यकार एवं कवि बालकवि बैरागी को मनासा में अंतिम विदाई दी गई। शोक स्वरूप पूरा मनासा नगर बंद रहा। बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे थे। बालकवि बैरागी साहित्‍य और कविता के सा‍थ राजनीति के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे। वे राज्‍यसभा के सदस्‍य रहे। इस सरस्‍वती पुत्र को कई सम्‍मानों से नवाजा गया था। बैरागी का मनासा में भाटखेड़ी रोड पर कवि नगर पर निवास है। वहीं उन्होंने रविवार शाम 6 बजे अंतिम सांस ली थी। बैरागी जी की गिनती कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेताओं में होती थी। वे मध्‍यप्रदेश में अर्जुन सिंह सरकार में खाद्यमंत्री भी रहे। उन्हें मध्यप्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा कवि प्रदीप सम्मान भी प्रदान‍ किया गया। साहित्‍य और राजनीति से जुड़े रहने के कारण उनकी कविताओं में साहित्य और राजनीति की झलक देखने को मिलती है। गीत, दरद दीवानी, दो टूक, भावी रक्षक देश के, आओ बच्चों गाओ बच्चों बैरागी की प्रमुख रचनाएं हैं। मृदुभाषी और मस्‍तमौला स्‍वभाव तथा सौम्‍य व्‍यक्तित्‍व के धनी बालकवि बैरागी ने अंतरराष्ट्रीय कवि के रूप में नीमच जिले को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया था। बताया जाता है कि नीमच में एक कार्यक्रम में शामिल होकर वे अपने घर मनासा पहुंचे थे। वहां कुछ समय आराम करने के लिए अपने कमरे में गए। शाम करीब 5:00 बजे जब उन्हें चाय के लिए उठाया गया तो उनके निधन की खबर लगी।  

Dakhal News

Dakhal News 14 May 2018


शिवराज करेंगे राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के प्रयास

  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पिछड़ा वर्ग के लिये राज्य सरकार द्वारा केन्द्र सरकार से राष्ट्रीय आयोग गठित करने और उसे संवैधानिक दर्जा दिलाने का अनुरोध किया जायेगा। पिछड़ा वर्ग के युवाओं में प्रतिभा, क्षमता और योग्यता की कोई कमी नहीं है, इन्हें शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में सभी सुविधाएँ मुहैया करवाई जायेंगी। मुख्यमंत्री ने आज सागर के समीप ग्राम बामौरा में पिछड़ा वर्ग महाकुंभ को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने पिछड़ा वर्ग की 15 विभूतियों को म.प्र. रामजी महाजन पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार-2015 प्रदान किये। साथ ही वर्ष 2017-18 म.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा विभिन्न सेवाओं के लिये चयनित पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को सम्मानित किया। श्री चौहान ने शासन की विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री ने की पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिये महत्वपूर्ण घोषणाएँ अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिये इसी शिक्षा सत्र से विकासखण्ड स्तर पर छात्रावास खोले जायेंगे। छात्रावास के प्रारंभ होने तक किराये के भवन में छात्रावास संचालित किये जायेंगे। ·छात्रावास में विद्यार्थी को प्रवेश नहीं मिलने की स्थिति में अगर 2 विद्यार्थी मिलकर किराये के मकान में पढ़ाई करेंगे, तो मकान किराया सरकार देगी।  पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति के लिये अभिभावक की वार्षिक आय सीमा 75 हजार रूपये को बढ़ाकर 3 लाख रूपये सालाना किया जायेगा। अब एक वर्ष में अन्य पिछड़ा वर्ग के 50 विद्यार्थियों का विदेशी विश्वविद्यालय में चयन होने पर उनकी फीस राज्य सरकार भरेगी। अभी तक विद्यार्थियों की यह संख्या मात्र 10 तक सीमित थी।  पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के लिये कोचिंग दिलवायी जायेगी।  पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों से अब कांऊसिलिंग के समय आय प्रमाण-पत्र नहीं माँगा जायेगा। केवल फीस भरते समय आय प्रमाण-पत्र की जरूरत होगी। ·पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को दिया जा रहा अनुरक्षण भत्ता दोगुना किया जायेगा। यह वृद्धि मैट्रिक के बाद उच्च शिक्षा संस्थानों में चयन होने तक देय होगी।  कक्षा 12वीं में 70 प्रतिशत अंक लाने वाले अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्याथियों को मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना का लाभ दिया जायेगा। ऐसे विद्यार्थी का चयन किसी उच्च शिक्षा संस्थान में होता है, तो उसकी फीस सरकार देगी।  हर वर्ष पिछड़ा वर्ग के 2 लाख हितग्राहियों को शासन की विभिन्न स्व-रोजगार योजनाओं का लाभ दिया जायेगा।  नरयावली में महाविद्यालय और जरूआखेड़ा में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) खोले जायेंगे। अन्य पिछड़ा वर्ग को 5973 करोड़ की आर्थिक सहायता/अनुदान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास के लिये 5973 करोड़ रूपये की राशि आर्थिक सहायता और अनुदान के रूप में खर्च की है। राज्य सरकार की यह कोशिश निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग स्व-रोजगार योजना में पिछले वित्त वर्ष में 111 करोड़ रूपये खर्च कर युवाओं को स्व-रोजगार से लगाया गया है। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री फसल बीमा, मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि, समर्थन मूल्य पर अनाज खरीदी, स्व-रोजगार योजनाओं और मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक कल्याण योजना की जानकारी देते हुए अपील की कि 7 मई को अपनी ग्राम पंचायत में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में जरूर शामिल हों। उन्होंने श्रमिक बंधुओं से आग्रह किया कि विशेष ग्राम सभाओं में जाकर अपने पंजीयन का सत्यापन करायें और मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक कल्याण योजना का भरपूर लाभ उठायें। मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित विभूतियाँ मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा महाकुंभ में म.प्र. रामजी महाजन पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार-2015 से श्रीमती कान्ति पटेल, श्रीमती आशा साहू, श्रीमती माया विश्वकर्मा, श्रीमती अलका सैनी, श्रीमती बबीता परमार, श्रीमती यमुना कछावा, श्रीमती प्रीति सेन, सुश्री राजकुमारी कुसुम महदेले (जबलपुर), श्री सूरज सिंह मारण, डॉ जे.के. यादव, श्री राजेश दोडके, डॉ. भगवान भाई पाटीदार, श्री काशीराम यादव और श्री महेन्द्र कटियार को सम्मानित किया। इन विभूतियों को पुरस्कार स्वरूप एक-एक लाख रूपये, स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति-पत्र, शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। स्व. श्री नारायण सिंह डागोर का मरणोपरांत पुरस्कार उनकी धर्मपत्नी श्रीमती चन्द्रादेवी ने प्राप्त किया। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती ललिता यादव ने समारोह की अध्यक्षता की। सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, गृह एवं परिवहन मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, महापौर श्री अभय दर्रे, बुन्देलखंड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डा. रामकृष्ण कुसमरिया, विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, श्रीमती पारूल साहू, श्री हरवंश राठौर, श्री प्रदीप लारिया, श्री महेश राय, श्री हर्ष यादव, म.प्र. राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री राधेलाल बघेल, पिछड़ा वर्ग तथा वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री प्रदीप पटेल एवं अन्य स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 7 May 2018


anandi ben

  राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज उज्जैन में म.प्र पाटीदार समाज महिला संगठन के प्रान्तीय महाधिवेशन में कहा कि समाज में अच्छे काम कभी भी निरर्थक नहीं होते हैं। माताएं अपने स्वास्थ्य का खयाल रखें। अपनी बेटियों को पौष्टिक आहार दें एवं वर्ष में एक बार उनका हीमोग्लोबिन परीक्षण अवश्य करवायें, ताकि आने वाली पीढ़ी कुपोषण की शिकार नहीं हो। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि हर परिवार में बेटा-बेटी के साथ एक-समान व्यवहार होना चाहिये। बेटों की तरह बेटियों को भी खूब पढ़ायें और बेटे के समान ही ध्यान भी रखें। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। माताएं अपने बच्चों को आठ वर्ष की आयु तक अच्छे संस्कार दें। विवाह समारोह में अनावश्यक धनराशि व्यय नहीं करें। बचत राशि से बेटे-बेटियों को पढ़ाई और काम-धंधे में लगायें ताकि परिवार और समाज का समुचित विकास हो सके। उन्होंने कहा कि समाज में घूंघट प्रथा बन्द होना चाहिये। महिलाएं अपने अधिकार को पहचानें। लड़कों के मुकाबले और लड़कियों की संख्या का अनुपात कम हो रहा है। श्रीमती आनन्दीबेन पटेल ने कहा कि बाल विवाह जैसी कुरीति से बचना चाहिये। वयस्क होने पर ही बालक-बालिका का विवाह सम्पन्न कराया जाना चाहिये। उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं अपने भतीजे की कम उम्र में होने वाली शादी को रूकवाया था। अच्छे काम में थोड़ी तकलीफ जरूर आती है, परन्तु अच्छे काम करते रहना चाहिये। समाज में सुख-समृद्धि के लिये सबको मिलकर, संकल्प लेकर अच्छे काम के लिये आगे बढ़ते रहना चाहिये। म.प्र.पाटीदार समाज महिला संगठन की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा पाटीदार ने कहा कि समाज में फैली कुप्रथाओं को दूर करने के लिये महाधिवेशन बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी अनेकों योजनाएं द्वारा महिलाओं सशक्तिकरण के लिये कार्य कर रहा है। सभी को इन योजनाओं का लाभ लेना चाहिये। कार्यक्रम में जिला पंचायत रतलाम की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती निर्मला शंकर पाटीदार, गुजरात प्रान्त की साबरमती अहमदाबाद की पूर्व विधायक श्रीमती गीताबेन पटेल तथा पूर्व प्रान्ताध्यक्ष और जिला पंचायत इन्दौर की अध्यक्ष सुश्री कविता पाटीदार ने भी विचार व्यक्त किये। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने इस अवसर पर महिला संगठन द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'कल्याणी' का विमोचन किया गया। जिला पंचायत बुरहानपुर की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री पाटीदार, इन्दौर की समाजसेवी एवं शक्ति पम्प इंडिया की संचालिका श्रीमती इंदिरा पाटीदार, कृषि उपज मंडी भोपाल की अध्यक्ष श्रीमती श्यामा भागीरथ पाटीदार, बुरहानपुर की पूर्व महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल, अहमदाबाद गुजरात के ओमिया कैम्पस की प्रोफेसर श्रीमती रूपलबेन पटेल, मां-बेटी सम्मेलन की प्रणेता श्रीमती जागृतिबेन पटेल, बदनावर की समाजसेवी श्रीमती श्यामगिरी पाटीदार और दूर-दराज से आये पाटीदार समाज के महिला-पुरूष उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 7 May 2018


शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज झाबुआ जिले के ग्राम सुतरेटी में असंगठित श्रमिक एवं तेंदूपत्ता संग्राहक सम्मेलन में कहा कि प्रदेश में फसल काटने, गिट्टी तोड़ने और हम्माली करने वाले श्रमिकों तथा ढ़ाई एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को विभिन्न योजनाओं का भरपूर लाभ दिया जायेगा। राज्य सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी जरूरतमंदों और गरीबों को जन-कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कर रही है। श्री चौहान ने इस मौके पर नर्मदा-झाबुआ सिंचाई परियोजना के लिये 2050.70 करोड़ रूपये स्वीकृत करने की घोषणा की। सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हित-लाभ एवं वनाधिकार पट्टों का वितरण किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि झाबुआ जिले में असंगठित श्रमिक कल्याण योजना में पंजीकृत 3 लाख 66 हजार गरीबों को जमीन का मालिक बनाया जाएगा। प्रत्येक पट्टे पर प्रधानमंत्री आवास और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनवाकर दिए जायेंगे। वर्ष 2022 तक सभी आदिवासियों को पक्के मकान बनवाकर दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गरीबों को मकान के लिए जमीन और बिजली प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी। श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार पंडित दीनदयाल के आदर्शो पर चलकर गरीबों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश में विगत एक अप्रैल से पंजीकृत श्रमिकों को 200 रुपये प्रति माह की दर से घरेलू बिजली दी जा रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भारत सरकार की आयुष्मान योजना का लाभ मध्यप्रदेश की जनता को भी दिलवाया जाएगा। साथ ही, गरीब बहनों को सम्मानजनक व्यवसाय के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए नागरिकों से अपील की कि 7 मई को विशेष ग्राम सभा में अवश्य भाग लें। सभा में असंगठित मजदूरों के पंजीयन की सूची पढ़ी जायेगी। उन्होंने श्रमिकों से आग्रह किया कि अगर सूची में नाम छूट गया हो, तो विशेष ग्राम सभा में ही अपना नाम जुड़वाएँ। सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्रमिकों, तेंदूपत्ता संग्राहकों एवं महुआ फूल बीनने वाले श्रमिकों को चरण पादुका, साड़ी और पानी की बॉटल का वितरण किया। विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हित-लाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री ने आदिवासी बोली की नुक्कड़ नाटक पुस्तिका ''पोरियों नी हन्देहो'' का विमोचन किया और नागरिकों को बच्चों को पढ़ाने, जल-संरक्षण, गाँव को सुंदर और स्वच्छ बनाने, घर में शौचालय बनाने, पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे लगाने और वृक्ष बचाने का संकल्प दिलवाया। कार्यक्रम में विधायक श्री कलसिंह भाबर और श्री शांतिलाल बिलवाल तथा राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री महेश कोरी उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 5 May 2018


अलीराजपुर

  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अलीराजपुर ने खुले में शौच मुक्ति के अभियान में प्रशंसनीय कार्य किया है। इस सम्मान को बनाये रखने का प्रयास जारी रखे। श्री चौहान अलीराजपुर में खुले में शौच से मुक्ति के उत्सव एवं असंगठित श्रमिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नर्मदा उद्वहन सिंचाई योजना से वर्ष 2020 सें क्षेत्र में भरपूर सिंचाई हो सकेगी। 52 करोड़ के विभिन्न निर्माण का हुआ शिलान्यास और लोकार्पण श्री चौहान ने 52 करोड़ 53 लाख 86 हजार रुपये लागत के 20 विभिन्न निर्माण कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने खुले में शौच मुक्ति के लिये जिले के प्रयासों की पुस्तक का विमोचन भी किया। श्री चौहान ने जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनीता चौहान को खुले में शौच से मुक्ति का प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया। साथ ही ओडीएफ कार्य में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों सहित मैदानी स्टॉफ को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हित-लाभ-पत्र भी बाँटे। मुख्यमंत्री श्री चौहान का पारम्परिक आदिवासी झुलड़ी और तीर-कमान भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजीविका मिशन के माध्यम से गठित समूहों को मिलने वाले बैंक ऋण राशि की 3 प्रतिशत ब्याज राशि राज्य सरकार देगी। उन्होंने कहा कि होशंगाबाद जिले की महिलाओं द्वारा शुरू किया गया। मुर्गी-पालन और मुर्गी दाना कारखाना जैसा प्रयास अलीराजपुर में भी हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौभाग्य योजना का लाभ भी जिले के सभी लोगों को पहुँचाया जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने असंगठित मजदूरों के पंजीकृत व्यक्तियों की सूची का ग्रामसभा में वाचन के लिये उचित प्रबंध करने को कहा। उन्होंने कहा कि महुआ फूल बीनने वालों को चप्पल-जूते और पानी की कुप्पी भी अब उपलब्ध करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने समारोह में नागरिकों को बच्चों को अनिवार्य रूप से स्कूल भेजने, ग्रामों को स्वच्छ रखने, पानी रोकने और पौध-रोपण करने का संकल्प दिलवाया। विधायक श्री नागर सिंह चौहान ने भी समारोह को संबोधित किया। यूनीसेफ की सुश्री मारिया ने कहा कि खुले में शौच मुक्ति के अभियान में अलीराजपुर जिले में सराहनीय काम हुआ है। व्यवहार परिवर्तन कर बड़े बदलाव में समुदाय ने बड़ा प्रयास किया है। श्रम राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री बालकृष्ण पाटीदार और असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मण्डल अध्यक्ष श्री सुल्तान सिंह शेखावत भी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 5 May 2018


anand vibhag

सकारात्मक विचार ही सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं :शिवराज  भोपाल में वेद मर्मज्ञ एवं प्रखर आध्यात्मिक गुरू स्वामी सुखबोधानन्द ने कहा है कि खुशी के लिये काम करने से खुशी नहीं मिलेगी, बल्कि खुश होकर काम करने से खुशी मिलेगी। यंत्रवत जीवन और प्रतिक्रिया करने की प्रवृत्ति से मुक्ति पाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि परेशानियों और समस्याओं को सकारात्मक दृष्टि से देखने पर वे भी गुरू बन जाती हैं। स्वामी सुखबोधानन्द ने आज यहां प्रशासन अकादमी में आनन्द विभाग के अंतर्गत राज्य आनन्द संस्थान द्वारा आयोजित 'आनन्द व्याख्यान' में यह विचार व्यक्त किये। मन की भीतर की स्थिति है आनन्द मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि सकारात्मक विचार ही सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार का दर्शन आनन्द को प्राप्त करने का मार्ग बताता है। साम्यवाद और पूंजीवाद ने भी आनन्द प्राप्ति का रास्ता दिखाया था, लेकिन कालांतर में सही साबित नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि आनन्द और सुख में भेद नहीं समझने के कारण ऐसा होता है। उन्होंने कहा कि आनन्द मन की भीतर की स्थिति है, जबकि सुख बाहरी परिस्थितियों से निर्मित होता है। श्री चौहान ने कहा कि केवल अधोसंरचनाएं खड़ी करने से आनन्द नहीं मिलता। अर्थपूर्ण जीवन जीना महत्वपूर्ण है। समृद्ध लोग भी दुखी रहते हैं और अभाव में रहने वाले भी खुश रहते हैं। इसलिये मनोदशा को सकारात्मक बनाने की कला सीखना होगा। प्रत्येक क्षण में है आनन्द स्वामी सुखबोधानंद ने आनन्द की चारित्रिक विशेषताओं और जीवन में उसकी उपस्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आनन्द को भविष्य में देखने की प्रवृत्ति और आदत बना लेने से निराशा और दुख ही हाथ आयेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान ही सब कुछ है, इसलिए आनन्द भी वर्तमान में ही उपस्थित है। यह मन के भीतर है। उन्होंने कहा कि जब सब दरवाजे बंद हो जाते हैं, तब ईश्वर नया द्वार खोल देता है। इसलिए प्रत्येक क्षण में आनन्द है। प्रत्येक पल में जीवन है। प्रत्येक पल ऊर्जावान है। वर्तमान में भूतकाल का हस्तक्षेप नहीं होने दें स्वामीजी ने कहा कि राग और द्वेष का रूपांतरण प्रेम में करने के लिए भक्ति की जरूरत पड़ती है। इसलिए भक्ति प्रमुख तत्व है। स्वामी ने कहा कि भविष्य माया है। सिर्फ वर्तमान ही सच है और वर्तमान में ही आनन्द व्याप्त है। उसकी अनुभूति करने की आवश्यकता है। आश्चर्य तत्व की प्रधानता होना चाहिए। उन्होने कहा कि वर्तमान में भूतकाल का हस्तक्षेप नहीं होने दें, इसके प्रति भी सचेत रहें। आनंद का दूसरा स्वरूप ऊर्जा है। आनन्द विभाग के मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान निरंतर नवाचार करने वाले मुख्यमंत्री हैं। आनन्द विभाग की स्थापना इसका उदाहरण है। उन्होंने बताया कि बहुत कम समय में आनन्द विभाग की गतिविधियों का प्रदेशव्यापी विस्तार हुआ है। पूरे देश में इसकी सराहना हो रही है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द विभाग श्री इकबाल सिंह बैंस और आनन्द क्लबों के सदस्य उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 3 May 2018


lalsingh arya

राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने की अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की समीक्षा अनुसूचित-जाति कल्याण राज्य मंत्री लाल सिंह आर्य ने कहा है कि छात्रावासों के विद्यार्थियों को सप्ताह में एक स्थान का भ्रमण अवश्य करवायें। उन्होंने कहा कि बच्चों को पास के औद्योगिक क्षेत्र, मेडिकल अथवा इंजीनियरिंग कॉलेज का भ्रमण अवश्य करवाया जाये। राज्य मंत्री श्री आर्य आज भोपाल में अनुसूचित-जाति कल्याण विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में प्रमुख सचिव श्री संजय बन्दोपाध्याय और आयुक्त श्री आनंद शर्मा उपस्थित थे। उत्कृष्ट काम करने वाले अधिकारी सम्मानित राज्य मंत्री श्री आर्य ने समग्र रूप से अच्छे काम करने वाले 5 विभागीय अधिकारियों को सम्मानित किया। उत्कृष्ट कार्य के लिये इंदौर की श्रीमती मोहिनी श्रीवास्तव, छिन्दवाड़ा की श्रीमती शिल्पा जैन, दमोह की सुश्री शिखा सोनी, सतना के श्री अभिषेक सिंह और सीहोर श्री हरजीत सिंह को प्रशस्ति-पत्र दिये। श्री आर्य ने कहा कि छात्रावासों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाये। पर्याप्त डस्टबिन का उपयोग किया जाये। पेयजल उपलब्धता की स्थिति से कलेक्टर, पीएचई अधिकारी अथवा विभाग प्रमुख को अवगत करायें। निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा स्वयं कर कलेक्टर को वस्तु-स्थिति से अवगत करवायें। जिन छात्रावासों में सी.सी. टी.व्ही. कैमरे लगे हैं, उन्हें चालू हालत में रखा जाये। सभी छात्रावासों में टी.व्ही. की उपलब्धता को जल्द पूरा किया जाये। उन्होंने संभागीय अधिकारियों को समय-समय पर जिला अधिकारियों की बैठक लेने को कहा। उन्होंने कहा कि बैठक के जरिये समस्या और सुझाव सामने आते हैं। राज्य मंत्री श्री आर्य ने निर्देश दिये कि छात्रावासों के लिये सामग्री का क्रय करने के बाद उसका उपयोग भी करें। बच्चों की संख्या और सामग्री की जानकारी मुख्यालय पर उपलब्ध रहे। आवश्यकता अनुसार गुणवत्तायुक्त सामग्री ली जाये और अग्रिम सामग्री का क्रय नहीं किया जाये। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह निर्माण एजेंसियों की बैठक की जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रगतिरत निर्माण कार्यों को पूरा कर विकास यात्रा के दौरान उनके शिलान्यास एवं लोकार्पण की तैयारी करें। साथ ही, निर्माण कार्यों की अद्यतन जानकारी 7 दिन के अंदर उपलब्ध करवायें। ज्ञानोदय के 23 विद्यार्थी जेईई में चयनित शासकीय ज्ञानोदय विद्यालयों में अध्ययनरत 58 में से 23 अनुसूचित-जाति के विद्यार्थियों का जेईई मेन्स में चयन हुआ है। इसमें भोपाल के 6, ग्वालियर, उज्जैन और शहडोल के 3-3, होशंगाबाद, सागर और मुरैना के 2-2 तथा इंदौर और जबलपुर से एक-एक विद्यार्थी का चयन हुआ है। श्री आर्य ने कहा कि सभी तरह के विभागीय टेण्डर मई माह में करवा लिये जायें। दी गई राशि को प्लान कर उपयोग करें। उपयोग नहीं होने पर राशि वापस दें, ताकि दूसरे जिले की आवश्यकता पूरी की जा सके और बजट लेप्स नहीं हो। उन्होंने छात्रावासों में प्रवेशोत्सव मनाने की तारीख तय करने के निर्देश भी दिये। साथ ही कहा कि इसके लिये प्रवेश समिति की बैठक कर ली जाये। पालकों को बुलवाकर मंत्रियों की उपस्थिति में प्रवेशोत्सव मनाया जायेगा। श्री आर्य ने कहा कि रिजल्ट के बाद दसवीं और बारहवीं कक्षा में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक से उत्तीर्ण अनुसूचित-जाति और अनुसूचित-जनजाति के छात्रों की सूची बनाकर भेजी जाये। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में उनके लिये एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।  

Dakhal News

Dakhal News 3 May 2018


फ्रीडम फाइटर केयूर भूषण

रायपुर में स्वतंत्रता संग्राम सेेनानी और पूर्व सांसद केयूर भूषण का गुरुवार शाम निधन हो गया। केयूर भूषण पिछले कुछ दिनों से अस्‍वस्‍थ थे और उनका अस्पताल में उपचार किया जा रहा था। केयर भूषण दो बार रायपुर से सांसद रहे चुके थे। उनकी पृथक छत्तीसगढ़ के आंदोलन में भी महत्‍वपूर्ण भागीदारी रही। जानकारी के अनुसार उन्‍होंने 80 - 90 के दशक में रायपुर का लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया। वे दो बार कांग्रेस के टिकट पर रायपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़े।

Dakhal News

Dakhal News 3 May 2018


shivraj singh

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि सभी जिलों में आवश्यकतानुसार नवीन उपार्जन केन्द्र खोले जायें। किसानों को भुगतान समय से हो। उपार्जन कार्य की लगातार मानीटरिंग की जाये। उपार्जन के दौरान किसान हितैषी दृष्टिकोण रखा जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश में चल रहे गेहूँ, चना, मसूर और सरसों के उपार्जन की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया, वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग और मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह भी उपस्थित थे।   मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों को समय से एसएमएस मिले तथा खरीदी केन्द्र पर उपार्जन सुनिश्चित किया जाये। उपार्जन के बाद शीघ्र परिवहन किया जाये। यह सुनिश्चित करें कि किसानों को खरीदी के तीसरे दिन भुगतान मिले। किसी कारण से एसएमएस से सूचना के बाद निर्धारित दिन पर किसान नहीं आ पाता है तो उन्हें दोबारा एसएमएस किया जाये। खरीदी, परिवहन और किसान को भुगतान की लगातार मानीटरिंग की जाये। खरीदी केन्द्रों पर पर्याप्त संसाधन और उपकरण हों। यह सुनिश्चित करें कि बोरे के निर्धारित वजन के बराबर ही कटौती की जाये। उपार्जन केन्द्रों पर छाया और पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उपार्जन केन्द्रों पर एक प्रशासनिक अधिकारी की ड्यूटी लगायें। मण्डियों में आवश्यकतानुसार मजदूरी की दरें बढ़ायें। जिन उपार्जन केन्द्रों पर नाफेड के सर्वेयर नहीं हो, वहाँ कृषि, खाद्य और सहकारिता की समिति बनाकर एफ.ए.क्यू गुणवत्ता का उपार्जन करें। ओला प्रभावित और सूखे से प्रभावित किसानों को राहत राशि मिलना शेष नहीं रहे। उपार्जित खाद्यान्न के परिवहन में देरी नहीं हो। आवश्यकतानुसार मण्डियों में विद्युत चलित ट्रेडिंग मशीनें लगायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कलेक्टर उपार्जन कार्य के साथ भुगतान की स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा करें। प्रभारी मंत्री भी प्रतिदिन उपार्जन कार्य की मानीटरिंग करेंगे। खरीदी, परिवहन, भुगतान और कैश की प्रतिदिन रिपोर्ट लें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना के तहत वर्ष 2016-17 की प्रोत्साहन राशि अधिकांश किसानों के खातों में पहुँच गई है। वर्ष 2017-18 की प्रोत्साहन राशि 265 रूपये प्रति क्विंटल गेहूँ तथा चना, मसूर और सरसों में 100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से आगामी 10 जून को किसानों के खातों में डाली जायेगी। बताया गया कि उपार्जन के लिये किसानों को एसएमएस भेजने की विकेन्द्रीकृत व्यवस्था की गई है। खरीदी केन्द्रों पर तौल व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण किया गया है। प्रदेश में अब तक 45 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया है। गेहूँ, चना, मसूर, सरसों को मण्डियों में बेचने वाले किसानों को भी मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। इन किसानों का पंजीयन किया गया है। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 27 April 2018


kirar samaj

किरार धाकड़ अ.भा. युवक-युवती परिचय सम्मेलन सम्पन्न लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने महिलाओं के विरुद्ध हो रहे अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि इन अपराधों पर कठोर नियंत्रण स्थापित नहीं किया गया, तो मनुष्य का मानवता पर से विश्वास उठ जायेगा। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से निपटने के लिये जरूरी है कि कानून में कठोर दण्ड के प्रावधान के साथ ही सभी धर्म और समाज एकजुट होकर इस दिशा में ठोस प्रयास करें। लोकसभा अध्यक्ष आज किरार धाकड़ अखिल भारतीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन में बोल रही थीं। श्रीमती महाजन ने कहा कि समाज के उत्थान के लिये आवश्यक है कि स्त्री और पुरुष दोनों ही समान रूप से सशक्त हों। उन्होंने कहा कि समाज की कुरीतियों को समाज के द्वारा ही खत्म किया जा सकता है। सभी समाजों में एकता बहुत जरूरी है। बिखराव हमेशा असुरक्षा का भाव पैदा करता है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बेटी का अपमान करने वाला समाज कभी तरक्की नहीं कर सकता। किसी भी स्तर पर बेटी का अपमान सहन नहीं किया जायेगा। केन्द्र सरकार द्वारा दुराचारियों को मृत्यु दण्ड देने का अध्यादेश लागू करने के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि स्थिति में प्रभावी सुधार अवश्य होगा। श्री चौहान ने कहा कि उनके जीवन का लक्ष्य ही मिशन महिला सशक्तिकरण है। इसलिये प्रदेश में राज्य सरकार ने बेटियों को घर और समाज के लिये वरदान के रूप में प्रतिष्ठापित करने का प्रयास किया है। श्री चौहान ने कहा कि कुरीतियों को समाप्त करने के लिये समाज को पूरी ताकत के साथ जन-जागृति के प्रयास करने होंगे। दहेज प्रथा समाप्त करने, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण के लिये संकल्पित होकर काम करना होगा। दहेज नहीं लेने का संकल्प लें युवा : श्रीमती साधना सिंह अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती साधना सिंह ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि समाज संगठित रहने पर ही सशक्त हो सकता है। सम्मेलन के आयोजन की सराहना करते हुए उन्होंने समाज के युवाओं का आव्हान किया कि विवाह में दहेज नहीं लेने का संकल्प लें, सामूहिक विवाह की परम्परा को अपनायें, इससे समय और धन, दोनों की बचत होगी। श्रीमती साधना सिंह ने महासभा की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जायेगा। सिविल सर्विसेस के प्रतिभागियों की एक माह की कोचिंग की फीस की पूर्ति महासभा द्वारा की जायेगी। उन्होंने बताया कि महासभा द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन में 11 जोड़ों का नि:शुल्क विवाह करवाया जायेगा। किरार समाज की ओर से लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन का शॉल, श्रीफल और स्मृति-चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती साधना सिंह की पुस्तक 'हमारा समाज'' और श्री प्रदीप चौहान द्वारा सम्पादित परिचय स्मारिका और 'किरार दर्पण'' मासिक का विमोचन किया गया। प्रारंभ में कन्या-पूजन हुआ। सुश्री सुहासिनी जोशी ने मध्यप्रदेश गान की प्रस्तुति दी। शहीदों को मरणोपरांत सम्मान प्रदान किया गया। महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों का अभिनंदन कर मेधावी विद्यार्थियों तथा अन्य प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। संचालन भोपाल नगर निगम के अध्यक्ष श्री सुरजीत सिंह चौहान ने किया।

Dakhal News

Dakhal News 23 April 2018


sahu samaj

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी समुदायों से अपील की है कि वे अपने-अपने समुदायों में युवाओं को कैरियर  और शिक्षा संबंधी परामर्श देने के लिये प्रकोष्ठ बनाएं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ स्वरोजगार पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री आज यहां स्थानीय रवीन्द्र भवन में  मध्यप्रदेश साहू समाज द्वारा आयोजित राष्ट्रीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बेटियों के साथ दुराचार करने वालों को फांसी देने का कानून लागू करने के ऐतिहासिक फैसलों के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को साहू समाज की ओर से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। अगले कुछ सालों में देश का पूर्णत:  कायाकल्प हो जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि साहू समाज मिलकर नशामुक्ति और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान चलाए। समाज के सदस्य समाज कल्याण के किसी न किसी कार्य से जुड़ें।  साहू समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने साहू समाज की पत्रिका का विमोचन किया।  

Dakhal News

Dakhal News 23 April 2018


विद्या भारती मध्यक्षेत्र

    मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संस्कारवान और समयानुकूल शिक्षा-शिक्षण के लिये शोध कार्य आवश्यक है। शिक्षा के उद्देश्यों, ज्ञान, कौशल और नागरिक संस्कार देने के लिये निरंतर अनुसंधान किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक शिक्षा के साथ व्यवहारिक शिक्षा भी जरूरी है। आजीविका को भी शिक्षा से जोड़ने के प्रयास समय की जरूरत है। श्री चौहान आज विद्या भारती मध्यक्षेत्र के प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान और आजीविका का माध्यम नहीं है। संस्कारवान नागरिक तैयार करना भी शिक्षा की जिम्मेदारी है। अपने लिये नहीं, देश के लिये जीने वाले संस्कारयुक्त नागरिकों को तैयार करने में विद्या भारती के प्रयासों का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में भी विद्या भारती के संस्थान अच्छी शिक्षा देते हैं। संस्थान के विद्यालयों, शिक्षा की गुणवत्ता की सराहना करते हुये श्री चौहान ने कहा कि विद्या भारती, समाज धारित और पोषित संस्थान है। सहयोग में मात्रा नहीं, श्रद्धा और सहयोग भाव महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने रामचरित्र मानस के प्रसंग के उल्लेख में बताया कि सेतु बांध के निर्माण में महावीर वानरों के साथ ही रेत के कुछ कण लाने वाली गिलहरी के सहयोग को भी भगवान श्रीराम ने बहुत महत्वपूर्ण बताया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष, विद्या भारती शिक्षा संस्थान श्री गोविंद शर्मा ने कहा कि विद्या भारती हर क्षेत्र के पहुँच और साधन विहीन क्षेत्रों में उच्चतर माध्यमिक स्तर तक शिक्षा देने का कार्य कर रही है। अगले शिक्षा सत्र से महाविद्यालयीन शिक्षा का कार्य भी संस्थान द्वारा प्रारंभ किया जायेगा। राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में विद्या भारती संस्थान के खिलाड़ी विद्यार्थियों ने 50 स्वर्ण पदक सहित 150 पदक जीते हैं। विद्या भारती को सर्वाधिक अनुशासित टीम का पदक भी प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में बताया गया कि शोध केन्द्र के निर्माण पर 3.5 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। कुल 24 हजार वर्ग फिट में बनने वाले इस बहुमंजिला भवन में 12 आवासीय-कक्ष, 2 सभा-कक्ष, भोजन-कक्ष, पुस्तकालय सहित शिक्षण-प्रशिक्षण केन्द्र की सभी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इस अवसर पर विद्या भारती शिक्षा संस्थान के सह संगठन मंत्री श्री रामअरावकर, मध्यप्रांत के अध्यक्ष श्री सुरेश गुप्ता सहित शिक्षा संस्थान के पूर्व, वर्तमान पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 18 April 2018


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों को उनके पसीने की पूरी कीमत दिलाने के लिये मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना लागू की गई है। इसमें समर्थन मूल्य पर अथवा उससे अधिक मूल्य पर गेहूँ बिकने पर 265 रूपये प्रति क्विंटल, चना, मसूर, सरसों पर 100 रूपये प्रति क्विंटल तथा लहसुन पर 800 रूपये प्रति क्विंटल किसान के खाते में डाले जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज शाजापुर में किसान महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में 10 लाख 21 हजार किसानों के बैंक खातों में 1669 करोड़ रूपये ऑनलाईन डाले गये। यह प्रोत्साहन राशि गेहूँ उपार्जन वर्ष 2016-17 और धान उपार्जन वर्ष 2017 पर 200 रूपये प्रति क्विंटल की दर से दी गयी। षड़यंत्रों से सावधान रहें किसान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने के लिये खाद्य प्र-संस्करण और कृषि के विविधीकरण के लिये प्रोत्साहित किया जायेगा। कृषि उत्पाद के निर्यात के लिये इसी वर्ष राज्य स्तरीय संस्था बनाई जायेगी। उन्होंने कहा कि देश के संसाधनों पर किसानों का हक है। किसानों की समस्याओं के नाम पर राजनीति नहीं की जाना चाहिये। किसान इस तरह के षड़यंत्रों से सावधान रहे। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में नगदी की कमी पैदा की जा रही है, इससे राज्य सरकार निपटेगी। किसानों को कोई भी दिक्कत हो तो मुख्यमंत्री निवास पर स्थापित कंट्रोल रूम के फोन नम्बर-0755-2540500 पर फोन करें। श्री चौहान ने कहा कि खेती-किसानी में प्रदेश को आगे बढ़ाने में राज्य सरकार के साथ सहयोग करें। मुख्यमंत्री ने प्रदेश को विकसित राज्यों में अग्रणी प्रदेश बनाने का संकल्प दोहराया। खसरे की नि:शुल्क कॉपी मिलने पर ही प्रकरण समाप्त होगा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा कृषक उद्यमी योजना शुरू की गई है, जिसमें किसानों के बेटे-बेटियों को उद्योग लगाने के लिये दो करोड़ रूपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जायेगा। इस ऋण की गारंटी राज्य सरकार लेगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रत्येक विकासखंड में 100-100 युवाओं को ऋण दिलाया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये चलाये गये विशेष अभियान में तीन माह में नामांतरण और बँटवारे के 14 लाख प्रकरण निपटाये गये हैं। अब नामांतरण के आदेश के बाद खसरा और नक्शे की नकल की कॉपी संबंधित किसान को नि:शुल्क दे दी जायेगी, तब ही प्रकरण समाप्त माना जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि खराब ट्रांसफार्मर बदलने के लिये यदि किसान ट्रान्सफार्मर लाते हैं, तो विद्युत कंपनी द्वारा इसका किराया दिया जायेगा। बदलने के बाद ट्रांसफार्मर अगर तीन माह के भीतर जल जाता है, तो बिना बकाया राशि लिये उसे फिर बदल दिया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री असंगठित मजदूर कल्याण योजना में ढाई एकड़ तक की भूमि वाले किसानों को शामिल किया गया है। डिफाल्टर किसानों के लिये नई योजना बनाई गई है, जिसमें ब्याज राज्य सरकार भरेगी और मूलधन का आधा किसान द्वारा दिये जाने पर उसे शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण दिया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि इस वर्ष भावांतर भुगतान योजना में किसानों के खाते में दो हजार करोड़ रूपये की राशि डाली गयी है। जो किसानों ने भी नहीं सोचा, वह कर रही है सरकार मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों को सुविधाएँ देने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखी जायेगी। जो किसानों ने भी नहीं सोचा, वह भी सरकार कर रही है। उन्होंने जनता को याद दिलाते हुए कहा कि पूर्व की सरकार के समय किसानों को 18 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था, जिसे घटाकर शून्य प्रतिशत कर दिया गया है। खाद के अग्रिम भंडारण पर ब्याज राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है। प्राकृतिक आपदा में दी जाने वाली राहत राशि पहले ढाई हजार रूपये प्रति हेक्टयर थी, जिसे बढ़ाकर 30 हजार रूपये प्रति हेक्टयर कर दिया गया है। एक वर्ष में किसानों को 18 हजार करोड़ रूपये की राहत दी गई है। प्याज के दाम गिरने पर राज्य सरकार द्वारा 800 रूपये प्रति क्विंटल के भाव पर प्याज खरीदी पर 650 करोड़ रूपये खर्च किये गये। सिंचाई की क्षमता प्रदेश में साढ़े सात लाख हेक्टयर से बढ़ाकर चालीस लाख हेक्टयर कर दी गयी है। सिंचाई के लिये बिजली की समुचित व्यवस्था की गई है। खेती को फायदे का धंधा बनाने के लिये राज्य सरकार द्वारा हर-संभव प्रयास किये जा रहे हैं। 307 करोड़ के विकास कार्यों का लोकर्पण एवं शिलान्यास मुख्यमंत्री  चौहान ने इस अवसर पर शाजापुर जिले में करीब 250 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 57 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का शिलान्यास किया। साथ ही विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले 5 वर्षों में पूरे प्रदेश में सिंचाई की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने सिंचाई परियोजनाओं का निम्नानुसार उल्लेख किया। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री श्री दीपक जोशी, विधायक श्री अरूण भीमावद, राज्य ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष श्री विजेन्द्र सिंह सिसोदिया, मार्कफेड के अध्यक्ष श्री रमाकांत भार्गव, सांसद श्री मनोहर ऊँटवाल, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 17 April 2018


धर्मस्व मंत्री  सिंधिया

  एमपी की धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने आज विभागीय कार्यों की समीक्षा की। श्रीमती सिंधिया ने मंदिरों के जीर्णोंद्धार के प्रस्तावों के प्राक्कलन तैयार करने की वर्तमान व्यवस्था, निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग एवं निर्माण स्थलों का भ्रमण, मंदिरों को शासन संधारित घोषित करने की नीति पर विस्तृत चर्चा की। इसके अतिरिक्त शासन संधारित मंदिरों की परिसम्पत्तियों (राज्य एवं राज्य के बाहर स्थित भूमि, भवन आदि) का डाटाबेस तैयार करने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व श्री मनोज श्रीवास्तव तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 17 April 2018


गुरुकुल सम्मेलन 28 अप्रैल से

  महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान उज्जैन में 28 से 30 अप्रैल तक तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय विराट गुरुकुल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में देश-विदेश के गुरुकुल के तीन हजार प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। सम्मेलन के समापन पर सब की सहमति से 'गुरुकुल का घोषणा-पत्र" भी तैयार किया जाएगा। सम्मेलन का उद्धाटन आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत करेंगे। संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय गुरुकुल सम्मेलन की तैयारी नेपाल, म्यांमार और बेंगलुरु में आयोजित सम्मेलनों में की जा चुकी है। सम्मेलन में नेपाल, म्यांमार, इंडोनेशिया, मॉरीशस, त्रिनिनाद के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। साथ ही विभिन्न् विश्वविद्यालयों के 70-80 कुलपति, शिक्षा क्षेत्र के शोधार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता और उद्योगपति भी मौजूद रहेंगे। सम्मेलन में आधुनिक शिक्षा पद्धति में गुरुकुल शिक्षा पद्धति के तत्व शामिल करने के मुद्दे पर चर्चा होगी। सम्मेलन के उद्धाटन सत्र में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ. प्रकाश जावड़ेकर, राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, स्वामी संवित सोमगिरी, आचार्य गोविन्द देवगिरी, स्वामी राजकुमार दास भाग लेंगे। वहीं समापन सत्र में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संघ के सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी और अन्य संत उपस्थित होंगे। समापन भाषण सुरेश सोनी देंगे।  

Dakhal News

Dakhal News 16 April 2018


cm shivraj singh

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों के लिये बजट में 20 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। यह राशि किसानों के बैंक खातों में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पहुँचाई जायेगी। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी सीहोर जिले की नसरुल्लागंज तहसील के गोपालपुर में 516 करोड़ 11 लाख की लागत की छीपानेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना के शिलान्यास और किसान सम्मेलन में दी। श्री चौहान ने 21 करोड़ 69 लाख की लागत की समूह नल-जल योजना तथा 2 करोड़ की लागत के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के भवन का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की खेती से आय बढ़ाने के लिये ही प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाया जा रहा है। जहाँ नहरों के माध्यम से सिंचाई संभव नहीं है, वहाँ उद्वहन सिंचाई योजनाएँ बनाकर किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान की मेहनत का सम्मान करती है। इसलिये किसानों के हित संरक्षण के लिये हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में यह पहला मौका है, जब राज्य सरकार ने किसानों को पिछले वर्ष बेची गई गेहूँ की फसल के लिये 200 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया। आगामी 16 अप्रैल को शाजापुर में राज्य-स्तरीय समारोह में 10 लाख किसानों के खातों में 16 करोड़ की राशि जमा करवाई जायेगी। इसी दिन हर जिला मुख्यालय पर किसानों के खातों में प्रोत्साहन राशि जमा कराने का कार्य किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस बार भी किसानों को मण्डियों में गेहूँ बेचने पर 265 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि चना, मसूर और सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीदी पर भी किसान को समर्थन मूल्य के अलावा 100 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। उन्होंने कहा कि मण्डी के बाहर गेहूँ और चने की बिक्री करने वाले किसानों को भी भावांतर योजना का लाभ दिया जायेगा। श्री चौहान ने बताया कि ऋण समाधान योजना में किसानों के कुल ऋण पर ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज का भुगतान राज्य सरकार करेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक कल्याण योजना में अभी तक पौने दो करोड़ से अधिक श्रमिकों ने पंजीयन करवाया है। पंजीकृत श्रमिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ, घर बनाने के लिये जमीन का पट्टा और आर्थिक सहायता तथा 200 रुपये मासिक फ्लेट रेट पर बिजली भी उपलब्ध करवायी जायेगी। छीपानेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना छीपानेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना से सीहोर जिले की नसरुल्लागंज तहसील और देवास जिले की खातेगाँव तहसील में 35 हजार 62 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के निर्माण के लिये 516 करोड़ 11 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। योजना के अंतर्गत नर्मदा नदी के तट पर 5 विभिन्न स्थान पर कुल 12.64 क्यूमेक्स जल का उद्वहन किया जायेगा। ग्राम चीचली, करोंदमाफी, पीपलनेरिया, छीपानेर तथा चौरसाखेड़ी के पास पम्पिंग स्टेशन बनाये जायेंगे। पम्पिंग स्टेशन से 6 राइजिंगमेन द्वारा नर्मदा जल खेतों तक पहुँचेगा। योजना की विशेषता यह है कि जल वितरण प्रणाली पाईप आधारित होगी। पाईप से जल प्रत्येक ढाई हेक्टेयर चक तक किसान को 20 मीटर दबाव पर उपलब्ध होगा। दाबयुक्त जल से किसान ड्रिप अथवा स्प्रिंकलर से सिंचाई कर सकेंगे। इस पद्धति से सिंचाई पर किसान को खेत समतल करने की आवश्यकता नहीं होगी। कम पानी से अधिक और उपयोगी सिंचाई का लाभ मिलेगा। यह योजना प्रधानमंत्री के 'पर ड्राप मोर क्राप'' अर्थात पानी की बूँद-बूँद का उपयोग कर न्यूनतम जल से अधिकतम सिंचाई करने पर आधारित है। जल वितरण प्रणाली पाईप आधारित होने से भूमि का स्थाई अर्जन नहीं होगा। पम्प हाउस के लिये केवल लगभग छ: हेक्टेयर भूमि के स्थाई अर्जन की आवश्यकता होगी।  

Dakhal News

Dakhal News 13 April 2018


राजीवगांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय

राजीवगांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में स्टार्टअप लीडरशिप कार्यशाला शुरू  राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि स्टार्टअप भारत सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य देश में स्टार्टअप्स और नये विचारों के लिए एक मजबूत परिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है, ताकि देश का आर्थिक विकास हो एवं बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न हों। यह पहल युवाओं को उद्योगपति और उद्यमी बनाने का अवसर प्रदान करने के लिए की गई है। उन्होंने ये बात राजीवगांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में स्टार्टअप लीडरशिप पर आयोजित कार्यशाला के उदघाटन समारोह में कही। इस अवसर पर राज्यपाल ने स्टार्टअप पॉलिसी एवं विश्वविद्यालय के न्यूज लेटर का विमोचन किया। राज्यपाल ने कहा कि स्टार्टअप का अर्थ देश के युवाओं को बैंकों के माध्यम से वित्त सहायता प्रदान करना है, जिससे उनकी शुरूआत बेहतर मजबूती के साथ हो और वे भारत में आर्थिक रोजगार सृजन कर सकें। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है। केवल सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर ही हम भरोसा करें, यह संभव नहीं है। इसके लिए उद्योग जगत तथा अन्य कारोबारी संस्थाओं को विश्वविद्यालय से सहयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत अपनी मांग और आवश्यकताओं से विश्वविद्यालयों को परिचित कराये, जिससे विश्वविद्यालय ऐसे कार्यक्रम और ऐसे प्रशिक्षण आयोजित कर सकें, जिससे युवा सीधे ही उद्योगों के काम आ सकें। छात्रों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ नवीन उत्पाद एवं अभिनव प्रयोग पर भी ध्यान दिया जाये। तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री सिर्फ बातें नहीं करते हैं, उन्होंने देश को विश्व स्तर पर पहुंचाया है। उनके द्वारा युवाओं के लिए चलाये जा रहे स्टार्टअप कार्यक्रम की आज सबसे ज्यादा उपयोगिता है। इस कार्य के लिए फंड की कमी नहीं आने दी जायेगी। प्रारंभ में 10 करोड़ रूपये से ज्यादा राशि दी जायेगी। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा नई दिल्ली के सदस्य सचिव डॉ. ए.पी. मित्तल ने कहा कि इस योजना का सही अर्थ यही है कि हम जॉब के पीछे न भागें, बल्कि हम में दूसरे को जॉब देने की क्षमता हो। राजीवगांधी प्रौद्यागिकी विश्वविद्यालय के कुलपति श्री सुनील कुमार ने बताया कि 100 छात्रों को स्टार्टअप के तहत एक लाख रूपये अनुदान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने राज्यपाल के निर्देशानुसार बिशन खेड़ी गावं को गोद लिया गया है। इस अवसर पर टाटा कन्सलटेन्सी के प्रमुख श्री अभिताप तिवारी और प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्री संजय बंधोपाध्याय भी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 13 April 2018


shivraj singh

  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार अनुभूति कार्यक्रम शुरू करेगी, जिसमें विद्यार्थियों को गाँव ले जाया जायेगा। गाँव में आज भी मिलजुलकर जीने की कला और सहयोगी जीवन मिलता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास पर अनुभूति संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में गाँवों में रहकर आने वाले विद्यार्थियों ने अपने अनुभवों को साझा किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि गाँव का जीवन अद्भुत है। गाँव में सब एक परिवार के जैसे मिलकर रहते हैं। भारतीय परम्परा और संस्कृति आज भी गाँवों में मिलती है। गाँवों में आवश्यक सुविधाएँ पहुँचाई जायें, पर गाँव के मूल प्राण सहज और सरल जीवन समाप्त नहीं होना चाहिये। बेटी के विवाह में आज भी पूरा गाँव व्यवस्थाओं में लग जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले दशक में प्रदेश के गाँवों में सड़क सुविधाएँ बढ़ाई गई हैं। आज प्रदेश के 95 प्रतिशत गाँव पक्की सड़कों से जुड़ गये हैं। दिसम्बर 2018 तक प्रदेश के सारे गाँव पक्की सड़कों से जुड़ जायेंगे। गाँव में 24 घंटे बिजली दी जा रही है। नल-जल योजनाओं के माध्यम से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। गाँव में छोटे रोजगार बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत कार्यक्रम की मदद से गाँव में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। श्री चौहान ने इस मौके पर अनुभूति कार्यक्रम के फोल्डर का विमोचन किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के अनुभव पर आधारित डाक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया। श्री प्रफुल्ल अकांत ने कहा कि विद्यार्थी भविष्य के भारत की राष्ट्रशक्ति है। देश तेजी से प्रगति कर रहा है। इस बदलाव में विद्यार्थी मेधा भारतीय संस्कृति का अनुभव कर गाँवों के विकास एवं उन्नति में योगदान दे सकें, यह प्रयास अनुभूति प्रकल्प में किया गया है। विकासार्थ विद्यार्थी के राष्ट्रीय संयोजक श्री सचिन दवे ने अनुभूति प्रकल्प की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों ने 15 से 18 मार्च तक गाँव में प्रवास किया। गाँव के परिवेश से रू-ब-रू हुये। संस्कृति की संवेदनाओं से साक्षात्कार किया। निस्वार्थ, आत्मीय, सरल और संतोषी ग्रामीण जीवन दर्शन के अनुभवों को मुख्यमंत्री के साथ साझा करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में पत्रकारिता, इंजीनियरिंग, मेडिकल, पॉलीटेक्निक और मानविकी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने गाँव दर्शन के अनुभवों की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीण संस्कृति की आत्मीय सामुदायिकता, परमार्थ और प्रदूषण मुक्त जीवनशैली के अनुभवों का ब्यौरा दिया। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारी श्री दीपक पालीवाल, डॉ. प्रज्ञेश अग्रवाल, श्री बंटी चौहान सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 13 April 2018


