राजनीति


bjp mla

  भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के टारगेट 'अब की बार 200 पार" को पाने के लिए पार्टी पूरी ताकत लगा रही है। पार्टी ने सर्वे में कमजोर परफॉरमेंस वाले विधायकों को टिकट बदलने के संकेत दे दिए हैं। पिछले ड़ेढ़ साल के दौरान लगभग 67 विधायकों से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष ने वन-टू-वन बातचीत की थी। उन सभी को पार्टी के प्रत्याशी केपक्ष में काम करने कहा गया है। सर्वे में बताया गया था कि 67 से अधिक विधायक ऐसे हैं जो अब चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं हैं। कई विधायकों के बारे में सर्वे रिपोर्ट में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने, मुलाकात नहीं करने सहित कई तरह की शिकायतें भी प्राप्त हुई थीं। सत्ता और संगठन पिछले डेढ़ साल से इन्हें कामकाज सुधारने की सलाह दे रहा था। बार-बार उनसे कहा गया था कि कार्यकर्ता नाराज रहेंगे तो आप किसके भरोसे चुनाव लड़ोगे। इसके बावजूद विधायक अपना परफॉरमेंस नहीं सुधार पाए। पार्टी सूत्रों के मुताबिक जिन विधायकों के टिकट काटे जा रहे हैं, उन्हें उनके विधानसभा क्षेत्र की सर्वे रिपोर्ट से काफी पहले अवगत करा दिया गया था। रिपोर्ट में एक-एक वर्ग से लेकर वार्ड-मोहल्ले और गांव में विधायक के कामकाज और कार्यकर्ताओं के साथ उनके समन्वय सहित आम जनता की नजर में उनकी छवि का बिंदुवार उल्लेख किया गया है। गौरतलब है कि इस रिपोर्ट के आधार पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दौरे के वक्त विधायकों के परफारमेंस पर विस्तार से चर्चा हुई थी। इसमें बताया गया था कि लगभग 70 विधायक ऐसे हैं जो अब चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं हैं। कमजोर परफारमेंस वले इन विधायकों को लेकर पार्टी की कवायद काफी पहले से चल रही है। हर विधायक के साथ बातचीत में उनके विधानसभा क्षेत्र की सर्वे रिपोर्ट भी साथ रखी गई थी। विधायकों को बाकायदा बताया गया कि उनके इलाके में सरकार की ओर से कितने विकास कार्य करवाए गए हैं। उनके इलाके में कांग्रेस की स्थिति क्या है। दलित वोट बैंक विधायक से कितना नाराज है। अल्पसंख्यक वोटों में विधायक को लेकर किस तरह की नाराजी है। इस तरह हर एक पहलू से विधायकों को अवगत कराया गया था। उन्हें समय भी दिया गया था कि वे अपना परफारमेंस सुधार सकते हैं। विधायकों से कहा था कि कार्यकताओं के साथ समन्वय बढ़ाएं। सर्वे रिपोर्ट में कई विधायकों के बारे में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने, मुलाकात नहीं करने सहित कई तरह की शिकायतें भी प्राप्त हुई थीं। इसके बाद उन्हें सुधार करने का मौका भी दिया, फिर भी कोई खास बदलाव नहीं आया। बीजेपी के प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे  ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के कार्यों का समय-समय पर आकलन होता रहता है। सभी का परफॉरमेंस पार्टी और मुख्यमंत्री के समक्ष स्पष्ट है। पार्टी की राय भी स्पष्ट है कि सिर्फ जीतने वाले प्रत्याशी को ही टिकट दिया जाएगा ।   

Dakhal News

Dakhal News 23 October 2018


namankn

  छत्तीसगढ़ में  विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने की होड़ लगी हुई है। पहले चरण की 18 सीटों के लिए इस बार ज्यादा ही उम्मीदवार रुचि दिखा रहे हैं। नामांकनपत्र भरने के लिए एक प्रक्रिया होती है, जिसमें सभी जानकारी सही देनी होती है। लिखने में त्रुटि होने या गलत जानकारी देने से नामांकनपत्र खारिज हो जाता है। ऐसी स्थिति में उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ पाता। बीते दो विधानसभा चुनावों का विश्लेषण करें तो पता चलता है कि जिन इलाकों को पढ़ा-लिखा माना जाता है, वहीं के नामांकनपत्र ज्यादा खारिज किए गए हैं। इसके विपरीत जंगल इलाके की विधानसभा सीटों पर भरे गए ज्यादातर नामांकनपत्र ही पाए गए हैं। नामांकनपत्र सही तरीके से भरने के लिए चुनाव आयोग के अधिकारी हर जिले में राजनीतिक दलों की मीटिंग लेते हैं। इसके बाद भी बड़े शहरों के उम्मीदवार इसमें गलती कर रहे हैं। हर दल अपने वकील सदस्यों की मदद इसमें लेते हैं। बस्तर की कोंटा और बीजापुर विधानसभा सीटों को दुर्गम इलाका माना जाता है। वहां शिक्षा के साधन भी मजबूत नहीं हैं। इसके बाद भी चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार सही तरीके से नामांकन भरते हैं। कोंटा में पिछले चुनाव में छह और 2008 के चुनाव में चार पर्चे भरे गए। इनमें से किसी का रद नहीं हुआ। इसी तरह बीजापुर में बीते चुनाव में सात प्रत्याशियों में से केवल एक का पर्चा रद हुआ। 2008 में यहां से दस पर्चे भरे गए और एक ही रद हुआ। जगदलपुर और बस्तर सबसे कमजोर बस्तर संभाग में जगदलपुर और बस्तर सीट के उम्मीदवार इस काम सबसे कमजोर दिख रहे हैं। बीते चुनाव में जगदलपुर में 38 में से 18 पर्चे निरस्त कर दिए गए थे। बस्तर सीट का भी यही हाल रहा, वहां बीते चुनाव में 18 में से 11 पर्चे गलत पाए गए। पिछले चुनाव में चित्रकोट सीट से भी यह संयोग जुड़ा हुआ है। वहां 22 में से 14 रद हुए। अहिवारा सीट के लिए बीते चुनाव में 29 नामांकन भरे गए थे, मगर इसमें 15 रद हो गए। भिलाई नगर सीट पर 2008 में 18 में से छह और पिछले चुनाव में 23 में से चार खारिज कर दिए गए थे। वैशालीनगर सीट के 2013 के चुनाव में 25 में से पांच और 2008 में 22 में से तीन रद हुए। दुर्ग ग्रामीण में खारिज पर्चे की संख्या तीन तक ही रही है। गुंडरदेही में पिछले चुनाव में 23 में से सात और संजारी बालोद में 15 में से पांच नामांकन बीते चुनाव में खारिज किए गए।  

Dakhal News

Dakhal News 23 October 2018


namankn

  छत्तीसगढ़ में  विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने की होड़ लगी हुई है। पहले चरण की 18 सीटों के लिए इस बार ज्यादा ही उम्मीदवार रुचि दिखा रहे हैं। नामांकनपत्र भरने के लिए एक प्रक्रिया होती है, जिसमें सभी जानकारी सही देनी होती है। लिखने में त्रुटि होने या गलत जानकारी देने से नामांकनपत्र खारिज हो जाता है। ऐसी स्थिति में उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ पाता। बीते दो विधानसभा चुनावों का विश्लेषण करें तो पता चलता है कि जिन इलाकों को पढ़ा-लिखा माना जाता है, वहीं के नामांकनपत्र ज्यादा खारिज किए गए हैं। इसके विपरीत जंगल इलाके की विधानसभा सीटों पर भरे गए ज्यादातर नामांकनपत्र ही पाए गए हैं। नामांकनपत्र सही तरीके से भरने के लिए चुनाव आयोग के अधिकारी हर जिले में राजनीतिक दलों की मीटिंग लेते हैं। इसके बाद भी बड़े शहरों के उम्मीदवार इसमें गलती कर रहे हैं। हर दल अपने वकील सदस्यों की मदद इसमें लेते हैं। बस्तर की कोंटा और बीजापुर विधानसभा सीटों को दुर्गम इलाका माना जाता है। वहां शिक्षा के साधन भी मजबूत नहीं हैं। इसके बाद भी चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार सही तरीके से नामांकन भरते हैं। कोंटा में पिछले चुनाव में छह और 2008 के चुनाव में चार पर्चे भरे गए। इनमें से किसी का रद नहीं हुआ। इसी तरह बीजापुर में बीते चुनाव में सात प्रत्याशियों में से केवल एक का पर्चा रद हुआ। 2008 में यहां से दस पर्चे भरे गए और एक ही रद हुआ। जगदलपुर और बस्तर सबसे कमजोर बस्तर संभाग में जगदलपुर और बस्तर सीट के उम्मीदवार इस काम सबसे कमजोर दिख रहे हैं। बीते चुनाव में जगदलपुर में 38 में से 18 पर्चे निरस्त कर दिए गए थे। बस्तर सीट का भी यही हाल रहा, वहां बीते चुनाव में 18 में से 11 पर्चे गलत पाए गए। पिछले चुनाव में चित्रकोट सीट से भी यह संयोग जुड़ा हुआ है। वहां 22 में से 14 रद हुए। अहिवारा सीट के लिए बीते चुनाव में 29 नामांकन भरे गए थे, मगर इसमें 15 रद हो गए। भिलाई नगर सीट पर 2008 में 18 में से छह और पिछले चुनाव में 23 में से चार खारिज कर दिए गए थे। वैशालीनगर सीट के 2013 के चुनाव में 25 में से पांच और 2008 में 22 में से तीन रद हुए। दुर्ग ग्रामीण में खारिज पर्चे की संख्या तीन तक ही रही है। गुंडरदेही में पिछले चुनाव में 23 में से सात और संजारी बालोद में 15 में से पांच नामांकन बीते चुनाव में खारिज किए गए।  

Dakhal News

Dakhal News 23 October 2018


namankn

  छत्तीसगढ़ में  विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने की होड़ लगी हुई है। पहले चरण की 18 सीटों के लिए इस बार ज्यादा ही उम्मीदवार रुचि दिखा रहे हैं। नामांकनपत्र भरने के लिए एक प्रक्रिया होती है, जिसमें सभी जानकारी सही देनी होती है। लिखने में त्रुटि होने या गलत जानकारी देने से नामांकनपत्र खारिज हो जाता है। ऐसी स्थिति में उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ पाता। बीते दो विधानसभा चुनावों का विश्लेषण करें तो पता चलता है कि जिन इलाकों को पढ़ा-लिखा माना जाता है, वहीं के नामांकनपत्र ज्यादा खारिज किए गए हैं। इसके विपरीत जंगल इलाके की विधानसभा सीटों पर भरे गए ज्यादातर नामांकनपत्र ही पाए गए हैं। नामांकनपत्र सही तरीके से भरने के लिए चुनाव आयोग के अधिकारी हर जिले में राजनीतिक दलों की मीटिंग लेते हैं। इसके बाद भी बड़े शहरों के उम्मीदवार इसमें गलती कर रहे हैं। हर दल अपने वकील सदस्यों की मदद इसमें लेते हैं। बस्तर की कोंटा और बीजापुर विधानसभा सीटों को दुर्गम इलाका माना जाता है। वहां शिक्षा के साधन भी मजबूत नहीं हैं। इसके बाद भी चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार सही तरीके से नामांकन भरते हैं। कोंटा में पिछले चुनाव में छह और 2008 के चुनाव में चार पर्चे भरे गए। इनमें से किसी का रद नहीं हुआ। इसी तरह बीजापुर में बीते चुनाव में सात प्रत्याशियों में से केवल एक का पर्चा रद हुआ। 2008 में यहां से दस पर्चे भरे गए और एक ही रद हुआ। जगदलपुर और बस्तर सबसे कमजोर बस्तर संभाग में जगदलपुर और बस्तर सीट के उम्मीदवार इस काम सबसे कमजोर दिख रहे हैं। बीते चुनाव में जगदलपुर में 38 में से 18 पर्चे निरस्त कर दिए गए थे। बस्तर सीट का भी यही हाल रहा, वहां बीते चुनाव में 18 में से 11 पर्चे गलत पाए गए। पिछले चुनाव में चित्रकोट सीट से भी यह संयोग जुड़ा हुआ है। वहां 22 में से 14 रद हुए। अहिवारा सीट के लिए बीते चुनाव में 29 नामांकन भरे गए थे, मगर इसमें 15 रद हो गए। भिलाई नगर सीट पर 2008 में 18 में से छह और पिछले चुनाव में 23 में से चार खारिज कर दिए गए थे। वैशालीनगर सीट के 2013 के चुनाव में 25 में से पांच और 2008 में 22 में से तीन रद हुए। दुर्ग ग्रामीण में खारिज पर्चे की संख्या तीन तक ही रही है। गुंडरदेही में पिछले चुनाव में 23 में से सात और संजारी बालोद में 15 में से पांच नामांकन बीते चुनाव में खारिज किए गए।  

Dakhal News

Dakhal News 23 October 2018


bsp mp

    मध्यप्रदेश और राजस्थान में बसपा के साथ गठबंधन करके भाजपा को चुनौती देने की कांग्रेस की मंशाओं पर पानी फिर गया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने बुधवार को साफ कर दिया कि इन दोनों राज्यों में भी बसपा अपने बूते चुनाव लड़ेगी। इससे पहले छत्तीसगढ़ में भी बसपा ने कांग्रेस को छोड़कर पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ से हाथ मिला लिया है। बहुजन समाजवादी पार्टी की मुखिया मायावती ने बुधवार को कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर जमकर निशाना साधा। मायावती ने कहा कि दिग्विजय सिंह जैसे कांग्रेस नेता यह गठबंधन नहीं चाहते। वो ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों से डरते हैं। दिग्विजय तो वैसे भी भाजपा के एजेंट हैं। वो कहते हैं कि मैं केंद्र सरकार के दबाव में हूं। ये आधारहीन आरोप हैं। मुझे लगता है कि सोनिया और राहुल गांधी कांग्रेस-बसपा गठबंधन को लेकर ईमानदार हैं। लेकिन, कांग्रेस के कुछ नेता उनके प्रयासों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बसपा राजस्थान और मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा। मायावती ने यह भी कहा कि वे (कांग्रेस) घमंडी हो रहे हैं और उन्हें गलत धारणा है कि वे अकेले ही भाजपा को पराजित कर सकते हैं, लेकिन जमीन की वास्तविकता यह है कि लोगों ने कांग्रेस की पार्टी को उनकी गलतियों और भ्रष्टाचार के लिए माफ नहीं किया है। वे खुद को सुधारने के लिए तैयार नहीं हैं। दरअसल, दिग्विजय सिंह ने बयान दिया था कि बसपा मध्य प्रदेश चुनाव में कांग्रेस से इसलिए गठबंधन नहीं करना चाहती क्योंकि मायावती सीबीआई से डरती है। जिसका जवाब आज मायावती ने दिया।

Dakhal News

Dakhal News 3 October 2018


narendr singh tomar

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की तबीयत बुधवार सुबह अचानक बिगड़ गई। उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर आईसीयू में उनका इलाज कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि तोमर का शुगर लेवल अचानक बढ़ गया था। जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथ मौजूद लोग उन्हें तुरंत एम्स लेकर पहुंचे। नरेंद्र सिंह तोमर की तबीतय बिगड़ने की खबर मिलते ही उनके समर्थक एम्स अस्पताल पहुंचना शुरू हो गए हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 3 October 2018


rahul gandhi

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अभी से ताकत झोंक दी है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के भोपाल से शंखनाद करने के बाद पार्टी उन्हें प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों में ले जा रही है। अक्टूबर में राहुल महाकोशल, ग्वालियर और मालवा क्षेत्र में चार दिन के चुनावी दौरे करेंगे। प्रदेश में 15 साल से सत्ता से दूर कांग्रेस इस बार विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर रही है। मंदसौर गोलीकांड में किसानों की मौत की बरसी पर छह जून को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आए थे। उसमें विधायक और पीसीसी के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ मोटर साइकिल पर घूमकर राहुल गांधी ने माहौल बनाया था। इसके बाद 17 सितंबर को भोपाल से राहुल ने चुनाव अभियान का शंखनाद किया। भोपाल में कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए उनसे सीधे संवाद करने के पहले करीब साढ़े 12 किलोमीटर का रोड शो किया। 27 और 28 सितंबर को वे विंध्य क्षेत्र में चुनावी दौरे पर हैं। इसमें भी वे सभाएं और रोड शो कर रहे हैं। मध्यभारत और विंध्य के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी राहुल गांधी को महाकोशल, ग्वालियर और मालवा क्षेत्र में ले जाने का चुनावी दौरा तैयार कर रही है। अगले महीने पांच और छह अक्टूबर को राहुल गांधी जबलपुर और ग्वालियर में रहेंगे। दोनों स्थानों पर वे कार्यकर्ताओं से संवाद के साथ रोड शो भी करेंगे। ग्वालियर में एक सम्मेलन भी प्रस्तावित है, जिसमें उनकी मौजूदगी अभी तय करने का प्रयास चल रहा है। इसके बाद राहुल 15 और 16 अक्टूबर को फिर मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र के दौरे पर पहुंचेंगे। प्रदेश की औद्योगिक राजधानी इंदौर व धार्मिक शहर उज्जैन के दौरों का प्रस्ताव भी है।  

Dakhal News

Dakhal News 29 September 2018


rahul gandhi

भाजपा के हिदुत्व का जवाब देने के लिए कांग्रेस पिछले कुछ चुनावों से लगातार सॉफ्ट हिदुत्व की राह पर चल रही है। गुजरात में मंदिर-मंदिर घूमकर कांग्र्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी की छवि सॉफ्ट हिदुत्व की बनाने की जो पहल शुरू की वह मध्यप्रदेश के चुनाव के आते तक राममय होने लगी है। ऐसे में मप्र में राम कांग्र्रेस के मुद्दा हो सकते हैं पर छत्तीसगढ़ में तो रोटी पर ही चुनाव लड़ जाएगा। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने राम वनगमन मार्ग पर काम शुरू किया है। इसे चुनावी घोषणापत्र में शामिल करने की बात भी कही जा रही है। चुनाव प्रचार के तहत कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के विंध्य पर्वत श्रेणी से लेकर प्रदेश के दक्षिणी हिस्से तक राम वनगमन मार्ग की तलाश भी शुरू कर दी है। उधर, छत्तीसगढ़ में भाजपाई मंत्री की कथित सेक्स सीडी में उलझी कांग्र्रेस जंगल सत्याग्रह से लेकर तमाम और आयोजन करने की तैयारी में है, लेकिन राम का नाम नहीं ले रही है। मध्यप्रदेश में राम का सहारा है तो यहां क्यों नहीं? इस सवाल पर कांग्रेस के प्रवक्ता शैलेष नितिन त्रिवेदी कहते हैं-यहां लोगों की रोजी-रोटी ही प्रमुख मुद्दा है। प्रदेश में भय, भूख, भ्रष्टाचार का मुद्दा ज्यादा अहम है। भाजपा और रमन सरकार के 15 साल के कुशासन से जनता त्रस्त हो गई है। वे कहते हैं राम भी हमें याद हैं। हो सकता है आगे राम पर भी कुछ कार्यक्रम हों, लेकिन अभी तो पार्टी ने ऐसा कुछ सोचा नहीं है। भगवान राम की बात हो तो छत्तीसगढ़ यानी दक्षिण कौशल और दंडकारण्य की चर्चा जरूर होगी। अपने वनवास का ज्यादातर समय राम ने यहीं गुजारा था। छत्तीसगढ़ को भगवान राम की ननिहाल भी माना जाता है, लेकिन यहां राम मुद्दा नहीं हैं। असल में राजनीति चलती ही ऐसे है। मध्यप्रदेश में एससी-एसटी एक्ट पर सवर्ण आंदोलन खड़ा हो गया। भाजपा भी वहां हिदुत्व को लेकर मुखर है, जबकि यहां तो भाजपा भी राम के बजाय विकास के नाम पर वोट मांगने निकली है। छत्तीसगढ़ में भगवान से राम से जुड़े कई स्थल मिलते हैं। भगवान राम मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के भरतपुर पहुंचे थे। यहां से जनकपुर, बैकुंठपुर होते हुए देवगढ़ के जमदाग्नि आश्रम पहुंचे थे। भगवान राम विश्रामपुर से होकर सीतापुर के गुरु गाहिरा आश्रम आए थे। कोरबा में लक्ष्मण पादुका, रामझरना जैसे स्थल हैं। शिवरीनारायण को भगवान राम का स्थल माना जाता है। तुरतुरिया में ऋषि वाल्मीकि का आश्रम है। फिंगेश्वर, राजिम, सिहावा आदि जगहों पर भगवान राम के ढेरों प्रमाण मिलते हैं। भगवान राम ने छत्तीसगढ़ के दंडकारण्य इलाके में वनवास का सबसे ज्यादा समय गुजारा था। धमतरी जिले के सिहावा से धनोरा के रास्ते भगवान राम ने दंडकारण्य में प्रवेश किया था। बस्तर में नारायणपुर, चित्रकोट, बारसूर, सुकमा जिले के रामारम के रास्ते भगवान वर्तमान तेलंगाना के भद्राचलम पहुंचे थे। इसी रास्ते से होते हुए रामेश्वरम तक गए थे।  

Dakhal News

Dakhal News 29 September 2018


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

सिर्फ आपकी ही नहीं बात करते वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी कॉल ड्राप हो गई। पीएम ने बताया कि नई दिल्ली एयरपोर्ट से अपने आधिकारिक आवास तक यात्रा करते समय उनकी कॉल ड्राप हो गई थी। इस अनुभव को दूरसंचार विभाग के साथ साझा करते हुए पीएम ने इस परेशानी का तकनीकी समाधान ढूंढने और यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि ऑपरेटर्स उच्च स्तर वाली उपभोक्ता संतुष्टि प्रदान करें। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने टेलीकॉम सचिव से यह भी कहा कि यह भी तय करें कि कॉल ड्राप होने पर टेलीकॉम ऑपरेटर पर कितना जुर्माना लगाने की आवश्‍यकता है। पीएम का बयान ऐसे समय पर आया है, जब उन्होंने शीर्ष सचिवों के साथ प्रगति अभियान के अंतर्गत दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन के नेतृत्व में उन शिकायतों को साझा किया था, जो उन्हें ग्राहकों से मिली थीं। इनमें कॉल ड्रॉप की समस्या भी शामिल थी। एक अधिकारी ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कैसे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते ही वह लगातार फोन करने की कोशिश करते रहते हैं और कॉल ड्रॉप अब राष्ट्रीव्यापी खतरा बन गया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि पीड़ित उपभोक्ताओं की परेशानी का समाधान निकालना बहुत जरूरी है। सुंदरराजन ने पीएम को बताया कि तीन कॉल ड्रॉप होने पर एक रुपया वसूले जाने वाले प्रस्ताव ने ठीक तरह से काम नहीं किया, जिसके बाद दूरसंचार नियामक ट्राई ने क्वालिटी ऑफ सर्विस मानदंड को पेश किया। इसमें खराब नेटवर्क की वजह से बड़े अर्थ दंड लगाए जाने का प्रावधान है। हालांकि, जहां तक खराब नेटवर्क की वजह से मोबाइल ऑपरेटर्स से वसूले गए जुर्माने के आकंड़ों की बात है मंत्रालय उसका विवरण नहीं दे सकता है। ट्राई के नए नियमों के अनुसार हर मोबाइल टावर से जुड़े नेटवर्क की सर्विस का मिलान किया जाएगा। दो फीसदी से ज्यादा कॉल ड्रॉप होने पर कंपनियों को 5 लाख रुपए तक का जुर्माना देना होगा।  

Dakhal News

Dakhal News 27 September 2018


digvijay singh

मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 15 साल बाद कांग्रेस की हार की वजह बताई। उन्होंने कहा कि 2003 में राज्य में कांग्रेस की हार के लिए छत्तीसगढ़ की तत्कालीन जोगी सरकार जिम्मेदार है। यदि जोगी सरकार बिजली दे देती उनकी पार्टी की हार नहीं होती। गौरतलब है कि 2003 में दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे और उस विस चुनाव में उनका जबर्दस्त विरोध हुआ था। बालाघाट प्रवास के दौरान दिग्विजय सिंह के बयान में 15 साल बाद हार का दर्द छलका। दिग्विजय सिंह ने कहा कि बंटवारे के दौरान सारे पावर प्लांट छत्तीसगढ़ के पास चले गए और उपभोक्ता मध्यप्रदेश में रह गए। इस दौरान उन्होंने भी छग से बिजली की मांग की थी, पर भले ही छग में कांग्रेस की सरकार रही हो, तब अजीत जोगी ने मध्यप्रदेश को बिजली न देते हुए गुजरात में भाजपा की मोदी सरकार को सस्ती बिजली दे दी थी। इसके चलते मध्यप्रदेश की जनता को बिजली का संकट झेलना पड़ा था। इससे कांग्रेस की यहां हार हो गई?

Dakhal News

Dakhal News 27 September 2018


rahul gandhi

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भोपाल पहुंचे। पार्टी के प्रदेशअध्यक्ष कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्टेट हैंगर पर राहुल गांधी का स्वागत किया। स्टेट हैंगर से राहुल गांधी का काफिला लालघाटी चौराहे पर पहुंचा। जहां से राहुल ने अपना रोड शो शुरू किया। राहुल गांधी रोड शो के दौरान करीब 13 किलोमीटर का रास्ता तय कर वे  भेल दशहरा मैदान  पहुंचे और कार्यकर्ताओं से संवाद किया । लालघाटी चौराहे पर 21 पंडितों द्वारा मंत्रोचार के बीच 11 कन्याओं ने तिलक लगाकर राहुल गांधी की आरती उतारी और उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे। यहां से राहुल गांधी बस में सवार हुए। बस में उनके साथ कमलनाथ व सिंधिया के अलावा प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया, दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, अजय सिंह, अरुण यादव, विवेक तनखा, कांतिलाल भूरिया, राजमणि पटेल व आरिफ अकील मौजूद हैं। राहुल गांधी के इस शो और सभा के लिए प्रदेशभर से कांग्रेसी भोपाल पहुंचे हैं। इस दौरे को लेकर कांग्रेसियों में जबर्दस्त उत्साह रहा । लालघाटी से होते हुए राहुल का रोड शो लालघाटी से वीआईपी गेस्ट हाउस, इमामी गेट, सदर मंजिल, कमला पार्क, पॉलिटेक्निक चौराहा, बाण गंगा, रोशनपुरा चौराहा, अपेक्स बैंक, पीसीसी, ज्योति टॉकीज, चेतक ब्रिज, कस्तूरबा नगर तिराहे से अन्ना नगर होता हुआ दशहरा भेल मैदान पहुंचा।       

Dakhal News

Dakhal News 17 September 2018


digvijay singh

  कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के भोपाल दौरे को लेकर प्रदेश कांग्रेस की गुटबाजी एक बार फिर उजागर हुई है। यहां भेल दशहरा मैदान पर प्रदेश के लगभग सभी बड़े नेताओं के पोस्टर और कटआउट लगाए गए हैं, लेकिन इनमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पोस्टर और कटआउट गायब हैं। इससे दिग्विजय समर्थक नाराज हो गए हैं। इधर SC/ST एक्ट को लेकर करणी सेना द्वारा राहुल गांधी के विरोध की घोषणा के बाद करणी सेना के नेता सुरेंद्र सिंह को नजरबंद कर लिया है। राहुल गांधी के भोपाल पहुंचने से पहले कांग्रेस की अंदरुनी सियासत में बवाल आ गया है। मामला सभा स्थल पर दिग्विजय सिंह के कटआउट नहीं लगने का है। दरअसल भेल दशहरा मैदान पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कमलनाथ, ज्योतिरादित्या सिंधिया, सुरेश पचौरी, अजय सिंह सहित सभी बड़े नेताओं के कटआउट लगे हैं। यहां तक की विवेक तन्खा, शोभा ओझा, कांतिलाल भूरिया और अरुण यादव के भी बड़े-बड़े कटआउट सभा स्थल पर लगे हैं, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कटआउट नहीं लगाए गए हैं। इससे दिग्गी समर्थकों ने नाराजगी जताई है। कांग्रेस विरोधी जहां इसे पार्टी की गुटबाजी से जोड़कर देख रहे हैं वहीं पार्टी के भीतर भी इसे लेकर बवाल मच गया है। कांग्रेसी नेता इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। इधर इस बारे में जब दिग्विजय सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद अपना कटआउट हटाने को कहा था। दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे रोज अपना चेहरा देख लेते हैं, इसलिए उन्हें अपना चेहरा दिखाने के लिए कटउट की जरुरत नहीं है। वहीं पूरे मामले को लेकर भाजपा ने निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस में हर कोई मुख्यमंत्री बनना चाहता है। वहां कमलनाथ और सिंधिया के अलावा दूसरे नेता भी मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। इसलिए खुद को दिखाने के लिए दिग्विजय का कटआउट नहीं लगवाया। लालघाटी से दोपहर करीब 1 बजे राहुल गांधी का रोड शो शुरू हुआ । रोड़ शो लालघाटी से वीआईपी गेस्ट हाउस, इमामी गेट, सदर मंजिल, कमला पार्क, पॉलिटेक्निक चौराहा, बाण गंगा, रोशनपुरा चौराहा, अपेक्स बैंक, पीसीसी, ज्योति टॉकीज, चेतक ब्रिज, कस्तूरबा नगर तिराहे से अन्ना नगर होता हुआ दशहरा भेल मैदान पहुंचा।   

Dakhal News

Dakhal News 17 September 2018


narendr modi

  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन पर बधाई और शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री मोदी के रूप में देश को एक सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व मिला है। श्री मोदी के नेतृत्व में आज पूरे विश्व में  भारत का गौरव बढ़ा है। उन्होंने श्री मोदी के सुदीर्घ और यशस्वी जीवन की ईश्वर से  कामना की है।  

Dakhal News

Dakhal News 17 September 2018


चंद्रशेखर राव

  तेलंगाना सरकार ने विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर दी है। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सदन भंग करने की सिफारिश करने का फैसला लिया गया। इसके तुरंत बाद राव राजभवन गए और प्रस्ताव राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन को सौंप दिया। राज्यपाल ने सिफारिश मंजूर कर ली और केसीआर को कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा। इस बीच राज्य में सियासी उबाल आ गया है और सभी दल अचानक चुनावी रंग में नजर आने लगे हैं। केसीआर के इस्तीफे के साथ ही बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया है। खुद चंद्रशेखर राव ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला किया है। केसीआर के इस बयान का कांग्रेस ने विरोध करते हुए उन्हें भाजपा के हाथों की कठपुतली तक करार दे दिया। खबरों के अनुसार केसीआर ने गुरुवार को अपने एक बयान में कहा कि राहुल गांधी देश के "सबसे बड़े मसखरे" हैं, वह जितना तेलंगाना आएंगे टीआरएस उतनी ज्यादा सीटें जीतेगी। उन्होंने कहा, "सब जानते हैं कि राहुल गांधी क्या हैं। वह देश के सबसे बड़े मसखरे हैं। पूरे देश ने देखा कि वह कैसे नरेंद्र मोदी के पास गए और उन्हें गले लगाया और किस तरह वह आंख मार रहे थे। वह जितना तेलंगाना आएंगे हम उतनी ज्यादा सीटें जीतेंगे।" कांग्रेस ने टीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव को भाजपा के हाथों की कठपुतली कहा है। पार्टी ने उनपर तेलंगाना के हितों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया है। राज्य विधानसभा भंग करने की सिफारिश के बाद कांगे्रस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि राव ने यह कदम उठाकर जनादेश का अपमान किया है। भाजपा ने कहा कि तेलंगाना विधानसभा चुनाव में टीआरएस की सबसे बड़ी चुनौती वही होगी। इसका कारण यह है कि कांगे्रस विभाजित पार्टी है। केवल भाजपा के पास ही सकारात्मक एजेंडा है। यही पार्टी विजेता बनेगी।  

Dakhal News

Dakhal News 7 September 2018


छत्तीसगढ़ के मंत्री अजय चंद्राकर की बढ़ी मुसीबत

आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर के खिलाफ एक बार फिर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता मंजीत कौर बल और कृष्ण कुमार साहू ने हाईकोर्ट में यह याचिका लगाई है। हालांकि इस याचिका को हाईकोर्ट के सिंगल बेंच ने अगले बेंच को रेफर कर दिया है। रायपुर निवासी मंजीत कौर बल और कृष्ण कुमार साहू ने पूर्व में भी मंत्री अजय चंद्राकर के खिलाफ रायपुर की निचली अदालत और फिर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें याचिकाकर्ता ने मंत्री अजय चंद्राकर की संपत्ति की स्वत: जांच की मांग की थी, लेकिन दोनों जगहों से याचिका खारिज हो गई थीं। इसके बाद याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी, जहां से सुप्रीम कोर्ट ने मामले को निचली अदालत के लिए भेज दिया था। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट के सिंगल बेंच ने इस याचिका को अगले बेंच में रेफर कर दिया है। मामले में अब फैसला दूसरी बेंच सुनाएगी।  

Dakhal News

Dakhal News 7 September 2018


scst

देशभर में एससी-एसटी एक्ट को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। सवर्णों द्वारा इस एक्ट को खत्म किए जाने की मांग अब चौतरफा होने लगी है। राजधानी भोपाल में भी अन्य सवर्ण संगठनों के साथ ही ब्रह्म समागम समागम संगठन ने भी एससी- एसटी एक्ट के विरोध में शांतिपूर्ण भारत बंद आव्हान किया है। संगठन के अध्यक्ष पं. धर्मेन्द्र शर्मा का कहना है कि संगठन द्वारा अब सभी राजनीतिक दलों के सांसदों को पत्र लिखकर एससी-एसटी एक्ट समाप्त करने की मांग की जाएगा। क्योंकि इस एक्ट के कारण आरक्षित वर्ग को छोडकर सभी वर्गों के लोग प्रभावित होंगे। संगठन के पदाधिकारी इस अनैतिक कानून के विरोध में 6 सितंबर को अपने संस्थान बंद रखकर एक्ट को वापस लेने की मांग करेंगे। साथ ही इस एक्ट के संबंध में लोगों को जागरुक कर उनका समर्थन जुटाने रैली भी निकाली जाएगी। 

Dakhal News

Dakhal News 4 September 2018


madhyprdesh

  मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के दावेदारों की पार्टी निरंतर परीक्षा ले रही है। अब कांग्रेस ने टिकटार्थियों की भीड़ में ऐसे लोगों के दावे को मजबूत मानने की शर्त रख दी है जिनके ट्वीटर-फेसबुक पर कम से कम 20 हजार फालोअर होंगे। व्हाट्सअप पर उनकी सक्रियता होने पर दावेदारी को ठोस माना जाएगा। प्रदेश कांग्रेस इस बार विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन को लेकर जनता के बीच पैठ रखने वाले दावेदारों की परख के लिए कई परीक्षाएं ले रही हैं। अब मौजूदा विधायकों, दावेदारी करने वाले पूर्व विधायकों और अन्य नेताओं से 15 सितंबर तक सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले नेताओं का डाटा तैयार किया जा रहा है। इसके लिए सभी शहर व ग्रामीण जिला अध्यक्षों को पीसीसी की तरफ से एक पत्र जारी किया गया है। उन्हें अपने क्षेत्र की विधानसभा सीटों के दावेदारों से उनके ट्वीटर-फेसबुक फालोअर्स की संख्या और व्हाट्सअप पर सक्रियता की जानकारी मांगी गई है। सभी दावेदारों से यह जानकारी लेकर 15 सितंबर तक पीसीसी भेजने के निर्देश दिए गए हैं। कांग्रेस के दिग्गज सोशल मीडिया फ्रेंडली हैं। ट्वीटर पर जहां सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी पार्टी के नेताओं में सबसे आगे हैं तो फेसबुक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की फालोअर्स की संख्या बहुत ज्यादा है।  

Dakhal News

Dakhal News 4 September 2018


shivraj singh

  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को देर रात सीधी को मिनी स्मार्ट-सिटी बनाने के लिये 21 करोड़ के कार्यो सहित जिले में 600 करोड़ रुपये लागत के निर्माण एवं विकास कार्यों का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया। श्री चौहान ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश को विकास और जन-कल्याण के क्षेत्र में देश का नम्बर-1 राज्य बनाया जायेगा। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिये अभियान शुरू कर दिया गया है। राज्य सरकार विकास के साथ-साथ आम जनता की जिंदगी को खुशहाल बनाने के लिये कृत-संकल्पित होकर कार्य कर रही है। श्री चौहान ने प्रदेश में संचालित जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए लोगों से आग्रह किया कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए अधिकारपूर्वक आगे आएँ। उन्होंने कहा कि समाज के कमज़ोर वर्ग को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के लिए संबल योजना आरंभ की गयी है। इसके माध्यम से गरीब परिवारों को पट्टा, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार आदि सुविधा प्रदान की जा रही है। संबल योजना में गरीब परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए राज्य सरकार हर तरह की सुविधाएँ और सहायता मुहैया करवा रही है। उन्होंने लोगों से कहा कि बच्चों की उच्च शिक्षा के ख़र्च की चिन्ता छोड़कर उन्हें ख़ूब पढ़ायें, पूरी व्यवस्था राज्य सरकार करेगी। श्री चौहान ने बताया कि ग़रीब परिवारों के भारी-भरकम बिजली के बिल माफ़ कर उन्हें मात्र 200 रूपये प्रति माह के मान से बिजली देने का निर्णय लिया गया है। सौभाग्य योजना की जानकारी देते हुए श्री चौहान ने कहा कि हर गाँव और मजरे टोले में बिजली पहुँच रही है। अब वह दिन दूर नहीं है, जब हर ग़रीब के घर में बिजली से उजाला होगा। मुख्यमंत्री ने 486 करोड़ 96 लाख रुपये लागत की महान (गुलाब सागर) परियोजना के प्रथम चरण का लोकार्पण किया। यह एक वृहद परियोजना है जो रामपुर नैकिन विकासखंड के खड्डी ग्राम की महान नदी पर निर्मित है। अमरपुर में इसके द्वितीय चरण का भूमि-पूजन रविवार को ही मुख्यमंत्री द्वारा किया गया है। इस योजना के पूर्ण होने पर तहसील रामपुर नैकिन, गोपद बनास, बहरी एवं सिहावल के 167 ग्रामों के 23 हजार 574 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 40 लाख हेक्टेयर में सिंचाईं की व्यवस्था की है। बाणसागर परियोजना के माध्यम से पूरे विन्ध्य क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया गया है। गुलाब सागर महान परियोजना के माध्यम से सीधी जिले में सिंचाई का विस्तार किया जा रहा है। इस योजना की पूर्णता के पश्चात् लाभान्वित कृषकों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में सुधार होगा, भू-जल स्तर में वृद्धि होगी, पशुओं को पर्याप्त चारा मिलेगा और पानी की उपलब्धता बढ़ेगी।  

Dakhal News

Dakhal News 4 September 2018


atal bihari vajpeyi

भाजपा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मासिक पुण्यतिथि की तैयारियां शुरू कर दी हैं। जानकारी के मुताबिक, पार्टी आगामी 16 सितंबर को काव्यांजलि का आयोजन करवाएगी। यह कार्यक्रम देशभर में 4000 स्थानों पर होगा। इनमें अटल जी की कविताओं का पाठ होगा। कहीं-कहीं अटल जी की आवाज में रिकॉर्ड कविताएं सुनाई जाएंगी। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। इस दिन से 25 सितंबर तक सेवा सप्ताह मनाने का फैसला किया गया है। ऐसा देशभर में 20 हजार स्थानों पर होगा। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता सामाजिक कार्यों में हिस्से लेंगे।

