विशेष

बेहरीन में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को बहरीन के प्रधानमंत्री खलीफा बिन सलमान अल-खलीफा से मुलाकात की। मुलाकात में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के महत्व पर चर्चा हुई। इसे और मजबूत बनाने के तरीकों पर वार्ता हुई। साथ ही सुषमा ने बहरीन के अपने समकक्ष के साथ आपसी सहयोग के लिए बने आयोग की दूसरी बैठक की अध्यक्षता की। वह बहरीन के दो दिवसीय दौरे पर आई हैं। सुषमा ने अपने दौरे की शुरुआत बहरीन के विदेश मंत्री शेख खालिद बिन अहमद अल-खलीफा से मुलाकात के साथ की। शेख खालिद को भारत का शुभचिंतक माना जाता है। इसके बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त आयोग की बैठक में हिस्सा लिया। इससे पहले फरवरी 2015 में संयुक्त आयोग की बैठक नई दिल्ली में हुई थी। शेख खालिद ने बहरीन के विकास में भारतीय समुदाय के सहयोग की प्रशंसा की। करीब चार लाख भारतीय बहरीन में रहकर वहां नौकरी और कारोबार करते हैं। बहरीन की कुल आबादी में भारतीयों की हिस्सेदारी एक चौथाई की है। अपने दौरे में सुषमा मानामा के राष्ट्रीय पुस्तकालय को \"भारत एक परिचय\" पुस्तकों का एक संग्रह भेंट किया। इससे बहरीन के लोगों को भारत के बारे में बेहतर तरीके से जानने का मौका मिलेगा।  

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Dakhal News 16 July 2018

वर्ष 2018 के पहले छह महीनों में अफगानिस्तान में जारी संघर्ष और आतंकी हमलों में रिकॉर्ड 1,692 आम नागरिकों की मौत हुई है। इन हमलों में 3,430 नागरिक घायल हुए। अफगानिस्तान में कार्यरत संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने रविवार को ये ताजा आंकड़े जारी किए हैं। शिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने यूएनएएमए के हवाले से बताया कि ये आंकड़े इस साल एक जनवरी से 30 जून के बीच के हैं। पिछले 10 वर्षों की तुलना में इस साल पहले छह महीनों में ही सबसे अधिक आम नागरिकों की जान चली गई। रिपोर्ट के अनुसार, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमने 2009 से इस संबंध में निगरानी रखने की व्यवस्था की थी। मौत की पहली बड़ी वजह इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस(आइईडी) का इस्तेमाल है। इस विस्फोटक का इस्तेमाल आतंकी आत्मघाती हमले सहित अन्य हिंसक गतिविधियों में करते हैं। आइईडी के प्रयोग से करीब आधे आम नागरिकों की मौत हुई है। मौत की दूसरी बड़ी वजह सेना और आतंकियों की बीच जारी संघर्ष है। इनमें हवाई हमले और आमने-सामने की लड़ाई शामिल है। 67 फीसद नागरिकों की मौत तालिबान व अन्य कट्टरपंथी संगठनों के हमले में गई। वहीं, 20 फीसद की जान सेना के हमले में गई। बाकी बचे 13 प्रतिशत की मौत अन्य कारणों से हुई है।