कुपोषण मुक्त मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंगनबाड़ी  कार्यकर्ताओं का मानदेय 10 हजार रूपये और सहायिकाओं का मानदेय 5 हजार रूपये महीने करने की घोषणा की है। साथ ही सेवानिवृत्ति की आयु भी शासकीय कर्मचारियों के समान 62 वर्ष की जाएगी। उन्हें यात्रा भत्ता भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका से आग्रह किया कि वे आंगनवाड़ी का उत्कृष्ट प्रबंधन करें और कुपोषण मुक्त मध्यप्रदेश बनाने में पूरी मेहनत से काम करें। श्री चौहान आज यहां निवास पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए  पोषण अभियान पर उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में प्रदेश भर से आई आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का आव्हान किया कि मध्यप्रदेश से कुपोषण की चुनौती को हमेशा के लिए समाप्त करने में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि किसी भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका को बिना जांच किए नहीं हटाया जाएगा।  यदि आंगनवाड़ी सहायिका द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में चयन के लिए आवेदन किया जाता है तो उन्हें वरीयता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने दीनदयाल पोषण पुरस्कार की भी घोषणा की। रिटायरमेंट के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को  एक लाख रुपए और आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 75000 रूपये दिए जाएंगे।  यदि आकस्मिक रूप से उनकी मृत्यु हो जाती है तो उनके परिवार को दो लाख  की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही उनकी बहन या बेटी को कार्यकर्ता/ सहायिका के चयन में 10 अंक की वरीयता दी जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिये प्रत्येक परियोजना में तीन-तीन पुरस्कार दिये जायेंगे। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रथम पुरस्कार 7100 रूपये, द्वितीय पुरस्कार 5100 रूपये और तृतीय पुरस्कार 2100 रूपये के दिये जायेंगे। इसी प्रकार सहायिकाओं के लिये प्रथम पुरस्कार 5100 रूपये का, द्वितीय पुरस्कार 2100 और तृतीय पुरस्कार 1100 रूपये का दिया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली मजदूर बहनों के लिये गर्भावस्था के दौरान चार हजार रूपये और प्रसव के बाद 12 हजार रूपये दिये जायेंगे। इन बहनों का पंजीयन कराने और उनके खातों में धनराशि पहुँचाने की जिम्मेदारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दी जायेगी। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सेवा और विकास के क्षेत्र में पूरे देश में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बहनें निचले स्तर पर बड़ी जिम्मेदारियाँ पूरी करती हैं। उन्होंने एनीमिया की कमी से लड़ने का अभियान सफलता पूर्वक पूरा किया। इसके अलावा स्वास्थ्य एवं अन्य शासकीय सेवाओं के प्रदाय की जिम्मेदारी भी लगन के साथ पूरी की। निचले स्तर पर प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन में वे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस अवसर आयुक्त महिला सशक्तिकरण श्रीमती जयश्री कियावत, आयुक्त आईसीडीएस श्री संदीप यादव और बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएँ उपस्थित थीं।

Dakhal News

Dakhal News 9 April 2018


कलाधर्मी है प्रजापति समाज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान में आज यहां प्रजापति समाज के राष्ट्रीय अधिवेशन में समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित किया। समाज ने श्री चौहान का जनहितैषी योजनाओं के लिये पारंपरिक साफा पहनाकर अभिनंनदन किया। श्री चौहान ने कहा कि प्रजापति कुंभकार समाज परिश्रमी, ईमानदार और मददगार समाज है। कलाधर्मी प्रजापति समाज माटी को भी विभिन्न कलारूप देने की प्रतिभा रखता है। इसलिये इसमें प्रतिभाओं की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज ने बेटियों का सम्मान किया है और उन्हें आगे बढने में मदद की है। श्री चौहान ने कहा कि प्रतिभाओं की पढाई-लिखाई का पूरा खर्च सरकार उठायेगी। प्रजापति समाज के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष श्री मनोज प्रजापति द्वारा माँग-पत्र प्रस्तुत करने पर श्री चौहान ने कहा कि मांगों का परीक्षण कर समाज की बेहतरी के हर संभव कदम उठाये जायेंगे। इस अवसर पर सांसद श्री आलोक संजर, राज्य माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामदयाल प्रजापति और बड़ी संख्या में समाज के बन्धु उपस्थित थे।    

Dakhal News

Dakhal News 9 April 2018


आनंदी बेन

आनंदी बेन बोलीं -अस्पतालों में दवाईयों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित हो विश्व स्वास्थ दिवस पर राज्यपाल द्वारा नवीन वैक्सीन का शुभारम्भ   एमपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि स्वास्थ विभाग द्वारा अस्पतालों में डाक्टरों द्वारा लिखी जाने वाली दवाईयों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाये। डाक्टर गरीबों तथा ग्रामीणों को वही दवायें लिखें, जो अस्पतालों में उपलब्ध हों। सरपंचों तथा जनप्रतिनियों की जिम्मेदारी है कि टीकाकरण अभियान में पूरा सहयोग दें। उन्होंने किशोरियों के स्वास्थ पर विशेष ध्यान देने पर जोर देते हुए कहा कि जांच के दौरान अगर हीमोग्लोबिन कम निकले, तो उसका पोषण बढ़ा कर इलाज करें। राज्यपाल ने आज विश्व स्वास्थ दिवस पर स्वास्थ विभाग द्वारा आयोजित बच्चों को निमोनिया तथा दिमागी बुखार जैसी जानलेवा बीमारी से सुरक्षा प्रदान करने वाली नवीन वैक्सीन पीसीबी के शुभारम्भ समारोह को सम्बोधित कर रही थीं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में नवीन वैक्सीन पीसीबी(टीका) नि:शुल्क टीकाकरण लिए उपलब्ध रहेगा। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि डाक्टर गांवों में जाकर सरपंचों और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर स्वास्थ सुविधायें उपलब्ध करायें और विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने डाक्टरों से कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए सरकार को सहयोग प्रदान करें। आंगनबाड़ी और प्राथमिक शालाओं में बच्चों को वितरित होने वाले भोजन की गुणवत्ता और पौष्टिकता और पानी की शुद्धता की भी जांच करें। गांव,शहर, स्कूल, आंगनबाड़ी तथा सार्वजनिक स्थलों पर सफाई अभियान में सभी वर्ग सहयोग करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए शौचालय बहुत आवश्यक है। देश में शौचालय बनाने का 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। आने वाले 2-3 साल में हमारे देश में शत-प्रतिशत शौचालय का निर्माण हो जायेगा। स्वास्थ मंत्री श्री रूस्तम सिंह ने कहा कि डाक्टरों के साथ-साथ सभी में सेवाभाव होना चाहिए। मध्यप्रदेश को स्वस्थ प्रदेश बनाने के लिए सभी मिलजुलकर कार्य करें। इस बात पर ध्यान दें कि हम ग्रामीणों, गरीबों और पिछड़े लोगों तक बेहतर स्वास्थ सुविधायें कैसे पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ सेवाओं में निरंतर सुधार हो रहा है और अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ रही हैं। स्वास्थ विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती गौरी सिंह ने समारोह में अतिथियों का स्वागत किया। राज्यपाल ने कायाकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली संस्थाओं और सरपचों को भी पुरस्कृत किया। इस अवसर पर आयुक्त स्वास्थ श्रीमती पल्लवी जैन, राष्ट्रीय स्वास्थ मिशन के संचालक श्री एस.विश्वनाथन, यूनिसेफ के प्रतिनिधि माईकल जूमा और विश्व स्वास्थ संगठन के प्रतिनिधि डॉ.बी.पी. सुब्रामणयम उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 7 April 2018


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

छिन्दवाड़ा में बनेगा भारिया सांस्कृतिक केन्द्र और कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के सभी भारिया परिवारों को बिना जमीन के नहीं रहने दिया जायेगा।  भारिया परिवार बरसों से जिस जमीन पर काबिज़ है, उन्हें उसका मालिकाना हक दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि वन भूमि पर वर्षों से काबिज भारिया परिवार को भी नहीं हटाया जायेगा। ऐसे परिवारों को भूमि का  पट्टा देने के लिये विशेष अभियान चलाया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज छिन्दवाड़ा जिले के पातालकोट क्षेत्र के ग्राम रातेड़ में भारिया महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। अध्यक्षता अनुसूचित जाति कल्याण और जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने की।  मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम में जिन भारिया परिवारों को भूमि आवंटित की गई है, उनके खेतों में कुओं का निर्माण कराया जायेगा। साथ ही परिस्थिति अनुसार मोटर या डीजल पम्प उपलब्ध करवाया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी भारिया परिवारों के आगामी 2 वर्षों में पक्के मकान बनाये जायेंगे। भारिया भाषा को संरक्षित करने के लिये 18 भारिया भाषायी शिक्षक नियुक्त किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि भारिया संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के लिये छिन्दवाड़ा में भारिया सांस्कृतिक केन्द्र स्थापित किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने भारिया समाज के लोगों से कहा कि वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाकर उन्हें आगे बढ़ने के लिये प्रेरित और प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि आज का समय कम्प्यूटर का है और कम्प्यूटर रोजगार का जरिया है, इसलिये बच्चों को कम्प्यूटर में प्रशिक्षित किये जाने के लिये छिन्दवाडा में एक कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र खोला जायेगा। आई.टी.आई. में भी भारिया बच्चों को विभिन्न व्यवसाय का प्रशिक्षण देकर उनके कौशल को बढ़ाया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह महासम्मेलन भारिया जनजाति की जिदंगी बदलने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सभी भारिया बस्तियों में दीपावली तक बिजली पहुँचा दी जायेगी। उन्होंने   भारिया बच्चों के लिये एकलव्य आवासीय विद्यालय खोलने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि भारिया परिवारों के बच्चों को पहली से लेकर पी.एच.डी. तक निःशुल्क शिक्षा दी जायेगी। उन्होंने भारिया युवाओं से कहा कि वे अपनी क्षमताओं का प्रकटीकरण करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारिया आदिवासियों की एक स्वस्थ परम्परा है जिसे अक्षुण्ण रखने का प्रयास राज्य शासन द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाली भारिया बालिकाओं को एन.एम.ए. का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वास्थ्य सेवा के कार्य में लगाया जायेगा। भारिया बहुल क्षेत्र में भारिया आदिवासियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जायेगा तथा गंभीर रोग से पीड़ित होने पर निःशुल्क उपचार किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में अब असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीयन कर उन्हें विभिन्न सुविधाएँ उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होंने कहा कि अचार, चिरौंजी और महुआ खरीदी के लिये लघु वनोपज खरीदी केन्द्र खोले जायेंगे। महुआ 30 रूपये एवं अचार गुठली 150 रूपये प्रति किलो की दर पर खरीदी जायेगी। उन्होंने कहा कि पातालकोट क्षेत्र की भारिया बहनों के बैंक खाते में प्रतिमाह एक हजार रूपये जमा किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि पातालकोट क्षेत्र की सभी बस्तियों में नल-जल योजना की व्यवस्था की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 36 करोड 98 लाख 35 हजार रूपये के कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन कर 7 भारिया युवाओं को पुलिस में आरक्षक के पद पर सीधी भर्ती के नियुक्ति पत्र प्रदान किये। उन्होंने लाडली लक्ष्मी योजना के प्रमाण-पत्र के साथ ही उज्जवला गैस योजना के कनेक्शन भी वितरित किये। मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले नर्तक दल को 25 हजार की नगद प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की। सम्मेलन में भारिया विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला भारती, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कांता ठाकुर, विधायक सर्वश्री नत्थनशाह कवरेती, चौधरी चन्द्रभान सिंह, पं.रमेश दुबे एवं नानाभाऊ मोहोड, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री नरेन्द्र परमार, श्री उत्तम ठाकुर और श्री रमेश पोफली भी उपस्थित थे।    

Dakhal News

Dakhal News 7 April 2018


महिला सशक्तिकरण

  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महिला सशक्तिकरण के लिये महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की मार्केटिंग राज्य सरकार करेगी। उन्होंने बताया कि स्कूली बच्चों की ड्रेस सिलने और आँगनवाड़ी केन्द्रों के पोषण-आहार बनाने का काम स्व-सहायता समूहों से करवाया जायेगा। श्री चौहान राजगढ़ जिले के जीरापुर में महिला सम्मेलन और अंत्योदय मेले को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने किसान-कल्याण एवं कृषि विकास की योजनाओं एवं निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि 10 अप्रैल से प्रदेश की मण्डियों में चना और मसूर की खरीदी शुरू की जायेगी। चना 4400 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर खरीदा जायेगा और इस पर राज्य सरकार द्वारा 100 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि भी दी जायेगी। उन्होंने बताया कि मण्डी के बाहर गेहूँ, चने की बिक्री करने वाले किसानों को भी भावांतर योजना में लाभान्वित किया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि समाधान योजना में किसानों के ऋण पर ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज का भुगतान राज्य सरकार करेगी। तीन लाख असंगठित श्रमिकों का पंजीयन मुख्यमंत्री ने असंगठित श्रमिक कल्याण योजना में राजगढ़ जिले में अभी तक 3 लाख श्रमिकों के पंजीयन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस उपलब्धि के लिये जिला प्रशासन को बधाई देते हुए बताया कि असंगठित श्रमिक योजना का लाभ ढाई एकड़ तक के भूमिधारक किसानों को भी दिया जायेगा। योजना में पात्र आवासहीन लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना में भी लाभान्वित किया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राजगढ़ जिले में निर्माणाधीन मोहनपुरा और कुण्डलिया सिंचाई योजनाओं से 6 लाख एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि इन बाँधों में भरने वाले पानी से समूह नल-जल योजनाओं से सभी गाँव में घर-घर पेयजल पहुँचाया जायेगा। 77 करोड़ से ज्यादा के निर्माण और विकास कार्य लोकार्पित मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में महिला सम्मेलन और अंत्योदय मेले में राजगढ़ जिले में 77 करोड़ से ज्‍यादा की राशि के 47 निर्माण एवं विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने मेले में शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र और हितलाभ वितरित किये तथा स्व-सहायता समूहों के स्टॉलों पर जाकर उनके उत्पादों की जानकारी ली। इस अवसर पर सांसद श्री रोडमल नागर, विधायक श्री हजारीलाल दांगी, श्री अमरसिंह यादव, श्री नारायण सिंह पवार, श्री कुँवर कोठार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गायत्री जसवंत गुर्जर, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री रघुनंदन शर्मा और अन्य जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 7 April 2018


लाल सिंह आर्य के बंगले पर पथराव

  एससी-एसटी एक्ट मामले में उपजे आक्रोश ने ग्वालियर-चंबल अंचल में 8 लोगों की जान ले ली। ग्वालियर, भिंड और मुरैना में मंगलवार को कर्फ्यू जारी है। मंगलवार सुबह भिंड के रौन थाना इलाके के राही का ट्यबवेल में एक शव बरामद हुआ है। मृतक का नाम दशरथ(50) बताया गया है। इसके साथ ही भिंड में उपद्रव में मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। गोहद में फिर हालात बिगड़ गए, कुछ लोगों ने मंत्री लाल सिंह आर्य के घर सहित कई जगह पथराव किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। सुबह से ही पुलिस ने अनाउसमेंट करवा दिया था कि कोई भी अपने घर से बाहर ना निकले। मुरैना में भी हालत सामन्य होते नजर नहीं आ रहे। जगह-जगह पर पुलिस बल तैनात है। यहां उपद्रवियों द्वारा उखाड़ी गई रेल पटरियों को ठीक कर दिया गया है। जिसके बाद से रेल परिवहन शुरू हो गया है। मुरैना के उत्तमपुरा में एक बार फिर विवाद के बाद फायरिंग हुई, सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। यहां इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। ग्वालियर में कलेक्टर ने सभी शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं, उनके अगले आदेश तक यह निरस्त ही रहेंगे।हिंसाग्रस्त इलाकों में 550 डीएसपी और सब इंस्पेक्टर सहित 3 हजार जवानों को तैनात किया गया है। भोपाल में पुलिस मुख्यालय स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सभी शिक्षण संस्थान दो दिन के लिए बंद रहेंगे। सोशल मीडिया पर मॉनिटरिंग की जा रही है। पुलिस ने करीब एक हजार लोगों के खिलाफ मालला दर्ज किया है। वीडियो और फोटो के जरिए हिंसा फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। हिंसा के बाद पुलिस ने मुरैना में कर्फ्यू के बाद रातभर फ्लैग मार्च किया। जिले में सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। कलेक्टर और एसपी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल अब भी इलाकों में घूम रहे हैं। मुरैना में उपद्रवियों ने रेल की पटरियां भी उखाड़ दी थीं, इससे कई ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं। झांसी आगरा पैसेंजर ग्वालियर तक ही चली, आगरा झांसी पैसेंजर को रद्द कर दिया गया। निजामुद्दीन से आने वाली गतिमान एक्सप्रेस को आगरा से ही वापस लौटा दिया गया। ताज एक्सप्रेस मंगलवार को रद्द रहेगी। ग्वालियर-चंबल अंचल में फैली हिंसा के बाद भोपाल में धारा 144 लागू की गई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी बड़े शहरों सहित उन इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जहां सोमवार को विवाद हुए थे।  

Dakhal News

Dakhal News 3 April 2018


शिवराज सिंह की अपील

 एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि शांति और सदभाव बनाये रखें। अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। समाज के सभी वर्गों की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार इस जिम्मेदारी को पूरी सजगता से निभायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपील में कहा है कि कुछ लोगों ने प्रदेश की सामाजिक समरसता को बिगाड़ने की कोशिश की है। इससे कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनायें घटित हुई हैं। उन्होंने कहा है कि अपराधियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जायेगा।  

Dakhal News

Dakhal News 3 April 2018


मेडिकल और डेंटल कॉलेज

रायपुर मेडिकल और डेंटल कॉलेज में दाखिले के लिए 6 मई को होने वाले नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (नीट) के लिए चार अप्रैल से सैटेलाइट पर कोचिंग दी जाएगी। परीक्षाओं के आयोजन तक कोचिंग चलती रहेगी। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने 250 एजुसेट सेंटर के जरिए कोचिंग देने का इंतजाम किया है। एजुसेट की विशेष कक्षाएं सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक प्रतिदिन तीन घंटे लगेंगी। एससीईआरटी के एजुसेट प्रभारी दीपांकर भौमिक ने बताया कि सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए यह कोचिंग कारगर साबित होगी। खासकर ऐसे बच्चे जो कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कोचिंग नहीं कर पाते हैं। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की दसवीं-बारहवीं बोर्ड की परीक्षाएं दो अप्रैल को खत्म हो चुकी हैं। ऐसे में अब बारहवीं कक्षा की परीक्षा दे चुके बच्चों के लिए जेईई, पीईटी, नीट समेत अन्य प्रवेश परीक्षाओं के लिए एजुसेट के जरिए कोचिंग दी जा रही है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से मेडिकल में दाखिले के लिए नीट परीक्षा का आयोजन छह मई 2018 को किया जाएगा। यह एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसका आयोजन एमबीबीएस और बीडीएस में दाखिले के लिए किया जाता है। प्रदेश में 700 मेडिकल की सीटों में दाखिला मिलेगा। पीईटी के जरिए इंजीनियरिंग में 17 हजार सीटों पर दाखिला दिया जाएगा। प्रमुख विशेषज्ञों में एमआर सावंत, आरएन त्रिवेदी, संजय गुलाटी, राजेश चंदानी, डॉ. रागिनी पाण्डेय, शिवांशु दुबे, अंजुलता सारस्वत, संतोष दुबे, राकेश गुप्ता एवं अन्य कोचिंग देंगे। राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए व्यापमं पीईटी 29 अप्रैल और प्री एग्रीकल्चर टेस्ट (पीएटी) 27 मई को होगी। एससीईआरटी ने बच्चों की सहूलियत के हिसाब से कोचिंग देने का टाइम सुबह रखा है। शंकर नगर से संचालित एजुसेट की कोचिंग के जरिए गणित, भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान के विशेषज्ञ प्रतिदिन एक विषय पर कोचिंग देंगे। राजधानी में एजुसेट सिस्टम शहर के प्रोफेसर जेएन पांडेय गवर्नमेंट स्कूल, दानी गर्ल्स स्कूल, मायाराम सुरजन, स्वर्गीय मिंटू शर्मा हायर सेकंडरी डूमरतराई, माना बस्ती समेत अन्य सरकारी स्कूलों में है। एससीईआरटी से सीधे सेंटर के लिए कोचिंग का प्रसारण होगा। यहां सरकारी स्कूलों के बच्चों साथ ही निजी स्कूलों के बच्चों के लिए भी सुविधा दी जाएगी।  

Dakhal News

Dakhal News 3 April 2018


डिण्डौरी में बनेगा बैगा सांस्कृतिक केन्द्र

वन भूमि पर काबिज बैगा परिवारों को हटाया नहीं जायेगा  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बैगा परिवार वर्षों से जिस जमीन पर काबिज हैं, उन्हे उसका मालिकाना हक दिया जायेगा। वन भूमि पर वर्षों से काबिज बैगा परिवारों को हटाया नहीं जायेगा। ऐसे परिवारों को भूमि का पट्टा देने के लिये विशेष अभियान चलाया जायेगा। वनाधिकार अधिनियम के तहत जिन बैगा परिवारों को भूमि आवंटित की गई है, उनके खेतों में कुओं का निःशुल्क निर्माण करवाया जायेगा, उन्हें डीजल पंप भी उपलब्ध करवाया जायेगा। प्रदेश के सभी बैगा परिवारों के लिये आगामी दो वर्षों में पक्के मकान बनाये जायेंगे। मुख्यमत्री ने कहा कि बैगा भाषा को संरक्षित करने के लिये बैगा भाषा के शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। बैगा संस्कृति को अक्षुण्य बनाये रखने के लिये डिण्डौरी में बैगा सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किया जायेगा। श्री चौहान ने बैगा समाज के लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, उन्हें आगे बढ़ने के लिये प्रेरित और प्रोत्साहित करें। उन्होने कहा कि गांवों को स्वच्छ बनायें, शराब जैसी बुराईयों से दूर रहें। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज शहडोल जिले के लालपुर में आयोजित राज्य स्तरीय बैगा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह सम्मेलन बैगा आदिवासियों की जिंदगी को बदलने का प्रयास है। उन्होने कहा कि बैगा समाज के लोग बहुत सरल, सौम्य और मेहनतकश होते हैं। श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने बैगा आदिवासियों की जिंदगी को सँवारने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार बैगा आदिवासियों के सर्वांगीण विकास के लिये प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश की सभी बैगा बस्तियों में दिसम्बर माह के अंत तक बिजली पहुँचाई जायेगी ताकि सभी बैगा परिवारों के घर रौशन हो सकें। उन्होने कहा कि बैगा युवाओं को आईटीआई में निःशुल्क प्रशिक्षण दिलवाकर उनके कौशल को तराशा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का समय कम्प्यूटर का समय है, अगर युवाओं को कम्प्यूटर का ज्ञान नहीं होगा, तो वे पिछड़े हुए माने जाते हैं। इस बात को दृष्टिगत रखते हुए बैगा युवाओं के लिये शहडोल और मण्डला जिले में दो बड़े कम्प्यूटर प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे। बैगा बहुल सभी विकासखण्डों में एकलव्य विद्यालय खोले जाएंगे। बैगा युवाओं की शिक्षा में प्रदेश सरकार किसी प्रकार का गतिरोध उत्पन्न नहीं होने देगी। उन्होने कहा कि सभी बैगा परिवार के बच्चों को पहली कक्षा से पीएचडी तक निःशुल्क शिक्षा दी जायेगी। उन्होने बैगा युवाओं से अपील की कि वे अच्छी शिक्षा ग्रहण कर अपनी क्षमता बढ़ायें। श्री चौहान ने कहा कि बैगा समाज की कक्षा 12वीं में अध्ययनरत बालिकाओं को एनएम का प्रशिक्षण दिलवा कर उन्हें स्वास्थ सेवा के कार्य में लगाया जायेगा। बैगा बहुल क्षेत्रों में बैगा आदिवासियों का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जायेगा तथा गंभीर रोग से पीड़ित होने पर उनका निःशुल्क उपचार भी करवाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैगा समाज के लोग भी असंगठित श्रमिक कल्याण योजना में पंजीयन करायें। उन्हें भी शासन की योजनाओं का भरपूर लाभ मिलेगा। श्री चौहान ने शहडोल और अनूपपुर जिले में महिला स्व-सहायता समूह के कार्यों की सराहना करते हुए महिलाओं से अपील की कि स्व-सहायता समूह गठित कर आर्थिक क्रांति लायें। रु. 67.65 करोड़ के निर्माण कार्यों की सौगात : मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैगा सम्मेलन में 18 करोड़ 21 लाख 36 हजार रुपये लागत के निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। साथ ही 49 करोड़ 44 लाख 27 हजार रुपये लागत के निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी। इस अवसर पर बैगा समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री श्री चौहान का पारम्‍परिक बैगा पोषाक पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, आदिम-जाति कल्याण मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य, सांसद श्री ज्ञान सिंह, अध्यक्ष बैगा विकास प्राधिकरण श्री रामलाल बैगा, अध्यक्ष जिला पंचायत श्री नारेंद्र सिंह मरावी, अध्यक्ष जनजातीय आयोग श्री नरेंद्र मरावी, विधायक श्रीमती प्रमिला सिंह, श्री रामलाल रौतेल, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में बैगा समुदाय के लोग उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 31 March 2018


मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार महिलाओं का अपमान सहन नहीं करेगी। समाज को भी महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं करना चाहिये। श्री चौहान ने सामाजिक संगठनों का आव्हान किया है कि महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिये राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिये 'जीरो टॉलरेंस'' सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री भोपाल के व्हीआईपी रोड पर जिला पुलिस बल द्वारा आयोजित वॉकथॉन फ्लेग ऑफ कार्यक्रम 'नारी शक्ति की ओर बढ़ाइये एक कदम'' को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान इस मौके पर 5 किलोमीटर की वॉकथॉन में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिये पुलिस के पास सर्वाधिकार सुरक्षित हैं। पुलिस को चाहिये कि गुंडों-बदमाशों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करे। उन्होंने कहा कि महिला अधिकारों की अनदेखी करने वाले नर पिशाचों के कोई अधिकार नहीं होते। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने बलात्कारियों को मृत्यु-दण्ड दिये जाने का कानून बनाकर राष्ट्रपति को अनुमोदन के लिये भेजा है। श्री चौहान ने समाज के विभिन्न वर्गों से अपील की है कि बच्चों को बचपन से ही नारी का सम्मान करने के संस्कार दें। बच्चों में यह भाव पैदा करें कि महिलाओं का सम्मान ही पूरे समाज का सम्मान है। कैण्डल मार्च के प्रसंग और अमीर, शिक्षित तथा शहरी परिवारों में घटते लैंगिक अनुपात की जानकारी देते हुए उन्होंने समाज को इस दिशा में चिंतन करने और सार्थक पहल करने के लिये प्रेरित किया। श्री चौहान ने कहा कि सृष्टि चक्र के सुचारु संचालन के लिये बेटा और बेटी में भेदभाव को मिटाना नितांत आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नारी सम्मान सर्वोपरि है। राज्य सरकार ने बेटियों को आगे बढ़ाने के भरपूर प्रयास किये हैं। वन विभाग के अतिरिक्त अन्य शासकीय नौकरियों में 33 प्रतिशत और शिक्षक संवर्ग में 50 प्रतिशत आरक्षण भी दिया है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सम्मान को कायम रखने के लिये वॉकथॉन के आयोजन की सराहना की। जिला पुलिस बल द्वारा आयोजित वॉकथॉन फ्लेग ऑफ कार्यक्रम में 3, 5 और 7 किलोमीटर की श्रेणियों में हर उम्र और वर्ग के लगभग 15 हजार लोगों ने भाग लिया। पुलिस महानिरीक्षक श्री जयदीप प्रसाद ने इस कार्यक्रम के उद्देश्य से अवगत कराया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को स्मृति-चिन्ह भेंट किया गया। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री श्री बाबूलाल गौर, महापौर श्री आलोक शर्मा, सांसद श्री आलोक संजर, श्री बृजेश लूणावत, पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला, संभागायुक्त श्री अजातशत्रु, अपर पुलिस महानिदेशक श्रीमती अरूणा मोहन राव सहित शहर के गणमान्य लोग भी मौजूद थे।  

Dakhal News

Dakhal News 31 March 2018


 शिवराज का ऐलान

  एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज आगर-मालवा जिले के ग्राम गुराड़िया सोयत में माँ आशापुरा धाम में माता के दर्शन किये और अखिल भारतीय पालीवाल महाजन समाज के कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अखिल भारतीय पालीवाल महाजन समाज के कार्यक्रम में कहा कि वर्षा का जल सहेजने के लिये प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गुराड़िया सोयत में अगले शिक्षा सत्र से महाविद्यालय खोलने तथा बड़ौद के बीजानगरी में माँ हरसिद्धि मंदिर तक सड़क निर्माण के लिये 97 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में हर खेत तक पानी पहुँचाने का संकल्प पूरा करने के लिये मई माह से अभियान चलाया जायेगा। इस अभियान में सभी तरह की छोटी-बड़ी जल-संरचनाओं का निर्माण करवाया जायेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिये 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। श्री चौहान ने सरकार द्वारा पानी सहेजने के काम में प्रदेशवासियों से भरपूर सहयोग का आव्हान किया। श्री चौहान ने इस अवसर पर राज्य सरकार की जन-हितकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि कृषि के विकास तथा किसानों के कल्याण के लिये राज्य सरकार निरंतर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चना, मसूर और सरसों 10 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर खरीदा जायेगा और इन फसलों के लिये राज्य सरकार किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बोनस भी देगी। श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में सूखा राहत के लिये 1600 करोड़ और फसल बीमा के लिये 1700 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने किसानों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पालीवाल समाज में बेटियों के मान-सम्मान की रक्षा की परम्परा है। उन्होंने माँ आशापुरा के दर्शन के लिये आने वाले श्रद्धालुओं के लिये सामुदायिक भवन निर्माण में हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यहाँ सुलभ कॉम्पलेक्स के संचालन की व्यवस्था समाज को करना होगी। कार्यक्रम में पालीवाल समाज ने मुख्यमंत्री को पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर भारतीय किसान संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री शिवकांत दीक्षित, सांसद श्री रोडमल नागर, विधायक सर्वश्री मुरलीधर पाटीदार, गोपाल परमार, हजारीलाल दांगी और दिलीप सकलेचा तथा पालीवाल समाज के अध्यक्ष श्री मदनलाल चौधरी सहित अन्य जन-प्रतिनिधि भी मौजूद थे।  

Dakhal News

Dakhal News 27 March 2018


एमपी में अवैध कॉलोनियों वैध होंगी

  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश की कॉलोनियों को अवैध के कलंक से मुक्त किया जायेगा। कॉलोनियों के नियमितिकरण का कार्य 7 अप्रैल से शुरू होकर 15 अगस्त तक पूर्ण किया जायेगा। उन्होंने असंगठित मजदूर पंजीयन कार्य अभियान के रूप में करने के निर्देश भी दिये हैं। श्री चौहान आज आर.सी.व्ही.पी.नरोन्हा प्रशासन अकादमी में अवैध कॉलोनियों के नियमितिकरण संबंधी कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का आयोजन नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा किया गया था। गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री कृष्ण मुरारी मोघे मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आजीविका मिशन (शहरी) में प्रदेश को प्रथम स्थान प्राप्त होने का प्रमाण-पत्र मंत्री श्रीमती माया सिंह को सौंपा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था जनता के लिये है। नियम, कायदे और कानून सब जनहितकारी होने पर ही मान्य हैं। ऐसा नहीं होने पर, उन्हें बदला जायेगा। सरकार ने अवैध कॉलोनी के दर्द को समझ कर नियमित करने का कार्य किया है। विस्थापितों के पट्टे और मर्जर की समस्याओं का समाधान किया है। नियमितिकरण कार्य व्यवहारिक और रहवासियों के जीवन में खुशियों के रंग भरने के दृष्टिकोण के साथ उत्साह और उमंग से किया जाये। नियमितिकरण की प्रक्रिया में बाधा स्वीकार नहीं की जायेगी। जहाँ रास्ता नहीं होगा, वहाँ नियमों में परिवर्तन-परिवर्धन कर रास्ता निकाला जायेगा। उन्होंने नगरीय नियोजन में भविष्य में शहरों में आने वाली आबादी के लिये सुविधाजनक आवास की सुविधा की व्यवस्थाओं के प्रावधान रखने की जरूरत बतायी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास 'विकास का प्रकाश' हर गरीब तक पहुँचाने का है। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनी नियमितिकरण की वे स्वयं नियमित मॉनीटरिंग करेंगे। अंसंगठित श्रमिक पंजीयन को अभियान का रूप दें: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री चौहान ने असंगठित मजदूरों के लिये बनायी गई, सबसे बड़ी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना सेवा का नया इतिहास रचने का अवसर है। योजना में पंजीयन का कार्य एक से 14 अप्रैल तक अभियान के रूप में किया जाये। सुनिश्चित किया जाये कि रहने के लिये भूमि का टुकड़ा अथवा आवास, नि:शुल्क उपचार, नि:शुल्क शिक्षा, पोषण आहार, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की सुविधाएँ मजदूरों को पंजीयन के साथ ही मिलें। असंगठित मजदूरों में किसान, जिनके पास एक हेक्टेयर से कम भूमि है, भी शामिल किए गए है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं पर गलत नजर रखने वालों के विरुद्ध ऐसी कड़ी कार्रवाई करें कि बदमाशों में भय का वातावरण व्याप्त हो जाये। उन्होंने कहा कि गुंडों, बदमाशों के अतिक्रमण सख्ती के साथ ध्वस्त किये जायें। यह भी ध्यान रखा जाये कि आम नागरिक सताये नहीं जायें। श्री चौहान ने स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर कार्य के लिये सभी नगरीय निकायों को बधाई दी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि नगर की सभी कॉलोनियों में विकास के कार्य समान रूप से हो सकें, इसलिये अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया बनायी गयी है। इससे करीब 4 हजार 500 अवैध कॉलोनियाँ नियमित हो जायेंगी। वैधानिक प्रक्रिया द्वारा अवैध कॉलोनियों को नियमित करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा। पूर्व में 31 दिसम्बर, 2012 की अवधि तक स्थापित अवैध कॉलोनियों का नियमितिकरण किया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 31 दिसम्बर 2016 तक की कॉलोनियों के लिये कर दिया गया है। विकास व्यय में रहवासी अंशदान को घटाकर 20 प्रतिशत किया गया है। शेष राशि संबंधित निकाय द्वारा वहन की जायेगी। सांसद और विधायक निधि का भी उपयोग हो सकेगा। रहवासियों को बिजली, पानी, सीवेज जैसी जन सुविधाएँ सामान्य वैध कॉलोनियों की भांति सर्विस प्रभार पर मिलेंगी। मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह ने कहा कि अवैध कॉलोनियों को नियमित करने का प्रभावी प्रयास किया गया है। अवैध कॉलोनियों के मूल कारणों को चिन्हित कर, उनके समाधान के प्रयास हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों की सफलता और सार्थकता तभी है जब समस्त अवैध कालोनियाँ वैध हो जायें और कोई नई अवैध कालोनी नहीं बने। प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री विवेक अग्रवाल ने बताया कि कार्यशाला अवैध कॉलोनियों को नगर की मुख्य-धारा में शामिल करने के लिये नियमितिकरण की प्रक्रिया और नियमों की जानकारी देने के लिये की गई है। आवश्यकता होने पर वैधानिक प्रावधानों को सरल भी बनाया जायेगा। कार्यशाला में नियमितिकरण प्रक्रिया से संबंधित सवाल-जवाब, सामूहिक चर्चा और सुझाव के सत्र होंगे। उन्होंने बताया कि पहले कॉलोनियों को वैध किया जायेगा, बाद में शेष औपचारिकताएँ होगी। नियमितिकरण से करीब 25 लाख शहरी आबादी लाभान्वित होगी। उन्होंने बताया कि शहरी विकास योजना के संचालन में प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है।  

Dakhal News

Dakhal News 27 March 2018


shivraj singh

मुख्यमंत्री  चौहान का किसानों को संबोधन एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ प्रदेश के किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिये प्रतिबद्ध है। श्री चौहान ने कहा कि 10 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर चना, मसूर और सरसों की खरीदी 257 मंडियों में होगी। इन फसलों के किसानों का भावांतर भुगतान योजना में हुआ पंजीयन न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिये लागू होगा। पंजीयन से छूट गये किसान 31 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। फसलों की खरीदी दस अप्रैल से 31 मई तक की जायेगी। किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चना, मसूर और सरसों पर कृषि समृद्धि योजना में 100 रूपया प्रति क्विंटल अलग से दिया जायेगा। किसानों को सही मूल्य देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। उन्होंने कहा कि खरीदी की व्यवस्था में बाधा डालने वाले तत्वों से सावधान रहें। इसमें सरकार का सहयोग करें। किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत होने पर कॉल सेंटर के नम्बर 0755 2540500 पर शिकायत करें। शिकायत पर तत्काल कार्रवाई होगी। श्री चौहान ने कहा कि किसानों के उत्पाद को निर्यात करने की जरूरत है। उन्होंने कृषि उत्पादन के रिकार्ड बनाने पर किसानों को बधाई देते हुए कहा कि कृषि उत्पाद का निर्यात करने के लिये एक एजेंसी बनाई जायेगी। यह एजेंसी किसानों का मार्गदर्शन करेगी। यह एजेंसी भारत सरकार से तालमेल करके वे सभी जरूरी व्यवस्थाएँ करेगी, जिससे विदेशों में भी फसलों का निर्यात हो सके। श्री चौहान ने बताया कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ देने के लिये मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना बनाई गई है। इसमें किसानों को अतिरिक्त लाभ दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि गेहूँ 1735 रूपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर खरीदा जायेगा और सरकार 265 रूपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त देगी। समर्थन मूल्य के बाहर गेहूँ बेचने पर भी किसान को यह लाभ मिलेगा। यदि अच्छी क्वालिटी का गेहूँ दो या ढाई हजार रूपये प्रति क्विंटल बिकता है तब भी उन्हें 265 रूपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। अच्छी गुणवत्ता का गेहूँ नहीं होने पर भी यह लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल बेचे गये धान और गेहूँ पर भी किसानों को 200 रूपया प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इस साल 16 अप्रैल को पिछले साल के गेहूँ और धान के लिये किसानों के खाते में 200 रूपये क्विंटल की दर से राशि समारोहपूर्वक जमा करा दी जायेगी। प्रदेश के किसानों के लिये 16 अप्रैल आनंद का दिन होगा। इस दिन नया इतिहास बनेगा। उन्होंने कहा कि इस साल बेचे जाने वाली गेहूँ की फसल की प्रोत्साहन राशि 265 रूपया प्रति क्विंटल की दर से 10 जून को किसानों के खाते में आ जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पहले किसानों को अपनी फसल के लिये ऊँट के मुँह में जीरा बराबर राहत मिलती थी। अब 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान पर सिंचित जमीन पर राहत राशि को दोगुना करके 30 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर की राहत मिल रही है। फसल बीमा योजना का लाभ भी अलग से मिल रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों को मिलाकर किसानों को जितना नुकसान होगा, उसकी भरपाई हो जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिये सात हजार रूपया फ्लैट रेट पर बिजली दी जा रही है जिसके लिये सरकार 36 हजार रूपये प्रति वर्ष देती है। किसानों को समय से पहले खाद का उठाव करने पर ब्याज की राशि भी दी जा रही है। शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण लौटाने की तारीख 28 मार्च से बढ़ाकर 27 अप्रैल कर दी गई है। उन्होंने कहा कि 1600 करोड़ रूपये सूखा राहत में और इतनी ही राशि फसल बीमा में देने का फैसला किया़ गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को लाभ देने के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था और भावांतर भुगतान योजना उपलब्ध है। इन दोनों योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गेहूँ के साथ चना, सरसों और मसूर को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खदीदा जायेगा। भावांतर भुगतान योजना में ये फसलें नहीं रहेंगी। इस योजना में लहसुन और प्याज की खरीदी की जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि लहसुन का बंपर उत्पादन होने से भाव गिर गये हैं। लहसुन के लिये 3200 रूपये प्रति क्विंटल दर निर्धारित की गई है। यदि प्याज का भाव 800 रूपया प्रति क्विंटल से कम आता है, तो प्याज की खरीदी भी की जायेगी। पिछले साल भी प्याज खरीदी गई थी। डोडा चूरा खरीदा जायेगा मुख्यमंत्री ने बताया कि मंदसौर, नीमच और रतलाम के अफीम उत्पादक किसानों से पारदर्शी व्यवस्था बनाकर डोडा चूरा खरीदा जायेगा और सरकार उसे जलायेगी।  किसान का नुकसान नहीं होने देंगे। 30 हजार नौजवानों को मिलेगा लोन श्री चौहान ने कहा कि भावांतर भुगतान योजना में 1900 करोड की राशि खरीफ की फसलों के लिये किसानों को दी गई है। किसानों को ठीक दाम देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा कृषक उद्यमी योजना की चर्चा करते हुए कहा कि 30 हजार नौजवानों को इस वित्तीय वर्ष में फूड प्रोसेसिंग से जुडे रोजगार के लिये लोन उपलब्ध करवाये जायेंगे। सरकार लोन की गारंटी लेगी और 15 प्रतिशत सबसिडी देगी। सात साल तक 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जायेगा। इन युवा उद्यमियों को मूल्य संवर्धन के लिये परामर्श और प्रशिक्षण दिया जायेगा। बासमती के जीआई रजिस्ट्रेशन के लिये केन्द्र से चर्चा श्री चौहान ने कहा कि बासमती चावल के जीआई रजिस्ट्रेशन के लिये केन्द्रीय मंत्री श्री सुरेश प्रभु से चर्चा हुई है। प्रदेश से बासमती चावल का तीन हजार करोड का एक्सपोर्ट होता है। उन्होंने कहा कि बासमती चावल उत्पादक किसानों की लड़ाई सरकार लड़ रही है और संबंधित एजेसिंयों के समक्ष सभी तथ्यों को रखा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूँ पर 265 रूपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि देने से किसानों को 26 सौ करोड़ रूपये मिल रहे हैं। पिछले साल के 200 रूपये प्रति क्विंटल देने के फैसले से 1750 करोड़ रूपये किसानों को मिलेंगे। फसल बीमा योजना में 6000 करोड़ रूपये से ज्यादा के दावे हैं। सूखा राहत का पैसा भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रारंभ में किसानों को नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएँ दी। उन्होंने प्रदेश को लगातार पाँचवीं बार कृषि कर्मण अवार्ड मिलने का श्रेय किसानों की अथक मेहनत को देते हुए उन्हें बधाई दी।  

Dakhal News

Dakhal News 25 March 2018


राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

एमपी की  राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज राजभवन में जनजातीय कार्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जनजातीय वर्ग के बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए सभी विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ विशेष अभियान चलायें। अभियान के दौरान सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी भी निर्धारित की जाये। उन्होंने कहा कि जब सभी विभाग इस अभियान से जुड़ेंगे, तभी हमारे प्रदेश से कुपोषण खत्म हो सकेगा। राज्यपाल ने कहा कि इसके लिए विशेष शिविर लगाये जायें, शिविरों में माता-पिता के सामने बच्चों-बच्चियों का स्वास्थ परिक्षण करवाया जाये और उन्हें बच्चों की कमजोरी दूर करने के उपाय तथा दवाओं के बारे में बताया जाये। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि केन्द्र सरकार से प्राप्त राशि का सदुपयोग हो तथा उसका लाभ जनजातीय वर्ग के लोगों तक समय पर पहुंचे, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को अच्छी शिक्षा तथा संस्कार दें और उन्हे रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इन वर्गों के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को औद्योगिक संस्थानों और कम्पनियों के साथ समन्वय कर प्रशिक्षण दिलवाया जाये। इस वर्ग के छात्र-छात्राओं को अन्य विषयों के साथ विज्ञान विषय में भी रूचि लेने के लिये प्रेरित किया जाये। हर ब्लाक में कम से कम 20 प्रतिशत बच्चों को विज्ञान विषय में प्रवेश दिलाने के प्रयास किये जायें। छात्र-छात्राओं को विभिन्न ज्ञानवर्धक स्थलों का भ्रमण भी करवाया जाये । भ्रमण के बाद बच्चों से उनके अनुभव पर आधारित लेख लिखवाएं जाये। इससे बच्चों में आत्म-विश्वास बढ़ेगा। राज्यपाल ने ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि शिक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षा एक स्थान पर करवाई जाये। मेरिट के आधार पर शिक्षकों की पोस्टिंग करें। शिक्षकों को ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में रहने के लिए आवास भी उपलब्ध करवाये जायें। प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग श्री एस. एन. मिश्रा ने राज्यपाल को विभाग की गतिविधियों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. एम मोहन राव और विभागायुक्त श्रीमती दीपाली रस्तोगी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 24 March 2018


जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र

  पाल समाज ने किया जनसम्पर्क मंत्री का स्वागत  एमपी के जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया जिले के ग्राम दुर्गापुर के पास बसे मजरा टोला में पहुंचकर नागरिकों से बातचीत की और उनकी समस्यायें सुनीं। डॉ. मिश्र ने आमजन की समस्याओं की त्वरित निराकरण करने के निर्देश भी दिए। जनसम्पर्क मंत्री मजरों में पहुँचने पर स्थानीय नागरिकों ने का स्वागत किया। इस अवसर पर मजरा टोला में स्कूल खोलने, गरीबी रेखा के राशन कार्ड बनवाने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कोचिंग सेंटर का शुभारंभ: जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया में प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग सेंटर शुभारंभ किया। इस दौरान बताया गया कि इस कोचिंग सेंटर से स्थानीय युवाओं को बाहर नही जाना पडेगा। दतिया में ही विभिन्न परीक्षाओं की कोचिंग मिल सकेगी। शोक संवेदना व्यक्त : जनसम्पर्क ने ग्राम सिंधवारी पहुँचकर श्री रज्जन पटेल के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने श्री रज्जन के परिजन को ढांढस बंधाया। मंत्री डॉ. मिश्र ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

Dakhal News

Dakhal News 24 March 2018


 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि वनाधिकार के लंबित पट्टों के वितरण के लिये सभी जिलों में अभियान चलायें। इसके तहत आगामी एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक लंबित पट्टों का परीक्षण करें तथा आगामी एक मई से 30 मई तक वितरण करें। जनजातियों के आस्था और श्रद्धा के स्थलों के विकास की योजना बनायें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यह निर्देश आज यहाँ सम्पन्न आदिम जाति मंत्रणा परिषद की बैठक में दिये। बैठक में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सभी जिलों में लंबित वनाधिकार पट्टों के परीक्षण के लिये जनप्रतिनिधियों को शामिल कर कार्रवाई की जाये। जिन हितग्राहियों को वनाधिकार पट्टे मिले हैं, उन्हें नक्शे उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाये। मुख्यमंत्री ने वनाधिकार के पट्टेधारियों को सामान्य किसानों की तरह उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के लिये समिति बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस समिति में अनुसूचित जाति एवं आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री लालसिंह आर्य; खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे; वन विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास के अपर मुख्य सचिव और अनुसूचित जनजाति विकास तथा राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव रहेंगे। श्री चौहान ने कहा कि एकीकृत आदिवासी विकास परियोजनाओं के माध्यम से कम लागत के छोटे कार्य कराये जायें। परियोजना सलाहकार मंडल स्थानीय स्तर पर विकास की आवश्यकताएं तय करेगा। रोजगार के लिये अपना जिला छोड़कर जाने वाले जनजाति के परिवारों के बच्चों के लिये आश्रम-छात्रावास खोले जायें। बैकलॉग के पदों की पूर्ति के लिये विशेष अभियान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये है कि अनुसूचित जनजाति के बैकलॉग के पदों की पूर्ति के लिये विशेष अभियान चलाया जाये। जनजाति के लोगों के विरूद्ध चल रहे छोटे प्रकरण अभियान चलाकर वापस लिये जायें। आदिवासी क्षेत्रों के किलों और गढ़ों के रखरखाव के कार्य करें। यह सुनिश्चित करें कि आदिवासी महिला छात्रावासों में छात्रावास अधीक्षक महिला ही रहें। आवश्यकता हो तो इसके लिये नयी भर्ती करें। पेसा एक्ट (पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम 1996) और पांचवी अनुसूची की सही व्याख्या के लिये पाँच सदस्यीय कमेटी गठित की जायेगी। धारा 170 ख के प्रकरणों का तीन माह की समय सीमा में निराकरण के लिये विशेष अभियान चलायें। जनजाति क्षेत्रों में वृक्ष कटाई के नियमों में सरलीकरण करें। शहरी क्षेत्रों के आवारा पशुओं को आदिवासी क्षेत्रों में खेती के उपयोग के लिये देने के सुझाव को प्रयोग के तौर पर करें। बैठक में सदस्यों द्वारा कई सुझाव दिये गये। इन सुझावों में प्राकृतिक आपदा के दौरान वनाधिकार पट्टाधारियों को सामान्य किसानों की तरह मुआवजा दिये जाने, छोटे विकास कार्य आदिवासी परियोजना के माध्यम से कराने, जनपद स्तर पर आश्रम छात्रावास खोलने, आरक्षण के रोष्टर का पालन कराने, महुआ बोर्ड का गठन करने, एकलव्य विद्यालयों में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति करने, आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने, आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषण के विरूद्ध प्रभावी कार्यक्रम चलाना शामिल है। बैठक में अनुसूचित जाति- जनजाति कल्याण मंत्री श्री लालसिंह आर्य, पशुपालन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री अंतरसिंह आर्य, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे, सांसद श्री फग्गन सिह कुलस्ते, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र मरावी सहित परिषद के सदस्य विधायकगण शामिल हुए। इस मौके पर मुख्य सचिव श्री बी.पी, सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 22 March 2018


मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

   मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सहकारिता गरीबी दूर करने का माध्यम है। मध्यप्रदेश सहकारिता के क्षेत्र में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। सहकारिता आंदोलन को और तेज गति दी जायेगी। उन्होंने कहा कि विकास के नए क्षेत्रों में सहकारिता आंदोलन का हस्तक्षेप होगा। सहकारिता के माध्यम से प्रदेश को बदल देंगे। सहकारी मार्केटिंग सोसायटी में भी अशासकीय प्रशासक नियुक्त करने पर विचार किया जायेगा। श्री चौहान आज यहाँ निवास प्रांगण में एकत्र हुए जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्षों और सहकारिता आंदोलन के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आये ये कार्यकर्ता श्री रमाकांत भार्गव को अपेक्स बैंक का अध्यक्ष नियुक्त करने पर श्री चौहान का आभार व्यक्त करने और उनका अभिनंदन करने बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री निवास पहुँचे थे। श्री चौहान ने कहा कि किसानों से 2000 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर गेंहूँ की खरीदी की जायेगी। किसानों की सारी समस्याओं का समाधान किया जायेगा। उन्होंने किसानों से कहा कि वे चिंता नहीं करें। उनकी हर समस्या का समाधान होगा। निकट भविष्य में मध्यप्रदेश सहकारिता में प्रथम स्थान पर होगा। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश में सहकारिता आंदोलन ने नये क्षेत्रों में प्रवेश किया है। भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र राजपूत, पूर्व विधायक श्री रमेश सक्सेना, सहकारिता प्रकोष्ठ के संयोजक श्री नेमिचंद जैन, देपालपुर विधायक श्री मनोज पटेल और बड़ी संख्या में सहकारिता आंदोलन से जुड़े लोग उपस्थित थे।   भाजपा प्रदेश मंत्री श्री रघुनाथ भाटी ने आभार माना।  

