समाज


 नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना स्वीकृत

एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में भोपाल में सम्पन्न नर्मदा नियंत्रण मंडल की बैठक में 7 हजार 546 करोड़ रूपये लागत की नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना को स्वीकृति दी गई। मालवा अंचल के लिये नर्मदा-क्षिप्रा लिंक परियोजना, नर्मदा-गंभीर लिंक परियोजना और नर्मदा-कालीसिंध परियोजना के बाद यह चौथी महत्वाकांक्षी परियोजना है। इससे 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि सिंचाई परियोजनाओं के कार्य समय-सीमा में पूरे किये जायें। बैठक में बताया गयाकि नर्मदा क्षिप्रा लिंक परियोजना निर्मित हो चुकी है। इससे देवास और उज्जैन की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हुआ है। पचास हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता की नर्मदा गंभीर लिंक परियोजना का निर्माण कार्य जारी है। नर्मदा पार्वती लिंक परियोजना का निर्माण चार चरणों में पूरा होगा। प्रत्येक चरण में पचास हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता निर्मित होगी। इस परियोजना से सीहोर और शाजापुर जिले के 369 गांवों के किसान लाभान्वित होंगे। इस परियोजना के लिये इंदिरा सागर जलाशय से 1.08 मिलियन एकड़ फीट जल का उदवहन किया जायेगा। परियोजना में सिंचाई जल का वितरण भूमिगत पाइप लाइनों के माध्यम से किया जायेगा। प्रत्येक किसान को ढाई हेक्टेयर चक तक 20 मीटर दबाव से जल उपलब्ध होगा। इस प्रणाली से पानी मिलने पर किसान को खेत समतल करने की आवश्यकता नहीं होगी। दबावयुक्त जल से किसान स्प्रिंकलर तथा ड्रिप प्रणाली से कम जल से अधिक सिंचाई कर सकेगा। परियोजना के लिये केवल 8 हेक्टेयर भूमि का अर्जन किया जायेगा। बैठक में जल संसाधन एवं जनसंपर्क मंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा, कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री राकेश साहनी और मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह भी उपस्थित थे। नर्मदा परिक्रमा पथ पर बनेंगे 92 यात्री निवास बैठक में नर्मदा परिक्रमा पथ के 16 जिलों में आने वाले 1100 किलोमीटर लम्बे मार्ग पर 92 नर्मदा यात्री निवास निर्माण का अनुमोदन किया गया। इन पर 41 करोड़ 40 लाख रूपये व्यय होंगे। बैठक में समूह उदवहन माइक्रो सिंचाई परियोजना अम्बा रोडिया, बलकवाड़ा, चौड़ी जामनिया और सिमरोल अम्बाचंदन को स्वीकृति दी गई। इन परियोजनाओं की कुल लागत 312 करोड़ 24 लाख रूपये है। बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी.श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव नर्मदा घाटी विकास श्री रजनीश वैश्य, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन श्री आर.एस.जुलानिया, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री एस.के.मिश्रा सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 14 December 2017


हितेन्द्र भदौरिया

  हितेन्द्र भदौरिया रामकिशन बरार ग्वालियर शहर की ढ़लाननुमा बस्ती गोल पहाड़िया क्षेत्र में एक कच्ची पाटौर में अपने परिवार के साथ रहते थे। इस क्षेत्र में बरसात के मौसम में पाटौरों के धसकने की दुर्घटनायें हो चुकी थीं। तेज बारिश में जब बिजली कड़कती तो रामकिशन दम्पत्ति अपने बच्चों को सीने से लगा लेते थे। हाथ ठेला श्रमिक रामकिशन के लिये खुद का मकान तो एक सपना था। रोज सुबह 5 बजे रामकिशन अपना हाथ ठेला लेकर लक्ष्मीगंज सब्जीमंडी पहुँच जाते थे। दिन भर हाड़-तोड़ मेहनत कर कारोबारियों का माल इधर से उधर पहुँचाते थे। इससे जो मजदूरी मिलती उसी से परिवार का गुजारा चलता था। रामकिशन ने एक दिन टीवी पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के भाषण में सुना कि सरकार हर जरूरतमंद को मकान मालिक बनायेगी। यहीं से उनके मन में एक उम्मीद की किरण जागी।  रामकिशन ने नगर निगम कार्यालय पहुँचकर आवास के लिये आवेदन भर दिया। एकीकृत शहरी आवास एवं गंदी बस्ती विकास योजना के तहत उनका नाम पक्के आवास के लिये चयनित हुआ। इस योजना के तहत नगर निगम ने गेंडे वाली सड़क, बकरा मंडी में एक सर्वसुविधायुक्त मल्टी का निर्माण कराया। इसी मल्टी में रामकिशन को भी एक पक्का फ्लैट मिल गया। जब रामकिशन को मकान की चाबी मिली तो पूरे परिवार में खुशियाँ छा गईं। इस फ्लैट में एक बैडरूम, ड्राइंग रूम, शौचालय और रसोई सहित सभी बुनियादी सुविधायें उपलब्ध हैं। रामकिशन के बच्चों ने घर को सुंदर-सुंदर तस्वीरों से सजा लिया है। उनके बच्चे नजदीक के सरकारी स्कूल में पढ़ने जाते हैं। पाटौर का जितना किराया देते थे, उससे भी कम किस्त मकान के लिये उन्हें अदा करनी पड़ रही है। घर की चिंता दूर हुई तो रामकिशन अब दूने उत्साह के साथ काम करते हैं। जाहिर है उनकी आमदनी भी बढ़ गई है। देर शाम जब वो घर लौटते हैं तो कुछ फल और मिठाई भी लेते आते हैं। परिवार के साथ जब अपने पक्के घर में एक साथ भोजन करने बैठते हैं तो सारी थकान दूर हो जाती है। रामकिशन दम्पत्ति प्रदेश सरकार को दुआयें देते नहीं थकती।

Dakhal News

Dakhal News 14 December 2017


लालिमा रथ

एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मुख्यमंत्री निवास से लालिमा रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये रथ एनिमिया बाहुल्य ग्रामों में लालिमा योजना का सघन प्रचार-प्रसार करेंगे और जागरुकता लायेंगे। लालिमा योजना प्रदेश में किशोरी बालिकाओं और महिलाओं में एनिमिया उन्मूलन के लिये क्रियान्वित की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर कहा कि अधिक से अधिक बालिकाओं और महिलाओं को लालिमा अभियान का लाभ दिलाया जाये। इस अभियान में समाज सहयोग भी प्राप्त किया जाये। इस अवसर पर बताया गया कि लालिमा रथ प्रत्येक संभाग के एनिमिया बाहुल्य ग्रामों में भ्रमण करेंगे। जिन स्थानों पर रथ रुकेगा, वहां स्वास्थ्य जांच शिविर भी आयोजित किये जायेंगे। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस और प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास श्री जे.एन. कंसोटिया भी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 5 December 2017


भावांतर भुगतान योजना

गुना एवं नरसिंहपुर जिले में 8,31,54,510 रुपये भावांतर राशि वितरित  भावांतर भुगतान योजना के बारे में शुरू में जितनी भी अफवाहें फैलाई गई, वो सब बेअसर साबित हुई हैं। किसानों को कृषि उपज मंडियों में उनकी फसल की वाजिब कीमत के साथ-साथ समर्थन मूल्य और मॉडल रेट के अन्तर की राशि राज्य सरकार की ओर से भावांतर राशि के स्वरूप में सीधे बैंक खातों में प्राप्त हो रही हैं। किसान अब अफवाहों से सावधान हो गये हैं और अपनी उपज को गल्ला किसानों की दुकानों की बजाय सीधे कृषि मंडियों में लाकर सरकारी महकमें की देखरेख में बेच रहे हैं।  भावांतर भुगतान योजना के पहले चरण में 16 अक्टूबर से 30 अक्टूबर के बीच गुना जिले की कृषि उपज मंडियों में 3644 किसानों ने अपनी फसल बेंची। इन्हें व्यापारी द्वारा फसल का नगद भुगतान मंडी में ही मिला और भावांतर राशि कुल 4 करोड़, 62 लाख 54 हजार 510 रुपये बैंक खातों के माध्यम से मिली। इस योजना के अन्तर्गत नरसिंहपुर जिले में उक्तावधि में 2457 किसानों ने कृषि मंडियों में जाकर अपनी फसल बेची। इन्हें भी मंडियों में फसल का वाजिब दाम मिला। साथ ही 3 करोड़ 69 लाख रुपये भावांतर राशि बैंक खातों में भी मिली। गुना जिले के ग्राम मोड़का के किसान इन्द्रजीत चौहान को उनकी उड़द की फसल मंडी में बेचने पर अच्छी कीमत तुरंत मिली। साथ ही 1,12,879 रुपये भावांतर राशि बैंक खाते में मिली। इन्हें नहीं पता था कि बैंक खाते में पहुंची राशि किस कारण मिली है। इन्होंने बैंक जाकर पूछा तब मालूम हुआ कि यह मंडी में बेची गई फसल की भावांतर राशि है जो राज्य सरकार ने दी है। किसान इन्द्रजीत ने भावांतर राशि से अगली फसल की तैयारी शुरू कर दी है। गुना जिले के ही बृजमोहन यादव को 1,17,792 रुपये, अर्चना बाई को 1,12,368 रुपये, चन्द्रभान सिंह को 84,672 रुपये और कैलाशनारायण नागर को 94,968 रुपये भावांतर राशि मिली है। ये किसान इस राशि का इस्तेमाल अपने घरेलू खर्चों की प्रतिपूर्ति और अगली फसल की तैयारी में कर रहे हैं। भावांतर भुगतान योजना से ग्राम बढ़ैयाखेड़ा जिला नरसिंहपुर के किसान नरेन्द्र कुमार लोधी को 17.40 क्विंटल उड़द गोटेगांव मंडी में बेचने पर समर्थन मूल्य नगद मिला और भावांतर राशि 41,760 रुपये अलग से मिली। नरेन्द्र ने 2776 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से मंडी में अपनी उड़द बेची थी। नरेन्द्र की तरह ही प्यारेलाल लोधी को उड़द की फसल मंडी में बेचने पर तत्काल समर्थन मूल्य तो मिला ही, साथ ही भावांतर भुगतान योजना के अन्तर्गत 15,120 रुपये और ग्राम कन्हारपानी के कृषक डब्बूलाल लोधी को 71,160 रुपये भावांतर राशि मिली है। ये सभी किसान अब भावांतर भुगतान योजना के फायदे अच्छी तरह समझने लगे हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 5 December 2017


भावांतर योजना

अधिसूचित मंडियों में पंजीकृत किसानों द्वारा अधिसूचित फसलों के विक्रय पर नवीन दरों से मिलेगी राशि  भावांतर भुगतान योजना अन्तर्गत मध्यप्रदेश शासन ने किसान हितैषी निर्णय लेते हुए एक नवम्बर से 30 नवम्बर के दौरान बेची गई अधिसूचित फसलों के लिए नवीन औसत मॉडल दरें घोषित की है। शासन ने सभी कलेक्टरों को नवीन दरों के अनुसार पंजीकृत किसानों से अधिसूचित मंडियों में खरीदी गई अधिसूचित फसलों के लिए भावांतर राशि के भुगतान के निर्देश दिये हैं। निर्देशानुसार सोयाबीन, उड़द, मक्का, मूंग एवं मूंगफली की नवीन औसत मॉडल दरें घोषित की गई है। रामतिल एवं तिल की औसत मॉडल दरें पूर्वानुसार यथावत रखी गई हैं। प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा ने बताया है कि इस अवधि के लिए योजना की नियत प्रक्रिया एवं प्रावधानों के अनुसार गठित की गई उप समिति की अनुशंसा के क्रम में एक से 30 नवम्बर 2017 के लिये सोयाबीन की औसत मॉडल दर 2640 रुपये प्रति क्विंटल, उड़द की 3070 रुपये प्रति क्विंटल, मक्का की 1110 रुपये प्रति क्विंटल, मूंग की 4120 रुपये प्रति क्विंटल और मूंगफली की 3570 रुपये प्रति क्विंटल रहेगी। नवीन दरों के अनुरूप भावांतर की राशि का भुगतान किये जाने के निर्देश दिये गये है। रामतिल एवं तिल की औसत मॉडल दरें न्यूनतम समर्थन मूल्य से उक्त अवधि में अधिक रहने के कारण इन दोनों कृषि उपज पर भावांतर उक्त अवधि में देय नहीं होगा। मध्यप्रदेश शासन किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा आज जारी आदेशानुसार भावांतर भुगतान योजना में ऐसे समस्त पंजीकृत किसान जिनके द्वारा अधिसूचित फसलों (सोयाबीन, उड़द, मक्का, मूंग एवं मूंगफली) का विक्रय अधिसूचित मंडियों में एक से 30 नवम्बर 2017 की अवधि में किया गया है, उन्हें योजना के प्रावधानों एवं पात्रता के अनुसार भावांतर राशि का भुगतान किये जाने के लिये सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है। जिला स्तरीय समिति परीक्षण के बाद कृषकों को एसएमएस भेजेगी नवीन औसत मॉडल दरों के अनुसार कृषकों को भावांतर राशि कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा परीक्षण के बाद पात्रतानुसार पंजीकृत किसानों के खातों में जमा करवाई जायेगी। अधिसूचित मंडी प्रांगण में कृषि उपज का विक्रय करने वाले पंजीकृत किसानों को प्रावधानों के अनुसार गणना कर उन्हें दी जाने वाली भावांतर राशि की जानकारी उनके मोबाइल पर एसएमएस द्वारा भेजी जाएगी।  

Dakhal News

Dakhal News 5 December 2017


एनके सिंह बने 15वें वित्त आयोग के चेयरमैन

  तत्कालीन योजना आयोग के सदस्य रहे एन. के. सिंह को 15वें वित्त आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। एक सरकारी अधिसूचना के अनुसार यह आयोग दूसरे बिंदुओं के अलावा राज्यों और केंद्र पर जीएसटी लागू होने के वित्तीय असर का भी आंकलन करेगा। इस नवगठित आयोग को अपनी रिपोर्ट अक्टूबर 2019 तक प्रस्तुत करनी होगी। आयोग में आर्थिक मामलों के पूर्व सचिव शक्तिकांत दास, पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अशोक लाहिरी, नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद और अमेरिका की जॉर्जटाउन यूनीवर्सिटी के प्रोफेसर अनूप सिंह को सदस्य के तौर पर नियुक्त किया गया है। आयोग केंद्र व राज्यों की वित्तीय स्थिति, घाटे, कर्ज, नकदी संतुलन और वित्तीय अनुशासन के प्रयासों की समीक्षा करेगा। बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए वह सिफारिशें भी देगा। संविधान के अनुच्छेद 280 के अनुसार आयोग को केंद्र व राज्यों के बीच कर राजस्व के वितरण पर सिफारिशें देनी होती हैं। वह देश के कंसोलिडेटेड फंड में से राज्यों को अनुदान देने के लिए उचित सिद्धांत का भी सुझाव देगा। 15वें आयोग को जीएसटी के असर और पांच साल तक राज्यों को राजस्व क्षति के मुआवजे की व्यवस्था पर भी अपनी राय देनी है।  

Dakhal News

Dakhal News 28 November 2017


भांवातर भुगतान योजना

भांवातर भुगतान योजना में 1 लाख 55 हजार 942 पंजीकृत किसानों को 22 नवम्बर तक 248 करोड़ 30 लाख रूपये का भुगतान कर दिया जाएगा। यह भुगतान सीधे उनके खाते में किया जाएगा। किसानों को बैंक तथा भुगतान के संबंध में 2 एस.एम.एस प्रेषित किये जा रहे हैं। जिसके द्वारा बेची गई सामग्री तथा भुगतान योग्य राशि की जानकारी किसानों को दी जाएगी। यह जानकारी आज प्रमुख सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजौरा और म.प्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री फैज अहमद किदवई ने दी। डॉ. राजौरा ने बताया कि योजना में 1 लाख 55 हजार से अधिक किसानों का डाटाबेस तैयार हो चुका है। इससे मंडियो में आने वाली उपज की मात्रा में वृद्वि होगी और किसानों को फसल का बेहतर मूल्य मिलेगा। उन्होंने बताया कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश में सोयाबीन का बेहतर भाव मिल रहा है। योजना क्रियान्वयन के बारे में उत्तरप्रदेश, राजस्थान, उडीसा सहित 12 राज्यों ने जानकारी ली है। योजना क्रियान्वयन के पहले तथा क्रियान्वयन के बाद की दरों की तुलना से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भावांतर भुगतान योजना से बाजार में स्थायित्व आया है और किसानों को लाभ हुआ है। किसानों में योजना के लिए उत्सुकता है। श्री राजौरा ने बताया कि 16 से 30 अक्टूबर 2017 के मध्य समर्थन मूल्य और मॉडल विक्रय दर के अंतर की राशि सोयाबीन में 470 रूपये प्रति क्विंटल, मक्का में 235 रूपये प्रति क्विंटल, मूंग में 1455 रूपये प्रति क्विंटल, मूंगफली में 730 रूपये प्रति क्विंटल और उड़द में 2400 रूपये प्रति क्विंटल रही। योजना के अंतर्गत अधिसूचित मंडियों में सोयाबीन की मात्रा 4 लाख 44 हजार 260 मीट्रिक टन, मक्का 38 हजार 361 मीट्रिक टन, उड़द 26 हजार 210 मीट्रिक टन, मूंगफली 652.48 मीट्रिक टन और 134.47 मीट्रिक टन मूंग की आवक हुई है। किसानों की सुविधा के लिए अनुसूचित जनजाति बहुल जिलों में सुविधाजनक स्थानों पर मंडी सुविधा उपलब्ध करवायी गई है। कई जिलों में उपमंडियाँ भी संचालित की जा रही हैं। किसानो को मंडियों तथा फसल के भावों की जानकारी देने के लिए आकाशवाणी सहित अन्य प्रचार माध्यमों का सहयोग भी लिया जा रहा है। योजना में विभिन्न फसलों पर देय राशि की गणना की प्रक्रिया और जानकारी देने के लिए किसानों को विभाग की ओर से पेम्फलेट भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। कृषकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए कंट्रोल रूम भी लगातार सक्रिय है।  

Dakhal News

Dakhal News 11 November 2017


भावांतर भुगतान

मध्यप्रदेश शासन द्वारा भावांतर भुगतान योजना में पंजीकृत किसानों के खातों में भावांतर राशि जमा करवाने की प्रक्रिया निर्धारित कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि योजना में खरीफ-2017 में सोयाबीन, मूंगफली, उड़द, मूंग, मक्का में पंजीकृत किसानों द्वारा उत्पादित एवं मंडी प्रांगण में 16 से 30 अक्टूबर तक बेची गई उपज की पात्रता अनुसार भावांतर की राशि किसानों के खातों में जमा कराई जायेगी। योजना के पोर्टल पर राजस्व एवं कृषि उपज मंडी समिति द्वारा भरे गए डाटा के आधार पर निर्धारित विक्रय अवधि के मॉडल विक्रय दरों की गणना कर पोर्टल पर दर्ज पंजीकृत किसानों को भावांतर की कुल राशि किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड के खातों में राशि जमा कराई जायेगी। इस राशि को पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के क्रम में गणना अनुसार जिला-स्तर की कृषि उपज मंडी समितियो को भुगतान के लिये प्रदाय किया जायेगा। जिला-स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति योजना के अंतर्गत 16 से 30 अक्टूबर 2017 की अवधि के लिये औसत मॉडल (Wholesale) रेट घोषित किये गये हैं। इन औसत मॉडल दर के आधार पर योजना के प्रावधानों अनुसार भावांतर की गणना तथा भुगतान किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिये जिला-स्तर पर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। समिति के अन्य सदस्यों में उप जिलाध्यक्ष स्तर का कलेक्टर द्वारा नामांकित अधिकारी, उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ के जिला विपणन अधिकारी, म.प्र. राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक, राष्ट्रीय सूचना केन्द्र के जिला सूचना अधिकारी, लीड बैंक अधिकारी को सदस्य और जिला मुख्यालय की मंडी के सचिव को समिति का सचिव बनाया गया है। इस समिति द्वारा पोर्टल पर दर्ज जानकारी का सात दिवस में सत्यापन कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। सत्यापन की प्रक्रिया में यह ध्यान रखा जायेगा कि पोर्टल पर प्रत्येक पंजीकृत एवं लाभान्वित किसानों द्वारा प्रेषित राजस्व संबंधी जानकारी यथा- क्षेत्रफल, जिसमें अधिसूचित फसल की बोनी की गई है, का सत्यापन राजस्व अमले द्वारा कर लिया गया है। योजना के पोर्टल पर दर्ज किसानों द्वारा पंजीकृत बैंक खाते का क्रमांक एवं आईएफएस (IFS) कोड सही है। पंजीकृत एवं लाभान्वित होने वाले किसानों द्वारा नियत विक्रय अवधि में अधिसूचित फसल की कृषि उपज मंडी के भुगतान पत्रक अनुसार बिक्री की मात्रा एवं किसान के विक्रय दर की जानकारी का पोर्टल पर सही इन्द्राज किया गया है। समिति जिले में योजना अंतर्गत कृषि उपज विक्रय संख्या के दस प्रतशत संव्यवहार का रेण्डम तौर पर विश्लेषण करेगी। इस विश्लेषण का कृषक की अनुबंध पर्ची, तौल पर्ची, भुगतान पर्ची से मिलान किया जायेगा। यह भी देखा जायेगा कि नियत विक्रय अवधि में किसी भी पंजीकृत किसान द्वारा अधिसूचित फसल की बिक्री अधिसूचित मंडी में किये जाने पर मण्डी अभिलेखों के अनुसार किसी भी पात्र किसान की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करने से नहीं छूटी है। कृषि जलवायु क्षेत्र अंतर्गत योजना के लिये फसलवार, जिलेवार औसत उत्पादकता की पोर्टल पर सही जानकारी दर्ज कर संबंधित जिले की उत्पादकता की निश्चित सीमा तक विक्रय की गई फसल पर भावांतर की राशि की गणना की गई है। तय की गई प्रक्रिया के अनुसार पंजीकृत किसान द्वारा योजना में चयनित फसल को निर्धारित पात्रता से अधिक मात्रा में एक से अधिक सौदों में बेचा गया है, तो उसके सौदों के परस्पर विक्रय दर में से न्यूनतम दरों के सौदों के आधार पर पात्रता की नियत सीमा तक की मात्रा को मान्य कर भावांतर की राशि की गणना की जायेगी। पंजीकृत कृषक का खेत जिस जिले में स्थित है उसके द्वारा यदि अन्य जिले की मंडी में चयनित कृषि उपज का विक्रय किया गया है, तो जिस जिले में पंजीकरण किया गया है उस जिले से भावांतर की राशि का भुगतान किया जायेगा। जिला मुख्यालय की कृषि उपज मंडी समिति द्वारा भावांतर भुगतान योजना में भुगतान के लिये प्राप्त फण्ड को रखने हेतु राष्ट्रीयकृत बैंक में अलग खाता खोला जायेगा। इस खाते से किसानों के खाते में सीधे डिजिटल भुगतान किया जायेगा। जिला कलेक्टर इन सब तथ्यों की पुष्टि के लिये राजस्व और कृषि विभाग तथा कृषि उपज मंडी समिति के अमले का उपयोग कर सकेंगे। राष्ट्रीय सूचना केन्द्र द्वारा भावांतर भुगतान योजना के पोर्टल पर गणना के संबंध में पात्र एवं लाभान्वित हितग्राहियों को भुगतान किये जाने के संबंध में विशेष पासवर्ड तैयार कर प्रत्येक जिले की समिति में कलेक्टर जिला कार्यालय को उपलब्ध करवाया जाये। यह समिति उपरोक्तानुसार पुष्टि के बाद पंजीकृत एवं लाभान्वित किसानों की पोर्टल पर जानकारी की त्रुटि में सुधार किये जाने के लिये जिला कलेक्टर से अनुमति प्राप्त करने के बाद ही त्रुटि-सुधार करने के लिये सक्षम होंगी। पुष्टि एवं सत्यापन के बाद 20 नवम्बर तक सभी पंजीकृत एवं पात्र लाभान्वित किसानों के बैंक खातों में नियत भावांतर की कुल भुगतान राशि उनके द्वारा पंजीयन के समय पंजीयन कराये गये बैंक खाते में जमा करवाई जायेगी। राष्ट्रीय सूचना केन्द्र के माध्यम से भुगतान के समय पंजीकृत एवं लाभान्वित किसानों को उनके बैंक खाते में कुल भुगतान की गई राशि की जानकारी पंजीयन के समय उपलब्ध करवाये गये मोबाइल फोन पर एसएमएस द्वारा प्रदाय किये जाने की व्यवस्था जिला कलेक्टर द्वारा 20 नवम्बर के पहले सुनिश्चित की जायेगी। जिला स्तर की कृषि उपज मंडी समिति के कार्यालय द्वारा जिलों में पंजीकृत एवं लाभान्वित हितग्राहियों को भुगतान किये जाने के बाद पोर्टल पर जिले के पंजीकृत एवं लाभान्वित किसानों की सम्पूर्ण जानकारी हार्ड कॉपी में सुरक्षित रखी जायेगी। इसकी एक प्रति जिला कलेक्टर कार्यालय को समिति के सदस्यों के हस्ताक्षर सहित उपलब्ध करवाई जायेगी और एक प्रति मंडी बोर्ड को भेजी जायेगी। राष्ट्रीय सूचना केन्द्र द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि पोर्टल पर जिला-स्तर पर जिन पंजीकृत एवं लाभान्वित किसानों को भुगतान की प्रक्रिया पूरी हो गयी है उनके पोर्टल पर दर्ज समस्त रिकार्ड फ्रीज किये जायें। पंजीकृत कृषक द्वारा भावांतर भुगतान की राशि उसके खाते में जमा होने के 15 दिवस में किसी प्रकार की त्रुटि के लिये जिला कलेक्टर को अभ्यावेदन प्रस्तुत किया जा सकेगा। जिला कलेक्टर स्तर पर अभ्यावेदन के प्राप्ति दिनांक से 10 दिवस में निराकरण कर अभ्यावेदक को संसूचित किया जायेगा। ऐसे समस्त पंजीकृत एवं लाभान्वित किसान जिनको 2,000 रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है उनके प्रमाण-पत्र तैयार कर सार्वजनिक कार्यक्रम में वितरित किये जायेंगे ताकि योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। भुगतान की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर विवाद की स्थिति में योजना के प्रावधानों के अनुरूप एवं समय-समय पर जारी परिपत्रों की परिधि में रहते हुए भुगतान के संबंध में निर्णय लिये जाने के अधिकार जिला कलेक्टर को दिये गये हैं।

Dakhal News

Dakhal News 11 November 2017


भावांतर भुगतान

मध्यप्रदेश में भावांतर भुगतान योजना में पंजीकृत किसानों को खरीफ-2017 के लिये चिन्हित 8 जिन्सों को बेचने के लिये अगर खेत से 15 किलोमीटर या इससे अधिक दूरी पर स्थित कृषि उपज मण्‍डी/उप मण्‍डी तक फसल ले जाना पड़ेगा तो उसे प्रति किलोमीटर के आधार पर परिवहन व्यय मिलेगा। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा आज इस आशय के विस्तृत निर्देश जारी कर दिये गये हैं। परिवहन दर का निर्धारण जिला कलेक्टर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी तथा जिला स्तर की मण्‍डी के सचिव की समिति करेगी। परिवहन व्यय की राशि का भुगतान मण्‍डी निधि से किया जायेगा। परिवहन व्यय के लिये चयनित जिन्सों में सोयाबीन, मक्का, तिल, रामतिल, मूंगफली, मूंग, उड़द और तुअर शामिल हैं। परिवहन व्यय भुगतान की शर्तें और प्रावधान भी तय कर दिये गये हैं। शर्तों और प्रावधानों में प्रदेश के अधिसूचित आदिवासी क्षेत्र के जिलों में जिला प्रशासन एग्रीकेटर के तौर पर ट्रेक्टर-ट्राली/वाहन को अधिकृत करेंगे। अधिसूचित आदिवासी जिलों की सूची सभी संबंधितों को भेजी गई है। गैर आदिवासी क्षेत्रों के जिलों में कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा खुलवाये गये कस्टम हायरिंग सेन्टर के उपलब्ध ट्रेक्टर-ट्राली/वाहन से परिवहन का भुगतान किया जायेगा। कस्टम हायरिंग सेंटर की जिलेवार जानकारी कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय की वेबसाइट www.mpdag.org पर उपलब्ध है। परिवहन की गई फसल के मण्‍डी के दस्तावेजों के आधार पर विक्रय का सत्यापन करने के बाद संबंधित जिला कलेक्टर की समिति द्वारा निर्धारित की गई प्रति किलोमीटर परिवहन दर से निकटतम मंडी प्रांगण की दूरी का जहाँ फसल बेची गई है, परिवहनकर्ता को व्यय का भुगतान किया जायेगा। योजना की शर्तों में जिले की अन्य निकटवर्ती मण्‍डी में विक्रय किये जाने पर जिले की समिति द्वारा तय दर पर भुगतान किया जायेगा। एक बार में एक से अधिक किसानों के उत्पाद का एक ट्रेक्टर-ट्राली में सम्मिलित रूप से परिवहन किये जाने की स्थिति में परिवहनकर्ता को अधिसूचित क्षेत्र और गैर-धिसूचित क्षेत्र के जिलों के लिये लागू शर्तों के तहत परिवहन व्यय का भुगतान होगा। परिवहन व्यय का भुगतान मण्‍डी समिति द्वारा परिवहनकर्ता के खाते में डिजिटल पेमेंट के माध्यम से जमा कराया जायेगा।दो नवंबर तक प्रदेश के एक लाख 12 हजार से अधिक किसानों ने अपनी 32 लाख क्विंटल उपज का विक्रय अधिसूचित मंडियों में किया है। मुख्य सचिव ने ली बैठक भावांतर भुगतान योजना अंतर्गत राज्य शासन द्वारा 25 जिलों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की डयूटी लगाई गई है। ये अधिकारी उक्त जिलों का भ्रमण कर वहाँ की मंडियों की व्यवस्था तथा योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे। ये अधिकारी समीक्षा में पाई गई कमियों को जिला प्रशासन के माध्यम से दूर करवायेंगे। संबंधित अधिकारियों की बैठक मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह द्वारा आज ली गई। बैठक में नामांकित अधिकारियों को योजना के बारे में और निरीक्षण प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई।  

Dakhal News

Dakhal News 3 November 2017


उद्योग संवर्द्धन नीति

मंत्रि-परिषद के निर्णय मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को  हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद उद्योग संवर्द्धन नीति 2014 में संशोधन की मंजूरी दी गई। प्रदेश में वृहद निवेश प्रस्तावों को आकर्षित करने के लिए कर आधारित सुविधाओं के स्थान पर पूँजी निवेश, रोजगार सृजन एवं निर्यात संवर्द्धन को आधार बनाकर लागत पूँजी अनुदान की योजना 'निवेश प्रोत्साहन सहायता' के नाम से लाई गई है। इस सुविधा अंतर्गत 10 से 40 प्रतिशत तक लागत पूँजी अनुदान दिया जायेगा, जो छोटे निवेशकों को अधिकतम 40 प्रतिशत होगा। जबकि बड़े निवेशकों को 10 प्रतिशत के स्लेब में रखा गया है। वृहद रोजगार सृजन करने वाले एवं निर्यातोन्मुखी उद्योगों को निवेश प्रोत्साहन सहायता अंतर्गत अतिरिक्त सुविधा दी जायेगी। लोक निर्माण विभाग के 4633 अस्थाई पद स्थायी मंत्रि-परिषद ने लोक निर्माण विभाग के 4633 अस्थाई पदों को विभाग की आवश्यकता और निरंतरता को देखते हुए स्थायी करने का निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद ने कुण्डालिया वृहद सिंचाई परियोजना के विस्थापितों को विशेष पुर्नवास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया। परियोजना राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील में निर्माणाधीन है। इस विशेष पैकेज से 81 करोड 9 लाख का अतिरिक्त लाभ 5994 विस्थापित परिवारों को प्राप्त होगा। राज्य विधि आयोग का पुनर्गठन मंत्रि-परिषद ने राज्य विधि आयोग को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया। राज्य में विधि आयोग का पुनर्गठन कर उसके सुचारु संचालन के लिए 30 पद के सृजन की मंजूरी दी गई। मंत्रि-परिषद ने राज्य आनंद संस्थान की पद संरचना तथा कार्यपालन समिति की संरचना में परिवर्तन तथा संशोधन की मंजूरी दी। संस्थान के लिए अतिरिक्त 8 पद के सृजन की अनुमति दी गई। संस्थान की सामान्य सभा को कार्यपालन समिति की संरचना में बदलाव का अधिकार भी दिया गया। संस्था की उपविधियों में सभी आवश्यक संशोधन करने के लिए आवश्यक अधिकार सामान्य सभा को देने का निर्णय भी किया गया। मंत्रि-परिषद ने महाप्रबंधक परियोजना एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन का प्रस्ताव 2x660 मेगावाट की विद्युत परियोजना के लिए रेलवे पथ निर्माण के लिए तहसील सनावद जिला खरगोन के 21 ग्रामों की कुल 23.180 हेक्टेयर शासकीय भूमि वर्ष 2017-18 की कलेक्टर गाइड लाइन अनुसार प्रीमियम तथा उस पर 7.5 प्रतिशत भू -भाटक लेकर आवंटित करने का निर्णय लिया। मंत्रि-परिषद ने उच्च शिक्षा विभाग की प्रचलित योजना 'पुरस्कार एवं प्रोत्साहन योजना' को तीन वर्ष में अनुमानित व्यय भार 875 लाख की स्वीकृति एवं योजना को निरंतर रखने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने विमुक्त, घुमक्कड़ एव अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति के उत्थान के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाज सेवक को पुरस्कार योजना नियम 2014 का नामकरण 'संत श्री सेवालाल महाराज' करने की मंजूरी दी।  

Dakhal News

Dakhal News 11 October 2017


राहुल गांधी पहनाई साड़ी

कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी संघ में महिलाओं पर टिप्‍पणी कर विवादों में फंस गए हैं। उन्‍होंने मंगलवार को अपने विवादित बयान में कहा था कि क्‍या कभी आरएसएस शाखा में महिलाओं को शॉर्ट्स में देखा है? इस पर बुधवार को गुजरात के राजकोट में मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के नेतृत्व में भाजपा महिला कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान उनके हाथों में राहुल गांधी का एक पुतला था, जिसको साड़ी पहनाया गया था। राहुल गांधी मंगलवार को वड़ोदरा के महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों से संवाद कर रहे थे। एक छात्रा के सवाल पर उन्‍होंने वाराणसी में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि संघ और भाजपा की सोच ही ऐसी है कि महिला चुप रहे तब तक ठीक है। बोले तो चुप करा दो। वहीं इस दौरान ही राहुल गांधी ने पूछा, आपने कभी संघ की शाखा में महिलाओं को शॉर्ट्स में देखा है, मैंने तो नहीं देखा। राहुल गांधी यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा, संघ की नजर में महिलाओं के लिए कोई जगह नहीं है। संघ में एक भी महिला सदस्य नहीं हैं। इसी के साथ डभोई में आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए राहुल ने कहा, कांग्रेस शासित राज्य पंजाब व पुडुचेरी में आंगनवाड़ी में काम करने वाली महिलाओं को गुजरात से अधिक वेतन दिया जाता है। संघ पर राहुल गांधी की टिप्पणी के जवाब में गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन ने कहा कि कांग्रेस का स्वभाव ही ऐसा है। राहुल महिलाओं के कपड़ों पर ही नजर रखते हैं। आनंदीबेन ने राहुल से अपने शब्द वापस लेकर गुजरात की महिलाओं से माफी मांगने को भी कहा। उन्होंने कहा कि गुजरात कि महिलाएं संस्कारी व लघु उद्यम करने वाली हैं, स्वाभिमान से जीती हैं। राहुल ने ऐसी टिप्पणी कर उनका अपमान किया है। राहुल माफी नहीं मांगेंगे तो महिलाएं एकजुट होंगी और कांग्रेस बची-खुची सीटें भी खो देगी।  

Dakhal News

Dakhal News 11 October 2017


शिवराज के निवास पर दशहरा पूजा

  मुख्यमंत्री चौहान ने दी सबको शुभकामनाएं  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में आज निवास पर दशहरा की पूजा अर्चना की। श्री चौहान एवं उनकी धर्म पत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान ने वाहनों की पूजा की। उन्होंने सभी को विजयादशमी की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। श्री चौहान ने कहा कि यह पर्व आसुरी शक्तियों का विनाश करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेश की समृद्धि और नागरिकों की खुशहाली की मंगल कामना की। इस अवसर पर समस्त अधिकारी, कर्मचारी एवं सुरक्षा कर्मी उपस्थित थे। म.प्र. को भ्रष्टाचार मुक्त, गरीबी मुक्त, गंदगी मुक्त प्रदेश बनाने का आव्हान  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी नागरिक बंधुओं और श्रद्धालुओं को विजयादशमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि विजयादशमी समृद्धशाली भारतीय संस्कृति का प्रतीक पर्व है। जनमानस के आराध्य भगवान श्रीराम ने अहंकार के प्रतीक रावण का वध कर लंका विजय की थी। यह अपने अंदर की बुराईयों का दहन करने का अवसर है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विजयादशमी के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश को गंदगी मुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त, आतंकवाद मुक्त और गरीबी मुक्त प्रदेश बनाने का आव्हान किया है। श्री चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश का कायाकल्प शक्तिशाली, समृद्धशाली और पूर्ण रूप से विकसित प्रदेश के रूप में हो रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विकास के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता रहे, नागरिकों का जीवन समृद्धि और खुशहाली से भरपूर रहे, यही ईश्वर से प्रार्थना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी को दीपोत्सव की भी अग्रिम बधाईयाँ दी।  

Dakhal News

Dakhal News 30 September 2017


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी ने आज विदिशा में आयोजित नदी अभियान कार्यक्रम में कहा कि नदियां मानव जीवन का आधार हैं। इसलिये नदियों को बचाने के लिए आमजनों को भी साथ आना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को हम प्रचुर मात्रा में जल और अच्छा पर्यावरण विरासत में दें, इसके लिए सदगुरू श्री जग्गी वासुदेव के अभियान में सबको बढ़-चढ़कर भाग लेना होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विदिशावासियों से अपील की कि नर्मदा सेवा यात्रा की तर्ज पर बेतवा को बचाने के लिए सेवा यात्रा जरूर निकालें। बेतवा बरसाती नदी बनकर ना रह जाए। इसके लिए नदी के दोनो तरफ एक-एक किलोमीटर तक फलदार पौधे लगाए जाएंगे। श्री चौहान ने कहा कि निजी भूमिधारक कृषक भी इस काम में अपनी सहभागिता निभाएं। किसानों द्वारा अपनी निजी भूमि पर पौधे लगाने के लिये उन्हें पचास प्रतिशत अनुदान पर शासन पौधे मुहैया कराएगा और शुरू के तीन वर्षो तक संबंधित किसानों को राज्य सरकार द्वारा मुआवजा राशि भी दी जाएगी। नदी अभियान के संवाहक सदगुरू श्री जग्गी वासुदेव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने नदी अभियान को धरातल पर अवतरित करने के कार्यो में सबसे ज्यादा मदद की है। उन्होंने पौधो पर अनुदान देने की घोषणा को मील का पत्थर बताते हुए आग्रह किया कि अधिक से अधिक पौधे रोपे जाएं और उन्हें जीवित रखा जाए। फलदार पौधे लगाने एवं औषधीय खेती करने से जहां किसानों को अधिक मुनाफा होगा, वही पर्यावरण बेहतर बनेगा और नदियों में जल की प्रचुर मात्रा बनी रहेगी। सदगुरू ने लोगों से नदी अभियान से जुड़ने की अपील की। सदगुरू श्री जग्गी वासुदेव और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने श्री बाढ वाले गणेश मंदिर के समीप बने बेतवा नदी के तट पर पहुंचकर नदी की पूजा-अर्चना की। सदगुरू ने बेतवा नदी के साथ सेल्फी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान ने सदगुरू श्री जग्गी वासुदेव को स्मृति चिन्ह के रूप में सांची का स्तूप भेंट किया। श्री बाढ वाले गणेश मंदिर प्रागंण में हुए नदी अभियान कार्यक्रम में राज्यमंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा, विधायक श्री कल्याण सिंह ठाकुर, नगरपालिका अध्यक्ष श्री मुकेश टण्डन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री तोरण सिंह दांगी समेत जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए।

Dakhal News

Dakhal News 25 September 2017


जग्गी वासुदेव

  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने सदगुरू श्री जग्गी वासुदेव की नदी अभियान रैली के भोपाल पहुंचने पर आज यहां बैरागढ में सीहोर नाके के पास यात्रा का स्वागत किया। सदगुरू स्वयं रैली का नेतृत्व कर रह थे। सदगुरू रैली फार रिवर में स्वयं गाड़ी चलाते हुए बैरागढ से मुख्यमंत्री निवास तक आये। मुख्यमंत्री श्री चौहान और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान सदगुरू के साथ रैली में शामिल हुए। मुख्यमंत्री निवास पर श्री चौहान ने सदगुरू का स्वागत किया। सदगुरू के आग्रह पर श्री चौहान ने उन्हें गौशाला का भ्रमण कराया। सदगुरू ने मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना की। श्रीमती साधना सिंह  चौहान ने गौशाला प्रबंधन के बारे में जानकारी दी और स्थापना का इतिहास बताया।      

Dakhal News

Dakhal News 23 September 2017


भाजपा किसान मोर्चा ने मांगी राहत

भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ने सरकार से अल्पवर्षा के कारण उत्पन्न् स्थिति से निपटने के लिए तत्काल किसानों को राहत देने की मांग की है। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रणवीर सिंह रावत ने प्रदेश के सूखाग्रस्त जिलों में किसानों के हालात पर चिंता व्यक्त की और कहा कि मोर्चा किसानों को तत्काल राहत दिए जाने के लिए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला और तहसील मुख्यालयों पर अधिकारियों को सौंपेगा। रावत ने कहा कि 19 सितंबर को वे स्वयं भोपाल जिला किसान मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौपेंगे। किसान मोर्चा ने बर्बाद फसलों का सर्वेक्षण कराने, वसूली स्थगित करने, रोजगार मुहैया कराने और किसानों को जरूरी सहायता दिए जाने की मांग की है। रावत ने चर्चा में बताया कि किसानों ने खरीफ की फसल बोई थी, लेकिन समय पर बारिश न होने के कारण किसान का निवेश व्यर्थ चला गया है। वर्षाकाल का समय लगभग बीत चुका है। अल्पवर्षा के कारण किसानों के सामने कृषि को लेकर भीषण संकट उत्पन्ना हो गया है, इसलिए किसान को तत्काल राहत देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों चित्रकूट में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश में सूखे के हालात पर चर्चा करते हुए कहा था कि किसानों को संकट की घड़ी में हर संभव मदद की जाएगी।  

Dakhal News

Dakhal News 20 September 2017


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

"स्वच्छता ही सेवा'' अभियान समारोह में मुख्यमंत्री  चौहान   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  इंदौर में 'स्वच्छता ही सेवा'' अभियान के उपलक्ष्य में ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समारोह में कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण-2016 में इंदौर प्रथम स्थान पर आया है। इसके लिये इंदौर की जनता बधाई की पात्र है। मध्यप्रदेश शासन के लिये भी यह गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि देश में स्वच्छता में नंबर वन आना आसान नहीं है। इसलिये नम्बर वन बने रहने के सतत प्रयास किये जायें। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम आये हैं। वर्ष 2019 तक मध्यप्रदेश के सभी ग्रामों और शहरों को खुले में शौच से मुक्त करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता एक आंदोलन है। जनता की सोच में बदलाव लाकर जनता के सहयोग से ही यह आंदोलन सफल हो सकता है।  श्री चौहान ने इंदौर शहर में स्वच्छता अभियान की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण-2016 में देश के 100 चयनित शहरों में से 22 शहर मध्यप्रदेश के हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय बन जाने से ही काम नहीं चलेगा, उसका उपयोग करना भी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में प्लास्टिक की समस्या पर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि प्लास्टिक से सर्वाधिक कचरा फैलता है और प्लास्टिक जल्दी नष्ट भी नहीं होता है। इसलिए प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि इंदौर मध्यप्रदेश के विकास का इंजन है। उद्योग, व्यापार और साफ-सफाई सहित हर क्षेत्र में इंदौर नंबर वन रहा है। इंदौर में नरसीमुंजी, टीसीएस और इंफोसिस जैसी प्रतिष्ठित संस्थाएं आ गई हैं और अपना व्यापार-व्यवसाय फैला रही हैं। इस अवसर पर महापौर श्रीमती मालिनी गौड़ ने कहा कि इंदौर स्वच्छता सर्वेक्षण के सभी बिन्दुओं पर खरा उतरा है। नवंबर 2016 से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन से इंदौर में साफ-सफाई विशेष रूप से परिलक्षित हुई है। इस अभियान में विद्यार्थियों, शिक्षकों, व्यापारियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, समाजसेवी संगठनों आदि का भरपूर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इंदौर में गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग कलेक्शन किया जा रहा है। गीले कचरे से जैविक खाद बनाई जा रही है। औसतन रोज 50 टन कचरा इकट्ठा हो रहा है। गीले कचरे से आने वाले समय में जैविक खाद के अलावा मिथेन गैस भी इकट्ठा की जाएगी, जिससे नगरीय सेवा की बसें चलेंगी और बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इसके अलावा परमाणु तकनीकी से स्लज कचरे से खाद बनाई जाएगी। पिछले डेढ़ वर्ष में विशेष साफ-सफाई अभियान से वायु प्रदूषण 50 प्रतिशत तक घट गया है। खान और सरस्वती नदी की सफाई का अभियान जारी है। खान नदी में गिरने वाले गंदे नालों की टेपिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। उत्कृष्ट कार्य के लिये सम्मान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर स्वच्छता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिये समाजसेवियों, व्यापारी संगठनों और सरपंचों को सम्मानित किया गया। समारोह में हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री कृष्णमुरारी मोघे, इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री शंकर लालवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कविता पाटीदार, विधायकगण सर्वश्री महेन्द्र हार्डिया, राजेश सोनकर, सुदर्शन गुप्ता, सुश्री उषा ठाकुर तथा अपर मुख्य सचिव श्री राधेश्याम जुलानिया, गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और सरपंच सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।   

Dakhal News

Dakhal News 18 September 2017


 शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज रायसेन जिले के ग्राम रतनपुर में 'स्वच्छता ही सेवा'' अभियान के तहत प्रदेश भर में चलाये जा रहे शौचालय के लिए गढ्ढा खोदने के अभियान में शामिल हुए। उन्होंने साँची-रायसेन मार्ग पर ग्राम रतनपुर में ट्विन-पिट खोदने की शुरूआत की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गाँवों को स्वच्छ रखने के लिये 'स्वच्छता ही सेवा'' अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान पूरे प्रदेश में आज ही दो लाख गड्डे खोदने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि आगामी 19 नवम्बर तक पूरे रायसेन जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म-दिवस के अवसर पर स्वच्छता को प्राथमिकता देने वाले कार्य शुरू किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा शुरू किया गया स्वच्छता अभियान अब सीधे आमजन से जुड़ा अभियान बन गया है। मध्यप्रदेश की जनता भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग ले रही है। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में जिन क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान के अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं, उनमें अभियान के तहत 2 अक्टूबर गाँधी जयंती तक विशेष प्रयास किये जाएंगे।  श्री चौहान ने कहा कि खुले मे शौच जाना बीमारियों को बढ़ावा देना है। जहाँ स्वच्छता है, वहीं स्वस्थ जीवन है। उन्होंने प्रदेश के शौचालयविहीन घरों में रहने वाले परिवारों से शौचालय बनवाने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेशवासी खुले में शौच नहीं जाने का संकल्प लें। तभी स्वस्थ्य एवं स्वच्छ भारत का निर्माण होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर स्वच्छता रथ को हरी झण्डी दिखाकर गाँव-गाँव, घर-घर जाने के लिये रवाना किया। जिले के प्रभारी मंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा, साँची जनपद अध्यक्ष श्री एस. मुनियन, नगर पालिका अध्यक्ष श्री जमना सेन, अपर मुख्य सचिव श्री आर.एस. जुलानिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी इस अवसर पर उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 18 September 2017


हिन्दी दिवस

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हिन्दी अत्यंत समृद्ध भाषा है। इसके प्रति संकीर्णता ठीक नहीं है। हिन्दी छोड़कर अंग्रेजी बोलना मानसिक गुलामी है। उन्होंने कहा कि हिन्दी बोलने, लिखने और पढ़ने में गर्व होना चाहिए। हिन्दी का मान-सम्मान बढ़ाने के लिये समाज को भी आगे आना होगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज यहां समन्वय भवन में हिन्दी दिवस पर अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित हिन्दी दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों को हिन्दी विभाग स्थापित करने के लिये निर्देशित किया जाएगा। प्रत्येक दो वर्ष में राज्य-स्तरीय हिन्दी सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा करते हुये उन्होंने कहा कि आगामी दिसम्बर 16-17 में राज्य-स्तरीय हिन्दी सम्मलेन आयोजित किया जाएगा। इसमें हिन्दी को समृद्ध बनाने वाले विद्वानों, व्यक्तिओं और संस्थाओं को आमंत्रित किया जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि स्वर्गीय श्री दुष्यंत कुमार त्यागी हिन्दी गजल के जनक थे। उनकी स्मृति में बने दुष्यंत कुमार संग्रहालय का निर्माण राज्य सरकार करेगी। हिन्दी की शक्ति बताने चलायें अभियान श्री चौहान ने कहा कि बाजारों में दुकानों पर नाम और सूचना पट्टिकाएं हिन्दी में लगाना अनिवार्य करने के लिये वैधानिक उपाय किये जाएंगे। हिन्दी की शक्ति, सामर्थ्य और क्षमता से समाज की नई पीढ़ी को अवगत कराने के लिये समाज के सहयोग से निरंतर अभियान चलाना पढ़ेगा। हिन्दी के उपयोग से मिली सराहना श्री चौहान ने अपनी विदेश यात्राओं का स्मरण करते हुये बताया की उन्होंने हर जगह हिन्दी में ही भाषण दिया और संवाद किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभाषा का उपयोग करने से उनकी प्रतिष्ठा भी बढ़ी और सराहना भी मिली। उन्होने श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा संयुक्त राष्ट्र संघ में हिन्दी में दिये भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि हिन्दी निरंतर आगे बढ़ रही है, लेकिन इसकी गरिमा कायम रखने के लिये हमेशा सजग रहना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी भाषा का विरोध नहीं करती, लेकिन हिन्दी की कीमत पर अंग्रेजी का उपयोग ठीक नहीं है। श्री चौहान ने हिन्दी के पाठ्यक्रमों को और ज्यादा समृद्ध बनाने की आवश्यकता बताई। अच्छी कविताएं, अच्छे गद्य और पद्य को सम्हाल कर रखने और प्रस्तुत करने पर जोर देते हुए कहा कि हिन्दी की स्वीकार्यता को बढ़ाने की आवश्यकता है। श्री चौहान ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों को हिन्दी दिवस मनाने के लिये एकत्र होना चाहिए। अगले साल से हिन्दी दिवस का आयोजन भव्य होगा और इसमें सभी विश्वविद्यालय शामिल होंगे। इन्हें मिला सम्मान मुख्यमंत्री ने साहित्यकारों एवं लेखकों को राष्ट्रीय मैथिलीशरण गुप्त सम्मान, राष्ट्रीय शरद जोशी सम्मान एवं हिन्दी भाषा सम्मानों से विभूषित किया। राष्ट्रीय मैथिलीशरण गुप्त सम्मान से श्रीमती मालती जोशी, डॉ. विश्वनाथ तिवारी एवं श्री कमल किशोर गोयनका को विभूषित किया गया। राष्ट्रीय शरद जोशी सम्मान से श्री गोपाल चतुर्वेदी, डॉ. सूर्यबाला लाल, श्री प्रेम जनमेजय और श्री नर्मदा प्रसाद उपाध्याय को सम्मानित किया गया। सम्मान के रूप में दो-दो लाख रूपये की राशि, सम्मान पट्टिका, शॉल-श्रीफल प्रदान किया गया। सूचना प्रौद्योगिकी सम्मान से माइक्रोसॉफ्ट इण्डिया, निर्मल वर्मा सम्मान से श्री तेजेन्द्र शर्मा, फादर कामिल बुल्के सम्मान से डॉ. हेमराज सुंदर, गुणाकर मुले सम्मान से श्री हरिमोहन और हिन्दी सेवा सम्मान से प्रो. ओकेन लेगो को सम्मानित किया गया। इस सम्मान में एक-एक लाख रुपये की राशि, सम्मान पट्टिका और शॉल-श्रीफल प्रदान किये गये। अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रामदेव भारद्वाज ने स्वागत भाषण दिया। कुलसचिव डॉ. एस.के. पारे ने विद्वान अतिथियों का स्वागत किया। भोपाल के सांसद श्री आलोक संजर, प्रमुख सचिव संस्कृति श्री मनोज श्रीवास्तव और बड़ी संख्या में हिन्दी प्रेमी गुणीजन उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 14 September 2017


चंदेरी - मुख्यमंत्री चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज अशोकनगर जिले के चंदेरी में स्थानीय कार्यक्रम में शिरकत करने के साथ आम लोगों से मिले और उनकी समस्याएँ जानी। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिये। श्री चौहान ने जन-प्रतिनिधियों और नागरिकों से उनकी माँगों और सुझावों पर भी चर्चा की। इस दौरान ग्वालियर संभाग के प्रशासनिक अधिकारियों ने हेलीपेड पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।  

Dakhal News

Dakhal News 14 September 2017


डेंगू के नियंत्रण

स्वास्थ्य विभाग और नगर-निगम ने बनायी कार्य-योजना  डेंगू के नियंत्रण और प्रभावी रोकथाम के लिये स्वास्थ्य विभाग ने भोपाल नगर निगम के सहयोग से कार्य-योजना बनाई है। दोनों ने संयुक्त रूप से 19 टीम बनाई हैं, जो वार्डों में जाकर पार्षदों के समन्वय से लार्वा सर्वे और विनिष्टिकरण का काम करेंगी। जिन घरों में लगातार मच्छर का लार्वा पाया जायेगा, उन भवन स्वामियों पर 500 रुपये का जुर्माना होगा। यह जानकारी आज स्वास्थ्य विभाग की दैनिक समीक्षा में दी गई। डेंगू, चिकनगुनिया और मौसमी बीमारियों के नियंत्रण के लिये भोपाल के फायर ब्रिगेड फतेहगढ़ में अतिरिक्त कंट्रोल-रूम स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष क्रमांक 0755-2542222 है। लोगों से अपील की गई है कि लार्वा या डेंगू का मरीज मिलने पर कंट्रोल-रूम में तुरंत सूचना दें। इससे समय रहते कार्यवाही की जा सकेगी। डेंगू नियंत्रण के लिये भोपाल में 10 नये माउंटेड फॉगिंग मशीन वाहनों द्वारा फॉगिंग की जायेगी। जमा पानी स्रोतों पर टीमोफॉस का छिड़काव होगा। डेंगू से बचने के लिये घरों में साफ पानी से भरे बर्तन सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें। पानी भरने से पूर्व बर्तन अच्छी तरह साफ कर लें। कूलर में लगी हुई पुरानी खस को निकाल कर जला दें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। शरीर ढँकने वाले कपड़े पहने। प्रदेश में एक जुलाई से अब तक स्वाइन फ्लू के 329 मरीज मिल चुके हैं। इनमें सर्वाधिक भोपाल के 60 मरीज हैं। जबलपुर जिले में 48, इंदौर में 25, उज्जैन में 20, ग्वालियर में 14, दमोह में 12 और सतना जिले में 10 प्रकरण शामिल हैं। वर्तमान में शासकीय अस्पताल में 56 और निजी अस्पताल में 53 एच-1 एन-1 मरीज उपचाररत हैं। शासन द्वारा सभी जिला चिकित्सालयों और मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू चिकित्सा के लिये पर्याप्त इंतजाम करने के साथ प्रदेश के 66 निजी अस्पतालों को भी इलाज के लिये चिन्हित किया गया है। लोगों से लगातार अपील की जा रही है कि वे स्वाइन फ्लू के लक्षणों के प्रति सतर्क रहें। सर्दी, जुकाम, खाँसी, बुखार, तेज सिर दर्द, श्वांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत चिकित्सक की सलाह लें। सार्वजनिक स्थलों से लौटने के बाद साबुन से हाथ धोएँ। चेहरे का स्पर्श न करें। नमस्ते से अभिवादन करें, हाथ न मिलायें। एच-1 एन-1 पीड़ित व्यक्ति से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाये रखें और मास्क का प्रयोग करें।  