Dakhal News

Dakhal News 30 August 2018


op rawat

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत ने भोपाल में कहा है कि 2013 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में आयकर विभाग ने जितनी भी नकदी पकड़ी थी, उनमें से ज्यादातर मामलों में अंतिम रूप से जब्ती की कार्रवाई हो गई है। इसी तरह जो आपराधिक प्रकरण दर्ज हुए थे, उनमें 69 फीसदी तक सजा हुई है। यह बात राजनीतिक दलों के उन लोगों को पूरी तरह से भयभीत कर देगी जो किसी भी तरह की गड़बड़ी की सोच रखते हैं। रावत ने चुनाव आयुक्त सुनील अरोरा और अशोक लवासा सहित अन्य अधिकारियों के साथ दो दिन मप्र में चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव की तारीफ की। साथ ही कहा कि आयकर विभाग, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों ने पिछले चुनाव के वक्त दर्ज मामलों में हुई कार्यवाही को लेकर जो ब्योरा दिया, वो काफी अच्छा है। इससे चुनाव में गड़बड़ी करने की सोच रखने वाले भयभीत होंगे। रावत ने यह भी बताया कि यह भ्रम है कि ईवीएम चीन या जापान से बनकर आ रही हैं। ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। ईवीएम भारत में जहां बन रही हैं, वहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि अब से पूरी तरह से निष्पक्षता के साथ काम करें। पक्षपाक्षपूर्ण कार्रवाई को गंभीरता से लिया जाएगा। कड़ी कार्रवाई भी होगी। जब यह पूछा गया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जनआशीर्वाद यात्रा में कई अधिकारी शिरकत कर रहे हैं तो उन्होंने कहा कि जानकारी आने पर ऐसे मामलों में संज्ञान लेंगे। रावत बोले कि राजनीतिक दल और उम्मीदवारों को 24 घंटे के भीतर चुनाव संबंधी अनुमतियां मिलेंगी। इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है। इसमें एक जगह पर सभी अधिकारी बैठेंगे और अनुमतियां देने की कार्यवाही पूरी करेंगे। नीमच के कुछ गांवों में एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में मतदान नहीं करने या नोटा में वोट देने के पोस्टर लगाए जाने पर रावत ने कहा कि हम मतदाताओं को समझाएंगे। चुनाव की प्रक्रिया में भाग लेने से रास्ते खुलते हैं।  चुनाव आयोग पहली बार दिव्यांगों के लिए पर्यवेक्षकों को तैनात करेगा। इनके लिए मतदान केंद्रों में व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। एनजीओ की मदद भी लेंगे। इस चुनाव में सीविजिलेंस सिस्टम भी लागू किया जाएगा। इसका प्रयोग बेंगलुरु में किया गया था। इसमें कोई भी व्यक्ति कहीं से भी वीडियो या फोटो भेज सकता है। इसमें फर्जी शिकायतों पर जहां न्यूनतम हो जाएंगी, वहीं कार्यवाही तेजी के साथ होगी। सहकारिता राज्य मंत्री विश्वास सारंग ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत से दो बार मुलाकात की। एक ही दिन में दो बार हुई इस मुलाकात के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। सारंग दोपहर को रावत से मिलने नर्मदा भवन पहुंचे थे, यहां उन्होंने चलते-चलते सारंग से बातचीत की। इसके बाद सारंग ने शाम को होटल जहांनुमा जाकर रावत से बातचीत की। माना जा रहा है कि सारंग ने नरेला विधानसभा में हटाए गए नामों को लेकर बातचीत की है। कांग्रेस की शिकायत के बाद नरेला की मतदाता सूची से 34 हजार मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं, जबकि सारंग का कहना है कि आयोग ने 5 हजार सही मतदाताओं के नाम काट दिए हैं। मुलाकात को लेकर सारंग ने कहा कि भाजपा की ओर से कुछ लिखित सुझाव देने के लिए उनसे मुलाकात की गई है। पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता राजकुमार पटेल ने भी रावत से मुलाकात की और चुनाव सुधार को लेकर कुछ सुझाव दिए।  

Dakhal News

Dakhal News 30 August 2018


राफेल

  राफेल सौदे के मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार की घेराबंदी तेज कर दी है। गुरुवार को कांग्रेस ने राजधानी में दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी ट्वीट कर वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साध चुके हैं। राहुल ने ट्वीट कर जेटली को 24 घंटे में उसका जवाब देने का चैलेंज दिया था। राहुल ने लिखा था - मिस्टर जेटली, राफेल रॉबरी पर देश का ध्यान लाने के लिए धन्यवाद! क्या राफेल सौदे की जांच जेपीसी से कराई जाए? लेकिन, समस्या ये है कि आपके सुप्रीम लीडर अपने दोस्तों को बचा रहे हैं। इसीलिए यह उनके लिए असुविधानजक हो सकती है। आप 24 घंटे में इसका जवाब दें, हम इंतजार कर रहे हैं। बाद में कांग्रेस उपाध्यक्ष ने गुरुवार को एक और ट्वीट कर लिखा- 'डियर मिस्टर जेटली, राफेल सौदे पर जेपीसी जांच के जवाब पर डेडलाइन खत्म होने में 6 घंटे से भी कम समय बचा है। युवा भारत इंतजार कर रहा है। मुझे आशा है कि आप पीएम मोदी और अनिल अंबानी जी को ये समझा रहे होंगे कि वे आपको क्यों सुने और इसे मंजूरी दे।' राफेल अनेक भूमिकाएं निभाने वाला एवं दोहरे इंजन से लैस फ्रांसीसी लड़ाकू विमान है और इसका निर्माण डसॉल्ट एविएशन ने किया है। राफेल विमानों को वैश्विक स्तर पर सर्वाधिक सक्षम लड़ाकू विमान माना जाता है। भारत ने 2007 में 126 मीडियम मल्टी रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एमएमआरसीए) को खरीदने की प्रक्रिया शुरू की थी, जब तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी ने भारतीय वायु सेना से प्रस्ताव को हरी झंडी दी थी। इस बड़े सौदे के दावेदारों में लॉकहीड मार्टिन के एफ-16, यूरोफाइटर टाइफून, रूस के मिग-35, स्वीडन के ग्रिपेन, बोइंड का एफ/ए-18 एस और डसॉल्ट एविएशन का राफेल शामिल था। लंबी प्रक्रिया के बाद दिसंबर 2012 में बोली लगाई गई। डसॉल्ट एविएशन सबसे कम बोली लगाने वाला निकला। मूल प्रस्ताव में 18 विमान फ्रांस में बनाए जाने थे जबकि 108 हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ मिलकर तैयार किये जाने थे। संप्रग सरकार और डसॉल्ट के बीच कीमतों और प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण पर लंबी बातचीत हुई थी। अंतिम वार्ता 2014 की शुरुआत तक जारी रही लेकिन सौदा नहीं हो सका। प्रति राफेल विमान की कीमत का विवरण आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं किया गया था, लेकिन तत्कालीन संप्रग सरकार ने संकेत दिया था कि सौदा 10.2 अरब अमेरिकी डॉलर का होगा। कांग्रेस ने प्रत्येक विमान की दर एवियोनिक्स और हथियारों को शामिल करते हुए 526 करोड़ रुपये (यूरो विनिमय दर के मुकाबले) बताई थी।  

Dakhal News

Dakhal News 30 August 2018


hardik patel

  पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने कहा है कि राजद्रोह मामले में उसकी जमानत खारिज कर दी जाए या 25 अगस्त से शुरू होने वाले आमरण उपवास से पहले जेल भेज दिया जाए तो वे जेल में उपवास शुरु कर देंगे। हार्दिक ने साफ कहा कि किसी भी सूरत में वे आंदोलन को बंद नहीं करेंगे, सरकार को जो करना है वो करे। उधर हार्दिक के उपवास आंदोलन को देखते हुए पुलिस ने सभी जवान व अधिकारियों का 2 दिन का अवकाश रद्द कर दिया है। पाटीदार समाज को आरक्षण व किसानों की कर्ज माफी के लिए शनिवार से आमरण उपवास की घोषणा करने वाले हार्दिक पटेल को पुलिस व प्रशासन से अहमदाबाद व गांधीनगर में कहीं भी उपवास करने की इजाजत नहीं मिली। हार्दिक अब सरखेज गांधीनगर हाइवे पर स्थित अपने आवास पर ही उपवास करने वाले हैं। शनिवार को दोपहर तीन बजे हार्दिक उपवास शुरु करेंगे, इससे पहले पुलिस महानिदेशक शिवानंद झा ने पुलिस महकमे में सभी जवान व अधिकारियों के दो दिन के अवकाश रद्द कर दिए हैं, पुलिस ने राज्य में शांति व कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एहतियातन यह कदम उठााए हैं। उधर हार्दिक ने कहा है कि अदालत से उनकी जमानत खारिज किए जाने पर वे खुद साबरमती जेल पहुंचकर समर्पण कर देंगे तथा पुलिस के गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने पर जेल में रहते हुए उपवास करते रहेंगे।

Dakhal News

Dakhal News 24 August 2018


अमित जोगी बढ़ी मुसीबत

  पूर्व मुख्यमंत्री व जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के सुप्रीमो अजीत जोगी के विधायक बेटे अमित जोगी की नागरिकता मामले में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हाई कोर्ट में अमित ने बहन बताकर जिस नेहा जोगी के प्रमाण पत्रों के आधार पर अपना प्रमाण पत्र बनवाने की जानकारी दी थी, उसे गवाह व अमित के चाचा ने पहचानने से ही इन्कार कर दिया है। मरवाही सीट से कांग्रेस विधायक (निष्कासित) अमित जोगी के खिलाफ समीरा पैकरा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर उनकी भारतीय नागरिकता पर सवाल उठाए हैं। गुरुवार को हाई कोर्ट में अमित जोगी का जन्म कहां हुआ, इस बिंदु पर उनके पिता अजीत जोगी का बयान दर्ज होना था। उनके में उपस्थित नहीं होने पर अमित जोगी की ओर से शंकरसिंह कंवर का बयान दर्ज कराया गया। कवंर अजीत जोगी के चचेरे भाई हैं। याचिकाकर्ता समीरा पैकरा के अधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा ने शंकर सिंह से कंवर से आदिवासी समाज के नवाखाई परंपरा के संबंध में सवाल किए। इस पर गवाह ने कहा कि कंवर आदिवासी घर के अंदर नवाखाई करते हैं। इसमें परिवार के लोग ही शामिल रहते हैं। बाहर या सार्वजनिक रूप से नवाखाई करने की कोई परंपरा नहीं है। वहीं, अजीत जोगी के संबंध में कहा कि सीएम बनने के बाद वह सार्वजनिक रूप से इस परंपरा को करते हैं। इसी प्रकार नेहा जोगी के संबंध में पूछे गए सवाल पर गवाह ने कहा कि वह सिर्फ अजीत जोगी को जानते हैं। नेहा जोगी को नहीं जानने। गवाह ने जोगी को छोड़कर अन्य किसी को नहीं जानने व इनके रिश्तेदार नहीं होने की बात कही है। कोर्ट ने मामले को अगली सुनवाई के लिए 11 व 12 सितंबर को रखने का आदेश दिया है।  

Dakhal News

Dakhal News 24 August 2018


lalu yadav

शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय ने राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और अन्य के खिलाफ आईआरसीटीसी को होटल आवंटन के मामले हुई मनी लॉन्ड्रिंग में पहली चार्जशीट दाखिल की है। ईडी ने पीएमएलए एक्ट के तहत लालू प्रसाद यादव के बेटे और बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और पार्टी में उनके सहयोगी पीसी गुप्ता और उनकी पत्नी सरला गुप्ता का नाम भी चार्जशीट में रखा है। ईडी के मुताबिक लालू प्रसाद यादव और आईआरसीटीसी के अफसरों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पुरी और रांची में बने रेलवे के दो होटलों को सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड को लीज पर दिया था। इन होटलों को लीज पर देने के एवज में पटना में मौजूद बेशकीमती जमीन डिलाइट मार्केटिंग कंपनी के नाम ट्रांसफर की गई, ये कंपनी लालू के करीबी पीसी गुप्ता के परिवार के नाम दर्ज थी। इस जमीन को मौजूदा सर्किल रेट से काफी कम दर पर डिलाइट मार्केटिंग कंपनी को दी गई थी। इसके बाद पीसी गुप्ता की डिलाइट मार्केटिंग ने ये जमीन राबड़ी देवी और लालू के बेटे तेजस्वी यादव के नाम कर दी। इस जमीन को खरीदने के लिए जो पैसा इस्तेमाल हुआ, वो संदिग्ध स्रोतों के जरिए आया। इस पैसे को भी ट्रांसफर करने के लिए पीसी गुप्ता की कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। इस केस में ईडी ने अब तक 44 करोड़ की संपत्ति सीज की है। इसी मामले में सीबीआई ने भी कुछ वक्त पहले चार्जशीट दाखिल की है। सीबीआई की एफआईआर में लालू प्रसाद यादव पर ये आरोप है कि यूपीए-1 सरकार में रेल मंत्री रहते उन्होंने आईआरसीटीसी के होटलों के मेंटेनेंस का ठेका जिस कंपनी को दिया था, उससे उन्होंने घूस में पटना की बेशकीमती जमीन ली थी। ये जमीन पीसी गुप्ता की पत्नी सरला के नाम दर्ज एक बेनामी कंपनी के जरिए लालू के परिवार को मिली थी।  

Dakhal News

Dakhal News 24 August 2018


kerla

केरल में मौसम का जानलेवा रुख बना हुआ है। इस बीच शुक्रवार रात केरल पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बाढ़ प्रभाविता इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उनके साथ राज्य के मुख्यमंत्री पी विजयन भी थे। हवाई सर्वेक्षण के बाद प्रधानमंत्री ने केंद्र की तरफ से राज्य को 500 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद का ऐलान किया है वहीं नेशनल हाईवे अथॉरिटी को सड़को की मरम्मत के निर्देश दिए हैं। दावा है कि राज्य में 20 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है। प्रदानमंत्री ने इसके अलावा बाढ़ में मारे गए लोगों के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की मदद का भी ऐलान किया है। केंद्र सरकार पहले 100 करोड़ की मदद दे चुकी है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने राज्य में आपदा प्रबंधन के व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कोच्चि में बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्री भी शामिल थे। राज्य में अकेले गुरुवार को ही वर्षा जनित घटनाओं में 106 लोगों की जान चली गई। इसके साथ ही राज्य में अब तक बाढ़ और बारिश की वजह से 324 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, केरल के बदतर हालात को देखते हुए अन्य राज्यों के अलावा केंद्र ने मदद का हाथ बढ़ाया है। आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री ने जहां बाढ़ राहत कोष के लिए 10 करोड़ की मदद का ऐलान किया है वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी 5 करोड़ की मदद का ऐलान किया है। इनके अलावा तेलंगाना ने 25 करोड़ की मदद का ऐलान किया है। इनके अलावा बिहार के मुख्यमंत्री ने केरल को 10 करोड़ की मदद, ओडिशा के मुख्यमंत्री ने 5 करोड़, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 10 करोड़ और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 2 करोड़ की मदद की है। जबकि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि राज्य के विधायक अपनी एक महीने की तनख्वाह केरल बाढ़ राहत के लिए देंगे। महिला व बाल विकास मंत्रालय ने 10 टन खाने के पैकेट केरल भेजे हैं। महिला व बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने यह जानकारी दी। रनवे पर भी पानी भर जाने से कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर परिचालन बंद कर दिया गया है। 25 से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है और कुछ के समय में परिवर्तन किया गया | दक्षिण रेलवे ने शुक्रवार को तीन विशेष ट्रेनों से प्रभावित इलाकों के लिए पेयजल भेजा है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 100 मीट्रिक टन तैयार खाने के पैकेट बाढ़ प्रभावित इलाकों को भेजा है। बीमा नियामक इरडा ने सभी बीमा कंपनियों को दावों का तुरंत भुगतान करने के लिए विशेष शिविर लगाने को कहा है। राज्य में शुक्रवार को संकट और गहरा गया, अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी हो गई है और पेट्रोल पंपों में ईंधन नहीं है। सदी के भीषण संकट का सामना कर रहे राज्य में आठ अगस्त से अभी तक 173 मौतें हो चुकी हैं। हजारों एकड़ में फसलें तबाह हो चुकी हैं। राज्य के बुनियादी ढांचा को भी भारी तबाही का सामना करना पड़ रहा है। ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और ब्रिटेन से प्रवासी टीवी चैनलों के माध्यम से अपने प्रियजनों की मदद की गुहार लगा रहे हैं। एक महिला ने अपने छह साल के बच्चे के साथ वाट्सएप संदेश से मदद की गुहार लगाई है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के साथ ही सैनिकों ने फंसे लोगों को बचाने के लिए शुक्रवार सुबह से बचाव अभियान तेज कर दिया। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण सड़क जाम हो रहे हैं। कई गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सेना के हेलिकॉप्टरों से निकाला जा रहा है। अलुवा, कालाडी, पेरुंबवूर, मुवाट्टुपुझा एवं चालाकुडी में फंसे लोगों को निकालने में स्थानीय मछुआरे भी अपनी-अपनी नौकाओं के साथ शामिल हुए। प्रधानमंत्री के निर्देश पर रक्षा मंत्रालय ने राहत एवं बचाव के लिए सेना के तीनों अंगों की नई टीम भेजी है। राज्य में करीब डेढ़ लाख बेघर एवं विस्थापित लोगों ने राहत शिविरों में शरण ले रखी है। एनडीआरएफ की 51 टीमें केरल भेजी गई हैं। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सेना ने 9 अगस्त से अभी तक 3627 लोगों को सुरक्षित निकाला है। केरल की स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने शुक्रवार को भी बैठक की। टीवी चैनलों ने एक गर्भवती महिला को निकालने का दृश्य प्रसारित किया है। जिस समय नौसेना के हेलिकॉप्टर से महिला को निकाला गया उस समय प्रसव पीड़ा शुरू हो चुकी थी। महिला को गिराए गए रस्सी से हवा में झूलते हुए ले जाया गया। महिला का एमनिओटिक थैली फूट गई थी। उसे नौसेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसने बच्चे को जन्म दिया। अधिकारियों ने बताया है कि जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 18 August 2018


शिवराज सिंह चौहान

शिवराज सिंह चौहान मैं बचपन से ही अपने गाँव से भोपाल पढ़ने चला गया था। भोपाल में मैंने सुना कि भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी की एक सभा चार बत्ती चौराहे बुधवारे में है। मैंने सोचा चलो भाषण सुन के आएं। अटल जी को जब बोलते सुना तो सुनते ही रह गया।ऐसा लग रहा था कि जैसे कविता उनकी जिव्हा से झर रही है। वो बोल रहे थे,“ये देश केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, एक जीता जागता राष्ट्र-पुरुष है, हिमालय इसका मस्तिष्क है, गौरी-शंकर इसकी शिखा हैं, पावस के काले- काले मेघ इसकी केश राशि हैं, दिल्ली दिल है, विंध्यांचल कटि है, नर्मदा करधनी है, पूर्वी घाट और पश्चिमी घाट इसकी दो विशाल जंघाएँ हैं, कन्याकुमारी इसके पंजे हैं, समुद्र इसके चरण पखारता है, सूरज और चन्द्रमा इसकी आरती उतारते हैं, ये वीरों की भूमि है, शूरों की भूमि है, ये अर्पण की भूमि है, तर्पण की भूमि है, इसका कंकर-कंकर हमारे लिए शंकर है, इसका बिंदु-बिंदु हमारे लिए गंगाजल है, हम जियेंगे तो इसके लिए और कभी मरना पड़ा तो मरेंगे भी इसके लिए और मरने के बाद हमारी अस्थियाँ भी अगर समुद्र में विसर्जित की जाएंगी तो वहां से भी एक ही आवाज़ आएगी –“भारत माता की जय, भारत माता की जय”... इन शब्दों ने मेरा जीवन बदल दिया। राष्ट्र प्रेम की भावना हृदय में कूट-कूट कर भर गई और मैंने फैसला किया कि अब ये जीवन देश के लिए जीना है। ये राजनीति का मेरा पहला पाठ था। इसके बाद से राजनीति में मैं माननीय अटल जी को गुरू मानने लगा. जब भी कभी अटल जी को सुनने का अवसर मिलता, मैं कोई अवसर नहीं चूकता। बचपन में ही भारतीय जनसंघ का सदस्य बन गया, और मैं राजनीति में सक्रिय हो गया। आपातकाल में जेल चला गया, और जेल से निकल कर जनता पार्टी में काम करने लगा, फिर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का पूर्णकालिक कार्यकर्ता बन गया। अटल जी से मेरी पहली व्यक्तिगत बातचीत भोपाल में एक राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान तब हुई जब मेरी ड्यूटी एक कार्यकर्ता के नाते उनकी चाय नाश्ते की व्यवस्था के लिए की गई।मैं अटल जी के लिए फल, ड्राई फ्रूट इत्यादि दोपहर के विश्राम के बाद खाने के लिए ले गया। तो वे बोले,“क्या घास- फूस खाने के लिए ले आए, अरे भाई, कचौड़ी लाओ, समोसे लाओ, पकोड़े लाओ या फाफड़े लाओ” और तब मैंने उनके लिए नमकीन की व्यवस्था की। एक छोटे से कार्यकर्ता के लिए उनके इतने सहज संवाद ने मेरे मन में उनके प्रति आत्मीयता और आदर का भाव भर दिया। उनके बड़े नेता होने के नाते मेरे मन में जो हिचक थी, वो समाप्त हो गई। 84 के चुनाव में वे ग्वालियर से हार गए थे, लेकिन हारने के बाद उनकी मस्ती और फक्कड़पन देखने के लायक था। जब वो भोपाल आए तो उन्होंने हँसते हुए मुझे कहा, “अरे शिवराज, अब मैं भी बेरोजगार हो गया हूँ”। 1991 में उन्‍होंने विदिशा और लखनऊ, दो जगह से लोकसभा का चुनाव लड़ा, और ये तय किया कि जहां से ज्यादा मतों से चुनाव जीतेंगे, वो सीट अपने पास रखेंगे। मैं उस समय उसी संसदीय क्षेत्र की बुधनी सीट से विधायक था। बुधनी विधानसभा में चुनाव प्रचार की ज़िम्मेदारी तो मेरी थी ही, लेकिन युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते, मुझे पूरे संसदीय क्षेत्र में काम करने का मौक़ा मिला था। उस समय अटल जी से और निकट के रिश्ते बन गए। जब मैं उनके प्रतिद्धन्‍दी से उनकी तुलना करते हुए भाषण देता था, तो मेरे एक वाक्य पर वो बहुत हंसते थे। मैं कहता था,“कहाँ मूंछ का बाल और कहाँ पूंछ का बाल”, तो वो हंसते हुए कहते थे “क्या कहते हो भाई, इसको छोड़ो”। विदिशा लोकसभा वो एक लाख चार हजार वोट से जीते और लखनऊ एक लाख सोलह हजार से। ज्यादा वोटों से जीतने के कारण उन्होंने लखनऊ सीट अपने पास रखी और विदिशा रिक्त होने पर मुझे विदिशा से उपचुनाव लडवाया। उपचुनाव में जीत कर जब मैं उनसे मिलने गया तो उन्होंने मुझे लाड़ से कहा, “आओ विदिशा-पति”. और तब से वो जब भी मुझसे मिलते तो मुझे विदिशा-पति ही कहते और जब भी मैं विदिशा की कोई छोटी समस्या भी लेकर जाता तो उसे भी वो बड़ी गम्भीरता से लेते। एक बार गंजबासौदा में एक ट्रेन का स्टॉप समाप्त कर दिया था। जब मेरे तत्कालीन रेल मंत्री श्री जाफर शरीफ जी से आग्रह करने बाद भी ट्रेन को दोबारा स्टॉपेज नहीं दिया गया तो मैं अटल जी के पास पहुंचा, और मैंने कहा कि आप इस ट्रेन का स्टॉप फिर से गंजबासौदा में करवाइए। उन्होंने संसद भवन में ही पता लगवाया कि श्री जाफर शरीफ जी कहाँ हैं संयोग से वे संसद भवन में ही थे, अटल जी चाहते तो फोन कर सकते थे। लेकिन फोन करने की बजाय उन्होंने कहा कि चलो सीधे मिल के बात करते हैं। इतने बड़े नेता का एक ट्रेन के स्टॉप के लिए उठकर रेल मंत्री के कक्ष में जाना मुझे आश्चर्यचकित कर गया और तब मैंने जाना कि छोटे-छोटे कामों को करवाने के लिए भी अटल जी कितने गम्भीर थे कि जनता की सुविधा के लिए उन्हें वहां जाने में कोई हिचक नहीं है। मैं भी उनके साथ श्री जाफर शरीफ जी के पास गया और तत्काल जाफर शरीफ जी ने रेल का स्टाफ गंजबासौदा में कर दिया। 2003 में मध्यप्रदेश में विधान सभा के चुनाव थे। उस समय तत्कालीन कांग्रेस की सरकार द्वारा सूखा राहत के लिए राशि केंद्र सरकार से मांगी जा रही थी। हम भाजपा के सांसदों का एक समूह यह सोचता था कि विधान सभा के चुनाव आने के पहले यदि यह राशि राज्य शासन को मिलेगी तो सरकार इस राशि का दुरूपयोग चुनाव जीतने के लिए करेगी, इसलिए कई सांसद मिलकर माननीय अटल जी, जो उस समय प्रधानमंत्री थे, के पास पहुंचे, और उनसे कहा कि इस समय राज्य सरकार को कोई भी अतिरिक्त राशि देना उचित नहीं होगा, तब अटल जी ने हमें समझाते हुए कहा कि लोकतन्त्र में चुनी हुई सरकार किसी भी दल की हो, उस सरकार को मदद करने का कर्त्‍तव्‍य केंद्र सरकार का है, इसलिए ऐसे भाव को मन से त्याग दीजिये। 1998 के अंत में मेरा एक भयानक एक्सीडेंट हुआ। मेरे शरीर में 8 फ्रैक्चर थे। उसी दौरान एक वोट से माननीय अटल जी की सरकार गिर गई। मैं भी स्ट्रेचर पर वोट डालने गया था। तब फिर से चुनाव की घोषणा हुई। मुझे लगा ऐसी हालत में मेरा चुनाव लड़ना उपयुक्त नहीं होगा। मैंने अटल जी से कहा कि इस समय विदिशा से कोई दूसरा उम्मीदवार हमें ढूँढना चाहिए, मेरी हालत चुनाव लड़ने जैसी नहीं है, तब उन्होंने स्नेह से मुझे दुलारते हुए कहा, “खीर में इकट्ठे और महेरी में न्यारे, ये नहीं चलेगा. ...जब तुम अच्छे थे तब तुम्हें चुनाव लड़वाते थे। आज तुम अस्वस्थ हो तब तुम्हें न लड़वाएं, ये नहीं होगा। चुनाव तुम ही लड़ोगे, जितना बने जाना, बाक़ी चिंता पार्टी करेगी”. और मैं अस्वस्थता की अवस्था में भी चुनाव लड़ा और जीता। ऐसे मानवीय थे अटल जी। ऎसी कई स्मृतियाँ आज मस्तिष्क में कौंध रही हैं। सबको अपना मानने वाले, सबको प्यार करने वाले, सबकी चिंता करने वाले, सर्वप्रिय अजातशत्रु राजनेता, उनके लिए कोई पराया नहीं था, सब अपने थे।पूरा जीवन वे देश के लिए जिए। भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और परम्पराओं के वे जीवंत प्रतीक थे। भारत माता के पुजारी. उनकी कविता, “हार नहीं मानूँगा, रार नहीं ठानूँगा, काल के कपाल पर लिखता-मिटाता हूँ, गीत नया गाता हूँ”, साहस के साथ हमें काम करने की प्रेरणा देती है।उनके चरणों में शत-शत नमन – प्रणाम |[लेखक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं ]  

Dakhal News

Dakhal News 18 August 2018


अटल बिहारी वाजपेयी

देश के पूर्व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत बुधवार से लगातार नाजुक बनी हुई है। इस बीच गुरुवार सुबह से ही एम्स में केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का मूवमेंट बढ़ गया है।  हालचल तेज होती नजर आ रही है और एसपीजी की टीम अटल जी के तुगलक रोड़ स्थित घर पहुंच चुकी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया एम्स पहुंचे। फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि हम उनके जल्द स्वस्थ्य होने की कामना करते हैं। वो केवल भारत नहीं पूरी दुनिया में शांति चाहते थे। अटल जी के हालचाल जानने के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला एम्स पहुंचे। एम्स के बाहर और उस तरफ के रास्तों पर ट्रैफिक डाइवर्ट कर दिया गया है।एम्स से निकलकर अमित शाह सीधे भाजपा मुख्यालय पहुंचे हैं। देशभर में अटल जी के स्वस्थ्य होने की कामना की जा रही है। हमेशा मस्तमौला रहे अटल जी, विमान भटका तो डरने की बजाय सो गए थे एम्स ने अटल जी का मेडिकल बुलेटिन जारी कर दिया है जिसमें कहा गया है कि अटल जी की हालत वैसी है जैसी कल रात को थी। अस्पताल के बाहर हलचल तेज हो गई है, रास्ते बंद कर दिए गए हैं और एम्स के बाहर खड़े वाहनों को हटाया जा रहा है। पुलिस ने भी बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं और सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। इसके बाद अब तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं। सुबह उपराष्ट्रपति वैकेंया नायडू के अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, मुख्तार अब्बास नकवी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के अलावा कई वरिष्ठ नेता अटल जी के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए एम्स पहुंचे। उनके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी एम्स पहुंचे और अटल जी के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इनके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी एम्स जाएंगे। पिछले 66 दिनों से एम्स में भर्ती अटल जी की तबीयत बुधवार को अचानक बिगड़ी और उसके बाद से ही उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। जानकारी के अनुसार उनकी देखरेख में लगी डॉक्टर्स की टीम वाजपेयी के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अटल जी के स्वास्थ्य की सूचना के बाद देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए एम्स पहुंचे। उन्होंने करीब एक घंटे तक एम्स के डॉक्टरों से वाजपेयी के स्वास्थ्य पर चर्चा की। रात करीब दस बजे एम्स प्रशासन की ओर से बताया गया कि अटल की तबीयत पिछले 24 घंटे से बेहद गंभीर है। जानकारी के अनुसार आज सुबह एम्स की तरफ से अटल जी के स्वास्थ्य को लेकर अपडेट आ सकता है। बुधवार दोपहर भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत खराब होने की खबरों के बीच केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी एम्स पहुंचीं। उन्होंने अटल के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। इस बीच शाम तक एम्स के बाहर मीडिया का जमावड़ा लग गया। शाम करीब सात बजे वाजपेयी के स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए पीएम मोदी बिना ट्रैफिक रूट के ही अचानक एम्स पहुंचे और करीब आठ बजे तक रुके। इसके बाद रात करीब दस बजे एम्स प्रशासन की ओर से मेडिकल बुलेटिन जारी कर बताया गया कि वाजपेयी पिछले 24 घंटे के दौरान उनकी हालत ज्यादा गंभीर हो गई है। उन्हें जीवन रक्षक उपकरणों की सहायता दी जा रही है। गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री पिछले दो माह से एम्स में भर्ती हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रही है। उन्हें सांस लेने में परेशानी, यूरीन व किडनी में संक्रमण होने के कारण 11 जून को एम्स में भर्ती किया गया था।  

Dakhal News

Dakhal News 16 August 2018


अटल जी के विदिशापति शिवराज

  पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्वास्थ्य खराब होने के बाद एम्स में इलाज चल रहा है। इस दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार की अपनी जनआशीर्वाद यात्रा को स्थगित कर दिया। मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि अटलजी की उपस्थिति मात्र से हमको हौसला मिलता है। वो हमारे बीच बने रहें यही हमारी प्रार्थना है। अटलजी की कविताओं से सभी को प्रेरणा मिलती है। स्वतंत्रता दिवस पर उनकी कविता का उल्लेख किया था। सीएम शिवराज ने कहा कि विदिशा से चुनाव लड़ने के दौरान मैं उनके करीब आया था। जब भी उनसे मिलता था तो वे मुझे विदिशापति कहते थे।  

Dakhal News

Dakhal News 16 August 2018


raman singh

  रायपुर में  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने अटलबिहारी वाजपेयी के पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि मुझे आज भी याद है कि सुबह 7 बजे किस तरह से हमने टलजी की रैली की तैयारी की थी। तब मैंने अटल जी को पहली बार इतने करीब से देखा था। मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के निर्माण को लेकर अटल जी की भूमिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। अटल जी देश के पहले ऐसे नेता हैं, जिनकी लोकप्रियता आज 50 साल से लगातार बरकरार है। अटल जी हमेशा सभी के चहेते रहे हैं। देश में ऐसा कोई नेता नहीं है, जिसे पक्ष हो या विपक्ष, सभी याद करते हैं। उनकी सादगी और लोगों के प्रति अपनत्व की भावना की वजह से वे लोगों के दिलों में रहते हैं।

Dakhal News

Dakhal News 16 August 2018


bjp

भारतीय जनता पार्टी 15 से 30 अगस्त तक "सामाजिक न्याय पखवाड़ा" मनाएगी। ओबीसी आयोग के सशक्तीकरण संबंधी बिल के पारित होने के उपलक्ष्य में अगले साल से भाजपा एक-नौ अगस्त तक सामाजिक सप्ताह मनाया करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भाजपा संसदीय दल की बैठक में इस बात की घोषणा करते हुए कहा कि भाजपा सांसद इस दौरान अपने क्षेत्रों में इस विधेयक के प्रभाव पर नजर रखें। देश के हर कोने में जाकर लोगों को सामाजिक न्याय के इस फैसले से अवगत कराना होगा। उन्होंने कहा कि इतिहास में मौजूदा मानसून सत्र भी "सामाजिक न्याय के सत्र" के रूप में याद किया जाएगा। संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने बताया कि एक ऐतिहासिक विधेयक पारित हो चुका है और दूसरा एक या दो दिन में पारित होने वाला है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में याद दिलाया कि 2014 के चुनावों में भाजपा की विजय पर उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार गरीबों, ग्रामीणों और समाज के पिछड़े वर्ग के लिए समर्पित रहेगी। यह विधेयक उनकी उसी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। भाजपा संसदीय दल ने एक प्रस्ताव पारित करके सरकार के इस बिल को पारित कराने पर सराहना की। ऐसा दूसरी बार हुआ जब भाजपा संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि इसी सोमवार को संसद में पिछड़े वर्ग के राष्ट्रीय आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया है। इसी दिन लोकसभा ने भी अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (उत्पीड़न निरोधक) संशोधन बिल को पारित किया। सोमवार को ही राज्यसभा ने ध्वनिमत से संविधान के 123वें संशोधन बिल को पारित करके पिछड़े वर्ग के राष्ट्रीय आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया।

Dakhal News

Dakhal News 8 August 2018


mayawati stsc

लोकसभा में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन विधेयक पारित होने का स्वागत करते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि गत दो अप्रैल के सफल भारत बंद के दबाव में ही बिल को पारित कराया गया। उन्होंने राज्यसभा में भी पारित होने की उम्मीद जताते हुए गरीब मुस्लिमों को आरक्षण देने की मांग भी की। एक बयान में मायावती ने बिल पारित होने पर सभी लोकसभा सदस्यों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उम्मीद है, यह बिल राज्यसभा द्वारा भी पारित करा दिया जाएगा। इससे दलित वर्ग के लोगों को मदद मिल सकेगी। लोकसभा सदस्यों का आभार जताने के बाद मायावती गत दो अप्रैल को हुए भारत बंद को विधेयक पारित होने का श्रेय देना नहीं भूलीं। उन्होंने कहा कि उन लोगों को धन्यवाद, जिन्होंने गत दो अप्रैल को सफलतापूर्वक भारत बंद का आयोजन किया था। इससे ही केंद्र सरकार पर बिल पास कराने का दबाव बढ़ा। मायावती ने कहा कि सफलता का श्रेय देशवासियों के साथ बड़ी संख्या में बसपा कार्यकर्ताओं को भी दिया जाएगा जो भारत बंद में शामिल रहे। बसपा प्रमुख ने नौकरियों में प्रमोशन में आ रही बाधाओं को दूर करने की मांग को भी दोहराया। उनका कहना था कि भाजपा ऐसा नहीं करती है तो उसकी नीयत और नीति पर संदेह बना रहेगा। मायावती ने आरक्षण के मुद्दे को हवा देते हुए आर्थिक आधार पर आरक्षण को मजबूती से उठाया। सर्वसमाज (अपरकास्ट) के गरीबों को अलग आरक्षण सुविधा देने में अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों को शामिल करने की मांग की। उनका कहना था कि गरीब मुस्लिमों को आर्थिक आरक्षण लाभ दिलाने को संविधान संशोधन किया जाता है तो बसपा हर स्तर पर समर्थन करेगी।

Dakhal News

Dakhal News 8 August 2018


amit shah

 बाबा जनता आपसे मांग रही 4 पीढ़ी का हिसाब जयपुर में शनिवार को राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की राजस्थान गौरव यात्रा की शुरुआत हो गई है। सीएम वसुंधरा की ये यात्रा 165 विधानसभा सीटों से होकर गुजरेगी। ऐसे में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह खुद इस यात्रा की शुरुआत में शामिल हुए। सीएम वसुंधरा और अमित शाह ने राजसमंद जिले में स्थित चारभुजाजी मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ ही इस यात्रा की शुरुआत की। इस मौके पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने एक बार फिर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को जमकर कोसा। उन्होंने राहुल गांधी पर चुटकी लेते हुए कहा कि, "राहुल बाबा अगर आपको गिनती आती है, क्योंकि मैं तो इटेलियन नहीं जानता, वरना इसी भाषा में आपको ये बताका कि हमारी सरकार ने जनता को कितनी सौगातें दी हैं। मोदी सरकार ने अकेले राजस्थान में 116 जनकल्य़ाणकारी योजनाओं की शुरुआत की, इसके बाद कांग्रेस पूछती है कि भाजपा ने क्या किया?" शाह यहीं नही रूके, "राजसमंद की रैली में राहुल गांधी को लेकर उन्होंने कहा कि, राहुल बाबा हमसे चार साल का क्या हिसाब मांगते हो? देश की जनता आपसे चार पीढ़ी का हिसाब मांग रही है। राजपूत मतदाताओं का गढ़ समझे जाने वाले राजसमंद में वसुंधरा ने महाराणा प्रताप, राणा कुंभा, भामाशाह, पन्ना धाय को नमन कर अपना मकसद भी साफ कर दिया। वसुंधरा राजे की यह बहुप्रचारित 'राजस्थान गौरव यात्रा' अगले 40 दिन तक 165 विधानसभा सीटों से होकर गुजरेगी। बता दें कि राजस्‍थान में विधानसभा की कुल 200 सीटें हैं। इस 6,000 किमी. यात्रा में राजे 135 रैलियों को संबोधित कर सकती हैं। वहीं यात्रा की शुरुआत करते हुए अमित शाह ने वसुंधरा राजे के काम की प्रशंसा की। उन्‍होंने कहा, 'राजस्थान में जिस प्रकार से बीजेपी सरकार चली है, उससे मुझे भरोसा है कि यहां की जनता एक बार फिर कमल के फूल की सरकार बनाकर नया इतिहास रचेगी।' अमित शाह ने रैली के दौरान असम के एनआरसी ड्राफ्ट का मुद्दा भी उठाया और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से जवाब मांगा। अमित शाह ने कहा, "देश की सुरक्षा का सवाल है , लेकिन कांग्रेस को एनआरसी मुद्दे पर वोट बैंक दिखाई दे रहा है। मैं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि आप एनआरसी के मामले पर अपना स्टैंड क्यों नहीं क्लीयर कर रहे हैं। इसीलिये कि आपको उसमें अपना वोट बैंक नजर आ रहा है।" इस यात्रा में वसुंधरा की कोशिश जनता के साथ सीधा संवाद साधने की रहेगी। इस दौरान उनका राज्‍य के प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन जारी रहेगा। चारभुजाजी मंदिर में दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री कांकरोली स्थित द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन करेंगी। इसके बाद नाथद्वारा के लिए रवाना हो जाएंगी। प्रदेश में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी की इस यात्रा को शक्ति परीक्षण के रूप में देखा जा रहा है। इस यात्रा के महत्‍व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि खुद अमित शाह इस रैली को रवाना करने के लिए राजसमंद पहुंचे हैं। बीजेपी की कोशिश राज्‍य में 180 सीटें जीतकर फिर से सत्‍ता में आने की है। बीजेपी को पिछले चुनाव में 163 सीटें मिली थीं। अब तक राज्य में सिर्फ एक बार बीजेपी लगातार सत्ता में आई है। उस समय पूर्व राष्ट्रपति और बीजेपी के दिग्गज नेता भैरों सिंह शेखावत ने 1990-92 तक शासन करने के बाद 1993 में सत्ता में वापसी की थी। दरअसल, वसुंधरा की इस यात्रा का मकसद राजपूत मतदाताओं का साधना है। राजपूत राज्‍य की कुल जनसंख्‍या का 7 प्रतिशत हैं और हाल के दिनों में हुई घटनाओं की वजह से बीजेपी से नाराज चल रहे हैं। वसुंधरा ने पिछले दिनों जोधपुर से राजपूत समुदाय के प्रभावशाली नेता गजेंद्र सिंह शेखावत को राजस्‍थान बीजेपी का अध्‍यक्ष बनाए जाने का विरोध किया था। इससे राजपूतों में उनकी छवि और ज्‍यादा खराब हो गई है। यही नहीं राजपूत समुदाय गैंगस्‍टर आनंद पाल सिंह के कथित फर्जी मुठभेड़ से भी नाराज है। यही नहीं देशभर में पद्मावत फिल्‍म दिखाए जाने से भी कई राजपूत बीजेपी से नाराज बताए जा रहे हैं। राजस्‍थान सरकार ने जयपुर के शाही परिवार के राज महल पैलेस को पिछले दिनों सील कर दिया था, इससे उनके राजपूत नेताओं से संबंध और भी ज्‍यादा खराब हो गए। हाल ही में हुए उपचुनाव में भी वसुंधरा सरकार को राजपूत मतदाताओं के कोपभाजन का शिकार होना पड़ा था। बीजेपी को सभी तीन उपचुनावों में कांग्रेस के हाथों मात खानी पड़ी। केंद्र और आरएसएस के साथ अपने संबंधों के कारण वसुंधरा अब कोई रिस्‍क नहीं लेना चाहती हैं और माना जा रहा है कि राजपूतों को फिर से साधने के लिए वसुंधरा राजे यात्रा निकाल रही हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 4 August 2018