Dakhal News

Dakhal News 15 March 2018


भावांतर भुगतान योजना में लहसुन

  पंजीयन की कार्यवाही होगी 20 जिलों में  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर प्रदेश में भावांतर भुगतान योजना में लहसुन उत्पादकों के पंजीयन का कार्य 15 मार्च से शुरू हो रहा है। पंजीयन का कार्य 31 मार्च तक होगा। पंजीयन के संबंध में प्रदेश के 20 जिलों के कलेक्टरों को प्रमुख सचिव किसान-कल्याण तथा कृषि विभाग डॉ. राजेश राजौरा ने पत्र लिखकर आवश्यक निर्देश दिये हैं। लहसुन उत्पादक किसानों का पंजीयन एक हजार हेक्टेयर से अधिक लहसुन बोनी के 20 जिलों की प्राथमिक कृषि साख समितियों तथा मंडी समितियों में भावांतर भुगतान योजना पोर्टल पर किया जायेगा। जिन 20 जिलों में पंजीयन का कार्य होगा, उनमें नीमच, रतलाम, उज्जैन, मन्दसौर, इन्दौर, सागर, छिन्दवाड़ा, शिवपुरी, शाजापुर, राजगढ़, छतरपुर, आगर-मालवा, गुना, धार, देवास, सीहोर, रीवा, सतना, भोपाल और जबलपुर शामिल हैं। कृषि लागत की गणना के लिये समिति का गठन राज्य शासन ने प्रदेश में खरीफ एवं रबी फसलों की कृषि एवं उद्यानिकी फसलों के प्रति हेक्टेयर एवं प्रति क्विंटल लागत मूल्य की गणना के लिए समिति का गठन भी किया है। समिति की पहली बैठक 15 मार्च को होगी। समिति के अध्यक्ष कुलपति, राजमाता विजयाराजे सिंधिया, कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर होंगे। समिति के सदस्य सचिव संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास होंगे। समिति के अन्य सदस्य आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था हैं। प्रधान वैज्ञानिक कृषि अर्थशास्त्र राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति के अन्य सदस्यों में श्री ओम ठाकुर (सिवनी), श्री नारायण सिंह पटेल (नरसिंहपुर) और श्री अश्विनी सिंह चौहान (उज्जैन) को शामिल किया गया है। समिति खरीफ एवं रबी फसलों की राज्य शासन द्वारा विर्निदिष्ठ की गई कृषि एवं उद्यानिकी फसलों की प्रति हेक्टेयर एवं प्रति क्विंटल मध्यप्रदेश की औसत लागत मूल्य की गणना कर राज्य शासन को गणना पत्रक अनुसार जानकारी 7 दिवस में प्रस्तुत करेगी।  

Dakhal News

Dakhal News 15 March 2018


उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया

  उच्च शिक्षा मंत्री  पवैया ने किया हिन्दी भाषा कार्यशाला का शुभारंभ  उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा है कि माँ, मातृभूमि और मातृभाषा का कोई विकल्प नहीं हो सकता। श्री पवैया 'हिन्दी भाषा में तकनीकी, चिकित्सा एवं वैज्ञानिक लेखन, अनुवाद एवं प्रकाशन' विषयक दो दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यशाला अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय और मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के तत्वाधान में हुई। श्री पवैया ने कहा कि हिन्दी छोटी भाषा नहीं है, इसमें बहुता समायी है। कार्यशाला से निकलने वाले निष्कर्षों को आगे ले जाना होगा। निरंतर हर तीन माह में पुन: विचार-मंथन कर इसे आगे बढ़ाना होगा। भाषा का व्यक्ति पर बहुत प्रभाव पढ़ता है। भाषा के जरिये विचारधारा को प्रवाहित किया जा सकता है। राज-भाषा या मातृ-भाषा के जरिये जनमानस में परिवर्तन आता है। उच्च शिक्षा मंत्री श्री पवैया ने कहा कि चिंतनीय विषय है कि आज पश्चिमी संस्कृति के सहारे आम आदमी जन्मदिन और शादी की वर्षगांठ मना कर खुशियां ढूंढ रहा है। समाज को बदलने के लिये किसी कानून अथवा डंडे की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने कहा कि शबरी के चार बेर खाकर भगवान श्री राम का पेट नहीं भरा; श्री राम ने सिर्फ समाज को बदलने और एक नई दिशा देने के लिये प्रतिकात्मक स्वरूप यह कार्य किया। श्री पवैया ने कहा कि दुनिया में सकल घरेलू अनुपात उन 20 देशों का ज्यादा है, जिन्होंने अपनी मातृभाषा को आजादी के बाद अपनाया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को विकल्प देने कि आवश्यकता है। साक्षात्कार में हिन्दी भाषा में जवाब देने वाले बच्चों का चयन भी होना चाहिए। उनको हिन्दी भाषी होने पर भी रोजगार के अवसर मिलना चाहिए। श्री पवैया ने कहा कि हिन्दी के लिए सकारात्मक पहल की जरूरत है। हिन्दी को हेय-दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। कार्यशाला में वैज्ञानिक तकनीकी शब्दावली आयोग नई दिल्ली के अध्यक्ष श्री अवनीश कुमार, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. नवीन चन्द्रा, हिन्दी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रामदेव भारद्वाज और कुलसचिव डॉ. एस.के. पारे उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 9 March 2018


 जिला चिकित्सालय  सतना

  स्वास्थ्य मंत्री श्री रूस्तम सिंह ने दी बधाई सतना जिला चिकित्सालय नेशनल क्वालिटी एश्योरेन्स स्टेन्डर्ड (NQAS) सर्टिफिकेशन हासिल करने वाला मध्यप्रदेश का पहला चिकित्सालय बन गया है। एन क्यू ए एस अन्तर्राष्ट्रीय क्वालिटी सर्टिफाइड स्टेडर्ड है, जिसके तहत भारत सरकार द्वारा राज्य की स्वास्थ्य संस्थाओ के लिये मानक बनाये गये हैं। इससे अस्पताल को प्रति वर्ष 40 लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि केन्द्र शासन से प्रति वर्ष मिलेगी। कायाकल्प अभियान में भी सतना जिला चिकित्सालय प्रदेश में अग्रणी रहा है और पिछले 3 सालों से अवार्ड हासिल कर रहा है। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री रूस्तम सिंह ने उपलब्धि के लिये विभाग और सतना जिला चिकित्सालय को बधाई दी है। सतना ने एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन सरदार वल्लभ भाई पटेल जिला चिकित्सालय में अपने उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए हासिल किया है। चिकित्सालय की ओपीडी में इस वर्ष 3 लाख 64 हजार 286 और आईपीडी में 52 हजार 966 मरीजों ने स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाया। इसके अलावा 4 लाख 33 हजार 615 लैब इन्वेस्टीगेशन, 10 हजार 505 प्रसव, 8 हजार 777 मेजर सर्जरी आलोच्य अवधि में हुईं। चिकित्सालय को सर्टिफिकेशन के लिए 70 प्रतिशत अंक की आवश्यकता थी। इसके विरूद्ध चिकित्सालय ने 77 प्रतिशत अंक हासिल करते हुए एनक्यूएएस सर्टिफिकेट हासिल किया। चिकित्सालय का एक्स्टरनल असेसमेन्ट भारत सरकार की 3 सदस्यीय टीम द्वारा 3 दिनों में किया गया। जिला चिकित्सालय सतना सभी स्टेटरी कम्प्लायन्स करने वाला भी राज्य का पहला जिला बन गया है।

Dakhal News

Dakhal News 9 March 2018


महिलाओं के विरुद्ध हिंसा

  भोपाल में महिलाओं के विरूद्ध हिंसा रोकने एवं सामुदायिक पुलिसिंग के क्षेत्र में कार्य योजना बनाने के लिये बुधवार को मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में मध्यप्रदेश पुलिस और शैफील्ड हैलम विश्वविदयालय (यूनाइटेड किंगडम) के साथ एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर हुए। शैफील्ड हैलम विश्वविदयालय का अध्ययन दल मध्यप्रदेश में महिलाओं के विरूद्ध हिंसा और अपराध रोकने के लिये वन स्टाप सेंटर स्थापित करने जैसे नवाचारी प्रयासों का अध्ययन करेगा और यूके के अनुभवों को साझा करेगा। यह अध्ययन दल मध्यप्रदेश पुलिस को प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि में और प्रभावी रूप से कार्य करने के लिये सुझाव देगा। इसके अलावा पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने, उनके अधिकारों का संरक्षण करने और उनकी सुरक्षा के लिये राज्य सरकार के प्रयासों का अध्ययन करेगा। साथ ही, नव-नियुक्त पुलिस अधिकारियों और फील्ड में पदस्थ पुलिस अधिकारियों के लिये प्रशिक्षण की रूपरेखा भी तैयार करेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश में महिलाओं की पुलिस में भर्ती में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, ताकि वे स्वयं को सशक्त बनाने के साथ अपने अधिकारों की रक्षा भी कर सकें। अध्ययन दल ने विदिशा में स्थापित गुलमोहर महिला सुरक्षा केन्द्र की कार्य-प्रणाली के अध्ययन के साथ अनुसंधान काम की शुरूआत कर दी है। इस अवसर पर गृह मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, अपर मुख्य-सचिव गृह श्री के.के. सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री आर. के. शुक्ला, मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री आदर्श कटियार और चीफ सुपरिटेंडेंट (महिला सुरक्षा) यू.के. सुश्री कैरी स्मिथ उपस्थित थीं।

Dakhal News

Dakhal News 7 March 2018


मालवा अंचल का चंबल कछार हरा-भरा होगा : चौहान

  22 सौ करोड़ से अधिक के निर्माण कार्यों को मिली स्वीकृति मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नर्मदा नियंत्रण मंडल की बैठक संपन्न  मालवा क्षेत्र के चंबल कछार का सूखाग्रस्त क्षेत्र अब सूखा नहीं रहेगा। नर्मदा कछार से चंबल कछार के सूखाग्रस्त क्षेत्र में जल पहुंचाने के लिये सिंचाई की सर्वश्रेष्ठ पहल माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना को नर्मदा नियंत्रण मंडल की आज 60वीं बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास में आज संपन्न इस बैठक में नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना को स्वीकृति दी गई। परियोजना से झाबुआ-धार का लाभान्वित होने वाला क्षेत्र बैठक में 2 हजार 221 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें 2 हजार 197 करोड़ 60 लाख रुपये के नवीन और 24.16 करोड़ रुपये के पुनरीक्षित निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई। बैठक में वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया, वनमंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, उर्जा मंत्री श्री पारस जैन, राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्वीकृत परियोजनाओं में विकास कार्यों का निर्माण निर्धारित समयावधि में हो। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुये नियमित मॉनिटरिंग के लिये निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को आवंटित नर्मदा जल का शत-प्रतिशत उपयोग समय-सीमा में होना सुनिश्चित किया जाये। मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश को वर्ष 2024 तक नर्मदा का 18.25 एम.ए.एफ. जल उपयोग करना है। वर्ष 2022 तक सम्पूर्ण जल उपयोग की परियोजनाएं तैयार हो जायेंगी। बैठक में झाबुआ एवं धार जिले के लिये 57 हजार 422 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-सरदारपुर-उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। योजना की अनुमानित लागत 2 हजार 50 करोड़ 70 लाख रुपये है। इसके साथ ही, नर्मदा घाटी के तट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये 19 घाटों के निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई। इस कार्य पर 136 करोड़ 84 लाख रुपये व्यय होंगे। नर्मदा सेवा मिशन अंतर्गत गांव रेवगांव, रेहटी जिला सीहोर में नर्मदा नदी के दांये तट पर घाट निर्माण के लिये 10 करोड़ 6 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। जबलपुर जिले की रानी दुर्गावती उद्वहन माइक्रो सिंचाई योजना के लिये 24 करोड़ 16 लाख रुपये की पुनरीक्षित स्वीकृति प्रदान की गई। इस योजना से जबलपुर तहसील के 7 ग्रामों की 12सौ हेक्टेयर माइक्रो पद्धति से भूमि सिंचित होगी। नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-सरदारपुर-उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना में झाबुआ जिले के थांदला, झाबुआ और पेटलावद तहसील की 32 हजार हेक्टेयर और धार जिले की 25 हजार 422 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। सिंचाई ड्रिप अथवा स्प्रिंकलर पद्धति से होगी। योजना से झाबुआ तथा धार जिले के 173 गांव लाभान्वित होंगे।

Dakhal News

Dakhal News 24 February 2018


मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने  यहां ओला-वृष्टि से फसल को हुए नुकसान की समीक्षा करते हुए नुकसान का आकलन पूरी पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश दिये हैं। श्री चौहान ने कहा है कि सर्वेक्षण दल में राजस्व के अलावा कृषि और पंचायत विभाग के मैदानी अमले, पंच-सरपंचों और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाये, ताकि आकलन में किसी भी किसान को कोई शिकायत नहीं रहे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि फसल के नुकसान का आकलन सार्वजनिक करने के लिये पंचायत भवनों की दीवारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सर्वेक्षण की रिपोर्ट चस्पा करवाई जाये। प्राप्त आपत्तियों का तत्काल निराकरण कर रिपोर्ट में सुधार किया जाये। श्री चौहान ने कहा है कि प्रभावित किसानों के नुकसान की भरपाई हर हालत में होना चाहिये। बैठक में बताया गया कि फसल को हुए नुकसान के प्रारंभिक आंकड़ों में बदलाव हुआ है। अब प्रभावित गांवों की संख्या 621 से बढ़कर 984 हो गई है। बैठक में लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, मुख्य सचिव श्री बी. पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए पी श्रीवास्तव, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी सी मीना, प्रमुख सचिव कृषि श्री राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरूण पांडे, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस के मिश्रा, सचिव मुख्यमंत्री श्री विवेक अग्रवाल और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। ओलावृ‍ष्टि से फसल हानि का सर्वे सावधानीपूर्वक करें : मुख्य सचिव मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने आज परख वीडियो कांफ्रेंस में जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया कि प्रदेश में ओला वृष्टि की स्थिति और फसलों को हुई हानि का सर्वे सावधानीपूर्वक करें। सर्वे के लिये राजस्व, कृषि और पंचायत विभाग की टीम बनाई जाये जिसमें जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाये। प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरूण पाण्डे ने कहा कि फसलों के नुकसान के सर्वे में पारदर्शिता रखी जाये। सर्वे की सूची ग्राम पंचायतों में भी चस्पा की जाये। उन्होने बताया कि लघु और सीमांत किसानों को अब 50 प्रतिशत से अधिक फसल हानि होने पर सिंचित फसल के लिये 30 हजार रूपये और असिंचित फसल के लिये 16 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से राहत दी जाएगी। अन्य कृषक (2 हेक्टेयर से अधिक भूमि धारित वाले) को सिंचित के लिये 27 हजार और असिंचित के लिये 13 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर राहत राशि देने का प्रावधान किया गया है। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने परीक्षाओं के मददे्नजर परीक्षा केंद्र के आसपास धारा 144 लगाने , सेक्टर मजिस्ट्रेट की डयूटी लगाने एवं परीक्षा कंट्रोल रूम बनाने के लिए कलेक्टरों को निर्देश दिये। प्रमुख सचिव उर्जा श्री आई.सी.पी. केशरी ने बताया कि पेयजल और परीक्षा को ध्यान में रखते हुये बकाया वाले ट्रांसफार्मर समय सीमा में कार्यशील कर दिये जायेंगे। प्रदेश मे अक्टूबर 2018 तक शत-प्रतिशत विद्युत कनेक्शन देने के निर्देश भी वीडियो काफ्रेंस में दिये गये। बंद नल-जल प्रदाय योजनाओं के संधारण की समीक्षा के दौरान सागर, टीकमगढ और विदिशा जिलों में कार्य को गति देने के निर्देश दिये गये। भावांतर भुगतान योजना में रबी-2018 में पंजीयन के लिये की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान संचालक कृषि श्री मोहनलाल मीणा ने बताया कि पंजीयन 12 फरवरी से 12 मार्च तक होगा। मसूर, सरसों, प्याज और चना का पंजीयन किया जाना है । सॉइल हेल्थ कार्ड वितरण, मृदा परीक्षण तथा ई-नाम (नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती और धात्री महिलाओं के पंजीयन के लिये जिला कलेक्टरों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये गये। सिंगरौली, टीकमगढ, बड़वानी, छतरपुर और शिवपुरी जिलों में विशेष प्रयास की आवश्यकता बताई गई। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्रीमती गौरी सिंह ने भिण्ड जिला अस्पताल की तर्ज पर जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों के विकास कार्य के लिए विभाग द्वारा विशेषज्ञों की सेवायें ली जायेंगी। वीडियो काफ्रेंस में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री प्रभांशु कमल, प्रमुख सचिव महिला बाल विकास श्री जे.एन कन्सोटिया, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री प्रमोद अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उप‍स्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 16 February 2018


एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जब बेटियाँ सशक्त होंगी, तभी प्रदेश सशक्त होगा और आगे बढ़ेगा। श्री चौहान ने बेटियों से कहा कि सरकार हमेशा उनकी रक्षा करने, उन्हें आगे बढ़ने में सहयोग देने के लिये तैयार है। बेटियों की तरक्की में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जायेगी। उन्होंने बेटियों का आव्हान किया कि बड़ा लक्ष्य तय करें और आत्म-विश्वास के साथ कठिन परिश्रम करते हुए सफलता हासिल करें, सरकार हर कदम पर साथ देगी। उन्होंने कहा कि बेटियों के सहयोग से नये मध्यप्रदेश का निर्माण हो रहा है। श्री चौहान आज यहाँ स्थानीय सरोजिनी नायडू कन्या स्वशासी महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव 'अद्विता 2018' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने बेटियों के हित में संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत स्थान आरक्षित हैं। पूरी प्रतिभा के साथ बेटियाँ शासन-प्रशासन चला रही हैं। उन्होंने बेटियों से कहा कि बड़ी सोच रखें, आत्म-विश्वास रखें, आगे बढ़ने का रोडमैप बनायें और पूरी एकाग्रता तथा दृढ़ निश्चय के साथ सफलता हासिल करें। देश का गौरव बढ़ायें और प्रदेश की शान बन जायें। उन्होंने कहा कि बेटियाँ कमजोर नहीं होतीं, इसलिए हमेशा सकारात्मक सोचें। नकारात्मक विचारों से दूर रहें। उन्होंने गीता के श्लोक के माध्यम से समझाया कि अहंकार से दूर रहें, उत्साह से भरपूर रहें। कठिन परिश्रम करें और हर परिस्थिति में निरपेक्ष रहें। शुभांगी का इलाज कराएगी सरकार मुख्यमंत्री श्री चौहान समारोह में हाथीपाँव की बीमारी से पीड़ित छात्रा शुभांगी जैन से मिले। शुभांगी से चलते नहीं बन रहा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुभांगी का पूरा इलाज सरकार द्वारा करवाया जायेगा। विधायक श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह ने कहा कि बेटियों की पढ़ाई के लिये राज्य सरकार ने अभूतपूर्व काम किये हैं। उच्च शिक्षा संस्थानों में 70 प्रतिशत अंकों के साथ प्रवेश लेने पर शिक्षा का खर्च सरकार उठा रही है। प्राचार्या डॉ. मंजुला शर्मा ने प्रशासकीय प्रतिवेदन पढ़ा और महाविद्यालय की अकादमिक प्रगति की जानकारी दी। अतिथियों को स्मृति-चिन्ह भेंट किये गये। उच्च शिक्षा आयुक्त श्री नीरज मंडलोई भी में मौजूद थे।  

Dakhal News

Dakhal News 8 February 2018


अशोक शाह

55 लाख जरूरतमंदों को 513 करोड़ रुपये की मदद मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की पहल पर सामाजिक रूप से पिछड़े और शारीरिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को विकास की मुख्य-धारा से जोड़ने के प्रदेश सरकार के प्रयासों को राष्ट्रीय-स्तर पर भी सराहा गया है। प्रदेश को अनेक राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा भी गया है। सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग के माध्यम से 55 लाख जरूरतमंदों को 513 करोड़ की सहायता राशि विभिन्न योजनाओं में दी गई है। आयुक्त सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण श्री अशोक शाह ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत वर्ष 2006 से अभी तक करीब 4 लाख 27 हजार गरीब जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह के लिये 7 करोड़ 23 लाख रुपये से ज्यादा की राशि सहायता स्वरूप दी जा चुकी है। राज्य सरकार द्वारा सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए वर्ष 2012 से मुख्यमंत्री विवाह योजना के तहत करीब 10 हजार 678 मुस्लिम कन्याओं के निकाह के लिये 19 लाख 54 हजार की सहायता राशि दी गई है। इसी क्रम में सरकार द्वारा शारीरिक रूप से नि:शक्त व्यक्तियों के जीवन में खुशहाली लाने के लिये नि:शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की गई है। योजना में करीब 10 हजार नि:शक्तजन को दो लाख रुपये के मान से लगभग 197 लाख की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना में लगभग 4 लाख 46 हजार खेतिहर मजदूरों को 192 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता राशि दी गई है। यह सहायता बच्चों की छात्रवृत्ति, विवाह सहायता आदि के रूप में दी गई है। सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से 36 लाख हितग्राहियों को 116 करोड़ रुपये की पेंशन राशि ई-पेमेंट के माध्यम से उनके बैंक खातों में प्रतिमाह पहली तारीख को जमा करवाई जा रही है। पेंशन स्वीकृति प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। साथ ही नि:शक्तजन एवं विधवा पेंशन की स्वीकृति के अधिकार पंचायत सचिव को प्रदान कर दिये गये हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के प्रत्येक नि:शक्त व्यक्ति का डाटाबेस तैयार करने का विशेष कार्यक्रम तैयार किया गया है। यह प्रक्रिया फरवरी-2017 से प्रारंभ की गई। अभी तक एक लाख 67 हजार कार्ड पोर्टल के माध्यम से बनाये जा चुके हैं। इससे मध्यप्रदेश देश में सर्वाधिक यूनिक डिसएबिलिटी आई.डी. कार्ड जनरेट करने वाला राज्य बन गया है। राज्य सरकार के नि:शक्तजन कल्याण विभाग को उसकी कार्य-प्रणाली के लिये 'सर्वोत्तम नियोक्ता तथा प्लेसमेंट एजेंसी'' का वर्ष 2011-12 एवं वर्ष 2014-15 का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। वरिष्ठ नागरिकों की सेवाओं के लिये राष्ट्रीय 'वयोश्रेष्ठ सम्मान'' वर्ष 2013-14 में प्राप्त हुआ है। इसी प्रकार नेशनल ई-गवर्नेंस राष्ट्रीय पुरस्कार, वर्ष 2012-13 में स्पर्श पोर्टल, वर्ष 2015-16 में समग्र पोर्टल एवं वर्ष 2016-17 में स्टेट पेंशन पोर्टल के राष्ट्रीय पुरस्कार भी भारत सरकार द्वारा विभाग को दिये गये है  

Dakhal News

Dakhal News 8 February 2018


मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां स्थानीय माडल स्कूल में प्रेरणा संवाद के बाद विद्यार्थियों द्वारा पूछे गये सवालों के जवाब दिये और उनकी शंकाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों ने लक्ष्य तय करने, समय का प्रबंधन करने, पढ़ाई के लिये दिनचर्या तय करने, स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और अच्छे नंबर लाने का तनाव दूर करने के तरीकों से संबंधित सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने एक शिक्षक, पालक और विद्यार्थियों के मामा के रूप में सहजता के साथ विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिये और उनकी शंकाओं का समाधान किया। सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के 11वीं कक्षा के छात्र श्री अंकित पटेल ने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री बनने के लिये कोई लक्ष्य तय किया था। इस पर मुख्यमंत्री ने अपने गाँव में बचपन में खेती और मजदूरों का मेहनताना बढ़ाने के लिये किये आंदोलन की चर्चा की। उन्होंने कहा कि अन्याय को किसी भी रूप में सहना सही नहीं है। उन्होने कहा कि किसी भी काम के प्रति लगन और प्रतिबद्धता जरूरी है, यही काम आती है। डी.ए.वी. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टी.टी.नगर की कॉमर्स संकाय की 12वीं कक्षा की छात्रा सुश्री दिपांशी पांडे ने स्कूलों में विद्यार्थियों की विशेष रूप से बेटियों की सुरक्षा के संबंध में सवाल किये। मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी सभी उपायों को सुदृढ़ किया गया है। छात्रावासों में प्रवेश द्वार पर सीसीटीव्ही कैमरे लगाये जा रहे हैं। छात्रावास आने-जाने वाले रास्तों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जा रही है। उन्होंने बेटियों की गरिमा को धूमिल करने वाले दरिदों को फाँसी की सजा देने के लिये बनाये गये कानूनी प्रावधान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि समाज को भी नैतिक आंदोलन चलाने की आवश्यकता है। इससे सुरक्षा के लिये एक स्वस्थ वातावरण बनेगा। सिर्फ कर्म पर ध्यान दें सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के 11वीं के छात्र श्री आनंद लोधी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि एक दिन में बहुत सारे काम करने के बावजूद उन्हें तनाव क्यों नहीं होता। इस पर मुख्यमंत्री ने गीता का श्लोक पढ़ते हुये बताया कि सिर्फ कर्म करने पर हमारा अधिकार है, परिणाम पर नहीं। इसलिये परिणाम पर ध्यान केन्द्रित करने के बजाय अपने कर्म पर ध्यान दें और यही दृष्टि जीवन में अपनायें तो तनाव नहीं होगा। दसवीं कक्षा की छात्रा सुश्री पूजा कानस ने मुख्यमंत्री से कहा कि हर स्कूल में खेल सुविधा और खेल के मैदान होना चाहिये। इस पर सहमति व्यक्त करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी जरूरी है। शासकीय विद्यालयों में खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराई जायेंगी। मन को स्वस्थ रखने के लिये खेलों से जुड़े रहना जरूरी है। मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल के श्री ऋतिक विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि यदि अच्छे नंबर नहीं आ पाये तो माता-पिता की क्या प्रतिक्रिया होना चाहिये। इस पर मुख्यमंत्री ने सभी अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को किसी भी प्रकार का तनाव नहीं दें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि माता-पिता केवल लाड़-प्यार के कारण बच्चों को डाँटते है ताकि वे सजग और चैतन्य रहें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि केवल मेहनत और अच्छे से अच्छे प्रदर्शन की कोशिश करें, अच्छे नंबर अवश्य आयेंगे। विद्या विहार हायर सेकेण्डरी स्कूल की 11वीं की छात्रा सुश्री प्रियंका ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि ज्यादा से ज्यादा बच्चे इंजीनियरिंग की शिक्षा लें, इसके लिये आईआईटी में सीट बढ़ाई जानी चाहिये। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसदिशा में कोशिश की जायेगी। सुभाष उत्कृष्ट हायर सेकेण्डरी स्कूल के 11वीं के छात्र श्री शिवालाल मंडलोई ने मुख्यमंत्री से पूछा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यवहारिक शिक्षा को शामिल करने के लिये कौन से सुधार किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के तीन उद्देश्य है ज्ञान देना, कौशल देना और नागरिक संस्कार देना। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में हम ज्ञान दे रहें हैं। अब कौशल देने पर भी ध्यान केन्द्रित किया गया है। भोपाल में 600 करोड़ रूपये की लागत से ग्लोबल स्किल संस्थान जुलाई से काम करना शुरू कर देगा। इसके अलावा उत्कृष्ट औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोले जा रहे हैं। शिक्षा पद्धति को मूल्य आधारित बनाने के लिये कोशिश की जा रही है। स्कूल-कॉलेजों में कॅरियर परामर्श की व्यवस्था भी की जा रही है। डी.ए.वी हायर सेकेण्डरी स्कूल की 12वीं की छात्रा सुश्री मोनिका यादव ने सवाल किया कि शालाओं में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिये सरकार ध्यान दे रही है, लेकिन कोचिंग संस्थाओं के आस-पास सुरक्षा व्यवस्था के लिये कौन से उपाय किये जा रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन शहरों में कोचिंग केन्द्र हैं, उनके आने-जाने वाले रास्तों पर सीसीटीव्ही कैमरे लगाने और वहाँ पर लगातार पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था की जायेगी। इसके अलावा डॉयल-100 वाहनों को भी विशेष निर्देश इस संबंध में दिये गये हैं। जरूरी है समय प्रबंधन मे-फ्लावर स्कूल के 9वीं कक्षा के छात्र श्री अंकित ने पूछा कि व्यवहारिक ज्ञान देने के लिये कौन-कौन से प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार करते हुए पढ़ाई के तरीकों में बदलाव लाने पर विचार किया जा रहा है। मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा सुश्री गुंजन बघेल ने मुख्यमंत्री से समय प्रबंधन के संबंध में सवाल करते हुये कहा कि मुख्यमंत्री के नाते वे स्वयं अपना समय प्रबंधन कैसे करते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने सुबह साढ़े पाँच बजे से लेकर रात साढ़े ग्यारह बजे तक की दिनचर्या और कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तार से बताया। इसमें सुबह सैर करना, योग एवं प्राणायाम करना, प्रशासनिक कार्यों की तैयारी-बैठकें करना और प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संवाद करना, लोगों-प्रतिनिधि मंडलों और विभिन्न संगठनों से मिलना, मंत्रालय में शासकीय कार्य का संपादन करना जैसे कार्यों को विस्तार से बच्चों को बताया। उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार जिलों के दौरों के समय आम लोगों से जिले में सुशासन के स्तर और नये विकास कार्यक्रमों एवं योजनाओं की आवश्यकता के संबंध में जानकारी मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि एक मुख्यमंत्री और अभिभावक के रूप में वे अपने परिवार के लिये कैसे समय निकालते हैं और किस प्रकार सार्वजनिक और निजी जीवन में संतुलन बनाये रखते हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 3 February 2018


शिवराज ने प्रेरणा संवाद में विद्यार्थियों को बताये सफलता के सूत्र

  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ माडल हायर सेकेण्डरी स्कूल में प्रेरणा संवाद कार्यक्रम में शालेय विद्यार्थियों से प्रेरक संवाद करते हुए उन्हें परीक्षाओं में सफल होने तथा उज्जवल भविष्य के लिये शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। माडल स्कूल में अपने छात्र जीवन के अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने परीक्षाओं में शानदार सफलता के लिये उन्हें महत्वपूर्ण सूत्र बताये। इस कार्यक्रम को दूरदर्शन और आकाशवाणी के माध्यम से सभी जिलों के विद्यार्थियों ने सुना। मुख्यमंत्री ने सफलता के अमूल्य मंत्र बताते हुये कहा कि सबसे जरूरी है - आत्मविश्वास क्योंकि आत्मविश्वास से शक्ति मिलती है और अपनी क्षमता पहचानने का ज्ञान बढ़ता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुये कहा कि हर विद्यार्थी में भरपूर क्षमता और प्रतिभा है। सिर्फ इसे पहचानकर आगे लाने की आवश्यकता है। उन्होंने तुलसीदास द्वारा रामायण की रचना करने और महाकवि कालिदास का उदाहरण देते हुये कहा कि इन दो महान व्यक्तियों में भरपूर क्षमता और प्रतिभा थी। जिसे उन्होंने स्वयं पहचाना और आज पूरी दुनिया उनका साहित्य पढ़ती है। मुख्यमंत्री ने अपनी कक्षा ग्यारवीं-डी का स्मरण करते हुए कहा कि 11वीं की परीक्षा के समय वे आपातकाल का विरोध करते हुये जेल चले गये थे, लेकिन आत्मविश्वास के साथ पूरी मेहनत करके परीक्षा दी और भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र तथा जीव विज्ञान में अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण हुये। उसके बाद दर्शन शास्त्र में स्नातकोत्तर में भी अच्छे नंबरों से पास हुये। श्री चौहान ने विद्यार्थियों से कहा कि आत्मविश्वास के साथ सबसे जरूरी है लक्ष्य तय करना। उन्होंने कहा कि लक्ष्य तय किये बिना काम करने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते। लक्ष्य हमेशा ऊँचा होना चाहिये। उन्होंने कहा कि लक्ष्य तय करने के साथ ही उसे प्राप्त करने का एक रोडमैप बनाना भी जरूरी है। अपने बनाये रोडमैप पर बिना किसी भटकाव के चलना आवश्यक शर्त है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई में कभी-कभी मन भटकना स्वाभाविक है। इसलिये सचेत रहते हुए मन की एकाग्रता जरूरी है। उन्होंने अपने पढ़ाई के दिनों को याद करते हुये बताया कि कैसे परीक्षा के समय मन के भटकाव पर उन्होंने दृढ़ निश्चय के साथ काबू किया। श्री चौहान ने कहा कि लक्ष्य पर एकाग्रता से सफलता मिलती है। उन्होंने गुरू द्रोणाचार्य और शिष्य अर्जुन की कथा सुनाते हुये कहा कि अपने लक्ष्य पर एकाग्र होने और अपनी पूरी ऊर्जा का उपयोग करने से सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे हमेशा सकारात्मक सोच और ऊर्जा से भरे रहें। किसी भी प्रकार के नकारात्मक विचारों से दूर रहें। खूब पढ़ें, आगे बढ़ें और प्रसन्नता के साथ सार्थक जीवन जीने का मार्ग तय करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे सभी उपाय किये हैं जिससे विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने और आगे बढ़ने में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आये। उन्होंने मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का संदर्भ देते हुये कहा कि 70 प्रतिशत अंकों के साथ राष्ट्रीय स्तर के उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश लेने पर उच्च शिक्षा की पढ़ाई का खर्च सरकार भरेगी। उन्होंने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे 85 प्रतिशत नंबर लायें और प्रोत्साहन के रूप में सरकार से लेपटॉप भी प्राप्त करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के बच्चों में इतनी क्षमता और प्रतिभा है कि वे बड़े से बड़े पदों पर पहुंच सकते हैं। विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के सपने को पूरा करने के लिये सरकार हर जरूरी कदम उठायेगी। उन्होंने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि अपने बुजुर्गों, माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करें। उन्होंने अपने शिक्षक श्री रतनचंद्र जैन का उल्लेख करते हुये बताया कि कैसे उन्होंने पढ़ना, भाषण देने की कला एवं रामायण की चौपाई का व्याख्यान करना सिखाया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उत्साहपूर्वक प्रसन्नता के साथ पढ़ाई करें। इससे पहले मुख्यमंत्री ने मॉडल स्कूल में स्थापित स्मार्ट क्लास रूम और ई-लायब्रेरी का अवलोकन किया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री कुँवर विजय शाह, तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी, माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री एस.आर. मोहंती, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी उपस्थित थे। एक क्लिक में 50 लाख विद्यार्थियों को मिली 344 करोड़ की राशि प्रेरणा संवाद के पहले मुख्यमंत्री ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिये बनाये गये सूचना प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों का शुभारंभ किया। उन्होंने मिशन वन-क्लिक योजना के अंतर्गत 50 लाख विद्यार्थियों को 344 करोड़ रुपये की राशि एक क्लिक में उनके खातों में ट्रांसफर की। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 से शिक्षा विभाग द्वारा विभागों की 30 प्रकार की छात्रवृत्तियों का वितरण शिक्षा पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है। इससे पहले यह राशि कोषालय से बिल द्वारा विद्यार्थियों को दी जाती थी। अब इन सभी छात्रवृत्तियों का भुगतान मिशन वन-क्लिक के माध्यम से बैंको द्वारा सीधे छात्रों के खाते में किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में एक करोड़ 60 लाख विद्यार्थियों को एक हजार 42 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई हैं। शाला सिद्धि अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने 'शाला सिद्धि अभियान'' कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसमें 46 मानकों पर शालाओं का मूल्यांकन होगा। इनके आधार पर शालाओं का अकादमिक उन्नयन किया जायेगा। अच्छा कार्य कर रही शालाओं का प्रोत्साहन किया जायेगा और उन्हें शाला-सिद्धि पुरस्कार दिया जायेगा। उन्होने एम.पी. कैरियर मोबाइल एप का भी शुभारंभ किया। दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को उनके कैरियर संबंधी मार्गदर्शन के लिये 'एम.पी. कैरियर मोबाइल एप' तैयार किया गया है। इसके माध्यम से सभी विद्यार्थियों का अभिरुचि परीक्षण करके नये सत्र में अप्रैल माह में विद्यार्थियों को रिपोर्ट दी जायेगी तथा रिपोर्ट के आधार पर पालकों एवं विद्यार्थियों की काउंसिलिंग भी की जायेगी। इसी प्रकार विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान 'विमर्श पोर्टल' के माध्यम से किया जायेगा। इस पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थी महत्वपूर्ण विषयों पर वीडियो देख पायेंगे और मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकायें, पुराने प्रश्नपत्र तथा मॉडल उत्तर आदि जान सकेंगे। इस पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षक एवं स्कूलों को भी अकादमिक दृष्टि से सुदृढ़ बनाया जायेगा। वर्ष में दो बार स्कूल अपना स्व-मूल्यांकन भी इसके माध्यम से कर सकेंगे। 10वीं-12वीं के परीक्षा परिणामों के विश्लेषण के लिये सी.एम. डेशबोर्ड का शुभारंभ किया गया। इससे शैक्षणिक गुणवत्ता के लिये कदम उठाये जायेंगे। उन्होने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिये। विद्यार्थियों से संवाद के बाद उन्होंने छठवीं और नवीं के विद्यार्थियों को नि:शुल्क सायकिलें प्रदान की। लोक शिक्षण आयुक्त श्री नीरज दुबे ने आभार व्यक्त किया।  

Dakhal News

Dakhal News 3 February 2018


 बाजार को रास नहीं आया बजट

मुंबई शेयर मार्केट को आम बजट रास नहीं आया है। आम आदमी और नौकरीपेशा को कोई राहत नहीं मिलती देख शेयर बाजार में भारी गिरावट का दौर शुरू हो गया। जो सेंसेक्स बजट पेश होने से पहले 200 अंक चढ़ा था, वो बजट भाषण समाप्त होते ही 450 अंक तक गिर गया। हालांकि, इसके बाद मार्केट संभला है और खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 14 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 36,008 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी भी 8 अंकों की बढ़त के साथ 11,029 के स्तर पर है। वहीं आम बजट से पहले शेयर बाजार तेजी के साथ खुला। शुरू में 162 अंकों की बढ़त के साथ सेंसेक्स 36,127 अंक के स्तर पर रहा। वहीं एनएसई में 42 अंकों की बढ़त रही और यहां 11069 के स्तर पर शेयरों की खरीदी-बिक्री हुई। इससे पहले प्री-ओपनिंग में भी शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला। सेंसेक्स 134 अंकों की बढ़त के साथ 36,097 के स्तर पर रहा, वहीं निफ्टी में भी 34 अंकों का सुधार नजर आया। इससे पहले बुधवार को यानी बजट से पहले के सत्र में शेयर बाजार कमजोरी के साथ कारोबार कर बंद हुआ था। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 68 अंक की गिरावट के साथ 35965 के स्तर पर और निफ्टी 21 अंक की कमजोरी के साथ 11027 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप इंडेक्स में 1.56 फीसद और स्मॉलकैप में 1.21 फीसद की कमजोरी दर्ज की गई। सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो बैंक और फाइनेंशियल सर्विस को छोड़ सभी सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर बंद हुए है। ऑटो (0.12 फीसद), एफएमसीजी (1.51 फीसद), आईटी (1.05 फीसद), मेटल (1.02 फीसद) और रियल्टी (0.29 फीसद) की कमजोरी देखने को मिली थी।  

Dakhal News

Dakhal News 1 February 2018


आई.पी.एस. सर्विस मीट

मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक संध्या के विजेताओं को किया सम्मानित  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान  आज यहां पुलिस ऑफिसर्स मेस के प्रांगण में आयोजित तीसरी आई.पी.एस. सर्विस मीट पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में शामिल हुए। उन्होंने प्रतिभागियों के आग्रह पर ' नदिया चले चले रे धारा ' गीत गाया। मुख्यमंत्री ने कहा पुलिस अधिकारियों में सांस्कृतिक प्रतिभा है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को प्रदेश पुलिस पर गर्व है। पुलिस महानिदेशक श्री आर.के.शुक्ला ने मुख्यमंत्री  और श्रीमती साधना सिंह चौहान का स्वागत किया। विभिन्न जोन से आये पुलिस अधिकारियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। विभिन्न अंचलों के लोकनृत्यों  की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र थी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जोन की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के विजेताओं को सम्मानित किया। इंदौर जोन प्रथम, भोपाल  दूसरे और  महाकौशल तीसरे स्थान पर रहा।

Dakhal News

Dakhal News 20 January 2018


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पुलिस जनसेवा के लिये है। पुलिस की सेवा को नौकरी नहीं माना जा सकता। लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी मिलना बहुत सौभाग्य की बात है। पुलिस का कर्तव्य किसी भी अन्य सेवा से अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि सामाजिक जटिलताओं का कुशलतापूर्वक सामना करते हुए आमजन का विश्वास जीतना होगा। अधिकारी धैर्य, उत्साह और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करें। मन, मस्तिष्क और शरीर को चुस्त-दुरूस्त रखने के लिये योग, व्यायाम और मनोरंजन की गतिविधियों में भी शामिल हों। मुख्यमंत्री ने पुलिस बल में अवकाश की संकल्पना पर विचार करने की जरूरत बतायी। श्री चौहान आज विधानसभा सभागार में तृतीय आई.पी.एस. ऑफीसर्स मीट के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में आत्मीयता के भाव से सरकार चलाने का प्रयास किया गया है। मध्यप्रदेश पुलिस ने अनेक ऐसे कार्य किये हैं, जिन पर गर्व किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समस्याएं आती रहती हैं, जरूरत उनके समाधान के निरंतर प्रयास की है। चुनौतियों का सामना विशेषज्ञता के साथ किया जाना चाहिये। पुलिस अधिकारियों के समूह बनाकर विषयवार होने वाले चिंतन के निष्कर्षों पर मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर रोडमैप का निर्माण करेंगे। पुलिस और जनता के मध्य दूरियों को कम करने के लिये सामुदायिक पुलिसिंग के प्रयोग किये गये हैं। इन्हें और अधिक विस्तारित करना होगा। श्री चौहान ने आईपीएस मीट के आयोजन की सराहना करते हुये कहा कि संगोष्ठी के विषय समसामयिक और सराहनीय हैं। आज पूरी दुनिया के सामने कट्टरवाद की चुनौती है। लोगों को अलग-अलग बाँटने की कोशिशें लोकतंत्र के लिये घातक हैं। इनका सामना करने के लिये जरूरी है कि उदारवादी दृष्टिकोण को प्रसारित किया जाये। भारतीय समाज और संस्कृति में एक ही चेतना की मान्यता है, जिसमें भेदभाव के लिये कोई स्थान नहीं है। सामाजिक समरसता का संदेश देने के लिये ही एकात्म यात्रा का आयोजन किया गया है। संगोष्ठी का मंथन निश्चय ही इस दिशा में सार्थक पहल होगा। मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय पुलिस अधिकारी सेवा संघ के अध्यक्ष श्री संजय राणा को जन्मदिन की बधाई भी दी। विधानसभा अध्यक्ष श्री सीताशरण शर्मा ने कहा कि शासन का सबसे प्रमुख अंग सुरक्षा बल होते हैं। लोकतांत्रिक शासन प्रणाली जनहित की सबसे अच्छी प्रणाली है। उन्होंने मीट के आयोजन पहल की सराहना करते हुये कहा कि संगोष्ठी के विषयों पर विचार-विमर्श सुशासन के लिए महत्वपूर्ण होंगे। इसके सकारात्मक परिणाम आयेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दुरूपयोग की समस्या पर भी विचार व्यक्त किये। पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला ने विषय प्रर्वतन किया। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा पुलिस का प्राथमिक दायित्व है। जन अपेक्षाओं को पूरा करने की चुनौती बहुत कठिन कार्य है। आर्थिक और तकनीकी परिवर्तन की चुनौतियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। जनता और पुलिस के मध्य दूरी को पाटने के प्रयास पुलिस द्वारा निरंतर किये जा रहे हैं। मीट के दौरान इन चुनौतियों का सामना करने के लिये कार्यशाला का आयोजन कर युवा और वरिष्ठ अधिकारियों के मध्य संवाद का प्रयास किया गया है। स्वागत उद्बोधन में आईपीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संजय राणा ने बताया कि संगोष्ठी का आयोजन कट्टरवाद का उदारीकरण : चुनौतियां और सोशल मीडिया के नए आयाम कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए चुनौतियां विषयों पर किया गया है। आभार प्रदर्शन अपर महानिदेशक पुलिस श्री व्ही.के. महेश्वरी ने किया। कार्यक्रम संचालन श्री राजेश मिश्रा ने किया।इस अवसर पर भारतीय पुलिस सेवा के वर्तमान और सेवानिवृत्त अधिकारी उपस्थित थे।    

Dakhal News

Dakhal News 20 January 2018


बुदनी में मेगा इंडस्ट्रियल टेक्सटाईल हब

    एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान से मुख्यमंत्री निवास पर पाँच उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों ने मुलाकात कर प्रदेश में निवेश के प्रस्ताव दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान से ट्राइडेंट ग्रुप, सुजलान एनर्जी, मे. वेकमेट इंडिया लिमिटेड, मे. अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, मे. सनफार्मा लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। इस दौरान वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया और मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में उद्योग मित्र नीति लागू है। उन्होंने निवेशकों से चर्चा के दौरान निर्देश दिये कि प्रदेश में वस्त्र उद्योग को प्रोत्साहन देने की नीति बनायें। सोलर और विण्ड एनर्जी को बढ़ावा दिया जाये। उद्योगों से जुड़े मुद्दों पर निश्चित समय-सीमा में कार्रवाई करें। चर्चा के दौरान ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमेन श्री राजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि ट्राइडेंट ग्रुप द्वारा 6250 करोड़ रूपये के पूँजी निवेश से बुदनी में मेगा इंडस्ट्रियल टेक्सटाईल हब बनाया जायेगा जिससे 16 हजार 500 लोगों को रोजगार मिलेगा। सुजलान एनर्जी के चेयरमेन श्री तुलसी तांती ने बताया कि कम्पनी द्वारा 2 हजार मेगावॉट के सोलर-विण्ड हाइब्रीड पॉवर प्रोजेक्ट की स्थापना का प्रस्ताव है। मे. वेकमेट इंडिया लिमिटेड के सीएमडी श्री डी.सी.अग्रवाल ने विद्युत टैरिफ में छूट की मांग की। मे. अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के प्रतिनिधि श्री अतुल डागा ने बताया कि कम्पनी द्वारा प्रदेश के धार जिले में एक और सीमेंट प्लाण्ट की स्थापना की जा रही है, जिसमें तीन हजार करोड़ रूपये का निवेश संभावित है। मे. सन फार्मा लिमिटेड के प्रतिनिधि श्री मनीष संघवी ने बताया कि कंपनी द्वारा मालनपुर में 200 करोड़ रूपये से नया प्लांट शुरू किया जा रहा है। साथ ही 200 करोड़ रूपये की लागत का सोलर प्लांट भी स्थापित किया जायेगा। सन फार्मा द्वारा अगले तीन वर्ष में मंडला जिले को मलेरिया मुक्त जिला बनाने का पायलट प्रोजेक्ट भी क्रियान्वित किया जा रहा है। चर्चा में अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर श्री मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव वाणिज्य एवं उद्योग श्री मो. सुलेमान, प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री आई.पी.सी. केसरी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल और श्री एस.के. मिश्रा तथा ट्राइफेक के प्रबंध संचालक श्री डी.पी. आहूजा उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 16 January 2018


मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना भिण्ड

मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना भिण्ड जिले में अनुसूचित जाति वर्ग के बृजेन्द्र, नरेन्द्र, शिवकुमार, सोनेलाल एवं सुरेन्द्र के लिए जीविकोपार्जन का सशक्त जरिया बन गई है। जिला मुख्यालय भिण्ड के बृजेन्द्र धानुक, नरेन्द्र जाटव निवासी रतनपुरा, शिवकुमार कोरी निवासी वार्ड क्र.11 रेखानगर भिण्ड, सोनेलाल खटीक निवासी इटावा रोड भिण्ड एवं सुरेन्द्र जाटव निवासी भीमनगर भिण्ड कुछ दिन पहले तक रोजगार के लिये इधर-उधर भटर रहे थे। तभी उन्हें अखबारों से जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना में अंत्यावसायी कार्यालय से ऑटो रिक्शा, ऑटो लोडिंग और ई-रिक्शा व्यवसाय के लिए ऋण मिल सकता है। तब उन्होंने जिला अन्त्यावसायी कार्यालय में अपने ऋण आवेदन प्रस्तुत किए। बृजेन्द्र और नरेन्द्र ने ऑटो रिक्शा, शिवकुमार ने लोडिंग ऑटो और सोनेलाल एवं सुरेन्द्र ने ई-रिक्शा व्यवसाय के लिए जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति से ऋण स्वीकृत कराए। बृजेन्द्र एवं नरेन्द्र को ऑटो रिक्शा के लिये क्रम्राश: 2 लाख 73 हजार 750 रूपए के स्वीकृत ऋण में अनुदान राशि 82,125 रूपये की अनुदान राशि मिली। शिवकुमार को लोडिंग ऑटो के लिए 2 लाख 64 हजार स्वीकृत ऋण में 79 हजार 200 रूपए की अनुदान सुविधा और सोनेलाल तथा सुरेन्द्र को ई-रिक्शा के लिए क्रम्राश: 1 लाख 70 हजार 900 रूपए के स्वीकृत ऋण में 51 हजार 270 की अनुदान राशि की छूट उपलब्ध कराई गई। कलेक्टर डॉ. इलैया राजा टी ने सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री श्री लाल सिंह आर्य की उपस्थिति में अभी 12 जनवरी को बृजेन्द्र, नरेन्द्र, शिवकुमार, सोनेलाल एवं सुरेन्द्र को क्रम्राश: ऑटो रिक्शा, लोडिंग ऑटो एवं ई-रिक्शा की चाबी सौंपी।

Dakhal News

Dakhal News 15 January 2018


वर्षों के संचित ज्ञान का आविष्कार है सूर्य नमस्कार

मुख्यमंत्री  चौहान ने युवा दिवस पर किया सूर्य नमस्कार  स्वामी विवेकानंद के जन्म दिन पर पूरे प्रदेश में हुआ सामूहिक सूर्य नमस्कार   स्वामी विवेकानंद जयंती पर आज पूरे प्रदेश में सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया। सभी जिलों में उत्साहपूर्वक स्कूली बच्चों, गणमान्य नागरिकों और सभी सम्‍प्रदायों के लोगों ने सामूहिक सूर्य नमस्कार में भाग लेकर सूर्य की आराधना की। मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने राजधानी भोपाल में लाल परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में भाग लिया । यह सामूहिक सूर्य नमस्कार का ग्यारहवां आयोजन है। उल्लेखनीय है कि स्वामी विवेकानन्द के जन्म दिन को प्रदेश में युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सभी शिक्षण संस्थाओं में स्वामी जी के व्यक्तित्व और उनके वेदांत दर्शन की व्याख्याओं पर आधारित शैक्षणिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की जयंती को पूरे प्रदेश में युवा उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होने कहा कि स्वामी विवेकानंद का साहित्य सकारात्मक कार्य करने की ऊर्जा और प्रेरणा देता है। स्वामी विवेकानंद के विचारों का संदर्भ देते हुए श्री चौहान ने कहा कि स्वामीजी के विचार प्रेरणा के अनन्य स्त्रोत हैं। श्री चौहान ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन रहता है। समाज में अच्छे काम करने के लिये तन और मन का स्वस्थ होना जरूरी है। उन्होने कहा कि भारत के ऋषियों-मुनियों ने अपने वर्षों के संचित ज्ञान से योग का सबसे सरल व्यायाम सूर्य नमस्कार का आविष्कार कर हमें सौंपा है। उन्होने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे सूर्य नमस्कार को सिर्फ एक दिन नहीं बल्कि हर दिन करें। इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। उन्होने कहा कि विश्व के सभी देशों ने योग की शक्ति और महत्व को स्वीकार किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल से पूरे विश्व में 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाता है। पिछले साल 172 देशों ने विश्व योग दिवस पर योग करने का संकल्प लिया। योग करें, स्वस्थ रहें, खूब पढ़े श्री चौहान ने विद्यार्थियों से कहा कि दसवीं, ग्यारहवीं, बारहवीं की परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। खूब मन लगाकर पढ़ें और अच्छे नम्बर लाकर राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों में जायें। पढ़ाई का खर्चा सरकार उठायेगी। श्री चौहान ने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे खूब योग करें और खूब पढ़ाई करें, स्वस्थ रहें, अपने माता पिता का आदर करें, शिक्षकों का आदर करें। उन्होने योग विज्ञान के अनुसार स्वस्थ रहने के तरीकों को साझा करते हुए कहा कि जितना जरूरी और हितकारी हो, उतना भोजन करें। भूख से थोड़ा कम भोजन करें और मौसम के अनुसार फल, सब्जी को भोजन में शामिल करें। पिज्जा बर्गर से दूर रहें। मुख्यमंत्री ने देवी सरस्वती और स्वामी विवेकानंद के चित्रों पर फूल चढ़ाए। स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी, सांसद श्री आलोक संजर, मेयर श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री सुरेन्द्र नाथ सिंह और गणमान्य नागरिकों ने सामूहिक सूर्य नमस्कार में भाग लिया।  

