राजनीति


रणदीप सुरजेवाला

गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग पर तगड़ा निशाना साधा। कांग्रेस के गुजरात प्रभारी अशोक गहलोत और प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस बात पर आपत्ति ली कि अहमदाबाद में अपना वोट देने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने किस तरह रैली की शक्ल में वहां मौजूद लोगों का अभिवादन करते हुए रवाना हुए। कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे लगता है कि चुनाव आयोग मोदी के निजी सचिव की तरह काम कर रहा है। सुरजेवाला ने कहा, राहुल गांधी का इंटरव्यू दिखाने वाले चैनल पर एफआईआर दर्ज कर ली जाती है और मोदी फिक्की के कार्यक्रम को एक चुनावी रैली की तरह संबोधित करते हैं, इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एयरपोर्ट पर लोगों को संबोधित करते हैं और चुनाव आयोग कोई कार्रवाई नहीं करता है।  

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Dakhal News 14 December 2017


अमित शाह के बोल

गुजरात विधानसभा के लिए वोटों की गिनती होना है। लेकिन बयानबाजी जारी है। ताजा घटनाक्रम में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को ट्वीट के जरिये पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर हमला बोला। शाह ने तंज कसते हुए सवाल किया, 'गुजरात चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पद की गरिमा का खयाल न रखने का आरोप लगाने वाले मनमोहन सिंह अपने कार्यकाल में इस गरिमा को क्यों भूल गए थे? उनके प्रधानमंत्री रहते हुए लाखों करोड़ रुपये के घोटाले होते रहे, तब उन्हें गुस्सा क्यों नहीं आया?' भाजपा अध्यक्ष ने कहा, 'आखिर उन्हें तब गुस्सा क्यों नहीं आया, जब सोनिया गांधी ने देश के एक राज्य के मुख्यमंत्री को 'मौत का सौदागर' कहा। आखिर वह भी तो संवैधानिक पद था। उन्हें तब गुस्सा क्यों नहीं आया, जब पीएम को 'नीच' कहा गया। मनमोहन सिंह जी से ऐसी राजनीतिक की अपेक्षा नहीं थी।'शाह ने कहा, 'वह पहले भी गुजरात में प्रचार कर चुके हैं, लेकिन ऐसे गुस्से में कभी नहीं दिखे। यह उनका स्वभाव नहीं है। शायद इस बार उनके ऊपर पार्टी का दबाव कुछ ज्यादा था।'    

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Dakhal News 14 December 2017


भुजबल की 20 करोड़ की संपत्ति जब्त

मुंबई में  प्रवर्तन निदेशालय ने राकांपा नेता छगन भुजबल की 20.41 करोड़ रुपये कीमत की संपत्ति जब्त कर ली। ये संपत्ति प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जब्त की गई है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे छगन भुजबल पर दिल्ली स्थित न्यू महाराष्ट्र सदन के निर्माण एवं मुंबई के कालीना क्षेत्र के एक निर्माण में घोटाले का आरोप है। भुजबल को प्रवर्तन निदेशालय ने विगत 14 मार्च 2016 को गिरफ्तार कर लिया था। वह तभी से मुंबई के ऑर्थर रोड जेल में बंद हैं। भुजबल के पुत्र एवं राकांपा विधायक पंकज भुजबल एवं भतीजे समीर भुजबल भी इसी मामले में आरोपी हैं। प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि छगन भुजबल ने उक्त इमारतों के निर्माण में गलत तरीके से पैसा बनाया एवं उसका निवेश फर्जी कंपनियों के जरिए करवाया गया। आयकर विभाग एवं प्रवर्तन निदेशालय इससे पहले भी भुजबल की 300 करोड़ रुपयों से ज्यादा की संपत्तियां जब्त कर चुका है। भुजबल के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भी जांच की है। फरवरी 2016 में एसीबी भुजबल सहित 17 आरोपियों के विरुद्ध 20,000 पन्नों से ज्यादा का आरोपपत्र अदालत में पेश कर चुका है। आयकर विभाग ने इस मामले में ऐसी 44 कंपनियों को चिन्हित किया है, जिन्होंने बेनामी समझी जा रही तीन में से दो कंपनियों में निवेश किया। यह उस कानून का उल्लंघन है, जो बन तो 1988 में ही गया था, लेकिन अमल में पिछले वर्ष एक नवंबर से आना शुरू हुआ है। इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर सात वर्ष तक कठोर कारावास एवं बेनामी संपत्तियों के बाजार मूल्य का 25 फीसद तक जुर्माना हो सकता है। इन संपत्तियों की चार माह तक जांच करनेवाली आयकर विभाग की टीम का मानना है कि भुजबल परिवार द्वारा ये संपत्तियां अघोषित आय का उपयोग करके खरीदी गई हैं।  

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Dakhal News 5 December 2017


चक्रवात ओखी अमित शाह

दक्षिण भारत में कहर बरपा कर चक्रवात ओखी अब गुजरात पहुंचा है। चुनाव में राजनीतिक सरगर्मी पर चक्रवात ओखी ने पानी बरसा दिया है। इसके चलते भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की तीन रैलियां रद्द कर दी गईं हैं। यह रैलियां तटीय इलाकों राजुला, माहुआ और शिहोर में होने वाली थीं। ओखी की चेतावनी को देखते हुए गुजरात सरकार ने प्रदेश के तमाम बंदरगाहों पर रेड नंबर सिंग्लन लगा कर दिया गया है। वहीं समुद्र में मछली पकड़ कर रहे मच्छुआरों वापस आने की सूचना दे दी गई है। सरकार समुद्र किनारे वाले क्षेत्रों में एनडीआरएफ की टीम तैनात कर 24 घंटे कंन्ट्रोल रुम भी शुरु किया है। पिछले दो दिनों से गुजरात में ओखी तुफान का असर दिखने को मिल रहा है। प्रदेश में अंधिकांश के शहरो में तेज हवाओं के साथ समुद्री किनारे वाले क्षत्रों में बारिश भी हुई है। अहमदाबाद , राजकोट , सूरत, वडोदरा जैसे बड़े शहरों में दिन भर बादली माहौल रहा है। सरकार ने बताया कि दक्षिण भारत में तबाही मचाने के बाद ओखी तुफान गुजरात की ओर आगे बढ़ रहा है। अगले 48 घंटों में ओखी तुफान में गुजरात में 60 से 70 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। गुजरात सरकार ने कहा कि ओखी तुफान से निपटने के लिए प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर व अधिकारियों के साथ एक बैठक की गई है। इसमें सावधानी तमाम कदम उठाये गये है। बंदरगाह पर रेड नंबर सिंग्लन लगाने के साथ मच्छुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई। सूरत , राजकोट, कच्छ , जूनागढ़ सहित समुद्री किनारे वाले एनडीआरएफ के जवानों को स्टैंडबाय रखा गया है। यहां समुद्र में से मछुआरों के बोटों को सुरक्षित स्थल पर ले जाया गया है। वहीं सरकार 24 घंटे कन्ट्रोल रुम भी शुरु किया है। सूचना पाते ही समुद्र में मछली पकड़ रहे 300 बोट के साथ मच्छुआरे वापस आ गये है। जबकि जाफराबाद में 139 बोट अभी भी समुद्र में है। जिससे उनका संपर्क किया जा रहा है।

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Dakhal News 5 December 2017


babulal gaur

  भोपाल गैंगरेप सहित प्रदेश के अन्य स्थानों पर महिलाओं के खिलाफ हो रही लगातार घटनाओं के मामले उठाते हुए विपक्ष ने प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला है। शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन आज विधानसभा में कांग्रेस के रामनिवास रावत, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सहित कई विधायकों ने भोपाल के शक्ति कांड का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर एक बार फिर अपनी ही सरकार के लिए परेशानी लेकर आए। गौर ने कुपोषण के मुद्दे पर सरकार पर सवाल उठाए। महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध को लेकर विपक्ष ने स्थगन भी लगाया। कांग्रेस विधायकों ने सदन में इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा ने आश्वस्त किया कि वे विषय का परीक्षण कर अपना फैसला सुनाएंगे। विपक्ष के हमले पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि सरकार दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध करने वालों के लिए फांसी की सजा का कानून ला रही है। इसके अलावा जबलपुर से विधायक तरुण भनोत सहित कई विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष से अफसरशाही की शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि अधिकारी उनके पत्रों का जवाब नहीं देते। प्रश्न काल में उठे इस विषय पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा ने भी विधायकों का पक्ष लेते हुए मंत्रियों को ताकीद किया कि वे इस बात को सुनिश्चित करें कि विधायकों द्वारा लिखे जाने वाले पत्रों के जवाब समय पर दिए जाएं और जो लोग इन दिशा निर्देशों का पालन नहीं करते हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इधर कुपोषण के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने विपक्ष के सुर में सुर मिलाते हुए अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए। गौर ने कहा प्रदेश में कुपोषण क्यों नहीं रुक रहा है और इसके लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं। इसके जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने कहा कि कुपोषण के स्तर में कमी आई है लेकिन कोई भी यह पूरी तरह दावे से नहीं कह सकता है कि समस्या से निजात पा लिया गया है।

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Dakhal News 28 November 2017


 पीएम मोदी ,इवांका मुलाकात

  हैदराबाद में मंगलवार से होने वाले वैश्विक उद्यमिता शिखर सम्मेलन (GES 2017) में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप पहुंच चुकी हैं। सम्मेलन शुरू होने से पहले इवांका ने पीएम मोदी से मुलाकात की साथ ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिली। इसके बाद पीएम मोदी और इवांका ट्रंप दोनों की इस सम्मेलन को संबोधित किया । पीएम मोदी और सुषमा स्वराज से इस मुलाकात के दौरान इवांका के साथ आए अधिकारियों का दल भी मौजूद था। इससे पहले इवांका मंगलवार तड़के हैदराबाद पहुंची तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक एम महेंदर रेड्डी ने बताया कि इवांका मंगलवार तड़के शमशाबाद में राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचीं और 29 नवंबर की शाम लौट जाएंगी।  

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Dakhal News 28 November 2017


bjp mp

वर्ष 2003 में कांग्रेस की दिग्विजय सिंह सरकार को उखाड़ फेंकने में अहम भूमिका निभाने वाले 'जावली' की तर्ज पर भाजपा ने एक बार फिर चुनाव प्रबंधन कार्यालय का शुभारंभ किया है। यह कार्यालय विधानसभा चुनाव 2018 और लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों पर उसी तर्ज पर काम करेगा, जैसे 2003 में 'जावली ' किया करता था । 'जावली' ने ही उस समय अक्रामक चुनाव प्रचार की शैली विकसित की थी । उसी टीम ने तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को मिस्टर बंटाधार के नाम से अलंकृत किया था। इस कार्यालय की कमान फिलहाल पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत संभालेंगे । शुक्रवार को विधिविधान पूजापाठ कर प्रदेश भाजपा कार्यालय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा सहित कई नेताओं की मौजूदगी में इस कार्यालय का उद्धाटन किया गया । सन 2003 में भाजपा ने तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष डॉ गौरीशंकर शेजवार के बंगले में जावली का निर्माण किया था। तब अनिल दवे जावली के प्रभारी हुआ करते थे। उनके साथ शैलेंद्र शर्मा, भारम भूषण, अतुल जैन और अजय मेहता भी चुनावी व्यूह रचना तैयार करने का काम करते थे। क्या है जावली का इतिहास जावली महाराष्ट्र की एक छोटी सी रियासत थी । इस जावली के किले में मुगल शासकों ने शिवाजी को मारने की योजना बनाई थी । 10 नवंबर 1659 को अफजल खां ने इसी जावली में शिवाजी को एकांत में मिलने बुलवाया था। जहां धोखे से वह शिवाजी की हत्या करना चाहता था, लेकिन शिवाजी ने उसे मार गिराया । इसी विजय गाथा की याद में भाजपा ने भी अपने चुनाव प्रबंधन कार्यालय के उद्धाटन के लिए 10 नवंबर की तारीख को चुना। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर कहा कि स्वर्णिम मध्यप्रदेश का जो सपना हमने देखा था, उसे भारतीय जनता पार्टी साकार कर रही है। हम समर्पण, समन्वय और एकजुटता से 2018 में प्रदेश में चौथी बार सरकार बनाएंगे। चुनाव में अभी एक वर्ष है, इसमें तैयारियों के 8 महीने और सघन चुनाव प्रचार के 4 माह सम्मिलित हैं। इस अवसर पर मध्य प्रदेश शासन के मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, उमाशंकर गुप्ता, श्रीमती माया सिंह, भूपेन्द्र सिंह, पारस जैन, जयभान सिंह पवैया, रामपाल सिंह, दीपक जोशी, रूस्तम सिंह, विश्वास सारंग, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष विजेश लुणावत, रामेश्वर शर्मा, अरविन्द भदौरिया, प्रदेश महामंत्री बंशीलाल गुर्जर, प्रदेश मंत्री पंकज जोशी, श्रीमती कृष्णा गौर, प्रदेश कार्यालय मंत्री राजेन्द्रसिंह राजपूत, प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर, प्रदेश सह मीडिया प्रभारीसंजय गोविन्द खोचे, गजेन्द्र पटेल, श्रीमती लता ऐलकर, अशोक सैनी, ताराचन्द बावरिया सहित प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित थे।  

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Dakhal News 11 November 2017


चित्रकूट चुनाव

  चित्रकूट उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचार के लिए कई मंत्रियों को मैदान में उतार दिया है। करीब आधा दर्जन मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि छह नवंबर तक सभी चित्रकूट में ही रहें। उपचुनाव में प्रचार के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव को नीदरलैंड दौरा बीच में छोड़कर वापस लौटना पड़ा। भार्गव को छह नवंबर को भोपाल लौटना था, लेकिन वे गुरुवार को ही दिल्ली पहुंच गए। भार्गव शुक्रवार को चित्रकूट चुनाव प्रचार के लिए जाएंगे। भार्गव के अलावा लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह, गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग राज्यमंत्री संजय पाठक और सहकारिता राज्यमंत्री विश्वास सारंग को भी चित्रकूट पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें से कुछ मंत्री चित्रकूट पहुंच भी चुके हैं। उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ल और खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे पहले से ही चित्रकूट में डेरा जमाए हुए हैं। इन सभी मंत्रियों को भाजपा ने स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया था। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव फूलों की खेती, जैविक खेती और डेयरी उद्योगों का अध्ययन करने के लिए विभाग के एक दल के साथ नीदरलैंड गए थे। नीदलैंड से सिर्फ गोपाल भार्गव वापस लौटे, उनके साथ गया अध्ययन दल पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक ही वापस आएगा।

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Dakhal News 3 November 2017


पूरी दुनिया में पहुंचेगी खिचड़ी

खिचड़ी देश के हर तबके की पसंद है लेकिन अब यह सिर्फ भारत नहीं बल्कि पूरी दुनिया में पहुंचेगी। दिल्ली में आज से होने वाले फूड इंडिया कार्यक्रम में इस खिचड़ी का स्वाद दुनिया भी चखेगी। पीएम मोदी ने सुबह इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने फूड प्रोसेसिंग उद्योग और किसानो पर अपनी बात रखी। पीएम ने कहा कि हमारे देश का किसान जिसे हम अन्नदाता भी कहते हैं वो फूड प्रोसेसिंग का केंद्र है। ट्रेनों में रोजाना लाखों लोग खाना खाते हैं और यह यात्री फूड प्रोसेसिंग उद्योग के संभावित ग्राहक हो सकते हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत आज विश्व की सबसे तेज उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। पीएम ने अपने संबोधन में सहूलियत 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर विश्व बैंक की रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग में हुए शानदार सुधार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत जीएसटी और अन्य आर्थिक सुधारों की वजह से भारत के कारोबारी माहौल में सुगमता आई है। बता दें कि फेस्ट के लिए 800 किलो खिचड़ी तैयार की जाएगी। यह कदम विश्व रिकार्ड बनाने के लिए भी उठाया जाएगा। इसे ब्रांड इंडिया फूड के रूप में चुना गया है। 800 किलो खिचड़ी तैयार करने के लिए 1000 लीटर क्षमता और सात फीट गहराई की विशाल कड़ाही का प्रबंध किया गया है। इस फेस्ट में 70 देशों के प्रतिभागी हिस्सा लेने वाले हैं। पाक कला के मशहूर विशेषज्ञ संजीव कपूर को तीन दिवसीय ग्रेट इंडियन फूड स्ट्रीट का ब्रांड अंबेसडर बनाया गया है। वही खिचड़ी तैयार करेंगे। यह कार्यक्रम खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय और सीआइआइ संयुक्त रूप से आयोजित कर रहे हैं। अनेकता में एकता की प्रतीक है खिचड़ी खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कार्यक्रम के बारे में कहा, 'खिचड़ी भारत का मुख्य भोजन है। इसे स्वास्थ्यवर्द्धक भोजन माना जाता है। देश भर में यह गरीबों और अमीरों का पसंदीदा खाना भी है।' उन्होंने कहा कि खिचड़ी भारत की महान संस्कृति अनेकता में एकता को भी प्रदर्शित करती है। यही कारण है कि इसे ब्रांड इंडिया फूड के रूप में चुना गया है। तैयार होने के बाद करीब 60,000 अनाथ बच्चों को खिचड़ी परोसी जाएगी। इसके साथ ही कार्यक्रम में मौजूद अतिथि भी इसका स्वाद ले सकेंगे। इतना ही नहीं भारत में दूसरे देशों के राजदूतों को खिचड़ी के साथ पाक विधि भी भेजी जाएगी। ब्रांड इंडिया खिचड़ी को विदेशों में भारतीय दूतावास प्रचारित करेंगे। पाक विधि के साथ तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले सामान की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि दुनिया भर में हर रेस्टोरेंट और रसोई में खिचड़ी तैयार होने लगेगी।  

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Dakhal News 3 November 2017


गुजरात में चुनाव दिसंबर में

  भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त एके जोति ने संकेत दिया है कि दिसंबर में गुजरात चुनाव कराए जा सकते हैं। जनवरी के तीसरे सप्ताह में विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। उनका कहना है कि गुजरात के सभी 50 हजार बूथों पर वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल होगा। गोवा में ये आजमाई जा चुकी हैं। आयोग पहली बार इन चुनावों में महिलाओं के लिए मतदान केंद्र बनाने जा रहा है। चुनाव आयुक्त ने भाजपा, कांग्रेस सहित विविध राष्ट्रीय दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर चुनाव सुधार संबंधी सुझाव मांगे। कांग्रेस ने संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी लगाने व वीवीपैट के 10 फीसदी वोट गिनकर ही परिणाम घोषित करने की मांग रखी थी। जबकि भाजपा ने दिसंबर के प्रथम सप्ताह में बड़ी संख्या में विवाह समारोह होने के कारण 14 दिसंबर के बाद विधानसभा चुनाव कराने की मांग रखी।  

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Dakhal News 11 October 2017


 रावण दहन

अधर्म पर धर्म व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस मौके पर रावण दहन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू के साथ दिल्ली के लालकिला मैदान पहुंचे। यहां श्री धार्मिक लीला कमेटी की ओर से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद का पुलता दहन किया गया । इससे पहले मोदी ने ट्विटर पर लिखा- 'विजयदशमी के पावन पर्व पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं।' गौरतलब है कि बीते साल दशहरा पर लखनऊ में होने की वजह से मोदी लालकिले के प्रोग्राम में शामिल नहीं हो पाए थे। रामलीला ग्राउंड पर आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के अलावा केद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, विजय गोयल, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी पहुंचे। रामलीला मैदान पहुंचे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री और अन्य अतिथियों ने परंपरा के अनुसार पूजा की। मान्यता है कि यहां देश के प्रधानमंत्री रावण दहन करते हैं। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी रामलीला मैदान पर नजर आए। वहीं पटना के गांधी मैदान में रावण दहन हो चुका है. इस दौरान रावण, मेघनाद और कुंभकरण का पुतला जला दिया गया है। राजधानी के दशहरा कमेटी द्वारा गांधी मैदान में आयोजित होने वाले लंकाधिपति रावण वध समारोह में जन सैलाब उमड़ पड़ा। इसके पहले गांधी मैदान में राम-लक्ष्‍मण की भव्‍य झांकी निकाली गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित अनेक गणमान्‍य लोग शामिल हुए। खास बात यह भी रही कि इस अवसर पर किन्‍नरों की टीम ने भी रंगारंग प्रस्‍तुतियां दीं।

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Dakhal News 30 September 2017


राज ठाकरे

मुंबई के एलफिंस्टन रोड स्टेशन से सटे फुट ओवरब्रिज पर मची भगदड़ में हुई मौतों के बाद सियासत भी तेज हो गई है। जहां राज्य और केंद्र की एनडीए सरकार हादसे के बाद जांच की बात कह रही है। वहीं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने सरकार पर हमला बोला है। राज ठाकरे ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि जब तक मुंबई लोकल के ढांचे में सुधार नहीं किया जाएगा तब तक मुंबई में बुलेट ट्रेन की एक ईंट भी नहीं रखने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुंबई लोकल से जुड़े मुद्दों की लिस्ट रेलवे को 5 अक्टूबर को दी जाएगी और इसकी समय सीमा भी बताई जाएगी। उन्होंने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि दुश्मनी के लिए हमें आतंकियों और पाकिस्तान की क्या जरूरत, जब हमारी रेलवे ही लोगों की जान लेने के लिए काफी है। राज ठाकने ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मुंबई में पहली बार बारिश नहीं हुई है और रेलवे कह रहा है कि इतनी बड़ी घटना बारिश की वजह से हुई है। 5 अक्टूबर को चर्चगेट से वेस्टर्न रेलवे के हेडक्वॉर्टर तक मार्च निकाला जाएगा और इन्फ्रास्टक्चर के बारे में सवाल भी पूछे जाएंगे। बता दें कि शुक्रवार की सुबह मुंबई के एलफिंस्टन ब्रिज पर मची भगदड़ की वजह से 22 लोगों की मौत हो गई थी। एक-दूसरे को कुचलते हुये लोग अपनी सलामती के लिए भागते रहे।एलफिंस्टन स्टेशन पर भगदड़ के लिए रेलवे ने सफाई दी कि बारिश की वजह से लोग ओवरब्रिज पर जरूरत से ज्यादा संख्या में आ गए और ब्रिज टूटने या शार्ट सर्किट की अफवाह से भगदड़ के हालात पैदा हो गए।

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Dakhal News 30 September 2017


सौभाग्य योजना

  दिल्ली में  मोदी सरकार ने देश के गरीबों को बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीनदयाल उर्जा भवन में ओएनजीसी के एक कार्यक्रम में 'सौभाग्य योजना' लॉन्च की है। इस योजना के तहत देश के गांव और शहर के गरीब परिवारों को 24 घंटे बिजली दी जाएगी। जनसंघ के संस्थापक सदस्य दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर इस योजना का शुभारंभ किया गया। इस योजना के तहत देश के 4 करोड़ परिवारों को बिजली मुहैया कराने का लक्ष्य है। योजना को 31 मार्च 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसपर कुल 16320 करोड़ रुपए खर्च आएगा। फिलहाल सरकार ने इसके लिए 12 हजार 320 करोड़ रुपये बजटीय आवंटन किया है। योजना से तीन करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। योजना के तहत हर घर को 5 एलईडी बल्ब, एक पंखा और एक बैटरी दी जाएगी। साथ ही सरकार बिजली उपकरणों के मरम्मत का खर्च भी पांच साल तक उठाएगी। इस योजना में भारत सरकार ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के सभी इच्छुक घरों को बिजली की पहुंच सुनिश्चित करेगी। इस योजना पर कुल परिव्यय 16320 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इसमें सरकारी बजटीय सहायता 12320 करोड़ रुपए होगी। इस योजना में ग्रामीण आवास परिव्यय 14025 करोड़ रुपए तथा ग्रामीण आवास परिव्यय 1732.50 करोड़ रुपए होंगे। इस योजना में राज्यों तथा संघ शासित क्षेत्रों में विद्युतीकरण का कार्य 31 मार्च 2019 तक पूरा होना अपेक्षित है। दीनदयाल विद्युत योजना के लिए हुए कार्यक्रम में राज्य मंत्री आरके सिंह ने की योजना की संक्षिप्त रूपरेखा को बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमत्री के संकल्प के अनुसार हम हर घर को बिजली उपलब्ध करेंगे। हम दिसंबर 2018 तक प्रत्येक घर को रोशन करेंगे। इसमें सौर उर्जा तथा जल विद्युत उर्जा को भी शामिल करेंगे। इसमें हम चौबीस घंटे बिजली प्रदान करने के लिए संकल्पित हैं। इसमें एक टोल फ्री नंबर होगा जिससे शिकायत कर सकेंगे तथा एक टीम होगी जो कि शिकायतों पर नजर रख उसे हल करेगी। इसमें स्मार्ट मीटर लगे होंगे जिससे लोग ऑनलाइन पेमेंट भी कर सकेंगे।  

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Dakhal News 25 September 2017


rahul gandhi

पीएम मोदी के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार से गुजरात दौरे पर हैं। यहां राहुल गांधी ने भगवान द्वारकाधीश के दर्शन किए। भगवान से आशीर्वाद लेने के बाद राहुल ने अपने रोड शो में पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के दिल में गरीबों के लिए कोई जगह नहीं है। लेकिन अमीर के लिए ये सब दरवाजे खोल देते हैं। राहुल ने कहा कि पीएम मोदी ने बिना किसी से पूछे भारत की अर्थव्यवस्था पर जबर्दस्त वार किया है। वो यहीं नहीं रूके, छोटे व्यापारी और दुकनादारों को जबर्दस्त चोट लगी और इसके बाद वो जीएसटी लेकर आ गए। इससे पहले राहुल ने द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन और पूजा की। इस साल गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में पार्टी को मजबूती प्रदान करने के इरादे से राहुल गांधी गुजरात पहुंचे हुए हैं। उनका ये दौरा सौराष्ट्र के इलाकों तक केंद्रित रहेगा। अपने इस दौरे पर राहुल गाँधी, छात्रों,किसानों, व्यापरियों से मुलाक़ात करेंगे और विधानसभा चुनावों के लिहाज से जनता की नब्ज टटोलेंगे। मालूम हो कि, राहुल गांधी हाल ही में अमेरिकी दौरे से भारत लौटे हैं। वो अगले तीन दिन गुजरात में रहेंगे। राज्य में इस साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। राहुल गांधी के गुजरात दौरे पर हार्दिक पटेल ने ट्विट कर स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी का गुजरात में हार्दिक स्वागत हैं। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उन्हें खुले जीप से 135 किलोमीटर लंबी यात्रा करने की इजाजत देने से मना कर दिया जिसके बाद वे सीसीटीवी कैमरों से लैस लग्जरी बस से अपनी यात्रा करेंगे। पल्भाई अंबालीया ने बताया, हालाँकि द्वारका से 25 किमी दूर हांजापार गांव में कांग्रेस नेता एक पारंपरिक बैलगाड़ी से यात्रा करेंगे। जहां उनका सौराष्ट्र की पारंपरिक शैली में स्वागत किया जाएगा। यहां आयोजित कार्यक्रम में तीन स्तर पर लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। पहले स्तर पर लोग नीचे बैठेंगे, वहां कोई कुर्सिंयां नहीं लगाई गई हैं।फिर अगले स्तर में लोगों के बैठने के लिए पारंपरिक खाट की व्यवस्था है। आखिरी स्तर में कुर्सियों की व्यवस्था है। राहुल गांधी के लिए भी विशेष पारंपरिक खाट की व्यवस्था है। वे हंसपारा गांव में 1,107 की मतदाताओं की आबादी वाले अहीर जनजाति से मिलेंगे। जामनगर में रात बिताने के बाद मंगलवार सुबह वे राजकोट, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी के गृह नगर और सौराष्ट्र क्षेत्र के महत्वपूर्ण दौर के लिए रवाना होंगे। बुधवार को कांग्रेस नेता सुरेंद्रनगर पहुंचेंगे। यहां लोकप्रिय पहाड़ी क्षेत्र चटिला मंदिर के लिए भी उनके जाने की उम्मीद है। अंतिम दिन अहमदाबाद जिले के वीरमगाम के दौरे के साथ ही वे अपनी यात्रा समाप्त करेंगे। बता दें कि यह क्षेत्र पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल का गृहनगर है। 2012 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने यहां 52 में से 12 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस ने उम्मीद जताई है कि इस क्षेत्र के पहले दौरे पर राहुल गांधी कार्यकर्ताओं को चुनाव में जीत के लिए संबोधित करेंगे। दिसंबर चुनाव से पहले कांग्रेस के उपाध्यक्ष के उत्तर, मध्य और दक्षिण गुजरात क्षेत्रों में इसी तरह के दौरे निर्धारित हैं।  

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Dakhal News 25 September 2017


amrita -digvijay

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपनी पत्नी अमृता के साथ 30 सितंबर से शुरू हो रही नर्मदा परिक्रमा के लिए रिहर्सल शुरू कर चुके हैं। दिल्ली के लोधी गार्डन में वे रोज 10 से 15 किलोमीटर पैदल चल रहे हैं, ताकि परिक्रमा में चलने की आदत बनी रहे। अब तक गैर राजनीतिक बताई जा रही दिग्विजय सिंह की इस नर्मदा परिक्रमा का तीन-तीन दिन का कार्यक्रम तय किया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने 23 सितंबर को दिल्ली में इससे जुड़े साथियों की बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नर्मदा यात्रा के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह विजयादशमी पर 30 सितंबर से नर्मदा परिक्रमा शुरू कर रहे हैं। वे अब तक इस परिक्रमा को पूरी तरह धार्मिक बता रहे हैं और किसी को आमंत्रण देकर बुलाने से इनकार करते हुए कह रहे हैं कि कोई अगर शामिल होता है तो मना भी नहीं करेंगे। वहीं दिग्विजय समर्थक कांग्रेस नेता और प्रदेश कांग्रेस कमेटी यह कह चुकी है कि जो भी इसमें शामिल होना चाहे, जा सकता है। इससे दशहरे के बाद प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में हलचल होने की संभावना है, क्योंकि जब दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा समाप्त होगी, तब तक मप्र विानसभा के 2018 में होने वाले चुनाव की सरगर्मी शुरू हो चुकी होगी। अभी तक जो कार्यक्रम सामने आया है, उसके अनुसार दिग्विजय 26 व 27 सितंबर को डोंगरगढ़ की बमलेश्वरी देवी की पूजा करके 28 सितंबर को जबलपुर में त्रिपुर सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना में शामिल होंगे। अगले दिन 29 सितंबर को वे रात में झोतेश्वर पहुंचकर शंकराचार्य स्वरूपानंद महाराज का आशीर्वाद लेंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे। दिग्विजय 30 सितंबर को झोतेश्वर से बरमानघाट पहुंचकर सुबह 11 बजे अपनी नर्मदा परिक्रमा शुरू करेंगे। पहले दिन वे केवल तीन किलोमीटर चलेंगे और बरियाघाट में विश्राम करेंगे। नर्मदा परिक्रमा के लिए दिग्विजय सिंह ने मप्र सरकार से सुरक्षा, एंबुलेंस व चलित शौचालय की मांग की है। हालांकि दो सप्ताह पहले इसके लिए लिखे उनके पत्र का अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा -नर्मदा परिक्रमा में मेरे साथ पूरे समय पत्नी रहेंगी। जयवर्द्धन सिंह दशहरे के एक दिन पहले झोतेश्वर में आएंगे, क्योंकि दशहरे पर उन्हें राघौगढ़ में रहना होगा। लक्ष्मण सिंह और जयवर्द्धन सिंह बीच-बीच में भी शामिल होते रहेंगे। परिक्रमा में पैदल चलने की आदत बनाने के लिए अभी से हम दोनों प्रैक्टिस कर रहे हैं।   

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Dakhal News 23 September 2017


पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय

    पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपनी पत्नी अमृता के साथ 30 सितंबर से शुरू हो रही नर्मदा परिक्रमा के लिए रिहर्सल शुरू कर चुके हैं। दिल्ली के लोधी गार्डन में वे रोज 10 से 15 किलोमीटर पैदल चल रहे हैं, ताकि परिक्रमा में चलने की आदत बनी रहे। अब तक गैर राजनीतिक बताई जा रही दिग्विजय सिंह की इस नर्मदा परिक्रमा का तीन-तीन दिन का कार्यक्रम तय किया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने 23 सितंबर को दिल्ली में इससे जुड़े साथियों की बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नर्मदा यात्रा के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह विजयादशमी पर 30 सितंबर से नर्मदा परिक्रमा शुरू कर रहे हैं। वे अब तक इस परिक्रमा को पूरी तरह धार्मिक बता रहे हैं और किसी को आमंत्रण देकर बुलाने से इनकार करते हुए कह रहे हैं कि कोई अगर शामिल होता है तो मना भी नहीं करेंगे। वहीं दिग्विजय समर्थक कांग्रेस नेता और प्रदेश कांग्रेस कमेटी यह कह चुकी है कि जो भी इसमें शामिल होना चाहे, जा सकता है। इससे दशहरे के बाद प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में हलचल होने की संभावना है, क्योंकि जब दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा समाप्त होगी, तब तक मप्र विानसभा के 2018 में होने वाले चुनाव की सरगर्मी शुरू हो चुकी होगी। अभी तक जो कार्यक्रम सामने आया है, उसके अनुसार दिग्विजय 26 व 27 सितंबर को डोंगरगढ़ की बमलेश्वरी देवी की पूजा करके 28 सितंबर को जबलपुर में त्रिपुर सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना में शामिल होंगे। अगले दिन 29 सितंबर को वे रात में झोतेश्वर पहुंचकर शंकराचार्य स्वरूपानंद महाराज का आशीर्वाद लेंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे। दिग्विजय 30 सितंबर को झोतेश्वर से बरमानघाट पहुंचकर सुबह 11 बजे अपनी नर्मदा परिक्रमा शुरू करेंगे। पहले दिन वे केवल तीन किलोमीटर चलेंगे और बरियाघाट में विश्राम करेंगे। नर्मदा परिक्रमा के लिए दिग्विजय सिंह ने मप्र सरकार से सुरक्षा, एंबुलेंस व चलित शौचालय की मांग की है। हालांकि दो सप्ताह पहले इसके लिए लिखे उनके पत्र का अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा -नर्मदा परिक्रमा में मेरे साथ पूरे समय पत्नी रहेंगी। जयवर्द्धन सिंह दशहरे के एक दिन पहले झोतेश्वर में आएंगे, क्योंकि दशहरे पर उन्हें राघौगढ़ में रहना होगा। लक्ष्मण सिंह और जयवर्द्धन सिंह बीच-बीच में भी शामिल होते रहेंगे। परिक्रमा में पैदल चलने की आदत बनाने के लिए अभी से हम दोनों प्रैक्टिस कर रहे हैं।   

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Dakhal News 20 September 2017


अमित शाह

  गुजरात के नरोदा पाटिया दंगों के मामले में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सोमवार को गवाही देने अहमदाबाद की विशेष एसआईटी कोर्ट पहुंचे। अपनी गवाही में शाह ने कोर्ट को कहा कि कोडनानी नरोदा गांव में नहीं थीं, माया कोडनानी सुबह 8 बजे मेरे साथ विधानसभा में मौजूद थीं। मैं सुबह 9.30 से 9.45 के बीच सिविल अस्पताल में था और माया कोडनानी से वहीं मिला। इसके बाद जब अस्पताल से निकला तो लोगों ने घेर लिया था। मुझे और माया कोडनानी को पुलिस अपनी जीप में बैठाकर हमारी गाड़ियों तक लेकर गई थी। बता दें कि शाह, कोडनानी की अपील पर कोर्ट द्वारा जारी हुए समन के बाद गवाही देने के लिए पहुंचे हैं। गौरतलब है कि 2002 में गुजरात में हुए दंगों के दौरान नरोदा पाटिया में 11 लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में माया कोडनानी पर आरोप लगा था कि उन्होंने मौके पर खड़े होकर दंगे भड़काने का काम किया। अपने बचाव में माया पहले कह चुकी हैं कि वो घटना के वक्त विधानसभा में अमित शाह के साथ थीं। मता दें कि माया तीन बार विधायक रह चुकी हैं और मोदी सरकार में मंत्री भी थीं।  

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Dakhal News 18 September 2017


 शिंजो आबे

  दो दिवसीय भारत दौरे पर आए जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और पीएम मोदी के बीच गुरुवार को अहमदाबाद में सालान शिखर बैठक हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा और परिवहन को लेकर कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। साथी ही मोदी-आबे ने पाकिस्तान को झटका देते हुए भारत में हुआ आतंकी हमलों के आरोपियों को सजा दिलाने की बात कही। दोनों ने कहा कि पाकिस्तान 2008 में हुए मुंबई हमलों और 2016 में हुए पठानकोट हमलों के दोषियों को सजा दे। इसके अलावा 5वां भारत-जापान शिखर सम्मेलन आतंकवाद के मुद्दे पर भी करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा जैश ए मुहम्मद, लश्कर ए तैयबा व अन्य आतंकी संगठनों के खिलाफ आपसी सहयोग को और मजबूत भी किया जाएगा। बैठक के बाद जारी हुए साझा बयान में पीएम मोदी ने बताया कि मेरे अनन्य मित्र शिंजो आबे का मुझे स्वागत करने का मौका मिला। हमने आज अहमदाबाद से मुंबई के बीच हाई स्पीड रेल नेटवर्क प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। पीएम ने कहा है कि हमले पहले से ही भारत आने वाले जापानियों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा दे रखी है और अब हम इंडिया पोस्ट और जापान पोस्ट की मदद से भारत में रहने वाले जापानी लोगों को एक और सुविधा देने जा रहे हैं। इसकी मदद से जापानी लोग सीधे उनके देश से अपनी पसंद का खाना मंगवा सकेंगे। पीएम ने आगे कहा कि मैं आज जिन समझौतों पर हस्ताक्षर हुए उनका दिल से स्वागत करता हूं। जापान ने भारत में 2016-17 में 4.7 मिलियन डॉलर का निवेश किया जो पिछले साल के मुकाबले 80 प्रतिशत ज्यादा है। चाहे वो फिर स्किल इंडिया हो, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस या फिर मेक इन इंडिया, भारत अब बदल रहा है। शिंजो आबे ने भारत को बुलेट ट्रेन की सौगात दी तो पाकिस्तान को खूब खरी खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को मुंबई और पठानकोट में हुए आतंकी हमले के गुनाहगारों को सजा देनी चाहिए। उन्होंने आतंक की आलोचना करते हुए पूरे विश्व में शांति की कामना भी की।

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Dakhal News 14 September 2017


rajkumari jatav

  भाजपा के संगठन महामंत्री रामलाल इन दिनों राजस्थान का दौरा कर पार्टी नेताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ा रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को करौली जिले में पार्टी के सांसदों और विधायकों को पढ़ाया। अनुशासन का मंत्र देकर रामलाल करौली से रवाना हुए ही थे कि कुछ घंटे बाद ही भाजपा की महिला विधायक और सांसद ने एक-दूसरे को अपशब्द कहना शुरू कर दिया। विधायक ने सांसद को चोरों का दलाल और अपने विधानसभा क्षेत्र हिंडौन में आने पर बाल नोच लेने तक की बात कह दी। यह सब कुछ शुक्रवार शाम करौली जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिले के प्रभारी मंत्री जसवंत यादव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के दौरान हुआ। बैठक में सांसद और सभी विधायक मौजूद थे। बैठक में सांसद मनोज राजोरिया बिजली विभाग के अधिकारी बीएस मीणा के कामकाज की तारीफ कर रहे थे। इसी बीच विधायक राजकुमारी जाटव ने मीणा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए गलत काम करने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। मामला बढ़ता देख प्रभारी मंत्री ने बीच में ही बैठक खत्म कर दी। इसी दौरान प्रभारी मंत्री ने विधायक राजकुमारी जाटव से कहा कि जब सांसद और अन्य लोग मीणा की तारीफ कर रहे हैं तो आप क्यों नाराज हो। इस पर विधायक आक्रोशित हो गई और सांसद राजोरिया को अपशब्द कहने लगीं। उन्होंने सांसद से कहा कि तुम चोर हो, चोरों की दलाली करते हो। तुम मेरे निर्वाचन क्षेत्र हिंडौन में आना बाल नोच लूंगी । इस बारे में सांसद राजोरिया का कहना है कि पूरा घटनाक्रम सभी के सामने हुआ है, सभी ने सुना है। मुझे इस बारे में कुछ भी नहीं कहना। वहीं प्रभारी मंत्री यादव ने कहा कि मैं पूरे घटनाक्रम की जानकारी पार्टी नेतृत्व को दूंगा। ऐसा नहीं होना चाहिए था।

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Dakhal News 10 September 2017


मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह

सीसीएफ की वेतनवृद्धि रोकी, कई कर्मचारियों को किया निलंबित  एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भ्रष्ट अधिकारियों को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की कार्यवाई की जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि सरकार लोगों के हित में काम करने वाली सरकार है। लोक सेवाओं के प्रदाय और शासन की योजनाओं के लाभ से लोगों को वंचित रखने वाले लापरवाह अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। श्री चौहान आज मंत्रालय में समाधान ऑनलाइन में शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समाधान करने के बाद कलेक्टरों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सीसीएफ स्तर के अधिकारी की वेतनवृद्धि रोकने, तहसीलदार, पटवारी, ब्लॉक स्तरीय शिक्षा अधिकारी और कई कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने झाबुआ जिले के मातासुला ग्राम पंचायत गांव की सरपंच श्रीमती कपना सडिया वसुनिया को अपनी पंचायत की पेयजल समस्या के लिये समाधान ऑन लाइन में आने की सराहना की। किसी एक विकास कार्य के लिये एक लाख रूपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की और बताया कि नल–जल प्रदाय योजना स्वीकृत कर दी गई है और इसी गर्मी से घरों में नल से पानी मिलने लगेगा। रतलाम के मथुरी गांव के किसान श्री बद्रीलाल पाटीदार ने मुख्यमंत्री को बताया कि सोयाबीन की फसल नुकसान की शिकायत के बावजूद बीमा कंपनी सर्वे के लिये नहीं पहुँची। कई किसान बीमा दावा राशि मिलने से वंचित रह गये। मुख्यमंत्री ने बीमा कंपनी को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि ऐसे प्रकरणों में किसानों की शिकायत पर तत्काल कार्यवाई करें। उन्होंने सभी कलेक्टरों की निर्देश दिये कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्रीमियम राशि जमा करने और बीमा संबंधी अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाये। फसल हानि के आंकलन के लिये फसल कटाई प्रयोग भी समय पर पूरा करें। इसमें लापरवाही बरतने पर कार्यवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस साल सूखे के संकट से फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इसलिये किसानों का फसल बीमा अवश्य करवा लें। पानी रोकने का काम प्राथमिकता से करें और इस संबंध में किसानों का भी सहयोग लें। कटनी के खितौली गांव के शेख अजमेर की शिकायत थी कि उन्हें बलराम तालाब बनाने की पहली किश्त मिली दूसरी नहीं मिली। मुख्यमंत्री की इसी गंभीरता से लेते हुए सहायक भू-संरक्षण अधिकारी को निलंबित कर दिया। उन्होंने सभी प्रकरणों में तालाब निर्माण की राशि का भुगतान का करने के निर्देश दिये। रीवा के दुबडा गांव के एक प्रकरण में श्री सुमधनधर शर्मा ने बताया कि उसकी भूमि गैर कानूनी तरीके से हडप कर बेच दी गई। भूमि की गैर कानूनी रूप से अदला बदली करने और दस्तावेज में हेराफेरी करने के मामले में लापरवाही बरतने पर उन्होंने तत्कालीन तहसीलदार, वर्तमान तहसीलदार, तत्कालीन एवं वर्तमान पटवारी को निलम्बित करने का निर्देश दिये। साथ ही आपराधिक कार्य कर जमीन खरीदने और उस पर लोन लेने वालों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने को कहा। उन्होंने इस पेचीदा मामले में सूक्ष्म छानबीन करने के लिये रीवा कलेक्टर को बधाई दी। खरगोन के अजनगांव में मिट्टी की खदान धसकने में तीन परिवारों के एक-एक सदस्य की मृत्यु हो गई थी। मुख्ममंत्री ने पीडि़त परिवार के प्रत्येक सदस्य को एक-एक लाख रूपये की सहायता राशि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से दी। खंडवा के रोहणी गांव के नानक राम ने बताया कि उसकी छह बकरियों को रीझ खा गया था। सीएम हेल्पलाइन 181 में शिकायत करने के बाद उसे मुआवजा की राशि मिल गई। मुख्यमंत्री ने पूछा कि इतनी देर क्यों लगी। असंतोषजनक जबाब मिलने पर उन्होंने सीसीएफ की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिये। इस प्रकरण को संतोषजनक कार्यवाही किये बिना बंद नहीं करने पर रेंजर के विरूद्ध विभागीय जांच कर सेवा से निकालने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये। मंडला के उमरिया गांव के श्री केशलाल ने शिकायत की कि पावर ग्रिड कारपोशन से संबंधित कंपनी ने ट्रांसमिशन लाइन लगाते समय पेड़ काट लिये और उन्हें मुआवजा भी शासन के निर्धारित मापदण्डों के अनुसार नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लेते हुये कहा कि इस संबंध में ऊर्जा मंत्रालय को अवगत कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिनके पेड़ कटे हैं उन्हें पर्याप्त मुआवजा दिलाया जायेगा। उन्होंने कलेक्टर से ऐसे सभी प्रकरणों पर निगरानी रखने और राज्य शासन के ध्यान में लाने के निर्देश दिये। छिंदवाडा के एक प्रकरण में शिकायतकर्ता श्री शैलेश श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 में शिक्षकों के शाला नहीं आने की शिकायत की थी। इसके बाद बीआरसीसी परासिया ने शिक्षकों को समझाइश देकर प्रकरण बंद कर दिया। मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लेते हुये कहा कि वे संबंधित अधिकारी को निलंबित करने के निर्देश दिये। जबलपुर के श्री सुरेन्द्र काछी ने बताया कि उन्हें जननी सुरक्षा योजना की प्रसूति सहायता राशि 16 अगस्त को मिल गई। मुख्यमंत्री ने पूछा कि दो साल बाद भुगतान क्यों हुआ। इस पर असंतोषजनक जबाव मिलने पर संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये। शहडोल की नदियाटोल गांव की सरस्वती महिला स्वसहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती ममता बहन ने बताया कि उन्हें 18 महीनों का रूका हुआ पैसा का भुगतान हो गया है। मुख्यमंत्री ने भुगतान में विलम्ब के लिये संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिये। स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया से लड़ने की तैयारी रखें मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिये कि वे स्वाइन फ्लू के फैलने के खतरे को देखते हुये अपने-अपने जिलों में पूरी तैयारी रखें। सभी विभाग मिलकर समन्वय के साथ युद्ध-स्तर पर काम करें। पड़ोसी राज्यों से स्वाइन फ्लू का संक्रमण प्रदेश में आने का खतरा है। अस्पतालों में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसलिये पूरी तरह सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने निजी अस्पतालों का भी सहयोग लेने और निजी अस्पतालों के चिकित्सक और मेडिकल स्टाफ को भी लगातार जागरूक रखने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि वे सभी जिलों में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिये टास्क फोर्स का सहयोग लें। यह सबकी साझा जिम्मेदारी है। इससे निपटने के लिये युद्ध-स्तर पर तैयारी रखें। हर दिन संभावित प्रकरणों पर निगरानी रखें। दवाईयों की कोई कमी नहीं है। आपात स्थिति में गरीब मरीजों के लिये मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से प्रकरण स्वीकृत किये जा सकते हैं। आम लोगों में स्वाइन फ्लू के लक्षण के प्रति जागरूक बनाने के लिये जिला-स्तरीय अभियान चलायें। आइसोलेशन बार्ड स्थापित करें और प्रायवेट अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं का भी उपयोग करें। उन्होंने डेंगू और मलेरिया के प्रकरणों पर निगरानी रखने के निर्देश दिये। सूखे के संकट से निपटने की रणनीति बनायें मुख्यमंत्री ने इस साल कम वर्षा से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिये सभी जिलों में आपात योजनायें बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने पानी रोकने के हर संभव प्रयास करने के निर्देश देते हुये कहा कि किसानों को समान जल-वितरण करने की कार्ययोजना तैयार रखें। पेय जल की संभावित समस्या को देखते हुये अभी से रणनीति तैयार रखें। प्रधानमंत्री का जन्मदिन स्वच्छता दिवस के रूप में मनेगा मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिले प्रधानमंत्री के ‘’संकल्प से सिद्धी’’ अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म-दिवस को स्वच्छता दिवस के रूप में मनाया जायेगा। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टर को 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन स्वच्छता दिवस पर कार्यक्रमों की श्रंखला बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन से पूरे देश में स्वच्छता के प्रति जागरूकता आई है। मुख्यमंत्री ने राजस्व के नामांतरण एवं बटवारे एवं अन्य प्रकरणों में अभियान चलाकर कार्यवाही करने के मुख्य सचिव की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण चुनौती के रूप में स्वीकार करें। यह सभी कलेक्टरों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिये कि वे ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की सूची बनायें जिन्होंने पचास साल की आयु और बीस साल की सेवा पूरी कर ली है। ऐसे अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया जायेगा। 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक किसान सम्मेलन श्री चौहान ने कहा कि 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक किसानों के सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। इसमें किसानों की आय दोगुनी करने की रणनीति करने पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी कृषि की विकास दर प्राथमिक रूप से 29.8 प्रतिशत रही है। इसके लिये किसान और जमीनी अमले को बधाई। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से ज्यादा से ज्यादा किसानों को कवर करने के निर्देश दिये। उन्होंन नर्मदा सेवा मिशन के अंतर्गत कार्य-योजनाओं को पूरी तरह से जमीन पर उतारने के लिये जिला-स्तरीय रणनीति बनाने के निर्देश देते हुये कहा कि नर्मदा के किनारे जितने भी पौधे लगाये गये हैं उनकी सुरक्षा के पूरे इंतजाम करें। मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्प लाइन 181 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि लोक सेवा प्रदाय गारंटी नियम के अंतर्गत 371 सेवाओं को शामिल किया गया है। जिनमें से 121 सेवायें ऑनलाइन हैं। उन्होंने कहा कि लोकसेवाओं के प्रदाय अधिनियम के क्रियान्वयन की जिलेवार समीक्षा की जायेगी।

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Dakhal News 8 September 2017


मोदी कैबिनेट का विस्तार ,नौ नए मंत्री

  केंद्र में नरेंद्र मोदी कैबिनेट का तीसरा और संभवत: आखिरी विस्तार हो रहा है। सुबह 10.30 बजे राष्ट्रपति भवन में नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। नौ मंत्रियों को सरकार में शामिल किए जाने की संभावना है। इसमें शिव प्रताप शुक्ला, अश्विनी कुमार चौबे, वीरेंद्र कुमार, अनंत कुमार हेगड़े, राजकुमार सिंह, हरदीप सिंह पुरी, गजेंद्र सिंह शेखावत, सत्यपाल सिंह और अल्फोंस कन्ननथनम को सरकार में शामिल किया जा रहा है। माना जा रहा है कि तीन राज्य मंत्रियों का प्रमोशन किया जा सकता है। इनमें धर्मेंद्र प्रधान और पीयूष गोयल का नाम शामिल है। इससे पहले सहयोगी दलों की सरकार में भागीदारी को लेकर शनिवार शाम तक असमंजस बना रहा। जदयू और शिवसेना ने स्पष्ट कर दिया कि शनिवार शाम तक उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है। बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने पटना में कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में मुझे मीडिया से ही जानकारी मिली है। इस पर औपचारिक रूप से मेरी किसी से बात नहीं हुई है। शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भी कहा कि मैंने इसके बारे में किसी से कुछ नहीं पूछा है। न तो हमें किसी का संदेश मिला है और न ही हमें सत्ता की लालच है। पिछले विस्तार में भी शिवसेना ने कैबिनेट मंत्री का पद नहीं दिए जाने को लेकर विरोध जताया था। हालांकि, उनका एक कैबिनेट मंत्री पहले से सरकार में शामिल है। जदयू से भी आरसीपी सिंह और संतोष कुशवाहा को सरकार में शामिल किए जाने की चर्चा चल रही थी। शुक्रवार की रात संघ प्रमुख मोहन भागवत से चर्चा के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को दिनभर वरिष्ठ पदाधिकारियों और कुछ मंत्रियों के साथ मशविरा किया। रात में उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की। बताते हैं कि जिन्हें शामिल होना है, उन्हें शाम के बाद फोन जाने शुरू हुए।  नए मंत्रियों को सरकार में शामिल किए जाने के साथ ही तीन-चार मंत्रियों के विभाग भी बदले जा सकते हैं। शुक्रवार को भी केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर वित्त मंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी विचार-विमर्श में जुटे थे। शनिवार शाम गडकरी ने अलग से जाकर प्रधानमंत्री से मुलाकात की। संभावित मंत्रियों की लिस्ट -  शिव प्रताप शुक्ल : उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य। आठ वर्षों तक राज्य सरकार में मंत्री रहे हैं। आपातकाल के दौरान 19 महीने जेल में रहे। अश्विनी कुमार चौबे : बिहार के बक्सर से लोकसभा सदस्य। राज्य सरकार में आठ वर्षों तक मंत्री रहे। जेपी आंदोलन से राजनीति की शुरुआत। राजकुमार सिंह : 1975 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी। बिहार के आरा से लोकसभा में। केंद्रीय गृह सचिव और रक्षा उत्पादन सचिव रहे हैं। वीरेंद्र कुमार : मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से सांसद। दलित नेता कुमार छह बार सांसद और कई संसदीय समितियों के सदस्य रहे हैं। अनंत कुमार हेगड़े : कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ से लोकसभा में। 28 साल की उम्र में पहली बार सांसद बनने के बाद यह पांचवीं पारी है। हरदीप सिंह पुरी : 1974 बैच के आईएफएस अधिकारी। संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों में भारत के राजदूत रहे। हिंदू कॉलेज, दिल्ली में पढ़ाई के समय जेपी आंदोलन में सक्रिय रहे हैं।  गजेंद्र सिंह शेखावत : जोधपुर, राजस्थान से लोकसभा सदस्य। टेक्नो-सैवी और प्रगतिशील किसान माने जाते हैं। बास्केट बॉल के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे हैं।  सत्यपाल सिंह : उत्तर प्रदेश के बागपत से अजीत सिंह को हराकर सांसद बने। 1980 बैच के आईपीएस अधिकारी सिंह मुंबई, पुणे और नागपुर के पुलिस आयुक्त रह चुके हैं। अल्फोंस कन्ननथनम : 1979 बैच के आईएएस अफसर और केरल के भाजपा नेता। 1989 में उनके डीएम रहते कोट्टायम सौ फीसद साक्षरता वाला देश का पहला शहर बना था।  

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Dakhal News 3 September 2017


फोर्ब्स  घूसखोरी

फोर्ब्स ने एशिया के सबसे भ्रष्ट देशों की एक सूची जारी जो सोशल मीडिया पर बहस की वजह बनी हुई है। फोर्ब्स द्वारा जारी लिस्ट में एशिया के पांच सबसे ज्यादा भ्रष्ट देशों के नाम हैं। इसके रिपोर्ट के अनुसार घूसखोरी के मामले में भारत ने वियतनाम, पाकिस्तान और म्यांमार को भी इस मामले में पीछे छोड़ दिया है। इसको लेकर ही आप नेता व कवि कुमार विश्वास ने भी ट्वीट किया है और सरकार पर तंज कसा है। कुमार विश्वास ने लिखा है कि पहले ही कहा था कि नंबर वन बना दूंगा, बना दिया। कुमार विश्वास के इस तंजभरे ट्वीट पर बहुत से लोगो ने प्रतिक्रिया दी है। एक यूजर ने लिखा है कि पीएम मोदी के कार्यकाल में हम किसी चीज में तो नंबर वन आए। वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा है कि हां मोदी जी से पहले तो सारे अन्ना हजारे थे, कोई रिश्वत नहीं लेता था। एक अन्य यूजर ने ट्वीट किया है कि 2 साल बाकी हैं, सोमालिया की बराबरी में लाने के प्रयास चल रहे हैं। हालांकि जो स्टोरी फोर्ब्स ने शेयर की है वह मार्च 2017 की है। इसमें भारत को सबसे भ्रष्ट देश बताया गया है और पाकिस्तान इस लिस्ट में चौथे नंबर पर है। इस लिस्ट में पहले नंबर पर भारत, दूसरे पर वियतनाम, तीसरे पर थाईलैंड चौथे पर पाकिस्तान और पांचवें नंबर पर म्यांमार है। दूसरी तरफ, मैगजीन में छपे आर्टिकल में पीएम मोदी की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को लेकर प्रशंसा की गई है। इसमें लिखा है, हालांकि, पीएम मोदी की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई ने अपने निशान बनाए हैं। 53 प्रतिशत लोग मानते हैं कि मोदी सही कर रहे हैं और इससे लोगों में अपने पास ताकत होने का अहसास आया है वहीं 63 प्रतिशत लोग मानते हैं साधारण लोग बदलाव ला सकते हैं। लिस्ट में वियतनाम भारत के बाद है जहां घूसखोरी की दर 65 प्रतिशत है जबकि पाकिस्तान 40 प्रतिशत के साथ चौथे नंबर पर है। 18 महीने चला ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल का सर्वे 16 देशों के 20,000 लोगों पर किया गया है। बर्लिन स्थित वाचडॉग ने भारत को पिछले साल 168 देशों में 76 वें स्थान पर रखा था। सर्वे के अनुसार भारत में सबसे ज्यादा घूस स्कूलों में (58%) और स्वास्थ्य सेवाओं में (59%) दी जाती है। हालांकि फोर्ब्स द्वारा अपनी पुरानी स्टोरी को आज फिर से ट्वीट करने पर सवाल उठने लगे हैं। एक तरफ जहां नोटबंदी को लेकर सरकार पर सवाल उठ रहे हैं ऐसे में इस लिस्ट का दोबारा जारी होना भी चर्चा का विषय है।