सिंधिया ,कमलनाथ ,भूरिया  को घरेने का शाही प्लान

मध्यप्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ज्योतिरादित्य सिंधिया, कमलनाथ और कांतिलाल भूरिया को उनके क्षेत्र में घेरने के लिए भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस की परम्परागत सीटों को छीनने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा छिंदवाड़ा, गुना और झाबुआ लोकसभा सीट के प्रभारी बनाए गए उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह शुक्रवार को गुना पहुंचे। उन्होंने गुना-शिवपुरी लोकसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की बैठक ली। शनिवार को वे रतलाम-आलीराजपुर लोकसभा सीट के पेटलावद में रहेंगे और 6 अगस्त को छिंदवाड़ा का दौरा करेंगे। ज्योतिरादित्य सिंधिया की गुना शिवपुरी सीट जीतने की रणनीति के तहत कुछ दिनों पहले केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस क्षेत्र में 3500 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया था। पिछोर में भी मुख्यमंत्री ने किसानों को प्रोत्साहन राशि बांटी। प्रदेश के मंत्री जयभान सिंह पवैया भी दौरा कर रहे हैं। पार्टी ने 2019 के लोस चुनाव में प्रदेश की सभी 29 सीटों को जीतने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत सिंधिया सहित प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की छिंदवाड़ा और आदिवासी नेता कांतिलाल भूरिया की रतलाम-आलीराजपुर सीट को भी कांग्रेस से छीनने के लिए तीनों नेताओं की घेराबंदी की जा रही है। स्वतंत्रदेव सिंह ने संसदीय क्षेत्र के पदाधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने एक साल पहले चंदेरी में हुई बैठक में सौंपे दायित्वों की समीक्षा की। साथ ही सरकार की योजनाओं के नाम पूछे। पं. दीनदयाल पुण्यतिथि पर पंचायतों में पदाधिकारियों द्वारा दिए गए भाषण को रिपीट कराया, लेकिन पदाधिकारी दोनों ही सवालों के जवाब देने में फेल हो गए। सिंह ने करीब एक साल पहले चंदेरी में गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र के पदाधिकारियों की बैठक ली थी। इस दौरान उन्होंने पदाधिकारियों को विधानसभा स्तर पर संगठनात्मक संरचना तैयार करने को कहा था। सवालों का जवाब न मिलने पर सिंह ने पदाधिकारियों को नसीहत दी कि पार्टी की योजनाओं और संगठन की पूरी जानकारी होना चाहिए। सरकार की योजनाओं के लिए 12 प्रभारी बनाए है।

Dakhal News

Dakhal News 4 August 2018


छत्तीसगढ़

  छत्तीसगढ़ की चुनावी जंग में भाग्य आजमाने के लिए दो पुलिस अधिकारियों ने डीजीपी एएन उपाध्याय को इस्तीफा दे दिया है। डीएसपी विभोर सिंह और इंस्पेक्टर गिरजा शंकर जोहर ने पुलिस मुख्यालय में डीजीपी को इस्तीफा सौंपा। दोनों कांग्रेस के टिकट के दावेदार हैं। विभोर की दावेदारी कोटा से है जबकि जोहर मस्तूरी विधानसभा से दावेदारी कर रहे हैं विभोर लंबे समय से रायपुर में पदस्थ थे। कुछ महीनों से वे छुट्टी पर थे। उनका कांग्रेस से पुराना नाता है। वे बिलासपुर विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं और एनएसयूआई के उपाध्यक्ष भी थे। पुलिस अफसर विभोर को वर्ष 2003 में गोली लगी थी। वर्ष 2004 में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में भी वे घायल हो गए थे। बताया जा रहा है कि वे बिलासपुर के कोटा विधानसभा से ताल ठोंकने की तैयारी में हैं। यहां से कांग्रेस की पूर्व उपनेता प्रतिपक्ष रेणु जोगी विधायक हैं। वहीं, गिरजा शंकर जोहर की दावेदारी मस्तूरी विधानसभा से है। एक दशक में गिरजा बिलासपुर और मस्तुरी के कई थानों में पदस्थ थे। उनकी क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। मस्तुरी से कांग्रेस के दिलीप लहरिया विधायक हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 4 August 2018


nrc

असम में एनआरसी(नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स) के ड्राफ्ट को लेकर आज संसद के दोनों सदनों में तो हंगामा हुआ ही, बाहर भी सियासी पारा चढ़ा रहा। इस मुद्दे को लेकर बिहार के बक्सर से सांसद और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे और कांग्रेस सांसद प्रदीप भट्टाचार्य के बीच जमकर बहस हो गई। इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों एक-दूसरे को घेरते नजर आ रही हैं। वीडियो में भाजपा सांसद अश्विनी चौबे साफ कह रहे हैं कि, "जो भारतीय बनकर रहेगा, वही इस देश का नागरिक है। वो यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशियों को भारत से वापस भेजा जाएगा।" इस पर कांग्रेस सांसद ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि, "सरकार लोगों को गुमराह कर रही है। नेताओं को जानकारी ही नहीं है। काफी देर तक दोनों के बीच बहस हुई।"

Dakhal News

Dakhal News 31 July 2018


shivraj singh

मध्यप्रदेश के सीएम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  शिवपुरी जिले के पिछोर तहसील मुख्यालय पर 2208 करोड़ की लागत की वृहद सिंचाई परियोजना का शिलान्यास करते हुए कहा कि आगामी दिनों में राज्य सरकार कृषि उपज की लागत में 50 प्रतिशत लाभांश जोड़कर समर्थन मूल्य निर्धारित करेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह निर्धारित समर्थन मूल्य पर ही किसान की फसल की खरीदी प्रदेश सरकार करेगी। श्री चौहान ने इस अवसर पर मगरौनी कस्बे को नगर पंचायत का दर्जा दिये जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वृहद सिंचाई परियोजना से खनियाधाना और पिछोर क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में पेयजल व्यवस्था का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा 40 लाख हेक्टेयर तक पहुँचा दिया गया है। अब राज्य सरकार का लक्ष्य इसे 80 लाख हेक्टेयर तक पहुँचाने का है। मुख्यमंत्री ने शिलान्यास समारोह में उपस्थित जन-समुदाय को संबल योजना सहित महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हित-लाभ भी वितरित किये। जनसम्पर्क, जल-संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने बताया कि परियोजना की पूर्ण जल-ग्रहण क्षमता 371.80 मैट्रिक घनमीटर होगी और जल-ग्रहण क्षेत्र 1843 वर्ग किलोमीटर रहेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना से पिछोर विधानसभा क्षेत्र के 208 ग्रामों में एक लाख 67 हजार एकड़, शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र में 11 ग्रामों की 7 हजार एकड़, करैरा विधानसभा क्षेत्र में 87 ग्रामों की 67 हजार एकड़ और दतिया विधानसभा क्षेत्र में 37 ग्रामों की 32 हजार एकड़ कृषि भूमि में सिंचाई होगी। मुख्यमंत्री ने शिलान्यास समारोह की अध्यक्षता कर रहे पूर्व राजस्व मंत्री श्री लक्ष्मीनारायण गुप्ता को शॉल-श्रीफल से सम्मानित किया। उन्होंने पिछोर की कु. आशिया खान को बेडमिंटन नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण-पदक हासिल करने पर सम्मानित किया। अपर मुख्य सचिव जल-संसाधन श्री आर.एस. जुलानिया ने परियोजना की जानकारी दी। समारोह में विधायक श्री प्रहलाद भारती, अन्य जन-प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 31 July 2018


rahul gandhi

  संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाने को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भाजपा नेताओं पर तंज कसा है। उन्होंने बुधवार को दिल्ली में कहा कि अब तो भाजपा के सांसद उन्हें देखते ही डर से दो कदम पीछे हट जाते हैं कि कहीं वह उन्हें गले न लगा लें। पिछले सप्ताह लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष प्रधानमंत्री की सीट तक गए और उन्हें गले से लगाया। उनके इस कदम की भाजपा नेताओं ने आलोचना की थी। राहुल ने कहा कि सत्ताधारी दल के नेताओं से उनकी राय भिन्न हो सकती है और वह उनसे लड़ सकते हैं, लेकिन उनसे नफरत करने की कोई जरूरत नहीं है। एक पुस्तक विमोचन समारोह में पहुंचे राहुल ने कहा कि वह लालकृष्ण आडवाणी से असहमत हो सकते हैं। देश के बारे में जो आडवाणी के विचार हैं उनसे उनके विचार पूरी तरह भिन्न हैं। वह हर कदम पर आडवाणी से लड़ सकते हैं, लेकिन उनसे नफरत करने की कोई जरूरत नहीं है। समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी, पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, अहमद पटेल, दिग्विजय सिंह, मनीष तिवारी, शशि थरूर और माकपा नेता सीताराम येचुरी आदि मौजूद थे। कांग्रेस अध्यक्ष ने बुधवार को भी राफेल सौदे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। एक ट्वीट में राहुल ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि प्रधानमंत्री ने जब राफेल सौदे की घोषणा की थी उसके कुछ ही दिनों पहले प्रमुख उद्योगपति ने एक कंपनी शुरू की थी। उनका इशारा रिलायंस समूह की ओर था।

Dakhal News

Dakhal News 26 July 2018


महाराष्ट्र में मराठा आंदोलन

महाराष्ट्र में एक बार फिर भड़का मराठा आंदोलन हिंसक हो चुका है। मंगलवार को बुलाए गए बंद के दौरान जमकर हिंसा हुई जिसमें एक पुलिस कांस्टेबल की मौत हो गई वहीं 9 अन्य घायल हो गए। इसके बाद आंदोलनकारियों ने आज भी राज्य में बंद बुलाया है। मराठा क्रांति समाज ने यह बंद ठाणे, नवी मुंबई और रायगढ़ में बंद बुलाया है। हालांकि इस बंद से स्कूल, लोकल, मेडकल और कॉलेजों को बाहर रखा गया है। इस बीच जगन्नाथ सोनावणे नाम के प्रदर्शनकारी, जिसने औरंगाबाद के देउगांव में आरक्षण की मांग को लेकर जहर खा लिया था। उसकी अस्पताल में मौत हो गई है।

Dakhal News

Dakhal News 25 July 2018


रामनाथ कोविंद पहुंचे जगदलपुर

  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दो दिवसीय दौरे के तहत बुधवार को जगदलपुर पहुंचे। मिली जानकारी के मुताबिक राष्ट्रपति कोविंद 25 व 26 जुलाई को बस्तर में ही रहेंगे। बस्तर आने वाले कोविंद चौथे राष्ट्रपति हैं, लेकिन इस दौरान चित्रकोट जैसी संवेदनशील जगह पर रात गुजारने वाले वे पहले राष्ट्रपति होंगे। यहां राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए मुख्यमंत्री रमन सिंह मौजूद थे। इसके अलावा बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय, वन मंत्री महेश गागड़ा, बस्तर सांसद दिनेश कश्यप, जगदलपुर विधायक संतोष बाफना, युवा आयोग के अध्यक्ष कमलचंद भंजदेव, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, जगदलपुर महापौर जतीन जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष जबिता मंडावी, मुख्य सचिव अजय सिंह, कमिश्नर दिलीप वासनीकर, कलेक्टर धंनजय देवांगन, पुलिस अधीक्षक डी श्रवण सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। जगदलपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, यहां 100 से ज्यादा जवान एयरपोर्ट के अंदर तैनात हैं। राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान पूरे बस्तर में हेलीकॉप्टर लगातार उड़ान भरेंगे। स्पेशल फोर्स के जवानों को खास हिदायतों के साथ तैनात किया गया है। चित्रकोट से बारसूर होकर गीदम जाने वाली सड़क पर सतर्कता रखी जा रही है। इससे पहले 2007 में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल चित्रकोट गई थीं। उस दौरान नक्सलियों ने चित्रकोट-गीदम मार्ग पर सीआरपीएफ की एक बोलेरो उड़ा दी थी। इस बार इस तरह की घटना न होने पाए इसकी तैयारी की गई है

Dakhal News

Dakhal News 25 July 2018


rahul gandhi

  अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा उठाए गए राफेल डील का मुद्दा ठंडा होता नहीं दिख रहा है। कांग्रेस इस मामले में प्रधानमंत्री के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएगी। इसके अलावा इस मामले पर संसद में बोलने वाली रक्षा मंत्री निर्मला सीतारामन के खिलाफ भी नोटिस लाने की तैयारी है। बता दें कि शुक्रवार को संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर राफेल विमान की खरीद में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा था कि, रक्षामंत्री निर्मला सीतारामन ने पीएम मोदी के दवाब में राफेल डील को लेकर देश से झूठ बोला। राहुल गांधी के बयान को फ्रांस सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया था। राहुल के बयान पर फ्रांस सरकार ने प्रतिक्रिया जारी करते हुए कहा था कि, राफेल डील की जानकारी दोनों देश सार्वजनिक नहीं कर सकते हैं। फ्रांस की सरकार ने कहा था कि, 'हमें भारतीय संसद में राहुल गांधी के बयान की जानकारी मिली है। फ्रांस और भारत के बीच 2008 में सुरक्षा समझौता हुआ था, जिसके तहत दोनों देशों के बीच होने वाली डिफेंस डील की जानकारी गोपनीय रखी जाती है, ताकि सुरक्षा और ऑपरेशनल संभावनाएं प्रभावित न हों। यही प्रावधान 23 सितंबर 2016 को भारत-फ्रांस के बीच हुए 36 राफेल हवाई जहाज और उनके हथियारों की डील पर भी लागू होता है। वहीं, फ्रांस सरकार के बयान के बाद राहुल गांधी ने कहा था कि, वो अब भी संसद में दिए गए अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने कहा- अगर वे (फ्रांस) मना करना चाहते हैं तो उन्हें करने दो। फ्रांस के राष्ट्रपति ने मेरे सामने ये बात कही थी, उस वक्त मेरे साथ आनंद शर्मा और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी थे।  

Dakhal News

Dakhal News 23 July 2018


avishvas prstav

  टीडीपी ने सरकार के खिलाफ संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया है। पार्टी की तरफ से पहली बार के सांसद जयदेव गाला ने बहस की शुरुआत की। टीडीपी सांसद ने सरकार को घेरते हुए कहा कि, "आंध्र प्रदेश के साथ सरकार ने न्याय नहीं किया है। पांच करोड़ जनता के साथ अन्याय हुआ है। तेलंगाना नहीं, आंध्र प्रदेश नया राज्य बना है। सरकार ने आंध्र प्रदेश से किए गए वादों को पूरा नहीं किया है। आंध्र प्रदेश पर भारी बोझ है। इस राज्य ने बहुत कुछ गंवाया है।" टीडीपी सांसद जयदेव गाला ने पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि, "आप अलग धुन में बात कर रहे हैं, जिसे आंध्र प्रदेश की जनता समझ रही है और आने वाले चुनाव में उसका मुंहतोड़ जवाब देगी। भाजपा का भी वैसा ही हाल होगा, जैसा कांग्रेस का आंध्र प्रदेश में हुआ था। पीएम मोदी ये धमकी नहीं, ये शाप है।" जयदेव गाला आंध्र प्रदेश के अरबपति उद्योपति हैं। वो गुंटूर से सांसद हैं। जानिए उनके भाषण की खास बातें- आंध्र प्रदेश के लोग सच में पीड़ा में है,केंद्र की तरफ से आंध्र को एक पैसा भी नहीं मिला है, हम धमकी नहीं, शाप दे रहे हैं, मोदी सरकार ने आंध्र से किया वादा पूरा नहीं किया है, ये जंग तानाशाह और लोकतंत्र के बीच है, वित्त मंत्री तथ्यों से खेलना बंद करें, हमारे पास ऐसे सबूत हैं कि आंखें खुल जाएंगी, विकास के सूचकांक पर आंध्र बहुत पीछे है,हाथ जोड़कर विनती की आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य दर्जा दें |  सदन के भीतर भी कांग्रेस नेता मल्लिकाअर्जुन खड़गे ने अविश्वास प्रस्ताव पर कम समय देने को लेकर शिकायत की। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस को जो वक्त दिया गया है, वो काफी कम है। इस पर से पाबंदी हटनी चाहिए। इस बीच बीजेडी सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। लोकसभा की कार्यवाही से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में वरिष्ठ भाजपा नेताओं की संसद में बैठक चल रही है। इस बैठक में राजनाथ सिंह और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह मौजूद हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, देश का विश्वास पीएम के साथ है। ईमानदारी से काम करने पर कांग्रेस को परेशानी हो रही है। सदन में सरकार के पास बहुमत है। वहीं राहुल गांधी पर भी उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि, "देखते हैं कि राहुल गांधी के बोलने से कितना बड़ा भूचाल आता है।" सरकार की अहम सहयोगी शिवसेना ने अविश्वास प्रस्ताव पर अपना रुख साफ कर दिया है। संसदीय दल की बैठक में पार्टी प्रमुख उद्वव ठाकरे ने फैसला लिया कि शिवसेना अविश्वास प्रस्ताव पर तटस्थ रहेगी। शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि, "शिवसेना वोटिंग के दौरान गैर हाजिर रहेगी। इसके लिए सांसदों को निर्देश दिए जा चुके हैं। राउत ने कहा कि, सरकार जनता का भरोसा खो चुकी है। सबका पता है कि अविश्वास प्रस्ताव गिर जाएगा, मगर लोकतंत्र में सबको बोलने का अधिकार होता है।" वहीं कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, "सरकार ने सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाया है। आज किसान, युवा सब परेशान हैं। ऐसे में सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है।" इस बीच भाजपा की तरफ से लोकसभा में राजनाथ सिंह, राकेश सिंह, वीरेंद्र सिंह और अर्जुन मेघवाल अविश्वास प्रस्ताव पर बोलेंगे। वहीं शाम को प्रधानमंत्री मोदी भी अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी बात रखेंगे। भाजपा नेता अनंत कुमार ने कहा कि सरकार के पास बहुमत है।भाजपा अध्यक्ष अमित साह अन्य नेताओं के साथ संसद पहुंचे। मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया लेकिन विक्ट्री साइन दिखाया।  

Dakhal News

Dakhal News 20 July 2018


मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले गैर भाजपाई महागठबंधन की कवायद तेज हो गई है। आगामी 2 अगस्त को आधा दर्जन छोटे दलों के भोपाल में होने वाले सम्मेलन में शिरकत को लेकर कांग्रेस और बसपा ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन गठबंधन के सूत्रधार पूर्व जदयू अध्यक्ष शरद यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती की कांग्रेस दिग्गजों से अलग-अलग मुलाकातें हो चुकी हैं। महागठबंधन की स्क्रिप्ट तैयार करने में जुटे समाजवादी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस कर्नाटक के अनुभव के बाद ज्यादा सतर्कता से कदम आगे बढ़ा रही है। उसकी चिंता है कि चुनाव बाद गठबंधन की स्थिरता पूरी विश्वसनीयता के साथ बनी रहे। मप्र के अलावा छत्तीसगढ़ और राजस्थान के लिए भी सैद्धांतिक चर्चा हुई है, लेकिन अभी सीटों की कोई बात नहीं हुई। मायावती की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी के अलावा अशोक गेहलोत से भी चर्चा हुई है। उधर, शरद यादव की भी कांग्रेस के दिग्गजों से मुलाकात में इसी मुद्दे पर लंबी चर्चा हो चुकी है। जदयू के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव गोविंद यादव का कहना है कि छग में कांग्रेस के साथ गोंगपा के हीरासिंह मरकाम मंच साझा कर चुके हैं। भोपाल सम्मेलन में मरकाम और फूलसिंह बरैया सहित राष्ट्रीय समानता दल को मिलाकर छह क्षेत्रीय दल शामिल होंगे। कांग्रेस और बसपा से अभी इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई है। इस सम्मेलन के बहाने गैर आदिवासी, गैर दलित और गैर कांग्रेसी हिन्दू वोटों पर फोकस किया जा रहा है। गठबंधन से जुड़े नेताओं का कहना है कि भाजपा के जनाधार में बड़ी संख्या ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य वर्ग से है। इनमें से एक हिस्सा कांग्रेस के पास भी है। इनके अलावा गैर कांग्रेसी हिन्दू में ज्यादातर कम आबादी वाले समाज और गरीब-ओबीसी वर्ग के लोग शामिल हैं। इस वर्ग को रिझाने के बाद ही महागठबंधन का उद्देश्य पूरा होगा।  

Dakhal News

Dakhal News 17 July 2018


pm narendr modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को किसान जन कल्याण रैली में हिस्सा लेने के लिए पश्चिम बंगाल के मिदनापुर पहुंचे। शहर के कॉलेज मैदान में आयोजित इस सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां किसानों के लिए सरकार द्वारा हाल में उठाए कदमों का जिक्र किया वहीं ममता सरकार पर ईशारों में जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि मां-माटी-मानुष की बात करने वालों का पिछले 8 साल में असली चेहरा, उनका सिंडिकेट सामने आ चुका है। सिंडिकेट की मर्जी के बिना पश्चिम बंगाल में कुछ भी करना मुश्किल हो गया है। यहां हर चीज के लिए सिंडिकेट बना हुआ है। कुछ भी काम करना हो तो यह सिंडिकेट ही तय करता है। पीएम ने कहा कि राज्य में सिंडिकेट सरकार है। जब तक इस सिंडिकेट की मंजूरी नहीं होती तब तक कोई काम नहीं होता। बंगाल में नई कंपनी खोलनी हो, नए अस्पताल खोलने हों, नए स्कूल खोलने हों, नई सड़क बनानी हो, बिना सिंडिकेट को चढ़ावा दिए, उसकी स्वीकृति लिए, कुछ भी नहीं हो सकता। इससे पहले पीएम मोदी ने कहा कि पीएम ने कहा कि किसानों को MSP सही मिले इसके लिए किसान मांग करते रहे, आन्दोलन करते रहे लेकिन दिल्ली में बैठी सरकार ने किसानों की एक न सुनी। केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद हमारी सरकार ने किसानों को डेढ़ गुणा समर्थन मूल्य देने का निर्णय ले लिया। किसान हमारे अन्नदाता और गांव हमारे देश की आत्मा हैं। कोई भी समाज तब तक आगे नहीं बढ़ सकता। अगर देश का किसान उपेक्षित हों तो कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता है। स्वतंत्रता आन्दोलन हो, सामाजिक सुधार के कार्यक्रम हो, सामान्य मानवीय का सशक्तिकरण हो या फिर शिक्षा के उच्च मापदंड मेदिनीपुर ने इतिहास में अपना एक विशेष स्थान बनाया है। देश आज परिवर्तन के बड़े दौर से गुजर रहा है, स्वतंत्रता आन्दोलन के समय जिस प्रकार एक संकल्प लेकर उसे सिद्ध किया गया था वैसे ही समग्र देश में आज 'संकल्प से सिद्धि' की यात्रा आगे बढ़ रही है। किसानों के लिए हमने इतना बड़ा फैसला किया है कि आज तृणमूल को भी इस सभा में हमारा स्वागत करने के लिए झंडे लगाने पड़े और उनको अपनी तस्वीर लगानी पड़ी, ये भाजपा की नहीं हमारे किसानों की विजय है।  

Dakhal News

Dakhal News 16 July 2018


pm modi

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज मिर्जापुर में उस बाण सागर परियोजना का लोकार्पण किया, जिसकी परिकल्पना 1956 में की गई थी। इसको मंजूरी मिली 1977 में तथा शिलान्यास 1978 में किया गया। इसके बाद चार दशक तक इसकी ओर किसी का ध्यान नहीं गया। इस दौरान उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों ने किसानों की चिंता नहीं की। उन्होंने कहा कि 300 करोड़ की परियोजना को पूरा करने में 3200 करोड़ रुपए में पूरा करना पड़ा। उन्होंने कहा कुछ लोग किसानों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाते हैं। अधूरी सिंचाई परियोजानाओं को पूरा क्यों नहीं किया गया। मोदी ने कहा कि देशभर में दशकों से अटकी परियोजनाओं को पूरा किया जा रहा है। सपा और बसपा की सरकार में विकास का एजेंडा था ही नहीं कभी। कांग्रेस की पूर्व सरकार ने कभी यूपी में स्वास्थ्य सुविधा का ख्याल नहीं किया, मोदी के नेतृत्व में 8 नए मेडिकल कालेज खुलने जा रहा है, एम्स और कैंसर संस्थान मिल रहा है। यूपी में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा और विकास तेज हुआ है। बताते चलें कि केंद्रीय जल विद्युत शक्ति आयोग से 1977 में इस परियोजना को स्वीकृति मिलने के बाद 14 मई 1978 को ही इसका शिलान्यास तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने किया। इसके बाद शासन-प्रशासन के दांव-पेंच के चलते अभी तक इसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका था। मगर,अब इस परियोजना को मौजूदा केंद्र व प्रदेश की सरकार ने परवान चढ़ाया। परियोजना से उत्तर प्रदेश के साथ ही बिहार व मध्य प्रदेश के भी लाखों किसानों को लाभ मिलेगा। करीब 3148.91 करोड़ रुपए की लागत से तैयार बाणसागर परियोजना के रामबाण से प्रधानमंत्री विकास का पूरे देश को नया संदेश दिया। इसके साथ ही विंध्य की धरती से आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर हुंकार भरेंगे। मोदी ने कहा कि अभी हाल ही में एक खबर आई है। अगर यह निगेटिव होती, तो कई दिनों तक इस पर हो हल्ला होता। मगर, खबर पॉजिटिव थी, तो यह आई-गई हो गई। दो सालों में पांच करोड़ लोग भीषण गरीबी से बाहर निकले हैं। इसके साथ ही आयुष्मान योजना का जिक्र भी पीएम ने किया, जिसके तहत पांच लाख रुपए के चिकित्सकीय बिल का भुगतान सरकार करेगी। स्वच्छ भारत पर मोदी ने कहा कि गांवों में शौचालय बनने से वहां के परिवारों की बीमारियों में कमी आई है। बाणसागर परियोजना का प्रधानमंत्री के हाथों लोकार्पण होने के मद्देनजर अदवा बैराज को दुल्हन की तरह सजाया गया है। यह परियोजना हलिया विकास खंड में अदवा नदी के कैमूर पहाड़ की तलहटी में 3148.91 करोड़ की लागत से वर्ष 1977-78 में प्रारंभ की गई थी। विंध्य पर्वत एवं कैमूर श्रृखंलाओं की बाधाओं को पार करते हुए 25.600 किलोमीटर अदवा मेजा लिंक नहर का निर्माण किया गया। इसमें 150132 हेक्टेयर सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अदवा, मेजा, जरगो बांध को पानी से भरने की योजना बनाई गई है। सिंचाई सुविधा को देखते हुए बैराज में आठ गेट अदवा नदी में पानी छोड़ने के लिए बनाए गए हैं वहीं दूसरी ओर तीन गेट बाणसागर नहर में पानी गिराने के लिए बने हैं। बाणसागर से अदवा बैराज मध्य प्रदेश के शहडोल जिले देवलोन बाणसागर बांध से अदवा बैराज के लिए पानी छोड़ा गया है। इससे मीरजापुर में 75309 हेक्टेयर तथा इलाहाबाद में 74823 हेक्टेयर यानी कुल 150132 हेक्टेयर सिंचाई करने की योजना है। नहरों की कुल लंबाई 171.80 किमी और क्षमता 46.46 क्युसेक पानी की होगी। इससे 170000 किसानों का परिवार लाभान्वित होगा। बाणसागर परियोजना से मध्यप्रदेश में 1.54 लाख हेक्टेयर तथा उत्तर प्रदेश में 1.50 लाख हेक्टेयर तथा बिहार राज्य में 94 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। केंद्र तथा प्रदेश सरकार ने विंध्य क्षेत्र की इस महत्वांकाक्षी अंतरराज्यीय परियोजना को पूरा करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। अब अदवा बैराज डाक-बंगले सहित भवन तथा पुल सहित पूरी परियोजना भगवा में रंग गए हैं। ऐसे में अब बाणसागर परियोजना का लोकार्पण कर प्रधानमंत्री एक तीर से कई निशाने साधेंगे।

Dakhal News

Dakhal News 15 July 2018


amit shah-ram mandir

हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने  कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का काम लोकसभा चुनावों से पहले शुरू हो जाएगा। शाह की पार्टी की तेलंगाना राज्य समिति के साथ हुई बैठक के संबंध में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पेराला शेखरजी ने शाह का हवाला देते हुए कहा कि इस संबंध में उठाए गए कदमों को देखें तो अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का काम लोकसभा चुनावों से पहले शुरू हो जाएगा। एक दिन की यात्रा पर हैदराबाद पहुंचे अमित शाह ने समय से पहले लोकसभा चुनाव कराए जाने की संभावनाओं से भी इन्कार किया है। शाह ने पार्टी नेताओं से राज्य में सरकार बनाने के लिए रणनीति तैयार करने को भी कहा। बता दें कि शुक्रवार को ही सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या केस पर सुनवाई के दौरान शिया वक्फ बोर्ड ने मुस्लिमों को मिली जमीन मंदिर के लिए दान देने की बात कही है।

Dakhal News

Dakhal News 14 July 2018


MP  नगरीय निकाय के चुनाव स्थगित, राज्य निर्वाचन आयोग का फैसला

   मप्र राज्य निर्वाचन आयोग ने 5 नगरीय निकाय के चुनाव को स्थगित कर दिया है। कलेक्टरों द्वारा वॉर्डों के आरक्षण में सही प्रक्रिया नहीं अपनाने और आरक्षित वॉर्डों की सूची राज्य शासन के गजट नोटिफिकेशन में प्रकाशित नहीं करने के चलते ये फैसला किया गया है। इस फैसले के बाद नगरपालिका परिषद अनूपपुर, नगर परिषद सांची (रायसेन), नगर परिषद भैंसदेही (बैतूल), नगर परिषद चुरहट (सीधी) और नगर परिषद नरवर (शिवपुरी) के चुनाव स्थगित हो गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के इस फैसले से सरकार को राहत मिली है। गौरतलब है कि सोमवार को ही आयोग ने इन 5 नगरीय निकायों के लिए निर्वाचन कार्यक्रम घोषित किया था। इसके तहत 3 अगस्त को मतदान और 7 अगस्त को मतगणना होना थी। लेकिन 9 जुलाई को नगरीय विकास व आवास विभाग ने शिवपुरी और रायसेन कलेक्टर को पत्र जारी कर उनके द्वारा किए गए आरक्षण में त्रुटियों की जानकारी दी। इसके अलावा नगरीय विकास विभाग ने आयोग को भी पत्र लिखकर जानकारी दी कि अनूपपुर, रायसेन, बैतूल, सीधी और शिवपुरी कलेक्टरों द्वारा किए गए वॉर्डों के आरक्षण की अधिसूचना का प्रकाशन राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित नहीं कराया गया। विभाग ने इस आधार पर निर्वाचन कार्यक्रम स्थगित करने का अनुरोध किया। मप्र नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 29 के तहत नगरीय निकायों के क्षेत्र विस्तार और वॉर्डों के आरक्षण का विषय शासन के अधिकार क्षेत्र का विषय है। आयोग ने नगरीय विकास विभाग के पत्र का परीक्षण किया और निष्कर्ष निकाला कि वॉर्डों का आरक्षण प्रक्रिया यदि सही तरीके से नहीं अपनाई गई तो निर्वाचन प्रक्रिया दूषित होने से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग ने मप्र नगरपालिका निर्वाचन नियम 1994 के नियम 23 और सहपठित नियम 11 (क) के अंतर्गत नगरपालिका परिषद अनूपपुर, नगर परिषद सांची (रायसेन), नगर परिषद भैंसदेही (बैतूल), नगर परिषद चुरहट (सीधी) और नगर परिषद नरवर (शिवपुरी) के चुनाव स्थगित करने का फैसला किया। इसके अलावा आयोग ने राज्य शासन को निर्देश दिए कि वॉर्डों के आरक्षण में सही प्रक्रिया अपनाकर उसकी अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित कर तत्काल आयोग को सूचित किया जाए जिससे इन स्थानों पर निर्वाचन की प्रक्रिया को नियमित किया जा सके।  

Dakhal News

Dakhal News 10 July 2018


बीजेपी  2200 पंचायतों में किसान चौपाल लगाएगी

भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश का किसान मोर्चा 11 जुलाई को प्रदेश की 2200 पंचायतों में एक साथ किसान चौपाल लगाएगा। इसमें युवा किसानों को बुलाया जा रहा है, ताकि उन्हें दिग्विजय शासनकाल में किसानों की बदहाल स्थिति से अवगत कराया जा सके। ये बात भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत ने कही। बकौल रावत, कुछ बहरूपिए हैं जो हमारे 19-20 साल के युवा किसानों को बरगला रहे हैं। इन युवाओं ने चूंकि दूसरी सरकार देखी नहीं हैं, इसलिए हम उन्हें कांगे्रस शासनकाल की हकीकत से अवगत कराएंगे। प्रदेश की 200 विधानसभाओं में प्रत्येक विधानसभा की 11 ग्राम पंचायतों में किसान चौपाल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा, प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह आदि शामिल होंगे।

Dakhal News

Dakhal News 10 July 2018


शिवराज बोले -किसानों को एक साल में दिये 35 हजार करोड़

  एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में एक साल में किसानों के खातों में विभिन्न योजनाओं में लगभग 35 हजार करोड़ रूपये की सहायता पहुँचाई गई है। राज्य सरकार ने नर्मदा के पानी को क्षिप्रा नदी में डालने के असंभव कार्य को संभव कर दिखाया है। आज नर्मदा मैया की कृपा से देवास को पीने का पानी सहजता से उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि देवास, उज्जैन, शाजापुर और आगर जिलों में सिंचाई के लिए नर्मदा-कालीसिंध पार्ट-1 व पार्ट-2 तथा नर्मदा मालवा-गंभीर पार्ट-01 और पार्ट-02 तथा नर्मदा मालवा-क्षिप्रा पार्ट-2 लिंक परियोजनाओं से सिंचाई की योजना तैयार की गई है। इसमें विभिन्न चरणों में लगभग 14 लाख 20 हजार एकड़ में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई की व्यवस्था होने से अगले पांच साल में इन जिलों में फसलों का पूरा पैटर्न ही बदल जाएगा। मुख्यमंत्री रविवार को देवास में ‘‘किसान महासम्मेलन’’ को संबोधित कर रहे थे। किसानों के 30 हजार बेटा-बेटियों के लिये ऋण की व्यवस्था श्री चौहान ने कहा कि किसानों को फसलों को लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए फसलों के निर्यात के भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिये एक्सपोर्ट प्रमोशन बोर्ड बनाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फुड प्रोसेसिंग इकाईयों की स्थापना को भी बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस साल किसानों के 30 हजार बेटा-बेटियों को इस योजना में ऋण दिलाने की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री चौहान ने असंगठित श्रमिकों और गरीबों के लिए लागू की गई मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना में मिलने वाले लाभों की जानकारी देते हुए कहा कि अगले चार साल में हर गरीब के पास अपना पक्का मकान होगा। गरीबों, श्रमिकों के बेटा-बेटियों की उच्च शिक्षा की फीस सरकार भरेगी। उन्होंने बताया कि बिजली बिल माफी योजना में सभी गरीबों और श्रमिकों के बिजली बिल माफ करने के लिए कैम्प लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मासूम बेटी के साथ अगर कोई दुराचार करेगा तो उसे फांसी की सजा देने का प्रावधान किया गया है। सागर में एक बच्ची के साथ हुई दुराचार की घटना में आरोपी को फांसी की सजा हो गई है। श्री चौहान ने महा-सम्मेलन में जनसैलाब से बेटी बचाने, बेटियों का मान-सम्मान करने, पानी बचाने, नया मध्यप्रदेश बनाने और खेती को लाभ का धंधा बनाने का आह्वान किया। महा-सम्मेलन में तकनीकी कौशल विकास (स्वतंत्र प्रभार) स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री दीपक जोशी, सांसद श्री मनोहर ऊंटवाल तथा विधायक श्रीमती गायत्रीराजे पवार ने भी विचार रखे। प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 34 करोड़ 81 लाख लागत की 3 सड़कों का भूमि-पूजन किया। देवास जिले के लगभग एक लाख 6 हजार किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ-2017 के 552 करोड़ रुपए से अधिक की दावा राशि के भुगतान प्रमाण-पत्र वितरण कार्य की शुरूआत की। प्रतीक स्वरूप हितग्राहियों को बीमा दावा राशि के प्रमाण-पत्र भी वितरित किए। महा-सम्मेलन में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में 2105 हितग्राहियों को 25 करोड़ 26 लाख के स्वीकृति पत्रों का वितरण किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री बिजली माफी योजना के पांच हितग्राहियों तथा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में दो महिलाओं को प्रतीक स्वरूप गैस कनेक्शन के प्रमाण-पत्र दिए गए। कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री सुरेंद्र पटवा, विधायक श्री आशीष शर्मा, श्री राजेंद्र वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह राजपूत, महापौर श्री सुभाष शर्मा, म.प्र. पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री रायसिंह सेंधव, मप्र खादी ग्रामोद्योग बोर्ड अध्यक्ष श्री सुरेश आर्य सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Dakhal News