Dakhal News

Dakhal News 13 January 2018


mpt

  मंत्रि-परिषद के निर्णय  एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री तेंदूपत्ता संग्राहक कल्याण दुर्घटना सहायता योजना का अनुमोदन किया गया। मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक तीन वर्ष के लिए 12 करोड़ 45 लाख रूपये के व्यय को सैद्वांतिक सहमति दी। मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय पेंशन योजना के अंतर्गत राज्य के कर्मचारियों को मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपादान तथा पेंशन धन से प्रत्याहरण का लाभ प्रदान करने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।इसके अंतर्गत राज्य शासन के अधीन सिविल सेवा एवं सिविल पदों पर 1 जनवरी 2005 को या उसके बाद नियुक्त शासकीय सेवकों को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1976 के नियम 44 के प्रावधानों के अधीन मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपादान स्वीकृत किया जा सकेगा।साथ ही भारत सरकार पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण की अधिसूचना 11 मई 2015 के प्रावधानों में वर्णित परिस्थितियों, शर्तो और सीमा में संचित पेंशन धन राशि से आहरण की सुविधा तथा सेवानिवृत्ति के 3 माह पूर्व अंशदान कटौत्रा बंद किया जायेगा। मंत्रि-परिषद ने बुरहानपुर, अनूपपुर, अशोकनगर, आगर-मालवा जिला मुख्यालयों में मलेरिया अधिकारी के नवीन कार्यालयों तथा उनमें 84 पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की। मंत्रि-परिषद ने ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन 41 जिला मुख्यालयों पर छात्रावास की स्थापना तथा उनमें विद्यार्थियों को नि:शुल्क भोजन और आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराने हेतु इस वर्ष 52 करोड़ 42 लाख रुपए तथा आगामी तीन वर्षों के लिए 384 करोड़ 64 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की। सर्व-शिक्षा अभियान के अंतर्गत अपूर्ण शाला भवनों को पूर्ण करने के लिए वर्ष 2017-18 से 2018-19 तक 9 करोड़ 72 लाख 97 हजार रूपये के व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई।   मंत्रि-परिषद ने अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित ''विद्यार्थी कल्याण सहायता योजना'' को वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक संचालन की निरंतरता को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रि-परिषद ने पर्यटन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों को अम्ब्रेला स्कीम में शामिल करते हुए पर्यटन क्षेत्र में प्रचार-प्रसार के लिए आगामी तीन वर्षों हेतु 300 करोड़ रुपए निर्धारित किये।   मंत्रि-परिषद ने राज्य में स्थापित उद्यमों द्वारा उत्पादित उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय के लिए उम्मों के अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर प्रचार-प्रसार के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक 18 करोड 33 लाख रुपए के व्यय को अनुमोदन प्रदान किया।   मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा क्रियान्वित की जा रही समूह जल प्रदाय योजनाओं के कार्यों के ॠण के लिए राज्य की अंशपूंजी में निवेश की योजना को वर्तमान केंद्रीय वित्त आयोग के कार्यकाल 31 मार्च 2020 तक निरंतर रखने को अनुमोदन प्रदान किया।इसके साथ ही मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम को वर्तमान केन्द्रीय वित्त आयोग के कार्यकाल दिनांक 31 मार्च 2020 तक निरंतर रखने को मंजूरी भी दी गई। इसी क्रम में मंत्रि-परिषद ने शहडोल जिले की 106 करोड़ 43 लाख रुपए लागत की सतही जल स्त्रोत (सोन नदी ) आधारित बाण सागर समूह जल प्रदाय योजना को प्रशासकीय अनुमोदन प्रदान किया।इससे विकासखंड ब्यौहारी के 61 ग्रामों में घर-घर नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश की 9 समूह जल-प्रदाय योजनाओं क्रमश: सतना-बाणसागर (भदनपुर-परसमनिया), दमोह-पटेरा जिला दमोह, कुण्डलिया, मोहनपुरा, पहाड़गढ़ जिला राजगढ़, कंदेला जिला रीवा, पायली जिला जबलपुर, नरसिंहपुर एवं सिवनी, गढ़ाकोटा जिला सागर तथा पवई बांध जिला पन्ना के क्रियान्वयन के लिए नेशनल डेव्लपमेंट बैंक से वित्त पोषण प्राप्त करने के प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान किया गया।इस परियोजना की कुल लागत 45 करोड़ 12 लाख रुपए है।इन योजनाओं को आगामी चार वर्षों में पूर्ण किया जाना है।इससे 3 हजार 467 ग्रामों में घर-घर नल कनेक्शन से पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। मंत्रि-परिषद ने मत्स्य बीज मांग की सतत पूर्ति के लिए संचालित योजना को वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक आगामी तीन वर्ष के लिए 36 करोड़ 44 लाख 80 हजार रुपए के वित्तीय प्रावधान को स्वीकृति दी। मंत्रि-परिषद ने शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति /अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को स्नातक तथा स्नातकोत्तर स्तर पर नि:शुल्क पुस्तकों के लिए 1500 रुपए प्रति विद्यार्थी तथा नि:शुल्क स्टेश्नरी के लिए 500 रुपए प्रति विद्यार्थी की दर से प्रदाय करने के लिए तीन वर्ष में 76 करोड़ 93 लाख 55 हजार रुपए के व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद ने ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण को कन्वेंशन एंड एग्जिविशन सेंटर निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2019-20 के मध्य 4 करोड़ रुपए के अनुमानित व्यय को अनुमोदन प्रदान किया। साथ ही खेल और युवा कल्याण विभाग की खेल अकादमियों की अधोसंरचना के लिए वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक रुपए 236 करोड़ 56 लाख 92 हजार रुपए की अनुमति प्रदान की।साथ ही स्टेडियम एवं खेल अधोसंरचना के लिए आगामी तीन वर्ष में 163 करोड 1 लाख 75 हजार रुपए के व्यय की स्वीकृति भी प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद ने चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत स्वशासी महाविद्यालयों में शैक्षणिक संवर्ग के लिए आदर्श सेवा नियम 2018 को अनुमोदित किया। बैठक में कपास पर दी जा रही एक प्रतिशत मंडी फीस में छूट को 8 जनवरी 2018 से आगामी एक वर्ष तक के लिए बढ़ाने का निर्णय भी लिया।  

Dakhal News

Dakhal News 10 January 2018


भावांतर योजना

  वाजिब मूल्य और नगद भुगतान व्यवस्था से किसानों को मिली राहत   मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों की खुशहाली के लिए समय-समय पर कई योजनाएँ प्रांरभ की हैं। इन योजनाओं से मौसम के प्रभाव (जैसे अल्प वर्षा, अति वर्षा, ओला वृष्टि) बिचौलियों के दबाव, धनाभाव में स्थानीय साहूकारों के चँगुल में फँसे किसानों को राहत और सुरक्षा कवच जैसा एहसास हुआ है। मध्यप्रदेश में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकार ने 16 अक्टूबर 2017 से भावांतर भुगतान योजना लागू की है। योजना में किसानों का ऑनलाइन पंजीयन एक सितम्बर से प्रारंभ किया गया। योजना में सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द तथा तूअर कृषि उपज शामिल की गयीं है। योजना से किसानों को पहुँच रहे लाभ और सफलता को देखते हुए हरियाणा सहित अन्य राज्य इसे अपना रहे हैं। ऐसे होती है भावांतर की गणना प्रदेश के किसानों को देय राशि की गणना में प्रावधान किया गया है कि यदि किसान द्वारा मण्डी समिति परिसर में विक्रय की गयी अधिसूचित फसल की विक्रय दर न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम किन्तु राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से अधिक हुई तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा किसान द्वारा विक्रय मूल्य के अंतर की राशि किसान के खाते में ट्रांसफर की जायेगी। यदि किसान द्वारा मण्डी समिति परिसर में विक्रय की गयी अधिसूचित फसल की विक्रय दर राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से कम हुई तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा मॉडल विक्रय दर के अंतर की राशि ही किसान के खाते में ट्रांसफर की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अपील पर एक ही दिन (12 अक्टूबर) में साढ़े 6 लाख से अधिक किसानों ने योजना में अपना पंजीयन कराया। राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखकर पंजीयन करवाने की तिथि में शिथिलता की ताकि अधिकाधिक किसान योजना के लाभार्थी हो सकें। आज की स्थिति में योजना में 23 लाख किसान पंजीबद्ध हैं। भावांतर भुगतान योजना भावांतर भुगतान योजना में राज्य शासन ने एक और किसान हितैषी निर्णय लेते हुए एक नवम्बर से 30 नवम्बर के दौरान बेची गई अधिसूचित फसलों के लिये नवीन औसत मॉडल दरें घोषित की और सभी कलेक्टर को नवीन दरों के अनुसार पंजीकृत किसानों से अधिसूचित मंडियों में खरीदी गई अधिसूचित फसलों के लिये भावांतर राशि के भुगतान के निर्देश दिये। इस अवधि के लिये तालिकानुसार दरें प्रभावी होंगी। राज्य शासन ने भावांतर भुगतान योजना में मण्डी प्रांगण के बाहर घोष क्रय-विक्रय कराने के लिए जिला कलेक्टर को अधिकृत किया। ऐसे स्थान, जो कृषि उपज मण्डी/उप मण्डी के लिए अधिसूचित प्रांगण नहीं हैं वहाँ पर संबंधित जिला कलेक्टर योजना की जिला-स्तरीय समिति से सत्यापन कराने के बाद विशेष प्रांगण घोषित कर सकते हैं। व्यापक कृषक हित में कृषक उपज मण्डी के प्रांगण के रूप में उपयोग करने की आवश्यकता वाले स्थानों को ही विशेष प्रांगण घोषित किया जा सकेगा। विशेष मण्डी प्रांगण घोषित करने के लिए आवश्यक होगा कि प्रांगण में न्यूनतम 5 क्रियाशील व्यापारी हों, जिनके नाम पर लायसेंस क्रमांक हो। साथ ही प्रांगण में न्यूनतम एक मण्डी निरीक्षक, चार सहायक उप निरीक्षक कार्यरत हो तथा प्रांगण में पारदर्शी घोष विक्रय, डिजिटल तौल एवं भुगतान की उचित व्यवस्था हो। कृषकों के भुगतान पर किसी भी प्रकार की कटौती जैसे तुलाई/हम्माली एवं अन्य कमीशन आदि नहीं की जा रही है। ऐसे विशेष प्रांगणों को उसकी संबंधित मूल मण्डी/उप मण्डी के अधिसूचित प्रांगण के अंतर्गत ही माना जाएगा। ऐसे विशेष प्रांगणों में होने वाली कृषि विपणन आवक, क्रय-विक्रय तथा मण्डी फीस से प्राप्त आय को बाहरी प्रांगण/साप्ताहिक हाट-बाजार के रूप में उल्लेख कर मूल मण्डी में दर्ज कर पोर्टल में गणना में लिया जाएगा। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में है भुगतान समिति भावांतर राशि किसानों के खाते में जमा करने के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। इसमें कृषि, सहकारिता, नागरिक आपूर्ति, लीड बैंक, जिला सूचना अधिकारी एवं मंडी सचिव को शामिल किया गया है। यह समिति प्राप्त राशि को बैंक अकाउन्ट में रखकर भावांतर योजना की राशि का किसान के खाते में सीधे डिजिटल भुगतान कर रही है। योजना में शामिल होकर लाभ लेने के लिए प्रदेश के 23 लाख किसानों ने अपना पंजीयन करवाया। अधिसूचित 257 मंडियों में अब तक 7 लाख किसानों ने अपनी कृषि उपज का विक्रय किया। इन किसानों को करीब 903 करोड़ की राशि का भुगतान उनके बैंक खातों के माध्यम से किया जा चुका है। दो लाख तक के भुगतान में आयकर नियम बाधक नहीं प्रारंभ में किसानों को अपनी उपज विक्रय से नकद राशि का भुगतान प्राप्त न होना, योजना के क्रियान्वयन में बड़ी कठिनाई साबित हो रहा था। राज्य सरकार ने भावांतर भुगतान योजना की जानकारी देते हुए केन्द्रीय वित्त मंत्री से भुगतान में व्याप्त शंकाओं के समाधान का आग्रह किया। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने अनाज व्यापारियों की शंकाओं का समाधान करते हुए स्पष्ट किया है कि आयकर नियमों के अंतर्गत अनाज व्यापारी किसान से उसकी उपज की खरीदी के विरुद्ध 2 लाख रुपये तक का भुगतान नगद कर सकते हैं। भुगतान की इस कार्यवाही में आयकर नियम बाधक नहीं होंगे। किसानों को परिवहन व्यय और गोदाम भण्डारण अनुदान भी भावांतर भुगतान योजना के लिए गठित उप समिति ने किसानों से प्रत्यक्ष सम्पर्क और योजना की संचालन प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न आवश्यकताओं को देखते हुए इस अवधि में परिवहन व्यय, गोदाम भण्डारण अनुदान राशि और नवीन दरें जैसे निर्णय भी लिए। किसानों को अपनी कृषि उपज के भण्डारण के लिए 9 रूपये 90 पैसे प्रति क्विंटल, प्रतिमाह का अनुदान दिया जा रहा है। प्रदेश में भावांतर भुगतान योजना में पंजीकृत किसानों को खरीफ-2017 के लिये चिन्हित 8 जिन्सों को बेचने के लिये अगर खेत से 15 किलोमीटर या इससे अधिक दूरी पर स्थित कृषि उपज मण्डी/उप मण्डी तक फसल ले जाना पड़ेगा तो उसे प्रति किलोमीटर के आधार पर परिवहन व्यय मिलेगा। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा इस आशय के विस्तृत निर्देश जारी किये गये हैं। परिवहन दर का निर्धारण जिला कलेक्टर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी तथा जिला स्तर की मण्डी के सचिव की समिति करती है। परिवहन व्यय की राशि का भुगतान मण्डी निधि से किया जाता है।। मध्यप्रदेश में 'भावांतर' योजना के अंतर्गत पंजीकृत लाखों किसान अपनी फसल का वाजिब मूल्य पाने के लिए निश्चिंत हैं। उन्हें अब यह भय नहीं है कि व्यापारी ओने-पोने दाम में उनकी फसल खरीदकर मेहनत का मोल प्राप्त नहीं होने देगा।  

Dakhal News

Dakhal News 6 January 2018


 शैव महोत्सव

  शुद्ध भाव से हर-हर महादेव कहने से शिव की उपासना पूरी होती है : शंकराचार्य श्री दिव्यानन्द तीर्थ  उज्जैन में तीन दिवसीय शैव महोत्सव का शुभारंभ  भानपुरा पीठ के शंकराचार्य स्वामी श्री दिव्यानन्द तीर्थ ने कहा है कि भगवान शिव भारत के आदि देव हैं। शुद्धभाव से हर-हर महादेव कहने से ही शिव की उपासना पूर्ण होती है। महाकाल की नगरी में आयोजित शैव महोत्सव प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय है। यह विश्व को एक नई दिशा प्रदान करेगा। शंकराचार्य स्वामी दिव्यानन्द तीर्थ तीन दिवसीय शैव महोत्सव का शुभारंभ कर रहे थे। स्वामी दिव्यानन्द तीर्थ ने कहा कि भारत जैसा कोई दूसरा देश नहीं है, जहाँ के लोगों को गीता का अमृत उपदेश मिला। इसके पूर्व भानपुरा पीठ के शंकराचार्य स्वामी श्री दिव्यानन्द तीर्थ, डॉ.मोहनराव भागवत, मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान, आचार्य महामण्डलेश्वर विश्वात्मानन्द, महामण्डलेश्वर विशोकानन्दजी, महामण्डलेश्वर श्री भवानीनन्दन यतिजी, महामण्डलेश्वर सबिदानन्दजी, महामण्डलेश्वर ब्रम्हयोगानन्दजी एवं महामण्डलेश्वर पुण्यानन्दजी महाराज ने दीप जला कर महोत्सव का शुभारंभ किया। महोत्सव आयोजन की स्वागत समिति के अध्यक्ष एवं केन्द्रीय सिंहस्थ समिति के अध्यक्ष श्री माखनसिंह भी मौजूद थे। हमारी संस्कृति के पदचिन्ह दुनिया में मिलते हैं : डॉ. मोहन भागवत उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि हमारी संस्कृति के पदचिन्ह दुनियाभर में मिलते हैं। विष पीकर अमर होने वाला देश भारत ही हो सकता है। हमारा कर्त्तव्य बनता है कि दुनिया को राह दिखाने का काम करें। शिव का पहला नाम रूद्र है, रूद्र का अर्थ है शक्ति। बिना शक्ति के शिव होने का कोई मतलब नहीं है। दुनिया की सारी दुष्ट शक्तियों को भस्म करने वाले रूद्र ही शिव हैं। हम लोगों को शक्ति की उपासना करना पड़ेगी। शारीरिक ताकत ही सबकुछ नहीं होती, उसके साथ आन्तरिक ताकत भी होना आवश्यक है। हमको भौतिक बल से साथ आध्यात्मिक बल-सम्पन्न संवेदनशील समाज बनाना पड़ेगा। दक्षिण में शिव की भभूति लगाकर बिना स्नान के भी चल सकता है। मन में कोई विकार नहीं है तो शिव का प्रतीक भस्म लगाने से तन और मन पवित्र हो जाता है। शिव भगवान अत्यन्त शातिपूर्वक बर्फीले टीले पर बैठकर आराधना पूरी करते हैं और वहीं से दुनिया को देखते हैं। शिव के समान आन्तरिक एवं बाह्य पवित्रता का वरण करने वाले को ही रूद्र की शक्ति प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और व्यक्तिगत चरित्र शिव के समान होना चाहिये। शांति के लिए युद्ध नहीं करना पड़ता है। इसके लिये सम्पूर्ण स्वार्थ का त्याग करना होता है। हम लोगों का दायित्व है कि हम शिव को समझें। सम्राट विक्रमादित्य ने 2100 वर्ष पूर्व शैव महोत्सव प्रारंभ किया था। आज से आयोजित शैव महोत्सव आम जन में शिवत्व की प्रेरणा जगाएगा। डॉ. भागवत ने कहा कि भगवान राम ने उत्तर से दक्षिण को, भगवान कृष्ण ने पूर्व से पश्चिम को जोड़ने का काम किया किन्तु भगवान शिव सम्पूर्ण भारत के कण-कण में विद्यमान है। हिमालय के दोनों ओर सागर तट तक फैली हुई भूमि में शिव का पूजन किया जाता है। सम्पूर्ण दुनिया को जीवन जीने की कला सिखाने वाली भारतीय संस्कृति विश्वव्यापी है। उन्होंने कहा कि कई वर्षो पूर्व जब वे केन्या गए थे तब वहां उन्होंने भगवान शिव के स्वयंभू लिंग के दर्शन किए। इसी तरह तंजानिया और केन्या के बीच फैले विक्टोरिया सरोवर के किनारे भी शिव के दर्शन हुए। विश्व को शान्ति मार्ग भारत ही दिखायेगा – चौहान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दुनिया के विकसित देशों में जब सभ्यता का विकास ही नहीं हुआ था, तब हमारे भारत में वेदों की ऋचाएँ रच ली गई थीं। विश्व को शान्ति का मार्ग भारत ही दिखायेगा। उन्होंने कहा कि भगवान शिव भारत ही नहीं सृष्टि के कण-कण में विराजित हैं। शैव महोत्सव की प्राचीन परम्परा जारी रहना चाहिये। उज्जैन से प्रारम्भ हुआ शैव महोत्सव द्वादश ज्योतिर्लिंगों तक जायेगा। थोड़ी-सी पूजा में प्रसन्न होने वाले भगवान शंकर ही हैं। उनका श्रृंगार भस्म से हो जाता है और भोग में भांग व धतूरा चलता है। श्री चौहान ने कहा कि भगवान शंकर ऐसे व्यक्तियों को स्वीकार करते हैं, जिनको दुनिया ठुकरा देती है। समुद्र मंथन में निकले विष को धारण करने वाले देव नीलकंठ कहलाये। सबको साथ लेकर चलने वाले, सबको प्रेम करने वाले एकमात्र भगवान शंकर हैं। भगवान शंकर सामाजिक समरसता का सन्देश देने वाले हैं। शैव महोत्सव सामाजिक समरसता का सन्देश देने का कार्य करेगा। दुनिया को अगर बचाना है तो भारतीय संस्कृति को बचाना होगा। एकात्म यात्रा हो या शैव महोत्सव, दोनों का सन्देश यही है कि सारे भेद मिटाते हुए समाज को जोड़ा जाये। विश्व में आज जिस तरह का टकराव सामने आ रहा है, इस समस्या को दूर करने का उपाय भारतीय संस्कृति करेगी। सभी सुख से रहें और सभी निरोगी रहें, हमारी संस्कृति की यही मूल भावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनसे जब अमेरिका में प्रश्न पूछा गया कि 'भारत देश का विचार क्या है? तो उन्होंने जवाब दिया 'सत्यमेव जयते' एवं 'वसुधैव कुटुम्बकम' देश का विचार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का काम विकास करना तो है ही लोगों की जिन्दगी भी बनाना आवश्यक है, इसलिये नर्मदा सेवा, एकात्म यात्रा एवं शैव महोत्सव जैसे आयोजन करना आवश्यक है। डाक टिकिट का विमोचन भारतीय डाकतार विभाग द्वारा शैव महोत्सव-2018 विषय पर डाक टिकिट जारी किया गया। डाक टिकिट का विमोचन अतिथियों की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर भारतीय डाकतार विभाग के श्री राकेश कुमार, सुश्री प्रीति अग्रवाल एवं श्री बीएस तोमर मौजूद थे। डाकतार विभाग द्वारा विशेष कवर, जिसमें महाकाल शिखर का चित्र है, भी जारी किया गया। द्वादश ज्योतिर्लिंग पर विशेष 12 पोस्टकार्ड भी जारी किये गये एवं सम्राट विक्रमादित्य द्वारा आयोजित प्रथम शैव उत्सव की स्मृति के रूप में प्राप्त हुई मुद्रा, जिसमें ब्राह्मी लिपि में शैव महोत्सव का विवरण अंकित है, के डाक टिकिट का भी विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। श्री मुले को महाकालेश्वर वेद अलंकरण सम्मान वर्ष 2017 के लिये महाकालेश्वर वेद अलंकरण महाराष्ट्र के वेदमूर्ति श्री दुर्गादास अम्बादास मुले को दिया गया। अलंकरण में श्री मुले को डॉ.मोहन भागवत एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने एक लाख रूपये का चेक, रजत पत्र एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति के सदस्य श्री विभाष उपाध्याय ने श्री मुले का प्रशस्ति-वाचन करते हुए बताया कि महाराष्ट्र में जन्मे श्री मुले को पूर्व में आदर्श वैदिक धनपाठी एवं अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। इन्होंने 1200 से अधिक विद्यार्थियों को अपनी संस्था में विद्याध्यन कराया है। इनके द्वारा 1985 से अनवरत वेद पाठशाला एवं वेद विद्या का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। प्रारम्भ में अतिथियों का स्वागत मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री माखनसिंह चौहान, श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के सदस्य श्री विभाष उपाध्याय, श्री प्रदीप पुजारी, श्री जगदीश शुक्ला एवं प्रशासक श्री अवधेश शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर विधायक डॉ.मोहन यादव, यूडीए अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल, श्री श्याम बंसल, प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद थे। संचालन श्री मयंक शुक्ला ने किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महोत्सव में आये स्थानीय साधु-सन्तों एवं द्वादश ज्योतिर्लिंग से आये अतिथियों का स्वागत पुष्पहार एवं श्रीफल भेंट कर किया।  

Dakhal News

Dakhal News 6 January 2018


फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. कॉन्क्लेव में इंदौर घोषणा पत्र जारी

फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. कॉन्क्लेव का समापन “इंदौर घोषणा पत्र’’ के साथ करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के अप्रवासी भारतीयों की समस्याओं के समाधान के लिये एनआरआई सेल का गठन करेगी, जो सिंगल विन्डो के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. से प्रदेश के ब्रान्ड एम्बेसेडर के रूप में काम करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि जो लोग देश और विदेश में उल्लेखनीय कार्य कर प्रदेश को गौरवान्वित करेंगे, उन्हें मध्यप्रदेश सरकार प्रति वर्ष “मध्यप्रदेश रत्न’’ का अवार्ड प्रदान करेगी।  मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उनकी 2015 में की गई अमेरिका यात्रा के बाद फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. कान्क्लेव आयोजित करने का विचार आया था। इसी कड़ी में इस कान्क्लेव का आयोजन किया गया है। यह प्रक्रिया आगे भी जारी रखी जायेगी। अगले वर्ष 2019 में जनवरी माह की 4 एवं 5 तारीख को कान्कलेव आयोजन पुन: किये जाने की घोषणा भी की। श्री चौहान ने कहा कि इस समिट में आये 23 देशों के मित्रों द्वारा जो सुझाव और प्रस्ताव दिये गये है, उन्हें एकजाई करने का काम किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. से सुझाव आमंत्रित करने के लिये एक पोर्टल भी बनाया जायेगा, जिसमे “टेलेंट-कूल्स’’ भी बनाया जायेगा, जिसके माध्यम से विषय विशेषज्ञ अपने सुझाव दे सकेंगे, जिनका परीक्षण कर सरकार उन पर अमल करेगी। मुख्यमंत्री ने प्रति माह मध्यप्रदेश की गतिविधियों से फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. को अवगत कराने के लिये एक न्यूज लेटर जारी करने तथा सभी प्रदेश के एन.आर.आई का डाटाबेस तैयार करने की बात भी कही।   मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य देशों में फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. चेप्टर गठित किये जायेंगे। उन्होंने चेप्टर के माध्यम से उन देशों में विभिन्न कार्यक्रम के आयोजन करने की सलाह भी दी और कहा कि अगर आप लोग हमें आमंत्रित करेगे तो वह स्वयं या प्रदेश के प्रतिनिधि उसमें अवश्य भागीदारी दर्ज करायेंगे। मुख्यमंत्री ने  फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. के सदस्यों से उनके देशों में एक नवम्बर मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने तथा 2 जुलाई को पर्यावरण संरक्षण के लिये पौधरोपण करने की सलाह भी दी।  कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने अपनी बात  ‘एहसान मेरे दिल पर तुम्हारा है दोस्तों ये दिल तुम्हारे प्यार का मारा है दोस्तों’’ गीत सुनाकर की। इस अवसर पर प्रदेश के उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, सहकारिता राज्य मंत्री श्री विश्वास सारंग, महापौर इंदौर श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, प्रमुख सचिव उद्योग श्री मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस.के. मिश्रा, आयुक्त जनसम्पर्क श्री पी.नरहरि सहित अन्य गणमान्य अतिथिगण उपस्थित थे। 

Dakhal News

Dakhal News 4 January 2018


एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज

एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेशवासियों को नव-वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई दी हैं। श्री चौहान ने कामना की है कि नया वर्ष सबके जीवन में सुख-समृद्धि, रिद्धि-सिद्धि लाये। सबके घर-आँगन खुशियों से भर जायें।  मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सन्देश में कहा है कि मध्यप्रदेश और  देश के विकास में सभी वर्ग अपनी सक्रिय भागदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने नागरिकों का आव्हान किया है कि नव-वर्ष में अपनी नागरिकता के कर्तव्यों के पालन का संकल्प लें। संकल्पित हों कि नये वर्ष में  केवल अपने लिये नहीं, बल्कि अपने देश, प्रदेश और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ दायित्वों का निर्वहन करेंगे। श्री चौहान ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि 'सबका साथ - सबका विकास' के मूल-मंत्र के साथ , नई ऊर्जा और उत्साह के साथ निरंतर आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे। 

Dakhal News

Dakhal News 31 December 2017


एसपी भदौरिया

 तिलक सिंह नए एसपी  एमपी के अशोकनगर थाना परिसर में एएसआई सतीश चंद्र रघुवंशी द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में शासन ने पुलिस अधीक्षक डीएस भदौरिया को हटा दिया है। उनके स्थान पर छिंदवाड़ा छठवीं वाहिनी के सेनानी तिलक सिंह को अशोकनगर का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। शासन ने गुरुवार को भदौरिया सहित भारतीय पुलिस सेवा के पांच अधिकारियों की नई पदस्थापना आदेश जारी किए हैं। नौवीं वाहिनी रीवा के एपी सिंह को आरएपीटीसी इंदौर, अनुराग शर्मा सहायक पुलिस महानिरीक्षक पीएचक्यू को 32वीं वाहिनी उज्जैन एवं एमएल सोलंकी 35वीं वाहिनी मंडला को पुलिस मुख्यालय पदस्थ किया गया है। इनके अलावा राज्य शासन ने भारतीय पुलिस सेवा के तीन अधिकारियों की पदस्थापना की है। इनमें सहायक पुलिस अधीक्षक ग्वालियर निवेदिता गुप्ता को अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) ग्वालियर, सहायक पुलिस अधीक्षक जबलपुर अखिल पटेल को अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) लांझी बालाघाट और सहायक पुलिस अधीक्षक ग्वालियर आशुतोष बागरी को अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) रतलाम भेजा गया है।

Dakhal News

Dakhal News 29 December 2017


दंतेवाड़ा

दंतेवाड़ा के  किरंदुल और बचेली थाना से तीन दिन पहले निकली ज्वाइंट फोर्स शुक्रवार को पीड़िया पहाड़ी पर पहुंची तो वहां कैंप कर रहे नक्सली भाग खड़े हुए। फोर्स को कैंप से दैनिक उपयोग की सामग्रियों के साथ नक्सल साहित्य मिले हैं। फोर्स टेंट सहित सामग्रियों को मौके पर जला दिया। फिलहाल फोर्स मुख्यालय नहीं लौटी है। जानकारी के अनुसार डीआरजी, एसटीएफ, सीआरपीएफ और जिला बल की संयुक्त किरंदुल और बचेली से बुधवार को सर्चिंग के लिए बीजापुर से लगे सरहदी इलाके में निकली थी। दो दिन के बाद शुक्रवार को टीम जब पीड़िया पहाड़ी में थी, तभी वहां नक्सली टेंट नजर आया। जब घेराबंदी करते मौके तक पहुंचे तो वहां से नक्सली फरार हो चुके थे। सूत्र बता रहे हैं कि इस दौरान दोनों ओर से किसी तरह की फायरिंग नहीं हुई। मौके पर फोर्स को नक्सल साहित्य सहित दैनिक उपयोग की वस्तुएं और बर्तन आदि मिले हैं। जिन्हें मौके पर ही जला दिया गया गया। अधिकारी बता रहे हैं कि टीम अभी जंगल में ही मौजूद है। कैंप ध्वस्त करने की पुष्टि करते नक्सल आपरेशन एएसपी जीएन बघेल ने कहा कि टीम के वापस लौटने के बाद विस्तृत जानकारी मिल पाएगी।      

Dakhal News

Dakhal News 29 December 2017


 नीति आयोग के सदस्य  रमेशचंद्र

  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से आज नीति आयोग के सदस्य श्री रमेशचंद्र ने भेंट की। इस दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश शासन की भावांतर भुगतान योजना की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नीति आयोग के सदस्य से प्रदेश में चल रही अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में भी चर्चा की। साथ ही, किसान हितैषी भावांतर भुगतान योजना की जानकारी दी। इस मौके पर श्री रमेशचंद्र ने योजना की सराहना करते हुये कहा कि संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर वे इसका समग्र अध्ययन करेंगे। इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीना, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 28 December 2017


 रानी कमलापति की विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी

मुख्यमंत्री द्वारा बीसवीं राष्ट्रीय वनवासी खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि रानी कमलापति की विशाल प्रतिमा भोपाल में स्थापित की जाएगी। आजादी के आंदोलन में वनवासियों के संघर्ष और बलिदान का स्मरण करते हुये कहा कि आजादी की लड़ाई में वनवासी समाज ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर शहीदों की स्मृति से प्रेरणा लेने के लिए प्रदेश सरकार ने वनवासी वीरों के स्मारकों का निर्माण करवाया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज कमला देवी पब्लिक स्कूल भोपाल में आयोजित बीसवीं राष्ट्रीय वनवासी खेल प्रतियोगिता के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने इस अवसर पर बिरसा भगवान, वीर टंट्या भील, भीमा नायक, रघुनाथ शाह, शंकर शाह, रानी दुर्गावती और कमलापति के संघर्ष और बलिदान का स्मरण किया। उन्होंने वनवासी कल्याण परिषद के संस्थापकों का स्मरण करते हुए देश में 3 हजार से अधिक खेल केंद्रों के संचालन, शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा के क्षेत्र में परिषद की भूमिका की सराहना की। मुख्यमंत्री ने प्रारंभ में ध्वजारोहण कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया और स्मारिका अरण्याजंली का विमोचन किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने खिलाड़ियों का आव्हान किया कि खेल भावना के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। साथ ही आश व्यक्त की कि ओलंपिक खेलों में तीरंदाजी का स्वर्ण पदक भारत के खिलाड़ियों को शीघ्र ही मिलेगा। श्री चौहान ने कहा कि तीरंदाजी के प्रशिक्षण की उत्कृष्टतम सुविधा उपलब्ध कराने और महाकौशल के जनजातीय तीरंदाजों को प्रतिभा निखारने का अवसर देने के लिए जबलपुर में तीरंदाजी एकेडमी की स्थापना की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रतियोगिता में आए सभी खिलाड़ी राज्य के मेहमान हैं। इन खिलाड़ियों को समय की उपलब्धतानुसार भोपाल और आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण करवाया जाये। खेल मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि प्रतियोगिता में शामिल होने वाले खिलाड़ियों के प्रदर्शन की मध्यप्रदेश तीरंदाजी एकेडमी के कोच समीक्षा करेंगे। प्रतियोगिता में प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का एकेडमी में चयन किया जाएगा। उन्होंने खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की अपेक्षा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश की तीरंदाजी एकेडमी उत्कृष्टतम है। एकेडमी में मध्यप्रदेश के 80 प्रतिशत और देश के अन्य क्षेत्रों के 20 प्रतिशत खिलाड़ियों को तीरंदाजी प्रशिक्षण की सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने प्रतियोगिता के आयोजन के लिए वनवासी कल्याण परिषद को बधाई देते हुए कहा कि खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसमें परिषद के सहयोग की भी अपेक्षा है। कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री कृपा प्रसाद सिंह ने कहा कि नए भारत के निर्माण में वनवासी समुदाय का योगदान प्रमुख है। नवीन भारत के निर्माण में जिस तरह मध्यप्रदेश की सरकार प्रयास कर रही है, उसी तरह का कार्य वनवासी अंचल में परिषद द्वारा खेल के क्षेत्र में किया जा रहा है। नवीन भारत का जो सपना स्वामी विवेकानंद ने देखा था, उसे ही साकार करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रतियोगिता के शुभारंभ की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में तीरंदाजी का महत्वपूर्ण स्थान है, इसलिये तीरंदाज तेल में देखकर मछली की आँख भेदने को ही अपना लक्ष्य बनाएं। तीरंदाजी के ओलंपियन खिलाड़ी  श्री मंगल सिंह ने अपने अनुभवों से खिलाड़ियों को  निरंतर प्रयास के लिए  प्रेरित किया।  खिलाड़ी को हार कर बैठना नहीं चाहिए।  गलतियों से सबक लेकर  निरंतर मेहनत करनी चाहिए।  उन्होंने बताया कि  मात्र  8 महीने के प्रशिक्षण में वर्ष 1998 की  एशियन गेम्स प्रतियोगिता में उनका चयन हो गया था। उस समय वह प्रतियोगिता के सबसे युवा खिलाड़ी थे किन्तु अगले 7 वर्षों तक उनका भारतीय टीम में  चयन भी नहीं हो सका। लेकिन निरंतर  प्रयास करते रहे। उन्होंने बताया कि आज  दुनिया की विभिन्न प्रतियोगिताओं के पदक उनके पास हैं। तीरंदाजी के विश्व कीर्तिमान की बराबरी करने के साथ ही  विश्व कप प्रतियोगिता के 4 स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि भी उनके खाते में है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अतुल जोग ने बताया की 33 टीमें प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं। इनमें आधुनिक खो-खो के 223 और तीरंदाजी के 316 खिलाड़ी शामिल हैं। इनमें 89 महिला खिलाड़ी हैं। उन्होंने बताया कि  भोपाल शहर में  300 से अधिक तीरंदाजों की उपस्थिति का  नया कीर्तिमान  बना है  जिसे गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कर लिया गया है ।स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री संजय शाह ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि वनवासी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने के लिए प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। प्रारंभ में खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में शामिल होने की शपथ दिलाई गई। खिलाड़ियों द्वारा मार्च पास्ट का आयोजन किया गया। सुश्री अनमोल सक्सेना ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और खिलाड़ी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय वनवासी खेल प्रतियोगिता का आयोजन 28 से 31 दिसंबर तक भोपाल में किया जा रहा है। प्रतियोगिता का आयोजन वनवासी कल्याण परिषद मध्यप्रदेश द्वारा अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के तत्वाधान में किया गया है। इस प्रतियोगिता में अंडमान निकोबार, आंध्रप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, आसाम, बिहार, छत्तीसगढ़, दादर नागर हवेली, दक्षिण बंगाल, दक्षिण आसाम, देवगिरी, गोवा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जशपुर नगर, झारखंड, कर्नाटक, कोंकण, महाकौशल, मणिपुर, उड़ीसा, पश्चिम महाराष्ट्र, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर बंगाल, उत्तरप्रदेश, विदर्भ और मध्य भारत की टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता का आयोजन कमला देवी पब्लिक स्कूल, करोंद, भोपाल में किया गया है।  

Dakhal News

Dakhal News 28 December 2017


बीड़ी बनाने वाले हाथ अब बेल रहे खुशबू

  सागर जिले के मालथौन विकासखण्ड के ग्राम बरोदिया चंद्रपुर की स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने सदियों पुरानी बीड़ी बनाने की पंरपरा को तोड़ते हुये रोटी कमाने का नया जरिया शुरू किया है। इस गाँव में 150 से अधिक परिवार हैं, जो खेती के साथ-साथ बीड़ी बनाने का काम करते हैं। इस गाँव में 4 महिला स्व-सहायता समूहों का आजीविका मिशन के अंतर्गत गठन किया गया है। लक्ष्मी समूह में 12 महिलायें, शारदा और सीता समूह में 11-11 महिलायें, एवं जय माता समूह में 12 महिलायें समूह से जुड़ी हैं। ये महिलायें अपनी साप्ताहिक बैठक में 10 रूपये की बचत कर अपने खाते में जमा करती हैं।  लक्ष्मी समूह की सदस्य है प्रेमरानी अहिरवार। यह मिडिल स्कूल परीक्षा पास है। इसे बीड़ी बनाने में तम्बाकू की धांस से सिर दर्द, आँखों में जलन और बदन दर्द होता है। इस कार्य से जुड़ी ज्यादातर महिलाओं को आखों की कमजोरी, बदन दर्द और कमजोरी की लगातार शिकायतें रहती है। आजीविका कमाने के लिये उन्हें दूसरा विकल्प नहीं सूझ रहा था। आजीविका मिशन के माध्यम से इन महिलाओं को अगरबत्ती बनाकर आजीविका ब्रांड में बेचना अथवा बाईवेक सिस्टम के तहत् अगरबत्ती का निर्माण कर कच्ची अगरबत्ती को सीधा सप्लाई करने का काम बताया गया। समूह से जुड़ी 43 महिलाओं ने बीड़ी छोड़कर इस कार्य को अपनाया। उन्होने अगरबत्ती बनाने की मशीन खरीद ली हैं। मशीन से वे आसानी से 200 रूपया प्रतिदिन आमदनी प्राप्त कर रही है। समूह से जुड़ी सुलोचना अहिरवार, पुष्पा अहिरवार, वर्षा अहिरवार, उमेदी अहिरवार, शिवानी, अशोकरानी अहिरवार आदि महिला सदस्य अब अगरबत्ती बनाने के काम से खुश हैं। वे कहती है की हमारे घर मे अब खुशबू फैली रहती है। हमें अपने काम पर गर्व है। वे आजीविका मिशन से जुड़कर अगरबत्ती के साथ-साथ आजीविका के नये आयाम भी शुरू करना चाहती हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 24 December 2017


भोपाल गैंगरेप

भोपाल में  31 अक्टूबर को हुए छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म  के चारों दोषियों को शनिवार की दोपहर मरते दम तक कैद और 80 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। विशेष न्यायाीश फास्ट ट्रैक कोर्ट सविता दुबे ने यह फैसला सुनाया। मामले की गंभीरता और आरोपियों पर लगाई गई धाराओं को देखते हुए सरकारी वकील रीना वर्मा और पीएन सिंह ने कोर्ट से आरोपियों को कड़ी सजा देने की अपील की थी। इस मामले में करीब 28 गवाहों के बयान दर्ज हुए। चार्जशीट दाखिल होने के 38 दिन में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। सजा के एलान के करीब दस मिनट पहले शक्तिकांड के दोषी गोलू उर्फ बिहारी (25), अमर उर्फ घुंटू (25), राजेश उर्फ चेतराम (50) और रमेश उर्फ राजू को कोर्ट में लाया गया। जहां सरकारी वकील और बचाव पक्ष की वकील इंदु अवस्थी मौजूद थीं। जज ने आरोपियों को मरते दम तक कैद और 80 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। इसमें से 60 हजार स्र्पए शक्ति को प्रतिकार राशि के रूप में दिए जाएंगे। बाकी 20 हजार सरकारी खजाने में जमा होंगे। इससे पहले शक्ति को शासन की ओर से तीन लाख स्र्पए की प्रतिकार राशि अदा की जा चुकी है। कोर्ट ने कमेंट किया कि शक्तिकांड में शक्ति ने साहस पूर्वक समस्त परिस्थितियों का सामना किया है। शुरुआत से ही शक्ति को पुलिस द्वारा रिपोर्ट तक दर्ज करने का सहयोग नहीं था। पुलिस के उदासीन रवैये के कारण शक्ति और उसके माता-पिता ने साहस दिखाया और आरोपियों के खिलाफ पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के लिए विवश किया। कोर्ट ने पुलिस को आड़े हाथों लेते हुए तल्ख लहजे में कहा कि जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहां देवता निवास करते हैं। जहां महिलाएं पीड़ित होती है वहां कुल का नाश होता है। बचाव पक्ष के वकीलों ने आरोपियों के लिए उदारता पूर्वक रवैया अपनाकर सजा सुनाए जाने का निवेदन किया था। जिस पर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि इस प्रकार के घटनाक्रम से कई बार लोग सामने आकर भी उल्लेख नहीं कर पाते। कम उम्र में यौन हादसों से बच्चियां जीवनभर किसी पर भरोसा नहीं करतीं। दुष्कर्म कोई साधारण अपराध नहीं। पीड़िता की मां ने आरोपियों को सुनाई गई सजा पर संतोष जताते हुए कहा कि उनकी बेटी ने अपने आप को संभाल कर आगे बढ़ना शुरू किया है। उस रात जो हुआ उसे वह भुलाने की कोशिश कर रही है। हम उसे समझा रहे हैं कि वह इस घटनाक्रम को एक हादसा मानकर भूल जाए और आगे बढ़े। वह अब इस मामले की कभी बात भी नहीं करती है। फैसले में भी उसकी कोई दिलचस्पी नहीं थी। घटना के बाद वह अपने रूटीन की तरफ लौट रही है। उसने पढ़ना-लिखना शुरू कर दिया है। घटना ने उसे तोड़कर रख दिया था। फैक्ट फाइल -31 अक्टूबर को शक्तिकांड हुआ -1 नवबंर को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई -15 नवबंर को जीआरपी हबीबगंज पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया -16 नवबंर को मामला जिला न्यायाीश शैलेंद्र शुक्ला के पास पहुंचा -16 नवबंर को ही न्यायाीश सविता दुबे की कोर्ट में मामले को भेजा गया। -20 दिसंबर को मामला ट्रायल प्रोग्राम में पेश किया गया। -21 दिसंबर से लगातार सुनवाई शुरू हुई। -28 गवाहों के बयान दर्ज हुए। -200 पेज का चालान पेश हुआ, 60 कागजी दस्तावेज को रिकॉर्ड में मिलाया गया।  

Dakhal News

Dakhal News 24 December 2017


shivraj singh

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हर वर्ष साढ़े सात लाख युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जायेगा। साथ ही उन्हें स्वरोजगार के लिये वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जायेगी। इससे वे रोजगार पाने और स्वरोजगार स्थापित करने के काबिल बन सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ युवा सशक्तिकरण मिशन की समीक्षा कर रहे थे। इस मौके पर रोजगार बोर्ड के अध्यक्ष श्री हेमंत विजयराव देशमुख, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिये उन्हें हुनरमंद बनाना आवश्यक है। इसके लिये प्रतिवर्ष साढ़े सात लाख युवाओं को विभिन्न प्रकार का रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश दिये हैं जिसमें रोजगार की शत-प्रतिशत संभावनाएं हों। उन्होंने कहा कि हर जिले में रोजगार एवं स्वरोजगार मेले आयोजित किये जायें। इनमें युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार संबंधी समुचित जानकारी दी जाये। साथ ही युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न कम्पनियों को भी आमंत्रित किया जाये। उन्होंने प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर बताया गया कि मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन एवं मुख्यमंत्री कौशल्या योजना के अंतर्गत तीन लाख दस हजार युवाओं को अल्पावधि का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इनमें आईटीआई, कौशल विकास केन्द्र, इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक कॉलेज, प्रशासकीय विभाग एवं अन्य अर्द्धशासकीय संस्थानों में प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षण के लिये संथाओं को दो लाख 42 हजार 580 रुपये धनराशि के कार्यादेश भी जारी किये जा चुके हैं। इसी तरह, रोजगारोन्मुखी शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिये हाई स्कूलों एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा भी शुरू की जायेगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री प्रभांशु कमल, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्री संजय बंदोपाध्याय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री विवेक अग्रवाल उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 21 December 2017


मिठाई कलाकंद

इंदौर के पास पहाड़ियों से घिरे कालाकुंड गांव की महिलाओं ने मजबूरी में शुरु किये गये रोजगार को अपनी मेहनत से शहरों तक पहुंचाकर ब्रांड बना दिया। आज इंदौर के पास का यह गांव अपनी खूबसूरती से ज्यादा वहाँ के कलाकंद की वजह से प्रसिद्ध हो चुका है। यहां कलाकंद बनाने से लेकर बेचने तक की सारी कमान महिलाओं के हाथ में है। कम आबादी वाले इस गांव में पहुंचने के लिये एक ही साधन है मीटर गेज ट्रेन। ट्रेन से कालाकुंड पहुंचते ही यहां छोटे से स्टेशन पर गाड़ी रुकते ही प्लेटफॉर्म पर दो-तीन हाथ ठेलों में लोग पलास के पत्तों के ऊपर सफेद रंग की खाने की चीज बेचते दिख जाते हैं। यही हैं यहां के गिने-चुने रोजगार में से एक कालाकुंड का प्रसिद्ध कलाकंद।  कालाकुंड में आजीविका के नाम पर अगर कुछ है तो लकड़ी काटकर बेचना और कुछ दुधारु पशु। दूध बाहर भेजने के लिये ट्रेन पर ही निर्भर रहना पड़ता था। परेशानी देख गांव के पशुपालक परिवारों ने दूध का कलाकंद बनाकर स्टेशन पर बेचना शुरु किया। चुनिंदा ट्रेन गुजरने की वजह से ये रोजगार भी सिर्फ पेट भरने तक ही सीमित रहा।  मगर पिछले दो साल में जो हुआ वो चौंकाने वाला था। गले तक घूँघट करके झाड़ू-बुहारी और घर का चूल्हा चौका करने वाली गांव की कुछ महिलाओं ने अपने पुरूषों के पुश्तैनी व्यवसाय की कमान को अपने हाथों में ले लिया। दस महिलाओं का समूह बनाया और इसे संगठित व्यवसाय की शक्ल दे दी। गांव की महिलाओं ने कालाकुंड के कलाकंद को एक ब्रांड बनाया। अच्छी पैकेजिंग शुरू की, पलास के पत्तों की जगह अब सुंदर बॉक्स ने ले ली। महिला समूह ने अब ये बॉक्स बंद कलाकंद इंदौर-खंडवा रोड के कुछ खास ढाबों और होटलों पर बिक्री के लिये रखा। परिणाम यह हुआ कि महिला समूह जितना भी कलाकंद बनाता है, वह सब हाथों हाथ बिक जाता है। महिलाओं को ये राह दिखाई इलाके में जल संग्रहण का काम कर रही एक संस्था नागरथ चेरीटेबल ट्रस्ट ने। ट्रस्ट के प्रोजेक्ट प्रभारी सुरेश एमजी ने जब कलाकंद का स्वाद चखा तो महिलाओं को सलाह दी कि वे अपने इस हुनर को बड़े व्यवसाय में तब्दील करें। ट्रस्ट की मदद से जब महिलाओं का व्यवसाय चलने लगा और डिमांड बढने लगी तो इंदौर जिला प्रशासन ने महिलाओं की मदद के लिये इस व्यवसाय को आगे बढाने की रुपरेखा तैयार की। समूह को तत्काल डेढ़ लाख रुपये का लोन दिया गया। लोन की रकम हाथ आते ही मानों समूह की उडान को पंख लग गये। कलाकंद बनाने के लिये बड़े बर्तन, रसोई गैस आ गई। पैकेजिंग मटेरियल में सुधार होने लगा। विज्ञापन और प्रचार के लिये बड़े-बड़े होर्डिंग लग गये। अब महिलाएं आसपास के इलाके से भी अच्छी गुणवत्ता का दूध खरीदने लगी। जिला प्रशासन ने महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिये गाय एवं भैंस दी। इससे वो खुद दूध का उत्पादन करने लगी। अब पहाडों के बीच छोटे से स्टेशन पर बिकने वाला कलाकंद हाईवे पर आ चुका है। महिलाओं की बढ़ती रुचि को देखते हुऐ जिला प्रशासन ने हाईवे पर दो साल में एक के बाद एक तीन स्टोर खोल दिये। जहां बस रुकवाकर यात्री कलाकंद खरीदते हैं। हाल ही में इंदौर के दो प्रसिद्ध पुराने 'खजराना गणेश'' और 'रणजीत हनुमान'' मंदिर पर कलाकंद स्टोर्स खोले जा चुके हैं। समूह की अध्यक्षा प्रवीणा दुबे और सचिव लीलाबाई ने बताया, हमें तो एक समय यकीन करना ही मुश्किल हो रहा था कि गांव का कलाकंद चौरल के मुख्य मार्ग की दुकान पर बिक रहा है। मगर आज जब इंदौर जाकर हमारे स्टोर पर लोगों को कलाकंद खरीदते हुए देखते हैं, तो खुशी की कोई सीमा नहीं रहती।समूह के स्वादिष्ट मिठाई की माँग देखते हुऐ अभी और उत्पादन बढ़ाने की तैयारी चल रही है। एक क्विंटल मिठाई हर दिन बनकर यहां से अलग-अलग स्टोर्स पर बेची जा रही है। डिमांड लगातार बनी हुई है। आज इलाके की पहचान दूर-दूर तक होने लगी है।