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Dakhal News 1 September 2017


लालू की रैली

 पटना नगर के गांधी मैदान में 27 अगस्त को होने वाली राजद की भाजपा भगाओ रैली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी एवं बसपा प्रमुख मायावती शिरकत नहीं करेंगी। कांग्रेस की ओर से गुलाम नबी आजाद और सीपी जोशी सोनिया का संदेश लेकर आएंगे। जबकि मायावती ने रैली में शामिल होने के लिए सतीश मिश्रा को नामित किया है। चारा घोटाले में गवाही के लिए रांची रवाना होने से पहले बुधवार को अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने कहा कि उनकी बात सोनिया गांधी और मायावती से हुई है। उन्होंने अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को रैली में भेजने पर सहमति दी है। लालू ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आना तय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे को लेकर लालू ने कहा कि बाढ़ खत्म हो गई है तो पीएम क्यों आ रहे हैं। पिछले साल तो नहीं आए थे। इसी साल क्यों बिहार की याद आई? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी को कठघरे में खड़ा करते हुए लालू ने सृजन घोटाले से संबंधित कई सवाल पूछे। उन्होंने सीएम को मौनी बाबा बताया और कहा कि जब 2013 में आर्थिक अपराध शाखा के संज्ञान में यह मामला आया था, उसकी जांच रिपोर्ट का क्या हुआ? जांच का आदेश देने वाले डीएम को तुरंत क्यों बदल दिया गया? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर खुद को बचाने के लिए साक्ष्यों को खत्म कराने का आरोप लगाते हुए राजद प्रमुख ने एसआइटी जांच पर सवाल खड़ा किया। बिना किसी अधिकारी का नाम लिए लालू ने कहा कि नीतीश ने घोटाले की जांच का जिम्मा अपने चहेते अफसर को सौंपा है। जांच की निष्पक्षता पर संदेह जताते हुए उन्होंने कहा कि जांच करने वाला अफसर भागलपुर का एसएसपी रहते हुए सृजन के कार्यक्रमों में शरीक होता था। वह क्या जांच करेगा? लालू के मुताबिक महेश मंडल घोटाले की जांच के लिए सबसे बड़ा सुबूत था, जिसे नीतीश सरकार ने गायब कर दिया।

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Dakhal News 24 August 2017


राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपने दौरे के दूसरे दिन प्रेस कांन्फ्रेंस के दौरान कहा कि भोपाल आने का मकसद पार्टी को मजबूत करना है। राम मंदिर को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आपसी सहमति या कोर्ट के फैसले से राम मंदिर बनेगा। पार्टी की मीटिंग में हुई बातों को मीडिया को न बताने की बात पर उन्होंने कहा कि यह अनुशासन की बात है। पार्टी के अंदर लोकतंत्र है कोई भी व्यक्ति बैठक के अंदर अपनी बात रख सकता है, लेकिन वो बाते सार्वजनिक न हो इसे ही अनुशासन कहते हैं। जेडीयू के एनडीए में शामिल होने पर शाह ने कहा कि सभी दल सरकार में शामिल होते हैं। शाह ने कहा कि हर प्रदेश में वे दौरा किया कर रहे हैं। 2014 में जनता ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है, पहली बार किसी पार्टी को पूर्ण मिला। तीन साल में विरोधी भी हम पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगा पाए। उन्होंने कहा कि पहले की सरकार में प्रधानमंत्री पद की गरीमा नीचे जा रही थी। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन, जीएसटी से एक देश एक कर का सपना पूरा किया। दुनिया आज भारत को अलग नजर से देख रही है। इसके पहले शाह ने भाजपा के विभाग और प्रकल्प संयोजकों की बैठक में वन टू वन चर्चा की और मोर्चा अध्यक्षों से काम का ब्यौरा मांगा। लेकिन संगठन का गठन नहीं होने से उन्हें चुप करा दिया। भाजयुमो के प्रदेशाध्यक्ष अभिलाष पांडेय से जब मोर्चा गठन को लेकर सवाल पूछा गया तो वे कोई जवाब नहीं दे सके। इसके बाद शाह ने उन्हें फटकार दिया। उन्होंने नसीहत दी कि अगले 10 दिन के अंदर संगठन का गठन कर लिया जाए। इसके बाद शाह सीएम हाउस पहुंचे जहां उन्होंने साधु संतों का सम्मान किया और फिर उनके साथ भोजन किया।  

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Dakhal News 19 August 2017


गोरखपुर मेडिकल कॉलेज

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत के बाद शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वच्छता अभियान की शुरुआत करने गोरखपुर पहुंचे। इसकी शुरुआत करने के बाद उन्होंने राहुल गांधी के दौरे पर हमला बोला। योगी ने कहा कि दिल्ली में बैठा युवराज स्वच्छता अभियान का महत्व नहीं जानेगा। गोरखपुर उनके लिए पिकनिक स्पॉट बने उसकी इजाजत नहीं देना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने राज्य की हालत के लिए पूर्व सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पिछले 12-15 सालों में सरकारों ने संस्थानों को अपने स्वार्थ भरे उद्देश्यों के लिए भ्रष्टाचार को संस्थागत बनाते हुए बर्बाद कर दिया। लोगों को सुविधाओं से वंचित किया गया। सपा और कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह गोरखपुर को किसी लखनऊ के शहजादे या दिल्ली के युवराज का पिकनिक स्पॉट नहीं बनने देंगे। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सफाई के लिए सभी के अंदर प्रतिस्पर्धा की भावना बेहद जरूरी है। प्रतिस्पर्धा के माध्यम से हर व्यक्ति इस अभियान से जुड़ेगा और प्रदेश स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बन सकेगा। यह केवल भारतीय जनता पार्टी का नहीं बल्कि जन जन का अभियान है। उन्होंने कहा कि अब तक हम गंगा के किनारे 1627 गांव को खुले में शौचमुक्त कर चुके हैं। अब लक्ष्य है कि 30 दिसम्बर तक प्रदेश के 30 जिलों को ओडीएफ बनाया जाय। इंसेफ्लाइटिस की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महामारी में इलाज से ज्यादा महत्व बचाव का है और वह केवल सफाई से ही सम्भव है। जिसके लिये जन जन को लगना होगा।  

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Dakhal News 19 August 2017


एनडीए जेडीयू

  पटना में जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की शनिवार को हुई बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है। पार्टी ने सर्वसम्मति से तय किया है कि वो एनडीए में शामिल होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के घर हुई पार्टी की बैठक में यह फैसला लिया गया है। वहीं दूसरी तरफ पटना में शरद यादव समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं और नीतीश कुमार के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। माना जा रहा था कि जदयू की बैठक में इस बैठक में शरद यादव को लेकर कोई बड़ा फैसला हो सकता है लेकिन इसे लेकर कोई खबर नहीं आई। वहीं दूसरी तरफ शरद यादव भी पार्टी नेताओं की एक बैठक बुलाई है। इसके बाद यह दिलचस्प होगा कि जदयू का कौन सा नेता किस तरफ जाता है। बैठक से पहले शहर की सड़कों पर पोस्टर वार छिड़ती दिखी। नीतीश और शरद यादव दोनों के ही समर्थकों ने अपने-अपने होर्डिंग लगाकर खुद को असली जदयू बताया है।  

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Dakhal News 19 August 2017


MP /  निकाय चुनाव

  मध्यप्रदेश के 43 नगरीय निकायों में हुए चुनाव के परिणाम सामने आ गए हैं। इसमें कुछ जगह भाजपा और कुछ जगह कांग्रेस ने जीत हासिल की है। 26 सीटों पर बीजेपी 14 पर कांग्रेस और तीन स्थानों पर निर्दलीय विजयी हुए हैं । परिणाम आने के साथ ही जगह-जगह विजेताओं ने विजय जुलूस निकाले। अध्यक्ष पद के लिए जीते भाजपा 1- आलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर में भाजपा की निर्मला डावर जीतीं। 2- सतना के जैतवार में भाजपा के राम बहादुर धोहर जीते। 3- झाबुआ के राणापुर में भाजपा की सुनीता जीतीं। 4- झाबुआ के थांदला में भाजपा के बंटी सोहन नाना जीते। 5- शहडोल के बुढार में भाजपा के कैलाश विश्वानी जीते। 6- झाबुआ के पेटलावद में भाजपा के मनोहर भटेवरा जीते। 7- शहडोल में भाजपा की उर्मिला रानी जीतीं। 8- डिंडोरी में भाजपा के पंकज सिंह तोमर जीते। 9- बुरहानुपर के नेपानगर में भाजपा के राजेश चौहान जीते।10 - अनूपपुर के कोतमा में भाजपा की मोहनी धमेंद्र वर्मा जीतीं। 11- बैतूल के चिचोली में भाजपा के संतोष मालवीय जीते। 12- खंडवा के छनेरा में भाजपा की पुष्पाबाई रामनिवास पटेल जीतीं। 13- खरगोन के मंडलेश्वर में भाजपा की मनीषा मनोज शर्मा जीतीं। 14- शहडोल के जयसिंहनगर में भाजपा के अशोक भारतीय जीते।15- ग्वालियर के डबरा में भाजपा की आरती मौर्य विजयी।16- बैतूल के आठनेर में भाजपा के सूरज राठौर जीते।17- खरगोन के भीकनगांव में भाजपा के दीपकसिंह हीरासिंह ठाकुर जीते। कांग्रेस 1- छिंदवाडा़ के मोहगांव हवेली में कांग्रेस की सपना कलम्बे जीतीं। 2- खरगोन के सनावद में कांग्रेस की मंजुषा नरेंद्र शर्मा जीतीं। 3- खरगोन के महेश्वर में कांग्रेस की अमिता हेमंत जैन जीतीं।4- डिंडौरी के शहपुरा में कांग्रेस के राजेश गुप्ता जीते। 5- छिंदवाडा के सौंसर में कांग्रेस के लक्ष्मण चाके जीते। 6- छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव में कांग्रेस की पुष्पा साहू जीतीं।7- झाबुआ नगर पालिका परिष में कांग्रेस के मन्नू डोडिया जीते।8- छिंदवाड़ा के दमुआ में कांग्रेस के सुभाष गुलाबाके जीते। 9- बालाघाट के बैहर में कांग्रेस के गणेश मेरावी जीते। 10- रतलाम के सैलाना में कांग्रेस की नम्रता सिंह राठौर जीतीं। निर्दलीय 1- सिवनी के लखनादौन में निर्दलीय जितेंद्र राय जीते।2- छिंदवाड़ा के पांढुर्ना में निर्दलीय प्रवीण पालीवाल जीते।3- बैतूल के सारणी में निर्दलीय आशा भारती जीतीं। भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निकाय चुनाव में विभिन्न स्थानों पर हुई पार्टी की जीत पर प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त किया। कहां कौन जीता : बैहर नगर पंचायत अध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस बालाघाट की बैहर नगर पंचायत चुनाव में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। इस पद पर उम्मीदवार गणेश मेरावी ने भाजपा उम्मीदवार को गुड्डा मरकाम को पराजित किया है। जबकि निर्दलीय उम्मीदवार गुड्डू उईके तीसरे स्थान पर रहे। वहीं पार्षद निर्वाचन में 9 वार्डों में भाजपा, 5 वार्ड में कांग्रेस और 1 वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे हैं। सीएम के क्षेत्र में लाडकुई में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी की जीत सीहोर जिले के नसरूल्लागंज में ग्राम पंचायत लाडकुई में कांग्रेस समर्थित पप्पू मालवीय 1275 से अधिक वोटों से जीते। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने विजयी जुलूस निकाला। उल्लेखनीय है कि यह इलाका मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गृह क्षेत्र है। खंडवा के छनेरा-हरसूद में भाजपा प्रत्याशी पुष्पा रामनिवास पटेल जीतीं छेनरा हरसूद से भाजपा की पुष्पा रामनिवास पटेल निकटतम प्रत्याशी तारा सोभाग सांड से 49 वोटों से जीत गईं। पुष्पा रामनिवास पटेल (भाजपा) को 4730 वोट, तारा सोभाग सांड (निर्दलीय बागी कांग्रेस) को 4681, किरण कमलकांत भारद्वाज (कांग्रेस) को 1428, अर्चना धर्मेंद्र तिवारी (निर्दलीय बागी भाजपा) को 475 और नोटा को 204 वोट मिले। कोतमा नपा अध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा अनूपपुर की कोतमा नगर पालिका अध्यक्ष भाजपा पद पर मोहिनी धर्मेद्र वर्मा जीत गई। 15 वार्डों में 8 वार्डों में भाजपा, 5 वार्डों में कांग्रेस व 2 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी जीते वार्ड क्रमांक 1,5,6,8,9,10,11व14 में भाजपा के पार्षद हुए विजयी वहीं वार्ड क्रमांक 2,7,12,13 व 15 में कांग्रेस के पार्षद जीते, वार्ड क्रमांक 3,4 से निर्दलीय प्रत्याशी विजयी। शाजापुर के अरनिया कलां में दुर्गा प्रसाद सोनानिया जीतें अरनिया कलां सरपंच चुनाव में दुर्गा प्रसाद सोनानिया 1236 वोट से जीत गए। दुर्गाप्रसाद सोनानिया को 2442 वोट, विक्रम सोनानिया को 1206 वोट, शैलेंद्र पटेल को 310 वोट, श्याम सोनानिया को 228 को वोट और नोटा को 50 वोट मिले। झाबुआ कई जगह भाजपा की जीत राणापुर में 213 वोटों से भाजपा जीती, थादंला में 844 वोटों से भाजपा जीती। पेटलावद में 1917 वोटों से भाजपा, जोबट में 209 वोटों से भाजपा और आजादनगर में 390 से भाजपा ने जीत दर्ज की। डिंडोरी की शहपुरा नगर परिषद के अध्यक्ष पद पर कांग्रेस जीती शहपुरा में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस के राजेश गुप्ता ने जीत दर्ज की। वार्ड 1 में भाजपा के राजेश पाल, वार्ड 2 में भाजपा की सुनीता तिवारी, वार्ड 3 में भाजपा के अनूप गुप्ता, वार्ड 4 में भाजपा की दीपा साहू, वार्ड 5 भाजपा के हारून खान, वार्ड 6 में कांग्रेस के राजेश चौधरी, वार्ड 7 में निर्दलीय अनीता कछवाहा, वार्ड 8 में भाजपा के मधु बनवासी, वार्ड 9 में भाजपा के वंदना सोनी, वार्ड 10 में निर्दलीय गिरजा कारपेंटर, वार्ड 11 में कांग्रेस के अशोक पाठक, वार्ड 12 में कांग्रेस के फुक्कू ठाकुर, वार्ड 13 में निर्दलीय सावित्री यादव, वार्ड 14 में निर्दलीय रामजी गुप्ता, वार्ड 15 में कांग्रेस के अशोक बनवासी ने जीत दर्ज की। बुरहानपुर के नेपानगर में भाजपा प्रत्याशी की जीत नेपानगर नगर पालिका परिषद के चुनाव परिणाम में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के राजेश चौहान ने 243 मतों से जीत हासिल की। वहीं 24 वार्डों में से 12 पर कांग्रेस, 11 वार्डों पर भाजपा और एक पर निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मुरैना की कैलारस नगर परिषद के अध्यक्ष पद पर भाजपा की अंजना बंसल कांग्रेस की ज्योति दुबे से 1405 मतों से जीतीं। रतलाम के सैलाना नगर परिषद अध्यक्ष पद पर कांग्रेस का कब्जा, कांग्रेस की नम्रता राठौर 75 वोटों से जीतीं। यहां 15 पार्षद पदों में से 8 पर भाजपा, 4 पर कांग्रेस और 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार ने कब्जा जमाया। खंडवा के मूंदी नगर परिषद वार्ड क्रमांक 4 उप चुनाव में भाजपा की उम्मीदवार शमीना बी कांग्रेस उम्मीदवार रजाक मंसूरी से 68 वोट अधिक लेकर विजय घोषित हुईं। छिंदवाड़ा की जामई नगर पालिका में कांग्रेस प्रत्याशी 2200 वोट मिली विजय। छिंदवाड़ा में मोहगांव से कांग्रेस की सपना कलंबे 793 वोटों से जीत गईं। मंदसौर जिले के शामगढ़ में वार्ड 4, 9 के उपचुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी जीते। मंदसौर में गरोठ नगर परिषद में वार्ड 13 के उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार संगीता ललित चंदेल ने भाजपा प्रत्याक्षी विनोद ग्वाला लाला को 210 मतों से हराया। विदिशा की शमशमाबाद नगर परिषद में कांग्रेस की जीत। खरगोन के महेश्वर में कांग्रेस की अनीता जैन और सनावद से कांग्रेस की मंजूषा शर्मा विजयी हुईं।  

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Dakhal News 16 August 2017


रोहित वेमुला

खबर दिल्ली से। हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला के आत्महत्या मामले में जांच आयोग की एक रिपोर्ट सामने आई है। इसमें खुलासा किया गया है कि रोहित ने कॉलेज प्रशासन से तंग आकर अपनी जान नहीं दी थी, बल्कि निजी कारणों से परेशान होकर उसने आत्महत्या की थी। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, रिपोर्ट में कहा गया है कि रोहित व्यक्तिगत तौर पर परेशान था और कई वजहों से खुश नहीं था। रिपोर्ट के अनुसार, रोहित ने अपने सुसाइड नोट में किसी को भी अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है। सुसाइड नोट से साफ है कि उसकी अपनी खुद की कई समस्याएं थीं और वह अपनी जिंदगी से नाखुश था। सुसाइड नोट में कथित तौर पर रोहित ने यह भी लिखा है कि वह बचपन में अकेला रहता था और उसको सब नाकाबिल समझते थे। गौरतलब है कि यह रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग ने दी है, जिसमें इलाहबाद हाई कोर्ट के जज जस्टिस ए के रूपनवाल शामिल थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि तात्कालिक मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और भाजपा नेता बंडारू दत्तात्रेय का रोहित की मौत से कोई लेना-देना नहीं था। रोहित की आत्महत्या के बाद भाजपा नेताओं का नाम सामने आया था। कहा गया था कि भाजपा नेताओं के दबाव में आकर ही कॉलेज प्रशासन ने रोहित के खिलाफ कार्रवाई की थी, मगर रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर रोहित कॉलेज की कार्रवाई से दुखी होता तो सुसाइड नोट में इस बात का जरूर जिक्र करता। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रोहित दलित नहीं था। हालांकि रोहित की आत्‍महत्‍या के बाद प्रदर्शन कर रहे संगठनों की तरफ से उसको लगातार दलित बताया जाता रहा था। मगर रिपोर्ट के अनुसार, वह अति पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से था। उसके पिता वी. मणिकुमार बडेरा समुदाय से थे। हालांकि मां ने तर्क दिया कि वह माला समुदाय से है जो अनुसूचित जाति के तहत आता है। पति से तलाक के बाद वह वेमुला को लेकर अलग रहने लगी, मगर वह अपनी जाति के पक्ष में तथ्य प्रस्तुत नहीं कर पाई। रोहित ने 17 जनवरी, 2016 को हॉस्टल के कमरे में आत्‍महत्‍या कर ली थी। इससे पहले उसपर एबीवीपी के एक छात्र नेता को पीटने का आरोप लगा था। जिसके बाद नवंबर, 2015 में रोहित समेत पांच छात्रों को निष्कासित कर दिया गया था।  

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Dakhal News 16 August 2017


मोदी  न्यू इंडिया

देश आज अपना 71वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चौथी बार तिरंगा फहराया और देश की जनता को संबोधित किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने लाल किला की प्राचीर से अपने भाषण में कहा, 'देश की आजादी और आन, बान, शान और गौरव के लिए बलिदान दिया। ऐसे सभी महानुभाओं और माताओं-बहनों को मैं लाल किले की प्राचीर से नमन करता हूं। कभी-कभी प्राकृतिक आपदाएं हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौती बन जाती है। अच्‍छी वर्षा देश को फलने फूलने में बहुत ही योगदान देती है। लेकिन जलवायु परिवर्तन का नतीजा है कि कभी-कभी ये प्राकृतिक आपदा संकट भी मोल लेते हैं। पिछले दिनों देश के कई हिस्‍सों में प्राकृतिक आपदा का संकट आया। एक अस्‍पताल में मासूम बच्‍चों की जान गई। मैं यकीन दिलाता हूं कि ऐसे संकट के मौकों पर कुछ भी करने में हम कमी नहीं छोड़ेंगे।' भ्रष्‍टाचार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा, 'काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। सरकार की योजनाओं में रफ्तार बढ़ी है। सरकार की किसी योजना में विलंब होता है तो सबसे अधिक नुकसान हमारे गरीब परिवारों को होता है। मैं सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा हर महीने लेता हूं। 9 महीने में मंगलयान पहुंच सकते हैं, लेकिन 42 साल से रेल का एक प्रॉजेक्ट लटका पड़ा था। एक ऐसा माहौल था कि केंद्र बड़ा भाई है और राज्य छोटा। लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहा हूं और मैं जानता हूं कि राज्यों के विकास में मुख्यमंत्री का कितना योगदान रहता है। आज हम राज्यों को ताकत देकर बिजली के कारखानों के कारोबार में जो समस्याएं थीं उसका मिलकर समाधान किया।' जम्‍मू-कश्‍मीर पर पीएम मोदी ने कहा, 'आज भारत की साख विश्व में बढ़ रही है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में आज हम अकेले नहीं हैं। दुनिया के कई देश सक्रिय रूप से मदद कर रहे हैं। विश्व के देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर का विकास, सामान्य नागरिक के सपनों को पूरा करना जम्मू-कश्मीर की सरकार के साथ इस देशवासियों का संकल्प है। कश्मीर के अंदर जो कुछ होता है, आक्षेप भी बहुत होते हैं। मैं साफ मानता हूं कि कश्मीर में जो कुछ हो रहा है मेरे दिमाग में साफ है कि न गाली से समस्या सुलझेगी न गोली से परिवर्तन होगा कश्मीरियों को गले लगाकर। आतंकवादियों को बार-बार हमने कहा है कि आप मुख्यधारा में आइए। आतंकियों के साथ कोई नर्मी नहीं बरती जाएगी। आतंकवादियों को बार-बार हमने कहा है कि आप मुख्यधारा में आइए। आतंकियों के साथ कोई नर्मी नहीं बरती जाएगी। भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। अलगाववादी नए-नए पैंतरे आजमाते रहते हैं, लेकिन आतंकियों के साथ हम कोई नरमी नहीं बरतेंगे।' उन्‍होंने कहा, 'अभी पिछले सप्ताह ही क्विट इंडिया मूवमेंट के 70 साल पूरे हुए। यह वर्ष है जब चंपारण आंदोलन की शताब्दी मना रहे हैं। लोकमान्य तिलक जी ने सार्वजनिक गणेश उत्सव परंपरा को प्रारंभ किया था उसके भी इस साल 125 साल पूरे हो रहे हैं। आज आजादी का 70 और 2022 में आजादी का 75 साल मनाएंगे। 1942 से 47 के बीच देशवासियों ने अंग्रेजों के नाक में दम किया। अंग्रेजों को भारत छोड़कर जाना पड़ा।' प्रधानमंत्री ने कहा, 'हमें 2022 में आजादी के दीवानों के सपनों के अनुरूप भारत बनाने के लिए सवा सौ करोड़ देशवासियों के संकल्प और पुरुषार्थ से इस सपने को पूरा करना है। सामूहिकता की शक्ति बहुत बड़ी होती है। प्रभु श्रीकृष्ण एक लकड़ी लेकर खड़े हो गए और गोवर्धन पर्वत को उठा लिया। श्रीराम को लंका जाना था वानर सेना उनके साथ खड़ी हो गई। हर कोई अपनी जगह से 2022 के लिए एक नई ऊर्जा, नए संकल्प के साथ परिवर्तन ला सकते हैं। न्यू इंडिया जो सुरक्षित हो, समृद्धशाली हो। सबको समान अवसर उपलब्ध हों।' लाल किले की प्राचीर से पीएम ने कहा, 'आजादी का जब आंदोलन चल रहा था तब एक शिक्षक स्कूल में पढ़ाता था, एक मजदूर मजदूरी करता था, लेकिन हृदय में यह भाव था कि जो भी काम कर रहा हूं आजादी के लिए कर रहा हूं। हम परिश्रम करते हैं, लेकिन मां भारती की भव्यता-दिव्यता के लिए राष्ट्रभक्ति से समर्पित हो काम करते हैं तो उसकी ताकत कई गुणा बढ़ जाती है। 2018 के 1 जनवरी को मैं सामान्य 1 जनवरी नहीं मानता हूं। 21वीं शताब्दी में जन्मे नौजवानों के लिए यह वर्ष महत्वपूर्ण है। 21वीं सदी का भाग्य ये नौजवान बनाएंगे जो अब 18 साल के होने जा रहे हैं। मैं इन सभी नौजवानों से कहना चाहूंगा कि आइए देश के निर्माण में अपनी भूमिका निभाइए।' उन्‍होंने कहा, 'कृष्ण ने अरुजन को कुरुक्षेत्र के युद्ध में कहा था कि मन का विश्वास पक्का हो तो सफलता जरूर मिलती है। मैं मानता हूं कि चलता है, ठीक है इसको छोड़ना होगा। अब तो आवाज यही उठे बदलता है, बदल रहा है, बदल सकता है। साधन हो संसाधन हो, लेकिन जब यह त्याग और तपस्या से जुड़ जाते हैं तो बहुत बड़ा परिवर्तन आता है। संकल्प सिद्धि से जुड़ जाता है। देश की रक्षा-सुरक्षा आम जनता के दिल में बहुत बड़ी बात है। बलिदान की पराकाष्ठा करने में हमारे वीर कभी पीछे नहीं रहे। यूनिफॉर्म में रहने वाले लोगों ने त्याग किया है। सर्जिकल स्ट्राइक हुई तो दुनिया को हमारा लोहा मानना पड़ा। सर्जिकल स्ट्राइक पर दुनिया ने माना देश का लोहा। भारत अपने आप में सामर्थ्यवान है और देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को हम पस्त कर सकते हैं।' प्रधामंत्री ने कहा, 'मेरे प्यारे देशवासियों! आज ईमानदारी का उत्सव मनाया जा रहा है। बेईमानी के लिए सिर छुपाने की जगह नहीं मिल रही है। अब गरीबों को लूटकर अपनी तिजोरी भरने वाले चैन से नहीं सो सकते। अब गरीबों के मन में यह विश्वास पैदा हो रहा है कि यह देश ईमानदारों के लिए है। सेना के लिए सालों से लटके वन रैंक वन पेंशन को हमने लागू किया। GST जिस तरह से सफल हुआ उसके पीछे कोटि-कोटि लोगों का हाथ है। आज दोगुनी रफ्तार से सड़कें बन रही हैं, दोगुनी रफ्तार से रेल की पटरी बिछाई जा रही हैं। 14 हजार से ज्यादा गांवों को पहली बार बिजली मिली है। 29 करोड़ गरीबों के बैंक अकाउंट खुले हैं। युवाओं को रोजगार के लिए बैंक से लोन की स्वीकृति मिलती है। 2 करोड़ गरीब माताओं को लकड़ी के चूल्हे से मुक्ति मिलती है। वक्त बदल गया है। सरकार जो कहती है वही अब करने के लिए प्रतिबद्ध है।' उन्‍होंने कहा, लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहा हूं और मैं जानता हूं कि राज्यों के विकास में मुख्यमंत्री का कितना योगदान रहता है। आज हम राज्यों को ताकत देकर बिजली के कारखानों के कारोबार में जो समस्याएं थीं उसका मिलकर समाधान किया। आज सभी राज्य कंधे से कंधा मिलाकर केंद्र के साथ चल रहे हैं। न्यू इंडिया हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हमने लोकतंत्र को मतपत्र तक सीमित कर दिया है। न्यू इंडिया में हम लोगों से तंत्र चले, तंत्र से लोक नहीं उस दिशा में जाना चाहते हैं। स्वराज्य हम सबका दायित्व होना चाहिए। जब नोटबंदी की बात आई दुनिया को आश्चर्य हो रहा था। यहां तक लोग कह रहे थे कि अब मोदी गया। आज भ्रष्टाचार पर नकेल लगाने में हम एक के बाद एक कदम उठाने में सफल हो रहे हैं। लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान जय किसान का नारा दिया था। प्राकृतिक आपदाओं के बीच में हमारे देश के किसान नई-नई सिद्धियों को हासिल कर रहा है। इस बार मेरे देश के किसानों ने दाल उत्पादन किया तो सरकार ने 16 लाख टन दाल खरीदकर किसानों को बढ़ावा दिया। इतने कम समय में सवा करोड़ किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ गई है। आने वाले समय में 50 योजनाएं किसानों के लिए जुड़ जाएंगी। करोड़ों की सब्जियां, फसल बर्बाद हो जाती हैं। हमने FDI को बढ़ावा दिया ताकि किसानों की फसल बर्बाद न हो।' सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्‍होंने कहा, 'हमारे देश में नेचर ऑफ जॉब में भी बहुत बड़ा बदलाव आ रहा है। मानव संसाधन के विकास के लिए कई योजनाएं सरकार ने शुरू की। पिछले 3 साल में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के कारण करोड़ों युवाओं को स्वरोजगार की प्रेरणा मिली। पिछले 3 वर्षों में 6 नए IIM, 8 नए IIT का हमने निर्माण किया।' प्रधामंत्री ने कहा, 'भविष्य निर्माण में माताओं-बहनों का योगदान अहम होता है। मैं उन बहनों का अभिनंदन करना चाहता हूं कि जो बहनें तीन तलाक से पीड़ित थीं उन्होंने आंदोलन खड़ा किया। बुद्धिजीवियों को हिला दिया। इस आंदोलन को चलाने वाली बहनों का हृदय से अभिनंदन करता हूं। मुझे विश्वास है कि बहनों की इस लड़ाई में हिंदुस्तान इनकी पूरी मदद करेगा। कभी-कभी धैर्य के अभाव में कुछ लोग आस्था के नाम पर ऐसी चीजें कर देते हैं जिससे देश का ताना-बाना कमजोर होता है। आस्था के नाम पर हिंसा को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। यह देश बुद्ध का है, गांधी का है। यहां आस्था के नाम पर हिंसा के रास्ते को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। उस वक्त नारा था भारत छोड़ो और आज हमारा नारा है, 'भारत जोड़ो'। ट्रेन भी ट्रैक बदलती है तो ट्रेन की स्पीड कम हो जाती है। हम देश को नए ट्रैक पर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हमने स्पीड कम नहीं होने दी। 21वीं सदी में भारत को बढ़ाने का सबसे ऊर्जावान क्षेत्र है हमारा पूर्वी भारत है। अथाह सामर्थ्य वाला क्षेत्र है। हमारा पूरा ध्यान बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश, असम, नॉर्थ ईस्ट वाले हमारे राज्य हैं।' उन्‍होंने कहा, 'सरकार बनने के बाद हमने पहला काम किया था एसआइटी बनाने का। हमने काला धन सरेंडर कराया है। जो काला धन छिपा था उसे हम मुख्यधारा में लाने में सफल रहे। नोटबंदी के बाद 3 लाख करोड़ रुपया बैंकिंग सिस्टम में आया। 1.75 लाख करोड़ की राशि शक के घेर में हैं। अब व्यवस्था के साथ उन्हें अपना जवाब देना है। नए करदाताओं की संख्या इस साल दोगुनी से भी ज्यादा हुई है। 18 लाख से ज्यादा ऐसे लोगों को पहचाना गया है जिनकी आय उनके हिसाब-किताब से ज्यादा है। एक लाख लोग ऐसे सामने आए हैं जिन्होंने कभी इनकम टैक्स का नाम भी नहीं सुना था, लेकिन आज उन्हें इनकम टैक्स जमा करना पड़ रहा है। नोटबंदी के बाद जब डेटा माइनिंग की गई तो 3 लाख ऐसी कंपनियां पाईं गईं जो सिर्फ हवाला का कारोबार करती थीं। उनमें से पौन 2 लाख कंपनियों पर ताले लटक गए। कुछ तो ऐसी शेल कंपनियां थीं जिनके एक ही पते पर कई-कई कंपनियां चलती थीं। हमने उन पर कार्रवाई की। जीएसटी के कारण हजारों करोड़ की बचत हुई है समय की भी बचत हुई है। चेकपोस्ट खत्म हुए। नोटबंदी के बाद बैंकों के पास धन आया है।' डिजिटल लेन-देन पर जोर देते हुए मोदी ने कहा, 'विश्व का सबसे बड़ा युवा वर्ग हमारे देश में हैं। क्या अब भी हम उसी पुरानी सोच में रहेंगे? आज जो कागज के नोट हैं वो समय के साथ डिजिटल में बदलने वाला है। पिछले साल की तुलना में डिजिटल लेन-देन में 34 फीसदी का बढ़ावा हुआ है। हिंदुस्तान की कुछ योजनाएं ऐसी हैं जिससे लोगों का पैसा बचने वाला है। सस्ती दवाई गरीब के लिए बहुत बड़ी राहत है। हम गरीब और मध्यमवर्ग के लिए एक से बढ़कर एक योजनाएं शुरू कर रहे हैं। हमने जिला स्तर तक डायलिसिस को पहुंचाया है। हम तेजस हवाई जहाज के द्वारा दुनिया के अंदर अपनी धमक पहुंचा रहे हैं। जीएमसटी से देश की कार्यक्षमता 30 फीसदी बढ़ी है। सही समय पर कोई कार्य पूरा न किया गया तो इच्छित परिणाम कभी नहीं मिलते। ऐसा हमारे शास्त्रों में कहा गया है।' उन्‍होंने कहा, 'सही समय पर कोई कार्य पूरा न किया गया तो इच्छित परिणाम कभी नहीं मिलते। ऐसा हमारे शास्त्रों में कहा गया है। न्यू इंडिया में हम सब मिलकर ऐसा देश बनाएंगे जहां महिलाओं को अपने सपने पूरे करने की आजादी होगी। हम ऐसा भारत बनाएंगे जहां भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से कोई समझौता नहीं होगा। इस विकास की दौड़ में हम सब मिलकर आगे बढ़ने का काम करेंगे। एक दिव्य और भव्य भारत के सपने को लेकर सभी देशवासी चलें। इसी विचार के साथ मैं आजादी के मतवालों को प्रणाम करता हूं। इसी विचार के साथ मैं सवा सौ करोड़ देशवासियों का हृदय से अभिनंदन करता हूं। जय हिन्द! जय भारत।' मंच से पीएम मोदी ने वंदे मातरम का नारा लगाया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ। लाल किले आने से पहले प्रधानमंत्री राजघाट पहुंचे, जहां पर उन्होंने बापू को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वह करीब 7.20 बजे लालकिले के लौहारी गेट पहुंचे जहां पर रक्षा मंत्री अरुण जेटली, रक्षा राज्य मंत्री सुभाषा भामरे और रक्षा सचिव संजय मित्रा ने उनकी अगवानी की। इसके बाद सेना की दिल्ली एरिया के जीओसी जनरल ऑफिसर कमांडिंग ले. जनरल एम.एम नरवाने पीएम को सैल्यूटिंग गार्ड्स की तरफ लेकर गए जहां पर सेना की जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फ्रेंट्री के जवान और दिल्ली पुलिस के जवान गार्ड्स ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद पीएम लाल किले की प्रचीर पर पहुंचे जहां पर तीनों सेना के अध्यक्ष और रक्षा मंत्री एक बार फिर से उनकी अगवानी के लिए खड़े थे। लालकिले की प्राचीर पर ले. कर्नल कंचल कुल्हारी ने पीएम मोदी को झंडा फहराने में सहायता की। इस दौरान कैप्टन मो. हसाब खान और ले. विनय पीएम के डायस के दोनों तरफ एडीसी के तौर पर तैनात थे। झंडा फरहाते ही 21 तोपों की सलामी दी गई। उसके बाद पीएम का भाषण शुरू हुआ।  

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Dakhal News 15 August 2017


 रमन सिंह तिरंगा

छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री रमन सिंह ने स्‍वतंत्रता दिवस के मौके पर रायपुर में पुलिस परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराया। इसके बाद पुलिस परेड ग्राउंड में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस बीच वहां मौजूद लोगों का उन्‍होंने अभिवादन भी किया और इसके लिए वह पूरे ग्राउंड में गाड़ी से घूमते रहे। सलामी लेने के बाद वो मंच पर उपस्थित रहे और इस दौरान होने वाले कार्यक्रमों को देखा। इसके बाद मुख्‍यमंत्री रमन सिंह मंच से प्रदेश की जनता को स्‍वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही उन्‍होंने अपनी योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी। उन्‍होंने योजनाओं की भी जानकारी दी जिन्‍हें इस वर्ष लागू किया जाना है। इस दौरान सुरक्षा का विशेष ध्‍यान रखा गया है। देश आज अपना 71वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है और इस मौके पर पूरे प्रदेश में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। बच्‍चे सड़कों पर तिरंगा लेकर दौड़ते और भारत माता की जय के नारे लगाते हुए नजर आ रहे हैं।  

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Dakhal News 15 August 2017


शिवराज सिंह ने किया झंडारोहण

मध्‍यप्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सुबह स्‍वतंत्रता दिवस के अवसर पर भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में झंडारोहण किया। इसके बाद उन्‍हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। वो लोगों के बीच गए और उनका अभिवादन भी स्‍वीकार किया। समारोह में रंगविरंगे ड्रेस में बच्‍चों का उत्‍साह देखने लायक था। ध्‍वजारोहण के बाद सीएम शिवराज ने लोगों को संबोधित किया। वो बोले, जिस माता का अन्‍न हमने खाया, पानी पिया है और उसी का खून हमारी रगों में दौड़ रहा है। भारत माता को प्रणाम करते हुए उन्‍होंने कहा कि आप सभी बहिनों भाईयों ओर प्रदेशवासियों को स्‍वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं। सीएम ने कहा कि यह आजादी हमें बड़ी मुश्किलों से मिली इसके लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा। हमारे हजारों क्रांतीकारी हंसते-हंसते फांसी पर झूल गए मैं उन्‍हें नमन करता हूं। उन्‍होंने कहा कि मैं उन सभी माताओं को भी प्रणाम करता हूं जिन्‍हेांने अपने लालों को बॉर्डर पर देश की सुरक्षा के लिए भेजा है। इस दौरान उन्‍होंने शहीद बलराम तोमर को याद किया और कहा कि मैं उनको नमन करके यहां आया हूं। लाल परेड ग्राउंड लोगों से भरा हुआ था और इस दौरान सुरक्षा का विशेष ध्‍यान रखा गया है। देश आज अपना 71वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है और इस मौके पर पूरे प्रदेश में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। बच्‍चे सड़कों पर तिरंगा लेकर दौड़ते और भारत माता की जय के नारे लगाते हुए नजर आ रहे हैं।    

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Dakhal News 15 August 2017


गुजरात राज्यसभा चुनाव

अमित शाह की साख का सवाल बने गुजरात राज्यसभा चुनाव में आखिरकार उन्हें अहमद पटेल के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी। लाख कोशिशों और कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग के बावजूद अहमद पटेल को जरूरी वोट मिल गए और देर रात वो पांचवीं बार राज्यसभा के लिए चुन लिए गए। मंगलवार को हुए चुनाव हाई वोल्टेज ड्रामे में बदल गए। कांग्रेस के दो बागियों द्वारा वोट भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को दिखाए जाने पर कांग्रेस ने बवाल मचा दिया। चुनाव आयोग ने कांग्रेस की शिकायत पर रात 11.30 बजे दोनों वोट रद्द करते हुए मतगणना का आदेश दिया गया, लेकिन रात 1.30 बजे तक गांधीनगर में मतगणना शुरू नहीं हो सकी। अमित शाह खुद मतगणना स्थल पर डटे रहे। भाजपा नेताओं की मांग है कि उनकी शिकायत पर भी चुनाव आयोग सुनवाई करे। वह वीडियो सीडी सार्वजनिक की जाए, जिसके आधार पर दो वोट रद्द किए गए हैं। 176 वोट पड़े, आयोग ने 2 रद्द किए 1 सीट जीतने के लिए चाहिए 44 कांग्रेस के पास थे 44 वोट, एक ने क्रॉस वोटिंग की, शेष रहे 43 जदयू के छोटू वसावा ने पटेल को वोट देने का दावा किया।  भाजपा 121 विधायकों, 7 बागियों व अन्य के बल पर अमित शाह व स्मृति ईरानी की तय जीत के अलावा तीसरे प्रत्याशी बलवंत सिंह राजपूत को भी जीताना चाहती थी। दो वोट रद्द होने से भाजपा का गणित गड़बड़ाया और अहमद पटेल का पलड़ा भारी हो गया। बवाल की यही जड़ मानी जा रही थी। 10 विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग कांग्रेस के सात बागियों के अलावा राकांपा के दो और जदयू के एकमात्र विधायक छोटू वसावा ने दूसरे दलों को वोट दिए। जबकि एक निर्दलीय सोमवार रात ही भाजपा में शामिल हो गए थे। कांग्रेस को नहीं दिया वोट : वाघेला मतदान के बाद वाघेला ने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया, इसलिए अपने अजीज मित्र अहमद पटेल को वोट देने का कोई मतलब नहीं है। कांग्रेस डूबती नाव है, अहमद पटेल चुनाव हारने वाले हैं इसलिए अपना वोट खराब नहीं करूंगा। राघवजी पटेल (58 वर्ष): कभी भाजपा, कभी कांग्रेस ये जामनगर ग्रामीण से निर्वाचित होकर विधानसभा पहुंचे हैं। ये लेउवा पाटीदार हैं, जिन्होंने 1978 से राजनीति शुरू कर दी थी। हालांकि अपना पहचा चुनाव सन् 2000 में जसदन तालुका पंचायत से लड़ा था। इसके बाद पांच बार विधायक रहे। इसमें दो बार भाजपा के टिकट से मिली जीत शामिल है। इन्होंने मंत्री नहीं बनाए जाने से खफा होकर भाजपा छोड़ दी थी। 2007 और 2012 में कांग्रेस के टिकट से विधायक रहे। अब इनका मानना है कि पाटीदार गुजरात की राजनीति को बदल सकता है। इन पर दो आपराधिक केस हैं। दोनों ही मामले कोर्ट मे लंबित हैं। पिछले हलफनामे के मुताबिक, इनकी कुल संपत्ति 4.66 करोड़ है। भोलाभाई गोहेल (42 वर्ष): फोन आया और हो गए लापता ये जसदन से विधायक हैं और कोली समाज से हैं। इन्होंने रूरल स्टडीज में डिग्री हासिल की है। भोलाभाई ने पिछले माह ऐलान किया था कि वे इस साल के आखिरी में होने वाले चुनाव नहीं लड़ेंगे। राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने कुछ विधायकों को बागी होने से बचाने के लिए राजकोट के नील सिटी क्लब में रखा था, लेकिन भोलाभाई वहां से निकल आए थे। बताते हैं कि तब उनके पास किसी का फोन आया था। इसकी भनक लगने के बाद कांग्रेस ने कहा था कि भोलाभाई लापता है और उसकी सूचना देने वाले को ईनाम दिया जाएगा। भोलाभाई पर कोई आपराधिक केस नहीं है। उनकी कुस संपत्ति 26.85 लाख है।  

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Dakhal News 9 August 2017


कर्ज- मध्यप्रदेश सरकार

मध्यप्रदेश सरकार एक बार फिर बाजार से कर्ज लेने की शुरूआत करने जा रही है। इस सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से डेढ़ हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष में ये पहला मौका होगा, जब सरकार विकास कार्यों के लिए बाजार से कर्ज लेगी। प्रदेश सरकार 2017-18 में 25 हजार करोड़ रुपए तक बाजार से कर्ज उठा सकती है। वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक विकास की कई परियोजनाओं को गति देने के लिए कुछ विभागों को अतिरिक्त राशि देने की जरूरत है। कुछ परियोजनाओं के लिए अनुपूरक बजट में प्रावधान भी किए गए हैं। राशि का इंतजाम करने के लिए बाजार से कर्ज उठाने का फैसला किया गया है। इसकी शुरुआत अगले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक के जरिए बाजार से डेढ़ हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेकर होगी। बताया जा रहा है कि अब लगभग हर महीने सरकार कर्ज उठाएगी। राजकोषीय उत्तरदायित्व अधिनियम (एफआरबीएफ) के तहत सरकार राजकीय सकल घरेलू उत्पाद के साढ़े तीन फीसदी तक कर्ज ले सकती है। ये सीमा लगभग 25 हजार करोड़ रुपए है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश सरकार के ऊपर अब कर्ज डेढ़ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो जाएगा। सरकार हर साल लगभग 13 हजार करोड़ रुपए सिर्फ ब्याज चुकाने में खर्च कर रही है। ज्यादातर कर्ज 10 साल के लिए लिया जा रहा है। विधानसभा में सरकार की ओर से दिए जवाब के मुताबिक प्रदेश के हर व्यक्ति पर 13 हजार रुपए से ज्यादा का कर्ज चढ़ चुका है।

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Dakhal News 9 August 2017


नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि किसी भी विवाद का हल केवल बातचीत से हो सकता है। दुनियाभर में लोगों को एक-दूसरे से अलग करने वाली धार्मिक रूढ़िवादी जड़ों और पूर्वाग्रहों को खात्म करे के लिए बातचीत ही विकल्प है। पीएम मोदी ने यह बातें यांगोन में आयोजित 'सम्वाद-ग्लोबल इनिशिएटिव ऑन कॉन्फ्लिक्ट अवॉयडेंस एंड एंटरटेनमेंट कॉन्शियसनेस' नाम के कार्यक्रम के दूसरे संस्करण में एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए कही हैं। पीएम ने अपने संबोधन में कहा, 'आप सभी जानते हैं कि 21 वीं सदी में विश्व आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन जैसे कई वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहा है, मुझे पूरा भरोसा है कि इन सबका समाधान एशिया की सबसे पुरानी परंपरा बहस और बातचीत के जरिए निकलेगा।प्राचीन भारतीय परंपरा कठिन मुद्दों का हल निकालने के लिए बातचीत में दृढ़ विश्वास करती है।' प्राचीन भारतीय पद्धति 'तर्कशास्त्र' के बारे में बात करते हुए पीएम ने कहा कि यह मॉडल बातचीत और बहस पर आधारित था जिसमें आपसी मुद्दों को बातचीत के जरिए हल किया जाता था। भगवान राम, भगवान कृष्ण, भगवान बुद्ध और भक्त प्रह्लाद का उदाहरण देते हुए पीएम ने कहा कि इन सबका एक ही उद्देश्य था और वह था कर्तव्य का पालन करना। पर्यावरण के बारे में बात करते हुए पीएम ने कहा कि मनुष्य को अपने आप को प्रकृति के साथ जोड़ना चाहिए और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को रोकना चाहिए। यदि मनुष्य प्रकृति की रक्षा नहीं करेगा तो प्रकृति जलवायु परिवर्तन के रूप में प्रतिक्रिया देगी। उन्होंने कहा कि किसी भई आधुनिक समाज के लिए यह जरूरी है कि पर्यावरण की रक्षा करें।  

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Dakhal News 5 August 2017


rahul gandhi बनासकांठा

कई दिनों तक बाढ़ के पानी में डूबे रहने के बाद गुजरात के बनासकांठा की हालत खराब है। घरों में कीचड़ भरा है और लोग परेशान हैं। इस बीच बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा करने गए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को लोगों को गुस्से का शिकार होने पड़ा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बनासकांठा में लोगों से मिलने के बाद वो एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने उन्हें काले झंडे दिखाए। जिसके बाद राहुल बोले की मैं इन काले झंडों से नहीं डरता। दावा है कि कुछ देर बाद इनकी कार पर पथराव भी किया गया। राहुल गांधी पिछले दिनों से बाढ़ प्रभावित असम और गुजरात के दौरे पर हैं। बनासकांठा में राहुल गांधी ने कहा कि मैं आपके बीच आना चाहता था और कहना चाहता था कि कांग्रेस पार्टी आपके साथ है।  

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Dakhal News 4 August 2017


विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज

  विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने राज्‍यसभा में कहा है कि आतंकवाद और बातचीत दोनों एक साथ नहीं हो सकते। बांग्‍लादेश के साथ रिश्‍ते अच्‍छे हैं, हमने पाक से भी शांति की बातें की थीं पर नतीजा नहीं निकला। उन्‍होंने कहा कि पीएम मोदी ने भारत को पूरी दुनिया में सम्‍मान दिलाया है। हमने 3 घंटे में मालदीव को पानी दिया। राजीव गांधी 17 साल तक नेपाल नहीं गए लेकिन मोदी गए। राहुल गांधी पर भी सुषमा ने निशाना साधते हुए कहा कि संकट के समय वे चीन के राजदूत से क्‍यों‍ मिले।सुषमा ने कहा कि विदेश नीति की चिंता की जन्मदाता हम नहीं बल्कि कांग्रेस है। विपक्ष बताए कि किस देश से हमारे संबंध खराब है। सुषमा ने कहा कि पीएम मोदी ने विदेश नीति से सम्मान दिलाया है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू ने सिर्फ निजी तौर पर नाम कमाया है।  

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Dakhal News 3 August 2017


मुलायम सिंह यादव

संसद में मानसून सत्र को दौरान रोजाना किसी ना किसी मुद्दे पर हंगामा होता रहता है। लेकिन सोमवार को सदन में जब मुलायम सिंह यादव बोलने उठे तो माहौल हल्का-फुल्का हो गया। हालांकि वो एक गंभीर मुद्दे पर अपनी बात रख रहे थे। दरअसल मुलायम सिंह यादव ने सदन में महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों को मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इसे खत्म करने की शुरुआत हमें अपने घर से करनी होगी। जानकारी के अनुसार सोमवार को लोकसभा में नियम 193 के तहत देश में अत्याचारों और मॉब लिंचिंग पर चर्चा के दौरान सपा नेता ने कहा कि आप में से कौन-कौन सांसद अपनी पत्नी को दबा कर नहीं रखते, हाथ खड़े करें। जब किसी सदस्य ने हाथ खड़ा नहीं किया तो मुलायम सिंह बोले कि देख लीजिए, जब सदन में यह स्थिति है तो देश में क्या हाल होगा। इस पर सदन में ठहाके गूंज उठे। सपा प्रमुख ने लोकसभा में दलितों पर जारी एक चर्चा के दौरान कहा कि महिलाओं का शोषण और अत्याचार काफी बढ़ गया है। पहले परिवार में इसका अंत होना चाहिए। फिर यह आपके इलाके, गांव और शहरों में बंद हो जाएगा। सपा नेता ने मानसिकता में बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया। उन्‍होंने कहा, धर्म और भाषा के नाम पर गरीबों पर अत्याचार रोकने के लिए लोगों को अपनी मानसिकता बदलनी होगी। समाज में विदेशी मूल के लोगों के लिए मौजूद छूआछूत जैसी कुरीतियों पर नियंत्रण करना होगा।  

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Dakhal News 1 August 2017


छत्तीसगढ़ विधानसभा

छत्तीसगढ़ विधानसभा में मानसून सत्र मंगलवार सुबह शुरू हो गया। सदन में अनिल माधव दवे, विजय बहादुर सिंह और 10 जुलाई को अमरनाथ यात्रा के दौरान अनंतनाग में यात्रियों की सड़क हादसे में मौत पर विधानसभा में श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान सत्यनारायण शर्मा ने बस्तर के बुर्कापाल में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों का जिक्र नहीं होने पर आपत्ति ली। इसके बाद स्पीकर ने सदन में बुर्कापाल शहीदों को श्रद्धांजलि दी। दिवंगतों के सम्मान में 5 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित की गई। इसके बाद विपक्ष ने प्रदेश में किसानों की आत्महत्या का मुद्दा उठाया, जिस पर जमकर हंगामा हुआ। हंगामा के बीच 5 मिनट के लिए फिर सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। विधानसभा के मानसून सत्र में सूखा से लेकर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के जमीन का मामला उठेगा। सत्ताधारी दल भाजपा को घेरने के लिए कांग्रेस ने पूरी तैयारी की है। वहीं, भाजपा ने आरोपों का जवाब देने के लिए मंत्रियों को मैदान में उतारने का प्लान तैयार किया है। सत्र के लिए 1235 सवाल लगाए गए हैं। कांग्रेस विधायकों के आरोपों का तथ्य के साथ जवाब देने की तैयारी की गई है। एक से 11 अगस्त के बीच विधानसभा की आठ बैठकें होंगी। सरकार पहला अनुपूरक बजट लाएगी। आठ नए विधेयक मंजूरी के लिए रखे जाएंगे। कई विभागों का वार्षिक प्रतिवेदन पटल पर रखा जाएगा।  

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Dakhal News 1 August 2017


मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार

  दिल्ली से खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र  मोदी अपने मंत्रिमंडल का इस माह विस्तार कर सकते हैं। उनके इस विस्तार में 12 मंत्रियों को कैबिनेट में जगह दी जाने की खबर है।  मीडिया में आर रही रिपोर्ट्स के अनुसार जिन लोगों को मंत्री मंडल में शामिल किया जाना है उनके नाम पीएम मोदी और अमित शाह तय करेंगे। कुल 12 मंत्री इस विस्तार में कैबिनेट का हिस्सा बन सकते हैं जिनमें से 9 भाजपा के होंगे वहीं 3 अन्य सहयोगी दलों के। इसके अलावा दो मंत्रियो को प्रमोशन मिल सकता है जबकि उन लोगों की छुट्टी भी हो सकती है जिनका प्रदर्शन अच्छा नहीं है। इनके अलावा कुछ मंत्रियों को विभाग बदले जा सकते हैं। बता दें कि फिलहाल मोदी कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के लिए पूर्णकारिक मंत्री नहीं है। वित्त मंत्री अरुण जेटली रक्षा और वित्त मंत्रालय दोनो देख कर रहे हैं वहीं स्मृति ईरनी और नरेंद्र सिंह तोमर को भी एक-एक मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जा चुकी है। अनिल माधव दवे के निधन के बाद से पर्यावरण मंत्रालय भी अधूरा पड़ा है।

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Dakhal News 31 July 2017


तृणमूल कांग्रेस

  गुजरात में कांग्रेस और यूपी में समाजवादी पार्टी के नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद अब ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस में फूट पड़ गई है। खबर है कि त्रिपुरा में टीएमसी के छह विधायक अगस्त में भाजपा में शामिल हो जाएंगे। ये वे विधायक हैं, जिन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में पार्टी सप्रीमो ममता बनर्जी का फैसला ठुकराते हुए एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को वोट दिया था। वैसे इन विधायकों के भाजपा में शामिल होने की अटकलें लंबे समय से चल रही हैं। इससे पहले भाजपा ने इन्हें 31 मई 2017 तक की डेडलाइन दी थी। अब प्रदेश के बडे़ टीएमसी नेता सुदीप रॉय बर्मन के हवाले से कहा गया है कि वे अपनी साथी विधायकों के साथ 6 या 7 अगस्त को भाजपा में शामिल हो जाएंगे। खबर तो यह भी है कि 1 अगस्त को ये विधायक दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात करेंगे।  9 अगस्त को भाजपा ने अगरतला में बड़ी रैली बुलाई है। त्रिपुरा में अब तक वामदलों का राज रहा है और यहां अगले साल चुनाव होने हैं।  

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Dakhal News 31 July 2017


केजरीवाल- राम जेठमलानी

  मानहानि मामले में केजरीवाल का केस छोड़ चुके मशहूर वकील राम जेठमलानी ने दावा किया है कि अरुण जेटली के खिलाफ अपशब्दों का उपयोग करने के लिए केजरीवाल ने ही कहा था। जेठमलानी के दावे के अनुसार केजरीवाल ने तो जेटली के खिलाफ और ज्यादा अपमानजनक शब्दों के उपयोग के लिए कहा था। बता दें कि पिछले दिनों राम जेठमलानी ने खुद को केजरीवाल के केस से अलग करते हुए फीस के 2 करोड़ मांगे थे। लेकिन केजरीवाल जब यह कहा कि वकील ने खुद ही अपमानजनक शब्दों का उपयोग गिया था तो जेठमलानी नाराज हो गए। इसके बाद अपने खत में जेठमलानी ने कहा कि अपनी अंतरआत्मा से पूछिए आपने कितनी बार जेटली के लिए अपमानजनक शब्दों का उपयोग करने के लिए कहा। बता दें कि इसी अपशब्द के उपयोग के बाद जेटली ने केजरीवाल पर एक और मानहानि का केस दर्ज करवाया था।    