Dakhal News 10 July 2018


manish sisodiya

  सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी दिल्ली का झगड़ा सुलझता नजर नहीं आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश आते ही केजरीवाल सरकार ने अफसरों के तबादलों की लंबी लिस्ट जारी कर दी थी। अब दिल्ली के सर्विसेज विभाग ने इस आदेश को मानने से इन्कार कर दिया है। इसके बाद गुरुवार सुबह केजरीवाल सरकार मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, यदि अफसर सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं मानेंगे तो अफरातफरी मचेगी। सिसोदिया ने अपील की कि केंद्र सरकार और उपराज्यपाल, सुप्रीम कोर्ट की वह बात मानें, जिसमें आपसी सामंजस्य के साथ काम करने की सलाह गई है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के बुधवार को अधिकारों के विवाद में फैसला आते ही केजरीवाल सरकार ने कैबिनेट बैठक के बाद ट्रांसफर और पोस्टिंग का अधिकार मंत्रियों को दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली के सर्विसेज विभाग ने केजरीवाल सरकार के आदेश को मानने से इन्कार कर दिया है। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने बुधवार की शाम को ही ट्रांसफर को लेकर आदेश दिए थे। सूत्रों के मुताबिक, सर्विसेज विभाग का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहीं भी अगस्त 2016 के उस नोटिफिकेशन को रद्द नहीं किया गया है, जिसमें ट्रांसफर पोस्टिंग का अधिकार उपराज्यपाल, मुख्य सचिव या सचिवों को दिया था। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अधिकारियों के ट्रांसफर अब मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री की इजाजत से होंगे। इस बीच, दिल्ली सरकार ने उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है, जो उसके निर्देशों में दिलचस्पी नहीं ले रहे थे। दिल्ली सरकार में काम कर रहे कई बड़े अधिकारियों के तबादले के आदेश गुरुवार तक जारी होने की संभावना है। उन्हें ऐसे विभागों में भेजा जा सकता है, जहां सीधे तौर पर सक्रिय भूमिका नहीं रहती है। इसमें उन अधिकारियों के नाम सबसे ऊपर हैं जो मुख्य सचिव के साथ मारपीट की घटना के बाद से अधिकारियों की ओर से विरोध में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। सूत्रों की मानें तो सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अपने हक में मानते हुए दिल्ली सरकार ने आईएएस और दानिक्स के 30 से 35 अधिकारियों की लिस्ट तैयार कर ली है। उनसे महत्वपूर्ण विभाग छीने जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली सरकार का दावा है कि अधिकारियों के तबादले का अधिकार उसके पास आ गया है, जबकि अभी तक ये तबादले उपराज्यपाल के निर्देश पर होते आ रहे हैं। वहीं, दिल्ली विधानसभा के पूर्व सचिव एसके शर्मा का कहना है कि अभी भी सेवाएं विभाग गृह मंत्रलय के पास है। जिस पर उपराज्यपाल ही तबादला व नियुक्तियों पर फैसला लेंगे। दिल्ली सरकार यदि इसमें कुछ कह रही है तो गलत है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी याद दिला दिया कि जनादेश का अर्थ यह नहीं कि वह अधिकार से बाहर जाकर या फिर संविधान से परे भी कुछ किया जा सकता है। काल्पनिक आदर्श के लिए कोई स्थान नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने याद दिलाया कि जनप्रतिनिधि पद ग्रहण करते वक्त संविधान की शपथ लेते हैं। ऐसे में उनसे यह अपेक्षा होती है कि वह संविधान की मर्यादा और उसकी व्याख्या का ध्यान रखें। वोटरों की अपेक्षाओं को नीतियों में बदलने, उसे कानून का स्वरूप देने का कर्तव्य है। लेकिन संविधान के बाहर जाकर नहीं। संविधान में किसी भी तरह के वैचारिक सिद्धांत या कल्पना के लिए स्थान नहीं है। वही किया जा सकता है जो संविधान के अनुसार व्यावहारिक हो। ध्यान रहे कि इसी क्रम में कोर्ट ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा से इन्कार कर दिया। पिछले दिनों में जिस तरह दिल्ली सरकार अनशन पर दिखी शायद उस पर भी कोर्ट ने असहमति जताई।  

Dakhal News

Dakhal News 5 July 2018


gurjar arkshan

  राजस्थान सरकार ने गुर्जरों की एक मांग और मानते हुए उन्हें बैकडेट (पूर्व प्रभावी) से एक प्रतिशत आरक्षण देने का आदेश जारी कर दिया है। गौरतलब है कि गुर्जरों ने सात जुलाई को प्रधानमंत्री की जयपुर में होने वाली सभा में विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी हुई है। राजस्थान सरकार की ओर से मंगलवार को जारी आदेश में कहा गया है कि गुर्जर सहित पांच अति पिछड़ी जातियों को दिसंबर, 2016 से सितंबर 2017 के बीच निकाली गई सरकारी भर्तियों में भी एक प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाए। इसके लिए यदि अतिरिक्त पद सृजित कराने हों तो उसकी अनुमति भी ले ली जाए। दरअसल, गुर्जरों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने का जो बिल राजस्थान सरकार ने 2015 में पारित किया था, उस पर हाई कोर्ट ने दिसंबर 2017 में रोक लगा दी थी। इसके चलते गुर्जरों के पास सिर्फ ओबीसी में ही आरक्षण रह गया था। यह स्थिति सितंबर 2017 तक रही। सितंबर 2017 में सरकार ने एक नया बिल पारित किया था, जिसमें गुर्जरों सहित पांच पिछड़ी जातियों को ओबीसी का 21 प्रतिशत का कोटा बढ़ा कर आरक्षण दिए जाने का प्रावधान था। गुर्जरों ने हाल में राजस्थान सरकार से जो समझौता किया था, उसमें उन्हें दिसंबर 2016 से सितंबर 2017 के बीच की भर्तियों में भी एक प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया था, लेकिन यह आदेश सोमवार को जारी नहीं किया गया था। गुर्जरों के विरोध प्रदर्शन के रूख को देखते हुए सरकार ने कैबिनेट से मंजूरी दिलवा कर यह आदेश भी जारी कर दिया। हालांकि, गुर्जरों की ओबीसी के वर्गीकरण के लिए राजस्थान में समिति बनाने की मांग पर सरकार ने अब भी कुछ नहीं किया है। गुर्जर नेता हिम्मत सिंह का कहना है कि विरोध-प्रदर्शन के निर्णय पर हम समाज के प्रतिनिधियों से बात कर निर्णय करेंगे।

Dakhal News

Dakhal News 5 July 2018


सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली में राज्य सरकार और केंद्र के बीच जारी अधिकारों की जंग पर सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने बुधवार को फैसला सुनाया। अपने फैसले में पांच जजों की बैंच ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की चुनी सरकार का महत्व है। इसलिए मंत्रिमंडल के पास फैसले लेने का अधिकार है। तीन जजों ने एकमत से कहा कि एलजी दिल्ली के प्रशासक हैं लेकिन वो कैबिनेट के साथ समन्वय के साथ काम करें। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जनता की जीत करार दिया है। सिसोदिया ने कहा कि यह एक लैंडमार्क फैसला है और अब सरकार को अपनी फाइले मंजूरी के लिए एलजी के पास नहीं भेजनी होंगी। कोर्ट ने कही यह अहम बातें राज्य में चुनी हुई सरकार है और एलजी उसके फैसले में बाधा नहीं डाल सकते। चुनी हुई सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही है। कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य में अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि शक्तियों का समन्वय होना चाहिए। शक्ति एक जगह केंद्रित नहीं हो सकती। कोई भी सरकार जनता को उपलब्ध होनी चाहिए। हमारी संसदीय प्रणाली है और और केंद्र संसद के प्रति जवाबदेह है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केंद्र और राज्य मिलकर काम करें। संघीय ढांचे में राज्यों को स्वतंत्रता है। कोर्ट ने कहा कि जनमत महत्वपूर्ण है और इसे तकनिकी मामलों में नहीं उलझाया जा सकता। एलजी दिल्ली के प्रशासक हैं क्योंकि और राज्यों के मुकाबले दिल्ली की स्थिति भिन्न है। अगर किसी मामले पर राज्य कैबिनेट से एलजी की राय मेल नहीं खाती है तो एलजी उसे खारिज करने की बजाय राष्ट्रपति को भेजे। कोर्ट ने कहा कि कैबिनेट को भी लिए गए फैसले के लिए एलजी की मंजूरी जरूरी नहीं है लेकिन उन्हे हर फैसला बाताया जाए। राज्य सरकार कोई भी फैसला अकेले लेकर उसे लागू कर दे यह ठीक नहीं है। संसद का बनाया कानून सर्वोच्च है, हालांकि, कुछ मामलों में राज्य सरकार कानून बना सकती है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने उप राज्यपाल को दिल्ली का प्रशासनिक मुखिया घोषित करने के हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अपीलीय याचिका में दिल्ली की चुनी हुई सरकार और उप राज्यपाल के अधिकार स्पष्ट करने का आग्रह किया गया है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एके सीकरी, न्यायमूर्ति एमएम खानविल्कर, न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से पेश दिग्गज वकीलों की चार सप्ताह तक दलीलें सुनने के बाद गत छह दिसंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। दिल्ली सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील गोपाल सुब्रमण्यम, पी. चिदंबरम, राजीव धवन, इंद्रा जयसिंह और शेखर नाफड़े ने बहस की थी जबकि केन्द्र सरकार का पक्ष एडीशनल सालिसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने रखा था। दिल्ली सरकार की दलील थी कि संविधान के तहत दिल्ली में चुनी हुई सरकार है और चुनी हुई सरकार की मंत्रिमंडल को न सिर्फ कानून बनाने बल्कि कार्यकारी आदेश के जरिये उन्हें लागू करने का भी अधिकार है। दिल्ली सरकार का आरोप था कि उप राज्यपाल चुनी हुई सरकार को कोई काम नहीं करने देते और हर एक फाइल व सरकार के प्रत्येक निर्णय को रोक लेते हैं। हालांकि दूसरी ओर केंद्र सरकार की दलील थी कि भले ही दिल्ली में चुनी हुई सरकार हो लेकिन दिल्ली पूर्ण राज्य नहीं है। दिल्ली विशेष अधिकारों के साथ केंद्र शासित प्रदेश है। दिल्ली के बारे में फैसले लेने और कार्यकारी आदेश जारी करने का अधिकार केंद्र सरकार को है। दिल्ली सरकार किसी तरह के विशेष कार्यकारी अधिकार का दावा नहीं कर सकती।

Dakhal News

Dakhal News 4 July 2018


अविश्वास प्रस्ताव- अमित जोगी

रायपुर में छत्तीसगढ़  विधानसभा में मंगलवार को स्पीकर गौरीशंकर अग्रवाल ने जिस समय सदन में अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दी, उस वक्त सदन में अमित जोगी व सियाराम कौशिक नहीं थे। केवल आरके राय ही सदन में मौजूद थे। इस पर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने आपत्ति की। कहा- अविश्वास प्रस्ताव की सूचना देकर सदन में उपस्थित नहीं होना दुर्भाग्यजनक और सदन का अपमान है। अमित की अनुपस्थिति पर कांग्रेसी सदस्यों ने टिप्पणी करते हुए उन्हें सरकार की बी टीम करार दिया। भूपेश बघेल ने कहा कि सत्ता पक्ष की तरफ इशारा करते हुए कहा कि आप ही लोगों के कहने पर यह प्रस्ताव लाया गया था। इस पर मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय ने कहा कि दो दिन में उनको भान हो गया कि यह सरकार विश्वास के लायक है। अविश्वास प्रस्ताव जुलाई 2015 के सत्र में पहला अविश्वास प्रस्ताव रखा गया। 24 व 25 जुलाई को 24 घंटे 25 मिनट चली चर्चा। दिसंबर 2017 के सत्र में आया दूसरा अविश्वास प्रस्ताव। 22 जुलाई को दोपहर 12ः22 पर चर्चा शुरू हुई, जो दूसरे दिन सुबह 07ः06 बजे तक कुल 18 घंटे 38 मिनट चली। एक मात्र अविश्वास प्रस्ताव दिसंबर 2011 में लाया गया। इस पर 16, 19 और 20 दिसंबर को कुल 23 घंटे 19 मिनट चर्चा चली। रमन सरकार के पहले कार्यकाल में दिसंबर 2007 में अविश्वास प्रस्ताव सदन में रखा। इस पर 03 और 04 दिसंबर को कुल 17 घंटे 50 मिनट तक चर्चा चली। तत्कालीन जोगी सरकार के खिलाफ पहला अविश्वास प्रस्ताव 2002 में लाया गया। इस पर 30 सितंबर व 01 अक्टूबर को कुल 17 घंटे 08 मिनट चर्चा हुई। राज्य की पहली सरकार के खिलाफ दूसरा अविश्वास प्रस्ताव जुलाई 2003 में सदन में लाया गया। इस पर 29 जुलाई को 11 घंटे 52 मिनट तक चर्चा चली।  

Dakhal News

Dakhal News 4 July 2018


रामदेव ने पहुंचाई ठेस , उमा भारती खफा

  बाबा रामदेव द्वारा गंगा की सफाई को लेकर दिए गए बयान से केंद्रीय मंत्री उमा भारती नाराज हो गईं हैं। उन्होंने इसके विरोध में पत्र भी लिखा है। अपने पत्र में उमा भारती ने लिखा है कि ऐसी बाते उन्हें नुकसान पहुंचा सकती हैं। उमा ने अपने पत्र में लिखा कि आपके द्वारा गंगा की विवेचना करते समय दो मंत्रियों की तुलना करना मुझे अजीब लगा। मैं खुद भी गडकरी जी की प्रशंसक हूं। लंदन में न्यूज चैनल पर मेरे बारे में टिप्पणी करते समय आपको यह ध्यान नहीं रहा कि आप मेरे आत्मसम्मान को ठेस पहुंचा रहे हैं। पत्र में आगे लिखा है कि आठ साल की उम्र से आज 50 साल तक के परिश्रम, विचार और राष्ट्रवाद मेरी शक्ति रहे हैं जिनकी विश्वसनीयता के चलते मुझे राजनीति में उचित स्थान मिला है। आप मेरे मार्गदर्शक हैं। बता दें कि बाबा रामदेव ने लंदन में एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान गंगा की स्वच्छता को लेकर कहा था कि उमा की फाइल ऑफिस में अटक जाती है जबकि गडकरी की नहीं। देश में सबसे ज्यादा किसी का काम दिखाई देता है तो वो गडकरी का है।  

Dakhal News

Dakhal News 2 July 2018


 छत्तीसगढ़ में मानसून सत्र के पहले दिन रिंकू खनूजा की मौत पर हुआ हंगामा

रायपुर में विधानसभा में मानसून सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहा। विपक्ष ने विधानसभा में रिंकू खनूजा की मौत मामले में जमकर हंगामा किया। कांग्रेस ने खनूजा की मौत को सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए स्थगन पेश कर चर्चा की मांग की, लेकिन आसंदी ने विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके बाद विपक्ष ने हंगामा किया और नारेबाजी करते हुए रिंकू खनूजा की मौत मामले में जांच कराए जाने की मांग की। विपक्ष के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि रिंकू खनूजा की पत्नी ने एसपी को पत्र लिखा है जिसमें कहा गया है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है और इस आत्महत्या मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस की भूमिका बेहद संदिग्ध है। बघेल ने कहा कि अब तक इस मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पेश नहीं की है। प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और ये बेहद गंभीर मामला है ।टी एस सिंहदेव ने इस मामले में कहा कि रिंकू खनूजा की मौत मामले की जांच पुलिस कर रही है जबकि रिंकू की मौत सीबीआई पूछताछ के दौरान हुई है। इस मामले पर बोलते हुए प्रेमप्रकाश पांडेय ने कहा कि सीबीआई केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाली संस्था है। सीबीआई जिस मामले की जांच कर रही है, उसकी चर्चा सदन में नहीं कराई जा सकती। जो मामला विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में नहीं है, उस पर चर्चा नहीं कराई जा सकती है। गौरतलब है बहुचर्चित सेक्स सीडी कांड मामले में सीबीआई जांच के घेरे में आने के बाद रिंकू खनूजा की कथित आत्महत्या पर सवाल उठाए जा रहे हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 2 July 2018


वित्त मंत्री अरुण जेटली

स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा राशि में बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष के हमलों का वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तर्कों के साथ जवाब दिया है। उन्होंने इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया। कहा, जरूरी नहीं है कि स्विस बैंकों में जमा सारा पैसा कालाधन ही हो। फिर भी अगर कोई दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अपने ब्लॉग में जेटली ने बताया कि स्विस बैंकों में जमा धन किनका है। भारतीय मूल के उन लोग का, जिन्होंने दूसरे देश की नागरिकता ले रखी है या फिर अनिवासी भारतीय हैं। भारतीय भी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए स्विस बैंकों में पैसा जमा करा सकते हैं। इसलिए इन श्रेणियों के जमाकर्ताओं की राशि को कालाधन नहीं कहा जा सकता। कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने इस बीच मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कहा कि इसमें से करीब 40 फीसद राशि रुपए बाहर भेजने की उदार योजना (लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम-एलआरएस) की वजह से वहां पहुंची है। एलआरएस पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के कार्यकाल में लागू हुई थी। इसमें कोई भी व्यक्ति प्रतिवर्ष 2.50 लाख डॉलर तक बाहर भेज सकता है। राहुल ने सरकार को घेरा इस मामले पर कांग्रेस ने राजग सरकार पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट के जरिए प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, 2014 में उन्होंने कहा था स्विस बैंकों में जमा सारा कालाधन वापस लाएंगे और सभी भारतीयों के खातों में 15 लाख रुपए जमा कराए जाएंगे। इसी तरह 2016 में नोटबंदी के समय उन्होंने कहा था कि इस फैसले से भारत को कालेधन से छुटकारा मिल जाएगा। अब 2018 में वह स्विस बैंकों में भारतीयों के जमा धन में 50 फीसदी उछाल को साफ-सुथरी रकम बता रहे हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 30 June 2018


चुनाव से पहले शिवराज की क्लास

  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गरीब को उसका जायज़ हक़ मिले। इसके लिये सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर प्रयास किये गये हैं। योजनाओं का क्रियान्वयन इस तड़प के साथ किया जाये कि कोई भी पात्र व्यक्ति इनके लाभ से वंचित नहीं रहे। क्रियान्वयन पंचायत स्तर तक प्रशासनिक कसावट के साथ हो। इसकी नियमित मॉनीटरिंग की जाये। लापरवाही के प्रकरणों में कठोर कार्रवाई की जाये। श्री चौहान ने अवैध खनन के प्रकरणों में वाहन नीलामी की कार्रवाई करने और महिलाओं पर होने वाले अपराधों को रोकने के लिये प्रभावी रणनीति बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आगामी पर्वों और मौसम को दृष्टिगत रखते हुए अग्रिम कार्य-योजना बनायें। श्री चौहान आज मंत्रालय में संभागायुक्तों और पुलिस महानिरीक्षकों की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह और पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि संबल योजना गरीबी दूर करने का सबसे प्रभावी प्रयास है। योजना का लाभ हर जरूरतमंद को मिले, इसकेलिये सजगता और सक्रियता के साथ योजना की मॉनीटरिंग की जाये। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन कार्य की वे स्वयं प्रतिदिन समीक्षा करेंगे। योजना का सीएम डैशबोर्ड बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब की आवश्यकताओं को पूरा करना ही गरीबी दूर करने का सबसे प्रभावी तरीका है। संबल योजना का क्रियान्वयन व्यापक स्तर पर करने के लिये जरूरी है कि आम आदमी योजना को भलीभांति समझें। इसके लिये व्यापक स्तर पर सभी प्रचार माध्यमों का उपयोग किया जाये। इसमें कोई कोर-कसर बाकी नहीं रहनी चाहिये। मुख्यमंत्री ने फ्लेट रेट विद्युत और बकाया बिल समाधान योजना की समीक्षा की। उन्होंने विद्युत कनेक्शन के नामांतरण कार्य के लिये स्टाम्प शुल्क की बाध्यता को समाप्त करवाने केलिये कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबल निगरानी समिति के सदस्यों को योजना के एम्बेसडर के रूप में स्थापित किया जाये। विद्युत बिल पंजीयन शिविरों में और मास्टर ट्रेनर के प्रशिक्षण कार्यक्रम में समिति सदस्यों को शामिल किया जाये। उन्होंने कहा कि इस वर्ष उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले द्वितीय और अंतिम वर्ष के अध्ययनरत छात्रों की फीस भी सरकार भरवा रही है। इस संबंध में व्यापक स्तर पर छात्र-छात्राओं को जानकारी दी जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहाकि प्रशासनिक व्यवस्थाएं इतनी चुस्त और दुरूस्त हों कि गरीब और अनूसूचित जनजाति के सदस्य के साथ कोई छल नहीं कर सके। उन्होंने सरकार के कल्याणकारी कार्यों के लाभ उन तक पहुँचाने और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करने के लिये निर्देशित किया। उन्होंने वनाधिकार पट्टे, कुपोषण, बँटवारे, जाति प्रमाण पत्र, वनोपज संग्रहण और विक्रय, निजी भूमि पर पेड़ काटने के अधिकार से संबंधित समस्याओं का परीक्षण करने और प्रभावी समाधान के लिये संभागायुक्तों को व्यक्तिगत उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने के लिये निर्देशित किया। कहा कि वनाधिकार दावों के पुन: परीक्षण के कार्य को और अधिक गति से संचालित करें ताकि अगस्त माह तक सभी पात्रों को वनाधिकार पट्टे मिल जायें। चरण पादुका योजना के अंतर्गत सभी पात्र व्यक्तियों को सामग्री मिलना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रहने लायक भूमि के टुकड़े का अधिकार पत्र 15 अगस्त से पूर्व सभी पात्र परिवारों को मिल जाये। नगरीय क्षेत्र की भूमि पर लम्बे समय से बसे परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिये विशेष दृष्टि के साथ प्रयास हो। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी राजस्व न्यायालय मॉनीटरिंग सिस्टम की समीक्षा समय-समय पर करेंगे। साथ ही बटाईदार कानून एवं भू-राजस्व संहिता में किये जा रहे क्रांतिकारी बदलाव का प्रचार-प्रसार करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अगर किसी किसान को गेहूँ, चना और मसूर का किसी कारणवश उपार्जन पोर्टल पर दर्ज नहीं हो सका है, उन प्रकरणों का परीक्षण स्वयं संभागायुक्त करें। उनके प्रतिवेदन के आधार पर छूट गये किसानों को दर्ज करने के लिये पोर्टल खुलवाया जायेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिये कि व्यवस्था से केवल वास्तविक किसान ही लाभान्वित हों। साथ ही, गेहूँ खरीदी की राशि का शीघ्र भुगतान भी सुनिश्चित किया जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंदसौर की घटना के अपराधियों को जल्द से जल्द दण्ड दिलाने के लिये सजगता के साथ प्रयासों की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि आगामी समय में पर्वों को दृष्टिगत रखते हुए संवदेनशील कार्य प्रणाली के साथ व्यवस्थाएं की जायें। हर हाल में साम्प्रदायिक सौहार्द्र को सुनिश्चित किया जाये। प्राकृतिक आपदाओं की आशंका के दृष्टिगत अग्रिम कार्य-योजना बनाई जाये, जिसमें राहत और बचाव के समुचित प्रबंध हों। उन्होंने कहा कि अवैध खनन के प्रकरणों में वाहन जप्त कर नीलामी की कार्रवाई की जानी चाहिये। इसी तरह असामाजिक तत्वों के विरूद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाये। मुख्यमंत्री ने विगत दिनों प्रदेश में की गई कार्रवाई के सकारात्मक परिणामों का उल्लेख भी किया। उन्होंने सायबर क्राईम और सोशल मीडिया की कड़ी निगरानी की जरूरत बताई। मादक पदार्थों के व्यापार को रोकने के लिये विशेष प्रयास करने के लिये कहा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 14 जुलाई से प्रदेश में जन-आशीर्वाद यात्रा का आयोजन किया जायेगा। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री आम जन के साथ सीधा संवाद करेंगे। गरीब बस्तियों में जाकर रहवासियों के साथ चर्चा करेंगे। शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत से परिचित होंगे। क्रियान्वयन कार्य की समीक्षा के लिये राजस्व न्यायालय, छात्रावास, चिकित्सालय, विद्यालय और निर्माण कार्यों का भी आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान बताया गया कि फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2017 के दावों की राशि का शीघ्र वितरण किया जायेगा। इससे प्रदेश के 17 लाख 77 हजार 300 किसानों को 5260 करोड़ रूपये की राशि मिलेगी। यह देश में किसानों को मिलने वाली अभी तक की सर्वाधिक राशि है। बैठक में अपर मुख्य सचिव कृषि श्री पी.सी. मीना, अपर मुख्य सचिव वन श्री के.के. सिंह, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री इकबाल सिंह बैस, श्रम, कृषि, ऊर्जा, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग, अनुसूचित जनजाति कल्याण, राजस्व, नगरीय प्रशासन आदि विभागों के प्रमुख सचिव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 30 June 2018


अब मजदूरों को शिवराज में सस्ती बिजली

  मध्यप्रदेश के लिये एक जुलाई 2018 ऐतिहासिक दिन साबित होने जा रहा है। इस दिन से मध्यप्रदेश सरकार लाखों पंजीकृत श्रमिकों और बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं को बिजली के मामले में बहुत बड़ी राहत देने जा रही है। कम आय वाले श्रमिक और बीपीएल उपभोक्ताओं को अब बिजली के बड़े बिल को लेकर चिंता नहीं करनी होगी। पंजीकृत श्रमिकों को प्रति माह बिजली बिल मात्र 200 रूपये का भुगतान करना होगा। इससे ज्यादा राशि का बिल आने पर उसकी पूर्ति राज्य शासन द्वारा सब्सिडी देकर की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पहल और मंशा के अनुरूप मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना-2018 में पंजीकृत श्रमिकों को बिजली बिलों में राहत देने के लिये एक जुलाई से व्यापक स्तर पर सरल बिजली बिल स्कीम एवं मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम को लागू किया जा रहा है। सरल बिजली बिल स्कीम का लाभ 88 लाख पंजीकृत श्रमिकों को मिलेगा। मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम से 77 लाख पंजीकृत श्रमिक और बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ता लाभांन्वित होंगे। सरल बिजली बिल स्कीम में शामिल होने के लिये कोई अंतिम तिथि नहीं होगी। वितरण केन्द्रों में हितग्राहियों को लाभ देने की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। जहां मीटर स्थापित होंगे, वहां उनमें अंकित खपत के आधार पर बिल की राशि की गणना की जायेगी। ग्रामीण क्षेत्रों के अनमीटर्ड संयोजनों पर विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित दरों से बिल की गणना की जायेगी। उपभोक्ता को केवल 200 रूपये प्रति माह देने होंगे, शेष राशि की सब्सिडी शासन द्वारा दी जायेगी। पात्रताधारी परिवारों को बिना कनेक्शन प्रभार लिये (नि:शुल्क) बिजली कनेक्शन की सुविधा दी जायेगी। राज्य शासन वार्षिक सब्सिडी के रूप में एक हजार करोड़ रूपये उपलब्ध करायेगा। हितग्राही के स्वयं उपभोक्ता होने पर स्कीम का लाभ मिलेगा। उपभोक्ता परिवार का सदस्य होने और साथ में निवास करने पर भी लाभ की पात्रता रहेगी। इसके लिये परिवार का सदस्य वही माना जायेगा, जो समग्र डाटाबेस में परिवार के रूप में दर्ज होगा। उपभोक्ता के चाहने पर 500 रूपये के स्टाम्प पर नामांतरण की सुविधा रहेगी। एयर कंडीशनर (ए.सी.), हीटर, एक हजार वॉट से अधिक के उपभोक्ता योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में स्कीम के तहत सुविधा केवल बल्ब, पंखा और टी.वी. चलाने पर ही मिलेगी। एक हजार वॉट में 4 बल्ब, 2 पंखे, एक टीवी और एक कूलर चल सकेंगे। हितग्राही को विद्युत वितरण कंपनी के केन्द्र या जोन या इसके लिये लगाये जा रहे केम्प में निर्धारित फार्म में आवेदन देना होगा। आवेदन में केवल श्रमिक पंजीयन नंबर ही देना होगा। स्कीम में शामिल होने के लिये कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। बिजली का बिल आवेदन का परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों का जुलाई का बिल जो अगस्त में आयेगा, उसमें अधिकतम 200 रूपये भुगतान करने का उल्लेख होगा। बिल में उपभोक्ता द्वारा दी जाने वाली राशि और शासन की सब्सिडी का भी उल्लेख होगा। मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम पंजीकृत श्रमिकों और बीपीएल उपभोक्ताओं को राहत पहुँचाने के लिये एक जुलाई से शुरू हो रही मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम में हितग्राहियों को लाभ दिलवाने की कार्रवाई भी वितरण केन्द्रों में लगातार जारी रहेगी। जून 2018 स्थिति में बिजली बिल की बकाया पूरी राशि माफ की जायेगी। इसमें मूल बकाया राशि एवं सरचार्ज भी शामिल रहेगा। शासन द्वारा इस योजना के लिये लगभग 1806 करोड़ रूपये की सब्सिडी दी जायेगी। योजना का लाभ 77 लाख पंजीकृत श्रमिकों और बीपीएल उपभोक्ताओं को मिलेगा। उपभोक्ता के पंजीकृत श्रमिक के सगे-सम्बधी होने और साथ में रहने पर ही लाभ मिलेगा। इस योजना में भी परिवार का सदस्य उन्हीं को माना जायेगा, जिनका नाम सम्रग डाटा बेस में परिवार के रूप में अंकित होगा। न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण तथा विद्युत अधिनियम की धारा 126, 135 एवं 138 में दर्ज प्रकरणों की स्थिति में भी लाभ दिया जायेगा। पिछली सामाधान योजना में लाभ ले चुके उपभोक्ता भी स्कीम का लाभ ले सकेंगे। हितग्राही को वितरण केन्द्र या जोन अथवा शिविरों में निर्धारित प्रपत्र में आवेदन देना होगा। विद्युत कंपनियों द्वारा वितरण केन्द्रवार जुलाई में शिविर लगाये जायेगे। फार्म में उपभोक्ता को केवल श्रमिक पंजीयन अथवा बीपीएल कार्ड का नंबर देना होगा। आवेदन के परीक्षण के बाद हितग्राहियों को बिल माफी का प्रमाण-पत्र दिया जायेगा।    

Dakhal News

Dakhal News 30 June 2018


narendr modi

  कबीर दास जी की जयंती पर कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को संत कबीर दास की परिनिर्वाण स्‍थली मगहर पहुंचे। यहां उन्होंने आयोजित एक कार्यक्रम को भी संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने इशारों में विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि कबीर धूल से उठे और माथे का चंदन बन गए, उन्होंने समाज में जाति का भेद मिटाने के साथ उस समाज को जागृत किया। कबीर का पूरा जीवन सत्‍य की खोज में बीता है। वह फक्‍कड़ स्‍वभाव के थे, लेकिन दिल के साफ थे। बाहर से कठोर और भीतर से कोमल थे। वह अपने जन्‍म से नहीं कर्म से महान बन गए। संत कबीर के बाद संत रैदास आए। अंबेडकर आए। सभी ने अपने-अपने तरीके से समाज को रास्‍ता दिखाया। बाबा साहब अंबेडकर ने हमें जीने का अधिकार दिया। आज समाज में राजनीतिक लाभ लेने के लिए समाज में असंतोष पैदा कर रहे हैं। कुछ दलों को शांति और विकास नहीं, कलह और अशांति चाहिए, उनको लगता है जितना असंतोष और अशांति का वातावरण बनाएंगे उतना राजनीतिक लाभ होगा। पीएम ने कहा कि सच्चाई यह है कि ऐसे लोग जमीन से कट चुके हैं। उन्‍होंने कहा कि देश के राजनेताओं को गरीबों की चिंता नहीं रही। उन्हें बंगले का मोह है। करोड़ों के बंगले बनाने वालों ने गरीबों के लिए कुछ नहीं कहा। उन्‍होंने कभी गरीबों के लिए घर का निर्माण नहीं कराया। जब मोदी सरकार आई तो गरीबों के लिए छत का इंतजाम शुरू करा दिया। अभी दो दिन पहले ही देश में आपाल काल के 47 साल हुए। सत्‍ता की लालच ऐसा हो गया है कि आपात काल लाने वाले और उसका विरोध करने वाले कंधा से कंधा मिला लिए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन तलाक के मामले में भी इन राजनीतिक दलों को देखा है। आज मुस्लिम महिलाएं भी तीन तलाक के खिलाफ हैं। लेकिन राजनीतिक दलों के लोग मुस्लिम महिलाओं की भलाई की कोई चिंता नहीं है। कबीरदास ने कहा था कि शासक वही है जो जनता की पीड़ा को समझता हो और उसका निदान करता हो। पर अफसोस कुछ परिवार आज कबीरदास की बात को पूरी तरह नकारने में लगे हैं। वह भूल गए हैं कि आज हमारे साथ कबीर दास हैं। कबीर दास मनुष्‍य-मनुष्‍य के बीच भेद पैदा करने वालों के खिलाफ थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि कबीर के दर्शन को लोग नहीं समझ रहे हैं। हमारी सरकार गरीब, दलित, पीडि़त, वंचित लोगों के लिए काम कर रही है। लगभग पांच करोड़ लोगों का खाता खुलवाया। करीब एक करोड़ लोगों को सुरक्षा बीमा का कवच देकर और यूपी के गांवों में सवा करोड़ शौचालय बनवाया। हमने सुलभ स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं देने का वीणा उठाया है। कबीर श्रमयोगी थे। कबीर ने कहा था कि काल करे सो आज कर---उसी के तहत तेजी के साथ बन रही सड़कें एवं कार्य कबीर के विचारों का प्रतिबिंब है। भारत का पूर्वी भाग काे विकास से अलग कर दिया था। आज काम हो रहा है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने कहा कि कबीर को समझने के लिए कोई भाषा नहीं गढ़ी। बोलचाल की भाषा का इस्‍तेमाल किया। बोलचाल की भाषा में ही उन्‍होंने जीवन दर्शन को बताया। उनके कई दोहों का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि समय के साथ समाज में आने वाली आंतरिक बुराइयों को समाप्‍त करने के लिए ऋृषियों, मुनियों ने हमें मार्ग दिखाया। देश की चेतना को बचाने का कार्य संतों ने समय समय पर किया। उन्‍होंने बल्‍लभाचार्य, रामानुजाचार्य, रामानंद, तुलसी आदि कई संतों का नाम लेते हुए कहा कि उस दौर में भी तमाम विपत्तियों से गुजरते हुए समाज को नई दिशा दी। रामानंद ने तो समाज के सभी वर्गों को जोड़कर जाति-पाति और छुआछूत को समाप्‍त किया। पीएम आगे बोले कि, प्रधानमंत्री ने कहा कि कबीर व्‍यक्ति से अभिव्‍यक्ति बन गए। उन्‍होंने समाज की चेतना को जागृत करने का काम किया। उन्‍होंने कहा था कि यदि हृदय में राम है तो क्‍या काशी क्‍या मगहर। कबीर दास कहते थे कि हम काशी में प्रकट भये हैं, रामानंद चेताए। कबीर भारत की आत्‍मा और रससार कहे जा सकते हैं। उन्‍होंने जाति-पाति के भेद तोड़ा। पीएम ने कहा कि सैकड़ों वर्षों की गुलामी के कालखंड में अगर देश की आत्मा बची रही, तो वो ऐसे संतों की वजह से ही हुआ। इससे पहले अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए पीएम ने उपस्थित जनसमुदाय को भोजपुरी में प्रणाम किया और कहा कि इस पावन भूमि को प्रणाम करत बानी। यह हमार सौभाग्‍य है कि आज हम यहां आइल बानी। उन्‍होंने कहा कि आज मुझे भी तीर्थ स्‍थल पर आने का मौका मिला। मैने कबीर की मजार पर चादर चढ़ाई, फूल चढ़ाया। कबीर दास की गुफा भी देखी। ऐसा कहा जाता है कि यहां पर गुरु गोरखनाथ, संतकबीर दास और गुरु नानक ने एक साथ बैठकर आध्‍यत्मिक चर्चा की थी। उन्‍होंने कहा कि तीरथ गए तो एक फल...कहकर कहा कि यह भूमि पूण्‍य फल देने वाला है। करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से कबीर के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जाएगा। इससे पहले पीएम ने यहां कबीर की समाधि और मजार पर चादर चढ़ाकर शीश नवाया। इसके बाद उन्होंने यहा 24.9375 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली संतकबीर शोध अकादमी का शिलान्यास किया। क्षेत्र के विकास के लिए कई अन्य परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जाएगी। मजार पर चादर चढ़ाने के बाद प्रधानमंत्री उस गुफा में भी गए जहां कहा जाता है कि कबीर दास जी ध्यान किया करते थे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। कबीर निर्वाण स्थली पर आयोजित इस समारोह में प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। कबीर की निर्वाण स्थली मगहर में प्रधानमंत्री का आगमन 2019 के आसन्न लोकसभा चुनावों के लिहाज से खास माना जा रहा है।  

Dakhal News

Dakhal News 28 June 2018


राजनांदगांव  में भाजपा को झटका

छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय उपचुनाव में भाजपा को करारा झटका लगा है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निर्वाचन क्षेत्र राजनांदगांव में पार्षद के उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार एजाज अंसारी की जीत हुई है। अंसारी ने भाजपा के घनश्याम ताम्रकार को 107 वोट से हराया। हालांकि नगर पंचायत राहौद में अध्यक्ष की कुर्सी भाजपा की शैलबाई कश्यप ने बचा ली। यहां भाजपा के सीताराम कश्यप के निधन के बाद उपचुनाव हुआ था। नगरीय निकाय की 13 सीटों पर हुए उपचुनाव के परिणाम बुधवार को घोषित हुए। इसमें भाजपा ने छह, कांग्रेस ने पांच और दो सीट पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस के अवधेश शुक्ला ने तखतपुर, सीमा सिन्हा ने धमतरी, रश्मि मिश्रा ने नगर पंचायत बेमेतरा में जीत दर्ज की है। बोदरी से निर्दलीय रेखा सोनी व डोंडी से किरणकुमार गुवार्य ने जीत दर्ज की। आदिवासी क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार बाबूराव मरकाम ने कोंटा, बिमला बघेल व भूपेश ठाकुर ने अंतागढ़ में सीट बचाई है। चिरमिरी में भाजपा की चांदनी यादव व झगड़खान से बिंदू वर्मा जीती हैं।

Dakhal News

Dakhal News 28 June 2018


aapatkal

   केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने करीब चार दशक पूर्व (25 जून, 1975) इंदिरा गांधी सरकार द्वारा लागू "कपटपूर्ण" आपातकाल को याद करते हुए रविवार को कहा कि इसमें संवैधानिक प्रावधानों का इस्तेमाल लोकतंत्र को संवैधानिक आपातकाल में बदलने के लिए किया गया। "द इमरजेंसी रीविजिटेड" शीर्षक से फेसबुक पोस्ट की तीन भागों की श्रृंखला के पहले भाग में जेटली ने लिखा, "25-26 जून, 1975 की मध्य रात्रि को कई प्रमुख विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जहां हमने आपातकाल का पुतला जलाया। जो कुछ हो रहा था उसके खिलाफ मैंने भाषण दिया। बड़ी तादाद में पुलिस वहां पहुंच गई। मुझे मीसा के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। मुझे दिल्ली की तिहाड़ जेल ले जाया गया। इस तरह 26 जून, 1975 की सुबह मुझे आपातकाल के खिलाफ एक मात्र विरोध प्रदर्शन करने का मौका मिला था और मैं आपातकाल के खिलाफ पहला सत्याग्रही बन गया। 22 साल की उम्र में किए गए इस छोटे से कार्य से मुझे अहसास हुआ कि मैं उन घटनाक्रमों का हिस्सा बन रहा था जो इतिहास का भाग बनने जा रहे थे। मेरे लिए, इस घटना ने मेरी जिंदगी का भविष्य बदल दिया।" जेटली ने आगे लिखा कि इंदिरा गांधी की नीतियों का त्रासद पक्ष यह था कि उन्होंने ठोस और सतत नीतियों की बजाए लोकप्रिय नारों को प्राथमिकता दी। केंद्र और राज्यों में जबर्दस्त जनादेश के बावजूद सरकार उसी आर्थिक नीतियों पर चलती रही जो 1960 के आखिर में अपनाई गई थीं। वह मानती थीं कि देश की धीमी विकास दर का कारण तस्करी और आर्थिक अपराध हैं।