Dakhal News

Dakhal News 21 December 2017


ओंकारेश्वर वेदान्त दर्शन

उज्जैन में एकात्म यात्रा का शुभारम्भ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ओंकारेश्वर वेदान्त दर्शन के अदभुत केन्द्र के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर में आदिशंकराचार्य की प्रतिमा स्थापित कर उनके योगदान को चिरस्मरणीय बनाया जायेगा। समाज ठीक दिशा में चले, इसलिये सन्तों के नेतृत्व में आदिशंकराचार्य के अद्वैतवाद का प्रचार-प्रसार किया जायेगा। आज सनातन धर्म बचा है तो वह शंकराचार्य की देन है। वे न होते तो भारत का यह स्वरूप ही न होता। उन्होंने उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम को जोड़ा। सांस्कृतिक रूप से देश को एक किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यह बात आज उज्जैन में एकात्म यात्रा का शुभारंभ करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक अदभुत बात है कि बद्रीनाथ मन्दिर में केरल के नंबुरिपाद ब्राह्मण पुजारी हैं। द्वादश ज्योतिर्लिंग की कल्पना भी शंकराचार्यजी ने की। दुनिया के सामने आज जितने संकट हैं, उन सबका समाधान अद्वैत वेदान्त में है। शंकराचार्य सर्वज्ञ थे। ओंकारेश्वर में गुरू से ज्ञान प्राप्त कर वे भारत भ्रमण पर निकल गये और स्थान-स्थान पर शास्त्रार्थ कर अपनी विद्वता स्थापित की। वे सभी रूढ़ियों को समाप्त करने वाले सन्यासी थे। ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के दर्शन के माध्यम से सारी दुनिया को एक ही परिवार के रूप में मानना, प्राणियों को भी अपने समान दर्जा देना उनकी विशेषता थी। आदि शंकराचार्य ने कहा कि धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो। प्राणियों में सद्भावना हो। उन्होंने विश्व कल्याण का आव्हान किया और कहा कि एक ही चेतना सभी में है। कोई भी छोटा-बड़ा नहीं है। पशु, पक्षी, पेड़, पौधों सभी को उन्होंने एक समान माना। मुख्यमंत्री ने कहा कि एकात्म यात्रा में अद्वैत वेदान्त का प्रचार-प्रसार तो होगा ही, माता, बहनों, बेटियों का सम्मान करने की शिक्षा भी दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने बच्चियों के साथ दुराचार करने वालों को मृत्युदण्ड देने का प्रावधान किया है। एकात्म यात्रा के माध्यम से पर्यावरण बचाने, भेदभाव मिटाने का सन्देश भी दिया जायेगा। इसके पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, स्वामी परमात्मानन्द सरस्वती, स्वामी विश्वेरानन्द, सन्त रामेश्वरदासजी, स्वामी अतुलेश्वरानन्द सरस्वती एवं अन्य गणमान्य सन्तों द्वारा आदिशंकराचार्य के चित्र के संमुख दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इसके बाद पादुका पूजन किया एवं एकात्म यात्रा का ध्वज यात्रा के लिये सौंपा गया। कार्यक्रम में सभी सन्तों की ओर से स्वामी परमात्मानन्द एवं स्वामी विश्वेरानन्द द्वारा मुख्यमंत्री को रूद्राक्ष की माला पहनाकर आशीर्वाद दिया गया। आचार्य परिषद के सचिव सन्त परमात्मानन्द सरस्वतीजी ने कहा कि भारतीय संस्कृति वेद पर आधारित है और निरन्तर है। विश्व में कई संस्कृतियां खड़ी हुईं और नष्ट हो गईं, लेकिन भारतीय संस्कृति आज भी जीवित है। हमें इस संस्कृति का संवर्धन कर इसकी रक्षा करना होगी। हिन्दू धर्म ऐसा धर्म और संस्कृति है, जो सर्वग्राही है। द्वैत होने पर भी अद्वैत का दर्शन कराने वाली हमारी संस्कृति है। शंकराचार्य ने हमारे पारम्परिक व सामाजिक मूल्य को समृद्ध किया। मातृ देवो भव:, अतिथि देवो भव: के सिद्धान्त का पालन करते हुए शंकराचार्य ने सन्यास लेने के बाद भी परम्पराओं को तोड़ते हुए अपनी मां का अन्तिम संस्कार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने एकात्म यात्रा के माध्यम से आन्तरिक विकास करने का बीज स्थापित कर दिया है। सन्त विश्वेश्वरानन्दजी ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने अदभुत कार्य किया। वे सैकड़ों वर्ष पूर्व दक्षिण में जन्मे और ओंकारेश्वर में आकर उन्होंने सन्यास ग्रहण किया। तत्कालीन समय में हमारा देश विभक्त हो रहा था, उसको जोड़ने का काम उन्होंने किया। आदिशंकराचार्य की देन हमारे देश के तीर्थ हैं। जब हम बद्रीनाथ और रामेश्वरम जाते हैं तो उन्हें स्मरण करते हैं। सभी तीर्थों की पृष्ठभूमि में कोई है तो वह आचार्य शंकर हैं। उन्होंने देश की तीन बार पदयात्रा की। शास्त्रार्थ करके वैदिक धर्म की पुनर्स्थापना करने में उनका महती योगदान है। वे हमारे धर्म, संस्कृति के आधार स्तंभ हैं। चारों दिशाओं में स्थापित चारों मठों की सुरक्षा करने का दायित्व हमारा है। बत्तीस वर्ष की आयु में उन्होंने शरीर त्याग दिया। शंकराचार्य ने समाज को एक किया और समरसता प्रदान की है। एकात्म यात्रा के उज्जैन प्रखण्ड के प्रभारी श्री राघवेन्द्र गौतम ने बताया कि ओंकारेश्वर में 108 फीट ऊंची शंकराचार्य जी की मूर्ति की स्थापना होगी और इसके लिये धातु संग्रहण करने के लिये एकात्म यात्रा निकाली जा रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मौजूद सभी सन्तगणों का पुष्पहारों से नमन कर स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आदिशंकराचार्य के जीवन पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता देव परमार, आध्या द्विवेदी एवं सिद्धार्थ वर्मा को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार वितरित किया। इमली चौराहा अब शंकराचार्य चौराहा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने घोषणा की कि उज्जैन के इमली चौराहे का नामकरण अब शंकराचार्य चौराहा किया जायेगा। साथ ही यहां शंकराचार्य की आदमकद प्रतिमा भी स्थापित की जायेगी। मुख्यमंत्री ने ध्वज थामा कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने एकात्म यात्रा का ध्वज थामा। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह ने मंगल कलश थामा। कार्यक्रम के अध्यक्ष स्वामी विश्वेश्वरानन्दजी ने शंकराचार्यजी की चरण पादुकाएं थामी तथा भगवान आदि शंकराचार्य की एकात्म यात्रा का नेतृत्व किया। कार्यक्रम में सन्त श्री रामेश्वरदास, श्री अतुलेश्वरानन्द सरस्वती, श्री रामेश्वरदास तराना, श्री उमेशनाथजी महाराज, श्री रंगनाथजी महाराज, ब्रह्मकुमारी उषा दीदी, श्री दिग्विजयदास, श्री विष्णुदास, श्री कृष्णदास महाराज, श्री शेषानन्दजी महाराज, श्री राधेबाबा, श्री राघवदास महाराज, नित्यऋषि, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान, ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन, महापौर श्रीमती मीना जोनवाल, विधायक डॉ.मोहन यादव, श्री दिलीपसिंह शेखावत, श्री बहादुरसिंह चौहान, श्री मुकेश पण्ड्या, मेला प्राधिकरण अध्यक्ष श्री विजय दुबे, यूडीए अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल, मप्र पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष श्री तपन भौमिक, एकात्म यात्रा ग्रामीण प्रभारी श्री किशोर मेहता उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 21 December 2017


 नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना स्वीकृत

एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में भोपाल में सम्पन्न नर्मदा नियंत्रण मंडल की बैठक में 7 हजार 546 करोड़ रूपये लागत की नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना को स्वीकृति दी गई। मालवा अंचल के लिये नर्मदा-क्षिप्रा लिंक परियोजना, नर्मदा-गंभीर लिंक परियोजना और नर्मदा-कालीसिंध परियोजना के बाद यह चौथी महत्वाकांक्षी परियोजना है। इससे 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि सिंचाई परियोजनाओं के कार्य समय-सीमा में पूरे किये जायें। बैठक में बताया गयाकि नर्मदा क्षिप्रा लिंक परियोजना निर्मित हो चुकी है। इससे देवास और उज्जैन की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हुआ है। पचास हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता की नर्मदा गंभीर लिंक परियोजना का निर्माण कार्य जारी है। नर्मदा पार्वती लिंक परियोजना का निर्माण चार चरणों में पूरा होगा। प्रत्येक चरण में पचास हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता निर्मित होगी। इस परियोजना से सीहोर और शाजापुर जिले के 369 गांवों के किसान लाभान्वित होंगे। इस परियोजना के लिये इंदिरा सागर जलाशय से 1.08 मिलियन एकड़ फीट जल का उदवहन किया जायेगा। परियोजना में सिंचाई जल का वितरण भूमिगत पाइप लाइनों के माध्यम से किया जायेगा। प्रत्येक किसान को ढाई हेक्टेयर चक तक 20 मीटर दबाव से जल उपलब्ध होगा। इस प्रणाली से पानी मिलने पर किसान को खेत समतल करने की आवश्यकता नहीं होगी। दबावयुक्त जल से किसान स्प्रिंकलर तथा ड्रिप प्रणाली से कम जल से अधिक सिंचाई कर सकेगा। परियोजना के लिये केवल 8 हेक्टेयर भूमि का अर्जन किया जायेगा। बैठक में जल संसाधन एवं जनसंपर्क मंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा, कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री राकेश साहनी और मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह भी उपस्थित थे। नर्मदा परिक्रमा पथ पर बनेंगे 92 यात्री निवास बैठक में नर्मदा परिक्रमा पथ के 16 जिलों में आने वाले 1100 किलोमीटर लम्बे मार्ग पर 92 नर्मदा यात्री निवास निर्माण का अनुमोदन किया गया। इन पर 41 करोड़ 40 लाख रूपये व्यय होंगे। बैठक में समूह उदवहन माइक्रो सिंचाई परियोजना अम्बा रोडिया, बलकवाड़ा, चौड़ी जामनिया और सिमरोल अम्बाचंदन को स्वीकृति दी गई। इन परियोजनाओं की कुल लागत 312 करोड़ 24 लाख रूपये है। बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी.श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव नर्मदा घाटी विकास श्री रजनीश वैश्य, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन श्री आर.एस.जुलानिया, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री एस.के.मिश्रा सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 14 December 2017


हितेन्द्र भदौरिया

  हितेन्द्र भदौरिया रामकिशन बरार ग्वालियर शहर की ढ़लाननुमा बस्ती गोल पहाड़िया क्षेत्र में एक कच्ची पाटौर में अपने परिवार के साथ रहते थे। इस क्षेत्र में बरसात के मौसम में पाटौरों के धसकने की दुर्घटनायें हो चुकी थीं। तेज बारिश में जब बिजली कड़कती तो रामकिशन दम्पत्ति अपने बच्चों को सीने से लगा लेते थे। हाथ ठेला श्रमिक रामकिशन के लिये खुद का मकान तो एक सपना था। रोज सुबह 5 बजे रामकिशन अपना हाथ ठेला लेकर लक्ष्मीगंज सब्जीमंडी पहुँच जाते थे। दिन भर हाड़-तोड़ मेहनत कर कारोबारियों का माल इधर से उधर पहुँचाते थे। इससे जो मजदूरी मिलती उसी से परिवार का गुजारा चलता था। रामकिशन ने एक दिन टीवी पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के भाषण में सुना कि सरकार हर जरूरतमंद को मकान मालिक बनायेगी। यहीं से उनके मन में एक उम्मीद की किरण जागी।  रामकिशन ने नगर निगम कार्यालय पहुँचकर आवास के लिये आवेदन भर दिया। एकीकृत शहरी आवास एवं गंदी बस्ती विकास योजना के तहत उनका नाम पक्के आवास के लिये चयनित हुआ। इस योजना के तहत नगर निगम ने गेंडे वाली सड़क, बकरा मंडी में एक सर्वसुविधायुक्त मल्टी का निर्माण कराया। इसी मल्टी में रामकिशन को भी एक पक्का फ्लैट मिल गया। जब रामकिशन को मकान की चाबी मिली तो पूरे परिवार में खुशियाँ छा गईं। इस फ्लैट में एक बैडरूम, ड्राइंग रूम, शौचालय और रसोई सहित सभी बुनियादी सुविधायें उपलब्ध हैं। रामकिशन के बच्चों ने घर को सुंदर-सुंदर तस्वीरों से सजा लिया है। उनके बच्चे नजदीक के सरकारी स्कूल में पढ़ने जाते हैं। पाटौर का जितना किराया देते थे, उससे भी कम किस्त मकान के लिये उन्हें अदा करनी पड़ रही है। घर की चिंता दूर हुई तो रामकिशन अब दूने उत्साह के साथ काम करते हैं। जाहिर है उनकी आमदनी भी बढ़ गई है। देर शाम जब वो घर लौटते हैं तो कुछ फल और मिठाई भी लेते आते हैं। परिवार के साथ जब अपने पक्के घर में एक साथ भोजन करने बैठते हैं तो सारी थकान दूर हो जाती है। रामकिशन दम्पत्ति प्रदेश सरकार को दुआयें देते नहीं थकती।

Dakhal News

Dakhal News 14 December 2017


लालिमा रथ

एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मुख्यमंत्री निवास से लालिमा रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये रथ एनिमिया बाहुल्य ग्रामों में लालिमा योजना का सघन प्रचार-प्रसार करेंगे और जागरुकता लायेंगे। लालिमा योजना प्रदेश में किशोरी बालिकाओं और महिलाओं में एनिमिया उन्मूलन के लिये क्रियान्वित की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर कहा कि अधिक से अधिक बालिकाओं और महिलाओं को लालिमा अभियान का लाभ दिलाया जाये। इस अभियान में समाज सहयोग भी प्राप्त किया जाये। इस अवसर पर बताया गया कि लालिमा रथ प्रत्येक संभाग के एनिमिया बाहुल्य ग्रामों में भ्रमण करेंगे। जिन स्थानों पर रथ रुकेगा, वहां स्वास्थ्य जांच शिविर भी आयोजित किये जायेंगे। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस और प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास श्री जे.एन. कंसोटिया भी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 5 December 2017


भावांतर भुगतान योजना

गुना एवं नरसिंहपुर जिले में 8,31,54,510 रुपये भावांतर राशि वितरित  भावांतर भुगतान योजना के बारे में शुरू में जितनी भी अफवाहें फैलाई गई, वो सब बेअसर साबित हुई हैं। किसानों को कृषि उपज मंडियों में उनकी फसल की वाजिब कीमत के साथ-साथ समर्थन मूल्य और मॉडल रेट के अन्तर की राशि राज्य सरकार की ओर से भावांतर राशि के स्वरूप में सीधे बैंक खातों में प्राप्त हो रही हैं। किसान अब अफवाहों से सावधान हो गये हैं और अपनी उपज को गल्ला किसानों की दुकानों की बजाय सीधे कृषि मंडियों में लाकर सरकारी महकमें की देखरेख में बेच रहे हैं।  भावांतर भुगतान योजना के पहले चरण में 16 अक्टूबर से 30 अक्टूबर के बीच गुना जिले की कृषि उपज मंडियों में 3644 किसानों ने अपनी फसल बेंची। इन्हें व्यापारी द्वारा फसल का नगद भुगतान मंडी में ही मिला और भावांतर राशि कुल 4 करोड़, 62 लाख 54 हजार 510 रुपये बैंक खातों के माध्यम से मिली। इस योजना के अन्तर्गत नरसिंहपुर जिले में उक्तावधि में 2457 किसानों ने कृषि मंडियों में जाकर अपनी फसल बेची। इन्हें भी मंडियों में फसल का वाजिब दाम मिला। साथ ही 3 करोड़ 69 लाख रुपये भावांतर राशि बैंक खातों में भी मिली। गुना जिले के ग्राम मोड़का के किसान इन्द्रजीत चौहान को उनकी उड़द की फसल मंडी में बेचने पर अच्छी कीमत तुरंत मिली। साथ ही 1,12,879 रुपये भावांतर राशि बैंक खाते में मिली। इन्हें नहीं पता था कि बैंक खाते में पहुंची राशि किस कारण मिली है। इन्होंने बैंक जाकर पूछा तब मालूम हुआ कि यह मंडी में बेची गई फसल की भावांतर राशि है जो राज्य सरकार ने दी है। किसान इन्द्रजीत ने भावांतर राशि से अगली फसल की तैयारी शुरू कर दी है। गुना जिले के ही बृजमोहन यादव को 1,17,792 रुपये, अर्चना बाई को 1,12,368 रुपये, चन्द्रभान सिंह को 84,672 रुपये और कैलाशनारायण नागर को 94,968 रुपये भावांतर राशि मिली है। ये किसान इस राशि का इस्तेमाल अपने घरेलू खर्चों की प्रतिपूर्ति और अगली फसल की तैयारी में कर रहे हैं। भावांतर भुगतान योजना से ग्राम बढ़ैयाखेड़ा जिला नरसिंहपुर के किसान नरेन्द्र कुमार लोधी को 17.40 क्विंटल उड़द गोटेगांव मंडी में बेचने पर समर्थन मूल्य नगद मिला और भावांतर राशि 41,760 रुपये अलग से मिली। नरेन्द्र ने 2776 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से मंडी में अपनी उड़द बेची थी। नरेन्द्र की तरह ही प्यारेलाल लोधी को उड़द की फसल मंडी में बेचने पर तत्काल समर्थन मूल्य तो मिला ही, साथ ही भावांतर भुगतान योजना के अन्तर्गत 15,120 रुपये और ग्राम कन्हारपानी के कृषक डब्बूलाल लोधी को 71,160 रुपये भावांतर राशि मिली है। ये सभी किसान अब भावांतर भुगतान योजना के फायदे अच्छी तरह समझने लगे हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 5 December 2017


भावांतर योजना

अधिसूचित मंडियों में पंजीकृत किसानों द्वारा अधिसूचित फसलों के विक्रय पर नवीन दरों से मिलेगी राशि  भावांतर भुगतान योजना अन्तर्गत मध्यप्रदेश शासन ने किसान हितैषी निर्णय लेते हुए एक नवम्बर से 30 नवम्बर के दौरान बेची गई अधिसूचित फसलों के लिए नवीन औसत मॉडल दरें घोषित की है। शासन ने सभी कलेक्टरों को नवीन दरों के अनुसार पंजीकृत किसानों से अधिसूचित मंडियों में खरीदी गई अधिसूचित फसलों के लिए भावांतर राशि के भुगतान के निर्देश दिये हैं। निर्देशानुसार सोयाबीन, उड़द, मक्का, मूंग एवं मूंगफली की नवीन औसत मॉडल दरें घोषित की गई है। रामतिल एवं तिल की औसत मॉडल दरें पूर्वानुसार यथावत रखी गई हैं। प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा ने बताया है कि इस अवधि के लिए योजना की नियत प्रक्रिया एवं प्रावधानों के अनुसार गठित की गई उप समिति की अनुशंसा के क्रम में एक से 30 नवम्बर 2017 के लिये सोयाबीन की औसत मॉडल दर 2640 रुपये प्रति क्विंटल, उड़द की 3070 रुपये प्रति क्विंटल, मक्का की 1110 रुपये प्रति क्विंटल, मूंग की 4120 रुपये प्रति क्विंटल और मूंगफली की 3570 रुपये प्रति क्विंटल रहेगी। नवीन दरों के अनुरूप भावांतर की राशि का भुगतान किये जाने के निर्देश दिये गये है। रामतिल एवं तिल की औसत मॉडल दरें न्यूनतम समर्थन मूल्य से उक्त अवधि में अधिक रहने के कारण इन दोनों कृषि उपज पर भावांतर उक्त अवधि में देय नहीं होगा। मध्यप्रदेश शासन किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा आज जारी आदेशानुसार भावांतर भुगतान योजना में ऐसे समस्त पंजीकृत किसान जिनके द्वारा अधिसूचित फसलों (सोयाबीन, उड़द, मक्का, मूंग एवं मूंगफली) का विक्रय अधिसूचित मंडियों में एक से 30 नवम्बर 2017 की अवधि में किया गया है, उन्हें योजना के प्रावधानों एवं पात्रता के अनुसार भावांतर राशि का भुगतान किये जाने के लिये सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है। जिला स्तरीय समिति परीक्षण के बाद कृषकों को एसएमएस भेजेगी नवीन औसत मॉडल दरों के अनुसार कृषकों को भावांतर राशि कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा परीक्षण के बाद पात्रतानुसार पंजीकृत किसानों के खातों में जमा करवाई जायेगी। अधिसूचित मंडी प्रांगण में कृषि उपज का विक्रय करने वाले पंजीकृत किसानों को प्रावधानों के अनुसार गणना कर उन्हें दी जाने वाली भावांतर राशि की जानकारी उनके मोबाइल पर एसएमएस द्वारा भेजी जाएगी।  

Dakhal News

Dakhal News 5 December 2017


एनके सिंह बने 15वें वित्त आयोग के चेयरमैन

  तत्कालीन योजना आयोग के सदस्य रहे एन. के. सिंह को 15वें वित्त आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। एक सरकारी अधिसूचना के अनुसार यह आयोग दूसरे बिंदुओं के अलावा राज्यों और केंद्र पर जीएसटी लागू होने के वित्तीय असर का भी आंकलन करेगा। इस नवगठित आयोग को अपनी रिपोर्ट अक्टूबर 2019 तक प्रस्तुत करनी होगी। आयोग में आर्थिक मामलों के पूर्व सचिव शक्तिकांत दास, पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अशोक लाहिरी, नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद और अमेरिका की जॉर्जटाउन यूनीवर्सिटी के प्रोफेसर अनूप सिंह को सदस्य के तौर पर नियुक्त किया गया है। आयोग केंद्र व राज्यों की वित्तीय स्थिति, घाटे, कर्ज, नकदी संतुलन और वित्तीय अनुशासन के प्रयासों की समीक्षा करेगा। बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए वह सिफारिशें भी देगा। संविधान के अनुच्छेद 280 के अनुसार आयोग को केंद्र व राज्यों के बीच कर राजस्व के वितरण पर सिफारिशें देनी होती हैं। वह देश के कंसोलिडेटेड फंड में से राज्यों को अनुदान देने के लिए उचित सिद्धांत का भी सुझाव देगा। 15वें आयोग को जीएसटी के असर और पांच साल तक राज्यों को राजस्व क्षति के मुआवजे की व्यवस्था पर भी अपनी राय देनी है।  

Dakhal News

Dakhal News 28 November 2017


भांवातर भुगतान योजना

भांवातर भुगतान योजना में 1 लाख 55 हजार 942 पंजीकृत किसानों को 22 नवम्बर तक 248 करोड़ 30 लाख रूपये का भुगतान कर दिया जाएगा। यह भुगतान सीधे उनके खाते में किया जाएगा। किसानों को बैंक तथा भुगतान के संबंध में 2 एस.एम.एस प्रेषित किये जा रहे हैं। जिसके द्वारा बेची गई सामग्री तथा भुगतान योग्य राशि की जानकारी किसानों को दी जाएगी। यह जानकारी आज प्रमुख सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजौरा और म.प्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री फैज अहमद किदवई ने दी। डॉ. राजौरा ने बताया कि योजना में 1 लाख 55 हजार से अधिक किसानों का डाटाबेस तैयार हो चुका है। इससे मंडियो में आने वाली उपज की मात्रा में वृद्वि होगी और किसानों को फसल का बेहतर मूल्य मिलेगा। उन्होंने बताया कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश में सोयाबीन का बेहतर भाव मिल रहा है। योजना क्रियान्वयन के बारे में उत्तरप्रदेश, राजस्थान, उडीसा सहित 12 राज्यों ने जानकारी ली है। योजना क्रियान्वयन के पहले तथा क्रियान्वयन के बाद की दरों की तुलना से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भावांतर भुगतान योजना से बाजार में स्थायित्व आया है और किसानों को लाभ हुआ है। किसानों में योजना के लिए उत्सुकता है। श्री राजौरा ने बताया कि 16 से 30 अक्टूबर 2017 के मध्य समर्थन मूल्य और मॉडल विक्रय दर के अंतर की राशि सोयाबीन में 470 रूपये प्रति क्विंटल, मक्का में 235 रूपये प्रति क्विंटल, मूंग में 1455 रूपये प्रति क्विंटल, मूंगफली में 730 रूपये प्रति क्विंटल और उड़द में 2400 रूपये प्रति क्विंटल रही। योजना के अंतर्गत अधिसूचित मंडियों में सोयाबीन की मात्रा 4 लाख 44 हजार 260 मीट्रिक टन, मक्का 38 हजार 361 मीट्रिक टन, उड़द 26 हजार 210 मीट्रिक टन, मूंगफली 652.48 मीट्रिक टन और 134.47 मीट्रिक टन मूंग की आवक हुई है। किसानों की सुविधा के लिए अनुसूचित जनजाति बहुल जिलों में सुविधाजनक स्थानों पर मंडी सुविधा उपलब्ध करवायी गई है। कई जिलों में उपमंडियाँ भी संचालित की जा रही हैं। किसानो को मंडियों तथा फसल के भावों की जानकारी देने के लिए आकाशवाणी सहित अन्य प्रचार माध्यमों का सहयोग भी लिया जा रहा है। योजना में विभिन्न फसलों पर देय राशि की गणना की प्रक्रिया और जानकारी देने के लिए किसानों को विभाग की ओर से पेम्फलेट भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। कृषकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए कंट्रोल रूम भी लगातार सक्रिय है।  

Dakhal News

Dakhal News 11 November 2017


भावांतर भुगतान

मध्यप्रदेश शासन द्वारा भावांतर भुगतान योजना में पंजीकृत किसानों के खातों में भावांतर राशि जमा करवाने की प्रक्रिया निर्धारित कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि योजना में खरीफ-2017 में सोयाबीन, मूंगफली, उड़द, मूंग, मक्का में पंजीकृत किसानों द्वारा उत्पादित एवं मंडी प्रांगण में 16 से 30 अक्टूबर तक बेची गई उपज की पात्रता अनुसार भावांतर की राशि किसानों के खातों में जमा कराई जायेगी। योजना के पोर्टल पर राजस्व एवं कृषि उपज मंडी समिति द्वारा भरे गए डाटा के आधार पर निर्धारित विक्रय अवधि के मॉडल विक्रय दरों की गणना कर पोर्टल पर दर्ज पंजीकृत किसानों को भावांतर की कुल राशि किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड के खातों में राशि जमा कराई जायेगी। इस राशि को पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के क्रम में गणना अनुसार जिला-स्तर की कृषि उपज मंडी समितियो को भुगतान के लिये प्रदाय किया जायेगा। जिला-स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति योजना के अंतर्गत 16 से 30 अक्टूबर 2017 की अवधि के लिये औसत मॉडल (Wholesale) रेट घोषित किये गये हैं। इन औसत मॉडल दर के आधार पर योजना के प्रावधानों अनुसार भावांतर की गणना तथा भुगतान किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिये जिला-स्तर पर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। समिति के अन्य सदस्यों में उप जिलाध्यक्ष स्तर का कलेक्टर द्वारा नामांकित अधिकारी, उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ के जिला विपणन अधिकारी, म.प्र. राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक, राष्ट्रीय सूचना केन्द्र के जिला सूचना अधिकारी, लीड बैंक अधिकारी को सदस्य और जिला मुख्यालय की मंडी के सचिव को समिति का सचिव बनाया गया है। इस समिति द्वारा पोर्टल पर दर्ज जानकारी का सात दिवस में सत्यापन कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। सत्यापन की प्रक्रिया में यह ध्यान रखा जायेगा कि पोर्टल पर प्रत्येक पंजीकृत एवं लाभान्वित किसानों द्वारा प्रेषित राजस्व संबंधी जानकारी यथा- क्षेत्रफल, जिसमें अधिसूचित फसल की बोनी की गई है, का सत्यापन राजस्व अमले द्वारा कर लिया गया है। योजना के पोर्टल पर दर्ज किसानों द्वारा पंजीकृत बैंक खाते का क्रमांक एवं आईएफएस (IFS) कोड सही है। पंजीकृत एवं लाभान्वित होने वाले किसानों द्वारा नियत विक्रय अवधि में अधिसूचित फसल की कृषि उपज मंडी के भुगतान पत्रक अनुसार बिक्री की मात्रा एवं किसान के विक्रय दर की जानकारी का पोर्टल पर सही इन्द्राज किया गया है। समिति जिले में योजना अंतर्गत कृषि उपज विक्रय संख्या के दस प्रतशत संव्यवहार का रेण्डम तौर पर विश्लेषण करेगी। इस विश्लेषण का कृषक की अनुबंध पर्ची, तौल पर्ची, भुगतान पर्ची से मिलान किया जायेगा। यह भी देखा जायेगा कि नियत विक्रय अवधि में किसी भी पंजीकृत किसान द्वारा अधिसूचित फसल की बिक्री अधिसूचित मंडी में किये जाने पर मण्डी अभिलेखों के अनुसार किसी भी पात्र किसान की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करने से नहीं छूटी है। कृषि जलवायु क्षेत्र अंतर्गत योजना के लिये फसलवार, जिलेवार औसत उत्पादकता की पोर्टल पर सही जानकारी दर्ज कर संबंधित जिले की उत्पादकता की निश्चित सीमा तक विक्रय की गई फसल पर भावांतर की राशि की गणना की गई है। तय की गई प्रक्रिया के अनुसार पंजीकृत किसान द्वारा योजना में चयनित फसल को निर्धारित पात्रता से अधिक मात्रा में एक से अधिक सौदों में बेचा गया है, तो उसके सौदों के परस्पर विक्रय दर में से न्यूनतम दरों के सौदों के आधार पर पात्रता की नियत सीमा तक की मात्रा को मान्य कर भावांतर की राशि की गणना की जायेगी। पंजीकृत कृषक का खेत जिस जिले में स्थित है उसके द्वारा यदि अन्य जिले की मंडी में चयनित कृषि उपज का विक्रय किया गया है, तो जिस जिले में पंजीकरण किया गया है उस जिले से भावांतर की राशि का भुगतान किया जायेगा। जिला मुख्यालय की कृषि उपज मंडी समिति द्वारा भावांतर भुगतान योजना में भुगतान के लिये प्राप्त फण्ड को रखने हेतु राष्ट्रीयकृत बैंक में अलग खाता खोला जायेगा। इस खाते से किसानों के खाते में सीधे डिजिटल भुगतान किया जायेगा। जिला कलेक्टर इन सब तथ्यों की पुष्टि के लिये राजस्व और कृषि विभाग तथा कृषि उपज मंडी समिति के अमले का उपयोग कर सकेंगे। राष्ट्रीय सूचना केन्द्र द्वारा भावांतर भुगतान योजना के पोर्टल पर गणना के संबंध में पात्र एवं लाभान्वित हितग्राहियों को भुगतान किये जाने के संबंध में विशेष पासवर्ड तैयार कर प्रत्येक जिले की समिति में कलेक्टर जिला कार्यालय को उपलब्ध करवाया जाये। यह समिति उपरोक्तानुसार पुष्टि के बाद पंजीकृत एवं लाभान्वित किसानों की पोर्टल पर जानकारी की त्रुटि में सुधार किये जाने के लिये जिला कलेक्टर से अनुमति प्राप्त करने के बाद ही त्रुटि-सुधार करने के लिये सक्षम होंगी। पुष्टि एवं सत्यापन के बाद 20 नवम्बर तक सभी पंजीकृत एवं पात्र लाभान्वित किसानों के बैंक खातों में नियत भावांतर की कुल भुगतान राशि उनके द्वारा पंजीयन के समय पंजीयन कराये गये बैंक खाते में जमा करवाई जायेगी। राष्ट्रीय सूचना केन्द्र के माध्यम से भुगतान के समय पंजीकृत एवं लाभान्वित किसानों को उनके बैंक खाते में कुल भुगतान की गई राशि की जानकारी पंजीयन के समय उपलब्ध करवाये गये मोबाइल फोन पर एसएमएस द्वारा प्रदाय किये जाने की व्यवस्था जिला कलेक्टर द्वारा 20 नवम्बर के पहले सुनिश्चित की जायेगी। जिला स्तर की कृषि उपज मंडी समिति के कार्यालय द्वारा जिलों में पंजीकृत एवं लाभान्वित हितग्राहियों को भुगतान किये जाने के बाद पोर्टल पर जिले के पंजीकृत एवं लाभान्वित किसानों की सम्पूर्ण जानकारी हार्ड कॉपी में सुरक्षित रखी जायेगी। इसकी एक प्रति जिला कलेक्टर कार्यालय को समिति के सदस्यों के हस्ताक्षर सहित उपलब्ध करवाई जायेगी और एक प्रति मंडी बोर्ड को भेजी जायेगी। राष्ट्रीय सूचना केन्द्र द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि पोर्टल पर जिला-स्तर पर जिन पंजीकृत एवं लाभान्वित किसानों को भुगतान की प्रक्रिया पूरी हो गयी है उनके पोर्टल पर दर्ज समस्त रिकार्ड फ्रीज किये जायें। पंजीकृत कृषक द्वारा भावांतर भुगतान की राशि उसके खाते में जमा होने के 15 दिवस में किसी प्रकार की त्रुटि के लिये जिला कलेक्टर को अभ्यावेदन प्रस्तुत किया जा सकेगा। जिला कलेक्टर स्तर पर अभ्यावेदन के प्राप्ति दिनांक से 10 दिवस में निराकरण कर अभ्यावेदक को संसूचित किया जायेगा। ऐसे समस्त पंजीकृत एवं लाभान्वित किसान जिनको 2,000 रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है उनके प्रमाण-पत्र तैयार कर सार्वजनिक कार्यक्रम में वितरित किये जायेंगे ताकि योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। भुगतान की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर विवाद की स्थिति में योजना के प्रावधानों के अनुरूप एवं समय-समय पर जारी परिपत्रों की परिधि में रहते हुए भुगतान के संबंध में निर्णय लिये जाने के अधिकार जिला कलेक्टर को दिये गये हैं।

Dakhal News

Dakhal News 11 November 2017


भावांतर भुगतान

मध्यप्रदेश में भावांतर भुगतान योजना में पंजीकृत किसानों को खरीफ-2017 के लिये चिन्हित 8 जिन्सों को बेचने के लिये अगर खेत से 15 किलोमीटर या इससे अधिक दूरी पर स्थित कृषि उपज मण्‍डी/उप मण्‍डी तक फसल ले जाना पड़ेगा तो उसे प्रति किलोमीटर के आधार पर परिवहन व्यय मिलेगा। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा आज इस आशय के विस्तृत निर्देश जारी कर दिये गये हैं। परिवहन दर का निर्धारण जिला कलेक्टर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी तथा जिला स्तर की मण्‍डी के सचिव की समिति करेगी। परिवहन व्यय की राशि का भुगतान मण्‍डी निधि से किया जायेगा। परिवहन व्यय के लिये चयनित जिन्सों में सोयाबीन, मक्का, तिल, रामतिल, मूंगफली, मूंग, उड़द और तुअर शामिल हैं। परिवहन व्यय भुगतान की शर्तें और प्रावधान भी तय कर दिये गये हैं। शर्तों और प्रावधानों में प्रदेश के अधिसूचित आदिवासी क्षेत्र के जिलों में जिला प्रशासन एग्रीकेटर के तौर पर ट्रेक्टर-ट्राली/वाहन को अधिकृत करेंगे। अधिसूचित आदिवासी जिलों की सूची सभी संबंधितों को भेजी गई है। गैर आदिवासी क्षेत्रों के जिलों में कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा खुलवाये गये कस्टम हायरिंग सेन्टर के उपलब्ध ट्रेक्टर-ट्राली/वाहन से परिवहन का भुगतान किया जायेगा। कस्टम हायरिंग सेंटर की जिलेवार जानकारी कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय की वेबसाइट www.mpdag.org पर उपलब्ध है। परिवहन की गई फसल के मण्‍डी के दस्तावेजों के आधार पर विक्रय का सत्यापन करने के बाद संबंधित जिला कलेक्टर की समिति द्वारा निर्धारित की गई प्रति किलोमीटर परिवहन दर से निकटतम मंडी प्रांगण की दूरी का जहाँ फसल बेची गई है, परिवहनकर्ता को व्यय का भुगतान किया जायेगा। योजना की शर्तों में जिले की अन्य निकटवर्ती मण्‍डी में विक्रय किये जाने पर जिले की समिति द्वारा तय दर पर भुगतान किया जायेगा। एक बार में एक से अधिक किसानों के उत्पाद का एक ट्रेक्टर-ट्राली में सम्मिलित रूप से परिवहन किये जाने की स्थिति में परिवहनकर्ता को अधिसूचित क्षेत्र और गैर-धिसूचित क्षेत्र के जिलों के लिये लागू शर्तों के तहत परिवहन व्यय का भुगतान होगा। परिवहन व्यय का भुगतान मण्‍डी समिति द्वारा परिवहनकर्ता के खाते में डिजिटल पेमेंट के माध्यम से जमा कराया जायेगा।दो नवंबर तक प्रदेश के एक लाख 12 हजार से अधिक किसानों ने अपनी 32 लाख क्विंटल उपज का विक्रय अधिसूचित मंडियों में किया है। मुख्य सचिव ने ली बैठक भावांतर भुगतान योजना अंतर्गत राज्य शासन द्वारा 25 जिलों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की डयूटी लगाई गई है। ये अधिकारी उक्त जिलों का भ्रमण कर वहाँ की मंडियों की व्यवस्था तथा योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे। ये अधिकारी समीक्षा में पाई गई कमियों को जिला प्रशासन के माध्यम से दूर करवायेंगे। संबंधित अधिकारियों की बैठक मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह द्वारा आज ली गई। बैठक में नामांकित अधिकारियों को योजना के बारे में और निरीक्षण प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई।  

Dakhal News

Dakhal News 3 November 2017


उद्योग संवर्द्धन नीति

मंत्रि-परिषद के निर्णय मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को  हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद उद्योग संवर्द्धन नीति 2014 में संशोधन की मंजूरी दी गई। प्रदेश में वृहद निवेश प्रस्तावों को आकर्षित करने के लिए कर आधारित सुविधाओं के स्थान पर पूँजी निवेश, रोजगार सृजन एवं निर्यात संवर्द्धन को आधार बनाकर लागत पूँजी अनुदान की योजना 'निवेश प्रोत्साहन सहायता' के नाम से लाई गई है। इस सुविधा अंतर्गत 10 से 40 प्रतिशत तक लागत पूँजी अनुदान दिया जायेगा, जो छोटे निवेशकों को अधिकतम 40 प्रतिशत होगा। जबकि बड़े निवेशकों को 10 प्रतिशत के स्लेब में रखा गया है। वृहद रोजगार सृजन करने वाले एवं निर्यातोन्मुखी उद्योगों को निवेश प्रोत्साहन सहायता अंतर्गत अतिरिक्त सुविधा दी जायेगी। लोक निर्माण विभाग के 4633 अस्थाई पद स्थायी मंत्रि-परिषद ने लोक निर्माण विभाग के 4633 अस्थाई पदों को विभाग की आवश्यकता और निरंतरता को देखते हुए स्थायी करने का निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद ने कुण्डालिया वृहद सिंचाई परियोजना के विस्थापितों को विशेष पुर्नवास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया। परियोजना राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील में निर्माणाधीन है। इस विशेष पैकेज से 81 करोड 9 लाख का अतिरिक्त लाभ 5994 विस्थापित परिवारों को प्राप्त होगा। राज्य विधि आयोग का पुनर्गठन मंत्रि-परिषद ने राज्य विधि आयोग को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया। राज्य में विधि आयोग का पुनर्गठन कर उसके सुचारु संचालन के लिए 30 पद के सृजन की मंजूरी दी गई। मंत्रि-परिषद ने राज्य आनंद संस्थान की पद संरचना तथा कार्यपालन समिति की संरचना में परिवर्तन तथा संशोधन की मंजूरी दी। संस्थान के लिए अतिरिक्त 8 पद के सृजन की अनुमति दी गई। संस्थान की सामान्य सभा को कार्यपालन समिति की संरचना में बदलाव का अधिकार भी दिया गया। संस्था की उपविधियों में सभी आवश्यक संशोधन करने के लिए आवश्यक अधिकार सामान्य सभा को देने का निर्णय भी किया गया। मंत्रि-परिषद ने महाप्रबंधक परियोजना एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन का प्रस्ताव 2x660 मेगावाट की विद्युत परियोजना के लिए रेलवे पथ निर्माण के लिए तहसील सनावद जिला खरगोन के 21 ग्रामों की कुल 23.180 हेक्टेयर शासकीय भूमि वर्ष 2017-18 की कलेक्टर गाइड लाइन अनुसार प्रीमियम तथा उस पर 7.5 प्रतिशत भू -भाटक लेकर आवंटित करने का निर्णय लिया। मंत्रि-परिषद ने उच्च शिक्षा विभाग की प्रचलित योजना 'पुरस्कार एवं प्रोत्साहन योजना' को तीन वर्ष में अनुमानित व्यय भार 875 लाख की स्वीकृति एवं योजना को निरंतर रखने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने विमुक्त, घुमक्कड़ एव अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति के उत्थान के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाज सेवक को पुरस्कार योजना नियम 2014 का नामकरण 'संत श्री सेवालाल महाराज' करने की मंजूरी दी।  

Dakhal News

Dakhal News 11 October 2017


राहुल गांधी पहनाई साड़ी

कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी संघ में महिलाओं पर टिप्‍पणी कर विवादों में फंस गए हैं। उन्‍होंने मंगलवार को अपने विवादित बयान में कहा था कि क्‍या कभी आरएसएस शाखा में महिलाओं को शॉर्ट्स में देखा है? इस पर बुधवार को गुजरात के राजकोट में मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के नेतृत्व में भाजपा महिला कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान उनके हाथों में राहुल गांधी का एक पुतला था, जिसको साड़ी पहनाया गया था। राहुल गांधी मंगलवार को वड़ोदरा के महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों से संवाद कर रहे थे। एक छात्रा के सवाल पर उन्‍होंने वाराणसी में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि संघ और भाजपा की सोच ही ऐसी है कि महिला चुप रहे तब तक ठीक है। बोले तो चुप करा दो। वहीं इस दौरान ही राहुल गांधी ने पूछा, आपने कभी संघ की शाखा में महिलाओं को शॉर्ट्स में देखा है, मैंने तो नहीं देखा। राहुल गांधी यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा, संघ की नजर में महिलाओं के लिए कोई जगह नहीं है। संघ में एक भी महिला सदस्य नहीं हैं। इसी के साथ डभोई में आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए राहुल ने कहा, कांग्रेस शासित राज्य पंजाब व पुडुचेरी में आंगनवाड़ी में काम करने वाली महिलाओं को गुजरात से अधिक वेतन दिया जाता है। संघ पर राहुल गांधी की टिप्पणी के जवाब में गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन ने कहा कि कांग्रेस का स्वभाव ही ऐसा है। राहुल महिलाओं के कपड़ों पर ही नजर रखते हैं। आनंदीबेन ने राहुल से अपने शब्द वापस लेकर गुजरात की महिलाओं से माफी मांगने को भी कहा। उन्होंने कहा कि गुजरात कि महिलाएं संस्कारी व लघु उद्यम करने वाली हैं, स्वाभिमान से जीती हैं। राहुल ने ऐसी टिप्पणी कर उनका अपमान किया है। राहुल माफी नहीं मांगेंगे तो महिलाएं एकजुट होंगी और कांग्रेस बची-खुची सीटें भी खो देगी।  

Dakhal News

Dakhal News 11 October 2017


शिवराज के निवास पर दशहरा पूजा

  मुख्यमंत्री चौहान ने दी सबको शुभकामनाएं  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में आज निवास पर दशहरा की पूजा अर्चना की। श्री चौहान एवं उनकी धर्म पत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान ने वाहनों की पूजा की। उन्होंने सभी को विजयादशमी की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। श्री चौहान ने कहा कि यह पर्व आसुरी शक्तियों का विनाश करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेश की समृद्धि और नागरिकों की खुशहाली की मंगल कामना की। इस अवसर पर समस्त अधिकारी, कर्मचारी एवं सुरक्षा कर्मी उपस्थित थे। म.प्र. को भ्रष्टाचार मुक्त, गरीबी मुक्त, गंदगी मुक्त प्रदेश बनाने का आव्हान  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी नागरिक बंधुओं और श्रद्धालुओं को विजयादशमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि विजयादशमी समृद्धशाली भारतीय संस्कृति का प्रतीक पर्व है। जनमानस के आराध्य भगवान श्रीराम ने अहंकार के प्रतीक रावण का वध कर लंका विजय की थी। यह अपने अंदर की बुराईयों का दहन करने का अवसर है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विजयादशमी के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश को गंदगी मुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त, आतंकवाद मुक्त और गरीबी मुक्त प्रदेश बनाने का आव्हान किया है। श्री चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश का कायाकल्प शक्तिशाली, समृद्धशाली और पूर्ण रूप से विकसित प्रदेश के रूप में हो रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विकास के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता रहे, नागरिकों का जीवन समृद्धि और खुशहाली से भरपूर रहे, यही ईश्वर से प्रार्थना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी को दीपोत्सव की भी अग्रिम बधाईयाँ दी।  

Dakhal News

Dakhal News 30 September 2017


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी ने आज विदिशा में आयोजित नदी अभियान कार्यक्रम में कहा कि नदियां मानव जीवन का आधार हैं। इसलिये नदियों को बचाने के लिए आमजनों को भी साथ आना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को हम प्रचुर मात्रा में जल और अच्छा पर्यावरण विरासत में दें, इसके लिए सदगुरू श्री जग्गी वासुदेव के अभियान में सबको बढ़-चढ़कर भाग लेना होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विदिशावासियों से अपील की कि नर्मदा सेवा यात्रा की तर्ज पर बेतवा को बचाने के लिए सेवा यात्रा जरूर निकालें। बेतवा बरसाती नदी बनकर ना रह जाए। इसके लिए नदी के दोनो तरफ एक-एक किलोमीटर तक फलदार पौधे लगाए जाएंगे। श्री चौहान ने कहा कि निजी भूमिधारक कृषक भी इस काम में अपनी सहभागिता निभाएं। किसानों द्वारा अपनी निजी भूमि पर पौधे लगाने के लिये उन्हें पचास प्रतिशत अनुदान पर शासन पौधे मुहैया कराएगा और शुरू के तीन वर्षो तक संबंधित किसानों को राज्य सरकार द्वारा मुआवजा राशि भी दी जाएगी। नदी अभियान के संवाहक सदगुरू श्री जग्गी वासुदेव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने नदी अभियान को धरातल पर अवतरित करने के कार्यो में सबसे ज्यादा मदद की है। उन्होंने पौधो पर अनुदान देने की घोषणा को मील का पत्थर बताते हुए आग्रह किया कि अधिक से अधिक पौधे रोपे जाएं और उन्हें जीवित रखा जाए। फलदार पौधे लगाने एवं औषधीय खेती करने से जहां किसानों को अधिक मुनाफा होगा, वही पर्यावरण बेहतर बनेगा और नदियों में जल की प्रचुर मात्रा बनी रहेगी। सदगुरू ने लोगों से नदी अभियान से जुड़ने की अपील की। सदगुरू श्री जग्गी वासुदेव और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने श्री बाढ वाले गणेश मंदिर के समीप बने बेतवा नदी के तट पर पहुंचकर नदी की पूजा-अर्चना की। सदगुरू ने बेतवा नदी के साथ सेल्फी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान ने सदगुरू श्री जग्गी वासुदेव को स्मृति चिन्ह के रूप में सांची का स्तूप भेंट किया। श्री बाढ वाले गणेश मंदिर प्रागंण में हुए नदी अभियान कार्यक्रम में राज्यमंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा, विधायक श्री कल्याण सिंह ठाकुर, नगरपालिका अध्यक्ष श्री मुकेश टण्डन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री तोरण सिंह दांगी समेत जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए।

Dakhal News

Dakhal News 25 September 2017


जग्गी वासुदेव

  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने सदगुरू श्री जग्गी वासुदेव की नदी अभियान रैली के भोपाल पहुंचने पर आज यहां बैरागढ में सीहोर नाके के पास यात्रा का स्वागत किया। सदगुरू स्वयं रैली का नेतृत्व कर रह थे। सदगुरू रैली फार रिवर में स्वयं गाड़ी चलाते हुए बैरागढ से मुख्यमंत्री निवास तक आये। मुख्यमंत्री श्री चौहान और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान सदगुरू के साथ रैली में शामिल हुए। मुख्यमंत्री निवास पर श्री चौहान ने सदगुरू का स्वागत किया। सदगुरू के आग्रह पर श्री चौहान ने उन्हें गौशाला का भ्रमण कराया। सदगुरू ने मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना की। श्रीमती साधना सिंह  चौहान ने गौशाला प्रबंधन के बारे में जानकारी दी और स्थापना का इतिहास बताया।      

Dakhal News

Dakhal News 23 September 2017


भाजपा किसान मोर्चा ने मांगी राहत

भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ने सरकार से अल्पवर्षा के कारण उत्पन्न् स्थिति से निपटने के लिए तत्काल किसानों को राहत देने की मांग की है। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रणवीर सिंह रावत ने प्रदेश के सूखाग्रस्त जिलों में किसानों के हालात पर चिंता व्यक्त की और कहा कि मोर्चा किसानों को तत्काल राहत दिए जाने के लिए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला और तहसील मुख्यालयों पर अधिकारियों को सौंपेगा। रावत ने कहा कि 19 सितंबर को वे स्वयं भोपाल जिला किसान मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौपेंगे। किसान मोर्चा ने बर्बाद फसलों का सर्वेक्षण कराने, वसूली स्थगित करने, रोजगार मुहैया कराने और किसानों को जरूरी सहायता दिए जाने की मांग की है। रावत ने चर्चा में बताया कि किसानों ने खरीफ की फसल बोई थी, लेकिन समय पर बारिश न होने के कारण किसान का निवेश व्यर्थ चला गया है। वर्षाकाल का समय लगभग बीत चुका है। अल्पवर्षा के कारण किसानों के सामने कृषि को लेकर भीषण संकट उत्पन्ना हो गया है, इसलिए किसान को तत्काल राहत देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों चित्रकूट में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश में सूखे के हालात पर चर्चा करते हुए कहा था कि किसानों को संकट की घड़ी में हर संभव मदद की जाएगी।  