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Dakhal News 15 July 2018

राजनीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को किसान जन कल्याण रैली में हिस्सा लेने के लिए पश्चिम बंगाल के मिदनापुर पहुंचे। शहर के कॉलेज मैदान में आयोजित इस सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां किसानों के लिए सरकार द्वारा हाल में उठाए कदमों का जिक्र किया वहीं ममता सरकार पर ईशारों में जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि मां-माटी-मानुष की बात करने वालों का पिछले 8 साल में असली चेहरा, उनका सिंडिकेट सामने आ चुका है। सिंडिकेट की मर्जी के बिना पश्चिम बंगाल में कुछ भी करना मुश्किल हो गया है। यहां हर चीज के लिए सिंडिकेट बना हुआ है। कुछ भी काम करना हो तो यह सिंडिकेट ही तय करता है। पीएम ने कहा कि राज्य में सिंडिकेट सरकार है। जब तक इस सिंडिकेट की मंजूरी नहीं होती तब तक कोई काम नहीं होता। बंगाल में नई कंपनी खोलनी हो, नए अस्पताल खोलने हों, नए स्कूल खोलने हों, नई सड़क बनानी हो, बिना सिंडिकेट को चढ़ावा दिए, उसकी स्वीकृति लिए, कुछ भी नहीं हो सकता। इससे पहले पीएम मोदी ने कहा कि पीएम ने कहा कि किसानों को MSP सही मिले इसके लिए किसान मांग करते रहे, आन्दोलन करते रहे लेकिन दिल्ली में बैठी सरकार ने किसानों की एक न सुनी। केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद हमारी सरकार ने किसानों को डेढ़ गुणा समर्थन मूल्य देने का निर्णय ले लिया। किसान हमारे अन्नदाता और गांव हमारे देश की आत्मा हैं। कोई भी समाज तब तक आगे नहीं बढ़ सकता। अगर देश का किसान उपेक्षित हों तो कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता है। स्वतंत्रता आन्दोलन हो, सामाजिक सुधार के कार्यक्रम हो, सामान्य मानवीय का सशक्तिकरण हो या फिर शिक्षा के उच्च मापदंड मेदिनीपुर ने इतिहास में अपना एक विशेष स्थान बनाया है। देश आज परिवर्तन के बड़े दौर से गुजर रहा है, स्वतंत्रता आन्दोलन के समय जिस प्रकार एक संकल्प लेकर उसे सिद्ध किया गया था वैसे ही समग्र देश में आज 'संकल्प से सिद्धि' की यात्रा आगे बढ़ रही है। किसानों के लिए हमने इतना बड़ा फैसला किया है कि आज तृणमूल को भी इस सभा में हमारा स्वागत करने के लिए झंडे लगाने पड़े और उनको अपनी तस्वीर लगानी पड़ी, ये भाजपा की नहीं हमारे किसानों की विजय है।  