Dakhal News

Dakhal News 25 June 2018


 18 जुलाई से  शुरू होगा संसद का मानसून सत्र

  संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू होगा और 10 अगस्त तक चलेगा। कैबिनेट कमेटी ने सत्र की इन तारीखों पर फैसला किया है। इस सत्र में 18 कार्य दिवस होंगे। हालांकि, इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इस सत्र को लेकर देश को बड़ी उम्मीदें हैं क्योंकि संसद में इससे पहले का सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया था। उम्मीद की जा रही है कि इस सत्र में उन बिलों को पास किया जा सकेगा जो पिछले सत्र में हंगामे की वजह से पास नहीं हो सके थे।

Dakhal News

Dakhal News 25 June 2018


मध्यप्रदेश विधानसभा

मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत काफी हंंगामेदार रही। सरकार ने 11 हजार 190 करोड़ से ज्यादा का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त मानदेय देने के लिए 130 करोड़ का प्रावधान किया गया। हालांकि हंगामे और विपक्ष के विरोध के चलते सत्र समय से पहले ही स्थगित करना पड़ा। विधानसभा के 5 दिनी मानसून सत्र में सरकार ने अनुपूरक बजट पेश किया। साल के अंत में विधानसभा चुनाव के पहले ये विधानसभा का अंतिम सत्र है। अनुपूरक बजट में सरकार ने प्याज और लहसुन की फसल पर प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया। इसके लिए सरकार ने बजट में 448 करोड़ों रुपए का प्रावधान किया गया। इसके अलावा मनरेगा के लिए सरकार ने 500 करोड़ और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत सचिव व्यवस्था के लिए 360 करोड़ रुपए का प्रावधान किया। सरकार ने ये भी घोषणा की कि असंगठित मजदूरों के बेटे-बेटियों को शैक्षणिक शुल्क में छूट मिलेगी। इसके लिए सरकार ने 9 करोड़ रुपए, अध्यापक संवर्ग को 7वां वेतनमान का लाभ देने 299 करोड़, जनजातीय कार्य विभाग के अध्यापकों को 7वां वेतनमान के लिए 204 करोड़, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त विकास निगम नई दिल्ली की देनदारियों का भुगतान करने के लिए किसानों को सूखा फसल क्षति सहायता के लिए 150 करोड़, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और वीवीपैट के लिए वेयर हाउस बनाने के लिए 15 करोड़ रुपए सहित इस पहले अनुपूरक बजट में कई विभागों के लिए वित्तीय प्रावधान किए गए।  

Dakhal News

Dakhal News 25 June 2018


सैफुद्दीन सोज

कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज ने अपने बयान में कश्मीर की आजादी का समर्थन किया है जिसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। नई दिल्ली। कश्मीर को लेकर अक्सर विवादास्पद बयान आते रहते हैं और इस बार एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज ने विवादित बयान दे दिया है। सोज ने अपने बयान में कश्मीर की आजादी का समर्थन किया है जिसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। जानकारी के अनुसार कश्मीर को लेकर दिए एक बयान में सोज ने कहा है कि मुशर्रफ ने कहा था कि कश्मीरी पाकिस्तान में शामिल होना नहीं चाहते, उनकी पहली पसंद आजादी है। यह बयान तब भी सही था और आज भी। मैं भी आज यही कहूंगा लेकिन यह संभव नहीं है। कश्मीर को आजादी मिल जाएगी तो शांति भी होगी और लड़ाई भी नहीं होगी। सोज के इस बयान को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री के रूप में जब उनकी बेटी को जेकेएलएफ ने किडनैप किय था तो उन्हें कई लाभ मिले थे। इस तरह के लोगों की मदद करने का कोई फायदा नहीं। जो यहां रहना चाहता है वो लोकतंत्र को माने और अगर वो मुशर्रफ को पसंद करते हैं तो हम उन्हें एकतरफा यात्रा का टिकट दे देंगे।  

Dakhal News

Dakhal News 22 June 2018


ajay singh rahul

  शिवराज सरकार के खिलाफ कांग्रेस विधायक दल ने बुधवार को विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दे दी। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सुबह विधानसभा पहुंचे और उन्होंने प्रमुख सचिव विधानसभा अवधेश प्रताप सिंह को अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दी। अविश्वास प्रस्ताव की सूचना देने के लिए कांग्रेस विधायकों में से कोई भी मौजूद नहीं था, केवल नेता प्रतिपक्ष वहां थे। नेता प्रतिपक्ष ने आशंका जताई है कि सरकार प्रस्ताव पर चर्चा से बचने के लिए सत्र को समय से पूर्व समाप्त कर सकती है। नेता प्रतिपक्ष ने प्रमुख सचिव सिंह से सवाल किया कि अब तक कितने छोटे सत्र बुलाए गए हैं तो उन्होंने 1986 से लेकर अब तक बुलाए गए ऐसे सत्रों के बारे में बताया। 23 से 26 जून 1986, 17 से 21 दिसंबर 1990, 7 से 11 जुलाई 2008 और 16 से 20 मार्च 2009 चार से छह दिन के सत्र थे। विस के प्रमुख सचिव ने कहा कि पांच दिन के सत्र में भी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा पूरी कराई जा सकती है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने 2013 की तरह षड्यंत्र करना शुरू कर दिया है। पिछली बार एक विधायक को अपने साथ कर लिया था और इस बार मेरे परिवार को इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने मां (सरोज कुमारी) द्वारा अदालत में लगाए गए परिवाद को इसी षड्यंत्र का हिस्सा बताया है।  सदन के दस फीसदी सदस्यों का मत पक्ष में होने पर अविश्वास प्रस्ताव ग्राह्य होता है।आरोप पत्र सौंपने के बाद कम से कम दो दिन का समय सीएम या संबंधित मंत्रियों व सत्ता पक्ष को जवाब देने के लिए समय देना जरूरी है।

Dakhal News

Dakhal News 21 June 2018


प्रणब मुखर्जी

    प्रणब मुखर्जी के नागपुर स्थित संघ मुख्यालय जाने और कार्यक्रम में संबोधन देने को लेकर लगातार बयानबाजी जारी है। उनके इस कदम से जहां कांग्रेस में खलबली मची थी वहीं उनकी बेटी शर्मिष्ठा ने भी अपने पिता को ऐसा ना करने की नसीबत दी थी। इस सब के बावजूद प्रणब कार्यक्रम में शामिल हुए बल्कि संबोधन भी दिया। हालांकि, इसके बाद उनकी कुछ फर्जी तस्वीरें भी वायरल हुईं। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब प्रणब के बेटे अभिजीत ने नाराजगी जताई है। इंडियन एक्सप्रेस के कॉलम दिल्ली कॉन्फिडेंशियल में छपी रिपोर्ट के अनुसार अभिजीत मुखर्जी के टीएमसी में शामिल होने की अफवाहें उड़ रही हैं। फिलहाल अभिजीत अपने पिता की सीट जंगीपुर से सांसद हैं। रिपोर्ट के अनुसार हालांकि, टीएमसी ने पहले भी अभिजीत को संपर्क किया था लेकिन तब उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि टीएमसी में जाना उनके पिता के लिए अपमानजनक होगा। लेकिन प्रणब के नागपुर जाने के बाद अब कहा जा रहा है कि अभिजीत फिर से टीएमसी के ऑफर पर विचार कर रहे हैं। दूसरी तरफ शिवसेना नेता संजय राउत ने दावा किया है कि संघ प्रणब मुखर्जी को 2019 के चुनाव में पीएम उम्मीदवार बना सकता है। हालांकि, शिवसेना के इस दावे को उनकी बेटी शर्मिष्ठा ने यह कहते हुए खारिज किया है कि उनके पिता अप सक्रिय राजनीति में नहीं लौटेंगे।  

Dakhal News

Dakhal News 11 June 2018


अटल जी एम्स में भर्ती

  देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी को सोमवार को एम्स में भर्ती करवाया गया है। नई दिल्ली। देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी को सोमवार को एम्स में भर्ती करवाया गया है। वाजपेयी का स्वास्थ्य ठीक है और उन्हें रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। खबरों के अनुसार आज रात 8 बजे तक उन्हें डिस्चार्ज किया जा सकता है। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री लंबे समय से अस्वस्थ्य हैं और समय-समय पर उनका रूटीन चेकअप होता रहता है। इस बार भी डॉक्टरों की सलाह पर ही उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। अटल बिहारी वाजपेयी की आखिरी तस्वीर 2015 में तब सामने आई थी जब उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नावाजा गया था।  

Dakhal News

Dakhal News 11 June 2018


अमित शाह

  भाजपा के समर्थन के लिए संपर्क अभियान के तहत पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल के सरपरस्त प्रकाश सिंह बादल से मुलाकात की। इस दौरान वहां सुखबीर बादल भी मौजूद थे। इस मुलाकात के साथ शाह ने पंजाब में भाजपा के विस्तार का रास्ता बनाने की ओर कदम बढ़ाएं वहीं दोनों दिग्गज नेताओं ने 2019 लोकसभा चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा की। यह पहला बड़ा मौका है, जब दोनों दलों के नेताओं की आमने-सामने इस तरह मुलाकात हो रही है। शिरोमणि अकाली दल एनडीए का सबसे पुराना साथी है। 1998 में जब अटल बिहारी वाजपेयी सरकार बनाने को लेकर दूसरी पार्टियों का समर्थन जुटा रहे थे, तो प्रकाश सिंह बादल ने सबसे पहले बिना शर्त भाजपा को समर्थन दिया था। यही नहीं अकाली-भाजपा गठबंधन में अभी तक कोई खटास भी नहीं आई है। पंजाब में दोनों दलों ने मिलकर अभी तक तीन कार्यकाल पूरे किए हैं। 2014 में भी अकाली दल के पास सीटें कम होने के बावजूद नरेंद्र मोदी ने बीबी हरसिमरत कौर बादल को कैबिनेट में लेकर अपने गठजोड़ साथी पर विश्वास जताया। यह अलग बात है कि दोनों पार्टियों के प्रदेश स्तरीय नेतृत्व में खटपट लगी रहती है। अकाली दल पिछले चार साल से यह महसूस कर रहा है कि शीर्ष भाजपा नेतृत्व और केंद्र सरकार ने उन्हें वह सहयोग नहीं दिया, जिसकी उन्हें आस थी। अब कर्नाटक में सरकार बनाने में नाकाम रहने के बाद जिस तरह से अमित शाह पुराने सहयोगियों को मनाने की राह पर चल पड़े हैं, उससे अकाली दल की बांछें खिल गई हैं। शिरोमणि अकाली दल के सरपरस्त प्रकाश सिंह बादल के साथ मीटिंग कर अमित शाह भाजपा के सभी लोकसभा प्रभारियों व कोर ग्रुप के साथ बैठक करेंगे। इसमें पार्टी का प्रदेश नेतृत्व तीन की बजाय पांच सीटों की अकाली दल से मांग कर सकता है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी श्री आनंदपुर साहिब और लुधियाना सीटें अकाली दल से लेना चाहती है। उनका कहना है कि दोनों ही सीटें हिदू प्रभाव वाली हैं। लुधियाना सीट वैसे भी अकाली दल पिछले दो बार से लगातार हार रहा है, ऐसे में यह सीट भाजपा को देकर एक बार नया प्रयोग किया जा सकता है। इस अभियान को अमित शाह चंडीगढ़ में भी बढ़ाएंगे। इस अभियान के तहत वह देशभर में बड़ी हस्तियों से मिल रहे हैं। चंडीगढ़ में वह पूर्व ओलंपियन बलबीर सिंह से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों के माध्यम से पार्टी नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाना चाहती है। इसके अलावा वह शहर के व्यापारियों व अन्य प्रतिष्ठित लोगों से मिलेंगे।   

Dakhal News

Dakhal News 7 June 2018


नमो ऐप

नमो ऐप के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों से बात करने की प्रक्रिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को स्वास्थ्य योजनाओं के लाभार्थियों से बात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को फायदा हुआ है। पीएम ने इस बातचीत में उन लोगों के अनुभव भी पूछे जिन्हें भारतीय जनऔषिधि पारियोजना, किफायती कार्डियाक स्टेंट और घुटना प्रत्यारोपण का लाभ मिला है। बातचीत में लाभार्थियों ने भी खुलकर मोदी सरकार की योजनाओं की तारफी की। वहीं, पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने अच्छी और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं जो गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुंच सके इसके लिए अच्छे अस्पतालों का निर्माण और डॉक्टरों की सीटें बढ़ाने का काम किया है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए युवा उद्यमियों से बात की थी।स्टार्ट अप इंडिया के तहत अपना स्वरोजगार स्थापित करने वाले युवा उद्यमियों से उन्होंने कहा कि आज हमारा युवा रोजगार मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बन रहा है। उन्होंने कहा, 'हम दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक हैं। वार्ता के मुख्य अंश प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना के तहत हमने सुनिश्चित किया है कि देश की जनता को दवाइयां कम से कम कीमतों में मिल सके ,किसी भी बीमारी में गरीब के लिए सबसे बड़ी चिंता होती है दवाई, हमने यह सुनिश्चित किया है कि गरीबों को सस्ती दवाई मिल सकें। कटक से जन औषधि केंद्र के लाभार्थी मोहंती दास ने पीएम मोदी को बताया कि पहले उनका महीने में 3 हजार के करीब दवाई का खर्च था, जो अब सिर्फ 500 रुपये तक रह गया है।  ह्रदय रोगियों को सहूलियत देने के लिए हमारी सरकार ने स्टेंट के दामों में 80 से 90% तक की कमी की है। पहले जो स्टेंट 2 -2.5 लाख का मिलता था, अब वो ज़्यादा से ज़्यादा 25 हज़ार में मिलता है ,हर सफलता और समृद्धि का आधार स्वास्थ्य है और हमने विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा 'आयुष्मान भारत' योजना को लागू किया अलवर, राजस्थान से स्वास्थ्य योजना के तहत घुटना प्रत्यारोपण की लाभार्थी लक्ष्मी देवी ने बताया कि वो बहुत परेशान थीं, डॉक्टर्स करीब 4 लाख रुपये मांग रहे थे। फिर मोदी सरकार की योजना के बारे में सुना। आज उनकी जिंदगी खुशहाल है और बहुत सस्ते में उनका इलाज हो गया। स्वास्थ्य योजना के लाभार्थी विजय ने बताया कि डायलिसिस के लिए हर महीने 30-40 हजार रुपया ख़र्च करना पड़ता था लेकिन अब डायलिसिस योजना से इलाज एक दम फ़्री हो रहा है।  

Dakhal News

Dakhal News 7 June 2018


bjp india

  अपराधियों के भय से पलायन को लेकर देशभर में चर्चित कैराना में मोदी बनाम ऑल की लड़ाई में भाजपा हार गई। नूरपुर में भी यही हुआ। दोनों भाजपा की सिटिंग सीटें थीं। सांसद हुकुम सिंह के निधन से खाली हुई कैराना लोकसभा सीट पर उनकी बेटी मृगांका सिंह मैदान में थीं, तो विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह की असामयिक मृत्यु के बाद नूरपुर की सीट पर उनकी पत्नी अवनी सिंह को प्रत्याशी बनाया गया था। भाजपा को दोनों जगह बड़ी उम्मीद थी, लेकिन सहानुभूति की एक लहर तक नहीं उठी। मुख्यमंत्री ने सभा की, मंत्रियों ने डेरा डाला, भाजपा संगठन ने दिन-रात एक कर दिया लेकिन एकजुट विपक्ष के आगे पार्टी असहाय हो गई। भाजपा ने 44618 से कैराना और 5678 वोट से नूरपुर की सीट गंवा दी। भाजपा की सबसे ज्यादा दुर्गति राज्यमंत्री सुरेश राणा व धर्मवीर सिंह सैनी के गढ़ में हुई। हार की वजह कैराना व नूरपुर में मुस्लिमों का ध्रुवीकरण। गन्ना भुगतान को लेकर किसानों की नाराजगी। एससी-एसटी एक्ट में संशोधन को लेकर दलितों में नाराजगी। भाजपा की अंतर्कलह व बाहरी नेताओं को तरजीह देना। भाजपा के परम्परागत वोटर का उदासीन होना। कैराना लोकसभा व नूरपुर विधानसभा सीट पर 28 मई को मतदान हुआ था। सपा, बसपा, रालोद और कांग्रेस की एकजुटता से बने महागठबंधन से पूर्व तबस्सुम हसन को कैराना और नूरपुर से नईमुल हसन को प्रत्याशी बनाया गया था। महागठबंधन ने मुस्लिम, दलित, जाट समीकरण के आधार पर चुनावी रणनीति तैयार की थी। गुरुवार को आए परिणाम में महागठबंधन के प्रयोग पर जनता ने जीत की मोहर लगा दी। कैराना व नूरपुर में मतगणना के शुरुआत से अंत तक भाजपा पिछड़ती रही। 28 चक्र तक चली मतगणना में महागठबंधन प्रत्याशी तबस्मुम हसन ने मृगांका सिंह को 44618 वोट से शिकस्त दी। पांच में तीन विधानसभा में भाजपा की बड़ी दुर्गति हुई। राज्यमंत्री सुरेश राणा की थानाभवन विधानसभा में भाजपा 16336 वोट से हारी, जबकि इसी लोकसभा से दूसरे राज्यमंत्री धर्मवीर सिंह सैनी की नकुड़ विधानसभा से मृगांका सिंह 28117 वोट से पिछड़ गईं। गंगोह विधानसभा में अपना विधायक प्रदीप चौधरी होने के बाद भी भाजपा 12263 वोट से पिछड़ गई। कैराना विधानसभा में भाजपा को चौंकाने वाली 14203 वोट की बढ़त मिली। इसे सहानुभूति वोट के रूप में देखा जा रहा है। शामली में भाजपा किसी तरह 414 वोट से जीत हासिल कर अपनी इज्जत बचा पाई। कैराना लोकसभा सीट पर आए परिणामों को भाजपा की अंतर्कलह, कार्यकर्ताओं की उदासीनता, पिछड़ों में बंटवारे व सत्ता से नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है। दलितों की पसंद भी गठबंधन प्रत्याशी रहा। नूरपुर में नईमुल हसन ने 94866 तथा अवनी सिंह ने 89188 वोट हासिल किए। यहां भाजपा प्रत्याशी अवनी सिंह पिछले विधानसभा चुनाव से दस हजार ज्यादा वोट हासिल करने के बाद भी चुनाव हार गईं। कैराना में भाजपा के पूरी ताकत झोंकने के बाद भी जाट मतदाता रालोद के साथ खड़े दिखे। पूर्व केन्द्रीय मंत्री संजीव बालियान, केन्द्रीय मंत्री सत्यपाल व तमाम जाट विधायक यहां कोई करिश्मा नहीं दिखा पाए, जबकि रालोद सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह व जयंत चौधरी ने कैराना में दिन-रात प्रचार किया। नूरपुर में ज्यादातर जाट मतों के भाजपा के पाले में जाने की चर्चा है। भाजपा ने उपचुनाव नतीजों को ज्यादा महत्व नहीं देते हुए कहा है कि ऐसे चुनावों में लोग प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के लिए मतदान नहीं करते, बल्कि इनके परिणाम स्थानीय मुद्दों से तय होते हैं। पार्टी ने जोर देकर कहा कि 2019 का चुनाव वही जीतेगी। साथ ही पार्टी ने कहा है कि वह उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की अपनी कब्जे वाली सीटों पर हार के कारणों का विश्लेषण करेगी। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजनीति में वह दूसरे दर्जे की खिलाड़ी बनकर रह गई है। उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले हुए ज्यादातर उपचुनावों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इसके बावजूद पार्टी ने विधानसभा चुनावों में 325 सीटें हासिल की थीं। पार्टी के एक अन्य प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हाराव ने भी कहा कि उपचुनावों में स्थानीय मुद्दे और जातिवाद हावी रहता है। संबित पात्रा ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री बनने के लिए "पी" से परफॉरमेंस (प्रदर्शन) और "एम" से मेहनत की जरूरत होती है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास है। उन्होंने दावा किया प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2019 में भाजपा पिछले लोकसभा चुनाव से भी ज्यादा सीटें हासिल करेगी। भाजपा की सहयोगी रह चुकी तेलुगु देसम पार्टी (तेदेपा) ने कहा है कि उपचुनावों के परिणाम नरेंद्र मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण भाजपा के मुंह पर तमाचा हैं। आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री यनामला रामकृष्णनुडु ने कहा कि भाजपा की हार देश के मूड को प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक से भाजपा का पतन शुरू हो चुका है और यह उपचुनाव इसका दूसरा चरण है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का कहना है कि भंडारा-गोंदिया लोकसभा उपचुनाव में उसकी जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तानाशाही कार्यशैली के खिलाफ लोगों के आक्रोश को व्यक्त करती है। पार्टी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि अगर कांग्रेस ने बहुजन विकास अगाधी को समर्थन दिया होता तो भाजपा पालघर सीट भी नहीं जीत पाती।

Dakhal News

Dakhal News 1 June 2018


छत्तीसगढ़ में बीजेपी बदलेगी चुनावी रणनीति

कर्नाटक विधानसभा के बाद उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी की करारी हार के बाद अब पार्टी छत्तीसगढ़ में कोई कोर-कसर छोड़ने को तैयार नहीं है। रायपुर। कर्नाटक विधानसभा के बाद उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी की करारी हार के बाद अब पार्टी छत्तीसगढ़ में कोई कोर-कसर छोड़ने को तैयार नहीं है। विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर केंद्रीय नेताओं का दौरा तेज हो गया है। राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बाद अब केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले 15 दिनों में प्रदेश का दौरा करेंगे और पार्टी की चुनावी स्थिति के जमीनी आकलन के साथ जीत की रणनीति भी बनाएंगे। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान को जीत के छठवें द्वार के रूप में देख रही है। पार्टी ने कर्नाटक, गुजरात और उत्तर प्रदेश चुनाव, राजस्थान में उपचुनाव, कर्नाटक उपचुनाव को पांच द्वार माना है। पार्टी सूत्रों की मानें तो अब छठवें द्वार में जीत ही मिशन 2019 में भाजपा की नैया को पार कराने वाला होगा। यही कारण है कि जेपी नड्डा चार जून को न सिर्फ पत्रकारों से चर्चा करेंगे, बल्कि पार्टी पदाधिकारियों का फीडबैक भी लेंगे। पार्टी में अब तक हुए चुनावी सर्वे, बस्तर और सरगुजा में पार्टी की वर्तमान स्थिति, आइटी सेल और मोर्चा पदाकिारियों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। जेपी नड्डा को संगठन का करीबी माना जाता है, ऐसे में अमित शाह के दौरे से पहले नड्डा की बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नड्डा लंबे समय तक प्रदेश प्रभारी भी रहे हैं। माना जा रहा है कि उनके फीडबैक के बाद जब राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 10 जून को अंबिकापुर आएंगे, तो विकास यात्रा में उमड़ी जनता के मूड को भांपने के साथ संगठन की तैयारियों की भी जानकारी लेंगे। मिशन 2019 को देखते हुए दुर्ग लोकसभा क्षेत्र पर भाजपा ने अभी से फोकस कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भिलाई में 14 जून को कार्यक्रम है। वे यहीं से चुनावी बिगुल फूकेंगे। मोदी के कार्यक्रम को लेकर सरकार और संगठन अभी से सक्रिय हो गए हैं। पिछले चुनाव में दुर्ग लोकसभा से सरोज पांडेय की हार के लिए संगठन के नेताओं की गुटबाजी को जिम्मेदार पाया गया था। उत्तर प्रदेश के मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने भी अपनी रिपोर्ट में कैडर को मजबूत बताया, लेकिन नेताओं की आपसी गुटबाजी का हार का मुख्य कारण माना था। अब मोदी न सिर्फ संगठन को संदेश देंगे, बल्कि नेताओं को एकजुट करने की कोशिश भी करेंगे। भाजपा के आला नेताओं की मानें तो मिशन 2019 का रास्ता छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान से खुलेगा। पिछले चुनाव में पार्टी ने 11 में से दस लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। पार्टी के बड़े नेताओं के दौरे में सांसदों के रिपोर्ट कार्ड की जांच होगी और कमजोर परफार्मेंस वाले सांसदों को आखिरी अल्टीमेटम भी दिया जाएगा। साथ ही पार्टी 9 व 10 जून को केन्द्रीय योजना से लाभान्वित लोगों का सम्मेलन करने जा रही है, जिसमें अमित शाह भी शामिल होंगे। भाजपा के केंद्रीय नेता अगले 15 दिन में रायपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग की नब्ज टटोलेंगे। यहां की 34 विधानसभा सीटों पर भाजपा को जीत मिली है, जबकि कांग्रेस के खाते में 20 सीट है। इसमें दुर्ग संभाग में भाजपा की स्थिति कमजोर है, जबकि सरगुजा संभाग में सात-सात सीट कांग्रेस और भाजपा के पास है। रायपुर संभाग में कांग्रेस के मुकाबले भाजपा की स्थिति बेहतर है।    

Dakhal News

Dakhal News 1 June 2018


जोगी की हालत में सुधार

  छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अजीत जोगी को गुरुवार को वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया। अब उनका ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट, ऑक्सीजन सेचुरेशन, रेस्पिरेटरी रेट, यूरिन आउटपुट समेत सभी शारीरिक प्रक्रियाएं सामान्य हो गई हैं। जोगी संक्रमण मुक्त हो गए हैं। गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती होने के 39 घंटे बाद डॉक्टरों ने जोगी से पहली बार पत्नी डॉ. रेणु जोगी, पुत्र अमित जोगी और बहू रिचा जोगी को मुलाकात करने दी। मेदांता हॉस्पिटल से जारी मेडिकल बुलिटेन के अनुसार गुरुवार दोपहर 3.10 बजे जोगी का वेंटिलेटर सपोर्ट हटाया गया। अब वे खुद बिना किसी परेशानी के सांस ले पा रहे हैं। जोगी को दो महीनों से ब्लड और फेफड़े में संक्रमण था। भविष्य में इस तरह का संक्रमण न हो, इसका उपचार मेदांता के डॉक्टर नरेश त्रेहन और यतिन मेहता ने शुरू कर दिया है। अभी जोगी को आइसीयू के नेगेटिव प्रेशर रूम में रखा गया है। जोगी ने पत्नी, पुत्र और बहू के सामने अपने शुभचिंतकों के प्रति आभार जताया है। उन्होंने शायराना अंदाज में कहा है, 'पहाड़ों का सफर है, शीशे का बदन है, ठीक हो रहा हूं, आपकी दुआओं का असर है"।  बुवार रात को सोशल मीडिया में जोगी के स्वास्थ्य पर दुष्प्रचार करने वाला मैसेज पोस्ट किया गया। इससे नाराज जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ता गुस्र्वार को सिविल लाइन थाना पहुंचे और पुलिस से आइटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की मांग की।

Dakhal News

Dakhal News 1 June 2018


पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव हिंसा में 6 की मौत

पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए मतदान जारी है। सुबह 7 बजे से शुरू हुए मतदान के बाद 11 बजे तक 26.28 प्रतिशत वोट पड़े थे। इस बीच कड़े सुरक्षा इंतजामों के बावजूद हुई हिंसा में अब तक 6 लोगों की मौत हो गई है वहीं 50 से ज्यादा घायल हो गए हैं। जानकारी के अनुसार दक्षिण 24 परगना में टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई वहीं वाम नेता की पत्नी की हत्या कर दी गई। इसके अलावा अलीपुरद्वार में कई लोग घायल हुए हैं जबकि उत्तर 25 परगना में एक क्रूड बम धमाके में 20 लोग घायल हुए हैं। इससे पहले राज्य के कूच बिहार में हुई झड़प में 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए वहीं कई वाहनों को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों के अनुसार वो लोग मतदान करने के लिए गए थे लेकिन इस बीच टीएमसी के समर्थकों ने उ न पर हमला कर दिया। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। इसके अलावा मुर्शिदाबाद में बूथ कैप्चरिंग की घटना सामने आई है जबकि पनीहाटी में एक भाजपा कार्यकर्ता को चाकू मारकर घायल कर दिया गया है। राज्य चुनाव में हिंसा को लेकर भाजपा ने टीएमसी पर निशाना साधा है। भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह बेहद निंदनीय है। घटनाएं बताती हैं कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी के राज में राजनीतिक हिंसा ने पूरे राज्य को चपेट में ले लिया है और यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। बता दें कि चुनाव के पहले राज्य में हुई हिंसा को देखते हुए सभी बूथों पर सशस्त्र बलों की तैनाती की गई है। अतिसंवेदनशील व संवेदनशील बूथों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इस बार पंचायत चुनाव में सत्ताधारी टीएमसी और विपक्षी भाजपा के बीच जोरदार लड़ाई देखने को मिल रही है। अगले साल होने आम चुनावों से पहले के प्रमुख चुनाव होने के कारण इस चुनाव की अहमियत काफी बढ़ गई है। राजनीतिक दल इसे लोकसभा चुनावों से पहले अपनी ताकत के परीक्षण के तौर पर देख रहे हैं। चुनावों की गणना 17 मई को होगी। अगर किसी कारणवश जरूरत पड़ी तो 16 मई को पुनर्मतदान हो सकते हैं। पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, 3,358 ग्राम पंचायतों की 48,650 में से 16,814 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। वहीं 31 पंचायत समितियों की 9,217 में से 3,059 सीटों पर उम्मीदवारों को निर्विरोध चुना गया है। इसी तरह 20 जिला परिषदों की 825 में से 203 सीटों पर मुकाबला निर्विरोध रहा है। चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान हुई हिंसा को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस, भाजपा, और वाम मोर्चा के नेताओं ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। विपक्ष का आरोप है कि सत्तारूढ़ टीएमसी ने नामांकन प्रक्रिया के दौरान हिंसा की, वहीं तृणमूल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि विपक्ष का कोई जनाधार नहीं है और वह चुनाव से बचने का प्रयास कर रहे थे। तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों पर हिंसा का आरोप लगाते हुए विपक्षी पार्टियों हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी गुहार लगाई थी। वहीं नामांकन दाखिल करने से रोके जाने के विपक्ष के आरोपों के चलते हाईकोर्ट ने उम्मीदवारों को वाट्सऐप और ईमेल के जरिये भी नामांकन भरने की इजाजत दी थी।  

Dakhal News

Dakhal News 14 May 2018


चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा

  सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा लाए गए महाभियोग प्रस्ताव को उपराष्ट्रपति द्वारा खारिज किए जाने के बाद अब कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। खबरों के अनुसार कांग्रेस के राज्यसभा सांसदों प्रताप सिंह बाजवा और अमी हर्षाद्रे याज्ञिक ने सुप्रीम कोर्ट में उपराष्ट्रपति के इस फैसले को चुनौती दी है। अपनी याचिका में इन नेताओं ने कहा है कि एक बार सांसदों ने चीफ जस्टिस को हटाने के लिए मोशन प्रस्तुत कर दिया तो उपराष्ट्रपति के पास कोई विकल्प नहीं होता सिवाए इसके कि वो एक जांच कमेटी बनाएं जो चीफ जस्टिस के खिलाफ लगे आरोपों की जांच करे। इसके साथ ही कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने इस मामले की जस्टिस चेलमेश्वर के सामने अर्जेंट लिस्टिंगी की अपील की है। वहीं जस्टिस चेलमेश्वर ने इसे लेकर कहा है कि मास्टर ऑफ रोस्टर को लेकर संवैधानिक बेंच का फैसला है और ऐसे में याचिका चीफ जस्टिस के सामने पेश होनी चाहिए। इस पर सिब्बल ने कहा है कि महाभियोग प्रस्ताव खुद चीफ जस्टिस के खिलाफ है और ऐसे में सबसे वरिष्ठ जज इस याचिका की सुनवाई करे।  

Dakhal News

Dakhal News 7 May 2018


ajit jogi

  जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ सोमवार से 'हमर संग जोगी अभियान" शुरू करने जा रही है। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता दो महीने में 20 हजार गांवों में पहुंचेंगे और कैम्प लगाकर सात कामों को अंजाम देंगे। इसके अलावा, पार्टी के अध्यक्ष अजीत जोगी के शपथपत्र की प्रति भी जनता तक पहुंचाई जाएगी, जो कि पार्टी का मुख्य चुनावी घोषणापत्र होगा। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के मुख्य प्रवक्ता सुब्रत डे ने बताया कि 'हमर संगर जोगी अभियान" सात मई से सात जुलाई तक चलेगा। इस दौरान पार्टी के नेता और कार्यकर्ता गांवों में पहुंचेंगे। कैम्प लगाकर काबिज जमीन और घर पर सबको जोगी पट्टा देने का लिखित में वादा किया जाएगा। मोबाइल पर जॉब गारंटी का फॉर्म भेजा जाएगा। गांवों का जल इकट्ठा करके जल आरती होगी और प्रदेश के पानी पर छत्तीसगढ़ियों का पहला अकिार की शपथ ली जाएगी। बूथवार जोगी महिला वाहिनी का गठन किया जाएगा। पन्ना मितानों की बैठक ली जाएगी और बूथ जीतने की रणनीति बनेगी। सभी गांवों में पूर्ण शराबबंदी का संकल्प लिया जाएगा। गांवों की समस्याओं का संकलन करके पुलिंदा तहसील या जिला कार्यालय को सौंपा जाएगा और समस्याओं के निराकरण के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम देंगे। इस समयाि में समस्याएं दूर नहीं हुईं तो तहसील या जिला कार्यालय का घेराव किया जाएगा।  

Dakhal News

Dakhal News 7 May 2018


पीएम नरेंद्र मोदी

  कर्नाटक विधानसभा चुनाव के पहले पीएम नरेंद्र मोदी लगातार रैलियां और नमों ऐप के माध्यम से कार्यकर्ताओं से बात कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने सोमवार को भी ऐप के जरिए युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं से बात की। अपनी बातचीत में पीएम मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। पीएम बोले कि '1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हिंसा भड़की थी। ऐसा लगता है कि उसके बाद से ही यह हिंसा देश के राजनीतिक तंत्र का हिस्सा बन चुकी है। त्रिपुरा, केरल और कर्नाटक में हमारे कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है। यह लोकतंत्र में अच्छा नहीं लगता, इस हिंसा को रोका जाना चाहिए।' प्रधानमंत्री ने कहा कि 'जब एक व्यक्ति अपने आप में भरोसा खो देता है और उसमें सच बोलने और मानने की क्षमता नहीं होती तो वो राजनीतिक हिंसा का रास्ता चुनता है। ' इससे पहले पीएम ने कहा, ‘कर्नाटक का चुनाव भाजपा के कार्यकर्ता नही बल्कि कर्नाटक की जनता लड़ रही है।‘ युवाओं की तारीफ करते हुए पीएम ने कहा कि कर्नाटक के युवाओं ने हर क्षेत्र में खुद को साबित किया है। बता दें कि 1 मई से ही उन्होंने कर्नाटक में चुनाव प्रचार की कमान अपने हाथ में ले रखी है और अब वे पार्टी कार्यकर्ताओं को भी नमो मंत्र दे रहे हैं। इसकी जानकारी पीएम ने खुद अपने ट्विटर हैंडल पर दी। उन्होंने लिखा, 'हमारे युवा कार्यकर्ता जोश से लबरेज हैं और केंद्र सरकार के बेहतर काम को लोगों तक पहुंचाने में काफी अहम भूमिका निभा रहे हैं। ये कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर पार्टी के लिए काम कर रहे हैं और लगातार पार्टी की आगे पहुंचाने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं।' बता दें कि इससे पहले एक मई को पीएम मोदी ने भाजपा के किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं से भी नमो ऐप के जरिये संवाद किया था और उनका मनोबल बढ़ाने की कोशिश की थी। कर्नाटक चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री मोदी तमाम रैलियां कर रहे हैं। उन्होंने 1 मई से अपना चुनावी अभियान शुरू किया था पहले ही दिन धुआंधार तीन रैलियां की थी। वहीं, राज्य में पीएम की रैली में बढ़ते जनसैलाब के बाद उन्होंने रैलियों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। अब वे राज्य में 21 रैलियां करेंगे। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे भाजपा और कांग्रेस की आक्रमकता बढ़ती जा रही है। लगातार दोनों ही दल के शीर्ष नेता एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। गौरतलब है कि कर्नाटक में 12 मई को मतदान होगा, जबकि 15 मई को चुनाव के परिणाम घोषित किये जाएंगे।    

Dakhal News

Dakhal News 7 May 2018


कर्नाटक विधानसभा चुनाव

  कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए ज्यादा दिन नहीं बचे हैं और ऐसे में सियासी पारा चढ़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राज्य में चार रैलियां सबोधित करने पहुंचे। उन्होंने टुमकुर में अपनी पहली रैली को संबोधित किया और उनके निशाने पर एक बार फिर कांग्रेस थी। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पिछले कई सालों से गरीब, गरीब चिल्लाती आ रही है लेकिन आजतक उनकी जिंदगी बेहतर करने के लिए कुछ नहीं किया। अब उन्होंने गरीब कहना बंद कर दिया क्योंकि लोगों ने एक गरीब परिवार के शख्स को पीएम बना दिया। पीएम ने कहा कि कांग्रेस गरीब-गरीब की माला जपकर राजनीति कर रही है। कांग्रेस को 50 साल काम करने का मौका मिला लेकिन उनके लिए कुछ नहीं किया। अगर इस दौरान कांग्रेस किसान के खेत तक पानी पहुंचाती तो जमीन सोना उगलती। कांग्रेस रोज एक नया झूठ बोलती है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इंदिरा गांधी के समय से कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए लोगों को मूर्ख बनाती आ रही है। वो पार्टी झूठी है और वोट के लिए वो फिर झूठ बोलेंगे। वो किसानों के बारे में नहीं सोचते और ना ही गरीबों के बारे में। लोग कांग्रेस से परेशान हो गए हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 5 May 2018


kamalanath

  मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और सांसद कमलनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राहुल गांधी के 15 साल में 15 मिनट भी नहीं बोलने पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री संसद में चर्चा कराने से बचते हैं। वे संसद में अपने सहयोगी दलों से खुद हंगामा कराते हैं। कमलनाथ ने यह बात बुधवार को अपने निवास पर मीडिया से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हो रहा है जो पार्टी सत्ता में है वही संसद नहीं चलने दे रही। संसद वो इसलिए नहीं चलने देना चाहते, क्योंकि उन्हें वहां जवाब देना होगा कि नीरव मोदी के मामले में कब स्वीकृति मिली। ये नहीं चाहते थे कि संसद में कोई खुलासा हो, क्योंकि कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होना है। साथ ही कमलनाथ ने ट्वीट भी किया, जिसमें उन्होंने शिवराज पर तंज कसा है कि कुछ लोग 15 साल भी लगातार बोलें तो भी उनके अलावा किसी को समझ नहीं आएगा। वे 13 साल से रटा रटाया ही बोल रहे हैं। कमलनाथ ने पदभार ग्रहण करने के दूसरे दिन की शुरूआत लालघाटी स्थित हनुमान मंदिर में पूजा के साथ की। यहां से वे उज्जैन में महाकाल मंदिर पहुंचे और वहां से दतिया में पीतांबरा पीठ के दर्शन करने पहुंचे। इसके पूर्व कमलनाथ ने मंगलवार को आयोजित रैली को लेकर कार्यकर्ताओं का आभार माना और आमजनों से परेशानी होने पर माफी मांगी है।

Dakhal News

Dakhal News 3 May 2018


amit shah

  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह शुक्रवार को सिर्फ दो घंटे के लिए भोपाल आएंगे। इस दौरान वे सिर्फ भेल दशहरा मैदान पर आयोजित भाजपा की प्रदेश विस्तृत बैठक को संबोधित करेंगे। वे सुबह साढ़े दस बजे विशेष विमान से भोपाल पहुंचेंगे और सीधे कार्यक्रम स्थल पर जाएंगे। इससे पहले प्रदेश भाजपा के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह के नेतृत्व में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक होगी। सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद शाह का यह पहला दौरा है। इसमें पार्टी के संगठन महामंत्री रामलाल भी मौजूद रहेंगे।  