Dakhal News

Dakhal News 20 September 2017


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

"स्वच्छता ही सेवा'' अभियान समारोह में मुख्यमंत्री  चौहान   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  इंदौर में 'स्वच्छता ही सेवा'' अभियान के उपलक्ष्य में ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समारोह में कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण-2016 में इंदौर प्रथम स्थान पर आया है। इसके लिये इंदौर की जनता बधाई की पात्र है। मध्यप्रदेश शासन के लिये भी यह गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि देश में स्वच्छता में नंबर वन आना आसान नहीं है। इसलिये नम्बर वन बने रहने के सतत प्रयास किये जायें। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम आये हैं। वर्ष 2019 तक मध्यप्रदेश के सभी ग्रामों और शहरों को खुले में शौच से मुक्त करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता एक आंदोलन है। जनता की सोच में बदलाव लाकर जनता के सहयोग से ही यह आंदोलन सफल हो सकता है।  श्री चौहान ने इंदौर शहर में स्वच्छता अभियान की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण-2016 में देश के 100 चयनित शहरों में से 22 शहर मध्यप्रदेश के हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय बन जाने से ही काम नहीं चलेगा, उसका उपयोग करना भी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में प्लास्टिक की समस्या पर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि प्लास्टिक से सर्वाधिक कचरा फैलता है और प्लास्टिक जल्दी नष्ट भी नहीं होता है। इसलिए प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि इंदौर मध्यप्रदेश के विकास का इंजन है। उद्योग, व्यापार और साफ-सफाई सहित हर क्षेत्र में इंदौर नंबर वन रहा है। इंदौर में नरसीमुंजी, टीसीएस और इंफोसिस जैसी प्रतिष्ठित संस्थाएं आ गई हैं और अपना व्यापार-व्यवसाय फैला रही हैं। इस अवसर पर महापौर श्रीमती मालिनी गौड़ ने कहा कि इंदौर स्वच्छता सर्वेक्षण के सभी बिन्दुओं पर खरा उतरा है। नवंबर 2016 से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन से इंदौर में साफ-सफाई विशेष रूप से परिलक्षित हुई है। इस अभियान में विद्यार्थियों, शिक्षकों, व्यापारियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, समाजसेवी संगठनों आदि का भरपूर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इंदौर में गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग कलेक्शन किया जा रहा है। गीले कचरे से जैविक खाद बनाई जा रही है। औसतन रोज 50 टन कचरा इकट्ठा हो रहा है। गीले कचरे से आने वाले समय में जैविक खाद के अलावा मिथेन गैस भी इकट्ठा की जाएगी, जिससे नगरीय सेवा की बसें चलेंगी और बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इसके अलावा परमाणु तकनीकी से स्लज कचरे से खाद बनाई जाएगी। पिछले डेढ़ वर्ष में विशेष साफ-सफाई अभियान से वायु प्रदूषण 50 प्रतिशत तक घट गया है। खान और सरस्वती नदी की सफाई का अभियान जारी है। खान नदी में गिरने वाले गंदे नालों की टेपिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। उत्कृष्ट कार्य के लिये सम्मान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर स्वच्छता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिये समाजसेवियों, व्यापारी संगठनों और सरपंचों को सम्मानित किया गया। समारोह में हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री कृष्णमुरारी मोघे, इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री शंकर लालवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कविता पाटीदार, विधायकगण सर्वश्री महेन्द्र हार्डिया, राजेश सोनकर, सुदर्शन गुप्ता, सुश्री उषा ठाकुर तथा अपर मुख्य सचिव श्री राधेश्याम जुलानिया, गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और सरपंच सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।   

Dakhal News

Dakhal News 18 September 2017


 शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज रायसेन जिले के ग्राम रतनपुर में 'स्वच्छता ही सेवा'' अभियान के तहत प्रदेश भर में चलाये जा रहे शौचालय के लिए गढ्ढा खोदने के अभियान में शामिल हुए। उन्होंने साँची-रायसेन मार्ग पर ग्राम रतनपुर में ट्विन-पिट खोदने की शुरूआत की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गाँवों को स्वच्छ रखने के लिये 'स्वच्छता ही सेवा'' अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान पूरे प्रदेश में आज ही दो लाख गड्डे खोदने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि आगामी 19 नवम्बर तक पूरे रायसेन जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म-दिवस के अवसर पर स्वच्छता को प्राथमिकता देने वाले कार्य शुरू किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा शुरू किया गया स्वच्छता अभियान अब सीधे आमजन से जुड़ा अभियान बन गया है। मध्यप्रदेश की जनता भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग ले रही है। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में जिन क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान के अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं, उनमें अभियान के तहत 2 अक्टूबर गाँधी जयंती तक विशेष प्रयास किये जाएंगे।  श्री चौहान ने कहा कि खुले मे शौच जाना बीमारियों को बढ़ावा देना है। जहाँ स्वच्छता है, वहीं स्वस्थ जीवन है। उन्होंने प्रदेश के शौचालयविहीन घरों में रहने वाले परिवारों से शौचालय बनवाने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेशवासी खुले में शौच नहीं जाने का संकल्प लें। तभी स्वस्थ्य एवं स्वच्छ भारत का निर्माण होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर स्वच्छता रथ को हरी झण्डी दिखाकर गाँव-गाँव, घर-घर जाने के लिये रवाना किया। जिले के प्रभारी मंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा, साँची जनपद अध्यक्ष श्री एस. मुनियन, नगर पालिका अध्यक्ष श्री जमना सेन, अपर मुख्य सचिव श्री आर.एस. जुलानिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी इस अवसर पर उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 18 September 2017


हिन्दी दिवस

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हिन्दी अत्यंत समृद्ध भाषा है। इसके प्रति संकीर्णता ठीक नहीं है। हिन्दी छोड़कर अंग्रेजी बोलना मानसिक गुलामी है। उन्होंने कहा कि हिन्दी बोलने, लिखने और पढ़ने में गर्व होना चाहिए। हिन्दी का मान-सम्मान बढ़ाने के लिये समाज को भी आगे आना होगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज यहां समन्वय भवन में हिन्दी दिवस पर अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित हिन्दी दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों को हिन्दी विभाग स्थापित करने के लिये निर्देशित किया जाएगा। प्रत्येक दो वर्ष में राज्य-स्तरीय हिन्दी सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा करते हुये उन्होंने कहा कि आगामी दिसम्बर 16-17 में राज्य-स्तरीय हिन्दी सम्मलेन आयोजित किया जाएगा। इसमें हिन्दी को समृद्ध बनाने वाले विद्वानों, व्यक्तिओं और संस्थाओं को आमंत्रित किया जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि स्वर्गीय श्री दुष्यंत कुमार त्यागी हिन्दी गजल के जनक थे। उनकी स्मृति में बने दुष्यंत कुमार संग्रहालय का निर्माण राज्य सरकार करेगी। हिन्दी की शक्ति बताने चलायें अभियान श्री चौहान ने कहा कि बाजारों में दुकानों पर नाम और सूचना पट्टिकाएं हिन्दी में लगाना अनिवार्य करने के लिये वैधानिक उपाय किये जाएंगे। हिन्दी की शक्ति, सामर्थ्य और क्षमता से समाज की नई पीढ़ी को अवगत कराने के लिये समाज के सहयोग से निरंतर अभियान चलाना पढ़ेगा। हिन्दी के उपयोग से मिली सराहना श्री चौहान ने अपनी विदेश यात्राओं का स्मरण करते हुये बताया की उन्होंने हर जगह हिन्दी में ही भाषण दिया और संवाद किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभाषा का उपयोग करने से उनकी प्रतिष्ठा भी बढ़ी और सराहना भी मिली। उन्होने श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा संयुक्त राष्ट्र संघ में हिन्दी में दिये भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि हिन्दी निरंतर आगे बढ़ रही है, लेकिन इसकी गरिमा कायम रखने के लिये हमेशा सजग रहना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी भाषा का विरोध नहीं करती, लेकिन हिन्दी की कीमत पर अंग्रेजी का उपयोग ठीक नहीं है। श्री चौहान ने हिन्दी के पाठ्यक्रमों को और ज्यादा समृद्ध बनाने की आवश्यकता बताई। अच्छी कविताएं, अच्छे गद्य और पद्य को सम्हाल कर रखने और प्रस्तुत करने पर जोर देते हुए कहा कि हिन्दी की स्वीकार्यता को बढ़ाने की आवश्यकता है। श्री चौहान ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों को हिन्दी दिवस मनाने के लिये एकत्र होना चाहिए। अगले साल से हिन्दी दिवस का आयोजन भव्य होगा और इसमें सभी विश्वविद्यालय शामिल होंगे। इन्हें मिला सम्मान मुख्यमंत्री ने साहित्यकारों एवं लेखकों को राष्ट्रीय मैथिलीशरण गुप्त सम्मान, राष्ट्रीय शरद जोशी सम्मान एवं हिन्दी भाषा सम्मानों से विभूषित किया। राष्ट्रीय मैथिलीशरण गुप्त सम्मान से श्रीमती मालती जोशी, डॉ. विश्वनाथ तिवारी एवं श्री कमल किशोर गोयनका को विभूषित किया गया। राष्ट्रीय शरद जोशी सम्मान से श्री गोपाल चतुर्वेदी, डॉ. सूर्यबाला लाल, श्री प्रेम जनमेजय और श्री नर्मदा प्रसाद उपाध्याय को सम्मानित किया गया। सम्मान के रूप में दो-दो लाख रूपये की राशि, सम्मान पट्टिका, शॉल-श्रीफल प्रदान किया गया। सूचना प्रौद्योगिकी सम्मान से माइक्रोसॉफ्ट इण्डिया, निर्मल वर्मा सम्मान से श्री तेजेन्द्र शर्मा, फादर कामिल बुल्के सम्मान से डॉ. हेमराज सुंदर, गुणाकर मुले सम्मान से श्री हरिमोहन और हिन्दी सेवा सम्मान से प्रो. ओकेन लेगो को सम्मानित किया गया। इस सम्मान में एक-एक लाख रुपये की राशि, सम्मान पट्टिका और शॉल-श्रीफल प्रदान किये गये। अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रामदेव भारद्वाज ने स्वागत भाषण दिया। कुलसचिव डॉ. एस.के. पारे ने विद्वान अतिथियों का स्वागत किया। भोपाल के सांसद श्री आलोक संजर, प्रमुख सचिव संस्कृति श्री मनोज श्रीवास्तव और बड़ी संख्या में हिन्दी प्रेमी गुणीजन उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 14 September 2017


चंदेरी - मुख्यमंत्री चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज अशोकनगर जिले के चंदेरी में स्थानीय कार्यक्रम में शिरकत करने के साथ आम लोगों से मिले और उनकी समस्याएँ जानी। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिये। श्री चौहान ने जन-प्रतिनिधियों और नागरिकों से उनकी माँगों और सुझावों पर भी चर्चा की। इस दौरान ग्वालियर संभाग के प्रशासनिक अधिकारियों ने हेलीपेड पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।  

Dakhal News

Dakhal News 14 September 2017


डेंगू के नियंत्रण

स्वास्थ्य विभाग और नगर-निगम ने बनायी कार्य-योजना  डेंगू के नियंत्रण और प्रभावी रोकथाम के लिये स्वास्थ्य विभाग ने भोपाल नगर निगम के सहयोग से कार्य-योजना बनाई है। दोनों ने संयुक्त रूप से 19 टीम बनाई हैं, जो वार्डों में जाकर पार्षदों के समन्वय से लार्वा सर्वे और विनिष्टिकरण का काम करेंगी। जिन घरों में लगातार मच्छर का लार्वा पाया जायेगा, उन भवन स्वामियों पर 500 रुपये का जुर्माना होगा। यह जानकारी आज स्वास्थ्य विभाग की दैनिक समीक्षा में दी गई। डेंगू, चिकनगुनिया और मौसमी बीमारियों के नियंत्रण के लिये भोपाल के फायर ब्रिगेड फतेहगढ़ में अतिरिक्त कंट्रोल-रूम स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष क्रमांक 0755-2542222 है। लोगों से अपील की गई है कि लार्वा या डेंगू का मरीज मिलने पर कंट्रोल-रूम में तुरंत सूचना दें। इससे समय रहते कार्यवाही की जा सकेगी। डेंगू नियंत्रण के लिये भोपाल में 10 नये माउंटेड फॉगिंग मशीन वाहनों द्वारा फॉगिंग की जायेगी। जमा पानी स्रोतों पर टीमोफॉस का छिड़काव होगा। डेंगू से बचने के लिये घरों में साफ पानी से भरे बर्तन सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें। पानी भरने से पूर्व बर्तन अच्छी तरह साफ कर लें। कूलर में लगी हुई पुरानी खस को निकाल कर जला दें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। शरीर ढँकने वाले कपड़े पहने। प्रदेश में एक जुलाई से अब तक स्वाइन फ्लू के 329 मरीज मिल चुके हैं। इनमें सर्वाधिक भोपाल के 60 मरीज हैं। जबलपुर जिले में 48, इंदौर में 25, उज्जैन में 20, ग्वालियर में 14, दमोह में 12 और सतना जिले में 10 प्रकरण शामिल हैं। वर्तमान में शासकीय अस्पताल में 56 और निजी अस्पताल में 53 एच-1 एन-1 मरीज उपचाररत हैं। शासन द्वारा सभी जिला चिकित्सालयों और मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू चिकित्सा के लिये पर्याप्त इंतजाम करने के साथ प्रदेश के 66 निजी अस्पतालों को भी इलाज के लिये चिन्हित किया गया है। लोगों से लगातार अपील की जा रही है कि वे स्वाइन फ्लू के लक्षणों के प्रति सतर्क रहें। सर्दी, जुकाम, खाँसी, बुखार, तेज सिर दर्द, श्वांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत चिकित्सक की सलाह लें। सार्वजनिक स्थलों से लौटने के बाद साबुन से हाथ धोएँ। चेहरे का स्पर्श न करें। नमस्ते से अभिवादन करें, हाथ न मिलायें। एच-1 एन-1 पीड़ित व्यक्ति से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाये रखें और मास्क का प्रयोग करें।  

Dakhal News

Dakhal News 14 September 2017


 विश्वास सारंग

राज्य मंत्री श्री सारंग को यात्रा के चौथे दिन मिले 207 आवेदन  सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग के  जनता से रू-ब-रू होने के अभियान जन-संवाद पदयात्रा में जन-शिकायतों का तत्काल समाधान हो रहा है। लोग पदयात्रा से जुड़ कर अपनी शिकायतें तथा सुझाव श्री सारंग की मैदानी टीम को दर्ज करा रहे हैं।   यह पदयात्रा वार्ड 77 में हाउसिंग बोर्ड ज़ोन कार्यालय से शुरू होकर बारह दुकान, जैन कॉलोनी, आवास विकास एकता कॉलोनी, कमलनगर, छः घरा पहुँची। शाम को वार्ड 69 में पदयात्रा की गई। राज्य मंत्री श्री सारंग पदयात्रा में अशोका गार्डन स्थित दुर्गाधाम मंदिर से प्रारंभ होकर अशोक विहार, बैंक नगर, मयूर विहार, भगतसिंह पार्क, आजादनगर, प्रभात चौराहे से आनंदम पर पहुँचे।  श्री सारंग ने आम जनता की समस्याएँ गंभीरता से सुनी तथा अधिकारियों के दल को तुरंत समाधान निकालने के निर्देश दिए। प्राप्त आवेदनों को विश्वास एप के जरिये अपने कार्यालय को भेजा। जन-संवाद पदयात्रा में आज 207 आवेदन प्राप्त हुए। सड़क, नाली, सीवेज और बिजली की कई शिकायतों का समाधान स्थल पर ही हो गया।

Dakhal News

Dakhal News 14 September 2017


शिवराज ने चित्रकूट में की कई घोषणाएं

 मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज अपनी पत्‍नी के साथ चित्रकूट दौरे पर हैं। यहां उन्‍होंने कामतानाथ के दर्शन किए और प्राचनी मुखारविन्द से शूरू की कामदगिरि परिक्रमा को भी पत्‍‍‍‍नी के साथ पूरा किया। इस दौरान उन्‍होंने लोगों से मुलाकात की और इसी दौरान प्रज्ञा चक्षु तुलसी स्‍कूल की घोषणा, कामदगिरि क्षेत्र में श्‍मशान घाट का निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा उन्‍होंने चित्रकूट स्वस्थ्य केंद्र का उन्नयन का भी वादा किया। उनका कहना था कि चित्रकूट विकास प्राधिकरण के गठन कामदगिरि में वृक्षारोपण सम्पूर्ण परिक्रमा क्षेत्र में शेड का निर्माण किया जाएगा। इस दौरान एक पत्रतकार ने उनसे दिग्विजय सिंह के प्रधानमंत्री मोदी को लेकर किए गए ट्वीट को लेकर सवाल पूछा तो उनका कहना था कि "जाको प्रभु दारुण दुःख देहि, वाकी मति पहले हर लेहि" मैया मंदाकनी के पास खड़ा हूं, इस पर और कुछ नही कहना, चौपाई में ही सब छुपा है।

Dakhal News

Dakhal News 10 September 2017


 इंडिया टुडे

यूथ समिट में मुख्यमंत्री चौहान ने युवाओं का किया आव्हान  मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना का लाभ इस वर्ष चिन्हित शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश लेने वाले वे विद्यार्थी भी ले सकेंगे, जिन्होंने 12वीं परीक्षा पूर्व के वर्षों में 75 प्रतिशत से अधिक अंकों से उत्तीर्ण की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल में  बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के ज्ञान-विज्ञान भवन में आयोजित यूथ समिट को संबोधित कर रहे थे। इंडिया माइंड रॉक यूथ समिट का आयोजन इंडिया टुडे द्वारा किया गया था। कार्यक्रम में सहकारिता राज्य मंत्री  विश्वास सारंग, विधायक जयवर्धन सिंह, सरपंच  भक्ति शर्मा एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने युवाओं का आव्हान किया कि असाधारण, सफल और सार्थक जीवन को लक्ष्य बनाएँ। रोडमैप तैयार करें। कठोर परिश्रम करें। ऊँचा सोचें। व्यक्ति जैसा सोचता है, वैसा ही बन जाता है। युवा ठान ले तो कुछ भी असंभव नहीं है। जरूरत क्षमता के स्वाभाविक प्रगटीकरण की है। अंधानुकरण उचित नहीं है। प्रदेश में युवाओं के लिये अनंत संभावनाएँ है। नये निवेश से रोजगार के नये अवसर सृजित हो रहे हैं। स्व-रोजगार के भी भरपूर अवसर है। खाद्य प्र-संस्करण इकाईयाँ पंचायतवार लगाई जा सकती है। सरकार की गारंटी पर पाँच वर्ष के लिये 5 प्रतिशत ब्याज और 15 प्रतिशत ऋण सब्सिडी के साथ वित्तीय सहायता की योजनाएँ संचालित है। महिलाओं के लिये ब्याज सब्सिडी 6 प्रतिशत का प्रावधान है। सरकार ने इस वर्ष 7.5 लाख युवाओं को रोजगार और स्व-रोजगार में स्थापित करवाने का लक्ष्य रखा है। प्रयास है कि युवा रोजगार देने वाले बने। राज्य की धरती से युवा बड़े उद्योगपति बनकर निकलें। युवाओं के सपने अभावों में मरे नहीं सरकार का यह प्रयास है। नि:शुल्क शिक्षा, गणवेश, विद्यालय जाने के लिए साईकिल, अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्य, अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ ही सामान्य वर्ग के गरीब बच्चों को भी छात्रवृत्ति मिलती है। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का न्यू इंडिया युवा बनाएंगे। उनके नवाचारों, उद्यमिता प्रयासों को सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। युवाओं का आव्हान किया कि रचनात्मक कार्यों से जुड़े। पौधरोपण, नदी जल संरक्षण, पर्यावरण चेतना, शिक्षा की गुणवत्ता आदि का कोई भी एक कार्य अवश्य करें। उन्होंने स्वयं 15 दिवस में एक बार शिक्षण कार्य करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश-देश के विकास का इंजन बन रहा है, जिसकी इस वर्ष अनुमानित कृषि विकास दर 29% है। विकास दर 8 वर्षों से दो अंकों में है। स्वच्छता अभियान के स्वच्छ 100 शहरों में 22 राज्य के है। प्रथम इन्दौर और द्वितीय भोपाल है। मुख्यमंत्री प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में पूछे गये विभिन्न प्रश्नों के उत्तर में बताया कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है। समाज की यह सोच पूर्णत: अनुचित है कि बड़े पद पर बैठे व्यक्ति की संतानें भी बड़े काम करें। उन्होंने बताया कि प्रदेश के युवाओं की उद्यमिता बढ़ाने के प्रयास तेजी से हो रहे हैं। युवा उद्यमियों के उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाती है। उनके अनुभव जाने जाते हैं। प्रसन्नता की बात है कि 90 से 95 प्रतिशत उद्यमी सफल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंजीनियर की आवश्यकता से अधिक आपूर्ति के कारण कॉलेजों में सीटें खाली रह रही है। वैकल्पिक व्यवसाय और स्व-रोजगार के नये अवसर निर्मित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की कमी की समस्या समाधान के लिये अगले वर्ष 7 नये शासकीय मेडिकल कॉलेज खुलवाये जा रहे हैं। चिकित्सकों पर व्यावसायिक प्रतिबंधों को कम करने और सेवा शर्तों को सुधारा जा रहा है। चिकित्सकों का मुख्यालय नगर बनाकर, उन्हें पैरामेडिकल स्टॉफ के साथ ग्रामीण अंचल में भेजने की व्यवस्था भी की जा रही है। मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के लाभान्वित डॉक्टरों पर तीन वर्ष राज्य के ग्रामीण अंचल में सेवा की बाध्यता रखी गई है। उन्होंने बताया कि दिल से कार्यक्रम राज्य के विभिन्न वर्गों के साथ दिल की बात सीधे दिल से करने का प्रयास है। दिल की बात दिल और दिमाग पर सीधा असर डालती है। इंडिया टुडे के ग्रुप एडीटोरियल एडीटर श्री राज चेंगप्पा ने आयोजन की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि देश में तेजी प्रगति करने वाला मध्यप्रदेश राज्य है। उन्होंने युवाओं के साथ प्रश्नोत्तरी के रूप में संवाद करते हुए मुख्यमंत्री के राजनैतिक जीवन की प्रमुख घटनाओं का जिक्र किया। वेल्लोर इंस्टीटूयट ऑफ टेक्नोलॉजी के चांसलर श्री विश्वनाथन ने मध्यप्रदेश को उत्तरी भारत में सर्वश्रेष्ठ शहर, राज्य और मुख्यमंत्री वाला प्रदेश बताया।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। चयनित युवा प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री द्वारा हस्ताक्षरित टी शर्ट प्रदान की गई है।  

Dakhal News

Dakhal News 8 September 2017


tcs

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री गुप्ता ने नोएडा में टीसीएस के अधिकारियों से की चर्चा  मध्यप्रदेश में संचालित विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में टीसीएस टेक्निकल सपोर्ट देगा। राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने नोएडा, नई दिल्ली में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (टीसीएस) के अधिकारियों के साथ मध्यप्रदेश में नागरिक केन्द्रित सेवाएँ उपलब्ध करवाने के संबंध में चर्चा की। इस दौरान प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री मोहम्मद सुलेमान भी उपस्थित थे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री गुप्ता ने कहा कि कृषि, सामाजिक, स्वास्थ्य, परिवहन, बीमा आदि क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं का समुचित लाभ आम लोगों तक पहुँचाने के लिये टीसीएस टेक्निकल सपोर्ट उपलब्ध कराये। टीसीएस नोएडा के हेड श्री रोहित श्रीवास्तव ने मध्यप्रदेश सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये हरसंभव टेक्निकल सपोर्ट देंगे।

Dakhal News

Dakhal News 8 September 2017


एकात्म मानववाद

कुशाभाऊ ठाकरे स्मृति व्याख्यान माला में मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज रीवा में अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित कुशाभाऊ ठाकरे स्मृति व्याख्यान माला में कहा कि एकात्म मानववाद ही जीवन के सभी सुखों का मूलमंत्र है। श्री चौहान ने 'एकात्म मानववाद-उत्कृष्ट भारत विषय' पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रकृति को आत्मसात कर नवीन भारत के निर्माण का संकल्प पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद का जो सिद्धान्त दिया, वह समाज के अन्तिम छोर तक के व्यक्ति के हित में कार्य करने का है। हमारे लोकतंत्र में भी 'जनता का-जनता के लिये' सिद्धान्त लागू किया गया और इसी का प्रतिफल है सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा। श्री चौहान ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने सिखाया था कि हम अपने भारतीय दर्शन, विचार और सोच पर चलकर सुखी रह सकते हैं। शरीर, मन, बुद्धि, आत्मा का सुख मनुष्य को सुखी बनाता है। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट भारत के निर्माण के लिये आर्थिक सशक्तीकरण आवश्यक है। इसलिये हमें जीडीपी ग्रोथ रेट बढ़ाने के प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के आर्थिक सुदृढ़ीकरण हेतु महत्वपूर्ण योजनाएं प्रारंभ की हैं। म.प्र. में भी इस प्रकार के अभियान एवं कार्यक्रम तथा योजनाएं संचालित की जा रही हैं ताकि प्रदेश को साधन सम्पन्न बनाया जा सके। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में बघेली भाषा प्रकोष्ठ, कुशाभाऊ ठाकरे विद्या केन्द्र, पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध केन्द्र खोलने एवं विश्वविद्यालय में संचालित आनंद विभाग के विधिवत संचालन की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 9 करोड़ 61 लाख रूपये लागत के निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी। श्री चौहान ने विश्वविद्यालय प्रांगण में पौधारोपण भी किया। व्याख्यान माला में विषय प्रवर्तन करते हुए वरिष्ठ चिंतक एवं समाज सेवी श्री भगवत शरण माथुर ने लोगों का आव्हान किया कि एकात्म मानववाद के माध्यम से उत्कृष्ट भारत के निर्माण में सहभागी बनें। स्व. दीनदयाल उपाध्याय ने आध्यात्मिक वर्ण व्यवस्था के आधार पर दरिद्र नारायण की सेवा को ही मूल आधार माना था, यही शाश्वत सत्य है। कार्यक्रम के प्रारंभ में कुलपति ने विश्वविद्यालय में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। प्रो.एस.एल. अग्रवाल ने कुशाभाऊ ठाकरे के जीवन परिचय का वाचन किया। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद श्री जनार्दन मिश्रा, महापौर सुश्री ममता गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अभय मिश्रा, विधायक श्रीमती नीलम मिश्रा, श्री नारायण त्रिपाठी, श्री रामलाल रौतेल, गणमान्य नागरिक, प्रबुद्धजन एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों को शाल श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।

Dakhal News

Dakhal News 3 September 2017


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के कुछ अंचलों में कम वर्षा होने से किसानों को फसलों के खराब होने की चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरकार किसानों को हर संकट से निजात दिलाएगी। आज सतना जिले के ग्राम जैतवारा में हितग्राही सम्मेलन-सह-कृषक संगोष्ठी में श्री चौहान ने कहा कि किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिये प्रदेश में भावांतर भुगतान योजना लागू की जा रही है। योजना में किसान द्वारा अधिसूचित कृषि उपज मण्डी में चिन्हित फसल बेचने पर राज्य सरकार द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर और केन्द्र द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसानों के खातों में सरकार जमा कराएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अगले तीन माह में सभी अविवादित नामांतरण, बँटवारा और सीमांकन के प्रकरणों का निराकरण कर लिया जाएगा। इसके लिये राजस्व विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में अभियान स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि इसके बाद कोई पुराने लंबित प्रकरण की जानकारी मिलती है तो जानकारी देने वाले व्यक्ति को एक लाख रूपये का पुरूस्कार दिया जाएगा। यह राशि विलम्ब के लिये दोषी संबंधित अधिकारी/कर्मचारी से वसूल की जायेगी। श्री चौहान ने सतना जिले के चित्रकूट क्षेत्र को दस्युओं के आंतक से मुक्त कराने के लिये पुलिस टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में अच्छा काम करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा। गड़बड़ी करने वाले अकर्मण्य अमले को सेवा से पृथक करने तक की कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट क्षेत्र में पर्यटन की गतिविधियों के प्रोत्साहन के साथ ही युवा उद्यमियों के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की जरूरत बतायी। श्री चौहान ने शासकीय महाविद्यालय जैतवारा में बी.एस.सी. और बी.काम संकाय शुरू करने की घोषणा की। जैतवारा नगर पंचायत क्षेत्र में घर-घर नल कनेक्शन से पानी पहुँचाने की कार्य-योजना की डी.पी.आर. बनाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जैतवारा नगर परिषद के अलग-अलग वार्डों में शहरी अधोसंरचना मद से 3 करोड़ रूपये की राशि सड़क और नाली निर्माण पर खर्च की जाएगी। जैतवारा के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयन और आधुनिकीकरण किया जायेगा। आबादी के हिसाब से जैतवारा और ग्राम चंदई में मिनी स्टेडियम बनाया जायेगा। जैतवारा में सहकारी समिति का खाद विक्रय केन्द्र प्रारंभ किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने जैतवारा को तहसील बनाने के संबंध में संभावनाओं का परीक्षण कराने और बायपास के लिये जमीन की उपलब्धता का सर्वे कराने के निर्देश दिये। श्री चौहान ने बरौंधा मे आई.टी.आई. खोलने, गलबल से परसदिया तक सड़क बनाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने जन-समुदाय को सम्मेलन में नये भारत के निर्माण में नया मध्यप्रदेश बनाने का संकल्प दिलाया। 10 करोड़ 58 लाख की लागत के कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 10 करोड़ 58 लाख रूपये लागत के 6 कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर उद्योग, वाणिज्य एवं खनिज साधन मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद श्री गणेश सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री सुधा सिंह, विधायक श्री शंकरलाल तिवारी, श्री नारायण त्रिपाठी, महापौर सुश्री ममता पाण्डेय, पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री प्रदीप पटेल, विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुभाष सिंह, श्री नरेन्द्र त्रिपाठी जन-प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 1 September 2017


भावान्तर भुगतान योजना

मध्यप्रदेश में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने ने के लिये पायलेट आधार पर खरीफ-2017 के लिये किसान-कल्याण एवं कृषि विभाग ने भावान्तर भुगतान योजना लागू की है। इस योजना में किसान द्वारा अधिसूचित कृषि उपज मण्डी प्रांगण में चिन्हित फसल उपज का विक्रय किये जाने पर राज्य शासन ने घोषित मॉडल विक्रय कर एवं भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसानों को भुगतान करने का निर्णय लिया है। खरीफ-2017 में सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द एवं तुअर की फसलें ली गयी हैं। इन फसलों के लिये किसानों का योजना में एक सितम्बर-2017 से 30 सितम्बर-2017 तक भावान्तर भुगतान योजना के पोर्टल में पंजीयन किया जायेगा। भावान्तर भुगतान योजना में पंजीकृत किसानों की फसलों के मण्डी में विक्रय अवधि तुअर के लिये एक फरवरी-2018 से 30 अप्रैल-2018 तक तथा सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग और उड़द के लिये 16 अक्टूबर-2017 से 15 दिसम्बर-2017 तक मॉडल विक्रय दर की गणना मध्यप्रदेश तथा दो अन्य राज्यों की मॉडल विक्रय दर का औसत होगा। योजना का लाभ पंजीकृत किसानों द्वारा मध्यप्रदेश में उत्पादित कृषि उत्पाद का विक्रय अधिसूचित मण्डी परिसर में किये जाने पर मिल सकेगा। योजना का लाभ जिले में विगत वर्षों की फसल कटाई प्रयोगों पर आधारित औसत उत्पादकता के आधार पर उत्पाद की सीमा तक ही देय होगा। प्रदेश के किसानों को देय राशि की गणना में प्रावधान किया गया है कि यदि किसान द्वारा मण्डी समिति परिसर में विक्रय की गयी अधिसूचित फसल की विक्रय दर न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम किन्तु राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से अधिक हुई तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा किसान द्वारा विक्रय मूल्य के अंतर की राशि किसान के खाते में ट्रांसफर की जायेगी। यदि किसान द्वारा मण्डी समिति परिसर में विक्रय की गयी अधिसूचित फसल की विक्रय दर राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से कम हुई तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा मॉडल विक्रय दर के अंतर की राशि ही किसान के खाते में ट्रांसफर की जायेगी। भावान्तर भुगतान योजना में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ/मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन द्वारा पात्र किसानों को भुगतान किया जायेगा। भावान्तर भुगतान योजना में निर्धारित विक्रय अवधि के बाद विक्रय अवसर प्रदान करने के लिये भावान्तर भुगतान योजना में निर्धारित विक्रय अवधि के बाद तुअर के लिये एक मई-2018 से 30 अगस्त-2018 और सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द एक जनवरी-2018 से 30 अप्रैल-2018 तक किसान द्वारा लायसेंसयुक्त गोदाम में अपने कृषि उत्पाद रखे जाने के लिये गोदाम क्रय राशि किसानों को दिये जाने का भी निर्णय लिया गया है। यह राशि निर्धारित भण्डारण अवधि में मॉडल विक्रय दर, न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम रहने की स्थिति में 7 रुपये प्रति क्विंटल प्रति माह अथवा जो वास्तविक भुगतान किया गया है, दोनों में से जो भी कम हो, की दर से ऐसे किसानों के बैंक खाते में राशि जमा करवायी जायेगी। भावान्तर भुगतान योजना के संबंध में नीतिगत निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कृषि केबिनेट द्वारा लिये जायेंगे। क्रियान्वयन प्रगति एवं समीक्षा के लिये राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय क्रियान्वयन समिति तथा जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति द्वारा दिये जाने का निर्णय लिया गया है।  

Dakhal News

Dakhal News 1 September 2017


महिला स्व-सहायता समूह

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में महिला स्व-सहायता समूह सामाजिक परिवर्तन के नेतृत्व का आंदोलन बनें। महिला स्व-सहायता समूहों को महिला सशक्तिकरण का आंदोलन बनाया जायेगा। इन समूहों की महिला सदस्यों को रोजगार से जोड़कर गरीबी को दूर किया जायेगा। प्रदेश में महिला स्व-सहायता समूह सामाजिक परिवर्तन के अगुवा बन गये हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ मुख्यमंत्री निवास पर महिला स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्यों ने भाग लिया। सम्मेलन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में आजीविका मिशन के तहत काम कर रहे एक लाख 69 हजार स्व-सहायता समूह प्रदेश से गरीबी के कलंक को मिटाने के संकल्प से काम करें। मध्यप्रदेश के महिला स्व-सहायता समूहों का आंदोलन पूरी दुनिया में उदाहरण बनेगा। आजीविका मिशन में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने नेतृत्व की क्षमता विकसित की है। प्रदेश की सभी गरीब महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जायेगा। स्व-सहायता समूहों द्वारा बनाये गये उत्पादों के वितरण और उनके प्रचार की रणनीति बनाई जायेगी। इन स्व-सहायता समूहों को स्कूल गणवेश निर्माण का कार्य देने पर विचार किया जायेगा। सरकारी खरीदी में स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की खरीदी की व्यवस्था की जायेगी। बड़े शॉपिंग मॉलो में स्व-सहायता समूहों के उत्पादों के लिये स्थान तय किया जायेगा। स्व-सहायता समूहों को माइक्रो फाईनेंस कम्पनियों और बैंकों से ऋण लेने में होने वाली दिक्कतों को दूर किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने महिला सदस्यों से आग्रह किया कि अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें। राज्य सरकार ने बारहवीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने और उच्च शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश लेने वाले बच्चों की फीस भरने के लिये मेधावी विद्यार्थी योजना लागू की है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में महिला स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन आयोजित किये जायेंगे। स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्यों ने खुलकर अपनी बात रखी कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने अनौपचारिक बातचीत में खुलकर अपनी बात रखी, महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियाँ और कठिनाईयाँ बताई तथा सुझाव भी दिये। महिला सदस्यों ने कहा कि स्व-सहायता समूहों की बैठक के लिये ग्रामों में भवन निर्माण किया जाये। बैंकों में एक दिन स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के लिये राशि निकालने के लिये तय हो। सभी बैंकों में बैंक सखियाँ नियुक्त की जायें। बाजार में आजीविका मिशन के उत्पाद विशिष्ट नाम से जाने जायें। भूमि अधिकार में बेटियों का नाम भी जोड़ा जाये। स्व-सहायता समूहों के लिये कम्प्यूटर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाये। शॉपिंग मॉल में स्व-सहायता समूहों के उत्पादों के लिये विक्रय की व्यवस्था हो। स्व-सहायता समूहों की ओवरड्राफ्ट लिमिट बढ़ाई जाये। गाँवों में बीज भण्डारण केन्द्र प्रस्तावित किये जायें। महिलाओं के प्रस्ताव पर ग्राम पंचायतों में कार्रवाई कर ग्राम सभा में बताया जाये। शासकीय छात्रावासों में बेडशीट प्रदाय करने का काम स्व-सहायता समूहों को दिया जाये। उचित मूल्य की दुकानों के संचालन का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को मिले। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री आर.एस. जुलानिया, राज्य आजीविका मिशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एल.एम बेलवाल सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आयी महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य उपस्थित थीं।  

Dakhal News

Dakhal News 29 August 2017


हेड कांस्टेबल अभिषेक पटेल

एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज सागर जिले के हेड कांस्टेबल श्री अभिषेक पटेल को 400 बच्चों की  जान बचाने के लिये पचास हजार रूपये का पुरस्कार प्रदान किया। उन्होने श्री पटेल के साहस की सराहना की और शुभकामनायें दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज मुख्यमंत्री निवास पर श्री पटेल को 50 हजार रूपये का चेक भेंट किया। उन्होंने श्री पटेल को पुष्प भेंट कर उनकी कर्तव्यनिष्ठा और साहस की प्रशंसा की। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री आर के शुक्ला, अपर पुलिस महानिदेशक श्री राजीव टंडन एवं श्री आदर्श कटियार भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि श्री पटेल ने सागर के चितोरा गांव के माध्यमिक स्कूल के पास पड़े तोप के गोले को अपने कंधे पर उठाकर एक किलोमीटर दूर जाकर फेंका ताकि वहां मौजूद 400 बच्चों की जान बच सके। इस तरह श्री पटेल ने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया।  

Dakhal News

Dakhal News 29 August 2017


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राजधानी दिल्ली में प्रदेश के नये भवन का निर्माण कार्य निश्चित समय में हो जाये। इस बात का निर्माण एजेंसी चयन में विशेष ध्यान दिया जाये। उन्होंने डिजाईनिंग और कार्य की उत्कृष्ट गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने निर्देश दिये। श्री चौहान आज मंत्रालय में केन्द्र सरकार द्वारा राजधानी दिल्ली में आवंटित भूखण्ड पर भवन निर्माण की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान को बैठक में बताया गया कि केन्द्र सरकार द्वारा राज्य को 1.5 एकड़ भूखण्ड का आवंटन किया गया है। शीघ्र ही भूमि का आधिपत्य राज्य को मिल जायेगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री प्रभांशु कमल, प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री प्रमोद अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिवद्वय श्री अशोक बर्णवाल और श्री एस.के. मिश्रा, सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री मनीष रस्तोगी, मध्यप्रदेश भवन के आवासीय आयुक्त श्री आशीष श्रीवास्तव भी मौजूद थे।

Dakhal News

Dakhal News 29 August 2017


संकल्प से सिद्धि

मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संकल्प से सिद्धि अभियान के तहत नये भारत के निर्माण के लिये नये मध्यप्रदेश का निर्माण किया जायेगा। इसके लिये नये मध्यप्रदेश निर्माण का रोडमेप बनाया जायेगा और इसे आगामी एक नवम्बर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर जारी किया जायेगा। इसके पहले आगामी 25 अक्टूबर तक नये मध्यप्रदेश के निर्माण के लिये समाज के हर वर्ग से सुझाव लिये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ संकल्प से सिद्धि अभियान के संबंध में समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री विजय शाह, अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण राज्यमंत्री श्री लालसिंह आर्य और जनअभियान परिषद के उपाध्यक्षद्वय श्री प्रदीप पाण्डे और श्री राघवेन्द्र गौतम भी उपस्थित थे। बताया गया कि संकल्प से सिद्धि अभियान के संबंध में जागरूकता के लिये आगामी तीन से सात सितम्बर तक ग्राम स्तर, विकासखण्ड स्तर और जिला स्तर पर जनअभियान परिषद द्वारा कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में कहा कि नये भारत के निर्माण के लिये नये मध्यप्रदेश के निर्माण के रोडमेप का क्रियान्वयन समाज और सरकार द्वारा मिलकर किया जायेगा। नये मध्यप्रदेश के निर्माण के लिये सुझाव प्राप्त करने के लिये ग्राम सभा, शहरों में शहरी सभा, स्कूलों में बाल सभा और कॉलेजों में युवा सभा आयोजित कर सुझाव लिये जायेंगे। आगामी एक नवम्बर को प्रदेश के हर गाँव और शहर में नये मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प लिया जायेगा। नये मध्यप्रदेश के निर्माण का रोडमेप प्रदेश के नागरिकों की सुझावों पर तैयार किया जायेगा। नये भारत के निर्माण के लिये नये मध्यप्रदेश के निर्माण के लिये ग्रामीण विकास, शहरी विकास, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण विभाग मिलकर सुझाव प्राप्त करने की कार्ययोजना बनायेंगे। बैठक में बताया गया कि संकल्प से सिद्धि अभियान के तहत नये भारत के निर्माण के लिये स्वच्छ भारत, गरीबीमुक्त भारत, भ्रष्टाचारमुक्त भारत, सम्प्रदायवादमुक्त भारत, आतंकवादमुक्त भारत और जातिवादमुक्त भारत के लिये संकल्प लिया जायेगा। आगामी 7 सितम्बर को आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री उपस्थित रहेंगे। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संकल्प से सिद्धि अभियान के तहत कार्ययोजना बनाई गई है। इसी तरह दूसरे संबंधित विभाग भी कार्ययोजना बनायेंगे। बताया गया कि संकल्प से सिद्धि अभियान की वेबसाईट https://newindia.in/ पर पंजीयन कराकर नये भारत के निर्माण के लिये संकल्प लिया जा सकता है। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री दीपक खांडेकर, अपर मुख्य सचिव श्री प्रभांशु कमल, अपर मुख्य सचिव श्री बी.आर. नायडू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विवेक अग्रवाल, सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी और ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नीतेश व्यास भी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 24 August 2017


शिवराज सिंह चौहान

एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकास और जनकल्याण के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की गति और तेज की जाये। इसके लिये विभाग समयबद्ध कार्य योजना बनाये। वे आज यहाँ मंत्रालय में मंत्रिपरिषद के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिये उपज की खरीदी के बजाय बिक्री मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि उनके खातों में जमा करने की कार्य योजना बनायें। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्न वितरण के स्थान पर हितग्राहियों के खाते में नगद राशि जमा कराने की प्रक्रिया किसी एक जिले में पायलट के रूप में शुरू करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विभागों में खरीदी के नियमों आवश्यक बदलाव किया जाये। जेम के माध्यम से सामग्री खरीदी की जाये। सभी योजनाओं के क्रियान्वयन को आधार से लिंक किया जाये। उन्होंने पर्यटन, स्वच्छता एवं वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने का अभियान चलाने तथा कृषि आय को दोगुना करने, फसल बीमा राशि का वितरण करने एवं स्वरोजगार सम्मेलन और महिला स्वसहायता सम्मेलनों की तिथियाँ निर्धारित करते हुये आयोजन के निर्देश दिये। उन्होंने कहा है कि सरकार की प्राथमिकताओं का दृष्टिपत्र तैयार है। क्रियान्वयन का रोड मैप बना हुआ है। जनकल्याण के प्रयासों को और अधिक बेहतर करने के लिये नवाचारों और तकनीक के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिये हैं ताकि योजनाओं का जमीनी अमल और अधिक बेहतर हो सके, जिससे पारदर्शिता आये। इससे नया मध्यप्रदेश आदर्श डिजिटल प्रदेश बने। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन धरातल पर होना चाहिए। निश्चित समय-सीमा और निर्धारित नीति के साथ कार्य किये जायें। व्यवस्था में संशोधन और परिवर्धन के प्रति आगे बढ़कर प्रयास करें। उन्होंने विभिन्न विभागों को वित्तीय प्रबंधन पर विशेष बल दिया। कहा कि विभाग अंतर्गत अतिशेष राशियों का आंकलन करें। उनके सुविचारित व्यय के उपाय किये जाएं। उन्होंने अपर मुख्य सचिव वित्त को विभिन्न विभागों में उपलब्ध अनुपयोगी राशियों की जानकारी संकलित कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। जिससे इस राशि का जन कल्याण की योजनाओं में बेहतर उपयोग किया जा सके। उन्होंने तकनीक का उपयोग कर कल्याणकारी योजनाओं के जमीनी अमल को और अधिक प्रभावी बनाने। इस मंशा से नवाचार करने के लिये अधिकारियों को प्रेरित किया। उन्होंने योजनाओं का क्रियान्वयन आधार और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसर्फर व्यवस्थाओं पर आधारित किये जाने की जरूरत बतायी। कहा कि तकनीक के प्रयोग से गड़बड़ियां रूकती है। ऐसी गड़बड़ियों पर पूरी पारदर्शिता से कार्रवाई करें। गड़बड़ी पकड़ने का श्रेय मिलेगा। यह भी सुनिश्चित करे कि क्रियान्वयन व्यवहारिक दिक्कतें नहीं हो। इनका व्यवहारिक सीमाओं में क्रियान्वयन का परीक्षण करें। नवाचारों के पायलट प्रोजेक्ट बनाकर प्रयास करें। उन्होंने शासकीय खरीदी कार्य को गर्वमेंट ई-मार्केट (जेम) के माध्यम से करवाने की व्यवस्था करने एवं खरीदी के नियमों में आवश्यक संशोधन कराने के निर्देश दिये। साथ ही राज्य के लघु उद्योगों और हस्तशिल्प उद्योगों को जेम के पोर्टल पर पंजीयन करवाने में सहयोग के निर्देश दिये। पोर्टल के माध्यम से खरीदी पारदर्शिता को बढ़ावा देगी। विभागों को डिजिटल गर्वेनेंस पर बल देने और उसे विस्तारित करने के लिये नवाचार के लिये कहा है। भीम एप की उपयोगिता के दृष्टिगत वित्त एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को संयुक्त रूप से आमजन एवं व्यापारियों को उसके उपयोग के लिये प्रेरित प्रशिक्षित करने के निर्देश दिये हैं। श्री चौहान ने योजनाओं की निरंतर समीक्षा करने की जरूरत बताते हुए कहा कि स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, एल.ई.डी. वितरण की निरंतर समीक्षा हो। कार्य की गति में धीमी नहीं होने पाये मिशन मोड में कार्य चलता रहे। उन्होंने प्रगति में आंचलिक अंसतुलन पर चर्चा करते हुये पिछड़े अंचलों के लिये प्रोग्रेस के पैरामीटर निर्धारित कर कार्यों पर फोकस करने की जरूरत बतायी ताकि प्रगति का असंतुलन खत्म हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मृदा कार्डों का खेती-किसानी में उपयोग हो, इसकी सतत् मॉनीटरिंग के लिये कृषि विभाग को निर्देशित किया। किसानों को इसके उपयोग के लिये प्रेरित किया जाये। किसानों की आय को दोगुना करने के लिये 15 से 30 सितम्बर के दौरान हर विकासखंड में किसान सम्मेलन करने एवं उनमें प्रभारी मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधि और कृषि वैज्ञानिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। कृषि एवं सम्बद्ध विभागों को आय को दोगुना करने की कार्य योजना की समीक्षा के निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प से सिद्धि कार्यक्रम की संकल्पना नवविचारों पर मंथन की पहल है, इस परिप्रेक्ष्य में मंथन करने और पोर्टल के माध्यम से नागरिकों के सुझावों विचारों को प्राप्त करने की जरूरत है। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा बीमा योजनाओं, जनधन खातों और मुद्रा योजना एवं वित्तीय समावेशन के प्रयासों की गतिशीलता को निर्बाध बनाने के प्रयासों पर विशेष ध्यान दिये जाने के लिये कहा। जिलास्तर पर प्रभारी मंत्री को कलेक्टर और बैंकर्स के मध्यम समन्वय कर कार्य करवाने के लिये निर्देश दिये ताकि आमजन को सही अर्थों में योजना का लाभ मिले। बीमा की किश्तें नियमित रूप से जमा हों। उन्होंने पर्यटन को मिशन मोड में लिये जाने की जरूरत बतायी। पर्यटन गंतव्यों पर फोकस करने के लिये आगामी 6 से 25 अक्टूबर के बीच अभियान चलाने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक मंत्री द्वारा एक पर्यटन गंतव्य का भ्रमण किया जाये। उन्होंने शिक्षा, कौशल उन्नयन और स्वरोजगार केंद्रित दृष्टि के साथ प्रयास की जरूरत बतायी। प्रदेश में आगामी 11 से 30 नवम्बर के मध्य युवा सम्मेलनों के आयोजन के निर्देश दिये। साथ ही आगामी 1 दिसम्बर से 15 दिसम्बर के दौरान महिला स्वसहायता समूहों के सम्मेलन आयोजित करने के लिये कहा। बैठक में हबीबगंज रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाने के प्रयासों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा सेवा मिशन की अगले सप्ताह समीक्षा करेंगे। उन्होंने किसानों को प्रेरित करने और आदर्श ई-मंडी विकसित करने की भी जरूरत बतायी। इस दौरान मुख्य सचिव श्री बी.पी. तथा विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिवगण उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 24 August 2017


 सांसद अमित शाह

 वन महोत्सव कार्यक्रम में हुआ 2 हजार पौधों का रोपण  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिवर्ष एक वृक्ष लगाने का लोगों से आव्हान किया है। श्री चौहान वन महोत्सव शुभारम्भ कार्यक्रम में पौधरोपण उपरांत उपस्थिजनों को संबोधित कर रहे थे। वन महोत्सव में राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा सांसद अमित शाह, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों एवं छात्र-छात्राओं ने पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री  चौहान ने पौधरोपण कार्यक्रम में शामिल होने वाले नागरिकों, विद्यार्थियों को बधाई शुभकामनाएँ दी। उन्होंने उपस्थिजनों को वृक्षारोपण करते रहने के लिये प्रेरित किया। कार्यक्रम में बताया गया कि वन महोत्सव के दौरान कलियासोत तट पर करीब 2 हजार पौधों का रोपण किया जा रहा है। इसमें नीम के 400, करंज के 400, शीशम के 200, जामुन के 250, सिरस के 100, कचनार के 100, पेल्टाफार्म के 100, आंवला के 60, खैर के 60, बेल के 50, बरगद के 20, पीपल के 20, अमरूद के 60, चिरोल के 50, मॉतश्री के 05, सीताफल के 25, सप्तपर्णी के 20, कटहल के 10 और आम के 50 पौधे शामिल हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 19 August 2017