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Dakhal News 16 July 2018

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज मिर्जापुर में उस बाण सागर परियोजना का लोकार्पण किया, जिसकी परिकल्पना 1956 में की गई थी। इसको मंजूरी मिली 1977 में तथा शिलान्यास 1978 में किया गया। इसके बाद चार दशक तक इसकी ओर किसी का ध्यान नहीं गया। इस दौरान उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों ने किसानों की चिंता नहीं की। उन्होंने कहा कि 300 करोड़ की परियोजना को पूरा करने में 3200 करोड़ रुपए में पूरा करना पड़ा। उन्होंने कहा कुछ लोग किसानों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाते हैं। अधूरी सिंचाई परियोजानाओं को पूरा क्यों नहीं किया गया। मोदी ने कहा कि देशभर में दशकों से अटकी परियोजनाओं को पूरा किया जा रहा है। सपा और बसपा की सरकार में विकास का एजेंडा था ही नहीं कभी। कांग्रेस की पूर्व सरकार ने कभी यूपी में स्वास्थ्य सुविधा का ख्याल नहीं किया, मोदी के नेतृत्व में 8 नए मेडिकल कालेज खुलने जा रहा है, एम्स और कैंसर संस्थान मिल रहा है। यूपी में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा और विकास तेज हुआ है। बताते चलें कि केंद्रीय जल विद्युत शक्ति आयोग से 1977 में इस परियोजना को स्वीकृति मिलने के बाद 14 मई 1978 को ही इसका शिलान्यास तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने किया। इसके बाद शासन-प्रशासन के दांव-पेंच के चलते अभी तक इसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका था। मगर,अब इस परियोजना को मौजूदा केंद्र व प्रदेश की सरकार ने परवान चढ़ाया। परियोजना से उत्तर प्रदेश के साथ ही बिहार व मध्य प्रदेश के भी लाखों किसानों को लाभ मिलेगा। करीब 3148.91 करोड़ रुपए की लागत से तैयार बाणसागर परियोजना के रामबाण से प्रधानमंत्री विकास का पूरे देश को नया संदेश दिया। इसके साथ ही विंध्य की धरती से आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर हुंकार भरेंगे। मोदी ने कहा कि अभी हाल ही में एक खबर आई है। अगर यह निगेटिव होती, तो कई दिनों तक इस पर हो हल्ला होता। मगर, खबर पॉजिटिव थी, तो यह आई-गई हो गई। दो सालों में पांच करोड़ लोग भीषण गरीबी से बाहर निकले हैं। इसके साथ ही आयुष्मान योजना का जिक्र भी पीएम ने किया, जिसके तहत पांच लाख रुपए के चिकित्सकीय बिल का भुगतान सरकार करेगी। स्वच्छ भारत पर मोदी ने कहा कि गांवों में शौचालय बनने से वहां के परिवारों की बीमारियों में कमी आई है। बाणसागर परियोजना का प्रधानमंत्री के हाथों लोकार्पण होने के मद्देनजर अदवा बैराज को दुल्हन की तरह सजाया गया है। यह परियोजना हलिया विकास खंड में अदवा नदी के कैमूर पहाड़ की तलहटी में 3148.91 करोड़ की लागत से वर्ष 1977-78 में प्रारंभ की गई थी। विंध्य पर्वत एवं कैमूर श्रृखंलाओं की बाधाओं को पार करते हुए 25.600 किलोमीटर अदवा मेजा लिंक नहर का निर्माण किया गया। इसमें 150132 हेक्टेयर सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अदवा, मेजा, जरगो बांध को पानी से भरने की योजना बनाई गई है। सिंचाई सुविधा को देखते हुए बैराज में आठ गेट अदवा नदी में पानी छोड़ने के लिए बनाए गए हैं वहीं दूसरी ओर तीन गेट बाणसागर नहर में पानी गिराने के लिए बने हैं। बाणसागर से अदवा बैराज मध्य प्रदेश के शहडोल जिले देवलोन बाणसागर बांध से अदवा बैराज के लिए पानी छोड़ा गया है। इससे मीरजापुर में 75309 हेक्टेयर तथा इलाहाबाद में 74823 हेक्टेयर यानी कुल 150132 हेक्टेयर सिंचाई करने की योजना है। नहरों की कुल लंबाई 171.80 किमी और क्षमता 46.46 क्युसेक पानी की होगी। इससे 170000 किसानों का परिवार लाभान्वित होगा। बाणसागर परियोजना से मध्यप्रदेश में 1.54 लाख हेक्टेयर तथा उत्तर प्रदेश में 1.50 लाख हेक्टेयर तथा बिहार राज्य में 94 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। केंद्र तथा प्रदेश सरकार ने विंध्य क्षेत्र की इस महत्वांकाक्षी अंतरराज्यीय परियोजना को पूरा करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। अब अदवा बैराज डाक-बंगले सहित भवन तथा पुल सहित पूरी परियोजना भगवा में रंग गए हैं। ऐसे में अब बाणसागर परियोजना का लोकार्पण कर प्रधानमंत्री एक तीर से कई निशाने साधेंगे।

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Dakhal News 15 July 2018

मीडिया

 जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया में  दैनिक 'बुंदेलखंड बुलेटिन' समाचार पत्र के मध्यप्रदेश संस्करण का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों का प्रमुख कार्य जनता की आवाज को सरकार तक तथा सरकार की आवाज को जनता तक पहुंचाना है। इस दिशा में बुंदेलखंड बुलेटिन समाचार पत्र खरा उतरेगा, ऐसी मैं कामना करता हूँ। उन्होने कहा कि दतिया में विकास की दशा और दिशा दोनों बदली है, चौतरफा विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया कर्मी बदलते हुए दतिया के साक्षी बनें। इस अवसर पर समाचार पत्र के सम्पादक श्री पुरूषोत्तम नारायण श्रीवास्तव, विधायक श्री प्रदीप अग्रवाल तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