Dakhal News

Dakhal News 3 May 2018


पीएम मोदी बोले -कांग्रेस सरकार ने कर्नाटक को कर्ज में डुबोया

  कर्नाटक चुनाव में धुआंधार प्रचार को जारी रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को बेल्लारी, कलबुर्गी और बेंगलुरु पहुंचे। यहां उन्होंने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। बेल्लारी में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने कांग्रेस पर इतिहास को बर्बाद करने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री बोले कि कांग्रेस ने बल्लारी का इतिहास और लिजेसी को बर्बाद किया। शहर को बदनाम कर कांग्रेस ने यहा के लोगों का अपमान किया है। आपका उत्साह दिखाता है कि कांग्रेस कर्नाटक में हारने वाली है। प्रधानमंत्री आगे बोले कि राज्य में बढ़ते खनन माफिया को देखें, कांग्रेस सरकार ने राज्य में इसस निपटने के लिए कोई पॉलिसी नहीं बनाई। कर्नाटक में अब सिद्दा-रुपया सरकार है। इस सरकार ने राज्य को कर्ज में डूबो दिया है। भाजपा को इससे पहले जब राज्य की सेवा का मौका मिला तो हमने कई विकास कार्य किए। लेकिन दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि राज्य में पानी के इतने स्त्रोत होने के बावजूद सरकार ने किसानों तक पानी नहीं पहुंचाया। इससे पहले कलबुर्गी में प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां मौजूद भीड़ को देखकर लगता है कि कर्नाटक की जनता को मई की गर्मी मंजूर है लेकिन राज्य में कांग्रेस की सरकार नहीं। पीएम ने आगे कहा कि यह चुनाव कर्नाटक का भविष्य तय करेगा। यह महिलाओं की सुरक्षा और किसानों के विकास के लिए है ना कि सिर्फ विधायक चुनने के लिए। पीएम ने आगे कहा कि कांग्रेस सैनिकों और उनके त्याग का सम्मान नहीं करती। जब हमारे सैनिकों ने पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक की तो कांग्रेस ने मुझसे पूछा की इसके सबूत कहां हैं। कर्नाटक की धरती वीरों की धरती है। लेकिन कांग्रेस ने फील्ड मार्श करिअप्पा और जनरल थिमैया के साथ कैसा व्यवहार किया? इतिहास इसका गवाह है। 1948 में पाकिस्तान को हराने के बाद उस समय के प्रधानमंत्री नेहरू और रक्षा मंत्री रक्षा मंत्री कृष्णा मेनन ने जनरल थीमय्या का अपमान किया। कांग्रेस चाहती थी कि हमारे सैनिक सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान बंदूकों की बजाय कैमरे लेकर जाते। प्रधानमंत्री आगे बोले कि कांग्रेस दलितों की बात करती है लेकिन वो धोखा दे रही है। पिछले चुनाव में उसने कहा था कि वो खड़गे को मुख्यमंत्री बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं किया। कांग्रेस इसी तरह से राजनीति करती है। राहुल गांधी के कैंडल मार्च पर तंज कसते हुए कहा कि मैं कांग्रेस के लोगों से पूछना चाहता हूं जिन्होंने दिल्ली में कैंडल मार्च निकाला था कि तब उनकी कैंडल्स कहां थीं जब बिदार में एक दलित लड़की पर अत्याचार हुआ। इससे पहले प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल को याद करते हुए कहा कि उनका कलबुर्गी से गहरा रिश्ता रहा है। सरदार पटेल ही थे जिन्होंने इसे देश के साथ जोड़ा। लेकिन सरदार पटेल के लिए तिरस्कार कांग्रेस के स्वभाव में है। कांग्रेस शहीदों और देशभक्तों को भुलाना चाहती है।    

Dakhal News

Dakhal News 3 May 2018


रिपोर्ट में खुलासा, राहुल के विमान के ऑटो पायलट में हुई थी खराबी

  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विमान में गुरुवार को आई खराबी को लेकर कांग्रेस ने छेड़छाड़ की आशंका जताई है वहीं ऑपरेटर की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिक्कत ऑटो पायलट मोड में थी। डीजीसीए ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि विमान के ऑटो पायलट मोड में कुछ दिक्कत आ गई थी जिसके बाद उसे मेन्यूअल मोड में डाला गया और विमान सुरक्षित रूप से लैंड हो गया। इसमें आगे कहा गया है कि ऑटो पायलट मोड के फेल होने की घटना आम है। घटना की जांच के लिए दो सदस्यों वाली कमेटी का गठन कर दिया गया है जो 2-3 हफ्ते में रिपोर्ट दे देगी। बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार करने हुबली पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विमान में उड़ान के दौरान गुरुवार सुबह अचानक खराबी आ गई थी। इस कारण विमान की लैंडिंग इतनी खराब रही कि अंदर बैठे राहुल समेत चारों यात्रियों की जान पर बन आई थी। पार्टी ने "जानबूझकर की गई छेड़छाड़" की आशंका जताते हुए इस मामले की गहराई से जांच कराने की मांग की थी। इस पर दिल्ली में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा कि वह मामले की जांच करेगा। कांग्रेस ने इस संबंध में गुरुवार को पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई। इसमें दो पायलटों को नामित किया गया है। कर्नाटक के पुलिस प्रमुख नीलमणि एन. राजू को दी गई शिकायत में कहा गया है कि दिल्ली से हुबली के लिए दो घंटे की उड़ान के दौरान विमान में कई "अस्पष्ट तकनीकी खामियां" सामने आईं। विमान में जबर्दस्त झटके लग रहे थे, जिसके बाद वह एक तरफ झुक गया और उसमें चरमराने की आवाज आने लगी। विमान का ऑटो पायलट सिस्टम भी काम नहीं कर रहा था। विमान तीसरी कोशिश में सुबह करीब 11.25 बजे हुबली एयरपोर्ट पर उतर पाया। इस दौरान वह बुरी तरह हिल रहा था। जबकि उस वक्त बाहर का मौसम बिल्कुल साफ था, धूप खिली हुई थी और हवा की रफ्तार भी सामान्य थी। इस दौरान चालक दल के सदस्य भी खासे सहम गए थे।

Dakhal News

Dakhal News 27 April 2018


रिपोर्ट में खुलासा, राहुल के विमान के ऑटो पायलट में हुई थी खराबी

  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विमान में गुरुवार को आई खराबी को लेकर कांग्रेस ने छेड़छाड़ की आशंका जताई है वहीं ऑपरेटर की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिक्कत ऑटो पायलट मोड में थी। डीजीसीए ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि विमान के ऑटो पायलट मोड में कुछ दिक्कत आ गई थी जिसके बाद उसे मेन्यूअल मोड में डाला गया और विमान सुरक्षित रूप से लैंड हो गया। इसमें आगे कहा गया है कि ऑटो पायलट मोड के फेल होने की घटना आम है। घटना की जांच के लिए दो सदस्यों वाली कमेटी का गठन कर दिया गया है जो 2-3 हफ्ते में रिपोर्ट दे देगी। बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार करने हुबली पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विमान में उड़ान के दौरान गुरुवार सुबह अचानक खराबी आ गई थी। इस कारण विमान की लैंडिंग इतनी खराब रही कि अंदर बैठे राहुल समेत चारों यात्रियों की जान पर बन आई थी। पार्टी ने "जानबूझकर की गई छेड़छाड़" की आशंका जताते हुए इस मामले की गहराई से जांच कराने की मांग की थी। इस पर दिल्ली में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा कि वह मामले की जांच करेगा। कांग्रेस ने इस संबंध में गुरुवार को पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई। इसमें दो पायलटों को नामित किया गया है। कर्नाटक के पुलिस प्रमुख नीलमणि एन. राजू को दी गई शिकायत में कहा गया है कि दिल्ली से हुबली के लिए दो घंटे की उड़ान के दौरान विमान में कई "अस्पष्ट तकनीकी खामियां" सामने आईं। विमान में जबर्दस्त झटके लग रहे थे, जिसके बाद वह एक तरफ झुक गया और उसमें चरमराने की आवाज आने लगी। विमान का ऑटो पायलट सिस्टम भी काम नहीं कर रहा था। विमान तीसरी कोशिश में सुबह करीब 11.25 बजे हुबली एयरपोर्ट पर उतर पाया। इस दौरान वह बुरी तरह हिल रहा था। जबकि उस वक्त बाहर का मौसम बिल्कुल साफ था, धूप खिली हुई थी और हवा की रफ्तार भी सामान्य थी। इस दौरान चालक दल के सदस्य भी खासे सहम गए थे।

Dakhal News

Dakhal News 27 April 2018


narmda

  महाकौशल और 1600 किमी की नर्मदा अब भाजपा और कांग्रेस के लिए गढ़ बन गई है। चुनाव से पूर्व महाकोशल में संगठन के 'कौशल' का दांव लग चुका है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा यात्रा की शुरुआत की थी। उन्होंने तकरीबन 1500 किमी की परिक्रमा की और नर्मदा को बचाने के लिए 6 करोड़ पौधे नर्मदा किनारे रोपे। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 6 माह 11 दिन नर्मदा परिक्रमा की। उन्होंने 110 विधानसभा क्षेत्रों की यात्रा की। इसके बाद नर्मदा से जुड़े मुद्दे राजनीति के मुद्दे बन गए। कितने पौधे रोपे गए और उसमें से कितने पौधे जीवित बचे, इन पर राजनीति शुरू हो गई। भाजपा और कांग्रेस ने संगठन की जवाबदारी महाकोशल के दो बड़े नेताओं को सौंप दी है। भाजपा ने महाकोशल क्षेत्र से राकेश सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है तो वहीं कांग्रेस ने भी एक सप्ताह के अंदर महाकोशल क्षेत्र के वरिष्ठ नेता कमलनाथ को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। इससे अब पूरे प्रदेश की राजनीति महाकोशल और नर्मदा से जुड़े मुद्दों पर टिक गई है। पिछले साल मंडला में एक कार्यक्रम में पहुंचे एक दर्जन विधायकों ने कमलनाथ को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने आवाज उठाई थी। इसके बाद सालभर में करीब दस बार कमलनाथ को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा चली, लेकिन कुछ नहीं हुआ। यहां तक कि विधायकों का एक प्रतिनिधि मंडल ने राहुल गांधी से मिलकर कमलनाथ को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने की मांग की, लेकिन उस वक्त राहुल गांधी ने कहा था कि अरुण यादव से मिलें। इससे सभी विधायक सकते में आ गए थे। महाकोशल क्षेत्र- जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, बालाघाट, सिवनी, डिंडौरी। कुल सीट - 38 भाजपा - 24 कांग्रेस - 13 निर्दलीय - 1 नर्मदा से जुड़े मुद्दे भाजपा और कांग्रेस के लिए राजनीति का केन्द्र बन गए हैं। दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा के दौरान कमलनाथ दो बार उनकी परिक्रमा में शामिल हुए। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और सांसद कमलनाथ के बीच गठजोड़ वहीं से शुरू हो गया था। नर्मदा परिक्रमा के समापन दिवस पर भी कमलनाथ पहुंचे। इसके बाद वे दोबारा शंकराचार्य स्वरूपानंद जी का आशीर्वाद लेने झोंतेश्वर आए। दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा के दौरान ही कमलनाथ को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने दिग्विजय सिंह का समर्थन मिल गया था। नर्मदा से जुड़े मुद्दों पर राजनीति करना है, इसके संकेत भी उन्हें मिल गए थे। विधिक विमर्श कार्यक्रम में कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह से मंच से ही पूछा था कि नर्मदा किनारे कितने पौधे आपको दिखाई दिए जोकि सीएम ने लगाए थे, दिग्जिवय सिंह ने कहा कि उन्हें कोई पौधा रोपा हुआ दिखाई नहीं दिया। वहीं मुख्यमंत्री ने नर्मदा घोटाला उजागर करने वालों को राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया। महाकोशल में भाजपा की 24 सीटें हैं, लेकिन जो गुप्त रिपोर्ट भाजपा के पास पहुंची है उसके अनुसार भाजपा अधिकतर सीटें विधानसभा चुनाव में हार रही है। यह जानकारी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास भी पहुंची है। इससे भाजपा ने महाकोशल क्षेत्र के ही नेता को प्रदेशाध्यक्ष बनाकर कुछ हद तक इस क्षेत्र का जनाधार खिसकने से रोकने की कोशिश की। भाजपा में प्रदेशाध्यक्ष महाकोशल का बनते ही कांग्रेस ने भी महाकोशल क्षेत्र के नेता कहे जाने वाले कमलनाथ पर अपना दांव चल दिया। कांग्रेस की महाकोशल में केवल 13 सीटें हैं।

Dakhal News

Dakhal News 27 April 2018


राहुल का मोदी पर हमला, कहा- खुद की बात करते हैं पीएम

   कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को "संविधान बचाओ" राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला। राहुल ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी को देश में हो रही घटनाओं से कोई मतलब नहीं, वो सिर्फ अपने मन की बात करते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष बोले कि पिछले 70 सालों में कांग्रेस ने इस देश को बनाने और सम्मान बढ़ाने का काम किया है लेकिन जब से भाजपा और आरएसएस सत्ता में आई है तब से दुनिया में भारत की छवि खराब हो रही है। संविधान ने हमें आईआईटी, आईआईएम और संसद दी, हम इतने सालों इनका सम्मान करते आए लेकिन भाजपा सरकार इनका सम्मान नहीं करती। राहुल गांधी ने कहा कि अपनी किताब कर्मयोग में पीएम मोदी वाल्मिकी समाज के लोगों द्वारा सफाई के काम को उन्होंने स्पिरिचुअल अनुभव करार दिया है, यह उनकी दलित विरोधी मानसिकता को दिखाता है राहुल ने आगे कहा कि पीएम ने अपने सांसदों को कहा है कि मीडिया को मसाला ना दें और चुप रहें, केवल मैं बोलूंगा और अपने मन की बात करूंगा। पीएम मोदी संसद में नहीं बोलते अगर मुझे संसद में 15 मिनट बोलने का मौका दे दिया जाए तो प्रधानमंत्री मेरे सामने खड़े नहीं हो सकते। राहुल आगे बोले कि देश में दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं, मीडिया को दबाया जा रहा है, बच्चियों के साथ दुष्कर्म होता है लेकिन मोदी जी को इससे कोई मतलब नहीं, वो सिर्फ यह जानते हैं कि पीएम कैसे बना जाता है। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दलितों में पैठ पुख्ता करने की रणनीति के तौर देखे जा रहे इस अभियान की शुरुआत के मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पार्टी महासचिव गुलाम नबी आजाद, वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खडगे, सुशील कुमार शिंदे समेत कई और वरिष्ठ नेताओं के मौजूद थे। इनके अलावा पार्टी के पूर्व और मौजूदा दलित सांसद, विधायक, जिला परिषद तथा पंचायत समितियों के सदस्य भी कार्यक्रम में शिरकत कर रहे हैं, जिन्हें दलितों के मौजूदा हालात के बारे में जागरूक किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक ये लोग ऐसे ही अभियान राज्यों में चलाएंगे। पार्टी के एक नेता ने कहा- "भाजपा शासन में संविधान खतरे में है। दलितों को शिक्षा और रोजगार के मौके देने से इनकार किया जा रहा है। कार्यक्रम इन मुद्दों को देश भर में उठाने के लिए है। मालूम हो कि देश भर में करीब 17 फीसदी दलित मतदाता हैं। लोकसभा में 84 सीटें अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए सुरक्षित हैं। भाजपा ने 2014 में इन सीटों में से करीब आधी सीटें जीती थीं। जबकि कांग्रेस को इनमें से सिर्फ तीन-चार सीटें ही मिलीं।  

Dakhal News

Dakhal News 23 April 2018


नायडू ने खारिज किया CJI के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव

  कांग्रेस समेत 7 विपक्षी दलों की सीजेआई दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग की कोशिशों को करारा झटका लगा है। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति वैकेंया नायडू ने कांग्रेस के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। जानकारी के अनुसार उपराष्ट्रपति ने इसे तकनीकी आधार पर खारिज किया है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के इस प्रस्ताव में 71 सांसदों के हस्ताक्षर थे जिनमें से 7 सांसद रिटायर हो चुके हैं और इसी को आधार बनाते हुए उपराष्ट्रपति ने इस प्रस्ताव को खारिज किया है। साथ ही उपराष्ट्रपति ने इस प्रस्ताव को राजनीति से प्रेरित भी बताया है। उन्होंने कहा है कि प्रस्ताव में चीफ जस्टिस पर लगाए गए सभी आरोपों को मैंने देखा और साथ ही उसमें लिखी अन्य बातें भी देखीं। प्रस्ताव में जो फैक्ट बताए गए हैं वो ऐसा केस नहीं बनाते जिससे इस बात को माना जा सकता की चीफ जस्टिस को इन बातों के आधार पर दुर्व्यवहार का दोषी माना जाए। उपराष्ट्रपति के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता नलीन कोहली ने कहा कि कांग्रेस की सारी बाते हवा में होती है। न्यायपालिका का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। इससे पहले उपराष्ट्रपति नायडू इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए अपना हैदराबाद का दौरा बीच में छोड़कर रविवार को ही दिल्ली लौट आए थे। रविवार की शाम जिनसे उनकी चर्चा हुई उनमें लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष कश्यप, पूर्व विधि सचिव पीके मलहोत्रा, पूर्व विधायी सचिव संजय सिंह व राज्यसभा सचिवालय के अधिकारी शामिल थे। बताते हैं कि देर शाम सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सुदर्शन रेड्डी से भी उनकी मुलाकात हुई। सूत्रों का कहना है कि यह एक प्राथमिक चर्चा थी जिसमें यह देखा गया कि सबकुछ कानून सम्मत है या नहीं।  

Dakhal News

Dakhal News 23 April 2018


rakesh singh bjp

  जबलपुर से 3 बार के सांसद राकेश सिंह भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए हैं। इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा के चुनाव उनकी पहली बड़ी परीक्षा होगी। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने पत्र जारी कर राकेश सिंह की अधिकृत नियुक्ति की घोषणा की। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों के ठीक पहले प्रदेश संगठन की कमान राकेश सिंह को सौंप दी है। राकेश सिंह नंदकुमार सिंह चौहान का स्थान लेंगे। हालांकि पार्टी ने नंदकुमार सिंह चौहान को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति का सदस्य नियुक्त कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर राकेश सिंह पर प्रदेश सरकार के लिए बन रहे एंटी इनकम्बंसी फेक्टर को खत्म करने की अहम जिम्मेदारी है। संगठन और सत्ता के बीच तालमेल बनाना भी राकेश सिंह के सामने बड़ी चुनौती है। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे पहले ही राकेश सिंह के नाम की पुष्टि कर चुके थे लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से पत्र जारी कर राकेश सिंह के नाम की अधिकृत घोषणा की गई। प्रदेश अध्यक्ष के लिए कैलाश विजयवर्गीय, नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह और राजेंद्र शुक्ला के नामों चर्चाएं थी, इतना ही नहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का नाम भी प्रमुखता से उठा था। लेकिन तमाम अटकलों को बुधवार सुबह विराम लग गया। बताया जा रहा है कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामलाल ने राकेश सिंह के नाम का प्रस्ताव रखा। जिस पर पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों और संगठन प्रमुखों में चर्चा हुई और फिर सहमति बनी। राकेश सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा की मंशा लोधी वोट बैंक को साधने की भी है। महाकौशल से आने वाले राकेश सिंह 2004 से जबलपुर से सांसद हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र भाजपा के प्रभारी भी हैं। बताया जा रहा है कि केंद्र के कई बड़े नेताओं से अच्छे संबंधों का भी उन्हें फायदा मिला है। आपको बता दें कि राकेश सिंह जबलपुर से 3 बार के सांसद हैं और उनकी पहचान जुझारु और प्रभावशाली नेता के रुप में है। पार्टी के लिए वे अच्छे कैंपेनर की भूमिका भी निभाते रहे हैं। जबलपुर सांइस कालेज में प्रहलाद पटेल के अगुवाई में राकेश सिंह की छात्र राजनीति शुरू हुई। वे 2004 से जबलपुर सीट से सांसद हैं। राकेश सिंह को मजबूत संगठनात्मक कौशल रखने वाले नेता के रूप में जाना जाता है। वे महाराष्ट्र भाजपा के प्रभारी भी हैं और संसदीय समिति के सदस्य भी हैं। राकेश सिंह सीएम शिवराज सिंह चौहान, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाते हैं। राकेश सिंह जबलपुर से पिछले 3 बार से सांसद हैं ,पहली बार 2004 में कांग्रेस के विश्वनाथ दुबे को 97 हजार वोट से हराया ,2008 में रामेश्वर नीखरा को 1 ला 6 हजार वोट से हराया , 2014 में विवेक तन्खा को 2 लाख 8 हजार वोटों से परास्त किया ,घर में पत्नी माला सिंह के अलावा 2 बेटियां, माता और छोटा भाई ,मूलत: जबलपुर के रहने वाले हैं और खेती-किसानी के साथ टिम्बर का व्यवसाय है ,2001 से 2004 तक ग्रामीण जिला अध्यक्ष जबलपुर ,2010 में प्रदेश के महामंत्री।  इधर मंगलवार रात को इस्तीफे के बाद नंदकुमार सिंह चौहान के सरकारी बंगले के बाहर लगी नाम पट्टिका पर स्टीकर लगाकर प्रदेश अध्यक्ष पद को छिपा दिया गया है। सुबह बंगले पर तैनात कर्मचारी नाम पट्टिका पर स्टीकर लगाता दिखाई दिया। गौरतलब है कि नंदकुमार सिंह चौहान को बदले जाने को लेकर काफी दिनों से चर्चाएं थी। मंगलवार को भीकनगांव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बात का खुलासा किया कि नंदकुमार सिंह चौहान अपने पद से हटना चाहते हैं क्योंकि वे अपने संसदीय क्षेत्र में समय देना चाहते हैं। ऐसे में नए प्रदेश अध्यक्ष की कवायद शुरू हो गई थी।  

Dakhal News

Dakhal News 18 April 2018


 राहुल गांधी

  अमेठी के दौरे पर गए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने यहां मीडिया से बात करते हुए कहा कि पीएम मोदी संसद में खड़े होने से डरते हैं, अगर मुझे 15 मिनट का भाषण मिल जाए तो पीएम खड़े नहीं हो पाएंगे फिर चाहे वो राफेल का मामला हो या नीरव मोदी का। देश में कैश की किल्लत को लेकर कहा कि पीएम मोदी ने बैंकिस सिस्टम को ध्वस्त कर दिया है। नीरव मोदी 30 हजार करोड़ लेकर भाग गया और पीएम ने एक शब्द नहीं कहा। वहीं जब उन्होंने नोटबंदी की तो हमें लाइन में खड़े होने के लिए मजबूर होना पड़ा। हमसे छीना पैसा नीरव मोदी की जेब में डाल दिया। अमेठी जगेसरपुर में सामुदायिक मिलन केंद्र सहित एक दर्जन विकास कार्यो का लोकार्पण करने के बाद अपने सम्बोधन में राहुल गांदी पीएम मोदी पर बरसे और कहा कि मोदी के 56 इंची सीने में गरीबों व किसानों के लिये कोई जगह नहीं। मोदी सरकार पूंजीपतियों की मददगार है। युवाओं को रोजगार देने का वादा पूरा नहीं किया। मोदी जहां जाते हैं जाति धर्म के नाम पर लड़ाते है। हमारी लड़ाई उनकी लड़ाने वाली विचारधारा से है। हम उन्हें हराकर रहेंगे।  

Dakhal News

Dakhal News 17 April 2018


असं‍गठित श्रमिक सम्मेलन

  असं‍गठित श्रमिक सम्मेलन में सीएम शिवराज सिंह चौहान भीकनगांव पहुंचे। यहां मौजूद लोगों ने उन्होंने कहा कि अमीरी और गरीबी का फासला खत्म होना चाहिए। मजदूर जरूर हो पर मजबूर नहीं। उन्होंने कहा कि हमने सभी तबकों का ख्याल रखा है। कपास पर टैक्स एक प्रतिशत कम कर दिया गया है। गरीब बच्चों को भी मुस्कुराने का हक है। सीएम ने इस दौरान कहा कि कांग्रेस प्रदेश को हिंसा की आग में झोंकना चाहती है, मध्यप्रदेश शांति का टापू है। कुछ बड़े लोग जाति के नाम पर झगड़ा करवाना चाहते हैं, सभी एकजुट रहें। कांग्रेस सरकार सिर्फ गरीब-गरीब करती थी, लेकिन गरीबों के लिए कुछ नहीं किया। सीएम ने कहा कि सभी को रहने के लिए जमीन का टुकड़ा चाहिए। प्रदेश में कोई भी गरीब बिना जमीन के टुकड़े के नहीं रहेगा। सब इस जमीन के हकदार हैं, इसका कानून हमने बना दिया। खरगोन जिले में एक लाख लोग आवास के मालिक होंगे। 2006 से हकदार लोगों को वन अधिकार पट्टे वितरित होंगे। सीएम ने कहा कि बिजली के पुराने बिल खुद की जेब से भर लूंगा, गरीबों को भारी भरकम बिल नहीं भरने देंगे। गर्भवती महिला को चार हजार रुपए दिए जाएंगे, जिससे उसे पौष्टिक भोजन मिले। सभी महिलाओं की अस्पताल में ही डिलेवरी हो। यह फायदा 2 डिलीवरी तक मिलेगा, जनता से पूछकर सीएम ने यह एलान किया। उन्होंने कहा कि एक करोड़ 92 लाख असंगठित श्रमिकों के पंजीयन हो चुके हैं। श्रमिक खुद फार्म भरेंगे और उसकी दी गई सभी जानकारियां सही मानी जाएंगी।  

Dakhal News

Dakhal News 17 April 2018


नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह

  मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने प्रीति रघुवंशी आत्महत्या मामले में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह उन्होंने कठुआ और उन्नाव की घटनाओं में 'गुनहगार बचेंगे नहीं, बेटियों को न्याय मिलेगा" बयान दिए, उनका पालन मध्यप्रदेश में भी कराएं। नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में प्रीति रघुवंशी आत्महत्या मामले और उससे जुड़े सारे पहलुओं की जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस ने पिछले 28 दिन में अगर कोई कार्रवाई की है तो वह सिर्फ मंत्री रामपाल सिंह को बचाने में की है। उन्होंने कहा कि प्रीति के परिजनों के बयान हुए, लेकिन रामपाल सिंह और उनके पुत्र के आज तक बयान दर्ज नहीं हुए। प्रीति के भाई का अपहरण हुआ और चार दिन बाद छोड़ दिया गया। सिंह ने पत्र में लिखा कि आपने प्रधानमंत्री बनते ही हरियाणा के हिसार से 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" का एक महाअभियान शुरू किया था, पर जो हालात पूरे देश में पैदा हो गए है उससे लोगों में फिर यह धारणा बन रही है कि बेटी होना कलंक है। मंत्री रामपाल सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटी बचाओ तो उसे या तो दरिंदे नोच लेते हैं और अगर वह बहू बन जाती है तो उसे आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ता है। सिंह ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि वे शिवराज सरकार को निर्देश दें कि रामपाल सिंह को मंत्री पद से हटाएं और उनके व उनके बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं।  

Dakhal News

Dakhal News 16 April 2018


 भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान

  बदलाव की चर्चा के बीच मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उनके बारे में फैसला पार्टी करेगी। चौहान ने कहा कि उनके जीवन का फैसला वे खुद नहीं करते हैं, बल्कि पार्टी करती है, इसलिए संगठन जो फैसला करेगा, वे उसका पालन करेंगे। चौहान से पूछा गया था कि पार्टी प्रदेशाध्यक्ष के बदलाव की लंबे समय से चर्चा चल रही है, क्या ये सही है। मीडिया के साथ बातचीत में चौहान ने बाबाओं को उपकृत किए जाने के सवाल पर कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। कांग्रेस के कार्यकाल में भी बाबाओं को मंत्री दर्जा देकर उपकृत किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि इन बाबाओं ने ही नर्मदा में पौधेे लगाने के दावे पर आरोप लगाए थे, इसलिए सरकार ने उन्हें ही जिम्मेदारी दे दी कि आप ही जांच करो और आप ही नर्मदा का संरक्षण करो। देवास सांसद मनोहर ऊंटवाल द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बारे में दिए गए आपत्तिजनक बयान पर चौहान ने कहा कि इस बारे में सांसद से बात की है। ऊंटवाल ने अपनी सफाई में कहा कि उनका आशय ये था कि दिग्विजय सिंह जादूगर टाइप के आदमी हैं। चुनाव से पहले वो कोई भी चौंकाने वाला फार्मूला ला सकते हैं। इसे उन्होंने आइटम कहा था। प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान दिनभर भोपाल में तो रहे, लेकिन पार्टी कार्यालय नहीं गए। उन्होंने आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में बोर्ड आफिस में प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, फिर अपने बंगले चले गए।  

Dakhal News

Dakhal News 16 April 2018


आम आदमी पार्टी (आप) मप्र

आम आदमी पार्टी (आप) मप्र विधानसभा चुनाव में सभी 230 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। पार्टी ने प्रत्याशियों से वेबसाइट पर आवेदन मांगे हैं, जिसमें निर्धारित फॉर्म भी दिया गया है। आप के प्रत्याशी के लिए कोई भी सामान्य नागरिक आवेदन कर सकता है। यह जानकारी आप के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने बुधवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए दी। अग्रवाल ने दावा किया है कि कोई भी व्यक्ति प्रत्याशी बनने के लिए फॉर्म भर सकता है, लेकिन इसके साथ दावेदार से 72 सवालों की जानकारी भी मांगी गई है। इसमें प्रत्याशी बनने के इच्छुक व्यक्ति की तार्किक, बौद्धिक और व्यावहारिक क्षमता का टेस्ट लिया जाएगा। अग्रवाल ने बताया कि 13 अप्रैल से 'किसान बचाओ, बदलाव लाओ" यात्रा में 42 हजार मतदान केंद्रों पर मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति भी की जाएगी। यात्रा के बाद 14 मई को सभी मतदान केंद्रों के प्रतिनिधि भोपाल आएंगे और अपनी समस्याएं रखेंगे।  

Dakhal News

Dakhal News 13 April 2018


मोदी बोले -उन्नाव-कठुआ रेप घटनाओं से पूरा देश शर्मशार

  संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 अलीपुर रोड स्थित डॉ. आंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक को देश को समर्पित किया। इस अवसर पर पीएम ने एक सभा को भी संबोधित किया। इस स्मारक की आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी ने ही 21 मार्च 2016 को रखी थी। दो साल में इसका निर्माण पूरा कर लिया गया। उन्नाव व कठुआ रेप केस पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि पिछले दो दिनों की घटनाओं से पूरा देश शर्मसार है। गुनाहगारों को सख्त सजा दिलाना हमारी जिम्मेदारी है। ज्ञात हो कि इन घटनाओं पर पूरे देश में रोष का माहौल है। पीएम मोदी ने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस को चुनौती देता हूं कि वह बाबा साहब के लिए किए गए एक भी काम के बारे में बताए। क्या उन्होंने बाबा साहब के सम्मान में कोई एक काम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन से मेट्रो ट्रेन के माध्यम से 26 अलीपुर रोड तक की यात्रा की। लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन पर पहुंचते ही यात्रियों ने पीएम के साथ सेल्फी लेने का कोई मौका नहीं छोड़ा। मेट्रो में सफर के दौरान यात्रियों ने पीएम मोदी से बात भी की। बता दें कि केंद्रीय मंत्रीमंडल से इस्तीफा देने के बाद डॉ. अंबेडकर दिल्ली विधानसभा के नजदीक सिरोही के महाराज के इस घर में रहने लगे थे। जहां 6 दिसंबर 1956 को वह महापरिनिर्वाण को प्राप्त हुए थे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 2 दिसंबर 2003 को इसे राष्ट्र को समर्पित किया था। करीब 200 करोड़ की लागत में बने इस स्मारक को पुस्तक का आकार दिया गया है, जो संविधान का प्रतीक है। इस इमारत में एक प्रदर्शनी स्थल, बुद्ध की प्रतिमा के साथ ध्यान केंद्र व डॉ. अंबेडकर की 12 फुट ऊंची प्रतिमा है। प्रवेश द्वार पर 11 मीटर का अशोक स्तंभ भी है। यह इमारत पर्यावरण हितैषी है। इसमें सीवेज शोधन संयंत्र, वर्षा जल सिंचाई प्रणाली व सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित है। संग्रहालय में मल्टी मीडिया तकनीक के माध्यम से अंबेडकर के जीवन और आधुनिक भारत को उनके योगदान की जानकारी मिलेगी। इस बारे में केंद्रीय मंत्री व चांदनी चौक के सांसद डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री दलितों को वोट बैंक नहीं समझते और चार साल के भीतर बाबा साहेब के नाम पर पांच तीर्थस्थल बना दिए।    

Dakhal News

Dakhal News 13 April 2018


छोले भटूरे की पार्टी के बाद कांग्रेस के उपवास

  दलितों के मुद्दे पर जारी सियासी संग्राम के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राजघाट पहुंचकर उपवास शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस पार्टी आज केंद्र सरकार के खिलाफ देश भर में उपवास और धरना कर रही है। राजघाट पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उपवास कार्यक्रम में दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन समेत कई अन्य नेता भी शामिल हैं। गौरतलब है कि राहुल गांधी के उपवास से पहले ही विवाद हो चुका है। राहुल गांधी के राजघाट पहुंचने से पहले ही कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार को मंच से हटा दिया  गया है। सूत्रों के अनुसार अजय माकन से बातचीत के बाद दोनों नेता वहां वापस गए। बता दें कि जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार 1984 में हुए सिख दंगों के आरोपी हैं। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उपवास पर भाजपा नेता ने निशान साधा है। नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि यह दलित हितों के लिए उपवास नहीं है, यह दलित हितों का उपहास है। बीजेपी नेता ने ट्वीट के जरिये राहुल के उपवास को 'कैमरे के लिए राजनीति ' करार दिया। साथ ही नरसिम्हा ने राहुल से पूछा, 'आप स्टंट की राजनीति और झूठ की राजनीति को कब रोकेंगे?' कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दलितों पर हो रहे कथित अत्याचार के खिलाफ आज महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर उपवास करेंगे। राहुल गांधी के साथ पार्टी के सभी आला नेता साथ होंगे। सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एक दिन का अनशन रखेंगे। देशभर में दलितों पर कथित अत्याचारों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी पूरे देश में उपवास रख रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी खुद राजघाट पर उपवास पर बैठे हैं। लेकिन इस बीच एक फोटो सामने आई है। भाजपा नेता हरीश खुराना ने एक तस्वीर पोस्ट की है जिसमें कांग्रेस नेता अजय माकन, हारुन युसुफ, अरविंदर सिंह लवली छोले-भटूरे खा रहे हैं। आपको बता दें कि हरीश खुराना दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता मदन लाल खुराना के बेटे हैं। हरीश खुराना ने ट्वीट कर लिखा कि कांग्रेस के नेताओं ने लोगों को राजघाट पर अनशन के लिए बुलाया है। खुद एक रेस्तरां में बैठकर छोले भटूरे के मज़े ले रहे हैं। सही बेवकूफ बनाते हैं। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी हरीश खुराना के इस ट्वीट को रिट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि उपवास या उपहास। 3 घंटे भी बिना खाए नहीं रह पाए। एक पखवाड़े पहले एससी एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विपक्ष ने इसका ठीकरा सरकार के सिर फोड़ा था। हालांकि सरकार की तरफ से भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से असहमति जताते हुए पुनर्विचार याचिका दायर की गई है लेकिन पिछले चुनावों में भाजपा के साथ बड़ी संख्या में जुड़े दलित समुदाय को अलग करने के प्रयास में जुट गई है। इसी क्रम में कांग्रेस पूरे देश में सोमवार को अनशन करेगी। कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि यह उपवास सांप्रदायिक सदभाव को संरक्षित करने और जातिगत हिंसा के खिलाफ है। दिल्ली के कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने ट्वीट कर जानकारी दी कि राहुल गांधी ने भी उपवास में शामिल होने की स्वीकृति दी है। कांग्रेस सूत्रों की मानी जाए तो सोमवार के देशव्यापी अनशन के बाद भी छोटे छोटे स्तर पर दलित सम्मान और अधिकार को लेकर कार्यक्रम होते रहेंगे। वहीं इस माह के अंत में रामलीला मैदान में कांग्रेस की बड़ी रैली का ऐलान पहले ही हो चुका है। जबकि 29 अप्रैल को रामलीला ग्राउंड में विशाल रैली होगी। कर्नाटक चुनाव से पहले यह एक तरह से कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन होगा। गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी का का उपवास भाजपा के उपवास से दो दिन पहले हो रहा है। भाजपा के सभी सांसद पीएम मोदी के निर्देश के बाद 12 अप्रैल को उपवास रखेंगे। दरअसल मोदी संसद नहीं चलने देने के लिए विपक्ष और खासतौर पर कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। शुक्रवार को बीजेपी संसदीय दल की बैठक में पीएम ने बीजेपी सांसदों से कहा कि वे कांग्रेस की विभेदकारी नीतियों के खिलाफ 12 तारीख को उपवास रखें।  

Dakhal News

Dakhal News 9 April 2018


राहुल का ट्वीट

  केंद्र सरकार द्वारा वायुसेना के लिए 114 लड़ाकू विमानों के लिए शुरू की गई टेंडर प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया है। उन्होंने अपने ट्वीट को स्कैम अलर्ट बताते हुए लिखा है कि इस डील की रेस में पीएम मोदी के दोस्त भी हैं। राहुल गांधी ने लिखा है, 'मोदी स्कैम अलर्ट, 15 बिलियन डॉलर की डील के लिए फिर से टेंडर किया गया है। पीएम मोदी के दोस्त स्ट्रेटेजिक पार्टनर टाई अप की रेस में आगे हैं।' यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने मोदी सरकार ने रक्षा सौदे पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले उन्होंने राफेल डील को लेकर भी मोदी सरकार को घेरा था । गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने वायुसेना में नए लड़ाकु विमान शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की है। यह सौदा 15 अरब डॉलर का होगा , जो दुनिया का सबसे बड़ा रक्षा सौदा होगा। इसके टेंडर की सार्वजनिक सूचना जारी होते ही दुनिया के हथियार बाजार में खलबली मच गई है। अमेरिका, रूस, फ्रांस, स्वीडन और योरपीय संघ की आधा दर्जन कंपनियां इस सौदे को पाने की दावेदार हैं। इन लड़ाकू विमानों के संयुक्त रूप से उत्पादन के सिलसिले में विदेशी कंपनियों से आरएफआइ (सूचना प्रेषित करने) वाली निविदाएं मांगी गई हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 7 April 2018