Dakhal News

Dakhal News 14 September 2017


 विश्वास सारंग

राज्य मंत्री श्री सारंग को यात्रा के चौथे दिन मिले 207 आवेदन  सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग के  जनता से रू-ब-रू होने के अभियान जन-संवाद पदयात्रा में जन-शिकायतों का तत्काल समाधान हो रहा है। लोग पदयात्रा से जुड़ कर अपनी शिकायतें तथा सुझाव श्री सारंग की मैदानी टीम को दर्ज करा रहे हैं।   यह पदयात्रा वार्ड 77 में हाउसिंग बोर्ड ज़ोन कार्यालय से शुरू होकर बारह दुकान, जैन कॉलोनी, आवास विकास एकता कॉलोनी, कमलनगर, छः घरा पहुँची। शाम को वार्ड 69 में पदयात्रा की गई। राज्य मंत्री श्री सारंग पदयात्रा में अशोका गार्डन स्थित दुर्गाधाम मंदिर से प्रारंभ होकर अशोक विहार, बैंक नगर, मयूर विहार, भगतसिंह पार्क, आजादनगर, प्रभात चौराहे से आनंदम पर पहुँचे।  श्री सारंग ने आम जनता की समस्याएँ गंभीरता से सुनी तथा अधिकारियों के दल को तुरंत समाधान निकालने के निर्देश दिए। प्राप्त आवेदनों को विश्वास एप के जरिये अपने कार्यालय को भेजा। जन-संवाद पदयात्रा में आज 207 आवेदन प्राप्त हुए। सड़क, नाली, सीवेज और बिजली की कई शिकायतों का समाधान स्थल पर ही हो गया।

Dakhal News

Dakhal News 14 September 2017


शिवराज ने चित्रकूट में की कई घोषणाएं

 मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज अपनी पत्‍नी के साथ चित्रकूट दौरे पर हैं। यहां उन्‍होंने कामतानाथ के दर्शन किए और प्राचनी मुखारविन्द से शूरू की कामदगिरि परिक्रमा को भी पत्‍‍‍‍नी के साथ पूरा किया। इस दौरान उन्‍होंने लोगों से मुलाकात की और इसी दौरान प्रज्ञा चक्षु तुलसी स्‍कूल की घोषणा, कामदगिरि क्षेत्र में श्‍मशान घाट का निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा उन्‍होंने चित्रकूट स्वस्थ्य केंद्र का उन्नयन का भी वादा किया। उनका कहना था कि चित्रकूट विकास प्राधिकरण के गठन कामदगिरि में वृक्षारोपण सम्पूर्ण परिक्रमा क्षेत्र में शेड का निर्माण किया जाएगा। इस दौरान एक पत्रतकार ने उनसे दिग्विजय सिंह के प्रधानमंत्री मोदी को लेकर किए गए ट्वीट को लेकर सवाल पूछा तो उनका कहना था कि "जाको प्रभु दारुण दुःख देहि, वाकी मति पहले हर लेहि" मैया मंदाकनी के पास खड़ा हूं, इस पर और कुछ नही कहना, चौपाई में ही सब छुपा है।

Dakhal News

Dakhal News 10 September 2017


 इंडिया टुडे

यूथ समिट में मुख्यमंत्री चौहान ने युवाओं का किया आव्हान  मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना का लाभ इस वर्ष चिन्हित शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश लेने वाले वे विद्यार्थी भी ले सकेंगे, जिन्होंने 12वीं परीक्षा पूर्व के वर्षों में 75 प्रतिशत से अधिक अंकों से उत्तीर्ण की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल में  बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के ज्ञान-विज्ञान भवन में आयोजित यूथ समिट को संबोधित कर रहे थे। इंडिया माइंड रॉक यूथ समिट का आयोजन इंडिया टुडे द्वारा किया गया था। कार्यक्रम में सहकारिता राज्य मंत्री  विश्वास सारंग, विधायक जयवर्धन सिंह, सरपंच  भक्ति शर्मा एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने युवाओं का आव्हान किया कि असाधारण, सफल और सार्थक जीवन को लक्ष्य बनाएँ। रोडमैप तैयार करें। कठोर परिश्रम करें। ऊँचा सोचें। व्यक्ति जैसा सोचता है, वैसा ही बन जाता है। युवा ठान ले तो कुछ भी असंभव नहीं है। जरूरत क्षमता के स्वाभाविक प्रगटीकरण की है। अंधानुकरण उचित नहीं है। प्रदेश में युवाओं के लिये अनंत संभावनाएँ है। नये निवेश से रोजगार के नये अवसर सृजित हो रहे हैं। स्व-रोजगार के भी भरपूर अवसर है। खाद्य प्र-संस्करण इकाईयाँ पंचायतवार लगाई जा सकती है। सरकार की गारंटी पर पाँच वर्ष के लिये 5 प्रतिशत ब्याज और 15 प्रतिशत ऋण सब्सिडी के साथ वित्तीय सहायता की योजनाएँ संचालित है। महिलाओं के लिये ब्याज सब्सिडी 6 प्रतिशत का प्रावधान है। सरकार ने इस वर्ष 7.5 लाख युवाओं को रोजगार और स्व-रोजगार में स्थापित करवाने का लक्ष्य रखा है। प्रयास है कि युवा रोजगार देने वाले बने। राज्य की धरती से युवा बड़े उद्योगपति बनकर निकलें। युवाओं के सपने अभावों में मरे नहीं सरकार का यह प्रयास है। नि:शुल्क शिक्षा, गणवेश, विद्यालय जाने के लिए साईकिल, अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्य, अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ ही सामान्य वर्ग के गरीब बच्चों को भी छात्रवृत्ति मिलती है। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का न्यू इंडिया युवा बनाएंगे। उनके नवाचारों, उद्यमिता प्रयासों को सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। युवाओं का आव्हान किया कि रचनात्मक कार्यों से जुड़े। पौधरोपण, नदी जल संरक्षण, पर्यावरण चेतना, शिक्षा की गुणवत्ता आदि का कोई भी एक कार्य अवश्य करें। उन्होंने स्वयं 15 दिवस में एक बार शिक्षण कार्य करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश-देश के विकास का इंजन बन रहा है, जिसकी इस वर्ष अनुमानित कृषि विकास दर 29% है। विकास दर 8 वर्षों से दो अंकों में है। स्वच्छता अभियान के स्वच्छ 100 शहरों में 22 राज्य के है। प्रथम इन्दौर और द्वितीय भोपाल है। मुख्यमंत्री प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में पूछे गये विभिन्न प्रश्नों के उत्तर में बताया कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है। समाज की यह सोच पूर्णत: अनुचित है कि बड़े पद पर बैठे व्यक्ति की संतानें भी बड़े काम करें। उन्होंने बताया कि प्रदेश के युवाओं की उद्यमिता बढ़ाने के प्रयास तेजी से हो रहे हैं। युवा उद्यमियों के उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाती है। उनके अनुभव जाने जाते हैं। प्रसन्नता की बात है कि 90 से 95 प्रतिशत उद्यमी सफल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंजीनियर की आवश्यकता से अधिक आपूर्ति के कारण कॉलेजों में सीटें खाली रह रही है। वैकल्पिक व्यवसाय और स्व-रोजगार के नये अवसर निर्मित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की कमी की समस्या समाधान के लिये अगले वर्ष 7 नये शासकीय मेडिकल कॉलेज खुलवाये जा रहे हैं। चिकित्सकों पर व्यावसायिक प्रतिबंधों को कम करने और सेवा शर्तों को सुधारा जा रहा है। चिकित्सकों का मुख्यालय नगर बनाकर, उन्हें पैरामेडिकल स्टॉफ के साथ ग्रामीण अंचल में भेजने की व्यवस्था भी की जा रही है। मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के लाभान्वित डॉक्टरों पर तीन वर्ष राज्य के ग्रामीण अंचल में सेवा की बाध्यता रखी गई है। उन्होंने बताया कि दिल से कार्यक्रम राज्य के विभिन्न वर्गों के साथ दिल की बात सीधे दिल से करने का प्रयास है। दिल की बात दिल और दिमाग पर सीधा असर डालती है। इंडिया टुडे के ग्रुप एडीटोरियल एडीटर श्री राज चेंगप्पा ने आयोजन की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि देश में तेजी प्रगति करने वाला मध्यप्रदेश राज्य है। उन्होंने युवाओं के साथ प्रश्नोत्तरी के रूप में संवाद करते हुए मुख्यमंत्री के राजनैतिक जीवन की प्रमुख घटनाओं का जिक्र किया। वेल्लोर इंस्टीटूयट ऑफ टेक्नोलॉजी के चांसलर श्री विश्वनाथन ने मध्यप्रदेश को उत्तरी भारत में सर्वश्रेष्ठ शहर, राज्य और मुख्यमंत्री वाला प्रदेश बताया।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। चयनित युवा प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री द्वारा हस्ताक्षरित टी शर्ट प्रदान की गई है।  

Dakhal News

Dakhal News 8 September 2017


tcs

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री गुप्ता ने नोएडा में टीसीएस के अधिकारियों से की चर्चा  मध्यप्रदेश में संचालित विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में टीसीएस टेक्निकल सपोर्ट देगा। राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने नोएडा, नई दिल्ली में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (टीसीएस) के अधिकारियों के साथ मध्यप्रदेश में नागरिक केन्द्रित सेवाएँ उपलब्ध करवाने के संबंध में चर्चा की। इस दौरान प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री मोहम्मद सुलेमान भी उपस्थित थे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री गुप्ता ने कहा कि कृषि, सामाजिक, स्वास्थ्य, परिवहन, बीमा आदि क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं का समुचित लाभ आम लोगों तक पहुँचाने के लिये टीसीएस टेक्निकल सपोर्ट उपलब्ध कराये। टीसीएस नोएडा के हेड श्री रोहित श्रीवास्तव ने मध्यप्रदेश सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये हरसंभव टेक्निकल सपोर्ट देंगे।

Dakhal News

Dakhal News 8 September 2017


एकात्म मानववाद

कुशाभाऊ ठाकरे स्मृति व्याख्यान माला में मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज रीवा में अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित कुशाभाऊ ठाकरे स्मृति व्याख्यान माला में कहा कि एकात्म मानववाद ही जीवन के सभी सुखों का मूलमंत्र है। श्री चौहान ने 'एकात्म मानववाद-उत्कृष्ट भारत विषय' पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रकृति को आत्मसात कर नवीन भारत के निर्माण का संकल्प पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद का जो सिद्धान्त दिया, वह समाज के अन्तिम छोर तक के व्यक्ति के हित में कार्य करने का है। हमारे लोकतंत्र में भी 'जनता का-जनता के लिये' सिद्धान्त लागू किया गया और इसी का प्रतिफल है सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा। श्री चौहान ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने सिखाया था कि हम अपने भारतीय दर्शन, विचार और सोच पर चलकर सुखी रह सकते हैं। शरीर, मन, बुद्धि, आत्मा का सुख मनुष्य को सुखी बनाता है। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट भारत के निर्माण के लिये आर्थिक सशक्तीकरण आवश्यक है। इसलिये हमें जीडीपी ग्रोथ रेट बढ़ाने के प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के आर्थिक सुदृढ़ीकरण हेतु महत्वपूर्ण योजनाएं प्रारंभ की हैं। म.प्र. में भी इस प्रकार के अभियान एवं कार्यक्रम तथा योजनाएं संचालित की जा रही हैं ताकि प्रदेश को साधन सम्पन्न बनाया जा सके। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में बघेली भाषा प्रकोष्ठ, कुशाभाऊ ठाकरे विद्या केन्द्र, पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध केन्द्र खोलने एवं विश्वविद्यालय में संचालित आनंद विभाग के विधिवत संचालन की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 9 करोड़ 61 लाख रूपये लागत के निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी। श्री चौहान ने विश्वविद्यालय प्रांगण में पौधारोपण भी किया। व्याख्यान माला में विषय प्रवर्तन करते हुए वरिष्ठ चिंतक एवं समाज सेवी श्री भगवत शरण माथुर ने लोगों का आव्हान किया कि एकात्म मानववाद के माध्यम से उत्कृष्ट भारत के निर्माण में सहभागी बनें। स्व. दीनदयाल उपाध्याय ने आध्यात्मिक वर्ण व्यवस्था के आधार पर दरिद्र नारायण की सेवा को ही मूल आधार माना था, यही शाश्वत सत्य है। कार्यक्रम के प्रारंभ में कुलपति ने विश्वविद्यालय में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। प्रो.एस.एल. अग्रवाल ने कुशाभाऊ ठाकरे के जीवन परिचय का वाचन किया। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद श्री जनार्दन मिश्रा, महापौर सुश्री ममता गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अभय मिश्रा, विधायक श्रीमती नीलम मिश्रा, श्री नारायण त्रिपाठी, श्री रामलाल रौतेल, गणमान्य नागरिक, प्रबुद्धजन एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों को शाल श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।

Dakhal News

Dakhal News 3 September 2017


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के कुछ अंचलों में कम वर्षा होने से किसानों को फसलों के खराब होने की चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरकार किसानों को हर संकट से निजात दिलाएगी। आज सतना जिले के ग्राम जैतवारा में हितग्राही सम्मेलन-सह-कृषक संगोष्ठी में श्री चौहान ने कहा कि किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिये प्रदेश में भावांतर भुगतान योजना लागू की जा रही है। योजना में किसान द्वारा अधिसूचित कृषि उपज मण्डी में चिन्हित फसल बेचने पर राज्य सरकार द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर और केन्द्र द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसानों के खातों में सरकार जमा कराएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अगले तीन माह में सभी अविवादित नामांतरण, बँटवारा और सीमांकन के प्रकरणों का निराकरण कर लिया जाएगा। इसके लिये राजस्व विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में अभियान स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि इसके बाद कोई पुराने लंबित प्रकरण की जानकारी मिलती है तो जानकारी देने वाले व्यक्ति को एक लाख रूपये का पुरूस्कार दिया जाएगा। यह राशि विलम्ब के लिये दोषी संबंधित अधिकारी/कर्मचारी से वसूल की जायेगी। श्री चौहान ने सतना जिले के चित्रकूट क्षेत्र को दस्युओं के आंतक से मुक्त कराने के लिये पुलिस टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में अच्छा काम करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा। गड़बड़ी करने वाले अकर्मण्य अमले को सेवा से पृथक करने तक की कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट क्षेत्र में पर्यटन की गतिविधियों के प्रोत्साहन के साथ ही युवा उद्यमियों के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की जरूरत बतायी। श्री चौहान ने शासकीय महाविद्यालय जैतवारा में बी.एस.सी. और बी.काम संकाय शुरू करने की घोषणा की। जैतवारा नगर पंचायत क्षेत्र में घर-घर नल कनेक्शन से पानी पहुँचाने की कार्य-योजना की डी.पी.आर. बनाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जैतवारा नगर परिषद के अलग-अलग वार्डों में शहरी अधोसंरचना मद से 3 करोड़ रूपये की राशि सड़क और नाली निर्माण पर खर्च की जाएगी। जैतवारा के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयन और आधुनिकीकरण किया जायेगा। आबादी के हिसाब से जैतवारा और ग्राम चंदई में मिनी स्टेडियम बनाया जायेगा। जैतवारा में सहकारी समिति का खाद विक्रय केन्द्र प्रारंभ किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने जैतवारा को तहसील बनाने के संबंध में संभावनाओं का परीक्षण कराने और बायपास के लिये जमीन की उपलब्धता का सर्वे कराने के निर्देश दिये। श्री चौहान ने बरौंधा मे आई.टी.आई. खोलने, गलबल से परसदिया तक सड़क बनाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने जन-समुदाय को सम्मेलन में नये भारत के निर्माण में नया मध्यप्रदेश बनाने का संकल्प दिलाया। 10 करोड़ 58 लाख की लागत के कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 10 करोड़ 58 लाख रूपये लागत के 6 कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर उद्योग, वाणिज्य एवं खनिज साधन मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद श्री गणेश सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री सुधा सिंह, विधायक श्री शंकरलाल तिवारी, श्री नारायण त्रिपाठी, महापौर सुश्री ममता पाण्डेय, पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री प्रदीप पटेल, विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुभाष सिंह, श्री नरेन्द्र त्रिपाठी जन-प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 1 September 2017


भावान्तर भुगतान योजना

मध्यप्रदेश में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने ने के लिये पायलेट आधार पर खरीफ-2017 के लिये किसान-कल्याण एवं कृषि विभाग ने भावान्तर भुगतान योजना लागू की है। इस योजना में किसान द्वारा अधिसूचित कृषि उपज मण्डी प्रांगण में चिन्हित फसल उपज का विक्रय किये जाने पर राज्य शासन ने घोषित मॉडल विक्रय कर एवं भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसानों को भुगतान करने का निर्णय लिया है। खरीफ-2017 में सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द एवं तुअर की फसलें ली गयी हैं। इन फसलों के लिये किसानों का योजना में एक सितम्बर-2017 से 30 सितम्बर-2017 तक भावान्तर भुगतान योजना के पोर्टल में पंजीयन किया जायेगा। भावान्तर भुगतान योजना में पंजीकृत किसानों की फसलों के मण्डी में विक्रय अवधि तुअर के लिये एक फरवरी-2018 से 30 अप्रैल-2018 तक तथा सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग और उड़द के लिये 16 अक्टूबर-2017 से 15 दिसम्बर-2017 तक मॉडल विक्रय दर की गणना मध्यप्रदेश तथा दो अन्य राज्यों की मॉडल विक्रय दर का औसत होगा। योजना का लाभ पंजीकृत किसानों द्वारा मध्यप्रदेश में उत्पादित कृषि उत्पाद का विक्रय अधिसूचित मण्डी परिसर में किये जाने पर मिल सकेगा। योजना का लाभ जिले में विगत वर्षों की फसल कटाई प्रयोगों पर आधारित औसत उत्पादकता के आधार पर उत्पाद की सीमा तक ही देय होगा। प्रदेश के किसानों को देय राशि की गणना में प्रावधान किया गया है कि यदि किसान द्वारा मण्डी समिति परिसर में विक्रय की गयी अधिसूचित फसल की विक्रय दर न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम किन्तु राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से अधिक हुई तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा किसान द्वारा विक्रय मूल्य के अंतर की राशि किसान के खाते में ट्रांसफर की जायेगी। यदि किसान द्वारा मण्डी समिति परिसर में विक्रय की गयी अधिसूचित फसल की विक्रय दर राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से कम हुई तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा मॉडल विक्रय दर के अंतर की राशि ही किसान के खाते में ट्रांसफर की जायेगी। भावान्तर भुगतान योजना में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ/मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन द्वारा पात्र किसानों को भुगतान किया जायेगा। भावान्तर भुगतान योजना में निर्धारित विक्रय अवधि के बाद विक्रय अवसर प्रदान करने के लिये भावान्तर भुगतान योजना में निर्धारित विक्रय अवधि के बाद तुअर के लिये एक मई-2018 से 30 अगस्त-2018 और सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द एक जनवरी-2018 से 30 अप्रैल-2018 तक किसान द्वारा लायसेंसयुक्त गोदाम में अपने कृषि उत्पाद रखे जाने के लिये गोदाम क्रय राशि किसानों को दिये जाने का भी निर्णय लिया गया है। यह राशि निर्धारित भण्डारण अवधि में मॉडल विक्रय दर, न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम रहने की स्थिति में 7 रुपये प्रति क्विंटल प्रति माह अथवा जो वास्तविक भुगतान किया गया है, दोनों में से जो भी कम हो, की दर से ऐसे किसानों के बैंक खाते में राशि जमा करवायी जायेगी। भावान्तर भुगतान योजना के संबंध में नीतिगत निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कृषि केबिनेट द्वारा लिये जायेंगे। क्रियान्वयन प्रगति एवं समीक्षा के लिये राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय क्रियान्वयन समिति तथा जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति द्वारा दिये जाने का निर्णय लिया गया है।  

Dakhal News

Dakhal News 1 September 2017


महिला स्व-सहायता समूह

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में महिला स्व-सहायता समूह सामाजिक परिवर्तन के नेतृत्व का आंदोलन बनें। महिला स्व-सहायता समूहों को महिला सशक्तिकरण का आंदोलन बनाया जायेगा। इन समूहों की महिला सदस्यों को रोजगार से जोड़कर गरीबी को दूर किया जायेगा। प्रदेश में महिला स्व-सहायता समूह सामाजिक परिवर्तन के अगुवा बन गये हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ मुख्यमंत्री निवास पर महिला स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्यों ने भाग लिया। सम्मेलन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में आजीविका मिशन के तहत काम कर रहे एक लाख 69 हजार स्व-सहायता समूह प्रदेश से गरीबी के कलंक को मिटाने के संकल्प से काम करें। मध्यप्रदेश के महिला स्व-सहायता समूहों का आंदोलन पूरी दुनिया में उदाहरण बनेगा। आजीविका मिशन में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने नेतृत्व की क्षमता विकसित की है। प्रदेश की सभी गरीब महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जायेगा। स्व-सहायता समूहों द्वारा बनाये गये उत्पादों के वितरण और उनके प्रचार की रणनीति बनाई जायेगी। इन स्व-सहायता समूहों को स्कूल गणवेश निर्माण का कार्य देने पर विचार किया जायेगा। सरकारी खरीदी में स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की खरीदी की व्यवस्था की जायेगी। बड़े शॉपिंग मॉलो में स्व-सहायता समूहों के उत्पादों के लिये स्थान तय किया जायेगा। स्व-सहायता समूहों को माइक्रो फाईनेंस कम्पनियों और बैंकों से ऋण लेने में होने वाली दिक्कतों को दूर किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने महिला सदस्यों से आग्रह किया कि अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें। राज्य सरकार ने बारहवीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने और उच्च शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश लेने वाले बच्चों की फीस भरने के लिये मेधावी विद्यार्थी योजना लागू की है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में महिला स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन आयोजित किये जायेंगे। स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्यों ने खुलकर अपनी बात रखी कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने अनौपचारिक बातचीत में खुलकर अपनी बात रखी, महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियाँ और कठिनाईयाँ बताई तथा सुझाव भी दिये। महिला सदस्यों ने कहा कि स्व-सहायता समूहों की बैठक के लिये ग्रामों में भवन निर्माण किया जाये। बैंकों में एक दिन स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के लिये राशि निकालने के लिये तय हो। सभी बैंकों में बैंक सखियाँ नियुक्त की जायें। बाजार में आजीविका मिशन के उत्पाद विशिष्ट नाम से जाने जायें। भूमि अधिकार में बेटियों का नाम भी जोड़ा जाये। स्व-सहायता समूहों के लिये कम्प्यूटर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाये। शॉपिंग मॉल में स्व-सहायता समूहों के उत्पादों के लिये विक्रय की व्यवस्था हो। स्व-सहायता समूहों की ओवरड्राफ्ट लिमिट बढ़ाई जाये। गाँवों में बीज भण्डारण केन्द्र प्रस्तावित किये जायें। महिलाओं के प्रस्ताव पर ग्राम पंचायतों में कार्रवाई कर ग्राम सभा में बताया जाये। शासकीय छात्रावासों में बेडशीट प्रदाय करने का काम स्व-सहायता समूहों को दिया जाये। उचित मूल्य की दुकानों के संचालन का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को मिले। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री आर.एस. जुलानिया, राज्य आजीविका मिशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एल.एम बेलवाल सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आयी महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य उपस्थित थीं।  

Dakhal News

Dakhal News 29 August 2017


हेड कांस्टेबल अभिषेक पटेल

एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज सागर जिले के हेड कांस्टेबल श्री अभिषेक पटेल को 400 बच्चों की  जान बचाने के लिये पचास हजार रूपये का पुरस्कार प्रदान किया। उन्होने श्री पटेल के साहस की सराहना की और शुभकामनायें दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज मुख्यमंत्री निवास पर श्री पटेल को 50 हजार रूपये का चेक भेंट किया। उन्होंने श्री पटेल को पुष्प भेंट कर उनकी कर्तव्यनिष्ठा और साहस की प्रशंसा की। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री आर के शुक्ला, अपर पुलिस महानिदेशक श्री राजीव टंडन एवं श्री आदर्श कटियार भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि श्री पटेल ने सागर के चितोरा गांव के माध्यमिक स्कूल के पास पड़े तोप के गोले को अपने कंधे पर उठाकर एक किलोमीटर दूर जाकर फेंका ताकि वहां मौजूद 400 बच्चों की जान बच सके। इस तरह श्री पटेल ने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया।  

Dakhal News

Dakhal News 29 August 2017


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राजधानी दिल्ली में प्रदेश के नये भवन का निर्माण कार्य निश्चित समय में हो जाये। इस बात का निर्माण एजेंसी चयन में विशेष ध्यान दिया जाये। उन्होंने डिजाईनिंग और कार्य की उत्कृष्ट गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने निर्देश दिये। श्री चौहान आज मंत्रालय में केन्द्र सरकार द्वारा राजधानी दिल्ली में आवंटित भूखण्ड पर भवन निर्माण की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान को बैठक में बताया गया कि केन्द्र सरकार द्वारा राज्य को 1.5 एकड़ भूखण्ड का आवंटन किया गया है। शीघ्र ही भूमि का आधिपत्य राज्य को मिल जायेगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री प्रभांशु कमल, प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री प्रमोद अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिवद्वय श्री अशोक बर्णवाल और श्री एस.के. मिश्रा, सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री मनीष रस्तोगी, मध्यप्रदेश भवन के आवासीय आयुक्त श्री आशीष श्रीवास्तव भी मौजूद थे।

Dakhal News

Dakhal News 29 August 2017


संकल्प से सिद्धि

मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संकल्प से सिद्धि अभियान के तहत नये भारत के निर्माण के लिये नये मध्यप्रदेश का निर्माण किया जायेगा। इसके लिये नये मध्यप्रदेश निर्माण का रोडमेप बनाया जायेगा और इसे आगामी एक नवम्बर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर जारी किया जायेगा। इसके पहले आगामी 25 अक्टूबर तक नये मध्यप्रदेश के निर्माण के लिये समाज के हर वर्ग से सुझाव लिये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ संकल्प से सिद्धि अभियान के संबंध में समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री विजय शाह, अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण राज्यमंत्री श्री लालसिंह आर्य और जनअभियान परिषद के उपाध्यक्षद्वय श्री प्रदीप पाण्डे और श्री राघवेन्द्र गौतम भी उपस्थित थे। बताया गया कि संकल्प से सिद्धि अभियान के संबंध में जागरूकता के लिये आगामी तीन से सात सितम्बर तक ग्राम स्तर, विकासखण्ड स्तर और जिला स्तर पर जनअभियान परिषद द्वारा कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में कहा कि नये भारत के निर्माण के लिये नये मध्यप्रदेश के निर्माण के रोडमेप का क्रियान्वयन समाज और सरकार द्वारा मिलकर किया जायेगा। नये मध्यप्रदेश के निर्माण के लिये सुझाव प्राप्त करने के लिये ग्राम सभा, शहरों में शहरी सभा, स्कूलों में बाल सभा और कॉलेजों में युवा सभा आयोजित कर सुझाव लिये जायेंगे। आगामी एक नवम्बर को प्रदेश के हर गाँव और शहर में नये मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प लिया जायेगा। नये मध्यप्रदेश के निर्माण का रोडमेप प्रदेश के नागरिकों की सुझावों पर तैयार किया जायेगा। नये भारत के निर्माण के लिये नये मध्यप्रदेश के निर्माण के लिये ग्रामीण विकास, शहरी विकास, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण विभाग मिलकर सुझाव प्राप्त करने की कार्ययोजना बनायेंगे। बैठक में बताया गया कि संकल्प से सिद्धि अभियान के तहत नये भारत के निर्माण के लिये स्वच्छ भारत, गरीबीमुक्त भारत, भ्रष्टाचारमुक्त भारत, सम्प्रदायवादमुक्त भारत, आतंकवादमुक्त भारत और जातिवादमुक्त भारत के लिये संकल्प लिया जायेगा। आगामी 7 सितम्बर को आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री उपस्थित रहेंगे। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संकल्प से सिद्धि अभियान के तहत कार्ययोजना बनाई गई है। इसी तरह दूसरे संबंधित विभाग भी कार्ययोजना बनायेंगे। बताया गया कि संकल्प से सिद्धि अभियान की वेबसाईट https://newindia.in/ पर पंजीयन कराकर नये भारत के निर्माण के लिये संकल्प लिया जा सकता है। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री दीपक खांडेकर, अपर मुख्य सचिव श्री प्रभांशु कमल, अपर मुख्य सचिव श्री बी.आर. नायडू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विवेक अग्रवाल, सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी और ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नीतेश व्यास भी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 24 August 2017


शिवराज सिंह चौहान

एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकास और जनकल्याण के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की गति और तेज की जाये। इसके लिये विभाग समयबद्ध कार्य योजना बनाये। वे आज यहाँ मंत्रालय में मंत्रिपरिषद के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिये उपज की खरीदी के बजाय बिक्री मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि उनके खातों में जमा करने की कार्य योजना बनायें। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्न वितरण के स्थान पर हितग्राहियों के खाते में नगद राशि जमा कराने की प्रक्रिया किसी एक जिले में पायलट के रूप में शुरू करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विभागों में खरीदी के नियमों आवश्यक बदलाव किया जाये। जेम के माध्यम से सामग्री खरीदी की जाये। सभी योजनाओं के क्रियान्वयन को आधार से लिंक किया जाये। उन्होंने पर्यटन, स्वच्छता एवं वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने का अभियान चलाने तथा कृषि आय को दोगुना करने, फसल बीमा राशि का वितरण करने एवं स्वरोजगार सम्मेलन और महिला स्वसहायता सम्मेलनों की तिथियाँ निर्धारित करते हुये आयोजन के निर्देश दिये। उन्होंने कहा है कि सरकार की प्राथमिकताओं का दृष्टिपत्र तैयार है। क्रियान्वयन का रोड मैप बना हुआ है। जनकल्याण के प्रयासों को और अधिक बेहतर करने के लिये नवाचारों और तकनीक के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिये हैं ताकि योजनाओं का जमीनी अमल और अधिक बेहतर हो सके, जिससे पारदर्शिता आये। इससे नया मध्यप्रदेश आदर्श डिजिटल प्रदेश बने। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन धरातल पर होना चाहिए। निश्चित समय-सीमा और निर्धारित नीति के साथ कार्य किये जायें। व्यवस्था में संशोधन और परिवर्धन के प्रति आगे बढ़कर प्रयास करें। उन्होंने विभिन्न विभागों को वित्तीय प्रबंधन पर विशेष बल दिया। कहा कि विभाग अंतर्गत अतिशेष राशियों का आंकलन करें। उनके सुविचारित व्यय के उपाय किये जाएं। उन्होंने अपर मुख्य सचिव वित्त को विभिन्न विभागों में उपलब्ध अनुपयोगी राशियों की जानकारी संकलित कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। जिससे इस राशि का जन कल्याण की योजनाओं में बेहतर उपयोग किया जा सके। उन्होंने तकनीक का उपयोग कर कल्याणकारी योजनाओं के जमीनी अमल को और अधिक प्रभावी बनाने। इस मंशा से नवाचार करने के लिये अधिकारियों को प्रेरित किया। उन्होंने योजनाओं का क्रियान्वयन आधार और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसर्फर व्यवस्थाओं पर आधारित किये जाने की जरूरत बतायी। कहा कि तकनीक के प्रयोग से गड़बड़ियां रूकती है। ऐसी गड़बड़ियों पर पूरी पारदर्शिता से कार्रवाई करें। गड़बड़ी पकड़ने का श्रेय मिलेगा। यह भी सुनिश्चित करे कि क्रियान्वयन व्यवहारिक दिक्कतें नहीं हो। इनका व्यवहारिक सीमाओं में क्रियान्वयन का परीक्षण करें। नवाचारों के पायलट प्रोजेक्ट बनाकर प्रयास करें। उन्होंने शासकीय खरीदी कार्य को गर्वमेंट ई-मार्केट (जेम) के माध्यम से करवाने की व्यवस्था करने एवं खरीदी के नियमों में आवश्यक संशोधन कराने के निर्देश दिये। साथ ही राज्य के लघु उद्योगों और हस्तशिल्प उद्योगों को जेम के पोर्टल पर पंजीयन करवाने में सहयोग के निर्देश दिये। पोर्टल के माध्यम से खरीदी पारदर्शिता को बढ़ावा देगी। विभागों को डिजिटल गर्वेनेंस पर बल देने और उसे विस्तारित करने के लिये नवाचार के लिये कहा है। भीम एप की उपयोगिता के दृष्टिगत वित्त एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को संयुक्त रूप से आमजन एवं व्यापारियों को उसके उपयोग के लिये प्रेरित प्रशिक्षित करने के निर्देश दिये हैं। श्री चौहान ने योजनाओं की निरंतर समीक्षा करने की जरूरत बताते हुए कहा कि स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, एल.ई.डी. वितरण की निरंतर समीक्षा हो। कार्य की गति में धीमी नहीं होने पाये मिशन मोड में कार्य चलता रहे। उन्होंने प्रगति में आंचलिक अंसतुलन पर चर्चा करते हुये पिछड़े अंचलों के लिये प्रोग्रेस के पैरामीटर निर्धारित कर कार्यों पर फोकस करने की जरूरत बतायी ताकि प्रगति का असंतुलन खत्म हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मृदा कार्डों का खेती-किसानी में उपयोग हो, इसकी सतत् मॉनीटरिंग के लिये कृषि विभाग को निर्देशित किया। किसानों को इसके उपयोग के लिये प्रेरित किया जाये। किसानों की आय को दोगुना करने के लिये 15 से 30 सितम्बर के दौरान हर विकासखंड में किसान सम्मेलन करने एवं उनमें प्रभारी मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधि और कृषि वैज्ञानिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। कृषि एवं सम्बद्ध विभागों को आय को दोगुना करने की कार्य योजना की समीक्षा के निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प से सिद्धि कार्यक्रम की संकल्पना नवविचारों पर मंथन की पहल है, इस परिप्रेक्ष्य में मंथन करने और पोर्टल के माध्यम से नागरिकों के सुझावों विचारों को प्राप्त करने की जरूरत है। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा बीमा योजनाओं, जनधन खातों और मुद्रा योजना एवं वित्तीय समावेशन के प्रयासों की गतिशीलता को निर्बाध बनाने के प्रयासों पर विशेष ध्यान दिये जाने के लिये कहा। जिलास्तर पर प्रभारी मंत्री को कलेक्टर और बैंकर्स के मध्यम समन्वय कर कार्य करवाने के लिये निर्देश दिये ताकि आमजन को सही अर्थों में योजना का लाभ मिले। बीमा की किश्तें नियमित रूप से जमा हों। उन्होंने पर्यटन को मिशन मोड में लिये जाने की जरूरत बतायी। पर्यटन गंतव्यों पर फोकस करने के लिये आगामी 6 से 25 अक्टूबर के बीच अभियान चलाने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक मंत्री द्वारा एक पर्यटन गंतव्य का भ्रमण किया जाये। उन्होंने शिक्षा, कौशल उन्नयन और स्वरोजगार केंद्रित दृष्टि के साथ प्रयास की जरूरत बतायी। प्रदेश में आगामी 11 से 30 नवम्बर के मध्य युवा सम्मेलनों के आयोजन के निर्देश दिये। साथ ही आगामी 1 दिसम्बर से 15 दिसम्बर के दौरान महिला स्वसहायता समूहों के सम्मेलन आयोजित करने के लिये कहा। बैठक में हबीबगंज रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाने के प्रयासों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा सेवा मिशन की अगले सप्ताह समीक्षा करेंगे। उन्होंने किसानों को प्रेरित करने और आदर्श ई-मंडी विकसित करने की भी जरूरत बतायी। इस दौरान मुख्य सचिव श्री बी.पी. तथा विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिवगण उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 24 August 2017


 सांसद अमित शाह

 वन महोत्सव कार्यक्रम में हुआ 2 हजार पौधों का रोपण  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिवर्ष एक वृक्ष लगाने का लोगों से आव्हान किया है। श्री चौहान वन महोत्सव शुभारम्भ कार्यक्रम में पौधरोपण उपरांत उपस्थिजनों को संबोधित कर रहे थे। वन महोत्सव में राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा सांसद अमित शाह, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों एवं छात्र-छात्राओं ने पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री  चौहान ने पौधरोपण कार्यक्रम में शामिल होने वाले नागरिकों, विद्यार्थियों को बधाई शुभकामनाएँ दी। उन्होंने उपस्थिजनों को वृक्षारोपण करते रहने के लिये प्रेरित किया। कार्यक्रम में बताया गया कि वन महोत्सव के दौरान कलियासोत तट पर करीब 2 हजार पौधों का रोपण किया जा रहा है। इसमें नीम के 400, करंज के 400, शीशम के 200, जामुन के 250, सिरस के 100, कचनार के 100, पेल्टाफार्म के 100, आंवला के 60, खैर के 60, बेल के 50, बरगद के 20, पीपल के 20, अमरूद के 60, चिरोल के 50, मॉतश्री के 05, सीताफल के 25, सप्तपर्णी के 20, कटहल के 10 और आम के 50 पौधे शामिल हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 19 August 2017


मिट्टी गणेश प्रतिमा

  पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) द्वारा 20 से 23 अगस्त तक मध्यप्रदेश के 5 संभागीय मुख्यालयों पर आम लोगों और छात्र-छात्राओं को मिट्टी से गणेश बनाने का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर और रीवा के 2 सार्वजनिक स्थलों एवं 4 विद्यालयों में ग्रीन गणेश-2017 के तहत प्रशिक्षित मूर्तिकार प्रशिक्षण देंगे। विद्यार्थी और लोग मूर्ति बनाने के बाद अपनी-अपनी मूर्ति अपने घर भी ले जा सकेंगे। एप्को टीम विद्यार्थियों को जहाँ प्रात: 9 बजे से प्रशिक्षण देगी, वहीं सार्वजनिक स्थलों पर आम लोगों के लिये प्रशिक्षण कार्यक्रम अपरान्ह 3 से 6 बजे तक होगा। इंदौर प्रशिक्षण-20 एवं 21 अगस्त इंदौर में 20 अगस्त को प्रात: 11 से 2 बजे तक पलासिया चौराहा, अपरान्ह 3 से 6 बजे तक अन्नपूर्णा परिसर महू नाका, 21 अगस्त को प्रात: 9 से 10 बजे तक अहिल्या आश्रम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाणगंगा, प्रात: 10.30 से 11.30 बजे तक शासकीय अत्रीदेवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महू नाका, 12 से 1 बजे तक शासकीय मालव कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोती तबेला और दोपहर 2.30 बजे से 3.30 बजे तक रेलवे स्टेशन के पास शासकीय बाल विनय मंदिर में मूर्ति प्रशिक्षण होगा। उज्जैन प्रशिक्षण-22 एवं 23 अगस्त उज्जैन में 22 अगस्त को प्रात: 9 से 10 बजे तक शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सराफा, 10.30 से 11.30 बजे मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सांवेर रोड और अपरान्ह 3 से 6 बजे तक लोकमान्य तिलक स्मृति मंदिर क्षीरसागर में मिट्टी से गणेश बनाने का प्रशिक्षण होगा। दूसरे दिन 23 अगस्त को प्रात: 9 से 10 बजे तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फ्रीगंज, 10.30 से 11.30 बजे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दशहरा मैदान और आम लोगों के लिये अपरान्ह 3 से 6 बजे तक पीपली नाका चौराहा में गणेश की मूर्ति बनाना सिखाया जायेगा। भोपाल प्रशिक्षण-21 से 23 अगस्त भोपाल में 21 अगस्त को प्रात: 10 से 11 बजे तक शासकीय राजा भोज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, 1100 क्वाटर्स, अपरान्ह 3 से 6 बजे तक बिट्टन मार्केट में मूर्ति प्रशिक्षण होगा। 22 अगस्त को प्रात: 9 से 10 बजे तक शासकीय माध्यमिक शाला बोर्ड कॉलोनी और अपरान्ह 3 से 6 बजे तक कोलार रोड के मंदाकिनी मैदान में आम लोगों के लिये प्रतिमा प्रशिक्षण होगा। 23 अगस्त को प्रात: 9 से 10 बजे तक शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अरेरा कॉलोनी, 10 से 1 बजे तक शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैरागढ़ और अपरान्ह 3 से 6 बजे तक गणेश मंदिर पिपलानी में मूर्ति प्रशिक्षण होगा। जबलपुर प्रशिक्षण-22-23 अगस्त जबलपुर में 22 अगस्त को प्रात: 9 से 11 बजे तक शासकीय तमराई स्कूल मिलौनीगंज और दोपहर 3 से 6 बजे तक शहीद स्मारक गोल बाजार में गणेश प्रतिमा प्रशिक्षण होगा। 23 अगस्त को प्रात: 9 से 11 बजे तक पंडित लज्जाशंकर झा मॉडल हाई स्कूल और दोपहर 3 से 6 बजे तक कल्चरल स्ट्रीट भंवरताल में प्रशिक्षण होगा। रीवा प्रशिक्षण-22-23 अगस्त रीवा में प्रात: 9 से 10 बजे तक केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-1 में प्रात: 10.30 से 11.30 बजे तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मार्तण्ड क्रमांक-2, दोपहर 3 से 6 बजे तक महिला समिति कला मंदिर अस्पताल चौराहा में प्रशिक्षण होगा। इसी तरह 23 अगस्त को सुबह 9 से 10 बजे तक शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किला रोड, 10.30 से 11.30 बजे तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मार्तण्ड क्रमांक-3 और दोपहर 3 से 6 बजे तक व्यंकट भवन पुरातत्व संग्रहालय कोठी कम्पाउण्ड में मिट्टी से गणेश बनाना सिखाया जायेगा।  

Dakhal News

Dakhal News 19 August 2017


 राष्ट्रीय खेल प्रशिक्षण अकादमी

 अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चों को अगले साल राष्ट्रीय खेल प्रशिक्षण अकादमी में भेजने के लिये प्रोत्साहित किया जाये। बच्चों को एकल खेल जैसे तीरंदाजी, तैराकी आदि के लिये प्रशिक्षित किया जाये। एमपी के आदिम-जाति एवं अनुसूचित-जाति कल्याण राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने यह निर्देश विभागीय समीक्षा के दौरान दिये। बैठक में प्रमुख सचिव श्री एस.एन. मिश्रा, आयुक्त श्रीमती दीपाली रस्तोगी और आदिवासी वित्त विकास निगम की संचालक श्रीमती रेणु तिवारी उपस्थित थीं। सोशल मीडिया के जरिये भी प्रचार-प्रसार हो श्री आर्य ने निर्देश दिये कि विभाग की उपलब्धियों का व्यापक-स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाये। विज्ञापन एवं होर्डिंग के अलावा अब सोशल मीडिया के जरिये भी योजनाओं की जानकारी और विभाग की उपलब्धियों को बताने की जरूरत है। श्री आर्य ने बच्चों को टाइम मैनेजमेंट की कला सिखाने के लिये आवश्यक प्रशिक्षण देने को कहा। उन्होंने कहा कि बच्चों को अन्य आवश्यक विषयों में भी प्रशिक्षण दिया जाये। राज्य मंत्री ने कहा कि गरीब तबके से उबरे व्यक्ति, जो देश-विदेश में प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर रहे हैं या छोटे-बड़े उद्योग संचालित कर रहे हों, उनके बारे में बच्चों को बतायें, ताकि बच्चों का मनोबल बढ़े और उनकी प्रतिभा निखारने के नये-नये अवसर प्राप्त हो सकें। राज्य मंत्री श्री आर्य ने कहा कि महिला आदिवासी समूह को अलग-अलग जिले की विशेषता और निपूर्णता के अनुसार विभागीय योजना से जोड़ें। चतुर्थ श्रेणी के बेकलॉग पद पर बैगा, सहरिया, भारिया जाति के अभ्यर्थियों के जरिये पदपूर्ति की जाये। अनुदान प्राप्त संस्थाओं की एक माह के अंदर जाँच करवायें। इस दौरान संस्थाओं का रिजल्ट और क्वालिटी अवश्य देखें। लगभग ढाई लाख वनाधिकार पट्टों का वितरण बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वनाधिकार धारकों को 2 लाख 44 हजार 755 पट्टों का वितरण किया गया है। इसमें 2 लाख 17 हजार 245 व्यक्तिगत और 27 हजार 510 सामूहिक पट्टे शामिल हैं। आईआईएचएम संस्थान के जरिये 255 मास्टर-ट्रेनर तैयार कर जिले में जाकर प्रशिक्षण दिया गया।

Dakhal News

Dakhal News 17 August 2017


मेधावी विद्यार्थी योजना

तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री श्री जोशी ने लिया तैयारियों का जायजा  एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान और सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष श्री अमित शाह 20 अगस्त को मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में चयनित विद्यार्थियों को भोपाल में लाल परेड ग्राउण्ड में आयोजित समारोह में स्वीकृति-पत्र प्रदान करेंगे। समारोह दोपहर 12 बजे होगा। तकनीकी शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार), स्कूल शिक्षा एवं श्रम राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने आज लाल परेड ग्राउण्ड पहुँचकर समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। श्री जोशी ने कहा कि विभिन्न जिलों से आने वाले विद्यार्थियों के ठहरने और भोजन की बेहतर व्यवस्था करें। उन्होंने सभी तैयारियाँ समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिये। समारोह में विभिन्न जिलों के लगभग 15 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्री संजय बंदोपाध्याय ने विद्यार्थियों के भोजन और ठहरने की व्यवस्था की जानकारी दी। इस दौरान सांसद श्री आलोक संजर भी उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 17 August 2017


अमित शाह

  मप्र के दौरे पर आ रहे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ एक विशेष टीम भी भोपाल आएगी। पांच से सात लोगों की यह टीम अमित शाह की बैठकों से अलग संगठन के नेताओं से बातचीत करेगी और फीडबैक लेगी। इस टोली में प्रदेश के पूर्व संगठन महामंत्री अरविंद मेनन समेत कई दूसरे चेहरे भी होंगे। अमित शाह के साथ आ रहे कुछ लोग बैठकों में शामिल न होकर बाहर संगठन के नेताओं से चर्चा करेंगे। इसे लेकर भी पार्टी नेताओं के बीच काफी चर्चा भी है। सूत्रों के मुताबिक अमित शाह जिस राज्य के दौरे पर जाते हैं, यह टीम उनके साथ जाती है। दौरे के बाद शाह को यह टोली राज्य से जुड़े मसलों पर एक रिपोर्ट भी सौंपती है। अमित शाह के साथ राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल, प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे और विभागों व आयामों के राष्ट्रीय प्रमुख अरविंद मेनन तो होंगे ही, इसके अलावा उनकी विशेष टीम के अभिषेक चौधरी, आईटी सेल के राष्ट्रीय प्रमुख अमित मालवीय, संजय राणा समेत पांच लोग होंगे। किसान आंदोलन, गवर्नेंस, भ्रष्टाचार, प्रदेश का राजनीतिक माहौल और कार्यकर्ताओं की सक्रियता को लेकर टीम अलग-अलग लोगों से बातचीत करेगी। अमित शाह पुराने कमरे में रुकेंगे, मेनन-रामलाल के लिए तैयार हो रहे नए कमरे तीन दिवसीय दौरे के दौरान अमित शाह भाजपा कार्यालय में उन्हीं कमरों में स्र्केंगे,जहां भाजपा के पितृ पुस्र्ष कुशाभाउ ठाकरे रहा करते थे। ये कमरे लग्जरी नहीं बनाए गए हैं। इन कमरों की कुछ दिन पहले ही साज-सज्जा की गई थी। वहीं रामलाल और अरविंद मेनन के लिए पुराने कमरों को फिर से तैयार किया जा रहा है। इन कमरों में राष्ट्रीय पदाधिकारी ही स्र्कते हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 16 August 2017


ऊर्जा मंत्री पारसचंद्र जैन

  मध्यप्रदेश में बिजली बिलों को लेकर लगातार आ रही शिकायतों से नाराज ऊर्जा मंत्री पारसचंद्र जैन अगले महीने से गांवों में बिजली पंचायत लगाएंगे। मंत्री खुद ज्यादा बिल और रीडिंग के मामले सुनेंगे और उन्हें मौके पर ही निपटाएंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नाराजगी के बाद विभाग को यह कदम उठाना पड़ रहा है। प्रदेश में एक करोड़ 30 लाख से ज्यादा उपभोक्ता हैं। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में बिजली बिल मुद्दा न बनें। इसलिए सरकार नई पद्धति से मीटर रीडिंग व बिल जनरेट करने की कोशिश में लगी है। उधर, बिलों में गड़बड़ियों को भी दुरस्त करने की कोशिशें चल रही हैं। इसी कड़ी में ऊर्जा विभाग ग्राम पंचायत स्तर पर बिजली पंचायत लगाने की तैयारी कर रहा है। इनमें से चुनिंदा पंचायतों में आयोजित शिविरों में विभाग के मंत्री जैन खुद पहुंचेंगे। शिविर में मंत्री और वरिष्ठ अफसर उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनेंगे और उनका मौके पर ही निराकरण करेंगे। विभाग ने जून में भी शिविर लगाया था, जिसमें एक लाख 10 हजार शिकायतें आई थीं, इनमें से सिर्फ 40 हजार का निराकरण हो पाया था। सूत्र बताते हैं कि बिजली बिलों को लेकर बढ़ती शिकायतों से मुख्यमंत्री नाराज हैं। उनका कहना है कि सरकार 24 में से 20 व 22 घंटे नियमित बिजली दे रही है, फिर भी जनता खुश नहीं है। संगठन की ओर से भी ऐसा ही फीडबैक आ रहा है। इसी कड़ी में पंचायत स्तर पर बिजली पंचायत लगाने की तैयारी है। बिजली बिलों में गड़बड़ी का मामला विधानसभा में भी उठ चुका है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को सदन में घेरने की कोशिश की थी। वहीं सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक भी लगातार गलत रीडिंग और बिजली बिल की शिकायतें करते रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि प्रदेश में गलत रीडिंग और बिजली के बिल ज्यादा आने की पांच लाख से ज्यादा शिकायतें हैं। इसमें सभी तरह की शिकायतें बताई जा रही हैं। ऊर्जा मंत्री पारसचंद जैन ने कहा कि हम वृहद स्तर पर शिविर लगाकर उपभोक्ताओं की समस्या सुनेंगे और उनका मौके पर ही निराकरण करेंगे। कुछ जगह मैं भी जाऊंगा।   

Dakhal News

Dakhal News 15 August 2017


नरोत्तम -उज्जवला

  एमपी के जनसंपर्क, जल-संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने उज्जवला योजना के अंतर्गत दतिया में महिलाओं को निःशुल्क गैस सिलेण्डर वितरित किए। जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की पहल पर गरीब महिलाओं को उज्जवला योजना में निःशुल्क गैस कनेक्शन वितरित किए जा रहे हैं। श्री मिश्र ने कहा कि हमारी बहनें जब चूल्हे पर रोटी बनाती थीं तो कई बार लकड़ियां गीली होने के कारण चूल्हा नहीं जलता था। चूल्हा फूंकते-फूंकते बहनों की आँखों में आंसू आ जाते थे। सरकार ने बहनों की इस पीड़ा को समझा और उज्जवला योजना प्रारंभ की। दतिया जिले में अभी तक 58 हजार लक्ष्य के मुकाबले 30 हजार 200 निःशुल्क गैस सिलेण्डर वितरित किए गए हैं। प्रति सोमवार और मंगलवार को जन सुनवाई में आने वाले महिलाएं जो गैस सिलेण्डर की माँग करती हैं, उनके आवेदन का परीक्षण कर मौके पर ही गैस सिलेण्डर दिए जाते हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 9 August 2017


मध्यप्रदेश में स्वाईन फ्लू

मध्यप्रदेश में स्वाईन फ्लू (एच-1 एन-1) प्रकरणों को देखते हुए प्रदेश के शासकीय चिकित्सालय संक्रमण उपचार के लिए पूरी तैयारी रखें। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने यह निर्देश आज स्वाईन फ्लू, डेंगू और चिकनगुनिया रोगों की दैनिक समीक्षा करते हुए दिया। स्वाईन फ्लू पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के लिये 10 अगस्त को वीडियों कान्‍फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों की समीक्षा होगी। इसमें सिविल सर्जन-सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, मेडिकल विशेषज्ञ और ब्लाक मेडिकल आफिसर से गाँधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल के विभागाध्यक्ष डॉ. लोकेन्द्र दवे और एम्स के माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट डॉ. देवाशीष विश्वास एच-1 एन-1 संक्रमण, बचाव, रोकथाम और उपचार पर चर्चा करेंगे। प्रदेश में एक जुलाई से 7 अगस्त तक 86 सं‍दिग्ध मरीजों के सेम्पल जाँच के लिये भेजे गये जिनमें से 80 की रिपोर्ट आ चुकी है। इनमें 16 पॉजिटिव रिपोर्ट आईं और 6 सेम्पल की रिपोर्ट आना शेष है। वर्तमान में 4 शासकीय एवं 7 रोगी निजी अस्पताल में उपचार के लिये भर्ती हैं। इस अवधि में 14 जिलों में डेंगू के 40 मरीज पाये गये। फिलहाल एक डेंगू मरीज उपचाररत है। चिकिनगुनिया के इस दौरान 3 जिलों में 6 मरीज पाये गये। फिलहाल कोई मरीज उपचाररत नहीं है। इस अवधि में प्रदेश में स्वाईन फ्लू से एक मृत्यु हुई है। स्वाईन फ्लू से घबरायें नहीं,सतर्क रहें सर्दी, जुकाम, बुखार, गला खराब, खाँसी, तेज सिरदर्द, साँस लेने में परेशानी आदि गंभीर निमोनिया जैसे लक्षण नजर आयें तो इसे नजरअंदाज न करें। नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में परीक्षण करवायें। परीक्षण में फ्लू पाये जाने पर चिकित्सक की सलाहानुसार दवा का पूरा कोर्स लें और आराम करें। गर्म तरल पदार्थ का अधिकाधिक सेवन करें। नाक, मुँह या आँखों का स्पर्श करने से पहले तथा बाद में हाथों को साबुन से धोयें। उक्त लक्षण हों तो दूसरों के सम्पर्क में आने से बचें। खाँसते और छींकते समय मुँह एवं नाक पर कपड़ा रखें। इससे स्वाईन फ्लू होने और फैलने से बचाव होगा। डॉ.लोकेन्द्र दवे विभागाध्यक्ष, गाँधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल  