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Dakhal News 29 July 2017


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बहुमत साबित कर दिया। नीतीश के पक्ष में 131 वोट जबकि विरोध में 108 वोट पड़े। सुबह 11 बजे पेश होने वाला यह प्रस्ताव राजद के हंगामे के चलते 12 बजे के बाद पेश हो सका। प्रस्ताव पेश होने से पहले तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला। सदन में विश्वास प्रस्ताव रखने के बाद नीतीश ने सदन को संबोधित करते हुए तेजस्वी को जवाब दिया। पक्ष-विपक्ष के विवाद के बीच सदन में नीतीश कुमार ने विश्वासमत पर बोलते हुए कहा कि सदन की मर्यादा का पालन करना चाहिए। हम एक-एक बात का सबको जवाब देंगे। सत्ता सेवा के लिए होता है, मेवा के लिए नहीं। नीतीश ने कहा कि मैंने महागठबंधन धर्म का हमेशा पालन किया, लेकिन जब मेरे लिए मुश्किल आई तो इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस पर तंज कसते हुए नीतीश ने कहा कि पच्चीस सीट नहीं मिल रही थी कांग्रेस को हमने चालीस दिलाई।सत्ता धन अर्जित करने के लिए नही होता। मैंने जनता के लिए ये फैसला लिया है, वोट देने वाली जनता परेशान थी और यह सरकार बिहार की जनता के लिए काम करेगी। मुझे कोई सांप्रदायिकता का पाठ ना पढाए। आज जुम्मे का दिन है और मैं कोई हंगामा नहीं चाहता। बिहार विधानसभा के विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही के भीतर भी राजद विधायक हंगामा किया और इसी बीच राजद की तरफ से तेजस्वी यादव को विरोधी दल का नेता मनोनीत किया गया । विधानसभा अध्यक्ष को प्रस्ताव दिया गया, जिसे उन्होंने मंजूर कर लिया । नेता विपक्ष बनते ही तेजस्वी यादव ने नीतीश के खिलाफ हमला बोला । उन्होंने कहा कि जनता ने महागठबंधन को पांच साल के लिए चुना था लेकिन हमारे साथ, बिहार की जनता के साथ धोखा देकर महागठबंधन को तोड़ दिया। नीतीश जी का ये कौन सा सिद्धांत है। आपको शर्म नहीं आती आज सुशील मोदी के बगल में बैठने में।नीतीश जी का इस्तीफा और भाजपा का तुरत समर्थन ये सब पूरी प्लानिंग की गई थी और नैतिकता की बात करते हैं, ये कौन सी नैतिकता है आपकी? कौन सी विचारधारा है इसे अब पूरी दुनिया जानना चाहती है। तेजस्वी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नीतीश कुमार जी रणछोड़ हो गए हैं, हे श्रीराम से जय श्रीराम कह पलटी मार गए। नीतीश के बगल में बैठे थे तो पता नहीं था इनका असली चेहरा अब नजर आया है। सुशील मोदी और नीतीश पर भी तो केस चल रहा है फिर इनदोनों ने शपथ कैसे ले ली? तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अाप तो इधर भी हैं और उधर भी, आपने समझा ही नहीं लालू यादव को अगर पुत्रमोह होता तो एेसा नहीं होता, लालू जी को पुत्रमोह नहीं भाई मोह था। आप एक बार बोल देते तो मैं इस्तीफा दे देता। तेजस्वी ने कविता सुनाकर नीतीश को पुुरानी बातें याद दिलाईं और कहा कि कहां गये वो पीएम मोदी के लिए बोले गए शब्द-बहती हवा सा था वो दाऊद को लाने वाला था वो...क्या सबकुछ भूल गए आप? तेजस्वी ने उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी से कहा कि आपको शर्म नहीं आती एेसी साजिश रच डाली। उन्होंने सुशील मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि आपने मेरे और मेरे परिवार पर झूठे आरोप लगाए उसे माफ नहीं करूंगा। तेजस्वी के इन गंभीर आरोपों के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने तेजस्वी को भाषण खत्म करने का निर्देश दिया। भाजपा नेता नंदकिशोर यादव ने तेजस्वी के बयान का पलटवार करते हुए कहा कि अगर लालू को पुत्रमोह नहीं होता तो अब्दुल बारी सिद्दीकी उपमुख्यमंत्री होते। उन्होंने कहा कि तेजस्वी थे उपमुख्यमंत्री और फैसला लेते थे लालू। नंदकिशोर यादव ने कहा कि जो आरोप लगा रहे हैं वो सब हमारे भाई हैं और कई हमारे संपर्क में हैं। आरजेडी की बातों का मैं बुरा नहीं मानता। नंदकिशोर यादव ने नीतीश कुमार के लिए शायरी पढ़ी- नहीं गया मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता... राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने नंदकिशोर यादव को जवाब देते हुए कहा कि जब मैं सीएम बनूंगा तो आप मेरे साथ होंगे क्या? कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह ने कहा कि नीतीश के महागठबंधन तोड़ने का दुख है और पार्टी बदलने वालों से क्या बात करें? नीतीश का पूरा खेल सुनियोजित था। पूरी सुनियोजित तरीके से नीतीश ने यह सब किया है। पहले उन्होंने कोविंद को समर्थन किया और फिर भोज में शामिल हुए। सदानंद सिंह के बाद उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने अपने संबोधन में राजद को धन्यवाद देते हुए कहा कि आपकी वजह से ही मैं आज चार साल के बाद फिर से पक्ष की ओर बैठा हूं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी ने अगर इस्तीफा दे दिया होता तो मैं डिप्टी सीएम नहीं बन पाता। शुक्रगुजार हूं राजद और कांग्रेस का जिनकी वजह से मैं डिप्टी सीएम बना। सुशील मोदी ने कहा कि जनादेश बेनामी संपत्ति को बचाने के लिए नहीं था 26 साल में 26 बेनामी संपत्ति के मालिक बनने के लिए नहीं था। सुशील मोदी के बयान को सुनकर तेजस्वी यादव आक्रोशित हो गए और दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। तेजस्वी ने कहा कि जब जांच चल रही है तो बेनामी संपत्ति कैसे बोल सकते हैं? आरजेडी विधायकों ने सुशील मोदी के बयान के बाद हंगामा शुरू कर दिया और कुर्सी पर खड़े होकर विरोध जताया। नीतीश पर आरोप लगाने के साथ ही एनडीए और जदयू के विधायक भी आक्रोशित हो गए और वेल में आकर हंगामा शुरू कर दिया । नीतीश कुमार के पहुंचते ही राजद विधायकों ने जमकर नारेबाजी की और नीतीश कुमार इस्तीफा दो, नीतीश कुमार वापस जाओ, के नारे लगाए। राजद के साथ कांग्रेस के विधायक भी हंगामे में शामिल है। सदन के बाहर और सदन के अंदर भी जबर्दस्त हंगामा जारी रहा। बिहार में गुरुवार को राजग की नई सरकार बन गई। अब नीतीश कुमार इस सरकार का बहुमत साबित करने के लिए विधानसभा पहुंच चुके हैं। वो 11 बजे सदन में फ्लोर टेस्ट से गुजरेंगे। आंकड़ों पर नजर डालें तो जदयू और एनडीए को मिलाकर कुल 132 विधायकों के समर्थन का दावा है जबकि बहुमत के लिए 122 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। इस पूरे मामले में खास बात यह है कि जदयू के नेता नाराज हैं और ऐसे में किसी विधायक ने बगावत नहीं की तो सरकार अपना बहुमत साबित कर देगी। वहीं दूसरी तरफ खबर है कि राज्य में महागठबंधन को दूसरा झटका लग सकता है और कांग्रेस के 18 विधायक पार्टी का दामन छोड़ सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो महज 27 विधायकों के साथ गठबंधन में शामिल कांग्रेस के पास सिर्फ 9 विधायक बचेंगे। गुरुवार को ही नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री और सुशील कुमार मोदी ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही शासन की बागडोर संभाल ली। केंद्र व बिहार में 21 साल बाद एक जैसी गठबंधन सरकार है। तब बिहार व केंद्र में संयुक्त मोर्चा की सरकार थी। राजग ने बीती रात राज्यपाल त्रिपाठी के समक्ष 132 विधायकों के समर्थन की सूची सौंपी थी। इसमें जदयू 71, भाजपा 53, आरएलएसपी 2, लोजपा 2, हम 1 व 3 निर्दलीय शामिल हैं। वहीं 243 सदस्यीय बिहार विस में राजद के 80, कांग्रेस के 27 व भाकपा माले के 3 सदस्य हैं। शुक्रवार सुबह होने वाले शक्ति परीक्षण में जदयू के 5 मुस्लिम व 11 यादव परिवारों पर खास नजर रहेगी। माना जा रहा है कि ये नीतीश के फैसले से असंतुष्ट हैं। केरल की जदयू इकाई ने नीतीश द्वारा भाजपा से हाथ मिलाने का विरोध करते हुए खुद को पार्टी से अलग कर लिया है। केरल इकाई के अध्यक्ष व सांसद वीरेंद्र कुमार ने यह जानकारी दी। बिहार में राजग के विस्तार के साथ ही केंद्र में भी जदयू राजग का हिस्सा होगा। अगले महीने नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार लगभग तय है। इसमें जदयू से शरद यादव व एक अन्य को मंत्री बनाया जा सकता है। सबसे बड़े दल के नाते राजद को सरकार बनाने का मौका नहीं देने के खिलाफ गुरुवार को पटना हाई कोर्ट में को दो अलग-अलग जनहित याचिका दायर की गईं। शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ तय करेगी कि याचिका को सुना जाए या नहीं।  

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Dakhal News 28 July 2017


नीतीश बने छठी बार मुख्यमंत्री

बुधवार रात से बिहार में मचे सियासी घमासान के बाद नई सरकार का गठन हो गया है. पटना में नीतीश कुमार  ने छठी बार सीएम पद की शपथ ली है. उनके साथ बीजेपी के सीनियर नेता सुशील कुमार मोदी ने भी डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है. बता दें कि बिहार में भ्रष्टाचार के एक मामले में फंसे उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव को लेकर हुए विवाद के बीच बुधवार (26 जुलाई) को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके साथ ही महागठबंधन की 20 महीने पुरानी सरकार गिर गई. देर रात में ही नीतीश कुमार ने बीजेपी विधायकों के साथ राज्यपाल से मुलाकात की थी. राज्यपाल से मुलाकात के बाद सुशील कुमार मोदी ने संवाददाताओं को बताया कि गठबंधन को समर्थन करने वाले 132 विधायकों की एक सूची राज्यपाल को सौंपी गई. उन्होंने बताया कि राज्यपाल ने नीतीश को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है. इन विधायकों में जदयू के 71, भाजपा के 53, रालोसपा के दो, लोजपा के दो, हम के एक और तीन निर्दलीय शामिल हैं. उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10 बजे होगा. यह मुख्यमंत्री के तौर पर कुमार का छठा कार्यकाल होगा. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार (26 जुलाई) को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. बीते कई महीनों से महागठबंधन में चल रहे विवाद के बीच नीतीश ने राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को अपना इस्तीफा सौंप दिया. इसके साथ ही बिहार की 20 महीने पुरानी महागठबंधन की सरकार गिर गई. महागठबंधन में नीतीश की पार्टी जनता दल (युनाइटेड) के अलावा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस शामिल थीं. बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बुधवार (26 जुलाई) को कहा कि जितना संभव हो सका, उन्होंने गठबंधन धर्म का पालन करने की कोशिश की, लेकिन बीते घटनाक्रम में जो चीजें सामने आईं उसमें काम करना मुश्किल हो गया था. नीतीश ने कहा, "जब मुझे ऐसा लग गया कि वे कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं, तो ऐसी स्थिति में मैं जवाब नहीं दे सकता. मैं सरकार का नेतृत्व कर रहा हूं. लेकिन सरकार के अंदर के व्यक्ति के बारे में कुछ बातें कही जाती हैं और मैं उस पर कहने की स्थिति में नहीं हूं तो ऐसी स्थिति में इस सरकार को चलाने का, मेरे हिसाब से कोई आधार नहीं है." उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने लालू प्रसाद और उनके बेटे तेजस्वी सहित उनके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है. सीबीआई ने सात जुलाई को पटना सहित देशभर में 12 स्थानों पर छापेमारी की थी. यह मामला वर्ष 2004 का है, जब लालू प्रसाद देश के रेलमंत्री थे. आरोप है कि उन्होंने रेलवे के दो होटल को एक निजी कंपनी को लीज पर दिलाया और उसके एवज में उन्हें पटना में तीन एकड़ जमीन दी गई. इस घटनाक्रम के बाद उनके (तेजस्वी यादव के) इस्तीफे की मांग उठी थी, जिसे लेकर महागठबंधन में दरारें पैदा हो गई थीं. तेजस्वी ने इस्तीफा देने से मना कर दिया था, जिससे यह दरार चौड़ी होती गई और अंतत: नीतीश ने इस्तीफा दे दिया. लालू बोले-नीतीश कुमार भस्मासुर निकला लालू यादव ने नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा है कि हमने उन पर विश्वास किया लेकिन वह तो भस्मासुर निकला. उन्होंने कहा कि वह नीतीश को सपोर्ट नहीं देना चाहते थे लेकिन नीतीश उनके घर आए और उन्होंने उनसे समर्थन मांगा. लालू ने कहा कि नीतीश बहुत बड़े अवसरवादी हैं. उन्होंने सुशील मोदी को लगाया कि वो रोज मेरे खिलाफ आवाज उठाते रहें.  लालू ने कहा कि नीतीश बहुत बड़े अवसरवादी हैं. सुशील मोदी को लगाया कि वो रोज मेरे खिलाफ आवाज उठाते रहें. नीतीश कुमार फार्म हाउस में अमित शाह से मिलते रहे हैं. उन्होंने कहा कि नीतीश ने यह ऑन रिकॉर्ड बोला था कि मैं मिट्टी में मिल जाऊंगा लेकिन बीजेपी के साथ नहीं जाऊंगा मगर आज वह उन्हीं के पास जा रही हैं. लालू ने कहा कि अगर हम चाहते तो विधानसभा चुनाव का नतीजा आने के बाद नीतीश को सीएम नहीं बनने देते क्योंकि हमारी पार्टी की सीटें ज्यादा थी लेकिन हमने ऐसा नहीं किया.मैंने नीतीश के माथे पर तिलक लगाया और कहा कि जाओ राज करो, मैंने कभी कभी नीतीश को नहीं परेशान किया. उन्होंने कहा कि नीतीश ने दो साल में कुछ काम नहीं. बिहार में शराब बंदी का नाटक किया जिसका नतीजा यह हुआ कि बिहार में शराब की होमडिलिवरी शुरू हो गई.हमारे गठबंधन को बीजेपी के खिलाफ जनमत मिला. हमें जनता ने बिहार से सांप्रदायिक ताकतों को दूर करने का जनमत मिला था लेकिन नीतीश कुमार आज सांप्रदायिक ताकतों से जाकर मिल गए।  राहुल ने कहा -नीतीश कुमार ने दिया धोखा बिहार में मचे सियासी घमासान पर राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया देते हुए इसका सारा ठीकरा नीतीश कुमार पर फोड़ दिया है. उन्होंने नीतीश कुमार पर सीधे हमले करते हुए कहा कि नीतीश ने हम सबको धोखा दिया है. उन्होंने कहा कि यह सब पिछले चार महीने से चल रहा था, नीतीश ने ऐसा स्वार्थ के चलते किया है. गौरतलब है कि बुधवार शाम को नीतीश कुमार ने विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस और आरजेडी के साथ  गठबंधन खत्म करने का फैसला लेते हुए सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था और रात में बीजेपी के साथ सरकार बनाने का फैसला कर लिया था. भारतीय राजनीति की सबसे बड़ी समस्या यही है कि स्वार्थ के लिए आदमी कुछ भी कर सकता  है. राहुल ने यह भी कहा कि नीतीश उनसे दिल्ली में  मिले थे लेकिन जब उनसे मिले तब तक वह मोदी से डील हो चुकी थी. नीतीश कुमार को सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने का जनमत मिला था लेकिन अब उन्होंने निजी हितों के लिए उनसे ही हाथ मिला लिया है. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहाकि 3-4 महीनों से हमें पता था कि ये प्लानिंग चल रही है. अपने स्वार्थ के लिए व्यक्ति कुछ भी कर जाता है. उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए व्यक्ति कुछ भी कर जाता है, कोई नियम, क्रेडेबिलिटी नहीं है. तेजस्वी ने भी साधा नीतीश पर निशाना : नीतीश कुमार के फैसले से बौखलाए तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी इसके खिलाफ राजभवन के बाहर धरना देगी. उन्होंने काह कि राजद, कांग्रेस सहित जितनी भी पार्टियां है जो कि भाजपा और संघ का विरोध करती है, विरोध प्रदर्शन करेंगे और जगह-जगह धरना देंगे. 27 जुलाई की आधी रात में ही तेजस्वी यादव राजद समर्थकों के साथ पैदल मार्च कर राजभवन पहुंचे और नीतीश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. नीतीश पर तीखा हमला करते हुए तेजस्वी ने कहा, इसी मोदी ने नीतीश को डीएनए वाली बात कही थी, गाली दी थी. अब ये गोडसे के वंशज के साथ सरकार बना रहे हैं. जेडीयू में भी उठे विरोध के सुर : बीजेपी के साथ सरकार बनाने के फैसले पर जेडीयू में भी विरोध की आवाजें उठने लगी हैं. जेडीयू के राज्यसभा सांसद अली अनवर ने कहा कि नीतीश कुमार अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर बीजेपी के साथ सरकार बना रहे हैं, लेकिन मेरी अंतरात्मा इस बात को नहीं मानती है. अगर मुझे अपनी बात कहने का मौका मिलेगा, तो मैं पार्टी के मंच पर अपनी बात जरूर रखूंगा.

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Dakhal News 27 July 2017


मानसून सत्र समाप्त

मानसून सत्र समाप्त भोपाल में मानसून सत्र के दौरान बुधवार को विधानसभा में विपक्ष ने सरदार सरोवर बांध के कारण विस्थापित हुए लोगों का मामला उठा। कांग्रेस ने इस पर चर्चा कराने की मांग करते हुए हंगामा किया। इस दौरान आधे घंट में 6 विधेयक पारित हो गए। लगातार हंगामे के बाद विधानसभा की कार्रवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। समय से दो दिन पहले ही विधानसभा का सत्र खत्म हो गया। समय से पहले सदन स्थगित होने के बाद भी कांग्रेस विधायक वहीं बैठकर नारे लगाते रहे, इसके बाद पैदह ही सीएम हाउस के लिए रवाना हो गए। इस बीच उन्हें पत्रकार भवन के पास रोक लिया गया और गिरफ्तार कर गांधी नगर जेल भेज दिया गया। उधर सीएम हाउस की सुरक्षा बढ़ा दी गई। कुछ कांग्रेस विधायक हंगामा करते हुए अपनी सीटों से खड़े होकर आगे तक पहुंच गए। इस दौरान दस मिनट के लिए सदन स्थगित कर दिया गया। कार्रवाई शुरू होने के साथ बाला बच्चन ने डूब प्रभावित परिवारों का मामला उठाया। स्पीकर ने इस मामले में प्रश्नकाल पर बात करने को कहा। इस पर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने स्थगन की मांग की।

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Dakhal News 26 July 2017


अमित जोगी तीन जगह पैदा हुए

अदालत ने भेजा सरकार को नोटिस  मरवाही विधायक अमित जोगी का जन्म अलग-अलग दस्तावेज में अमेरिका, इंदौर व जोगीसार सारबहरा में बताए जाने और फर्जी जाति प्रमाण पत्र को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। मामले में कोर्ट ने केंद्र सरकार, राज्य शासन व राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग समेत अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष समीरा पैकरा समेत मरवाही क्षेत्र के 200 आदिवासियों ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी व मरवाही विधायक अमित जोगी की जाति की सीबीआई जांच कराने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि अजीत जोगी ने 1967 में पेंड्रा तहसीलदार कार्यालय से कंवर आदिवासी होने का प्रमाण पत्र बनवाया था। जबकि उस समय पेंड्रा में तहसीलदार, नायब तहसीलदार का कार्यालय ही नहीं था। इसी प्रकार अमित जोगी ने तीन अलग-अलग स्थान में जन्म होने का प्रमाण पत्र दिया है। भारतीय नागरिकता लेने अमेरिका, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए इंदौर और जाति प्रमाण पत्र के लिए पेंड्रा क्षेत्र के जोगीसार सारबहरा में जन्म बताया गया। सभी में जन्म तिथि भी अलग-अलग है। इसी प्रकार अमित जोगी ने अपनी चचेरी बहन नेहा जोगी का वंशावली के आधार पर पेंड्रा एसडीएम कार्यालय से जाति प्रमाण पत्र बनवाया है। नेहा जोगी ने 2008 में एसडीएम कार्यालय में जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन दिया था। एसडीएम ने उसके आवेदन को खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने 2012 में फिर से आवेदन दिया। इस बार उनको कंवर आदिवासी का प्रमाण पत्र दिया गया। इसके बाद अमित जोगी ने नेहा कंवर को बहन बताते हुए जाति प्रमाण पत्र बनाने आवेदन दिया। इसी आधार पर उनका भी जाति प्रमाण पत्र बनाया गया। याचिका में पूरे मामले की सीबीआई या उच्च स्तरीय जांच समिति से जांच कराने की मांग की गई है। याचिका में मंगलवार को जस्टिस आरसीएस सामंत के कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार, राज्य शासन, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग, अमित जोगी, अजीत जोगी, पेंड्रा थाना, कलेक्टर बिलासपुर, एसडीएम पेंड्रा सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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Dakhal News 26 July 2017


14वें राष्ट्रपति बने रामनाथ कोविंद

 भारत के 14वें राष्ट्रपति बने रामनाथ कोविंद  रामनाथ कोविंद भारत के 14वें राष्ट्रपति बन चुके हैं। चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने उन्हें शपथ ग्रहण करवाई। शपथ के बाद अपने पहले संबोधन में उन्होंने पद ग्रहण करते हुए कहा कि मैं देश के 125 करोड़ लोगों का आभार जताता हूं। मैं एक मिट्टी के घर में पला हूं और आज इस पथ पर बढ़ने वाला हूं जिस पर डॉ. राधाकृष्णन, डॉ. अब्दुल कलाम और प्रणब मुखर्जी जैसी विभूतियां चलीं हैं। हमें भरोसा है कि यह भारत की सदी है, हमें ऐसा भारत बनाना है जो आर्थिक नेतृत्व दे। राष्ट्र निर्माण का आधार है राष्ट्रीय गौरव। हमें गर्व है देश के प्रत्येक नागरिक पर, हमें गर्व है हर छोटे से छोटे काम पर जो हम करते हैं। आज पूरे विश्व में भारत का महत्व, विश्व समुदाय अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के लिए हमारी ओर देख रहा है। विविधता ही हमारे देश की ताकत है। हम अलग हैं फिर भी एक हैं। इस देश के राष्ट्र निर्माता किसान, जवान, युवा पुलिस और वैज्ञानिक, शिक्षक हैं। हमें गांधी जी और दीनदयाल उपाध्याय के सपनों के भारत का निर्माण करना है। इससे पहले कोविंद, प्रणब मुखर्जी से मुलाकात के बाद संसद भवन पहुंचे। उनके शपथ ग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा राज्यसभा के सभापति, लोकसभा अध्यक्ष, मंत्रि परिषद के सदस्य, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राजनयिक मिशनों के प्रमुख, संसद सदस्यों के अलावा कोविंद के परिजन भी संसद के सेंट्रल हॉल में मौजूद रहे। शपथ के बाद रामनाथ कोविंद प्रणब मुखर्जी की कुर्सी पर बैठे जबकि प्रणब दा कोविंद की कुर्सी पर। इसके बाद उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई। सेंट्रल हॉल में समारोह सम्पन्न होने पर राष्ट्रपति भवन के लिए प्रस्थान किया , जहां प्रांगण में सेना के तीनों अंगों द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ आनर दिया जाएगा और सेवा-निवृत हो रहे राष्ट्रपति को भी सौहार्दपूर्ण शिष्टाचार प्रदान किया जाएगा।  

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Dakhal News 25 July 2017


शिवराज का पुतला जलाया

  ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान द्वारा की गई टिप्पणी के विरोध में प्रदेशभर में प्रदर्शन हुआ। भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कमेटी दफ्तर के सामने कार्यकार्ताओं ने सीएम शिवराजसिंह चौहान और नंदकुमार सिंह चौहान का पुतला जलाया। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। इंदौर में राजवाड़ा पर कांग्रेसियों ने सीएम और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का पुतला फूंका और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दतिया में कांग्रेसियों ने किला चौक से पहले तांगा स्टैंड पर पुतलों में आग लगा दी। इस दौरान पुलिस ने पुतला छीनने की भी कोशिश की। जबलपुर में कांग्रेस के प्रदर्शन में एक युवक बंदूक लेकर पहुंचा था, पुलिस उसे पकड़कर ले गई।

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Dakhal News 25 July 2017


रामनाथ कोविंद

भारत को अपना नया राष्ट्रपति मिल गया है। वैसे राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही ये साफ हो गया था कि अगले पांच वर्ष के लिए राष्ट्रपति भवन में रामनाथ कोविंद ही विराजमान होंगे। दरअसल, इस हकीकत से विपक्ष और विपक्षी उम्मीदवार मीरा कुमार भी वाकिफ थे। तभी उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव को वैचारिक संघर्ष का रूप देने की कोशिश की। उन्होंने इस चुनाव को भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा के विरोधी दलों की गोलबंदी का मौका बनाने का प्रयास किया। लेकिन परिणाम से स्पष्ट है, इसमें उन्हें सफलता नहीं मिली। उल्टे उनके अंदर की कमजोरियां उभरकर सामने आ गईं। नीतीश कुमार तो आरंभ में ही विपक्षी जमावड़े से छिटक गए। अब सामने आए मतदान का संकेत है कि कई राज्यों में विपक्ष अपने सभी सदस्यों को साथ नहीं रख पाया। वहां कोविंद को भाजपा की ताकत से ज्यादा वोट मिले। दरअसल, कोविंद को प्रत्याशी बनाकर भाजपा नेतृत्व ने विपक्षी एकता या 2019 के आम चुनाव के लिए भाजपा विरोधी राष्ट्रव्यापी महागठबंधन बनने की संभावनाओं की हवा निकाल दी।  बहरहाल, फौरी सियासत इस चुनाव का सिर्फ एक पहलू है। राष्ट्रपति चुनाव को महज दलगत समीकरण के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। राष्ट्रपति देश के संवैधानिक प्रमुख होते हैं। उन्हें संवैधानिक मूल्यों का प्रतीक एवं संविधान का संरक्षक समझा जाता है। देश के प्रथम नागरिक के रूप में वे देशवासियों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। कोविंद जब 25 जुलाई को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे, तब उनके कंधों पर उपरोक्त सारी जिम्मेदारियां आ जाएंगी। बिहार के राज्यपाल के रूप में उनके रिकॉर्ड को देखते हुए इसमें कोई शक नहीं कि वे इन दायित्वों को बखूबी निभाएंगे।  उल्लेखनीय है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी जमात से अलग होने का कारण कोविंद के साथ काम करने के अपने बेहतर तजुर्बे को बताया था। कहा था कि राज्यपाल के रूप में कोविंद ने निष्पक्ष आचरण किया। अब देश की यही अपेक्षा है कि बतौर राष्ट्रपति कोविंद अपने उसी उदाहरण का अनुपालन करेंगे। इस उम्मीद की वजह यह भी है कि कोविंद कानून के जानकार हैं और उनका व्यक्तित्व विवादों से परे रहा है। लोकतंत्र में स्वस्थ परंपराएं बेहद अहम होती हैं। पिछले राष्ट्रपतियों ने ऐसी कई रवायतों को कायम किया, जिससे देश के सर्वोच्च पद पर आसीन व्यक्ति के लिए मर्यादाएं एवं मिसालें तय हुईं। पिछले अनेक राष्ट्रपतियों ने अपनी खास विरासत निर्मित की। वो राष्ट्रपति ऐसा बेहतर ढंग से कर पाए, जिन्होंने अपने निर्णयों को अपनी पुरानी पार्टी के हितों या विचारों से प्रभावित नहीं होने दिया। राष्ट्रपति से अपेक्षित होता है कि उनकी एकमात्र आस्था संविधान और संवैधानिक उसूलों में हो। कोविंद से भी यही उम्मीद रहेगी। देशभर के निर्वाचित जन-प्रतिनिधियों ने उनमें भारी विश्वास जताया है। यह विश्वास रखने का ठोस आधार है कि नए राष्ट्रपति इस भरोसे पर खरे उतरेंगे।  

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Dakhal News 24 July 2017


रमन सरकार

रायपुर में सोमवार को हुई रमन सरकार की कैबिनेट बैठक में आठ नए विधेयकों को मंजूरी दे दी गई है। मिली जानकारी के मुताबिक मानसून सत्र में ही आबकारी विधेयक को पेश किया जाएगा। बैठक में राज्य सामान्य भविष्य निधि और अंशदायी भविष्य निधि पर एक जुलाई 2017 से 30 सितंबर 2017 तक की अवधि के लिए ब्याज दर 7.8 फीसदी रखने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि भविष्य में भारत सरकार की अधिसूचना के अनुरूप ही ब्याज दर निर्धारित करने के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया जाएगा। सरकार ने छत्तीसगढ़ निराश्रित व निर्धन व्यक्तियों की सहायता, छत्तीसगढ़ नगर पालिका संशोधन विधेयक, आबकारी विधेयक सहित आठ विधेयकों को अनुमोदित कर दिया है।

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Dakhal News 24 July 2017


prakash javdekar

कोलकाता में  मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा है कि फेल नहीं करने की नीति के कारण देश के कई सरकारी स्कूल मध्योह्न भोजन के केंद्र बन गए हैं। पांचवीं व आठवीं कक्षा में फेल छात्रों को प्रमोट करने से रोकने के लिए केंद्र जल्द ही संसद में विधेयक लाएगा। जावडेकर ने शनिवार को इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स की परिचर्चा में कहा कि बच्चों को पहली से आठवीं कक्षा तक नहीं रोके जाने की नीति से बच्चे ही सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। परीक्षा नहीं होने से देश के कई सरकारी स्कूल महज मिड डे मिल स्कूल बनकर रह गए हैं। बच्चे वहां सिर्फ दोपहर का भोजन करने जाते हैं और फिर घर लौट आते हैं। उन्होंने कहा कि इसे रोकने के लिए विधेयक लाया जाएगा। जावडेकर ने बताया कि प्रस्तावित बिल में राज्य सरकारों को पांचवीं एवं आठवीं के छात्रों के लिए मार्च में परीक्षा आयोजित करने का अधिकार दिया जाएगा। उसमें फेल होने वाले बच्चों को मई में अंतिम मौका दिया जाएगा। दोनों परीक्षाओं में फेल होने पर बच्चों को उसी कक्षा में रोक दिया जाएगा। जावडेकर के मुताबिक अब तक 25 राज्यों ने इस बिल पर सहमति जताई है। हमने सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के साथ बैठक कर संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगले साल से मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा में सभी भाषाओं के प्रश्न-पत्र एक समान होंगे। इस साल अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं के प्रश्न-पत्र एक समान नहीं थे। परीक्षार्थियों का कहना था कि अंग्रेजी का प्रश्न-पत्र क्षेत्रीय भाषाओं के प्रश्न-पत्र से आसान था। इसे लेकर पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों ने केंद्र से शिकायत की थी। जावडेकर ने कहा है कि कॉलेजों की मार्कशीट के साथ आधार कार्ड को जोड़ा जाएगा। मार्कशीट पर छात्रों की तस्वीर भी रहेगी।  

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Dakhal News 23 July 2017


अबकी बार-200 पार करेंगे शिवराज

भोपाल में भाजपा कार्यसमिति की शनिवार को हुई बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और कार्यकार्ता इसमें शामिल हुए। कार्यसमिति ने राजनीतिक प्रस्ताव में जीएसटी लागू होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इसे लागू करने में सहयोग देने वाले दलों का आभार माना। राजनीतिक प्रस्ताव रामेश्वर शर्मा ने पेश किया, इसमें विधानसभा चुनाव के लिए 'अबकी बार-200 पार' का नारा दिया गया। इसके साथ ही प्रस्ताव में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का जिक्र किया गया है। उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा कि पहले एक बजरंगी बोला अब दूसरे बजरंगी को बुलाया है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि सदन का तापमान बढ़ गया है, मैंने पुराने रंग में भाषण दिया तो यहां आग लग जाएगी। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा कि कांग्रेस अब भारतीय राजनीति में अप्रासंगिक हो गई है। पार्टी के लिए हर चुनाव चुनौतीपूर्ण हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि मंदसौर में किसान क्रांति नहीं, दंगा हुआ था। जो मुठ्ठी भर लोगों ने किया था। आग लगाने के लिए कुछ लोग ही काफी हैं। मुट्ठी भर कांग्रेसियों ने किसान आंदोलन में आग लगाने की पूरी कोशिश कीः तोमर इस बैठक की खास बात यह रही कि यहां आने वाले नेताओं का स्वागत फूलों से नहीं बल्कि अंगोछा और पुस्तक देकर किया गया।। इसमें केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंदसौर में हुई हिंसा के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताया। बैठक में उन्होंने कहा कि, किसान आंदोलन के दौरान मंदसौर में जो कुछ भी हुआ वह कांग्रेस की देन है। वह किसानों का नहीं बल्कि कांग्रेस का आंदोलन था। मुट्ठी भर कांग्रेसियों ने किसान आंदोलन में आग लगाने की पूरी कोशिश की थी। प्रभारी और सांसद विनय सहस्रुद्धे ने बैठक का शुभारंभ किया। बैठक में सीएम शिवराज सिंह, पार्टी प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास कुमार भगत, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, थावरचंद गेहलोत,फग्गन सिंह कुलस्ते, प्रभात झा सहित प्रदेश भर लगभग 5 सौ पार्टी नेता शामिल हुए हैं।  

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Dakhal News 22 July 2017


rahul gandhi

नई दिल्ली में कश्मीर मामले को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर से पीएम मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि केंद्र में पीएम मोदी की नीतियों के चलते कश्मीर जह रहा है। इस दौरान उन्होंने फारुक अब्दुल्ला के कश्मीर पर तीसरे पक्ष के दखल की बात भी नकारी। मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मैं काफी समय से कह रहा हूं कि पीएम मोदी अौर एनडीए की नीतियों ने कश्मीर को जला दिया है। इसके साथ ही राहुल ने कहा कि जो कहा जा रहा है कि कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान से अौर चीन से बात होनी चाहिए, मैं बार बार कहता हूं कि कश्मीर भारत है अौर भारत कश्मीर है। यह भारत का अांतरिक मामला है इस मुद्दे पर किसी तीसरे पक्ष के दखल की कोई जरूरत नहीं है। बता दें कि इससे पहले फारुक अब्दुल्ला ने कहा था कि कश्मीर मुद्दा सुलझाने के लिए भारत को अमेरिकी और चीन की मदद लेनी चाहिए। यह दोनों देश मुद्दा सुलझाने के लिए हस्तक्षेप के लिए तैयार हैं।

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Dakhal News 21 July 2017


शंकर सिंह वाघेला

अहमदाबाद में  गुजरात में कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता शंकर सिंह वाघेला ने शुक्रवार को अपना शक्ति प्रदर्शन किया।विधानसभा चुनाव से पहले अपने जन्मदिन पर उन्होंने एक सामरोह का आयोजन किया जिसमें उन्होंने कहा कि बापू रिटायर होने वाला नहीं है, कांग्रेस ने मुझे निकाल दिया है। कयास लगाए जा रहे थे कि वाघेला शुक्रवार को संन्यास की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि उनके बेटे ने वाघेला के संन्यास से इन्कार करते हुए कहा है कि वो कभी रिटायर नहीं होंगे। गुजरात की राजनीति में बापू के नाम से मशहूर वाघेला का आज जन्मदिन है और इसी बहाने वो एक बड़ा कार्यक्रम करते हुए शक्ति प्रदर्शन करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इसी कार्यक्रम के दौरान वाघेला बड़ा ऐलान कर सकते हैं। बता दें कि वाघेला लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे हैं। हालांकि कुछ समय पहले ही उन्होंने भाजपा में जाने की खबरों का खंडन किया था। हालांकि गुजरात में राष्ट्रपति चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग को लेकर वाघेला को जिम्मेदार माना जा रहा है।

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Dakhal News 21 July 2017


मुलायम सिंह यादव

सपा नेता मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में चीन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान नहीं बल्कि चीन हमारा सबसे बड़ा दुश्मन है। हमने चीन को तिब्बत देकर गलती कर दी। मुलायम ने कहा कि चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है क्या हम इसके लिए तैयार है। दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच उन्होंने कहा कि चीन अगर हमला करता है तो वो चीन के रास्ते ही करेगा, हमें तिब्बत की आजादी का मुद्दा उठाना चाहिए। मुलायम ने आगे कहा कि भूटान की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है और सरकार बताए की हमारी क्या तैयारी है। बता दें कि डोकलाम में भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर विवाद जारी है। चीन लगातार भारत को अपने सैनिक पीछे करने के लिए कह रहा है वहीं भारत ने अपने कदम पीछे हटाने से इन्कार कर दिया है।

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Dakhal News 19 July 2017


संसद  मॉनसून सत्र

संसद के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को सदन में गोरक्षकों द्वारा हिंसा का मामला सदन में उठा। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि गोरक्षा के नाम पर देश में लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।वहीं भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि जिसने इस तरह के अपराध किए हैं क्या उसने बोर्ड लगा रखा था कि मैं गोरक्षक हूं? कहा था क्या कि मैं गोरक्षा का ठेकेदार हूं? इससे पहले विपक्ष ने जहां भीड़ द्वारा हत्या को लेकर कानून की मांग की वहीं सरकार ने कहा कि कानून पहले से है, राज्य सरकारें सख्त कार्रवाई करें। लोकसभा में किसानों की आत्महत्या का मुद्दा भी गूंजा। विपक्ष ने सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद इस मुद्दे को उठाया। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर चुप है। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। पूरे हंगामे के दौरान पीएम मोदी सदन में मौजूद थे। कांग्रेस सांसदों ने इसके अलावा संसद के प्रांगण में बाढ़ ग्रस्त उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए विशेष पैकेज की मांग के साथ प्रदर्शन किया। इससे पहले मंगलवार को गोवध को लेकर कथित तौर पर पीट पीट कर मार डालने की हालिया घटनाओं, किसानों और अन्य मुद्दों को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई और स्थगित हो गई थी। इसके बाद बसपा प्रमुख मायावती ने भी राज्यसभा में नाराजगी जताते हुए इस्‍तीफा दे दिया था। बसपा प्रमुख ने सहारनपुर में दलित विरोधी हिंसा के मुद्दे पर आसन द्वारा उनको पूरी बात कहने की अनुमति नहीं दिये जाने के कुछ ही घंटों बाद राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस आज राज्यसभा में मायावती के इस्तीफे को लेकर सरकार को घेरेगी। राज्यसभा में आज दोपहर 2 बजे भीड़ द्वारा पीटकर मारे जाने के मामले और दलितों के उत्पीड़न के मामले पर चर्चा होगी। बुधवार को सत्र शुरू होने से पहले संसद में ही बीजेपी संसदीय दल की बैठक हुई। बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हाल ही में हुई पीएम मोदी कि विदेश यात्रा की तारीफ की, वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी पर अपनी बात रखी। सुषमा ने कहा कि हाल ही में जो पीएम की यात्राएं रही हैं, वह ऐतिहासिक थी। बीजेपी संसदीय दल की बैठक खत्म होने के बाद संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने बताया कि वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बैठक में जीएसटी की तारीफ की और उससे होने वाले फायदों को गिनाया। अनंत कुमार ने कहा कि अभी तक 75 लाख जीएसटी से जुड़ गए हैं, आने वाले दिनों में 1 करोड़ लोग और भी जुड़ेंगे। GST के बाद इंस्पेक्टर राज पूरी तरह से खत्म होगा। उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि विपक्ष सदन चलने देगा, सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।

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Dakhal News 19 July 2017


नियाज मुहम्मद खान

     मध्यप्रदेश शासन द्वारा  नियाज मुहम्मद खान को म.प्र. राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इंदौर के श्री कमाल भाई, बालाघाट के डॉ. टी.डी. वैद्य और जबलपुर के श्री आनंद बर्नाड को आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है। अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से 3 वर्ष होगा।  

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Dakhal News 19 July 2017


पीएम मोदी, सोनिया गांधी

  देश के 14वें राष्ट्रपति को चुनने के लिए मतदान हुआ । यह मतदान सुबह 10 बजे से शुरू हुआ जो शाम 5 बजे तक चला। मतदान के लिए पीएम मोदी सुबह संसद भवन पहुंचे और अपने मताधिकार का उपयोग किया। उनके अलावा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरलीमनोहर जोशी, कांग्रेस  अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी व अन्य अन्य सभी राजनीतिक दलों के सांसद भी वोट डालने के लिए पहुंचे।रायसीना की इस रेस में मीरा कुमार के मुकाबले एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का पलड़ा आंकड़ों में भारी है। इसके अलावा सभी राज्यों की विधानसभाओं में भी मतदान हुआ । यूपी में भी सीएम योगी आदित्यनाथ ने मतदान किया। मतपत्र से होने वाले मतदान के बाद बैलेट बॉक्स हवाई जहाज से दिल्ली ले जाया जाएगा। यह बैलेट बॉक्स हवाई जहाज से दिल्ली जाने वाले भारत निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधि अपनी बगल की सीट पर रखकर ले जाएंगे। इसके लिए बाकायदा सीट आरक्षित की जाती है। ऐसे चुने जाते हैं राष्ट्रपति देश में राष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से इलेक्टोरल कॉलेज द्वारा किया जाता है। यह लोकसभा के 543 सदस्यों, राज्यसभा के चुने गए 233 सदस्यों और 21 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 4120 विधायकों से बनता है। वर्तमान चुनाव में वोटों का गणित 4120 राज्य विधानसभा के कुल विधायक 5,49,495 राज्य विधानसभाओं के वोटों की कुल वैल्यू संसद सदस्यों के प्रत्येक वोट की वैल्यू लोकसभा के कुल सदस्य (543)+राज्यसभा के कुल सदस्य (233)= 776 प्रत्येक वोट की वैल्यू बराबर 708 सभी 776 वोटों की वैल्यू=708 X 776 = 5,49,408 कुल इलेक्टोरल कॉलेज= विधायक (4120) + सांसद (776)= 4896 2017 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए 4896 इलेक्टोरल की कुल वैल्यू= 5,49,474+54,94,408= 10,98,903 कोटा निर्धारण इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों की कुल वैल्यू को दो से विभाजित किया जाता है और जीत के लिए अपेक्षित कोटे को निर्धारित करने के लिए भागफल में एक जोड़ दिया जाता है। इस प्रकार यह कोटा 549452 होगा। वोट डालने वाले 1,581 जनप्रतिनिधि दागी  एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स एंड नेशनल इलेक्शन वॉच (एडीआर) ने 4,896 में से 4,852 विधायकों व सांसदों के हलफनामे के विश्लेषण से बताया है कि 1,581 ऐसे सांसद और विधायक राष्ट्रपति के लिए वोट करेंगे, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। 4,852 सांसद व विधायकों में से 993 (20 फीसदी) ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, 543 लोकसभा सदस्यों में से 184 (33 फीसदी), 231 राज्यसभा सदस्यों में से 44 सांसदों और सभी राज्य व केंद्र शासित प्रदेश 4,078 विधायकों में से 1353 (33 फीसदी) पर आपराधिक मुकदमा चल रहा है। इनका वोट 3,67,393 (34 फीसदी) है, जबकि कुल वोट 10,91,472 है। 4,852 सांसदों व विधायकों में से 3,460 (71 फीसदी) ने चुनाव लड़ते वक्त दी जानकारी में खुद को करोड़पति बताया है। भाजपा के 31 प्रतिशत विधायकों-सांसदों पर प्रकरण मतदाता में शामिल होने वाले भाजपा के 31 फीसदी, कांग्रेस के 26 फीसदी, तृणमूल कांग्रेस के 29 फीसदी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के 49 फीसदी तथा भाकपा के 58 फीसदी विधायकों-सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। निर्वाचक मंडल में महिलाएं केवल नौ फीसदी हैं। 4,852 सांसदों व विधायकों में महिलाओं की संख्या केवल 451 है। निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए 33 पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। दो पर्यवेक्षक संसद में, जबकि एक-एक पर्यवेक्षक हर राज्य की विधानसभा में तैनात रहेगा। भले ही प्रधानमंत्री मोदी और सोनिया गांधी ने अलग-अलग उम्मीदवार खड़े किए हैं, लेकिन दोनों अपने मत का प्रयोग एक ही टेबल पर किया । राहुल गांधी भी अपना मत उसी टेबल पर डाला ।  आयोग ने पांच विधायकों को संसद में तथा पांच अन्य विधायकों को दूसरे राज्यों की विधानसभा में मतदान करने की इजाजत दी । 23 जुलाई को शाम सा़ढ़े पांच बजे संसद के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को दोनों सदनों के सांसद विदाई देंगे। 25 जुलाई की सुबह सेंट्रल हॉल में देश के प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर जनए राष्ट्रपति को शपथ दिलाएंगे।  

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Dakhal News 17 July 2017


 नगरीय निकाय निर्वाचन 9 अगस्त

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 9 अगस्त को प्रस्तावित 44 नगरीय निकायों के मतदान में 8 लाख 51 हजार 732 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे। इनमें 4 लाख 39 हजार 609 पुरुष, 4 लाख 12 हजार 61 महिला और 64 अन्य मतदाता हैं। आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग  आर. परशुराम ने जानकारी दी है कि 44 नगरीय निकायों में 18 नगरपालिका परिषद और 26 नगर परिषद् हैं। नगरपालिका परिषदों में 390 वार्ड में 734 मतदान केन्द्र बनाये गए हैं। नगर परिषदों में 390 वार्ड में 425 मतदान केन्द्र बनाये गए हैं। इस तरह से 780 वार्ड में 1159 मतदान केन्द्र बनाये गए हैं। औसत मतदाता प्रति मतदान केन्द्र 735 है। दावा आपत्ति के बाद मतदाता बढ़े मतदाता सूची के प्रकाशन के समय लिंगानुपात 929 था। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के समय लिंगानुपात 937 हो गया। इस तरह से महिला मतदाताओं की संख्या में प्रति हजार में 8 की वृद्धि हुई है।

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Dakhal News 17 July 2017


 शिवराज सरकार -काम रोको प्रस्ताव

     148 ध्यानाकर्षण में से आधे किसानों से जुड़े मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र इस बार किसानों को लेकर खासा हंगामाखेज रहने वाला है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए तगड़ी नाकेबंदी कर रही है। कांग्रेस की ओर से अब तक छह काम रोको प्रस्ताव की सूचना विधानसभा सचिवालय को दी गई है। ये सभी किसानों से जुड़े हैं। कांग्रेस इस विधानसभा में तत्काल चर्चा की मांग करेगी।  17 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में पहले दिन राष्टÑपति पद के चुनाव के लिए मतदान होना है। 18 जुलाई से विधानसभा की कार्यवाही विधिवत शुरू होगी। दस दिनी विधानसभा सत्र में सचिवालय को अब तक छह स्थगन की सूचनाएं मिल चुकी हैं। ये किसान आंदोलन और किसानों के ही अन्य दूसरे मुद्दों से जुड़ी हैं। विधानसभा सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह समेत कई विधायकों ने ये स्थगन लगाए हैं। इसके अलावा किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस के दो दर्जन से अधिक एमएलए भी ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से सदन में किसानों से जुड़े मसलों पर सरकार से चर्चा कराने की मांग करेंगे। गौरतलब है कि विधानसभ को इस सत्र के लिए 32 से अधिक प्रश्न मिले हैं। इन प्रश्नों में भी अधिकांश प्रश्न किसानों की समस्याओं से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा अब तक विधानसभा सचिवालय को 37 अशासकीय संकल्पों की भी सूचना मिली है। विपक्ष की मंशा को भांपते हुए सरकार भी इस मुद्दे पर पूरी तैयारी कर रही है। कल कैबिनेट बैठक के बाद विधानसभा सत्र की तैयारियों को लेकर मंत्रियों के साथ हुई बैठक में सीएम ने मंत्रियों से साफ कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में ऐतिहासिक काम किए हैं। कांग्रेस के सवालों का ऐसा सटीक जबाव दें कि प्रश्न करने वाला ही घिरता नजर आए। सीएम ने कहा के किसानों के मुद्दे पर हम हर तरह की चर्चा को तैयार हैं और विपक्ष को तथ्यों के साथ जवाब दिया जाएगा।  

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Dakhal News 16 July 2017


आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत

संसद के मानसून सत्र शुरू होने से पहले एक बड़ा खुलासा सामने आया है, जिससे संसद में हंगामा तय है. पता चला है कि कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए की सरकार अपने अंतिम दिनों में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को आतंकवादियों की सूची में डालना चाहती थी. 'चैनल टाइम्स नाउ' के पास मौजूद दस्तावेजों के मुताबिक यूपीए सरकार अपने अंतिम दिनों में आरएसएस चीफ मोहन भागवत को आतंकवादियों की सूची में डालना चाहती थी. इसमें बताया गया कि भागवत को 'हिंदू आतंकवाद' के जाल में फंसाने के लिए कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार के मंत्री कोशिश में जुटे थे. अजमेर और मालेगांव ब्लास्टके बाद यूपीए सरकार ने 'हिंदू आतंकवाद' थ्योरी दी थी. इसी के तहत सरकार मोहन भागवत को फंसाना चाहती थी. इसके लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के बड़े अधिकारियों पर दबाव डाला जा रहा था. जांच अधिकारी और कुछ आला ऑफिसर अजमेर और कई अन्य बम विस्फोट मामले में तथाकथित भूमिका के लिए भागवत से पूछताछ करना चाहते थे. ये अधिकारी यूपीए के मंत्रियों के आदेश पर काम कर रहे थे, जिसमें तत्कालीन गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे भी शामिल थे. ये अधिकारी भागवत को पूछताछ के लिए हिरासत में लेना चाहते थे. करंट अफेयर मैगजीन कारवां में फरवरी 2014 में संदिग्ध आतंकी स्वामी असीमानंद का इंटरव्यू छपा था. उस समय वो पंचकुला जेल में थे.  इस इंटरव्यू में कथित तौर पर भागवत को हमले के लिए मुख्य प्रेरक बताया. इसके बाद यूपीए ने एनआईए पर दबाव बनाना शुरू किया, लेकिन जांच एजेंसी के मुखिया शरद यादव ने इससे इनकार कर दिया. वह इंटरव्यू के टेप की फ़रेंसिक जांच करना चाहते थे. जब चीजें आगे नहीं बढ़ीं तो एनआईए ने केस को बंद कर दिया. रिपोर्ट के बारे में टाइम्स नाउ से बात करते हुए, केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, "सरकार को इस पत्राचार को सार्वजनिक करने पर एक नजर रखना होगा, लेकिन मैं मानता हूं कि इस खुलासे के बाद, यह पूरी तरह सार्वजनिक क्षेत्र में आना चाहिए.  