मिट्टी गणेश प्रतिमा

  पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) द्वारा 20 से 23 अगस्त तक मध्यप्रदेश के 5 संभागीय मुख्यालयों पर आम लोगों और छात्र-छात्राओं को मिट्टी से गणेश बनाने का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर और रीवा के 2 सार्वजनिक स्थलों एवं 4 विद्यालयों में ग्रीन गणेश-2017 के तहत प्रशिक्षित मूर्तिकार प्रशिक्षण देंगे। विद्यार्थी और लोग मूर्ति बनाने के बाद अपनी-अपनी मूर्ति अपने घर भी ले जा सकेंगे। एप्को टीम विद्यार्थियों को जहाँ प्रात: 9 बजे से प्रशिक्षण देगी, वहीं सार्वजनिक स्थलों पर आम लोगों के लिये प्रशिक्षण कार्यक्रम अपरान्ह 3 से 6 बजे तक होगा। इंदौर प्रशिक्षण-20 एवं 21 अगस्त इंदौर में 20 अगस्त को प्रात: 11 से 2 बजे तक पलासिया चौराहा, अपरान्ह 3 से 6 बजे तक अन्नपूर्णा परिसर महू नाका, 21 अगस्त को प्रात: 9 से 10 बजे तक अहिल्या आश्रम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाणगंगा, प्रात: 10.30 से 11.30 बजे तक शासकीय अत्रीदेवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महू नाका, 12 से 1 बजे तक शासकीय मालव कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोती तबेला और दोपहर 2.30 बजे से 3.30 बजे तक रेलवे स्टेशन के पास शासकीय बाल विनय मंदिर में मूर्ति प्रशिक्षण होगा। उज्जैन प्रशिक्षण-22 एवं 23 अगस्त उज्जैन में 22 अगस्त को प्रात: 9 से 10 बजे तक शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सराफा, 10.30 से 11.30 बजे मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सांवेर रोड और अपरान्ह 3 से 6 बजे तक लोकमान्य तिलक स्मृति मंदिर क्षीरसागर में मिट्टी से गणेश बनाने का प्रशिक्षण होगा। दूसरे दिन 23 अगस्त को प्रात: 9 से 10 बजे तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फ्रीगंज, 10.30 से 11.30 बजे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दशहरा मैदान और आम लोगों के लिये अपरान्ह 3 से 6 बजे तक पीपली नाका चौराहा में गणेश की मूर्ति बनाना सिखाया जायेगा। भोपाल प्रशिक्षण-21 से 23 अगस्त भोपाल में 21 अगस्त को प्रात: 10 से 11 बजे तक शासकीय राजा भोज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, 1100 क्वाटर्स, अपरान्ह 3 से 6 बजे तक बिट्टन मार्केट में मूर्ति प्रशिक्षण होगा। 22 अगस्त को प्रात: 9 से 10 बजे तक शासकीय माध्यमिक शाला बोर्ड कॉलोनी और अपरान्ह 3 से 6 बजे तक कोलार रोड के मंदाकिनी मैदान में आम लोगों के लिये प्रतिमा प्रशिक्षण होगा। 23 अगस्त को प्रात: 9 से 10 बजे तक शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अरेरा कॉलोनी, 10 से 1 बजे तक शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैरागढ़ और अपरान्ह 3 से 6 बजे तक गणेश मंदिर पिपलानी में मूर्ति प्रशिक्षण होगा। जबलपुर प्रशिक्षण-22-23 अगस्त जबलपुर में 22 अगस्त को प्रात: 9 से 11 बजे तक शासकीय तमराई स्कूल मिलौनीगंज और दोपहर 3 से 6 बजे तक शहीद स्मारक गोल बाजार में गणेश प्रतिमा प्रशिक्षण होगा। 23 अगस्त को प्रात: 9 से 11 बजे तक पंडित लज्जाशंकर झा मॉडल हाई स्कूल और दोपहर 3 से 6 बजे तक कल्चरल स्ट्रीट भंवरताल में प्रशिक्षण होगा। रीवा प्रशिक्षण-22-23 अगस्त रीवा में प्रात: 9 से 10 बजे तक केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-1 में प्रात: 10.30 से 11.30 बजे तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मार्तण्ड क्रमांक-2, दोपहर 3 से 6 बजे तक महिला समिति कला मंदिर अस्पताल चौराहा में प्रशिक्षण होगा। इसी तरह 23 अगस्त को सुबह 9 से 10 बजे तक शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किला रोड, 10.30 से 11.30 बजे तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मार्तण्ड क्रमांक-3 और दोपहर 3 से 6 बजे तक व्यंकट भवन पुरातत्व संग्रहालय कोठी कम्पाउण्ड में मिट्टी से गणेश बनाना सिखाया जायेगा।  

Dakhal News

Dakhal News 19 August 2017


 राष्ट्रीय खेल प्रशिक्षण अकादमी

 अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चों को अगले साल राष्ट्रीय खेल प्रशिक्षण अकादमी में भेजने के लिये प्रोत्साहित किया जाये। बच्चों को एकल खेल जैसे तीरंदाजी, तैराकी आदि के लिये प्रशिक्षित किया जाये। एमपी के आदिम-जाति एवं अनुसूचित-जाति कल्याण राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने यह निर्देश विभागीय समीक्षा के दौरान दिये। बैठक में प्रमुख सचिव श्री एस.एन. मिश्रा, आयुक्त श्रीमती दीपाली रस्तोगी और आदिवासी वित्त विकास निगम की संचालक श्रीमती रेणु तिवारी उपस्थित थीं। सोशल मीडिया के जरिये भी प्रचार-प्रसार हो श्री आर्य ने निर्देश दिये कि विभाग की उपलब्धियों का व्यापक-स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाये। विज्ञापन एवं होर्डिंग के अलावा अब सोशल मीडिया के जरिये भी योजनाओं की जानकारी और विभाग की उपलब्धियों को बताने की जरूरत है। श्री आर्य ने बच्चों को टाइम मैनेजमेंट की कला सिखाने के लिये आवश्यक प्रशिक्षण देने को कहा। उन्होंने कहा कि बच्चों को अन्य आवश्यक विषयों में भी प्रशिक्षण दिया जाये। राज्य मंत्री ने कहा कि गरीब तबके से उबरे व्यक्ति, जो देश-विदेश में प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर रहे हैं या छोटे-बड़े उद्योग संचालित कर रहे हों, उनके बारे में बच्चों को बतायें, ताकि बच्चों का मनोबल बढ़े और उनकी प्रतिभा निखारने के नये-नये अवसर प्राप्त हो सकें। राज्य मंत्री श्री आर्य ने कहा कि महिला आदिवासी समूह को अलग-अलग जिले की विशेषता और निपूर्णता के अनुसार विभागीय योजना से जोड़ें। चतुर्थ श्रेणी के बेकलॉग पद पर बैगा, सहरिया, भारिया जाति के अभ्यर्थियों के जरिये पदपूर्ति की जाये। अनुदान प्राप्त संस्थाओं की एक माह के अंदर जाँच करवायें। इस दौरान संस्थाओं का रिजल्ट और क्वालिटी अवश्य देखें। लगभग ढाई लाख वनाधिकार पट्टों का वितरण बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वनाधिकार धारकों को 2 लाख 44 हजार 755 पट्टों का वितरण किया गया है। इसमें 2 लाख 17 हजार 245 व्यक्तिगत और 27 हजार 510 सामूहिक पट्टे शामिल हैं। आईआईएचएम संस्थान के जरिये 255 मास्टर-ट्रेनर तैयार कर जिले में जाकर प्रशिक्षण दिया गया।

Dakhal News

Dakhal News 17 August 2017


मेधावी विद्यार्थी योजना

तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री श्री जोशी ने लिया तैयारियों का जायजा  एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान और सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष श्री अमित शाह 20 अगस्त को मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में चयनित विद्यार्थियों को भोपाल में लाल परेड ग्राउण्ड में आयोजित समारोह में स्वीकृति-पत्र प्रदान करेंगे। समारोह दोपहर 12 बजे होगा। तकनीकी शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार), स्कूल शिक्षा एवं श्रम राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने आज लाल परेड ग्राउण्ड पहुँचकर समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। श्री जोशी ने कहा कि विभिन्न जिलों से आने वाले विद्यार्थियों के ठहरने और भोजन की बेहतर व्यवस्था करें। उन्होंने सभी तैयारियाँ समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिये। समारोह में विभिन्न जिलों के लगभग 15 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्री संजय बंदोपाध्याय ने विद्यार्थियों के भोजन और ठहरने की व्यवस्था की जानकारी दी। इस दौरान सांसद श्री आलोक संजर भी उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 17 August 2017


अमित शाह

  मप्र के दौरे पर आ रहे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ एक विशेष टीम भी भोपाल आएगी। पांच से सात लोगों की यह टीम अमित शाह की बैठकों से अलग संगठन के नेताओं से बातचीत करेगी और फीडबैक लेगी। इस टोली में प्रदेश के पूर्व संगठन महामंत्री अरविंद मेनन समेत कई दूसरे चेहरे भी होंगे। अमित शाह के साथ आ रहे कुछ लोग बैठकों में शामिल न होकर बाहर संगठन के नेताओं से चर्चा करेंगे। इसे लेकर भी पार्टी नेताओं के बीच काफी चर्चा भी है। सूत्रों के मुताबिक अमित शाह जिस राज्य के दौरे पर जाते हैं, यह टीम उनके साथ जाती है। दौरे के बाद शाह को यह टोली राज्य से जुड़े मसलों पर एक रिपोर्ट भी सौंपती है। अमित शाह के साथ राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल, प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे और विभागों व आयामों के राष्ट्रीय प्रमुख अरविंद मेनन तो होंगे ही, इसके अलावा उनकी विशेष टीम के अभिषेक चौधरी, आईटी सेल के राष्ट्रीय प्रमुख अमित मालवीय, संजय राणा समेत पांच लोग होंगे। किसान आंदोलन, गवर्नेंस, भ्रष्टाचार, प्रदेश का राजनीतिक माहौल और कार्यकर्ताओं की सक्रियता को लेकर टीम अलग-अलग लोगों से बातचीत करेगी। अमित शाह पुराने कमरे में रुकेंगे, मेनन-रामलाल के लिए तैयार हो रहे नए कमरे तीन दिवसीय दौरे के दौरान अमित शाह भाजपा कार्यालय में उन्हीं कमरों में स्र्केंगे,जहां भाजपा के पितृ पुस्र्ष कुशाभाउ ठाकरे रहा करते थे। ये कमरे लग्जरी नहीं बनाए गए हैं। इन कमरों की कुछ दिन पहले ही साज-सज्जा की गई थी। वहीं रामलाल और अरविंद मेनन के लिए पुराने कमरों को फिर से तैयार किया जा रहा है। इन कमरों में राष्ट्रीय पदाधिकारी ही स्र्कते हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 16 August 2017


ऊर्जा मंत्री पारसचंद्र जैन

  मध्यप्रदेश में बिजली बिलों को लेकर लगातार आ रही शिकायतों से नाराज ऊर्जा मंत्री पारसचंद्र जैन अगले महीने से गांवों में बिजली पंचायत लगाएंगे। मंत्री खुद ज्यादा बिल और रीडिंग के मामले सुनेंगे और उन्हें मौके पर ही निपटाएंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नाराजगी के बाद विभाग को यह कदम उठाना पड़ रहा है। प्रदेश में एक करोड़ 30 लाख से ज्यादा उपभोक्ता हैं। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में बिजली बिल मुद्दा न बनें। इसलिए सरकार नई पद्धति से मीटर रीडिंग व बिल जनरेट करने की कोशिश में लगी है। उधर, बिलों में गड़बड़ियों को भी दुरस्त करने की कोशिशें चल रही हैं। इसी कड़ी में ऊर्जा विभाग ग्राम पंचायत स्तर पर बिजली पंचायत लगाने की तैयारी कर रहा है। इनमें से चुनिंदा पंचायतों में आयोजित शिविरों में विभाग के मंत्री जैन खुद पहुंचेंगे। शिविर में मंत्री और वरिष्ठ अफसर उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनेंगे और उनका मौके पर ही निराकरण करेंगे। विभाग ने जून में भी शिविर लगाया था, जिसमें एक लाख 10 हजार शिकायतें आई थीं, इनमें से सिर्फ 40 हजार का निराकरण हो पाया था। सूत्र बताते हैं कि बिजली बिलों को लेकर बढ़ती शिकायतों से मुख्यमंत्री नाराज हैं। उनका कहना है कि सरकार 24 में से 20 व 22 घंटे नियमित बिजली दे रही है, फिर भी जनता खुश नहीं है। संगठन की ओर से भी ऐसा ही फीडबैक आ रहा है। इसी कड़ी में पंचायत स्तर पर बिजली पंचायत लगाने की तैयारी है। बिजली बिलों में गड़बड़ी का मामला विधानसभा में भी उठ चुका है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को सदन में घेरने की कोशिश की थी। वहीं सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक भी लगातार गलत रीडिंग और बिजली बिल की शिकायतें करते रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि प्रदेश में गलत रीडिंग और बिजली के बिल ज्यादा आने की पांच लाख से ज्यादा शिकायतें हैं। इसमें सभी तरह की शिकायतें बताई जा रही हैं। ऊर्जा मंत्री पारसचंद जैन ने कहा कि हम वृहद स्तर पर शिविर लगाकर उपभोक्ताओं की समस्या सुनेंगे और उनका मौके पर ही निराकरण करेंगे। कुछ जगह मैं भी जाऊंगा।   

Dakhal News

Dakhal News 15 August 2017


नरोत्तम -उज्जवला

  एमपी के जनसंपर्क, जल-संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने उज्जवला योजना के अंतर्गत दतिया में महिलाओं को निःशुल्क गैस सिलेण्डर वितरित किए। जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की पहल पर गरीब महिलाओं को उज्जवला योजना में निःशुल्क गैस कनेक्शन वितरित किए जा रहे हैं। श्री मिश्र ने कहा कि हमारी बहनें जब चूल्हे पर रोटी बनाती थीं तो कई बार लकड़ियां गीली होने के कारण चूल्हा नहीं जलता था। चूल्हा फूंकते-फूंकते बहनों की आँखों में आंसू आ जाते थे। सरकार ने बहनों की इस पीड़ा को समझा और उज्जवला योजना प्रारंभ की। दतिया जिले में अभी तक 58 हजार लक्ष्य के मुकाबले 30 हजार 200 निःशुल्क गैस सिलेण्डर वितरित किए गए हैं। प्रति सोमवार और मंगलवार को जन सुनवाई में आने वाले महिलाएं जो गैस सिलेण्डर की माँग करती हैं, उनके आवेदन का परीक्षण कर मौके पर ही गैस सिलेण्डर दिए जाते हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 9 August 2017


मध्यप्रदेश में स्वाईन फ्लू

मध्यप्रदेश में स्वाईन फ्लू (एच-1 एन-1) प्रकरणों को देखते हुए प्रदेश के शासकीय चिकित्सालय संक्रमण उपचार के लिए पूरी तैयारी रखें। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने यह निर्देश आज स्वाईन फ्लू, डेंगू और चिकनगुनिया रोगों की दैनिक समीक्षा करते हुए दिया। स्वाईन फ्लू पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के लिये 10 अगस्त को वीडियों कान्‍फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों की समीक्षा होगी। इसमें सिविल सर्जन-सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, मेडिकल विशेषज्ञ और ब्लाक मेडिकल आफिसर से गाँधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल के विभागाध्यक्ष डॉ. लोकेन्द्र दवे और एम्स के माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट डॉ. देवाशीष विश्वास एच-1 एन-1 संक्रमण, बचाव, रोकथाम और उपचार पर चर्चा करेंगे। प्रदेश में एक जुलाई से 7 अगस्त तक 86 सं‍दिग्ध मरीजों के सेम्पल जाँच के लिये भेजे गये जिनमें से 80 की रिपोर्ट आ चुकी है। इनमें 16 पॉजिटिव रिपोर्ट आईं और 6 सेम्पल की रिपोर्ट आना शेष है। वर्तमान में 4 शासकीय एवं 7 रोगी निजी अस्पताल में उपचार के लिये भर्ती हैं। इस अवधि में 14 जिलों में डेंगू के 40 मरीज पाये गये। फिलहाल एक डेंगू मरीज उपचाररत है। चिकिनगुनिया के इस दौरान 3 जिलों में 6 मरीज पाये गये। फिलहाल कोई मरीज उपचाररत नहीं है। इस अवधि में प्रदेश में स्वाईन फ्लू से एक मृत्यु हुई है। स्वाईन फ्लू से घबरायें नहीं,सतर्क रहें सर्दी, जुकाम, बुखार, गला खराब, खाँसी, तेज सिरदर्द, साँस लेने में परेशानी आदि गंभीर निमोनिया जैसे लक्षण नजर आयें तो इसे नजरअंदाज न करें। नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में परीक्षण करवायें। परीक्षण में फ्लू पाये जाने पर चिकित्सक की सलाहानुसार दवा का पूरा कोर्स लें और आराम करें। गर्म तरल पदार्थ का अधिकाधिक सेवन करें। नाक, मुँह या आँखों का स्पर्श करने से पहले तथा बाद में हाथों को साबुन से धोयें। उक्त लक्षण हों तो दूसरों के सम्पर्क में आने से बचें। खाँसते और छींकते समय मुँह एवं नाक पर कपड़ा रखें। इससे स्वाईन फ्लू होने और फैलने से बचाव होगा। डॉ.लोकेन्द्र दवे विभागाध्यक्ष, गाँधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल  

Dakhal News

Dakhal News 9 August 2017


मतदान स्थानीय अवकाश

मध्यप्रदेश शासन ने 11 अगस्त को नगरीय निकायों में होने वाले मतदान के दिन संबंधित नगरीय निकायों में सामान्य अवकाश घोषित किया है। इन नगरीय निकायों में निगो‍शिएबल इन्स्ट्रूमेंट एक्ट के तहत भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा। जिन नगरीय निकायों में 11 अगस्त को मतदान होगा, उनमें खंडवा जिले की नगर परिषद् छनेरा, रतलाम जिले की नगर परिषद् सैलाना, बैतूल जिले की नगरपालिका परिषद् सारनी, नगर परिषद आठनेर और चिचोली, झाबुआ जिले की नगरपालिका परिषद झाबुआ, नगर परिषद् रानापुर, थांदला और पेटलावद, अलीराजपुर जिले का नगर परिषद् भांभरा और जोबट, नगर पालिका परिषद् अलीराजपुर, खरगोन जिले की नगर परिषद् भींकनगाँव, महेश्वर और मण्डलेश्वर, बुरहानपुर जिले की नगर पालिका परिषद् नेपानगर, छिन्दवाड़ा जिले की नगरपालिका परिषद् जुन्नारदेव, दमुआ, पाण्ढ़ुर्ना, सौंसर, नगर परिषद् मोहगाँव और हर्रई शामिल हैं। सिवनी जिले की नगर परिषद् लखनादौन, मण्डला जिले की नगर परिषद निवास, बम्हनीबंजर, बिछिया, नगर पालिका परिषद् नैनपुर और नगर पालिका परिषद् मंडला शामिल हैं। डिण्डोरी जिले की नगर परिषद् डिण्डोरी, शहपुरा, बालाघाट जिले की नगर परिषद् बैहर, शहडोल जिले की नगर परिषद जयसिंह नगर, बुढ़ार और नगर पालिका परिषद् शहडोल, अनूपपुर जिले की नगर पालिका परिषद् कोतमा, नगर पालिका परिषद् बिजुरी और उमरिया जिले की नगर पालिका परिषद् पाली शामिल है। इस संबंध में जिला कलेक्टर को निर्देश जारी किये किये गये है।  

Dakhal News

Dakhal News 9 August 2017


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की जनता से सीधे जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री प्रतिमाह रेडियो कार्यक्रम ‘दिल से’ के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों से सीधा संवाद करेंगे। कार्यक्रम के माध्यम से श्री चौहान लोगों से जुड़े विभिन्‍न मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करेंगे और प्राथमिकतायें बतायेंगे। साथ ही शासन की नीतियों, कार्यक्रमों, योजनाओं और भविष्य की कार्य योजनाओं को आमजन से साझा करेंगे। पहला कार्यक्रम 13 अगस्त की शाम 6.00 बजे से प्रदेश के सभी आकाशवाणी केन्द्रों से रिले होगा।  मुख्यमंत्री श्री चौहान इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं, महिलाओं, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों सहित सभी वर्गों से जुड़ेंगे। यह कार्यक्रम श्री चौहान की उन भावनाओं की अभिव्यक्ति के रूप में होगा, जिसमें वे खुलकर जनता से बात करेंगे। उनके कल्याण के लिये अपनी आत्मीय भावनाओं और प्रतिबद्धता को प्रगट करेंगे।मुख्यमंत्री का रेडियो कार्यक्रम ‘दिल से’ मध्यप्रदेश के सभी आकाशवाणी केन्द्रों से एक साथ प्रतिमाह निश्चित तिथि और निर्धारित समय पर प्रसारित होगा।  

Dakhal News

Dakhal News 5 August 2017


टेमीफ्लू

मध्यप्रदेश की सभी दवा की दुकानों में स्वाइन फ्लू में दी जाने वाली दवा टेमीफ्लू उपलब्ध रहेगी। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने स्वाइन फ्लू की दवाओं जैसे- ओसाल्टामिविर और जेनामिविर को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली-1945 के तहत शेड्यूल-एक्स से हटाकर शेड्यूल-एच-1 में शामिल किया है। पहले स्वाइन फ्लू दवा के शेड्यूल-एक्स में होने से इसके लिये अलग से लायसेंस दिया जाता था। यह दवा दूसरी दवाओं के साथ न रखते हुए लायसेंस प्राप्त अस्पतालों में तालाबंद रखी जाती थी। अब एच-1 में शामिल होने से फुटकर दवा विक्रेता भी इसे रख सकेंगे और आवश्यकता होने पर मरीज के परिजन डॉक्टर के पर्चे पर केमिस्ट से खरीद सकेंगे। दुकानदार के लिये अलग से लायसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी। लायसेंस की बाध्यता समाप्त होने से स्टॉकिस्ट अब आसानी से होलसेल डीलर से दवा खरीद सकेंगे। भोपाल के गर्ग मेडिकल स्टोर के श्री सुमित अग्रवाल ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे स्वाइन फ्लू मरीजों को त्वरित लाभ मिलेगा। छतरपुर के केमिस्ट श्री सुनील चौबे ने कहा कि स्वाइन फ्लू मरीज को बहुत तेजी से प्रभावित करता है। ऐसे में दवा की सहज उपलब्धता स्वाइन फ्लू जैसी खतरनाक बीमारी के मुकाबले के लिये वरदान सिद्ध होगी।  

Dakhal News

Dakhal News 5 August 2017


एम्स में खिचड़ी सेवा

भोपाल के गुरूद्वारा श्री गुरूतेग बहादुर साहेब साकेत नगर द्वारा प्रतिदिन एम्स में भर्ती मरीजों के परिजन को नि:शुल्क खिचड़ी वितरित की जायेगी। तकनीकी शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) स्कूल शिक्षा एवं श्रम राज्य मंत्री  दीपक जोशी ने खिचड़ी सेवा का शुभारंभ किया।  उन्होंने सिख समाज द्वारा संचालित लंगर व्यवस्था की भी सराहना की। श्री जोशी ने कहा कि मनुष्य का जीवन परमार्थ और सेवा के लिए है। सिख समुदाय इस अवधारणा से सेवा कार्यों में सदैव सबसे आगे रहा है। डायरेक्टर एम्स डॉ. मधुसूदन नागरकर ने कहा कि खिचड़ी-सेवा में संस्थान द्वारा पूरा सहयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संस्थान में गरीब हो या अमीर, सभी का इलाज और देखभाल समान रूप से की जाती है। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि और सिख समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 4 August 2017


 मोहम्मद इखलाक

छिंदवाड़ा जिला कोर्ट परिसर में पेशी पर आए भाजपा नेता मोहम्मद इखलाक की प्रशांत साहू और उसके तीन साथियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। मामला गैंगवार का बताया जा रहा है। घटना के बाद शहर में तनावपूर्ण स्थिति बनने के बाद जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है। जानकारी के मुताबिक भाजपा के पूर्व अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष मोहम्मद इखलाक पर शिवसेना नेता नरेंद्र पटेल पर प्राणघातक हमला करने का आरोप लगा था। इसी मामले में पुलिस उसे पेशी के लिए दोपहर एक बजे कोर्ट लेकर पहुंची। जैसे ही वे पीछे के गेट से अंदर घुसे इस दौरान वहां मौजूद प्रशांत साहू और उसके साथियों ने इखलाक पर तीन गोलियां चलाई, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। कोर्ट परिसर में हुई इस घटना के बाद अफरा-तफरी का माहौल हो गया। हत्या की खबर जैसे ही शहर में फैली माहौल तनावपूर्ण हो गया। इखलाक के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाया गया है, जिसके बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। उधर एहतियातन शहर में दुकानें बंद करवा दी गई हैं। पुलिस अगर थोड़ी सी सतर्कता बरतती तो इस घटना को रोका जा सकता है। जब इखलाक पर हमला हुआ तो गोली चलाने वाला कोर्ट परिसर के अंदर उसके पास खड़ा था। इससे सुरक्षा पर सवाल खड़े होने लगे हैं, आखिर कोर्ट परिसर में हथियार लेकर कोई कैसे घुस गया।  

Dakhal News

Dakhal News 4 August 2017


रक्षा बंधन

रक्षा बंधन पर बहनें अपने भाइयों से सभी प्रकार के नशे से दूर रहने का वचन मांगेगी। संचालनालय महिला सशक्तिकरण ने इसके लिये अनूठी पहल की है। “ सशक्त परिवार सशक्त देश ’’ पहल के अंतर्गत पूरे प्रदेश में सकल्प पत्र भेजे जा रहे है। सभी सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत, जनपद पंचायत अध्यक्षों, महापौर, पार्षद, कालेज स्कूलों तक पहंचाये जा रहे है। सभी भाइयों तक यह संकल्प पत्र पहुंचेगा। इसे बहनों की पूजा की थाली में रखना होगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गत दिवस मंत्रालय में संकल्प पत्र का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने नवाचारी पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से बने उद्देश्य पूरे होते हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस इस अवसर उपस्थित थी।  

Dakhal News

Dakhal News 3 August 2017


मुस्कान अहिरवार

मुख्यमंत्री  चौहान ने मुस्कान के जूनून और जज्बे को किया सम्मानित  भोपाल में पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली मुस्कान अहिरवार का अपना पक्का पुस्तकालय होगा। अभी वो राजधानी की दुर्गानगर बस्ती में कच्चे मकान में पुस्तकालय चलाती हैं। बच्चों की शिक्षाप्रद 25 किताबों से उनका पुस्ताकलय 2016 में शुरू हुआ था। अब 1000 से ज्यादा किताबों से सज्जित हो गया है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां अपने निवास पर मुस्कान अहिरवार का सम्मान किया और उन्हें दो लाख रूपये की सहायता राशि प्रदान की। साथ ही यह भी कहा कि जल्दी ही एक कमरे का पक्का पुस्तकालय बन जायेगा। मुख्यमंत्री के इस भावनात्मक उपहार से अभिभूत मुस्कान कहती हैं कि अब उन्हें और बस्ती के बच्चों को पढ़ने और आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। मामाजी हमारे साथ हैं। अब हमें अपना काम करना है। मामा जी की सरकार हमारे साथ है। मुस्कान ग्लोरियस हायर सेकेण्डरी स्कूल जहांगीराबाद में पढ़ती हैं। उनकी बड़ी बहन नेहा अहिरवार नवीं कक्षा में तात्या टोपे हायर सेकेण्डरी स्कूल में पढ़ती हैं। छोटा भाई विकास चौथी में मुस्कान के साथ ही स्कूल जाता है। आकाश पहली कक्षा में है। उनके चाचा राकेश कुमार घर में मदद करते हैं। उनका सेंटरिंग का काम है। मुस्कान के पिता मनोहर अहिरवार भी सेंटरिंग का काम करते थे। सात जुलाई को उनका निधन हो गया। मुस्कान बताती हैं कि पापा कहते थे कुछ करके दिखाओ । इसके लिये खूब पढ़ो। वो स्वयं डाक्टर बनना चाहती हैं। मुस्कान बताती हैं कि अभी रोज शाम पांच से सात बजे तक पुस्तकालय लगता है। करीब बीस पच्चीस बच्चे आते हैं। चटाई और दरी पर बैठना पड़ता है। कुछ बच्चे किताबें घर ले जाते हैं। फिर वापस कर देते हैं। मैं किताब के बारे में कुछ सवाल पूछ लेती हूँ जिससे यह पता चल जाता है कि बच्चे ने किताब पढ ली है। एक रजिस्टर है जिसमें सारा हिसाब रहता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुस्कान जैसी बेटियों के काम को पूरा समाज आगे बढ़ाये तो स्थितियां बदलते देर नहीं लगेगी। सरकार की ओर से हर प्रकार की सहायता दी जायेगी।  

Dakhal News

Dakhal News 3 August 2017


अध्यापक बनेंगे संविदा शाला शिक्षक

  मध्यप्रदेश में वर्ष 2013-14 में सीधी भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत सरकारी स्कलों में 42 हजार 88 संविदा शाला शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। नियुक्त किये गये। संविदा शाला शिक्षकों को कार्य करते हुए 3 वर्ष से अधिक की सेवा अवधि हो चुकी है। लोक शिक्षण संचालनालय ने संविदा शाला शिक्षक को अध्यापक संवर्ग के पद पर नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने समस्त जिला कलेक्टर्स और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी किये है। तीन वर्ष की संविदा नियुक्ति की कालावधि पूरी कर चुके संविदा शाला शिक्षकों को अध्यापक संवर्ग में नियुक्ति की पात्रता के संबंध में गठित छानबीन समिति निर्धारित मापदंडों की जाँच करेगी। छानबीन के बाद ही पात्र पाये जाने पर अध्यापक संवर्ग में नियुक्ति की जायेगी। संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-1 को वरिष्ठ अध्यापक, संविदा शाला शिक्षक-2 को अध्यापक और संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-3 को सहायक अध्यापक के रूप में अध्यापक संवर्ग के वेतनमान के न्यूनतम पर नियुक्त किया जायेगा। आगामी वेतन वृद्धि की तारीख एक वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद देय होगी। जिले में गठित छानबीन समिति के अध्यक्ष जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी होंगे। समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, जिला शिक्षा अधिकारी अथवा सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण समिति के सदस्य सचिव होगे। समिति में अनुसूचित जाति अथवा जनजाति प्रवर्ग के एक अधिकारी को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में संबंधित जिला कलेक्टर्स को नियत समय में आवश्यक कार्यवाही करने के लिये कहा है।  

Dakhal News

Dakhal News 1 August 2017


चरण पादुका योजना

एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार वनवासियों के हितों का पूरा-पूरा ख्याल रखेगी। राज्य सरकार ने उनके हितों में अनेक निर्णय लिये हैं। वनवासियों को वनोपज का उचित मूल्य मिल सके, इसके लिये राज्य सरकार महुआ और अचार की गुठली जैसी वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2015-16 में बोनस का लगभग 71 करोड़ रुपये वितरित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  चौहान सतना जिले के मझगवां विकासखण्ड के बरौंधा में तेंदूपत्ता संग्राहकों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने संग्राहकों को अपने हाथों से जूते-चप्पल पहनाकर और पानी की बॉटल देकर चरण पादुका योजना की शुरूआत की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में महुआ फूल की खरीदी भी 30 रुपये प्रति किलो की दर पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि मझगवां के वन क्षेत्र में अचार, महुआ और करंज जैसी कई तरह की वनोपज पैदा होती है। इनकी खरीदी के लिये वन विभाग बरौंधा, कौहारी, पछीत और पाथरकछार में 4 खरीदी केन्द्र खोलेगा। गरीबों की आवास समस्या का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पक्का मकान देने की योजना में सतना जिले में 23 हजार और वन ग्रामों में 6000 मकान स्वीकृत किये गये हैं। वन क्षेत्र में इस वर्ष 5000 पक्के मकानों का विशेष पैकेज दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के संकल्प के तहत पाथरकछार में 30 करोड़ 64 लाख रुपये के तालाब और अन्य ग्रामों में सिंचाई तालाब बनाकर पानी की व्यवस्था की जायेगी। क्षेत्र में 5000 कपिलधारा के कुएँ भी बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिये स्व-सहायता समूह बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस वनवासी क्षेत्र में 50 कस्टम हायरिंग केन्द्र खोले जाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि सरकारी हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था की जायेगी। पहाड़ी अंचल के इन गाँव में दीनदयाल चलित अस्पताल की व्यवस्था भी की जायेगी। उन्होंने क्षेत्र के हाईस्कूल को हायर सेकेण्डरी के रूप में उन्नयन करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने वनोपज और बाँस शिल्प की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सतना नगर में सुभाष पार्क से जगतदेव तालाब तक पहुँची काँवर यात्रा में शामिल काँवरियों पर पुष्प-वर्षा कर मंगल कामना की। इस मौके पर वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, प्रभारी मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे, सांसद श्री गणेश सिंह एवं स्थानीय जन-प्रतिनिधि भी मौजूद थे।  

Dakhal News

Dakhal News 1 August 2017


उमाशंकर गुप्ता

एमपी के राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने तीन कार्यों का भूमि-पूजन किया। श्री गुप्ता ने वार्ड 27 में एलआईजी 173 के सामने कोटरा में सी.सी. रोड और वार्ड 26 में शासकीय विद्यालय 25वीं बटालियन की वाउण्ड्रीबाल का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कमला नगर थाने के पास मैदान में मटकी फोड़ प्रतियोगिता के लिए भी भूमि-पूजन किया। विजेता को मिलेगा 51 हजार रुपये राजस्व मंत्री श्री गुप्ता के कहा कि कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर 16 अगस्त को होने वाली मटकी फोड़ प्रतियोगिता में विजेता टीम को 51 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन लोगों को जोड़ते हैं। उन्होंने प्रतियोगिता स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 31 July 2017


सरदार सरोवर परियोजना

बड़वानी सरदार सरोवर परियोजना के डूब क्षेत्र प्रभावितों के लिए दिल्ली से राहत भरी खबर है। सोमवार को पुर्नवास को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई में मुख्य न्यायधीश ने अंतरिम फैसला सुनाते हुए 8 अगस्त तक डूब क्षेत्र में यथास्थिति रखने के निर्देश दिए है। नर्मदा बचाओ आंदोलन की मेधा पाटकर ने जानकारी देते हुए बताया कि मामले में विस्तृत सुनवाई 8 अगस्त को होगी। जरूरत पड़ने पर माननीय न्यायालय पुनर्वास की तारीख और आगे बढ़ा सकता है। इसके पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा सरदार सरोवर परियोजना के डूब क्षेत्र में आज तक सारे गांवों को खाली करना था। पूर्ण पुनर्वास के लिए तय की गई डेडलाइन का सोमवार अंतिम दिन था। जिसके बाद से ही नर्मदा बचाओ आंदोलन, उनसे जुड़े डूब प्रभावितों ने तैयारियां तेज कर दी थी। रविवार को भी डूब प्रभावितों ने बड़वानी में कफन आंदोलन किया था और धार जिले के चिखल्दा में जल सत्याग्रह। चिखल्दा में ही नर्मदा बचाओ आंदोलन नेत्री मेधा पाटकर सहित 12 लोगों का अनिश्चितकालीन अनशन सोमवार को भी जारी रहा है।  

Dakhal News

Dakhal News 31 July 2017


मैहर संत रविदास आश्रम

मुख्यमंत्री चौहान द्वारा संत रविदास आश्रम में समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने मैहर में संत रविदास आश्रम पहुँचकर मंदिर में दर्शन किये और ब्रम्हलीन गुरू परमेश्वर प्रकाश जी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर में संत शिरोमणि रविदास जी के भव्य मंदिर के निर्माण कार्य का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप मंदिर का निर्माण दो करोड़ रूपये लागत से कराया जा रहा है। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री ओम प्रकाश धुर्वे, सांसद श्री गणेश सिंह, विधायक श्री नारायण त्रिपाठी, श्री रमेश पाण्डेय बम बम महाराज, जन-प्रतिनिधिगण सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी के चरणों में प्रणाम करने यहां आया हूँ। संत जी का भव्य मंदिर बनेगा। मंदिर निर्माण का कार्य तय समय में पूरा होगा। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रदेश में संत रविदास महाकुम्भ का आयोजन होगा। स्थल का चयन विचार-विमर्श के बाद तय होगा। मुख्यमंत्री ने संत रविदास आश्रम में पीपल का पौधा रोपित किया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के सतना आगमन पर स्थानीय हवाई पट्टी पर आयुष एवं जल-संसाधन राज्य मंत्री श्री हर्ष सिंह, सांसद श्री गणेश सिंह, महापौर सुश्री ममता पाण्डेय, श्री नरेन्द्र त्रिपाठी, जन-प्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों ने आत्मीय स्वागत किया।  

Dakhal News

Dakhal News 31 July 2017


 नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(एनजीटी)

भोपाल में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(एनजीटी) के सम्मेलन में मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों सहित कई पर्यावरणविद शामिल हुए। इस दौरान स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत वर्ष 2016-17 में किए गए स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत देश में पहला स्थान प्राप्त करने व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर इंदौर महापौर मालिनी गौड़ और आयुक्त मनीष सिंह को पुरस्कृत किया गया। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देशभर में हरियाली और प्रदूषण रोनके लिए एनजीटी ने बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पर्यावरण को सुरक्षित रखाना है तो एनजीटी को और कड़े कदम उठाने होंगे। मध्यप्रदेश के लोग पर्यावरण प्रेमी है। सीएम ने कहा कि पेड़ों में तुलसी, आवंला, बरगद और पीपल की पूजा की जाती है। यह पर्यावरण बचाने का संदेश है। छत्तीसगढ़ के सीएम डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पर्यावरण बचाने के लिए हम दूसरों से उम्मीद करते हैं कि वो नियम फॉलो करे, लेकिन खुद नहीं करते। उन्होंने कहा कि गंगा में डुबकी लगाकर हम खुदको पवित्र समझते हैं, लेकिन नदियों का जल कितना प्रदूषित हो गया है। वृक्षारोपरण क्या किया जाए इस पर भी ध्यान देना होगा।  

Dakhal News

Dakhal News 29 July 2017


महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस

  महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा है कि प्रदेश में कुपोषण नियंत्रण के लिये महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ-साथ कृषि और इससे संबंधित विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे। श्रीमती चिटनिस पोषण परिपूर्ण ग्राम की अवधारणा के क्रियान्वयन के लिए विशेषज्ञ समूह की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती चिटनिस ने कहा कि गाँव में कृषि एवं अनुषांगिक गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण आवश्यकताओं को स्‍थानीय उपज से पूरा कर कुपोषण से निजात दिलायी जा सकेगी। उन्होंने बताया कि इस योजना पर कार्य शुरू कर दिया गया है। कृषि विज्ञान केन्द्रों के समन्वय से प्रत्येक परियोजना में एक ग्राम को पोषण परिपूर्ण ग्राम के रूप में विकसित करने की योजना है। इस अवसर पर जिलों से आए कृषि वैज्ञानिकों ने कार्य-योजना का प्रस्तुतिकरण किया। बैठक में प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास श्री जे.एन. कंसोटिया, आईसीडीएस प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुश्री निधि निवेदिता, कृषि विज्ञान केन्द्र जोन-7 अटारी के निदेशक कृषि वैज्ञानिक श्री अनुपम मिश्र, संचालक कृषि उद्यानिकी, पशुपालन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।  

Dakhal News

Dakhal News 28 July 2017


 दाल मिल एसोसिएशन

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से आज यहां मुख्यमंत्री निवास में दाल मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने भेंट की। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री संजय पाठक भी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 28 July 2017


 उमाशंकर गुप्ता

mp के राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री  उमाशंकर गुप्ता ने पूर्व राष्ट्रपति श्री ए.पी.जे अब्दुल कलाम की पुण्य तिथि पर कोटरा में उनके छाया-चित्र पर माल्यार्पण किया। श्री गुप्ता ने कहा कि श्री कलाम के कार्य अविस्मरणीय और प्रेरणादायक हैं। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय है। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।  रामनगर में स्कूल बाउण्ड्रीवाल का भूमि-पूजन राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने वार्ड 25 स्थित रामनगर में स्कूल की बाउण्ड्रीवाल और शेड निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया। श्री गुप्ता ने रहवासियों को शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 27 July 2017


शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्माण विभागों को निर्देशित किया है कि कार्यों की गुणवत्ता, निर्माण अवधि आदि के महत्वांकाक्षी लक्ष्य निर्धारित कर कार्य किये जायें। श्री चौहान आज मंत्रालय में प्रगति ऑनलाइन के दौरान निर्माण कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। ऑनलाइन समीक्षा में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रकाशन 'समझ झरोखा' का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति, कार्य की पूर्णता और गुणवत्ता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आदिम जाति कल्याण विभाग के निर्माणाधीन कन्या शिक्षा परिसरों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश के 28 जिलों में 65 परिसरों का निर्माण किया जाना है। कुल 52 स्थलों पर निर्माण कार्य प्रारम्भ हो गये हैं। मुख्यमंत्री ने उपयुक्त भूमि की अनुपलब्धता की जानकारी मिलने पर संबंधित जिलों के कलेक्टरों और परियोजना क्रियान्वयन इकाई से सीधा संवाद किया। उन्होंने अधिकारियों को एक सप्ताह में उपयुक्त भूमि चयन का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम में सीधी जिले की ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना मझोली, उमरिया जिले की ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना मानपुर, कन्या शिक्षा परिसर, बैतूल-खंडारा-आमला-बोरदेहि-बांसखापा-नागदेव मंदिर रोड, खमरपानी-सावरनी-लोधीखेड़ा-रेमंड चौक रोड, निवारी-सेंद्री रोड, बेनजीर पैलेस का हेरिटेज होटल में रूपांतरण, पूर्व क्षेत्र में फीडर सेपरेशन, रीवा की अमृत योजना अंतर्गत सीवरेज परियोजना और जबलपुर स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कार्य को समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिये।  

Dakhal News

Dakhal News 27 July 2017


मेजर जनरल टी.पी.एस.रावत

कारगिल विजय दिवस पर आज सैनिक विश्राम गृह में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के संबंध में जनसमुदाय चल चित्र के माध्यम से विस्तृत जानकारी को दी गई। मुख्य अतिथि मेजर जनरल टी.पी.एस.रावत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सेनाएँ देश की सीमाओं और देशवासियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। विपरीत पस्थितियों में सेना ने बड़े धैर्य और साहस से पराक्रम का प्रदर्शन करते हुए कारगिल युद्ध में विजय हासिल की थी। यह युद्ध किसी अन्य देश की सेना द्वारा जीत पाना असंभव था। मेजर जनरल रावत ने बताया कि दुर्गम स्थल होते हुए भी हमारी सेना ने कारगिल युद्ध लड़कर दुश्मनों को परास्त किया। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक अपने जीवन का अधिकतम और स्वर्णिम समय देश की सेवा में सर्मपित करते हैं। हमें भी उनके प्रति सदैव अपनत्व और सहयोग की भावना रखना चाहिये। इस अवसर पर मेजर जनरल अशोक कुमार,कर्नल ओ.पी.मिश्रा,कर्नल वी.पी.त्रिपाठी,कर्नल प्रणव मिश्रा (से.नि.) ने 16500 फिट उंची बर्फीली पहाड़ी पर हुऐ कारगिल सहित अन्य युद्धों की परिस्थितियों,सेना की रणनीति आदि के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी। इस युद्ध में 8 जवान शहीद और 48 सैन्य कार्मिक घायल हुऐ थे। कारगिल में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि और राष्ट्रगान के उपरान्त कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम का संचालन कर्नल गिरिजेश सक्सेना तथा आभार प्रदर्शन कर्नल यशवंत के.सिंह ने किया। इस अवसर पर संचालक सैनिक कल्याण ब्रिगे.आर.एस. नोटियाल, भोपाल एक्स सर्विसेस लीग के अध्यक्ष कार्नल एस कुमार सहित सेवारत/सेवानिवृत्त सैन्य कार्मिक,उनके परिवारजन,शासकीय सेवक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 26 July 2017


ias रजनीश वैश

भ्रामक प्रचार से विचलित न हों किसान : रजनीश वैश  नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, अपर मुख्य सचिव  रजनीश वैश ने कहा है कि नर्मदा नदी से मध्यप्रदेश में किसानों द्वारा खुद के साधनों से की जा रही सिंचाई पर रोक लगाने संबंधी कोई आदेश नहीं है। किसानों को नर्मदा नदी से पानी लेने का अधिकार पूर्व की तरह यथावत है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों की विद्युत लाईन डूब में आयेगी, उन्हे नये उद्वहन स्थान पर पम्प मोटर के लिये विद्युत कनेक्शन प्राप्त करने का अधिकार सुरक्षित है। ऐसे किसानों को नये उद्वहन स्थान पर पूर्व की तरह ही विद्युत कनेक्शन प्रदान किया जायेगा। श्री वैश ने किसानों से अपील की है भ्रामक प्रचार से विचलित नहीं हों। साथ ही, अपने साथी किसानों को भी वस्तुस्थिति से अवगत करायें।    

Dakhal News

Dakhal News 26 July 2017


दिव्यांगजन अधिनियम पर हुई कार्यशाला

  भारत सरकार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा दिव्यांगजनों के लिए दिव्यांगजन अधिनियम प्रकाशित किया गया है। अधिनियम के तहत राज्य सरकारों से नियम बनाने की अपेक्षा की गई है। यह जानकारी दिव्यांगजन अधिनियम पर हुई कार्यशाला में दी गयी। कार्यशाला में राज्य सरकार द्वारा बनाये जाने वाले दिव्यांगजन अधिनियम के नियमों में जिन विभागों को शामिल किया गया है। उन्हें उनकी भूमिका से अवगत कराया गया। कार्यशाला में मुख्य रूप से स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, गृह, पुलिस, महिला एवं बाल विकास, राजस्व एवं अन्य उत्तरदायी विभाग के अधिकारी उपस्थित हुए। सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती नीलम शमी राव द्वारा कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला गया। कार्यशाला में विशेषज्ञ के रूप में सेवा निवृत्त अपर मुख्य सचिव एम.एम. उपाध्याय एवं सेवा निवृत्त प्रमुख सचिव  व्ही.के. बाथम ने दिव्यांगजन अधिनियम के नियम बनाने की दिशा में आवश्यक मार्गदर्शन दिया।

Dakhal News

Dakhal News 25 July 2017


shiv mahakal

श्रावण मास के तीसरे सोमवार पर भगवान श्री महाकाल की सवारी पुलिस बैण्ड एवं घुड़सवार दल के साथ से क्षिप्रा तट पर पहुँची। यहाँ पर क्षिप्रा के पवित्र जल से भगवान महाकाल का पूजन-अर्चन हुआ। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह के साथ पूजन में शामिल हुए। इस अवसर पर विधायक डॉ. मोहन यादव, श्री अनिल फिरोजिया, श्री इकबालसिंह गांधी सहित गणमान्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। भगवान महाकालेश्वर की पालकी ने जैसे ही रामघाट पर प्रवेश किया, कड़ाबीन के धमाकों से रामघाट गुंजायमान हो गया। रामघाट एवं दत्त अखाड़ा घाट पर खड़े हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल की पालकी का जय महाकाल के नारे से स्वागत किया। श्रावण की फुहारों ने वातावरण में भक्तिरस घोल दिया। रामघाट पर पालकी को विश्राम देकर पालकी में विराजित चंद्रमौलेश्वर की मूर्ति का पूजन-अर्चन करने के बाद पुरोहितों द्वारा आरती की गई। लगभग 45 मिनिट तक चले इस क्रम के बाद पालकी पुन: निर्धारित मार्ग पर भ्रमण के लिये रवाना हुई।  

Dakhal News

Dakhal News 25 July 2017


मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल

इस वर्ष 20 दिन में घोषित किया गया परीक्षा परिणाम   मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड परीक्षा मार्च 2017 में कक्षा 10 और कक्षा 12वीं में अनुर्त्तीण रहे छात्रों के लिये राज्य ओपन शिक्षा परिषद द्वारा 'रूक जाना नहीं' योजना से करीब 22 हजार छात्रों को आगे की कक्षाओं में पढ़ने का अवसर मिलेगा। इन छात्रों के लिये राज्य ओपन स्कूल ने 19 जून से 3 जुलाई तक परीक्षा आयोजित की। राज्य ओपन स्कूल ने इस योजना में रिकार्ड समय 20 दिन के भीतर परीक्षा परिणाम घोषित किया है। उत्तीर्ण छात्रों को आगे की कक्षाओं में प्रवेश दिलाने में सहयोग दिया जायेगा। रूक जाना नहीं योजना में असफल रहे कक्षा 10 के 4,198 और कक्षा 12 के 17 हजार 740 छात्रों ने परीक्षा में सफलता हासिल की है। योजना में असफल रहे छात्रों के लिये एक और अवसर इस वर्ष नवम्बर और दिसम्बर माह में होने वाली परीक्षा में और दिया जायेगा। इसके लिये फार्म भरने की प्रकिया अगस्त माह के पहले सप्ताह से पुन: शुरू की जायेगी। रूक जाना नहीं योजना प्रदेश में वर्ष 2016 से स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रारंभ की थी। वर्ष 2016-17 में असफल रहे छात्रों के लिये 4 अलग-अलग चरणों में परीक्षा आयोजित की गई थी। इन परीक्षाओं में वर्ष 2016 की माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड की कक्षा 10 और कक्षा 12वीं के 86 हजार 23 छात्रों को बोर्ड परीक्षा पास करने में सफलता मिली थी। इस वर्ष के परीक्षा परिणाम मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद की वेबसाइट http://www.mpsos.nic.in/पर देखे जा सकते है।

Dakhal News

Dakhal News 24 July 2017


सलीना सिंह

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती सलीना सिंह ने कहा है कि लोकतंत्र की सफलता में निर्वाचकों की भूमिका को देखते हुए निर्वाचन नामावली का शुद्ध और पारदर्शी होना जरूरी है। इसके लिये निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और प्रोग्रामर को विशेष ध्यान देना होगा। श्रीमती सिंह आज निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के ईआरओ नेट प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में सभी 51 जिलों के अधिकारी उपस्थित थे। श्रीमती सलीना सिंह ने कहा कि ईआरओ नेट के माध्यम से अब सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बेहतर समन्वय से कार्य कर सकेंगे। इससे कार्य निष्पादन में और तत्परता आयेगी। इस अवसर पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री एस.एस. बंसल सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

Dakhal News

Dakhal News 23 July 2017


खनिज साधन मंत्री  राजेन्द्र शुक्ल

खनिज साधन मंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश में नदियों से रेत के वैज्ञानिक उत्खनन तथा विपणन की प्रभावी पारदर्शी व्यवस्था के लिये हुई कार्यशाला की अनुशंसाओं को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाये। नीति को बेहतर से बेहतर बनाने के लिये 15 दिवस में प्रस्ताव तैयार किया जाये। श्री शुक्ल आज मंत्रालय में प्रदेश में रेत खनिज के उत्खनन और विपणन के संबंध में गठित समिति की अध्यक्षता कर रहे थे। श्री शुक्ल ने कहा कि नर्मदा तथा अन्य नदियों से खनिज के उत्खनन के संबंध में स्थायी समाधान होना चाहिये। उन्होंने कहा कि कार्यशाला के सभी निष्कर्षों को ध्यान में रखते हुए रेत खनिज की उत्खनन और विपणन की पारदर्शी व्यवस्था की नीति तैयार की जाये। खनिज मंत्री ने कहा कि नर्मदा नदी से रेत के उत्खनन के लिये सभी प्रभावी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए समग्र प्रतिवेदन शीघ्र तैयार किया जाये। श्री शुक्ल ने कहा कि कार्यशाला के निष्कर्षों के आधार पर प्रदेश में आदर्श रेत खनिज नीति बनेगी। उन्होंने कहा कि इससे देश के अन्य राज्यों को भी लाभ मिलेगा। बैठक में सचिव खनिज साधन श्री मनोहर दुबे ने कार्यशाला में विभिन्न सत्र में हुई चर्चा के निष्कर्षों की जानकारी दी। बैठक में प्रमुख सचिव नगरीय विकास श्री मलय श्रीवास्तव, उप सचिव खनिज श्री राकेश श्रीवास्तव, आई.आई.टी. खड़गपुर, (पश्चिम बंगाल) के प्रोफेसर श्री के.पाठक तथा प्रोफेसर श्री अभिजीत मुखर्जी, विभागाध्यक्ष पर्यावरण विज्ञान, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल श्री प्रदीप श्रीवास्तव, संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म श्री व्ही.के. ऑस्टिन सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।      