Dakhal News

Dakhal News 9 August 2017


मतदान स्थानीय अवकाश

मध्यप्रदेश शासन ने 11 अगस्त को नगरीय निकायों में होने वाले मतदान के दिन संबंधित नगरीय निकायों में सामान्य अवकाश घोषित किया है। इन नगरीय निकायों में निगो‍शिएबल इन्स्ट्रूमेंट एक्ट के तहत भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा। जिन नगरीय निकायों में 11 अगस्त को मतदान होगा, उनमें खंडवा जिले की नगर परिषद् छनेरा, रतलाम जिले की नगर परिषद् सैलाना, बैतूल जिले की नगरपालिका परिषद् सारनी, नगर परिषद आठनेर और चिचोली, झाबुआ जिले की नगरपालिका परिषद झाबुआ, नगर परिषद् रानापुर, थांदला और पेटलावद, अलीराजपुर जिले का नगर परिषद् भांभरा और जोबट, नगर पालिका परिषद् अलीराजपुर, खरगोन जिले की नगर परिषद् भींकनगाँव, महेश्वर और मण्डलेश्वर, बुरहानपुर जिले की नगर पालिका परिषद् नेपानगर, छिन्दवाड़ा जिले की नगरपालिका परिषद् जुन्नारदेव, दमुआ, पाण्ढ़ुर्ना, सौंसर, नगर परिषद् मोहगाँव और हर्रई शामिल हैं। सिवनी जिले की नगर परिषद् लखनादौन, मण्डला जिले की नगर परिषद निवास, बम्हनीबंजर, बिछिया, नगर पालिका परिषद् नैनपुर और नगर पालिका परिषद् मंडला शामिल हैं। डिण्डोरी जिले की नगर परिषद् डिण्डोरी, शहपुरा, बालाघाट जिले की नगर परिषद् बैहर, शहडोल जिले की नगर परिषद जयसिंह नगर, बुढ़ार और नगर पालिका परिषद् शहडोल, अनूपपुर जिले की नगर पालिका परिषद् कोतमा, नगर पालिका परिषद् बिजुरी और उमरिया जिले की नगर पालिका परिषद् पाली शामिल है। इस संबंध में जिला कलेक्टर को निर्देश जारी किये किये गये है।  

Dakhal News

Dakhal News 9 August 2017


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की जनता से सीधे जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री प्रतिमाह रेडियो कार्यक्रम ‘दिल से’ के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों से सीधा संवाद करेंगे। कार्यक्रम के माध्यम से श्री चौहान लोगों से जुड़े विभिन्‍न मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करेंगे और प्राथमिकतायें बतायेंगे। साथ ही शासन की नीतियों, कार्यक्रमों, योजनाओं और भविष्य की कार्य योजनाओं को आमजन से साझा करेंगे। पहला कार्यक्रम 13 अगस्त की शाम 6.00 बजे से प्रदेश के सभी आकाशवाणी केन्द्रों से रिले होगा।  मुख्यमंत्री श्री चौहान इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं, महिलाओं, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों सहित सभी वर्गों से जुड़ेंगे। यह कार्यक्रम श्री चौहान की उन भावनाओं की अभिव्यक्ति के रूप में होगा, जिसमें वे खुलकर जनता से बात करेंगे। उनके कल्याण के लिये अपनी आत्मीय भावनाओं और प्रतिबद्धता को प्रगट करेंगे।मुख्यमंत्री का रेडियो कार्यक्रम ‘दिल से’ मध्यप्रदेश के सभी आकाशवाणी केन्द्रों से एक साथ प्रतिमाह निश्चित तिथि और निर्धारित समय पर प्रसारित होगा।  

Dakhal News

Dakhal News 5 August 2017


टेमीफ्लू

मध्यप्रदेश की सभी दवा की दुकानों में स्वाइन फ्लू में दी जाने वाली दवा टेमीफ्लू उपलब्ध रहेगी। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने स्वाइन फ्लू की दवाओं जैसे- ओसाल्टामिविर और जेनामिविर को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली-1945 के तहत शेड्यूल-एक्स से हटाकर शेड्यूल-एच-1 में शामिल किया है। पहले स्वाइन फ्लू दवा के शेड्यूल-एक्स में होने से इसके लिये अलग से लायसेंस दिया जाता था। यह दवा दूसरी दवाओं के साथ न रखते हुए लायसेंस प्राप्त अस्पतालों में तालाबंद रखी जाती थी। अब एच-1 में शामिल होने से फुटकर दवा विक्रेता भी इसे रख सकेंगे और आवश्यकता होने पर मरीज के परिजन डॉक्टर के पर्चे पर केमिस्ट से खरीद सकेंगे। दुकानदार के लिये अलग से लायसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी। लायसेंस की बाध्यता समाप्त होने से स्टॉकिस्ट अब आसानी से होलसेल डीलर से दवा खरीद सकेंगे। भोपाल के गर्ग मेडिकल स्टोर के श्री सुमित अग्रवाल ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे स्वाइन फ्लू मरीजों को त्वरित लाभ मिलेगा। छतरपुर के केमिस्ट श्री सुनील चौबे ने कहा कि स्वाइन फ्लू मरीज को बहुत तेजी से प्रभावित करता है। ऐसे में दवा की सहज उपलब्धता स्वाइन फ्लू जैसी खतरनाक बीमारी के मुकाबले के लिये वरदान सिद्ध होगी।  

Dakhal News

Dakhal News 5 August 2017


एम्स में खिचड़ी सेवा

भोपाल के गुरूद्वारा श्री गुरूतेग बहादुर साहेब साकेत नगर द्वारा प्रतिदिन एम्स में भर्ती मरीजों के परिजन को नि:शुल्क खिचड़ी वितरित की जायेगी। तकनीकी शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) स्कूल शिक्षा एवं श्रम राज्य मंत्री  दीपक जोशी ने खिचड़ी सेवा का शुभारंभ किया।  उन्होंने सिख समाज द्वारा संचालित लंगर व्यवस्था की भी सराहना की। श्री जोशी ने कहा कि मनुष्य का जीवन परमार्थ और सेवा के लिए है। सिख समुदाय इस अवधारणा से सेवा कार्यों में सदैव सबसे आगे रहा है। डायरेक्टर एम्स डॉ. मधुसूदन नागरकर ने कहा कि खिचड़ी-सेवा में संस्थान द्वारा पूरा सहयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संस्थान में गरीब हो या अमीर, सभी का इलाज और देखभाल समान रूप से की जाती है। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि और सिख समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 4 August 2017


 मोहम्मद इखलाक

छिंदवाड़ा जिला कोर्ट परिसर में पेशी पर आए भाजपा नेता मोहम्मद इखलाक की प्रशांत साहू और उसके तीन साथियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। मामला गैंगवार का बताया जा रहा है। घटना के बाद शहर में तनावपूर्ण स्थिति बनने के बाद जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है। जानकारी के मुताबिक भाजपा के पूर्व अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष मोहम्मद इखलाक पर शिवसेना नेता नरेंद्र पटेल पर प्राणघातक हमला करने का आरोप लगा था। इसी मामले में पुलिस उसे पेशी के लिए दोपहर एक बजे कोर्ट लेकर पहुंची। जैसे ही वे पीछे के गेट से अंदर घुसे इस दौरान वहां मौजूद प्रशांत साहू और उसके साथियों ने इखलाक पर तीन गोलियां चलाई, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। कोर्ट परिसर में हुई इस घटना के बाद अफरा-तफरी का माहौल हो गया। हत्या की खबर जैसे ही शहर में फैली माहौल तनावपूर्ण हो गया। इखलाक के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाया गया है, जिसके बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। उधर एहतियातन शहर में दुकानें बंद करवा दी गई हैं। पुलिस अगर थोड़ी सी सतर्कता बरतती तो इस घटना को रोका जा सकता है। जब इखलाक पर हमला हुआ तो गोली चलाने वाला कोर्ट परिसर के अंदर उसके पास खड़ा था। इससे सुरक्षा पर सवाल खड़े होने लगे हैं, आखिर कोर्ट परिसर में हथियार लेकर कोई कैसे घुस गया।  

Dakhal News

Dakhal News 4 August 2017


रक्षा बंधन

रक्षा बंधन पर बहनें अपने भाइयों से सभी प्रकार के नशे से दूर रहने का वचन मांगेगी। संचालनालय महिला सशक्तिकरण ने इसके लिये अनूठी पहल की है। “ सशक्त परिवार सशक्त देश ’’ पहल के अंतर्गत पूरे प्रदेश में सकल्प पत्र भेजे जा रहे है। सभी सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत, जनपद पंचायत अध्यक्षों, महापौर, पार्षद, कालेज स्कूलों तक पहंचाये जा रहे है। सभी भाइयों तक यह संकल्प पत्र पहुंचेगा। इसे बहनों की पूजा की थाली में रखना होगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गत दिवस मंत्रालय में संकल्प पत्र का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने नवाचारी पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से बने उद्देश्य पूरे होते हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस इस अवसर उपस्थित थी।  

Dakhal News

Dakhal News 3 August 2017


मुस्कान अहिरवार

मुख्यमंत्री  चौहान ने मुस्कान के जूनून और जज्बे को किया सम्मानित  भोपाल में पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली मुस्कान अहिरवार का अपना पक्का पुस्तकालय होगा। अभी वो राजधानी की दुर्गानगर बस्ती में कच्चे मकान में पुस्तकालय चलाती हैं। बच्चों की शिक्षाप्रद 25 किताबों से उनका पुस्ताकलय 2016 में शुरू हुआ था। अब 1000 से ज्यादा किताबों से सज्जित हो गया है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां अपने निवास पर मुस्कान अहिरवार का सम्मान किया और उन्हें दो लाख रूपये की सहायता राशि प्रदान की। साथ ही यह भी कहा कि जल्दी ही एक कमरे का पक्का पुस्तकालय बन जायेगा। मुख्यमंत्री के इस भावनात्मक उपहार से अभिभूत मुस्कान कहती हैं कि अब उन्हें और बस्ती के बच्चों को पढ़ने और आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। मामाजी हमारे साथ हैं। अब हमें अपना काम करना है। मामा जी की सरकार हमारे साथ है। मुस्कान ग्लोरियस हायर सेकेण्डरी स्कूल जहांगीराबाद में पढ़ती हैं। उनकी बड़ी बहन नेहा अहिरवार नवीं कक्षा में तात्या टोपे हायर सेकेण्डरी स्कूल में पढ़ती हैं। छोटा भाई विकास चौथी में मुस्कान के साथ ही स्कूल जाता है। आकाश पहली कक्षा में है। उनके चाचा राकेश कुमार घर में मदद करते हैं। उनका सेंटरिंग का काम है। मुस्कान के पिता मनोहर अहिरवार भी सेंटरिंग का काम करते थे। सात जुलाई को उनका निधन हो गया। मुस्कान बताती हैं कि पापा कहते थे कुछ करके दिखाओ । इसके लिये खूब पढ़ो। वो स्वयं डाक्टर बनना चाहती हैं। मुस्कान बताती हैं कि अभी रोज शाम पांच से सात बजे तक पुस्तकालय लगता है। करीब बीस पच्चीस बच्चे आते हैं। चटाई और दरी पर बैठना पड़ता है। कुछ बच्चे किताबें घर ले जाते हैं। फिर वापस कर देते हैं। मैं किताब के बारे में कुछ सवाल पूछ लेती हूँ जिससे यह पता चल जाता है कि बच्चे ने किताब पढ ली है। एक रजिस्टर है जिसमें सारा हिसाब रहता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुस्कान जैसी बेटियों के काम को पूरा समाज आगे बढ़ाये तो स्थितियां बदलते देर नहीं लगेगी। सरकार की ओर से हर प्रकार की सहायता दी जायेगी।  

Dakhal News

Dakhal News 3 August 2017


अध्यापक बनेंगे संविदा शाला शिक्षक

  मध्यप्रदेश में वर्ष 2013-14 में सीधी भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत सरकारी स्कलों में 42 हजार 88 संविदा शाला शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। नियुक्त किये गये। संविदा शाला शिक्षकों को कार्य करते हुए 3 वर्ष से अधिक की सेवा अवधि हो चुकी है। लोक शिक्षण संचालनालय ने संविदा शाला शिक्षक को अध्यापक संवर्ग के पद पर नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने समस्त जिला कलेक्टर्स और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी किये है। तीन वर्ष की संविदा नियुक्ति की कालावधि पूरी कर चुके संविदा शाला शिक्षकों को अध्यापक संवर्ग में नियुक्ति की पात्रता के संबंध में गठित छानबीन समिति निर्धारित मापदंडों की जाँच करेगी। छानबीन के बाद ही पात्र पाये जाने पर अध्यापक संवर्ग में नियुक्ति की जायेगी। संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-1 को वरिष्ठ अध्यापक, संविदा शाला शिक्षक-2 को अध्यापक और संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-3 को सहायक अध्यापक के रूप में अध्यापक संवर्ग के वेतनमान के न्यूनतम पर नियुक्त किया जायेगा। आगामी वेतन वृद्धि की तारीख एक वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद देय होगी। जिले में गठित छानबीन समिति के अध्यक्ष जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी होंगे। समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, जिला शिक्षा अधिकारी अथवा सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण समिति के सदस्य सचिव होगे। समिति में अनुसूचित जाति अथवा जनजाति प्रवर्ग के एक अधिकारी को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में संबंधित जिला कलेक्टर्स को नियत समय में आवश्यक कार्यवाही करने के लिये कहा है।  

Dakhal News

Dakhal News 1 August 2017


चरण पादुका योजना

एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार वनवासियों के हितों का पूरा-पूरा ख्याल रखेगी। राज्य सरकार ने उनके हितों में अनेक निर्णय लिये हैं। वनवासियों को वनोपज का उचित मूल्य मिल सके, इसके लिये राज्य सरकार महुआ और अचार की गुठली जैसी वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2015-16 में बोनस का लगभग 71 करोड़ रुपये वितरित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  चौहान सतना जिले के मझगवां विकासखण्ड के बरौंधा में तेंदूपत्ता संग्राहकों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने संग्राहकों को अपने हाथों से जूते-चप्पल पहनाकर और पानी की बॉटल देकर चरण पादुका योजना की शुरूआत की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में महुआ फूल की खरीदी भी 30 रुपये प्रति किलो की दर पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि मझगवां के वन क्षेत्र में अचार, महुआ और करंज जैसी कई तरह की वनोपज पैदा होती है। इनकी खरीदी के लिये वन विभाग बरौंधा, कौहारी, पछीत और पाथरकछार में 4 खरीदी केन्द्र खोलेगा। गरीबों की आवास समस्या का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पक्का मकान देने की योजना में सतना जिले में 23 हजार और वन ग्रामों में 6000 मकान स्वीकृत किये गये हैं। वन क्षेत्र में इस वर्ष 5000 पक्के मकानों का विशेष पैकेज दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के संकल्प के तहत पाथरकछार में 30 करोड़ 64 लाख रुपये के तालाब और अन्य ग्रामों में सिंचाई तालाब बनाकर पानी की व्यवस्था की जायेगी। क्षेत्र में 5000 कपिलधारा के कुएँ भी बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिये स्व-सहायता समूह बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस वनवासी क्षेत्र में 50 कस्टम हायरिंग केन्द्र खोले जाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि सरकारी हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था की जायेगी। पहाड़ी अंचल के इन गाँव में दीनदयाल चलित अस्पताल की व्यवस्था भी की जायेगी। उन्होंने क्षेत्र के हाईस्कूल को हायर सेकेण्डरी के रूप में उन्नयन करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने वनोपज और बाँस शिल्प की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सतना नगर में सुभाष पार्क से जगतदेव तालाब तक पहुँची काँवर यात्रा में शामिल काँवरियों पर पुष्प-वर्षा कर मंगल कामना की। इस मौके पर वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, प्रभारी मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे, सांसद श्री गणेश सिंह एवं स्थानीय जन-प्रतिनिधि भी मौजूद थे।  

Dakhal News

Dakhal News 1 August 2017


उमाशंकर गुप्ता

एमपी के राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने तीन कार्यों का भूमि-पूजन किया। श्री गुप्ता ने वार्ड 27 में एलआईजी 173 के सामने कोटरा में सी.सी. रोड और वार्ड 26 में शासकीय विद्यालय 25वीं बटालियन की वाउण्ड्रीबाल का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कमला नगर थाने के पास मैदान में मटकी फोड़ प्रतियोगिता के लिए भी भूमि-पूजन किया। विजेता को मिलेगा 51 हजार रुपये राजस्व मंत्री श्री गुप्ता के कहा कि कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर 16 अगस्त को होने वाली मटकी फोड़ प्रतियोगिता में विजेता टीम को 51 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन लोगों को जोड़ते हैं। उन्होंने प्रतियोगिता स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 31 July 2017


सरदार सरोवर परियोजना

बड़वानी सरदार सरोवर परियोजना के डूब क्षेत्र प्रभावितों के लिए दिल्ली से राहत भरी खबर है। सोमवार को पुर्नवास को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई में मुख्य न्यायधीश ने अंतरिम फैसला सुनाते हुए 8 अगस्त तक डूब क्षेत्र में यथास्थिति रखने के निर्देश दिए है। नर्मदा बचाओ आंदोलन की मेधा पाटकर ने जानकारी देते हुए बताया कि मामले में विस्तृत सुनवाई 8 अगस्त को होगी। जरूरत पड़ने पर माननीय न्यायालय पुनर्वास की तारीख और आगे बढ़ा सकता है। इसके पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा सरदार सरोवर परियोजना के डूब क्षेत्र में आज तक सारे गांवों को खाली करना था। पूर्ण पुनर्वास के लिए तय की गई डेडलाइन का सोमवार अंतिम दिन था। जिसके बाद से ही नर्मदा बचाओ आंदोलन, उनसे जुड़े डूब प्रभावितों ने तैयारियां तेज कर दी थी। रविवार को भी डूब प्रभावितों ने बड़वानी में कफन आंदोलन किया था और धार जिले के चिखल्दा में जल सत्याग्रह। चिखल्दा में ही नर्मदा बचाओ आंदोलन नेत्री मेधा पाटकर सहित 12 लोगों का अनिश्चितकालीन अनशन सोमवार को भी जारी रहा है।  

Dakhal News

Dakhal News 31 July 2017


मैहर संत रविदास आश्रम

मुख्यमंत्री चौहान द्वारा संत रविदास आश्रम में समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने मैहर में संत रविदास आश्रम पहुँचकर मंदिर में दर्शन किये और ब्रम्हलीन गुरू परमेश्वर प्रकाश जी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर में संत शिरोमणि रविदास जी के भव्य मंदिर के निर्माण कार्य का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप मंदिर का निर्माण दो करोड़ रूपये लागत से कराया जा रहा है। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री ओम प्रकाश धुर्वे, सांसद श्री गणेश सिंह, विधायक श्री नारायण त्रिपाठी, श्री रमेश पाण्डेय बम बम महाराज, जन-प्रतिनिधिगण सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी के चरणों में प्रणाम करने यहां आया हूँ। संत जी का भव्य मंदिर बनेगा। मंदिर निर्माण का कार्य तय समय में पूरा होगा। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रदेश में संत रविदास महाकुम्भ का आयोजन होगा। स्थल का चयन विचार-विमर्श के बाद तय होगा। मुख्यमंत्री ने संत रविदास आश्रम में पीपल का पौधा रोपित किया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के सतना आगमन पर स्थानीय हवाई पट्टी पर आयुष एवं जल-संसाधन राज्य मंत्री श्री हर्ष सिंह, सांसद श्री गणेश सिंह, महापौर सुश्री ममता पाण्डेय, श्री नरेन्द्र त्रिपाठी, जन-प्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों ने आत्मीय स्वागत किया।  

Dakhal News

Dakhal News 31 July 2017


 नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(एनजीटी)

भोपाल में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(एनजीटी) के सम्मेलन में मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों सहित कई पर्यावरणविद शामिल हुए। इस दौरान स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत वर्ष 2016-17 में किए गए स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत देश में पहला स्थान प्राप्त करने व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर इंदौर महापौर मालिनी गौड़ और आयुक्त मनीष सिंह को पुरस्कृत किया गया। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देशभर में हरियाली और प्रदूषण रोनके लिए एनजीटी ने बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पर्यावरण को सुरक्षित रखाना है तो एनजीटी को और कड़े कदम उठाने होंगे। मध्यप्रदेश के लोग पर्यावरण प्रेमी है। सीएम ने कहा कि पेड़ों में तुलसी, आवंला, बरगद और पीपल की पूजा की जाती है। यह पर्यावरण बचाने का संदेश है। छत्तीसगढ़ के सीएम डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पर्यावरण बचाने के लिए हम दूसरों से उम्मीद करते हैं कि वो नियम फॉलो करे, लेकिन खुद नहीं करते। उन्होंने कहा कि गंगा में डुबकी लगाकर हम खुदको पवित्र समझते हैं, लेकिन नदियों का जल कितना प्रदूषित हो गया है। वृक्षारोपरण क्या किया जाए इस पर भी ध्यान देना होगा।  

Dakhal News

Dakhal News 29 July 2017


महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस

  महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा है कि प्रदेश में कुपोषण नियंत्रण के लिये महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ-साथ कृषि और इससे संबंधित विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे। श्रीमती चिटनिस पोषण परिपूर्ण ग्राम की अवधारणा के क्रियान्वयन के लिए विशेषज्ञ समूह की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती चिटनिस ने कहा कि गाँव में कृषि एवं अनुषांगिक गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण आवश्यकताओं को स्‍थानीय उपज से पूरा कर कुपोषण से निजात दिलायी जा सकेगी। उन्होंने बताया कि इस योजना पर कार्य शुरू कर दिया गया है। कृषि विज्ञान केन्द्रों के समन्वय से प्रत्येक परियोजना में एक ग्राम को पोषण परिपूर्ण ग्राम के रूप में विकसित करने की योजना है। इस अवसर पर जिलों से आए कृषि वैज्ञानिकों ने कार्य-योजना का प्रस्तुतिकरण किया। बैठक में प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास श्री जे.एन. कंसोटिया, आईसीडीएस प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुश्री निधि निवेदिता, कृषि विज्ञान केन्द्र जोन-7 अटारी के निदेशक कृषि वैज्ञानिक श्री अनुपम मिश्र, संचालक कृषि उद्यानिकी, पशुपालन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।  

Dakhal News

Dakhal News 28 July 2017


 दाल मिल एसोसिएशन

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से आज यहां मुख्यमंत्री निवास में दाल मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने भेंट की। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री संजय पाठक भी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 28 July 2017


 उमाशंकर गुप्ता

mp के राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री  उमाशंकर गुप्ता ने पूर्व राष्ट्रपति श्री ए.पी.जे अब्दुल कलाम की पुण्य तिथि पर कोटरा में उनके छाया-चित्र पर माल्यार्पण किया। श्री गुप्ता ने कहा कि श्री कलाम के कार्य अविस्मरणीय और प्रेरणादायक हैं। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय है। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।  रामनगर में स्कूल बाउण्ड्रीवाल का भूमि-पूजन राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने वार्ड 25 स्थित रामनगर में स्कूल की बाउण्ड्रीवाल और शेड निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया। श्री गुप्ता ने रहवासियों को शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 27 July 2017


शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्माण विभागों को निर्देशित किया है कि कार्यों की गुणवत्ता, निर्माण अवधि आदि के महत्वांकाक्षी लक्ष्य निर्धारित कर कार्य किये जायें। श्री चौहान आज मंत्रालय में प्रगति ऑनलाइन के दौरान निर्माण कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। ऑनलाइन समीक्षा में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रकाशन 'समझ झरोखा' का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति, कार्य की पूर्णता और गुणवत्ता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आदिम जाति कल्याण विभाग के निर्माणाधीन कन्या शिक्षा परिसरों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश के 28 जिलों में 65 परिसरों का निर्माण किया जाना है। कुल 52 स्थलों पर निर्माण कार्य प्रारम्भ हो गये हैं। मुख्यमंत्री ने उपयुक्त भूमि की अनुपलब्धता की जानकारी मिलने पर संबंधित जिलों के कलेक्टरों और परियोजना क्रियान्वयन इकाई से सीधा संवाद किया। उन्होंने अधिकारियों को एक सप्ताह में उपयुक्त भूमि चयन का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम में सीधी जिले की ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना मझोली, उमरिया जिले की ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना मानपुर, कन्या शिक्षा परिसर, बैतूल-खंडारा-आमला-बोरदेहि-बांसखापा-नागदेव मंदिर रोड, खमरपानी-सावरनी-लोधीखेड़ा-रेमंड चौक रोड, निवारी-सेंद्री रोड, बेनजीर पैलेस का हेरिटेज होटल में रूपांतरण, पूर्व क्षेत्र में फीडर सेपरेशन, रीवा की अमृत योजना अंतर्गत सीवरेज परियोजना और जबलपुर स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कार्य को समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिये।  

Dakhal News

Dakhal News 27 July 2017


मेजर जनरल टी.पी.एस.रावत

कारगिल विजय दिवस पर आज सैनिक विश्राम गृह में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के संबंध में जनसमुदाय चल चित्र के माध्यम से विस्तृत जानकारी को दी गई। मुख्य अतिथि मेजर जनरल टी.पी.एस.रावत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सेनाएँ देश की सीमाओं और देशवासियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। विपरीत पस्थितियों में सेना ने बड़े धैर्य और साहस से पराक्रम का प्रदर्शन करते हुए कारगिल युद्ध में विजय हासिल की थी। यह युद्ध किसी अन्य देश की सेना द्वारा जीत पाना असंभव था। मेजर जनरल रावत ने बताया कि दुर्गम स्थल होते हुए भी हमारी सेना ने कारगिल युद्ध लड़कर दुश्मनों को परास्त किया। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक अपने जीवन का अधिकतम और स्वर्णिम समय देश की सेवा में सर्मपित करते हैं। हमें भी उनके प्रति सदैव अपनत्व और सहयोग की भावना रखना चाहिये। इस अवसर पर मेजर जनरल अशोक कुमार,कर्नल ओ.पी.मिश्रा,कर्नल वी.पी.त्रिपाठी,कर्नल प्रणव मिश्रा (से.नि.) ने 16500 फिट उंची बर्फीली पहाड़ी पर हुऐ कारगिल सहित अन्य युद्धों की परिस्थितियों,सेना की रणनीति आदि के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी। इस युद्ध में 8 जवान शहीद और 48 सैन्य कार्मिक घायल हुऐ थे। कारगिल में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि और राष्ट्रगान के उपरान्त कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम का संचालन कर्नल गिरिजेश सक्सेना तथा आभार प्रदर्शन कर्नल यशवंत के.सिंह ने किया। इस अवसर पर संचालक सैनिक कल्याण ब्रिगे.आर.एस. नोटियाल, भोपाल एक्स सर्विसेस लीग के अध्यक्ष कार्नल एस कुमार सहित सेवारत/सेवानिवृत्त सैन्य कार्मिक,उनके परिवारजन,शासकीय सेवक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 26 July 2017


ias रजनीश वैश

भ्रामक प्रचार से विचलित न हों किसान : रजनीश वैश  नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, अपर मुख्य सचिव  रजनीश वैश ने कहा है कि नर्मदा नदी से मध्यप्रदेश में किसानों द्वारा खुद के साधनों से की जा रही सिंचाई पर रोक लगाने संबंधी कोई आदेश नहीं है। किसानों को नर्मदा नदी से पानी लेने का अधिकार पूर्व की तरह यथावत है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों की विद्युत लाईन डूब में आयेगी, उन्हे नये उद्वहन स्थान पर पम्प मोटर के लिये विद्युत कनेक्शन प्राप्त करने का अधिकार सुरक्षित है। ऐसे किसानों को नये उद्वहन स्थान पर पूर्व की तरह ही विद्युत कनेक्शन प्रदान किया जायेगा। श्री वैश ने किसानों से अपील की है भ्रामक प्रचार से विचलित नहीं हों। साथ ही, अपने साथी किसानों को भी वस्तुस्थिति से अवगत करायें।    

Dakhal News

Dakhal News 26 July 2017


दिव्यांगजन अधिनियम पर हुई कार्यशाला

  भारत सरकार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा दिव्यांगजनों के लिए दिव्यांगजन अधिनियम प्रकाशित किया गया है। अधिनियम के तहत राज्य सरकारों से नियम बनाने की अपेक्षा की गई है। यह जानकारी दिव्यांगजन अधिनियम पर हुई कार्यशाला में दी गयी। कार्यशाला में राज्य सरकार द्वारा बनाये जाने वाले दिव्यांगजन अधिनियम के नियमों में जिन विभागों को शामिल किया गया है। उन्हें उनकी भूमिका से अवगत कराया गया। कार्यशाला में मुख्य रूप से स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, गृह, पुलिस, महिला एवं बाल विकास, राजस्व एवं अन्य उत्तरदायी विभाग के अधिकारी उपस्थित हुए। सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती नीलम शमी राव द्वारा कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला गया। कार्यशाला में विशेषज्ञ के रूप में सेवा निवृत्त अपर मुख्य सचिव एम.एम. उपाध्याय एवं सेवा निवृत्त प्रमुख सचिव  व्ही.के. बाथम ने दिव्यांगजन अधिनियम के नियम बनाने की दिशा में आवश्यक मार्गदर्शन दिया।

Dakhal News

Dakhal News 25 July 2017


shiv mahakal

श्रावण मास के तीसरे सोमवार पर भगवान श्री महाकाल की सवारी पुलिस बैण्ड एवं घुड़सवार दल के साथ से क्षिप्रा तट पर पहुँची। यहाँ पर क्षिप्रा के पवित्र जल से भगवान महाकाल का पूजन-अर्चन हुआ। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह के साथ पूजन में शामिल हुए। इस अवसर पर विधायक डॉ. मोहन यादव, श्री अनिल फिरोजिया, श्री इकबालसिंह गांधी सहित गणमान्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। भगवान महाकालेश्वर की पालकी ने जैसे ही रामघाट पर प्रवेश किया, कड़ाबीन के धमाकों से रामघाट गुंजायमान हो गया। रामघाट एवं दत्त अखाड़ा घाट पर खड़े हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल की पालकी का जय महाकाल के नारे से स्वागत किया। श्रावण की फुहारों ने वातावरण में भक्तिरस घोल दिया। रामघाट पर पालकी को विश्राम देकर पालकी में विराजित चंद्रमौलेश्वर की मूर्ति का पूजन-अर्चन करने के बाद पुरोहितों द्वारा आरती की गई। लगभग 45 मिनिट तक चले इस क्रम के बाद पालकी पुन: निर्धारित मार्ग पर भ्रमण के लिये रवाना हुई।  

Dakhal News

Dakhal News 25 July 2017


मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल

इस वर्ष 20 दिन में घोषित किया गया परीक्षा परिणाम   मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड परीक्षा मार्च 2017 में कक्षा 10 और कक्षा 12वीं में अनुर्त्तीण रहे छात्रों के लिये राज्य ओपन शिक्षा परिषद द्वारा 'रूक जाना नहीं' योजना से करीब 22 हजार छात्रों को आगे की कक्षाओं में पढ़ने का अवसर मिलेगा। इन छात्रों के लिये राज्य ओपन स्कूल ने 19 जून से 3 जुलाई तक परीक्षा आयोजित की। राज्य ओपन स्कूल ने इस योजना में रिकार्ड समय 20 दिन के भीतर परीक्षा परिणाम घोषित किया है। उत्तीर्ण छात्रों को आगे की कक्षाओं में प्रवेश दिलाने में सहयोग दिया जायेगा। रूक जाना नहीं योजना में असफल रहे कक्षा 10 के 4,198 और कक्षा 12 के 17 हजार 740 छात्रों ने परीक्षा में सफलता हासिल की है। योजना में असफल रहे छात्रों के लिये एक और अवसर इस वर्ष नवम्बर और दिसम्बर माह में होने वाली परीक्षा में और दिया जायेगा। इसके लिये फार्म भरने की प्रकिया अगस्त माह के पहले सप्ताह से पुन: शुरू की जायेगी। रूक जाना नहीं योजना प्रदेश में वर्ष 2016 से स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रारंभ की थी। वर्ष 2016-17 में असफल रहे छात्रों के लिये 4 अलग-अलग चरणों में परीक्षा आयोजित की गई थी। इन परीक्षाओं में वर्ष 2016 की माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड की कक्षा 10 और कक्षा 12वीं के 86 हजार 23 छात्रों को बोर्ड परीक्षा पास करने में सफलता मिली थी। इस वर्ष के परीक्षा परिणाम मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद की वेबसाइट http://www.mpsos.nic.in/पर देखे जा सकते है।

Dakhal News

Dakhal News 24 July 2017


सलीना सिंह

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती सलीना सिंह ने कहा है कि लोकतंत्र की सफलता में निर्वाचकों की भूमिका को देखते हुए निर्वाचन नामावली का शुद्ध और पारदर्शी होना जरूरी है। इसके लिये निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और प्रोग्रामर को विशेष ध्यान देना होगा। श्रीमती सिंह आज निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के ईआरओ नेट प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में सभी 51 जिलों के अधिकारी उपस्थित थे। श्रीमती सलीना सिंह ने कहा कि ईआरओ नेट के माध्यम से अब सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बेहतर समन्वय से कार्य कर सकेंगे। इससे कार्य निष्पादन में और तत्परता आयेगी। इस अवसर पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री एस.एस. बंसल सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

Dakhal News

Dakhal News 23 July 2017


खनिज साधन मंत्री  राजेन्द्र शुक्ल

खनिज साधन मंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश में नदियों से रेत के वैज्ञानिक उत्खनन तथा विपणन की प्रभावी पारदर्शी व्यवस्था के लिये हुई कार्यशाला की अनुशंसाओं को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाये। नीति को बेहतर से बेहतर बनाने के लिये 15 दिवस में प्रस्ताव तैयार किया जाये। श्री शुक्ल आज मंत्रालय में प्रदेश में रेत खनिज के उत्खनन और विपणन के संबंध में गठित समिति की अध्यक्षता कर रहे थे। श्री शुक्ल ने कहा कि नर्मदा तथा अन्य नदियों से खनिज के उत्खनन के संबंध में स्थायी समाधान होना चाहिये। उन्होंने कहा कि कार्यशाला के सभी निष्कर्षों को ध्यान में रखते हुए रेत खनिज की उत्खनन और विपणन की पारदर्शी व्यवस्था की नीति तैयार की जाये। खनिज मंत्री ने कहा कि नर्मदा नदी से रेत के उत्खनन के लिये सभी प्रभावी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए समग्र प्रतिवेदन शीघ्र तैयार किया जाये। श्री शुक्ल ने कहा कि कार्यशाला के निष्कर्षों के आधार पर प्रदेश में आदर्श रेत खनिज नीति बनेगी। उन्होंने कहा कि इससे देश के अन्य राज्यों को भी लाभ मिलेगा। बैठक में सचिव खनिज साधन श्री मनोहर दुबे ने कार्यशाला में विभिन्न सत्र में हुई चर्चा के निष्कर्षों की जानकारी दी। बैठक में प्रमुख सचिव नगरीय विकास श्री मलय श्रीवास्तव, उप सचिव खनिज श्री राकेश श्रीवास्तव, आई.आई.टी. खड़गपुर, (पश्चिम बंगाल) के प्रोफेसर श्री के.पाठक तथा प्रोफेसर श्री अभिजीत मुखर्जी, विभागाध्यक्ष पर्यावरण विज्ञान, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल श्री प्रदीप श्रीवास्तव, संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म श्री व्ही.के. ऑस्टिन सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।      

Dakhal News

Dakhal News 22 July 2017


मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि खनन नीति का आधार पर्यावरण संरक्षण, सतत् विकास और मानवीय दृष्टिकोण होना चाहिये। रेत से राजस्व अर्जित करना सरकार की मंशा कतई नहीं है। श्री चौहान ने आज एप्को सभागार में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि विकास के लिए रेत की सुलभ उपलब्धता हो। अवैध गतिविधियाँ बंद हों। नदियों का दोहन हो, शोषण नहीं। खनन दृष्टिकोण मानवीय हो। उन्होंने कहा कि इन्हीं उद्देश्यों पर आधारित खनन नीति निर्माण के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया है। श्री चौहान ने सरकार द्वारा खनन नीति निर्माण के विभिन्न स्वरूपों का चरणबद्ध उल्लेख किया और कार्यशाला में विचारणीय मुद्दों को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि प्रदेश की खनन नीति का स्वरूप कार्यशाला के मंथन से निकला अमृत निर्धारित करेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर कहा कि प्रकृति पर केवल मानवमात्र का अधिकार नहीं है। जीव-जंतुओं, चल-अचल सभी तत्वों का समान अधिकार है। अत: प्रकृति के साथ संतुलित व्यवहार जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर होने वाले आत्मघाती प्रभावों के संकेत पृथ्वी के तापमान में वृद्धि, अवर्षा, अनियमित वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं के रूप में सामने आने लगे हैं। अनेक जीव-जंतु धरती से विलुप्त होने लगे हैं। महाशीर मछली सहित अनेक जीव-जंतु विलुप्ती के कगार पर है, उनके संरक्षण के प्रयास हो रहे हैं। संसार में सर्वत्र चिंता हो रही है। प्रदेश के नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण के लिये नर्मदा सेवा यात्रा के संकल्प और 12 घंटों में 7 करोड़ 13 लाख पौधे रोपकर इस दिशा में अपना फर्ज निभाया है। श्री चौहान ने कहा कि यह जरूरी हो गया है कि हम भावी पीढ़ी के लिए स्वस्थ वातावरण छोड़ें जिसमें सभी के लिये जीवन के समान अवसर हों। श्री चौहान ने कहा कि हमें प्रकृति से उतना ही लेना चाहिये जिसकी प्रकृति स्वयं भरपाई कर सके। नदी से हम उतनी रेत लें जिसकी वह स्वयं भरपाई कर सकें। पर्यावरण और विकास में संतुलन हमारी नीति का आधार हो। एक पक्षीय प्रयास उचित नहीं हैं। नदी से रेत उत्खनन अगर पूर्णत: बंद हो जाता है तो नदी में कटाव की समस्या आ जाती है। किनारे की उपजाऊ भूमि रेत में बदलने लगती है। इसी तरह विकास के लिये रेत की सहज उपलब्धता अंधाधुंध लाभार्जन प्रतिस्पर्धा को बढ़ाकर नदी के अस्तित्व के लिये संकट खड़ाकर देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जरूरी है कि नीति ऐसी बने जो संतुलित और व्यवहारिक हो। खनन नीति से आर्थिक लाभ की प्रतिस्पर्धा उत्पन्न नहीं हो। अवैध गतिविधियां बंद हों। मानव हस्तक्षेप के अवसर नियंत्रित और न्यूनतम हों। प्रक्रियाएं पारदर्शी हों। दृष्टिकोण मानवीय हो। आम उपभोक्ता को रेत सस्ती दर पर सुलभ हो। रोजगार के नये अवसर सृजित हों। मुख्यमंत्री ने कार्यशाला के विशेषज्ञों का आव्हान किया कि खनन नीति पर समग्र और मानवीय परिप्रेक्ष्य में चिंतन करें। खनन की वैज्ञानिक प्रक्रिया हो, जो रोजगार के अवसर सृजित करने के साथ ही पारिस्थितिकी का संरक्षण करे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कार्यशाला का चिंतन प्रदेश की खनन नीति निर्माण में सहयोगी होने के साथ ही पूरे देश की खनन नीति निर्माण में दिग्दर्शन करेगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायाधिपति श्री दिलीप सिंह ने कहा कि कार्यशाला का आयोजन अत्यंत सराहनीय पहल है। गहन चिंतन से खनिकर्म से संबंधित विभिन्न पहलुओं में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। कार्यशाला के निष्कर्ष सस्टेनबल पॉलिसी निर्माण में सहयोगी होंगे। उन्होंने प्रतिभागियों का आव्हान किया कि वे विषय विशेषज्ञ हैं। जमीनी हकीकतों से सीधे जुड़े हैं। उनके विचार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सब खुलकर विचार, सुझाव और शंकायें प्रस्तुत करें ताकि नदी प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था हो। पर्यावरण, राजस्व और उपभोक्ता हितों का प्रभावी संरक्षण हो। उन्होंने कहा कि विकास के लिए खनिकर्म जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी भावी पीढ़ी के लिये स्वस्थ पर्यावरण छोड़ना है। पर्यावरण और विकास में संतुलन होना चाहिए। विकास के लिए रेत के विकल्पों को भी तलाशा जाये। अवैध उत्खनन को प्रतिबंधित करने के लिए सम्बद्ध विभागों का तंत्र सुदृढ़ हो। मानीटरिंग प्रक्रिया मजबूत हो। खनन वैज्ञानिक तरीके से हो। खनन की अनुमति खनिज की उपलब्धता के आधार पर मिले। पर्यावरण अनुमतियाँ मौका मुआयना के बाद ही प्रदान करने आदि की व्यवस्थायें होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि खनन कैसे हो, कहाँ हो, कितना हो, इसके स्पष्ट दिशा-निर्देश होने चाहिए। खनिज संसाधन मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कार्यशाला का आयोजन राज्य की खनन नीति का स्वरूप फूल-प्रूफ बनाने के मार्गदर्शी सिद्धांतों के निर्माण के लिए किया गया है। प्रयास है कि विकास कार्यों के लिए खनिज उपलब्ध हो। खनन का विपरीत प्रभाव नदी के स्वास्थ्य पर नहीं पड़े। जीव-जंतुओं के जीवन के लिए कोई खतरा पैदा नहीं हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रेत की उपलब्धता 7 करोड़ घनमीटर है। आवश्यकता 3 करोड़ घनमीटर की आँकलित की गई है। प्रयास है कि ऐसी नीति बने जो रेत हार्वेस्टिंग के अनुरूप हो। जितनी रेत बहकर आये, नदी से उतना ही उत्खनन हो। अवैध उत्खनन पूर्णत: प्रतिबंधित हो जाये। रेत के विपणन की व्यवस्था ऐसी हो जिससे आम उपभोक्ता को सस्ती दर पर रेत सुलभ करवाई जा सके । खनिज निगम अध्यक्ष श्री शिव चौबे ने कार्यशाला में आभार प्रदर्शन किया। संचालन श्री सुधीर कोचर ने किया। प्रारम्भ में अतिथियों का स्वागत रूद्राक्ष का पौधा और श्री अमृतलाल वेगड़ की पुस्तकों, सौंदर्य की नदी नर्मदा एवं अमृतस्थ नर्मदा भेंट कर किया गया। उद्घाटन सत्र में राज्य की खनन नीति पर तेलगांना संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म श्री सुशील कुमार ने और छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म श्री डी.महेशबाबू ने पावर प्वाइंट प्रेजेन्टेशन दिया। बताया गया कि कार्यशाला के दौरान समानांतर रूप से तीन तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया है। जिसमें विषयवार विशेषज्ञ चिंतन कर विचार प्रस्तुत करेंगे। चौथा समापन का निष्कर्ष सत्र होगा। कार्यशाला की अनुशंसाएं प्रस्तुत की जायेंगी। कार्यशाला का विषय नदियों की पारिस्थितिकी के अनुकूलन, रेत हार्वेस्टिंग एवं विपणन नीति निर्धारण था। आयोजन भौमिकी एवं खनिकर्म संचालनालय म.प्र. और राज्य खनिज निगम लिमिटेड के तत्वावधान में किया गया था। कार्यशाला में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, उपाध्यक्ष खनिज निगम श्री गिरिराज किशोर, देश के खनिकर्म से संबंधित विभिन्न संगठनों और विषयों के प्रख्यात विशेषज्ञ, विचारक और शोधार्थी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 22 July 2017


कृषि क्रांति

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब दूसरी कृषि क्रांति करेगा। इसके माध्यम से किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलेगा और उनकी समस्या का स्थायी समाधान होगा। देश को भी नई दिशा मिलेगी। आज यहाँ मंत्रालय में प्याज खरीदी की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने प्याज खरीदी और नीलामी की मानिटरिंग के लिये उच्च स्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिये। श्री चौहान ने कहा कि प्याज खरीदी, बिक्री और नीलामी की प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि प्याज खरीदी और नीलामी की पारदर्शी व्यवस्था बनाई गई है। उच्च-स्तरीय निगरानी समिति अगले तीन महीने तक इस व्यवस्था के संचालन की निगरानी करेगी। उन्होंने कहा कि प्याज खरीदी की जाँच भी की जायेगी। इसके लिये जिन केन्द्रों से शिकायत मिलेगी, वहाँ विशेष जाँच दल भेजकर जाँच करायी जायेगी। बैठक में बताया गया कि अब तक 8 लाख 76 हजार मीट्रिक टन प्याज की खरीदी की जा चुकी है। इसमें से करीब 90 प्रतिशत प्याज की नीलामी की जा चुकी है। भारत सरकार ने प्याज की खरीदी की मात्रा को देखते हुए 20 प्रतिशत प्याज खराब होने के संभावना जतायी थी जबकि अभी केवल 5 प्रतिशत प्याज खराब हुआ है। राशन दुकानों से गरीबों को प्याज उपलब्ध करवाने की सुचारु व्यवस्था अत्याधिक सफल रही है। जल्दी ही प्याज के शेष स्टॉक का निराकरण किया जायेगा। प्याज खरीदी के माध्यम से 1 लाख 54 हजार किसान लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि खरीदी और नीलामी की प्रक्रिया की जाँच करते समय किसानों को भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होना चाहिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्याज खरीदी और नीलामी से जुड़ा जो सरकारी अमला सरकार की मंशा और तय प्रक्रिया के अनुरूप कार्य कर रहा है, उसे पूरा संरक्षण दिया जायेगा। अनियमितता बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रावाई होगी। बैठक में बताया गया कि प्याज खरीदी की व्यवस्था से प्याज उत्पादक किसान पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्हें अपनी उपज का लाभकारी मूल्य मिल गया है। पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित है। श्री चौहान ने कृषि लागत मूल्य निर्धारण आयोग की जल्दी स्थापना कर कार्य शुरू करने के निर्देश दिये। बैठक में कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अजीत केसरी एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 21 July 2017


lal singh aary

नर्मदा घाटी में सिंचाई विस्तार के लिये वर्तमान में जो निर्माणाधीन परियोजनाओं को लक्षित समयावधि में पूरा करने के लिये सघन प्रयास किये जायें। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये कि परियोजना कमाण्ड क्षेत्र का कोई भी किसान सिंचाई लाभ से वंचित न रहे। यह बात नर्मदा घाटी विकास विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री लाल सिंह आर्य ने आज यहां नर्मदा भवन से परियोजना कार्यों की गहन समीक्षा के दौरान कही। श्री आर्य ने इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर, मान, जोबट, पुनासा उद्वहन, अपरबेदा, लोअरगोई, रानी अवंती बाई सागर, बरगी व्यपवर्तन सहित नई स्वीकृत परियोजनाओं के निर्माण और संचालन की विस्तृत जानकारी ली। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री रजनीश वैश ने परियोजनाओं के विभिन्न पक्षों की विस्तृत जानकारी देते हुये बताया कि वर्ष 2016-17 में परियोजनाओं से 5 लाख 50 हजार हेक्टेयर रकबे को जल उपलब्ध कराया गया। इसे जारी रखते हुये वर्ष 2017-18 में 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित किया जायेगा। श्री वैश ने नर्मदा मालवा गम्भीर लिंक के 65 प्रतिशत तक पूर्ण हुये कार्यों की जानकारी देते हुये सरदार सरोवर विस्थापन और पुनर्वास कार्य की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। बैठक में प्राधिकरण के सदस्य, मुख्य अभियन्तागण तथा पुनर्वास से संबंधित अधिकारी मौजूद थे।  

Dakhal News

Dakhal News 19 July 2017


लोक शिक्षण संचालनालय

  आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने स्कूल शिक्षा विभाग में इस समय चल रही युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को सही बताया है और उन्होंने इस संबंध में स्थिति भी स्पष्ट की है। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से करीब 20 हजार अतिशेष पदों की पूर्ति उन प्राथमिक शालाओं में हो सकेगी, जहाँ पर शिक्षक कम हैं अथवा पदस्थ नहीं है। आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने बताया कि युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य ऐसे विद्यालयों में जहाँ शिक्षकों की संख्या छात्र संख्या के अनुपात में अधिक है, वहाँ से छात्रों के अनुपात में कम शिक्षकों के विद्यालयों में भेजना है। वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग की 4224 प्राथमिक शालाएँ ऐसी हैं जहाँ कोई भी शिक्षक पदस्थ नहीं है इन शालाओं में 9 हजार 500 से अधिक पद रिक्त हैं। इसके साथ ही 13 हजार 536 प्राथमिक शालाओं में 17 हजार से अधिक शिक्षकों की आवश्यकता है। प्रदेश में 17 हजार 273 प्राथमिक या माध्यमिक शालाएँ हैं, जहाँ छात्रों की निश्चित संख्या के मुकाबले अधिक शिक्षक पदस्थ हैं। पूर्व में शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण जिला स्तर पर होता रहा है लेकिन अधिकांश जिले ऐसे थे जहाँ युक्तियुक्तकरण का कार्य प्रभावी ढंग से नहीं हुआ। इसे देखते हुए विद्यालयों में इस प्रक्रिया को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया। ऑनलाइन प्रक्रिया से प्राप्त आँकड़ों से पता लगा कि प्रदेश में नामांकन के आधार पर प्राथमिक विद्यालयों में करीब 39 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं। ग्रामीण प्राथमिक शालाओं में 1860 प्रधानाध्यापक और 15 हजार 186 शिक्षक अतिशेष हैं। नगरीय प्राथमिक शालाओं में 330 और 3063 शिक्षक अतिशेष हैं। प्रदेश की 2491 माध्यमिक शालाओं में 4051 शिक्षक अतिशेष चिन्हित किये गये हैं। युक्तियुक्तकरण से प्राथमिक शालाओं में 20 हजार अतिशेष शिक्षकों की पूर्ति हो सकेगी। आयुक्त लोक शिक्षण ने स्पष्ट किया है कि युक्तियुक्तकरण का यह उचित समय है। सरकारी स्कूल में प्रवेश संबंधी कार्यवाही 14 जून से प्रारंभ होकर 12 अगस्त तक चलती है। इस अवधि में शालाओं में प्रवेश के अलावा शैक्षणिक कैलेण्डर तैयार करने और वर्षभर की गतिविधियाँ प्रमुख रूप से निर्धारित की जाती हैं। ऑनलाईन प्रक्रिया कार्यवाही के सभी चरण इस प्रकार निर्धारित किये गये जिससे पूरी पारदर्शिता हो। इस प्रक्रिया में ई-सेवा पुस्तिका को अद्यतन करने का विकल्प शिक्षकों को दिया गया। जिससे उन्होंने अपने से संबंधित जानकारी को अद्यतन किया। प्रोग्रामिंग द्वारा प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में छात्र संख्या एवं विषय मान के अनुसार अतिशेष की अंतरिम सूची जारी की गई। इसके साथ ही अंतरिम अतिशेष सूची पर संबंधित द्वारा ऑनलाईन आपत्ति करने और कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा आपत्ति की सुनवाई कर उसका निराकरण कर उसे पीडीएफ फाईल में अपलोड किया गया। इस प्रक्रिया के बाद अंतिम सूची जारी करना एवं अतिशेष शिक्षकों की पद-स्थापना विकल्प के आधार पर शून्य शिक्षकीय अथवा एक शिक्षकीय पाठशाला में पद-स्थापना हेतु पोर्टल के माध्यम से आदेश जारी किया जाना है। इस सब प्रक्रिया में कहीं कोई त्रुटि होती है तो प्रभारी मंत्री के समक्ष अपील का प्रावधान भी है। प्रथम चरण में 89 आदिवासी विकासखंड और सतना जिले के शिक्षकों का डाटा अपडेट नहीं होने से अतिशेष शिक्षकों की सूची जारी नहीं की गई है। विभाग द्वारा 17 जुलाई को जारी सूची में 11 हजार 416 प्राथमिक शालाओं में 14 हजार 721 शिक्षक अतिशेष पाये गये हैं और 1634 माध्यमिक शालाओं में 3075 शिक्षक अतिशेष की श्रेणी में हैं। इन शिक्षकों को आपत्ति होने पर 19 जुलाई तक अपना पक्ष एजुकेशन पोर्टल पर प्रस्तुत करने का विकल्प दिया गया है। संविलियन युक्तियुक्तकरण के बाद क्यों ? वर्तमान में जो विद्यालय शिक्षक विहीन या एक शिक्षकीय हैं, उनमें सबसे पहले अध्यापकों की पद-स्थापना की जायेगी। युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों को ऐसे विद्यालयों, जहाँ उनकी संख्या छात्र संख्या के अनुपात में अधिक है, से उन विद्यालयों में भेजा जायेगा, जहाँ शिक्षक संख्या छात्र अनुपात में कम है। यह प्रक्रिया पूरे होने के बाद ही रिक्तियों की वास्तविक स्थिति पता चल सकेगी। संविलियन में स्थानीय निकाय से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का भी प्रावधान है। संविलियन के लिये यदि कोई निकाय अनापत्ति समय पर नहीं देता है तो उपलब्ध डाटाबेस के आधार पर डीम्ड परमिशन माना जा सकेगा।    

Dakhal News

Dakhal News 19 July 2017


राष्ट्रपति चुनाव मध्यप्रदेश विधानसभा

  मध्यप्रदेश विधानसभा में सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग हुई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, डिप्टी स्पीकर, नेता प्रतिपक्ष अजय‍ सिंह सहित कई मंत्रियों और विधायकों ने मतदान किया। सबसे पहले नरेंद्र सिंह कुशवाह ने वोट डाला। कांग्रेस के पर्यवेक्षक कृपाशंकर सिंह मतदान केंद्र के भीतर बैठे रहे। बसपा के बलवीर दंडोतिया ने डाला आखिरी वोट डाला, जिसके साथ प्रदेश में राष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग पूरी हो गई। शाम को प्लेन से मतपेटी दिल्ली भेजी जाएगी। मतदान करने वाले विधायकों को मतदान केंद्र में मोबाइल, पैन या अन्य कोई भी सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। राष्ट्रपति चुनाव के मतदान में दिवगंत विधायक प्रेम सिंह और डॉ. नरोत्तम मिश्रा को छोड़कर 228 विधायक शामिल हुए। एनडीए के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद को बीजेपी के अलावा मप्र के तीनों निर्दलीय प्रत्याशियों ने समर्थन दिया है तो उन्हें 168 एमएलए के 22 हजार 8 कीमत के वोट मिलने की उम्मीद है। मप्र के लोकसभा व राज्यसभा सदस्यों में से 33 सांसदों के 23 हजार 364 कीमत के वोट मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं यूपीए की राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी व पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को कांग्रेस के 56 अलावा बसपा के चार विधायकों का समर्थन है। मीरा कुमार को 60 विधायकों के 7 हजार 860 कीमत के वोट मिलने की संभावना है। इसी तरह मीरा कुमार को प्रदेश कांग्रेस के छह लोकसभा व राज्यसभा सदस्यों के 4 हजार 248 कीमत के वोट मिलने की उम्मीद है।    