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Dakhal News 16 July 2017


महबूबा मुफ्ती

अमरनाथ यात्रियों पर अनंतनाग में हुए आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। मुलाकात के बाहर आई सीएम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कश्मीर में हम लॉ एंड ऑर्डर की लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं। हम विदेशी ताकतों से लड़ रहे हैं और इसमे चीन भी शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के हालात बिगाड़ने में बाहर की ताकतें शामिल हैं। जब तक सभी राजनीतिक दल और पूरा मुल्क साथ नहीं देता तब तक ये जंग हम नहीं जीत सकते। हमला कर मुल्क की फिजा बिगाड़ने की कोशिश की गई लेकिन देश की और लोगों की शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने संयम रखा। धारा 370 और जीएसटी को लेकर कहा कि इसके बीच जीएसटी लागू करना बड़ी बात थी। धारा 370 देश के हमारी भावनाओं से जुड़ी हुई है।  

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Dakhal News 15 July 2017


 नरोत्तम मिश्रा

  दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग के आदेश के खिलाफ मध्यप्रदेश के मंत्री नरोत्तम मिश्रा द्वारा लगाई गई याचिका को खारिज कर दिया है। मिश्रा को वर्ष 2008 के दौरान पेड न्यूज (पैसा देकर वोट डालना) का दोषी पाते हुए उन्हें तीन साल के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। जिसके बाद वह आगामी राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लेने से भी वंचित हो गए थे। राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने की अनुमति के लिए मिश्रा ने जल्द से जल्द उनकी याचिका पर सुनवाई करने की मांग की थी। न्यायमूर्ति इंद्रमीत कौर की पीठ ने सभी तथ्यों का अध्यन करने के बाद याचिका को निराधार पाया। साथ ही तीन साल तक चुनाव लड़ने से प्रतिबंध के आदेश को भी हाई कोर्ट ने बरकरार रखा है। बृहस्पतिवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया थ्ाा। नरोत्तम मिश्रा की तरफ से कहा गया कि चुनाव आयोग ने अपनी जांच पूरी करने में काफी देरी की है। बहुत पहले उन्हें अयोग्य घोषित करने को लेकर निर्णय ले लेना चाहिए था। दलील दी गई कि उस समय छपी खबरें, संपादकीय व अग्रलेख उनके कहने पर नहीं छापे गए थे। वहीं, शिकायतकर्ता कांग्रेस नेता राजेंद्र भाटी की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि निश्चित तौर पर इस मामले की जांच पूरी करने में चुनाव आयोग ने जरूरत से ज्यादा समय लिया, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त लोगों पर बिना कार्रवाई करे ही उन्हें छोड़ दिया जाए। चुनाव आयोग द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी ने पेड न्यूज के आरोप सही पाए हैं। राष्ट्रपति के चुनाव 17 जुलाई को होने हैं। चुनाव आयोग के 13 जून के तीन साल प्रतिबंधित के फैसले को मिश्रा ने पहले मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने इसपर तत्काल सुनवाई से इंकार किया तो मिश्रा ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट के कहने पर दिल्‍ली हाई कोर्ट ने इस मामले पर तत्काल सुनवाई की। इस मामले में नरोत्‍तम मिश्रा ने कहा कि न्‍यायपालिका का वे पूरा सम्‍मान करते हैं। हम कानून विशेषज्ञों से राय लेकर सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे ताकि हमें न्‍याय मिल सके। उन्‍होंने अनेक सवालों के जवाब में कहा कि वे न्‍यायालयीन मामलों पर कोई टिप्‍पणी नहीं करेंगे। इस मामले में याचिकाकर्ता राजेंद्र भारती ने कहा कि लोकतंत्र में जो हमारे सिद्धांत और मूल्‍य हैं इस फैसले से उन्‍हें मजबूती मिली है। राज्‍यपाल को तत्‍काल प्रभाव वे मंत्री को बर्खास्‍त कर निर्वाचन आयोग के फैसले का सम्‍मान करना चाहिये।

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Dakhal News 14 July 2017


मातोश्री नहीं जायेंगे रामनाथ कोविंद

  राष्ट्रपति पद के लिए राजग के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद 15 जुलाई को मुंबई आ रहे हैं। एक दिन के दौरे में वह राजग के सभी घटक दलों से सामूहिक मुलाकात करेंगे, लेकिन शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के निवास मातोश्री जाने का उनका कोई कार्यक्रम नहीं है। रामनाथ कोविंद मुंबई आने के बाद विमानतल से सीधे दक्षिण मुंबई स्थित गरवारे क्लब जाएंगे। वहां राजग के सभी घटक दलों के प्रतिनिधियों के साथ उनकी मुलाकात होनी है। इस प्रतिनिधिमंडल में शिवसेना के प्रतिनिधि रहेंगे या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। न ही शिवसेना की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया दी गई है। लेकिन, कोविंद के कार्यक्रम की सूची में उद्धव ठाकरे के बांद्रा स्थित निवास मातोश्री जाने का कोई उल्लेख नहीं है। कोविंद का मातोश्री न जाना पिछले दो बार से राष्ट्रपति उम्मीदवारों के मातोश्री जाने की परंपरा को विराम देगा। पिछले राष्ट्रपति चुनाव में संप्रग उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी ने मातोश्री जाकर शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे से मुलाकात की थी। शिवसेना तब भी राजग का हिस्सा थी। तब भाजपा से उसके रिश्ते भी इतने खराब नहीं थे। इसके बावजूद शिवसेना ने प्रणब दा के राजनीतिक अनुभव एवं बालासाहब ठाकरे से उनके निजी संबंधों को अहमियत देते हुए उन्हें समर्थन देने का फैसला लिया था। इसी प्रकार उससे पहले 2007 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में भी शिवसेना ने राजग में रहते हुए ही संप्रग उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल का समर्थन किया था। प्रतिभा पाटिल का समर्थन शिवसेना ने उनके महाराष्ट्रियन होने के कारण किया था। इस बार के राष्ट्रपति चुनाव में शिवसेना ने पहले तो रामनाथ कोविंद के नाम पर नाखुशी जाहिर की थी. लेकिन उद्धव ठाकरे ने पार्टी नेताओं से विचार-विमर्श कर दो दिन बाद राजग उम्मीदवार का साथ देने की घोषणा की। कोविंद का नाम घोषित होने से पहले ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मातोश्री जाकर उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर चुके हैं। कोविंद का नाम घोषित होने के बाद भी शाह फोन पर उद्धव ठाकरे से संपर्क कर समर्थन मांग चुके हैं। माना जा रहा है कि इसीलिए अब रामनाथ कोविंद शनिवार को अपनी मुंबई यात्रा के दौरान मातोश्री जाना जरूरी नहीं समझ रहे हैं।    

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Dakhal News 13 July 2017


पेड न्यूज  नरोत्तम मिश्रा

 केस पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार पेड न्यूज मामले में चुनाव आयोग द्वारा अयोग्य करार दिए जाने के मामले में मप्र सरकार के मंत्री नरोत्तम मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अब इस मामले को सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट भेज दिया है और 17 जुलाई तक याचिका पर फैसला देने के निर्देश दिए हैं। पहले इसी मामले में मप्र हाईकोर्ट ने भी सुनवाई से इनकार करते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट भेज दिया था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इसे दिल्ली हाईकोर्ट में भेज दिया है। ऐसे में बार-बार सुनवाई लंबित होने के नरोत्तम मिश्रा के लिए एक झटका माना जा रहा है। गौरतलब है कि मप्र हाईकोर्ट इस संबंध में जल्द सुनवाई की याचिका को यह कह कर टाल दिया था इस संबंध में एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में भी लगी हुई है इसलिए दोनों याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ही सुनवाई करेगा। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद नरोत्तम मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई के लिए याचिका लगाई है। मिश्रा ने अपनी याचिका में कहा है कि 17 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव है और उन्हें वोटिंग करनी है, इसलिए हाइकोर्ट को जल्द सुनवाई के निर्देश दिए जाएं। साथ ही यह भी कहा कि जब तक सुनवाई चले, तब तक चुनाव आयोग के आदेश पर रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट ने मंगलवार को मामले की सुनवाई टाल दी थी। मिली जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट बुधवार को इस संबंध में सुनवाई कर सकता है। गौरतलब है कि मंत्री नरोत्तम मिश्रा को चुनाव आयोग ने अयोग्य घोषित करार दिया था। मिश्रा पर 2008 चुनाव के दौरान पेड न्यूज के आरोप लगाए गए थे। चुनाव आयोग ने उनके तीन साल के लिए चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है।  

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Dakhal News 12 July 2017


 योगी सरकार  3.84 लाख करोड़ का बजट

लखनऊ में 19 मार्च को बनी योगी सरकार ने  करीब 3 महीने बाद मंगलवार को 3.84 लाख करोड़ का बजट पेश क‍िया। इसमें 55,781 करोड़ रुपए की नई योजनाएं हैं। व‍ित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने बजट पेश करते हुए कहा, ''गरीबी को खत्म करना हमारा लक्ष्य है। गरीबों, बेरोजगारों, किसानों के लिए हमारा बजट है। सरकार जल्द ही टेक्सटाइल पॉलिसी लेकर आएगी। बजट में शहर और ग्रामीण दोनों वर्गों का ध्यान रखा गया है। राज्य में गरीबी को खत्म करना हमारी प्राथमिकता है। किसान उत्पादों पर टैक्स की दर जीरो रखी गई है। बुंदेलखंड को दिल्ली से एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए केंद्र से अनुरोध क‍िया गया है। राजमार्गों को नेशनल हाईवे घोषित करने का प्रस्ताव है।'' बता दें, अख‍िलेश सरकार ने 2016-17 में 3 लाख 46 हजार 935 करोड़ का बजट पेश क‍िया था। इस ह‍िसाब से इस बार बजट में 11% की ग्रोथ हुई है। राजेश अग्रवाल ने कहा, ''55,781 करोड़ रुपए की नई योजनाओं को बजट में शामिल किया गया है। 2017-18 में दीन दयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के लिए 300 करोड़ का बजट रखा गया है। यूपी में अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को स्कॉलरश‍िप के लिए 791 करोड़ 83 लाख का बजट है। यूपी में 1.50 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती की योजना है। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लिए 3 हजार करोड़, मलिन बस्ती विकास योजना के लिए 385 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। चीनी उद्योगाें को बढ़ावा देने के ल‍िए 273 करोड़ का बजट है।मेट्राे रेल पर‍ियाेजनाओं के ल‍िए 288 करोड़, सब्ज‍ियों के उत्पादन-प्रबंधन के ल‍िए 25 करोड़, ड‍िस्ट्र‍िक्ट हेडक्वार्टर्स को फोरलेन से जोड़ने के ल‍िए 71 करोड़ का प्रस्ताव है। कानपुर, वाराणसी, आगरा, गोरखपुर में मेट्रो का प्रस्ताव है।  पूर्वांचल की व‍िशेष योजनाओं के ल‍िए 300 करोड़, बुंदेलखंड की व‍िशेष योजनाओं के ल‍िए 200 करोड़ का प्रस्ताव है। शहीदों के नाम पर स्कूल खोले जाएंगे। 24 जनवरी को यूपी द‍िवस के रूप में मनाया जाएगा। जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया जाएगा। कानपुर, फैजाबाद, मेरठ, बांदा, इलाहाबाद में फसलों पर शोध होगा। आलू किसानों से एक लाख मीट्र‍िक टन आलू खरीदने का हमारा लक्ष्य है।'' इससे पहले सीएम योगी आद‍ित्यनाथ ने सदन में बोलते हुए कहा, ''अमरनाथ यात्रा पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। यात्रियों पर कायराना हमला हुआ है। आतंक पर लड़ाई किसी एक राज्य की नहीं है। राज्य में सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। यूपी में कांवड़ यात्रा को लेकर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। कांवड़ यात्रियों से मैं सहयोग की अपील करता हूं। वे अपने साथ आईडी कार्ड जरूर रखें, ताकि उन्हें क‍िसी तरह की कोई द‍िक्कत न हो।'' इससे पहले अखिलेश सरकार ने 2016-17 के लिए 3 लाख 46 हजार 935 करोड़ का बजट पेश किया था। योगी सरकार तीन महीने तक अंतरिम बजट पर सरकार चला रही थी। हालांकि, इन तीन महीनों में कोई नई योजना शुरू नहीं की गई। इस तरह अखिलेश सरकार के मुकाबले इस बार 11% बड़ा बजट है।  

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Dakhal News 11 July 2017


गोपालकृष्ण गांधी

नई दिल्ली से खबर है कि उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार तय करने के लिए कांग्रेस और बाकी बड़ी अपोजिशन पार्टियों ने मंगलवार को मीटिंग की। सूत्रों के मुताबिक मीटिंग में गोपालकृष्ण गांधी का नाम विपक्ष के उम्मीदवार के तौर पर तय किया गया। गोपालकृष्ण महात्मा गांधी के पोते हैं। वहीं, बीजेपी की ओर से कैंडिडेट 13 या 14 जुलाई को तय किए जाने की उम्मीद है। 18 पार्टियों ने सर्वसम्मति से तय किया गाँधी का नाम ।  अपोजिशन की मीटिंग पार्लियामेंट लाइब्रेरी बिल्डिंग में हुई। जिसमें कांग्रेस, जेडीयू समेत 18 पार्टियां शामिल हुईं। सभी पार्टियों ने सर्वसम्मति से गांधी का नाम तय किया। मीटिंग की शुरुआत में अमरनाथ यात्रा पर हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले लोगों के लिए मौन रखा गया। राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद जबकि विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार हैं। राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग 17 जुलाई को होगी। मीरा कुमार और रामनाथ कोविंद नॉमिनेशन कर चुके हैं। गोपालकृष्ण महात्मा गांधी के पोते हैं। वे रिटायर्ड आईएएस अफसर और डिप्लोमैट भी रहे हैं। गोपालकृष्ण 2004 से 2009 तक वेस्ट बंगाल के 22वें गवर्नर भी थे। उपराष्ट्रपति उम्मीदवार तय करने के लिए हुई अपोजिशन की मीटिंग में नीतीश कुमार शामिल नहीं हुए। उनकी पार्टी की ओर से इसमें सीनियर लीडर शरद यादव मौजूद रहे।जेडीयू ने एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का सपोर्ट करने का एलान किया है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मनमोहन सिंह, टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन, सीपीआईएम के सीताराम येचुरी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, जेडीएस के देवगौड़ा, सपा के नरेश अग्रवाल, बीएसपी के सतीश चंद्र मिश्रा और आरएलडी के अजीत सिंह। इनके अलावा आरजेडी के जय प्रकाश यादव, जेएमएम के हेमंत सोरेन, सीपीआई के डी राजा के साथ ही सीएमके, एनसीपी और केरल कांग्रेस के रिप्रेजेंटेटिव्स भी शामिल हुए। अपोजीशन पार्टियों की मीटिंग में लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती के ठिकानों पर पड़े सीबीआई छापों, जीएसटी, नोटबंदी, किसानों की आत्महत्या के अलावा संसद के मानसून सत्र के एजेंडे पर भी चर्चा की गई।संसद का मानसून सत्र 17 जुलाई से शुरू होगा। इस दौरान अपोजीशन मीसा भारती और उनके पति के ठिकानों पर पड़े सीबीआई और ईडी के छापों पर विरोध दर्ज करा सकता है।  

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Dakhal News 11 July 2017


amit jogi

कांग्रेस के तर्क के अनुसार उनकी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी पर मुकदमा चलना चाहिए। यह कहना है विधायक अमित जोगी का। उनका कहना है कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के संस्थापक अध्यक्ष अजीत जोगी जब कांग्रेस में थे तब 16 साल तक सोनिया गांधी ने उन्हें आदिवासी माना। इसी आधार पर उन्होंने जोगी को कांग्रेस के आदिवासी विभाग का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनाया था। पार्टी के दूसरे पदाधिकारियों ने भी संयुक्त बयान जारी किया है कि जिन आदिवासी विधायकों की मांग पर ही जोगी को प्रदेश का पहला मुख्यमंत्री बनाया गया था, उन्हीं में से कई अब जोगी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अमित जोगी का कहना है कि हाईपावर कमेटी के फैसले में थोड़ी भी सच्चाई है तो कांग्रेस को न केवल जोगी बल्कि, सोनिया गांधी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजना चाहिए। सोनिया गांधी ने ही जोगी को आदिवासी मानकर कई जिम्मेदारियां दी थीं। 2004 से 2016 तक जोगी को आदिवासी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद दिया था। अमित के मुताबिक 2000 में दिग्विजय मंत्रिमंडल ने जोगी के आदिवासी न होने की लिखित शिकायत की थी, जिसे सोनिया गांधी ने खारिज कर दिया था। 29 अक्टूबर 2000 को दिग्विजय सिंह को दिल्ली बुलाकर सोनिया गांधी ने कहा था, जोगी काबिल और अनुभवी आदिवासी नेता हैं। इस बात को दिग्विजय भी नहीं झुठला सकते, क्योंकि सोनिया गांधी के निवास में रजिस्टर में दिग्विजय के आने का रिकॉर्ड है। इसी तरह जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के महासचिव गौरीशंकर पांडेय, युवा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद तिवारी और प्रदेश प्रवक्ता भगवानू नायक ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि आठ सितंबर 2000 को कांग्रेस के 21 विधायकों ने छत्तीसगढ़ का पहला मुख्यमंत्री आदिवासी को बनाने की मांग की थी। इसमें मनोज मंडावी, कवासी लखमा, मंतुराम पवार, गुलाब सिंह, गोपाल राम, डोमेंद्र भेड़िया समेत अन्य विधायक शामिल थे। तब न केवल मनोज मंडावी बल्कि, अरविंद नेताम को भी जोगी सच्चे आदिवासी लगते थे। जब राजनीति में बदलाव आया तो उन्हें जोगी नकली आदिवासी लगने लगे हैं।

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Dakhal News 10 July 2017


तेजस्वी यादव

पटना में लालू यादव के ठिकानों पर सीबीआई छापों के बाद पहली बार हुई राजद की बैठक में सोमवार को यह फैसला हुआ है कि तेजस्वी यादव अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। छापों के बाद से ही भाजपा लगातार इसके लिए दबाव बना रही थी। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि बैठक में तय हुआ है कि तेजस्वी इस्तीफा नहीं देंगे। राजद प्रमुख लालू यादव बोले कि जिस घोटाले की बात की जा रहै इस समय तेजस्वी महज 13 साल के थे। सिद्दीकी के अनुसार भाजपा ने बदले के लिए राजद को निशाना बनाया है। सरकार गिराने की साजिश हुई है। 27 अगस्त को होने वाली रैली में हम अपनी ताकत दिखाएंगे। नीतीश की चुप्पी को लेकर उन्होंने कहा कि हाल ही में लालू यादव और नीतीश कुमार की फोन पर बातचीत हुई है। राजद की बैठक हो चुकी है लेकिन जदयू की बैठक मंगलवार को होनी है और इस पर अब भी सबकी नजर है। राजद के प्रमुख लालू प्रसाद के घर सीबीआई छापे पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खामोश हैं और यह खामोशी बिहार की राजनीति में हलचल मचाए हुए है। छापों के बाद से ही नीतीश की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। हलचल इस बात की भी है कि मुख्यमंत्री कोई ठोस वक्तव्य दे सकते हैं। सीबीआई ने जिस मामले में छापेमारी की, उसमें नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी प्रमुख आरोपी हैं। इस लिहाज से नीतीश के स्टैंड का सबको इंतजार है। राजग के दौरान नीतीश की छवि यह रही है कि उन्होंने अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगी पर किसी भी तरह के मुकदमे के बाद कार्रवाई की। नीतीश रविवार दोपहर राजगीर से पटना लौट आए। उन्होंने सोमवार तक के अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय से इस संबंध में जानकारी दी गई है कि अभी वह अस्वस्थ हैं लेकिन अब खबर है कि वो मंगलवार को विधायक दल की बैठक करने जा रहे हैं।

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Dakhal News 10 July 2017


सुषमा स्वराज  9 ट्वीट

सरताज पर भड़की सुषमा स्वराज, किए 9 ट्वीट   पाकिस्तानी महिला द्वारा कैंसर के इलाज के लिए भारतीय वीजा मांगे जाने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर उनके प्रति सहानुभूति जताई है। वहीं उन्होंने कुलभूषण जाधव की मां को वीजा देने की अपील पर सरताज अजीज की प्रतिक्रिया ना मिलने पर एक के बाद एक 9 ट्वीट किए हैं। उन्होंने मेडिकल वीजा को लेकर लिखा है कि उन्हें इस मामले में सरताज अजीज की तरफ से कोई सिफारिश नहीं मिली है। विदेश मंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा है, ‘भारत में इलाज के लिए मेडिकल वीजा चाहने वाले पाकिस्‍तानी नागरिकों के प्रति मेरी सहानुभूति है। मुझे यकीन है कि सरताज अजीज भी अपने देश के नागरिकों के लिए विचार कर रहे होंगे। उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा है पाकिस्‍तानी नागरिकों के लिए मेडिकल वीजा पर मंजूरी देने के लिए हमें उनके सिफारिश की जरूरत होगी। मुझे इसमें कोई वजह नहीं दिखाई देता की वे इसके लिए किसी तरह का संकोच करेंगे। वहीं कुलभूषण जाधव की मां को वीजा ना दिए जाने के लेकर उन्होंने लिखा है कि हमारे पास भी भारतीय नागरिक अवंतिका जाधव का वीजा आवेदन लंबित है जो पाकिस्‍तान में अपने बेटे से मिलने जाना चाहतीं हैं जिन्‍हें मृत्‍युदंड दिया गया है। उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा है अवंतिका जाधव ने व्‍यक्‍तिगत तौर पर सरताज अजीज को पाकिस्‍तान के लिए उनके वीजा आवेदन पर मंजूरी देने को कहा है। हालांकि अजीज ने इस मामले में किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी है और न ही इस संबंध में मेरे पत्र पर ही उनका कोई जवाब आया है।

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Dakhal News 10 July 2017


डिप्‍टी सीएम तेजस्‍वी यादव

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ सीबीआई छापेमारी के बाद राजनीति तेज हो गई है। भाजपा नेता सुशील मोदी ने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार से कहा है कि वे मामले में आरोपित अपने डिप्‍टी सीएम तेजस्‍वी यादव को मंत्रिमंडल से हटाएं। इस पर राजद नेता रघुनाथ झा व रघुवंश प्रसाद ने पलटवार किया है। रघुनाथ झा ने कहा है कि आरोपित होना कोई अपराध नहीं, भाजपा में तो चार्जशीटेड उमा भारती मंत्री हैं, जिन्‍हें वह बर्खास्‍त करे। उधर, रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि सीबीआई कार्रवाई भाजपा व केंद्र सरकार की साजिश है। रविवार को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद से मिलकर वापस लौटते वक्‍त रघुनाथ झा ने कहा कि डिप्‍टी सीएम तेजस्‍वी यादव इस्‍तीफा नहीं देंगे। केंद्र सरकार लालू प्रसाद को दबाना चाहती है, लेकिन ऐसा होने नहीं जा रहा है। भाजपा को पहले बाबरी कांड में अपने चार्जशीटेड पूर्व डिप्‍टी पीएम लालकृष्‍ण आडवाणी तथा केंद्र सरकार में मंत्री उमा भारती पर कार्रवाई करनी चाहिए, न कि केवल आरोप के घेरे में आए तेजस्‍वी का इस्‍तीफा मांगना चाहिए। राजद के उपाध्‍यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि लालू के खिलाफ सीबीआई कार्रवाई केंद्र की साजिश है। केंद्र सरकार व पीएम मोदी के इशारे पर छापेमारी पर छापेमारी की जा रही है, लेकिन मिल कुछ नहीं रहा। उन्‍होंने भी तेजस्‍वी के इस्‍तीफे के सवाल को खारिज कर दिया।

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Dakhal News 9 July 2017


मोदी भक्त

 बीएमसी में हर समय मोदी-मोदी के नारों को सुनकर भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना नाराज हो गई है।शिवसेना ने इस पर रोष जाहिर करते हुए कहा कि मोदी के 'भक्त' प्रधानमंत्री को उसी तरह डुबा देंगे, जैसे इंदिरा गांधी का पतन हो गया था। शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र 'सामना' और 'दोपहर का सामना' में लिखे संपादकीय में कहा कि आज देश ऐसे नीच लोगों से सबसे बड़े खतरे का सामना कर रहा है। ये जो 'मोदी-मोदी' चिल्लाने वाले लोग हैं, वास्तव में प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। गौरतलब है कि शुक्रवार को बीएमसी में राज्य के वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार जीएसटी से बीएमसी को हुए राजस्व की नुकसान भरपाई का चेक देने के लिए आए थे। उस वक्त शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भी उपस्थित थे। उस कार्यक्रम में भाजपा के नगरसेवकों ने 'मोदी-मोदी' के नारे लगाए, तो शिवसेना के नगरसेवकों ने जवाब में 'चोर हैं-चोर हैं' का नारा लगाया। शिवसेना का कहना है कि हमने मोदी का हमेशा प्रधानमंत्री के रूप में सम्मान किया है। उनका नाम लोगों के बीच गर्व से लिया जाना चाहिए, लेकिन इस तरह सनकी तरीके से नहीं। पार्टी ने याद दिलाया कि 1971 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। तब इंदिरा ने पूर्वी पाकिस्तान को उससे अलग कर बांग्लादेश बनवा दिया था। उस वक्त उनके भक्त भी 'भारत ही इंदिरा है' का नारा लगाने लगे थे। इसके बावजूद उन्हें चुनावों में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था और इंदिरा के भक्तों ने ही उन्हें डुबा दिया था।  

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Dakhal News 8 July 2017


राजभवन

उमेश त्रिवेदी बंगाल में राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी और मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी के टकराव के बीच पुडुचेरी की उप राज्यपाल किरण बेदी के खिलाफ कांग्रेस के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी की नाराजी ने देश में राजभवनों की भूमिकाओं को एक मर्तबा फिर विवादों के घेरे में ले लिया है। कोलकाता और पुडुचेरी के राज भवनों के ताजा विवादों की ’राजनीतिक-एल्फाबेट’ में वही पुराने ककहरे ’पी फॉर पोलिटिक्स’ और ’पी फॉर पार्टी’ की आवाजें साफ सुनाई पड़ रही हैं। केशरीनाथ त्रिपाठी और किरण बेदी के राजनीतिक-कृत्यों की कहानी नई नहीं है, लेकिन 9 अप्रैल 2017 को दिल्ली में सम्पन्न अंतर्राज्यीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में राज्यपाल की भूमिका से जुड़े सवालों और सुझावों ने इसे गौरतलब बना दिया है।  स्थायी समिति की बैठक में सभी गैर भाजपा शासित राज्यों की ओर से सुझाव दिया गया था कि राज्यपालों की नियुक्ति में सिर्फ उन्हीं नामों पर विचार किया जाना चाहिए, जो किसी भी राजनीतिक विवाद से परे हों। स्थायी समिति सरकार द्वारा केन्द्र और राज्यों के रिश्तों की समीक्षा के लिए गठित पंछी-आयोग की रिपोर्ट पर विचार कर रही है। पंछी आयोग का गठन 2005 में हुआ था और 2010 में इसकी रिपोर्ट पेश हुई थी। सात खंडों की रिपोर्ट के दूसरे खंड में राज्यपालों की भूमिका का ब्योरा है। पिछले कुछ माहों में अरुणाचल से गोवा तक, राज्यपालों से जुड़ी घटनाओं को लेकर विपक्ष का रुख आक्रामक रहा है। इनके हवाले से आन्ध्र के वित्त मंत्री वाय.कृष्णनुडु ने कहा कि गैर-भाजपाई राज्यों द्वारा व्यक्त विचार के मुताबिक राज्यपाल को निष्पक्ष और राजनीति से ऊपर होना चाहिए। बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी और पुडुचेरी की उप-राज्यपाल किरण बेदी की भूमिकाओं को राजनीतिक रूप से निरापद और निष्पक्ष मानना संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी के खिलाफ त्रिपाठी के तेवरों में बंगाल विधानसभा के चुनाव अंगड़ाई लेते स्पष्ट दिख रहे हैं, जबकि किरण बेदी ने संवैधानिक परम्पराओं को दरकिनार करते हुए भाजपा के पदाधिकारियों और समर्थकों को विधानसभा में नॉमीनेट कर दिया। सामान्य परम्परा है कि उप-राज्यपाल निर्वाचित सरकारों के मुख्यमंत्रियों से परामर्श करने के बाद ही इस प्रकार की नामजदगी करते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि किरण बेदी ने नामजदगी को रहस्य के काले परदों के पीछे छिपा कर रखा था कि कानों-कान किसी को खबर नहीं हो। उप राज्यपाल ने नामजद विधायकों के शपथ-विधि समारोह की खबर न तो कैबिनेट को लगने दी, ना ही स्पीकर को इसका पता चलने दिया। किरण बेदी ने भाजपा हायकमान के इशारे पर चुनाव में हारे हुए लोगों को भी नामजद कर दिया है। कांग्रेस ने उप राज्यपाल की नॉमीनेशन्स को मद्रास हाईकोर्ट में चुनौती भी दी है। किरण बेदी की कार्रवाई के खिलाफ सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी दल अन्ना द्रमुक ने विधानसभा में प्रस्ताव पारित करते हुए राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि उन्हें वापस बुलाया जाए। इस मामले मे किरण बेदी ने सिर्फ इतना कहा है कि उन्होंने यह कार्रवाई ’यूनियन टेरीटरीज एक्ट’ के तहत प्रदत्त अधिकारों के दायरे में की है।  किरण बेदी की तर्ज पर केशरीनाथ त्रिपाठी के पास भी बचाव में यह दलील है कि कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर वो मुख्यमंत्री से जवाब-तलब कर सकते हैं। त्रिपाठी मानते हैं कि ममता बैनर्जी को इस बात को गोपनीय रखना था। ममता इस बातचीत में राज्यपाल के रवैये को अपमानजनक मान रही हैं। फेसबुक के संदेश पर भड़के दंगों के संदर्भ में भाजपा और विश्व हिन्दू परिषद ने राज्यपाल से शिकायत की थी। इसके बाद राज्यपाल ने लगभग आठ मिनट तक फोन पर तलब करते हुए ममता से पूछा था कि दंगाग्रस्त इलाकों में अर्द्ध सैनिक बलों को अभी तक क्यों तैनात नहीं किया है। इस बातचीत से उद्वेलित ममता बैनर्जी ने प्रेस कांफ्रेंस करके खुद को अपमानित किए जाने का आरोप लगाया था। ममता का कहना था कि दंगे के पीछे आरएसएस और भाजपा का हाथ है। भाजपा बंगाल में सधे कदमों से आगे बढ़ रही है। बांग्लादेशी-घुसपैठ से पैदा असंतुलन की जमीन पर वह हिन्दुत्व रोपना चाहती है। ये घटनाएं हिन्दुत्व के लिए ’केटेलिटिक-एजेण्ट’ का काम करती हैं। राज्यपालों का दुरुपयोग लगभग सभी केन्द्र सरकारों ने किया है। राजभवनों की नियुक्तियां राजनीतिक होती हैं। इसलिए गलतफहमी नहीं पालना चाहिए कि राज्यपाल राजभवन के रामघाटों पर खारे पानी के झरनों में गंगा-स्नान करेंगे।  ममता बैनर्जी और नारायणसामी की यह अपेक्षा बेमानी है कि त्रिपाठी उनके लिए हनुमान चालीसा पढ़ेंगे और किरण बेदी खिचड़ी पकाएंगी...। राजभवन भी राजनीति का ही अड्डा होते हैं...। [लेखक उमेश त्रिवेदी सुबह सवेरे के प्रधान संपादक है।]  

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Dakhal News 8 July 2017


चुनाव आयोग

उमेश त्रिवेदी देश के 21 वें मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर गुजरात काडर के पूर्व आयएएस अधिकारी अचल कुमार जोती की नियुक्ति के साथ ही चुनाव आय़ोग की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और निष्पक्षता से जुड़े दो बड़े सवाल पंख पसार कर राजनीतिक-फलक पर उड़ने लगे हैं। पहला सवाल ईवीएम में वीवीपीएटी प्रणाली जोड़ कर मतदाताओं को पावती उपलब्ध कराने से संबंधित है, जबकि दूसरा मुद्दा चुनाव-आयुक्तों की नियुक्ति-प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसके नियम सुनिश्चित नही हैं। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि केन्द्र सरकार चुनाव आयोग में नियुक्ति के लिए कोई कानून नहीं लाती है, तो सुप्रीम कोर्ट इसमें हस्तक्षेप करेगा। सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका विचाराधीन है, जिसमें चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए नेता,प्रतिपक्ष और मुख्य न्यायाधीश का एक संवैधानिक पैनल गठित करने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट भी समय-सीमा में इनका निपटारा चाहती है। मोदी-सरकार ने इन मुद्दों को हाशिए पर ही पटक रखा है। फिलवक्त अचल कुमार दूसरे नम्बर के चुनाव आयुक्त हैं। वरिष्ठता के नाते वो मुख्य चुनाव आयुक्त बने हैं।  डॉ. नसीम जैदी के स्थान पर जोती की नियुक्ति को लेकर लोगों के कान यूं ही नहीं खड़े हुए हैं। नरेन्द्र मोदी के मुख्यमंत्री काल में जोती गुजरात के मुख्य सचिव थे। मोदी ने उन्हें 8 मई 2015 को चुनाव आयोग का सदस्य बनाया था। गुजरात से उनकी पुरानी नातेदारी और मोदी-सरकार से उनके रागात्मक-रिश्ते कतिपय आशंकाओं को गहरा रहे हैं। राजनीतिक हलके महसूस कर रहे है कि जोती वीवीपीएटी प्रणाली और नियुक्तियों की प्रक्रियाओं को मोदी-सरकार की मंशाओं के अनुरूप ढीला छोड़ सकते हैं। जोती मात्र 6 माह बाद जनवरी 2018 में रिटायर हो जाएंगे, लेकिन 6 महीनों की यह बाधा-दौड़ प्रशासकीय प्रक्रियाओं को लंबा खींच सकती है।  गुजरात के ही पूर्व आयपीएस अधिकारी संजीव भट्ट ने ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी है कि जोती के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद भारत में स्वतंत्र और स्वच्छ चुनाव को अलविदा कह देना चाहिए। भट्ट की प्रतिक्रियाओं को इसलिए अनसुना नहीं करना चाहिए कि वो मोदी और अचल कुमार जोती की जुगलबंदी से भलीभांति वाकिफ हैं। गुजरात में दंगों के समय संजीव भट्ट की भूमिका से तत्कालीन मोदी-सरकार नाखुश थी। इसलिए उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।  गुजरात विधानसभा के अलावा 2019 के लोकसभा और महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव का सिलसिला भी तेजी पकड़ रहा है। पिछले दिनों  मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. नसीम जैदी ने मोदी-सरकार को आगाह किया था वो पेपर ट्रेल मशीनों की समयबध्द खरीद के लिए तुरंत धन जारी करे, ताकि 2019 के लोकसभा निर्वाचन में इनका उपयोग हो सके। मौजूदा राजनीतिक माहौल में ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर उठे सवालों का हवाला देते हुए जैदी ने कहा था कि चुनाव मशीनरी की विश्वसनीयता के लिए वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) मशीनों की प्रणाली का उपयोग जरूरी हो गया है। उप्र चुनाव के बाद देश के 16 प्रमुख राजनीतिक दलों ने चुनाव में पारदर्शिता लाने की गरज से मत-पत्र से मतदान की चुनाव प्रणाली अपनाने का आग्रह किया था।  जैदी के अनुसार 2019 के लोकसभा निर्वाचन में देश के सभी मतदान केन्द्रों को पेपर ट्रेल प्रणाली से जोड़ने के लिए 16 लाख वीवीपीएटी मशीनों की जरूरत होगी। फरवरी 2017 तक आर्डर नहीं देने के कारण सितम्बर 2018 तक ये मशीनें उपलब्ध नहीं हो सकेंगी। डॉ. जैदी ने मार्च 2017 में भी कानून मंत्री से धन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। वीवीपीएटी के निर्माण के लिए न्यूनतम 30 माह की अवधि जरूरी है। उनका कहना है कि मौजूदा राजनीतिक माहौल के मद्देनजर वीवीपीएटी मशीनें खरीदने में देर नहीं की जाना चाहिए। क्योंकि चुनाव आयोग भविष्य में ईवीएम के साथ वीवीपीएटी मुहैया कराने के लिए प्रतिबध्द है। ताकि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाई जा सके, मतदाता की निष्ठा को सुरक्षित रखा जा सके और मतदान प्रक्रिया में लोगों का भरोसा बढ़ाया जा सके। चुनाव आयोग जून 2014 के बाद वीवीपीएटी के बारे में 11 मर्तबा केन्द्र सरकार को पत्र लिख चुका है। सात अप्रैल को सरकार ने लोकसभा में बताया था कि यह प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन है। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी अलग से पत्र लिखा जा चुका है। वीवीपीएटी पर 3174 करोड़ रुपए की लागत आने वाली है। इस मसले पर चुनाव आयोग की मामूली सी सुस्ती भी लोकतंत्र की विश्वसनीयता के लिए आत्मघाती सिध्द होगी।[लेखक उमेश त्रिवेदी सुबह सवेरे के प्रधान संपादक है।]

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Dakhal News 7 July 2017


मंदसौर कांग्रेस का जेल भरो

किसान आंदोलन में मारे गए किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए कांग्रेस ने मल्हारगढ़ [मंदसौर]के बहीचौपाटी में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि पीएम गोली कांड के दिन जर्मनी में प्रियंका चोपड़ा के साथ फोटो खिंचवा रहे थे। उन्होंने किसानों के प्रति कोई संवेदना नहीं दिखाई। कांग्रेस जेल भरो आंदोलन करेगी, जिसमें शामिल होने के लिए दिग्गज नेता मल्हारगढ़ पहुंच गए हैं। प्रशासन ने उन्हें श्रद्धांजलि सभा की इजाजत दी है। कांग्रेस के आंदोलन को देखते हुए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया है। आंदोलन में कांग्रेस के अभा महासचिव मोहन प्रकाश, राजीव गांधी पंचायत राज प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मीनाक्षी नटराजन सहित अन्य कांग्रेस नेता शामिल हो रहे हैं। मल्हारगढ़ से कांग्रेस प्रदेशभर में होने वाले आंदोलनों की शुरुआत करेगी।

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Dakhal News 6 July 2017


नरोत्तम मिश्रा नोटिस

चुनाव आयोग द्वारा नरोत्तम मिश्रा का निर्वाचन शून्य घोषित होने के बाद भी वे पद से नहीं हटे हैं। इसके विरोध में लगी एक याचिका को जबलपुर हाईकोर्ट ने स्वीकार करते हुए नोटिस जारी किए हैं। नोटिस चुनाव आयोग, नरोत्तम मिश्रा, मध्यप्रदेश सरकार और राजेंद्र भारती के नाम जारी किया गया है। हाईकोर्ट ने इसमें पूछा है कि अभी तक नरोत्तम मिश्रा को विधायक पद से क्यों नही हटाया गया, इसका जवाब 11 जुलाई से पहले देना है। मामले में अगली सुनवाई भी इसी दिन होगी। गौरतलब है कि पेड न्यूज मामले में चुनाव आयोग ने नरोत्तम मिश्रा का 2008 में हुआ निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया है। इसके साथ ही उन पर तीन साल के लिए चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद नरोत्तम मिश्रा ने ग्वालियर हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिका लगाई थी। उनकी इस याचिका पर बुधवार को ही सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।  

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Dakhal News 6 July 2017


किसान मुक्ति यात्रा

मंदसौर में गुरुवार को ग्राम बूढ़ा से प्रारंभ हुई किसान मुक्ति यात्रा को पुलिस ने पिपलियामंडी पहुंचने से पहले ही रोक दिया। यहां लगभग 130 किसान संघटनों के पदाधिकारी और सैकड़ों किसान एकत्र हुए।  इनमें योगेंद्र यादव, मेघा पाटकर, सांसद राजू शेट्टी सहित महाराष्ट्र, उड़ीसा, पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, राजस्थान से आए किसान नेता भी शामिल थे। यात्रा को गुडभेली गांव में रोक दिया गया। इसके बाद सभी ने पुलिस को गिरफ्तारी दे दी। सभी को बसों से मंदसौर सहित अन्य जेलों में भेजा गया। एएसपी व एडीएम ने कहा कि गिरफ्तारी दो या वापस लौट जाओ। इसके बाद सड़क पर ही महापंचायत शुरू हो गई थी। सैकड़ों की संख्या में लोग अपने हाथों में मृत किसानों के फोटो लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

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Dakhal News 6 July 2017


पेड़ न्यूज़  नरोत्तम मिश्रा

  ग्वालियर में  चुनाव आयोग द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ नरोत्तम मिश्रा ने हाईकोर्ट में लगाई अपनी याचिका की पैरवी खुद की। बार एसोसिएशन की हड़ताल की वजह से कोई भी वकील कोर्ट में नहीं पहुंचा। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अखबारों की कटिंग के आधार पर मुझ पर लगाए गए पेड न्यूज के आरोप साबित नहीं हो पाए हैं। इस पर राजेंद्र भारती ने कहा कि चुनाव आयोग ने पूरी जांच के बाद ही मिश्रा के खिलाफ फैसला सुनाया है। नरोत्तम मिश्रा ने राष्ट्रपति चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि मुझे चुनाव में वोट डालना है, इसके लिए स्टे दिया जाए। उन्होंने कहा कि मुझे जनता ने दोबारा चुना है। इस पर राजेंद्र भारती ने कोर्ट से कहा कि अगर मिश्रा को एक बार स्टे मिल जाता है तो यह हमेशा के लिए हो जाएगा। इसके बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी। वकीलों की हड़ताल की वजह से सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग के वकील भी कोर्ट में पेश नहीं हुए।

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Dakhal News 5 July 2017


लालू प्रसाद यादव

  खबर पटना से । बिहार में नीतीश के साथ हाथ मिलाकर भाजपा को टक्कर देने के बाद लालू प्रसाद यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर 2019 के लोकसभा चुनाव में मायावती और अखिलेश यादव साथ आ जाएं तो भाजपा का गेम ओवर हो जाएगा। लालू ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हर कोई महसूस करता है की चाहे वो मायावती जी हों, अखिलेश हों, रॉबर्ट वाड्रा, प्रियंका कांधी, ममता दीदी हों या लालू यादव वो सभी को तोड़ना चाहते हैं। उन्हें पता है कि अगर सभी विपक्षी पार्टियां साथ आ गईं तो 2019 में फिर सरकार बनाने का उनका सपना टूट जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश और मायावती साथ आ जाएं तो भाजपा के लिए अगले चुनाव में कोई चांस नहीं है। मोदी सरकार के आने के बाद रोजगार शून्य पर पहुंच गया है और राम रहीम के नाम पर देश में नफरत फैलाई जा रही है।

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Dakhal News 5 July 2017


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

उमेश त्रिवेदी देश की जनता के लिए मृग-मरीचिका बने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अच्छे दिनों की तरह उनका चुनाव-सुधार का वादा भी गफलतों में उलझता जा रहा है। चुनाव-आयोग ने इलेक्टोरल-बॉण्ड की पारदर्शिता के सवाल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के सामने कुछ ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब चुनाव-सुधार के उनके सारे दावों को खोखला साबित कर रहे हैं। इलेक्टोरल-बॉण्ड के नाम पर चुनाव-सुधार के रंगमंच पर मोदी-सरकार के राजनीतिक-एकांकी का कमजोर कथानक बिखरने लगा है। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने चुनावी-चंदे की पारदर्शिता और नैतिकता को काले परदों के पीछे ढकेल  दिया है।  अरुण जेटली चुनाव-चंदे देने वाली कम्पनियों को कई छूट प्रदान कर रहे हैं। मोदी-सरकार ने कार्पोरेट घरानों पर चंदा देने की अधिकतम सीलिंग भी खत्म कर दी है। अब राजनीतिक दल कार्पोरेट-घरानों से भरपूर पैसा भी लेंगे और उनका नाम भी नहीं बताएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी वित्त मंत्री की इस पहल को चुनाव-सुधार के खिलाफ मानते हैं। उनका मत है कि जनता को राजनीतिक-दलों को मिलने वाले हर प्रकार के चंदे का ब्यौरा जानने का हक है। लेकिन जेटली के नए प्रस्तावों ने पारदर्शिता के इस सवाल को गोपनीयता की कैद में जकड़ दिया है। मोदी-सरकार यह व्यवस्था भी कर रही है कि राजनीतिक दल चुनाव आयोग को इलेक्टोरल-बॉण्ड की जानकारी देने के लिए बाध्य नहीं होंगे। विरोधाभास यह है कि दलों के लिए 2000 से ज्यादा  नगद चंदा देने वाले व्यक्ति और 20 हजार से ज्यादा नगद चंदा देने वाली कंपनियों का नाम बताना जरूरी है। चुनाव-चंदे के मौजूदा कानून में बदलाव के बाद राजनीतिक दलों को चंदा देने वाले कार्पोरेट-घराने उनका नाम बताने के लिए बाध्य नहीं होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भ्रष्टाचार विरोधी एजेण्डे के महत्वपूर्ण बिन्दुओं में राजनीतिक-चंदे के सवाल को सबसे ऊपर रखा है। मोदी मानते हैं कि देश को काले धन के जंजाल से मुक्त करने के लिए राजनीतिक-चंदे को नियोजित और नियंत्रित करना जरूरी है। लेकिन मोदी राजनीति को काले धन से मुक्त करने की बात करते वक्त यह भूल जाते हैं कि 2014 में सबसे महंगा चुनाव लड़ने वाली पार्टी के रूप में उनकी पार्टी भाजपा का ही नाम दर्ज है। चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मान से भाजपा ने 2014 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में 714 करोड़ रुपए खर्च किए थे। जबकि इसी दरम्यान कांग्रेस ने 516 करोड़ रुपए व्यय किए थे। चुनाव-आयोग की बंदिशों के कारण राजनीतिक दलों के लिए चुनाव-अभियानों में होने वाले खर्चों का ब्यौरा देना मजबूरी है, लेकिन उन पर यह बंदिश नहीं है कि चुनाव में खर्च होने वाले ये सैकड़ों करोड़ रुपए उन्होंने कहां से और कैसे जुटाए हैं। जनवरी 2017 में एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 11 वर्षों के दरम्यान कांग्रेस में 83 प्रतिशत और भाजपा में 63 प्रतिशत चंदा अज्ञात स्रोतों से जमा हुआ है। चुनाव-फंडिंग के इन अज्ञात स्रोतों को खंडित करने की गरज से ही वित्तमंत्री ने चंदे की सीमा 20 हजार से घटाकर 2 हजार की थी, लेकिन इलेक्टोरल-बॉण्ड को गोपनीयता का कवच देकर उन्होंने चुनावी-चंदे की धांधलियों को पनाह देने का काम किया है। इस प्रावधान के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दावे खुद-ब-खुद खारिज हो जाते हैं कि वो चुनाव-अभियानों में पारदर्शिता लाना चाहते हैं।    राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों और चुनाव अभियानों में काले धन की खपत की लाइलाज बीमारी जग-जाहिर है। इस ऐतिहासिक तथ्य को अनदेखा करना मुश्किल है कि नरेन्द्र मोदी ने राजनीति को मेगा-शो के इवेंट में तब्दील कर दिया है। चुनाव आंकड़े कहते हैं कि 2014 में मोदी ने सबसे महंगा लोकसभा चुनाव लड़ा था। प्रधानमंत्री के रूप में मोदी के सत्तारोहण के बाद सेवा के सामाजिक माध्यम समझी जाने वाली राजनीति मेगा-शो की इवेंट में तब्दील हो चुकी है। पिछले सप्ताह गुजरात के सूरत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भव्य रोड-शो इस बात की तस्दीक करता है कि अब राजनीति भी सोने की खनक पर मुजरा करने के लिए मजबूर हो चली है।[लेखक उमेश त्रिवेदी सुबह सवेरे के प्रधान संपादक है।]

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Dakhal News 5 July 2017


डॉ. नरोत्तम मिश्रा पेड न्यूज

  एमपी के जल संसाधन और जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के पेड न्यूज मामले में चुनाव आयोग के फैसले का गजट नोटिफिकेशन होने के बाद उनकी विधानसभा की सदस्यता पर कानूनविद सवाल खड़े कर रहे हैं। कानूनविद और पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त ब्रह्मा का मानना है कि नोटिफिकेशन के साथ ही नरोत्तम मिश्रा की सदस्यता समाप्त हो गई है, लेकिन मंत्री मिश्रा का कहना है कि सदस्यता खत्म करने का अधिकार राज्यपाल को है। हालांकि कानूनविद इस दावे को गलत ठहरा रहे हैं। नरोत्तम ने कहा चुनाव आयोग ने 2008 से 2013 की सदस्यता को पूरी तरह से नहीं समझाया है। इसे विषय को और खोलना था। हाईकोर्ट सब कुछ साफ कर देगा। अभी मैं विधायक भी हूं और मंत्री भी। चुनाव आयोग को सदस्यता खत्म करने का अधिकार ही नहीं है। चुनाव आयोग इस मामले को सीधे राज्यपाल को नहीं भेज सकता। उसे विधानसभा अध्यक्ष को भेजा जाता है। फिर अध्यक्ष कानूनी सलाह लेकर कैबिनेट के जरिए राज्यपाल को भेजते हैं। ब्रह्मा बोले चुनाव आयोग ने यदि गजट नोटिफिकेशन कर दिया है तो इसका मतलब है कि मंत्री की विधानसभा सदस्यता खत्म हो गई है। भले ही उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका लगाई हो। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर स्टे नहीं दिया है, इसलिए अभी चुनाव आयोग के फैसला ही तामील माना जाएगा। हाईकोर्ट में केस चलता रहेगा, लेकिन तब तक वे विधानसभा के सदस्य नहीं रह सकते। चुनाव आयोग को पेड न्यूज के मामले में सदस्यता खत्म करने का अधिकार है, हमने उप्र की विधायक उर्मिलेश यादव के मामले में ऐसा ही किया था। बाद में हाईकोर्ट ने भी उर्मिलेश यादव की याचिका खारिज कर दी थी। नरोत्तम की विधायकी खत्म मानी जानी चाहिए: सुभाष कश्यप संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप का मानना है कि चुनाव आयोग द्वारा नोटिफिकेशन जारी करने के बाद नरोत्तम मिश्रा की विधायकी खत्म मानी जानी चाहिए। पेड न्यूज के मामले में अधिकार चुनाव आयोग के पास ही हैं।

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Dakhal News 4 July 2017


मोदी की चाय वाला स्टेशन

  केंद्र ने गुजरात के वडनगर रेलवे स्टेशन को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का फैसला किया है। यह वही स्टेशन है, जिसके प्लेटफार्म नंबर एक पर स्थित दुकान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बचपन में कभी चाय बेची थी। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने सोमवार को एक सरकारी बयान के जरिये यह जानकारी दी। हालांकि एक दिन पहले गांधीनगर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा था कि केंद्र ने उस दुकान को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का फैसला किया है, जहां पीएम मोदी कभी चाय बेच चुके हैं। केंद्रीय मंत्री ने गांधीनगर में कहा था, 'वडनगर रेलवे स्टेशन के अंदर एक छोटी सी चाय की दुकान है, जहां से हमारे प्रधानमंत्री ने अपनी संघर्षपूर्ण जीवन यात्रा शुरू की थी। हम उस चाय की दुकान को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना चाहते हैं। माडर्न टच देने के बावजूद हम उसके मूल आकर्षण को बनाए रखने की कोशिश करेंगे। हमारा उद्देश्य वडनगर को विश्व पर्यटन मानचित्र पर रखना है।' सोमवार को जारी स्पष्टीकरण में महेश शर्मा ने कहा, 'रेल मंत्रालय के साथ मिलकर पर्यटन मंत्रालय वडनगर रेलवे स्टेशन को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रहा है। हम इस योजना पर पहले ही चर्चा कर चुके हैं। इस समय चाय की दुकान को नया रूप देने की कोई योजना नहीं है।' केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा के नेतृत्व में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय तथा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के अधिकारियों ने रविवार को वडनगर रेलवे स्टेशन का दौरा भी किया था। टीम ने बाद में घोषणा कि माडर्न टच देने के बाद भी चाय की दुकान का वास्तविक स्वरूप बरकरार रखा जाएगा।

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Dakhal News 4 July 2017


अजीत जोगी

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के संस्थापक अध्यक्ष अजीत जोगी का कहना है कि उनका जाति प्रमाणपत्र निरस्त होगा, हाईपॉवर कमेटी का फैसला आने के बाद यह तो तय ही था। जोगी ने कहा कि इसके पहले छह बार उनका जाति प्रमाणपत्र निरस्त किया जा चुका है और कोर्ट से बहाल भी हुआ। अभी जोगी पत्नी डॉ. रेणु जोगी, बेटे अमित जोगी और बहू रिचा जोगी के साथ राजस्थान में हैं। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलीप सिंह भूरिया ने सबसे पहले उनका जाति प्रमाणपत्र निरस्त किया था, जो कि हाईकोर्ट से बहाल हो गया था। जोगी ने कहा कि ऐसे पांच बार और जाति को चुनौती देकर प्रमाणपत्र निरस्त कराए गए। तीन बार हाईकोर्ट और दो बार सुप्रीम कोर्ट ने बहाल किया। जोगी ने कहा कि वे पहले ही कह चुके हैं, मुझे आदिवासी अमान्य करने का फैसला रमन पॉवर कमेटी का है। जोगी का कहना है कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है। इसलिए, याचिका लगाकर हाईपॉवर कमेटी के फैसले को चुनौती देंगे। जोगी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से सलाह लेंगे, उसके बाद हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई जाएगी।  

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Dakhal News 4 July 2017


चिदंबरम gst

  जीएसटी देशभर में लागू हो चुका है लेकिन इसे लागू करने के पहले इसका विरोध कर रही कांग्रेस ने फिर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा है कि जो जीएसटी लागू हुआ वो असल मसौदे से अलग है। शनिवार को मीडिया से बात करते हुए चिदंबरम ने भाजपा सरकार द्वारा पूरे देश में लागू किए गए वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पर आपत्‍ति जताते हुए कहा कि यह वास्‍तविक जीएसटी नहीं है। विशेषज्ञों द्वारा जीएसटी के लिए तैयार किया गया मसौदा कुछ और था। उनके अनुसार, लागू किए गए इस जीएसटी से महंगाई दर प्रभावित होगी। उन्‍होंने आगे कहा कि सूक्ष्‍म, लघु व मध्‍यम आय वाले व्‍यापारियों को इससे काफी नुकसान झेलना होगा। चिदंबरम ने यह भी कहा कि पहले भाजपा ने जीएसटी का विरोध किया था और काफी प्रदर्शन किए थे। बता दें कि कांग्रेस ने जीएसटी लॉन्च कार्यक्रम का भी बहिष्कार किया था और उसके अलावा अन्य कई दल इसके विरोध में थे।

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Dakhal News 1 July 2017


अजीत जोगी

  पूर्व मुख्यमंत्री व जकांछ सुप्रीमो अजीत जोगी के जाति मामले में सियासी दांव-पेच चल रहे हैं । आदिवासी कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मिलकर जोगी के आदिवासी न होने की रिपोर्ट के आधार पर पिता-पुत्र के खिलाफ एफआईआर कराने की मांग की। इस पर डॉ. सिंह ने उन्हें कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हमने हाईपावर कमेटी बनाई। अब प्रकरण को मुकाम तक पहुंचाएंगे। इधर जोगी कुनबा भी लामबंद है। अजीत जोगी बिलासपुर और रायपुर में वकीलों से रायशुमारी के बाद दिल्ली रवाना हो गए। वे वहां भी वरिष्ठ वकीलों के साथ मंथन कर अगला कदम उठाएंगे। रायपुर में जूनियर जोगी ने सरकार और कांग्रेस को निशाने पर रखा। उधर अजीत जोगी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाली समीरा पैकरा ने भी अपना पक्ष सुनने हाईकोर्ट में केविएट दायर कर दी है। प्रकरण के विरोध और समर्थन में कई शहरों में हल्लाबोल जारी है। इस बीच नईदुनिया टीम ने जोगी के पैतृक ग्राम जोगीसार जाकर पड़ताल की तो चौंकाने वाली बात सामने आई। यहां के ज्यादातर ग्रामीणों का कहना है कि जोगी कंवर जाति के नहीं हैं। कुछ ने उनकी जाति की सही जानकारी होने से इनकार किया। मरवाही विधानसभा के गौरेला से 22 किमी दूर जोगीसार को जोगी अपना पैतृक गांव और लोगों को रिश्तेदार बताते हैं। नईदुनिया टीम ने पाया कि गांव में चार टोला (मोहल्ला) हैं। यहां कंवर जाति के लोगों की संख्या अधिक है। पहले शख्स नानू सिंह कंवर (90) मिले, जिन्होंने बताया कि हम कई पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं। जोगी कंवर हैं, नहीं जानते। तराईपारा मोहल्ले के मानसिंह नागेश (63) ने दो टूक कहा कि वे नहीं मानते कि जोगी आदिवासी हैं। इसी तरह सरिसटोला के कुंवर सिंह कंवर (65) का कहना था कि जोगी चुनाव के चलते आदिवासी बने हैं। खट्टरपारा मोहल्ले के जेवन सिंह पैकरा (60) ने कहा कि सरकार ने तो फैसला कर दिया है कि वे नकली आदिवासी हैं। अजीत जोगी की जाति मामले में आदिवासी कांग्रेसियों ने शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर एफआईआर कराने की मांग की। आदिवासी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष शिशुपाल सोरी और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज मंडावी के नेतृत्व में सीएम हाउस पहुंचे प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि अधिनियम की धारा 10 व नियम 24 के अंतर्गत कमेटी अपने निर्णय के तहत एफआईआर कराने के लिए बाध्य है। बाद में सोरी ने मीडिया से कहा कि छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग अधिनियम के प्रावधानों में जाति फर्जी पाए जाने पर सजा और अर्थदंड का प्रावधान भी है। आदिवासी होने के नाम पर जोगी ने आज तक जितना धन अर्जित किया है, उसकी भी वसूली की जानी चाहिए। कमेटी को इसका पूरा अधिकार है। आदिवासी समाज चाहता है कि इस मामले में कठोर कार्रवाई हो, जिससे आदिवासी होने के नाम पर लाभ लेने वालों का गोरखधंधा खत्म हो सके। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जाति मामले में हाईपावर कमेटी का निर्णय ही अंतिम माना जाएगा। प्रतिनिधि मंडल को डॉ. सिंह ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हमने हाईपावर कमेटी का गठन कर जो काम किया है, उसे मुकाम तक पहुंचाएंगे। सीएम को सौंपे ज्ञापन में शिशुपाल सोरी, गंगा पोटाई, डॉ.प्रेमसाय सिंह, कवासी लखमा, अनिला भेड़िया, तेजकुंवर नेताम समेत कई नेताओं के दस्तखत हैं। हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट को झूठा करार देते हुए जोगी समर्थकों ने जोरदार विरोध किया। जकांछ युवा के प्रदेश अध्यक्ष विनोद तिवारी के नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं ने कमेटी के सदस्यों पर सवाल उठाया। वहीं, मुख्यमंत्री को आदिवासी विरोधी बताते हुए पुतला जलाया। जोगी की जाति मामले में समीरा ने भी पेश की केविएट जोगी की जाति मामले में जिला पंचायत उपाध्यक्ष समीरा पैकरा ने भी हाईकोर्ट में केविएट दाखिल की है। पैकरा ने इसमें कहा है कि पूर्व विधायक पहलवान सिंह मरावी समेत मरवाही क्षेत्र के 200 लोगों ने जोगी और उनके पुत्र की जाति को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका हाईकोर्ट में लंबित है। ऐसी स्थिति में समिति की रिपोर्ट के खिलाफ याचिका दाखिल की जा सकती है,तो उनका पक्ष भी सुना जाए। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को इसी मामले में याचिका दाखिल करने वाले संतकुमार नेताम ने अलग से केविएट दाखिल की है। अजीत जोगी 2 दिन तक बिलासपुर और रायपुर में वरिष्ठ वकीलों से सलाह-मशविरा के बाद शुक्रवार शाम नियमित विमान से दिल्ली रवाना हुए। पार्टी प्रवक्ता सुब्रत डे ने बताया कि जोगी शनिवार को अजमेर में एक कार्यक्रम में शामिल होने गए हैं, जो पहले से तय था। जोगी के आदिवासी न होने के हाईपावर कमेटी के निर्णय को चुनौती देने उसका बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है।  

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Dakhal News 1 July 2017


जीएसटी क्या होगा सस्ता-महंगा

  लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार 1 जुलाई से जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) लागू हो रहा है। सरकार ने  देश में वन नेशन वन टैक्स को साकार करते हुए जीएसटी लॉन्च किया । इसके बाद एक आम आदमी की जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा यह बात हर कोई जानना चाहता है। हम आपको बताते हैं कि जीएसटी लागू होने के बाद कौन सी चीज सस्ती होगी और कौन सी महंगी। यहां मिलगी राहत ब्रांडेड सामान ,होटल में ठहरना और रेस्त्रां में खाना ,अनाज और प्रोसेस्ड फूट आयटम्स ,मनोरंजन सेवाएं ,साबुन-टूथपेस्ट ,पर्सनल हेयर प्रोडक्ट ,एंट्री लेवल की कारें, टू-व्हीलर्स, पेंट,सीमेंट,बिजली का सामान, यहां जेब पर पड़ेगा असर चाय, कॉपी, मसाला, सेंव,सभी तरह के लक्जरी सामान ,तंबाकू उत्पाद,मोबाइल बिल,बीमा,बैकिंग,इंटरनेट, वाईफाई, डीटीएच सेवाएं, स्कूल फीस,कुरियर सेवा एयर टिकिट्स। चीजें जिन पर नहीं लगेगा टैक्स: दूध, अनाज, फल, नमक, चावल, पापड़, रोटी, जानवरों का चारा, कंडोम, गर्भनिरोधक दवाएं, किताबें, चूड़ियां। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि जीएसटी की उच्चतम 28 फीसदी दर उन वस्तुओं पर लागू होगी, जिन पर फिलहाल 30 से 31 फीसदी (12.5 फीसदी एक्साइज ड्यूटी और 14.5 फीसदी वैट) टैक्स लगता है। इस श्रेणी में आने वाली कई वस्तुएं ऐसी हैं जिनका निम्न मध्यम वर्ग द्वारा उपयोग बढ़ता जा रहा है। इसलिए उन वस्तुओं को 18 फीसदी वाली श्रेणी में शिफ्ट किया जाएगा। सीपीआई की 50 फीसदी वस्तुओं पर कोई कर नहीं महंगाई न बढ़े इसके लिए जरूरी सामानों पर सबसे कम पांच फीसदी टैक्स लगेगा। इसी तरह महंगाई (सीपीआई या उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) की दर मापने के बॉस्केट में आने वाली अनाज समेत 50 फीसदी वस्तुओं पर कोई टैक्स नहीं लगाया जाएगा। आम आदमी को यह होगा फायदा जीएसटी के चार तरह के कर को लेकर बनी सहमति के दौरान इस बात का भी ध्‍यान रखने की कोशिश की गई है कि आम आदमी पर इसका बोझ ज्‍यादा ना पड़े। इसके चलते रोजमर्रा में इस्‍तेमाल होने वाली चीजों पर टैक्‍स 6 प्रतिशत की बजाय 5 प्रतिशत करने पर सहमति बनी है। हालांकि फिलहाल यह साफ नहीं है कि सरकार रोजमर्रा की चीजों की लिस्‍ट में किन वस्‍तुओं को शामिल करती है। इसके अलावा सोने पर भी दरों को लेकर कोई साफ निर्णय सामने नहीं आया है। वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि सीपीआई में शामिल 50 प्रतिश चीजों पर कोई टैक्‍स नहीं लगेगा वहीं ज्‍यादा खपत होने वाले प्रोडक्‍ट्स पर 5 फीसदी टैक्‍स लगेगा।  