ओली-मोदी के बीच समझौता

  भारत दौरे पर आए नेपाल के पीएम केपी ओली और पीएम मोदी के बीच शनिवार को हुई द्विपक्षीय वार्ता में कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें से एक भारत से काठमांडू के बीच रेल लाइन को लेकर भी है। वार्ता के बाद साझा बयान जारी हुआ। इस दौरान संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि नेपाल के विकास में भारत के योगदान का लंबा इतिहास है।मैंने पीएम ओली को आश्वासन दिया है कि भविष्य में भी यह जारी रहेगा। हम भारत और नेपाल के बीच वाटरवे और रेल नेटवर्क बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। सीमा सुरक्षा और खुली सीमा के दुरुपयोग को लेकर दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध हैं। हमने काठमांडू से भारत के बीच नई रेल लाइन पर काम करने का फैसला किया है। वहीं नेपाल के पीएम ओली ने कहा कि नेपाल और भारत के बीच सदियों पुराने संबंध हैं। हमारे पास एक दूसरे को देने के लिए कई चीजें हैं। मैंने पीएम मोदी को नेपाल आने का न्योता दिया है और उम्मीद है वो बहुत जल्द वहां आएंगे। इससे पहले शनिवार को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत हुआ। गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के बाद नेपाली पीएम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके लिए सबसे पहले दोस्ती है। ओली बोले कि दोस्ती सबसे महत्वपूर्ण है और इसकी कोई तुलना नहीं है। कोई भी ट्रीटी, समझौता दोस्ती से शुरू होता है। हम अपने पड़ोसी, खासतौर पर भारत से दोस्ती की उम्मीद करते हैं। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। बता दें कि भारत दौरे पर आए ओली, आज पीएम मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता करेंगे जो लगभग आठ महीने बाद दोनों देशों के बीच शीर्षस्तरीय होगी। तब नेपाल के पीएम शेर बहादुर देऊबा ने कहा था कि वह द्विपक्षीय रिश्तों में तनाव का कारण बन रहे हर कांटे को निकालने को तैयार हैं। लेकिन दिसंबर, 2017 मे हुए आम चुनाव में वामपंथी गठबंधन को मिली जीत ने हालात को बदल दिया। पूर्व में भारत के प्रति बेहद तल्ख दृष्टिकोण रखने वाले केपी ओली की अगुवाई वाली सरकार ने पिछले महीने पाकिस्तान के पीएम अब्बासी को आमंत्रित कर भारत की चिंताओं को और बढ़ाया है। विदेश मंत्रालयों के अधिकारियों व जानकारों के मुताबिक मोदी व ओली के बीच द्विपक्षीय वार्ता में उठने वाले मुद्दे काफी व्यापक हैं। भारत आने से ठीक एक दिन पहले नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली ने भारत और चीन को एक ही तराजू पर तौलने की बात कही है। साफ है कि श्रीलंका व मालदीव के बाद नेपाल में ड्रैगन की बढ़ती ताकत भारतीय कूटनीति के लिए बड़ी चुनौती है। इसके बावजूद भारतीय पक्ष यह मान रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी और ओली के बीच द्विपक्षीय वार्ता में चीन को लेकर भारत की चिंताओं पर वह ठोस आश्वासन देंगे। दूसरी तरफ, भारत ओली को इस बात का आश्वासन देने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा कि उसकी मदद से नेपाल में लगाई जा रही परियोजनाओं को अब समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। भारतीय पक्ष इस बात को छिपाने की कोई कोशिश नहीं करेगा कि नेपाल जिस तरह से चीन की वन बेल्ट-वन रोड (ओबोर) परियोजना में हिस्सा बनने जा रहा है उसे वह अपने रणनीतिक सुरक्षा के लिए हानिकारक मानता है। माना जा रहा है कि भारत की यात्रा के कुछ ही महीनों बाद ओली चीन भी जाएंगे जहां ओबोर के तहत नेपाल में शुरू की जाने वाली परियोजनाओं पर हस्ताक्षर होगा। चीन की योजना तिब्बत को सड़क व रेल नेटवर्क से नेपाल की राजधानी काठमांडू से जोड़ने की है। इस परियोजना के अलावा नेपाल में जिस आक्रामक तरीके से चीन की कंपनियों ने निवेश बढ़ाना शुरू किया है। वह भी भारत के लिए चिंता की वजह है। नेपाल के वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़े के मुताबिक जुलाई-फरवरी, 2018 के बीच चीन की कंपनियों ने नेपाल में 7.93 करोड़ डॉलर का निवेश किया है जो भारत की तरफ से किये गये 3.66 करोड़ डॉलर के निवेश से काफी ज्यादा है। इसके अलावा चीन की कंपनियों ने 8.3 अरब डॉलर के नए निवेश का प्रस्ताव किया है। जबकि भारतीय कंपनियों का प्रस्ताव महज 4 करोड़ डॉलर का है। ओली की तरफ से यह मुद्दा उठाये जाने के आसार हैं कि भारत नेपाल में परियोजना लगाने की घोषणा तो करता है लेकिन उसे पूरा नहीं करता। हाल ही में उन्होंने पंचेश्वर बांध का मुद्दा उठाया है जिसे भारत ने वर्ष 1981 में ही शुरु किया था। पिछले वर्ष दोनो सरकारों के बीच भारतीय मदद से बनने वाली दर्जन भर से ज्यादा परियोजनाओं पर चर्चा हुई थी। ओली चाहेंगे कि भारत इन सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करे। साथ ही ओली नेपाल के राष्ट्रीय बैंक में रखे हुए प्रतिबंधित भारतीय नोट का मुद्दा भी उठाएंगे।

Dakhal News

Dakhal News 7 April 2018


rajnath singh

हिंसा पर संसद में बोले राजनाथ, कहा- कानून में कोई बदलाव नहीं एस-एसटी एक्ट के खिलाफ दलित समूहों के भारत बंद के दौरान हुई हिंसा में 14 लोगों की मौत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को संसद में जानकारी दी। अपने संबोधन में गृह मंत्री ने कहा कि देश में तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। एससी-एसटी एक्ट में कोई बदलाव नहीं हुआ है बल्कि हमने इस कानून में और अपराधों को शामिल कर इसे मजबूत बनाया है। गृह मंत्री ने कहा कि देश में आरक्षण को लेकर भी कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं जिन पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए। हमने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है जिस पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयरा हो चुकी है और आज दोपहर 2 बजे इस पर सुनवाई करेगी। गृह मंत्री ने संसद के माध्यम से देश के लोगों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अपवाहों पर ध्यान ना दें। जिस वक्त गृह मंत्री लोकसभा में बोल रहे थे तब विपक्षी सासंद लगातार हंगामा कर रहे थे। उनके इसी हंगामे के चलते स्पीकर ने सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी है।  

Dakhal News

Dakhal News 3 April 2018


अमित शाह बोले - वोटों के ध्रुवीकरण में जुटी सिद्धारमैया सरकार

खबर मैसूर से । भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इन दिनों कर्नाटक दौरे पर हैं। राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा कर्नाटक जागृति यात्रा निकाल रही है। इस यात्रा में अमित शाह उन इलाकों में जा रहे हैं, जहां भाजपा की पकड़ मजबूत है। इसी दौरान वो मैसूर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मैसूर के कोटे श्री आन्जनेय स्वामी मंदिर में दर्शन किए। उस वक्त अनंत कुमार भी उनके साथ मौजूद थे। इससे पहले अमित शाह ने कहा कि, राज्य की सिद्धारमैया सरकार के खिलाफ जनता में काफी गुस्सा है। और चुनाव में जनता जवाब देगी। वहीं लिंगायत समुदाय को अलग धर्म का दर्जा देने का दांव खेलने वाली सिद्धारमैया सरकार को भी अमित शाह ने घेरा। अमित शाह ने कहा कि," कांग्रेस येदियुरप्पा को सीएम बनते नहीं देखना चाहती है। इसलिए उसने लिंगायत को अलग धर्म का दर्जा देने का दांव खेला है। कांग्रेस लिंगायत समुदाय के वोटों का धुव्रीकरण करना चाहती है। मगर जनता समझदार है और भाजपा चुनाव के बाद जनता से चर्चा करने के बाद फैसला लेगी।"

Dakhal News

Dakhal News 31 March 2018


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनावी रोडमैप का खुलासा करते हुए कहा कि टिकट परफार्मेंस के आधार पर कटेंगे। हारने के लिए टिकट थोड़ी ही देंगे। हमारा मुकाबला किससे है या सोचने वाला सवाल है, क्योंकि जहां जाता हूं वहां अबकी बार..सरकार का नारा सामने आ जाता है। सीएम के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। पूर्वोत्तर में इसकी झलक भी नजर आ गई है। प्रदेश में 'अबकी बार 200 पार" का लक्ष्य उपचुनाव नहीं बल्कि मूल चुनाव के लिए है, इसे देखेंगे। पुलिस कमिश्नर प्रणाली को लेकर चल रही अटकलों के बीच उन्होंने कहा कि मेरे दिमाग में आईएएस-आईपीएस नहीं है। दोनों ही हमारे हैं। जो जरूरी होगा, वो फैसला करेंगे। लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह की पुत्रवधू प्रीति रघुवंशी की आत्महत्या के मामले में कानून अपना काम करेगा। पांच साल का विजन- मुख्यमंत्री ने मीडिया के सामने शुक्रवार को अपना विजन बताने के साथ सवालों के इतमिनान से खुलकर जवाब दिए। उन्होंने कहा कि बिजली, सड़क और पानी (सिंचाई) के मामले में काफी काम हुआ है। सड़कों का जाल गांव-गांव तक बिछ गया है तो बिजली भरपूर है। सिंचाई का रकबा अगले पांच साल में एक लाख 10 हजार करोड़ रुपए खर्च करके 40 लाख हेक्टेयर बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री सरोवर योजना में नए तालाब खोदे जाएंगे। बढ़ता उत्पादन गर्व और चिंता भी- कृषि उत्पादन भरपूर हो रहा है। अब उपज के उचित दाम के लिए कृषि उत्पाद निर्यात एजेंसी और वेल्यू एडिशन नीति बनाई जा रही है। एक हजार की आबादी वाले गांवों को समूह नलजल योजना से जोड़ा जाएगा। चुनावी तैयारी और मुद्दे- हमारा मुद्दा विकास है। मंत्रियों और विधायकों के टिकट काटे जाने को लेकर कहा कि परफार्मेंस के आधार पर चीजें तय होंगी। हारने के लिए टिकट थोड़ी ही देंगे। महिलाओं को निकायों में पचास प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। विधानसभा का टिकट भी देेंगे। पुलिस आयुक्त प्रणाली- गंभीरता से विचार किया जा रहा है। जनता की सुरक्षा हमारे लिए सबसे प्रमुख है। इसके लिए जो भी आवश्यक कदम उठाना होगा वो उठाएंगे। पुलिस का खौफ होना चाहिए। महिलाओं से छेड़खानी और दुराचार करने वाले राक्षक हैं। इनके मानव अधिकार नहीं होते हैं। दुष्टों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है और आगे भी होती रहेगी। मुकाबले में कौन, सोचना पड़ेगा- विधानसभा चुनाव में मुकाबले के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रदेश के दौरे पर जाता हूं तो कहीं सिंधिया, कहीं भूरिया और कहीं कमलनाथ सरकार सुनने को मिलता है। अलग-अलग सरकार की बात हो रही है पर देखना पड़ेगा कि चुनाव में मुकाबला किस सरकार से होता है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और अपनी जोड़ी को लेकर उन्होंने कहा कि पद पर रहें या न रहें, तोमर-शिवराज की जोड़ी सलामत रहे। सिर्फ चार चुनाव हारे हैं। कोलारस और मुंगावली उपचुनाव में ऐसा बताया जा रहा था कि लैंड स्लाइड विक्ट्री होगी पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। तांक-झांक की इजाजत नहीं- मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सुरक्षा कानून को लेकर मंथन किया जा रहा है पर पुलिस को किसी के घर में तांक-झांक करने की अनुमति नहीं मिलेगी। पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए है पर निजता का पूरा सम्मान किया जाएगा।  

Dakhal News

Dakhal News 31 March 2018


sharad pawar

  2019 के लोकसभा चुनाव के पूर्व एकजुट विपक्ष और महागठबंधन की संभावनाएं तलाशने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी सोमवार को अपने चार दिवसीय प्रवास पर दिल्ली पहुंच गईं। अपने इस प्रवास के बीच ममता दिल्ली में गैर भाजपा व गैर कांग्रेसी कई पार्टियों के नेताओं से मुलाकात करेंगी। ममता ने सबसे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार से उनके आवास पर मुलाकात की। इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री शिवसेना के सांसद संजय राउत से मिलीं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संसद में आरजेडी की सांसद मीसा भारती से भी मुलाकात की है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एनसीपी शिवसेना और राजद के नेताओं के साथ बैठक के बाद कहा कि जब राजनीतिक लोग मिलते हैं तो निश्चित रूप से वे राजनीति पर चर्चा करेंगे, उसमें छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। 2019 के लोकसभा चुनाव निश्चित रूप से बहुत दिलचस्प होंगे। तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक ममता दिल्ली में जनता दल (यू) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव, आम आदमी पार्टी के प्रमुख व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत शिवसेना और तेलुगु देशम पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगी। सबसे खास बात यह कि विपक्ष के गठबंधन को एकजुट करने दिल्ली पहुंची ममता अपनी पुरानी सहयोगी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात नहीं करेंगी। हालांकि वह सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकती हैं। बताया जा रहा है कि ममता इस यात्रा के जब राजनीतिक लोग मिलते हैं तो निश्चित रूप से वे राजनीति पर चर्चा करेंगे, उसमें छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। 2019 के लोकसभा चुनाव निश्चित रूप से बहुत दिलचस्प होंगे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एनसीपी शिवसेना और राजद के नेताओं के साथ बैठक के बाद कहा कि संसद में विपक्ष के कई सांसदों के साथ संवाद भी करेंगी। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ममता को उनसे मिलने आने का आमंत्रण भेजा था, जिसे ममता ने स्वीकार कर लिया है। माना जा रहा है कि ममता अन्य विपक्षी पार्टियों के साथ 2019 में एकजुट होकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं, जिसके लिए उन्होंने विपक्षी पार्टियों को साधने के लिए अपना प्रवास शुरू किया है। वरिष्ठ तृणमूल नेता का यह भी कहना है कि वह एक स्पष्ट एजेंडा लेकर दिल्ली गई हैं। ममता ने तय किया है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) का हिस्सा नहीं बनेंगी। कांग्रेस व लेफ्ट एक साथ हैं, ऐसे में यह ठीक नहीं होगा कि तृणमूल गठबंधन का हिस्सा बने। बता दें कि भाजपा के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की दिशा में पूर्व में ममता ने तेलंगाना के सीएम के. चंद्रशेखर राव व राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल से मुलाकात की थी। साथ ही समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव व बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती का भी समर्थन किया था। ऐसे में ममता का दिल्ली दौरा लोकसभा चुनाव से पूर्व सियासी समझौतों की तमाम संभावनाओं की ओर इशारा कर रहा है।

Dakhal News

Dakhal News 27 March 2018


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मार्च 2018 की अंतिम रविवार यानी आज सुबह 11 बजे अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिये देश को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने देशवासियों को रामनवमी की बधाई दी। इसके बाद उन्होंने कहा कि मैंने सोचा है कि इस बार हेल्थ को लेकर विस्तार से बात करूं। 'फिट इंडिया' की बात करूं। पीएम ने कहा कि मन की बातें मौसम के साथ बदलती हैं। पीएम मोदी ने मन की बात में अहमद अली की अदम्य इच्छा शक्ति अौर डॉ अजीत मोहन चौधरी की बन्धु भाव की कहानी सुनाए। उन्होंने कहा कि जब मुझे कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं। तब इस देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिलता है । जब मुझे आपके पत्रों में पढ़ने को मिलता है कि कैसे असम के करीमगंज के एक रिक्शा-चालक अहमद अली ने अपनी इच्छाशक्ति के बल पर ग़रीब बच्चों के लिए नौ स्कूल बनवाये हैं - तब इस देश की अदम्य इच्छाशक्ति के दर्शन होते हैं। जब उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है - तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं। अनेक प्रेरणा-पुंज मेरे देश का परिचय करवाते हैं | आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे मां भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है।  आने वाले कुछ महीने किसान भाइयों और बहनों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। इसी कारण ढ़ेर सारे पत्र, कृषि को लेकर के आए हैं। महात्मा गांधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम अंग माना है। इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है। यह तय किया गया है कि अधिसूचित फसलों के लिए MSP, उनकी लागत का कम-से-कम डेढ़ गुणा घोषित किया जाएगा। इस वर्ष महात्मा गांधी की 150वीं जयंतीवर्ष के महोत्सव की शुरुआत होगी। यह एक ऐतिहासिक अवसर है। स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ भारत के लिए काम कर रहे हैं। देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहां पहले सिर्फ स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी होती थी, वहीं अब सभी अपनी जिम्मेदारी समक्ष रहे हैं। देशभर में 3 हजार से अधिक जन-औषधि केंद्र खोले गए हैं जहां 800 से ज्यादा दवाइयां कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं और भी नए केंद्र खोले जा रहे हैं। सालों पहले बाबा साहब आंबेडकर ने भारत के औद्योगिकीकरण की बात कही थी। ये मन की बात का 42वां संस्करण है। गौरतलब है कि पीएम मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को मन की बात करते हैं। इसका प्रसारण रेडियो के अलावा दूरदर्शन, नरेंद्र मोदी ऐप पर होता है। इसके अलावा फोन पर मिसकॉल के जरिए इस सुविधा को अपने मोबाइल पर उपलब्ध कराया जा सकता है। पिछले माह की मन की बात में मोदी ने वैज्ञानिकों के योगदान पर बात की थी। इसके अलावा वह कई बार बच्चों को भी सलाह देते हैं। कार्यक्रम का पहला प्रसारण 3 अक्तूबर 2014 को किया गया। जनवरी 2015 में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी उनके साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया तथा भारत की जनता के पत्रों के उत्तर दिए। इसका मूल प्रसारण आकाशवाणी, दिल्‍ली से होगा और यह सभी आकाशवाणी केंद्रों, सभी आकाशवाणी एफएम चैनलों एफएम गोल्‍ड व एफएम रेनबो, स्‍थानीय रेडियो स्‍टेशनों, विविध भारती स्‍टेशनों और पांच सामुदायिक रेडियो स्‍टेशनों से रिले किया जाएगा। ‘मन की बात’ का क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारण मुख्‍य आकाशवाणी केंद्रों से इसी दिन शाम आठ बजे किया जाएगा। संबंधित राज्यों में क्षेत्रीय भाषाओं में सभी आकाशवाणी केंद्रों और स्‍थानीय रेडियो स्‍टेशनों से भी इसे रिले किया जाएगा। इस महत्‍वपूर्ण प्रसारण का विशिष्‍ट पहलू यह है कि यह दूरदर्शन और अन्‍य निजी टीवी एवं समाचार चनलों द्वारा एक ही समय में प्रसारित किया जाता है। सभी डीटीएच ऑपरेटर भी इसको चलाते हैं। वैश्‍विक श्रोताओं के लिए इसका सीधा प्रसारण भी होता है जो कि मोबाइल ऐप, ऑल इंडिया रेडियो लाइव पर उपलब्ध होता है।  

Dakhal News

Dakhal News 25 March 2018


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मार्च 2018 की अंतिम रविवार यानी आज सुबह 11 बजे अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिये देश को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने देशवासियों को रामनवमी की बधाई दी। इसके बाद उन्होंने कहा कि मैंने सोचा है कि इस बार हेल्थ को लेकर विस्तार से बात करूं। 'फिट इंडिया' की बात करूं। पीएम ने कहा कि मन की बातें मौसम के साथ बदलती हैं। पीएम मोदी ने मन की बात में अहमद अली की अदम्य इच्छा शक्ति अौर डॉ अजीत मोहन चौधरी की बन्धु भाव की कहानी सुनाए। उन्होंने कहा कि जब मुझे कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं। तब इस देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिलता है । जब मुझे आपके पत्रों में पढ़ने को मिलता है कि कैसे असम के करीमगंज के एक रिक्शा-चालक अहमद अली ने अपनी इच्छाशक्ति के बल पर ग़रीब बच्चों के लिए नौ स्कूल बनवाये हैं - तब इस देश की अदम्य इच्छाशक्ति के दर्शन होते हैं। जब उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है - तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं। अनेक प्रेरणा-पुंज मेरे देश का परिचय करवाते हैं | आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे मां भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है।  आने वाले कुछ महीने किसान भाइयों और बहनों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। इसी कारण ढ़ेर सारे पत्र, कृषि को लेकर के आए हैं। महात्मा गांधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम अंग माना है। इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है। यह तय किया गया है कि अधिसूचित फसलों के लिए MSP, उनकी लागत का कम-से-कम डेढ़ गुणा घोषित किया जाएगा। इस वर्ष महात्मा गांधी की 150वीं जयंतीवर्ष के महोत्सव की शुरुआत होगी। यह एक ऐतिहासिक अवसर है। स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ भारत के लिए काम कर रहे हैं। देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहां पहले सिर्फ स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी होती थी, वहीं अब सभी अपनी जिम्मेदारी समक्ष रहे हैं। देशभर में 3 हजार से अधिक जन-औषधि केंद्र खोले गए हैं जहां 800 से ज्यादा दवाइयां कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं और भी नए केंद्र खोले जा रहे हैं। सालों पहले बाबा साहब आंबेडकर ने भारत के औद्योगिकीकरण की बात कही थी। ये मन की बात का 42वां संस्करण है। गौरतलब है कि पीएम मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को मन की बात करते हैं। इसका प्रसारण रेडियो के अलावा दूरदर्शन, नरेंद्र मोदी ऐप पर होता है। इसके अलावा फोन पर मिसकॉल के जरिए इस सुविधा को अपने मोबाइल पर उपलब्ध कराया जा सकता है। पिछले माह की मन की बात में मोदी ने वैज्ञानिकों के योगदान पर बात की थी। इसके अलावा वह कई बार बच्चों को भी सलाह देते हैं। कार्यक्रम का पहला प्रसारण 3 अक्तूबर 2014 को किया गया। जनवरी 2015 में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी उनके साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया तथा भारत की जनता के पत्रों के उत्तर दिए। इसका मूल प्रसारण आकाशवाणी, दिल्‍ली से होगा और यह सभी आकाशवाणी केंद्रों, सभी आकाशवाणी एफएम चैनलों एफएम गोल्‍ड व एफएम रेनबो, स्‍थानीय रेडियो स्‍टेशनों, विविध भारती स्‍टेशनों और पांच सामुदायिक रेडियो स्‍टेशनों से रिले किया जाएगा। ‘मन की बात’ का क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारण मुख्‍य आकाशवाणी केंद्रों से इसी दिन शाम आठ बजे किया जाएगा। संबंधित राज्यों में क्षेत्रीय भाषाओं में सभी आकाशवाणी केंद्रों और स्‍थानीय रेडियो स्‍टेशनों से भी इसे रिले किया जाएगा। इस महत्‍वपूर्ण प्रसारण का विशिष्‍ट पहलू यह है कि यह दूरदर्शन और अन्‍य निजी टीवी एवं समाचार चनलों द्वारा एक ही समय में प्रसारित किया जाता है। सभी डीटीएच ऑपरेटर भी इसको चलाते हैं। वैश्‍विक श्रोताओं के लिए इसका सीधा प्रसारण भी होता है जो कि मोबाइल ऐप, ऑल इंडिया रेडियो लाइव पर उपलब्ध होता है।  

Dakhal News

Dakhal News 25 March 2018


लालू यादव को  दुमका कोषागार मामले में 14 साल की सजा

  दुमका कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित चारा घोटाला मामले में लालू यादव के खिलाफ सजा का ऐलान हो चुका है। कोर्ट ने इस मामले में लालू को अब तक की सबसे बड़ी सजा सुनाते हुए आईपीसी और पीसी एक्ट के तहत 7-7 साल कैद का आदेश दिया है। कोर्ट ने इसके साथ ही कोर्ट ने लालू पर दोनों ही धाराओं 30-30 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है और जुर्माना ना देने पर सजा एक साल बढ़ जाएगी। लालू की इस सजा को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है कि यह साथ में चलेगी या एक सजा पूरी होने पर दूसरी शुरू होगी। अगर दोनो सजाएं साथ चलती हैं तो लालू को 7 साल ही जेल में रहना होगा वहीं अगर सजा आदेश नहीं हुआ तो लालू को कुल 14 साल जेल में गुजारने होंगे। लालू प्रसाद और ओमप्रकाश दिवाकर को आइपीसी की धारा में सात वर्ष की सजा और 30 लाख रुपए जुर्माना। वही पीसी एक्ट की धारा में 7 वर्ष की सजा और 30 लाख जुर्माना लगाया गया है। ऐसे में इन दोनों को 14 वर्ष की सजा काटनी होगी। 60 लाख रूपये जुर्माना देना होगा। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत ने 19 दोषियों को सजा सुनाई अदालत ने सप्लायर को साढे तीन वर्ष की सजा और 15 लाख रुपए जुर्माना लगाया है। वही डॉक्टर व अधिकारी को पीसी एक्ट की धारा में साढे तीन वर्ष और आईपीसी की धारा में साढे तीन वर्ष कुल 7 वर्ष की सजा और जुर्माने के रुप में 15-15 लाख रुपए लगाया गया है। कुल जुर्माना 30 लाख रुपए होगा। अदालत ने कहा है कि IPC और पीसी एक्ट में सुनाई गई सजा अलग-अलग चलेगी। कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद लालू यादव के वकील ने कहा है कि इस फैसले के खिलाफ वो उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। इससे पहले गुरुवार को दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी हो गई। इसके बाद कोर्ट आज लालू यादव समेत अन्य दोषियों के खिलाफ सजा का ऐलान करेगी। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई हुई। अंतिम दिन पांच दोषियों का मामला कोर्ट में था। अंत में अदालत ने बचाव पक्ष और सीबीआई की दलीलें सुनीं और तय किया कि पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद समेत 19 दोषियों को शनिवार को सजा सुनाई जाएगी। चारा घोटाला में यह चौथा मामला होगा जब लालू प्रसाद को सजा सुनाई जाएगी। सुनवाई के दौरान जज ने कई बिंदुओं पर मौखिक टिप्पणियां भी की। जज ने कहा कि ओपन जेल में क्यों नहीं चले जाते। इस पर अधिवक्ता ने कहा कि ओपन जेल में हार्ड कोर रखे जाते हैं। जज ने पूछा, किसने यह कहा। अधिवक्ताओं द्वारा अपने मुवक्किल की बीमारियों का हवाला देते हुए कम सजा की मांग पर जज ने कहा कि बीमारियां गरीबों को नहीं होतीं, सारी बीमारी बड़े लोगों को ही होती हैं। जज ने यह भी कहा कि समाज में जितने पढ़े-लिखे लोग हैं, वही धोखाधड़ी कर रहे हैं। कहा कि एक भी ऐसा उदाहरण बताएं जिसमें अनपढ़ लोगों ने धोखाधड़ी की हो। किसी ने कोई जवाब नहीं दिया तो जज ने कहा कि अनपढ़ क्लब बनाना चाहिए। वही लोग देश चलाएंगे और धोखाधड़ी भी रुकेगी। नेचुरल जस्टिस का पालन करेंगे तो अपराध नहीं होगा। जज ने वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर भी सवाल खड़ा किया। कहा कि लोगों में संवेदनशीलता खत्म हो रही है। सड़क पर दुर्घटना होती है और लोग हॉस्पिटल तक नहीं पहुंचाते हैं। यह कैसी शिक्षा पद्धति है, जिसमें मानवीय संवेदना खत्म हो गई है। लोगों में मानवीय संवेदना लानी होगी। सजा पर सुनवाई के दौरान इस मामले के एक दोषी आरके बगेरिया के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि वह लंबे समय से केस लड़े हैं। गरीबी के कारण दूसरे के यहां कर्मचारी थे। वहां इन्हें महज 1500 रुपये मिलता था। प्रतिदिन कमाने खाने वाले थे। इसलिए हुजूर कम से कम सजा दी जाए। गुड फेथ में बगेरिया से उसके मालिक ने हस्ताक्षर करा लिया और सीबीआइ ने फंसा दिया। इस पर जज ने कहा कि मालिक के कहने पर किसी का सिर काट लेंगे क्या? अदालत में शुक्रवार को पांच दोषियों के सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। इसमें राजा राम जोशी, राधा मोहन मंडल, सर्वेंदु कुमार दास, रघुनंदन प्रसाद व राजेंद्र कुमार बगेरिया शामिल थे। झारखंड हाई कोर्ट ने चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र की औपबंधिक जमानत की अवधि एक माह के लिए बढ़ा दी है। जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की कोर्ट ने शुक्रवार को डॉ. मिश्र को इलाज के लिए चार सप्ताह के लिए औपबंधिक जमानत प्रदान की है। कोर्ट ने उन्हें 28 अप्रैल को सरेंडर करने का निर्देश दिया है। दरअसल जगन्नाथ मिश्र को मल्टीपल मायोलामा और हृदय संबंधित बीमारी है। जिसका इलाज गुड़गांव स्थित मेदांता में हो रहा है। इनको कीमोथेरेपी भी दी जा रही है। इसलिए औपबंधिक जमानत की अवधि बढ़ाने की मांग की गई थी। गौरतलब है कि आरसी 68ए/96 में जगन्नाथ मिश्र को सीबीआइ कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई है। जिसे उन्होंने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव व झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। हालांकि दोनों का मामला हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था। गौरतलब है कि लालू प्रसाद ने चाईबासा कोषागार के मामले में मिली सजा को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। वहीं, सजल चक्रवर्ती ने भी अपनी उम्र का हवाला देते हुए जमानत दिए जाने की गुहार लगाई है। बिहार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पूर्व मुख्य सचिव वीएस दूबे और सीबीआइ अधिकारी एके झा को राहत मिल गई है। जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की कोर्ट ने शुक्रवार को सीबीआइ कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसके तहत उक्त सभी को चारा घोटाले मामले में आरोपी बनाने के लिए समन जारी किया गया था। अब इस मामले की सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।  

Dakhal News

Dakhal News 24 March 2018


rampal singh

  विधानसभा में बुधवार को करीब साढ़े तीन घंटे सदन में सिर्फ हंगामा हुआ। हंगामे की वजह बना लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह की पुत्रवधू प्रीति रघुवंशी की आत्महत्या का मामला। सदन में न तो प्रश्नकाल हुआ और न ही शून्यकाल। कांग्रेस ने कार्यवाही शुरू होते ही काम रोककर चर्चा कराने की मांग उठा दी। सत्तापक्ष ने विरोध किया। हंगामा और शोर-शराबे के कारण मात्र सात मिनट में ही कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। कांग्रेस विधायक गर्भगृह में आकर सरकार और मंत्रियों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे तो भाजपा विधायक कांग्रेस के खिलाफ। इसी दौरान कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विधानसभा सचिवालय में लगा दिया। इससे माहौल और गरमा गया। हंगामे के बीच अध्यक्ष ने आधा घंटे में ही छह दिन का सरकारी काम पूरा कराया और संसदीय कार्यमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के प्रस्ताव पर सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। नेता प्रतिपक्ष ने सदन में हुए घटनाक्रम को प्रदेश के इतिहास का काला दिन बताया। बेटे ने स्वीकार कर लिया तो मुझे कोई परहेज नहीं-रामपाल प्रश्नकाल शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, रामनिवास रावत, आरिफ अकील और डॉ. गोविंद सिंह ने स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करने का अनुरोध किया। इसको लेकर संसदीय कार्यमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने आपत्ति उठा दी। उन्होंने कहा कि मंगलवार को भी कांग्रेस ने इसी तरह प्रश्नकाल नहीं चलने दिया था। विपक्ष सदन चलाना ही नहीं चाहता है। जिस विषय पर सबकुछ हो चुका है, उसे बिना मतलब उठाया जा रहा है। इस पर रावत ने कहा कि पीड़ित परिवार को धमकाया जा रहा है। पलटवार करते हुए डॉ. मिश्रा बोले कि क्या थाने में कोई रिपोर्ट डाली गई है। सिर्फ असत्य बातें कही जा रही हैं। सदन को राजनीति का अखाड़ा बनाया जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच जब तीखी बहस होने लगी तो कांग्रेस के सचिन यादव सहित अन्य विायक गर्भगृह में आ गए। हंगामा बढ़ता देख अध्यक्ष ने कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित कर दी। दोबारा कार्यवाही शुरू हुई तो फिर काम रोककर चर्चा कराने की मांग उठने लगी और शोर-शराबा बढ़ता देख अध्यक्ष ने 12 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। इस दौरान रामनिवास रावत और डॉ. नरोत्तम मिश्रा के बीच तीखी बहस हो गई। डॉ. मिश्रा ने कहा कि विपक्ष का व्यवहार अमर्यादित है। अध्यक्ष ने भी कहा कि आप विधायकों के विशेषाधिकार का हनन नहीं कर सकते हैं। तीसरी बार अध्यक्ष ने सदन का काम शुरू कराने की कोशिश की लेकिन दोनों पक्षों से आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला नहीं थमा। इस पर तीसरी बार दो बजे तक के लिए कार्यवाही को स्थगित कर दिया। चौथी बार भी जब विवाद नहीं रुका तो अध्यक्ष ने एकतरफा कार्यवाही को आगे बढ़ाते हुए सरकारी कामकाज निपटवाया और संसदीय कार्यमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के प्रस्ताव पर सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। प्रीति आत्महत्या केस : जान देने के बाद मिला मंत्री की 'बहू' का दर्जा जब रामपाल ने स्वीकार कर लिया बहू तो बचा क्या संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि जब रामपाल सिंह ने प्रीति रघुवंशी को बहू स्वीकार कर लिया तो फिर बचा क्या। कांग्रेस सदन की कार्यवाही को बाति करने की कोशिश कर रही है। इनकी चर्चा कराने में रुचि नहीं है। जनता इन्हें जवाब देगी। कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में चर्चा होनी थी पर सब हंगामे की भेंट चढ़ गया। फिर आमने-सामने आए मिश्रा-सिंह सदन में एक बार फिर संसदीय कार्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष आमने-सामने आ गए। तीसरी बार सदन की कार्यवाही शुरू होने पर डॉ. मिश्रा ने व्यवस्था का प्रश्न उठा दिया। इस पर नेता प्रतिपक्ष भी खड़े हो गए और कहा कि पहले मुझे बोलने का मौका मिलना चाहिए, क्योंकि जब सदन की कार्यवाही स्थगित हुई थी तब मैं खड़ा था। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि चूंकि पहले डॉ. मिश्रा खड़े हो गए थे, इसलिए पहले वे फिर नेता प्रतिपक्ष और बाद में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव बोलेंगे। इस बात को लेकर फिर हंगामा होने लगा और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।  

Dakhal News

Dakhal News 22 March 2018


पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर

अपने बेबाक बोल से अक्सर सुर्खियों में रहने वाले पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने एक बार फिर अपनी ही सरकार को घेरा है। इस बार गौर ने मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट पर हो रही लेटलतीफी पर सरकार पर हमला बोला है। गौर ने यहां तक कहा कि ये सरकार कभी मेट्रो ट्रेन नहीं चला पाएगी। पिछले दिनों प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को चौपट बताने वाले बाबूलाल गौर ने कहा कि सरकार मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर नहीं नजर आ रही। गौर ने कहा कि मेट्रो ट्रेन के नाम पर गोरखधंधा हो रहा है। उन्होंने ये तक कह दिया कि ये सरकार कभी मेट्रो ट्रेन नहीं चला पाएगी। उन्होंंने दावा किया कि मेट्रो को लेकर अभी की सभी रिपोर्ट निरस्त हुई है, ऐसे में मेट्रो प्रोजेक्ट खटाई में नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने मेट्रो को लेकर नई गाइडलाइन बना दी है। उन्होंने ये भी दावा किया कि मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाने में मेट्रो मैन कहे जाने वाले ई. श्रीधरन की सेवाएं भी नहीं ली गई।   

Dakhal News

Dakhal News 15 March 2018


मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला

  अपने बयानों के कारण विवादों में घिरे रहने वाले जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने इस बार कश्मीरी पंडितों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि कश्मीरी पंडित राज्य का हिस्सा हैं और एक दिन उनकी वापसी होगी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'कश्मीरी पंडित कश्मीर का अभिन्न हिस्सा हैं, उनके बिना राज्य अधूरा है। एक दिन ऐसा आएगा जब वे अपने असली घर की तरफ वापस आएंगे।' आपको बता दें कि पिछले हफ्ते ही फारूक अब्दुल्ला ने भारत के विभाजन को लेकर एक बार फिर से विवादित बयान दिया था। इतिहास के पन्नों को पलटते हुए उन्होंने कांग्रेस को भारत-पाक विभाजन का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि दुनिया कहती है कि जिन्ना ने पाकिस्तान का गठन किया लेकिन यह सही नहीं है। पंडित जवाहर लाल नेहरू के कारण भारत का विभाजन हुआ और पाकिस्तान का जन्म हुआ। जम्मू कश्मीर के सुंजवां आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद उन्होंने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा था, 'अगर पाकिस्तान भारत से अच्छे संबंध चाहता है तो उसे आतंकवाद बंद करना होगा। शांति कायम रखने के लिए पाकिस्तान को अपना रूख बदलना होगा और आतंकवाद बंद करना होगा, यदि पाकिस्तान नहीं माना तो बुरा नतीजा होगा और जंग हो जाएगी।'  

Dakhal News

Dakhal News 9 March 2018


धर्मेंद्र प्रधान और थावरचंद एमपी से राजयसभा जायेंगे

भाजपा ने की राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा इस महीने राज्यसभा की 58 सीटों के लिए होने वाले चुनाव के लिए बसपा और सपा के बाद अब भाजपा ने भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। भाजपा ने अरुण जेटली, रविशंकर प्रसाद, धर्मेंद्र प्रधान और प्रकाश जावड़ेकर को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है। अरुण जेटली जहां यूपी से राज्यसभा का चुनाव लड़ेंगे वहीं रविशंकर प्रसाद बिहार से मैदान में होंगे। धर्मेंद्र प्रधान और थावरचंद गेहलोत को भाजपा ने मध्य प्रदेश से मैदान में उतारने का फैसला किया है जबकि प्रकाश जावड़ेकर को महाराष्ट्र से उम्मीदवार तय किया है। गुजरात से मंनसुखभाई मांडविया और पुरषोत्तम रुपाला गुजरात से जबकि जेपी नड्डा को हिमाचल प्रदेश राज्यसभा सीट के लिए उम्मीदवार बनाया है।    