Dakhal News

Dakhal News 17 July 2017


पटवारियों की भर्ती

किसानों के हित के लिये इस वर्ष से फसल गिरदावरी संबंधी जानकारी मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से संग्रहीत की जायेगी। इस मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से पटवारियों को उनके मोबाइल पर ही ग्राम के समस्त भूमि स्वामियों के सभी खसरों की जानकारी प्राप्त हो जायेगी। लगायी गयी फसल की जानकारी ग्राम से ही भरी जा सकेगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने समन्वय भवन में मोबाइल एप का शुभारंभ किया। श्री चौहान ने कहा कि राजस्व अमले की कमी पूरी करने के लिये जल्दी ही 10 हजार पटवारियों, 550 तलसीलदारों और 940 नायब तहसीलदारों की भर्ती की जायेगी। भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दे दिये गये हैं। उन्होंने राजस्व विभाग प्रमुख को पटवारियों की विभागीय पदोन्नति के संबंध में भी विचार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन को प्रभावी बनाने के लिये युद्ध स्तर पर काम करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने पटवारियों को सूचना प्रोद्योगिकी का उपयोग करने के लिये टेब खरीदने के लिये उनके खाते में आवश्यक राशि देने की घोषणा की। श्री चौहान ने कहा कि सरकार पूरी तरह से लोगों के प्रति जवाबदेह है। उन्होंने कहा कि बोनी के समय के आँकडों का शुद्ध रेकार्ड उपलब्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य देने के लिये हर संभव कदम उठाये जा रहे हैं। किसानों को समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य के अंतर के आधार पर आदर्श दर से भुगतान करने का नवाचारी प्रयोग भी किया जायेगा। मोबाइल एप से होने वाले लाभों की चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि राजस्व विभाग का यह क्रांतिकारी कदम भविष्य में बदलाव लायेगा। पारंपरिक बस्ते से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने एप संचालन के लिये एनआईसी का उपयोग करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि लोगों को राजस्व विभाग और इसके अमले से बहुत अपेक्षाएँ हैं। क्या है फसल गिरदावरी फसल गिरदावरी प्रतिवर्ष की जाने वाली एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। यह वर्ष में दो बार खरीफ और रबी सीजन की बुवाई के बाद की जाती है। इसे भू-अभिलेखों में दर्ज किया जाता है। यह कृषि सांख्यिकी एकत्रित करने की प्रक्रिया है। इसके आधार पर फसलों के क्षेत्रफल एवं उत्पादन संबंधी अनुमान की जानकारी तैयार की जाती है। कृषि वर्ष 1 जुलाई से प्रारंभ होकर 30 जून को समाप्त होता है। प्रथम खरीफ की फसलों तथा द्वितीय रबी की फसलों के आधार पर चालू वर्ष के खसरे में बोए गए क्षेत्रफल की फसल गिरदावरी के आधार पर दर्ज की जाती है। गिरदावरी जितनी सही और समय पर होगी, कृषि सांख्यिकी पूरी तरह से विश्वसनीय रहेगी। क्यों जरूरी है गिरदावरी फसल गिरदावरी के आधार पर ही खरीफ और रबी फसलों के बोए गए रकबे के आँकड़े प्राप्त होते हैं। उस आधार पर प्रमुख फसलों के उत्पादन व उत्पादकता अनुमान तथा राज्य एवं देश की कृषि दर निर्धारित की जाती है। फसल गिरदावरी कार्य से ही फसल पूर्वानुमान लगाया जाता है, जिससे फसल गिरदावरी को राजस्व खसरे के रकबे के आधार पर सांख्यिकी कार्य के लिये जानकारी शासन को प्रेषित की जाती है। यह जानकारी कई मामलों जैसे फसल बीमा, प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई, बैंक ऋण, योजनाओं के लाभ लेने आदि में महत्वपूर्ण होती है। मोबाईल एप्लीकेशन इस मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से पटवारियों को उनके मोबाइल पर ही ग्राम के समस्त भूमि स्वामियों के सभी खसरों की जानकारी प्राप्त हो जायेगी। जैसे ही भरी गयी जानकारी अपलोड की जायेगी, कृषक को उससे संबंधित खसरों में फसल गिरदावरी के अंतर्गत कौन सी जानकारी दर्ज की गयी है, यह सूचना एस.एम.एस. के माध्यम से भेजी जायेगी। इसमें एक पासकोड भी होगा। यदि कृषक, पटवारी द्वारा भरी गयी जानकारी से सहमत है, तो वह पासकोड पटवारी को बतायेगा। जब पटवारी द्वारा यह पासकोड एप्लीकेशन में डाला जायेगा तभी जानकारी को अंतिम माना जायेगा। यदि किसी कृषक के पास कोई मोबाइल नंबर नहीं है तो वह अपने पड़ोसी का नंबर भी एस.एम.एस. प्राप्त करने में उपयोग कर सकेगा। फसल की जानकारी के साथ ही अन्य पड़त भूमि, भूमि में लगे वृक्ष, मकान आदि की जानकारी भी एप्लीकेशन के माध्यम से दर्ज की जा सकेगी। प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरूण पांडे ने मोबाइल एप के बारे में जानकरी दी। इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अजीत केसरी उपस्थित थे। आयुक्त भू-अभिलेख श्री एन. के. अग्रवाल ने आभार माना।  

Dakhal News

Dakhal News 17 July 2017


ट्रैक्टर-ट्राली और ट्रक की टक्कर

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पिछले दिनों मुरैना जिले के बरौआ बायपास के पास हुई ट्रैक्टर-ट्राली और ट्रक की टक्कर में मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता की जायेगी। इस दुर्घटना में अलाहपुर और विषमपुरा के सात लोगों की मृत्यु हो गयी थी और बारह लोग घायल हो गये थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान से आज यहाँ मुख्यमंत्री निवास पर इस दुर्घटना से प्रभावित लोगों के परिजनों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस परिवार में केवल दो बेटियाँ बची हैं, उनकी नि:शुल्क शिक्षा और देखरेख की व्यवस्था की जायेगी। मृतकों के परिजनों के लिये रोजगार की व्यवस्था कराई जायेगी। उन्होंने राहत राशि तत्काल देने के निर्देश दिये। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य मंत्री श्री रूस्तम सिंह और विधायकगण उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 17 July 2017


राष्ट्रपति चुनाव

राष्ट्रपति पद के निर्वाचन के लिये 17 जुलाई को होने वाले मतदान के दौरान मतदाताओं (विधान सभा/संसद सदस्य) को मतदान-केन्द्रों के अंदर मोबाइल एवं कार्डलेस फोन और वायरलेस सेट इत्यादि ले जाने की अनुमति नहीं होगी। चुनाव आयोग ने यह बात अभ्यर्थियों, उनके प्रतिनिधि और मतदाताओं के ध्यान में लाने के निर्देश दिये हैं। भोपाल में मध्यप्रदेश विधान सभा भवन स्थिति समिति कक्ष क्रमांक-2 में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। मतदान परिसर के समीप इस प्रकार की व्यवस्था की जायेगी कि मतदाता यदि सेल्युलर फोन अपने साथ लाता है, तो मतदान-स्थल पर प्रवेश करने से पहले वह उसे वहाँ जमा करवा सके। वोट डालने के बाद फोन को वह वापस ले सकेगा। इस आशय की सूचना मतदान-स्थल के बाहर सूचना-पटल पर भी लगाये जाने के निर्देश दिये गये हैं। आयोग ने यह भी निर्देश दिये हैं कि प्रेक्षक सहित किसी भी अधिकारी को मतदान-स्थल के अंदर सेलफोन के प्रयोग की अनुमति नहीं दी जायेगी। रिटर्निंग ऑफिसर/सहायक रिटर्निंग ऑफिसर एक पूर्ण व्यवस्थित टेलीफोन लाइन सहित कंट्रोल-रूम की व्यवस्था की जायेगी। जब भी आयोग के अधिकारियों को उनसे और प्रेक्षक से सम्पर्क करना होगा, तो उन्हें इसके माध्यम से सूचित किया जा सकेगा। रिटर्निंग ऑफिसर/सहायक रिटर्निंग ऑफिसर और प्रेक्षक को आयोग से सम्पर्क करने की आवश्यकता होने पर वे मतदान-स्थल से बाहर आकर कंट्रोल-रूम का उपयोग कर सकेंगे। राष्ट्रपतीय निर्वाचन में मतदान की गोपनीयता बनाये रखने और मतगणना के समय मतदाता की पहचान की संभावना को छुपाने के उद्देश्य से आयोग ने मत चिन्हित करने में एकरूपता बनाये रखने के उपाय की व्यवस्था की है। पीठासीन अधिकारी या उसके द्वारा सम्यक रूप से प्राधिकृत किसी अधिकारी द्वारा जब किसी निर्वाचक (वोटर) को मत-पत्र दिया जायेगा, तो उसे मत-पत्र पर अपना अधिमान चिन्हित करने के लिये विशेष रूप से डिजाइन किया हुआ पेन दिया जायेगा। निर्वाचक को दिया गया पेन मत चिन्हित करने और उसे मत-पेटी में डालने के बाद दूसरे निर्वाचक को देने के लिये उससे वापस ले लिया जायेगा। इसके लिये आयोग ने अपेक्षित संख्या में बैंगनी (वायलेट) रंग की स्याही वाले पेन उपलब्ध करवाये हैं, ताकि सुनिश्चित हो सके कि अधिमान केवल बैंगनी स्याही में और उसी पेन से ही चिन्हित हों। किसी अन्य पेन, बॉल प्वाइंट पेन आदि से चिन्हित किसी भी मत-पत्र को राष्ट्रपतीय तथा उप राष्ट्रपतीय निर्वाचन नियम, 1974 के नियम-31 (एक) (घ) के अधीन निरस्त किया जा सकेगा।

Dakhal News

Dakhal News 15 July 2017


पचमढ़ी

भोपाल में मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में  हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में पचमढ़ी अभयारण्य से 11 ग्राम एवं नजूल के 395.939 हेक्टेयर क्षेत्र को अभयारण्य क्षेत्र से बाहर करने तथा अभयारण्य के शेष बचे 28 ग्रामों को अभयारण्य क्षेत्र में इनक्लोजर के रूप में रखने का निर्णय लिया गया। इन ग्रामों पर वन्य-प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के अभयारण्य से संबंधित प्रावधान लागू नहीं होंगे। मंत्रि-परिषद ने केंद्रीय जेल भोपाल के 8 विचाराधीन बंदियों के भागने की घटना की न्यायिक जाँच के लिए गठित जाँच आयोग के कार्यकाल में तीन माह की वृद्धि करने का निर्णय लिया । यह वृद्धि 7 अगस्त से 6 नवंबर 2017 तक की गई है। मंत्रि-परिषद ने राजधानी परियोजना प्रशासन के तहत 422 नियमित अस्थाई पद और कार्यभारित स्थापना के तहत 300 पद इस तरह कुल 722 पद 1 मार्च 2017 से आगामी 5 वर्ष के लिए निरंतर रखने की स्वीकृति दी। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में सामान्य पूल के आवासगृहों के निर्माण के लिए 220 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 में संशोधन के संबंध में समन्वय में दिये गये आदेश का अनुसमर्थन किया। स्कूल शिक्षा के महत्वपूर्ण निर्णय मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में शासकीय हाई /हायर सेकेण्डरी विद्यालयों में फर्नीचर और हायर सेकेण्डरी स्कूलों की प्रयोगशाला में आवश्यक सामग्री की पूर्ति करने की स्वीकृति दी। इसका क्रियान्वयन आगामी 3 वर्षों तक होगा। मंत्रि-परिषद ने कक्षा 9 से 12 के दिव्यांग बच्चों के लिए संभाग स्तर पर छात्रावास संचालन की स्वीकृति दी। योजना को आगामी 3 वर्ष तक संचालन की स्वीकृति मिली है। मंत्रि-परिषद ने शासकीय हाई/हायर सेकेण्डरी विद्यालय भवन में रेट्रोफिटिंग जैसे लैब, पुस्तकालय, खेलकूद कक्ष में आवश्यक कार्य, पार्टीशन, सायकल स्टेण्ड, शेड निर्माण, स्टेज निर्माण, मैदान निर्माण, बगीचा निर्माण, पेयजल व्यवस्था आदि के लिए नयी योजना स्वीकृत की। वर्ष 2017-18 में इस मद में 9.20 करोड़ तथा 3 वर्ष के लिए 43.7 करोड़ की राशि स्वीकृत की गईं। राजस्व निर्णय मंत्रि-परिषद ने भूमि-अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013-शासन के विभिन्न विभागों/उपक्रमों के लिए 'आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति' 12 नवंबर 2014 में संशोधन की मंजूरी दी। संशोधन के बाद कण्डिका 14 में क्रय की गई भूमियों के विक्रय विलेख के विषय में भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 एवं रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1908 के प्रावधान लागू होंगे। मंत्रि-परिषद ने 'शासकीय भूमि में से भूमिगत पाइप लाइन, केबल या डक्ट बिछाने के लिए अनुज्ञप्ति' विषयक नीति लागू करने की मंजूरी दी। निर्णय लिया गया कि विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूमिगत पाइप लाइन, केबल या डक्ट बिछाने के लिए निजी भूमियों का उपयोक्ता का अधिकार अर्जन किया जाता है और जहाँ इन कार्यों के लिए शासकीय भूमि की आवश्यकता होगी ऐसी भूमि परियोजना को लाइसेंस पर उपलब्ध करवाई जायेगी। मंत्रि-परिषद ने चुटका परमाणु विद्युत परियोजना के लिए न्यूक्लियर पॉवर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को मंडला और सिवनी जिले की शासकीय भूमि वर्तमान में प्रचलित कलेक्टर गाइड लाइन वर्ष 2017-18 के आधार पर प्रीमियम राशि और 7.5 प्रतिशत वार्षिक भू-भाटक लेकर आवंटन की मंजूरी दी।  

Dakhal News

Dakhal News 14 July 2017


gst madhyprdesh

जीएसटी जागरूकता कार्यशाला में वित्त मंत्री मलैया  एमपी के वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री  जयंत मलैया ने कहा है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ने काश्मीर से कन्याकुमारी तक देश का आर्थिक रूप से एकीकरण किया है। जीएसटी देश की आजादी के बाद आर्थिक क्षेत्र का सबसे बड़ा बदलाव है। इससे देश की तरक्की की रफ्तार को काफी गति मिलेगी। वित्त मंत्री श्री मलैया आज भोपाल के समन्वय भवन में जीएसटी जागरूकता कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता और सहकारिता राज्य मंत्री श्री विश्वास सारंग भी मौजूद थे। वित्त मंत्री श्री मलैया ने कहा कि जीएसटी एक राष्ट्र, एक कर और एक बाजार के उद्देश्य से लागू किया गया है। प्रदेश में एक जुलाई से वाणिज्यिक कर विभाग की 29 चौकी समाप्त हो गयी हैं। उन्होंने कहा कि पहले करीब 18 प्रकार के कर हुआ करते थे। अब इन सबको समाप्त कर एक कर जीएसटी लागू किया गया है। श्री मलैया ने कहा कि मध्यप्रदेश में पूर्व में वेट विधान में व्यवसायियों को पंजीयन लेने की सीमा 10 लाख रुपये वार्षिक टर्न-ओव्हर थी। जीएसटी विधान में यह 20 लाख रुपये वार्षिक टर्न-ओव्हर कर दी गयी है। इसके साथ ही 75 लाख रुपये तक के व्यापारियों को कंपोजिशन की सुविधा भी दी गयी है। जीएसटी कानून में छोटे व्यवसायियों को सुविधा देने के अधिक से अधिक प्रयास किये गये हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि बेरियर खत्म होने से सड़कों पर चलने वाले ट्रकों की रफ्तार तेज होगी। देश में जब बेरियर थे, तो ट्रकों में लगने वाले ईंधन में प्रतिवर्ष एक लाख 40 हजार करोड़ रुपये का अनावश्यक खर्च होता था। वित्त मंत्री ने कहा कि अमेरिका में मालवाहक ट्रक प्रतिदिन 800 किलोमीटर की दूरी तय करता है। जब बेरियर थे तब मालवाहक ट्रक देश में केवल 280 किलोमीटर प्रतिदिन की दूरी तय करते थे। अब मालवाहक ट्रकों की रफ्तार प्रतिदिन 350 से 400 किलोमीटर हो जायेगी। इससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आयेगी। जीएसटी के टैक्स स्लेब की चर्चा करते हुए श्री मलैया ने कहा कि जीएसटी में कर की 5 दरें 0, 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत हैं। केवल 19 प्रतिशत वस्तुएँ ऐसी हैं, जिन पर कर की दर उच्चतम अर्थात 28 प्रतिशत है। शेष 81 प्रतिशत वस्तुओं पर 18 प्रतिशत या उससे कम की दरें हैं। वित्त मंत्री श्री मलैया ने जीएसटी को देश के संघीय ढाँचे की बेहतर मिसाल बताया। राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि जीएसटी का निर्णय देश की तरक्की और आम जनता की भलाई के लिये लिया गया है। उन्होंने व्यापारियों से जीएसटी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने की सलाह दी। सहकारिता राज्य मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि जीएसटी को लागू करने का निर्णय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का साहसिक कदम है। इसके अच्छे प्रभाव आने वाले वर्षों में देखने को मिलेंगे। प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर श्री मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि देश के संविधान को बनाने के लिये जितनी चर्चा नहीं हुई थी, उससे ज्यादा जीएसटी कानून को बनाने के लिये हुई है। उन्होंने कहा कि जीएसटी कानून में लगातार चर्चा के बाद जनता के हितों को देखते हुए संशोधन किये जायेंगे। उन्होंने हाल ही में किसानों के हित में फर्टिलाइजर में जीएसटी की दर कम किये जाने का उल्लेख किया। कार्यशाला में वाणिज्यिक कर आयुक्त श्री राघवेन्द्र सिंह और सेंट्रल एक्साइज के चीफ कमिश्नर श्री हेमंत भट्ट ने जीएसटी के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला का संचालन वित्त मंत्री के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी श्री नितिन नांदगांवकर ने किया। कर सलाहकार श्री आर.एस. महेश्वरी ने व्यापारियों की समस्याओं का समाधान किया।  

Dakhal News

Dakhal News 13 July 2017


शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री  द्वारा नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में आईटीआई के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ रोजगार भी जरूरी है। आईटीआई में प्रशिक्षण की गुणवत्ता में वृद्धि की जा रही है ताकि प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण के बाद रोजगार प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि आईटीआई में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। राज्य सरकार द्वारा भी प्रशिक्षणार्थीयों के प्लेसमेंट की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वरोजगार के लिये ऋण की गारंटी राज्य सरकार देगी और 15 प्रतिशत सब्सिडी भी देगी तथा पांच साल तक पांच प्रतिशत ब्याज भी राज्य सरकार अदा करेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में 3 करोड़ 2 लाख रूपये लागत के अत्याधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण नवनिर्मित सिविल हॉस्पिटल भवन, 3 करोड़ 50 लाख रूपये लागत से नवनिर्मित आईटीआई भवन एवं 4 करोड़ 77 लाख रूपये लागत से नवनिर्मित शासकीय आवासों का लोकार्पण किया। किसानों को उपज का वाजिब मूल्य दिलाया जाएगा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अकोदिया मंडी में विशाल आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाया जाएगा। इससे किसानों की माली हालत मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवों को छठा वेतनमान देने का निर्णय लिया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के हितों का ध्यान भी सरकार रखेगी। श्री चौहान ने कहा कि समाज के हर वर्ग का कल्याण करना सरकार का लक्ष्य है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में हमने कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को हर हाल में शांति का टापू बनाए रखना है। श्री चौहान ने कहा कि जब तक मेरी सांसें चलेंगी, तब तक जनता जनार्दन की सेवा करता रहूंगा। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि प्रदेश के विकास में सहयोग करें। मुख्यमंत्री ने लोगों को संकल्प दिलाया कि हम सब मिलकर साथ चलें, मध्यप्रदेश को शांति का टापू बनाए रखें और प्रदेश को विकास की राह पर आगे ले जाएं। श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में अब जितनी भी भर्तियां होगी, उनमें 50 फ़ीसदी पदों पर महिलाओं की भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की धरती पर कोई भी आवासहीन बगैर जमीन के नहीं रहेगा। प्रदेश में 25 दिसंबर से आवासहीनों को पट्टे वितरित करने का अभियान प्रारंभ होगा। सभी आवासहीनों को जमीन का मालिक बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले 2 साल में 15 लाख मकान बनाकर गरीबों को दिए जाएंगे। प्रदेश में 15 अगस्त से किसानों को उनके खाते की नकल उनके घर जाकर देने का अभियान चलाया जाएगा। अविवादित नामांतरण का एक भी केस लंबित नहीं रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले एक माह में सभी अविवादित नामांतरण प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों की बिजली के बिलों की समस्या का समाधान भी किया जाएगा। जितनी अवधि की फसलें होंगी, उतनी अवधि का अस्थायी विद्युत कनेक्शन देने का प्रयास भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछले दस-ग्यारह सालों में सिंचाई का क्षेत्र काफी बढ़ा है। आज 40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो रही है। इस साल प्याज का बंपर उत्पादन हुआ है। सरकार ने आठ रुपए किलो प्याज की खरीदी की है। अकेले शाजापुर जिले में एक लाख 22 हजार मेट्रिक टन प्याज आठ रूपये प्रति किलो की दर पर खरीदा गया है। किसानों की मंडियों में भुगतान संबंधी समस्याओं का निराकरण भी सरकार कर रही है। अब मंडियों में जितनी राशि उपलब्ध होगी, उतना नगद भुगतान किया जावेगा और बाकी राशि आरटीजीएस के माध्यम से किसानों के खाते में अगले दिन तक जमा हो जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार मूंग, उड़द और अरहर समर्थन मूल्य पर खरीद रही है। सोयाबीन भी समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अकोदिया मंडी और शुजालपुर मंडी को विकास कार्यों के लिए एक-एक करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की अन्य समस्याओं का समाधान भी शीघ्र किया जायेगा। श्री चौहान ने काले हिरण की समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि सरकार इसके लिये एक प्रोजेक्ट बना रही है। जल्द ही इस समस्या का समाधान भी कर लिया जाएगा। प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कन्या पूजन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वच्छता अभियान में योगदान देने वाले उत्कृष्ट प्रेरकों को सम्मानित भी किया। शुजालपुर से सारंगपुर टू-लेन सड़क का लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शाजापुर जिले में अकोदिया में 110 करोड़ रूपये लागत से निर्मित शुजालपुर से सारंगपुर टू-लेन सड़क का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महाराणा प्रताप एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा का अनावरण एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यान का लोकार्पण किया। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में राष्ट्रीय संयोजक, स्वच्छ भारत अभियान श्री माखनसिंह चौहान, सांसद श्री नंदकुमारसिंह चौहान, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी श्री दीपक जोशी, सांसद श्री मनोहर ऊंटवाल, विधायक श्री जसवंतसिंह हाड़ा, श्री मुरलीधर पाटीदार, श्री अरूण भीमावद, श्री इन्दरसिंह परमार, श्री नरेन्द्रसिंह बैस, सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 13 July 2017


सतना-रीवा में हाई अलर्ट

मध्यप्रदेश के सतना और रीवा अंचल में तेज बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त है। मिली जानकारी के मुताबिक भारी बारिश के कारण सतना के बकिया बराज डेम के तेज गेट खोलकर 117 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं त्योंथर में टमस नदी का जलस्तर भी बढ़ जाने कारण अंदवा बांध से बेलन नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने निचले हिस्सों में रह रहे लोगों सतर्क रहने की सलाह दी है। सभी डेम से पानी छोड़ने के बाद सतना रीवा में बाढ़ आने की भी आशंका जताई जा रही है। इस संबंध में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। इधर सतना में माधवगढ़ नदी का जलस्तर बढ़ जाने से भी यातायात प्रभावित हो गया है। सतना में लगातार हो रही बारिश के कारण प्राइवेट स्कूलों ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर अवकाश दे दिया है। सतना-ऊँचेहरा मार्ग पर बारहा तिराहे के पास एक पुलिया तेज बारिश के कारण धंस गई है। पिछली बरसात में भी ये पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी। बदहाल हालत में भी इस पुलिया से बड़े वाहनों का आवाजाही लगातार बनी हुई है, ऐसे में कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।  

Dakhal News

Dakhal News 12 July 2017


महाकाल मंदिर

उज्जैन में महाकाल मंदिर की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रही बम स्क्वॉड की डॉग रानो को एक माह तक आहार में मांस-मछली देना बंद कर दिया गया है। सावन माह को देखते हुए उसकी डाइट में परिवर्तन किया गया है। अब उसे मटन की जगह डिब्बाबंद फूड खिलाया जा रहा है। दरअसल, रानो सावन मास में मंदिर में रोज तैनात रहती है, वहीं सवारी के दौरान भी वह जांच करती है। इस कारण यह निर्णय लिया गया है। स्क्वॉड के पास वर्तमान में चार डॉग हैं। इनमें रानो सहित जैक, देवा नामक लेब्राडोर डॉग व टॉमी नामक जर्मन शेफर्ड नस्ल का श्वान शामिल है। चारों की जिम्मेदारी शहर के महत्वपूर्ण स्थलों की जांच कर विस्फोटक पकड़ने की है। महाकाल मंदिर में सावन व सवारी निकलने के दौरान रानो को जांच के लिए लाया जाता है। इसके जिम्मेदारी आरक्षक सुनील परिहार के पास है। सुनील के अनुसार रानो 2013 से मंदिर की सुरक्षा संभाल रही है। उसकी रोजाना की डाइट में 750 एमएल दूध, 400 ग्राम चावल अथवा 500 ग्राम आटे की रोटियां सहित 400 ग्राम मटन शामिल रहता है। हालांकि सावन में मांस देना बंद कर दिया जाता है। इसके लिए पशु चिकित्सक से अनुमति ली जाती है। उसे फिलहाल डिब्बाबंद आहार दिया जा रहा है। श्रावण मास के बाद रानो की डाइट में मांस शामिल कर दिया जाएगा।

Dakhal News

Dakhal News 12 July 2017


mp प्रशासनिक सेवा

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य प्रशासनिक सेवा जनता की सेवा का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस सेवा में लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं और लोक सेवाओं के प्रदाय के प्रति सचेत और संवेदनशील बने रहना आवश्यक है।  श्री चौहान आज मंत्रालय में राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशासन के क्षेत्र में काम करने और सफल होने की समझाईश दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे जनता के लिये हमेशा उपलब्ध रहें और निर्विकार भाव से उनकी सेवा करें। उन्होंने कहा कि सेवा तभी हो सकती है जब सेवाभाव अंतर्मन से उपजे। बलपूर्वक सेवा नहीं की जा सकती। श्री चौहान ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में काम करते हुये यह अनुभव होगा कि लोक ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को सलाह दी कि जब लोकतंत्र में लोक सर्वोपरि है तो लोगों के प्रतिनिधियों को भी बराबर का सम्मान दें। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रशासनिक अंगों के बीच समन्वय और सहयोग स्थापित करना अच्छे प्रशासक की निशानी है। इससे प्रशासन के सभी अंग एक साथ, एक उददेश्य के लिये प्रभावी रूप से कार्य संपादित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों की बुनियाद मजबूत होना जरूरी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अधिकारियों को समय प्रबंधन के प्रति सजग और सचेत रहने की सलाह देते हुये कहा कि प्रत्येक क्षण लोगों के कल्याण में बीते तो सुशासन की स्थापना करने में समय नहीं लगता। उन्होंने अधिकारियों का आव्हान किया कि पूरी प्रतिबद्धता, लगन और मेहनत के साथ प्रदेश को आगे बढ़ायें। अपनी सकारात्मक ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग करें। इस अवसर पर प्रशासनिक अकादमी की महानिदेशक श्रीमती कंचन जैन, सचिव मुख्यमंत्री श्री विवेक अग्रवाल एवं अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 11 July 2017


गौ-शाला

    एमपी  में अब नई गौ-शालाओं का पंजीयन करने के लिये उनके पास कम से कम 100 गौ-धन, भूमि, भवन और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्य होगी। गौ-शाला समिति की कम से कम एक एकड़ की अपने स्वामित्व की भूमि होना चाहिये। इस आशय का निर्णय आज मंत्रालय में मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश पशुधन एवं गौ-संवर्धन बोर्ड की बैठक में लिया गया। बैठक में बोर्ड का नाम मध्यप्रदेश गौ-पालन एवं गौ-संवर्धन बोर्ड रखने का भी निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भारतीय गायों के महत्व पर अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला करने के निर्देश दिये। इसके जरिये भारतीय गायों के संबंध में विभिन्न देशों में हो रहे अनुसंधान की जानकारी सबको सर्वसुलभ हो सकेगी। उन्होंने गोबर-खाद और गौ-मूत्र से बने कीटनाशकों का अधिकाधिक उपयोग करने की जैविक खेती करने वाले किसानों को प्रेरित करने के लिये कार्य-योजना बनाने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की गौ-शालाओं में 1.41 लाख गौ-वंश का पालन किया जा रहा है। बैठक में बोर्ड का बजट बढ़ाने, आय का स्रोत बढ़ाने, गौ-अभयारण्य अनुसंधान एवं उत्पादन केन्द्र सुसनेर के प्रबंधन संबंधी विषयों पर चर्चा हुई। इसके अलावा बोर्ड के कामों में विशेषज्ञों का सलाहकार मंडल बनाने, जैविक खाद की विपणन नीति तैयार करने, पशु चिकित्सक विज्ञान की स्नातकोत्तर की शिक्षा में देशी गौ-वंश पर अनुसंधान के लिये छात्रवृत्ति देने जैसे प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में पशुपालन मंत्री श्री अंतरसिंह आर्य, बोर्ड के उपाध्यक्ष स्वामी श्री अखिलेश्वरानंद महाराज, बोर्ड के सदस्य, ग्रामीण विकास के अपर मुख्य सचिव श्री राधेश्याम जुलानिया, अपर मुख्य सचिव गृह श्री के.के. सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीना, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री राकेश श्रीवास्तव एवं संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 11 July 2017


मंत्री उमाशंकर गुप्ता

   राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने सुबह काटजू और जे.पी. हास्पिटल में मरीजों की समस्याएँ सुनीं। श्री गुप्ता ने काटजू हास्पिटल में मरीजों की लम्बी लाइन होने पर उनके बैठने की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। जे.पी. हास्पिटल में एक मरीज ने कहा कि दवाई लेने के लिए देर तक खड़े रहना पड़ता है, यहाँ बेंच रखवाने के साथ ही एक और विंडो में दवाई का वितरण करवाया जाये। श्री गुप्ता ने आवश्यकतानुसार सुविधा उपलब्ध करवाने की बात कही। उन्होंने कहा कि हास्पिटल की समस्याओं के निराकरण के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा विभागीय अधिकारियों से भी चर्चा की है। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 10 July 2017


ias op rawat

"सहकारिता में निर्वाचन की विधि और प्रक्रिया" संगोष्ठी में चुनाव आयुक्त श्री ओ.पी. रावत  भारत के निर्वाचन आयुक्त  ओ.पी. रावत के अनुसार प्रजातांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचन एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। सहकारिता भी प्रजातांत्रिक व्यवस्था का ही एक अंग है। सहकारिता में निर्वाचन को पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाना समय की जरूरत है। श्री रावत आज अपेक्स बैंक के समन्वय भवन में सहकारी विचार मंच एवं मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक्स के तत्वावधान में 'सहकारिता में निर्वाचन की विधि और प्रक्रिया' संगोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे। श्री रावत ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। यहाँ 85 करोड़ मतदाताओं के लिये निर्वाचन की व्यवस्था की जाती है। भारत निर्वाचन आयोग का प्रयास रहता है कि देश में पारदर्शी, निष्पक्ष एंव समय पर निर्वाचन की व्यवस्था कर मतदाताओं का लोकतांत्रिक प्रणाली में विश्वास बनाये रखे। श्री रावत ने कहा कि निरन्तर नवीन प्रयासों से निर्वाचन व्यवस्था को श्रेष्ठ बनाने का कार्य आयोग करता है। श्री रावत ने उपस्थित श्रोताओं की निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधन भी किया। प्रदेश की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती सलीना सिंह ने प्रदेश में निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव के बारे में जानकारी दी। राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी श्री प्रभात पाराशर ने राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी के विधिक प्रावधानों एवं सहकारी संस्थाओं में निर्वाचन की प्रगति से अवगत करवाया। सहकारिता आयुक्त श्री कविन्द्र कियावत ने बताया कि प्रदेश में सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी की व्यवस्था लागू होने के बाद सहकारी संस्थाओं के निर्वाचन समय पर करवाया जाना संभव हुआ है। सहकारिता विभाग पूरा सहयोग निर्वाचन प्राधिकारी को प्रदान करेगा। विगत 3-4 माह में लगभग 7000 संस्था के निर्वाचन प्रस्ताव तैयार करवाये गये हैं। भविष्य में यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। संगोष्ठी को लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक श्री जव्वाद हसन और वरिष्ठ जन-कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री वी.जी. धर्माधिकारी ने भी संबोधित किया। प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक श्री प्रदीप नीखरा ने आभार माना।  

Dakhal News

Dakhal News 9 July 2017


महिला किसान

    मध्य प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिये पिछले वर्ष महिला कृषकों के 1038 स्व-सहायता समूह गठित किये गये। इन समूहों में महिला कृषकों के 437 अंतर्जिला प्रशिक्षण भी आयोजित किये गये। इसके अलावा 1555 महिला कृषकों को कृषि की उन्नत तकनीक अपनाने के लिये प्रशिक्षण दिलवाया गया। इस योजना पर पिछले वर्ष 4.50 करोड़ की राशि व्यय की गयी। इस वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिये 6 करोड़ रुपये की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है। मध्यप्रदेश में कृषि के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के मकसद से किसान कल्‍याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा योजना शुरू की गयी है। योजना का उद्देश्य प्रदेश में महिला कृषकों के जीवन-यापन स्तर में सुधार लाना है। महिला कृषकों को कृषि की कम लागत की तकनीक चुनने, उसे समझने और अपनाने के योग्य बनाना भी है।  

Dakhal News

Dakhal News 8 July 2017


ias surbhi

भोपाल में एमपी के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने सतना जिले की मैहर तहसील के ग्राम अमदरा की सुश्री सुरभि गौतम को आई.ए.एस. में चयनित होने पर बधाई एवं शुभकामनाएँ दी है। श्री शुक्ल ने कहा कि सुश्री सुरभि ने ग्राम अमदरा और विन्ध्य के साथ ही प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सुश्री सुरभि ने साबित कर दिया है कि ग्रामीण परिवेश में रहकर भी ऊँचाईयों पर पहुँचा जा सकता है।  

Dakhal News

Dakhal News 7 July 2017


उमाशंकर गुप्ता

  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणानुसार किसानों को खसरा-खतौनी की नकल नि:शुल्क दी जायेगी। इसकी शुरूआत 15 अगस्त से की जायेगी। आगामी 2 अक्टूबर तक सभी किसानों को खसरा-खतौनी की नकल उपलब्ध करवाने के निर्देश सीएम शिवराज सिंह ने कलेक्टर्स को दिये गए हैं। राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने जानकारी दी है कि इस कार्य के लिए सभी जिलों को बजट आवंटित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिन जिलों में एन.आई.सी. का साफ्टवेयर लागू है, उनमें नकल तहसीलदार के हस्ताक्षर से जारी की जायेंगी। जिन जिलों में वेब बेस्ड जी.आई.एस. एप्लीकेशन लागू है, उनमें डिजिटल हस्ताक्षरित प्रतिलिपियाँ दी जायेंगी। कार्यवाही की माँनीटरिंग आयुक्त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त द्वारा की जायेगी। नकल प्राप्ति की पावती भी किसान से ली जायेगी। संबधित ग्राम के सरपंच के भी पंजी पर हस्ताक्षर लिये जायेंगे।

Dakhal News

Dakhal News 6 July 2017


दमोह में फेरों के तत्काल बाद रोपे पौधे

नर्मदा बेसिन क्षेत्र में महा वृक्षारोपण के सरकार के संकल्‍प से प्रेरित होकर 2 जुलाई को हुए सामुहिक विवाह कार्यक्रम में परिणय-बंधन में बँधे वर-वधु सात फेरों के बाद वृक्षारोपण में शामिल होने से अपने को रोक नहीं पाये। मौका था दमोह के जटाशंकर धाम में मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम जिसमें 70 जोड़ों में एक निःशक्त और एक विधवा ने भी नव दाम्पत्य जीवन में प्रवेश किया। दीनदयाल पार्क में पौधारोपण कर वर-वधु दोनों ही खुश नजर आये। यह शायद पहला मौका था जब वर-वधुओं ने फेरों के तत्काल बाद पौधारोपण किया।  पौधे लगाने वाले दम्पत्तियों में प्रमुख रूप से श्री बबलू-नन्नी, श्री दौलत-उमा, श्री दुर्गा-राधा, श्री मोहन-दसोदा और श्री अरविन्द-आरती शामिल थे। इन नव दम्पत्तियों के अनुसार मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वृहद पौधा रोपण का जो अभियान चलाया है, वह सराहनीय है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के इस कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त, वाणिज्यिक कर मंत्री जयंत कुमार मलैया भी शामिल हुए। श्री मलैया ने नव दम्पत्तियों द्वारा पौधारोपण की प्रशंसा कर उन्हें शुभकामनाएँ दी। साम्प्रदायिक सदभाव भी दिखा पौध रोपण में जबलपुर के लम्हेटाघाट में हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई समुदाय के लोगों ने पूरे उत्साह के साथ पौधा-रोपण में सहभागिता की। इस प्रकार पौधारोपण साम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक भी बना। इसी तरह कटनी जिले की बहोरीबंद तहसील के परिसर में अपने पिता द्वारा पौधों का महत्व बताने से प्रेरित 6 वर्षीय आयुष सिंह (नानू) ने भी अपने पिता श्री अजय सिंह के साथ पौधा रोपा। बच्चियों ने दिया पर्यावरण बचाने का संदेश इंदौर जिले की देवगुराड़िया पहाड़ी पर मूसाखेड़ी में रहने वाली दो बहनों कंचन एवं रूचि चौरसिया ने अपनी मम्मी के साथ इधर-उधर बिखरी हुई पॉलीथिन की थैलियाँ एकत्रित कर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।। बुरहानपुर जिले के ग्राम पिपराना में सेवा सदन स्कूल के विद्यार्थी बस में स्वयं गेंती, फावड़े और पौधे रखकर ले गये और उत्साहपूर्वक पौधे लगायें। पौध रोपण वाले प्रत्येक गाँव को एक स्कूल द्वारा गोद लिया गया। एसडीएम ने किया बच्ची के मान का सम्मान बड़वानी जिले की रोसेश्वर पहाड़ी पर एसडीएम राजपुर श्रीमती रिजू बाफना ने महिला श्रमिक की छोटी बच्ची की इच्छा का सम्मान करते हुए उसके साथ मिलकर पौधा रोपण किया। पहाड़ी पर पौधरोपण करने वालों में कक्षा पाँचवीं में पढ़ने वाली जुड़वा बहने कुमारी रीना एवं कुमारी टीना पटेल भी सम्मिलित थी। इन बच्चियों ने अपने पिता श्री ओम प्रकाश पटेल के साथ आकर पौधा रोपण किया। इस पहाड़ी पर पौधा लगाने वाले विद्यार्थी को ग्रीन पासपोर्ट का वितरण भी कलेक्टर द्वारा किया गया। इस ग्रीन पासपोर्ट में जहाँ विद्यार्थी की समुचित जानकारी दर्ज करने का स्थान नियत है वहीं उसके द्वारा लगाए गए पौधों की फोटो भी लगाने की व्यवस्था है। इस पासपोर्ट में विद्यार्थी अपने लगाये गये पौधे की सचित्र जानकारी अगले 20 साल तक की दर्ज कर सकता है। दादी की याद में लगाया पौधा इसी जिले के साकेत इंटरनेशनल स्कूल, अंजड़ में कक्षा 8वीं में पढ़ने वाली छात्रा कुमारी भूमिका व्यास ने अपनी दादी श्रीमती विमलादेवी व्यास की याद में पौधा लगाया। उसने प्रण लिया कि दादी को तो वह नहीं बचा पाई किन्तु अपनी दादी की याद में पौधे को अवश्य बचाकर बढ़ा करेगी। सहरिया आदिवासियों ने भी लगाये पौधे दतिया जिले के भाण्डेर विकासखण्ड के ग्राम नोवई में सहरिया आदिवासियों ने आँवले के पौधे लगाकर उनके पालन-पोषण एवं रखवाली की शपथ ली।  

Dakhal News

Dakhal News 6 July 2017


shivraj singh

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सुशासन से आमजनों को सेवाओं का लाभ समय से मिले, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। आमजनों को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिये परेशान नहीं होना पड़े। उन्हें लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय सीमा में सेवाओं का प्रदाय हो, यह सुनिश्चित किया जाये। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज यहां समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम के तहत कलेक्टरों को यह निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि समय पर आम जनता के काम होना चाहिए। राजस्व प्रकरण के निराकरण पर विशेष ध्यान दें। खसरे की नकलें किसानों तक पहुंचाने का अभियान सभी जिलों में पारदर्शी तरीके से चलायें। समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, मसूर की खरीदी पूरी संवेदना के साथ हो। विभिन्न योजनाओं में हितग्राहियों के बैंक खाते में भुगतान करने की सूचना समय से मिले, इसकी व्यवस्था बनायें। शासकीय मंदिरों के पुजारियों को मानदेय का भुगतान समय से हो, यह सुनिश्चित किया जाये। आकाश और बादल को पच्चीस-पच्चीस हजार रुपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज समाधान ऑन लाईन के दौरान हरदा जिले ग्राम बड़झिरी नेत्रहीन दंपत्ति श्री जयराम और ललिता के बेटों आकाश और बादल के लिये मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से पच्चीस-पच्चीस हजार रुपये की राशि स्वीकृत की। हरदा जिले के जयराम ने शिकायत की थी कि उन्होंने सामूहिक विवाह में शादी की है परन्तु उन्हें मुख्यमंत्री विवाह सहायता और विकलांग विवाह प्रोत्साहन योजना की राशि नहीं मिली है। इस पर कलेक्टर हरदा ने जानकारी दी कि इनकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुये उन्हें 63 हजार रुपये की राशि दी जा चुकी है। जब जयराम ने बताया कि उनके दो बेटे बादल और आकाश हो गये हैं। तब मुख्यमंत्री ने इन दोनों बच्चों के लिये सहायता राशि स्वीकृत की। समाधान ऑनलाइन के तहत आज ग्यारह हितग्राहियों की शिकायतों का निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिये। कटनी जिले के ग्राम कटौह के श्री दर्शनलाल चौधरी द्वारा इन्दिरा आवास योजना की प्रथम किश्त देर से मिलने और दूसरी किश्त का भुगतान नहीं होने के प्रकरण में मुख्यमंत्री ने संबंधित जनपद पंचायत रीठी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निलंबित करने तथा पूरे प्रकरण की जांच करने के निर्देश दिये। रतलाम जिले की ग्राम पंचायत बिरमावल के सरपंच श्री कन्हैयालाल द्वारा कराये गये कार्यों का भुगतान नहीं मिलने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने जनपद पंचायत रतलाम के संबंधित सहायक यंत्री, उपयंत्री, सहायक लेखाधिकारी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निलंबित करने और जांच करने के निर्देश दिये। सागर जिले के ग्राम इटवा में वन विभाग द्वारा तालाब निर्माण, पिचिंग और कूप निर्माण का कार्य होने के बाद भी आवेदकों को भुगतान नहीं मिलने की शिकायत पर संबंधित रेंजर और वनरक्षक को निलम्बित करने के निर्देश दिये। समाधान ऑनलाइन में आज शिवपुरी जिले के ग्राम सिलपुरा के श्री विश्वनाथ पाल की पत्नी को दुर्घटना में विकलांग होने पर सहायता राशि प्राप्त नहीं होने, दमोह जिले के ग्राम सासा के श्री रामसेवक घोषी की भूमि शासकीय अभिलेख में अंकित होने संबंधी, सीहोर जिले के ग्राम नजरगंज की श्रीमती कमला भूतिया के पति की मृत्यु के बाद मीसाबंदी पेंशन नहीं मिलने, हरदा जिले के ग्राम बड़झिरी के श्री जयराम को विकलांग विवाह प्रोत्साहन की राशि नहीं मिलने, सतना जिले के ग्राम मउहट श्रीमती गुलबसिया पटेल को प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृत राशि नहीं मिलने, देवास जिले के ग्राम बेडगांव के श्री गबू मनसौरे की पत्नी की मृत्यु के बाद बीमा राशि नहीं मिलने, इन्दौर जिले के ग्राम भालौदा के श्री संतोष शर्मा और ग्राम बलधारा के श्री सोहन उपाध्याय के पुजारी का मानदेय नहीं मिलने की और बालाघाट जिले ग्राम कारंजा के श्री झामसिंह नाईक को नलकूप खनन योजना की राशि दूसरे खाते में जाने की शिकायत का निराकरण किया गया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को बधाई इस दौरान सीएम हेल्प लाईन की संशोधित ग्रेडिंग प्रणाली के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया गया। सीएम हेल्प लाईन की शिकायतों के निराकरण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों, जिला पंचायतों और नगर निगमों को मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बधाई दी। बताया गया कि सीएम हेल्प लाईन की शिकायतों के निराकरण में नरसिंहपुर, इन्दौर, होशंगाबाद, मंदसौर और बालाघाट जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। झाबुआ, बुरहानपुर, नरसिंहपुर, जबलपुर और होशंगाबाद जिला पंचायतों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। रीवा, भोपाल, छिंदवाड़ा, इन्दौर और उज्जैन नगर निगमों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। समाधान ऑनलाइन के तहत संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 5 July 2017


मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की 34वीं बैठक आज मंत्रालय में संपन्न हुई। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निगम द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सड़कों के रख-रखाव की कार्ययोजना बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि वर्षा ऋतु से पूर्व सभी सड़कों का निरीक्षण करवा लिया जाए। वर्षा ऋतु में जिन सड़कों के खराब होने की आशंका हो, उसका समय रहते मरम्मत कार्य पूर्ण करवाया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में बीओटी अंतर्गत निर्मित प्रथम सड़क इंदौर- इच्छापुर के रख-रखाव के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उनको बताया गया कि 201 किलोमीटर लंबाई की सड़क का डामरीकरण किया जाएगा। विभाग द्वारा मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया गया की सड़कों को चालू रखने संबंधी कार्य किए जा रहे हैं। पेंच रिपेयर का कार्य निरंतर जारी रहेगा। सागर-जबलपुर मार्ग पूर्ण हो गया है। जबलपुर से सागर मात्र 2 घंटे की यात्रा हो गई है। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2016-17 के दौरान 543 करोड़ रुपये व्यय कर 257 किलोमीटर लंबे राज्य राजमार्गों का निर्माण कार्य पूरा हुआ है। इसी तरह 983 करोड़ रुपए व्यय कर 460 किलोमीटर लंबे मुख्य जिला मार्गों का भी निर्माण पूर्ण हुआ है। वर्ष 2017-18 के दौरान 1613 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण पूर्ण होगा। इन कार्यों पर 3,757 करोड़ रुपए व्यय होंगे। एडीबी परियोजना-5 के अंतर्गत कुल 1456 किलोमीटर लंबाई की सड़कें निर्माणाधीन है। निर्माण पर 2,328 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। एनडीबी परियोजनाओं के अंतर्गत 1640 किलोमीटर लंबी सड़कें निर्माणाधीन हैं जिन पर कुल 3,093 करोड़ रुपए व्यय होंगे। एडीबी छठी परियोजना के अंतर्गत 2200 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है। इस कार्य पर 4,657 करोड़ रुपए व्यय होंगे। इसी तरह एडीबी सातवीं परियोजना में 1663 करोड़ रुपए की 800 किलोमीटर लंबी सड़कों के निर्माण की योजना है। बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव वन श्री दीपक खांडेकर, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग श्री प्रमोद अग्रवाल, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम श्री मनीष रस्तोगी, सचिव खनिज विभाग श्री मनोहर दुबे भी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 5 July 2017


मिल बांचे मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बच्चों में पुस्तकें पढ़ने के प्रति रूझान पैदा करने के लिये समाज की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी। इसके लिये मिल बांचे कार्यक्रम को जन-अभियान का स्वरूप दिया जायेगा। मुख्यमंत्री आज मिल बांचे कार्यक्रम की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को साइकिल वितरण की तैयारी का भी जायजा लिया और अधिकारियों को शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मिल बांचे कार्यक्रम से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में भी समाज का सहयोग लिया जाये। इसके लिये प्रदेश में 26 अगस्त को शाला प्रबंधन समिति की विशेष बैठकें होगी। श्री चौहान ने विद्यार्थियों को साइकिल वितरण की तैयारियों का जायजा लेते हुये वितरण कार्यवाही शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि प्रणाम पाठशाला कार्यक्रम के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति शाला के लिये आवश्यक सामग्री उपहार स्वरूप भेंटकर सकता है। मिल बांचे कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित होगा। एक स्कूल चले हम कार्यक्रम के साथ और दूसरा शिक्षा सत्र के बीच में। इसमें कोई भी व्यक्ति सहभागी बन सकता है। इसके लिये वालिंटियर के रूप में पंजीयन कराना होगा। इस दौरान बताया गया इस वर्ष सात लाख से ज्यादा साइकिलें विद्यार्थियों को वितरित की जायेंगी। इनकी खरीदी के टेंडर की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री विजय शाह, शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक वर्णवाल, सचिव शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी, सचिव मुख्यमंत्री श्री हरिरंजन राव आदि अधिकारीगण उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 5 July 2017


 शिवराज सिंह चौहान

परिलब्धियों में 14 प्रतिशत वृद्धि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में राज्य शासन के शासकीय सेवकों को एक जनवरी, 2016 से पुनरीक्षित वेतनमान स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया। पुनरीक्षित वेतनमान में वेतन निर्धारण करने पर शासकीय सेवक की परिलब्धियों में लगभग 14 प्रतिशत की वृद्धि होगी। दिनांक एक जनवरी, 2016 से वेतन पुनरीक्षण के परिणामस्वरूप 30 जून 2017 तक की अवधि के बकाया स्वत्वों का समान तीन वार्षिक किश्तों में (प्रतिवर्ष मई माह में) वर्ष 2018-19 से भुगतान किया जायेगा। एक जनवरी 2016 से 30 जून 2017 के मध्य सेवानिवृत्त/मृत शासकीय सेवकों को एरियर्स की राशि का एकमुश्त भुगतान किया जायेगा। ऐसे शासकीय सेवक जिनकी सेवानिवृत्ति/मृत्यु 30 जून, 2017 के बाद होती है, तो शेष एरियर्स की किश्तों का एकमुश्त भुगतान किया जायेगा। एक जनवरी, 2016 के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को पुनरीक्षित वेतनमान में प्राप्त अंतिम वेतन के आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1976 में वर्णित प्रावधानों के अनुसार पेंशन निर्धारण किया जायेगा। उक्त दिनांक एवं इसके बाद सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को इस नियम के तहत देय मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपादान की अधिकतम सीमा 20 लाख रूपये रखी जायेगी। पेंशन सरांशिकरण, अवकाश नगदीकरण, परिवार पेंशन के वर्तमान प्रावधानों को यथावत रखा जायेगा। वृद्धों को प्राप्त अतिरिक्त पेंशन को छोड़कर न्यूनतम पेंशन एवं परिवार पेंशन की मासिक राशि 7750 रूपये रखी गयी है। पेंशन/परिवार पेंशन की अधिकतम सीमा पुनरीक्षित वेतनमान में प्राप्त अधिकतम वेतन का क्रमश: 50 एवं 30 प्रतिशत रखा जायेगा। सातवें वेतनमान में वेतन निर्धारण के परिणामस्वरूप एक जुलाई 2016 से 2 प्रतिशत एवं दिनांक एक जनवरी, 2017 से 2 प्रतिशत इस तरह कुल 4 प्रतिशत की दर से महँगाई भत्ता देय होगा। यात्रा भत्ता, गृह भाड़ा भत्ता, परियोजना भत्ता, अनुसूचित क्षेत्र, प्रतिनियुक्ति वेतन आदि भत्ते एवं सुविधाएँ जो मूल वेतन से जुड़ी हैं, पूर्व वेतनमानों में देय वेतन के आधार पर ही देय होगी। इनके पुनरीक्षण के लिये पृथक से निर्णय लिया जायेगा। वेतन निर्धारण करने पर लगभग 3828 करोड़ का वार्षिक व्यय भार संभावित है। वर्ष 2017-18 में सातवें वेतनमान से 2552 करोड़ का अतिरिक्त व्यय भार आयेगा। वेतन पुनरीक्षण के एरियर्स के भुगतान पर 5742 करोड़ का व्यय भार संभावित है। पीडब्ल्यूडी में नये मापदण्डों का अनुमोदन मंत्रि-परिषद ने वित्त विभाग द्वारा जारी पत्र 31 मार्च, 2017 की कंडिका 4(अ) अनुसार लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत कार्यालय भवन, रेस्ट हाऊस, सर्किट हाऊस एवं कर्मचारियों के लिये आवास गृहों के निर्माण के लिए मापदण्डों का अनुमोदन किया। इसी प्रकार वृहद पुलों के निर्माण की योजना, मुख्य जिला मार्गों के उन्नयन, केन्द्रीय सड़क निधि एवं अंतर्राज्यीय/आर्थिक महत्व की सड़कों के निर्माण, सड़क विकास निगम के माध्यम से नगद अनुबंध पद्धति पर आधारित नगद अनुबंध के आधार पर राज्य राजमार्गों, महत्वपूर्ण मुख्य जिला मार्गों का निर्माण और ग्रामीण सड़कों सहित न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम योजना के अंतर्गत राज्य की महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़कों के नव-निर्माण के लिये मापदण्डों का अनुमोदन किया गया। शिक्षा के विभिन्न निर्णय मंत्रि-परिषद ने नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत गैर अनुदान मान्यता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों की प्रथम प्रवेशित कक्षा में नि:शुल्क प्रवेश की प्रक्रिया में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में वंचित समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों के लिये वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के लिये फीस प्रतिपूर्ति की राशि के वर्षवार प्रस्तावित व्यय रूपये 1706.91 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति दी। मंत्रि-परिषद ने कक्षा 12वीं में अध्ययनरत ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने माध्यमिक शिक्षा मण्डल की 12वीं की परीक्षा 85 प्रतिशत तथा अजा, अजजा, विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति के ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने 75 प्रतिशत या इससे अधिक अंकों से उत्तीर्ण की हो, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप लेपटॉप प्रदान किये जाने के संबंध में प्रचलित योजना को वर्ष 2017-18 से शुरू कर आगामी 3 वर्षों तक संचालित करने की सहमति दी। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लेपटॉप प्रदाय योजना के 3 वर्षों के संचालन एवं अनुमानित व्यय राशि 177 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक सहमति दी गयी। मंत्रि-परिषद ने सर्वशिक्षा अभियान योजना का उसकी उपलब्धि के चलते वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 में संचालन तथा निरंतरता की सैद्धांतिक सहमति दी। मंत्रि-परिषद ने केन्द्र प्रवर्तित राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के क्रियान्वयन के लिये आगामी तीन वर्षों में 2047 करोड़ 47 लाख रूपये की अनुमति दी। लालबर्रा समूह जल प्रदाय योजना मंत्रि-परिषद ने बालाघाट जिले की लालबर्रा समूह जल प्रदाय योजना की 157 करोड़ 63 लाख की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी। इस योजना से लालबर्रा विकासखण्ड के 101 ग्राम में नल-जल के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। सरदार सरोवर परियोजना मंत्रि-परिषद ने सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को डूब क्षेत्र 31 जुलाई, 2017 के पूर्व खाली करने के लिये सरदार सरोवर पैकेज का अनुसमर्थन किया।

Dakhal News

Dakhal News 4 July 2017


शिवराज  सिंगापुर

एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान से काउंसलेट जनरल ऑफ द रिपब्लिक ऑफ सिंगापुर श्री अजीत सिंह और आई.टी.ई.एस. सिंगापुर के श्री ब्रूस पो ने आज भेंट की। भेंट के दौरान ग्लोबल स्किल पार्क के संबंध में चर्चा हुई। बैठक का आयोजन आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में किया गया था। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्लोबल स्किल पार्क का निर्माण उनका सपना है। उनके दिल से जुड़ी परियोजना है। उन्होंने परियोजना को साकार रूप देने में आई.टी.ई.एस. सिंगापुर के सहयोग के लिये आभार ज्ञापित किया। विश्वास व्यक्त किया कि उनके सहयोग से पार्क सर्वश्रेष्ठ संस्था के रूप में विकसित होगा। उन्होंने सिंगापुर की दो यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि सिंगापुर की हर यात्रा से उन्हें कुछ नया करने की प्रेरणा मिली है। प्रथम यात्रा के दौरान उन्हें सेंटोसा ने अत्यधिक प्रभावित किया था। उसी अनुरूप प्रदेश में हनुवंतिया टापू का पर्यटन केन्द्र के रूप में विकास किया है, क्योंकि पर्यटन से रोजगार के नये अवसर बनते हैं। दूसरी यात्रा के दौरान ग्लोबल स्किल सेंटर देखकर, उन्हें स्किल्स पार्क की प्रेरणा मिली। श्री चौहान ने कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क अंतर्राष्ट्रीय जरूरतों के अनुसार बने जिसमें प्रशिक्षण की सभी विश्व-स्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान समय की जरूरतों के अनुसार तेजी से आगे बढ़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश की बड़ी आबादी को कुशल बनाकर देश-दुनिया में रोजगार के नये अवसर उपलब्ध करवाने का प्रयास है। इससे दुनिया में कुशल श्रम की आवश्यकता की पूर्ति होगी। प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नये अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि स्किल्स पार्क से प्रशिक्षित युवाओं का हुनर अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार हो, इसके लिये विशेषज्ञ प्रशिक्षण सेवा प्रदाय कार्य में सभी संस्थाओं के लिये संस्थान के द्वार खुले रहेंगे। काउंसलेट जनरल श्री अजीत सिंह ने कहा कि विकास के प्रति मुख्यमंत्री के जज़्बे और जिद से वे अत्यंत प्रभावित हुए हैं। उन्हें पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री श्री चौहान के नेतृत्व में स्किल्स पार्क दुनिया की सर्वश्रेष्ठ संस्था बनेगा। अन्य राज्यों के लिये गुणवत्तापूर्ण कार्य का बेंच मार्क स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि जिस तेजी से पार्क निर्माण का कार्य हो रहा है, उससे उन्हें आभास हो रहा है कि उसके उद्घाटन कार्यक्रम में शीघ्र ही शामिल होने के लिये आना होगा। आईटीईएस के श्री ब्रूस पो ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी को दूर करने की प्रभावी पहल की गई है। बेरोजगारी की समस्या के समाधान के लिये राज्य की कोशिशों को दुनिया देख रही है। उन्हें समस्या समाधान का नया मार्ग दिखा है। उन्होंने युवाओं के कौशल उन्नयन प्रयासों के लिये मुख्यमंत्री की अभिरूचि और प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्किल्स पार्क दुनिया में तकनीकी प्रशिक्षण का मॉडल बनेगा।  