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Dakhal News 30 June 2017


rahul gandhi gst

  कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जीएसटी में बहुत संभावनाएं हैं लेकिन अपना प्रचार करने के लिए इसे आधे अधूरे स्वरूप में जल्दबाजी में लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी की तरह ही जीएसटी को एक अक्षम और असंवेदनशील सरकार द्वारा संस्थागत तैयारी के बगैर लागू किया जा रहा है। भारत में एेसे जीएसटी को लाए जाने की जरूरत है जो करोड़ों नागरिकों, छोटे व्यवसायियों और कारोबारियों को इतनी चिंता में नहीं डाले। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने वस्तु एवं सेवाकर(जीएसटी) लागू किए जाने को लेकर आयोजित किए जा रहे समारोह के औचित्य पर सवाल उठाते हुए आज कहा कि यह महज एक कर प्रणाली है और संसद के केंद्रीय कक्ष में इसको लेकर जश्न मनाने का कोई औचित्य नहीं है। शर्मा ने यहां संवाददाताओं के सवाल पर कहा कि कांग्रेस जीएसटी का विरोध नहीं करती है क्योंकि यह उसी की संकल्पना का परिणाम है लेकिन इसे लेकर जो तमाशा किया जा रहा है पार्टी को उसपर ऐतराज है।    

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Dakhal News 30 June 2017


सिंधिया-गोविंद सिंह

मध्यप्रदेश कांग्रेस की राजनीति में पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और वरिष्ठ विधायक डॉ. गोविंद सिंह के मनभेद और मतभेद अब जुगलबंदी में बदल गए हैं। दोनों नेताओं की जुगलबंदी ग्वालियर-चम्बल संभाग में किसानों को लेकर प्रदेश के सभी दिग्गजों को एक मंच पर लेकर आएगी। दोनों की दोस्ती को कांग्रेस खेमे में बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। सिंधिया और डॉ. गोविंद सिंह का मनमुटाव ग्वालियर-चम्बल की राजनीति में बरसों से चला आ रहा है। दोनों नेताओं ने कई वर्षों तक मंच साझा नहीं किया था। हाल ही में हुए अटेर चुनाव में दोनों नेता करीब आना शुरू हुए। यहां की सभाओं में दोनों नेता एक मंच पर दिखाई दिए। इसके बाद दूसरा मौका सिंधिया के भोपाल में हुए सत्याग्रह में दिखाई दिया। इसमें दो दिन तक डॉ. गोविंद सिंह इसमें प्रमुखता के साथ मौजूद रहे। इसके बाद किसान के मुद्दे को आगे बढ़ाने के लिए दोनों ने मिलकर चम्बल-ग्वालियर में कांग्रेस का मेगा शो करने का प्लान बनाया। इसमें दस जुलाई को डॉ. गोविंद सिंह के विधानसभा क्षेत्र लहार में किसान पंचायत का आयोजन किया जाना तय हुआ। इसमें सिंधिया तो शामिल होंगे ही, साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा, सत्यव्रत चतुर्वेदी, प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया को भी बुलाया जा रहा है। पटवा सरकार के बाद प्रदेश में राष्टपति शासन लागू हुआ था। इस दौरान कांग्रेस के सभी दिग्गजों ने वर्ष 1993 में डबरा में एक सम्मेलन आयोजित किया। इस सम्मेलन को करवाने में मुख्य भूमिका ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिता माधवराव सिंधिया ने निभाई थी। इस सम्मेलन में माधवराव सिंधिया के अलावा प्रदेश कांग्रेस के सभी दिग्गज नेता एक साथ मंच पर दिखाई दिए थे। इस सम्मेलन से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरा गया था। इस वर्ष के अंत में हुए चुनाव में कांग्रेस ने सरकार बनाई थी।

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Dakhal News 30 June 2017


 सत्यव्रत चतुर्वेदी

खबर नई दिल्ली से । केंद्र सरकार 30 जून की मध्य रात्री को संसद के सेंट्रल हॉल मे जीएसटी लॉन्च करने जा रही है लेकिन उससे पहले कांग्रेस ने इससे दूरी बनाने का फैसला किया है। खबरों के अनुसार कांग्रेस नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी जीएसटी लॉन्च इवेंट का बहिष्कार करेगी। राज्यसभा में कांग्रेस के व्हिप चीफ चतुर्वेदी ने कहा कि कोई भी कांग्रेस नेता जीएसटी लॉन्च कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेगा। बता दें कि पहले ही इस बात की आशंका जताई जा रही थी कि कांग्रेस जीएसटी लॉन्च से दूर रह सकती है। इससे पहले टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी जीएसटी लॉन्च कार्यक्रम का बहिष्कार करने का ऐलान किया था। माना जा रहा है कि कांग्रेस के इस कदम के बाद अन्य विपक्षी दल भी इस कार्यक्रम के विरोध में आ सकते हैं।    

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Dakhal News 29 June 2017


मोदी  फटकार

    गुजरात दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को साबरमती में अहिंसा के आश्रम से गोरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों को कड़ी फटकार लगाई। पीएम ने कहा कि गोभक्ति के नाम पर हत्याएं स्वीकार्य नहीं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को दो दिन के दौरे पर अपने गृहराज्य गुजरात पहुंचे। यहां पीएम सबसे पहले साबरमती आश्रम पहुंचे और आश्रम की 100वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने गोरक्षा और अन्य मुद्दों को लेकर कहा देश के वर्तमान हालात देखकर पीड़ा होती है। उन्होंने कहा कि गोरक्षा के नाम पर हत्या स्वीकार्य नहीं है। यह ऐसा काम है जिसे महात्मा गांधी कभी मंजूर नहीं करते। विनोबा भावे और गांधी ने हमें गोरक्षा करना सिखाया था। उनका रास्ता अहिंसा का था और हमें अहिंसा के रास्ते पर चलना होगा। गोरक्षा के नाम पर हिंसा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गाय के नाम पर किसी की जान लेना ठीक नहीं। गोरक्षा की बात करते हो लेकिन चाहे कोई दोषी हो या निर्दोष लेकिन उसे सजा देने का हक कानून का है, कोई भी कानून अपने हाथ में लेने का हक नहीं रखता। इससे पहले पीएम मोदी ने महात्मा गांधी के आध्यात्मिक गुरू माने जाने वाले श्रीमद राजचंद्र पर स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया। इसके पहले उन्होंने साबरमती आश्रम का दौरा किया और चरखे पर सूत काटा। गुजरात दौरे के लिए अहमदाबाद पहुंचे मोदी का एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के अलावा व अन्य ने उनका स्वागत किया। अपने इस दौरे पर पीएम मोदी पाटीदारों के गढ़ माने जाने वाले राजकोट में 8 किमी रोड शो करेंगे। इसके बाद राजकोट में दिव्यांगों को उपकरण बांटेंगे। इसके बाद आजी बांध जाएंगे जहां नर्मदा के जलावतरण का स्वागत करेंगे। अपने दौरे को लेकर पीएम मोदी ने ट्वीट किया है। इसमें उन्होंने लिखा है कि मैं दो दिन के लिए गुजरात में हूं। इस दौरान अहमदाबाद, राजकोट, मोदासा और गांधीनगर में कार्यक्रमों में हिस्सा लूंगा।  

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Dakhal News 29 June 2017


मीरा कुमार नामांकन

यूपीए की राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार मीरा कुमार ने बुधवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। संसद भवन में मीरा कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अलावा 17 दलों के नेताओं के सामने अपना नामांकन भरा। संसद पहुंचने से पहले मीरा कुमार राजघाट पहुंची जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धाजलि अर्पित की। यहां से वो सीधे लोकसभा के लिए रवाना हो गईं। मीरा कुमार के नामांकन में राजद प्रमुख लालू यादव मौजूद नहीं थे। मिली जानकारी के मुताबिक राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव चारा घोटाला मामले में आज तीन बजे रांची के लिए रवाना होंगे, इस मामले में रांची में कल सुनवाई होनी है। इससे पहले मंगलवार को मीरा कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि वो अपने चुनाव प्रचार का आगाज साबरमति आश्रम से करेंगी।उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में जाति के मुद्दे को लेकर साफ कहा था कि जाति को गठरी में बांधकर जमीन में गहरा गाढ़ा देना चाहिए।

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Dakhal News 28 June 2017


जीएसटी लॉन्चिंग

मोदी सरकार 30 जून की रात भव्य तरीके से जीएसटी लॉन्च करने की तैयारी में है लेकिन विपक्ष सरकार के मंसूबों पर पानी फेर सकता है। खबरों के अनुसार विपक्षी दल जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लागू करने के कार्यक्रम का बहिष्कार करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व तमाम विपक्षी दलों के साथ जीएसटी लागू करने की कथित आधी-अधूरी तैयारियों को देखते हुए सरकार के आयोजन में शरीक होने के पक्ष में नहीं है। विपक्षी खेमे के सूत्रों के अनुसार अगले एक-दो दिन में जीएसटी पर संसद की विशेष बैठक में शामिल होने या न होने पर कांग्रेस औपचारिक रूप से तस्वीर साफ कर देगी। कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों का मानना है कि जीएसटी लागू करने को लेकर व्यापार और उद्योग जगत ही नहीं छोटे-मझोले करोड़ों व्यवसायियों की कई समस्याएं व गहरी चिंताएं हैं। देश में टैक्स के नए युग का आगाज करने को लेकर इनकी चिंताएं वाजिब हैं। विपक्षी दलों का मानना है कि इसकी चुनौतियों को देखते हुए इस बात की गहरी आशंका है कि शुरुआती महीनों में जीएसटी को लेकर देश के कारोबार और व्यापार जगत में अफरा-तफरी का माहौल रखेगा। विपक्ष इस आशंका को देखते हुए ही सरकार के आयोजन से अपनी दूरी बनाए रखना चाहता है, ताकि जीएसटी लागू होने के बाद इसमें आने वाली संभावित खामियों को लेकर सरकार पर बरसने का मौका रहे। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम जीएसटी पर संसद की विशेष बैठक में शामिल नहीं होने के मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों के नेताओं से गंभीर मंत्रणा कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, माकपा नेता सीताराम येचुरी, राजद प्रमुख लालू प्रसाद, द्रमुक नेता स्टालिन आदि से इस बारे में कांग्रेस के रणनीतिकारों की चर्चा जारी है। जीएसटी पर संसद के केंद्रीय कक्ष में बुलाई गई विशेष बैठक में कांग्रेस समेत विपक्ष के हिस्सा नहीं लेने के सवाल पर हालांकि पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ना तो इन्कार किया और ना पुष्टि की। लेकिन सुरजेवाला ने बैठक में शरीक होने पर विपक्षी दलों से मंत्रणा जारी रहने की बात कह साफ संकेत दिया कि कांग्रेस बहिष्कार के विकल्प पर गंभीर है। सरकार ने जीएसटी पर संसद की इस विशेष बैठक में मंच पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत मौजूद रहने वाले विशिष्ट मेहमानों में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी शामिल कर रखा है। जीएसटी की बुनियादी रूपरेखा संप्रग सरकार में ही तय होने और उसमें मनमोहन के योगदान को देखते हुए सरकार ने यह फैसला किया है। कांग्रेस यदि विशेष सत्र के बहिष्कार का फैसला करती है तो फिर मनमोहन भी बैठक में शरीक नहीं होंगे।

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Dakhal News 27 June 2017


shankar singh vaghela

गुजरात के पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शंकर सिंह वाघेला ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता खत्म हो गई है। इस मामले पर सोमवार को भाजपा नेताओं ने चुटकी ली और कहा कि भव्य पुरानी पार्टी कांग्रेस को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए, क्यों उनकी स्वयं की पार्टी के नेता उनके खिलाफ जा रहे हैं। भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है। कांग्रेस को इस मुद्दे पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भव्य पुरानी पार्टी कांग्रेस लोगों और कार्यकताओं दोनों का भरोसा खो चुकी है। कांग्रेस नेता कम हो रहे हैं और लोगों का कांग्रेस के नेताओं पर से भरोसा भी कम हो गया है। कांग्रेस ने उन पार्टियों के साथ हाथ मिलाया, जिनके साथ उनकी प्रतिद्वंद्विता थी। यही कारण है कि उनके अपने स्वयं के कार्यकर्ता पार्टी पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। वाघेला ने कहा 2004 में जब मुझे यूपीए सरकार में मंत्री बनाया गया था, सोनिया गांधी ने कहा कि वह मेरे आरएसएस-भाजपा लिंक के बावजूद मुझ पर भरोसा करती हैं। बदले में, मैंने उनकी वफादारी का वादा किया था। हालांकि, जब हम हाल ही में दिल्ली में मिले थे, मैंने उनसे कह दिया था कि पार्टी के प्रति मेरी प्रतिबद्धता अब समाप्त हो चुकी है।

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Dakhal News 26 June 2017


स्मार्ट सिटी  भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि दुनिया में स्मार्ट सिटी का मापदंड भोपाल स्थापित करेगा। शहर में इसकी पूरी क्षमता और दक्षता मौजूद है। उन्होंने कहा कि नागरिकों ने क्लीन सिटी भोपाल बनाने का जो संकल्प लिया था, सफलतापूर्वक पूरा कर दिखाया है। आज भोपाल देश का दूसरा सबसे स्वच्छ नगर है। श्री चौहान आज स्मार्ट सिटी प्लान की दूसरी वर्षगाँठ पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मानवीय संवेदनाओं के साथ स्मार्ट सिटी की व्यवस्थाएँ हों। स्मार्ट व्यवस्थाओं से गरीब का जीवन और पर्यावरण बेहतर हो। झोपड़ी में रहने वाले आवास में रहें। ऐसे प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि स्मार्ट सिटी के सभी प्रतीक चिन्ह हिन्दी में भी हों। स्थानीय प्रजातियों के पेड़ लगाये जायें ताकि पर्यावरण में ऑक्सीजन की उपलब्धता बेहतर हो। भावी-पीढ़ी को स्वच्छ पर्यावरण मिले। इसके सभी आवश्यक प्रयास किये जायें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने साइकिल ट्रेक बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि साइकिलिंग से जहाँ एक ओर सेहत बनती है, वहीं पर्यावरण प्रदूषण में भी भारी कमी आती है। उन्होंने गाड़ियों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने की जरूरत बतायी। एक से अधिक गाड़ी रखने वालों पर वित्तीय भार बढ़ाने के विचार पर चिंतन का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि भोपाल को क्लीन, ग्रीन, हेल्दी हाईटेक और ग्लोबल सिटी बनाने का जो संकल्प लिया गया था, उस दिशा में भोपाल नगर निगम तेजी से कार्य करके दिखा रहा है। स्मार्ट व्यवस्थाओं में गरीबों की बेहतरी के कार्यों के लिये नगर निगम के प्रयासों का अभिनंदन करते हुए निगम की टीम को बधाईयाँ दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में प्रगति और विकास कर रहा है। नगरीय विकास में प्रदेश देश में अव्वल है। देश की सौ स्मार्ट सिटी में 22 शहर राज्य के हैं। मध्यप्रदेश का कृषि उत्पादन देश में सर्वाधिक है। प्याज का उत्पादन 32 लाख मेट्रिक टन हुआ है। उन्होंने स्मार्ट सिटी प्लान के प्रारूप को अदभुत बताते हुए कार्य की तेज गति को बनाये रखने की जरूरत बतायी। प्रारंभ में स्मार्ट सिटी भोपाल के जी.आई.एस. पोर्टल, स्मार्ट पोल और स्मार्ट साइकिलिंग सुविधाओं का उन्होंने लोकार्पण किया। श्री चौहान ने कहा कि शीघ्र ही वे भी साइकिलिंग सुविधाओं का उपयोग करेंगे। नगर निगम आयुक्त श्रीमती छवि भारद्वाज ने बताया कि भोपाल स्मार्ट सिटी में तात्या टोपे नगर पुनर्विकास प्लान की दूसरी वर्षगाँठ मनाई जा रही है। उन्होंने स्मार्ट सिटी भोपाल के कुल 342 एकड़ क्षेत्रफल कार्यरूप के आकल्पन की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में लघु चल-चित्र का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह, महापौर श्री आलोक शर्मा, सांसद श्री आलोक संजर, विधायक श्री सुरेंद्र नाथ सिंह, विधायक श्री विष्णु खत्री, निगम के अध्यक्ष  डॉक्टर सुरजीत सिंह चौहान, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष डॉक्टर हितेश वाजपेई, भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओम यादव, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष श्री विजेश लुणावत, भोपाल स्मार्ट सिटी डेव्लपमेंट कार्पोरेशन के चेयरमेन कलेक्टर श्री सुदामा खाड़े, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, नगर निगम के पदाधिकारी, अधिकारी उपस्थित थे।   

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Dakhal News 26 June 2017


man ki baat

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' जरिए राष्ट्र को संबोधित किया। सुबह 11 बजे हुए इस प्रसारण में मोदी ने जगन्नाथ रथ यात्रा और रमजान का जिक्र किया और लोगों को बधाइयां दी।  पीएम ने कहा कि मौसम बदल रहा है। इस बार गर्मी भी बहुत रही, लेकिन अच्छा हुआ कि वर्षा ऋतु समय पर अपने नक्शे कदम पर आगे बढ़ रही है। जीवन में कितनी ही आपाधापी हो, तनाव हो, व्यक्तिगत जीवन हो, सार्वजनिक जीवन हो, बारिश का आगमन मनःस्थिति को बदल देता है। प्रधानमंत्री ने मुबारकपुर के लोगों की तारीफ की, जिन्होंने शौचालय बनाने के लिए दिया गया 17 लाख रुपए का फंड लौटा दिया और अपने प्रयासों से खुले में शौच से मुक्ति पाई। आपातकाल के 42 साल पूरे होने का जिक्र करते हुए करते हुए पीएम मोदी ने कहा, '25 जून, 1975 की वो काली रात थी जो कई भी लोकतंत्रप्रेमी भुला नहीं सकता है। कोई भारतवासी भुला नहीं सकता। देश को जेलखाने में बदल दिया गया था। विरोधी स्वर को दबोच दिया गया था। जयप्रकाश नारायण सहित देश के गणमान्य नेताओं को जेलों में बंद कर दिया गया था। न्याय व्यवस्था भी आपाताकाल के उस भयावह रूप की छाया से बच नहीं पाई थी। अखबारों को तो पूरी तरह बेकार कर दिया गया था।' इस दौरान मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी की एक कविता भी पढ़ी। योग दिवस की कामयाबी पर मोदी ने कहा, 21 जून को पूरा देश ही नहीं दुनियाभर में योग हो रहा था। योग अब दुनिया को जोड़ने का जरिया बन गया है। जगन्नाथ रथ यात्रा के बारे में उन्होंने कहा, भगवान जगन्नाथ गरीबों के स्वामी हैं। बहुत कम लोगों को पता होगा कि अंग्रेजी में juggernaut शब्द का अर्थ है- जगन्नाथ। मोदी ने बताया कि रोज उन्हें बहुत सारी चिट्ठियां आती हैं। लोगों से जुड़े रहने के लिए वे चुनिंदा चिट्ठियां पढ़ते हैं। इसी क्रम में उन्होंने तमिलनाडु की एक गृहिणी की एक चिट्ठी का भी जिक्र किया। इस चिट्ठी के माध्यम से मोदी ने लोगों को भारत सरकार की गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस योजना का जिक्र किया। https://gem.gov.in पर इसकी सारी जानकारी उपलब्ध है। यहां लोग अपनी बनाई चीजें सरकार को बेच सकते हैं। मोदी ने कहा, खादी का रुमाल दे कर स्वागत करते हैं, तो कितने गरीब लोगों को मदद मिलती है। खर्चा कम हो जाता है और सही रूप से उसका उपयोग भी होता है। मैं जब गुजरात का मुख्यमंत्री था, तो मैंने परंपरा बनाई थी कि हम बुके नहीं बुक देंगे या खादी के रूमाल से स्वागत करेंगे। अभी दो दिन पहले इसरो ने कॉर्टोसेट सैटेलाइट के साथ 30 नैनोसैटेलाइट लॉन्च किए। भारत के नैनोसैटेलाइट अभियान से खेती-किसानी के काम में, प्राकृतिक आपदा के संबंध में काफी कुछ हमें मदद मिलेगी।  

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Dakhal News 25 June 2017


 महात्मा गांधी ग्रामोदय चित्रकूट विश्वविद्यालय

  विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल की 51वीं बैठक सम्पन्न   राज्यपाल ओम प्रकाश कोहली ने आज कहा कि विश्वविद्यालय ग्रामीणों के जीवन स्तर को सुधारने, उनके उन्नयन और स्वरोजगार की ओर विशेष ध्यान दें। साथ ही कौशल विकास जैसी रोजगारपरक शैक्षणिक शैली के माध्यम से विद्यार्थियों के स्वावलम्बन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें। राज्यपाल ने भोपाल  राजभवन में महात्मा गांधी ग्रामोदय चित्रकूट विश्वविद्यालय, के प्रबंध मण्डल की 51 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश दिये। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. एम मोहनराव, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अशीष उपाध्याय, कुलपति प्रो.एन.सी गौतम, प्रबंध मंडल के सदस्य तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। राज्यपाल श्री कोहली ने कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य आदिवासी बाहुल्य चित्रकूट परिक्षेत्र के समग्र विकास के लिए तथा मानवीय चेतना को विकसित कर उन्हें राष्ट्र के‍विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि चित्रकूट क्षेत्र उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश की सीमा से सटे होने के कारण इस विश्‍वविद्यालय का महत्व और दायित्व बहुत बढ जाता है। छात्र-छात्राओं को शिक्षा देने के साथ इस क्षेत्र की सभ्यता और संस्कृति को पूरे देश एवं विदेश में पहुँचाना हमारा कर्तव्य है। राज्यपाल श्री कोहली ने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में स्वच्छ वातावरण निर्मित करने का प्रयास करना चाहिए। बैठक में चित्रकूट विश्वविद्यालय के प्रबंध मंण्डल की 52 वीं बैठक चित्रकूट सतना में ही आयोजित करने का निर्णय लिया गया ।  

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Dakhal News 25 June 2017


meera kumar

  एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को जदयू द्वारा समर्थन दिए जाने के बाद विपक्षी दलों ने लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। माना जा रहा है कि सत्तापक्ष के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के मुकाबले दलित व महिला उम्मीदवार खड़ा करने के पीछे विपक्षी एकता को बनाए रखना है। इससे पहले एनडीए के उम्मीदवार कोविंद का जदयू द्वारा समर्थन किए जाने से मुश्किल बढ़ गई है। कोविंद 23 जून को अपना नामांकन भरेंगे। इससे पहले सोनिया गांधी ने गुरुवार को पहले से तय विपक्षी दलों की बैठक संसद की लाइब्रेरी में बुलाई थी, जिसमें यह फैसला लिया गया। बैठक से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी अाजाद अौर अहमद पटेल ने 10 जनपथ पहुंच कर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। साथ ही साथ मीरा कुमार ने भी सोनिया गांधी से मुलाकात की थी, जिसके बाद उनको राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के कयास ने जोर पकड़ लिया था। खबरों के अनुसार विपक्ष जिन नामों पर चर्चा कर रहा था, उनमें पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे, एमएस स्वामीनाथन के अलावा अन्य शामिल थे। इससे पहले विपक्षी दलों को बड़ा झटका देते हुए जदयू ने रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का फैसला किया। उनके पहले मुलायम सिंह ऐसा कर चुके हैं वहीं मायावती ने भी कोविंद के प्रति नर्म रुख दिखाया है। इसके बाद विपक्षी दलों के लिए अपने पक्ष में समर्थन जुटाना टेढ़ी खीर बनता जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा कोविंद को पूर्ण बहुमत से जिताने में लगी है और उसे इसके लिए बहुमत भी मिल चुका है।

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Dakhal News 22 June 2017


ramnath kovind

उमेश त्रिवेदी गणित रामनाथ कोविंद के पक्ष में है और वक्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ है- शायद इसीलिए विकीपीडिया में एनडीए के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद की मामूली सी लगने वाली प्रोफाइल की स्याही में एकाएक सोना घुलने लगा है और मोदी की बुलन्दियों के आगे बादल हारने लगे हैं। कोविंद के राष्ट्रपति प्रत्याशी होने से पहले तक विकीपीडिया में उनका जीवन-परिचय महज आठ पंक्तियों में लगभग ढाई सौ शब्दों में सिमटा था। राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी घोषित होने के बाद इसमें दो लाइन और चालीस शब्द और जुड़ गए हैं।     बिहार के राज्यपाल के रूप में कोविंद बड़े आदमी जरूर थे, लेकिन 19 जून के बाद उनके बड़प्पन में एकाएक महानता घुलने लगी है, ज्ञान का आभा-चक्र उनके व्यक्तित्व को जगमगाने लगा, विशेषणों के पुष्प-गुच्छ सजने लगे हैं। पता नहीं, राष्ट्रपति के रूप में प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक-अन्वेषण के पहले रामनाथ कोविंद की महानता का इंडेक्स कितना था, लेकिन मोदी की राजनीतिक-कृपा बरसने के बाद सारे डायनॉमिक्स एकाएक बदल गए हैं।  राजनीतिक-राडार पर नीचे उड़ान भरने वाले कोविंद के जेट-अपीरियेंस ने हर निगाह को उनकी ओर मोड़ दिया है। सोमवार को मीडिया-सर्च में वो सबसे अव्वल थे। अखबारों की हेड-लाइंस में उनका बखान चौंकाने वाला है। उन्हें चमक-दमक से दूर हमेशा लो-प्रोफाइल रहने वाले गुमशुदा से बिरले राजनीतिज्ञ के रूप में परोसा जा रहा है। खबरों में आरएसएस से उनकी जुगलबंदी की अनुगूंज सुनाई पड़ने लगी है। आरएसएस उन्हें सेवा और साधना के लिए समर्पित हिन्दुत्व के लिए प्रतिबद्ध आध्यात्मिक व्यक्ति के रूप में पसंद करता रहा है। संघ के शीर्ष नेतृत्व में शरीक भैयाजी जोशी और कृष्ण  गोपाल जी जैसी हस्तियों का सम्मान उन्हें हांसिल  है। दलितों के बीच संघ की पैठ बढ़ाने में उनके योगदान का संघ में बड़ा सम्मान है। उनके चयन को संघ की विचारधारा का विस्तार माना जा रहा है। यह उनके राष्ट्रपति प्रत्याशी हो जाने का प्रताप है, राष्ट्रपति भवन की भव्यता का ताप है कि उनके अक्षर-ज्ञान में वैदिक-ऋचाओं का रस छलकने लगा है, उनके शब्दों में सुभाषितों का कोरस खनकने लगा है। मंत्रियों के ट्विटर-अकाउंट पर उनकी गुण-गाथा चहकने लगी है और टीवी बाइट्स में उनका राजनीतिक-अवतार असीम श्रद्धा बटोर रहा है।  कोविंद और भाजपा का रिश्ता 26 साल पुराना है, वो दिल्ली में वकालत करते थे और उत्तर प्रदेश में भाजपा के महत्वपूर्ण पदों पर बैठकर संगठन की मूक सेवा करते थे। उनकी राजनीतिक हैसियत का अंदाज इसी  बात से लग सकता है कि 2014 में तमाम कोशिशों के बावजूद भाजपा ने उन्हें लोकसभा का टिकट नहीं दिया था। भाजपा में मोदी के अभ्युदय के बाद वो पार्टी में हाशिए पर पहुंच गए थे। वो उप्र  भाजपा में ही कुछ काम करते रहना चाहते थे। भाजपा की राजनीतिक जरूरतों के मद्देनजर मोदी उप्र के किसी दलित नेता को बिहार का राज्यपाल बनाना चाहते थे। संयोगवश राजनीतिक-लाटरी में रामनाथ कोविंद का नाम सामने आया और वे बिहार के राज्यपाल बन गए। राजनीतिक पर्यवेक्षक मानते हैं कि यही दलित-संयोग उन्हें बिहार के राजभवन से राष्ट्रपति-भवन पहुंचा रहा है।       कहते हैं कि समय बड़ा बलवान होता है, काल का पहिया अपने हिसाब से घूमता और चलता है, लोगों के जतन करने से कुछ हांसिल नहीं होता है, इस बात का किसी के पास कोई जवाब नहीं है कि रामनाथ कोविंद ही भाजपा की ओर से राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी क्यों हैं और भाजपा के पितृपुरुष लालकृष्ण आडवाणी राष्ट्रपति की चौखट तक क्यों नहीं पहुंच पा रहे हैं? मुरली मनोहर जोशी इलाहाबाद में संगम के किनारे रामनामी ओढ़े क्यों बैठे हैं? शांता कुमार हिमाचल की वादियों में क्यों गुम हो गए हैं? सोशल मीडिया पर किसी ने यह सवाल पूछा है कि लालकृष्ण आडवाणी के बजाय रामनाथ कोविंद नरेन्द्र मोदी की प्राथमिकता क्यों हैं? इसी सवाल के नीचे उत्तर भी नत्थी है कि यदि भाजपा का संसदीय बोर्ड आडवाणी को अपना प्रत्याशी चुनता तो इसकी सूचना लेकर नरेन्द्र मोदी को आडवाणी के घर जाना पड़ता, कोविंद की तरह आडवाणी मोदी से मिलने प्रधानमंत्री आवास पर नहीं आते...क्योंकि आडवाणी के सार्वजनिक-जीवन और राजनीतिक साधना की जगमगाहट किसी पद या व्यक्ति का मोहताज नहीं है। लोग रामनाथ कोविंद के चयन में मोदी के राजनीतिक चातुर्य को सराह रहे हैं कि उन्होंने 2019 में भाजपा के विजयश्री की नींव रख दी है, लेकिन उस राजनीतिक कुटिलता को नहीं पढ़ रहे जो पार्टी में एकाधिकार की कूट-दिशाओं की इशारा कर रही हैं।[लेखक उमेश त्रिवेदी सुबह सवेरे के प्रधान संपादक है।]

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Dakhal News 22 June 2017


shavasn

  अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कांग्रेस ने मंदसौर में पुलिस फायरिंग में किसानों की मौत के विरोध में भोपाल स्थित कांग्रेस कार्यालय सहित जिलों में भी शवासन किया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। कांग्रेस का आरोप है कि किसानों की मौत के बाद भी सरकार लापरवाह बनी रही, इसके विरोध में ही शवासन किया गया। कुछ किसान संगठनों ने भी कांग्रेस के इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए शवासन किया। भारतीय किसान महासंघ ने भी राजधानी में शवासन कर विरोध जताया।गौरतलब है कि किसान आंदोलन के दौरान मंदसौर पुलिस फायरिंग में हुई किसानों की मौत के बाद से कांग्रेस सरकार को घेरने में लगी है।  

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Dakhal News 21 June 2017


ramnath kovind

    विपक्ष की उठापटक के बीच नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने फैसला किया है कि वो एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को अपना समर्थन देगी। नीतीश कुमार के इस कदम को विपक्ष के लिए बड़ा झटका मानना जा रहा है। खबरों के अनुसार नीतीश ने बुधवार को अपने सांसदों और विधायकों की बैठक बुलाई थी जिसमें सभी से उनकी राय पूछी गई। बैठक में शामिल हो कर बाहर आए एक विधायक रत्नेश सदा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमने राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का निर्णय लिया है। हालांकि इस मामले में अभी तक नीतीश कुमार ने कोई बयान नहीं दिया है लेकिन खबर है कि नीतीश शाम को पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव से मुलाकात कर इस बात की जानकारी देंगे कि जदयू विपक्ष के साथ नहीं है।  

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Dakhal News 21 June 2017


rastrpati chunav

  बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को भाजपा ने अपना राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है और उम्मीद जताई है कि विपक्ष उसके साथ आएगा। लेकिन विपक्ष ऐसा करने के मुढ़ में नहीं है। खबर है कि कांग्रेस कोविंद के पक्ष में नहीं है और विपक्ष अपना उम्मीदवार उतारेगी। हालांकि इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन मीडिया में सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के अनुसार कोविंद का समर्थन करने के लिए कांग्रेस ने भाजपा की अपील को ठुकरा दिया है। कांग्रेस अब कोविंद को समर्थन नहीं देगी और अपना नया उम्मीदवार उतारेगी। वैसे इस बात का इशारा कांग्रेस ने सोमवार को तब ही दे दिया था जब कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कोविंद के नाम को चुने जाने को एकतरफा फैसला करार दिया था। इसके बाद कांग्रेस के साथ आए अन्य सहयोगी दलों ने भी कोविंद के नाम पर स्पष्ट समर्थन नहीं दिया और सिर्फ यही कहते रहे कि 22 जून को होने वाली विपक्षी दलों की बैठक में ही कोई फैसला होगा।

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Dakhal News 20 June 2017


रामनाथ कोविंद भाजपा के राष्ट्रपति

रामनाथ कोविंद भाजपा के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार राष्ट्रपति चुनाव को लेकर केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा ने दलित कार्ड खेलते हुए बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को अपना उम्मीदवार बनाया है। रामनाथ कोविंद के नाम की घोषणा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने संवाददाता सम्मेलन में की। उन्होंने कहा कि रामनाथ कोविंद दलित व पिछड़े वर्गों के लिए हमेशा से ही संघर्ष करते रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बताया कि सभी सहयोगी दलों व विपक्षी दलों के नेताओं को इस बारे में जानकारी दे दी गई है। साथ ही पीएम मोदी ने सोनिया गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी बात की है और सोनिया गांधी जी ने कहा है कि वे बातचीत करने के बाद आगे के फैसले के बारे में बताएंगी। इसके पहले बैठक में राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार पर फैसला तो नहीं हुआ था लेकिन तय हुआ था कि नाम पर अंतिम मुहर पीएम मोदी और अमित शाह ही लगाएंगे। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए रामनाथ कोविंद का नाम सार्वजनिक किए जाने के बाद सभी तरफ से राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। इसे लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के महासचिव नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कोविंद अजातशत्रु हैं और इनके नाम को कोई भी इन्कार नहीं कर सकता। उनकी छवि निर्विवाद रही है। वहीं बिहार भाजपा के नेता सुशील मोदी ने कहा कि इस पद के लिए रामनाथ कोविंद सबसे अच्छा चुनाव हैं। राजनीतिक स्तर पर भी यह चयन बिल्कुल सही है। वो एक उदारवादी नेता हैं और संविधान के अच्छे जानकार हैं। इस पद के लिए वो बिल्कुल सही व्यक्ति हैं। राम नाथ कोविन्द का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले (वर्तमान में कानपुर देहात जिला ) की तहसील डेरापुर के एक छोटे से गांव परौंख में हुआ था। कोविंद का संबंद कोरी या कोली जाति से है, जो उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के अंतर्गत आती है। वकालत की उपाधि लेने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय में वकालत शुरू की। वह 1977 से 1979 तक दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र सरकार के वकील रहे। आठ अगस्त 2015 को बिहार के राज्यपाल के पद पर नियुक्ति हुई। वर्ष 1991 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। वर्ष 1994 में उत्तर प्रदेश राज्य से राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए। साल 2000 में पुनः उत्तरप्रदेश राज्य से राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए। इस प्रकार कोविन्द लगातार 12 साल तक राज्य सभा के सदस्य रहे। वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रहे।  

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Dakhal News 19 June 2017


MP BJP

  राघवेंद्र सिंह मध्यप्रदेश के सियासी सीन में जबरदस्त उथल-पुथल मची हुई है। साढ़े तेरह बरस की भाजपा सरकार और उसका संगठन अब तक के सर्वाधिक दबाव में है। किसान आंदोलन में सात की मृत्यु के बाद एक बार फिर साफ हुआ कि भाजपा सरकार और संगठन की करनी कथनी में अंतर का खामियाजा सबको भुगतना पड़ रहा है। नौकरशाही की नाफरमानियों के साथ पहले ही शिवराज सरकार पर आरोपों के हंटर भीतर बाहर बरस ही रहे थे। ऐसे में किसान आंदोलन ने उस पर मानों प्रमाणीकरण की मोहर लगा दी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को संकट का अंदाजा हो गया है इसलिये वे रूस यात्रा रद्द कर मोर्चे पर हैैं। डेमेज कंट्रोल के लिये। उनसे नाराज मंत्रियों का समूह और कमजोर संगठन ने असंतुष्टों ने पार्टी आलाकमान के सामने मोर्चा खोल दिया है। शिवराज बड़े खिलाड़ी हो गये हैैं। अब तक वे डंपर कांड से लेकर व्यापमं घोटाले तक से निपट सुलझते इस मुकाम तक आ गये हैैं। मगर इसमें जोड़ तोड़ से ज्यादा उनके भाग्य और उनके किसान, भांजे भांजियों की दुआओं के अलावा कमजोर कांग्र्रेस भी संकटों से बचाती रही है। अब 2018 में चुनाव हैैं सो कांग्र्रेस ने भी अजगरी मुद्रा से निकल सक्रिय होना शुरू कर दिया है। लोग कांग्र्रेस नेताओं की गतिविधियों पर भी टकटकी लगाये हुये हैैं। गाहे बगाहे कांग्र्रेस नेताओं के भाजपा कनेक्शन भी सुर्खियों में रहे हैैं। बहरहाल अभी तो भाजपा और शिवराज सरकार अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। किसान आंदोलन तो सरकार के कमजोर तंत्र, इच्छा शक्ति की कमी और सड़ गल रहे संगठन को बेनकाब कर रहा है। गप्पों और  जुमलों में धंसी भाजपा की सियासत उसेे भारी पड़ रही है। हालत यह है कि श्रेष्ठ संगठन वाले प्रदेश में किसी को पता नहीं चला कि किसान आंक्रोश में है। यह तब हुआ जब दावा किया था कि 10 हजार समयदानी भाजपाई प्रदेश में घूम रहे हैैं। इस कमजोरी के चलते मध्यप्रदेश फेस्ट फेल हो गया। किसान आंदोलन से भाजपा व शिव सरकार की छवि को धक्का लगा उसे ठीक नहीं किया जा रहा है। प्रदेश नेताओं के किसानों के बीच दौरे ïअव्यवस्थित हैैं। कुछ रद्द भी हो गये हैैं। कहा जा रहा है किसानों व भाजपा कार्यकर्ताओं की रूचि नहीं है। गंभीर हैै ये सब। भाजपा इन संकेतों को चिट्ठी तार से ऊपर उठकर ई मेल और लाइव वाट्सअप सूचना माननी चाहिये। सबसे गंभीर बात यह है कि प्रदेश भाजपा के प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे का कहीं पता नहीं है। ऐसा लगता है उन्होंने अघोषित रूप से प्रभार का जिम्मा छोड़ दिया है। संगठन महामंत्री सुहास भगत पहले से ही भाजपा नेताओं व बहुत हद तक खुद ही कार्य शैली परेशान हैैं। लगता है राजनीति उन्हें रास नहीं आ रही है। वरना पार्टी के डूबने के संकेत मिलने पर ही जहजा का केप्टन सक्रिय नहीं है। अब शायद जहाज के साथ कप्तान के डूबने की परंपरा नहीं होने से सब सियासत और सत्ता का आनंद ले रहे हैैं। इन स्थितियों के बीच संगठन में बदलाव होने की खबरें भी तेजी से हवा में तैर रही हैैं। कुछ काईयां नेता इसे संगठन कम सरकार को प्रभावित करने वाला अधिक मान रहे हैैं। भाजपा हाईकमान के पास जो खबरें जा रही है उससे वह चिंतित है। सरकार के भीतर का असंतोष चरम पर है। नाराज मंत्री अपना दुखड़ा लाइव सुना रहे हैैं। बेलगाम मंत्री और नौकरशाही पहले से ही मुख्यमंत्री के गले की हड्डी बनी हुई है। सीएम शिवराज सिंह चौहान की पूंजी है उनकी गरीब गुरबों में मसीहा की। किसान पुत्र और काया की। किसान आंदोलन  ने उससे ज्यादा धक्का पहुंचाया है। बाते हो रही है सुधार की। लेकिन नौकर शाही और सरकार की चाल ढाल में बदलाव नहीं है। सरकार में घबराहट अलबत्ता है मगर कभी संकट मोचकों में शुमार रहे कैलाश विजयवर्गीय, भी दोस्त नहीं रहे। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तौमर नाराज भले ही न हो मगर खुश भी नहीं है।  सरकार की छवि विश्वास कंट में है। बातों और वादों पर कोई भरोसा नहीं कर पा रहा है। हालात अच्छे नहीं हैैं और कोई पाजिटिव संकेत भी नहीं.... दिल थाम कर देखिये आगे होता है क्या....? भाजपा फाइटर है और मुश्किलों से उबरना जानती है। मगर कई सांप काटने का इलाज करने वाला सांप के काटने से ही खतरे में पड़ता है। जब वे आस्तीन में हो तो मुश्किलों और भी विकट होती है। फिलहाल तो डंपर, व्यापमं जैसे कांडों से उबरने वाले शिवराज सिंह किसान आंदोलन से कैसे निपटते हैैं। अभी तो विरोधी खुश हैैं और उनके ख्याल उत्सव की तैयारियों के हैैं। लल्ला खेले काहू को.... एक देशी कहावत है तेल जले बाती जले, नाम दीया को होये, लल्ला खेले काहू को और नाम पिया का होए....मध्यप्रदेश की सियासत में ऐसा ही कुछ घटित हो रहा है। किसान नेता शिवकुमार शर्मा कक्का की टीम ने किसान आंदोलन शुरू किया। हिंसा हुई और गोलीबारी में सात किसानों की मौत हो गई। मामला देशव्यापी हुआ हो गर्म लोहे पर चोट करने के लिये कांग्र्रेस नेता सत्याग्र्रह के साथ नर्मदा परिक्रमा की तैयारियों में जुट गये। अगले बरस विधानसभा चुनाव की मियाद नहीं होती तो कांग्र्रेस का खेमा अभी बैरक में आराम फरमा रही होती। क्योंकि 13 साल की भाजपा सरकार में जनता के लिये संघर्ष करने के अवसर तो की आये मगर कांग्र्रेस रस्म अदायगी से आगे नहीं बढ़ी। अब चूंकि किसानों ने आंदोलन कर शहादत दे दी है तो कांग्रेस इस संघर्ष को अपने नाम करने की तैयारी में है। सत्याग्रह  व परिक्रमा के जरिये ज्योतिरादित्या सिंधिया, दिग्विजय सिंह अभी अपनी वलदीयत लिखाने की होड़ में आगे है। जबकि कांग्रेस व उनके नेताओं का किसानों के दुख संघर्ष का सीधा सरोकार नहीं रहा है। क्योंकि उसने आंदोलन किया नही वह तो केवल समर्थन देने की बात कर रही है । भविष्य में कांग्रेस किस करवट बैठेगी कुछ कहा नहीं जा सकता। अभी पुरूषार्थ के नाम पर किसानों की तेल - बाती जल रही है कांग्रेस इसे अपने नाम करने की जुगत में है। आंदोलन का लल्ला कांग्रेस के भी हो जाये बशर्ते कांग्रेस में एका हो...

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Dakhal News 19 June 2017


गौरीशंकर बिसेन

एमपी के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन और सांसद बोध सिंह भगत के बीच सार्वजनिक मंच पर हुए झगड़े को भाजपा के प्रदेश संगठन ने भले ही रफा-दफा कर दिया हो, लेकिन पार्टी आलाकमान ने इसे गंभीरता से लिया है। प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे ने बोध सिंह भगत को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है, वहीं भगत ने भी दिल्ली पहुंचकर बिसेन की शिकायत पार्टी के बड़े नेताओं से की है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी आलाकमान इस बात से खासा नाराज है कि मोदी सरकार के तीन साल के कार्यक्रम में इस तरह के झगड़े सामने आए हैं। प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे ने बताया कि मैंने सांसद भगत को दिल्ली बुलाया है। इस तरह की घटना कैसे हुई, इस बारे में पूरी जानकारी लूंगा। गौरतलब है कि प्रदेश नेतृत्व ने पूरे मामले में बोध सिंह भगत को दोषी ठहराया था। नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा था कि गलती बोध सिंह भगत की तरफ से हुई थी। सांसद भगत ने भले ही प्रदेश नेतृत्व के सामने खेद व्यक्त कर दिया हो, लेकिन उनका गुस्सा ठंडा नहीं हुआ। प्रदेश अध्यक्ष से मिलने के बाद वे दिल्ली रवाना हो गए थे। सूत्रों के मुताबिक भगत ने संगठन महामंत्री रामलाल से मिलने का समय मांगा था। भगत ने पार्टी आलाकमान को बालाघाट में यशोदा सीड्स द्वारा किए गए फर्जीवाड़े और बिसेन द्वारा कंपनी को की गई मदद की जानकारी भी दी है। पीएमओ ने भी मामले की रिपोर्ट तलब की थी। बोध सिंह भगत पहले भी आरोप लगा चुके हैं कि बिसेन अपनी बेटी मौसम बिसेन को लोकसभा का टिकट नहीं दिलवा सके, इसकी खीज वे उन पर निकाल रहे हैं। हालांकि इस बारे में बोध सिंह भगत से संपर्क नहीं हो सका।  

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Dakhal News 19 June 2017


mulaym singh

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव द्वारा किए गए ऐलान के बाद समाजवादी पार्टी में फिर से कलह मचने की आशंका बढ़ गई है। यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को दरकिनार कर मुलायम सिंह यादव ने ऐलान किया कि समाजवादी पार्टी राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार को समर्थन देगी। हालांकि, मुलायम ने इसके साथ एक शर्त भी जोड़ी है कि उम्मीदवार सभी द्वारा स्वीकार्य व कट्टर भगवा चेहरा नहीं होना चाहिए। गृह मंत्री राजनाथ सिंह और सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को इस मसले पर मुलायम सिंह यादव से मुलाकात कर बातचीत की थी। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा गठित पैनल के सदस्य विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात करके राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर एक राय बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, मुलायम ने कांग्रेस को लेकर अपने संशय के बारे में भाजपा नेताओं को बताया। साथ ही पार्टी के मामलों को हैंडल करने के अपने बेटे अखिलेश के तौर-तरीकों पर भी आपत्ति जताई। सूत्रों ने दावा किया कि भाजपा नेता आश्वस्त हैं कि राष्ट्रपति चुनाव में समाजवादी पार्टी का अधिकतर वोट उनके पाले में ही जाएगा। मुलायम का एनडीए कैंडिडेट को समर्थन देने का ताजा रुख कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी धड़े के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। दरअसल, सभी बड़े विपक्ष दल एकजुट होकर राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा को कड़ी सियासी टक्कर देने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों से जानकारी मिली है कि भाजपा नेताओं से मुलाकात में मुलायम ने अपनी उस पहल का जिक्र किया, जिसके फलीभूत होने के बाद एपीजे अब्दुल कलाम को एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया था। वहीं, सूत्रों का यह भी दावा है कि राष्ट्रपति चुनाव में अखिलेश यादव गैर एनडीए धड़े के साथ ही खड़े होंगे और किसी भी हालत में कांग्रेस की अगुआई वाले फ्रंट के खिलाफ नहीं जाएंगे।  

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Dakhal News 18 June 2017


मंत्री गौरीशंकर बिसेन

  एमपी के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन और बालाघाट सांसद बोधसिंह भगत के बीच सार्वजनिक मंच पर झगड़े ने भाजपा के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और भाजपा हाईकमान ने इस पूरे मामले में रिपोर्ट मांगी है। प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, महामंत्री अजय प्रताप सिंह और महाकौशल प्रांत के संगठन मंत्री अतुल राय के बीच इस झगड़े को लेकर कार्यालय में बातचीत भी हुई, इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ने बिसेन और भगत को तलब किया है। गौरीशंकर बिसेन बुधवार को दिल्ली में थे, उन्हें गुरुवार को भोपाल में रहने को कहा गया है। सूत्रों के मुताबिक मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर आयोजित मोदी फेस्ट के दौरान यह विवाद होने से भी पार्टी हाईकमान और पीएमओ ने मामले को गंभीरता से लिया है। गुरुवार को प्रदेश संगठन के नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक इस मसले पर चर्चा हुई। हालांकि संगठन अभी तक दोनों नेताओं पर कार्रवाई का मन नहीं बना पाया है। शुक्रवार को उनसे इस संबंध में पूछताछ की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक सांसद होने की वजह से प्रदेश नेतृत्व बोध सिंह भगत पर सीधे कार्रवाई नहीं कर पा रहा है, वहीं मंत्री होने के कारण बिसेन पर भी पार्टी कोई कड़ा कदम उठाने से बच रही है। अनुशासित कार्यकर्ता होने का दंभ भरने वाली भाजपा के कई विधायक और महत्वपूर्ण पद पर बैठे लोग इससे पहले भी कई बार अनुशासनहीनता कर चुके हैं। जनवरी में भाजपा विधायक ममता मीणा ने मंत्री गोपाल भार्गव के कार्यक्रम का सबके सामने बहिष्कार कर दिया था। वहीं पिछले दिनों सागर में विधायक पारुल साहू ने सरेआम जिलाध्यक्ष राजा दुबे पर अपनी भड़ास निकाली थी। हालांकि पार्टी किसी पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाई।  

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Dakhal News 16 June 2017


mp vidhansabha

  विधानसभा का मानसून सत्र 17 जुलाई से शुरू होगा। 12 दिन तक चलने वाले इस सत्र में 10 बैठकें होंगी। इस दौरान सरकार चालू वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक अनुमान (बजट) लाने के साथ आधा दर्जन से ज्यादा संशोधन विधेयक लाएगी। विधानसभा ने बुधवार को सत्र बुलाए जाने की अधिसूचना जारी कर दी है। सूत्रों के मुताबिक मानसून सत्र पहले 17 से 21 जून तक बुलाए जाने का प्रस्ताव था, लेकिन शासकीय कार्य अधिक होने से इसे 28 जुलाई तक रखने का फैसला किया गया।विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने बताया कि सत्र के दौरान अशासकीय विधेयकों की सूचना 28 जून तक ली जाएगी। स्थगन और ध्यानाकर्षण 11 जुलाई तक स्वीकार किए जाएंगे। सत्र की अधिसूचना जारी होने के साथ ही प्रश्न लगाने का सिलसिला गुरुवार से शुरू हो जाएगा। किसानों की मौत के मामले से गरमाएगा सदन सूत्रों का कहना है कि सत्र के दौरान विपक्ष मंदसौर में पुलिस की गोली से हुई किसानों की मौत और आत्महत्या के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाएगी। अवैध रेत उत्खनन और कानून व्यवस्था भी सरकार को घेरने के लिए प्रमुख मुद्दे रहेंगे।

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Dakhal News 15 June 2017


aap

दिल्ली में केजरीवाल सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्रालय ने आम आदमी पार्टी को नोटिस भेजा है। यह नोटिस पार्टी कार्यालय के लिए जमीन पर गैरकानूनी कब्जे को लेकर है। विभाग ने कहा है कि पार्टी इसके बदले 27 लाख रुपए चुकाए। खबरों के अनुसार अगर आम आदमी पार्टी ने यह जुर्माना नहीं चुकाया तो यह बढ़ता जाएगा। दरअसल विभाग ने अप्रैल में ही केजरीवाल को नोटिस जारी कर जगह तत्काल खाली करने के लिए कहा था। वहीं उपराज्यपाल अनिल बैजल ने पार्टी को दफ्तर का आवंटन भी रद्द कर दिया था। दरअसल शुंगलू कमेटी ने इसी साल इस आवंटन को अवैध करार दिया था क्योंकि राज्य सरकार ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर दफ्तर के लिए जगह देने की योजना बनाई थी।

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Dakhal News 15 June 2017


राष्‍ट्रपति आडवाणी

भाजपा नेता और पटना साहिब से सांसद शत्रुघ्‍न सिन्‍हा के अनुसार लालकृष्‍ण आडवाणी ही राष्‍ट्रपति पद के लिए सबसे योग्य हैं। राष्‍ट्रपति पद के लिए राजग की तरफ से उम्‍मीदवार का नाम तय किए जाने की कवायद के बीच सिन्‍हा ने यह ट्वीट किया। उन्होंने कई ट्वीट कर कहा कि जैसा कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए अहम दिन करीब आ रहे हैं, मैं दृढता से आडवाणी जी के प्रशंसकों और शुभचिंतकों की भावनाओं को दोहराता हू। उल्‍लेखनीय है कि अयोध्या में विवादास्पद ढांचा गिराए जाने के मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री मुरली मनोहर जोशी तथा केंद्रीय मंत्री उमा भारती सहित सभी 12 आरोपियों पर सीबीआई की विशेष अदालत ने बीते माह ही आरोप तय करते हुए आपराधिक साजिश का मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी।  

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Dakhal News 14 June 2017


rahul gandhi

  राहुल गांधी को विरोधी पप्पू कहकर पुकारते हैं। सोशलमीडिया पर इसी नाम के साथ कांग्रेस उपाध्यक्ष का मजाक उड़ाया जाता है। बहरहाल, इसी शब्द का इस्तेमाल करने पर अब एक कांग्रेस कार्यकर्ता को पार्टी से बाहर कर दिया गया है। खास बात यह है कि मेरठ के उस कार्यकर्ता ने राहुल की तारीफ करते हुए 'पप्पू' शब्द का इस्तेमाल किया था। मामला यूपी के मेरठ का है। मेरठ जिला कांग्रेस अध्यक्ष विनय प्रधान ने किसानों के हक में आवाज उठाने के लिए मंदसौर का दौरा करने पर राहुल गांधी की तारीफ की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा - उन्होंने अपने हित से पहले राष्ट्र के हित का ख्याल रखा। पप्पू चाहते तो अडाणी, अंबानी और माल्या से हाथ मिला सकते थे, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। वो मिनिस्टर या यहां तक कि प्राइम मिनिस्टर भी बन सकते थे, लेकिन वे उस रास्ते पर नहीं गए। इसके बजाए उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालते हुए मंदसौर जाने का फैसला किया। विनय प्रधान का यह संदेश पढ़ने के बाद पार्टी आलाकमान हरकत में आ गया। कांग्रेस में अनुशासन समिति के अध्यक्ष रामकृष्ण द्विवेदी ने तुरंत एक लेटर जारी कर प्रधान को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया। लेटर में लिखा गया कि यह पार्टी नेतृत्व को नीचा दिखाने की कोशिश है। लगता है कि विरोधी दलों के इशारे पर ऐसा हुआ। वहीं प्रधान का कहना है कि उन्होंने ऐसा कोई मैसेज नहीं भेजा था। बकौल प्रधान, यह एकतरफा कार्रवाई है। मुझे अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया।  

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Dakhal News 14 June 2017


मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (डी.ए.) की चार प्रतिशत की अतिरिक्त किस्त देने की घोषणा की है। भत्ते में एक जनवरी 2017 से चार प्रतिशत की वृद्धि गई है। अब मंहगाई भत्ते की दर 132 प्रतिशत से बढ़कर 136 प्रतिशत हो गई है। आदेश के अनुसार महंगाई भत्ते की यह अतिरिक्त किस्त एक जनवरी 2017 से (माह जनवरी का वेतन जो माह फरवरी 2017 में देय है) से दी जाएगी। बढ़े हुए भत्ते की राशि का नगद भुगतान किया जाएगा। गणना मूल वेतन (वेतन बैंड में वेत) ग्रेड वेतन) के आधार पर की जाएगी। यह आदेश यू.जी.सी., ए.आई.सी.टी.ई. तथा कार्यभारित एवं आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारी की सेवा के सदस्यों पर भी लागू होंगे। राज्य शासन द्वारा ऐसे कर्मचारियों जिन्होंने छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षण नियम 1998 के अन्तर्गत वेतन प्राप्त करते रहने का विकल्प दिया है अथवा जिनके वेतन भत्तों का पुनरीक्षण किन्ही कारणों से नहीं हुआ है। इन कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की दरों में भी संशोधन किया गया है। अब इन कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की दर एक जुलाई 2016 से 256 प्रतिशत और एक जनवरी 2017 से 264 प्रतिशत की गई है। बढ़े हुए महंगाई भत्ते की राशि नगद दी जाएगी। यह आदेश यूजीसी, एआईसीटीई तथा कार्यभारित च आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारियों पर भी लागू होगा।  

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Dakhal News 14 June 2017


hardik patel

  पाटीदार आंदोलन की अगुवाई करने वाले नेता हार्दिक पटेल को नीमच पुलिस ने मंगलवार को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उन्हें नयागांव चेक पोस्ट के पास हिरासत में लिया है। मिली जानकारी के मुताबिक हार्दिक पटेल किसान आंदोलन के दौरान मारे गए तथाकथित किसानों के परिवार वालों से मिलने जा रहे थे। हालांकि हार्दिक पटेल ने मंदसौर पहुंचने से पहले प्रशासन से अनुमति नहीं ली थी। गौरतलब है कि जिला कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव में पहले ही कहा था कि जिले में हालात शांतिपूर्ण हैं, लेकिन धारा 144 लागू है। हार्दिक पटेल के मंदसौर आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हार्दिक पटेल ने प्रशासन से पूर्व अनुमति नहीं ली है। ऐसे में उन्हें जबरन घुसने पर गिरफ्तार भी किया जा सकता है। हार्दिक पटेल के मंदसौर पहुंचने से पहले प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रदेश में किसान आंदोलन भले ही थम गया हो, लेकिन सियासत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। किसान आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवार वालों से मिलने के लिए अब तक कई नेता मंदसौर पहुंच चुके हैं।  

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Dakhal News 13 June 2017


प्रहलाद पटेल

मध्यप्रदेश सरकार खेती का लाभ का धंधा बनाने का कितना भी दावा करे पर सच्चाई यह है कि खेती आम किसानों के लिए ही नहीं ओहदेदार नेताओं के लिए भी लाभ का धंधा नहीं बन पाई है। भाजपा सांसद प्रहलाद पटेल का कहना है कि वे भी खेती करते हैं, किस्तों के लाले पड़ जाते हैं। पूर्व केन्द्रीय मंत्री और सांसद प्रहलाद पटेल ने यह बात एक ट्वीट के जवाब में ट्वीट करके कही है। एक व्यक्ति ने ट्वीटर पर सीएम शिवराज सिंह का फोटो लगाकर ट्वीट किया था कि किसानों को नेताओं से खेती के गुर सीखना चाहिए। जिनकी कृषि आय हमेशा बढ़ती रहती है। सूखा हो या पाला या फिर उत्पादन ही न हो पर मुनाफा करोड़ो में। इस पर री ट्वीट करते हुए प्रहलाद पटेल ने कहा है कि- मैं भी खेती रखता हूं पर मेरे साथ ऐसा नहीं है। हमें तो किस्तों के लाले पड़ जाते हैं। प्रहलाद पटेल के इस ट्वीट के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। प्रहलाद पटेल का यह यह री-ट्वीट उस समय आया है जब सीएम शिवराज सिंह किसान आंदोलन को लेकर उपवास कर चुके हैं। गौरतलब है कि भाजपा में कई मसलों पर प्रहलाद पटेल अपनी राय बेबाकी से रखते रहे हैं। व्यापमं मामले में छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ को लेकर भी उनका ट्वीट चर्चा में रहा था। इसमें उन्होंने छात्रों को लेकर जिम्मेदारों पर सवाल उठाए थे। प्रहलाद पटेल ने कहा मैंने अपनी ओर से कोई ट्वीट नहीं किया है। किसी व्यक्ति ने नेताओं की खेती को लेकर ट्वीट किया था जिसमें उसने नेताओं से किसानों को खेती का गुर सीखने की बात करते हुए नेताओं पर सवाल उठाए थे। इस पर मैंने री-ट्वीट कर उसकी बात का जवाब दिया है। मेरा कहना था कि सभी नेताओं को एक तराजू पर नहीं तौलना चाहिए। इस विषय पर इससे आगे कुछ नहीं कहना है। अपनी बात ट्वीटर पर कह चुका हूं।  वहीं एक अन्य ट्विट को भी री-ट्विट करते हुए प्रहलाद पटेल ने लिखा कि कांग्रेसी जानते हैं जब जघन्य आरोपों से घिरे हो तो उससे ज्यादा विकराल परिस्थिति का निर्माण करके ही बचा जा सकता है। दरअसल एक फॉलोअर गीता राठौर ने किसान आंदोलन पर एक ट्विट किया था इसमें गीता ने लिखा था कि कांग्रेस ने जो ये मध्यप्रदेश में किसानों कि बलि ली कहीं वो केरल में की गयी गौहत्या जैसे जघन्य अपराध से ध्यान भटकाने के लिये तो नही था?  