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Dakhal News 16 July 2018

मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल  ने भोपाल में चर्चित पत्रकार अनुराग उपाध्याय को मैन ऑफ़ मीडिया के रूप में सम्मानित किया। जनपरिषद के 29 वे स्थापना दिवस समारोह में 2017-18  में पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए अनुराग उपाध्याय को यह सम्मान दिया गया।  पत्रकार अनुराग उपाध्याय ने इस साल एक सर्जरी के 14 घंटे बाद अस्पताल के बेड से अपने पॉपुलर हेडलाइन शो को होस्ट कर एक इतिहास रच दिया। अनुराग से पहले किसी भी ऐंकर ने अस्पताल के पलंग से शो होस्ट नहीं किया। अस्पताल से पहले दिन लोकमत समाचार के वरिष्ठ पत्रकार लेखक शिवाअनुराग पटेरिया ,दूसरे दिन दैनिक भास्कर के राहुल शर्मा और तीसरे दिन दैनिक जागरण के स्थानीय सम्पादक मृगेंद्र सिंह लाइव शो में अनुराग के साथ रहे। हेडलाइन शो और बेबाक़ बात अनुराग के फेमस शो हैं एक मेजर एक्सीडेन्ट के बाद अनुराग का पैर जांघ के पास से टूट गया ,बड़ी सर्जरी के बाद अनुराग ठीक हुए और काम पर लौटे लेकिन पैर में लगी रॉड ,प्लेटें,और नट से होने वाली तकलीफ से निजात पाने के लिये उन्होंने 20 जून 2018 को फिर सर्जरी करवाई ,इससे पहले सुबह 10:30 बजे अपना प्रोग्राम हेडलाइन शो लाइव प्रजेंट किया...शाम को ऑपरेशन के बाद 21 जून 2018 की सुबह 10:30 बजे अनुराग टीवी स्क्रीन पर अस्पताल के icu से हेडलाइन शो प्रस्तुत करते नज़र आए। टीवी  पत्रकारिता की इतिहास में ऐसा इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ ,एक पत्रकार के हौसले के सामने हर चुनौती बहुत छोटी नजर आई। अनुराग के हौंसले को जनपरिषद ने मैन ऑफ़ मीडिया के रूप में सम्मानित किया।  जनपरिषद के समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि समाज में ऐसे ढेरों लोग हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, लेकिन संस्थाएं उनको पूछती तक नहीं हैं। राज्यपाल का कहना था कि प्रदेश के जिलों, कस्बों और गांवों में कई ऐसी महिलाएं और युवा हैं, जो पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन, महिला सशक्तिकरण आदि पर उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। संस्थाओं का कर्तव्य है कि वे ऐसी प्रतिभाओं का खोजें और उनका सम्मान कर उनके कार्य को भी प्रोत्साहित करें। राज्यपाल आनंदी बेन ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सबसे अधिक काम करने की जरूरत है। पूरी दुनिया ग्लोबल वर्मिंग की समस्या से जूझ रही है।  इस मौके पर मध्यप्रदेश के  पूर्व डीजीपी डीपी खन्ना की किताब 'इतिहास पुनःपुनः' का विमोचन राज्यपाल सहित अन्य अतिथियों ने किया। इसके पूर्व समारोह के प्रारंभ में जनपरिषद के अध्यक्ष और पूर्व पुलिस महानिदेशक एनके त्रिपाठी ने अतिथियों को स्वागत किया। प्रतिवेदन संस्था के उपाध्यक्ष और होमगार्ड के महानिदेशक महान भारत सागर और मेजर जनरल (पूर्व) पीएन त्रिपाठी ने प्रस्तुत किया। समारोह में पुलिस महानिदेशक ऋषिकुमार शुक्ला, ब्यूरो ऑफ आउट रीच कम्यूनिकेशन (भारत सरकार) के डीजी अनिल सक्सेना का भी सम्मान किया गया।   

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Dakhal News 15 July 2018

समाज

  मध्यप्रदेश में अपने विचारों और कार्यशैली की वजह से पिछले कुछ दिनों से चर्चा में आईं आदिवासी कार्य विभाग की आयुक्त दीपाली रस्तोगी ने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को विकास यात्राओं और सम्मेलन में खर्च को लेकर एक और आदेश जारी किया है। रस्तोगी ने आदेश में कहा है कि प्रदेश में निकल रही विकास यात्राओं और अन्य सम्मेलन के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत आवंटित बजट में से पैसा खर्च न किया जाए। उन्होंने कहा कि इन विकास यात्राओं के लिए अलग से राशि जारी की गई है। यदि अन्य योजनाओं का पैसा इन सम्मेलन के आयोजन में लगाया जाता है तो इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता माना जाएगा और संबंधित अधिकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। रस्तोगी ने कहा कि विभिन्न योजनाओं के लिए आवंटित बजट का उपयोग विकास यात्राओं के लिए किसी भी परिस्थिति में न किया जाए। दीपाली रस्तोगी ने यह आदेश पिछले महीने 23 जून को सभी कलेक्टर्स को दिया था। गौरतलब है कि इससे पहले दीपाली रस्तोगी ने आदेश दिया था कि धार्मिक राजनीतिक आयोजनों में आदिवासी बच्चों को भीड़ बढ़ाने के लिए शामिल न कराया जाए। उनका यह आदेश भी सियासी हल्कों में काफी चर्चित रहा था।