Dakhal News

Dakhal News 4 July 2017


shivraj singh article

  शिवराज सिंह चौहान समाज की सक्रिय सहभागिता से 'नर्मदा सेवा यात्रा' अभियान बहुत सफल रहा। इस अभियान में 148 दिनों में 3350 किलोमीटर की यात्रा तय की गई और 15 लाख से अधिक लोगों ने माँ नर्मदा को स्वच्छ, निर्मल और पवित्र बनाये रखने का संकल्प लिया। प्रदेशवासियों ने जिस उत्साह, उमंग और आत्मीयता के साथ इस अभियान में हिस्सा लिया, उससे पता ही नहीं चला कि मध्यप्रदेश सरकार का यह अभियान कैसे, धीरे-धीरे जन-जन के अभियान में परिवर्तित होता चला गया। इस अभियान में 500 से अधिक सभी धर्मों के गुरुओं, पर्यावरणविद्, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनैतिक दलों के प्रमुख व्यक्तियों, संयुक्त राष्ट्र संगठनों के पदाधिकारियों, फिल्म एवं खेल जगत की प्रमुख हस्तियों सहित कई मुख्यमंत्रियों और केन्द्रीय मंत्रियों की उपस्थिति ने इस अभियान को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। यह अभियान पूरी दुनिया में लोगों को नदियों के प्रति जागरूक करने और उनके संरक्षण के लिए प्रेरित करने का माध्यम बन गया। यह अभियान सामाजिक-समरसता और सौहार्द का भी बड़ा प्रतीक बन गया। नमामि देवि नर्मदे-नर्मदा सेवा यात्रा अभियान के दौरान लाखों प्रदेशवासियों ने यह प्रण लिया था कि 2 जुलाई को माँ नर्मदा के दोनों तटों सहित पूरे नर्मदा कछार में लाखों लोग मिलकर एक साथ 6 करोड़ पौधों का रोपण करके इतिहास बनायेंगे और माँ नर्मदा में जल की धार बढ़ाएंगे। नर्मदा सेवा यात्रा की पूर्णता के अवसर पर हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भी लाखों लोगों की उपस्थिति में माँ नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक में हम सभी को आने वाली पीढ़ी के प्रति अपनी जिम्मेदारी के लिए आगाह किया था। इस मौके पर उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से नर्मदा कछार में 2 जुलाई 2017 को बढ़-चढ़कर पौध-रोपण करने का आव्हान किया था। हम सभी ने अपने-अपने हाथ उठाकर पौध-रोपण के इस संकल्प को पूरा करने के लिए उत्साह के साथ सहमति व्यक्त की थी। मुझे आज इस बात की खुशी है कि जिस 2 जुलाई का हम सभी बड़ी ही बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वह दिन अब आ चुका है। यह दिन देश और प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में पर्यावरण और नदी संरक्षण के क्षेत्र में एक इतिहास बनने जा रहा है। आपको और हम सबको इस बात पर गर्व होगा कि हम सभी इस ऐतिहासिक दिन के साक्षी बनेंगे। पूरी दुनिया में इससे पहले कभी भी पर्यावरण और नदी को समृद्ध करने के लिए इतने बड़े स्तर पर कोई सामूहिक प्रयास और सामाजिक सहभागिता देखने को नहीं मिलती है। इस दो जुलाई के दिन, प्रदेशवासियों, माँ नर्मदा, मध्यप्रदेश और हमारे भारत देश का नाम पूरी दुनिया में इस पुनीत कार्य के लिए इतिहास में दर्ज हो जायेगा। मध्यप्रदेश में इस पौध-रोपण कार्यक्रम के लिए नर्मदा तट और नर्मदा कछार के सभी 24 जिलों में पौध-रोपण के लिए जागरूकता और कार्यक्रम की सफलता के लिए तैयारियाँ काफी बड़े पैमाने पर की गई हैं। वन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, कृषि विकास तथा किसान-कल्याण विभाग, उद्यानिकी विभाग और जन अभियान परिषद के सभी लोगों ने कार्यक्रम की तैयारियों में कोई कसर बाकी नहीं रखी है। जन-जागरूकता के लिए प्रदेश के सभी 51 जिलों में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के दिन से 'पेड़ लगाओ यात्राओं' का आयोजन किया गया। इस यात्रा में 'धरती पर कम न हों वन, ध्यान रखें हम मानव जन' जैसे नारे, लोगों के बीच में गाँव-गाँव तक बहुत लोकप्रिय हुए। गाँवों और कस्बों में छोटे-छोटे बच्चे तक बड़े प्यार और सुन्दर भावनाओं के साथ इन नारों को गा-गा कर लोगों को सुना रहे थे। यह सभी की जुबान पर चढ़ गये थे। सभी लोग माँ नर्मदा को हरियाली चुनरी ओढ़ाने के लिए बहुत ही भावुक थे। इस पौध-रोपण कार्यक्रम में हिस्सेदारी के लिए लोगों के उत्साह का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दो जुलाई के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए इस अभियान की वेबसाइट पर लगभग 6 लाख व्यक्तियों और सामाजिक या स्वयंसेवी संगठनों ने पंजीयन करवाया है। मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि इस अभियान से जुड़ने के लिए 5 लाख व्यक्तियों ने 'ऑफ लाइन' पंजीयन भी कराया है। वन विभाग तथा उद्यानिकी विभाग द्वारा पौधे तैयार करा लिये गये हैं। पौध-रोपण के लिए गढ्ढों की खुदाई हो चुकी है। पौधों को लाने-ले जाने के लिए परिवहन की समुचित व्यवस्था की गई है। पौधों को चुनते समय हमने इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि पौध-रोपण में फलदार और छायादार पौधों का रोपण अधिक किया जाये, जिससे कि आने वाले समय में यह पौधे आमजन के लिए अधिक से अधिक उपयोगी हो सकें। हमने इन पौधों में आम, आँवला, नीम, पीपल, बरगद, जामुन, बाँस, इमली, संतरा, नींबू, अमरूद, मुनगा और अनार जैसे फलों को प्राथमिकता दी है। इस ऐतिहासिक दिन के सभी कार्य पूरे हो चुके हैं। बस, आप सभी का इंतजार है। आइये, हम सभी मिलकर नर्मदा कछार में 6 करोड़ पौधों को लगाकर माँ नर्मदा में जल की मात्रा बढ़ायें, माँ नर्मदा को स्वच्छ और निर्मल बनायें, नर्मदा कछार सहित पूरे प्रदेश के पर्यावरण को शुद्ध, हरा-भरा और प्रदूषण रहित बनायें, किसानों को स्वच्छ पेय और सिंचाई जल उपलब्ध करायें, प्रदेशवासियों को स्वस्थ जीवन दिलायें, अपनी आने वाली पीढ़ियों के जीवन को सुरक्षित बनायें और पूरी दुनिया को पर्यावरण और नदियों के संरक्षण का संदेश देकर एक इतिहास बनायें। माँ नर्मदा हम सभी का आव्हान कर रही हैं। आइये, माँ नर्मदा के सच्चे सपूत की तरह माँ नर्मदा की सेवा में कुछ समय लगायें। कल-कल, छल-छल बहे नर्मदा की कामना के साथ, आप सभी का अभिनन्दन है। [लेखक शिवराज सिंह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं]  

Dakhal News

Dakhal News 1 July 2017


स्टेराईड्स संयंत्र

मध्यप्रदेश में जल्द ही स्टेराईडस, स्टेरियम ओर हार्मोन से संबंधित दवाइयों के संयंत्र की स्थापना होगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुंबई प्रवास के दौरान विभिन्न फार्मा तथा होटल उद्योग के प्रतिनिधियों ने मुलाकात कर मध्यप्रदेश में इन क्षेत्रों में निवेश करने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिनिधि-मंडल को आश्वासन देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार निवेशकों की हरसंभव सहायता के लिये तत्पर है। प्रतिनिधि-मंडल में मेसर्स पी.एस.ए. केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स, मेसर्स बालाजी स्टेराईड्स एंड हार्मोन्स प्रा. लि., मेसर्स मायलान लेबोरेटरीज लि. तथा व्हाईट लोटस होटल प्रा.लि. के प्रतिनिधि शामिल थे। हांगकांग के मेसर्स बालाजी इंटरनेशनल हांगकांग लि. के प्रबंध संचालक श्री प्रेम अलदासानी ने बताया कि स्टेराईडस निर्माण के लिए पीथमपुर में विशेष आर्थिक क्षेत्र में 18 हजार मीट्रिक टन प्रतिवर्ष क्षमता की इकाई स्थापित करेंगे। इससे लगभग 350 लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने बताया कि स्टेराईडस स्टेरियम और हार्मोन के लिए अलग-अलग संयंत्र स्थापित करने की योजना है। उनकी कंपनी द्वारा कुल 200 करोड़ का निवेश करने की योजना है। व्हाईट लोट्स होटल प्रा.लि. कंपनी के प्रतिनिधि श्री सुनील जोशी ने इंदौर में होटल हिल्टन की शाखा स्थापित करने के लिये स्थान तथा होटल की रूपरेखा के संबंध में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को अवगत कराया। उन्होंने इंदौर के आसपास मुंबई के एमेजिका ऐम्यूजमेंट पार्क के समान एक पार्क बनाने की इच्छा व्यक्त की। श्री जोशी ने इसके लिये राज्य शासन द्वारा भूमि आवंटित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें खंडवा जिले के हनुमंतिया के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में हमने यह वाटर पार्क बनाया है, जहाँ हर वर्ष जल-महोत्सव आयोजित किया जाता है, जिसमें लाखों की संख्या में सैलानी आते हैं। मेसर्स पी.एस.ए. केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स के प्रबंध संचालक श्री प्रमोद भराल ने जानकारी दी कि पीथमपुर एस.ई.जेड में टेबलेट, केप्सूल तथा ड्राय सीरप के उत्पादन की 21 हजार 500 वर्गमीटर भूमि पर स्थापित इकाई में 3800 लाख रुपये का पूँजी निवेश प्रस्तावित है। इससे लगभग 250-300 लोगों को रोजगार मिलेगा। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम तथा मध्यप्रदेश ट्रायफेक के प्रबंध संचालक श्री डी.पी.आहूजा के साथ अन्य शासकीय अधिकारी भी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 1 July 2017


अब एमपी लॉजिस्टिक हब बनेगा

 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से चीनी प्रतिनिधि-मंडल ने आज निवास पर भेंट की। इस अवसर पर गुआंग्शी विकास और सुधार आयोग के महानिदेशक  फांगकांग हुआंग और प्रमुख सचिव उद्योग-वाणिज्य श्री मोहम्मद सुलेमान मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि देश में 'एक कराधान व्यवस्था' एक जुलाई से लागू हो जायेगी। नई व्यवस्था से देश की हृदय-स्थली मध्यप्रदेश के महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक हब बनने की संभावनाएँ प्रबल हुई हैं। निवेश और व्यापार की और अधिक बेहतर संभावनाएँ निर्मित होगी। उन्होंने प्रतिनिधि-मंडल से इस परिप्रेक्ष्य में निवेश की संभावना को तलाशने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश निवेश का आदर्श स्थल है। यहाँ निवेश मित्र वातावरण और नीतियाँ हैं। आश्वस्त किया कि निवेश हेतु आवश्यक जानकारियाँ, सूचनाएँ उपलब्ध करवाने में, उन्हें पूरा सहयोग किया जायेगा। सरकार निवेशकों का सदैव सहयोग करती है, भविष्य में भी करेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रतिनिधि-मंडल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चीन यात्रा में उनके द्वारा दिए गए आमंत्रण पर, चीनी प्रतिनिधि-मंडल के आने से वे अत्यंत हर्षित हैं। आशा व्यक्त की कि इस यात्रा से दुनिया के दो प्राचीन महान राष्ट्रों के मध्य पारस्परिक व्यापारिक संभावना को विस्तार मिलेगा। उनके मध्य निकटता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पीथमपुर में चीनी कंपनी लिउगोंग मशीनरी कंपनी लिमिटेड को सरकार का पूरा सहयोग मिला है। नये निवेशकों को भी उसी तरह पूरा सहयोग दिया जायेगा। प्रतिनिधि-मंडल द्वारा बताया गया कि प्रदेश में स्थापित औद्योगिक इकाई द्वारा स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध करवाया गया है। उत्पाद भारतीय बाजार के साथ ही अन्य देशों को निर्यात भी किये जा रहे हैं। प्रतिनिधि-मंडल में नैननिंग विकास और सुधार आयोग के निदेशक श्री वी डिंग, गुआंग्शी विकास और सुधार आयोग के हाईटेक उद्योग प्रभाग निदेशक यी झोंग, विदेशी पूँजी उपयोग और विदेशी निवेश प्रभाग निदेशक श्री तियानचेंग वू, औद्योगिक अर्थ-व्यवस्था प्रभाग निदेशक श्री यीचुआन ली, पश्चिमी क्षेत्र विकास प्रभाग उप निदेशक श्री सुयू तन, प्रबंध निदेशक लिउगोंग इंडिया श्री वू सांग और ट्रायफेक के अपर प्रबंध संचालक श्री वी. किरण गोपाल उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 30 June 2017


उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री  राजेन्द्र शुक्ल

उद्योग मंत्री शुक्ल से चीनी प्रतिनिधि-मंडल ने की मुलाकात   उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने चीनी प्रतिनिधि-मंडल से आग्रह किया है कि विशाल उपभोक्ता बाजार को देखते हुए चीनी कम्पनियाँ मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक निवेश करें। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन में स्मार्ट-सिटी के प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। इसके साथ ही सभी के लिये आवास योजना और मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में भी चीनी कम्पनियाँ निवेश कर सकती हैं। उद्योग मंत्री श्री शुक्ल आज चीनी प्रतिनिधि-मंडल से चर्चा कर रहे थे। चीन का प्रतिनिधि-मंडल, गुआंग्शी विकास और सुधार आयोग के महानिदेशक श्री फांगफांग हुआंग के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के दौरे पर आया है। उद्योग मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इंदौर के पास पीथमपुर में चीनी कम्पनियों के लिये 206 हेक्टेयर में एक टाउनशिप बनाई गयी है। प्रदेश में बिजली, पानी, सड़क, संचार और ट्रांसपोर्ट की कोई कमी अथवा समस्या नहीं है। प्रदेश में 19 हजार मेगावॉट की केपिसिटी के साथ बिजली के मामले में सरप्लस की स्थिति है। उन्होंने बताया कि व्यापार करने में आसानी के पैमाने पर मध्यप्रदेश देश के टॉप पाँच राज्य में शामिल है। गुआंग्शी विकास और सुधार आयोग और संबंधित संस्थाएँ प्रदेश में बुनियादी ढाँचे के निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और बिजली उद्योग के निवेश की संभावनाओं को ढूँढने के मकसद से प्रदेश के दौरे पर हैं।

Dakhal News

Dakhal News 30 June 2017


 प्याज खरीदी

मध्यप्रदेश शासन ने प्याज खरीदी से संबंधित विभिन्न मुद्दों के निराकरण तथा उपार्जित प्याज के परिवहन एवं विक्रय के संबंध में त्वरित निर्णय लेने के लिए कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में दो समिति का गठन किया है। प्याज खरीदी से संबंधित विभिन्न मुद्दों के निराकरण के लिए बनी समिति में किसान-कल्याण तथा कृषि विकास, सहकारिता, उद्यानिकी और खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव, सचिव वित्त, मंडी बोर्ड, सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन और स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के प्रबंध संचालक को सदस्य बनाया गया है। प्रबंध संचालक मार्कफेड इस समिति के सदस्य सचिव होंगे। उपार्जित प्याज के परिवहन एवं विक्रय से संबंधित मुद्दों के लिए बनी समिति में प्रमुख सचिव खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, सचिव वित्त, स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन और मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक को सदस्य बनाया गया है। सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन के प्रबंध संचालक इस समिति के संयोजक होंगे। समिति मुख्य सचिव के निर्णय के लिये अनुशंसा करेंगी। समितियों द्वारा लिये गये निर्णयों को मुख्य सचिव द्वारा अनुमोदन किये जाने पर ही लागू किया जायेगा।

Dakhal News

Dakhal News 29 June 2017


वृहद वृक्षारोपण

चौहान ने की वृहद वृक्षारोपण की तैयारियों की समीक्षा मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में दो जुलाई को वृहद वृक्षारोपण का इतिहास रचा जायेगा। इस दिन नर्मदा बेसिन में जन-सहभागिता से 6 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाये जायेंगे। इसकी तैयारियाँ युद्ध स्तर पर चल रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस महत्वाकांक्षी जन-अभियान की तैयारियों की आज वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने नर्मदा बेसिन से संबंधित जिलों में वृक्षारोपण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि इस जन-अभियान को जन-महोत्सव का रूप दिया जाये। इसमें सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक एवं सभी संगठनों तथा किसान, व्यापारी, विद्यार्थी, सरकारी कर्मचारी आदि सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जाये। पौधों, गड्डे एवं लोगों की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाये। श्री चौहान ने कहा कि इस महाभियान से नर्मदा सेवा मिशन का सबसे बड़ा संकल्प पूरा होगा। यह पर्यावरण बचाने का महायज्ञ है। इससे जन-संगठनों और जनता को जोड़ने के लिये अभिनव प्रयोग किये जाये। प्रत्येक जिला अपना लक्ष्य पूरा करेगा। उन्होंने वृक्षारोपण के बाद पौधों की सुरक्षा और देखभाल की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पौधे निर्धारित स्थान पर पहुँच जाये तथा इसमें सहयोग के लिये लोगों का पंजीयन भी बढ़ाया जाये। मुख्यमंत्री ने जनता की सहभागिता बढ़ाने के लिये जिलों में किये गये नवाचारों पर प्रसन्नता व्यक्त की। साथ ही तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया। श्री चौहान ने कहा कि वे स्वयं अमरकंटक, जबलपुर एवं खंडवा जिलों में वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण महाअभियान का शुभारंभ मॉ नर्मदा के चित्र पर माल्यार्पण कर एवं नर्मदा गीत से किया जाये। इसमें जन-संगठनों, जनता और जन-प्रतिनिधियों की भागीदारी हो। उन्होंने प्रत्येक जिले के कलेकटर से लक्ष्य पौधों की उपलब्धता, गड्डों की स्थिति और जन-सहभागिता की जानकारी ली। समीक्षा के दौरान वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। साथ ही जिलों में सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।

Dakhal News

Dakhal News 29 June 2017


लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन

लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में मुख्यमंत्री  चौहान मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सभी लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान स्वरूप ताम्रपत्र प्रदान किया जायेगा। एक माह से कम समय जेल में निरुद्ध रहने वाले लोकतंत्र सेनानियों को भी सम्मान निधि दी जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ मुख्यमंत्री निवास में लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों को जिले में ही चिकित्सा सुविधा की स्वीकृति दी जायेगी। गृह निर्माण मंडलों और विकास प्राधिकरणों द्वारा निर्मित आवासों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के साथ लोकतंत्र सेनानियों को भी आरक्षण दिया जायेगा। लोकतंत्र सेनानी के निधन पर उसके पति या पत्नी को पेंशन की पात्रता होगी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तरह लोकतंत्र सेनानी को शासकीय कार्यालयों और राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों में सम्मान दिया जायेगा। लोकतंत्र सेनानियों से संबंधित घोषणाओं के क्रियान्वयन के लिये विधानसभा में कानून बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने अपनी जीवटता और संघर्ष से लोकतंत्र की बहाली की। आजादी के बाद देश के लिये सबसे बड़ा दुर्भाग्य आपातकाल था। लोकतंत्र को पुनस्थापित करने का काम लोकतंत्र सेनानियों ने किया। राज्य सरकार मानवीय संवेदनाओं से भरी है और लोक-कल्याण की परंपरा पर चल रही है। हमारी सरकार गरीबों की चिंता करने वाली सरकार है। कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कैलाश सोनी ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने स्वतंत्रता की दूसरी लडा़ई लड़ी थी। लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय महामंत्री श्री राजेन्द्र गहलोत ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आपातकाल विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। इसमें प्रथम पुरस्कार कु. ममता जैन, द्वितीय पुरस्कार कु. रजनी शर्मा और तृतीय पुरस्कार कु. पूर्णिमा तिवारी को मिला। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लोकतंत्र सेनानियों सर्वश्री शंकरलाल तिवारी, सूर्यकांत मिश्रा, कामताप्रसाद गौतम, अशोक श्रीवास्तव, राजेन्द्र ताम्रकार और यशपाल सिंह सिसोदिया को सम्मानित किया। आरंभ में स्वागत भाषण राज्य पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष श्री तपन भौमिक ने दिया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री श्री कैलाश जोशी, सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य, श्री मेघराज जैन, श्री कैलाश सारंग, श्री सरताज सिंह, श्री विभीषण सिंह, श्री गिरिराज सिंह, मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती साधना सिंह और श्री अजय विश्नोई सहित लोकतंत्र सेनानी अपने परिवारों सहित उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन श्री सुरेन्द्र द्विवेदी ने किया।  

Dakhal News

Dakhal News 29 June 2017


पंचायती राज मंत्रियों का सम्मेलन

राज्यों के पंचायती राज मंत्रियों का सम्मेलन मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पंचायतों को सशक्त बनाकर सामाजिक परिवर्तन किया जा सकता है। मध्यप्रदेश ने इसका उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। मध्यप्रदेश में पंचायती राज की मूल अवधारणा को ग्राम स्तर तक पहुँचाया गया है। श्री चौहान आज यहाँ राज्यों के पंचायती राज मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को पूरा करने में मध्यप्रदेश अग्रणी है। आचार्य श्री विनोबा भावे ने कहा था कि देश स्वतंत्र हो गया पर गाँव स्वतंत्र नहीं हुए। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में अब देश स्वतंत्र है और गाँव भी स्वतंत्र हैं। ग्राम स्वराज की परिकल्पना को जमीन पर उतारा जा रहा है। मध्यप्रदेश में जनता से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण योजनाएँ पंचायतों के माध्यम से बनायी गई हैं। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित पंचायतों में संबंधित वर्ग के लोगों से संवाद के माध्यम से उनकी समस्यायों के निराकरण के लिये सुझाव लिये जाते हैं। इन्हीं पंचायतों के माध्यम से महिला कल्याण की लाड़ली लक्ष्मी योजना, बुजुर्गों के लिये मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना, किसानों के लिये शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, छात्रों के लिये मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना जैसी अनेक योजनाएँ बनाई गई हैं। प्रदेश में अब तक 40 पंचायतें आयोजित की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी है। देश में हुए स्वच्छता सर्वे में चयनित 100 में 22 शहर मध्यप्रदेश के हैं। ग्रामोदय से भारत उदय अभियान मध्यप्रदेश में डेढ़ माह चलाया गया। जिसमें ग्राम संसद, किसान संसद और महिला संसद आयोजित की गई। इसमें ग्रामों के दो साल के विकास की रूपरेखा बनाई गई। सबके लिये आवास की प्रधानमंत्री आवास योजना में मध्यप्रदेश में दो साल में साढ़े सात लाख आवास बनाये जा रहे हैं। किसान संसद में किसानों की आय को दोगुना करने के लिये हर गाँव का रोड मैप बनाया गया है जिस पर तेजी से अमल किया जायेगा। महिला संसद के माध्यम से गाँव की हर महिला का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकतानुसार उनके इलाज की व्यवस्था की गई। पूरे अभियान के दौरान 25 लाख 70 हजार आवेदन प्राप्त हुए जिनमें 3 लाख 33 हजार सामुदायिक समस्या से जुड़े हैं। इन आवेदनों का निराकरण कर ग्रामों को समस्याओं से शून्य बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हाल ही में पर्यावरण संरक्षण के लिये नर्मदा सेवा यात्रा आयोजित की गई। पंचायतों के सहयोग से पर्यावरण और नदी संरक्षण के लिये जागरूकता पैदा की गई। अब आगामी दो जुलाई को नर्मदा के कैचमेंट में एक दिन में 6 करोड़ पेड़ लगाये जायेंगे। पंचायत प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण की पहल करें राज्य केन्द्रीय पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में पंचायतें और गाँव आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास की जिम्मेदारियाँ बढने के कारण पंचायतों की क्षमता का विकास करना जरूरी हो गया है। श्री तोमर ने कहा कि राज्यों और केन्द्र सरकार पर पंचायतों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देने की बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिये राज्यों के ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थानों को राज्य में ही स्थापित अच्छे संस्थानों के साथ समन्वय कर प्रशिक्षण देने की पहल करना चाहिये। श्री तोमर ने राज्यों द्वारा ग्राम पंचायत विकास कार्यक्रम के आकल्पन और क्रियान्वयन में सहयोग देने और उसे आगे बढ़ाने के लिये आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पंचायतों के प्रतिनिधियों की क्षमता को कमतर आँकना उचित नहीं है। विकास के प्रति उनकी सोच हमेशा सराहनीय होती है। उन्होंने कहा कि पंचायत राज प्रतिनिधियों को चुने जाने के प्रारंभिक वर्ष में ही प्रशिक्षण मिलना चाहिये, जिससे वे प्रशिक्षण और कौशल का उपयोग विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में कर सकें। सम्मेलन में यूनिसेफ द्वारा पंचायती राज मंत्रालय के सहयोग से प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण के लिये प्रकाशित पुस्तिका और सतत विकास एवं सहस्त्राब्दि लक्ष्य की प्रशिक्षण हैंडबुक का विमोचन किया गया। विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम करने वाली 15 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को सम्मानित किया गया। सम्मेलन में केन्द्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री श्री पुरषोत्तम रूपाला, प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग एवं विभिन्न राज्य के पंचायत मंत्री उपस्थित थे। राज्यों के पंचायत राज मंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों के अनुभव सुनाये और उत्कृष्ट कार्यों की चर्चा की।  

Dakhal News

Dakhal News 28 June 2017


shivraj singh

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सभी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध होना चाहिए। श्योपुर जिले के ढोढर से श्योपुर जिला मुख्यालय तक किये रोड शो के दौरान ग्रामीणों से प्राप्त आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज श्योपुर जिला मुख्यालय में बैठक को सबोधित कर रहे थे। बैठक में महिला-बाल विकास राज्य मंत्री एवं जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती ललिता यादव, सांसद श्री अनूप मिश्रा, विधायक श्री दुर्गालाल विजय, कमिश्नर, कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  श्री शिवराज सिहं चौहान ने कहा कि रोड शो के दौरान सामुदायिक और व्यक्तिगत आवेदनों को मिलाकर कुल 909 आवेदन-पत्र प्राप्त हुए हैं। इनका शत प्रतिशत निराकरण कर मुख्यमंत्री सचिवालय को रिपोर्ट प्रस्तुत की जाये। उन्होंने कहा कि शुद्ध पेयजल की समस्या अभी भी है। हेंडपंप लगाने, टंकी निर्माण जैसी बुनियादी कमियाँ पाई गई हैं, जिनका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण अंचल में बिजली मिलनी चाहिए तथा लाइनों और ट्रांसफार्मरों की व्यवस्था के इंतजाम हों। उन्होंने राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के कार्यों का भौतिक सत्यापन करवाने के निर्देश दिये। साथ ही दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का समस्त सर्वे एक माह के अन्दर करवाने को कहा।  मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं का जमीनी स्तर पर लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि का चिन्हांकन किया जाये। एक्सप्रेस-वे से चंबल क्षेत्र में विकास का मार्ग प्रशस्त होगा, साथ ही क्षेत्रवासियों को आवागमन की सुविधा होगी। लम्बे समय से चल रहे मुजरी बांध के सर्वे का कार्य एक माह में पूरा करवाया जावे। उपभोक्ताओं को राशन की दुकान से नियमित खाद्यान्न मिले। शौचालय-निर्माण, बीपीएल में नाम जोड़ने, दिव्यांग एवं आवास योजनाओं का लाभ सभी पात्रता रखने वाले हितग्राहियों को निरंतर जारी रखा जाये। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी के व्यक्तियों की जमीन पर यदि प्रभावी व्यक्तियों का कब्जा है, तो उसे तत्काल हटाकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि निचले स्तर पर भ्रष्टाचार मिटाने के हर संभव प्रयास होना चाहिए। फिर भी अगर शिकायत मिलती है तो समझा जायेगा कि इसमें उपर के अधिकारी भी लिप्त है। ऐसे अधिकारी-कर्मचारियों  को बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास की सभी योजनाओं का लाभ आम लोगों को देने की दिशा में कार्यवाही अनवरत जारी रखी जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि एनआरएलएम में गठित स्व-सहायता समूहों को और सशक्त बनाया जाये। कलेक्टर द्वारा इस योजना में 25 लाख रूपये के भेजे गये प्रस्ताव को मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत कर राशि भिजवाने के निर्देश दिये गये। उन्होंने कहा कि महिलाओं को बढ़ावा देने की दिशा में हर संभव उपाय किये जाये। साथ ही उन्हें योजनाओं का लाभ देने की दिशा में निरंतर पहल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में आवश्यक उपाय सुनिश्चित किये जाये। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी सकारात्मक सोच के साथ हर व्यक्ति को लाभ दिलवाने की कार्यवाही जारी रखें। बैठक के बाद उन्होंने जन-प्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों से  जिले में चल रही विकास गतिविधियों पर भी चर्चा की।  मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिले के ढोढर, बगदिया, गांधीनगर, माकड़ौद, पदमपुरा, काशीपुर, धीरौली, मानपुर, जैनी, टेकना, चोपना, जावदेश्वर, बगडुआ, सोईकलां, रायपुरा, सलापुरा सहित दो दर्जन से अधिक ग्राम एवं मजरों-टोलों में रोड शो के बाद श्योपुर में स्थानीय जन-प्रतिनिधियों से भी चर्चा की।   

Dakhal News

Dakhal News 27 June 2017


ग्लोबल स्किल पार्क

पूर्व क्रिकेटर श्रीकांत और  चेतन चौहान भी होंगे शामिल मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान भोपाल में बनने वाले देश के सबसे बड़े ग्लोबल स्किल पार्क का शिलान्यास 3 जुलाई को करेंगे। कार्यक्रम में केन्द्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राजीव प्रताप रुड़ी, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान श्री के.श्रीकांत और पूर्व क्रिकेटर तथा उत्तर प्रदेश के कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत प्रभार) श्री चेतन चौहान भी शामिल होंगे। प्रदेश के कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी ने आज कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की।   स्किल पार्क का निर्माण 645 करोड़ की लागत से 37 एकड़ में किया जायेगा। पार्क में हर साल एक हजार विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जायेगा। प्रशिक्षक विश्व स्तर के होंगे। प्रशिक्षित विद्यार्थियों का प्लेसमेंट भारत एवं भारत के बाहर इंटरनेशनल स्तर पर किया जायेगा। 'इंडस्ट्री के साथ एवं इंडस्ट्री के लिये' की भावना पर पार्क संचालित होगा। अन्तर्राष्ट्रीय संयुक्त प्रमाणीकरण का प्रावधान भी होगा। समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव, संचालक कौशल विकास श्री संजीव सिंह एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 27 June 2017


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने 1000 करोड़ का कोष स्थापित होगा मुख्यमंत्री  शिवराज सिहं चौहान ने देर रात तक किया श्योपुर जिले में रोड शो  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  श्योपुर विकासखण्ड के गाँव में देर रात तक रोड शो किया। इस दौरान उन्होंने दो दर्जन से अधिक गाँव में किसानों और ग्रामीणों से संवाद कर शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 378 स्थान पर किसान बाजार बनाये जायेंगे। इन बाजारों में उपभोक्ता किसानों की उपज को सीधे खरीद सकेंगे। इस व्यवस्था से किसानों को उनकी उपज का बगैर बिचौलियों की भागीदारी के उचित मूल्य सकेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिये 1000 करोड़ रूपये की राशि से कोष स्थापित किया जायेगा। इस कोष के माध्यम से बाजार में औसत मूल्य तथा समर्थन पर बीज के अंतर की राशि सीधे किसानों के खातों में जमा कराई जायेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिये जिलेवार कार्ययोजना बनाई जायेगी, जिसमें किसानवार डाटा एकत्रित रहेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्राम बगदिया एवं बगदरी में किसानों द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में कहा कि ढोढर कृषि उपज मण्डी को किसान बाजार वाले स्थान में शामिल किया जायेगा। इस अवसर पर सिक्ख किसानों द्वारा मुख्यमंत्री को चाँदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने ग्राम बगदिया में हाईस्कूल खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिन किसानों को पूर्व में शासकीय भूमि के पटटे प्रदाय किये गये उन्हें भू-स्वामी के रूप में दर्ज करने के लिये राजस्व विभाग के माध्यम से परीक्षण कराया जायेगा। उन्होंने ग्राम ढोढर एवं मानपुर में बैंक शाखाएँ खोलने के लिये भी आश्वस्त किया। मुख्यमंत्री  चौहान ने बगदिया सहराने में सहरिया परिवारों से उनकी समस्याएँ सुनकर गाँव में पेयजल के लिये स्पाट सोर्स लगाने, गुर्जर बस्ती में गाँव को राजस्व ग्राम घोषित करने तथा बस्ती में प्राथमिक विद्यालय खोलने के निर्देश दिये। ग्राम माकडोद में टयूबबेल लगाकर पानी की टंकी से पेयजल व्यवस्था और एक किलोमीटर सड़क बनाने का प्राक्कलन तैयार करने, दिव्यांग दिनेश को सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृत करने के निर्देश दिये। ग्राम धीरोली में ओड राजपूत समाज के श्योपुर में बनने वाले छात्रावास भवन के लिये 5 लाख रूपये देने, ग्राम धीरोली में पूर्व से स्वीकृत विद्युत सब स्टेशन का कार्य प्रारंभ करने, चंबल नहर से माइनर शाखा निकालने का परीक्षण कराने और सांसद निधि से यात्री प्रतिक्षालय बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मानपुर में रोड शो के दौरान लौहपीटा परिवारों से भेंट कर उन्हें प्रदाय किये गये आवास भू-अधिकार पत्र के प्रदाय के बाद आवास निर्माण की कार्रवाई के निर्देश जिला प्रशासन को दिये। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों की सूची तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं जिनके पास आवास बनाने के लिये जमीन नहीं है। ऐसे परिवारों को राज्य सरकार भू अधिकार पत्र देगी। मुख्यमंत्री ने मानपुर में पंचायत भवन तथा हायर सेकेण्डरी स्कूल में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण कराये जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ग्राम जैनी में राशन कार्डों की जाँच कराने और क्षेत्रपाल बाबा मंदिर का सुदृढ़ीकरण कराने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने ग्राम पदमपुरा में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना से लाभांवित सहरिया आदिवासी श्री प्रभु आदिवासी के आवास का निरीक्षण कर प्रशंसा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्राम काशीपुर, टेकना, चोपना, बगडुआ, सोईकला, रायपुरा, सलापुरा सहित अन्य गाँवों में देर रात तक रोड शो किया। रोड शो के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं सीहोर जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती ललिता यादव, सांसद श्री अनूप मिश्रा, विधायकगण, जिले की पंचायत रात संस्थाओं के पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी साथ थे।

Dakhal News

Dakhal News 26 June 2017


eid shivraj miyan

  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने मुस्लिम समाज को ईद की हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई दी हैं। श्री चौहान आमिल साहब शेख इसुबभाई भरुची के यहाँ पहुँचे। श्री चौहान ने आमिल साहब को ईद की मुबारकबाद दी। उन्हें पुष्प-गुच्छ भेंट कर ईद की शुभकामनाओं का पारस्परिक आदान-प्रदान किया।  

Dakhal News

Dakhal News 26 June 2017


shivraj singh-ias

   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुख्यमंत्री निवास पर राज्य प्रशासनिक सेवा से हाल ही में भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत हुये अधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री चौहान से मिलने वालों में श्री मनीष सिंह, श्री उमेश सिंह, श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव, श्री आर.पी.एस. जादौन, श्री दिनेश श्रीवास्तव, श्री एस.बी.सिंह, श्री दीपक सक्सेना, श्री राकेश श्रीवास्तव, श्री जगदीश जटिया और श्री चन्द्रशेखर वालिम्बे शामिल थे।  

Dakhal News

Dakhal News 25 June 2017


ramvilas pasvan

  मुख्यमंत्री  चौहान की केन्द्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री  रामविलास पासवान से मुलाकात  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय उपभोक्ता मामले एवं खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री रामविलास पासवान से मुलाकात की। श्री चौहान ने बताया कि इस वर्ष मध्यप्रदेश में प्याज एवं दलहन का बम्पर उत्पादन हुआ है। अधिक उत्पादन के कारण कीमतों में भारी गिरावट आई है जो चिन्ता का विषय है। श्री चौहान ने दलहन खरीदी विशेषकर मूंग, उड़द एवं अरहर की समर्थन मूल्य पर खरीदी की बात कही। उन्होंने अनुरोध किया कि नाफेड के साथ-साथ एफ.सी.आई. को भी क्रय (उपार्जन) एजेंसी बनाया जाय। इसके साथ ही मोटा अनाज का उपार्जन गेहूँ एवं धान की भांति चालू रखा जाय। श्री चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य करने के पहले व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखा जाय। श्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश के आदिवासी इलाकों में नेट और इंटरनेट कनेक्टिविटी, उचित मूल्य दुकानों पर नहीं आती है। कई हितग्राहियों के उंगलियों एवं अंगूठे के निशान स्पष्ट नहीं होने से उनका बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण नहीं हो पा रहा है। साथ ही किसान आधार और बायोस आदि उपकरणों से अभ्यस्त नहीं हैं। उन्होंने आग्रह किया कि इस योजना की समयावधि 30 सितंबर, 2017 तक बढ़ा दी जाय। केन्द्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को बम्पर उत्पादन से उत्पन्न हुई स्थिति से निपटने के लिए मंत्रालय द्वारा हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।  

Dakhal News

Dakhal News 25 June 2017


it park bhopal

  विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री गुप्ता ने की समीक्षा   भोपाल आईटी पार्कस में निवेशकर्ताओं द्वारा निर्धारित अवधि में आवंटित भूमि पर संरचना निर्माण अथवा उत्पादन प्रारंभ नहीं करने पर उनके आवंटन रद्द करें। राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री  उमाशंकर गुप्ता ने यह निर्देश समीक्षा के दौरान दिये। श्री गुप्ता ने कहा कि जिन निवेशकर्ताओं ने भू-विकास की राशि निर्धारित समय-सीमा जमा नहीं की है, उनके भी आवंटन रद्द किये जाये। श्री गुप्ता ने कहा कि सभी प्रकरण की वर्गीकृत सूची की हर महीने समीक्षा भी करें।    

Dakhal News

Dakhal News 22 June 2017


ramnath kovind-narottm mishra

 एमपी के जनसंपर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र आज नई दिल्ली में देश के अगले राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए द्वारा मनोनीत उम्मीदवार श्री रामनाथ कोविंद से भेंट कर उन्हें हार्दिक बधाई दी। मंत्री डॉ. मिश्र ने श्री कोविंद को दतिया की माँ पीताम्बरा पीठ में आने का न्यौता भी दिया। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व ही श्री कोविंद दतिया पधारे थे और उन्होंने माँ पीताम्बरा पीठ में दर्शन किए थे।  

Dakhal News

Dakhal News 22 June 2017


yoga मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम में शामिल हुए  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नागरिकों का आव्हान किया है कि योग रोज करें। योग तन को स्वस्थ, मन को प्रसन्न और बुद्धि को प्रखर करता है। श्री चौहान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन आज स्थानीय लाल परेड ग्राउन्ड में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ महापौर श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला, बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं नागरिकगण ने योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वर्तमान जीवन की आपा-धापी में जीवन तनावमय हो गया है। जीवन को तनाव मुक्त करने का प्रभावी माध्यम योग है। सफल, सार्थक मानव जीवन जीने के लिये योग को जीवन का हिस्सा बनायें। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुये कहा कि व्यक्ति अनंत शक्तियों का भंडार है। वह ईश्वर का अंश है। मनुष्य अपनी क्षमताओं का बहुत कम ही उपयोग कर पाता है। व्यक्ति की इस अपार आंतरिक शक्ति को प्रखर बनाने का कार्य योग करता है। श्री चौहान ने कहा कि भारतीय ऋषि मुनियों ने हजारों वर्ष पूर्व योग विधा का आविष्कार किया था। विश्व के जन-जन के मन में योग को प्रस्फुटित करने के लिये उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को कोटिश: धन्यवाद दिया और नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएँ प्रेषित की। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुये कहा कि जीवन आनंद, उत्सव और प्रसन्नता के साथ जियें। देश और समाज के विकास में सर्वश्रेष्ठ योगदान के लिये योग को जीवन का हिस्सा बनाएँ। नशा नहीं करने के लिए कृत-संकल्पित हों। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मेधावी छात्र योजना की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वज्रासन, अर्ध उष्ट्रासन, शशकासन, उत्तानमंडूकासन, वक्रासन, मुकरासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्धहलासन, पवन मुक्तासन, शवासन, कपालभाति, प्रणायाम, नाड़ी शोधन, अनुलोम विलोम और शीतली और भ्रामरी प्राणायाम योग आसन किये। कार्यक्रम के प्रारंभ में मध्यप्रदेश गान का गायन हुआ और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के संदेश का प्रसारण हुआ।  

Dakhal News

Dakhal News 21 June 2017


yoga shivraj

मुख्यमंत्री निवास में स्कूली बच्चों ने किया योगाभ्यास   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बच्चों का आव्हान किया है कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करें। उन्होंने कहा कि अच्छी पढ़ाई के लिये योग बहुत जरूरी है। श्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास में स्कूली बच्चों को संबोधित कर रहे थे। बैरागढ़ क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री निवास में योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि व्यक्ति अनंत शक्तियों का भंडार है। अधिकांश लोग उसके छोटे से हिस्से का ही उपयोग कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि योग, प्राणायाम और ध्यान आदि यौगिक क्रियाएं व्यक्ति की आंतरिक शक्ति को पहचानने और प्रगटीकरण का कार्य करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करें, उनकी उच्च शिक्षा में कोई बाधा नहीं आयेगी। राज्य सरकार ने इन बाधाओं को दूर करने के लिए प्रभावी योजना लागू की है। इस योजना में बिना जाति, धर्म आदि के भेदभाव के गरीब, निम्न, मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा में मदद की जायेगी। उन्होंने कहा कि मेधावी छात्र योजना में ऐसे परिवार जिनकी आय 6 लाख रूपये वार्षिक से कम है, उनका प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश होने पर फीस का भुगतान राज्य सरकार करेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन को सफल और सार्थक बनाने के लिये नशा कभी नहीं करें, योग रोज करें और खूब पढ़ाई करें। बच्चों के योगाभ्यास कार्यक्रम में संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा श्री डी.एस.कुशवाह ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में राष्ट्रगान का गायन हुआ। बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों और शिक्षकों ने योगाभ्यास किया।  

Dakhal News

Dakhal News 21 June 2017


shivraj singh

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भोपाल में  मुख्यमंत्री निवास पर निवेशकों ने निवेश प्रस्तावों पर चर्चा की। इस दौरान कार्वी इलेक्ट्रानिक्स, बैंगलुरू और रूसान फार्मा, मुम्बई के प्रतिनिधियों ने निवेश प्रस्ताव दिये। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी पी सिंह, प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर श्री मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव वाणिज्य एवं उद्योग श्री मोहम्मद सुलेमान और ट्रायफेक के अपर प्रबंध संचालक श्री वी.किरण गोपाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री  चौहान ने निवेशकों के प्रस्तावों का स्वागत किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निवेश प्रस्तावों को धरातल पर लाने में सक्रिय सहयोग करें। निवेशकों ने प्रदेश के निवेश संवर्धन वातावरण और नीतियों की सराहना की। रूसान फार्मा, मुम्बई द्वारा विशेष आर्थिक जोन पीथमपुर में फार्माक्यूटिकल संयंत्र की स्थापना का प्रस्ताव दिया गया। परियोजना में 600 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश की जानकारी दी। इसी तरह कार्वी इलेक्ट्रानिक्स ने भी अपने प्रस्ताव की जानकारी दी।

Dakhal News

Dakhal News 20 June 2017


narottm mishra datiya

  मध्यप्रदेश के जनसंपर्क, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया जिले के ग्राम सीतापुर एवं मलकपहाड़ी में 70 करोड़ रुपए लागत की समूह नल-जल योजना का शिलान्यास किया। डॉ. मिश्र ने इस अवसर पर कहा कि माताओं और बहिनों को कुओं एवं हैण्ड़पंपों पर पानी भरने की समस्या से निजात दिलाने के लिये समूह नल-जल योजनाएं बनाई जा रही हैं। इन योजनाओं के पूरा होने पर हर घर में नल से पानी मिलने लगेगा। जनसंपर्क मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत् 70 करोड़ रुपए की लागत से 61 गाँवों में सिंध नदी से पानी लाकर सप्लाई दी जायेगी। जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि अब हम स्मार्ट सिटी की तर्ज पर स्मार्ट विलेज विकसित करेंगे। अब किसानों को मूलधन पर भी छूट दी जा रही है। एक सौ रुपए के बदले में सरकार केवल 90 रुपए वापस लेगी। उन्होंने किसानों से फसल बीमा भुगतान के संबंध में जानकारी ली। जनसम्पर्क मंत्री ने किसानों से फसलों का बीमा कराने की अपील की। डॉ. नरोत्तम मिश्र ने मुरेरा निवासी श्री हरीसिंह यादव को मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक योजना के तहत उनकी पुत्री हेमा के विवाह के लिए 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि भी प्रदान की।

Dakhal News

Dakhal News 19 June 2017


shivraj yoga

तृतीय अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम 21 जून को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में लाल परेड ग्राउण्‍ड भोपाल में होगा। सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। श्रीमती मुखर्जी ने कहा कि ग्राउण्ड में पार्किंग और अस्थायी टायलेट की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि बच्चे यूनीफार्म में आयें। श्रीमती मुखर्जी ने मैदान में सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये। कार्यक्रम सुबह 6.30 बजे प्रारंभ होगा। पूरे प्रदेश में रेडियो के माध्यम से इसका प्रसारण होगा। बैठक में आयुक्त लोक शिक्षण श्री नीरज दुबे, कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 18 June 2017


नर्मदा किनारे लगेंगे छ करोड़ पौधे

गिनीज विश्व रिकार्ड तैयारियों का प्रशिक्षण 20 जून को मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान के संकल्प के अनुसार 2 जुलाई को नर्मदा बेसिन के 24 जिलों में 6 करोड़ पौधे रोपे जायेंगे। इनमें से 3 करोड़ पौधे वन विभाग और शेष 3 करोड़ पौधे ग्रामीण विकास, कृषि, उद्यानिकी, जन अभियान परिषद, नगरीय प्रशासन, स्कूल शिक्षा विभाग आदि द्वारा रोपित किये जायेंगे। संबंधित जिलों में रोपण के लिये गढ्ढा खुदाई का कार्य प्रगति पर है। नर्मदा बेसिन के 24 जिले- अनूपपुर, डिण्डौरी, मंडला, जबलपुर, कटनी, इंदौर, धार, अलीराजपुर, देवास, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, सिवनी, नरसिंहपुर, दमोह, सागर, हरदा, होशंगाबाद, रायसेन, बैतूल, छिन्दवाड़ा, सीहोर और बालाघाट जिले में 2 जुलाई को फलदार एवं छायादार वृक्षों के पौधे लगाये जायेंगे। सघन वृक्षारोपण से नर्मदा को सतत जल आपूर्ति होने के साथ ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी। गिनीज विश्व रिकार्ड बनाने संबंधी तैयारियों के लिये 20 जून को आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षण में प्रत्येक जिले से 2-2 रिसोर्स पर्सन्स को प्रशिक्षित किया जायेगा। प्रशिक्षित रिसोर्स पर्सन्स अपने-अपने जिले में गिनीज विश्व रिकार्ड बनाने की प्रक्रिया में नियुक्त होने वाले विटनेस एवं स्टूवर्ड को प्रशिक्षित करेंगें। गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड बनाने के लिए विटनेस एवं स्टूवर्ड द्वारा विश्व रिकार्ड मापदण्डों के अनुसार प्रस्तुत किया गया अभिलेख अति-आवश्यक है। गिनीज विश्व रिकार्ड के मद्देनजर प्रत्येक रोपण स्थल में पौधों के सत्यापन के लिये 2-2 शासकीय अधिकारी-कर्मचारी की तैनाती के साथ रोपित पौधों की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी की भी व्यवस्था की जा रही है। प्रत्येक रोपण स्थल की जीपीएस (लेटीट्यूड एवं लॉगीट्यूड) भी ली जा रही है। इससे रोपण स्थलों को पहचाना जा सकेगा। पौध-रोपण में अधिक से अधिक जन-भागीदारी के लिये शासन द्वारा ऑनलाइन पंजीयन व्यवस्था की गई है। www.namamidevinarmade.gov.inवेबसाइट पर अब तक लगभग डेढ़ लाख लोग 2 जुलाई 2017 को पौध-रोपण के लिये पंजीयन करा चुके हैं। वानिकी प्रजाति के आवश्यक पौधों की व्यवस्था वन विभाग एवं निजी रोपणियों द्वारा की गई हैं। फलदार प्रजाति के पौधों की व्यवस्था उद्यानिकी विभाग, शासकीय निजी रोपणियों और अन्य राज्यों से की जा रही है। विभिन्न विभाग अपने-अपने रोपण लक्ष्यों के अनुसार गढ्ढा खुदाई कर रहे हैं। कई जिलों में गढ्ढा खुदाई का काम पूरा होने को है।

Dakhal News

Dakhal News 16 June 2017


digvijay singh

भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि बीजेपी के लोग घर-घर में यह प्रचार कर रहे हैं कि देखो यह चार बीवियां रखते हैं। दसियों बच्चे पैदा करते हैं। झूठे आंकड़े देते हैं कि 2050 में मुसलमान बहुसंख्यक हो जाएंगे। यह सरासर गलत और झूठ है। मैं इसको प्रमाणित कर चुका हूं और चुनौती देता हूं। किसी भी मंच पर संघ (आरएसएस) का कोई भी व्यक्ति आए, मैं प्रमाणित कर दूंगा मुसलमान कभी बहुसंख्यक नहीं हो सकते, उनकी जनसंख्या कभी भी 18 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकती। दिग्विजय सिंह टीटी नगर दशहरा मैदान पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के बैनर तले सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में चल रहे सत्याग्रह में  प्रदेशभर से आए कार्यकर्ताओं और किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आरएसएस पर हमला करते हुए उसे देश के लिए खतरा बताया और कहा कि आज इनके गौरक्षक केवल वसूली का काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कत्लखानों से बीजेपी को करोड़ों रुपए चंदा मिला, जबकि कांग्रेस को एक रुपया नहीं दिया। दिग्विजय ने किसानों के लिए उपवास करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व सत्याग्रह करने वाले सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की तुलना की। उन्होंने कहा कि एक भूतपूर्व महाराजा बिना कूलर, एयरकंडीशंड-पंखे के किसान के सामान खटिया पर सो रहा है और एक तथाकथित किसान का बेटा कूलर-एयरकंडीशंड, फाइव स्टार पंडाल में उपवास करता है। सिंह ने सिंधिया से मंच के माध्यम से कहा कि वे चाहते थे कि तीनों दिन रहूं, लेकिन व्यस्तता के कारण नहीं रह पाऊंगा। मैं दिल, आत्मा से आपके साथ हूं। दिग्विजय सिंह ने अपनी सरकार के खिलाफ नाराजगी को लेकर पीड़ा व्यक्त कि हमने मुफ्त बिजली दी, खाद-बीज सोसायटियों से दिलाया मगर न जाने क्या नाराजगी रही?