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Dakhal News 13 June 2017


किसानों की कर्ज माफी

अरुण जेटली की दो टूक  खबर नई दिल्ली से , वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जो राज्य किसानों की कर्ज माफी का फैसला ले रहे हैं, उनकी केंद्र सरकार कोई मदद नहीं करेगी। इसके लिए राज्यों को अपने रिर्सोसेस के पैसा जुटाना होगा। बता दें कि रविवार को महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के कर्ज माफ करने का एलान किया। इसके पहले यूपी सरकार भी यही कदम उठा चुकी है। मध्य प्रदेश में भी किसान कर्ज माफी की मांग कर रहे हैं। रिजर्व बैंक ने हाल में मानिटरी पॉलिसी में आशंका जताई है कि किसानों की कर्ज माफी से वित्‍तीय मोर्चे पर हालात खराब हो सकते हैं। इससे महंगाई बढ़ सकती है। रिजर्व बैंक ने यह भी कहा है कि कर्ज माफी से ऐसे किसान हतोत्‍साहित होते हैं जो समय पर कर्ज चुकाते हैं। यूनियन फाइनेंस मिनिस्टर ने सोमवार को पीएसयू बैंकों के साथ मीटिंग में एनपीए का रिव्यू किया। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- साइबर सिक्युरिटी बैंकों के लिए बड़ा मुद्दा है। मीटिंग में इस बात पर भी चर्चा हुई। जेतली ने बताया कि बैंकरप्‍शी कोड के तहत अब तक 81 मामले दर्ज किए गए हैं। इससे डिफाॅल्‍ट के मामले हल करने में मदद मिलेगी। रिजर्व बैंक ऐसे कर्जदारों की लिस्ट तैयार कर रहा है। बाद में इन्हें हल किया जाएगा। जेटली ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 2016-17 में 1.5 लाख करोड़ रुपए का ठीक-ठाक परिचालन मुनाफा हासिल किया, जबकि विभिन्न प्रावधानों को करने के बाद उनका शुद्ध लाभ 574 करोड़ रुपए रहा है। बैंक प्रमुखों के साथ बैठक के बाद जेतली ने कहा बैंकों में ऋण वृद्धि के मोर्चे पर चुनौती है, सभी लंबित फंसे कर्ज के मामलों के त्वरित समाधान की जरूरत है।    

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Dakhal News 13 June 2017


karj mafi nitish kumar

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद देश भर में किसान सरकार के विरोध में मुखर हुए हैं और यह मामला राजनीति तूल पकड़ता जा रहा है। इस बार बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। साथ ही कहा है कि कर्जमाफी अकेला समाधान नहीं है। सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि देश में किसानों की हालत खराब ह और सरकार ने अपने वादे नहीं निभाए। किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उपज के लिए अपर्याप्त और कम खरीद मूल्य वर्तमान कृषि संकट का आधार है। नीतीश ने कहा कि किसानों के लिए कर्ज माफी अकेला समाधान नहीं है। अलग-अलग जगहों पर अलग समस्याएं हैं। कहीं किसानों की लागत बढ़ गई है और उत्पादन मूल्य में वृद्धि नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि मोदीजी ने चुनाव के समय कहा था कि लागत पर 50 प्रतिशत जोड़कर समर्थन मूल्य की घोषणा की जाएगी। उन्होंने जीएम सीड को लेकर केंद्र को पत्र लिखा है कि नई प्रकार की बीमारियां शुरू हो गई है। कृषि में यह अवधारणा है कि इन बीजों से जितना उत्पादन बढ़ेगा वो उतना ही गलत है। साथ ही उन्होंने लिखा कि फसल बीमा योजना किसानों के लिए नहीं है। हमें किसानों के हित को ध्यान में रखकर बेहतर नीति बनानी होगी। नीतीश ने कहा कि जिस किसान ने कर्ज नही लिया वो संकट में नहीं है। बिहार में किसान कर्ज नहीं लेते हैं।उन्होंने ये भी कहा कि इस देश के जाट मराठा और पाटीदार आरक्षण की मांग कर रहे है, उसके पीछे कारण कृषि संकट ही है। उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयान का जवाब देते हुए कहा कि अगर बिहार और उत्तरप्रदेश के एनडीए और बीजेपी के नेता, जिन्होंने लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की है वो सभी लोकसभा के सदस्य पद से इस्तीफा दे दें तो फिर से चुनाव कराने मे मुझे कोई एेतराज नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं कल ही बिहार और उत्तरप्रदेश में एक साथ कल ही चुनाव कराने को तैयार हूं। नीतीश कुमार कल उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयान का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2019 तो दूर है। नीतीश कुमार बताएं कि बिहार में कब मध्यावधि चुनाव कराना है, 2018 या 2017 में ही। नीतीश ने ये बातें आज पटना के संवाद कक्ष में आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम के दौरान कहीं। आज लोक संवाद में सुझाव देने के लिए आठ लोगों को बुलाया गया था। लेकिन संवाद में पांच लोग ही पहुंचे। सुझाव देने पहुंचे सुबोध कुमार ने कहा कि जमीन की खरीद बिक्री चाहरदिवारी करा कर हो, इससे जमीन की पहचान में परेशानी नहीं होगी। सुबोध के सुझाव पर सीएम ने कहा कि जमीन की समस्या हर जगह व्याप्त है। इसके समाधान के लिए अधिकारियों से अध्ययन करने को कहा गया है। वहीं लोक संवाद में मुंबई से आये अमित सिंह ने महिलाओं को सुरक्षा देने के लिए मोबाइल एप का दिया सुझाव दिया। लोक संवाद में भागलपुर के राजीव झा ने सीएम नीतीश को सुझाव देते हुए कहा कि पुलिस की मदद को लेकर आम लोगों के लिए एप विकसित किया जाना चाहिए।  

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Dakhal News 12 June 2017


kisan andolan

महाराष्ट्र सरकार ने प्रदेश के किसानों की कर्जमाफी का एलान कर दिया है। छोटे और सीमांत किसानों को इसका लाभ तुरंत दिया जाएगा। सरकार के इस फैसले के साथ ही किसानों ने सोमवार से अपना आंदोलन तेज करने का फैसला स्थगित कर दिया है। महाराष्ट्र में कर्जमाफी सहित कुछ अन्य मांगों को लेकर किसान एक जून से हड़ताल पर हैं। सोमवार से उन्होंने आंदोलन तेज कर सूबे में रेल रोको एवं चक्का जाम करने का फैसला किया था। इससे राज्य की जनता को होने वाली तकलीफों से बचाने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने किसानों से बातचीत के लिए मंत्रियों की एक समिति बनाई थी। रविवार को इस समिति के साथ किसान नेताओं की दूसरे चरण की वार्ता में फैसला हुआ कि छोटे और सीमांत किसानों का कर्ज तुरंत माफ कर दिया जाएगा। जबकि बड़े किसानों को सशर्त कर्जमाफी दी जाएगी। ये शर्तें एक समिति तय करेगी, जिसमें किसानों के प्रतिनिधि भी होंगे। कर्जमाफी की घोषणा के बाद छोटे किसान नए कर्ज ले सकेंगे। उनका नाम बैंकों की प्रतिबंधित सूची से हटा दिया जाएगा। बैंकों में बंधक खेतों के कागजात भी लौटा दिए जाएंगे। आंदोलन के दौरान किसानों के खिलाफ दर्ज मामले भी वापस ले लिए जाएंगे। लेकिन, जिन मामलों में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, वे मामले वापस नहीं होंगे। किसान आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभा रहे 'स्वाभिमानी शेतकरी संगठन' के नेता एवं सांसद राजू शेट्टी ने चेतावनी दी है कि यदि 25 जुलाई से पहले सभी किसानों को कर्जमाफी न मिली तो हम बड़े पैमाने पर और ताकत के साथ सड़कों पर उतरेंगे। मालूम हो कि राज्य विधानमंडल का वर्षाकालीन सत्र 25 जुलाई से ही शुरू होना है। यदि किसान आंदोलन खत्म करने का रास्ता न निकाला जाता तो यह सत्र सरकार के लिए मुश्किल भरा साबित हो सकता था। विपक्षी दल कांग्रेस व राकांपा तो किसान आंदोलन को हवा दे ही रहे थे, सरकार में साझीदार शिवसेना ने भी जुलाई में सूबे की राजनीतिक में तूफान आने की चेतावनी दे दी थी। किसानों की एक और प्रमुख मांग स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करना रहा है। रविवार को यह भी फैसला हुआ कि इसके लिए मुख्यमंत्री सभी दलों के प्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्री से मिलकर चर्चा करने जाएंगे। राज्य में खेती से जुड़े लोगों की संख्या करीब 2.5 करोड़ है। उन्हें इसका लाभ मिलेगा, लेकिन सरकार का अनुमान है कि सिर्फ छोटे एवं सीमांत किसानों को पूरी कर्जमाफी देने की स्थिति में सरकार पर 30,000 करोड़ रुपयों का बोझ पड़ेगा। यदि बड़े किसानों को भी कर्जमाफी दी गई तो यह बोझ 1.1 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा। राज्य सरकार पर पहले से ही चार लाख करोड़ का कर्ज है। तुरंत घोषित की गई कर्जमाफी का लाभ पांच एकड़ से कम खेती वाले 1.07 करोड़ किसानों को मिलेगा।लेकिन, इससे वित्त वर्ष 2018 में राज्य का वित्तीय घाटा बढ़कर 2.71 फीसद तक पहुंच जाएगा। इस घोषणा से बैंकिंग क्षेत्र की हालत और ज्यादा खराब होगी। बैंकिंग क्षेत्र पहले से छह लाख करोड़ के एनपीए की समस्या से जूझ रहा है।  

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Dakhal News 12 June 2017


संदीप दीक्षित

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने भारतीय सेना के प्रमुख जनरल बिपिन रावत को "सड़क का गुंडा" कहकर भारतीयों में रोष जगा दिया। हालांकि बाद में कांग्रेस नेता ने ट्विटर पर माफी मांग ली। लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने संदीप दीक्षित की पार्टी से बर्खास्तगी की मांग करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को माफी मांगने को कहा है। कांग्रेस सांसद और शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित ने रविवार कहा, "पाकिस्तानी सेना की तरह हमारी माफिया सेना नहीं है, जो सड़क के गुंडे की तरह बयान दे। भारतीय सेना में गहराई और सज्जनता है। वह एक महान संस्था है। उसकी अपनी एक कार्यसंस्कृति है। मुझे नहीं लगता कि सेना प्रमुख ने इस जज्बे का मान रखा है। मेरा मानना है कि सेना प्रमुख ने भारतीय सेना की छवि के अनुरूप कुछ नहीं किया है। सेना प्रमुख को राजनीतिक बयान नहीं देने चाहिए।" हालांकि बाद में अपनी ही पार्टी का खुलकर समर्थन न मिलने पर संदीप दीक्षित ने ट्विटर पर क्षमा मांगते हुए कहा-"मेरे सेना प्रमुख से कुछ मतभेद हैं लेकिन मुझे उचित शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए था। मैं इसके लिए माफी चाहता हूं।" हालांकि कांग्रेस प्रवक्ता नीम अफजल ने संदीप दीक्षित की इस बदजुबानी से किनारा करते हुए कहा, "हमारी पार्टी सेना की वैसे ही इज्जत करती है, जैसे इस देश की जनता। अगर सेना प्रमुख के लिए कुछ शब्दों का इस्तेमाल किया गया है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है।" इस बीच, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने ट्विटर पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आखिर कांग्रेस पार्टी चाहती क्या है। कांग्रेस की हिम्मत कैसे हुई कि भारतीय सेना प्रमुख को "सड़क का गुंडा" कहा। वहीं भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि यह बयान स्तब्धकारी है। देश के सेना प्रमुख को सड़का का गुंडा कहने को भारतीय लोग कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। सोनिया गांधी को ऐसे नेताओं को बर्खास्त कर देना चाहिए और खुद भी माफी मांगनी चाहिए। पात्रा ने कांग्रेस पर ऐसे बयान देने की परंपरा बताते हुए कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी "खून की दलाली" शब्द का इस्तेमाल किया था। उल्लेखनीय है कि जनरल रावत ने हाल में एक इंटरव्यू में मेजर लीथुल गोगोई का बचाव करते हुए कहा था कि घाटी में पत्थरबाजों से बचने के लिए एक कश्मीरी आदमी को सेना की जीप पर बैठाना उचित था।  

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Dakhal News 12 June 2017


shivraj upvas

  किसान आंदोलन की समाप्ति के आखिरी दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार सुबह भोपाल के भेल दशहरा मैदान में उपवास पर बैठ गए। मध्यप्रदेश में शांति के लिए उन्होंने अपना उपवास शुरू किया है और किसान आंदोलन खत्म होने के बाद ही वे उपवास खोलेंगे। उपवास शुरू करने के दौरान उनके साथ पत्नी साधना सिंह, भाजपा नेता प्रभात झा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान और पूरा मंत्रिमंडल भी मौजूद हैं। सीएम ने उनसे मिलने पहुंचे किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं जानी। भारतीय किसान मजदूर संघ के कार्यकार्ता सीएम से मिलने पहुंचे, इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान जरूरी प्रशासनिक कामकाज भी होते रहेंगे। उपवास के दौरान सीएम केवल नींबू पानी पीएंगे। रात्रि विश्राम भी वे दशहरा मैदान पर ही करेंगे। इसके लिए मंच के पीछे एक कमरा बनाया गया है। उपवास पर बैठने से पहले उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात की और कहा कि मैं उपवास पर बैठ रहा हूं। भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश जोशी ने तिलक लगाकर उन्हें मंच पर बैठाया। सीएम ने कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए प्रयास किए गए। मामूली ब्याज दर पर किसानों को कर्ज दिया गया। उन्होंने कहा हमारा प्रदेश आगे नहीं बढ़ सकता और यही हमारी पहली प्राथमिकता है। हम हमेशा किसानों के साथ है। इसके लिए सरकार ने उनके लिए कई योजनाएं भी चलाई हैं। सीएम ने उपवास से पहले ट्वीट कर कहा कि - 'मेरे किसान भाइयों, बापू के देश में हिंसा की आवश्‍यकता नहीं है। हम-आप शांतिपूर्ण ढंग से हर समस्‍या का समाधान ढूंढ़ लेंगे..'। मेरा यह उपवास किसानों की लड़ाई में उनके साथ खड़े होने का प्रतीक है। यह उपवास हिंसा के विरुद्ध है, हिंसा से कोई सृजन नहीं होता है। नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि मैं किसान के नाते नर्मदा मैया की कसम खाकर कहता हूं कि आपने जो किसानों के लिए किया है वो कभी नहीं भूल सकते हैं। एमपी का जब भी इतिहास लिखा जाएगा तो शिवराज ने किसानों के लिए जो किया वो लिखना होगा। पूर्व सरकार में किसान बिजली पानी के लिए तरसता था, लेकिन अब नहीं। जल और ऊर्जा क्रांति एमपी में हुई है। यहां पांच सौ नहीं पांच-पांच किसानों से बात होगी, हर संगठन पांच लोग तय करें, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग को समन्वय की जिम्मेदारी सौपी गई है। पूर्व सीएम बाबूलाल गौर भी मंच पर पहुंचे और कहा कि कुछ लोगों ने आंदोलन को हिंसा में झोंक दिया है। मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को चर्चा के लिये खुला आमंत्रण दिया है।  उन्होंने किसानों से आंदोलन स्थगित करने की भावुक अपील करते हुए कहा कि शांति बहाली के लिये वे उपवास करेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंदोलन कर रहे किसानों से कहा कि उन्होंने शांति बहाली के लिये उपवास किया है।   मुख्यमंत्री दस जून की प्रात: 11 बजे से भोपाल स्थित भेल दशहरा मैदान में किसानों से चर्चा के लिए उपलब्ध रहे ।उन्होंने शांति बहाल करने के लिए अपील करते हुए कहा कि वे उपवास पर भी रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था सर्वोपरि है। जनता की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जो परिस्थितियाँ निर्मित हुई हैं वह ठीक नहीं है। बच्चों के हाथ में जिन्होंने पत्थर थमा दिए हैं उन्होंने ठीक नहीं किया है। अराजक तत्वों के साथ सख्ती के साथ निपटा जायेगा।जनता की सुरक्षा के लिये सरकार राजधर्म का पालन करेगी। श्री चौहान ने कहा कि सरकार ने सिंचाई, बिजली की व्यवस्था, पहले जीरो प्रतिशत और बाद में दस प्रतिशत ऋणात्मक कर्ज पर किसानों को कर्ज देने आदि के कार्य किये हैं। सरकार की नीतियों से बम्पर उत्पादन हो रहा है। बम्पर उत्पादन के कारण फसलों की कीमतों में कमी आई है।पिछले दिनों जो परिस्थितयाँ निर्मित हुई हैं उनसे होने वाली किसानों की तकलीफ को सरकार ने समझा है। शिवराज ने कहा सरकार ने गेहूँ, धान को समर्थन मूल्य पर खरीदा है। प्याज 8 रूपये प्रति किलो के मूल्य पर खरीदा जा रहा है। तुअर 5050 रूपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदी जायेगी। ग्रीष्म मूंग को 10 जून से 5225 रूपये प्रति क्विंटल के दर पर खरीदा जायेगा। उड़द भी 10 जून से समर्थन मूल्य पर खरीदी जायेगी। भुगतान चेक से नहीं आरटीजीएस से किया जा रहा है। रबी और खरीफ फसलों के लिये अलग-अलग कर्ज देने की व्यवस्था को बदलने का फैसला कर दिया है। किसान एक साथ दोनों फसलों के लिये कर्ज ले सकते हैं। भविष्य में ऐसी स्थितियाँ निर्मित नहीं हों इसके लिये 1000 करोड़ का स्थिरीकरण कोष का गठन किया जायेगा ताकि आवश्यकता पड़ने पर किसानों को उनकी फसल का ठीक दाम मिले।फसलों की उत्पादन लागत का निर्धारण अखिल भारतीय स्तर पर किया जाता है। इसे राज्य आधारित करने के लिये प्रदेश में कृषि लागत एवं विपणन आयोग का गठन किया जायेगा। इससे किसानों को लाभकारी मूल्य दिया जा सकेगा। खाद,बीज के लिये 100 रूपये के कर्ज की वापिसी 90 रूपये करने की व्यवस्था है। इस नेट में जो किसान छूट गये हैं उन्हें नेट में लाने के लिये सरकार 'समाधान योजना''लागू करेगी।पिछले साढ़े 11 साल में मुख्यमंत्री के नाते प्रदेश की जनता का विकास और किसानों का कल्याण फोकस में रहा है।किसानों के कल्याण के लिये अभूतपूर्व कदम उठाये गये हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की हर समस्या के समय सरकार उनके साथ रही है।जब भी किसानों पर संकट आया, मुख्यमंत्री किसानों के बीच पहुँचे और उनके कल्याण के लिये कार्य किये।मध्यप्रदेश में किसान-कल्याण के लिये, जो कहीं भी-कभी भी नहीं हुआ है, वह हुआ है।सोयाबीन की फसल जब खराब हुई थी तब 4 हजार 400 करोड़ रूपये की राहत और 4 हजार 800 करोड़ रूपये की बीमा राशि का भुगतान किसानों को किया गया था।

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Dakhal News 10 June 2017


भोपाल में उग्र हुए किसान

गोलीकांड में घायल किसान की मौत  किसानों का उग्र आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। नाराज किसानों ने आज भोपाल के फंदा में अपनी मांगों के समर्थन में जमकर प्रदर्शन किया। प्रशासन की तमाम कोशिशें विफल नजर आर्इं और किसान हिंसा पर उतारू हो गए। इसी बीच मंदसौर गोलीकांड में घायल एक अन्य किसान की मौत की खबर ने किसानों को और आंदोलित कर दिया। वहीं सांची में कर्ज में डूबे एक किसान ने आज आत्महत्या कर ली। पूरे देश में किसान आंदोलन बढ़ता जा रहा है।  मध्यप्रदेश में भड़का किसान आंदोलन देशव्यापी हो गया है। वहीं राज्य में भी इसका दायर बढ़ गया है। गुरुवार को आंदोलन की गूंज सागर, छिंदवाड़ा सहित बुंदेलखंड और महाकौशल के अन्य इलाकों में भी दिखाई दी। वहीं शुक्रवार को राजधानी भोपाल से सटे विकास खंड फंदा में किसानों ने कांग्रेस के साथ विरोध प्रदर्शन किया। दोपहर बाद फंदा में किसान आंदोलन हिंसक हो गया। स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसूगैस छोड़ना पड़ी। फंदा में किसानों ने मंदसौर में किसानों की मौत और आंदोलन में शामिल कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे, इसी बीच मंदसौर गोलीकांड में घायल हुए किसान राधेश्याम धाकड़ की आज इंदौर के एमवाय अस्पताल में मौत हो गई। इसकी खबर मिलते ही प्रदर्शनकारी किसान और उग्र हो गए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए पत्थरबाजी शुरू कर दी। वहीं, पुलिस ने आंदोलन करने वाले दो दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया। इससे पहले किसानों के भोपाल के फंदा, बैरसिया, बिलखिरिया रोड पर जमा होने की जानकारी के मद्देनजर प्रशासन ने रात भर किसान नेताओं को नजरबंद किया, और पूरे क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया। प्रदर्शन स्थल पर खासी संख्या में बैरिकेट्स लगाए गए। इसके अलावा पुलिस बल नीलबड़ और रातीबड़ में भी पुलिस बल तैनात किया गया साथ ही बैरसिया रोड, होशंगाबाद रोड, कोलार, रायसेन और नरसिंहगढ़ रोड पर भी पुलिस जांच अभियान चलाया गया, ताकि किसान ज्यादा संख्या में शहर में ना आ सकें। भारतीय किसान यूनियन के नेता अनिल यादव को तबीयत बिगड़ने के बाद आज प्रशासन ने रिहा कर दिया। उन्हें 2 जून को हिरासत में लिया गया था। गुरुवार को यूनियन की राष्ट्रीय  कार्यकारिणी ने उनकी रिहाई की मांग थी।   10 लाख के कर्ज में डूबा था किसान  इधर, आंदोलन के दौरान एक किसान की आत्महत्या की खबर है। रायसेन जिले के देगांव थाना क्षेत्र में रहने वाले किसान किशन मीणा ने कल रात में सल्फास खा ली थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई है। रायसेन एसपी जेएस राजपूत के अनुसार कल रात जहर खाने के उपरांत उसे पहले रायसेन और बाद में भोपाल के हमीदिया अस्पताल के लिए रेफर किया गया था जहां उसकी मौत हो गई है। परिजनों ने पुलिस से कहा है कि मृत पांच साल से मानसिक रूप से विक्षिप्त था। इधर सूत्रों का कहना है कि मीणा पर एचडीएफसी बैंक का दस लाख रुपए का कर्ज था जिसके चलते उसने आत्महत्या की है। एसपी राजपूत ने इस जानकारी से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा है तो जांच के बाद ही पता चलेगा।   मंदसौर, शाजापुर और उज्जैन में किसानों की बैठक किसानों की समस्याओं  और मंदसौर में पुलिस फायरिंग में हुई किसानों की मौत को लेकर कल से पूरे प्रदेश में किसान जेल भरो आंदोलन चलाएंगे। भारतीय किसान यूनियन और भारतीय किसान मजदूर संघ के आव्हान पर आयोजित जेल भरो आंदोलन को लेकर आज किसानों की मंदसौर, शाजापुर, उज्जैन में बैठकें हो रही है। वहीं किसानों की फायरिंग को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने मंदसौर में 11 जून को बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया है। इसमें देशभर के किसानों को बुलाया गया है।  गुजरात में पाटीदार समाज के नेता हार्दिक पटेल सोमवार 12 जून को मंदसौर आ रहे हैं। यह जानकारी उन्होंने ट्वीट करके दी है।   शिवराज सिंह दमन का रास्ता छोड़े: कमलनाथ पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर लिखा की एमपी में किसान हड़ताल का आज 9वां दिन, स्थिति बेकाबू, शिवराज अहंकार-दमन का रास्ता छोड़, अन्नदाता की मांगे माने और उन्हें उनका हक प्रदान करें। वहीं एक अन्य ट्वीट में लिखा, शिवराज का किसानों पर दमनचक्र जारी है। पहले लाठियां, फिर गोलियां और अब फर्जी मुकदमे लाद जेलों में ठूंसने की बारी है।   छत्तीसगढ़ में कल से किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी तमिलनाडु  के किसानों ने फिर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसान नेताओं की मांग है कि 60 साल से ऊपर के किसानों को पेंशन मिलनी चाहिए। राज्य के किसान इससे पहले दिल्ली के जंतर मंतर पर करीब एक महीने तक बिना कपड़ों के प्रदर्शन भी कर चुके हैं।  हरियाणा और उत्तर प्रदेश  में भी किसान आंदोलन शुरू होचुका है वहीं, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के बैनर तले विरोध प्रदर्शन हुआ। यूपी के साथ हरियाणा में भी किसानों के विरोध की आवाज सुनाई दी।   महाराष्ट्र  में आशंका जताई गई है कि किसान 13 जून से रेल पटरियों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। वहीं 12 जून को कलेक्टर और तहसीलदारों के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा और 13 जून से रेलें रोकी जाएंगी।   पंजाब  में भी किसानों ने कर्ज माफी और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने को लेकर राज्यभर में 12 जून को प्रदर्शन करने का फैसला किया है। किसानों के सात संगठन 12 जून को राज्य के सभी जिला मुख्यालय पर धरना देंगे। हालांकि सरकार ने कहा है कि वह किसानों से चर्चा करेगी।

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Dakhal News 9 June 2017


shivraj singh kisan

 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से शांति बनाये रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की सरकार है, जनता की सरकार है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वे हमेशा जनता और किसानों के लिये काम करते रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों के हित में राज्य सरकार द्वारा अनेक महत्वपूर्ण फैसले लिये गये हैं। प्याज 8 रूपये किलो खरीदा जा रहा है। समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द और तुअर की खरीदी 10 जून से प्रारंभ की जा रही है। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान और बातचीत के लिये वे हमेशा तैयार हैं। चर्चा करके ही समस्याओं का समाधान हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ अराजक तत्व प्रदेश को हिंसा की आग में झोंकना चाहते हैं, उनसे हम सख्ती से निपटेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों से आग्रह किया है कि अराजक तत्वों के मनसूबे कभी कामयाब नहीं होने दें, शांति बहाली में सहयोग दें। उन्होंने किसानों से अपील की कि मिलजुल कर प्रदेश को विकास के पथ पर आगे बढ़ायें।

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Dakhal News 8 June 2017


kisan andolan

  किसानों द्वारा अपनी मांगों को लेकर हो रहे प्रदर्शन के उग्र होने के बाद बुधवार को कृषि कैबिनेट की आपातकालीन बैठक बुलाई गई। बैठक के बाद मंत्री अर्चना चिटनिस ने बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि किसानों के ब्याज की माफी होगी, जिससे 6 लाख किसानों को फायदा होगा। डिफॉल्टर किसानों पर करीब 6 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। सब्जी की कीमत तय करने के लिए विपणन आयोग बनाया जाएगा। 10 जून से उड़द की खरीदी भी की जाएगी। किसानों को कृषि उपन का तत्काल भुगतान दिया जाएगा। तुअर दाल 5050 प्रति क्विंटल और मूंग दाल 5025 रुपए प्रति क्विंटल की दर खरीदी जाएगी। बैंक में नकदी की समस्या को लेकर वित्म मंत्रालय से भी बात कर समाधान निकाला जा रहा है। मंत्री चिटनिस ने कहा कि अब सरकार किसानों को फसल बीमा के लिए प्रेरित करेगी और बीमा लेना ऐच्छिक होगा। फसल के मूल्य स्थरीकरण के लिए एक हजार करोड़ का कोष बनाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि अब तक 4500 क्विंटल प्याज की खरीदी भी हो चुकी है।मंदसौर की घटना पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मिस गाइड करने की वजह से स्थिति बगड़ गई। सरकार किसानों के साथ पर अपराधी तत्वों को कानून व्यवस्था हाथ में नहीं लेने देगा।  

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Dakhal News 7 June 2017


shivraj vivad

मंदसौर में मंगलवार को हुई छह किसानों की मौत ने पूरी सरकार को हिला दिया है। आलम यह है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर तमाम अधिकारी व मंत्री इस पूरे घटनाक्रम से हतप्रभ है, साथ ही पूरे देश की निगाहें मप्र की ओर हो गई है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, पं. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सभी मप्र सरकार को कोसने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री चौहान लगातार अपने अधिकारियों से इस बारे में बातचीत कर रहे हैं, कि किस तरह से किसानों के इस आंदोलन को समाप्त किया जाए, बावजूद इसके किसानों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। मप्र के लिए यह वाकई एक दुखद स्थिति है कि जो राज्य कृषि विकास दर के मामले में पहले पायदान पर था, वहां पर किसानों की गोलीकांड में हुई मौत एक धब्बा बन कर रह गया है। प्रदेश सरकार की जो छवि पूरे देशभर में एक किसान हितैषी की रही है, उसको इस घटनाक्रम से धक्का लगा है। मंदसौर में फायरिंग के दौरान हुई किसानों की मौत और सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के  अध्यक्ष अमित शाह को अवगत कराया है। जानकारी के मुताबिक कल रात सीएम ने पीएम मोदी और अमित शाह फोन पर बात कर उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी। बताया जाता है कि केन्द्रीय नेतृत्व से बात होने के बाद ही किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे की राशि दस लाख से बढ़ाकर एक करोड़  करने का ऐलान किया गया। नेताजी कहीन  कांग्रेस ने हिंसक गतिविधियों का समर्थन कर आंदोलन का स्वरूप बिगाड़ दिया। उन्होंने कहा कि आंदोलन को अगर कांग्रेसी हवा न देते तो चर्चा के बाद कोई न कोई हल जरूर निकलता पर कांगे्रस नेता इस बहाने राजनीति करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने बातचीत नहीं होने दी। नंदकुमार सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शिवराज सरकार गोली की दम पर किसानों का आंदोलन निपटाना चाहती है।  मुख्यमंत्री किसान पुत्र होने का दंभ भरते हैं और उनके ही राज में यदि किसानों को पुलिस की गोली खाकर मृत्यु के मुंह में जाना पड़े तो इससे बुरा और क्या हो सकता है। सीएम किसानों के दर्द को कभी भी समझ ही नहीं पाए। ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री मंदसौर में किसानों पर गोली चलाना शिवराज सरकार का दंभ दिखाता है, कि वह किसानों के आंदोलन को किस अंदाज में कुचलना चाहती है। हमने कभी भी किसानों को राजनीतिक लाभ या मुद्दा बनाने का प्रयास नहीं किया, लेकिन भाजपा और सरकार अन्नदाताओं को राजनीति का मुद्दा बनाती रही है।     अरुण यादव, पीसीसी चीफ सरकार शहीद किसानों की मौत खरीदने निकली है। मुख्यमंत्री सौदेबाजी छोड़कर गोली चलाने की जिम्मेदारी लें और तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें। मुख्यमंत्री किसानों को इमोशनली ब्लैकमेल कर रहे है। किसानों को लेकर की गई घोषणाएं का पालन नहीं किया।    अजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष ये सामूहिक नरसंहार है।  किसानों पर गोलियां चलाने वाला देश कृषि प्रधान नहीं हो सकता। सरकार किसानों की लाशों की नीलामी कर रही है। पहले पांच लाख, फिर दस लाख और फिर एक करोड़...शहीद किसानों को मुआवजा दे रहे थे या लाशों की नीलामी हो रही है।    जीतू पटवारी, विधायक कांग्रेस कांग्रेस के प्रवक्ता के के मिश्रा ने कहा -मोदी सरकार व शिवराज सरकार की नीतियों के कारण किसान अपनी उगाई फसल को सड़कों पर न चाहकर भी फेंकने को मजबूर है। किसान शांति पूर्ण तरीके से अपना आंदोलन कर रहे थे, लेकिन शिवराज सरकार ने उन पर लाठियां चलवाई। किसानों का यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।  

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Dakhal News 7 June 2017


lalu yadav

उत्तर प्रदेश के हाल में सम्पन्न विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद बदली सूरतेहाल में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) आगामी अगस्त में पटना में होने वाली राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की रैली में मंच साझा कर नई संभावनाओं की इबारत लिखती नजर आएंगी. राजद की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अशोक सिंह ने आज बताया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा मुखिया मायावती ने आगामी 27 अगस्त को पटना में आयोजित होने वाली लालू की रैली में शिरकत पर रजामंदी दे दी है. राजद प्रमुख लालू ने इन दोनों नेताओं को इस रैली में शामिल होने के लिए हाल में फोन भी किया था. सिंह ने बताया कि सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को भी रैली में लाने की कोशिशें की जा रही हैं. वर्ष 1993 में प्रदेश में मिलकर सरकार बनाने वाली सपा और बसपा के बीच दूरियां चर्चित 'गेस्ट हाउस कांड के बाद इस कदर बढ़ गयीं कि उन्हें एक नदी के दो किनारों की संज्ञा दी जाने लगी. माना जाने लगा कि अब ये दोनों दल एक-दूसरे से कभी हाथ नहीं मिलाएंगे, लेकिन इसे सियासी तकाजा कहें, या फिर समय का फेर, इन दोनों दलों के नेता अब मंच साझा करने को तैयार हो गये हैं. सपा और बसपा के एक मंच पर साथ आने को राजनीतिक हलकों में सूबे की राजनीति के एक नए दौर के उभार के रूप में देखा जा रहा है. खासकर वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के हाथों करारी शिकस्त ने इन दोनों दलों को साथ आने के बारे में सोचने पर मजबूर किया है. सिंह ने बताया कि अगस्त में होने वाली रैली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के भी शिरकत करने की संभावना है. उन्होंने बताया कि राजद प्रमुख लालू ने तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी, बीजू जनता दल के प्रमुख नवीन पटनायक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी मुखिया शरद पवार तथा समान विचारधारा वाले अन्य दलों के नेताओं को भी रैली में शिरकत के लिए आमंत्रित किया है. द्रमुक नेता एम. के. स्टालिन इस रैली में हिस्सा लेने के लिए पहले ही रजामंदी दे चुके हैं. सिंह ने बताया कि इस कवायद का मकसद बिहार की तर्ज पर राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ मजबूत महागठबंधन को खड़ा करना है. राजनीतिक प्रेक्षकों के मुताबिक राजनीतिक लिहाज से बेहद संवेदनशील उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा अगर एक साथ आती हैं तो यह सूबे में भाजपा के अप्रत्याशित उभार को रोकने की दिशा में कारगर हो सकता है. बसपा हाल के विधानसभा चुनाव में कुल 403 में से मात्र 19 सीटें ही जीत सकी थी. वर्ष 1992 के बाद यह उसका सबसे खराब प्रदर्शन है. तब उसे 12 सीटें हासिल हुई थीं. वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने 80 सीटें जीती थीं. वहीं, सपा भी इस बार महज 47 सीटों पर सिमट गयी, जो उसका अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन है. पिछले विधानसभा चुनाव में सपा का वोट प्रतिशत 21.8 था, वहीं बसपा का 22.2 प्रतिशत रहा था। बसपा ने जहां सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ा था, वहीं सपा ने अपने सहयोगी दल कांग्रेस के लिए 105 सीटें छोड़ी थीं. विधानसभा चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगी दलों के कुल 403 में से 325 सीटें जीत लेने से विपक्ष बेहद कमजोर हो गया है. ऐसे में सपा और बसपा के गठबंधन के स्वर तेज हो गए हैं.

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Dakhal News 7 June 2017


वेंकैया नायडू

  पशु बाजार में मवेशियों की बिक्री और बीफ बैन को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर हो रही है। विपक्ष का आरोप है कि केंद्र की भाजपा सरकार लोगों से उनका खाने-पीने का अधिकार छीन रही है। इन आरोपों के बीच केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने बयान दिया है कि वे खुद मांसाहारी हैं और खाना लोगों की पसंद का मसला है। उन्होंने कहा, कुछ लोग लगातार ये कह रहे हैं कि भाजपा सभी को शाकाहारी बनाना चाहती है लेकिन ये तो लोगों के ऊपर निर्भर है कि उन्हें क्या खाना पंसद है और क्या नहीं। किसी पर कोई भी अपनी मर्जी का खाना नहीं थोप सकता। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुछ लोग हर मुद्दे को सिर्फ राजनीतिक रंग देने के लिए कुछ भी कहते हैं। नायडू ने कहा कि वे भी मांस खाते हैं और कोई भी उनके या किसी के खाने पर पाबंदी नहीं लगा सकता। उल्लेखनीय है कि पशुओं के साथ क्रूरता के बाद केंद्र ने मवेशी बाजारों में कत्ल के लिए मवेशियों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। केंद्र के इस फैसले का केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में काफी विरोध हुआ।

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Dakhal News 7 June 2017


kisan andolan

मध्यप्रदेश में किसानो के आंदोलन के उग्र रूप लेने से शिवराज सिंह को सियासी दांव खेलना पड़ रहे हैं। पहले जहाँ शिवराज सरकार के पास किसानों की समस्याएं सुनने का वक्त नहीं था अब वही सरकार  22 जिलों में  समर्थन मूल्य पर प्याज की खरीदी करेगी। इसके लिए सरकार ने राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) को जिम्मा सौंपा है। वहीं, गर्मी की मूंग खरीदने के लिए कृषि विभाग ने केंद्र को प्रस्ताव भेज दिया है। खरीदी नेशनल एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (नाफेड) या भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) कर सकता है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को बैंक से कर्ज लेने वाले वाले किसानों के लिए ऐच्छिक बनाने केंद्र से सहमति लेनी पड़ सकती है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई उच्च स्तरीय बैठक में मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदने को लेकर बात हुई। अधिकारियों ने कहा कि गर्मी की मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य केंद्र घोषित नहीं करता है। इसे खरीफ की मूंग के लिए तय 5 हजार 225 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदना होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अपने स्तर से तैयारी कर ली जाए। प्याज की खरीदी के साथ इसके भंडारण का इंतजाम किया जाए। दरअसल, पिछले साल भी सरकार ने छह रुपए किलोग्राम के हिसाब से 10 लाख क्विंटल प्याज खरीदी थी। भंडारण का पुख्ता इंतजाम न होने से अधिकांश सड़ गई थी, जिसे फेंकना पड़ा था। सहकारी बैंकों के अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केंद्र की है, इसलिए इसमें बदलाव करने से पहले उसकी सहमति लेनी पड़ सकती है। योजना में अभी बैंक से फसल के लिए कर्ज लेने वाले किसानों का बीमा करना अनिवार्य है। इसके पीछे मंशा कर्ज को सुरक्षित करना है। यही वजह है कि जब भी फसल बीमा की राशि किसानों को मिलती है तो सबसे पहले बैंक इससे अपना कर्ज वसूल करता है। ऐच्छिक करने पर बैंक के पास कर्ज की वापसी का एक विकल्प छिन जाएगा। प्याज की खरीदी भोपाल सहित 22 जिलों में की जाएगी। इनमें सीहोर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, उज्जैन, देवास, मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर, आगर-मालवा, सागर, शिवपुरी, झाबुआ और टीकमगढ़ शामिल हैं।  

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Dakhal News 6 June 2017


kisan andolan

  मालवा-निमाड़ से शुरू हुआ किसानों का आंदोलन अब पूरे प्रदेश में फैलने लगा है। सोमवार सुबह प्रदेश के कई राज्यमार्गों पर किसानों ने चक्काजाम कर दिया। रतलाम के पास डेलनपुर में हुई हिंसक घटना में पुलिस ने 225 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया। शाजापुर जिले का कस्बा अकोदिया पूर्णत: बंद है। नीमच में महू-नसीराबाद नेशनल हाईवे पर किसानों ने जाम लगाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और किसानों में टकराव की स्तिथि बन गई। पुलिस ने किसानों को भरभड़िया गांव की ओर पीछे किया। सूचना मिलते ही आला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद हालात नियंत्रण में हुए। झाबुआ के ग्राम करवड़ में बंद कराने गए किसानों और व्यापारियों में विवाद हो गया। व्यापारी मामला दर्ज कराने पेटलावद थाने पहुंचे। इसी तरह की घटना प्रदेश के कई स्थानों पर हुई। कांग्रेस ने किसानों के प्रदर्शन का समर्थन किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अरुण यादव ने आरोप लगाया कि सीएम ने आरएसएस के संगठन किसान संघ से बात कर मांगे मान ली जबकि किसान संघ का आंदोलन से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। उन्होंने कहा- सीएम ने कहा कि सीएम कह रहे हैं कि कांग्रेस के शह पर सब हो रहा है, आज पूरे प्रदेश के ब्लॉक स्तर तक कांग्रेसियों को निर्देश दिए है कि किसानों के साथ हर मुश्किल में खड़े रहें। अरुण यादव ने कहा कि मप्र के किसानों को प्रताड़ि‍त किया जा रहा है। सबसे ज्यादा एमपी के किसान आत्महत्या कर रहे हैं। सीएम शिवराज ने ठगने का काम किया है, कांग्रेस आंदोलन करने वाले किसानों के साथ है।  

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Dakhal News 5 June 2017


किसान संपन्न

    बिलासपुर में छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि किसानों को बोनस नहीं देंगे। प्रदेश के किसान साधन संपन्न हैं। वैसे भी राज्य सरकार कई ऐसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को सीधा फायदा पहुंच रही है। जब उनको फायदा पहुंचाया जा रहा है तो बोनस की जरूरत ही कहां है। सहकारिता मंत्री श्री बघेल  छत्तीसगढ़ भवन में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। वे लोक सुराज अभियान में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के संबंध में समीक्षा बैठक लेने आए थे। यह पूछे जाने पर कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के माध्यम से किसानों ने धान बेच दिया है पर राज्य शासन द्वारा बोनस नहीं दिया है। किसान अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। सहकारिता मंत्री ने दोटूक कहा कि हम किसानों को बोनस नहीं दे रहे हैं। इसकी जरूरत भी नहीं है। मंत्री ने यह भी खुलासा किया कि राज्य शासन द्वारा किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए उनके हित से जुड़ी कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। योजना से जुड़कर किसान फायदा भी ले रहे हैं। जब किसानों को शासन सीधे फायदा पहुंचा रहा है तो बोनस की जरूरत ही कहां है। मंत्री ने सीधे कहा कि किसानों को बोनस फिलहाल नहीं दे रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के साथ फ्रांस दौरे का अनुभव बताते हुए कहा कि वहां अंगूर से शराब बनाई जाती है। हम लोगों ने भी यह कला सीखी है। प्रदेश में अंगूर की फसल की अपार संभावनाएं हैं। अंगूर की खेती के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा व राज्य सरकार शराब भी बनाएगी। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में करोड़ों के घोटाले के संबंध में मंत्री ने कहा कि जांच चल रही है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा । सुराज अभियान के दौरान प्राप्त आवेदनों के संबंध में मंत्री श्री बघेल ने कहा कि सुराज के दौरान कुछ ऐसे भी आवेदन आए हैं जिसका प्रकरण कोर्ट में चल रहा है। ऐसे मामलों को लंबित रखा गया है। कोर्ट के फैसले के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी । जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में पीओएस मशीन वितरण के संबंध में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि इसकी जानकारी नहीं है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ अभिषेक तिवारी ने मंत्री को बताया कि कृषि विभाग की योजना के तहत बैंक में पीओएस बांटा जा रहा है।  

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Dakhal News 5 June 2017


indra vishnoi

राजस्थान के साथ देश की राजनीति को हिला देने वाले भंवरी देवी हत्याकांड में 6 साल से फरार आरोपी इंद्रा विश्नोई को राजस्थान एटीएस ने एमपी के देवास के पास नर्मदा तट से गिरफ्तार कर लिया। इंद्रा पर 5 लाख रुपए का इनाम था और भंवरी देवी की हत्या में आरोपी बनाए जाने के बाद वह फरार हो गई थी। तभी से पुलिस को उसकी तलाश थी। जानकारी के मुताबिक उसने नदी के किनारे ही उसने एक घर बना लिया था, वहीं वो एक सामान्य महिला की तरह रहती थी। फरारी के बाद से उसने मोबाइल फोन और अपने एटीएम का प्रयोग भी नहीं किया था। इंद्रा विश्नोई ने ही अपने भाई और पूर्व विधायक मलखान सिंह और पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा के साथ मिलकर भंवरी देवी की हत्या की साजिश रची थी। भंवरी के मलखान और महिलपा के साथ संबंध थे। इस दौरान उसकी एक बेटी भी हुई और उसका कहना था कि यह मलखान की बेटी है। भंवरी ने इसके लिए उससे पैसे मांगना शुरू कर दिए। जिसके बाद इन सभी ने मिलकर उसे मारने का षडयंत्र रचा। 2011 में भंवरी देवी का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी।  

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Dakhal News 3 June 2017


गौरीशंकर बिसेन

  कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने गुरुवार को खरगोन में कई कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने सभी जगह कुछ अजीबोगरीब बयान दिए। शासकीय कन्या महाविद्यालय परिसर में 50 सीटर कन्या छात्रावास का भूमिपूजन समारोह में उन्होंने कहा- लालू जी कहते हैं कि बच्चे क्वांटिटी में पैदा करो। एक कोई तो क्वालिटी वाला होगा। हम कहते हैं कि क्वांटिटी नहीं, क्वालिटी वाला हो। एक बच्चा हो लेकिन शेर जैसा हो। एक ही बेटी हो लेकिन शेरनी जैसी हो। हालांकि लालू जी के बच्चे कोई विधायक, कोई मंत्री और कोई डॉक्टर बन गया। क्वांटिटी नहीं क्वालिटी पर ध्यान दो। इस बयान में बिसेन लालू यादव के माध्यम से पौधारोपण की बात समझाना चाह रहे थे। उन्होंने कहा कि पौधे चाहे कम संख्या में हों, परंतु निर्धारित दूरी और क्वालिटी वाले हों। यही नहीं, बिसेन ने उत्कृष्ट विद्यालय में कृषि विज्ञान मेले में कहा कि किस संविधान में लिखा है कि आपातकाल लगाओ। इंदिरा जी आपातकाल के जरिए अपना कार्यकाल एक साल और बढ़ाना चाहती थीं। कांग्रेस ने गाय-बछड़ा लेकर आम नागरिकों पर अत्याचार किए। बेवजह नसबंदी के टारगेट देकर गैरजरूरी लोगों को निशाना बनाया। दिल्ली में आज भी गाय-बछड़े हैं। यह कौन है- इशारा समझ जाओ। हालांकि उन्होंने बाद में मीडिया से कहा कि सांसद रहा हूं। लालू यादव मेरे मित्र हैं। उन्होंने राबड़ी देवी को भी शुभकामनाएं दे दी। कृषि मंत्री ने गुरुवार को उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में तीन दिवसीय कृषि मेला व प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा पर किसी का वश नहीं चलता। कलेक्टर, एसपी को सख्त लहजे निर्देश देते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा में यदि किसी किसान या श्रमिक की मौत होती है तो तीन दिन में प्रकरण तैयार कर उसके परिवार को चार लाख रुपए की आर्थिक मदद करें। उन्होंने लगभग 55 मिनट के भाषण में कई बिंदुओं पर अपनी बात रखी। बिसेन ने कई अटपटे और विवादित अंदाज में भाषण दिया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कहा कि चुनाव में डेढ़ वर्ष बचा है, कब निकल जाएगा, पता नहीं चलेगा। अभी सभी योजनाओं का प्रसार करें और उनका लाभ लोगों को दिलाएं। जितने जनप्रतिनिधि साफा बांध कर बैठे हैं, उन्हें फिर चुनाव में उतरना है। उन्हें फिर कहना पड़ेगा- 'भर दे झोली ऐ मेरे मतदाता, लौट कर नहीं जाऊंगा खाली...।' उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने जनता को दारू पीने का अवसर दिया। हमने शुरुआत में नर्मदा किनारे से शराब की दुकानें हटवा दी। रेत उत्खनन को लेकर रोक लगा दी। इसकी फीडबैक ली जा रही है। इस मौके पर प्रभारी मंत्री, सांसद के अलावा विधायक बालकृष्ण पाटीदार, हितेंद्र सोलंकी, राजकुमार मेव, भाजपा जिलाध्यक्ष बाबूलाल महाजन, सीसीबी चेयरमेन रणजीत सिंह डंडीर, कलेक्टर अशोक वर्मा, एसपी डी. कल्याण चक्रवर्ती, कृषि उपसंचालक सीएल केवड़ा, उद्यानिकी सहायक संचालक केके गिरवाल व जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी मोनिका बघेल मौजूद थी। कार्यक्रम के दौरान सभास्थल से कई लोगों के पर्स चोरी हो गए। बिसेन ने सम्मेलन में बताया कि कांग्रेस के दिग्गज नेता और सांसद कमलनाथ का उन्हें फोन आया। उन्होंने कांग्रेस समर्पित लोगों के व्यवहार पर माफी मांगी। छिंदवाड़ा दौरे पर कई स्थानों पर गए। वहां कई कांग्रेसियों ने ज्ञापन दिए। बिसेन का कहना था कि विपक्ष के होने के बावजूद सम्मान से उनकी बात सुनी। पांढुर्ना में सभा के दौरान उनके खिलाफ 'वापस जाओ...वापस जाओ' के नारे लगाए। बोले बिसेन हमारे विभाग के कर्मचारी काम करते रहे, पटवारी सचिव हड़ताल पर गए। कई योजनाओं की जानकारी कलेक्टर नहीं बताते। यदि बताएंगे तो उनका बहुत नुकसान होगा। किसानों को स्टॉम्प पर ऋण स्वीकृत कर देना। किसी भगवान से पूछने की जरूरत नहीं। बिसेन ने कहा सन 1952 का मेरा जन्म है। सरकारी नौकरी में होते तो रिटायर हो जाते। गाय-बछड़ा पंजा हो गया और अब गंजा जो गया। रामायण से लगाकर महिलाओं के त्याग की कोई बराबरी नहीं। गोबर से कंडे मत बनाओ। गौरीशंकर को दो या खाद बनाओ।प्रधानमंत्री सड़क योजना के तह बनी सड़कों पर विधायक नहीं दौड़ने दे डंपर, उन पर रोक लगाए। बिसेन ने कार्यक्रम में स्वयं का स्वागत नहीं कराते हुए, किसानों पर पुष्पवर्षा की।ढाई घंटे देरी से पहुंचने पर बिसेन ने किसानों से मांगी माफी, किसान जाने लगे तो खुद ने संभाला।  

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Dakhal News 2 June 2017


samajvadi party

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने गुरुवार कहा कि ‘चापलूसी और चुगलखोरी’ की वजह से समाजवादी ‘परिवार’ में मतभेद हैं और वह सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ तल्खी दूर करने के लिये पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव की सरपरस्ती में बातचीत करने के लिये तैयार हैं. पिछली एक जनवरी को अखिलेश के सपा अध्यक्ष बनने के बाद हाशिये पर पहुंचे शिवपाल ने कहा कि अगर पूरा परिवार एकजुट हो जाए तो सपा को अपने भविष्य के लिये ‘बैसाखियों’ के सहारे की जरूरत नहीं पड़ेगी. शिवपाल ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि सिर्फ चापलूसी और चुगलखोरी की वजह से ही समाजवादी परिवार में झगड़ा हुआ था. उन्होंने कहा, ‘हमने परिवार में एकजुटता की बात नेताजी (मुलायम) पर छोड़ दी है. मैं तो अखिलेश से बात करने को तैयार हूं. इसके लिये नेताजी से बेहतर कोई नहीं है. मगर हमारा फॉर्मूला वही है कि नेताजी का सम्मान लौटा दो.’ मालूम हो कि शिवपाल अखिलेश से मुलायम को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद लौटाने की बार-बार मांग कर रहे हैं. आगामी 27 अगस्त को पटना में राष्ट्रीय जनता दल मुखिया लालू प्रसाद यादव की रैली में अखिलेश और बसपा प्रमुख मायावती के मंच साझा करने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर शिवपाल ने कहा, ‘अगर परिवार एक हो जाए तो बैसाखियों की जरूरत नहीं पड़ेगी.’ उन्होंने आगाह किया कि अगर मुलायम की उपेक्षा जारी रही तो गत विधानसभा चुनाव में महज 47 सीटें जीतने वाली सपा की स्थिति इससे भी बुरी हो जाएगी. शिवपाल ने कहा कि सपा कमजोर हो रही है. सपा विपक्ष की भूमिका ठीक ढंग से नहीं निभा पा रही है, क्योंकि लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है. शिवपाल ने कहा कि वह समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाएंगे, जिसमें सपा से उपेक्षित लोगों को शामिल किया जाएगा. साथ ही समान विचारधारा वाली अन्य पार्टियों से भी एक मंच पर आने को कहा जाएगा. यह पूछे जाने पर कि क्या यह ‘जनता परिवार’ को एकजुट करने की नयी कवायद है, उन्होंने कहा ‘हां, सबसे बात की जाएगी.’ इस सवाल पर कि क्या समाजवादी परिवार में झगड़े की जड़ बताये जाने वाले अमर सिंह को भी मोर्चे में शामिल किया जाएगा, शिवपाल ने कहा कि उनसे बात की जाएगी. पूर्व मंत्री ने दोहराया कि उनका मोर्चा कोई राजनीतिक दल नहीं होगा, बल्कि यह सपा का ही हिस्सा होगा, जिसके अध्यक्ष मुलायम होंगे. यह पूछे जाने पर कि इस मोर्चे की वजह से सपा में और मतभेद बढ़ेगा, शिवपाल ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया. मालूम हो कि शिवपाल ने बुधवार (31 मई) को घोषणा की थी कि वह आगामी छह जुलाई को समाजवादी सेक्युलर मोर्चे का गठन करेंगे. सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव इस मोर्चे के अध्यक्ष होंगे, जबकि वह खुद इसके संयोजक होंगे. सपा की कमियों को दूर करना इस मोर्चे का उद्देश्य होगा. शिवपाल ने पिछले महीने ही समाजवादी सेक्युलर मोर्चे के गठन का ऐलान किया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि सपा में बार-बार उनका और मुलायम का अपमान किया गया.