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Dakhal News 17 July 2018

  एमपी के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शासकीय कर्मचारी प्रशासन का दिल, अंतर्रात्मा और दोनों हाथ हैं। सरकार द्वारा कर्मचारियों के हितों के लिये निरंतर कार्य किये गये हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को अपने परिवार की तरह ही समझा है। भविष्य में भी निरंतर कर्मचारियों के कल्याण के कार्य किये जायेंगे। शासकीय कर्मचारी और सरकार मिलकर प्रदेश को समृद्ध और विकसित बनायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान शनिवार को उज्जैन में प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मान एवं आभार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के विभिन्न 45 संगठनों द्वारा मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का शासकीय कर्मचारियों को सातवाँ वेतनमान दिये जाने, केन्द्रीय कर्मचारियों के समान महँगाई भत्ता, अध्यापक संवर्ग को शिक्षा विभाग में सम्मिलित करने तथा सेवानिवृत्ति की उम्र 62 वर्ष किये जाने पर आभार व्यक्त किया है। मध्यप्रदेश शासकीय तृतीय वर्ग कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष श्री रमेशचन्द्र शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी वर्गों का समान रूप से ध्यान रखा है और उनके हितों की रक्षा की है। मुख्यमंत्री द्वारा आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिये भी कारगर कदम उठाये गये हैं

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Dakhal News 16 July 2018

पेज 3

  बॉलीवुड अभिनेता इरफान खान इन दिनों लंदन में अपना कैंसर का इलाज करा रहे हैं। वह लगातार सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस के संपर्क में बने हुए हैं और अपने से जुड़ी हर जानकारी साझा कर रहे हैं। इरफान की एक नई तस्वीर सामने आई है। अभिनेता ने इस तस्वीर को ट्विटर प्रोफाइल पर लगाई है। तस्वीर में उनका वजन पहले से कम लग रहा है। वह एक खिड़की के सामने खड़े हैं और उनके कानों में ईयरफोन लगे हुए हैं। तस्वीर में इरफान खान मुस्कुराते हुए नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर इरफान के फैंस के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। बता दें कि इरफान खान इन दिनों लंदन में अपनी रेयर किस्म की बीमारी का इलाज करा रहे हैं। इस बात की जानकारी इरफान ने सोशल मीडिया के जरिए दी थी। इरफान ने ट्वीट कर लिखा था, 'जिंदगी में अचानक कुछ ऐसा हो जाता है जो आपको आगे लेकर जाती है। मेरी जिंदगी के पिछले कुछ दिन ऐसे ही रहे हैं। मुझे न्यूरो इंडोक्राइन ट्यूमर नामक बीमारी हुई है। लेकिन मेरे आसपास मौजूद लोगों के प्यार और ताकत ने मुझमें उम्मीद जगाई है।' इरफान खान ने सोशल मीडिया पर एक खत के जरिए फैंस को बीमारी के दौरान लंदन में बिताए जा रहे अनुभवों को भी साझा किया था। उन्होंने इस खत में लिखा था कि इस एहसास ने मुझे समर्पण और भरोसे के लिए तैयार किया। अब इसका जो भी नतीजा हो, ये भी मायने नहीं रखता ये मुझे कहां लेकर जाएगा, आज से आठ महीनों के बाद, या आज से चार महीनों के बाद, या दो साल बाद। सारी चिंताएं खत्म हो चुकी हैं...पहली बार, मुझे आजादी के सही मायने समझ में आए हैं। अभिनेता ने आगे कहा, 'मैं जिस अस्पताल में भर्ती हूं, उसमें बालकनी भी है। बाहर का नजारा दिखता है। कोमा वार्ड ठीक मेरे पास ही है। सड़क की एक तरफ मेरा अस्पताल है और दूसरी तरफ लॉर्ड्स स्टेडियम है। यहां मेरे विवियन रिचर्ड्स का मुस्कुराता पोस्टर है। मेरे बचपन के ख्वाबों का मक्का। उसे देखने पर पहली नजर में मुझे कोई एहसास ही नहीं हुआ। मानो वह दुनिया कभी मेरी थी ही नहीं।\" इरफान खान लंदन में हैं, लेकिन उनकी फिल्मों को रिलीज होना जारी हैं। इरफान खान की 'ब्लैकमेल' उस समय रिलीज हुई थी जब वे इलाज के लिए लंदन जा चुके थे। अब उनकी 'कारवां' रिलीज के लिए तैयार है।  