Dakhal News

Dakhal News 16 June 2017


ज्योतिरादित्य सिंधिया का सत्याग्रह

ज्योतिरादित्य सिंधिया का सत्याग्रह  मंदसौर में पुलिस की गोली से मारे गए किसान और उनकी मांगों को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार से सत्याग्रह शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि मंदसौर की घटना प्रदेश के माथे पर कलंक है। मोदी और शिव 'राज" में किसानों की आत्महत्याएं बढ़ी हैं। तीन साल में 1800 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश को शव राज्य बना दिया है। अगले तीन दिन तक किसानों की समस्या पर बात होगी और फिर प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह मिलकर संघर्ष की रणनीति बनाएंगे। भोपाल  के टीटी नगर स्थित दशहरा मैदान में दोपहर बाद सत्याग्रह शुरू करने से पहले मंदसौर गोलीकांड में मारे गए किसानों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद सिंधिया ने कार्यकर्ता और किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि जब तक प्रदेश में शांति बहाली नहीं हो जाती, वे उपवास जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक भी नेता को मृतक किसानों के परिजनों से ये कहते हुए मिलने नहीं दिया कि स्थिति बिगड़ सकती है और आज वे स्वयं भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वहां पहुंच गए। इससे साफ जाहिर होता है कि वे किसानों के नाम पर राजनीति करते हैं। देश में बीते में तीन साल में 12 हजार से ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं। केंद्र ने किसानों को मिलने वाला बोनस बंद कर दिया। मंडियों में उपज बेचने के लिए किसानों को लाइनें लगानी पड़ रही हैं। उन्होंने गोलीकांड की जांच के लिए बनाई समिति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि निहत्थे किसानों पर गोली किसने और क्यों चलाई? वरिष्ठ कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो किसानों के कर्ज माफ किए जाएंगे। कांग्रेस के इस संघर्ष में जिन कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें सरकार बनते ही वापस लिया जाएगा। नौकरशाही की व्यवस्था में हम ऐसा परिवर्तन लाएंगे कि वे दबाव में कभी भी गलत फैसले न लें। निष्पक्ष होकर काम करें। पुलिस सिस्टम में भी आमूलचूल बदलाव करेंगे, ताकि वे न तो उद्दंड हों और न ही निरंकुश। कार्यक्रम शुरू होते ही सिंधिया समर्थकों ने झंडे लहराने और नारेबाजी शुरू कर दी। अपने समर्थक गिरिराज दंडोतिया को सिंधिया ने फटकारा और कहा कि न तो किसी के झंडे लहराए जाएंगे और न ही किसके पक्ष में कोई नारेबाजी होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को शांत कर बैठाया। मीडिया के एक प्रतिनिधि से कार्यकर्ता की बहस होने पर उन्होंने सभी मीडियाकर्मियों से हाथ जोड़कर विनम्र आग्रह किया और खेद भी जताया। मंच पर सिंधिया का ही दबदबा दिखा। कार्यक्रम के दौरान पूरे समय मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा पत्रकारों के बीच बैठे रहे। जहां सिंधिया के भाषण में जोश नजर आता था तो वे कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करते रहे।  

Dakhal News

Dakhal News 15 June 2017


shani dev

आषाढ़ मास में 10 साल बाद 24 जून को शनिश्चरी अमावस्या का संयोग बना है। इस दिन त्रिवेणी संगम पर स्नान होगा। वर्षा की दृष्टि से भी यह अमावस्या अनुकूल रहेगी। संपूर्ण भारत में इसका प्रभाव अतिवृष्टि, सामान्य वर्षा तथा खंड वृष्टि के रूप में नजर आएगा। ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला के अनुसार वर्ष 2007 में आषाढ़ मास की अमावस्या शनिवार के दिन आई थी। इसके बाद 2017 में ऐसा संयोग बन रहा है। अमावस्या पर शनिवार का दिन, आर्द्रा नक्षत्र, वृद्धि योग तथा नाग करण अपने आप में महत्वपूर्ण है। पंचागीय गणना के इन पांच योगों का प्रभाव शनि साधना के लिए विशेष है। प्राकृतिक परिवर्तन की दृष्टि से भी इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्योंकि वर्तमान ग्रह गोचर की स्थिति देखें तो शनि वक्री चल रहे हैं। शनि की वक्र दृष्टि विभिन्न् राशियों पर त्रिपाद, पंचम, नवम, सप्तम तथा दशम स्थिति में है। इसलिए प्राकृतिक परिवर्तन अधिक नजर आएंगे। शनि से प्रभावित जातक यह करें जिन जातकों की जन्म कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैया, महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यांतर्दशा चल रही हो या शनि के कारण कष्ट बढ़ रहा हो, उन्हें अमावस्या पर शनि की साधना करना चाहिए। शनि की शांति के शनि स्तवराज, शनि स्तोत्र, शनि अष्टक का पाठ करें। शनि के बीज मंत्र का जप तथा शनि से संबंधित वस्तुओं का दान करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है। शनि को वायु का कारक ग्रह माना जाता है। वर्षा ऋतु में आंधी-तूफान, गरज और चमक के साथ तेज बारिश होगी। सामुद्रिक तूफान के साथ प्राकृतिक प्रकोप भी देखने को मिलेगा। हालांकि इसका प्रभाव अगस्त माह तक विशेष रहेगा। इसलिए पश्चिम उत्तर दिशा में यह खासतौर पर नजर आएगा।  

Dakhal News

Dakhal News 14 June 2017


mla shakuntla khatik

  मंगलवार की रात करैरा विधायक पर केस दर्ज होने के बाद पुलिस सुबह का इंतजार करती रही, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार रात में किसी महिला को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। वहीं सुबह को विधायक अपने घर से फरार हो गईं। करैरा विधायक पर भीड़ को हिंसा के लिए उकसाने का आरोप है। करैरा विधायक पर केस दर्ज होने के पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। प्रदेशभर में तत्समय आंदोलन हिंसक रूप ले चुका था और पुलिस को पता था कि करैरा में आंदोलन की अगुआई महिला विधायक कर रही हैं, बावजूद इसके मौके पर कोई भी महिला पुलिस नहीं थी, जबकि एसडीओपी की मौजूदगी में आक्रोशित विधायक शकुंतला खटीक ने टीआई पर घूंसे बरसा दिए। वहीं इस मामले के बाद वीडियो क्लिप सामने आने और सत्ता पक्ष के दबाव के चलते भले ही करैरा पुलिस ने सोमवार की देर रात विधायक व ब्लॉक अध्यक्ष पर केस दर्ज कर लिया, लेकिन यहां भी पुलिस की मंशा विधायक को तत्काल गिरफ्तार करने की नजर नहीं आई, क्योंकि केस देर रात 11:50 बजे दर्ज किया गया। कानून के जानकारों के अनुसार रात के समय महिला की गिरफ्तारी नहीं की जा सकती। केस दर्ज होने की जानकारी लगते ही विधायक अपने घर से फरार हो गईं। ब्लॉक अध्यक्ष भी फरार हो गए। विधायक पर केस दर्ज होने के साथ ही करैरा कस्बे में पुलिस ने एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। विधायक के समर्थक कोई अप्रिय घटना को अंजाम न दे सके। कस्बे में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।  धाराएं बढ़ाएंगी मुसीबत, जाना पड़ सकता है जेल। विधायक पर जो धाराएं दर्ज की गई हैं, उनमें धारा 353 शासकीय कार्य में बाधा की है, जो गैर जमानती है और इसमें न्यूनतम दो वर्ष तक की सजा का प्रावधान हैं। इस मामले में फरियादी पुलिस है, इसलिए विधायक की मुसीबत बढ़ सकती है। शहर के एडवोकेट गजेन्द्र यादव के अनुसार धारा 147 व 149 विधि विरुद्ध जमाव यानी बलवा की धाराएं हैं, वहीं 189 लोक सेवक को पदीय कार्य न करने के लिए दबाव डालना है। इसके अलावा 294 गाली गलौज, 436 लड़ाई झगड़ा, 504 व 506 जान से मारने की धमकी की श्रेणी में हैं और यह सभी धाराएं जमानती हैं। घटनाक्रम 8 जून का था, लेकिन तत्समय टीआई से नोकझोंक की बात सामने आई और एक क्लिपिंग में विधायक 'थाने में आग लगा दो" कहती नजर आई थीं। इसके अगले दिन से लगातार वीडियो सामने आते चले गए। विधायक ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की और आग लगाने के बयान से मुकर भी गईं, लेकिन एक और वीडियो ने हलचल पैदा कर दी। मंगलवार को नया वीडियो सामने आया है, जिसमें विधायक शकुंतला टीआई संजीव तिवारी को घूंसे से मारती दिखाई दे रही हैं। चर्चा है कि भले ही पुलिस ने देर रात केस दर्ज कर विधायक शकुंतला को फरार होने का मौका हासिल करा दिया हो, लेकिन दूसरी तरफ पुलिस विधायक सहित ब्लॉक अध्यक्ष को गिरफ्तार करने उनके घरों पर कई बार दबिश देती रही। देर रात दबिश देने के अलावा सुबह और शाम को भी पुलिस दोनों के ठिकानों पर दबिश देती नजर आई। पुलिस सूत्रों का दावा है कि जल्द ही दोनों को बंदी बनाया जाएगा। इधर विधायक और ब्लॉक अध्यक्ष के फोन बंद आ रहे हैं। विधायक के गनर शैलेन्द्र सिकरवार के अनुसार विधायक रात को अचानक कहीं चली गई हैं। बता दें कि करैरा विधायक पर विरुद्ध आगजनी के लिए उत्प्रेरित करने, शासकीय कार्य में बाधा, अपशब्द, जान से मारने की धमकी, शासकीय कर्मचारी से अभद्रता सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। एसडीओपी करैरा अनुराग सुजानिया ने बताया  विधायक शकुंतला खटीक और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष वीनस गोयल सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दोनों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि यह दोनों अभी फरार हैं।   

Dakhal News

Dakhal News 14 June 2017


 सिंधिया का  सत्याग्रह

मध्यप्रदेश में किसानों के आंदोलन के बाद कांग्रेस को मिले माइलेज को हाईकमान किसी भी कीमत पर कम नहीं करना चाहती है। इसके चलते ही पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को लम्बे अरसे बाद एक साथ 6 दिन का दौरा करवाया जा रहा है। वहीं उनके सत्याग्रह में कांग्रेस के दिग्गज नेता भी शामिल होंगे। वहीं सिंधिया समर्थक अभी से सत्याग्रह में भारी भीड़ जुटाने में जुट गए हैं। दरअसल समर्थकों को यह लग रहा है कि सत्याग्रह के बहाने सिंधिया को प्रभावी तरह से प्रदेश में लांच किए जाने की यह तैयारी है। सिंधिया समर्थकों ने 72 घंटे में भोपाल में 25 हजार लोगों को जुटाने का टारगेट तय किया है। सिंधिया के खास समर्थक वरिष्ठ विधायक महेंद्र सिंह कालूखेड़ा और तुलसी सिलावट मालवा क्षेत्र से उनके समर्थकों को भोपाल लाएंगे इसमें किसान भी शामिल होंगे। वहीं ग्वालियर, चम्बल संभाग से भी खासे समर्थक आएंगे। पूर्व विधायक गोविंद राजपूत बुंदेलखंड से सिंधिया समर्थकों को लेकर आएंगे। इसके अलावा पूरे प्रदेश भर से सिंधिया समर्थक 14 से 17 जून के बीच भोपाल में नजर आएंगे। सिंधिया ने भी सोशल मीडिया पर अपील की है कि किसानों को न्याय दिलाने के संघर्ष में सभी साथ आए। फेसबुक की उनकी पोस्ट को एक दिन में ही करीब 500 लोगों ने शेयर किया है। पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी के निर्देश पर आयोजित हो रहे इस सत्याग्रह में कांग्रेस के दिग्गज नेता भी दिखाई देंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ 16 जून को इसमें शामिल हो सकते हैं। कमलनाथ के समर्थक भी इस दिन भोपाल में भारी संख्या में आएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी भी इसमें शामिल होंगे। सिंधिया के सत्याग्रह को विफल करने में भाजपा जुट गई है। भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने आज इंदौर में कहा कि कांग्रेस को किसान आंदोलन पर बोलने का हक नहीं है। कांग्रेस के शासन में दो घंटे बिजली मिलती थी तब कहां थे सिंधिया, उन्होंने केन्द्रीय मंत्री रहते प्रदेश के लिए क्या किया यह भी जनता को बताएं। प्रदेश सरकार से किसानों को कोई नाराजगी नहीं है। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा है कि सिंधिया को अगर किसानों की इतनी ही चिंता है तो वे शिवपुरी के उन किसानों जमीन वापस कर दें जिसे उन्होंने अपने ट्रस्ट की जमीन बताकर कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता किस बात के लिए सत्याग्रह कर रहे हैं यह उन्हें जनता को बताना चाहिए। सिंधिया का सत्याग्रह 14 जून को तीन बजे दशहरा मैदान पर शुरू हो रहा है।  

Dakhal News

Dakhal News 13 June 2017


shivraj singh kisan andolan

व्यापक किसान आंदोलन और छ किसानों की मौत के बाद मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में प्याज की बम्पर आवक को देखते हुए सभी कलेक्टरों को अपने जिलों की आवश्यकता अनुसार खरीदी केंद्र बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री आज मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभागायुक्तों और कलेक्टरों से प्याज  एवं अन्य कृषि उपज की खरीदी के बारे में चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के विरूद्ध सख्ती से पेश आये। श्री चौहान ने कलेक्टरों से कहा कि प्याज की खरीदी और   वितरण तत्काल करें। उन्हें जरूरत पड़ने पर जिले की आवश्यकता  और सुविधानुसार  खरीदी केंद्र स्थापित करने के अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्याज के ट्रकों को खाली करवाये और उन्हें वापस भरकर दोबारा भेजें ताकि परिवहन की निरंतरता बनी रहे।   राशन  दुकानों के माध्यम से प्याज दो रूपये प्रति किलो की दर से गरीबो को बेची जायेगी। बताया गया कि प्याज खरीदी तेजी से हो रही है। मूंग खरीदी के लिए भारत सरकार की नाफेड संस्था द्वारा व्यवस्था की गई है। तुअर के लिए 80, मूंग के लिए 62 और उड़द के लिए 48 खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं। ये खरीदी केन्द्र बढ़ाये जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने खरीदी की व्यवस्था पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। राज्य शासन नाफेड को पूरा सहयोग देगा। मुख्यमंत्री ने साफ़ किया कि प्याज या अन्य उपजों की खरीदी की कोई सीमा नहीं रखी गई है। किसान जितना लाये, सब ख़रीदे। कपास उत्पादक जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए गए कि बी टी काटन बीज की दर भारत सरकार दवारा निर्धारित दरों से ज्यादा कीमत में नहीं बिकना चाहिए। यदि ऐसा होता है तो सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कलेक्टरों को प्रभावी  जन-सुनवाई  करने के निर्देश दिए। ताकि जनता को समय पर सेवाएँ उपलब्ध हो जायें। मुख्यमंत्री ने 'स्कूल चलें हम' अभियान और नर्मदा के किनारे दो जुलाई को वृक्षारोपण की तैयारियों के सम्बन्ध में भी चर्चा की। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी. पी. सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री आर. के. शुक्ला और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 12 June 2017


chunav aayog

  ईवीएम मुद्दे पर राजनीतिक दलों के निशाने पर आया चुनाव आयोग नाराज है। आयोग ने सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि उसे बेकार में बदनाम करने वालों पर कार्रवाई का अधिकार दिया जाए। आयोग की दलील है कि इसके चलते वो आधारहीन आरोपों के खिलाफ एक्शन ले सकेगा। एक अंग्रेजी अखबार के अनुसार कानून मंत्रालय को पत्र लिखकर अदालत की अवमानना कानून में संशोधन की मांग की है। वो कानून में ऐसे प्रावधान चाहता है कि जिसके तहत अवमानना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सके। जानकारी के अनुसार मंत्रालय चुनाव आयोग के मंत्रालय के पत्र पर विचार कर रहा है। पिछले दिनों हुए विधानसभा चुनावों के बाद ईवीएम पर सवाल उठे थे और राजनीतिक दलों को आयोग ने साफ किया था कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ और हैकिंग संभव नहीं है। आयोग ने इसके लिए राजनीतिक दलों को चुनौती भी दी थी कि वो ईवीएम को हैक करके दिखाएं लेकिन इसमें सीपीएम और एनसीपी के अलावा किसी दल ने हिम्मत नहीं दिखाई।

Dakhal News

Dakhal News 12 June 2017


rss kisan andolan

नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े किसान संघ के वरिष्ठ नेता ने मध्य प्रदेश में किसानों के उग्र आंदोलन के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी और राज्य की शिवराज सिंह चौहान सरकार को जिम्मेदार ठहराया। आरएसएस समर्थित भारतीय किसान संघ (बीकेएस) ने उपाध्यक्ष प्रभाकर केलकर ने कहा  कि फसलों का कम दाम मिलने से परेशान किसानों को राहत पहुंचाने में केंद्र और राज्य सरकारें पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि किसानों में काफी लंबे वक्त से गुस्सा है। सरकार इसे समझ नहीं सकी और अब इस मुद्दे का पूरी तरह से राजनीतिकरण कर दिया गया। केलकर ने कहा कि सरकार ने पिछले 3 वर्षों में किसानों को कई वादे किए। वहीं भाजपा के किसान मंच के प्रमुख विरेंद्र सिंह मस्त ने किसानों के विरोध प्रदर्शन को जायज ठहराते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन तो लोकतंत्र का हिस्सा है। मध्य प्रदेश के मालवा इलाके में बीते 1 जून से किसानों का आंदोलन चल रहा है। इस दौरान मंदसौर में किसानों पर पुलिस फायरिंग के बाद प्रदर्शनकारी और उग्र हो गए। आंदोलन के आखिरी दिन अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राज्य में शांति बहाली के लिए अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए हैं।उन्होंने शुरू में किसान आंदोलन को बहुत हलके से लिया। 

Dakhal News

Dakhal News 10 June 2017


मध्यप्रदेश में रेरा-एक्ट का विस्‍तार

रेरा अध्यक्ष अंटोनी डिसा ने बताया है कि मध्‍यप्रदेश, देश में प्रथम राज्‍य हो गया है, जहॉ भू-संपदा एक्‍ट का विस्‍तार प्रदेश के सभी क्षेत्रों में किया गया है। पूर्व में यह एक्‍ट केवल 153 प्‍लानिंग क्षेत्रों में ही लागू था तथा वहां के आवा‍सीय एवं व्‍यावसायिक प्रोजेक्‍ट में ही रेरा प्राधिकरण के समक्ष पंजीयन आवश्‍यक था। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर अब राज्‍य के सभी प्रोजेक्‍ट एक्‍ट के दायरे में लाते हुए पंजीयन संबंधी आवश्‍यकता को गैर-प्‍लानिंग क्षेत्र के लिये भी जरुरी कर दिया हैं। उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश में प्लानिंग-एरिया के बाहर के क्षेत्रों में भी आवासीय तथा व्यावसायिक कॉम्प्लेक्सों का निर्माण हो रहा था परन्तु वहां के आवंटियों/ हितग्राहियों को वर्तमान में भू-सम्पदा अधिनियम के संरक्षण का लाभ इस आधार पर नहीं मिल पा रहा था कि वे प्लानिंग-एरिया के बाहर स्थित है। रेरा के अध्‍यक्ष श्री डि‍सा ने बताया कि प्रदेश के किसी भी नागरिक को केवल इस आधार पर अधिनियम के संरक्षण से वंचित रखना कि वह प्‍लानिग क्षेत्र में नहीं रहता अथवा उनके द्वारा क्रय किये जाने जाने वाली सम्‍पत्ति प्‍लानिंग क्षेत्र के बाहर स्थित है, न्‍यायोचित प्रतीत नहीं है। अत: प्राधिकरण ने यह विनिश्‍चय किया है कि भू-सम्पदा अधिनियम का विस्तार मध्‍यप्रदेश के सम्‍पूर्ण क्षेत्र में किया जाकर, नॉन प्‍लानिंग क्षेत्र के प्रोजेक्‍ट को भी इसके दायरे में लाया जाएगा। अतएव प्रदेश के सभी क्षेत्रों की अपूर्ण तथा नयी परि‍योजनाओं को अधिनियम के अंतर्गत पंजीयन कराना अनिवार्य होगा तथा ऐसे क्षेत्रों के आवंटियों को भी अधिनियम का संरक्षण प्राप्त होगा।

Dakhal News

Dakhal News 9 June 2017


 मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

   मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में सीहोर जिले की बुदनी तहसील के ग्राम बकतरा में आज को मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह तथा कृषि विज्ञान मेला 2017 हुआ। विवाह समारोह में 95 विवाह तथा दो निकाह हुए। मुख्यमंत्री सपत्नीक बारात में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर पुष्प वर्षा कर दुल्हों का स्वागत भी किया। मुख्यमंत्री ने नवयुगलों को आशीर्वाद देते हुए शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण का जितना कार्य प्रदेश सरकार ने किया है इतिहास मे कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि प्याज आठ रुपये किलो की दर से खरीदा जा रहा है। दस जून से तुअर 5050, मूंग 5225 तथा उड़द 5000 रुपये क्विंटल की दर पर खरीदी जाएगी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने 123 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला का लोकार्पण किया। उन्होंने अगले वर्ष से महाविद्यालय में विज्ञान संकाय शुरू करने की घोषणा की। कार्यक्रम मे प्रभारी मंत्री श्री रामपाल सिंह, मार्कफेड अध्यक्ष श्री रमाकांत भार्गव, वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह राजपूत, वन विकास निगम अध्यक्ष श्री गुरु प्रसाद शर्मा, राज्य वनोपज संघ उपाध्यक्ष श्री रामनारायण साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला मरेठा उपस्थित थीं।  

Dakhal News

Dakhal News 9 June 2017


दाल शिवराज सिंह

पीडीएस की दुकानों में गरीब उपभोक्ताओं को दो रूपये प्रति किलो मिलेगी प्याज   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यहां मंत्रालय में कृषि विभाग की भविष्य की कार्य-योजनाओं और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने प्याज खरीदी की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों से प्याज आठ रुपये प्रति किलो खरीदा जाएगा और पीडीएस की दुकानों में गरीब उपभोक्ताओं के लिये दो रूपये प्रतिकिलो की दर से उपलब्ध होगा। उपभोक्ताओं के लिये खरीदी की सीमा भी तय की जाएगी। उल्लेखनीय है कि एक सार्वजनिक वितरण दुकान में करीब चार सौ उपभोक्ता कवर होते हैं। तुअर खरीदने के संबंध में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि प्रत्येक जिले में तुअर की उपलब्धता का आकलन करें। तुअर, मूंग और उड़द की खरीदी एक ही केंद्र से की जाएगी। अभी तक 80 खरीदी केंद्र बनाये जा चुके हैं। बैठक में बताया गया कि अनुमान के अनुसार 30 जून तक एक से डेढ लाख मीट्रिक टन तुअर खरीदी की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि दाल का आयात नहीं होगा। इससे घरेलू बाजार में दाल की कीमत गिर जाएगी और किसानों को दाम नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर दाल की कीमत गिरने नहीं दी जाएगी ताकि किसानों को उनकी उपज का पूरा दाम मिल सके। दाल में किसी प्रकार की कोई छूट नहीं दी जायेगी। श्री चौहान ने मूल्य स्थिरीकरण कोष तत्काल प्रभाव से स्थापित करने निर्देश दिये। उन्होने कृषि लागत एवं विपणन आयोग का संगठनात्मक ढांचा तैयार कर उसमें अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियां करने के भी निर्देश दिये। श्री चौहान ने कहा कि खरीफ की फसलों के लिये खरीद केन्द्रों का चयन और स्थान निर्धारण पहले से कर लें ताकि समर्थन मूल्य पर खरीदी में थोड़ा भी विलम्ब न हो। मुख्यमंत्री ने किसानों के लिये मोबाइल आधारित एसएमएस या परामर्श देने की योजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रत्येक फसल के संबंध में जानकारी होना चाहिये कि कितने क्षेत्र और कितनी मात्रा में फसल बोना चाहिये ताकि बंपर आवक के बावजूद किसानों को उनकी उपज का दाम मिले। ज्यादा उत्पादन के कारण मूल्य की कमी  से किसान प्रभावित नहीं हो पाये। इसके लिये उन्होंने किसानों के डाटा बेस पर आधारित एक एप बनाने के निर्देश दिये ताकि किसान स्वयं अपना विवरण आसानी से दर्ज कर सकें। उन्होंने फसलों के संभावित खरीददारों को भी इस एप से जोड़ने पर विचार करने के लिये कहा। श्री चौहान ने इस विषय से जुड़े विभिन्न बिन्दुओं पर विचार-विमर्श करने और रणनीति बनाने के लिये एक समिति बनाने के भी निर्देश दिये। डिफाल्टर किसानों के लिये घोषित एक मुश्त सेटलमेंट योजना के संबंध में श्री चौहान ने आगामी सोमवार तक पूरी योजना का प्रारूप प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि डिफाल्टर किसानों को क्रेडिट योजना का लाभ फिर से मिलने लगे। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी पी सिंह, अपर मुख्य सचिव श्री ए.पी. श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक वर्णवाल, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी. सी. मीणा, सहकारिता, मंडी बोर्ड, मार्कफेड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 8 June 2017


bjp kisan andolan

मंदसौर में कल किसानों द्वारा किए उपद्रव और उसके बाद हुई पुलिस फायरिंग के बाद इस घटना के कारण तलाशे जा रहे हैं। भाजपा नेताओं के ही एक वर्ग का मानना है कि इस आंदोलन को हवा देने के पीछे कांग्रेस के साथ भाजपा के असंतुष्टों और स्थानीय स्तर पर नेताओं से नाराज छुटभैये नेताओं ने अहम भूमिका निभाई है।  मंदसौर समेत मालवा के कई जिलों में किसान आंदोलन पिछले छह दिनों से चल रहा है। इस आंदोलन में अपने राजनीतिक फायदे के लिए कांग्रेस मैदान में आ गई और उसने आंदोलनकारियों का साथ दिया। बताया जाता है कि भाजपा के कुछ असंतुष्ट जो लंबे समय से पार्टी में किसी न किसी कारण से उपेक्षित चल रहे हैं, ऐसे नेताओं ने भी पर्दे के पीछे से आंदोलन को हवा दी और सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने का दौर जारी रखा। इसके अलावा स्थानीय लेबल पर नेताओं से संतुष्ट कुछ कार्यकर्ताओं ने भी मौके का फायदा उठाते हुए आग में घी डालने का काम किया। इन लोकल नेताओं ने आंदोलन में खुद तो भाग नहीं लिया पर अपने कार्यकर्ताओं को पीछे से आंदोलन में उतार दिया। इन कार्यकर्ताओं ने भीड़ बढ़ाने का काम किया। भाजपा भले ही अपने असंतुष्टों के इस आंदोलन में शामिल होने का खंडन करे पर उसने ऐसे कार्यकर्ताओं की तलाश शुरू कर दी है आने वाले समय में इन पर गाज गिरना तय मानी जा रही है। मंदसौर में किसान आंदोलन के दौरान हुई गोलीबारी की घटना के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज दिनभर मंत्रालय में रहेंगे। घटना में मारे गए किसानों के परिजनों को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा के बाद सीएम चौहान कल रात भर और आज दिन में मालवा क्षेत्र में प्रशासनिक व्यवस्था और आंदोलन की स्थिति की रिपोर्ट लेते रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से संयम से काम लेने और प्रदर्शनकारियों को समझाईश देने के लिए कहा है। साथ ही सरकार द्वारा किसान हित में की गई घोषणाओं और कार्रवाई से अवगत कराने के लिए भी कहा गया है। इस बीच पूरे घटनाक्रम पर मालवा खासतौर पर उज्जैन संभाग के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर गाज गिरना भी तय माना जा रहा है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री कुछ अफसरों को हटाने की मंजूरी आज दे सकते हैं। पुलिस का इंटेलीजेंस फेल्योर भी इस मामले में गंभीर चूक माना जा रहा है। किसानों पर हुई फायरिंग को लेकर हालात सामान्य होते ही मंदसौर के कलेक्टर स्वतंत्र कुमार श्रीवास्तव  और पुलिस अधीक्षक ओपी त्रिपाठी समेत जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। आंदोलन का उग्र होना और गोलीचालन की स्थिति बनने में इन अफसरों की विफलता प्रारंभिक रूप से सामने आई है। दो चार दिनों में इन अफसरों का तबादला होना तय माना जा रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा कि कांग्रेस लाशों पर राजनीति कर रही है। आज प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा में प्रभात झा ने कहा कि मंदसौर में जो हुआ वह दुखद है पर इस मसले पर कांग्रेस जिस तरह की राजनीति कर रही है वह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और हार्दिक पटेल के अब मंदसौर आने की बात चल रही है। इन नेताओं के अब यहां आने का क्या औचित्य है। किसानों के अगर ये नेता हमदर्द थे तो उन्हें पहले आना चाहिए था। प्रभात झा ने कहा कि सरकार हमेशा किसानों के साथ रही है और सीएम शिवराज सिंह हमेशा किसानों के साथ खड़ें रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन समाप्त करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही  है।  

Dakhal News

Dakhal News 7 June 2017


 अवार्ड्स फॉर एक्सीलेंस

मध्यप्रदेश  शासन ने प्रदेश के 26 आईएएस, आईपीएस समेत आधा सैकड़ा अधिकारियों को अवार्ड्स फॉर एक्सीलेंस इन ई गवर्नेंस इनिशिएटिव फार 2014-15 से सम्मानित किया है। प्रशासन अकादमी में आज इन अधिकारियों को प्रदेश के राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री उमाशंकर गुप्ता सम्मानित किया। पुरस्कार पाने वाले अफसरों में एसीएस एसआर मोहंती, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अशोक बर्णवाल, एडीजी रेल रह चुके मैथिली शरण गुप्ता, तकनीकी शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव कल्पना श्रीवास्तव, कलेक्टर उज्जैन संकेत भोंडवे, सीएलआर एमके अग्रवाल, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के सीएमडी आकाश त्रिपाठी, सहकारिता आयुक्त कवीन्द्र कियावत समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं। प्रशासन अकादमी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 10 श्रेणियों में 23 पुरस्कार दिए गए। बेस्ट ई गवर्नेंस डिस्ट्रिक्ट पुरस्कार के लिए मंडला जिला प्रशासन को पहला पुरस्कार मिला है। तब कलेक्टर रहे लोकेश जाटव और उनकी टीम को सम्मान मिला है। दूसरा पुरस्कार उज्जैन कलेक्टर रहे कवीन्द्र कियावत, सीईओ रुचिका चौहान तथा डिंडोरी कलेक्टर रह चुकीं छवि भारद्वाज और उनकी टीम को दिया गया है। साफ्टवेयर डेवलपमेंट: साफ्टवेयर डेवलपमेंट कैटेगरी में पहला पुरस्कार राज्य निर्वाचन आयोग को मिला है। इसके प्रोजेक्ट लीडर एसएएस दीपक सक्सेना और गिरीश शर्मा की टीम को सम्मान मिला है। इसी श्रेणी में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के एमडी आकाश त्रिपाठी और उनकी टीम को दूसरा पुरस्कार दिया गया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने इस दौरान कहा कि ये पुरस्कार दो साल पुराने हैं। ऐसे में पुरस्कार पाने और देने का मजा किरकिरा हो जाता है। विभाग यह कोशिश करे कि बाकी के दो साल के पुरस्कार एक माह के अंदर दिए जाएं। उन्होंने ई गवर्नेंस को सुशासन के लिए पारदर्शी बताते हुए इसके अधिक से अधिक उपयोग पर जोर दिया। किसान आंदोलन के बाद बने हालातों का जिक्र भी मंत्री गुप्ता ने कार्यक्रम में किया और कहा कि आज की परिस्थिति में वे यहां आना नहीं चाहते थे। प्रमुख सचिव मो. सुलेमान पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि उनके वारंट के चलते कार्यक्रम में आना पड़ा है।

Dakhal News

Dakhal News 7 June 2017


 MP सरकार

भोपाल में सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 20 अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई। मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि बैठक में सीएम मेधावी विद्यार्थी योजना को मंजूरी मिल गई, इसके तहत प्रदेश सरकार मेधावी छात्रों की पूरी फीस भरेगी, कोर्स के बाद छात्रों को दो साल के लिए नौकरी करना अनिवार्य होगा। मेधावी छात्र योजना में लाभ सिर्फ मध्यप्रदेश के मूल निवासियों को ही मिलेगा। इसमें छह लाख रुपए की आय सीमा का बंधन रहेगा। सरकार राष्ट्रीय स्तर के संस्थान जैसे आईआईटी, नेशनल लॉ कॉलेज और इसी के साथ प्रदेश के शासकीय कॉलेजों की फीस भरेगी। सातवें वेतनमान का मुद्दा स्थगित हो गया। बैठक में उत्कृष्टता पुरस्कार 2007 का संशोधन किया गया है। इसमें अब प्रथम पुरस्कार एक लाख रुपए और प्रशस्ति पत्र, दूसरा 75 हजार रुपए और तीसरा 50 हजार रुपए का दिया जाएगा। दतिया में स्टेडियम का उन्नयन, शिवपुरी और रीवा में खेल प्रशिक्षण केंद्र खोला जाएगा। मंत्री मिश्रा ने कहा कि अगले शिक्षण सत्र से अंडर ग्रेजुएट के लिए सेमेस्टर सिस्टम खत्म हो जाएगा।  

Dakhal News

Dakhal News 6 June 2017


इंदौरमें तेज आंधी

इंदौर स्वच्छता के मामले में देश में पहले स्थान पर आने की खुशी में दशहरा मैदान पर सोमवार शाम को आयोजित 'प्रणाम इंदौर' कार्यक्रम के दौरान तेज आंधी और बारिश ने आयोजन स्थल को तहस-नहस कर दिया। लोहे के एंगल पर टिके पंडाल (डोम) नीचे बैठे लोगों पर गिरने से 48 लोग घायल हो गए। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान व अतिथि सहित हजारों लोग डोम में मौजूद थे। सभी वीआईपी लोगों और नेताओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घायलों में एक महिला पार्षद भी शामिल हैं। सात गंभीर घायलों को मैदान के सामने स्थित यूनिक हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।बाद में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अस्पताल में घयलों से मुलाक़ात की।  कार्यक्रम के लिए दशहरा मैदान पर तीन वाटरप्रूफ डोम बनाए गए थे। एक बड़े डोम में कार्यक्रम हो रहा था, दूसरे बड़े डोम में भोजन की व्यवस्था थी, जबकि तीसरे डोम में प्रदर्शनी लगी थी। शाम को तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हुई तो दोनों बड़े डोम गिर गए। घटना के वक्त कार्यक्रम शुरू ही हुआ था और महापौर मालिनी गौड़ भाषण दे रही थीं। तेज बारिश के कारण पहले डोम में कुछ जगह पानी गिरने लगा। कुछ ही देर में पूरे डोम में जगह-जगह तेज धाराएं गिरने लगीं। आंधी तेज हुई तो डोम में लगाए गए एंगल हिलने लगे और कवर उड़ने लगे। डोम की कुछ बत्तियां गुल कर दी गईं, लेकिन कार्यक्रम जारी रहा। बारिश और आंधी का वेग तेज होने पर डोम में जगह-जगह पानी की तेज धार गिरने लगी। कार्यक्रम वाले डोम के पिछले हिस्से में अफरातफरी शुरू हुई और सबसे पहले डोम के पिछले हिस्से का एक एंगल गिरा। उसका दबाव दूसरे एंगलों पर आता गया और कुछ ही देर में पूरा डोम गिर गया। इसके साथ ही अफरातफरी मच गई और मदद के लिए चीख-पुकार मचने लगी। लाइट गुल होने से किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था। कोई डोम का कपड़ा फाड़कर बाहर निकला तो कोई एंगलों के बीच कीचड़ में रेंगते हुए जान बचाकर बाहर आया। डोम के भीतर सुरक्षा की दृष्टि से लगाई गई जालियों के कारण लोगों को निकलने में काफी परेशानी हुई। लोहे के भारी एंगल पर टिके डोम गिरने से कई लोगों के हाथ-पैर टूट गए। एक निगमकर्मी के पैर में चार फ्रैक्चर बताए गए। कहीं पुलिसकर्मियों ने घायलों को सुरक्षित जगह पहुंचाया तो कहीं पार्षद और अन्य नेताओं ने मदद की। निगमकर्मियों ने भी बिना समय गंवाए बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों को गिरे हुए डोम से निकलने में मदद की। कई निगमकर्मी भी घायल हुए। भगदड़ देखकर सुरक्षाकर्मी और नेता मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों को कार्यक्रम स्थल से ले जाने लगे तो चिंतित मुख्यमंत्री ने वहां से जाने से इंकार कर दिया। विधायक सुदर्शन गुप्ता और राजेश सोनकर ने उनसे जल्द वहां से हटने का आग्रह किया, लेकिन मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को ऐसी स्थिति में छोड़कर वे नहीं जाएंगे। बाद में जब सीएम को अफसरों ने बताया कि डोम खाली हो चुके हैं, उसके बाद ही वे जाने को तैयार हुए। थोड़ी देर बाद वे घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे। इधर, महापौर मालिनी गौड़ भी अतिथियों के रवाना होने के बाद सीधे यूनिक हॉस्पिटल गईं। वे रात तक घायलों के उपचार और अन्य प्रबंध कराती रहीं। कई विधायक भी हॉस्पिटल पहुंचे और मरीजों के हालचाल जाने। घायलों को देखने यूनिक अस्पताल पहुँचे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान  इंदौर में भारी बारिश और तूफान के कारण कार्यक्रम स्थल के क्षतिग्रस्त होने से घायल लोगों को देखने यूनिक अस्पताल पहुँचे। मुख्यमंत्री ने सभी घायलों से बातचीत की और उन्हें बताया कि घटना स्थल पर उपस्थित सभी लोग सकुशल हैं। घायलों का पूरा इलाज मध्यप्रदेश सरकार द्वारा करवाया जायेगा। श्री सिंह ने चिकित्सकों को सभी घायलों का तुरंत समुचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान के आज इंदौर में प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल पर अचानक तूफान बारिश के कारण जब अफरा-तफरी मची, तब मुख्यमंत्री घटना स्थल पर ही डटे रहे और स्वयं ने वहाँ सभी लोगों को पंडाल से बाहर निकलवाकर अस्पताल पहुँचवाया। सबसे आखिर में मुख्यमंत्री श्री चौहान तुरंत अस्पताल पहुँचे और घायलों के उपचार की व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की।

Dakhal News

Dakhal News 6 June 2017


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

इंदौर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि खिलाड़ियों का सम्मान करने से प्रोत्साहन मिलता है। राज्य शासन खेलों के विकास के लिये कृत-संकल्पित है। भारत में पिछले एक दशक में खेलों का तेजी से विकास हुआ है। क्रिकेट और अन्य क्षेत्रों में हमने अंतर्राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियाँ हासिल की हैं। प्रदेश सरकार खेल और खिलाड़ियों के साथ है। समय-समय पर खिलाड़ियों का सम्मान जरूरी है। सम्मान से खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलती है। श्री चौहान ने आज मध्यप्रदेश ओलम्पिक संघ द्वारा आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। समारोह में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा खेल प्रशासकों, खेल संगठनों के पदाधिकारियों और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर श्री अभय छजलानी, श्री अनिल थूपर, श्री बलवीर सिंह चौहान, श्री ओम सोनी और श्री आलोक खरे का मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शॉल-श्रीफल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। समारोह में प्रतिभाशाली खिलाड़ी श्री प्रकाश मिश्रा, गणेशवरी धुर्वे, नमिता चन्देल, अंजुल नामदेव, लतिका भण्डारी, प्रिंस परमार, कुलदीप सिंह कोर, शालू रायकवार, आरती खकाल, सतीश को सम्मानित किया गया। समारोह में श्री के.एस. गिल, श्री वीरेन्द्र सिंह, श्री बी.एस. राजपूत, श्री ओम सोनी, श्री संतोष त्रिपाठी, श्री के.बी. अग्रवाल, श्री बी.डी. विद्यार्थी, श्री एस.एन. मुखर्जी, श्री सुमेर सिंह गढ़ा, श्री अर्जुन सिंह धूपर, श्री जी.के. श्रीवास्तव, श्री अभय राहुल, श्री प्रीतपाल सिंह, श्री लोक बहादुर, श्री मदन यादव, श्री संजय यादव, श्री विनोद पोतदार, श्री चन्दूराव शिंदे, श्री प्रशांत वैशाली, श्री महेश आदि को शॉल-श्रीफल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री नंदकुमार सिंह चौहान, आईडीए अध्यक्ष श्री शंकर लालवानी, विधायक श्री रमेश मेंदोला, सुश्री उषा ठाकुर, श्री सुदर्शन गुप्ता, श्री राजेश सोनकर, श्री कैलाश शर्मा, श्री दिग्विजय सिंह और श्री ओम सोनी आदि मौजूद थे।  

Dakhal News

Dakhal News 6 June 2017


शिवराज  अन्नदाता

किसान आंदोलन को लेकर सियासत गरमाई हुई है। सोमवार दोपहर सीएम हाउस में आपातकालीन बैठक हुई । इस बैठक के निर्णयों से अवगत कराने कुछ देर बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मीडिया से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता है। कुछ लोगों ने किसानों के आंदोलन को बदनाम करने का कोशिश की है। उधर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि, किसान संघ 7 जून को सीएम का सम्मान करेगा। उन्होंने किसान मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा कक्का पर निशान साधा कि, कक्काजी और जच्चाजी को जो करना है कर लें।  सीएम ने कहा कि, किसानों से शांतिपूर्ण चर्चा का रास्ता हमेशा खुला है और खुला रहेगा। मैं जानता हूं किसान कभी हिंसा नहीं कर सकते, कुछ लोगों ने किसानों को भड़काने की कोशिश की है। सरकार किसानों के लिए ही है। सीएम ने कहा कि किसानों को फसल लगाने से पहले सरकार सलाह देगी। सरकार का दावा है कि, किसानों का हड़ताल समाप्त हो गई है, लेकिन पांचवें दिन भी किसान हड़ताल पर रहे। दरअसल, मप्र में किसान आंदोलन दो गुटों में बंट गया। संघ व भाजपा से जुड़े भारतीय किसान संघ ने रविवार को आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया था, इसके बाद भी विरोध-प्रदर्शन जारी है। किसान मजदूर संघ का दावा है कि यह आंदोलन उनका था, इससे किसी का लेना-देना नहीं। इस बीच भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव को पुलिस ने धारा 151 के तहत हिरासत में ले लिया है। किसान नेता रहे महेंद्र सिंह टिकैत की भारतीय किसान यूनियन का भी कहना है कि आंदोलन जारी रहेगा। इधर, देवास समेत कई जिलों में भारतीय किसान संघ के पुतले फूंकने की खबरें हैं।सीहोर में रविवार को हुए उपद्रव के बाद सोमवार को स्थिति थोड़ी सामान्य रही। हालांकि, किसानों ने हाईवे से गुजर रहे ट्रकों और अन्य छोटे वाहनों को रोका और इनमें भरे प्याज, सब्जियों और फलों को सड़क पर फेंक दिया। मुख्यमंत्री ने मांगें मान ली हैं। इसलिए किसान संघ ने आंदोलन स्थगित कर दिया। हमें किसी दूसरे किसान संगठनों से कोई लेना-देना नहीं है। - शिवकांत दीक्षित, क्षेत्रीय संगठन मंत्री, भारतीय किसान संघ भारतीय किसान संघ का इस आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है। जब तक ऋणमुक्ति व उपज का पूरा दाम नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। -शिवकुमार शर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, किसान मजदूर संघ  

Dakhal News

Dakhal News 5 June 2017


shivraj kisan

30 जून तक जारी रहेगी प्रदेश में प्याज की खरीदी रतलाम में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 30 जून तक प्याज की खरीदी की जाएगी। समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदेंगे। सरकार किसानों के साथ खड़ी है। किसानों को खाद और बीज के लिए आसानी से लोन दिया जाएगा। 22 जिलों में 48 स्थानों पर प्याज की खरीदी की जाएगी। सीएम ने कहा कि किसानों को सलाह देने की योजना बनाई जाएगी। एक हजार करोड़ रुपए से मूल्य स्थरीकरण  बनाया जाएगा। केसीसी पर पहले की तरह एकमुश्त कर्ज मिलेगा। सरकार तुअर दाल भी समर्थन मूल्य पर खरीदेगी। इंदौर, उज्जैन और मंदसौर में प्याज की खरीदी शुरू हो गई है। 5224 रुपए प्रति क्विंटल में मूंग की खरीदी की जाएगी। सीएम ने कहा कि जो आया उससे बात की है, हिंसा करने वाले किसान नहीं हैं, उनसे सख्ती से निपटा जाएगा। रतलाम में हिंसक प्रदर्शन में आंख गंवाने वाले एएसआई को चेन्नई भेजा गया है। किसान आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश करने के लिए हिंसा की जा रही है। किसान आंदोलन को लेकर रतलाम के पास डेलनपुर में हुई हिंसक घटना पर सीएम ने कहा कि जो लोग हिंसा कर रहे हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा प्रदेश में दूध के दामों को अमूल डेयरी के दामों की व्यवस्था से जोड़ा जाएगा, किसानों के हित के लिए किसी भी सीमा तक जाकर काम करेंगे। कांग्रेस किसानों का सहारा लेकर आंदोलन को हिंसक बना रही है। इसके पहले सीएम ने किसान आंदोलन मामले में दोपहर सीएम हाउस में आपात बैठक बुलाई, जिसमें मंत्री भूपेंद्र सिंह सहित सूबे के आला अधिकारी भी शामिल हुए। मंडी बोर्ड ने फसल बेचने पर किसानों को 50 प्रतिशत कैश भुगतान करने की घोषणा की है, बाकी 50 प्रतिशत किसानों के खाते में जमा किए जाएंगे। इसके पहले रविवार को उज्जैन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कुछ मांगों को मान लिए जाने के बाद स्थगित हो गया। इसका ऐलान भारतीय किसान संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री शिवकांत दीक्षित ने किया, लेकिन इसे भारतीय किसान यूनियन ने नकार दिया। बिजलपुर और राऊ के किसानों ने भी आंदोलन जारी रखने का फैसला लिया है। इसके चलते आंदोलन बंट गया। देर रात किसान सेना ने आंदोलन वापस ले लिया। इसके बाद रविवार रात तक यह असमंजस बना रहा कि सोमवार से दूध-सब्जी की उपलब्धता सामान्य होगी या नहीं। भारतीय किसान यूनियन ने धमकी दी है कि दो दिन में मांगें नहीं मानीं तो 10 जून को पूरा प्रदेश बंद करेंगे। मानीं गईं मांगें  मंडियों में उपज बेचने पर 50% भुगतान नकद, 5% आरटीजीएस से बैंक खाते में जमा होगा।सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्याज खरीदेगी। प्रति किलो के आठ रुपए दिए जाएंगे। खरीदी अगले सप्ताह से शुरू होकर जून अंत तक चलेगी। गर्मी की मूंग भी समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी।फसल बीमा ऐच्छिक बनाएंगे।सब्जी मंडियां भी मंडी अधिनियम में लाई जाएंगी, ताकि किसानों को ज्यादा आढ़त न देनी पड़े। नगर एवं ग्राम निवेश अधिनियम के किसान विरोधी प्रावधानों को हटाया जाएगा।आंदोलन की वजह से किसानों पर दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे। यादव भारतीय किसान यूनियन के महामंत्री अनिल यादव और किसान मजदूर संघ के अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ने कहा कि किसान संघ पहले दूर रहा। आंदोलन प्रदेश में फैल गया तो सरकार से बात कर आंदोलन स्थगित करने की घोषणा कर दी, जबकि उन्हें इसका अधिकार ही नहीं है।  

Dakhal News

Dakhal News 5 June 2017


kisan andolan

  मध्यप्रदेश में 14 साल बाद किसानों के इतने बड़े आंदोलन ने जन जीवन प्रभावित कर दिया है। शिवराज सरकार के खिलाफ किसानों ने लगातार तीसरे दिन आधा दर्जन शहरों में उग्र तेवर दिखाए। नतीजे में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, खंडवा, रतलाम जैसे शहरों में  लोग दूध, सब्जी तक को तरस गए। दूध भी 100 रुपए लीटर तक खरीदना पड़ा। उधर पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस अधीक्षकों और रेंज अफसरों को शांति व्यवस्था को लेकर कड़े निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।  आज सुबह इंदौर, उज्जैन, मंदसौर और होशंगाबाद की गल्ला और सब्जी मंडी में किसानों ने किसी को नहीं जाने दिया। इससे कई बार विवाद की स्थिति बनी। उधर भोपाल और सीहोर के किसान फंदा जोड़ पर चक्काजाम करने की तैयारी में थे। वहीं रतलाम में भी किसान सड़कों पर उतरे हुए हैं। देवास के खातेगांव, आगरमालवा के नलखेड़ा में किसानों ने चक्काजाम किया है। किसानों के आंदोलन से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, सीहोर, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, नीमच सहित कई शहरों में दूध-सब्जी की सप्लाई आधी से भी कम हो गई।    सूत्रों की मानी जाए तो सोमवार को किसान रैली निकालने की तैयारी कर रहे हैं। इस दिन जिला मुख्यालय पर किसान जमा हो सकते हैं। वे कलेक्टर को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देंगे।  2010 में किसानों ने राजधानी को जाम कर दिया था। प्रदेश भर से हजारों की संख्या में किसान इस शहर में जमा हुए थे और उन्होंने शहरों के हर रास्ते को बंद कर दिया था। महाराष्ट्र में किसानों का आंदोलन समाप्त हो चुका है। कृषि उत्पादन  आयुक्त पीसी मीणा ने कहा मध्यप्रदेश मेंं भी आंदोलन समाप्त हो इस दिशा में रणनीति तैयार की जा रही है। चर्चा के बाद उन्हेंं मनाकर आंदोलन समाप्त करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।  नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा सरकारी हेलीकॉप्टर से अपने खेत जाने वाला उट क्या समझे किसान का दर्द: अजय सिंह मुख्यमंत्री शिवराज चौहान अपने पांच एकड़ जमीन पर होने वाली खेती का सरकारी हेलीकॉप्टर से निरीक्षण करने जाते हैंं, वह इस प्रदेश के किसानों का दर्द क्या समझेंगे? मुख्यमंत्री के लिए किसान सिर्फ वोट बैंक है।   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  किसानों से अपील की है कि वे उनके नाम से अराजकता फैलाने वालों से सावधान रहें और किसी तरह के बहकावे में न आएं। किसानों की हाड़-तोड़ मेहनत से मध्यप्रदेश राज्य देश में नहीं विश्व में कृषि विकास दर में अग्रणी है। सीएम चौहान ने कहा है कि चर्चा और संवाद ऐसे माध्यम हैं, जिनसे हर समस्या का निदान करने में हम सक्षम हो सकते हैं। मध्यप्रदेश के किसान परेशान हों, यह जानकर ही पीड़ा होती है। उन्होंने कहा कि किसानों की वर्तमान समस्याओं को हल करने के लिए सरकार तत्पर और तैयार है। उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार पहली ऐसी सरकार है जिसने किसानों को पहले 16-17 प्रतिशत ब्याज दर पर मिलने वाले कृषि ऋणों को शून्य ब्याज पर देने की व्यवस्था की है।   20 पूंजीपतियों का कर्ज माफ करने की तैयारी में सरकार: कक्का जी भोपाल। राष्ट्रीय किसान महासंघ के अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा कक्काजी ने कहा है कि अगर सरकर ने किसानों को कर्ज मुक्त नहीं किया तो हम उन्हें कार्यमुक्त करने तक दम नहीं लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों के बात करने की बजाए चुनिंदा पूंजीपतियों के कर्ज माफ करने की तैयारी कर रही है। इस दौरान उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि 2010 की तरह भोपाल को जाम कर देंगे। उन्होंने   कहा कि सरकार फर्जी आंकड़ों से कृषि कर्मण अवार्ड ले रही है। उन्होंने प्रदेश के किसानों का 44 हजार करोड़ रुपए का कर्ज माफ करने की मांग की है।  मध्यप्रदेश में किसानों की हड़ताल के तीसरे दिन शनिवार को एक बार फिर आम लोगों को दूध और सब्जी की किल्लत का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में पुलिस की सुरक्षा में दूध और सब्जी की दुकानें खुलीं, लेकिन इन्हें बहुत ज्यादा कीमत पर बेचा गया। उधर कई जगह आंदोलन कर रहे किसानों ने दूध और सब्जी की सप्लाई रोकने के लिए निजी वाहनों और बसों में भी चेकिंग शुरू कर दी है। भारतीय किसान संघ भी अब इस हड़ताल में शामिल होगा। किसान के आंदोलन पर सरकार हरकत में आ गई है। शनिवार दोपहर मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने इंदौर, उज्जैन और भोपाल संभाग के अधिकारियों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की। इस दौरान तीनों संभागों के आईजी, कलेक्टर, एसपी और दुग्ध संघ के अधिकारी भी उपस्थित थे। देवास के पास कन्नौद में खेत से 2 लीटर दूध लेकर घर आ रहे किसान को आंदोलनकारियों ने सुबह 8.15 बजे सरकारी अस्पताल के सामने रोक लिया, उन्होंने पहले दूध बहाया इसके बाद किसान के साथ मारपीट की। मामले में रिपोर्ट लिखाई गई। राजोदा में कैलोद चौराहे पर निजी वाहनों को रोक कर किसानों ने चेकिंग की, सुबह से खुली दूध डेयरियां भी बंद करवा दी गईं। खंडवा में बसों की चेकिंग में मिली सब्जी किसानों ने सड़क पर फेंकी। महाराष्ट्र से आया दूध का वाहन भी रोका, जिसके बाद ड्राइवर वाहन को थाने ले गया। वहां पुलिस के संरक्षण में दूध ज्यादा कीमत में बिका। शाजापुर में सांची दूध की सप्लाई होने से स्थिति कुछ सामान्य हुई, लेकिन खुला दूध अब भी नहीं मिला। यहां सब्जी की सप्लाई बंद रही। शाजापुर में करीब बड़ी संख्या में किसान सड़क पर उतर आए और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया। मंदसौर में 300 लीटर दूध एक कार से जब्त हुआ, जिसके बाद जिला अस्पताल में इसे बांट दिया गया। कई जगह किसानों का विरोध जारी रहा उन्होंने रोक-रोकर वाहनों की चेकिंग की। दूध और सब्जी की किल्लत के चलते कई जगह आम लोगों ने किसानों का विरोध किया। लोगों का कहना है कि यह तरीका बिल्कुल गलत है। झाबुआ और आलीराजपुर में हड़ताल का कोई असर नहीं दिखा, यहां सामान्य रूप से मंडी खुली और दूध की सप्लाई भी सामान्य रही। हालांकि मंड़ि‍यों में सब्जी की आवक पहले की अपेक्षा कम रही। खरगोन सब्जी मंडी में हालत सामान्य रहे लेकिन सब्जियों के भाव आसमान पर रहे। इंदौर और धार में किसानों आंदोलन के चलते व्यापारी खरगोन नहीं पहुंचे। यहां दूध की सप्लाई भी सामान्य रही। रविवार को सब्जी मंडी बंद रह सकती है। जिले के भीकनगांव में सब्जी का व्यापार जारी। यहां सांची के दूध की सप्लाई भी हुई, गड़बड़ी की आशंका के चलते अमूल का दूध नहीं मंगवाया गया। जानकारी के मुता‍बिक सांची का 10 हजार लीटर दूध यहां सप्लाई हुआ। बड़वानी में किसान आंदोलन का असर नहीं रहा।  

Dakhal News

Dakhal News 3 June 2017


आचार्य धर्मेंद्र

पाकिस्तान के द्वारा बार बार किए जा रहे संघर्षविराम उल्लंघन को लेकर विश्व हिन्दू परिषद के नेता आचार्य धर्मेन्द्र का कहना है कि पाकिस्तान पर परमाणु बम गिरा देना चाहिए. पाक की ओर से हो रहे लगातार संघर्ष विराम के उल्लंघन की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि एशिया में स्थायी शांति के लिए ऐसा करना आवश्यक है. पाक को पड़ोसी देश पुकारने के बजाय दुश्मन देश बोलना चाहिए. राजस्थान के कोटा शहर में मीडिया से बात करते हुए आचार्य धर्मेंद्र ने कहा कि एशिया में स्थाई शांति के लिए ऐसा करना जरूरी है. आचार्य धर्मेन्द्र ने गाय को राष्ट्रीय पशु के बजाय राष्ट्रीय माता घोषित करने और मुस्लिम समुदाय के लोगों से बेझिझक वन्दे मातरम् बोलने की अपील की. उन्होंने महात्मा गांधी को जहां देश के विभाजन का जिम्मेवार करार देते हुए नोटों पर केवल गांधी के ही चित्र प्रकाशन पर सवाल खड़े कर डाले. इसके साथ ही अशफाक उल्लाह खान और एपीजे अब्दुल कलाम का नाम लेते हुए विहिप नेता ने कहा कि भारत में देशभक्त मुस्लिमों की भी कमी नहीं हैं. आचार्य ने पाकिस्तान को पड़ोसी देश के बजाय दुश्मन देश के संबोधन से पुकारे जाने की मांग की और कहा कि एशिया में शांति के लिए पाकिस्तान पर परमाणु बम गिरा देना चाहिए. उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों को बेझिझक वंदे मातरम बोलने की सलाह देते हुए कहा कि भारत में एपीजे कलाम आजाद और अशफाक उल्लाह खान जैसे देशभक्तों की कमी नहीं है. केन्द्र की मोदी सरकार की आलोचना करते हुए आचार्य धर्मेन्द्र ने कहा कि हिन्दूत्व के नाम पर सत्ता में आई सरकार घरों में शौचालय बनाने और स्वच्छता जैसे मुद्दों में उलझकर रह गई है.