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Dakhal News 1 June 2017


modi spen

चार देशों की यात्रा पर निकले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार शाम को स्पेन की राजधानी मैड्रिड पहुंचे। 30 साल बाद कोई भारतीय पीएम स्पेन दौरे पर पहुंचा है। यहां पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने स्पेन के राष्ट्रपति मारियानो रजॉय से मुलाकात की। इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि आज आतंकवाद से कोई देश अछूता नहीं है, यह मानवता के सामने चुनौती है। हम आतंक के खिलाफ लड़ाई को लेकर स्पेन से चर्चा करेंगे। इस दौरान उन्होंने न्यू इंडिया के बारे में भी बात की और कहा कि इस मकसद को लेकर भारत आगे बढ़ रहा है। भारत और स्पेन के संबंधों को इस माध्यम से नई ऊंचाई देने के लिए यह वार्ता महत्वपूर्ण है । इससे पहले उनके यहां पहुंचने के बाद होटल के बाहर लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया और उन्हें देखकर मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे। यह देख पीएम भी खुद को रोक नहीं पाए और लोगों से मिलने उनके बीच पहुंच गए। प्रधानमंत्री अपने स्पेन दौरे पर दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को बेहतर करने पर जोर देंगे। साथ ही वो यहां के निवेशकों को भारत आने का न्योता भी देंगे। इससे पहले यूरोपीय देशों के साथ कारोबारी व रणनीतिक रिश्तों को नए सिरे से गढ़ने में जुटे पीएम नरेंद्र मोदी की बर्लिन में जर्मनी की चांसलर एजेंला मर्केल के साथ हुई मुलाकात की। कूटनीतिक फलसफा यह रहा कि दोनों देश अब अपने रिश्ते को द्विपक्षीय दायरे से निकाल कर वैश्विक स्तर पर ले जाने को तैयार हो गए हैं।  

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Dakhal News 31 May 2017


kapil mishra

  दिल्ली के  पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने आप सरकार एवं आम आदमी पार्टी के मंत्रियों और नेताओं के कथित भ्रष्टाचार के सुबूत पेश करने के लिए रामलीला मैदान में विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल को पत्र लिखा है। पत्र में मिश्रा ने कहा, 'मैं आप से निवेदन करता हूं कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन द्वारा किए गए भ्रष्टाचार, हवाला लेन-देन, काला धन, विदेश यात्रा और सगे-संबंधियों को लाभ पहुंचाने जैसे गंभीर मुद्दों पर विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाए।' मिश्रा ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल ने सरकार बनने से पहले कहा था कि विधानसभा का सत्र जनता के बीच रामलीला मैदान में लगना चाहिए। उनका मानना था कि जब चारों तरफ हजारों लोग बैठे हों तब नेता सदन में झूठ बोलने की हिम्मत नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि हवाला, काला धन व विदेश यात्रा के मामले देश से जुड़े हैं। इनमें सदन में चर्चा व वोटिंग आवश्यक है। मैं इन मामलों से जुड़े सारे दस्तावेज रामलीला मैदान में जनता की मौजूदगी में सदन के पटल पर रखूंगा। अगर अरविंद केजरीवाल को अपनी व सत्येंद्र जैन की बेगुनाही पर भरोसा है तो इस प्रस्ताव को तुरंत स्वीकार करें। कपिल मिश्रा ने विधानसभा अध्यक्ष से निवेदन किया कि 31 मई को विशेष सत्र बुलाया गया है।इसकी शुरुआत में यह विचार व प्रस्ताव रखने के लिए आपकी अनुमति से पांच मिनट का समय चाहता हूं।  

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Dakhal News 31 May 2017


narendr modi

उमेश त्रिवेदी  कांग्रेस सहित भारत के अधिकांश विपक्षी दल एक राजनीतिक-शून्यता के आत्मघाती मोड़ की ओर बढ़ रहे हैं, देश का मीडिया केन्द्र-सरकार की तीसरी वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के यशोगान और उपलब्धियों से पटा पड़ा है। मोदी-सरकार के कामकाज के प्रति अधिकांश राजनीतिक समीक्षक और विश्लेषकों का सुर सजीला और रवैया लचीला है। शासन-प्रशासन और राजनीति में उपलब्धिय़ों के कैनवास के किसी भी कोने पर खोट का एक छोटा सा काला स्पॉट भी इन लोगों को नजर नहीं आ रहा है... मोदी-सरकार के शासन-प्रशासन की दीवारें इतनी पाक-साफ और पोशीदा है। मीडिया के छोटे-बड़े सभी सर्वेक्षण और मीमांसाएं नरेन्द्र मोदी के आगे नतमस्तक हैं। बकौल मीडिया मोदी के समर्थन में जन-भावनाओं का यह उफान हवाई कल्पना नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत है। देश की जानी-मानी और प्रतिष्ठित एजेन्सियों ने व्यावसायिकता की खरी कसौटियों पर इस सच को तलाशा है।  इन सर्वेक्षणों की एक खूबी यह भी है कि शासन-प्रशासन में मोदी-सरकार के साथ दौड़ रही कमी, कमजोरियों और कमतरी की कहानियों को रेशमी लहजों के मुलायम धागों में पिरो कर शो-केस में बिठा दिया गया है। तीसरी वर्षगांठ पर सफलता और असफलताओं का यह 'हायपर' और 'हिपनोटिक' प्रसारण मोदी-सरकार के राजनीतिक-प्रबंधन की समग्रता और सम्पूर्णता को रेखांकित करने वाला है। यह जताता है कि राजनीति और प्रशासन से जुड़े महीन तत्वों पर भी उनकी नजर कितनी पैनी और पारंगत है? तीसरी वर्षगांठ पर नरेन्द्र मोदी राजनीतिक विधाओं के 'परफेक्शनिट' बन कर उभरे हैं।   यह कहना अतिशयोक्तिपूर्ण नहीं होगा कि इस वक्त भारतीय राजनीति में उनके मुकाबिल खड़ा होने वाला पक्ष-विपक्ष में कोई नेता दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा है। दिलचस्प यह है कि सफलताओं की सीढ़ियों पर, इस मुकाम पर पहुंचने के बाद भी, उनकी मुठ्ठी अभी ढीली नहीं पड़ी है।  केन्द्र के अलावा देश के 17 राज्यों में भाजपा या उनकी सरकारें काम कर रही हैं। मोदी की रणनीति यह है कि 2019 तक बाकी दस राज्यों में भाजपा का परचम लहराने लगे। मौजूदा परिदृश्य में यह लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी की पहुंच के बाहर नहीं लगता है, क्योंकि विपक्ष व्दारा प्रस्तुत चुनौतियां हर दिन रिस रही हैं। नरेन्द्र मोदी ने देश की राजनीति को सैध्दांतिकता और वैचारिकता के उन अमूर्त ठिकानों की ओर मोड़ दिया है, जहां असमंजस और संशय में घिरे उनके विरोधियों की आवाजें कहने-सुनने से पहले गाफिल होकर गिर पड़ती हैं। शब्दों के तरकश भोंथरे हो जाते हैं। जात-पांत, ठौर-ठिकानों, मठ-कबीलों की भूल-भुलैया में फंसी विपक्ष की राजनीति वैचारिक शून्यता के पार रास्ते नहीं देख पा रही है। यह  वैचारिक-शून्यता भाजपा विरोधियों की रणनीतिक चूक  और सबसे बड़ी कमजोरी है, जबकि भाजपा ने हिन्दुत्व की वैचारिकता को एजेण्डे में संजोकर देश की राजनीति को लोगों के दिलो-दिमाग में पिरो दिया है। लेकिन प्रतिपक्ष की यही वैचारिक शून्यता देश के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। हिन्दुत्व की वैचारिक धुरी पर भाजपा की राजनीति के आगे कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल असहाय खड़े हैं। चुनाव के एटीएम में मुस्लिम कार्ड के 'इनवेलिड' हो जाने के बाद  भले ही भाजपा-विरोधियों को कोई रास्ता नहीं सूझ पड़ रहा हो, लेकिन विपक्ष की इन अबूझ स्थितियों से पैदा शून्य भाजपा के लिए भी उतना ही खतरनाक है। राजनीतिक मंच पर इकलौते अभिनेता होने के नाते देश के समूचे ऑडियंस की अपेक्षाओं को पूरा करने का बोझ भी नरेन्द्र मोदी के कंधों पर आ पड़ा है। मोदी-सरकार की तीसरी वर्षगांठ पर राजनीतिक परिदृश्य में सिमटते-सिकुड़ते विपक्ष के हालात पर तालियां बजाने से पहले राजनीतिक-शून्य के खतरों को समझना जरूरी है। लोगों की सारी राजी-नाराजी और अपेक्षाओं के केन्द्र अब आप हैं। कांग्रेस की पुरानी गलतियों को उकेर कर इतिहास के पन्नों की ढाल लंबे समय तक काम में आने वाली नहीं है। इन परिस्थितियों से निपटने के लिए नरेन्द्र मोदी को अपनी राजनीति को ऩए 'मोड' में डालना होगा। एकतरफा और निरंकुश वैचारिक-आग्रह के खतरों को समझना किसी के लिए भी मुश्किल नहीं है। देश के विभिन्न हिस्सों में घटित उन्माद की घटनाएं इन खतरों की ओर इशारा कर रही हैं।[ लेखक उमेश त्रिवेदी सुबह सवेरे के प्रधान संपादक है। ]  

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Dakhal News 31 May 2017


bhupen hajarika

  केंद्र सरकार के तीन साल पूरे होने के मौके पर पीएम मोदी ने तिनसुकिया में देश के सबसे लंबे पुल का उद्घाटन किया। इसके बाद यहा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने इस ब्रिज का नाम मशहूर गायक भूपेन हजारिका के नाम पर रखा है। पीएम यहां से धेमाजी पहुंचे जहां उन्होंने धेमाजी में कृषि अनुसंधान केंद्र की आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की नई योजना संपदा की घोषणा की। यह योजना फूड प्रोसेसिंग से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि मैं आज एक नई योजना की जानकारी देता हूं और इसका नाम है संपदा योजना। उन्होंने तीन साल के कार्यकाल की उपलब्धियों को पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेयी को समर्पित करते हुए कहा कि उन्‍होंने तीन साल में अटल जी के सपने को पूरा किया है। धेमाजी में कृषि अनुसंधान केंद्र की आधारशिला रखने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा, '2022 तक हमारे किसानों की आय दोगुनी होनी चाहिए। अब धीरे-धीरे आगे बढ़ने का समय नहीं है।' उन्‍होंने आगे कहा कि इतने बड़े देश के लिए तीन साल का वक्‍त बहुत कम है। वेस्‍ट से बेस्‍ट बनाने की दिशा में काम बढ़ाने की बात कहते हुए उन्‍होंने कहा, कृषि में आधुनिकता के साथ ऊंचाई पर जाना है। हमें एवरग्रीन रिवोल्‍यूशन की ओर बढ़ना है। नॉर्थ ईस्‍ट में जैविक खेती की संभावनाएं बताते हुए पीएम ने कहा कि किसानों को सॉयल हेल्‍थ कार्ड का अभियान शुरू करना होगा। उन्‍होंने आगे बताया कि देश में पहले 15 लैब थीं जो आज 9 हजार से भी अधिक हैं। इससे पहले पीएम ने कहा कि भूपेन हजारिका असम के गायक थे और इस ब्रिज को उन्हीं के नाम से पुकारा जाएगा। पीएम ने आगे कहा कि एक साल में भाजपा सरकार ने असम में कई समस्याओं को खत्म किया है। ढोला-सादिया पुल को बनाने में कई रुकावटें आईं। 2003 में भाजपा के असम से विधायक जगदीश भुयान ने इस तरह के एक पुल की मांग की थी और अटल जी ने उसे मंजूरी दी थी। इसके ठीक बाद सरकार बदल गई और पुल का काम लगातार पिछड़ता गया है। इससे पहले पीएम डिब्रूगढ़ एयरपोर्ट पहुंचे जहां पर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उनका स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने तीनसुकिया पहुंचकर ढोला सादिया पुल का उद्घाटन किया। उनके साथ इस मौके पर मुख्यमंत्री सोनोबाल भी मौजूद थे। मूल रूप से ब्रह्मपुत्र की सहायक लोहित नदी पर बने ढोला-सदिया ब्रिज की कुल लंबाई 9.15 किमी है। यह पुल शुरू हो जाने से असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच सड़क संपर्क स्थापित हो जाएगा। खास बात यह है कि यह ब्रिज सामरिक रूप से भी अहम होगा। यह पुल 60 टन युद्धक टैंक का भार सह सकता है।  

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Dakhal News 26 May 2017


गोविन्द मालू

गोविन्द मालू अब वो ज़माने लद गए जब “गरीबी हटाओ”हम प्रगति के पथ पर बढ़ रहे हैं व भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलकर “इमोशनल ब्लेकमेल”किया जाता रहा था | इन नारों व बोल वचन के प्रति अविश्वास ने ही “विश्वास का संकट“ पैदा किया इस संकट की पहचान कर दिल्ली के सत्ता साकेत में ज्यों ही मोदी नाम के नायक पर जनता ने दांव लगाया तो वह नायक उस पर खरा ही नहीं उतरा बल्कि भ्रष्टाचार विरोधी अश्व को अपनी इच्छा शक्ति की लगाम से ऐसी गति प्रदान कर रहा है जहाँ केन्द्रीय सत्ता के राजनेता तो सतर्क हैं,ही बेलगाम व गैर जवाबदेह नौकरशाही की भी मूर्च्छा खुल गई |ना खाऊंगा,ना खाने दूंगा का जनरुचिकर क्रान्ति नाद अनहद तक न केवल भ्रष्टों का कर्ण छेदन कर रहा है, भ्रष्ट लोगों के लिए कर्कश यह मन्त्र ईमानदारी के अनुष्ठान में बेईमानों की आहुति भी ले रहा है इस हवन की ज्वाला की आंच व गंध को दिल्ली ही नहीं देश के सभी सत्ता केन्द्रों में शिद्दत के साथ महसूस किया जा रहा है तो तीन साल के कम समय की यह सबसे बड़ी उपलब्धि है,कि सरकार लोकलुभावन नहीं लोक कल्याण,लोकहित योजनाओं के जरिये “विश्वास के गहरे संकट” को चीरते हुए साहसी व दु:साहसी  क़दमों से जनता के खैरमकदम के लाल कालिन पर इस भ्रष्टाचार विरोधी अश्व को दौड़ा रहा है,बगैर एक घोटाला हुए | यह उपलब्धि इसलिए भी मुद्रा बैंक, नोट बंदी, स्टार्ट अप, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, जन-धन योजना उड़ान योजना, फसल बीमा योजना, डिजिटल इंडिया, डी.बी.टी.योजना, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, जी.एस.टी.कानून, दिवालिया कोड, बेनामी संपत्ति कानून, सुकन्या समृद्धि, उदय योजना, ईज़ आल डूइंग बिजनेस, वनरेंक-वन पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, मुफ्त चिकित्सा की इन्द्रधनुष योजना, श्रमिक कल्याण, कृषि सिंचाई योजना, सॉयल हेल्थ कार्ड, सबको घर योजना, चुनाव फंडिंग, एबिज़ पोर्टल एवं जी-टू-बी जैसी 35 योजनाओं की बुलेट ट्रेन पर सबसे उपरी पायदान पर खड़ी हैं। ना खाऊंगा ,ना खाने दूंगा का संकल्प चहुओर निनादित होता दिख रहा है यही संकल्प पूरा होने का परिणाम है, कि जातिवाद, सम्प्रदायवाद, वोट बैंक की तुष्टिकरण की राजनीति किनारे हो गई राष्ट्रीय स्वाभिमान बढ़ा मोदी ने निराश राष्ट्र जीवन को उल्लासपूर्ण भारतीय मन में बदल दिया इस दौर की राजनीति में आशा, विश्वास व पुरुषार्थ का चेहरा है नरेंद्र मोदी | एक विश्वसनीयता का संकट विगत कई वर्षों से देश में तो था ही संवैधानिक संस्थाएं भी राजनैतिक सामंतवाद के बाहुपाश में थी इनसे मुक्ति दाता के रूप में मोदी भारतीय राजनीति के आकाश पर विश्वास के धूमकेतु की तरह प्रकाशमान हुए | यही विश्वास व पुरुषार्थ का चेहरा लोगों को भा रहा है इसलिए लोगों को विकास के आंकड़ों, महंगाई दर, जीडीपी के घटते – बढ़ते,आंकड़ों की बजाय दूरगामी परिणाम की चिंता है तभी तो नोटबंदी जैसी कड़वी दवाई भी सहर्ष कंठ से नीचे उतारकर एक बड़ी डकार जनता ने भाजपा के पक्ष में ली। पहली बार आज़ादी के सालों बाद एक विचार को जन स्वीकृति मिली वह न जातिवाद, क्षेत्रवाद, न भाषावाद, न परिवारवाद, न ही सम्प्रदायवाद था केवल राष्ट्रवाद व राष्ट्र सर्वोपरि विचार जन-मन ने सभी धर्मों की सीमाएं लांघकर स्वीकारा राजनीति का राष्ट्र प्रतिबद्ध होना तीन सालों का मुख्य सन्देश है। तीन सालों में गैर जिम्मेदाराना दलतंत्र को आईना दिखा दिया,गरीबी की बात करके वोट बटोरने के दिन लद गए ये भी जनता ने बता दिया अब तो काम उस हितग्राही, ज़रूरतमंद व अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तथा डगर डगर तक पहुँचाना पड़ेगा, नौकरशाही को सही रास्ते पर लाने की जिम्मेदारी सरकार की होती है ये भी मोदी ने तीन साल में सिद्ध कर दिया सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार सरकारों की ढिलाई का परिणाम था यह इस सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाकर इच्छाशक्ति व सत्ता की ताक़त का भी परिचय दे दिया कार्यालयों में व्याप्त जड़ता का माहौल टूटने लगा। सभी सरकारें नीतियाँ बनाती हैं जो अच्छी होती है, लेकिन क्रियान्वयन में दोष के कारन ही वे मूर्तरूप नहीं ले पाती ,इसका उदाहरण प्रोजेक्ट मानिटरिंग ग्रुप है जिसकी शुरुआत यूपीए के समय हो चुकी थी। लेकिन, नरेंद्र मोदी के कार्यभार सँभालने से पहले न तो किसी को इस ग्रुप की जानकारी हो पाई थी न ही कामकाज की। अब इसकी सक्रियता और आवेदनों की प्रक्रिया के ऑनलाइन होने की शुरुआत का नतीज़ा साफ़तौर पर देखा जा सकता है, जिन कर्मचारियों और अधिकारीयों को परियोजनाओं की स्वीकृति में बाधक समझा जा रहा था वे ही अब रास्ते सुझा रहे हैं, चुस्ती–फुर्ती और जागृति यह नौकरशाहों में तभी आएगी जब शासक के फुटवर्क व वर्क आउट में दिखे निश्चय ही सुस्ती का आलम नौकरशाही में नहीं था शासकों में था। इस प्रशासनिक जड़ता को समाप्त किया व पी.एम.ओ. की प्रतिष्ठा को मोदी ने स्थापित किया ,जबकि मोदी को 68 वर्ष पुराना प्रशासनिक ढांचा,प्रक्रियाएं कानून व कार्य संस्कृति विरासत में मिली लेकिन उन्होंने इस यथास्थितिवाद को तोड़ते हुए अनावश्यक 1300 से ज्यादा कानूनों को समाप्त किया। लोकप्रशासन के विद्वान एफ.डब्ल्यू.रिंग्स ने विकासशील देशों की विकास अवस्था का मूल्यांकन करने के लिए एक मॉडल बनाया था उसके अनुसार 'विकसित समाजों में सरकार की संरचनाएं और उनके कार्य केवल स्पष्ट और स्वायत्त ही नहीं होते अपितु उनमे ज़बरदस्त तालमेल होता है।' मोदी सरकार इसी सिद्धान्त पर चल रही है हालाँकि रिंग्स के आधार पर देश को विकसित देशों की श्रेणी में खड़ा करने में समय लगेगा,लेकिन अन्तरिक्ष, प्रोद्योगिकी, उर्जा, रक्षा एवं आर्थिक विकास के क्षेत्र में तीन सालों में जो काम हुए हैं उससे वैश्विक जगत में भारत की साख एक विकसित देश के रूप में निखरी है नरेंद्र मोदी ने भी अपनी अनूठी संवाद शैली के माध्यम से 45 देशों में जाकर इस प्रतिष्ठा व विश्वास को बढाया है। पाश्चात्यवादी नेहरूवादी मॉडल “विराट पूँजी,विराट रिश्वत” का था शास्त्रीजी नेक, ईमानदार, कुशल ज़रूर थे लेकिन गांधी-नेहरु परिवार के दबावों में थे। अटलजी दूरदर्शी, ईमानदार, कुशल, दृढ़ प्रतिज्ञ थे गठबंधन के समझौतों के चलते भी उन्होंने नए भारत का मॉडल ज़रूर रखा। लेकिन, अपना सपना पूरा नहीं कर पाए। नरेंद्र मोदी को खुला आकाश, खुला मैदान व ईमानदार इच्छाशक्ति प्रकृति ने दी है, विपक्ष की ऐसी दुर्गति होते हुए पहले कभी नहीं देखी और सत्ता संगठन में ऐसा तालमेल व अनुशासन का आदर्श समय पहले कभी नहीं देखा, नई कार्य संस्कृति की यह उपलब्धि 'न्यू इंडिया' के सपने को पूरा करेगा 2024 तक इसमें संशय नहीं हैं। (लेखक मध्यप्रदेश राज्य खनिज विकास निगम के पूर्व उपाध्यक्ष हैं )  

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Dakhal News 26 May 2017


कमलनाथ

कांग्रेस ने मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर जोरदार हमला बोला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि मोदी सरकार में किसानों के हालात बद से बदतर हुए हैं. किसानों की खुदकुशी के मामलों में इजाफा हुआ है. फसल बीमा योजना से किसानों को कोई फायदा नहीं हुआ. कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी सरकार ने कई योजनाएं लाईं, जिनमें काफी पैसा खर्च हुआ, लेकिन जनता को इससे कोई फायदा नहीं हुआ. तीन साल में मोदी सरकार ने नारों के सिवाए कोई ठोस काम नहीं किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश को बताएं कि कालाधन कितना वापस आया. कमलनाथ ने सवाल किया कि आखिर व्यापम घोटाले मामले की जांच का क्या हुआ? उन्होंने कहा कि मोदी सरकार नोटबंदी पर देश को जवाब दे. बीजेपी सरकार ने पिछले तीन सालों में सिर्फ प्रचार पर ध्यान दिया. जमीनी स्तर पर किसी तरह का काम नहीं हुआ. कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि गरीब और किसान खुदकुशी कर रहे हैं और मोदी सरकार दो हजार करोड़ रुपये अपने तीन साल पूरा होने के जश्न मनाने में खर्च कर रही है. उन्होंने मोदी सरकार को भाषण और आश्वासन की सरकार करार दिया. वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने शायराना अंदाज में मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि किसान खुदकुशी कर रहा है और सीमा पर जवानों के सिर काटे जा रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार अपने तीन साल का जश्न मना रही है. युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं और बीजेपी जश्न मनाने में जुटी हुई है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता प्रगति के पत्थरों पर सिर्फ नाम चढ़ाते हैं. दलितों के खिलाफ अत्याचार बढ़े हैं. उन्होंने कहा कि अब योगी सरकार का चेहरा बेनकाब हो चुका है.

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Dakhal News 26 May 2017


 प्रभुनाथ को उम्रकैद की सजा

पटना में 22 साल पहले हुई विधायक अशोक सिंह की हत्या के मामले में राजद नेता और पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। उनके अलावा दो अन्य को भी इस मामले में सजा सुनाई गई है। पिछले दिनों हजारीबाग कोर्ट ने उन्हें इस मामले में दोषी करार दिया था। मामले में प्रभुनाथ के अलावा उनके दो सहयोगियों, दीनानाथ सिंह और पूर्व विधायक रितेश सिंह को भी दोषी करार दिया गया था। विधायक अशोक सिंह की हत्या 3 जुलाई 1995 को पटना में उनके सरकारी आवास 5 स्टैण्ड रोड में बम मार कर कर दी गई। उस समय वो आरजेडी के मशरख विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे। हत्या का मुख्य आरोपी प्रभुनाथ सिंह को बनाया गया था। बता दें कि प्रभुनाथ सिंह को हराकर ही अशोक सिंह मशरख से विधायक बने थे। अशोक सिंह मामले में गिरफ्तार प्रभुनाथ सिंह के छपरा जेल में रहते कानून व्यवस्था बिगड़ रही थी, जिसके चलते उनको हजारीबाग जेल शिफ्ट किया गया। उस समय झारखंड अलग राज्य नहीं बना था। प्रभुनाथ सिंह के आवेदन पर ही हजारीबाग में इस केस का ट्रायल चला और 22 साल के बाद आज बृहस्पतिवार को अदालत ने फैसला सुनाया है। अपने पति अशोक सिंह की हत्या के बाद उनकी पत्नी चांदनी देवी ने प्रभुनाथ सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसमें प्रभु नाथ सिंह के अलावा उनके भाई दीनानाथ सिंह और रितेश सिंह को आरोपी बनाया गया था। सीवान जिले के महाराजगंज सीट के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के राजनीतिक करियर की शुरुआत जनता दल से हुई थी। प्रभुनाथ सिंह जदयू से महराजगंज के सांसद थे। बाद में आरजेडी में आ गए। प्रभुनाथ सिंह एक जमाने में नीतिश कुमार के बेहद करीबी थे और बाद में लालू प्रसाद यादव के नजदीक आए। दबंग नेता के रूप में उनकी पहचान है। बिहार में सरकार किसी की भी हो, प्रभुनाथ सिंह और उनके करीबी हमेशा यही कहते नजर आते कि सारण के सीएम प्रभुनाथ सिंह हैं। अशोक सिंह मशरक के जनता दल से उस समय विधायक थे। 28 दिसंबर, 1991 को मशरक के जिला परिषद कांप्लेक्स में उन पर गोलियों से ताबड़तोड़ फायरिंग की गयी थी, जिसमें वे तब बिल्डिंग में छिप कर किसी तरह बच गये थे। लेकिन कुछ साल बाद 1995 में पटना स्थित उनके आवास पर बम मार कर उनकी हत्या कर दी गयी थी। इस मामले प्रभुनाथ सिंह सहित अन्य दो लोगों पर आरोप लगा था। इसी दौरान उनका सामना सीवान के पूर्व दबंग सांसद शहाबुद्दीन से हुआ और दोनों को एक-दूसरे के दुश्‍मन के तौर पर देखा जाने लगा। अक्सर इन दोनों के बीच झड़पें हो जाती थीं। हालांकि, दोनों का ही अपने-अपने संसदीय क्षेत्र में वर्चस्व रहा है। प्रभुनाथ सिंह ने पहली बार महाराजगंज संसदीय सीट से साल 2004 में जदयू के टिकट पर जीत हासिल की। इससे पहले वे क्षेत्रीय स्‍तर की राजनीति में जदयू की तरफ से सक्रिय रहे। हालांकि, 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में राजद के प्रत्याशी उमाशंकर सिंह ने प्रभुनाथ को 3,000 वोटों से हरा दिया था। 2012 में वे जदयू से अलग हो गए और राजद के सदस्‍य बन गए।  

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Dakhal News 23 May 2017


अजय सिंह सीएम हाउस धरना

भोपाल में राज्यमंत्री लालसिंह आर्य के इस्तीफे की मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सीएम हाउस के बाहर धरना देने पहुंचे। इस दौरान उनके साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता मौजूद थे जो विधायक की हत्या के आरोपी मंत्री आर्य के इस्तीफे की मां कर रहे थे। कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। सीएम हाउस के सामने बैठने के बाद अजय सिंह ने कहा कि जब कोर्ट ने लालसिंह आर्य को आरोपी बताया है तो उसके बाद वे कैसे मंत्री पद पर रह सकते हैं। सीएम को तुरंत उन्हें मंत्रीपद से हटाना चाहिए।इसके बाद पुलिस ने अजय सिंह, आरिफ अकील और डॉ गोविंद सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गोहद से कांग्रेस विधायक माखनलाल जाटव की 13 अप्रैल 2009 को छरेंटा गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के वक्त विधायक जाटव तब लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. भागीरथ प्रसाद की चुनावी सभा के बाद आकर अपनी बोलेरो में बैठे थे। इसी दौरान उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब हत्या के बाद ही डॉ. प्रसाद ने पुलिस को दिए बयान में लाल सिंह आर्य और अशोक अर्गल पर हत्याकांड के लिए फंडिंग करने का शक जाहिर कर आरोप लगाया था। साथ ही यह भी कहा था कि माखनलाल की हत्या से भाजपा और लाल सिंह आर्य को फायदा हो सकता है।  

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Dakhal News 23 May 2017


आदिवासी अधिकार यात्रा

तीन हजार किलोमीटर से अधिक लंबी और 148 दिन चली ऐतिहासिक नर्मदा यात्रा के पूर्ण जाने के बाद अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह आदिवासी अधिकार यात्रा पर निकलने की तैयारी में हैं। इस यात्रा का रोड मैप तैयार हो रहा है। इस यात्रा के दौरान आदिवासी सीएम 47 आदिवासी विधानसभा सीटों में तो जाएंगे ही, वे उन क्षेत्रों में भी जाएंगे जो आदिवासी भले ही न हो पर जहां आदिवासी मतदाता निर्णायक स्थिति रखते हैं। भाजपा के चरैवेती के मूलमंत्र पर चलने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह लगातार प्रदेश में सक्रिय रहते हैं। पांच महीने की नर्मदा यात्रा के बाद अब उन्होंने संगठन नेताओं से चर्चा के बाद आदिवासी अधिकार यात्रा पर निकलने का प्लान तैयार किया है। यह यात्रा जुलाई माह में शुरू हो सकती है। एक महीने तक चलने वाली इस यात्रा में सीएम आदिवासियों से सीधे रूबरू होंगे और उनसे चर्चा कर यह जानेंगे कि उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा इस वर्ग के लिए चलाई जा रही योजनाओं का कितना लाभ मिल रहा है। सूत्रों की माने तो समाधान आनलाइन के बाद सीएम ने अफसरों को निर्देश भी दिए थे कि आदिवासी क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के लाभ की वे समीक्षा करें। उन्होंने यह भी कहा था कि जिन क्षेत्रों में आदिवासियों को वन अधिकार के पट्टे नहीं मिले हैं, उन्हें चिन्हित कर जल्द ही उन्हें पट्टे दिए जाएं।  नर्मदा यात्रा में कवर हुई 100 विधानसभा सीटें इधर चुनावी तैयारियों में लगे संगठन ने नर्मदा सेवा यात्रा के राजनीतिक फायदे का आंकलन शुरू कर दिया है।  संगठन महामंत्री रामलाल को संगठन नेताओं ने नर्मदा यात्रा के दौरान मिले अपार जनसमर्थन के बारे में बताते हुए कहा कि सीएम की इस यात्रा के दौरान सौ विधानसभा सीटें कवर हो चुकी है। यहां माहौल पार्टी के लिए बेहद सकारात्मक है। 

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Dakhal News 22 May 2017


डा फारूक अब्दुल्ला

श्रीनगर में नेशनल कान्फ्रेंस के प्रधान और श्रीनगर से सांसद डा फारूक अब्दुल्ला ने एक बार फिर जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन की मांग की है। उन्होंने कहा कि विधानसभा भंग को कर देना चाहिए क्योंकि मौजूदा सरकार जम्मू कश्मीर में शांति बहाल करने में नाकाम रही है। पीडीपी:भाजपा का  एजेंडा ऑफ अलांयस भी टुकड़े-टुकड़े हो गया है। सरकार को अब भंग कर देना चाहिए और राज्य में गवर्नर रूल लगा देना चाहिए। श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए डा अब्दुल्ला ने कहा कि जब पीडीपी-भाजपा सरकार सत्ता में आई थी तो उनके पास कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था बल्कि दोनों का लक्ष्य केवल सत्ता हासिल करना ही था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने एजेंडा ऑफ अलांयस को तार-तार कर दिया है और यहां तक बात पीडीपी की है तो उनका एजेंडा उसी समय समाप्त हो गया जब मुफ्ती साहिब की मौत हुई। जब उनसे यह कहा कि गठबंधन सरकार के बारे में चर्चा है कि वो महबूबा की जबह किसी और सीएम को लाने की योजना पर काम कर रही है तो अब्दुल्ला ने कहा कि इससे कश्मीर में शांति नहीं आएगी। गठबंधन सरकार जम्मू कश्मीर में लोगों से किए गए वादों को पूरा करने में नाकाम साबित हुई है। उन्होंने कहा कि दौड़ के बीच में घोड़े बदल देने से कुछ नहीं होगा। लोगों के बीच महबूबा सरकार विश्वास खो चुकी है। हाल ही में एसकेआईसीसी में जो हुआ वो सबने देखा। लोगों ने सीएम की मौजूदगी में नारे लगाए। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में गवर्नर रूल ही एकमात्र विकल्प बचा है।  राज्य मौजूदा समय में 90 जैसे हालातों से गुजर रहा है। तीन दशकों में ऐसा पहली बार हुआ है कि चुनाव टालने पड़े हैं।

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Dakhal News 19 May 2017


कार्ति चिदंबरम पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज

नई दिल्ली में  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित रिश्वत और भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई जांच का सामना कर रहे कार्ति चिदंबरम पर शुक्रवार (19 मई) को मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया. ईडी चिदंबरम की संपत्ति को भी ज़ब्त कर सकता है.   कार्ति चिदंबरम गुरुवार (18 मई) को लंदन रवाना हो गये थे. उनके पिता और संप्रग सरकार में मंत्री रहे पी चिदंबरम ने इसे पूर्व निर्धारित यात्रा बताया. सीबीआई ने मंगलवार (16 मई) को चार शहरों में कार्ति के घरों और कार्यालयों में इन आरोपों की जांच के सिलसिले में छापेमारी की थी कि उन्हें कर जांच से बचाने में मदद के लिए इंद्राणी और पीटर मुखर्जी के मालिकाना मीडिया फर्म से धन प्राप्त हुआ था.

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Dakhal News 19 May 2017


अनिल दवे का निधन

  केंद्रीय वन व पर्यावरण मंत्री और भाजपा नेता अनिल माधव दवे का गुरुवार को दिल्ली में निधन हो गया है। नर्मदा से पहचान पाने वाले दवे का अंतिम संस्कार होशंगाबाद जिले के बांद्राभान में नर्मदा किनारे किया जाएगा। उनकी पार्थिव देह गुरुवार शाम पांच बजे से अंतिम दर्शन के लिए पार्टी के प्रदेश मुख्यालय दीनदयाल परिसर में रखा गया । गौरतलब है कि भाजपा के दिग्गज नेता माधव दवे लंबे समय से बीमार थे और उन्हें दिल्ली एम्स मे भर्ती कराया गया था, जहां दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन पर दुख जताया है। पीएम ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि मेरे दोस्त और सम्माननीय साथी अनिल माधव दवे जी के निधन से दुखी हूं। हम कल रात ही मिले थे और कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी। उन्हें उनके लोक हित के कामों के लिए याद रखा जाएगा। दवे जी पर्यावरण को बचाने के लिए बेहद सक्रिय थे। यह मेरे लिए एक निजी क्षति है। गौरतलब है कि अनिल माधव दवे अविवाहित थे और उन्हें चुनाव प्रबंधन में महारत हासिल थी। भाजपा संगठन को मजबूत करने में अनिल माधव दवे ने अहम भूमिका निभाई है। इसके अलावा माधव दवे एक अच्छे पर्यावरणविद् भी थे और नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए लंबे समय तक काम किया। अनिल माधव दवे के निधन पर भाजपा नेता प्रहलाद पटेल ने भी दुख जताते हुए कहा कि अनिल का निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। उन्होंने कहा कि मैंने उनके साथ लंबे समय तक काम किया। उनमें संगठन मजबूती के लिए निर्णय लेने की गजब की क्षमता थी। राज्‍यसभा सांसद रह चुके अनिल माधव दवे का जन्‍म 6 जुलाई 1956 को हुआ था।  

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Dakhal News 18 May 2017


rahul gandhi

  केंद्र में मोदी सरकार को बहुमत मिले आज तीन साल हो गए। आज ही के दिन हुई मतगणना में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। मोदी सरकार के केंद्र में तीन साल पूरे होने के मौके पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने जहां एक तरफ पीएम मोदी से पूछा है कि वो वास्तव में किस चीज का जश्न मनाने जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सरकार पर हमला बोला। लोकसभा मेें कांग्रेस के मुख्य सचेतक एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अाज केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में अाजकल कोई असहिष्णुता पर चर्चा करता है तो उसे देशद्रोही कहा जाता है। इसके साथ ही सिंधिया ने कहा कि देश में जब अातंकी वारदात या सीमा घटना होती है तो कहा जाता है कि मुंहतोड़ जवाब देंगे लेकिन होता कुछ नहीं। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि किसान सबसे ज्यादा पीड़ा में हैं अौर जरूरी मुद्दों से ध्यान भ टकाकर भाजपा भावनात्मक मुद्दों को हवा दे रही है।  

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Dakhal News 16 May 2017


लालू प्रसाद यादव के 22 ठिकानों पर IT का छापा

    राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के 22 ठिकानों पर आयकर का छापा पड़ा है। यह छापा एक हजार करोड़ की बेनामी संपत्ति के मामले में मारा गया है जिसमें लालू यादव से जुड़े लोग भी घेरे में हैं। आयकर विभाग की यह छापेमारी मंगलवार सुबह ही शुरू हो गई। लालू के अलावा एमपी प्रेमचंद्र गुप्‍ता के बेटों के घर पर भी छापेमारी हुई है। सुबह साढ़े आठ बजे से यह छापेमारी जारी है। राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार के पास 1000 करोड़ की बेनामी सपंत्ति होने का आरोप है। बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी पिछले कई दिनों से लालू प्रसाद और उनके परिवार वालों पर एक हजार करोड़ से ज्यादा की बेनामी संपत्ति हासिल करने को लेकर खुलासे कर रहे हैं। हालांकि पिछले दिनों बिहार के मुख्‍यमंत्री ने नीतीश कुमार ने इस मामले में कोई टिप्‍पणी करने से इनकार कर दिया था। बता दें कि आयकर विभाग ने कई शहरों में बेनामी संपत्ति के मालिकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इन लोगों ने अवैध तरीके से हासिल कमाई किसी और के नाम पर रखी है। सूत्रों के मुताबिक विभाग ऐसे 300 से अधिक मामलों में बेनामी लेनदेन (रोकथाम) कानून के तहत कार्रवाई कर सकता है। अवैध संपत्ति मामले में घिरे लालू यादव सहित इसमें संलिप्त प्रेमचंद गुप्ता के बेटों के घरों पर भी छापेमारी चल रही है। आयकर विभाग की छापेमारी के बाद बिहार में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।  सुशील मोदी ने कहा कि मैंने प्रेस कांफ्रेंस करके इस मामले को सार्वजनिक किया था, मैंने कोई दस्तावेज नहीं सौंपे थे। इसमें प्रेमचंद गुप्ता, लालू समेत आधे दर्जन नेताओं का नाम मैंने लिया था। मैंने अपील की थी, जिसके बाद यह छापेमारी की गई है। सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार ने कल ही कहा था कि लालू परिवार की अवैध संपत्तियों के आरोपों में अगर सच्चाई हो तो केंद्र सरकार इसकी जांच करा ले, तो केंद्र सरकार ने इस पर कार्रवाई कर दी है और अब जल्द ही सच सामने आ जाएगा। मुझे उम्मीद है कि नीतीश कुमार ये नहीं कहेंगे कि ये छापेमारी बदले की भावना से की गई है। सुशील मोदी ने कहा कि मुझे नहीं पता है कि इनकम टैक्स किस आधार पर यह छापेमारी कर रही है। वहीं जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने साफ कहा कि आयकर विभाग की छापेमारी के बारे में अभी हमे कुछ पता नहीं है इसीलिए अभी कुछ कह नहीं सकते। वहीं जदयू नेता श्याम रजक ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है। इस मामले में ज्यादा बोलना ठीक नहीं। कांग्रेस नेता प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि अभी कार्रवाई चल रही है, चलने दीजिए। हम सब एक साथ हैं, जो होगा आगे देखा जाएगा। कांग्रेस नेता और मंत्री अवधेश सिंह भी लालू के बचाव में उतरे हैं। उन्होंने लालू का बचाव करते हुए कहा कि राजनीति से प्रेरित होकर यह कार्रवाई की गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने कहा है कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कहने पर ही हुई है। बिहार की गरीब जनता की खून-पसीने की कमाई को हड़पने वालों के साथ यही हश्र होना चाहिए। राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि बीजेपी पूरी योजना बनाकर राजद अध्यक्ष लालू यादव की राजनैतिक हस्ती को खत्म करना चाहती है। इसके लिए पूरी कहानी गढ़ी गई है। उनका यह प्रयास सफल नहीं होगा। हम सब साथ हैं और साथ ही रहेंगे। हम सब डटकर मुकाबला करेंगे। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा-अब नीतीश भी करें कार्रवाई वहीं भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी राजद अध्यक्ष लालू यादव और उनके बेटों पर कार्रवाई करनी चाहिए। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा लालू कुनबे ने जो किया उसका जवाब देश की जनता मांग रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुझाव पर आयकर विभाग ने यह कार्रवाई की है। पूर्णकालिक राजनीति करने वाले लालू महज 25 वर्षों में अरबपति कैसे बन गए? इस कार्रवाई के बाद जनता के सामने दूध का दूध और पानी का पानी हो जायगा। हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा कि लालू यादव के 22 ठिकानों पर छापेमारी हो रही क्या अभी भी सीएम नीतीश कुमार लालू यादव और उनके परिवार को इमानदारी का सर्टिफिकेट देंगे? इस कार्रवाई की सूचना मिलने के बाद राजद के नेता एक-एक कर लालू आवास पहुंच रहे हैं, जिनमें कांति सिंह, अजित झा, रघुवंश प्रसाद सिंह, शिवचंद्र राम सहित कई नेता शामिल हैं।  

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Dakhal News 16 May 2017


पी चिदंबरम के घर सीबीआई का छापा

    सीबीआई ने पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के घर छापा मारा है। यह छापा मंगलवार अल सुबह मारा गया और फिलहाल चेन्नई स्थित उनके आवास के अलावा दिल्ली और नोएडा स्थित 14 जगहों पर कार्रवाई जारी है। छापे को लेकर पी चिदंबरम में आरोप लगाया है कि इस कार्रवाई के माध्यम से सरकार के इशारे पर उनके बेटे और उसके दोस्तों को निशाना बनाया जा रहा है। सरकार मुझे लिखने से रोकना चाहती है क्योंकि उन्होंने पत्रकारो, कॉलमिस्ट, एनजीओ और विपक्षी दलों के साथ कोशिश की थी। जानकारी के अनुसार चिदंबरम के ठिकानों पर यह छापे आईएनएक्स मीडिया को दिए गए क्लीयरेंस के सिलसिले में मारे गए हैं। इस मामले में सोमवार को ही एक एफआईआर दर्ज हुई है। गौरतलब है कि इससे पहले 17 अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने 45 करोड़ रुपए से जुड़े फेमा कानून के उल्लंघन को लेकर कार्ति चिदंबरम और उनसे कथित तौर पर संबंधित कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। ईडी ने दो साल से अधिक की जांच के बाद इसी प्रकार का नोटिस चेन्नई की कंपनी मेसर्स वासन हेल्थकेयर प्राइवेट लि. को 2,262 करोड़ रुपए के विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून फेमा नियमों के उल्लंघन को लेकर जारी किया है। प्रवर्तन निदेशालय ने एक नोटिस में कहा कि मेसर्स एडवांटेज स्ट्रैटजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लि ने विदेशी निवेशकों को वासन चेन्नई की कंपनी के शेयरों की बिक्री सौदे में करीब 45 करोड़ रुपए की गड़बड़ी की। इसके अनुसार, मेसर्स एडवांटेज स्ट्रैटजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड व उसके निदेशकों तथा कार्ति पी चिदंबरम को भी नोटिस जारी किए गए हैं। ऐसा जान पड़ता है कि वह नियंत्रक हैं और इस सौदे के वे हीं लाभार्थी हैं।  

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Dakhal News 16 May 2017


इमन्युएल मैकरॉन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज फ्रांस का राष्ट्रपति चुने जाने पर इमन्युएल मैकरॉन को बधाई दी और कहा कि वह द्विपक्षीय संबंधों को अधिक सुदृढ़ बनाने की खातिर उनके साथ काम करने को लेकर आशान्वित हैं.  मोदी ने सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर लिखा, ‘इमन्युएल मैकरॉन को फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव में शानदार जीत पर बधाई.’ उन्होंने कहा, ‘मैं भारत-फ्रांस के द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के लिये नवनिर्वाचित राष्ट्रपति इमन्युएल मैकरॉन के साथ मिलकर काम करने की खातिर आशान्वित हूं.’ उल्लेखनीय है कि 39 वर्षीय इमन्युएल मैकरॉन ने कल मैरीन ले पेन के हराकर इतिहास रच दिया और फ्रेंच फिफ्थ रिपब्लिक के 59 वर्ष के इतिहास में सबसे युवा राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं.  एमानुएल मैक्रोन फ्रांस के नए राष्ट्रपति चुना गए. मैक्रोन को  65.1% वोट मिले. मैक्रोन ने अपनी प्रतिद्धंदी और धुर दक्षिणपंथी रुझानों वाली मरीन ली पेन को मात दे दी. फ्रांस का नए उम्मीदों और विश्वास से भरा अध्याय शुरू हो गया. इस चुनाव के लिए फ्रांस में अभूतपूर्व प्रचार अभियान चला, जिसमें आरोप प्रत्यारोप के बीच काफी गहमागहमी रही. प्रचार के दौरान आखिरी समय में मैक्रोन को निशाना बना कर हैकिंग की भी कोशिश की गई. 39 वर्षीय बैंकर मैक्रोन कभी किसी निर्वाचित पद पर नहीं रहे हैं. फ्रांस में नया राष्ट्रपति चुनने के लिए रविवार को मतदान हुआ. मैक्रोन 23 अप्रैल के प्रथम दौर के चुनाव में टॉप पर रहे थे. ली पेन (48) ने इस चुनाव को मुक्त व्यापार, आव्रजन अैर साझा संप्रभुता के पक्षधर भूमंडलीकरण समर्थकों और मजबूत सीमाओं और राष्ट्रीय पहचान की वकालत करने वाले राष्ट्रवादियों के बीच का मुकाबला बताया था.  मतदान की प्रक्रिया 66,546 मतदान केंद्रों पर भारतीय समयानुसार सुबह साढ़े ग्यारह बजे शुरू हुई. इनमें से अधिकतर मतदान केंद्र रात साढ़े दस बजे बंद कर दिए गए जबकि बड़े शहरों के केंद्र एक घंटा अधिक समय तक खुले रहे. गौरतलब है कि 23 अप्रैल को हुए पहले दौर के चुनाव में मैक्रोन को 24.01% मत मिले थे जबकि ली पेन को 21. 30% मत मिले थे. 

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Dakhal News 8 May 2017


mulaym singh

  मैनपुरी में सेक्युलर मोर्चा पर चुप्पी साधते हुए सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने रविवार को बेटे अखिलेश यादव को सीधे निशाने पर रखा। कहा कि अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाकर मैंने बड़ी गलती की। उन्हें मुख्यमंत्री न बनाया जाता तो विधानसभा चुनाव में हार न होती। उन्होंने राम गोपाल का नाम लिए बिना कहा कि शिवपाल ने शकुनि बताकर सही किया। मैनपुरी स्थित राम सिह इंटर कॉलेज परिसर में सभा में उन्होंने कहा कि जब 2012 में मैंने अपने नाम पर वोट मांगे, तो 224 सीटें मिलीं। इस बार केवल 47 ही मिल सकीं। इसमें भी 14 सीटें मेरे प्रचार के कारण जीतीं। अखिलेश के समय में कार्यकर्ताओं का बहुत अपमान हुआ। यही वजह है कि कार्यकर्ता निराश हैं। जिस दल में कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं, वो दल कभी आगे नहीं बढ़ सकता। जनसभा में हुजूम ने सेक्युलर मोर्चे का सवाल उछाला तो वह खामोश हो गए।  बोले, शिवपाल ने "शकुनि" बिल्कुल सही कहा है। शकुनि कौन है? ये सब जानते हैं। इन लोगों ने शिवपाल को हराने के लिए काम किया। इसकेलिए साढ़े सात करोड़ रुपये खर्च किए, फिर भी वह 52 हजार वोट से जीते। मैंने शिवपाल से कहा कि कुछ न बोलो, लेकिन जब लोग उनके पीछे पड़े हैं तो क्यों न बोलें। ऐसे लोगों ने पार्टी को हराने का काम किया है।  मुलायम ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-सपा गठबंधन पर भी नाराजगी जताई। कहा कि कांग्रेस ने मेरी जिंदगी बर्बाद करने के लिए इतने मुकदमे लगवाए। अखिलेश ने उसी कांग्रेस से हाथ मिलाकर गलत किया। कांग्रेस के राज में बाबरी मस्जिद गिरी थी। मुसलमान कभी कांग्रेस को वोट नहीं देगा। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर भी आरोप लगाए। कहा कि 15 लाख रुपये सबके खाते में भेजने की बात मोदी ने की थी। लेकिन वादा पूरा नहीं किया। वादाखिलाफी भी भ्रष्टाचार है।  

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Dakhal News 7 May 2017


mehbuba mufti

कश्मीर में बिगड़े हालातों के बीच राज्य की मुख्यमंत्री महबूब मुफ्ती ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की है। महबूबा ने कहा कि अगर कश्मीर को कोई दलदल से निकाल सकता है तो वो हैं पीएम मोदी। वो जो फैसला करेंगे उसके साथ पूरा मुल्क होगा। महबूबा ने आगे कहा कि मोदी से पहले कई प्रधानमंत्री पाकिस्तान जाना चाहते थे लेकिन उनकी जुर्रत नहीं की, मोदी ही लाहौर गए और यह उनकी ताकत की निशानी है। मुख्यमंत्री ने यह बातें जम्मू में महिलाओं के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। घाटी के वर्तमान हालात पर कांग्रेस नेता जीएस चरक के बयान पर उन्होंने कहा कि कश्मीर में हालात अच्छे नहीं हैं जिसका असर जम्मू पर भी हुआ है। उन्होंने पर्यटन को लेकर कहा कि जम्मू में कई पर्यटक स्थल हैं और सरकार उन्हें विकसित करने का काम कर रही है।  

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Dakhal News 6 May 2017


उद्धव ठाकरे

पिछले दिनों सीमा पर हुए हमलों में भारतीय जवानों की शहादत के बाद केंद्र सरकार और पीएम मोदी विपक्ष के साथ अपनों के निशाने पर भी आ गए हैं। ताजा मामले में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पीएम पर दो जवानों के साथ पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा की गई बर्बरता को लेकर निशाना साधा है। उद्धव ने एक बयान में कहा है कि पीएम अब भी मन की बात कर रहें हैं जब उन्हें 'गन' की बात करना चाहिए। इस तरह उन्होंने इशारों में पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की मांग की। उद्धव ने कहा कि सैनिक सीमा पर मर रहे हैं और औरतें विधवा हो रहीं हैं लेकिन हमारे पीएम अब भी मन की बात कर रहे हैं। यह वक्त तो गन की बात करने का है। बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने भी सरकार पर इस बर्बरता को लेकर कोई कार्रवाई करने का आरोप लगाया था। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में पीएम मोदी पर निशाना साधा है। शिवसेना ने कहा कि महसूस हो रहा है कि अबतक पुरानी सरकार है। देश नोटबंदी और गोहत्या के मुद्दे से कब उबरेगी । सामना में शिवसेना ने हमलावर अंदाज में पूछा कि पीएम मोदी बताएं कि एक के बदले 10 सिर काटने का वादा क्या हुआ? हमें पाक के मुद्दे पर कितने देशों का समर्थन है।  

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Dakhal News 4 May 2017


अमानतुल्ला निलंबित

आम आदमी पार्टी में छिड़ा घमासान अब थम गया प्रतीत होता है. AAP नेतृत्व और उसकी नीतियों से नाराज बताए जा रहे कुमार विश्वास को PAC की बैठक में मना लिया गया है. वहीं कुमार विश्वास पर सवाल उठाने वाले अमानतुल्ला खान को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर हुई PAC की बैठक के बाद कुमार विश्वास ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह कोई वर्चस्व की लड़ाई नहीं है. पार्टी संयोजक बनने का मेरा कोई इरादा नहीं. मेरी कुछ चिंताएं और असहमतियां थी. जब भी ऐसी स्थिति आती है, तो हमेशा विचार-विमर्श किया जाता रहना चाहिए. वहीं इस दौरान विश्वास के साथ मौजूद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मीडिया के सामने ऐलान किया कि कुमार विश्वास पर सवाल उठाने वाले जामिया नगर के विधायक अमानतुल्ला खान को पार्टी की प्राथमिक सदस्या से सस्पेंड कर दिया गया है. इसके साथ ही उन्होंने विश्वास को पार्टी की राजस्थान इकाई का प्रभारी बनाने का ऐलान किया. सस्पेंड होने के बाद अमानतुल्ला ने कहा कि ये पार्टी का फैसला है. मैं एक कार्यकर्ता हूं, जो आप में दूसरी पार्टी से आया था. मैं क्या कह सकता हूं. अगर कुमार विश्वास कह रहे हैं कि उनकी खिलाफ साजिश हुई है तो बताएं कि मेरे पीछे कौन है. मनीष सिसोदिया भी अमानतुल्ला से मिलने पहुंचे. इससे पहले ऐसी अटकलें थी कि AAP नेतृत्व से नाराज चल रहे कुमार विश्वास पार्टी की पीएसी बैठक में शामिल ना हो. हालांकि इन अटकलों को विराम देते हुए इस बैठक में शामिल हुए. सूत्रों के मुताबिक, पीएसी बैठक में उन्होंने अपनी मांगे रखीं.' इससे पहले सूत्रों ने बताया कि विश्वास इस बैठक में पार्टी के भीतर भ्रष्टाचार के मामले तथा संगठन में बदलाव के मुद्दे पर चर्चा करेंगे. इसके साथ ही AAP कार्यकर्ताओं को पार्टी के अंदर मौका दिया जाने का उन्होंने जो प्लान तैयार किया है, उसे लागू करने की मांग करेंगे. सूत्रों के मुताबिक, कुमार विश्वास ने यह साफ किया है कि वह वीडियो को लेकर कोई माफी नही मांगेंगे. हालांकि यह उन्होंने यह भी कहा है कि वह राष्ट्रवाद के मुद्दे पर विरोध नहीं करेंगे. सूत्रों की मानें तो उन्होंने जामिया नगर से AAP विधायक अमानतुल्ला खान पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की है. इससे पहले मंगलवार को पहले कुमार विश्वास ने इमोशनल होकर खुले तौर पर पार्टी के अंदर मतभेद की बात सामने रखी. इसके बाद मनीष सिसोदिया ने कुमार विश्वास के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. हालांकि बाद में पार्टी के कई नेता कुमार विश्वास के घर पहुंचे और फिर केजरीवाल भी पहुंचे और कुमार विश्वास को अपने साथ लेकर ये कहते हुए निकल पड़े कि मना लिया जाएगा. इसके बाद करीब एक घंटे तक कुमार विश्वास केजरीवाल के घर रहे और बाद में बिना कुछ बोले निकल पड़े. अब सबकी निगाह कुमार विश्वास के अगले कदम और आम आदमी पार्टी में तेजी से बदल रहे घटनाक्रम पर है. केजरीवाल के घर मीटिंग के बाद बाहर निकलते वक्त खास बात यह थी कि कुमार विश्वास के साथ उनकी पत्नी भी मौजूद थीं. केजरीवाल के घर हुई इस बैठक में कुमार विश्वास के अलावा मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, आशुतोष शामिल थे. जबकि थोड़ी देर बाद आप मंत्री कपिल मिश्रा भी बैठक में शामिल हुए थे. कपिल मिश्रा पार्टी में कुमार विश्वास के करीबी माने जाते हैं.  