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Dakhal News 16 July 2018

  जाह्नवी कपूर की डेब्यू फिल्म 'धड़क' 20 जुलाई को रिलीज हो रही है। जाह्नवी की पहली फिल्म को लेकर उनका परिवार बहुत एक्साइटेड है। श्रीदेवी की मौत के बाद जाह्नवी ने जिस तरीके से खुद को संभाला और फिल्म की शूटिंग पूरी की, उसकी सभी तारीफ कर रहे हैं। वह इस कारण भी इस फिल्म में पूरी तरह डूबी हुई है क्योंकि मां श्रीदेवी का सपना था कि वह इस फिल्म को करे। 'धड़क' के कई सारी भावनाएं जुड़ी है और कपूर्स के लिए यह वाकई एक स्पेशल फिल्म है। अपनी बहन को फिल्म डेब्यू करते हुए देखने के लिए उनके भाई अर्जुन कपूर भी काफी एक्साइटेड हैं, लेकिन इस फिल्म की पहली स्क्रीनिंग में वह शामिल नहीं हो पाएंगे। जाह्नवी ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान कहा, 'अर्जुन भैया और अंशुला दीदी अभी शहर में नहीं है।अर्जुन भैया को कुछ काम है, इसलिए वे पहली स्क्रीनिंग मिस कर देंगे। वह 18 जुलाई को शहर लौट रहे हैं, इसलिए आने के बाद फिल्म देखेंगे।' बता दें कि श्रीदेवी की मौत के बाद बोनी कपूर की पहली पत्नी के बच्चे अर्जुन-अंशुला ने जाह्नवी और खुशी को पूरा सपोर्ट किया। दुख के समय बहनों के साथ खड़े रहे। अर्जुन एक अच्छे और जिम्मेदार भाई की भूमिका निभाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी जाह्नवी और खुशी के लिए अपना प्यार उन्होंने जाहिर किया है। वहीं जाह्नवी को ट्रोल करने वालों को अच्छा खासा जवाल भी दे चुके हैं। करण जौहर के प्रोडक्शन की यह मूवी मराठी फिल्म 'सैराट' की हिंदी रीमेक है जिसे शशांक खैतान ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म में जाह्नवी के साथ ईशान खट्टर नजर आएंगे जो कि शाहिर कपूर के भाई हैं। ईशान की 'धड़क' से पहले फिल्म 'बियॉन्ड द क्लाउड्स' रिलीज हो चुकी है।  