Dakhal News

Dakhal News 3 June 2017


भोपाल दिवस

भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बोरासघाट शहीदों के स्मारक स्थल को भव्य स्वरूप दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि भोपाल नगर के विभिन्न स्थानों का नाम शहीदों, सैनानियों, क्रांतिकारियों, समाज सुधारकों के नाम पर रखा जाये। उन्होंने इसके लिये टीम गठित कर नामों का चयन करने के निर्देश दिये हैं। श्री चौहान बोट क्लब में भोपाल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन नगर निगम द्वारा भोपाल की आजादी की 68वीं वर्षगांठ पर किया गया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विलीनीकरण आंदोलन में शामिल हुये सेनानी श्री कुबेर सिंह सकलेचा और श्री मानकचंद चौबे का सम्मान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। भोपाल गान की सीडी का विमोचन किया। श्री चौहान ने भोपालवासियों का आव्हान किया कि वो टीटी नगर को तात्या टोपे नगर के नाम से ही संबोधित करें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कहा कि जहाँ भी टीटी नगर लिखा है वहाँ तात्या टोपे नगर लिखवाने के लिये नागरिकों से अपील करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जो देश अपने शहीदों का स्मरण नहीं करता, वह अधिक दिन तक बना नहीं रह सकता। उन्होंने बताया कि भोपाल को आजादी देश की आजादी के दो साल बाद मिली। नबाव के दुराग्रह के कारण नबाव से आजादी के लिये भोपाल के लोगों को घनघोर संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने विलीनीकरण के सेनानियों बोरास के शहीदों का उल्लेख करते हुये कहा कि शहीदों की पूजा की जानी चाहिये। शहीदों का निरंतर स्मरण किया जाना चाहिये। भोपाल की वर्षगांठ मनाने के लिये उन्होंने नगर निगम को बधाई दी। नागरिको का आव्हान किया कि वे भारत माता की आजादी को बनाये रखने के लिये अपना सर्वस्व अर्पित करने तैयार रहें। भोपाल सहित प्रदेश और देश को आगे बढ़ाने के लिये नागरिक कर्तव्यों का जिम्मेदारी के साथ पालन करें। उन्होंने नमामि देवी नर्मदे अभियान का उल्लेख करते हुये कहा कि आगामी दो जुलाई को वृक्षारोपण का वृहद कार्यक्रम होगा। भोपालवासी भी पौधे लगाने में सहयोग करें। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में प्रदेश के बच्चों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये कहा कि युवाओं के उज्जवल भविष्य के लिये सरकार प्रयासरत है। ग्लोबल स्किल समिट का आयोजन किया गया है। इसमें तय किया गया है कि एक वर्ष में एक लाख नया रोजगार सृजित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के शिक्षा के मार्ग में कोई बाधा नहीं आने दी जायेगी। बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक लाने वाले छात्र-छात्राओं को प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश मिलता है। उनके माता-पिता फीस देने में सक्षम नहीं है, तो राज्य सरकार उनकी फीस भरवायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नागरिकों से अपील की कि वे जाति, मजहब आदि के भेदभाव के बिना भोपाल, प्रदेश, देश को आगे बढ़ाने, भोपाल की विशिष्टता बनाये रखने और शहर की शांति में खलल पैदा करने वालों को अलग-थलग कर देने के लिये संकल्पित हो। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नदिया चले रे चले धारा का गायन भी किया। महापौर श्री आलोक शर्मा कहा कि भोपाल की आजादी की वर्षगांठ प्रति वर्ष मनाई जायेगी। उन्होंने बताया कि भोपाल की आजादी की 68वीं वर्षगांठ के अवसर पर भोपाल दिवस मनाया गया है। उन्होंने कहा कि आजादी के जननायकों, शहीदों की यादों को अमर बनाये रखने के लिये उनका निंरतर स्मरण किया जाता रहेगा। उन्होंने भोपाल की गंगा जमनी तहजीब का जिक्र करते हुये भोपाल की आजादी के संघर्ष में योगदान देने वाले जननायकों का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में नेहरू युवा केन्द्र भोपाल के द्वारा गणेश वंदना और राष्ट्रीय गीतों पर आधारित नृत्य की प्रस्तुतियाँ दी। पार्श्व गायिका मधुश्री भट्टाचार्य ने भी गीतों की प्रस्तुतियाँ दीं। इस अवसर पर भव्य आतिशबाजी भी हुई। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष भाजपा, सांसद श्री नंदकुमार सिंह चौहान, राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपालसिंह, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार सहकारिता श्री विश्वास सारंग, सांसद श्री आलोक संजर, विधायक श्री सुरेन्द्र नाथ सिंह, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओम यादव, वरिष्ठ पत्रकार श्री महेश श्रीवास्तव, श्री विजयदत्त श्रीधर, विलीनीकरण आंदोलन के जननायकों के परिजन और नगर निगम परिषद के सदस्यगण और बड़ी संख्या में भोपाल के नागरिक उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 2 June 2017


युवा मतदाता

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मध्यप्रदेश में 18 से 19 आयु वर्ग के युवा मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए आगामी एक जुलाई से विशेष अभियान चलाया जायेगा। विशेष अभियान 31 जुलाई तक चलेगा। यह जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती सलीना सिंह ने आज यहाँ दी। श्रीमती सलीना सिंह ने बताया कि पहली बार वोटर बनने जा रहे युवाओं के नाम शामिल करने के लिए सभी कॉलेज में फार्म-6 उपलब्ध करवाया जा रहा हैं। ऐसे विद्यार्थी जो प्रवेश के लिए कॉलेज पहुँचेंगे, उनसे फार्म की पूर्ति करवाकर उन्हें वोटर बनाया जायेगा। सभी 1480 केम्पस एम्बेसडर के माध्यम से विशेष केम्प भी लगाये जायेंगे। छात्रावासों में रह रहे विद्यार्थियों से सम्पर्क किया जायेगा। स्कूल एवं कॉलेज के शिक्षकों को नोडल ऑफिसर बनाया जायेगा। छूटे हुए युवाओं के नाम जोड़ने के लिए एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केन्द्र और अन्य संगठन को भी सक्रिय किया जायेगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि युवा एवं पात्र मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) डोर-टू-डोर सम्पर्क करेंगें और फार्म-6 भरवायेंगे। इस कार्य के लिए चालू माह में बीएलओ और बूथ अवेयरनेस ग्रुप को प्रशिक्षण दिया जायेगा। मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों की जिला स्तर पर बैठक कर अभियान की जानकारी दी जायेगी। प्रशिक्षण में बीएलओ से फीडबेक प्राप्त कर ईआरओ रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को देंगे। रिपोर्ट के आधार पर लक्ष्य पूर्ति के लिए कलेक्टर कार्य-योजना बनाकर अमल करेंगे। जिलों में कॉल सेंटर 1950 स्थापित कर मतदाताओं को जानकारी दी जायेगी। बीएलओ 8 एवं 23 जुलाई को बूथ स्तर पर विशेष शिविर लगायेंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि आशा और आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नवयुवतियों और नव-विवाहितों के नाम जोड़ने के कार्य में लगाया जायेगा। दिव्यांगों के नाम बीएलओ को देकर वोटर लिस्ट में जोड़ा जायेगा। मृत मतदाताओं के नाम हटवाने के लिए उनके परिजन से फार्म-7 की पूर्ति करवाई जायेगी। जिलों में छूटे हुए मतदाताओं की संख्या का प्रचार-प्रसार करवाया जायेगा। अभियान में राज्य शासन के विभिन्न विभाग, नगरीय निकाय, रेलवे, बीएसएनएल, शैक्षणिक संस्थान, परिवहन, इंडियल ऑयल कार्पोरेशन, बैंक, निजी मोबाइल सेवा प्रदाता, टीवी और एफएम चैनल, सिनेमा हॉल, शापिंग मॉल, कलाकार तथा आईकॉन को भागीदार बनाया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 64 हजार 5 मतदान केन्द्र है। प्रदेश की अनुमानित जनसंख्या लगभग 8 करोड़ एक लाख है, जिसमें मई 2017 की स्थिति में 5 करोड़ एक लाख मतदाता है। इनमें पुरूष 2 करोड़ 63 लाख तथा महिलाएँ 2 करोड़ 38 लाख है। थर्ड जेंडर की संख्या 1169 है। ईपी रेशो 61.78 तथा जेंडर रेशो 908 है। वर्ष 2016 में कुल 13 लाख 15 हजार मतदाता के नाम जोड़े गये। इस साल मई तक 3 लाख 16 हजार नाम जोड़े तथा एक लाख 68 हजार नाम हटाये गये। मतदाता सूची के अनुसार मई माह तक दर्ज 18-19 आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या एक लाख 18 हजार 765 है जबकि जनगणना-2017 के अनुसार इस आयु वर्ग के युवाओं की संख्या 9 लाख 3 हजार 227 है। इस प्रकार इसमें अंतर 7 लाख 84 हजार 462 है। अभियान द्वारा अंतर की पूर्ति के लिए पुरजोर प्रयास किये जायेंगे।

Dakhal News

Dakhal News 2 June 2017


ग्‍लोबल स्किल समिट

‘ग्लोबल स्किल एण्ड एम्प्लॉयमेंट समिट’ में आज ‘पर्यटन क्षेत्र में कौशल विकास एवं रोजगार के अवसर’ पर महत्वपूर्ण और सार्थक विमर्श हुआ। सत्र की विशेषता यह रही कि मुख्‍यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान अचानक इस सत्र में पहुँचे और आम प्रतिभागी की तरह उन्‍होंने अपनी सहभागिता की। सत्र में राज्‍य पर्यटन विकास निगम के अध्‍यक्ष श्री तपन भौमिक, मुख्‍य सचिव श्री बसंत प्रताप सिंह एवं पर्यटन सचिव तथा पर्यटन निगम के एम.डी. श्री हरि रंजन राव सहित आमंत्रित विषय-विशेषज्ञ और प्रतिभागी मौजूद थे। राज्‍य पर्यटन विकास निगम के अध्‍यक्ष श्री तपन भौमिक ने सत्र में कहा कि मध्‍यप्रदेश में पर्यटन के जरिये रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में सतत् प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में व्‍यापक संभावनाएँ हैं। इसी को देखते हुए जल-पर्यटन, होटल प्रबंधन, रेलवे कुली, ऑटो चालक, पर्यटन पुलिस और होम-स्‍टे योजना में विभिन्‍न प्रशिक्षण की व्‍यवस्‍था की गई है। प्रदेश में 23 हजार 700 लोगों को पर्यटन में रोजगार संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें से तकरीबन 68 फीसदी लोगों को पर्यटन क्षेत्र में रोजगार और शेष को प्रायवेट सेक्‍टर में रोजगार मिला है। प्रदेश में निवेश-मित्र पर्यटन नीति लागू की गई है। जल-पर्यटन के क्षेत्र में नई शुरुआत की गई है। हनुवंतिया में इस साल जल-महोत्‍सव 80 दिन का होगा। श्री भौमिक ने आशा व्‍यक्‍त की कि इस सत्र के उपयोगी विमर्श से पर्यटन क्षेत्र को विस्‍तार मिलेगा। निगम की अपर प्रबंध संचालक सुश्री तन्‍वी सुन्द्रियाल ने 'मध्‍यप्रदेश में पर्यटन परिदृश्‍य'' पर प्रेजेंटेशन में बताया कि पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार में 13 प्रतिशत ग्रोथ की संभावनाएँ हैं। वर्तमान में पर्यटकों और लोगों का ऑनलाइन बुकिंग के प्रति रुचि और रुझान बढ़ा है। प्रदेश में पर्यटन में निवेश की अच्‍छी संभावनाएँ हैं। उन्‍होंने प्रेजेंटेशन में होटल, हॉस्पिटेलिटी, रेस्‍टॉरेंट, टूर एण्‍ड ट्रेवल और विजन 2020 के लक्ष्‍य और उन्‍हें हासिल करने की रणनीति को रेखांकित किया। उन्‍होंने बताया कि प्रदेश में खुलने वाले नए नेशनल इंस्‍टीट्यूट में पर्यटन विषय पर एमबीए का पाठ्यक्रम भी होगा।   महिन्द्रा हॉलिडे एण्ड रिसॉर्ट इंडिया के अध्यक्ष श्री अरुण के. नन्दा ने बताया कि घरेलू पर्यटक प्राय: नजदीकी स्‍थान पर भ्रमण के लिये जाने के इच्‍छुक रहते हैं। इसके लिये मध्‍यप्रदेश के पर्यटन स्‍थल सर्वाधिक उपयुक्‍त हैं। उन्‍होंने कहा कि पर्यटन में रोजगार की काफी गुंजाइश है। अंतर्राष्‍ट्रीय पर्यटन को लेकर भी अच्‍छी खबरें मिल रही हैं। मध्‍यप्रदेश की ‘अतिथि देवो भव:’ की प्राचीन भारतीय परम्‍परा और यहाँ की तहजीब पर्यटकों को आकर्षित करने के लिये पर्याप्‍त है। श्री नन्‍दा ने आर.पी.एल. के जरिये प्रशिक्षण कार्यक्रम में समन्‍वय स्‍थापित करने की जरूरत बताई। इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर के उपाध्यक्ष श्री राजीव मेहरा ने कहा कि देश की अर्थ-व्‍यवस्‍था में पर्यटन की अहम भूमिका है। पर्यटन के जरिये रोजगार में लगभग 10 फीसदी का योगदान है। उन्‍होंने कहा कि ट्रेवल टूरिज्‍म में भी अच्‍छी संभावनाएँ हैं। श्री मेहरा ने पर्यटन को कठिन परिश्रम वाला क्षेत्र बताते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार के लिये आगे आना चाहिए। होटल एण्ड रेस्टॉरेंट एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया के अध्यक्ष श्री सुमित सूरी ने कहा कि मध्‍यप्रदेश में निवेश के क्षेत्र में अनुकूल वातावरण होने से अच्‍छे निवेशक यहाँ जरूर आएँगे। राज्‍य शासन द्वारा रोजगार के क्षेत्र में अच्‍छी संभावनाएँ और अवसर विकसित कर दिये गये हैं। जरूरत इस बात की है कि इन अवसरों का सही ढंग से लाभ उठाया जाये। श्री सूरी ने कहा कि अच्‍छे मेनपॉवर की जरूरत सभी को रहती है और वे ‘ऑन जॉब ट्रेनिंग’ में हर संभव सहयोग को तत्‍पर हैं। उन्‍होंने कहा कि होटल इंडस्‍ट्री एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें अपेक्षाकृत कम पढ़े-लिखे लोगों के लिये भी रोजगार के अवसर हैं। फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन इन इंडिया टूरिज्म एण्ड हॉस्पिटेलिटी के कंसल्‍टेंट सी.ई.ओ. श्री आशीष गुप्‍ता ने अपने प्रेजेंटेशन में मध्‍यप्रदेश में पर्यटन की विशिष्‍ट स्थिति और खूबियों को और अधिक प्रचारित किये जाने की जरूरत बताई। उन्‍होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में मल्‍टी स्किल प्रतिभाओं की भी आवश्‍यकता है। श्री गुप्‍ता ने पे-टीएम, गूगल ट्रेवल, फेसबुक, एक्‍सपीडिया आदि साधनों की चर्चा करते हुए इनके उपयोग पर जोर दिया। पर्यटन सचिव एवं निगम के एमडी श्री हरि रंजन राव ने प्रदेश की पर्यटन की खूबियों की चर्चा करते हुए कहा कि जल-पर्यटन, होम-स्‍टे और Way Side Amenities आदि क्षेत्रों में नए अवसर उपलब्‍ध करवाए गए हैं। श्री राव ने कहा कि प्रदेश के बघेलखण्‍ड विशेषकर सतना के कुक पूरे देश में जाने जाते हैं। वहाँ के कुक देश भर में काम भी कर रहे हैं। प्रारंभ में श्री राव ने विषय प्रवर्तन किया। निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. पी.पी.सिंह एवं श्री ओ.वी.चौधरी ने अतिथियों का स्‍वागत किया और उन्‍हें टूरिज्‍म सिग्‍नेचर स्‍टॉल भेंट किये। प्रश्‍नोत्‍तर सत्र में प्रतिभागियों के प्रश्‍नों के समाधानकारी उत्‍तर दिये गये।  

Dakhal News

Dakhal News 1 June 2017


rera

  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि 'रेरा' से नगरों का विकास सुनियोजित होगा। उपभोक्ता हितों का संरक्षण होगा। शिकायतों के समाधान की उपयुक्त व्यवस्था होगी। देश में यह व्यवस्था करने में प्रदेश अग्रणी है। श्री चौहान आज भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण रेरा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण कर रहे थे। कार्यक्रम में राज्य उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष श्री राकेश सक्सेना, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, रेरा के सदस्य श्री अनिरुद्ध कपाले, क्रेडाई के प्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अपना घर हर व्यक्ति की जिन्दगी का सपना होता है। वह अपने जीवन भर की कमाई उसमें लगा देता है। कई मामलों में उसे समस्याओं का सामना करना पड़ता है। रेरा के गठन से ऐसी सभी समस्याओं का समाधान हो जायेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि रेरा उपभोक्ता हितों का संरक्षण करेगा। नगर नियोजन की परेशानियाँ खत्म होगी। उन्होंने रियल स्टेट की वास्तविक समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन दिया। बताया कि बिल्डरों के साथ भी चर्चा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में देश के प्रथम दो नगर मध्यप्रदेश के है। देश के पहले 100 स्वच्छ नगरों में प्रदेश के 22 नगर है। उन्होंने कहा कि प्रक्रियाएँ पारदर्शी हो। नगर स्वच्छ रहे। उनमें शांति रहें। यह सबकी जिम्मेदारी है। स्वच्छ, नियोजित, शांतिपूर्ण शहर, सबको स्नेह और आत्मीयता सरकार की प्राथमिकता है। लेकिन लोगों की जिन्दगी में खलल डालने वाले बर्दाश्त नहीं होंगे। सज्जनों के साथ फूल से कोमल और दुष्टों के साथ वज्र सा कठोर व्यवहार सरकार की नीति रहेगी। शहर की फिजाँ किसी ने खराब़ करने की कोशिश की तो उसे बख्शा नहीं जायेगा। महापौर श्री आलोक शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है जिसने विनियामक अधिनियम को लागू किया है। अब नागरिकों की परिसंपत्ति संबंधी समस्याओं का प्रभावी समाधान होगा। अपने घर का जीवन भर का उनका सपना आसानी से साकार होगा। रेरा के अध्यक्ष श्री डिसा ने अधिनियम क्रियान्वयन में प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बताया। उन्होंने कहा कि संस्था प्रतीक चिन्ह बनाने में भी प्रदेश अव्वल है। कहा कि प्रतीक में रोमन और देवनागरी दोनों लिपियों में नाम शामिल है। प्रतीक, संस्था के प्रमुख तीन उद्देश्य को भी संरक्षित करता है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही अधिनियम के स्टेक होल्डरों की कान्फ्रेंस भी की जायेगी। आभार प्रदर्शन रेरा सदस्य श्री दिनेश नायक ने किया।    

Dakhal News

Dakhal News 1 June 2017


shivraj singh

सीहोर के अहमदपुर में ग्रामोदय से भारत उदय अभियान के समापन पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोई भी भूखा नहीं रहेगा। सभी गरीबों को सब्सिडी से अनाज उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ गरीबों को मकान बनाने के लिए पैसा दिया जाएगा, प्रदेश की धरती पर कोई बिना मकान के नहीं रहेगा। इसका पैसा सीधे खाते में डाला जाएगा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तरक्की कर रहा है। सीएम ने कहा प्रदेश हर गरीब के लिए रोटी, कपड़ा और मकान देंगे। आज 1 रुपये किलो गेहूं, चावल और नमक 5.5 करोड़ लोगों को दिया जा रहा है। जो लोग सक्षम हैं वे मिल रही सब्सिडी को छोड़ने के लिए खुद आगे आए, जिससे गरीबों का भला हो सके। सीएम ने कहा कि खेती को फायदे का धंधा बनाना है, नदियों को जोड़कर खेती को लाभ का धंधा बनाएंगे। प्रदेश में लड़कियों के लिए कई स्कीम लागू की गई है। ग्राम पंचायतों को विकास के लिए करोड़ों की राशि दी जा रही है। अब गांवो में बैठकर ही ग्रामीणों की समस्या का निवारण किया जाएगा। हमने हर पंचायत में तय किया है कि एक तालाब तो होगा। आप गांव वाले विकास के जो काम तय कर देंगे, सरकार व ग्राम पंचायत वही काम करेंगे। सभी गांवों में सीसी रोड और पक्की नालियां बनाएंगे। प्रदेश में सात हजार पंचायतें और सहित 5 और जिले खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं। ग्राम पंचायतों को एक करोड़ रुपए से एक लाख रुपए तक की राशि मिल रही है। गरीबों और किसानों का कल्याण हमारा लक्ष्य है। सीएम ने कहा कोई भी गरीब बिना मकान के नहीं रहेगा, 2011 तक सभी आवासहीन को मकान बनाकर दिए जाएंगे। बिजली विभाग और वन विभाग को छोड़कर बाकी के सभी विभागों में 35 प्रतिशत नौकरी महिलाओं के देंगे। उन्होंने कहा 3 लाख बच्चों को रोजगार देंगे और 7 लाख बच्चों को कौशल विकास के अंतर्गत ट्रेंड करेंगे। 2 लाख की सम्मान निधि अच्छा काम करने वाले सरपंच को दी जाएगी इसी तरह 1 के लाख की 2 राशि दूसरे नंबर पर आने वाले 2 सरपंचों को दी जाएगी। सीएम ने कहा कि 91 हजार 300 किमी सड़क बनने का लक्ष्य था, 80 हजार किमी की सड़क बना चुके हैं, जो पूरे देश मे रिकार्ड है। फलदार पेड़ लगने पर सरकार 5 हजार की राशि देगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्रामो को नंबर 1 बना देंगे। 2 जुलाई को नर्मदा पर पेड़ लगना है ये काम मे अकेले नहीं कर सकता हूं, आप सभी का सहयोग चाहिए।  

Dakhal News

Dakhal News 31 May 2017


prem sagar

premउमेश त्रिवेदी महान क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल अपने साथियों के बीच जगदम्बाप्रसाद मिश्र ‘हितैषी’ के इस नगमे को अक्सर गुनगुनाया करते थे कि– ‘शहीदों की मजारों पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा...।‘ सरफरोशी की तमन्नाओं को पालने वाले दीवानों के लिए यह शायरना-आश्वासन मर-मिटने का वह सामान था, जिसे छाती से लगाए वो लोग कुर्बान हो जाते थे। शहीदों की मजारों पर मेले के ख्वाब सजाने वाले इस कौमी-तराने का रचना काल 1916 माना जाता है। पिछले सौ सालों से इस नगमे के भावुक-तूफानों से उठने वाली धूल को माथे पर रखने का नाटक इस देश में बखूबी जारी है। लेकिन क्या हम सही में अपने शहीदों के प्रति चिर-अनुरागी और चिर-अनुगामी हैं? और क्या सही अर्थो में उनकी मजारों पर हमारी धूप-बत्ती की भाव-नाटिका उनके प्रति श्रध्दा का इस्पाती-जज्बात है...? देवरिया के शहीद प्रेम सागर के साथ वहां के शासन-प्रशासन ने जो सलूक किया, वह रामप्रसाद बिस्मिल को जज्बातों को आहत करता है। यहां शासन-प्रशासन के कारिन्दों का कृत्यर शर्मसार करने वाला है।  ऐसी खबरें सरकार और उसके प्रवक्ताओं को पसंद नहीं आती हैं। इनको शाया करने वाले अखबार और अखबारनवीस भी आंखों में किरकिरी के समान होते हैं। किस्सा उत्तर प्रदेश की योगी-सरकार का है, जिसकी राष्ट्र्वादी धुनों पर पूरा देश थिरक रहा है। एक मई को जम्मू-कश्मीर के पुंछ इलाके में नियंत्रण रेखा पर गश्त करते समय देवरिया के रहने वाले बीएसएफ के हेड कांस्टेदबल प्रेम सागर के गश्ती दल पर पाकिस्तानी सेना ने घात लगाकर हमला कर दिया था। उस गोलाबारी में शहीद हुए प्रेम सागर के परिजनों की जिद थी कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके अंतिम संस्कार में शरीक हों, लेकिन यह संभव नहीं हो सका। योगी आदित्यनाथ से बात करने के बाद परिजनों ने दाह-संस्कार कर दिया। गौरतलब है कि योगी अपने वादे के मुताबिक 12 मई को शहीद के परिजनों से मिलने भी पहुंचे, लेकिन उनकी इस यात्रा के व्यवस्थापकों ने उनके जाने के बाद शहीद-परिवार के प्रति जिस बदगुमानी का परिचय दिया, वह हैरान करने वाला है। सरकारी मशीनरी ने योगी की यात्रा के लिए जो भी सरंजाम जुटाया था वह वैसे भी गैर-जरूरी था, लेकिन यात्रा के समापन के बाद उसे जिस प्रकार उठाया, वह शहीद-परिवार के प्रति बदसलूकी की श्रेणी में आता है। यह समझ से परे है कि मुख्यमंत्री की कुछ मिनटों की इस यात्रा के लिए क्याक सोचकर देवरिया-प्रशासन ने शहीद प्रेम सागर के मेहमान कक्ष को कीमती कालीन, महंगे परदे, खूबसूरत सोफा-सेट से सजाया? दिलचस्प यह है कि मुख्यमंत्री को गरमी से निजात दिलाने के लिए बल्लियों पर एसी टांगने का हास्यापद उपक्रम करने से भी वे लोग बाज नहीं आए। शासन-प्रशासन की यह गैर-जरूरी सतर्कता उस वक्त संवेदनहीनता में बदल गई, जब योगी के मुंह फेरते ही अधिकारियों ने उजाड़ने के अंदाज में मेहमान-कक्ष को बेनूर कर दिया। गरीब शहीद परिवार के खपरैली-कस्बाई रहवास में मुख्यमंत्री के लिए पांच सितारा इंतजाम की अपेक्षा खुद योगी आदित्यनाथ ने भी नहीं की होगी, लेकिन उनके कारिन्दों की मनोवृत्ति उन संवेदनाओं को पथरीला बना देती हैं जो एक शहीद परिवार के लिए जरूरी है। यह घटना अपवाद हो सकती है, लेकिन यही अपवाद हमारे सामाजिक मनोविज्ञान का कड़ुआ सच हैं।           रामप्रसाद बिस्मिल का प्रिय कौमी नगमा सुनने के बाद बदन में सुरसुरी सी छूटने लगती है, आज भी रोएं खड़े हो जाते हैं... लहू के कतरों में गरमी का एहसास करवटें लेने लगता है...। हम शायद भूलने लगे हैं कि  शहीदों और उनके परिवारों के लिए शायर का यह आश्वासन महज एक जज्बाती शगल नहीं हैं। शायर के जहन में जब कभी भी यह खयाल आया होगा तो यह  महज उसका अपना निजी जज्बा नहीं रहा होगा...। यह जज्बा वतन, कौम और इंसानियत की ओर से शायर की जुबां पर शहीदों के लिए आया है। इसमें समाज की जिम्मेदारियों के तकाजे छिपे हैं, इसमें संकल्प की धरोहर है और प्रतिबध्दता की कसम की अभिव्यक्ति है...।  शहादत के सवाल पर यदि हम मंचों पर कही जाने वाली कुछ आदर्शवादी बात करें तो राजनीति और समाज के कर्ताधर्ता कुछ यूं दहाड़ते नजर आएंगे कि देश के लिए शहीद होना सेना के जवानों का सबसे बड़ा बलिदान है। साहित्य या कविता में इसकी अभिव्यक्ति के सुर मार्मिक होकर मन की कोरों को गीला कर देते हैं, उसकी प्रेरक-शक्ति की अभिव्यजनाएं दिलों को छूकर तात्कालिक रूप से गुम नही हो जाती हैं। लेकिन, न जाने क्यों, एक अवांछनीय पथरीलेपन की गरमी में दिल की आर्दता और आंसू सूखने लगे हैं...।[ लेखक उमेश त्रिवेदी भोपाल से प्रकाशित सुबह सवेरे के प्रधान संपादक है। ]

Dakhal News

Dakhal News 31 May 2017


आदिगुरु शंकराचार्य

आदिगुरु शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा के लिए धातु संग्रहण अभियान का शुभारंभ 26 अगस्त ऋषि पंचमी के दिन होगा। आदिगुरु के मध्यप्रदेश स्थित स्मृति स्थलों से संग्रहण यात्राएँ प्रारंभ होगी। सभी यात्राएँ ओंकारेश्वर में मिलेगी। सर्वसम्मत से यह निर्णय आज मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में संतों की विमर्श-सभा में लिया गया। विमर्श-सभा जनजातीय संग्रहालय के सभागार में की गयी। इस अवसर पर चिन्मयानंद मिशन के स्वामी प्रबोधानन्द सरस्वती, स्वामी विष्णुदत्त जी बौरासी, स्वामी राघवेन्द्रदत्त जी महाराज, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह और संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सुरेन्द्र पटवा भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य सरकार आदिगुरु शंकराचार्य का दर्शन जन-जन तक पहुँचाने और उनकी विशाल प्रतिमा स्थापना द्वारा सन्‍मार्ग पर चलने के लिये प्रेरित करने का प्रयास कर रही है। भारत को सांस्कृतिक रूप से एक करने का काम आदिगुरु शंकराचार्य ने किया है। आदिगुरु ने देश की चारों दिशाओं को ऐसे तार से जोड़ा, जिससे देश बिखर नहीं पाये। टूट नहीं सके। उन्होंने कहा कि आज भारत का जो स्वरूप है उसके लिये, देश आदिगुरु का ऋणी है। उन्होंने कहा कि भौतिकता की अग्नि में दग्ध मानवता को शांति का दिग्दर्शन आदिगुरु शंकराचार्य का दर्शन कराएगा। आदिगुरु ने मनुष्य को पूर्णता का आभास करवाया। सब में एक ही चेतना है, इसका अहसास हो जाये तो सारे राग, द्वेष खत्म हो जाएंगे। सारा द्वंद और उथल-पुथल समाप्त हो जायेगा और सारी दुनिया एक परिवार बन जायेगी। मुख्यमंत्री ने उनके अनुरोध पर आचार्य सभा द्वारा अभियान का दायित्व स्वीकारने के लिये संतों का आभार ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि संत समाज की अगुआई में अभियान ऐसा अदभुत प्रसंग बनेगा, जो प्रदेश के वातावरण को रचनात्मक आध्यात्मिकता से भर देगा। उन्होंने संतों को आगामी दो जुलाई को 6 करोड़ पौधे रोपित करने की जानकारी दी और उन्हें आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि विकास, निर्माण कार्यों के साथ ही पर्यावरण रक्षा भी सरकार का दायित्व है। राज्य सरकार इसी भाव से काम कर रही है। राज्य में रेत के लिये नदियों का उपयोग नहीं होने दिया जाएगा। पर्याप्त चिंतन के बाद वैज्ञानिक उत्खनन की व्यवस्था की जायेगी। वर्तमान बोली लगाकर उत्खनन के मॉडल को बदला जायेगा। उत्खनन महिलाओं युवाओं के स्व-सहायता समूह मानव श्रम से करेंगे। रेत की बिक्री पर सरकार का नियंत्रण होगा। रेत के व्यापार से होने वाला मुनाफा गरीब की झोपड़ी में जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के क्रियान्वयन में प्रदेश अग्रणी है। स्वच्छता अभियान में देश के पहले दो स्वच्छ नगर राज्य के हैं। देश के कुल 100 में से 22 स्वच्छ नगर मध्यप्रदेश के हैं। नगरीय विकास योजनाओं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में भी अग्रणी है। देश के अन्न भंडारों को भरने में भी राज्य पंजाब, हरियाणा से आगे निकल रहा है। ग्रामीण विकास में भी बेहतर काम हो रहा है। विमर्श सभा में महामंडलेश्वर जगदगुरु स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि आदिगुरु ने देहधर्म की नहीं आत्मा की बात की है। मध्यप्रदेश की धरती ने ही बालक शंकर को आदिगुरु शंकराचार्य बनाया है। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर वैदिक विद्या का केन्द्र बने। यहाँ पर कार्यशालाएँ व्याख्यान मालाएँ आयोजित हो। उन्होंने कहा कि नीर से ही नारायण है। नदी संरक्षण का कई सौ सालों से नर्मदा सेवा यात्रा जैसा कोई अभियान और उपक्रम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पहल का अन्य प्रदेशों में भी अनुसरण, अनुगमन हो। राज्य की आध्यात्मिक तरंगें, ओज, ऊर्जा पूरे देश के लिये कल्याणकारी हो। आचार्य सभा के संयोजक स्वामी परमानन्द सरस्वती ने कहा कि आदिगुरु ने धर्म-संस्कृति और आध्यात्मिकता को उजागर करने का कार्य किया। उसी अनुरूप ओंकारेश्वर को नई पहचान दी जाये। वह अनुसंधानात्मक ज्ञान का केन्द्र बने जो हिन्दू धर्म की भ्रांतियों को दूर करने के अनुरूप हो। धर्म की रक्षा करें। आचार्य सभा संगठित हिन्दू चेतना को विकसित करने के लिये तत्पर है। स्वामी हरिहरानंद ने कहा कि वे भारतीय संस्कृति के पुनरुद्धार के राज्य सरकार के प्रयासों से अभिभूत है। नर्मदा सेवा यात्रा सत्य-कर्त्तव्य निर्वहन का अनुकरणीय प्रयास है। स्वामी अखिलेश्वरानन्द ने अभियान संचालन के लिये संगठनात्मक स्वरूप को जिला, संभाग और राज्य स्तर पर संयोजित किये जाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर एक मार्गदर्शक मंडल बनाया जाये। प्रमुख सचिव संस्कृति श्री मनोज श्रीवास्तव ने परियोजना की जानकारी दी। अभियान सांस्कृतिक एकता का जन-आंदोलन है। उन्होंने बताया कि आदिगुरु शंकराचार्य की जन-सहयोग से प्रतिमा निर्माण दुनिया में अपनी तरह का पहला कार्य होगा। दुनिया में किसी भी दार्शनिक की प्रतिमा जन-सहयोग से निर्मित नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश से आदिगुरू शंकराचार्य की स्मृतियां जुड़ी हैं। अभियान में जन-जागृति यात्राएँ इन्हीं स्थानों से शुरू की जायेगी। विमर्श के दौरान मुख्यमंत्री श्री चौहान एवं अतिथियों ने अभियान गीत की सी.डी. और चतुर्मठ खेल का लोकार्पण किया। डॉ. संजय द्विवेदी ने आदिगुरु की रचना गुरुपादष्टम का गायन किया। श्री महेश श्रीवास्तव रचित अभियान गीत का समूह गायन भी हुआ।

Dakhal News

Dakhal News 26 May 2017


पेड़ लगाओ यात्राएँ

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि नर्मदा सेवा मिशन की कार्ययोजना के क्रियान्वयन की समीक्षा हर माह करें। साथ ही इसकी प्रगति की जानकारी मुख्यमंत्री डेस्क बोर्ड पर डालें। नर्मदा सेवा मिशन के तहत एक साल में जितने काम होंगे उनका रिपोर्ट कार्ड जनता को 15 मई 2018 को प्रस्तुत किया जायेगा। प्रदेश में विश्व पर्यावरण दिवस आगामी 5 से 15 जून तक पेड़ लगाओ यात्राएं निकाली जायेंगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ मंत्रालय में नर्मदा सेवा मिशन की बैठक ले रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने संबंधित विभाग के मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों को नर्मदा सेवा मिशन की कार्ययोजना की प्रतियाँ सौंपी। बैठक में मंत्रिमंडल के सदस्य तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अमरकंटक में नर्मदा सेवा मिशन की कार्ययोजना नर्मदा प्रवाह का विमोचन किया था। इसके बाद से वे नर्मदा सेवा यात्रा को जनआंदोलन से बदलाव के रूप में सब जगह उल्लेख कर रहे हैं। अब इस कार्ययोजना को क्रियान्वित करने की चुनौती हम सबकी है। नर्मदा सेवा मिशन नदी के संरक्षण और पर्यावरण को बचाने का दुनिया में उदाहरण बनेगा। सभी मंत्री अपने-अपने विभाग में नर्मदा सेवा मिशन के तहत हर माह क्रियान्वित कार्यों की समीक्षा करें। नर्मदा के तटों पर पेड़ लगाने के लिए पंजीयन की वेबसाईट आगामी 24 मई को लाँच होगी। मिशन के तहत नर्मदा के दोनों तटों पर छह करोड़ पौधे लगाये जायेंगे। इसके लिये तैयारियों की कार्ययोजना वन, ग्रामीण विकास और नगरीय प्रशासन विभाग ने तैयार की है। आगामी 31 मई को भोपाल में होने वाली कार्यशाला में सभी जिलों के कलेक्टर अपने-अपने जिले में होने वाले वृक्षारोपण के नक्शा के साथ आयेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पौधे लगाने के लिए गड्ढ़े खोदने का काम और पौधों की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित की जाये। पेड़ लगाने के लिये जन-जागरण करने के लिये सभी जिलों में पेड़ लगाओं यात्राएँ निकाली जायेंगी। इनमें आमजन पेड़ लगाने के लिये संकल्प पत्र भरेंगे। आगामी 20 जून तक तय हो जायेगा कि कौन व्यक्ति कहाँ पर पेड़ लगायेगा। पेड़ लगाने के बाद पेड़ों की रक्षा के पौधरक्षक नियुक्त किये जायेंगे और आवश्यक सुविधाएँ दी जायेंगी। उन्होंने कहा कि आगामी एक जुलाई को सेटेलाईट इमेजिंग से देखा जायेगा कि नर्मदा के तटों पर वृक्षारोपण की क्या तैयारियाँ हैं। आगामी दो जुलाई को वृक्षारोपण किया जायेगा तथा फिर तीन जुलाई को नर्मदा तटों की सेटेलाईट इमेजिंग से देखा जायेगा कि कितने पेड़ लगायें। एक साल बाद फिर से पूरे क्षेत्र की सेटेलाईट इमेजिंग की जायेगी। वृक्षों का अधिक से अधिक सरवाईवल रेट रखने की कोशिश की जायेगी। उन्होंने कहा कि पौधे की आपूर्ति की बेहतर योजना बनाई जाये। इस अभियान में दो जुलाई को आमजनों, विद्यार्थियों, विभिन्न संगठनों के साथ शासकीय अधिकारी-कर्मचारी भी वृक्षारोपण करें। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वन विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग और नगरीय प्रशासन एवं विकास‍विभाग द्वारा वृक्षारोपण की तैयारियों की जानकारी दी गई। बताया गया कि प्रदेश के प्रत्येक ग्राम में कम से कम 400 वृक्ष लगाने की योजना बनाई गई है। प्रत्येक 200 पौधों पर एक पौधरक्षक नियुक्त किया जायेगा, जो पौधों की देखभाल और सुरक्षा करेगा। पौधरक्षकों को वन विभाग द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा। वन विभाग पौधों की आपूर्ति करेगा। किस संभाग में किस तरह के पौधों की आवश्यकता है इसका ध्यान रखा जायेगा। उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों के खेतों में 40 लाख पौधे लगाये जायेंगे। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नर्मदा तटों के 43 शहरों में वृक्षारोपण जनभागीदारी से कराया जायेगा। कृषि विभाग द्वारा किसानों के खेतों की मेढ़ों पर एक करोड़ पौधे लगाये जायेंगे। बैठक में बताया गया कि भोपाल में आगामी एक जून को ग्लोबल स्किल समिट आयोजित की जायेगी। इसमें अलग-अलग मुद्दों पर छह सेमिनार होंगे। इसमें इंटेशन टू इम्पलॉय तथा इंटेंशन टू स्किल के लिये अगले तीन सालों में ढ़ाई-ढ़ाई लाख का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह रोजगार सृजन की महत्वपूर्ण योजना है। आदि शंकराचार्य प्रतिमा के लिये धातु संग्रहण अभियान बताया गया‍कि प्रदेश में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊँची प्रतिमा के निर्माण के लिये धातु संग्रहण का अभियान आगामी 15 जून से 15 जुलाई तक चलेगा। यह प्रतिमा ओंकारेश्वर में स्थापित होगी। इसके पहले भोपाल में 25 मई को संत सभा का आयोजन किया जायेगा। प्रदेश में आदि शंकराचार्य से जुड़े पाँच स्थान ओंकारेश्वर, मंडलेश्वर, पंचमठा, उज्जैन और अमरकंटक से पाँच यात्राएँ निकाली जायेंगी। यात्रा के प्रत्येक दिन संवाद सभाएं आयोजित होंगी। इसके अलावा विकासखण्ड स्तर पर उपयात्राएँ भी निकाली जायेंगी। संवाद सभाओं में आदि शंकराचार्य के जीवन दर्शन और प्रतिमा स्थापना के बारे में जानकारी दी जायेगी तथा धातु संग्रह किया जायेगा। प्रत्येक जिले में धातु भंडारण केन्द्र भी बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सभी मंत्री प्रत्येक सोमवार और मंगलवार को भोपाल में रहें। हर सोमवार को वे अपने-अपने विभाग की समीक्षा करें तथा लक्ष्य पूर्ति करायें। साथ ही अपने विभाग की प्रगति की जानकारी मुख्यमंत्री डेस्क बोर्ड पर उपलब्ध करायें।

Dakhal News

Dakhal News 24 May 2017


शिवराज कैबिनेट ने घटाया कर्मचारियों का डीए

भोपाल में सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में प्रदेश में तीन नई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई। मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में तीन नई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसी के साथ आदिम जाति कल्याण विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य मंत्रालय रखा गया है। कैबिनेट ने जबलपुर उच्च न्यायालय के लिए 6 प‍दों को मंजूरी दी गई है। शासकीय कर्मियों का डीए 7 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत किया गया है। नक्सली ऑपरेशन में शहीद परिवारों को पेंशन दी जाएगी। शहीदों के परिजनों को समय-समय पर बढ़ने वाला डीएम मिलेगा। अतिरिक्त प्रभार वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त भत्ता मिलेगा। प्रदेश में तीन निजी विश्वविद्यालय खुलेंगे। तीन सिंचाई परियोजनाएं जिन्हें कैबिनेट में स्वीकृति मिली -बीना संयुक्त सिंचाई तथा बहुउद्देशीय परियोजना। आंवलिया मध्यम सिंचाई परियोजना, इस परियोजना से खंडवा जिले के 31 गांव को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। हिरवार सूक्ष्म सिंचाई नहर परियोजना।  

Dakhal News

Dakhal News 23 May 2017


ई-गवर्नेंस से प्रगति ऑनलाइन

मुख्यमंत्री  चौहान द्वारा दस बड़ी निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'प्रगति' ऑनलाइन कार्यक्रम में वीडियों कान्फ्रेंस के माध्यम से प्रगतिरत 10 बड़ी परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण, जल संसाधन, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और राजस्व विभाग के कार्यों की परियोजनावार जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि परियोजनाएँ समय-सीमा में पूरी हों। उनकी नियमित मॉनीटरिंग की जाये। विलंब करने वाली एजेंसियों के खिलाफ दण्ड के प्रावधान किये जायें। निर्माण से संबद्ध काम भी समानांतर किये जायें। उन्होंने जल प्रदाय योजनाओं के निर्माण से प्रभावित सड़कों को वर्षा ऋतु से पहले अनिवार्यत: दुरूस्त करवाने के निर्देश दिये। कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की 230 करोड़ रूपये से अधिक लागत की मरदानपुर ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना जिला सीहोर, 155 करोड़ रूपये से अधिक की उदयपुरा ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना जिला रायसेन की समीक्षा की। तकनीकी शिक्षा विभाग के नौगाँव छतरपुर में 20 करोड़ रूपये से अधिक लागत के निर्माणाधीन इंजीनियरिंग कॉलेज निर्माण की जानकारी ली। चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत 175 करोड़ रूपये से अधिक लागत की चिकित्सा महाविद्यालय खण्डवा की अद्यतन प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री को बताया गया कि वर्ष 2018 जनवरी तक परियोजना का काम पूरा हो जायेगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा छतरपुर में 32 करोड़ रूपये से अधिक लागत के 300 बिस्तर वाले अस्पताल निर्माण प्रगति की समीक्षा में बताया गया कि निर्माण कार्य इस वर्ष के अंत तक पूरा हो जायेगा। नगरीय विकास तथा आवास विभाग द्वारा बताया गया कि पुनर्घत्वीकरण योजना में रीवा में 18 करोड़ रूपये से अधिक लागत के ऑडिटोरियम एवं उपकुलपति निवास निर्माण का काम समय-सीमा में पूरा हो जायेगा। मुख्यमंत्री को समीक्षा के दौरान जल संसाधन की वृहद परियोजना बानसुजारा के बारे में बताया गया कि 1768 करोड़ रूपये से अधिक लागत की योजना से 186 गाँवों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। राजस्व विभाग की ई-भूलेख योजना की समीक्षा में बताया गया कि 32 जिलों की 210 तहसीलों में योजना लागू हो गई है। एप्लीकेशन से प्रतिलिपियों का वितरण किया जा रहा है। कुल 10 करोड़ 41 लाख रूपये का राजस्व अर्जित हुआ है। कुल 17 में से 9 मॉड्यूल पूरे हो गये है, शेष का जून अंत तक पूरा हो जाना अनुमानित है। प्रगति ऑनलाइन में वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग द्वारा विक्रम उद्योगपुरी लिमिटेड नरवर, उज्जैन में 442 हेक्टेयर क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे के विकास का काम किया जा रहा है। वर्ष 2018 के अंत तक इसका पूरा हो जाना अनुमानित है। इसमें ऑटो कंपोनेंट, आई.टी., इंजीनियरिंग सर्विसेज एनर्जी हब, मेडिकल हब, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग हब विकसित करने का लक्ष्य है। बताया गया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा चंबल एक्सप्रेस-वे का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 552 पर पाली के समीप से शुरू होगा। परियोजना के लिये लगभग 2500 हेक्टेयर भूमि में से 80 प्रतिशत से अधिक शासकीय भूमि उपलब्ध है  

Dakhal News

Dakhal News 23 May 2017


shivraj nrmda

भोपाल में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार सुबह नर्मदा सेवा मिशन की कार्ययोजना को लेकर बुलाई गई पत्रकारवार्ता में नर्मदा में रेत खनन करने पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। यह आज से ही लागू किया गया है। किसी भी मशीन से नर्मदा में खुदाई नहीं की जाएगी। सीएम ने कहा कि खनिज मंत्री राजेंद्र शुक्ल की अध्यक्षता में इसके लिए एक कमेटी बनाई गई है। आईआईटी खड़गपुर की रिपोर्ट आने तक खनन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। बाकी नदियों में नियमानुसार रेत खनन किया जा सकेगा। इसी के साथ पत्थर से रेत बनाने वालों पर तीन साल तक रायल्टी नहीं लगेगी। उन्होंने कहा कि राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य के मामले में पार्टी ने अपना रुख साफ कर दिया है। मंत्री ज्ञान सिंह आर्य का इस्तीफा हो रहा है। सीएम ने कहा कि पांच जून को विश्व पयार्वरण दिवस के लिए अभियान चलेगा। नर्मदा के केचमेंट एरिया में 6 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे।  

Dakhal News

Dakhal News 22 May 2017


nadi prdushan

उमेश त्रिवेदी  बीते गुरुंवार को जब केन्द्रीय पर्यावरण राज्यमंत्री अनिल माधव दवे की अंतिम यात्रा से जुड़ी प्रकृतिजन्य वसीयत के बहाने मध्य प्रदेश की नर्मदा नदी की लहरों मे घुला प्रदूषण पूरे देश की चिंताओं को उव्देलित कर रहा था, लगभग उसी समय दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में गंगा की अविरलता के सवाल पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आंखों की कोरों में आंसू छलकते दिखाई दे रहे थे। पिछले 150 दिनों से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नर्मदा-यात्रा के कारण सिर्फ नर्मदा ही नहीं, देश की हर नदी से जुड़े सवालों का आकार बड़ा हुआ है, लेकिन भविष्य के गर्त में छिपे उनके उत्तर और समाधानों को लेकर आश्वस्ति के भाव कंही भी नजर नहीं आ रहा है।  गुरुवार को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में गंगा की बदहाली को लेकर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में नीतीश कुमार और बुधवार को अमरकंटक में सम्पन्न नर्मदा-यात्रा के समापन समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नदी-बचाओ मुहावरों की भाव-भूमि में शब्दों की रंगत के अलावा कोई फर्क नहीं था। विडम्बना है कि सरकारी आयोजनों में नदियों की दुर्दशा को लेकर राजनेताओं के आंसू उन नदियों से ज्यादा बहते हैं, जो उनकी चिंताओं और चेतना के केन्द्र में होती हैं। नेताओं की गीली आंखों और नदियों की सूखी लहरों के बीच बिलबिलाती सच्चाइयों ने नदियों के सवालों को बांझ बना दिया है।  मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बचपन नर्मदा के किनारों पर नर्मदाष्टक के आव्हानों के बीच सिर नवाते गुजरा है और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आर्द्र सुरों में गंगा की कहानियों में वही भक्ति-भाव नजर आता है। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में गंगा की अविरलता में बाधक गाद समस्या पर केन्द्रित सेमीनार में नीतीश कुमार की मनोभावना में यादों के भीगेपन ने विषयवस्तु को भावुक बना दिया था। नीतीश कुमार ने  कहा कि  बचपन के दिनों में मैं गंगा नदी से पानी भर कर लाया करता था। उस समय गंगा का जल काफी स्वच्छ था। आज स्थितियां बदल गईं हैं। आज गंगा का प्रवाह मार्ग गाद से पट गया है। गंगा की गोद में सालों से जमा हो रही गाद के कारण जीवनदायिनी गंगा तबाही का सबब बनती जा रही है। गंगा की अविरलता ही गंगा की निर्मलता को बनाए रखने का एक मात्र उपाय है। गंगा की दशा पर भावुक नीतीश कुमार के इस कथन के मायनों को गहराई से खंगालना होगा कि ’गंगा का हाल देखकर उन्हे रोना आता है।’  नदी, जंगल और जमीन के नाम पर होने वाले  सेमीनार शब्दाडम्बर और राजनीतिक जुमलेबाजी के अलावा कुछ भी सिध्द नहीं हुए हैं।  दिल्ली-सेमीनार से पहले फरवरी 2017 के आखिरी सप्ताह में पटना में आयोजित सेमीनार में पानी का नोबेल पुरस्कार माने जाने वाले स्टॉकहोम वाटर प्राइज से सम्मानित जल पुरूष राजेन्द्र सिंह ने कहा था कि इस समय देश में नदियों को बचाने के लिए, बिहार और मध्य प्रदेश में दो अभियान चल रहे हैं। राजेन्द्र सिंह ने कहा कि मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का अभियान जहां चुनावी लगता है, वहीं बिहार में नीतीश का अभियान हकीकत के करीब नजर आता है। बिहार सरकार जहां बीमारी के कारणों को जानने और उसका निदान ढूंढने की कोशिश कर रही है, वहीं मप्र सरकार बिना मर्ज जाने दवा देने की बात कर रही है। जबकि केन्द्र सरकार का नमामि-गंगे अभियान सिर्फ ठेकेदारों को लाभ देने की स्कीम है। हालांकि 11 मई को मप्र के नर्मदा अभियान में भाग लेते हुए राजेन्द्र सिंह ने आयोजकों की पीठ थपथपाते हुए कहा था कि इस मामले में शिवराजसिंह की नीयत और नीति की कोई गुंजाइश नही हैं। राजनीतिक- टिप्पणियों  से बचते हुए राजेन्द्रसिंह ने कहा कि ऐसे अभियान हर हाल में सफल होना चाहिए। लेकिन यह क्यों नही हो पा रहा है, इसका उत्तर हमसे दो दिन पहले बिछड़े केन्द्रीय पर्यावरण राज्यमंत्री अनिल माधव दवे ने यूं दिया है- पिछले पच्चीस-तीस सालों में नदी-पर्यावरण के सुधार के मामले में यदि हम किसी मुकाम पर नहीं पहुंच पाएं तो इसका एक मात्र कारण यह है कि हम प्राकृतिक संसाधनों के प्रति हमारे द्दष्टिकोण में खोट है। अपरिपक्व द्दष्टि शासन-प्रशासन मे समाज संचालन के निरर्थक मार्ग तय करती है,जो सभी पर्यावरणीय संकटो की जड़ है।[लेखक उमेश त्रिवेदी सुबह सवेरे के प्रधान संपादक हैं ]

Dakhal News

Dakhal News 22 May 2017


 नर्मदा पुत्र अनिल माधव दवे

केंद्रीय पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री अनिल माधव दवे का अंतिम संस्कार गार्ड ऑफ ऑनर के साथ होशंगाबाद जिले में नर्मदा किनारे बांद्राभान आश्रम में हुआ। अनिल दवे के छोटे भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी। गुरुवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था। दवे ने अपनी वसीयत में लिखा था कि उनका अंतिम संस्कार बांद्राभान में किया जाए। 'नर्मदा पुत्र' को अंतिम विदाई देने सीएम शिवराज सिंह चौहन, केंद्रीय मंत्री उमा भारती सहित कई केंद्रीय मंत्री, मप्र भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद रहे। दवे ने अपनी वसीयत में लिखा था कि अंतिम संस्कार की सभी उत्तर क्रिया वैदिक कर्म के साथ ही संपन्न कराई जाए, जिसमें किसी भी प्रकार का आडंबर या दिखावा नहीं किया जाए। उन्होंने अपनी वसीयत में मुख्य रूप से इस बात का उल्लेख किया है कि मेरी मौत के बाद मेरी स्मृति में कोई स्मारक, प्रतियोगिता, पुरस्कार, प्रतिमा आदि न स्थापित की जाए। अगर कोई मुझे याद करना चाहता है तो वे पेड़ लगाकर उसका संरक्षण करे।उनकी इच्छा के मुताबिक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बांद्राभान में उनका अंतिम संस्कार किया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार चौहान ने यहां पौध रोपण किया। श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्व. अनिल दवे ने नर्मदा समग्र और नर्मदा संरक्षण को लेकर जो भी अभियान और काम शुरू किए हैं, उन्हें पूरा करना उनकी जिम्मेदारी है। उनकी पर्यावरण की चिंता को सरकार अभियान के रूप में लेगी। शिवराज ने कहा कि स्व. दवे का मिशन आगे भी चलता रहेगा। उनका नर्मदा समग्र का काम आगे बढ़ेगा। उन्होंने नर्मदा समग्र और मैंने नर्मदा सेवा यात्रा के लिए काम किया है। यह नर्मदा मैया को लेकर मेरी और उनकी समानता है। बांद्राभान में हर दो साल में लगने वाले नदी महोत्सव को सरकार चलाती रहेगी। स्व. दवे की पर्यावरण की चिंता को सरकार अभियान के तौर पर लेगी।  उन्हें सशस्त्रबल ने सलामी भी दी। दवे का कल हार्ट अटैक आने के बाद दिल्ली के एम्स में उपचार के दौरान निधन हो गया था। बांद्राभान में दवे को उनके भाई अभय दवे ने मुखाग्नि दी। यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, संघ नेता सुरेश सोनी, भैय्याजी जोशी अरुण जैन के साथ केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार, नरेंद्र सिंह तोमर, डॉ. हर्षवर्द्धन, उमा भारती, विनय सहस्त्रबुद्धे, कैलाश विजयर्गीय, थावरचंद गेहलोत मौजूद थे। इससे पहले भोपाल के शिवाजी नगर स्थित नदी का घर से तिरंगे में लिपटा अनिल दवे का पार्थिव शरीर आज सुबह बांद्राभान के लिए रवाना हुआ। इससे वाहनों की लंबी कतार होशंगाबाद रोड पर लग गई थी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने आज दुर्ग जिले के पाटन में बने वन क्षेत्र में सांकरा प्लांटेशन प्लाट का नाम स्व. अनिल माधव दवे स्मृति वन करने का ऐलान किया। रमन सुराज अभियान के तहत यहां पहुंचे थे।  