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Dakhal News 3 May 2017


lalu yadav

    राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने मंगलवार (2 मई) को भाजपा पर प्रहार करते हुए वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ गैरभाजपाई दलों से मतभेद भुला और एकजुट होकर बिहार जैसा महागठबंधन बनाने की अपील की. नालंदा जिले के राजगीर में राजद द्वारा अपने कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन करते हुए लालू ने कहा कि उनकी नीतीश से भारी लडाई थी, लेकिन भाजपा को रोकने और वर्ष 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में उसे पराजित करने के लिए हम लोगों ने अपने मतभेद भुलाकर महागठबंधन बनाया. उन्होंने कहा कि भाजपा का विरोध करने वाले सभी दल अपने मतभेदों को भुलाकर उसे वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में पराजित करने के लिए एकजुट हों. राजद प्रमुख ने कहा कि उनकी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, ओडिशा में उनके समकक्ष नवीण पटनायक, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती से ‘सकारात्मक बातचीत’ हुई है. जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गैर भाजपाई दलों को एकजुट करने में तेजी लाने के लिए हाल में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी से मुलाकात की थी. राजद के इस प्रशिक्षण शिविर में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, राज्यसभा सदस्य मीसा भारती, पार्टी के वरिष्ठ नेता और वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी, आलोक मेहता, शिवचंद्र राम, राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे तथा जगदानंद सिंह और राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा सहित पार्टी के अन्य नेता भाग ले रहे हैं. राजद और जदयू के कुछ नेताओं द्वारा समय समय पर दिए गए बयान से इन दोनों दलों के बीच मतभेद उभरने की रिपोर्ट के बीच लालू ने इसे खारिज करते हुए कहा कि महागठबंधन अटूट है. उन्होंने राजद के कार्यकर्ताओं से बेवजह ‘बयानबाजी’ जो कि मतभेद उत्पन्न करता है, जिससे परहेज करने का निर्देश दिया. राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने पार्टी कार्यकर्ताओं से 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए तैयार होने का आह्वान किया. उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर समाज को मंदिर, गौ, कब्रिस्तान और शमशान के नाम पर बांटने का आरोप लगाते हुए केंद्र की राजग सरकार पर आरोप लगाया कि इसके कार्यकाल के दौरान जम्मू कश्मीर में स्थिति बद से बदतर हो गयी है. प्रशिक्षण शिविर के दौरान राजद के वरिष्ठ नेता जगदानंद सिंह और प्रवक्ता मनोज झा ने पार्टी को और भी सशक्त बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को सलाह दी.

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Dakhal News 3 May 2017


जनवरी से वित्तीय वर्ष

मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में वित्तीय वर्ष जनवरी से शुरू करने के निर्णय को मंजूरी मिल गई। वित्तीय वर्ष दिसंबर में समाप्त होगा और बजट सत्र दिसंबर-जनवरी में होगा। मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है जो कई वर्षों से चली आ रही मार्च में वित्तीय वर्ष खत्म होने की परंपरा समाप्त कर नई शुरुआत करेगा। इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी पहल की थी। मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सभी विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने विभाग के लिए रोडमैप बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी मंत्री इसकी मॉनिटरिंग करेंगे। दो साल के इस रोडमैप को सरकार द्वारा दिए गए संकल्प पत्र और घोषणाओं को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा। सभी कार्यों की तीन महीने में समीक्षा की जाएगी। हर मंगलवार को विभागों से संबधित विषय देखे जाएंगे। मंत्री मिश्रा ने कहा कि सीएम ने यह आदेश जारी किया है कि आज से सरकार के लेटर हेड, बैनर और विज्ञापनों में पंडित दीनदयाल के फोटो का लोगो लगाया जाएगा।  

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Dakhal News 2 May 2017


aap

दिल्ली नगर निगम चुनाव में हार के बाद आम आदमी पार्टी (आप) में मचा घमासान लगातार बढ़ रहा है। ओखला से विधायक अमानतुल्लाह खान को पार्टी से बाहर निकालने की मांग तेज हो गई है। आप नेताओं के साथ दिल्ली व पंजाब के विधायकों ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर, आप की राजनीतिक मामलों की कमेटी (पीएसी) की बैठक के बाद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा- "बैठक में पहले कुमार विश्वास पर अमानतुल्लाह द्वारा लगाए गए आरोपों पर नाराजगी जाहिर की गई। अमानतुल्लाह ने पीएसी इस्तीफा दे दिया है, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।" सिसोदिया ने बताया -"बैठक में कुमार विश्वास नहीं आए। वह बाहर इंटरव्यू दे रहे हैं, वीडियो जारी कर रहे हैं। समिति के सदस्य और खुद अरविंद जी भी इस बात से काफी आहत हैं। "इसके पहले, पार्टी के ही एक नेता के इशारे पर कई महिला कार्यकर्ता अमानतुल्लाह के खिलाफ प्रदर्शन करने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुंच गईं। रविवार को विधायक अमानतुल्लाह खान ने कुमार विश्वास पर तीखा हमला किया था। उन्होंने विश्वास को भाजपा का एजेंट करार देते हुए उन पर पार्टी तोड़ने की साजिश रचने का आरोप लगाया था। हालांकि इसके तुरंत बाद केजरीवाल ने ट्वीट कर विश्वास को अपना "छोटा भाई" बताया था। लेकिन दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने एक ट्वीट कर कहा- "अमानतुल्लाह खान मानसिक संतुलन खो चुके हैं।" दूसरे मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि अमानतुल्लाह गद्दार है इसे पार्टी से बाहर निकलवाकर ही दम लेंगे। उन्होंने सोमवार को फिर दावा किया कि दिल्ली के 40 विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अमानतुल्लाह को पार्टी से निकालने की मांग की है। हालांकि दूसरे खेमे ने सवाल किया है कि वे कौन से 40 विधायक हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। यदि उनके पास किसी विधायक का मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं करते। पार्टी के विधायक संजीव झा ने ट्वीट कर कहा- "केजरीवाल हमारे नेता हैं। हम उनके साथ हैं।" अमानतुल्लाह की टिप्पणी के बाद सोमवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कुमार विश्वास के घर पर बैठक की। दो घंटे से ज्यादा देर तक यह बैठक चली। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के करीबी अमानतुल्लाह को कुमार विश्वास के खिलाफ मोर्चा खोलने की कीमत चुकानी पड़ेगी। अमानतुल्लाह के तीखे और बिगड़े बोल से नाराज कुमार विश्वास को मनाने के लिए सोमवार को दिल्ली की लगभग पूरी सरकार वसुंधरा स्थित उनके घर पहुंची। जब टीम आप लौटी तो तय हो गया कि केजरीवाल खेमे को अब समझौता करना होगा। पार्टी में सुधार की वकालत करने वाले कुमार पर केजरीवाल खेमे के अमानतुल्लाह ने जो आरोप लगाए हैं जब तक उन्हें खारिज नहीं किया जाता है, तब तक बात बनने वाली नहीं है। कपिल मिश्रा ने कहा कि अमानतुल्लाह पर कार्रवाई होगी। वसुंधरा सेक्टर तीन स्थित कुमार विश्वास के आवास पर सोमवार शाम विस अध्यक्ष रामनिवास गोयल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, आप नेता संजय सिह, मंत्री कपिल मिश्रा के अलावा कई विधायक भी पहुंचे।  

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Dakhal News 2 May 2017


ramgopal yadav

    इटावा में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रतिद्वंद्वी चाचा शिवपाल सिंह यादव पर हमला करते हुए कहा कि पार्टी संविधान की जानकारी नहीं होने के कारण ही वह अखिलेश से सपा अध्यक्ष पद छोडऩे के फिजूल बयान दे रहे हैं। यादव ने संवाददाताआें से कहा कि शिवपाल लगातार कह रहे हैं कि अखिलेश को अपने वादे के मुताबिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छोड़ देना चाहिए। शिवपाल ने शायद पार्टी का संविधान नहीं पढ़ा है। सपा कार्यकर्ताआें ने अखिलेश को संवैधानिक तरीके से अध्यक्ष चुना है। किसी के कुछ कह देने मात्र से अध्यक्ष पद वापस नहीं हो जाता।  उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर शिवपाल में हिम्मत है तो पार्टी सदस्य संख्या बढ़ाएं। पार्टी के सदस्यता अभियान की प्रक्रिया अगली 30 सितम्बर तक पूरी हो जाएगी, तब शिवपाल पार्टी संविधान के तहत अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ें या लड़ाएं। सपा महासचिव ने कहा कि अखिलेश सपा के अध्यक्ष बने रहेंगे। अगले राष्ट्रीय अधिवेशन में भी राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर अखिलेश के ही चुने जाने की संभावना है।  शिवपाल लगातार अपने बयानों में कह रहे हैं कि अखिलेश ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने पिता मुलायम सिंह यादव से वादा किया था कि वह सिर्फ तीन महीने के लिए उन्हें सारे अधिकार सौंप दें। उसके बाद वह सारे अधिकार लौटा देंगे। अखिलेश को अपना वादा पूरा करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष पद मुलायम को सौंप देना चाहिए। अखिलेश ने भी शिवपाल के बयान से संम्बधित सवाल पर कहा था कि पहले पार्टी का संविधान पढ़ा जाए, उसके बाद सवाल पूछे जाएं। 

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Dakhal News 1 May 2017


manoj tiwari

कल रात दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी के घर पर हमला हुआ है. मनोज तिवारी ने ट्वीट कर कहा कि आठ से 10 लोगों ने हमला किया है. हालांकि उस वक्त मनोज तिवारी घर में मौजूद नहीं थे.  मनोज तिवारी ने खुद ट्वीटर पर लिखा है, ”मेरे मेरे 159 North Avenue आवास पर आठ से दस लोगों ने हमला कर दिया है.” बता दें कि इससे पहले भी तिवारी पर पहले भी हमला हुआ था. इसी साल फरवरी में मनोज तिवारी की कार पर पत्थर मारकर शीशा तोड़ दिया गया था और मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनाव प्रचार से दूर रहने की धमकी दी थी.   मेरे 159 North Avenue आवास पर 8-10 लोगों ने हमला कर दिया है …   — Manoj Tiwari (@ManojTiwariMP) April 30, 2017  उत्तर पूर्व दिल्ली से बीजेपी सांसद तिवारी भोजपुरी फिल्मों के स्टार रह चुके हैं. हाल ही में मनोज तिवारी के नेतृत्व में दिल्ली में एससीडी चुनावों में बीजेपी ने तीनों नगर पालिकाओं में भारी बहुमत से जीत दर्ज की है.

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Dakhal News 1 May 2017


चुनाव आयोग

तमिलनाडु में वोटरों को लुभाने के लिए 'रिश्वत' देने के नायाब तरीके को देखते हुए चुनाव आयोग इस बुराई से सख्ती से निपटने की तैयारी कर रहा है।वह चाहता है कि वोटरों को रिश्वत देने के मामले में आरोपपत्र में नामित प्रत्याशियों को पांच साल के लिए अयोग्य ठहराया जाए। इसके लिए आयोग जल्द ही सरकार को एक पत्र लिखने वाला है। मालूम हो कि चेन्नई के आरके नगर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव में वोटरों को लुभाने के लिए टोकन, प्रीपेड फोन रिचार्ज कूपंस, अखबार ग्राहकी, दूध टोकन, मोबाइल वॉलेट पेमेंट आदि के जरिए रिश्वत देने की बात सामने आई थी। 12 अप्रैल को होने वाला यह उपचुनाव रद्द कर दिया गया था। आरके नगर सीट जयललिता के निधन के कारण खाली हुई थी। सूत्रों ने बताया है कि चुनाव आयोग ने विधि मंत्रालय को जनप्रतिनिधित्व कानून में ऐसा बदलाव करने के लिए पत्र लिखने फैसला किया है जिससे कि लोकसभा व विधानसभा चुनाव लड़ने वाले किसी भी प्रत्याशी (जिसे अदालत ने चार्जशीट किया हो) को पांच वर्षों के लिए अयोग्य ठहराना सुनिश्चित किया जा सके। इससे पहले चुनाव आयोग ने सरकार से चुनाव कानून के तहत वह शक्तियां देने के लिए कहा था जिससे कि धनबल के इस्तेमाल के मामले में वह संबंधित क्षेत्र में चुनाव रद्द कर सके। इस समय आयोग बाहुबल के इस्तेमाल की स्थिति में चुनाव रद्द कर सकता है। अभी तक आयोग धनबल के इस्तेमाल की स्थिति में संविधान के अनुच्छेद 324 में प्रदत्त अधिकार का इस्तेमाल कर चुनाव रद्द कर सकता है।  

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Dakhal News 30 April 2017


satyvrat chaturvedi

कांग्रेस आलाकमान द्वारा दिग्विजय सिंह को गोवा और कर्नाटक के प्रभारी पद से हटाए जाने के बाद मध्यप्रदेश में भी उनका विरोध शुरू हो गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सत्यव्रत चतुर्वेदी का कहना है कि दिग्विजय‍ सिंह मध्यप्रदेश का प्राण भी छोड़ें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम का चेहरा घोषित करें और दिग्विजय को तमिलनाडू भेजा जाए। दिग्विजय सिंह को गोवा और कर्नाटक के प्रभारी पद से हटाए जाने पर सत्यव्रत चतुर्वेदी ने तो यहां तक कह दिया कि 'अच्छा हुआ, अब वे मध्यप्रदेश से भी बाहर भेजे जाएं।' गौरतलब है कि गोवा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 40 में 17 सीटे मिली थी। लेकिन सबसे बड़ी पार्टी होने बाद भी वह सरकार बनाने में असफल रही। इस दौरान गोवा में कांग्रेस के कई नेताओं ने आरोप लगाया था कि दिग्विजय की वजह से ही पार्टी सरकार नहीं बना पाई। इसके बाद अब एमपी में भी उनका विरोध शुरू हो गया है।  

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Dakhal News 30 April 2017


अन्ना हजारे

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने एमसीडी चुनावों में आम आदमी पार्टी की हार पर प्रतिक्रिया दी है. समाजसेवी अन्ना हजारे ने दिल्ली एमसीडी चुनावों में आम आदमी पार्टी की हार को लेकर अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है. अन्ना ने कहा है कि पार्टी की कथनी और करनी में फर्क है जिससे उसकी हार हुई. आम आदमी पार्टी से लोगों का भरोसा टूटा है. सादगी का वादा करके गाड़ी-बंगले ले लिए. एमसीडी में आप की हार का मुझे दुख हुआ है. अन्ना हजारे ने कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल ने मेरी बात सुनी होती तो उन्हें चुनाव में हार नहीं मिलती. लोकपाल बिल के लिए केजरीवाल के साथ मिलकर आंदोलन चलाने वाले अन्ना हजारे ने कहा कि उन्होंने कई बार केजरीवाल को संदेश देने की कोशिश की. अन्ना ने कहा कि मैंने केजरीवाल को संदेश दिया था कि दिल्ली के लोगों ने आप पर भरोसा जताया है तो लोगों के विकास के लिए कार्य करो. पूरे देश दिल्ली के विकास का रोड मॉडल बनाओ, लेकिन अरविंद ने मेरी नहीं सुनी. अन्ना ने केजरीवाल को मिलती लगातार हार पर कहा कि केजरीवाल ने पहले लोकसभा चुनाव लड़ा, फिर पंजाब में लड़ा, इसके बाद गोवा में भी हाथ आजमाने पहुंच गए. लेकिन अरविंद ये सब करते हुए दिल्ली को भूल गए. सत्ता ऐसी चीज है कि एक बार कुर्सी मिल जाए तो सिर्फ सत्ता ही दिखती है. अन्ना हजारे ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कहने और करने में बहुत अंतर है. उन्होंने दिल्ली की जनता से जो कहा था वो पूरा नहीं किया. अन्ना ने कहा कि हार के बाद ईवीएम पर दोष मढ़ना गलत है. आम आदमी पार्टी द्वारा हार की ठीकरा ईवीएम मशीन पर फोड़े जाने पर अन्ना ने कहा कि चुनाव आयोग ने कहा था कि जिन लोगों को ईवीएम मशीन पर संदेह है वो आएं और अपना हमें बताएं. इन्हें भी चुनाव आयोग के सामने जाना चाहिए था और अपनी शिकायत रखनी चाहिए थी.

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Dakhal News 26 April 2017


शिवराज की बुधनी

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को घेरने के लिए अब कांग्रेस ने बुधनी विधानसभा क्षेत्र में चौपाल लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। अगले महीने चिलचिलाती धूप में कांग्रेस के कई नेता बुधनी में नजर आएंगे। यहां पर वे लोगों की समस्याएं सुनेंगे और उन समस्याओं को हल करवाने के लिए बाद में राज्यपाल को ज्ञापन देंगे। कांग्रेस ने तय किया है कि वह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को उनके क्षेत्र में ही घेरेगी। इसकी शुरूआत दो मई से की जा रही है। दो मई को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सहित कांग्रेस के करीब आधा दर्जन विधायक और प्रदेश एवं सीहोर जिला कांग्रेस के कई पदाधिकारी बुधनी जाने वाले हैं। यहां पर वे एक चौपाल लगाएंगे। चौपाल में जनता को बुलाने के लिए आज से ही प्रचार-प्रसार शुरू किया जा रहा है। चौपाल में बुधनी और उसके आसपास के गांव के लोगों को बुलाया जाएगा। इसमें शामिल होने वाली जनता से उसकी परेशानी पूछी जाएगी। इन परेशानी को सुनने के बाद कांग्रेस इसके हल के लिए सरकार पर दबाव बनाऐगी। इसके अलावा यदि जरुरत हुई तो राज्यपाल को भी ज्ञापन दिया जाएगा। इसके अलावा आने वाले दिनों में कांग्रेस अपनी सभाओं में भी मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र की परेशानियों को सार्वजनिक करेगी। मुख्यमंत्री को उनके क्षेत्र में जाकर घेरने की रणनीति नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने बनाई है। वे मुख्यमंत्री को उनके क्षेत्र में ही घेरने में हमेशा सक्रिय रहे हैं। अपने पिछले नेता प्रतिपक्ष के कार्यकाल में भी उनके ही कहने पर कांग्रेस के दिग्गज वर्ष 2012 में बुधनी विधानसभा क्षेत्र के नसरुल्लागंज में जमा हुए थे। यहां पर कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, सिंधिया और मोहन प्रकाश  ने सभा की थी।  

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Dakhal News 26 April 2017


pm modi sukma

छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले में 30 जवानों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है जबकि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने भी इस घटना पर शोक जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया है कि छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ के जवानों पर हमला कायराना और दुखद है। हम हालात पर नज़र बनाए हुए हैं। प्रधानमंत्री ने लिखा है कि हमें सीआरपीएफ़ जवानों की बहादुरी पर गर्व है।शहीदों की क़ुर्बानी बेकार नहीं जाएगी. उनके परिजनों के प्रति संवेदनाएं। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस हमले पर दुख जताया है। राजनाथ ने कहा कि हमारे जवान नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देंगे। राजनाथ सिंह कल सुकमा जा सकते हैं। वहीं केंद्रीय गृहराज्य मंत्री किरण रिजिजू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह घटना दुखद है। वे इस घटना पर पूरी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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Dakhal News 24 April 2017


raman singh sukma

  मुख्यमंत्री रमन सिंह ने सुकमा जिले में नक्‍सली हमले पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा है कि ऐसी घटनाओं से जवान पीछे नहीं हटेंगे। दिल्ली दौरा अधूरा छोड़कर लौटे सीएम ने मीडिया को इस पूरे हमले का विवरण देते हुए मारे गए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि घायल जवानों का बेहतर उपचार किया जाएगा। इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 26 जवान मारे गए हैं। सीएम ने कहा कि यह हमला नक्सलियों की कायरता का प्रतीक है। हमारे जवान उस क्षेत्र में काम करते रहेंगे और अपने कदम पीछे नहीं खीचेंगे। रमन सिंह ने कहा कि सुकमा और दोरनापाल नक्‍सलियों की मौजूदगी की दृष्टि से काफी संवेदनशील है। यहां सुरक्षाबलों पर खासा दबाव रहता है। नक्सली जानते हैं कि क्षेत्र में सड़क बन जाने से उनकी कमर टूट जाएगी इसलिये वे इस तरह के हमलों को अंजाम देते हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना काफी गंभीर है। हम सब शहीदों के परिजनों के साथ हैं। आने वाले समय में हमारे जवानों को और सतर्क रहकर काम करना होगा। नक्सलियों के खिलाफ हम अब सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रही हैं।  

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Dakhal News 24 April 2017


rahul gandhi k3

  एक के बाद एक हार का स्वाद चख रही कांग्रेस के सियासी नसीब पलटने के लिए राहुल गांधी ने अब ‘3 के’ का फॉर्मूला दिया है। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी की यह पहल पार्टी में कामकाज के तरीके को बदलने की कवायद का हिस्सा है। यू.पी. में मिली करारी शिकस्त के बाद राहुल गांधी लगातार पार्टी नेताओं और कार्यकर्त्ताओं से बैठकें कर रहे हैं। इन्हीं बैठकों से मिले इनपुट्स के बाद उन्होंने यह मंत्र दिया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने निर्देश दिया है कि कार्यकर्त्ताओं का सम्मान हो और उनकी बात सुनी जाए। राहुल चाहते हैं कि कार्यकर्त्ताओं को पार्टी में काम मिले जिससे उन्हें अपनी अहमियत का अंदाजा हो। यू.पी.ए.-2 के दौरान कांग्रेस कार्यकर्त्ता अक्सर शिकायत करते थे कि नेता और मंत्री उनकी नहीं सुनते। राहुल के मंत्र पर काम भी शुरू हो गया है। एम.सी.डी. चुनाव में कई राज्यों के कार्यकर्त्ता पार्टी के लिए प्रचार कर रहे हैं। राहुल के फॉर्मूले का दूसरा अहम पहलू पार्टी का कार्यक्रम है। राहुल जानते हैं कि जनता के लिए ऐसे कार्यक्रम चलाए जाएं जिनका जनता से सीधा सरोकार हो। राहुल गांधी के मंत्र का तीसरा पहलू है कि पदाधिकारी न सिर्फ  कार्यालय में बैठें बल्कि कार्यकर्त्ताओं को भी भरपूर वक्त दें। इसके अलावा नई जगहों पर ऐसे कार्यालय खोले जाएं जहां वर्कर्स के साथ आम जनता के लिए भी सुविधाएं हों।  

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Dakhal News 23 April 2017


 भाजपा कार्यसमिति

    mp भाजपा कार्यसमिति की बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लगाए गए आरोपों पर आज कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए मांग की है कि भोपाल की रोहित गृह निर्माण सहकारी समिति में हुए 500 करोड़ रुपए के भूखंड घोटाले की भी जांच करवाए। गौरतलब है कि यह मामला पहले नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भी उठाया था। जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री के परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए थे।  प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने आज जारी किए बयान में कहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया  को लेकर मुख्यमंत्री ने अशोभनीय भाषा का उपयोग कर उन पर जमीनों के कब्जे करने के राजनीतिक आरोप लगाए है। मिश्रा ने कहा कि विधानसभा चुनाव पास आते ही सिंधिया पर राजनीतिक हमले किए जा रहे हैं। यह मुख्यमंत्री के पद की गरिमा के प्रतिकूल आचरण है। मिश्रा ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री में नैतिकता है तो सिंधिया के साथ भोपाल की रोहित गृह निर्माण सहकारी संस्था में हुए 500 करोड़ रुपए के भूखंड घोटाले की भी जांच के आदेश जारी करे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि जो ट्रस्ट लोक कल्याण के लिए होते हैं, उनकी जमीनें ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बेच दी। शिवपुरी जैसे जिले में जहां गरीब बसते थे, ऐसी 700 एकड़ जमीन पर कब्जा कर आउंड्रीवाल बना ली। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को स्वार्थी भी बताया। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद यह तय माना जा रहा था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरफ से कांग्रेस पटलवार करेगी। हालांकि इस मामले में सिंधिया ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।

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Dakhal News 23 April 2017


मुख्यमंत्री बनेंगे पन्नीरसेल्वम

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के निधन के बाद से एआईएडीएमके पार्टी में जारी राजनीतिक संकट का पटाक्षेप होता दिख रहा है। इसके साथ ही एक बार फिर पन्नीरसेल्वम के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। गौरतलब है कि जयललिता की मौत के बाद से अन्नाद्रमुक दो धड़ों में बंट गई थी। मगर, अब दोनों के बीच सुलह हो रही है, जिसके तहत ओ पन्नीरसेल्वम को राज्य के मुख्यमंत्री का पद और वर्तमान सीएम ई के पलानीस्वामी को शशिकला की जगह पर पार्टी का महासचिव बनाया जा सकता है। इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से दोनों बड़े नेताओं के बीच सुलह की जानकारी दी है। अब दोनों धड़ों के वरिष्ठ नेताओं के बीच फैसले पर अंतिम मुहर और उसकी घोषणा के लिए एक औपचारिक वार्ता शुरू होगी। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सी विजयभास्कर से मंत्रालय छीनकर विधायक सेन्धील बालाजी को ये प्रभार सौंपा जा सकता है। विजयभास्कर के खिलाफ आयकर विभाग की छापेमारी के बाद ये फैसला लिया गया है। इसके साथ ही राज्य के दक्षिणी क्षेत्र से पूर्व मंत्री और विधायक सेंथिल बालाजी के साथ एक या दो चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। गौरतलब है कि बालाजी को पहले पार्टी से निकाल दिया गया था, मगर अब उन्हें वापस बुलाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि करीब 122 विधायक पलानीसामी के समर्थन में हैं। जबकि 6 विधायकों के बागी हो जाने से सरकार के गिर जाने का खतरा मंडराने लग गया। हालात काबू करने के लिए पार्टी में ये सुलह की जा रही है। इस रोडमैप से पार्टी की वर्तमान मुखिया शशिकला और उनके भतीजे टीटीवी दिनाकरन ईपीएस खेमे से पूरी तरह से बाहर हो जाएंगे। उनसे अपने पदों से इस्तीफा देने के लिए कहा जाएगा।  

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Dakhal News 22 April 2017


भगवा पार्टी

कोलकाता में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री भगवा पार्टी ने भाजपा का मुकाबला करने के लिए क्षेत्रीय पार्टियों से एकजुट होने की आज अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवा पार्टी ने अपना विरोध करने वालों के खिलाफ ‘प्रतिशोध की राजनीति’ का सहारा लिया है और वह देश को एक ‘खतरनाक रास्ते’ पर ले जाना चाहती है। अगले छह साल के लिए तृणमूल कांगे्रस का अध्यक्ष फिर से चुने जाने के कुछ ही देर बाद यहां एक बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, ‘‘देश में राजनीति के नाम पर जो हो रहा है वह राजनीति नहीं हैं। वक्त का तकाजा है कि सभी क्षेत्रीय पार्टियां एकजुट हों।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं कुछ नहीं चाहती। मैं चाहती हूं कि आप सभी (क्षेत्रीय पार्टियां) प्रगति करें, मैं आपके समर्थन में हूं। मैं यह संदेश हर पार्टी को दे रही हूं। साथ आइए, एकजुट होइए, मेरी पार्टी आप सब के साथ खड़ी है।’’ ममता ने कहा, ‘‘भाजपा ने प्रतिशोध की राजनीति का सहारा लिया है। वह देश के संघीय ढांचे को तोडऩा चाहती है। भाजपा हमारी पार्टी के खिलाफ है क्योंकि हम लोगों के बारे में बात करते हैं।’’  उन्होंने पार्टी के लोगों से नहीं डरने की अपील करते हुए कहा, ‘‘वे हमारे नेताओं के खिलाफ सीबीआई का इस्तेमाल कर हमें खत्म करना चाहते हैं लेकिन वे लोग खुद ही खत्म हो जाएंगे। तृणमूल कांग्रेस पलटवार करेगी।’’ उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव पर नजरें टिकाते हुए कहा चाहे जो कुछ भी साजिश हो, आप को जमीनी स्तर पर जाना होगा और कार्यकर्ताओं से मिलना होगा। हम हर किसी को साथ लेकर लड़ेंगे।  पार्टी के 12 नेताओं और मंत्रियों के खिलाफ सीबीआई के मामला दर्ज करने की आेर संभवत: इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम एक संस्था के तौर पर सीबीआई का सम्मान करते हैं लेकिन यह वह सीबीआई नहीं है जिसे हम जानते हैं। इन दिनों सीबीआई एक एेसा चूहा है, जिसे पालतू बना दिया गया है।’’ उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल के नेता सुदीप बंदोपाध्याय को सीबीआई ने  गिरफ्तार किया क्योंकि उन्होंने नोटबंदी के खिलाफ बोला था।   

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Dakhal News 22 April 2017


pdp-bjp

जम्मू कश्मीर में बढ़ती हिंसा और देशविरोधी नारों से केंद्र और राज्य सरकार दोनों निपटने का तरीका निकलाने में लगी है. दूसरी तरफ राज्य में भाजपा और पीडीपी गठबंधन पर भी इसका असर दिखने लगा है. दोनों के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करने और सरकार ठीक तरीके से चलाने के लिए उद्देश्य से भाजपा महासचिव राम माधव ने आज गठबंधन सहयोगी पीडीपी के वरिष्ठ नेता हसीब द्राबू के साथ एक बैठक की. दोनों गठबंधन सहयोगियों में बढते तनाव के बीच यह बैठक हुई. राज्य में भाजपा के एक मंत्री के बयान पर पैदा हुए विवाद की वजह से भी यह बैठक अहम मानी जा रही है. माधव ने भाजपा के मंत्री चंदर प्रकाश गंगा से भी मुलाकात की, जिन्होंने बाद में अपने बयान पर खेद प्रकट किया. गंगा ने कहा था, ‘‘गद्दारों और पत्थरबाजों का इलाज गोलियों से किया जाना चाहिए.'' भाजपा महासचिव ने राज्यपाल एन एन वोहरा से भी मुलाकात की. कश्मीर घाटी में सुरक्षा के बिगडते हालात की पृष्ठभूमि में माधव राज्य का दौरा कर रहे हैं.  माधव और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना ने पीडीपी नेता और मंत्री हसीब द्राबू के साथ यहां भाजपा मुख्यालय में करीब डेढ घंटे तक बैठक की. उप-मुख्यमंत्री निर्मल सिंह, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा और पार्टी के संगठन महासचिव अशोक कौल भी बैठक में शामिल थे.   बाद में राज्य के पुलिस प्रमुख एस पी वैद्य भी भाजपा मुख्यालय में हो रही इस बैठक में पहुंचे  खन्ना ने पत्रकारों को बताया, ‘‘हमने जम्मू-कश्मीर के हालात पर चर्चा के लिए यह बैठक की.  शर्मा ने कहा कि 29 अप्रैल से दो दिन के लिए होने वाले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के दौरे के सिलसिले में माधव आए हैं.   

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Dakhal News 22 April 2017


 नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली में  11वें सिविल सेवा दिवस समारोह के मौके पर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अधिकारी समय के साथ खुद को बदलें। बकौल मोदी, हमारी जिम्मेदारी बढ़ गई है। 15-20 साल में प्रतिस्पर्धा का दौर बढ़ा है। हमें जल्द अब अपनी कार्यशैली बदलनी पड़ेगी। लोगों के पास अब विकल्प मौजूद हैं। सरकार के रहते लोगों को बोझ महसूस नहीं होना चाहिए। चुनौती को अवसर में बदलना होगा। इस प्रतिस्पर्धा के दौर में सर्वोत्तम लोगों से सर्वोत्तम काम की उम्मीद है। मोदी बोले गृहणियों से मैनेजमेंट सीखें अफसर।  पीएम मोदी ने कहा कि सबसे मेधावी छात्र अाईएएस बनते हैं, काम भी उसी हिसाब से होना चाहिए। अब लोग निजी अस्पतालों की तुलना सरकारी अस्पतालों से करते हैं। अगर काम करने के तरीके को बदलेंगे तो चुनौती भी अवसर में बदल जाएगी।यह प्रतियोगिता का दौर है इसलिए चुनौती भी ज्यादा बड़ी है। समर्पण भाव से काम करना चाहिए, नाम कमाने की इच्छा न होना ही सबसे बड़ी ताकत है। अच्छे काम के लिए टीम वर्क जरूरी है। ताकत का सही इस्तेमाल पता होना चाहिए। 'मैं चाहता हूं कि अगले एक साल में काम की क्वालिटी में बदलाव हो, सिर्फ सर्वश्रेष्ठ होने से काम नहीं चलता है। अगर सर्वश्रेष्ठ होने का ठप्पा आप पर लगा है तो उसे आदत बनाना जरूरी है। अफसरों को गृहणियों से काफी कुछ सीखने की जरुरत है, वह किस तरह परेशानियों के बावजूद सभी चीजों को मैनेज करती हैं। गृहिणी परिवार को नई ऊंचाई पर ले जाती है, वही जिम्मेदारी आपकी भी है। वरीयता क्रम का बोझ अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा है, हमें अपने अनुभव को बोझ नहीं बनने देना चाहिए।'' मोदी ने कहा कि हमें गर्व होना चाहिए कि जहां मैंने काम किया कि उस काम को मेरे जूनियर ने आगे बढ़ाया।मोदी बोले कि हम सभी एक साथ मिलकर काम करना होगा। मोदी ने कहा कि सिविल सर्विस की सबसे बड़ी ताकत को खोने नहीं देना चाहिए, अफसरों की सबसे बड़ी ताकत अनामिका है। जो कि अफसर की सोच और उसके विजन को दर्शाती है। मोदी ने कहा कि मैं सोशल मीडिया की ताकत को जानता हूं, सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जागरुक किया जा सकता है। जिला लेवल के अफसर भी इसका फायदा उठा सकते हैं, वह अफसर इसका फायदा भी उठा रहे हैं।मोदी ने कहा कि काम के दौरान सोशल मीडिया पर खुद का प्रचार जरुरी नहीं है, सोशल मीडिया का इस्तेमाल जनता की भलाई के लिए करना चाहिए। अपने विवेक से ताकत का इस्तेमाल करना चाहिए। मोदी बोले कि अगर मैं भी आपकी तरह अफसर होता तो आज सचिव के पद पर होता, 16 साल की नौकरी के बाद आपके बराबर पहुंच पाता। मोदी ने कहा कि मैंने बैठक के दौरान मोबाइल पर रोक लगाई। हर किसी को लगना चाहिए कि देश मेरा है, सरकार मेरी है। सभी लोगों को जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए। मोदी ने कहा कि अफसरों की काफी ताकत है, आपके हस्ताक्षर से बहुत कुछ बदलता है। उन्होंने कहा कि देश की शासन व्यवस्था अफसरों की ऊंगलियों पर मौजूद है। आपको अभाव के बीच भी रास्ते खोजने होंगे। मोदी ने कहा कि अफसरों को अपने हर निर्णय को राष्ट्रहित के तराजू में तौलना चाहिए। इस बात में कभी भी कमी नहीं आनी चाहिए। मोदी ने कहा कि एक अफसर अगर फाइल में कुछ गलत लिख दे, तो मामला कोर्ट में चला जाता है और वर्षों तक मामला अटक जाता है। मोदी ने कहा कि इन छोटी वजहों से कई काम अटकते हैं। मैं हमेशा ही ईमानदार अफसरों के साथ हूं।  

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Dakhal News 21 April 2017


गुर्जर आरक्षण

जयपुर में राजस्थान सरकार ने गुर्जर आरक्षण मामले का विवाद खत्म होने तक उनको ओबीसी में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, गुर्जर इससे संतुष्ट नहीं हैं और 22 अप्रैल से आंदोलन करने पर अड़े हुए हैं। गुर्जर नेताओं और राजस्थान सरकार की मंत्रिमंडलीय उपसमिति की गुरुवार को हुई बैठक में सरकार ने गुर्जरों से कहा है कि उनके आरक्षण से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है और जब तक इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं आता तब तक सरकार गुर्जरों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में शामिल करने को तैयार है। इससे उन्हें भर्तियों में आरक्षण का लाभ मिल जाएगा। इसके अलावा विशेष पिछड़ा वर्ग में एक प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने का रास्ता निकालने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति बनाई जाएगी जो शनिवार तक रिपोर्ट देगी। सरकार ने कहा है कि ओबीसी में शामिल करने का आदेश तुरंत जारी कर दिया जाएगा। उधर, गुर्जर इस पर राजी नहीं हैं। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक किरोडी सिंह बैंसला बैठक के बाद इस मामले में बिना कुछ बोले निकल गए। उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में सरकार ही बताएगी।  

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Dakhal News 21 April 2017


yashodhra raje

शिवपुरी में मंत्री यशोधरा राजे  शहर को पानी देने के लिए अफसरों के हाथ जोड़ती नजर आईं।  2009 से शुरू हुई मड़ीखेड़ा पेयजल योजना 8 साल बाद भी लंबित है। शहर में पानी के लिए त्राही-त्राही मची है। स्थानीय विधायक और मंत्री का पिछले लंबे समय से एक सूत्रीय कार्यक्रम किसी भी तरह सिंध का पानी शिवपुरी लाना बना हुआ है। पिछले दौरों पर मंत्री लंबित योजना और कार्य की धीमी गति को लेकर कभी दोशियान कंपनी तो कभी नपा के अधिकारियों को चेतावनी व सार्वजनिक तौर पर फटकार लगाती रही हैं। लेकिन जब बात नहीं बनी तो उन्होंने अधिकारीयों के हाथ जोड़ लिए।  मंत्री यशोधरा राजे योजना की गति को लेकर इस कदर आहत और भावनात्मक नजर आईं कि मड़ीखेड़ा डैम स्थित इंटकबैल पर दोशियान कंपनी के मालिक रक्षित दोशी के भतीजे अभिषेक दोशी सहित नपा के अधिकारियों के आगे हाथ जोड़े और कहा कि अब तो मेरे शहर को पानी दे दो, आप लोग तो चले जाओगे, मुझे तो मेरी जनता के बीच ही रहना है और उन्हीं के बीच रोज जाना हैं। मंत्री ने 30 जून की डेडलाइन तक शिवपुरी में सिंध का पानी पहुंचने को लेकर चरणबद्घ टारगेट पर भी अधिकारियों की मौखिक मोहर लगवाई। कुल मिलाकर शिवपुरी में सिंध का पानी अब एक बड़ा सियासी मुददा होने के साथ साथ जनप्रतिनिधियों पर आगामी चुनावों से पहले एक बड़े दबाव के रूप में भी सामने आने लगा है।  

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Dakhal News 20 April 2017


aap

 पहली बार दिल्ली नगर निगम चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी ने बुधवार को अपना घोषणापत्र जारी किया। इसमें कहा गया है कि एमसीडी में सरकार बनने पर हाउस टैक्स माफ किया जाएगा। इसे पार्टी का बड़ा दांव माना जा रहा है। बुधवार को पत्रकार वार्ता कर AAP संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खुद एमसीडी चुनाव के लिए पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया। उन्‍होंने स्‍वच्‍छ दिल्‍ली के साथ भवनों के लिए नक्‍शे में आ रही परेशानियों को खत्‍म करने का भरोसा दिलाया। वहीं, केजरीवाल ने फिर दोहराया कि किराएदारों के लिए दिल्ली में पानी माफ और बिजली सस्ती की जाएगी। घोषणापत्र के अहम बिंदू हैं-  तीन साल में डेंगू और चिकनगुनिया का खात्मा होगा। एक साल के भीतर होगा दिल्ली का कायाकल्प। सफाई कर्मियों की अतिरिक्त भर्ती होगी। भ्रष्टाचार मुक्त होगी दिल्ली। नालों की सफाई होगी ताकि बारिश में पानी ही न भरे। 2019 तक दिल्ली कूड़ामुक्त बन जाएगी। कच्चे सफाई कर्मी पक्के किए जाएंगे। सफाई कर्मियों की बेटियों के लिए 50 हज़ार की एफडी कराई जाएगी। सफाई कर्मियों की नई भर्तियां होंगी।मकानों के नक्शे पास कराने के नियम आसान होंगे।स्वास्थ और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन विषयों को लेकर दिल्ली सरकार में किए गए प्रयोग एमसीडी में भी दोहराए जाएंगे। सफाई कर्मियों को कैशलेस मेडिकल सुविधा मिलेगी। कारोबारियों पर कंवर्जन शुल्क माफ होगा। दिल्ली नगर निगम के स्कूलों में नर्सरी से पढ़ाई होगी शुरू। जैसा की पहले से आशंका जताई जा रही थी और हुआ भी ऐसा ही। आम आदमी पार्टी के घोषणा पत्र में हाउस टैक्स माफ करने की बात शामिल है। पार्टी से जुड़े रणनीतिकार इसे एमसीडी चुनाव में केजरीवाल का बड़ा दांव मान रहे हैं। यहां पर बता दें कि हाउस टैक्स माफ करने को लेकर अरविंद केजरीवाल ने पिछले दिनों बड़ा बयान दिया था। गौर करने वाली बात है कि आम आदमी पार्टी का घोषणा पत्र भाजपा, स्वराज इंडिया पार्टी और कांग्रेस के दो घोषणापत्र जारी होने के बाद आया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आप नेताओं के द्वारा हाउस टैक्स और सफाई कर्मचारियों को नियमित करने की बात लगातार कही जा रही है। वहीं, कांग्रेस और भाजपा केजरीवाल के इस दावे को सिरे से खारिज करती रही हैं। हैरानी की बात है कि तकनीकी पेज के बावजूद आम आदमी पार्टी दिल्ली को हाउस टैक्स माफ करने को अपना मुख्य मुद्दा बनाया है।  

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Dakhal News 19 April 2017


 पन्नीरसेल्वम और दिनाकरन

  तमिलनाडु में सोमवार रात से सियासी उथल-पुथल जारी है। जे. जयललिता के निधन के बाद बने दोनों धड़ों, पन्नीरसेल्वम व दिनाकरन की अलग-अलग बैठकें जारी हैं। इस बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता व लोकसभा के डिप्टी स्पीकर एम थंबीदुरई ने कहा है कि तमिलनाडू के पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम व दिनाकरन धड़ा आपस में बातचीत के लिए तैयार हैं, जिससे दोनों के विलय का रास्ता तैयार किया जा सके। उनके अनुसार, पार्टी में किसी तरह की फूट नहीं है, किसी के साथ मतभेद नहीं है। लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं लेकिन उन्हें दूर किया जाना चाहिए। माना जा रहा है कि मंगलवार को भी बैठकों का दौर जारी रहेगा। यदि दोनों धड़े एक होते हैं तो यह प्रदेश की सियासत के बड़ी खबर होगी। तमिलनाडु की राजनीति में सोमवार रात एक बार फिर भूचाल सा आ गया है। देर रात हुए घटनाक्रम में एआईएडीएमके के 25 विधायकों ने एक बैठक करने के बाद मंगलवार को विधायक दल की आपात बैठक बुलाने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि इस बैठक में विधायक दल का नया नेता चुना जा सकता है। एआईएडीएमके पार्टी को ओ पन्‍नीरसेल्‍वम तथा वीके शशिकला गुट अपना-अपना बताने पर जुटा हुआ है। हालांकि दोनों के मर्जर की भी संभावना है। यह भी माना जा रहा है कि पन्‍नीरसेल्‍वम को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है। साथ ही वीके शशिकला को पार्टी महासचिव समेत सभी पदों से बेदखल भी किया जा सकता है। एआइएडीएमके पार्टी के मुख्य चुनाव चिह्‌न (दो पत्ती) के लिए खींचतान के बीच शशिकला खेमे द्वारा 10 करोड़ रुपये देने का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एआइएडीएमके के उप महासचिव टीटीवी दिनाकरन, बिचौलिये बालाजी उर्फ सुकेश चंद्रशेखर व अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। रविवार दोपहर सुकेश को हयात होटल से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से 1.30 करोड़ रुपये व दो लग्जरी कारें बरामद हुई हैं। सौदा 50 करोड़ रुपये में तय हुआ था। टीटीवी दिनाकरन एआइएडीएमके की महासचिव वीके शशिकला के भतीजे हैं। दिल्ली पुलिस के डीसीपी क्राइम ब्रांच मधुर वर्मा के मुताबिक सभी आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के सेक्शन 8, आपराधिक साजिश रचने व गलत पहचान बताकर गुमराह करने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जयललिता की मौत के बाद तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम और जयललिता की करीबी रही वीके शशिकला के बीच पार्टी पर एकाधिकार को लेकर विवाद बढ़ने के बाद चुनाव आयोग ने पार्टी का चुनाव चिह्‌न सीज कर दिया था। सुकेश ने दिनाकरन को झांसा दिया था कि उसकी चुनाव आयोग में अच्छी जान-पहचान है। वह उन्हें पार्टी का मुख्य चुनाव चिह्न दिला देगा। इस पर दिनाकरन ने कोच्चि के हवाला कारोबारी से चांदनी चौक के हवाला कारोबारी को 10 करोड़ रुपये भिजवाए। वहां से सुकेश को रुपये मिल गए। इसकी भनक मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने सुकेश के फोन को टैप किया और सुबूत मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पूछताछ में शामिल होने के लिए दिनाकरन को भी नोटिस भेजा है। 

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Dakhal News 18 April 2017


bjp

उमेश त्रिवेदी भाजपा के खिलाफ लामबंद होती राजनीति में विपक्षी दलों के पाले में पल रहे असमंजस और अन्तर्विरोधों के बीच भाजपा ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में अगले लोकसभा और विधानसभा चुनाव का रोडमेप तैयार कर चुकी है। लोकसभा से पहले देश के ग्यारह राज्यों में चुनाव होने वाले हैं। भुवनेश्वर में भापजा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने दो स्तर पर अपने एजेण्डे पर काम किया है। भाजपा का पहला लक्ष्य 2019 के लोकसभा चुनाव हैं। 2014 की विजय को महाविजय में ढालकर भाजपा केन्द्र में दुबारा सत्तारूढ़ होना चाहती है। दूसरा, भाजपा के सामने बड़ी चुनौती अपने उन केशरिया-दुर्गों को 'एंटी-इकंबेंसी' की महामारी से बचाने के लिए 'वेक्सीन' तैयार करना है, जहां दस-बारह सालों से भाजपा सरकारें कार्यरत हैं। तीसरा, 'भारत-विजय' के मद्देनजर भाजपा ने अपनी राजनीतिक-मिसाइलों को उन राज्यों की ओर भी मोड़ दिया है, जहां पर भाजपा की सरकारें नहीं हैं।  मौजूदा हालात में भाजपा को भरोसा है कि 2019 में मोदी ही प्रधानमंत्री बनेंगे। भाजपा शासित राज्यों में कांग्रेस की पतली हालत के चलते मोदी के विजय-रथ को ज्यादा झटके लगने की उम्मीद नहीं है। गैर-भाजपाई राज्यों में से कर्नाटक में भाजपा अपने लिए परिस्थितियां अनुकूल मानती है, लेकिन बंगाल और उड़ीसा की राहें आसान नहीं हैं। भाजपा को लगता है कि बिहार में नीतीश कुमार पिघल सकते हैं। वो लालू यादव की बैसाखियों पर लंबे समय तक नहीं चल पाएंगे। नीतीश कुमार के साथ राजनीतिक-अनुकूलताएं बनाना सरल है। साल के अंत में चुनाव में जाने वाले गैर-भाजपाई राज्य हिमाचल को लेकर भी भाजपा के सुर बोझिल नहीं हैं। हिमाचल, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा उत्तर-पूर्वी राज्यों की श्रृंखलाओं में सबसे महत्वपूर्ण राज्य हैं।  बंगाल और ओडिशा की चुनौतियां भले ही तगड़ी हों, लेकिन मतदाताओं के बदलते ट्रेंड के मद्देनजर वहां भी भाजपा का आत्म-विश्वास पंख पसार रहा है। हिन्दुत्व की लहरें बंगाल और ओडिशा में हिन्द महासागर के तटों से टकराना शुरू हो चुकी हैं। दस विधानसभाओं के ताजा उप-चुनाव में बंगाल के नतीजों से भाजपा उत्साहित हैं। 13 अप्रैल को घोषित कॉन्थी विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने कांग्रेस और सीपीएम को पछाड़ते हुए 32 प्रतिशत वोट हासिल करके दूसरा स्थान दर्ज किया है। यह सीट तृणमूल कांग्रेस ने सीपीएम से छीन ली है। बंगाल में भाजपा से कांग्रेस और सीपीएम के पिछड़ने के संकेत मतदाताओं के बदलते मानस का परिचायक हैं। बंगाल को फतह करने की गरज से आरएसएस ने बंगाल में पैर फैलाना शुरू कर दिए हैं। 2011 में बंगाल में संघ की शाखाओं की संख्या 515 थी, जो अब बढ़कर 1500 हो गई है। संघ अपने अभियान से 'हिन्दू-सेण्टीमेंट्स' को उव्देलित करने में सफल हो रहा है कि जिस तरीके से ममता बैनर्जी मुसलमानों के तुष्टिकरण पर उतारू हैं, वह खतरनाक है। यदि यह क्रम नहीं  रुका तो बंगाल को बंगला-देश बनने से कोई रोक नहीं सकेगा।  ओडिशा में भी राजनीतिक संकेतों से स्पष्ट है कि राज्य के आदिवासी बहुल इलाकों में हिन्दुत्ववादी नीतियां ज्यादा प्रभावी हो रही हैं। फरवरी 2017 में ओडिशा में सम्पन्न जिला परिषद के चुनाव में भाजपा ने 854 में से 297 सीटें जीतकर सत्ताधारी बीजू जनता दल के बाद दूसरा स्थान हासिल किया था। ओडिशा में भाजपा की चुनावी-उपलब्धि उप्र विधानसभा चुनाव के शोरशराबे में हाशिए पर चली गई थी। ओडिशा भाजपा के हिन्दुत्व की राजनीतिक-प्रयोगशाला बनने के लिए तैयार है। जिला-परिषदों के चुनाव में भाजपा को उन्हीं आदिवासी-बहुल इलाकों में ज्यादा सफलता मिली है, जहां धर्म-परिवर्तन के विरुध्द संघ और भाजपा मिलकर संघर्ष करते रहे हैं।     2017 में, जबकि केशरिया उड़ान सातवें आसमान पर है, केन्द्र-सरकार के साथ देश के तेरह राज्यों में भाजपा के तेरह मुख्यमंत्री शासन कर रहे हैं। चार राज्यो में कार्यरत भाजपा की सहयोगी सरकारों को मिलाकर देश के 17 राज्यों में भाजपा का परचम फहरा रहा है। मोदी के भाषणों के दो कोटेशन अक्सर सोशल मीडिया पर दमकते रहते हैं। पहला, प्रधानमंत्री बनने के बाद भ्रष्टाचार निवारण के संदर्भ में उन्होंने कहा था कि 'न खाऊंगा, न खाने दूंगा ' ... दूसरा, उप्र के विधानसभा चुनाव की सफलता के बाद मोदी ने कहा था कि 'न बैठूंगा, न बैठने दूंगा'।  मोदी के 'खाने-खिलाने' वाले कोटेशन का हिसाब सामने नहीं है, लेकिन जिस शिद्दत से भाजपा कांग्रेस-मुक्त भारत की दिशा में जुटी है, उससे साफ है कि मोदी भाजपा नेताओं को सांस नहीं लेने दे रहे हैं। इसके विपरीत, देश की राजनीति में विपक्ष के गठबंधन की पहल में यह तय नहीं है कि उनके एकीकरण की सैध्दांतिक धुरी क्या हो?  जबकि भाजपा इस दिशा में कूच कर चुकी है...।[उमेश त्रिवेदी, सुबह सवेरे के प्रधान संपादक है।]

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Dakhal News 17 April 2017


 सूरत की सड़कों पर पीएम मोदी

    सूरत से  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो दिनी गुजरात दौरा  किया । सूरत में रोड शो से उन्होंने इसकी शुरुआत की । उनके स्‍वागत में सूरत शहर दुल्‍हन की तरह सजा है जिसमे पीएम मोदी रोड शो कर रहे हैं।  मोदी सर्किट हाउस के बीच तक रोड शो करते हुए चलेंगे। इसके बाद वे स्थानीय नेताओं से भेंट करेंगे। यह रोड शो बहुत आकषर्क व भव्‍य होने वाला है।इसमें 20 हजार बाइक चालक शामिल होंगे।पूरे रूट पर 12 हजार फीट लंबी साडि़यां लगाई गईं हैं।रास्‍ते भर मोदी के पोस्‍टर, बड़े कट आउट्स लगाए गए हैं।मोदी के स्‍वागत में पूरे शहर को सजाया गया है।रोड शो का रूट 11 किमी लंबा है।इसमें दो लाख लोगों के जुटने की संभावना है।मोदी की 22 फीट ऊंची मूर्ति लगी है।सूरत में मोदी का 40 फीट ऊंचा कट आउट लगाया है।  

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Dakhal News 16 April 2017


भाजपा ने 21 बागियों को पार्टी से निकाला

    दिल्ली नगर निगम चुनाव से ठीक एक सप्ताह पहले भाजपा की अनुशासन समिति ने 21 कार्यकर्ताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाया है।इन सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया है। इनमें रणहौला वार्ड के मौजूदा पार्षद भी शामिल हैं। पार्टी की अनुशासन समिति को इन कार्यकर्ताओं के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों को चुनाव में नुकसान पहुंचाने की शिकायत मिली थी। समिति ने जाच में शिकायत सही पाई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। नगर निगम चुनाव के लिए भाजपा ने मौजूदा पार्षदों, उनके रिश्तेदार और अन्य करीबियों को टिकट नहीं दिया था। पार्टी ने नए और युवा चेहरों पर दांव खेलते हुए नामांकन से कुछ घंटे पहले सभी प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक किए थे। इससे जिससे टिकट की आस लगाए कार्यकर्ता नाराज थे। आखिरी वक्त पर टिकट का फैसला होने से बागी कार्यकर्ताओं को किसी अन्य दल से चुनाव लड़ने का मौका तक नहीं मिला। इसके बाद वे पार्टी विरोधी गतिविधियों में लग गए। साथ ही प्रत्याशियों के खिलाफ दुष्प्रचार करने में जुट गए। ऐसी शिकायतें मिलने के बाद पार्टी ने इस पर तुरंत संज्ञान लिया ताकि भितरघात करने वाले सचेत हो जाएं। गौरतलब है कि इससे पहले उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से दस दिन पहले भाजपा 5 फरवरी को अपने 33 नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने के आरोप में निष्कासित कर दिया था। प्रदेश पार्टी महामंत्री नरेश बंसल ने बताया था कि प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के निर्देश पर 33 नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए भाजपा से निष्कासित कर दिया गया है।        

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Dakhal News 16 April 2017


 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    लखनऊ में  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि हर महापुरुष के नाम पर स्कूल बंद करने की परंपरा ठीक नहीं है। अब महापुरुषों के नाम पर होने वाली छुट्टियां बंद होंगी। महापुरुषों की जयंती और निर्वाण दिवस पर अब स्कूलों में घंटे दो घंटे के कार्यक्रम आयोजित होंगे ताकि बच्चे उनके संघर्ष और गौरवमयी व्यक्तित्व के बारे में जान सकें।  मुख्यमंत्री शुक्रवार को विधानभवन के सामने स्थित अंबेडकर महासभा में बाबा साहब की जयंती पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। कहा कि कई बार गांवों में जाने पर बच्चों से पूछा कि स्कूल क्यों नहीं गए तो वह कहते हैं कि आज इतवार है। यह याद दिलाने पर कि इतवार नहीं, मंगलवार है तो बस इतना बता पाते कि स्कूल में छुट्टी है। यह नहीं बता पाते कि छुट्टी किस बात की है। ऐसी छुट्टियों का कोई औचित्य नहीं है।  योगी ने कहा कि कितनी विडंबना है कि 220 दिन विद्यालय चलने चाहिए लेकिन, 120 दिन से ज्यादा नहीं चल पा रहे हैं। अंबेडकर के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में एक पद पाने के लिए लोग अपने सम्मान को गिरवी रखते हैं लेकिन बाबा साहब ने ऐसे पदों को ठुकरा दिया। वहीं राज्यपाल राम नाईक ने भी समारोह को संबोधित करते हुए पिछले कार्यक्रमों की याद ताजा की। कहा कि पहले भी तीन बार यहां आया लेकिन, अबकी बार सबकुछ बदला है। बाबा साहब के संविधान की महत्ता बताते हुए राम नाईक ने कहा कि पिछली सरकार में विधान परिषद सदस्यों के मनोनयन की स