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Dakhal News 15 July 2018

दखल क्यों

कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में वर्ष 2013 में हुए नक्सली हमले के पीछे पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का हाथ होने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी पीएल पूनिया ने जोगी की कांग्रेस में वापसी के दरवाजे बंद होने का ऐलान करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की हत्या के पीछे वही थे। पुनिया ने एक साक्षात्कार में कहा कि बस्तर क्षेत्र के सुकमा जिले की दरभा घाटी के नक्सल हमले में राज्य में कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व का सफाया कर दिया गया था। जोगी पर इस हमले के पीछे होने का हाथ है। यह आरोप सार्वजनिक हो चुके हैं। उल्लेखनीय है कि सुकमा जिले में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हुए नक्सली हमले में कम से कम 27 लोग मारे गए थे। इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ला समेत राज्य के पूर्व मंत्री महेंद्र कर्मा और छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रमुख नंद कुमार पटेल भी शामिल थे। सालों पहले उत्तरप्रदेश में मायावती के सहयोगी रह चुके पुनिया ने यह भी दावा किया कि जोगी और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बीच कोई गठबंधन नहीं हो सकता है। उन्होंने ऐसी अफवाहों के लिए जोगी और भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यह लोग अफवाहें उड़ाने के विशेषज्ञ हैं। पुनिया छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और बसपा के गठजोड़ के समर्थक हैं। उन्होंने कहा कि मायावती की पार्टी से गठजोड़ करने पर चुनाव में कांग्रेस की स्थिति बेहतर होगी। इस विषय पर उचित स्तर पर चर्चा की जा रही है। पुनिया के आरोप पर अजीत जोगी का पक्ष लेने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। उनके पुत्र और विधायक अमित जोगी का कहना है कि एजेंसी से जारी खबर को देखने के बाद ही कोई बयान दिया जा सकेगा।

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Dakhal News 16 July 2018

उत्तर प्रदेश में रविवार 15 जुलाई से 50 माइक्रोन तक की पतली पॉलीथिन प्रतिबंधित कर दी गई है। पहले चरण में नगरीय निकाय क्षेत्रों यानी शहरों में इसमें प्रतिबंध लगाया गया है। पॉलीथिन के निर्माण, बिक्री, भंडारण व आयात-निर्यात पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। प्रतिबंधित पॉलीथिन बनाने व बेचने पर जुर्माना व सजा का प्रावधान है। सरकार ने इसमें एक लाख रुपये तक का जुर्माना और छह माह तक की जेल भेजने के नियम बनाए हैं। प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए सरकार छापामारी अभियान चलाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन, नगरीय निकाय, पुलिस व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीमें बनेंगी। छापा मारने वाली टीम मौके पर ही जुर्माना भी वसूल सकेंगी। नगर विकास विभाग ने अधिनियम में जरूरी संशोधन के लिए अध्यादेश तैयार कर लिया है। इसे कैबिनेट बाई सर्कुलेशन से मंजूरी भी मिल गई है। अब राज्यपाल के हस्ताक्षर रह गए हैं। इस कारण इसके आदेश शनिवार को जारी नहीं हो सका। राज्यपाल द्वारा अध्यादेश को मंजूरी देते ही रविवार को आदेश जारी हो जाने की पूरी उम्मीद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पॉलीथिन, प्लास्टिक व थर्मोकोल में चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध की घोषणा की है। उनकी घोषणा के अनुसार ही 15 जुलाई रविवार से 50 माइक्रोन तक की पॉलीथिन प्रतिबंधित की जा रही है। दूसरा चरण 15 अगस्त से शुरू होगा, इसमें प्लास्टिक व थर्मोकोल के कप-प्लेट व ग्लास प्रतिबंधित किए जाएंगे। इसके बाद दो अक्टूबर से सभी प्रकार के डिस्पोजेबल पॉलीबैग पर भी प्रतिबंध रहेगा। नगर विकास विभाग ने उत्तर प्रदेश प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूड़ा-कचरा (उपयोग एवं निस्तारण का विनियमन)-2000 में संशोधन किया है। संशोधन के लिए विभाग ने अध्यादेश तैयार कर लिया है। इसकी धारा सात में यह जोड़ा गया है कि प्रदेश सरकार अधिसूचना के जरिए नॉन बॉयोडिग्रेडेबिल प्लास्टिक या इस तरह के मैटीरियल को प्रतिबंधित कर सकती है। इस संशोधन के बाद अब सरकार कभी भी अधिसूचना जारी कर पॉलीथिन, प्लास्टिक या फिर इससे जुड़े अन्य उत्पादों को प्रतिबंधित कर सकती है। इसके लिए उसे बार-बार अधिनियम में संशोधन नहीं करना पड़ेगा। केवल अधिसूचना के जरिए ही प्रतिबंध लगाया या फिर हटाया जा सकेगा। प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पॉलीथिन व प्लास्टिक पर प्रतिबंध की सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। कानूनी कार्रवाई के लिए अधिनियम में भी जरूरी संशोधन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसमें कुछ औपचारिकता शेष रह गई है।   

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Dakhal News 15 July 2018
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