Dakhal News

Dakhal News 19 May 2017


अनिल दवे

  राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री अनिल माधव दवे की लंबी बीमारी से निधन होन के बाद उनकी वसीयत भी अब सामने आ गई है। आमतौर पर सादा जीवन जीने वाले अनिल माधव दवे ने अपनी वसीयत में लिखा है कि संभव हो सके तो मेरा अंतिम संस्कार होशंगाबाद जिले के बांद्राभान में नदी महोत्सव वाले स्थान पर कराना। इसके अलावा दवे ने अपनी वसीयत में लिखा कि अंतिम संस्कार की सभी उत्तर क्रिया वैदिक कर्म के साथ ही संपन्न कराई जाए, जिसमें किसी भी प्रकार का आडंबर या दिखावा नहीं किया जाए। उन्होंने अपनी वसीयत में मुख्य रूप से इस बात का उल्लेख किया है कि मेरी मौत के बाद मेरी स्मृति में कोई स्मारक, प्रतियोगिता, पुरस्कार, प्रतिमा आदि न स्थापित की जाए। दवे के निधन ने सभी को चौंकाया केंद्रीय मंत्री अनिल माधव दवे के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी समेत कई राजनेताओं ने दुख जताया है। प्रधानमत्री ने दवे के निधन पर दुख जताते हुए एक के बाद एक कई ट्वीट किए और कहा कि अनिल माधव दवे जी को एक प्रतिबद्ध जनसेवक के तौर पर जाना जाता रहेगा, वह पर्यावरण को बचाने के लिए काम करते रहे। वहीं कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी शोक जताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने एक श्रेष्ठ नेता को खो दिया है। वही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दवे जी की कमी कोई पूरी नहीं कर सकता है। व्यक्तिगत और पार्टी के लिए ये एक बहुत बड़ी क्षति है। मप्र सरकार ने अनिल माधव दवे के निधन पर दो दिन के लिए राजकीय शोक घोषित किया है। वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह कि मैं दवे जी के निधन से स्तब्ध हूं। वहीं भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी अनिल माधव दवे को बेहतरीन रणनीतिकार बताते हुए कहा कि उनके जाने से पार्टी को जो क्षति हुई है, उनकी भरपाई कभी भी नहीं की जा सकेगी।  

Dakhal News

Dakhal News 18 May 2017


 नर्मदा मिशन पूरा

नर्मदा नदी मध्यप्रदेश की जीवन-रेखा है। यह भारतीय उप महाद्वीप की पाँचवीं सबसे बड़ी नदी होने के साथ ही भारत की सात पवित्र नदियों में से एक है। मध्यप्रदेश में नर्मदा नदी 16 जिले और 51 विकासखण्ड से होती हुई 1077 किलोमीटर का मार्ग तय करती है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के निर्देशन में प्रदेश की जीवन रेखा नर्मदा नदी के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये 'नर्मदा सेवा मिशन' गठित किया है। उद्देश्य-मिशन वृक्षारोपण के जरिये नदी तटीय क्षेत्र का संरक्षण, उन्नत स्वच्छता, तरल एवं ठोस अपशिष्ट और सामुदायिक एवं व्यक्तिगत स्वच्छता प्रबंधन, जल-संरक्षण एवं नदी कछार क्षेत्र विकास, प्रदूषण नियंत्रण एवं प्रबंधन, जैविक खेती और गुड एग्रीकल्चर प्रेक्टिस को प्रोत्साहन, संवेदनशील एवं स्वच्छ कृषि का विकास, नर्मदा नदी के संरक्षण एवं संवर्धन को आजीविका से जोड़ना, नदी संसाधनों का यथोचित उपयोग, नदी क्षेत्र में स्वस्थ पारिस्थितिकीय तंत्र का विकास, नर्मदा नदी के संरक्षण- संवर्धन के लिये समाज का क्षमता वर्धन एवं सहभागिता सुनिश्चित करना और नर्मदा तटीय क्षेत्र में नशामुक्त समाज के निर्माण जैसे कार्य करेगा। राज्य क्रियान्वयन समिति-नर्मदा सेवा मिशन के संचालक अपर मुख्य सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी होंगे। संचालक की अध्यक्षता में स्तरीय क्रियान्वयन समिति मिशन कार्य की सतत मॉनिटरिंग करेगी। मिशन समन्वयक प्रमुख सलाहकार अथवा सलाहकार, राज्य योजना आयोग होंगे। समिति के सदस्यों में वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नर्मदा घाटी विकास और ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव, किसान-कल्याण तथा कृषि विकास, जल संसाधन, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण, पर्यावरण, पर्यटन, नगरीय विकास तथा आवास, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य-विकास, पशुपालन, ग्रामोद्योग, राजस्व, खनिज, संस्कृति, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार और सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं उद्यम विभाग के प्रमुख सचिव, कार्यपालक निदेशक जन अभियान परिषद, मुख्यमंत्री द्वारा नामांकित पाँच विषय-विशेषज्ञ एवं नर्मदा नदी के संरक्षण एवं संवर्धन में कार्यरत स्वयंसेवी/ समाज सेवी संगठनों के पाँच प्रतिनिधि इस समिति के सदस्य होंगे। 21 विभाग के जरिये होगी उद्देश्य की पूर्ति-मिशन इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिये नर्मदा नदी के संरक्षण हेतु नर्मदा तटीय क्षेत्र में 20 विभागों द्वारा संचालित कार्यों का मूल्यांकन एवं समन्वय करने के कार्य करेगा। मिशन नर्मदा तटीय क्षेत्र में वानस्पतिक आच्छादन एवं वन क्षेत्र बढ़ाने के लिये निजी एवं शासकीय भूमि में वृक्षारोपण, नर्मदा तटीय क्षेत्र में मनुष्य की स्वच्छ जीवन शैली जैसे - खुले में शौच से मुक्ति आदि की दिशा में, कृषि की आधुनिक पद्धतियों से नदी एवं पर्यावरण के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन कर वैकल्पिक कृषि जैसे जैविक खेती को प्रोत्साहन आदि पर कार्य करेगा। साथ ही प्रदूषण के कारकों की पहचान कर उनके निवारण, नर्मदा के संरक्षण एवं संवर्धन में आजीविका सुनिश्चित करते हुए समाज की सहभागिता बढ़ाने की दिशा में, संरक्षण एवं संवर्धन हेतु नवीनतम तकनीकों का विकास, अनुसंधान एवं अंगीकरण, 'नमामि देवि नर्मदे' - सेवा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा की गई घोषणाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का कार्य भी मिशन करेगा। मिशन नर्मदा नदी के अस्तित्व की चुनौतियों को कम करने की दिशा में सतत् प्रयास, नदी के संरक्षण, वानस्पतिक एवं जल-संरक्षण की प्राचीन पारम्परिक पद्धति का संकलन एवं दस्तावेजीकरण, नर्मदा कछार में जैव विविधता के संरक्षण के लिये शासनाधीन संस्थानों द्वारा किये जा रहे कार्यों को गति देने, प्रदेश में वर्तमान में नर्मदा सेवा के लिये कार्यरत स्वैच्छिक एवं सामाजिक संगठनों की शासन के साथ सहभागिता सुनिश्चित करना, समाज के समस्त वर्गों को नदी के संरक्षण के प्रति साक्षर करने के लिये नर्मदा सेवा केन्द्रों अथवा ज्ञान केन्द्रों की स्थापना एवं संचालन और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों को नर्मदा संरक्षण के कार्यों से जोड़ने का कार्य करेगा। मिशन द्वारा नर्मदा नदी के तटीय क्षेत्र में धार्मिक परिवेश की पवित्रता अक्षुण्ण बनी रहने, नर्मदा के संरक्षण में शासन के साथ समाज की सहभागिता सुनिश्चित करने, नदी के संरक्षण के लिये अनुदान राशि स्वीकार करने एवं नर्मदा संरक्षण के लिये वर्तमान तक पंजीकृत महोत्सवों जैसे वन एवं नदी महोत्सव आदि के आयोजन के लिये संबंधित विभागों एवं संस्थाओं से समन्वय, नर्मदा तटीय क्षेत्र में स्वच्छ पारिस्थितिकीय तंत्र विकसित करने और ऐसे सभी कार्य अथवा ऐसे कृत्य जो मिशन के लक्ष्य एवं उद्देश्य की प्राप्ति के लिये आवश्यक हों, किये जायेंगे। विभागीय गतिविधियों का कियान्वयन एवं समन्वय वन विभाग को गर्मियों में जंगल में सूखे पत्तों के कारण आग लगने की घटनाओं पर नियंत्रण के लिये कार्य योजना तैयार कर क्रियान्वयन करना, वन क्षेत्र में जल संग्रहण हेतु उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन कर लघु एवं बड़ी संरचनाओं और वन क्षेत्र में उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन कर वनों के विकास एवं वन्य-प्राणियों हेतु लघु एवं बड़ी संरचनाओं के निर्माण का दायित्व रहेगा। वन उपयोग हेतु अनुसंधान एवं विस्तार वृत्त इंदौर में एक टिश्यू कल्चर लैब का योजनाबद्ध तरीके से विस्तार भी विभाग करेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग- इस विभाग के दायित्वों में नर्मदा के किनारे स्थित ग्रामों को खुले में शौच जाने से मुक्त करवाना, मनरेगा में वृक्षारोपण, ग्राम पंचायतों में Biodegradable and non- biodegradable कचरा प्रबंधन यूनिट की स्थापना, नर्मदा एवं नर्मदा की सहायक नदियों के संरक्षण के लिये ग्राम पंचायतों की भूमिका का निर्धारण करवाना शामिल किया गया है। साथ ही सभी धर्मों के त्यौहारों पर मूर्तियों एवं ताजिये आदि के विसर्जन के लिये पृथक से कुण्ड एवं स्थान तैयार करवाना, नर्मदा में मिलने वाले नाले एवं कचरों के बिन्दुओं की पहचान कर, उन्हें रोकने का कार्य, नर्मदा तटीय स्थलों पर शवों का जलदाग के स्थान पर अग्निदाग के लिये मुक्तिधाम की स्थापना और नर्मदा तट पर निर्मित घाटों पर महिलाओं के लिये वस्त्र बदलने हेतु पृथक चेंजिंग रूम के साथ सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करवाना भी विभाग के कार्यों में शामिल किया गया है जिला क्रियान्वयन समिति -नर्मदा सेवा मिशन के क्रियान्वयन के लिये जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति भी गठित की गई है। समिति में जिला कलेक्टर जिला मिशन अध्यक्ष होंगे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, जिला वन मण्डलाधिकारी, उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास, उप/सहायक संचालक उद्यानिकी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र, उप संचालक पशुपालन, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन, उप/सहायक संचालक मत्स्य विभाग, जिला खनिज अधिकारी, जिले की समस्त स्थानीय निकायों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, डिवीजनल इंजीनियर ऊर्जा विभाग, उप संचालक कुटीर एवं ग्रामोद्योग, जिला समन्वयक जन अभियान परिषद, जिला योजना अधिकारी आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग और जिला कलेक्टर द्वारा नर्मदा नदी के संरक्षण एवं संवर्धन में कार्यरत स्वयंसेवी/समाजसेवी संगठनों के पाँच प्रतिनिधि सदस्य होंगे। कृषि विकास तथा किसान कल्याण विभाग- विभाग के कार्यों में जैविक कृषि के प्रमाणीकरण के लिये कृषकों का पंजीयन करवाना (प्रतिवर्ष प्रत्येक ग्राम पंचायत में 50 एकड़ भूमि), कृषि से निकलने वाले कचरे से खाद बनाने की तकनीकी जानकारी देना एवं प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक यूनिट स्थापित करवाना, नरवाई न जलाने के लिये जन-जागरूकता एवं प्रतिबंध, किसानों को कृषि वानिकी में प्रशिक्षित करवाना तथा कृषि वानिकी की दृष्टि से उपयोगी पौधे वन विभाग से प्राप्त कर इच्छुक कृषकों को उपलब्ध करवाना शामिल किया गया है। इसी तरह जल एवं मृदा प्रबंधन की तकनीकी जानकारी का कृषकों के मध्य प्रचार-प्रसार, विविध खेती को प्रोत्साहित करने के लिये किसानों को प्रशिक्षित करना तथा विविध खेती के सफल मॉडल प्रदेश में प्रत्येक ब्लॉक में स्थापित करना, खाना बनाने के लिये लकड़ी का उपयोग करने के लिये प्रत्येक ग्राम पंचायत में 200 गोबर गैस एवं बायोगैस संयंत्रों की स्थापना, नर्मदा केचमेंट एरिया से संबंधित समस्त खेतों में मेढ़ बंधान, जैविक कृषिगत उत्पादों के विक्रय के लिये संबंधित क्षेत्रों की मंडियों में पृथक से विपणन व्यवस्था और मृदा प्रबंधन संबंधी कार्य भी विभाग करेगा। मछुआ कल्याण तथा मत्स्य-विकास विभाग -विभाग के कार्यों में मछली पालन नीति 2008 के अनुसार नदियों में विष, डायनामाईट, विद्युत प्रभाव से मत्स्याखेट के विरूद्ध दण्ड का प्रावधान, मध्यप्रदेश मत्स्य उद्योग पुनरीक्षित अधिनियम 1981 में निहित प्रावधानों का कड़ाई से पालन, मैदानी अधिकारियों को मत्स्य-पालन एवं मत्स्याखेट करने वालों को इस अधिनियम के पालन के लिये निर्देशित करवाना, मछुआरों को भी नदी एवं जल संरक्षण के संबंध में प्रशिक्षित कर उन्हें इस संबंध में जिम्मेदारी दी जाना और मत्स्य-पालन नीति अनुसार नदियों में प्राकृतिक मत्सिकी के संरक्षण एवं अभिवृद्धि के लिये सुझाव दिये जाना शामिल किया गया है। नर्मदा घाटी विकास विभाग -इस विभाग के नर्मदा तटों पर बड़े घाटों का निर्माण एवं मरम्मत करवाना, नर्मदा केचमेंट एरिया में सघन सर्वे के बाद बड़े स्तर पर तालाबों का निर्माण, निर्माणाधीन बाँधों के कारण नदी का पारिस्थितिकीय बहाव बाधित न हो, यह सुनिश्चित करना इस विभाग का मुख्य कार्य होगा। नर्मदा केचमेंट एरिया में सघन सर्वे केचमेंट एवं नदी जोड़ों क्षेत्र में तालाबों और नर्मदा किनारे रैन बसेरों का निर्माण भी विभाग को सौंपा गया है। नगरीय विकास विभाग -इस विभाग के कार्यों में नगरीय क्षेत्रों में नर्मदा के घाटों पर कचरा पेटी की स्थापना, मृत पशुओं के वैज्ञानिक निष्पादन हेतु इकाइयों की स्थापना, घाटों पर कपड़े, वाहन, पशुओं के नहलाने एवं स्नान में साबुन डिटर्जेंट के उपयोग को प्रतिबंधित कर मॉनिटरिंग की व्यवस्था, Solid waste इकाइयों और घाटों पर सार्वजनिक शौचालयों की स्थापना करवाना शामिल है। इसी तरह नर्मदा घाटों का सौंदर्यीकरण, सभी धर्मों के त्यौहारों पर मूर्तियों एवं ताजिये आदि के विसर्जन के लिये पृथक से कुण्ड एव स्थान तैयार करवाना, नर्मदा में गंदे नालों को मिलने से रोकना, नर्मदा तटीय स्थलों पर शव को नर्मदा में जलदाग के स्थान पर अग्निदाग कर सकें इसके लिये मुक्तिधाम स्थापित करवाना और शहरी/ नगरीय क्षेत्र के लिये नर्मदा तट पर महिलाओं एवं पुरुषों के लिये पृथक-पृथक वस्त्र बदलने के लिये चेंजिंग रूम के साथ सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करवाना भी विभाग का दायित्व होगा। पशुपालन विभाग -यह विभाग पशुओं को जंगल में चरने के लिये खुला छोड़ने की प्रथा रोकने के लिये कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वयन करवायेगा। चारे की खेती के लिये कृषकों को प्रशिक्षित कर प्रोत्साहित करना, प्रत्येक विकासखण्ड में एक-एक पशु चारे की नर्सरी स्थापित कर नर्मदा क्षेत्र में चारा उपलब्ध करवाना और शुष्क पशुओं की ड्राय डेयरी यूनिट्स की स्थापना कर लोगों को यह संदेश भी विभाग देगा कि दुधारू पशुओं के समान ही शुष्क पशु भी उपयोगी हैं। ग्रामोद्योग विभाग -विभाग को पेड़ों के पत्तों से दोने एवं पत्तलें बनाने की इकाइयों और मिट्टी से कुल्हड़ एवं प्लेट बनाने की आधुनिक छोटी-छोटी इकाइयों की स्थापना, मिट्टी से मूर्तियाँ बनाने का प्रशिक्षण करवाना और रेशम कीट पालन से कृषकों को जोड़ने का, कार्य दिया गया है। राजस्व विभाग -इस विभाग को नर्मदा एवं सहायक नदियों की सीमाओं का सीमांकन करवाकर अतिक्रमण हटाने और ग्रामीण / शहरी / नगरीय नर्मदा के घाटों की साफ-सफाई करवाने का दायित्व दिया गया है। खनिज विभाग -विभाग नदी जल की शुद्धता एवं नदी के संरक्षण के लिये रेत के महत्व के संबंध में इस व्यवसाय में लगे लोगों को जागरूक करने और अवैध उत्खनन को पूरी तरह नियंत्रित करने का कार्य करेगा। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग -विभाग उद्यानिकी अपनाने के लिये लोगों से वचन-पत्र भरवाना, एम.पी. एग्रो के जरिये गोबर एवं बायोगैस संयंत्र निर्माण का अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षण देने एवं गोबर तथा बायोगैस प्लांट्स के निर्माण का कार्य करेगा।  फलों, फूलों एवं सब्जियों की खेती के लिये लोगों को प्रशिक्षित कर उनके प्र-संस्करण की इकाइयों की स्थापना के लिये वातावरण निर्माण, नर्मदा नदी के दोनों तटों से एक किलोमीटर की दूरी में आगामी तीन वर्षों में 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फल पौधों का रोपण, फल-फूल-सब्जी-औषधीय एवं सुगंधित फसलों के बीज एवं पौधे कृषकों को उपलब्ध करवाने के लिये  ब्लॉक स्तर पर एक नर्सरी की स्थापना और कृषि फसल की प्रतिस्थापना के एवज में कृषकों को तीन वर्षों तक आर्थिक सहायता देने का कार्य भी विभाग करेगा। विभाग मनरेगा से राशि उपलब्ध करवाने और रख-रखाव सहित पाँच वर्षों तक फल-पौध रोपण योजना भी  संचालित करेगा। पर्यावरण विभाग -राज्य सरकार ने पॉलिथिन एवं स्टाईरो फोम को प्रतिबंधित किया है। अत: यह विभाग पोलिथीन उपयोग के संबंध में अधिनियमों/ नियमों का नर्मदा तटीय क्षेत्रों में पालन, उद्योगों से निकलने वाले अवशिष्टों का अनिवार्यत: उपचार एवं सुरक्षित निपटारा, जल, नदी एवं वन्य-प्राणियों के संरक्षण अधिनियमों के संबंध में आमजनों को प्रशिक्षित, उद्योगों/ कारखानों का बहाव एवं नालों के माध्यम से ग्रामों एवं शहरों के कचरे के नदी में मिलने से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के संबंध में जागरूकता एवं स्थायी प्रचार-प्रसार की व्यवस्था करेगा। नर्मदा तथा सहायक नदी क्षेत्रों में संचालित उद्योगों से निकलने वाले औद्योगिक अवशिष्ट/ कचरे का उपचार के बाद सुरक्षित निष्पादन भी विभाग करेगा। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग -सोलर एनर्जी के उपयोग के लिये जागरूकता फैलाना, नर्मदा नदी के किनारे सिंचाई के उद्देश्य से सोलर पम्प की और  शहर, कस्बों एवं गाँवों में सौर ऊर्जा की रूफटॉफ परियोजनाओं की स्थापना, किनारे स्थित धर्मशालाओं आदि में सौर गर्म जल संयंत्रों, नदी के किनारे ऊर्जा दक्ष एल.ई.डी. बल्ब एवं अन्य ऊर्जा दक्ष संयंत्रों, बायोमॉस ऊर्जा संयंत्रों और नर्मदा तट स्थित शहरों में शहरी अपशिष्ट इत्यादि पर आधारित ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना करवाने का कार्य यह विभाग करेगा। पर्यटन विभाग -नर्मदा किनारे विभाग के होटल्स से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक निष्पादन, पर्यटन हेतु सौर ऊर्जा नावों के उपयोग और नर्मदा किनारे कुछ ग्रामों/घाटों को चिन्हित कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करवाने का कार्य करेगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग -इस विभाग का दायित्व सभी तरह के गचरे के निष्पादन हेतु छोटी-छोटी वैज्ञानिक तकनीकी को उपलब्ध कराने, नदी विज्ञान की नवीन विधा का विकास कर अनुसंधान, नव ज्ञान, सृजन, नव साहित्य सृजन और नदी स्वास्थ्य संकेतक प्रारूप विकसित कर दीर्घ काल में नदी स्वास्थ्य सुनिश्चित करवाना होगा। सामाजिक न्याय विभाग नर्मदा तटीय क्षेत्रों में समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में कार्य करेगा। संस्कृति विभाग -संत और समाज के बीच समन्वय एवं संवाद की स्थापना, सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन, नर्मदा घाटी सभ्यता एवं संस्कृति के पुरातात्विक पहलुओं का अन्वेषण, नर्मदा के किनारे प्रागैतिहासिक गुफाओं का उन्नयन और नर्मदा के किनारे वाले मेलों को सहायता देने का कार्य विभाग करेगा। उद्योग विभाग -विभाग नर्मदा तथा सहायक नदी क्षेत्रों में संचालित उद्योगों से निकलने वाले औद्योगिक अवशिष्ट/कचरे का उपचार के बाद सुरक्षित निष्पादन सुनिश्चित करेगा। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग -चौपालों आदि का आयोजन कर जन्म एवं मृत्य प्रमाण-पत्र बाँट कर स्मृति में वृक्षारोपण हों इस दिशा में स्थानीय निकायों को प्रशिक्षित एवं निर्देशित करेगा। नर्मदा किनारे स्थित ग्राम पंचायतों की निर्माणाधीन विकेन्द्रीकृत योजना में ग्राम पंचायतों की भागीदारी, मिशन के अंतर्गत विभिन्न विभागों की गतिविधियों का आम जन के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार, नर्मदा संरक्षण एवं संवर्धन में कार्यरत स्वयंसेवी संगठनों को मिशन से जोड़ने एवं प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक नर्मदा सेवा समिति के गठन की दिशा में भी विभाग कार्य करेगा। नर्मदा नदी के संरक्षण के प्रति आमजन को साक्षर बनाने के लिये विकासखण्ड स्तर पर नर्मदा साक्षरता अथवा नर्मदा ज्ञान केन्द्रों की स्थापना भी यह विभाग करेगा। जल संसाधन विभाग-विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि नर्मदा पर स्थित एवं निर्माणाधीन बाँधों से नदी का पारिस्थितिकीय बहाव (Ecological Flow) बाधित न हो। ऊर्जा विभाग-इस विभाग का दायित्व नर्मदा तटीय स्थानों पर विद्युत प्रदाय के लिये आवश्यकतानुसार अधोसंरचना विद्युत नियामक आयोग के प्रावधानों के अंतर्गत विकसित करना होगा।  

Dakhal News

Dakhal News 16 May 2017


narmda udgam modi

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 'नमामि देवि नर्मदे'-सेवा यात्रा के पूर्णता कार्यक्रम में शामिल होने अमरकंटक पहुँचने पर माँ नर्मदा के उदगम-स्थल पहुँचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने नर्मदा जल से आचमन भी किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस मौके पर देश के विकास के लिये माँ से प्रार्थना की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उदगम स्थल और वहाँ बने मंदिर के बारे में जानकारी दी।    

Dakhal News

Dakhal News 16 May 2017


 शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है नर्मदा सेवा यात्रा अब एक सामाजिक आंदोलन बन चुकी है। नर्मदा सेवा जीवन का मिशन है। यह राजनैतिक कर्मकांड नहीं है। उन्होंने कहा कि नदियों, पर्यावरण और जल को बचाना सरकार और हर नागरिक का कर्तव्य है। इस काम में सरकार और समाज दोनों को साथ-साथ चलना होगा। श्री चौहान ने कहा कि अगले साल से सभी नदियों को बचाने का अभियान चलेगा। यदि समाज नदियों के संरक्षण में जुट गया तो उत्कृष्ट परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि अब सोने का नहीं जागने का समय है। यदि नदियों को बचाने की आत्म प्रेरणा उत्पन्न हो जाये तो लक्ष्य पूरा होने में समय नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि जो देश पर्यावरण को हानि पहुंचा रहे हैं उनकी आलोचना करने के बजाए अपना नागरिक धर्म निभाने पर ध्यान देना ज्यादा उपयुक्त है। वे आज यहां प्रशासनिक अकादमी में नदी, जल और पर्यावरण संरक्षण मंथन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस मंथन का आयोजन पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन और जनअभियान परिषद द्वारा आयोजित किया गया था। इस मंथन में जल संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। उद्घाटन सत्र में वन मंत्री डॉ गौरीशंकर शेजवार, अपर मुख्य सचिव वन श्री दीपक खांडेकर, नर्मदा मर्मज्ञ श्री अमृतलाल बेगड़ एवं नदी संरक्षण विशेषज्ञ उपस्थित थे। नर्मदा सेवा मिशन के अंतर्गत भविष्य की कार्य योजना की रूपरेखा बताते हुये श्री चौहान ने कहा कि अमरकंटक में 15 मई को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथों इसका विमोचन होगा। उन्होंने कहा कि नर्मदा मैया शाश्वत है। उन्हें नुकसान पहुंचाने वालों को दंड मिलेगा। नर्मदा जी को जीवंत अस्तित्व माना गया है। नर्मदा माँ के जीवन के लिये हरियाली बढ़ाने, प्रदूषण रोकने के सभी कार्य किये जायेंगे। दो जुलाई को दोनों तटों पर वृहद वृक्षारोपण होगा। नर्मदा की क्षीण होती धारा को समृद्ध किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अब समाज ने स्वीकार कर लिया है कि जीवन देने वाली नारी का जीवन बचाना जरूरी है। प्राकृतिक संसाधनों का अन्यायपूर्वक दोहन ठीक नहीं है। राज और समाज दोनों को साथ-साथ काम करना पड़ेगा। हर छोटी नदी को जीवंत बनाने का अभियान चले केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री अनिल माधव दवे ने कहा कि मध्यप्रदेश  पूरे देश में नदी एवं जल संरक्षण का उदाहरण प्रस्तुत करेगा। उन्होंने कहा कि यदि पहाड़ों, जंगल, पर्यावरण को नहीं बचायेंगे तो नर्मदा नदी  क्रिकेट  का मैदान बन जायेगी। उन्होंने कहा कि नर्मदा के अलावा जीवन में कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि हर छोटी नदी को जीवंत बनाने का अभियान चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो नदी प्यास बुझाती है वही गंगा है। गांवों के समीप बहने वाली नदियों, गांवों के तालाबों, पोखरो को बचाने की जरूरत है। नर्मदा नदी के कछार क्षेत्र को समृद्ध बनाने की जरूरत है। समाज बिना सरकारी सहयोग के भी यह काम आत्मप्रेरणा से कर सकता है। करीब एक लाख किलोमीटर कैचमेंट एरिया में जल स्त्रोतों को जीवन देने का काम आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि नदियों और जल स्त्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिये प्राकृतिक खेती पर भी ध्यान देना होगा। यदि स्वास्थ्य बचाना है तो रसायन मुक्त खेती जरूरी है। नीर, नारी और नदी का सम्मान किया मुख्यमंत्री ने जल पुरुष और मैगासेसे आवार्ड सम्मानित श्री राजेन्द्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने नदियों को बचाने के काम से राज, समाज और संतों जोड़कर उल्लेखनीय काम किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने नदी और पर्यावरण संरक्षण के वे सब काम अपने हाथ में ले लिये हैं जो संतों द्वारा किये जाते हैं। उन्होंने इसके लिये मुख्यमंत्री श्री चौहान और उनके मंत्रीमंडलीय सहयोगियों और अधिकारियों को बधाई दी। श्री राजेन्द्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नर्मदा सेवा यात्रा के माध्यम से न सिर्फ नर्मदा बल्कि अन्य नदियों के संरक्षण  के प्रति भी समाज को जागृत किया है। उन्होंने कहा कि जब नीर, नारी और नदी का सम्मान होगा तभी नदियो का भी सम्मान होगा। उन्होंने कहा कि नदियों ने राजनीति को दिशा दी। पहले नदियां मैला साफ करने वाली थीं आज मैला ढ़ोने वाली मालगाड़ी बन गई। नदियों को आजादी चाहिए। उन्हें स्वतंत्र विचरण चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने नीर-नदी और नारी के सम्मान को समाज में पुन: स्थापित किया है। इस काम से पूरे समाज को जोड़ा है। उन्होंने नर्मदा को पूरी तरह से आत्मसात कर लिया है। श्री राजेन्द्र सिंह ने कहा कि नर्मदा के साथ-साथ सहायक नदियों को भी संरक्षण की भी जरूरत है। सभी सहायक नदियों को  जीवन देने की आवश्यकता है और इस काम में हृदय से जुड़ना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने व्यवहार से सभी को नर्मदा भक्त बना दिया है। सिने अभिनेता जैकी श्राफ सिने अभिनेता जैकी श्राफ ने कहा कि भविष्य की पीढ़ी को देखते हुये अभी से जल चिंता करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भूमि जल का स्तर लगातार नीचे गिर रहा है। मिट्टी को नुकसान हो रहा है। सबको यह सोचने की आवश्यकता है  कि हम भविष्य के लिये कैसा पर्यावरण छोड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को विशेष अवसरों पर पौधा रोपण आवश्यक करना चाहिए और यही संस्कार बच्चों को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शालाओं और महाविद्यालयों में भी यही शिक्षा देनी चाहिए और पर्यावरण चेतना संपन्न नहीं पीढ़ी का निर्माण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नदियों का बचाना है यह कहने की नहीं समझने की बात है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री चौहान की पहल की सराहना की। मुख्य सचिव ने नर्मदा सेवा यात्रा और नर्मदा सेवा मिशन की पृष्ठ भूमि रुपरेखा पर प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया कि अब अन्य जिलों में बहने वाली नदियों को बचाने के लिये भी स्थानीय स्तर पर अभियान चलने लगे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 78 हजार नर्मदा सेवकों का पंजीयन हो चुका है। 148 दिन की नर्मदा सेवा यात्रा में 1846 उप यात्राएं शामिल हुई । उन्होंने बताया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिये टेण्डर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। विश्व बैंक से इस काम के लिये लोन लेने की भी तैयारी हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने् नर्मदा एवं सहायक नदियों का संरक्षण की चुनौतियां एवं समाधान, नर्मदा सेवा मिशन की कार्य योजना, नर्मदा पर निर्भर अर्थतंत्र और नर्मदा सेवा मिशन के संस्थागत स्वरूप पर विभिन्न समूहों की चर्चा में भाग लिया।  

Dakhal News

Dakhal News 8 May 2017


digvijay singh

कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह सोशल मीडिया पर अक्सर ट्रॉल्स के शिकार बन जाते हैं। इस बार दिग्विजय उस समय ट्रोलिंग का शिकार हो गए जब उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने पोते की तस्वीर शेयर करते हुए पूछा कि क्या वो भविष्य के नेता हैं? दिग्विजय ने लिखा था कि उनका पोता खड़ा होना सीख गया है। दिग्विजय ने एक तस्वीर शेयर की थी जिसमें उनका पोता दिग्गी राजा और अपने पिता जयवर्धन सिंह की तस्वीर के सामने खड़ा है। दिग्विजय सिंह ने पोते की तस्वीर के साथ ट्वीट किया ‘सहस्रजय मेरा पोता, हमारे लिए एसआरजे अपने से खड़ा होना सीख गया है। भावी राजनेता’।  तस्वीर शेयर किए जाते सोशल मीडिया यूजर्स दिग्विजय सिंह पर तंज कसने लगे। बहुत से यूजर्स ने लिखा कि पोते के अच्छे भविष्य के लिए उसे दिग्गी राजा की शिक्षाओं से दूर रखना होगा। आलोचना के साथ शुभकामनाएं भीं वहीं कुछ यूजर्स ने बच्चे को शुभकामना देते हुए दिग्विजय सिंह से अपील की है कि वो बच्चे को अपना मनपसंद करियर चुनने दें। वहीं उनके कई प्रशंसकों ने बच्चे को शुभाशीष दिया है। दिग्विजय सिंह के ट्विटर पर छह लाख 49 हजार से ज्यादा फॉलोवर्स हैं। दिग्विजय के बेटे जयवर्धन सिंह मध्य प्रदेश की राघोगढ़ विधान सभा से विधायक हैं।   एक यूजर नरेंद्र कुभट का ट्वीट था कि ‘इसने अपने आप खड़ा होना सीख लिया लेकिन आपको आज भी गांधी परिवार की बैसाखी की जरूरत पड़ती है’।  गगनदीप हिंदुस्तानी नामक यूजर ने लिखा ‘लेकिन जब तक ये बाबू बड़ा होगा तब तक तो कांग्रेस लुप्त हो चुकी होगी’।अनिकेत वैश्य नामक यूजर ने लिखा ‘समझदार होगा तो कांग्रेस ज्वाइन ही नहीं करेगा’।  वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा ‘ईश्वर इसे आपकी बुरी शिक्षाओं से बचाए’ खैर ये बहुत क्यूट है।  

Dakhal News

Dakhal News 8 May 2017


शिवराज का ऐलान ,अवैध बूचड़खानों को नहीं चलने दिया जायेगा

मुख्यमंत्री  शिवराजसिंह चौहान धार जिले के मोहनखेड़ा में ज्योतिष सम्राट और मुनिश्री ऋषभ चन्द्रविजय जी विद्यार्थी म.सा. के ''आचार्य पद पट्टाभिषेक महा-महोत्सव कार्यक्रम'' में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आचार्य श्री को काम्बली भेंट कर आशीर्वाद भी लिया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आचार्य श्री से सदबुद्धि, सन्मार्ग पर चलने तथा जनता की सेवा के लिए सामर्थ्य प्रदान करने का आशीर्वाद माँगा। उन्होंने कहा कि मोहनखेड़ा तीर्थ में मानव सेवा के लिए अखण्ड व्रत चलता है। यहाँ शिक्षा, संस्कार, चिकित्सा, जल संरक्षण, गौ-सेवा, पीड़ित और शोषित वर्गों के लोगों के कल्याण के लिये विशेष प्रकल्प चलाए जाते हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ''नमामि देवि नर्मदे''-सेवा यात्रा के जरिये प्रदेश में नदियों के संरक्षण, पर्यावरण सुधार, जल-संरक्षण के प्रयासों के साथ ही बेटियों को बचाने का महा अभियान चलाया जा रहा है। बेटियों के बिना सृष्टि नहीं चल सकती है, बेटियाँ हैं, तो कल है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म ने ''जियो और जीने दो'' का मूल-मंत्र दिया है। जीवों के प्रति दया का भाव और अहिंसा का संदेश दिया है। हम सभी इसे आत्मसात करें और जीवों के प्रति दया का भाव रखें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की धरती पर कोई भी अवैध बूचड़खाना नहीं चलने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आचार्य श्री ऋषभचन्द्र विजय जी म.सा. को राजकीय अतिथि का दर्जा प्रदान किया जाएगा। उन्होंने आचार्य श्री से अनुरोध किया कि वे सम्पूर्ण प्रदेश का भ्रमण कर पीड़ित मानवता की सेवा के लिए मोहनखेड़ा तीर्थ द्वारा चलाए जा रहे प्रकल्पों को जन-जन तक पहुँचाये। पट्टाभिषेक कार्यक्रम में गच्छाधिपति आचार्य श्री ऋषभचन्द्र विजय जी म.सा. ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को श्रेष्ठ मुख्यमंत्री बताते हुए अवैध बूचड़खाने बन्द किए जाने की घोषणा पर उन्हें साधुवाद दिया। उन्होंने बेटी बचाओ अभियान के प्रति भी अपना समर्थन व्यक्त किया। कार्यक्रम में मोहनखेड़ा तीर्थ से प्रकाशित मासिक पत्रिका ''ऋषभ चिंतन'' का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री श्री थावरचन्द गेहलोत, प्रदेश की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया, पूर्व मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद श्रीमती सावित्री ठाकुर, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री विक्रम वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और नागरिक मौजूद थे।  

Dakhal News

Dakhal News 7 May 2017


शिवराज सिंह फार्म हाउस

    मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान आज अल्प-प्रवास पर विदिशा पहुँचे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्राम निमखिरिया स्थित अपने नये फार्म हाउस में उद्यानिकी फसलों को देखा। उन्होंने निर्माणाधीन दुग्ध शीत-केन्द्र का जायजा भी लिया। मुख्यमंत्री ने बेसनगर फार्म हाउस का भी अवलोकन किया।  

Dakhal News

Dakhal News 6 May 2017


 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

  पार्टी की बैठकों में अनुपस्थिति पर मंत्रियों के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधायकों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले और संभागों में पार्टी की बैठकों में विधायक लगातार अनुपस्थित हो रहे हैं। इन बैठकों को गंभीरता से लें। मुख्यमंत्री बुधवार शाम को मुख्यमंत्री निवास में विधायक दल की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकों को अपने क्षेत्र का आखिरी पोलिंग बूथ भी नहीं पता है। सभी एमएलए 15 दिन पोलिंग बूथों पर दें। 21 से 28 मई को पार्टी के विस्तारक अलग-अलग क्षेत्र में जाएंगे, उनके साथ पूरा सहयोग कर अपना समय भी दें। इसके अलावा 17, 18 और 19 मई को विस्तारकों का प्रशिक्षण भी होगा। इसके अलावा बैठक में ज्यादातर ग्रामोदय अभियान और प्रधानमंत्री की अमरकंटक यात्रा को लेकर चर्चा चली। विधायकों की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने 52 नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों के लिए क्षेत्र के विधायकों और प्रभारी मंत्रियों के साथ अलग से बैठक की। भाजपा ने विधायकों की सोशल मीडिया पर सक्रियता को लेकर भी एक रिपोर्ट तैयार करवाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्यादातर विधायक सोशल मीडिया का उपयोग ही नहीं कर रहे हैं। सभी लोग टि्वटर और फेसबुक पर अपडेट रहें और अपने कार्यक्रम के साथ-साथ सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने विधायकों से पूछा कि कितने विधायकों के खुद के कार्यालय हैं, इस पर ज्यादातर विधायकों ने हामी भरी। फिर सीएम ने कहा कि जिन्होंने कार्यालय नहीं खोले हैं, वे तत्काल कार्यालय खोलें। सीएम ने कहा कि मैंने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ टिफिन पार्टी की। आप भी अपने क्षेत्रों में लोगों के साथ टिफिन पार्टी कर उन्हें पार्टी से जोड़ें। कुछ विधायकों ने पीएम आवास योजना में चल रही गड़बड़ी का भी जिक्र किया। विधायकों ने मांग रखी कि जिन लोगों को योजना के तहत पहली किस्त मिल गई है, उन्हें योजना से बाहर न किया जाए। इस पर सीएम ने कहा कि नई गाइडलाइन का पालन करना ही पड़ेगा। फिर भी कोई रास्ता निकाला जाएगा।  

Dakhal News

Dakhal News 4 May 2017


narmda yatra

नर्मदा सेवा यात्रा दो मई को डिण्डोरी के बालपुर, पलकी, चुरिया होते हुए धर्मपुरा पहुँची। तेज गर्मी में भी निरंतर आगे बढ़ रही इस यात्रा में आज ग्राम पलकी के शासकीय हाई स्कूल परिसर में जन-संवाद आयोजित किया गया। साध्वी प्रज्ञा भारती, म.प्र. जन-अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पांडे, म.प्र. रोजगार संवर्धन मंडल के अध्यक्ष श्री हेमंत देशमुख ने उपस्थित ग्रामीणों से जल-संरक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण, नशामुक्ति तथा बेटी बचाओ अभियान पर बातचीत की। आगामी दो जुलाई को होने वाले वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम की जानकारी भी दी गयी। डिण्डौरी जिले में 97 गाँव नर्मदा नदी के दक्षिणी तट पर तथा लगभग एक सौ गाँव उत्तरी तट पर हैं। यात्रा में ग्रामीणों को जैविक खेती अपनाने, नशामुक्ति, बच्चों को स्कूल भेजने और निर्मल रहने का संकल्प दिलवाया जा रहा है। इस जुड़ाव और प्रतिबद्धता के परिणाम-स्वरूप यह यात्रा ग्रामीणों को शिक्षित करने, जानकारी देने और बेहतर जीवन के लिये संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम बन गयी है। धर्म, संस्कृति और संस्कार को साथ लेकर चलती यह यात्रा सुदूरवर्ती ग्रामीणों को विकास और उन्नति के लिये भी प्रेरित कर रही है। आज यात्रा पथ पर ग्राम चुरिया में क्षेत्र की महिलाएँ सिर पर कलश रखकर यात्रा के स्वागत में खड़ी थीं। नर्मदा नदी के संरक्षण-संवर्धन के संकल्प और संवाद के साथ यात्रा ग्राम पंचायत मुढ़िया कला की ओर आगे बढ़ी। इस पंचायत के धर्मपुरा टोला में जन-संवाद में प्रदूषण पर केन्द्रित ब्रह्मा, विष्णु, महेश शीर्षक सांगीतिक नाट्य प्रस्तुति हुई। साध्वी प्रज्ञा भारती ने उपस्थित जन-समुदाय से नर्मदा नदी को स्वच्छ रखने के लिये किये जाने वाले उपायों पर चर्चा की। सुश्री भारती ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की भावना के अनुरूप नर्मदा के संरक्षण-संवर्धन के लिये कार्य करने और दो जुलाई को होने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लेने के लिये भी ग्रामीणों को प्रेरित किया।  

Dakhal News

Dakhal News 3 May 2017


चम्बल एक्सप्रेस-वे

  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि चम्बल एक्सप्रेस-वे के निर्माण से चम्बल संभाग के तीनों जिलों के सर्वांगीण विकास का रास्ता खुलेगा। इस मार्ग के दोनों ओर आर्थिक गतिविधियाँ शुरू की जायेगी। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा। मुख्यमंत्री आज यहाँ चंबल एक्सप्रेस-वे के संबंध में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि चम्बल एक्सप्रेस-वे के निर्माण से बीहड़ क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी। यह श्योपुर, मुरैना एवं भिंड जिले की जीवन रेखा साबित होगा। लगभग 300 किमी. लम्बे प्रस्तावित इस मार्ग के दोनों ओर विकास एवं रोजगारमूलक व्यावसायिक गतिविधियाँ शुरू की जायेगी। उन्होंने निर्देश दिये कि इसके लिये ज्यादा से ज्यादा शासकीय भूमि चिन्हित की जाये। समय पर भूमि के अधिग्रहण में पूरा सहयोग किया जायेगा। साथ ही रोजगार की दृष्टि से कौनसी आर्थिक गतिविधियाँ ली जायें, उनकी भी कार्य-योजना बनायी जायेगी। बताया गया कि चम्बल एक्सप्रेस-वे का निर्माण चम्बल नदी के समानांतर प्रस्तावित है। इसके दोनों ओर औद्योगिक केन्द्र लॉजिस्टिक पार्क, स्मार्ट सिटी, कृषि उत्पाद एवं खाद्य प्र-संस्करण केन्द्र आदि व्यवसायिक गतिविधियाँ प्रस्तावित हैं। यह मार्ग राज्य राजमार्ग क्र.6 के पाली से शुरू होकर श्योपुर जिले में हीरापुर, बीरपुर, मुरैना जिले के झुंडपुरा, ब्रिजगढ़ी, छिन्नवारा, मथुरापुरा, खन्‍डोली, रा.रा.-3 को पार करते हुए, गडोरा, झकोना, ईसाह, डन्डोली, बरवई, रछेड़, रायपुर तथा भिंड जिले में कुरैठा, नागरा-पोरसा, कनैरा, अटेर, खीपोना, खैरी, सूरजपुर, बिजोरा, रामा एवं बढ़ापुरा से होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 92 तक कुल 300 कि.मी. लम्बा है। बैठक में लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव वन श्री दीपक खांडेकर, प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री प्रमोद अग्रवाल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक वर्णवाल व अन्य अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 3 May 2017


govinda -shivraj

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान डिंडौरी जिले के शाहपुर में नर्मदा सेवा यात्रा में शामिल हुए। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री विनय सहस्त्रबुद्धे, महामंत्री श्री रामलाल, प्रदेश के खाद्य-नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे, पत्रिका समाचार-पत्र के समूह सम्पादक श्री गुलाब कोठारी, दीनदयाल शोध संस्थान के अध्यक्ष श्री अजय महाजन, पूर्व सांसद तथा फिल्म अभिनेता श्री गोविन्दा, जर्मन मूल की टी.वी. कलाकार सुश्री सुजैन बर्नर्ट भी आज यात्रा और जन-संवाद में शामिल हुए। जन-संवाद में मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री का दायित्व वर्तमान शासन संचालन तक सीमित नहीं है। भविष्य की पीढ़ियों के हित संरक्षण का विचार और तदनुसार कार्य भी हमारी जिम्मेदारी है। इस दायित्व बोध से ही नर्मदा सेवा यात्रा आरंभ की गई है। यात्रा के अंतर्गत वृक्षारोपण, नदी को स्वच्छ और पवित्र रखने के प्रयास और जन-जागरूकता से नर्मदा नदी को हम अगली पीढ़ियों के लिये भी जीवन दायिनी स्वरूप में सौंप पायेंगे। श्री चौहान ने कहा कि डिंडौरी जैसे सुदूर इलाके में राष्ट्रीय नेतृत्व, ख्यात अभिनेताओं और प्रतिष्ठित समाचार-पत्र के समूह संपादक का आना क्षेत्र में रहने वाले लोगों की नर्मदा माँ के प्रति आस्था और प्रतिबद्धता का सम्मान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा के अंतर्गत शासन और समाज, समान उत्तरदायित्व के भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने उपस्थित जन-समुदाय को नदी जल की स्वच्छता बनाये रखने, वृक्षारोपण में भाग लेने और नशामुक्ति के लिये संकल्पित होने के लिये प्रेरित किया। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि नवाचारों के लिये प्रसिद्ध मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नदी संरक्षण के लिए शिव-धनुष हाथ में लिया है। यह लोकोन्मुखी अभियान, अकाल प्रभावित राज्यों के लिये अनुकरणीय है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री रामलाल ने कहा कि यह यात्रा गरीब किसान के हित, शहरों-गाँवों के स्वास्थ्य और धर्म संस्कृति के संवर्धन के लिए है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दलीय राजनीति और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर इस यात्रा का आयोजन किया है। श्री रामलाल ने 2 जुलाई को हो रहे वृक्षारोपण की संख्या को दस करोड़ तक ले जाने का आव्हान किया। यात्रा और जन संवाद में शामिल हुए पूर्व सांसद तथा 140 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके ख्यात अभिनेता श्री गोविंदा ने कहा कि माँ नर्मदा के प्रति राज्य शासन की संवेदनशीलता प्रशंसनीय है। श्री गोविंदा ने बताया कि उनकी बेटी का नाम नर्मदा है। बेटी का यह नामकरण उनके लिये भाग्यशाली और आनंददायी रहा। पत्रिका समाचार -पत्र के समूह संपादक श्री गुलाब गोठारी ने कहा कि नर्मदा नदी के तटों पर सधन वृक्षारोपण से नदी की स्थिति के अलावा आस-पास के किसानों की आर्थिक समृद्धि में भी सुधार आयेगा। परिणामस्वरूप बीस-तीस साल बाद आने वाली पीढ़ी भी नर्मदा को माँ के स्वरूप में पायेगी। श्री कोठारी ने कहा कि बीज की नियति है कि वह दूसरों के भरण-पोषण के लिये ही होता है। इसके लिये इसे त्याग और समर्पण का पथ अपनाना पड़ता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान भी इस पथ पर अग्रसर होकर न केवल प्रदेश की जनता अपितु प्रकृति और पर्यावरण के कल्याण के लिये भी लगातार नि:स्वार्थ कार्यरत है। जन-संवाद में साध्वी प्रज्ञा भारती, श्री अनुराग कृष्ण शास्त्री, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नागेश ठाकुर और भारतीय मजदूर संघ के श्री सुरेंद्रन ने भी जन-समुदाय को संबोधित किया।  

Dakhal News

Dakhal News 2 May 2017


आदि शंकराचार्य प्रकटोत्सव

अद्वैत वेदांत दर्शन के प्रवर्तक, सनातन धर्म के पुनरूद्धारक और सांस्कृतिक एकता के देवदूत आदि शंकराचार्य का प्रकटोत्सव आज पूरे प्रदेश में मनाया गया। सभी जिलों में आदि शंकराचार्य के जीवन और दर्शन पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रंखला आयोजित की गई। राजधानी भोपाल में विधानसभा के मानसरोवर सभागार में जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी जयेन्द्र सरस्वती, कांची कामकोटि पीठ की उपस्थिति में आदि शंकराचार्य का पुण्य-स्मरण किया गया। आदि शंकराचार्य के अवदान पर अपने विचार रखते हुए जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी जयेन्द्र सरस्वती ने कहा कि आदि शंकराचार्य के अनुसार शांत स्वरूप धारण करने से ही कल्याण होगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आदि शंकराचार्य की जीवनी और सनातन धर्म के उद्धार में उनके योगदान पर आधारित पाठ्यक्रम स्कूल शिक्षा में शामिल किया जायेगा। उन्होंने आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास की स्थापना करने की घोषणा करते हुए कहा कि इसके माध्यम से आदि शंकराचार्य के दर्शन एवं वेदांत शिक्षा के प्रसार की गतिविधियाँ संचालित होंगी। संत समाज मार्गदर्शन करेगा जबकि सरकार सहयोगी की भूमिका में होगी। श्री चौहान ने कहा कि विकास करने के अलावा संतों के मार्गदर्शन में नई पीढ़ी को सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक संस्कारों से शिक्षित और दीक्षित करना भी सरकार का काम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की पवित्र गुफा का जीर्णोद्धार होगा जहाँ उन्होंने अपने गुरू के मार्गदर्शन में तपस्या की थी। श्री चौहान ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने शिक्षा दी है कि सभी जीवों में एक ही चेतना का स्पंदन है। उन्होंने कहा कि वेदांत दर्शन विश्व की सभी प्रकार की वैमनस्यता और द्वंदों को दूर करने में सक्षम है। श्री चौहान ने बताया कि ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा निर्माण के लिये अष्ट धातु संग्रहण अभियान एक जून से 30 जून तक चलेगा। उन्होंने कहा कि यदि आदि शंकराचार्य नहीं होते तो भारत का सांस्कृतिक अखंडता का वर्तमान स्वरूप भी नहीं होता। उन्होंने कहा कि जब विश्व समाज विकसित और सभ्य बनने की प्रक्रिया में था इससे पहले ही भारत में वेदों की रचना हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि वेदांत दर्शन में संपूर्ण ब्रह्माण्ड के कल्याण की सोच है। भारत एक अद्भुत देश है और इसकी दर्शन परंपराएँ अनूठी हैं। उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य ने भारत की सांस्कृतिक एकता में आने वाली सारी बाधाएँ दूर कर दीं हैं। चार पीठों की स्थापना कर उन्होंने भारत को एक सूत्र में बाँध दिया। उन्होंने सांस्कृतिक अखंडता की नींव मजबूत की। अब भारत को कोई नहीं तोड़ सकता। आदि शंकराचार्य ने भारत को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत मजबूत बना दिया है। आदि शंकराचार्य के योगदान का स्मरण करते हुए पूरे प्रदेश में प्रकटोत्सव मनाने का निर्णय लिया गया है। चिन्मय मिशन के स्वामी श्री सुबोधानंद ने कहा कि आदि शंकराचार्य के प्रकटोत्सव को जनपर्व के रूप में मनाया जाना चाहिये। स्वामी गोविन्द देव गिरि ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिये आज ऐतिहासिक दिवस है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने आदि शंकराचार्य को ज्ञान का प्रकाश दिया। भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा भी इसी भूमि पर सांदीपनि आश्रम में हुई। इसी भूमि से मुख्यमंत्री श्री चौहान को नर्मदा सेवा की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान को राज्य के मुखिया के नाते अपनी जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाने के लिये कई पीढ़ियों तक याद किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सांस्कृतिक नवोत्थान हो रहा है। भविष्य में भारत आने वाला हर आध्यात्मिक यात्री चारों धामों की यात्रा करने के साथ ही मध्यप्रदेश की भी यात्रा अवश्य करेगा। उन्होंने बताया कि आदि शंकराचार्य ने वेदांत दर्शन के माध्यम से सभी प्रकार के संशयों और भ्रांतियों को दूर कर दिया है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि हर व्यक्ति को वेदांत ज्ञान प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य द्वारा लिखे गये भाष्य दुनिया के अद्भुत काव्य हैं जिनमें जीवन-दर्शन है। युवा पीढ़ी को इस दार्शनिक विरासत से परिचित कराने के लिये हर प्रकार का प्रयत्न किया जाना चाहिए। हरिद्वार के स्वामी श्री परमानंद गिरि ने कहा कि आदि शंकराचार्य के दर्शन को जीने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जीव है तो ब्रह्म है और ब्रह्म होगा तो जीव होगा। आदि शंकराचार्य की वेदांत शिक्षाओं का समाज में विस्तार करना होगा। इससे सभी प्रकार के संघर्षों का समाधान मिलेगा। आध्यात्मिक विषयों पर लेखन करने वाले विद्वान श्री विट्ठल सी. नाडकर्णी ने कहा कि मुख्यमंत्री नर्मदा सेवा यात्रा और आदि शंकराचार्य का प्रकटोत्सव मनाकर सांस्कृतिक पहचान को पुन: स्थापित किया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव श्री राम माधव ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने उद्घोष किया था कि सब मनुष्य बराबर हैं। कोई भी मनुष्य चाहे वह किसी भी वर्ण या जाति में जन्मा हो अपने पुरुषार्थ से पांडित्य और वेदांत ज्ञान प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य अप्रतिम दार्शनिक और समाज सुधारक थे। उन्होंने आदि शंकराचार्य सांस्कृतिक एकता न्यास स्थापित करने के लिये मुख्यमंत्री श्री चौहान की भूरि-भूरि सराहना करते हुए कहा कि यह आदि शंकराचार्य के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। भाजपा के संगठन मंत्री श्री रामलाल ने कहा कि आदि शंकराचार्य का प्रकटोत्सव मनाना अपने-आप में सराहनीय कार्य है। इसके लिये उन्होंने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि वे मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक उत्थान के लिये भी उतने ही प्रयत्नशील है कि जितने मध्यप्रदेश के विकास के लिये। उन्होंने कहा कि भारत को सांस्कृतिक रूप से शक्तिशाली बनने की आवश्यकता है क्योंकि भविष्य में भारत को ही वेदांत दर्शन की विश्व में स्थापना करना है। इस अवसर पर आदि शंकराचार्य के जीवन-दर्शन पर केन्द्रित वृत्त चित्र का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री ने ‍क्रिस्प संस्था द्वारा निर्मित वेबसाइट www.statueofculturalunity.in का लोकार्पण किया। आदि शंकराचार्य के जीवन पर केन्द्रित पुस्तिका का भी लोकार्पण किया गया। समारोह की शुरुआत ध्रुपद गायक अभिजीत सुखदाणे और साथियों द्वारा आदि शंकराचार्य रचित स्रोतों के गायन से हुई। इस अवसर पर संस्कृति राज्य मंत्री श्री सुरेन्द्र पटवा, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री विनय सहस्रबुद्धे और बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे। प्रमुख सचिव संस्कृति श्री मनोज श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त किया।  

Dakhal News

Dakhal News 2 May 2017


shivraj singh ka lekh

शिवराज सिंह चौहान  उदया तिथि के अनुसार 1 मई 2017 को आदि शंकराचार्य की 'प्राकटय पंचमी' को हम पूरे प्रदेश में 'आचार्य शंकर प्रकटोत्सव' के रूप में मना रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भी आदि शंकराचार्य के प्रकटोत्सव को 'राष्ट्रीय दर्शन दिवस' के रूप में घोषित किया है। अद्वैत वेदांत दर्शन के प्रवर्तक, सनातन धर्म के पुर्नरूद्धारक एवं सांस्कृतिक एकता के देवदूत आदि शंकराचार्य का पावन स्मरण हम सांस्कृतिक एकता स्वरूप कर रहे हैं। इस अवसर पर पूरे प्रदेश में सभी संभाग, जिला, विकासखण्ड और ग्राम पंचायत स्तर पर विभिन्न विभागों के समन्वय से संगोष्ठियाँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। आज से लगभग 1200 वर्ष पूर्व यानि 792 ईस्वी में आदि शंकराचार्य मध्यप्रदेश में नर्मदा