Dakhal News

Dakhal News 22 July 2017


मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि खनन नीति का आधार पर्यावरण संरक्षण, सतत् विकास और मानवीय दृष्टिकोण होना चाहिये। रेत से राजस्व अर्जित करना सरकार की मंशा कतई नहीं है। श्री चौहान ने आज एप्को सभागार में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि विकास के लिए रेत की सुलभ उपलब्धता हो। अवैध गतिविधियाँ बंद हों। नदियों का दोहन हो, शोषण नहीं। खनन दृष्टिकोण मानवीय हो। उन्होंने कहा कि इन्हीं उद्देश्यों पर आधारित खनन नीति निर्माण के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया है। श्री चौहान ने सरकार द्वारा खनन नीति निर्माण के विभिन्न स्वरूपों का चरणबद्ध उल्लेख किया और कार्यशाला में विचारणीय मुद्दों को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि प्रदेश की खनन नीति का स्वरूप कार्यशाला के मंथन से निकला अमृत निर्धारित करेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर कहा कि प्रकृति पर केवल मानवमात्र का अधिकार नहीं है। जीव-जंतुओं, चल-अचल सभी तत्वों का समान अधिकार है। अत: प्रकृति के साथ संतुलित व्यवहार जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर होने वाले आत्मघाती प्रभावों के संकेत पृथ्वी के तापमान में वृद्धि, अवर्षा, अनियमित वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं के रूप में सामने आने लगे हैं। अनेक जीव-जंतु धरती से विलुप्त होने लगे हैं। महाशीर मछली सहित अनेक जीव-जंतु विलुप्ती के कगार पर है, उनके संरक्षण के प्रयास हो रहे हैं। संसार में सर्वत्र चिंता हो रही है। प्रदेश के नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण के लिये नर्मदा सेवा यात्रा के संकल्प और 12 घंटों में 7 करोड़ 13 लाख पौधे रोपकर इस दिशा में अपना फर्ज निभाया है। श्री चौहान ने कहा कि यह जरूरी हो गया है कि हम भावी पीढ़ी के लिए स्वस्थ वातावरण छोड़ें जिसमें सभी के लिये जीवन के समान अवसर हों। श्री चौहान ने कहा कि हमें प्रकृति से उतना ही लेना चाहिये जिसकी प्रकृति स्वयं भरपाई कर सके। नदी से हम उतनी रेत लें जिसकी वह स्वयं भरपाई कर सकें। पर्यावरण और विकास में संतुलन हमारी नीति का आधार हो। एक पक्षीय प्रयास उचित नहीं हैं। नदी से रेत उत्खनन अगर पूर्णत: बंद हो जाता है तो नदी में कटाव की समस्या आ जाती है। किनारे की उपजाऊ भूमि रेत में बदलने लगती है। इसी तरह विकास के लिये रेत की सहज उपलब्धता अंधाधुंध लाभार्जन प्रतिस्पर्धा को बढ़ाकर नदी के अस्तित्व के लिये संकट खड़ाकर देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जरूरी है कि नीति ऐसी बने जो संतुलित और व्यवहारिक हो। खनन नीति से आर्थिक लाभ की प्रतिस्पर्धा उत्पन्न नहीं हो। अवैध गतिविधियां बंद हों। मानव हस्तक्षेप के अवसर नियंत्रित और न्यूनतम हों। प्रक्रियाएं पारदर्शी हों। दृष्टिकोण मानवीय हो। आम उपभोक्ता को रेत सस्ती दर पर सुलभ हो। रोजगार के नये अवसर सृजित हों। मुख्यमंत्री ने कार्यशाला के विशेषज्ञों का आव्हान किया कि खनन नीति पर समग्र और मानवीय परिप्रेक्ष्य में चिंतन करें। खनन की वैज्ञानिक प्रक्रिया हो, जो रोजगार के अवसर सृजित करने के साथ ही पारिस्थितिकी का संरक्षण करे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कार्यशाला का चिंतन प्रदेश की खनन नीति निर्माण में सहयोगी होने के साथ ही पूरे देश की खनन नीति निर्माण में दिग्दर्शन करेगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायाधिपति श्री दिलीप सिंह ने कहा कि कार्यशाला का आयोजन अत्यंत सराहनीय पहल है। गहन चिंतन से खनिकर्म से संबंधित विभिन्न पहलुओं में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। कार्यशाला के निष्कर्ष सस्टेनबल पॉलिसी निर्माण में सहयोगी होंगे। उन्होंने प्रतिभागियों का आव्हान किया कि वे विषय विशेषज्ञ हैं। जमीनी हकीकतों से सीधे जुड़े हैं। उनके विचार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सब खुलकर विचार, सुझाव और शंकायें प्रस्तुत करें ताकि नदी प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था हो। पर्यावरण, राजस्व और उपभोक्ता हितों का प्रभावी संरक्षण हो। उन्होंने कहा कि विकास के लिए खनिकर्म जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी भावी पीढ़ी के लिये स्वस्थ पर्यावरण छोड़ना है। पर्यावरण और विकास में संतुलन होना चाहिए। विकास के लिए रेत के विकल्पों को भी तलाशा जाये। अवैध उत्खनन को प्रतिबंधित करने के लिए सम्बद्ध विभागों का तंत्र सुदृढ़ हो। मानीटरिंग प्रक्रिया मजबूत हो। खनन वैज्ञानिक तरीके से हो। खनन की अनुमति खनिज की उपलब्धता के आधार पर मिले। पर्यावरण अनुमतियाँ मौका मुआयना के बाद ही प्रदान करने आदि की व्यवस्थायें होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि खनन कैसे हो, कहाँ हो, कितना हो, इसके स्पष्ट दिशा-निर्देश होने चाहिए। खनिज संसाधन मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कार्यशाला का आयोजन राज्य की खनन नीति का स्वरूप फूल-प्रूफ बनाने के मार्गदर्शी सिद्धांतों के निर्माण के लिए किया गया है। प्रयास है कि विकास कार्यों के लिए खनिज उपलब्ध हो। खनन का विपरीत प्रभाव नदी के स्वास्थ्य पर नहीं पड़े। जीव-जंतुओं के जीवन के लिए कोई खतरा पैदा नहीं हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रेत की उपलब्धता 7 करोड़ घनमीटर है। आवश्यकता 3 करोड़ घनमीटर की आँकलित की गई है। प्रयास है कि ऐसी नीति बने जो रेत हार्वेस्टिंग के अनुरूप हो। जितनी रेत बहकर आये, नदी से उतना ही उत्खनन हो। अवैध उत्खनन पूर्णत: प्रतिबंधित हो जाये। रेत के विपणन की व्यवस्था ऐसी हो जिससे आम उपभोक्ता को सस्ती दर पर रेत सुलभ करवाई जा सके । खनिज निगम अध्यक्ष श्री शिव चौबे ने कार्यशाला में आभार प्रदर्शन किया। संचालन श्री सुधीर कोचर ने किया। प्रारम्भ में अतिथियों का स्वागत रूद्राक्ष का पौधा और श्री अमृतलाल वेगड़ की पुस्तकों, सौंदर्य की नदी नर्मदा एवं अमृतस्थ नर्मदा भेंट कर किया गया। उद्घाटन सत्र में राज्य की खनन नीति पर तेलगांना संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म श्री सुशील कुमार ने और छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म श्री डी.महेशबाबू ने पावर प्वाइंट प्रेजेन्टेशन दिया। बताया गया कि कार्यशाला के दौरान समानांतर रूप से तीन तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया है। जिसमें विषयवार विशेषज्ञ चिंतन कर विचार प्रस्तुत करेंगे। चौथा समापन का निष्कर्ष सत्र होगा। कार्यशाला की अनुशंसाएं प्रस्तुत की जायेंगी। कार्यशाला का विषय नदियों की पारिस्थितिकी के अनुकूलन, रेत हार्वेस्टिंग एवं विपणन नीति निर्धारण था। आयोजन भौमिकी एवं खनिकर्म संचालनालय म.प्र. और राज्य खनिज निगम लिमिटेड के तत्वावधान में किया गया था। कार्यशाला में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, उपाध्यक्ष खनिज निगम श्री गिरिराज किशोर, देश के खनिकर्म से संबंधित विभिन्न संगठनों और विषयों के प्रख्यात विशेषज्ञ, विचारक और शोधार्थी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 22 July 2017


कृषि क्रांति

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब दूसरी कृषि क्रांति करेगा। इसके माध्यम से किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलेगा और उनकी समस्या का स्थायी समाधान होगा। देश को भी नई दिशा मिलेगी। आज यहाँ मंत्रालय में प्याज खरीदी की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने प्याज खरीदी और नीलामी की मानिटरिंग के लिये उच्च स्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिये। श्री चौहान ने कहा कि प्याज खरीदी, बिक्री और नीलामी की प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि प्याज खरीदी और नीलामी की पारदर्शी व्यवस्था बनाई गई है। उच्च-स्तरीय निगरानी समिति अगले तीन महीने तक इस व्यवस्था के संचालन की निगरानी करेगी। उन्होंने कहा कि प्याज खरीदी की जाँच भी की जायेगी। इसके लिये जिन केन्द्रों से शिकायत मिलेगी, वहाँ विशेष जाँच दल भेजकर जाँच करायी जायेगी। बैठक में बताया गया कि अब तक 8 लाख 76 हजार मीट्रिक टन प्याज की खरीदी की जा चुकी है। इसमें से करीब 90 प्रतिशत प्याज की नीलामी की जा चुकी है। भारत सरकार ने प्याज की खरीदी की मात्रा को देखते हुए 20 प्रतिशत प्याज खराब होने के संभावना जतायी थी जबकि अभी केवल 5 प्रतिशत प्याज खराब हुआ है। राशन दुकानों से गरीबों को प्याज उपलब्ध करवाने की सुचारु व्यवस्था अत्याधिक सफल रही है। जल्दी ही प्याज के शेष स्टॉक का निराकरण किया जायेगा। प्याज खरीदी के माध्यम से 1 लाख 54 हजार किसान लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि खरीदी और नीलामी की प्रक्रिया की जाँच करते समय किसानों को भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होना चाहिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्याज खरीदी और नीलामी से जुड़ा जो सरकारी अमला सरकार की मंशा और तय प्रक्रिया के अनुरूप कार्य कर रहा है, उसे पूरा संरक्षण दिया जायेगा। अनियमितता बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रावाई होगी। बैठक में बताया गया कि प्याज खरीदी की व्यवस्था से प्याज उत्पादक किसान पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्हें अपनी उपज का लाभकारी मूल्य मिल गया है। पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित है। श्री चौहान ने कृषि लागत मूल्य निर्धारण आयोग की जल्दी स्थापना कर कार्य शुरू करने के निर्देश दिये। बैठक में कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अजीत केसरी एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 21 July 2017


lal singh aary

नर्मदा घाटी में सिंचाई विस्तार के लिये वर्तमान में जो निर्माणाधीन परियोजनाओं को लक्षित समयावधि में पूरा करने के लिये सघन प्रयास किये जायें। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये कि परियोजना कमाण्ड क्षेत्र का कोई भी किसान सिंचाई लाभ से वंचित न रहे। यह बात नर्मदा घाटी विकास विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री लाल सिंह आर्य ने आज यहां नर्मदा भवन से परियोजना कार्यों की गहन समीक्षा के दौरान कही। श्री आर्य ने इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर, मान, जोबट, पुनासा उद्वहन, अपरबेदा, लोअरगोई, रानी अवंती बाई सागर, बरगी व्यपवर्तन सहित नई स्वीकृत परियोजनाओं के निर्माण और संचालन की विस्तृत जानकारी ली। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री रजनीश वैश ने परियोजनाओं के विभिन्न पक्षों की विस्तृत जानकारी देते हुये बताया कि वर्ष 2016-17 में परियोजनाओं से 5 लाख 50 हजार हेक्टेयर रकबे को जल उपलब्ध कराया गया। इसे जारी रखते हुये वर्ष 2017-18 में 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित किया जायेगा। श्री वैश ने नर्मदा मालवा गम्भीर लिंक के 65 प्रतिशत तक पूर्ण हुये कार्यों की जानकारी देते हुये सरदार सरोवर विस्थापन और पुनर्वास कार्य की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। बैठक में प्राधिकरण के सदस्य, मुख्य अभियन्तागण तथा पुनर्वास से संबंधित अधिकारी मौजूद थे।  

Dakhal News

Dakhal News 19 July 2017


लोक शिक्षण संचालनालय

  आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने स्कूल शिक्षा विभाग में इस समय चल रही युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को सही बताया है और उन्होंने इस संबंध में स्थिति भी स्पष्ट की है। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से करीब 20 हजार अतिशेष पदों की पूर्ति उन प्राथमिक शालाओं में हो सकेगी, जहाँ पर शिक्षक कम हैं अथवा पदस्थ नहीं है। आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने बताया कि युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य ऐसे विद्यालयों में जहाँ शिक्षकों की संख्या छात्र संख्या के अनुपात में अधिक है, वहाँ से छात्रों के अनुपात में कम शिक्षकों के विद्यालयों में भेजना है। वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग की 4224 प्राथमिक शालाएँ ऐसी हैं जहाँ कोई भी शिक्षक पदस्थ नहीं है इन शालाओं में 9 हजार 500 से अधिक पद रिक्त हैं। इसके साथ ही 13 हजार 536 प्राथमिक शालाओं में 17 हजार से अधिक शिक्षकों की आवश्यकता है। प्रदेश में 17 हजार 273 प्राथमिक या माध्यमिक शालाएँ हैं, जहाँ छात्रों की निश्चित संख्या के मुकाबले अधिक शिक्षक पदस्थ हैं। पूर्व में शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण जिला स्तर पर होता रहा है लेकिन अधिकांश जिले ऐसे थे जहाँ युक्तियुक्तकरण का कार्य प्रभावी ढंग से नहीं हुआ। इसे देखते हुए विद्यालयों में इस प्रक्रिया को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया। ऑनलाइन प्रक्रिया से प्राप्त आँकड़ों से पता लगा कि प्रदेश में नामांकन के आधार पर प्राथमिक विद्यालयों में करीब 39 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं। ग्रामीण प्राथमिक शालाओं में 1860 प्रधानाध्यापक और 15 हजार 186 शिक्षक अतिशेष हैं। नगरीय प्राथमिक शालाओं में 330 और 3063 शिक्षक अतिशेष हैं। प्रदेश की 2491 माध्यमिक शालाओं में 4051 शिक्षक अतिशेष चिन्हित किये गये हैं। युक्तियुक्तकरण से प्राथमिक शालाओं में 20 हजार अतिशेष शिक्षकों की पूर्ति हो सकेगी। आयुक्त लोक शिक्षण ने स्पष्ट किया है कि युक्तियुक्तकरण का यह उचित समय है। सरकारी स्कूल में प्रवेश संबंधी कार्यवाही 14 जून से प्रारंभ होकर 12 अगस्त तक चलती है। इस अवधि में शालाओं में प्रवेश के अलावा शैक्षणिक कैलेण्डर तैयार करने और वर्षभर की गतिविधियाँ प्रमुख रूप से निर्धारित की जाती हैं। ऑनलाईन प्रक्रिया कार्यवाही के सभी चरण इस प्रकार निर्धारित किये गये जिससे पूरी पारदर्शिता हो। इस प्रक्रिया में ई-सेवा पुस्तिका को अद्यतन करने का विकल्प शिक्षकों को दिया गया। जिससे उन्होंने अपने से संबंधित जानकारी को अद्यतन किया। प्रोग्रामिंग द्वारा प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में छात्र संख्या एवं विषय मान के अनुसार अतिशेष की अंतरिम सूची जारी की गई। इसके साथ ही अंतरिम अतिशेष सूची पर संबंधित द्वारा ऑनलाईन आपत्ति करने और कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा आपत्ति की सुनवाई कर उसका निराकरण कर उसे पीडीएफ फाईल में अपलोड किया गया। इस प्रक्रिया के बाद अंतिम सूची जारी करना एवं अतिशेष शिक्षकों की पद-स्थापना विकल्प के आधार पर शून्य शिक्षकीय अथवा एक शिक्षकीय पाठशाला में पद-स्थापना हेतु पोर्टल के माध्यम से आदेश जारी किया जाना है। इस सब प्रक्रिया में कहीं कोई त्रुटि होती है तो प्रभारी मंत्री के समक्ष अपील का प्रावधान भी है। प्रथम चरण में 89 आदिवासी विकासखंड और सतना जिले के शिक्षकों का डाटा अपडेट नहीं होने से अतिशेष शिक्षकों की सूची जारी नहीं की गई है। विभाग द्वारा 17 जुलाई को जारी सूची में 11 हजार 416 प्राथमिक शालाओं में 14 हजार 721 शिक्षक अतिशेष पाये गये हैं और 1634 माध्यमिक शालाओं में 3075 शिक्षक अतिशेष की श्रेणी में हैं। इन शिक्षकों को आपत्ति होने पर 19 जुलाई तक अपना पक्ष एजुकेशन पोर्टल पर प्रस्तुत करने का विकल्प दिया गया है। संविलियन युक्तियुक्तकरण के बाद क्यों ? वर्तमान में जो विद्यालय शिक्षक विहीन या एक शिक्षकीय हैं, उनमें सबसे पहले अध्यापकों की पद-स्थापना की जायेगी। युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों को ऐसे विद्यालयों, जहाँ उनकी संख्या छात्र संख्या के अनुपात में अधिक है, से उन विद्यालयों में भेजा जायेगा, जहाँ शिक्षक संख्या छात्र अनुपात में कम है। यह प्रक्रिया पूरे होने के बाद ही रिक्तियों की वास्तविक स्थिति पता चल सकेगी। संविलियन में स्थानीय निकाय से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का भी प्रावधान है। संविलियन के लिये यदि कोई निकाय अनापत्ति समय पर नहीं देता है तो उपलब्ध डाटाबेस के आधार पर डीम्ड परमिशन माना जा सकेगा।    

Dakhal News

Dakhal News 19 July 2017


राष्ट्रपति चुनाव मध्यप्रदेश विधानसभा

  मध्यप्रदेश विधानसभा में सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग हुई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, डिप्टी स्पीकर, नेता प्रतिपक्ष अजय‍ सिंह सहित कई मंत्रियों और विधायकों ने मतदान किया। सबसे पहले नरेंद्र सिंह कुशवाह ने वोट डाला। कांग्रेस के पर्यवेक्षक कृपाशंकर सिंह मतदान केंद्र के भीतर बैठे रहे। बसपा के बलवीर दंडोतिया ने डाला आखिरी वोट डाला, जिसके साथ प्रदेश में राष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग पूरी हो गई। शाम को प्लेन से मतपेटी दिल्ली भेजी जाएगी। मतदान करने वाले विधायकों को मतदान केंद्र में मोबाइल, पैन या अन्य कोई भी सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। राष्ट्रपति चुनाव के मतदान में दिवगंत विधायक प्रेम सिंह और डॉ. नरोत्तम मिश्रा को छोड़कर 228 विधायक शामिल हुए। एनडीए के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद को बीजेपी के अलावा मप्र के तीनों निर्दलीय प्रत्याशियों ने समर्थन दिया है तो उन्हें 168 एमएलए के 22 हजार 8 कीमत के वोट मिलने की उम्मीद है। मप्र के लोकसभा व राज्यसभा सदस्यों में से 33 सांसदों के 23 हजार 364 कीमत के वोट मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं यूपीए की राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी व पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को कांग्रेस के 56 अलावा बसपा के चार विधायकों का समर्थन है। मीरा कुमार को 60 विधायकों के 7 हजार 860 कीमत के वोट मिलने की संभावना है। इसी तरह मीरा कुमार को प्रदेश कांग्रेस के छह लोकसभा व राज्यसभा सदस्यों के 4 हजार 248 कीमत के वोट मिलने की उम्मीद है।    

Dakhal News

Dakhal News 17 July 2017


पटवारियों की भर्ती

किसानों के हित के लिये इस वर्ष से फसल गिरदावरी संबंधी जानकारी मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से संग्रहीत की जायेगी। इस मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से पटवारियों को उनके मोबाइल पर ही ग्राम के समस्त भूमि स्वामियों के सभी खसरों की जानकारी प्राप्त हो जायेगी। लगायी गयी फसल की जानकारी ग्राम से ही भरी जा सकेगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने समन्वय भवन में मोबाइल एप का शुभारंभ किया। श्री चौहान ने कहा कि राजस्व अमले की कमी पूरी करने के लिये जल्दी ही 10 हजार पटवारियों, 550 तलसीलदारों और 940 नायब तहसीलदारों की भर्ती की जायेगी। भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दे दिये गये हैं। उन्होंने राजस्व विभाग प्रमुख को पटवारियों की विभागीय पदोन्नति के संबंध में भी विचार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन को प्रभावी बनाने के लिये युद्ध स्तर पर काम करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने पटवारियों को सूचना प्रोद्योगिकी का उपयोग करने के लिये टेब खरीदने के लिये उनके खाते में आवश्यक राशि देने की घोषणा की। श्री चौहान ने कहा कि सरकार पूरी तरह से लोगों के प्रति जवाबदेह है। उन्होंने कहा कि बोनी के समय के आँकडों का शुद्ध रेकार्ड उपलब्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य देने के लिये हर संभव कदम उठाये जा रहे हैं। किसानों को समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य के अंतर के आधार पर आदर्श दर से भुगतान करने का नवाचारी प्रयोग भी किया जायेगा। मोबाइल एप से होने वाले लाभों की चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि राजस्व विभाग का यह क्रांतिकारी कदम भविष्य में बदलाव लायेगा। पारंपरिक बस्ते से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने एप संचालन के लिये एनआईसी का उपयोग करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि लोगों को राजस्व विभाग और इसके अमले से बहुत अपेक्षाएँ हैं। क्या है फसल गिरदावरी फसल गिरदावरी प्रतिवर्ष की जाने वाली एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। यह वर्ष में दो बार खरीफ और रबी सीजन की बुवाई के बाद की जाती है। इसे भू-अभिलेखों में दर्ज किया जाता है। यह कृषि सांख्यिकी एकत्रित करने की प्रक्रिया है। इसके आधार पर फसलों के क्षेत्रफल एवं उत्पादन संबंधी अनुमान की जानकारी तैयार की जाती है। कृषि वर्ष 1 जुलाई से प्रारंभ होकर 30 जून को समाप्त होता है। प्रथम खरीफ की फसलों तथा द्वितीय रबी की फसलों के आधार पर चालू वर्ष के खसरे में बोए गए क्षेत्रफल की फसल गिरदावरी के आधार पर दर्ज की जाती है। गिरदावरी जितनी सही और समय पर होगी, कृषि सांख्यिकी पूरी तरह से विश्वसनीय रहेगी। क्यों जरूरी है गिरदावरी फसल गिरदावरी के आधार पर ही खरीफ और रबी फसलों के बोए गए रकबे के आँकड़े प्राप्त होते हैं। उस आधार पर प्रमुख फसलों के उत्पादन व उत्पादकता अनुमान तथा राज्य एवं देश की कृषि दर निर्धारित की जाती है। फसल गिरदावरी कार्य से ही फसल पूर्वानुमान लगाया जाता है, जिससे फसल गिरदावरी को राजस्व खसरे के रकबे के आधार पर सांख्यिकी कार्य के लिये जानकारी शासन को प्रेषित की जाती है। यह जानकारी कई मामलों जैसे फसल बीमा, प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई, बैंक ऋण, योजनाओं के लाभ लेने आदि में महत्वपूर्ण होती है। मोबाईल एप्लीकेशन इस मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से पटवारियों को उनके मोबाइल पर ही ग्राम के समस्त भूमि स्वामियों के सभी खसरों की जानकारी प्राप्त हो जायेगी। जैसे ही भरी गयी जानकारी अपलोड की जायेगी, कृषक को उससे संबंधित खसरों में फसल गिरदावरी के अंतर्गत कौन सी जानकारी दर्ज की गयी है, यह सूचना एस.एम.एस. के माध्यम से भेजी जायेगी। इसमें एक पासकोड भी होगा। यदि कृषक, पटवारी द्वारा भरी गयी जानकारी से सहमत है, तो वह पासकोड पटवारी को बतायेगा। जब पटवारी द्वारा यह पासकोड एप्लीकेशन में डाला जायेगा तभी जानकारी को अंतिम माना जायेगा। यदि किसी कृषक के पास कोई मोबाइल नंबर नहीं है तो वह अपने पड़ोसी का नंबर भी एस.एम.एस. प्राप्त करने में उपयोग कर सकेगा। फसल की जानकारी के साथ ही अन्य पड़त भूमि, भूमि में लगे वृक्ष, मकान आदि की जानकारी भी एप्लीकेशन के माध्यम से दर्ज की जा सकेगी। प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरूण पांडे ने मोबाइल एप के बारे में जानकरी दी। इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अजीत केसरी उपस्थित थे। आयुक्त भू-अभिलेख श्री एन. के. अग्रवाल ने आभार माना।  

Dakhal News

Dakhal News 17 July 2017


ट्रैक्टर-ट्राली और ट्रक की टक्कर

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पिछले दिनों मुरैना जिले के बरौआ बायपास के पास हुई ट्रैक्टर-ट्राली और ट्रक की टक्कर में मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता की जायेगी। इस दुर्घटना में अलाहपुर और विषमपुरा के सात लोगों की मृत्यु हो गयी थी और बारह लोग घायल हो गये थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान से आज यहाँ मुख्यमंत्री निवास पर इस दुर्घटना से प्रभावित लोगों के परिजनों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस परिवार में केवल दो बेटियाँ बची हैं, उनकी नि:शुल्क शिक्षा और देखरेख की व्यवस्था की जायेगी। मृतकों के परिजनों के लिये रोजगार की व्यवस्था कराई जायेगी। उन्होंने राहत राशि तत्काल देने के निर्देश दिये। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य मंत्री श्री रूस्तम सिंह और विधायकगण उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 17 July 2017


राष्ट्रपति चुनाव

राष्ट्रपति पद के निर्वाचन के लिये 17 जुलाई को होने वाले मतदान के दौरान मतदाताओं (विधान सभा/संसद सदस्य) को मतदान-केन्द्रों के अंदर मोबाइल एवं कार्डलेस फोन और वायरलेस सेट इत्यादि ले जाने की अनुमति नहीं होगी। चुनाव आयोग ने यह बात अभ्यर्थियों, उनके प्रतिनिधि और मतदाताओं के ध्यान में लाने के निर्देश दिये हैं। भोपाल में मध्यप्रदेश विधान सभा भवन स्थिति समिति कक्ष क्रमांक-2 में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। मतदान परिसर के समीप इस प्रकार की व्यवस्था की जायेगी कि मतदाता यदि सेल्युलर फोन अपने साथ लाता है, तो मतदान-स्थल पर प्रवेश करने से पहले वह उसे वहाँ जमा करवा सके। वोट डालने के बाद फोन को वह वापस ले सकेगा। इस आशय की सूचना मतदान-स्थल के बाहर सूचना-पटल पर भी लगाये जाने के निर्देश दिये गये हैं। आयोग ने यह भी निर्देश दिये हैं कि प्रेक्षक सहित किसी भी अधिकारी को मतदान-स्थल के अंदर सेलफोन के प्रयोग की अनुमति नहीं दी जायेगी। रिटर्निंग ऑफिसर/सहायक रिटर्निंग ऑफिसर एक पूर्ण व्यवस्थित टेलीफोन लाइन सहित कंट्रोल-रूम की व्यवस्था की जायेगी। जब भी आयोग के अधिकारियों को उनसे और प्रेक्षक से सम्पर्क करना होगा, तो उन्हें इसके माध्यम से सूचित किया जा सकेगा। रिटर्निंग ऑफिसर/सहायक रिटर्निंग ऑफिसर और प्रेक्षक को आयोग से सम्पर्क करने की आवश्यकता होने पर वे मतदान-स्थल से बाहर आकर कंट्रोल-रूम का उपयोग कर सकेंगे। राष्ट्रपतीय निर्वाचन में मतदान की गोपनीयता बनाये रखने और मतगणना के समय मतदाता की पहचान की संभावना को छुपाने के उद्देश्य से आयोग ने मत चिन्हित करने में एकरूपता बनाये रखने के उपाय की व्यवस्था की है। पीठासीन अधिकारी या उसके द्वारा सम्यक रूप से प्राधिकृत किसी अधिकारी द्वारा जब किसी निर्वाचक (वोटर) को मत-पत्र दिया जायेगा, तो उसे मत-पत्र पर अपना अधिमान चिन्हित करने के लिये विशेष रूप से डिजाइन किया हुआ पेन दिया जायेगा। निर्वाचक को दिया गया पेन मत चिन्हित करने और उसे मत-पेटी में डालने के बाद दूसरे निर्वाचक को देने के लिये उससे वापस ले लिया जायेगा। इसके लिये आयोग ने अपेक्षित संख्या में बैंगनी (वायलेट) रंग की स्याही वाले पेन उपलब्ध करवाये हैं, ताकि सुनिश्चित हो सके कि अधिमान केवल बैंगनी स्याही में और उसी पेन से ही चिन्हित हों। किसी अन्य पेन, बॉल प्वाइंट पेन आदि से चिन्हित किसी भी मत-पत्र को राष्ट्रपतीय तथा उप राष्ट्रपतीय निर्वाचन नियम, 1974 के नियम-31 (एक) (घ) के अधीन निरस्त किया जा सकेगा।

Dakhal News

Dakhal News 15 July 2017


पचमढ़ी

भोपाल में मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में  हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में पचमढ़ी अभयारण्य से 11 ग्राम एवं नजूल के 395.939 हेक्टेयर क्षेत्र को अभयारण्य क्षेत्र से बाहर करने तथा अभयारण्य के शेष बचे 28 ग्रामों को अभयारण्य क्षेत्र में इनक्लोजर के रूप में रखने का निर्णय लिया गया। इन ग्रामों पर वन्य-प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के अभयारण्य से संबंधित प्रावधान लागू नहीं होंगे। मंत्रि-परिषद ने केंद्रीय जेल भोपाल के 8 विचाराधीन बंदियों के भागने की घटना की न्यायिक जाँच के लिए गठित जाँच आयोग के कार्यकाल में तीन माह की वृद्धि करने का निर्णय लिया । यह वृद्धि 7 अगस्त से 6 नवंबर 2017 तक की गई है। मंत्रि-परिषद ने राजधानी परियोजना प्रशासन के तहत 422 नियमित अस्थाई पद और कार्यभारित स्थापना के तहत 300 पद इस तरह कुल 722 पद 1 मार्च 2017 से आगामी 5 वर्ष के लिए निरंतर रखने की स्वीकृति दी। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में सामान्य पूल के आवासगृहों के निर्माण के लिए 220 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 में संशोधन के संबंध में समन्वय में दिये गये आदेश का अनुसमर्थन किया। स्कूल शिक्षा के महत्वपूर्ण निर्णय मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में शासकीय हाई /हायर सेकेण्डरी विद्यालयों में फर्नीचर और हायर सेकेण्डरी स्कूलों की प्रयोगशाला में आवश्यक सामग्री की पूर्ति करने की स्वीकृति दी। इसका क्रियान्वयन आगामी 3 वर्षों तक होगा। मंत्रि-परिषद ने कक्षा 9 से 12 के दिव्यांग बच्चों के लिए संभाग स्तर पर छात्रावास संचालन की स्वीकृति दी। योजना को आगामी 3 वर्ष तक संचालन की स्वीकृति मिली है। मंत्रि-परिषद ने शासकीय हाई/हायर सेकेण्डरी विद्यालय भवन में रेट्रोफिटिंग जैसे लैब, पुस्तकालय, खेलकूद कक्ष में आवश्यक कार्य, पार्टीशन, सायकल स्टेण्ड, शेड निर्माण, स्टेज निर्माण, मैदान निर्माण, बगीचा निर्माण, पेयजल व्यवस्था आदि के लिए नयी योजना स्वीकृत की। वर्ष 2017-18 में इस मद में 9.20 करोड़ तथा 3 वर्ष के लिए 43.7 करोड़ की राशि स्वीकृत की गईं। राजस्व निर्णय मंत्रि-परिषद ने भूमि-अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013-शासन के विभिन्न विभागों/उपक्रमों के लिए 'आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति' 12 नवंबर 2014 में संशोधन की मंजूरी दी। संशोधन के बाद कण्डिका 14 में क्रय की गई भूमियों के विक्रय विलेख के विषय में भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 एवं रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1908 के प्रावधान लागू होंगे। मंत्रि-परिषद ने 'शासकीय भूमि में से भूमिगत पाइप लाइन, केबल या डक्ट बिछाने के लिए अनुज्ञप्ति' विषयक नीति लागू करने की मंजूरी दी। निर्णय लिया गया कि विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूमिगत पाइप लाइन, केबल या डक्ट बिछाने के लिए निजी भूमियों का उपयोक्ता का अधिकार अर्जन किया जाता है और जहाँ इन कार्यों के लिए शासकीय भूमि की आवश्यकता होगी ऐसी भूमि परियोजना को लाइसेंस पर उपलब्ध करवाई जायेगी। मंत्रि-परिषद ने चुटका परमाणु विद्युत परियोजना के लिए न्यूक्लियर पॉवर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को मंडला और सिवनी जिले की शासकीय भूमि वर्तमान में प्रचलित कलेक्टर गाइड लाइन वर्ष 2017-18 के आधार पर प्रीमियम राशि और 7.5 प्रतिशत वार्षिक भू-भाटक लेकर आवंटन की मंजूरी दी।  

Dakhal News

Dakhal News 14 July 2017


gst madhyprdesh

जीएसटी जागरूकता कार्यशाला में वित्त मंत्री मलैया  एमपी के वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री  जयंत मलैया ने कहा है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ने काश्मीर से कन्याकुमारी तक देश का आर्थिक रूप से एकीकरण किया है। जीएसटी देश की आजादी के बाद आर्थिक क्षेत्र का सबसे बड़ा बदलाव है। इससे देश की तरक्की की रफ्तार को काफी गति मिलेगी। वित्त मंत्री श्री मलैया आज भोपाल के समन्वय भवन में जीएसटी जागरूकता कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता और सहकारिता राज्य मंत्री श्री विश्वास सारंग भी मौजूद थे। वित्त मंत्री श्री मलैया ने कहा कि जीएसटी एक राष्ट्र, एक कर और एक बाजार के उद्देश्य से लागू किया गया है। प्रदेश में एक जुलाई से वाणिज्यिक कर विभाग की 29 चौकी समाप्त हो गयी हैं। उन्होंने कहा कि पहले करीब 18 प्रकार के कर हुआ करते थे। अब इन सबको समाप्त कर एक कर जीएसटी लागू किया गया है। श्री मलैया ने कहा कि मध्यप्रदेश में पूर्व में वेट विधान में व्यवसायियों को पंजीयन लेने की सीमा 10 लाख रुपये वार्षिक टर्न-ओव्हर थी। जीएसटी विधान में यह 20 लाख रुपये वार्षिक टर्न-ओव्हर कर दी गयी है। इसके साथ ही 75 लाख रुपये तक के व्यापारियों को कंपोजिशन की सुविधा भी दी गयी है। जीएसटी कानून में छोटे व्यवसायियों को सुविधा देने के अधिक से अधिक प्रयास किये गये हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि बेरियर खत्म होने से सड़कों पर चलने वाले ट्रकों की रफ्तार तेज होगी। देश में जब बेरियर थे, तो ट्रकों में लगने वाले ईंधन में प्रतिवर्ष एक लाख 40 हजार करोड़ रुपये का अनावश्यक खर्च होता था। वित्त मंत्री ने कहा कि अमेरिका में मालवाहक ट्रक प्रतिदिन 800 किलोमीटर की दूरी तय करता है। जब बेरियर थे तब मालवाहक ट्रक देश में केवल 280 किलोमीटर प्रतिदिन की दूरी तय करते थे। अब मालवाहक ट्रकों की रफ्तार प्रतिदिन 350 से 400 किलोमीटर हो जायेगी। इससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आयेगी। जीएसटी के टैक्स स्लेब की चर्चा करते हुए श्री मलैया ने कहा कि जीएसटी में कर की 5 दरें 0, 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत हैं। केवल 19 प्रतिशत वस्तुएँ ऐसी हैं, जिन पर कर की दर उच्चतम अर्थात 28 प्रतिशत है। शेष 81 प्रतिशत वस्तुओं पर 18 प्रतिशत या उससे कम की दरें हैं। वित्त मंत्री श्री मलैया ने जीएसटी को देश के संघीय ढाँचे की बेहतर मिसाल बताया। राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि जीएसटी का निर्णय देश की तरक्की और आम जनता की भलाई के लिये लिया गया है। उन्होंने व्यापारियों से जीएसटी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने की सलाह दी। सहकारिता राज्य मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि जीएसटी को लागू करने का निर्णय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का साहसिक कदम है। इसके अच्छे प्रभाव आने वाले वर्षों में देखने को मिलेंगे। प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर श्री मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि देश के संविधान को बनाने के लिये जितनी चर्चा नहीं हुई थी, उससे ज्यादा जीएसटी कानून को बनाने के लिये हुई है। उन्होंने कहा कि जीएसटी कानून में लगातार चर्चा के बाद जनता के हितों को देखते हुए संशोधन किये जायेंगे। उन्होंने हाल ही में किसानों के हित में फर्टिलाइजर में जीएसटी की दर कम किये जाने का उल्लेख किया। कार्यशाला में वाणिज्यिक कर आयुक्त श्री राघवेन्द्र सिंह और सेंट्रल एक्साइज के चीफ कमिश्नर श्री हेमंत भट्ट ने जीएसटी के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला का संचालन वित्त मंत्री के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी श्री नितिन नांदगांवकर ने किया। कर सलाहकार श्री आर.एस. महेश्वरी ने व्यापारियों की समस्याओं का समाधान किया।  

Dakhal News

Dakhal News 13 July 2017


शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री  द्वारा नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में आईटीआई के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ रोजगार भी जरूरी है। आईटीआई में प्रशिक्षण की गुणवत्ता में वृद्धि की जा रही है ताकि प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण के बाद रोजगार प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि आईटीआई में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। राज्य सरकार द्वारा भी प्रशिक्षणार्थीयों के प्लेसमेंट की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वरोजगार के लिये ऋण की गारंटी राज्य सरकार देगी और 15 प्रतिशत सब्सिडी भी देगी तथा पांच साल तक पांच प्रतिशत ब्याज भी राज्य सरकार अदा करेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में 3 करोड़ 2 लाख रूपये लागत के अत्याधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण नवनिर्मित सिविल हॉस्पिटल भवन, 3 करोड़ 50 लाख रूपये लागत से नवनिर्मित आईटीआई भवन एवं 4 करोड़ 77 लाख रूपये लागत से नवनिर्मित शासकीय आवासों का लोकार्पण किया। किसानों को उपज का वाजिब मूल्य दिलाया जाएगा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अकोदिया मंडी में विशाल आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाया जाएगा। इससे किसानों की माली हालत मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवों को छठा वेतनमान देने का निर्णय लिया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के हितों का ध्यान भी सरकार रखेगी। श्री चौहान ने कहा कि समाज के हर वर्ग का कल्याण करना सरकार का लक्ष्य है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में हमने कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को हर हाल में शांति का टापू बनाए रखना है। श्री चौहान ने कहा कि जब तक मेरी सांसें चलेंगी, तब तक जनता जनार्दन की सेवा करता रहूंगा। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि प्रदेश के विकास में सहयोग करें। मुख्यमंत्री ने लोगों को संकल्प दिलाया कि हम सब मिलकर साथ चलें, मध्यप्रदेश को शांति का टापू बनाए रखें और प्रदेश को विकास की राह पर आगे ले जाएं। श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में अब जितनी भी भर्तियां होगी, उनमें 50 फ़ीसदी पदों पर महिलाओं की भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की धरती पर कोई भी आवासहीन बगैर जमीन के नहीं रहेगा। प्रदेश में 25 दिसंबर से आवासहीनों को पट्टे वितरित करने का अभियान प्रारंभ होगा। सभी आवासहीनों को जमीन का मालिक बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले 2 साल में 15 लाख मकान बनाकर गरीबों को दिए जाएंगे। प्रदेश में 15 अगस्त से किसानों को उनके खाते की नकल उनके घर जाकर देने का अभियान चलाया जाएगा। अविवादित नामांतरण का एक भी केस लंबित नहीं रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले एक माह में सभी अविवादित नामांतरण प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों की बिजली के बिलों की समस्या का समाधान भी किया जाएगा। जितनी अवधि की फसलें होंगी, उतनी अवधि का अस्थायी विद्युत कनेक्शन देने का प्रयास भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछले दस-ग्यारह सालों में सिंचाई का क्षेत्र काफी बढ़ा है। आज 40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो रही है। इस साल प्याज का बंपर उत्पादन हुआ है। सरकार ने आठ रुपए किलो प्याज की खरीदी की है। अकेले शाजापुर जिले में एक लाख 22 हजार मेट्रिक टन प्याज आठ रूपये प्रति किलो की दर पर खरीदा गया है। किसानों की मंडियों में भुगतान संबंधी समस्याओं का निराकरण भी सरकार कर रही है। अब मंडियों में जितनी राशि उपलब्ध होगी, उतना नगद भुगतान किया जावेगा और बाकी राशि आरटीजीएस के माध्यम से किसानों के खाते में अगले दिन तक जमा हो जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार मूंग, उड़द और अरहर समर्थन मूल्य पर खरीद रही है। सोयाबीन भी समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अकोदिया मंडी और शुजालपुर मंडी को विकास कार्यों के लिए एक-एक करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की अन्य समस्याओं का समाधान भी शीघ्र किया जायेगा। श्री चौहान ने काले हिरण की समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि सरकार इसके लिये एक प्रोजेक्ट बना रही है। जल्द ही इस समस्या का समाधान भी कर लिया जाएगा। प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कन्या पूजन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वच्छता अभियान में योगदान देने वाले उत्कृष्ट प्रेरकों को सम्मानित भी किया। शुजालपुर से सारंगपुर टू-लेन सड़क का लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शाजापुर जिले में अकोदिया में 110 करोड़ रूपये लागत से निर्मित शुजालपुर से सारंगपुर टू-लेन सड़क का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महाराणा प्रताप एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा का अनावरण एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यान का लोकार्पण किया। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में राष्ट्रीय संयोजक, स्वच्छ भारत अभियान श्री माखनसिंह चौहान, सांसद श्री नंदकुमारसिंह चौहान, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी श्री दीपक जोशी, सांसद श्री मनोहर ऊंटवाल, विधायक श्री जसवंतसिंह हाड़ा, श्री मुरलीधर पाटीदार, श्री अरूण भीमावद, श्री इन्दरसिंह परमार, श्री नरेन्द्रसिंह बैस, सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 13 July 2017


सतना-रीवा में हाई अलर्ट

मध्यप्रदेश के सतना और रीवा अंचल में तेज बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त है। मिली जानकारी के मुताबिक भारी बारिश के कारण सतना के बकिया बराज डेम के तेज गेट खोलकर 117 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं त्योंथर में टमस नदी का जलस्तर भी बढ़ जाने कारण अंदवा बांध से बेलन नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने निचले हिस्सों में रह रहे लोगों सतर्क रहने की सलाह दी है। सभी डेम से पानी छोड़ने के बाद सतना रीवा में बाढ़ आने की भी आशंका जताई जा रही है। इस संबंध में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। इधर सतना में माधवगढ़ नदी का जलस्तर बढ़ जाने से भी यातायात प्रभावित हो गया है। सतना में लगातार हो रही बारिश के कारण प्राइवेट स्कूलों ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर अवकाश दे दिया है। सतना-ऊँचेहरा मार्ग पर बारहा तिराहे के पास एक पुलिया तेज बारिश के कारण धंस गई है। पिछली बरसात में भी ये पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी। बदहाल हालत में भी इस पुलिया से बड़े वाहनों का आवाजाही लगातार बनी हुई है, ऐसे में कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।  

Dakhal News

Dakhal News 12 July 2017


महाकाल मंदिर

उज्जैन में महाकाल मंदिर की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रही बम स्क्वॉड की डॉग रानो को एक माह तक आहार में मांस-मछली देना बंद कर दिया गया है। सावन माह को देखते हुए उसकी डाइट में परिवर्तन किया गया है। अब उसे मटन की जगह डिब्बाबंद फूड खिलाया जा रहा है। दरअसल, रानो सावन मास में मंदिर में रोज तैनात रहती है, वहीं सवारी के दौरान भी वह जांच करती है। इस कारण यह निर्णय लिया गया है। स्क्वॉड के पास वर्तमान में चार डॉग हैं। इनमें रानो सहित जैक, देवा नामक लेब्राडोर डॉग व टॉमी नामक जर्मन शेफर्ड नस्ल का श्वान शामिल है। चारों की जिम्मेदारी शहर के महत्वपूर्ण स्थलों की जांच कर विस्फोटक पकड़ने की है। महाकाल मंदिर में सावन व सवारी निकलने के दौरान रानो को जांच के लिए लाया जाता है। इसके जिम्मेदारी आरक्षक सुनील परिहार के पास है। सुनील के अनुसार रानो 2013 से मंदिर की सुरक्षा संभाल रही है। उसकी रोजाना की डाइट में 750 एमएल दूध, 400 ग्राम चावल अथवा 500 ग्राम आटे की रोटियां सहित 400 ग्राम मटन शामिल रहता है। हालांकि सावन में मांस देना बंद कर दिया जाता है। इसके लिए पशु चिकित्सक से अनुमति ली जाती है। उसे फिलहाल डिब्बाबंद आहार दिया जा रहा है। श्रावण मास के बाद रानो की डाइट में मांस शामिल कर दिया जाएगा।

Dakhal News

Dakhal News 12 July 2017


mp प्रशासनिक सेवा

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य प्रशासनिक सेवा जनता की सेवा का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस सेवा में लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं और लोक सेवाओं के प्रदाय के प्रति सचेत और संवेदनशील बने रहना आवश्यक है।  श्री चौहान आज मंत्रालय में राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशासन के क्षेत्र में काम करने और सफल होने की समझाईश दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे जनता के लिये हमेशा उपलब्ध रहें और निर्विकार भाव से उनकी सेवा करें। उन्होंने कहा कि सेवा तभी हो सकती है जब सेवाभाव अंतर्मन से उपजे। बलपूर्वक सेवा नहीं की जा सकती। श्री चौहान ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में काम करते हुये यह अनुभव होगा कि लोक ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को सलाह दी कि जब लोकतंत्र में लोक सर्वोपरि है तो लोगों के प्रतिनिधियों को भी बराबर का सम्मान दें। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रशासनिक अंगों के बीच समन्वय और सहयोग स्थापित करना अच्छे प्रशासक की निशानी है। इससे प्रशासन के सभी अंग एक साथ, एक उददेश्य के लिये प्रभावी रूप से कार्य संपादित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों की बुनियाद मजबूत होना जरूरी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अधिकारियों को समय प्रबंधन के प्रति सजग और सचेत रहने की सलाह देते हुये कहा कि प्रत्येक क्षण लोगों के कल्याण में बीते तो सुशासन की स्थापना करने में समय नहीं लगता। उन्होंने अधिकारियों का आव्हान किया कि पूरी प्रतिबद्धता, लगन और मेहनत के साथ प्रदेश को आगे बढ़ायें। अपनी सकारात्मक ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग करें। इस अवसर पर प्रशासनिक अकादमी की महानिदेशक श्रीमती कंचन जैन, सचिव मुख्यमंत्री श्री विवेक अग्रवाल एवं अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 11 July 2017


गौ-शाला

    एमपी  में अब नई गौ-शालाओं का पंजीयन करने के लिये उनके पास कम से कम 100 गौ-धन, भूमि, भवन और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्य होगी। गौ-शाला समिति की कम से कम एक एकड़ की अपने स्वामित्व की भूमि होना चाहिये। इस आशय का निर्णय आज मंत्रालय में मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश पशुधन एवं गौ-संवर्धन बोर्ड की बैठक में लिया गया। बैठक में बोर्ड का नाम मध्यप्रदेश गौ-पालन एवं गौ-संवर्धन बोर्ड रखने का भी निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भारतीय गायों के महत्व पर अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला करने के निर्देश दिये। इसके जरिये भारतीय गायों के संबंध में विभिन्न देशों में हो रहे अनुसंधान की जानकारी सबको सर्वसुलभ हो सकेगी। उन्होंने गोबर-खाद और गौ-मूत्र से बने कीटनाशकों का अधिकाधिक उपयोग करने की जैविक खेती करने वाले किसानों को प्रेरित करने के लिये कार्य-योजना बनाने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की गौ-शालाओं में 1.41 लाख गौ-वंश का पालन किया जा रहा है। बैठक में बोर्ड का बजट बढ़ाने, आय का स्रोत बढ़ाने, गौ-अभयारण्य अनुसंधान एवं उत्पादन केन्द्र सुसनेर के प्रबंधन संबंधी विषयों पर चर्चा हुई। इसके अलावा बोर्ड के कामों में विशेषज्ञों का सलाहकार मंडल बनाने, जैविक खाद की विपणन नीति तैयार करने, पशु चिकित्सक विज्ञान की स्नातकोत्तर की शिक्षा में देशी गौ-वंश पर अनुसंधान के लिये छात्रवृत्ति देने जैसे प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में पशुपालन मंत्री श्री अंतरसिंह आर्य, बोर्ड के उपाध्यक्ष स्वामी श्री अखिलेश्वरानंद महाराज, बोर्ड के सदस्य, ग्रामीण विकास के अपर मुख्य सचिव श्री राधेश्याम जुलानिया, अपर मुख्य सचिव गृह श्री के.के. सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीना, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री राकेश श्रीवास्तव एवं संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 11 July 2017


मंत्री उमाशंकर गुप्ता

   राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने सुबह काटजू और जे.पी. हास्पिटल में मरीजों की समस्याएँ सुनीं। श्री गुप्ता ने काटजू हास्पिटल में मरीजों की लम्बी लाइन होने पर उनके बैठने की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। जे.पी. हास्पिटल में एक मरीज ने कहा कि दवाई लेने के लिए देर तक खड़े रहना पड़ता है, यहाँ बेंच रखवाने के साथ ही एक और विंडो में दवाई का वितरण करवाया जाये। श्री गुप्ता ने आवश्यकतानुसार सुविधा उपलब्ध करवाने की बात कही। उन्होंने कहा कि हास्पिटल की समस्याओं के निराकरण के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा विभागीय अधिकारियों से भी चर्चा की है। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 10 July 2017


ias op rawat

"सहकारिता में निर्वाचन की विधि और प्रक्रिया" संगोष्ठी में चुनाव आयुक्त श्री ओ.पी. रावत  भारत के निर्वाचन आयुक्त  ओ.पी. रावत के अनुसार प्रजातांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचन एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। सहकारिता भी प्रजातांत्रिक व्यवस्था का ही एक अंग है। सहकारिता में निर्वाचन को पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाना समय की जरूरत है। श्री रावत आज अपेक्स बैंक के समन्वय भवन में सहकारी विचार मंच एवं मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक्स के तत्वावधान में 'सहकारिता में निर्वाचन की विधि और प्रक्रिया' संगोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे। श्री रावत ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। यहाँ 85 करोड़ मतदाताओं के लिये निर्वाचन की व्यवस्था की जाती है। भारत निर्वाचन आयोग का प्रयास रहता है कि देश में पारदर्शी, निष्पक्ष एंव समय पर निर्वाचन की व्यवस्था कर मतदाताओं का लोकतांत्रिक प्रणाली में विश्वास बनाये रखे। श्री रावत ने कहा कि निरन्तर नवीन प्रयासों से निर्वाचन व्यवस्था को श्रेष्ठ बनाने का कार्य आयोग करता है। श्री रावत ने उपस्थित श्रोताओं की निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधन भी किया। प्रदेश की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती सलीना सिंह ने प्रदेश में निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव के बारे में जानकारी दी। राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी श्री प्रभात पाराशर ने राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी के विधिक प्रावधानों एवं सहकारी संस्थाओं में निर्वाचन की प्रगति से अवगत करवाया। सहकारिता आयुक्त श्री कविन्द्र कियावत ने बताया कि प्रदेश में सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी की व्यवस्था लागू होने के बाद सहकारी संस्थाओं के निर्वाचन समय पर करवाया जाना संभव हुआ है। सहकारिता विभाग पूरा सहयोग निर्वाचन प्राधिकारी को प्रदान करेगा। विगत 3-4 माह में लगभग 7000 संस्था के निर्वाचन प्रस्ताव तैयार करवाये गये हैं। भविष्य में यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। संगोष्ठी को लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक श्री जव्वाद हसन और वरिष्ठ जन-कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री वी.जी. धर्माधिकारी ने भी संबोधित किया। प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक श्री प्रदीप नीखरा ने आभार माना।  

Dakhal News

Dakhal News 9 July 2017


महिला किसान

    मध्य प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिये पिछले वर्ष महिला कृषकों के 1038 स्व-सहायता समूह गठित किये गये। इन समूहों में महिला कृषकों के 437 अंतर्जिला प्रशिक्षण भी आयोजित किये गये। इसके अलावा 1555 महिला कृषकों को कृषि की उन्नत तकनीक अपनाने के लिये प्रशिक्षण दिलवाया गया। इस योजना पर पिछले वर्ष 4.50 करोड़ की राशि व्यय की ग