Dakhal News

Dakhal News 7 March 2018


योगी सरकार ने पेश किया बजट

लखनऊ में उत्तरप्रदेश के  वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार को भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को नमन करते हुए योगी सरकार के दूसरे बजट को पेश किया। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने 4 लाख 28 हजार 384 करोड़ का बजट पेश किया। यह पिछले साल की तुलना में 11.4 प्रतिशत ज्यादा है। पिछले साल 3.84 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया था। इसके पहले योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक में बजट को अनुमोदन मिला। इस बैठक में बजट अनुमोदन के अलावा सात प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। कुल व्यय: 3 लाख 21 हजार 520 करोड़ राजस्व लेखा, 1 लाख 6 हजार 864 करोड़. पूंजी लेखा. राजस्व बचत: 27 हजार 99 करोड़ 10 लाख राजस्व नसीहत अनुमानित हैं। वर्ष 2018-19 के बजट में 14 हजार 341 करोड़ 89 लाख रुपए की नई योजनाएं सम्मिलित की गई हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने पहले बजट में किसान कर्ज माफी पर सबसे ज्यादा जोर दिया था। इस बार किसी भी तरह की कर्जमाफी से सरकार बचने जा रही है। पिछले साल सरकार ने किसानों की कर्ज माफी के लिए 36 हजार करोड़ रुपए रखे थे। इस बार सरकार खासकर युवाओं को तवज्जो देने की दिशा में कदम बढ़ा सकती है। बजट में इस बार लड़कियों के लिए एक खास तोहफा हो सकता है। यह सरकार कन्या विद्या धन योजना और मुख्यमंत्री बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना शुरू कर सकती है। बजट में सरकार पूर्वांचल एक्सप्रेस के साथ-साथ कानपुर और वाराणसी में मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए भी धन आवंटित कर सकती है। इसके साथ माना जा रहा है कि सीएम योगी आदित्यनाथ अपने दूसरे बजट से भाजपा के लिए 2019 लोकसभा चुनाव की राह तैयार करेंगे। गरीब, किसान और बेरोजगार युवाओं को खास तवज्जो दी जा सकती है। उत्तर प्रदेश में विधान मंडल के बजट सत्र का आज सातवां दिन है। आज दिन में 12.20 बजे वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल उत्तर प्रदेश सरकार का बजट पेश करेंगे। अनुमान है कि चार लाख करोड़ से अधिक का बजट पेश करेगी। योगी आदित्यनाथ सरकार के इस बजट में किसान, गरीब, नौजवान, महिलाओं व निवेश पर विशेष सुविधा का प्रावधान होगा। विधान भवन में बजट पेश होने के बाद करीब दो बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मीडिया को संबोधित करेंगे। योगी सरकार को सत्ता में आए लगभग एक वर्ष होने जा रहा है। इस सरकार के सामने कानून व्यवस्था, सांस्कृतिक विकास के अलावा आधारभूत ढांचे के विकास को और रफ्तार देना भी बड़ी चुनौती है। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हम योजनाओं को समयबद्ध पूरा करना चाहते हैं। हम सभी योजनाओं को बजट दे रहे हैं, लेकिन काम समय से पूरा नहीं हुआ और इस नाते लागत बढ़ी तो जबाबदेही अफसर की होगी और उस पर कार्रवाई भी की जाएगी। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हमारा फोकस जनकल्याण हैं, हम प्रदेश की जनता की उम्मीदों को पूरा करने आए हैं। उत्तर प्रदेश के आम बजट का इतिहास विकास के इर्द-गिर्द ही घूमता नजर आया है। विकास के विभिन्न आयामों में वितरण कई बार संतुलित रहा तो कई बार सत्तारूढ़ दलों के प्रभाव वाले इलाकों को ज्यादा तवज्जो दी गई। इस बार सूबे में भाजपा की प्रचंड बहुमत वाली सरकार है। इतना ही नहीं सूबे से 73 सांसद भी बीजेपी के हैं। लिहाजा ऐसे में समग्र विकास और विकास में क्षेत्रवार संतुलन बेहद आवश्यक है। दरअसल देश के सबसे बड़े सूबे के आम बजट पर जनाकांक्षाओं और लोकसभा 2019 के चुनावों का बड़ा दबाव है। बजट हर बार की तरह ज्यादा बड़े आकार में होगा, लेकिन इसके सामने योजनाओं को जमीन पर उतारने की बड़ी चुनौती भी होगी। पिछली बार योगी सरकार ने जब अपना पहला बजट पेश किया था, तब संकल्प पत्र के वादों का उस पर भारी दबाव था। कर्जमाफी से लेकर वेतन आयोग की सिफारिशें खजाने पर भारी पड़ रही थी। पिछली बार सरकार ने 3.84 लाख करोड़ का बजट पेश किया था। इस बार भी बजट के भारी भरकम होने की उम्मीद की जा रही है। इस बार का बजट 4 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर सकता है। यूपी का पहला बजट सूबे के पहले मुख्यमंत्री गोविन्द बल्लभ पंत ने 14 मार्च 1952 को पेश किया था। उत्तर प्रदेश का पहला बजट कृषि आधारित था। आज एक बार फिर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार किसानों को समर्पित बजट पेश कर सकती है। इस सरकार पर लोकसभा चुनाव का भी दबाव रहेगा।  

Dakhal News

Dakhal News 16 February 2018


 कांग्रेस नहीं उतारेगी रमन और जोगी के सामने बड़ा चेहरा

  राजनांदगांव में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के सामने कांग्रेस कोई बड़ा चेहरा नहीं उतारेगी। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने यह साफ कर दिया है। पुनिया ने फिर से यह बात दोहराई है कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री का कोई चेहरा नहीं होगा। कांग्रेस सत्ता में आती है तो पार्टी का विधायक दल अपना नेता चुनेंगे। गुरुवार को पुनिया राजनांदगांव पहुंचे थे। सर्किट हाउस में बैठक के पहले उन्होंने यह साफ किया कि राजनांदगांव विधानसभा से कांग्रेस स्थानीय नेता को प्रत्याशी बनाएगी, वह कोई बड़ा चेहरा नहीं होगा। पुनिया ने यह भी कहा कि यह निर्देश पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मिला है। इसके पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल भी यह बयान दे चुके हैं कि राजनांदगांव से स्थानीय युवा नेता का नाम हाईकमान के सामने रखा जाएगा।  

Dakhal News

Dakhal News 16 February 2018


राहुल अब सोनिया के बॉस

राहुल गांधी को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने के इतने दिनों बाद अब सोनिया गांधी का बयान आया है। उन्होंने कांग्रेस की संसदीय समिति की बैठक में ना सिर्फ केंद्र सरकार पर निशाना साधा बल्कि गुजरात और राजस्थान की तर्ज पर कर्नाटक में भी जीत की उम्मीद जताई। उन्होंने इस दौरान यह भी साफ किया कि राहुल गांधी पार्टी के साथ अब उनके भी बॉस हैं।

Dakhal News

Dakhal News 8 February 2018


आनंदीबेन पटेल

एमपी की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल ने आज मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली में मध्यप्रदेश एवं गुजरात के सांसदों को चाय पर आमंत्रित किया। इस अवसर पर केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर, जहाजरानी, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्री मनसुख मांडविया, महिला-बाल विकास और अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के 14 लोकसभा एवं 6 राज्य सभा सांसद तथा गुजरात के 14 लोकसभा एवं 2 राज्यसभा सांसद मौजूद थे। श्री मनसुख मांडविया, श्री गणेश सिंह एवं डा. सत्यनारायण जटिया ने राज्यपाल को सांसदों का सत्कार करने के लिए विशेष रूप से धन्यवाद दिया।  

Dakhal News

Dakhal News 8 February 2018


पीएम मोदी

गुवाहाटी में पीएम मोदी ने शनिवार को गुवाहाटी में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन किया। इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समिट की टैगलाइन बड़ा संदेश देता है। एडवांटेज असम, आसियान के लिए भारत का एक्सप्रेस सिर्फ एक स्टेटमेंट नहीं बल्कि विजन है। जब नॉर्थ ईस्ट के लोग संतुलित रूप में तेज विकास देखेंगे तो भारत की विकास यात्रा को और रफ्तार मिलेगी। पीएम ने बजट का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने बजट में आयुष्मान भारत योजना पेश की है जो अपने तरह की है। जिन्होंने गरीबी देखी है और उसके दर्द से गुजरे हैं वो जानते हैं कि गरीबी में इलाज का खर्च कितना मुश्किल है। पीएम मोदी के साथ इस समिट में भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे भी उपस्थित रहे। शनिवार 3 फरवरी से शुरु होने जा रहे दो दिवसीय इस कार्यक्रम में राज्य के निर्माण अवसरों की उपलब्धता को दिखाया जाएगा। इसके साथ ही विदेशी और घरेलू निवेशकों के लिए भू-रणनीतिक लाभ के बारे में भी बताया जाएगा। बता दें कि समिट का आयोजन असम सरकार और केंद्र सरकार के फिक्की के तत्वाधान में किया गया है। मोदी के संबोधन की ख़ास बातें  पिछले साढ़े तीन वर्ष में केंद्र सरकार की तरफ से और पिछले डेढ़ वर्ष में, असम सरकार की तरफ से किए गए प्रयासों का परिणाम दिखाई देने लगा है। आज जितने व्यापक पैमाने पर ये आयोजन हो रहा है, वो कुछ वर्ष पहले तक कोई सोच भी नहीं सकता था। भारत के विकास की कहानी में और गति तभी आएगी जब देश के पूर्वोत्तर में रहने वाले लोगों का, इस पूरे क्षेत्र का संतुलित विकास भी तेज गति से हो। “देश में कुछ बदल नहीं सकता” कि सोच बदल गई है। लोगों में हताशा की जगह अब हौसला और आशा है। आज देश में दोगुनी रफ्तार से सड़कें बन रही हैं, दोगुनी रफ्तार से रेल लाइन का दोहरीकरण हो रहा है, लगभग दोगुनी रफ्तार से रेल लाइन का बिजलीकरण हो रहा है। सरकार ने बजट में ‘आयुष्मान भारत योजना’ का एलान किया है। अपनी तरह की दुनिया की ये सबसे बड़ी योजना है। साथियों, जो गरीबी में पला-बढ़ा है, जो गरीबी के कष्ट सहते हुए आगे बढ़ा है, उसे इस बात का हमेशा एहसास होता है कि गरीब के लिए सबसे बड़ी चिंता होती है - बीमारी का इलाज। इस योजना के तहत, हर गरीब परिवार को चिह्नित अस्पतालों में साल में 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। इस योजना से करीब-करीब देश के 45 से 50 करोड़ लोगों को फायदा होगा।आसियान देश हों, बांग्लादेश-भूटान-नेपाल हों, हम सभी एक तरह से कृषि प्रधान देश हैं। किसानों की उन्नति, इस पूरे क्षेत्र के विकास को नई ऊँचाई पर पहुंचा सकती है। इसलिए हमारी सरकार देश के किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। पीएम मोदी ने कहा- कुछ हफ्तों पहले हमने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है और आज मैं उत्तर-पूर्व में हूँ तो इस फैसले का जरूर जिक्र करना चाहता हूँ। उन्होंने कहा- वैज्ञानिक तौर पर बांस, घास की श्रेणी में आता है। लेकिन करीब 90 साल पहले हमारे यहां कानून बनाने वालों ने इसे पेड़ का दर्जा दिया था। इसका नतीजा ये हुआ कि बांस चाहे कहीं भी उगे, उसे काटने के लिए, उसे ट्रांसपोर्ट करने के लिए, परमिट की जरूरत पड़ती थी, मंजूरी चाहिए होती थी। मुझे लगता है, पूरे देश में अगर किसी क्षेत्र के लोगों को सब से ज्यादा नुकसान इस कानून से हुआ तो उत्तर-पूर्व के लोगों का ही नुकसान हुआ। पीएम मोदी ने कहा- अब हम लगभग 1300 करोड़ की लागत राशि से ‘National Bamboo mission’ को रीस्ट्रक्चर कर रहे हैं। उत्तर-पूर्व के लोगों को, खासकर यहां के किसानों को बजट के द्वारा एक और फायदा मिलने जा रहा है।सरकार ने affordable Housing के क्षेत्र में भी ऐसे-ऐसे नीतिगत निर्णय लिए हैं, सुधार किए हैं, जो देश के हर गरीब को घर देने के सरकार के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पिछले तीन वर्ष में इस सरकार में लगभग एक करोड़ घर बनाए गए हैं। हमने अभी बजट में ऐलान किया है कि इस वर्ष के साथ-साथ अगले वर्ष भी 51 लाख नए घर बनाए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा- इस वर्ष के बजट में सरकार ने मुद्रा योजना के द्वारा लोगों को स्वरोजगार के लिए 3 लाख करोड़ रुपए कर्ज देने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा स्टैंड अप इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, स्किल इंडिया मिशन के माध्यम से भी युवाओं को सशक्त करने का काम ये सरकार कर रही है।सरकार की ऐसी योजनाएं गरीबों को सशक्त कर रही हैं। लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान अगर किसी चीज से होता है, तो वो है भ्रष्टाचार, कालाधन.. दक्षिण एशियाई राष्ट्रों (आसियान) के लिए राज्य को भारत का एक्सप्रेसवे बनाना कार्यक्रम का उद्देश्य है। राज्य में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, जैविक खेती, बांस, हथकरघा, कपड़ा और हस्तशिल्प, अंतर्देशीय जल परिवहन, नदी विकास और रसद जैसे क्षेत्रों की पहचान की गई हैं। भारत के विकास के लिए यह जरुरी है कि उत्तर पूर्व राज्यों को विकसित किया जाए। और उत्तर पूर्वी राज्य से बिना संपर्क स्थापित किए इनका विकास नहीं किया जा सकता है। 'उड़ान' परियोजना के तहत गुवाहाटी, सिलचार और डिब्रूगढ़ को स्पाइस जेट के माध्यम से देश के अन्य भागों से जोड़ा गया है। हम बहुत जल्द ही लखीमपुर को जोरहट को भी इस दिशा में जोड़ेंगे। स्पाइस जेट के सीएमडी अजय सिंह ने कहा।  

Dakhal News

Dakhal News 3 February 2018


एमपी में शिवराज  मंत्रि-परिषद्

मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद् में तीन नये सदस्य नियुक्त किये गये हैं। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने इन नये सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने श्री नारायण सिंह कुशवाह को मंत्री एवं श्री बालकृष्ण पाटीदार तथा श्री जालम सिंह पटेल को राज्य मंत्री के पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह ने शपथ ग्रहण समारोह की कार्यवाही का संचालन किया। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष श्री सीतासरन शर्मा, मंत्रि-परिषद् के सदस्य, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद श्री नन्दकुमार सिंह चौहान भी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 3 February 2018


बजट 2018

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को संसद में बजट पेश कर दिया। यह केंद्र सरकार का अंतिम पूर्ण बजट था। अपने पिटारे से वित्त मंत्री ने जहां गांव, गरीब, किसान और महिलाओं को फायदे पहुंचाए वहीं नौकरीपेशा और आम आदमी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वित्त मंत्री ने बजट में स्वास्थ्य, परिवहन, शिक्षा और कृषि से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में स्वास्थ्य क्षेत्र में दो बड़ी घोषणाएं की है। उन्होंने नेशनल हेल्थ स्कीम के अलावा स्वास्थ्य एवं देखभाल केंद्रों की घोषणा की। नेशनल हेल्थ स्कीम के तहत देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों को अस्पतालों में इलाज के लिए 5 लाख रुपए दिए जाएंगे। इससे देश के 50 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे। वहीं यह विश्व का सबसे बड़ा सरकारी वित्त पोषित कार्यक्रम होगा। वहीं 1200 करोड़ रुपए से स्वास्थ्य एवं देखभाल केंद्र विकसित करने की कोशिश की गई है। वित्त मंत्री ने आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया जिससे नौकरीपेशा वर्ग को मायूसी हुई है। हालांकि, उन्होंने स्टैंडर्ड डिडक्शन को फिर से पेश किया गया है और इसके तहत लोगों को मेडिकल खर्चों पर 40 हजार रुपए तक का फायदा हो सकेगा। किसानों को समर्थन मूल्य का तोहफा देते हुए वित्त मंत्री ने खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 1.5 गुना कर दिया है। साथ ही 2000 करोड़ रुपए की लागत से कृषि बाजार बनाने का भी प्रावधान भी किया है। कृषि प्रोसेसिंग सेक्टर को 1400 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इसके अलावा 500 करोड़ की लागत से ऑपरेशन ग्रीन शुरू किया जाएगा। किसानों को कर्ज के लिए बजट में 11 लाख करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी किया गया है। युवाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार इस साल देश में 70 लाख नए रोजगार पैदा करेगी। महिलाओं के लिए घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने आठ करोड़ गरीब महिलाओं को गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा ईपीएफ में महिलाओं का योगदान 12 से 8 प्रतिशत किया गया है। गांवों पर मेहरबान होते हुए वित्त मंत्री ने आधारभूत ढांचे को विकसित करने के लिए 2018-19 के बजट में सरकार ने 14 लाख करोड़ से ज्यादा का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में 2 करोड़ शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा है वहीं सौभाग्य योजना के तहत बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके अलावा 2022 तक हर गरीब को घर देने की योजना भी है। रेलवे को 1.48 लाख करोड़ देने का ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पूरे देश की रेल लाइनें ब्रॉडगेज करने के अलावा 2018-19 में 36000 किलोमीटर ट्रैक बदला जाएगा। सभी ट्रेनों में सीसीटीवी और वाईफआई लगेंगे। मुंबई लोकल पर 1100 करोड़ रूपये खर्च किए जाएंगे और 90 किलोमीटर पटरी का विस्तार होगा। 25000 से ज्यादा मुसाफिर वाले स्टेशनों पर एस्केलेटर लगेंगे। बेंगलुरू रेलवे नेटवर्क को 17 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। शिक्षा को लेकर घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि देश में 24 नए मेडिकल खोले जाएंगे वहीं आदिवासियों के लिए एकलव्य स्कूल खोले जाएंगे। प्री-नर्सरी से 12 वीं तक के लिए एक नीति बनेगी। अब तक प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के लिए अलग-अलग नीति होती थी लेकिन अब इसे समग्र रूप से देखना चाहते हैं। केंद्र सरकार स्कूली टीचरों के लिए एकीकृत बीएड कार्यक्रम शुरू करेगी। 18 आईआईटी और एनआईआईटी की घोषणा की गई। कस्टम मंत्री ने बजट में कस्टम ड्यूटी बढ़ाने की घोषणा कर दी है। उन्होंने इसे 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया है जिसके चलते टीवी, मोबाइल के अलावा कई चीजें महंगी हो जाएंगी। साथ ही उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य पर लगने वाला सेस भी 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दिया है। लॉन्ग टर्म कैपिटल टैक्स की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि एक लाख रुपए से अधिक दीर्घकालिक पूंजी लाभों पर किसी सूचकांक के बिना 10 प्रतिशत की दर से टैक्स लगाने का प्रस्ताव करता हूं। लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को लेकर बड़ी घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने 3974 करोड़ का प्रावधान किया है। उन्होंने कॉर्पोर्ट टैक्स को कम करते हुए 250 करोड़ के सालाना टर्नओवर वाले उद्योगों को 25 प्रतिशत के टैक्स के दायरे में रखा है। वरिष्ठ नागरिकों को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने बजट में बैंकों तथा डाकघरों में जमा राशि पर ब्याज में छूट की सीमा को 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दिया है। साथ ही 80 डी के तहत स्वास्थ्य बीमा या चिकित्सा व्यय के लिए कटौती की सीमा 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दी गई है। वित्त मंत्री ने बजट में राष्ट्रपति का वेतन 5 लाख रुपए, उपराष्ट्रपति का 4.5 लाख रुपए और राज्यपाल का वेतन 3.5 लाक रुपए किए जाने की घोषणा की। सड़क और हवाई यातायात को लेकर घोषणा करते हुए कहा कि भारतमाला परियोजना के अंतर्गत 35 हजार किमी सड़कों के निर्माण को मंजूरी देने की बात कही। साथ ही हवाई अड्डों की क्षमता 5 गुना करने की बात भी कही।  

Dakhal News

Dakhal News 1 February 2018


 शिवराज सिंह चौहान

  केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए गए साल 2018-19 के आम बजट को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नए भारत के निर्माण की मजबूत आधारशिला बताया। इसके अलावा प्रदेश के जनसम्पर्क मंंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र और नगरीय प्रशासन मंत्री माया सिंह ने भी बजट को बहुत लाभकारी बताया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ट्वीट करते करते हुए जेटली के बजट 2018 पर अपनी प्रतिक्रिया दी। ट्वीट करते हुए उन्होंने बजट में महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों को लेकर किए गए प्रावधान को काफी अच्छा बताया। उन्होंने कहा कि इस बजट में सभी वर्गों के लिए जो प्रावधान किए गए उनसे देश नए आर्थिक युग में प्रवेश करेगा।

Dakhal News

Dakhal News 1 February 2018


अन्त्योदय बजट

   जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने संसद में पेश किए गए केन्द्रीय बजट को मध्यम और निर्धन वर्ग के लिए लाभकारी बताया है। डॉ.मिश्र ने कहा है कि केन्द्रीय बजट, सरकार की जनहितकारी नीतियों की वास्तविक अभिव्यक्ति है। इस बजट में अन्त्योदय पर विशेष ध्यान दिया गया है जो सरकार का प्रमुख लक्ष्य भी है। जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा है कि केन्द्रीय बजट वर्ष-2018-19 के माध्यम से कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के साथ ही प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, जन-औषधि केन्द्रों को और कारगर बनाने, उज्जवला और सौभाग्य योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को अधिक सुविधाएं प्रदान करने, प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीबों को मकान उपलब्ध करवाने, मध्यम वर्ग के लिए भी आवास योजना में कम ब्याज दर की व्यवस्था, नया ग्रामीण बाजार बनाने के एलान और पासपोर्ट तैयार करने जैसे कार्यों को सीधे जनता के पक्ष में लागू करने की व्यवस्था की गई है। डॉ. मिश्र ने कहा है कि किसानों की आमदनी को आने वाले चार वर्ष में दोगुना करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं केन्द्र सरकार द्वारा की जा रही हैं। उन्होंने कहा है कि बजट में समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी, मेगा फूड पार्क निर्माण, किसानों के लिए पशुपालक कार्ड, बांस मिशन के माध्यम से नवीन गतिविधियों की शुरूआत, खेती के लिए कर्ज की बेहतर व्यवस्था और सब्जी उत्पादन के लिए आवश्यक वित्त व्यवस्था का ध्यान रखा गया है। यह बजट गांव के विकास की रफ्तार को तेज करने वाला बजट है। जनसम्पर्क मंत्री ने कल्याणकारी केन्द्रीय बजट के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को बधाई दी है।    

Dakhal News

Dakhal News 1 February 2018


निकाय चुनाव

नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायतराज संस्थाओं के लिए हुए चुनाव में कुछ पर कांग्रेस तो कुछ पर भाजपा ने बाजी मारी। भाजपा ने सेंधवा, पीथमपुर, नगर पालिका परिषद और ओंकारेश्वर, पलसूद, पानसेमल, कुक्षी, डही और धामनोद नगर परिषद सीट पर कब्जा किया। वहीं कांग्रेस ने धार, राघौगढ़ व नगर पालिका परिषद और अंजड़, खेतिया, धरमपुरी, राजगढ़, सरदारपुर नगर परिषद पर जीत दर्ज की। अनूपपुर की जैतहरी नगर परिषद सीट पर निर्दलीय नवरत्नी शुक्ला विजयी हुए। अकोड़ा नगर परिषद (भिंड) - भरी कुर्सी ( अध्यक्ष संगीता यादव की वापसी) करनावद नगर परिषद (देवास) - खाली कुर्सी (अध्यक्ष कांताबाई पाटीदार को हटाया) खिलचीपुर नगर परिषद (राजगढ़) - खाली कुर्सी ( अध्यक्ष दीपक नागर को हटाया) सेंधवा नगर पालिका चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार बसंती बाई निर्विरोध जीती हैं। इसी के साथ कुल 24 वार्डों में से 11 वार्डों पर निर्विरोध चुनाव हुए। अब केवल 13 वार्डों के लिए मतगणना हुई जिसमें वार्ड 9 में भाजपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। वार्ड 11 में कांग्रेस के वली को जीत मिली। वार्ड 15 में भाजपा के इमरान ने जीत दर्ज की। वार्ड 24 में भाजपा के शकील और वार्ड 3 में कांग्रेस के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। वार्ड 14 कांग्रेस इलमुद्दीन ने जीत दर्ज की। वार्ड 4, 22 और 18 बीजेपी जीती। अनूपपुर : जैतहरी नगर पंचायत चुनाव की मतगणना में निर्दलीय प्रत्याशी नवर्तनी शुक्ला ने जीत दर्ज की, उन्हें 2027 मत मिले। शुक्ला ने भाजपा की सुनीता जैन को 898 मतों से पराजित किया। सुनीता जैन को 1129 मत मिले, कांग्रेस की गीता सिंह 980 मत प्राप्त कर तीसरे नंबर पर रहीं। यहां भाजपा के 4, कांग्रेस के 6 और निर्दलीय 5 पार्षद जीते।ओंकारेश्वर नगर परिषद में भाजपा के अंतर सिंह 1622 मतों से जीते।15 वार्डों में 12 में भाजपा 3 में कांग्रेस जीते।  

Dakhal News

Dakhal News 20 January 2018


राज्यपाल होंगी आनंदीबेन पटेल

  गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल को मध्यप्रदेश का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को उन्हें इस पद पर नियुक्त किया है। जिस दिन वह अपना प्रभार ग्रहण करेंगी उस दिन से उनकी नियुक्ति प्रभावी होगी। इस आशय की जानकारी राष्ट्रपति भवन ने एक ट्वीट में दी है। 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से अगस्त 2016 तक 76 वर्षीया पटेल गुजरात की मुख्यमंत्री रही। उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। गुजरात विधानसभा चुनाव में नहीं उतरने के बाद से उन्हें मध्य प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किए जाने का अनुमान लगाया जा रहा था। अभी गुजरात के राज्यपाल ओमप्रकाश कोहली के पास ही मध्यप्रदेश के राज्यपाल का भी प्रभार है। आनंदीबेन पटेल मध्यप्रदेश की पूर्णकालिक राज्यपाल होंगी। सितंबर 2016 में रामनरेश यादव का कार्यकाल खत्म होने के बाद से राज्य में पूर्णकालिक राज्यपाल नहीं है। वे 22 मई 2014 से 7 अगस्त 2016 तक मुख्यमंत्री के पद रही। हाल ही के गुजरात विधानसभा चुनाव के समय जब आनंदी बेन ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था तभी से उन्हें मध्यप्रदेश का राज्यपाल बनाए जाने की चर्चा चल रही थी। आनंदीबेन पटेल का जन्म 21 नवम्बर 1941 को हुआ। वे गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी। वे 1998 से गुजरात की विधायक रही। आनंदी बेन 1987 से भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हैं और गुजरात सरकार में सड़क और भवन निर्माण, राजस्व, शहरी विकास और शहरी आवास, आपदा प्रबंधन और वित्त आदि महत्वपूर्ण विभागों की काबीना मंत्री का दायित्व निभा चुकी हैं। वे गुजरात की राजनीति में "लौह महिला" के रूप में जानी जाती हैं। आनंदीबेन को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार (1989),गुजरात में सबसे बेहतर शिक्षक के लिए राज्यपाल पुरस्कार (1988),पटेल जागृति मंडल मुम्बई द्वारा 'सरदार पटेल' पुरस्कार (1999),पटेल समुदाय द्वारा 'पाटीदार शिरोमणि' अलंकरण (2005),महिलाओं के उत्थान अभियान के लिए धरती विकास मंडल द्वारा विशेष सम्मान,महेसाणा जिला स्कूल खेल आयोजन में पहली रैंकिंग के लिए 'बीर वाला' पुरस्कार,श्री तपोधन ब्रह्म विकास मंडल द्वारा 'विद्या गौरव' पुरस्कार (2000),1994 में उन्होंने बिजिंग में चतुर्थ विश्व महिला सम्मेलन में भारत का नेतृत्व किया। नर्मदा नदी स्थित नवगाम जलाशय में डूबती हुई लड़की को बचाने हेतु वीरता पुरस्कार्।चारुमति योद्धा पुरस्कार, अहमदाबाद की विजेता ,अंबुभाई व्यायाम विद्यालय पुरस्कार (राजपिपला) की विजेता।   

Dakhal News

Dakhal News 20 January 2018


 तोगड़िया को एनकाउंटर की साजिश का शक

अहमदाबाद में  सोमवार को बेहोशी की हालत में मिले वीएचपी नेता प्रवीण तोगड़िया ने मंगलवार को होश में आने के बाद मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान तोगड़िया सोमवार की पूरी घटना को लेकर भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने इस दौरान अपने एनकाउंटर के अलावा अपनी आवाज दबाने की राजनीतिक साजिश का आरोप भी लगाया। उन्होंने मीडिया से कहा कि मैं सालों से हिंदू एकता, राम मंदिर व अन्य मुद्दे उठाता रहा हूं लेकिन पिछले कुछ समय से लगातार मेरी आवाज दबाने का प्रयास होता रहा। सोमवार को भी मेरे एनकाउंटर की खबर मिली जिसके बाद में दफ्तर से निकल गया। तोगड़िया ने पूरी घटना का सिलसिलेवार जिक्र करते हुए कहा कि मेरी आवाज दबाने के क्रम में सेंट्रल आईबी ने मेरे द्वारा तैयार किए गए डॉक्टरों को डराना शुरू किया जिसके बाद मैंने केंद्र सरकार को पत्र लिखा। लेकिन मेरे खिलाफ कई पुराने केस निकालकर डराने का काम शुरू हुआ। सोमवार को पुलिस गिरफ्तारी का काफिला लेकर आई। यह हिंदुओं और मेरी आवाज दबाने की कोशिश का एक हिस्सा है। तोगड़िया आगे बोले कि सोमवार को एक जनसभा को संबोधित करके लौटा और पुलिस को कहा कि 2.30 बजे आओ, लेकिन सुबह जब में पूजा कर रहा था तब एक व्यक्ति मेरे कमरे में आया और कहा कि मेरा एनकाउंटर करने पुलिस निकली है। लेकिन मैंने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस बीच मुझे फोन आया कि राजस्थान पुलिस के 16 थानों की पुलिस का काफिला निकला है। इसके बाद मैं उसी स्थिति मैं बाहर निकला और बाहर खड़े पुलिस वालों को बताकर ऑटो में कार्यकर्ताओं के साथ निकल गया। रास्ते में राजस्थान के मुख्यमंत्री का संपर्क करवाया जिन्होंने इस बात से इन्कार किया और कहा कि पुलिस नहीं गई है। इसके बाद मैं फोन बंद कर एक कार्यकर्ता के घर गया। वहां से मैंने राजस्थान में वकीलों और पुलिस से संपर्क किया। उन्हों ने सलाह दी कि आप गिरफ्तारी की बजाय राजस्थान आकर सरेंडर करें। इसके बाद मैं विमान से राजस्थान निकला लेकिन रास्ते में मुझे दिक्कत हुई जिसके बाद मुझे कुछ भी याद नहीं है। तोगड़िया बोले कि इस तरह के कई और मामले अलग-अलग राज्यों में निकाले जा रहे हैं और मुझे एक जेल से दूसरी जेल में ले जाने की साजिश है ताकि में हिंदुत्व की बात ना कर सकूं। तोगड़िया 11 घंटे लापता रहे और फिर देर रात अहमदाबाद के शाही बाग इलाके में बेहोशी की हालत में मिले। इसके बाद उन्हें नीय चंद्रमणि अस्पताल में भर्ती कराया गया। तोगड़िया का इस हालत में मिलने पर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि उन्हें जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा हासिल है। तोगड़िया का इलाज कर रहे डॉक्टरों के अनुसार तोगड़िया को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। लो ब्लड शुगर के कारण वो बेहोश थे और उनका तुरंत इलाज शुरू किया गया। दरअसल पुलिस उन्हें वीएचपी दफ्तर में गिरफ्तार करने के लिए पहुंची थी लेकिन तोगड़िया वहां नहीं मिले जिसके बाद पुलिस खाली हाथ लौटी। पुलिस इस बात पर आश्चर्य जता रही है कि तोगड़िया वीएचपी कार्यालय से 15 किमी दूर कैसे पहुंचे।    

Dakhal News

Dakhal News 16 January 2018


गोरखनाथ मंदिर

  गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरक्षनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में पहली बार आ रहे हैं। मै उनको सुझाव दूंगा कि वह देश-दुनिया की बातें छोड़ें और पहले अपने संसदीय क्षेत्र के विकास पर ध्यान दें। सकारात्मक राजनीति करें। संवाददाताओं से बातचीत में योगी बसपा सुप्रीमो मायावती को जन्मदिन की बधाई देना भी नहीं भूले। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को योगी ने नसीहत दी कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़ दें और अपने गुर्गों को लोगों की जान लेने के लिए खुले में विचरण न करने दें। जिस तरह से आजमगढ़ में निर्दोष ग्रामीणों को जहरीली शराब पिलाकर मारा गया है, हरदोई में उनके नेता जहरीली शराब बनाते हुए पकड़े गए हैं और लखनऊ के अंदर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है, यह ठीक नहीं है। आलू को लेकर हो रही सियासत पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित के लिए हमारी सरकार ने ढेर सारा काम किया है। अब तक हमारी सरकार ने पिछले नौ महीनों में किसानों को लगभग 80 करोड़ रुपये दिए हैं। चाहे वो कर्जमाफी हो, धान क्रय केंद्र हो, गेहूं हो या गन्ना या फिर विभिन्न प्रकार की सब्सिडी देने की बात हो। अकेले उत्तर प्रदेश सरकार ने 80 हजार करोड़ की राशि किसानों में वितरित की है। आलू किसानों के लिए पिछली बार हम लोगों ने एक पॉलिसी तैयार की थी। इस बार फिर हम लोग तैयार हैं। आलू किसान अगर परेशान हैं तो इसके लिए सपा और बसपा जिम्मेदार हैं। उन्होंने अपने शासन के 15 वषोर् में किसानों के हित के लिए कुछ नहीं किया। हमने तो एक कमेटी फिर से गठित की है, जिससे किसानों के बारे में कोई ठोस कार्ययोजना बन सके।  

Dakhal News

Dakhal News 15 January 2018


मोहन भागवत

    रायपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि पूरे विश्व को भारत पर भरोसा है। भारत को कभी किसी देश को जीतना नहीं है। हमको भारत को दुनिया का सिरमौर बनाना है, लेकिन किसी को डरा कर नहीं। जब तक भारत है, तब तक हम आप हैं। भारत नहीं रहेगा, तो हम आप नहीं रह सकते। उन्होंने कहा कि कल्चर का मतलब संस्कृति नहीं है। खानपान और कपड़े सभ्यता में आते हैं, संस्कृति नहीं है। सारी विविधता के बीच एक संस्कार है। भागवत ने रायपुर में आज सामाजिक समरसता सम्मेलन को संबोधित किया। भागवत ने कहा कि विविधता के बावजूद एक देश एक राष्ट्र के कारण ही भारत चल रहा है। कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए इसे तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन जब भारत की बात आती है तो सब एक हो जाते हैं। जितना जमावड़ा बनाओगे, उतना मजबूत रहोगे। सबको जोड़ने वाली भारत की संस्कृति है, भारत के पूर्वज जोड़ने वाले हैं। इससे पहले भागवत ने कहा कि संक्रान्ति का पर्व है। सब कुछ ध्वस्त करके कुछ नया आने वाली क्रांति नहीं, बल्कि सोच विचार करके एक लंबी प्रक्रिया से शांति साथ लेकर आती है। सबको सुरक्षा देती है, सब को प्रतिष्ठित करती है। सूर्य को एक चक्र वाले रथ को 7 घोड़े को सामंजस्य बिठाने पड़ता है। इतनी विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उन्‍होंने कहा कि महान कार्य को करने के लिए साधन कितना है ये जरूरी नहीं है। खुद को लायक बनाने से सब सिद्ध हो जाएगा। परिस्थिति आती- जाती रहती है। मनुष्य अगर प्रकृति के साधनों के सहारे जिये तो एक पल जिंदा नहीं रह सकता। एक मच्छर भी मनुष्यों को परेशान कर सकता है। भगवान ने मनुष्य को बुद्धि दी है, जिसके कारण जिंदा है और इसी बुद्धि के कारण अहंकार भी है। व्यक्ति के नाते हमें समूह बनाकर सुखमय जीवन जीने के लिए चलना होगा। भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि समान विश्वास वाले लोग एक साथ आते हैं, जिसकी संख्या ज्यादा होती है वो जीतते हैं। राज्य कृत्रिम चीज है, वो बदलती है।  

Dakhal News

Dakhal News 15 January 2018


सुप्रीम विवाद - CJI से मिले पीएम के प्रमुख सचिव

  सुप्रीम कोर्ट के चार जजों द्वारा फ्रेस कॉन्फ्रेस कर न्यायपालिका की स्थिति को लेकर उठाए गए सवालों के बाद अब इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। खबरों के अनुसार पीएम मोदी के प्रमुख सचिव ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा से उनके आवास पर मुलाकात की है वहीं बार एसोसिएशन ने भी बैठक बुलाई है। खबरों के अनुसार एसोसिएशन इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर बैठक करेगा और इसके बाद मीडिया को संबोधित भी किया जा सकता है। वहीं चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा भी सुप्रीम कोर्ट के जजों से मुलाकात कर अपना पक्ष रख सकते हैं। माना जा रहा है कि आज की इन कवायदों के बाद विवाद सुलझ सकता है। जजों के मतभेद का मामला जल्‍द सुलझ जाएगा: अटॉर्नी जनरल अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने समाचार एजेंसी को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के जजों से जुड़ा मामला कल सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'आज की प्रेस कांफ्रेस को टाला जा सकता था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों के पास अपार अनुभव और जानकारी है। मुझे पूरा यकीन है की इस पूरे मसले को कल सुलझा लिया जाएगा।' बता दें कि एक अभूतपूर्व घटना में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों ने मुख्य न्यायाधीश (सीजेआइ) दीपक मिश्रा के खिलाफ सार्वजनिक मोर्चा खोल दिया। आगाह किया कि संस्थान में सब कुछ ठीक नहीं है। स्थिति नहीं बदली तो संस्थान के साथ साथ लोकतंत्र भी खतरे में है। मीडिया के सामने आने के न्यायाधीशों के चौंकाने वाले फैसले ने न सिर्फ आंतरिक कलह को खोलकर सामने रख दिया है, बल्कि कानूनविदों को भी खेमे में बांट दिया।  

Dakhal News

Dakhal News 13 January 2018


budget 2018

  केंद्र सरकार अगले वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आयकर छूट सीमा को मौजूदा ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर सकती है और मौजूदा टैक्स स्लैबों में भी बदलाव होने की संभावना है। साथ ही कारपोरेट टैक्स की दरें घटाने की दिशा में कदम उठाकर सरकार उद्योगों को उपहार भी दे सकती है। मोदी सरकार का यह आखिरी पूर्ण बजट होगा। सूत्रों ने कहा कि प्रत्यक्ष कर व्यवस्था में सुधार सरकार की प्राथमिकता में सबसे ऊपर हैं। वित्त मंत्रालय एक समूह का गठन कर इस दिशा में पहले ही कदम उठा चुका है। इसका उद्देश्य आम लोगों खासकर मध्यम वर्ग और कारोबार जगत को राहत देना है। वित्त मंत्री अरुण जेटली एक फरवरी 2018 को आम बजट पेश करेंगे। सूत्रों ने कहा कि मध्यम वर्ग को कर राहत देने के जिन विकल्पों पर विचार हो रहा है उनमें सबसे प्रमुख आयकर की दरें कम करने के संबंध में है। सरकार कर की दरें कम कर टैक्स के बोझ से राहत दे सकती है। चालू वित्त वर्ष के आम बजट में भी पांच लाख रुपये से कम आय पर दस प्रतिशत टैक्स की दर को घटाकर पांच प्रतिशत करके किया गया था। हालांकि दूसरा विकल्प टैक्स से छूट की मौजूदा सीमा को बढ़ाकर राहत देने का है। फिलहाल ढाई लाख रुपये तक की सालाना आय करमुक्त है। इसे बढ़ाकर तीन लाख रुपये या इससे अधिक करने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। बहरहाल सूत्रों का यह भी कहना है कि सरकार आयकर स्लैब में भी बदलाव कर सकती है। दरअसल स्लैब में बदलाव के प्रस्ताव के पीछे दलील यह है कि बढ़ती महंगाई से राहत दिलाने के लिए यह जरूरी है। पांच से दस लाख रुपये के स्लैब में टैक्स की दर घटाकर 10 फीसद की जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि दस लाख रुपये से 20 लाख रुपये के बीच एक नया स्लैब बनाया जा सकता है। इसमें दर 20 फीसद होगी। इससे ऊपर के स्लैब में 30 फीसद टैक्स होगा। फिलहाल व्यक्तिगत आयकर की चार स्लैब हैं। पहली स्लैब ढाई लाख रुपये से कम है जिस पर शून्य आयकर है। दूसरी स्लैब ढाई से पांच लाख रुपये है जिस पर पांच प्रतिशत आयकर है। तीसरी स्लैब पांच से दस लाख रुपये है जिस पर 20 प्रतिशत टैक्स है और चौथी स्लैब दस लाख रुपये से अधिक की है जिस पर 30 प्रतिशत टैक्स है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने नवंबर में ही छह सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन प्रत्यक्ष करों में बदलाव पर विचार के लिए किया है। ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि आयकर और कॉरपोरेट टैक्स के संबंध में जो भी बदलाव आगामी बजट में होंगे, वे प्रत्यक्ष कर प्रणाली में बदलाव की दिशा और दशा तय करेंगे। सूत्रों ने कहा कि वित्त मंत्री कारपोरेट रेट टैक्स में कटौती की पूर्व घोषणा पर भी इस बजट में अमल कर सकते हैं। दरअसल नोटबंदी और जीएसटी के प्रभाव के चलते उद्योग जगत की सुस्ती को दूर करने के लिए प्रोत्साहन की दरकार है। ऐसे में सरकार कारपोरेट टैक्स की वर्तमान दर 30 प्रतिशत को नीचे लाने की दिशा में कदम उठाकर इस संबंध में प्रयास कर सकती है। इससे उद्योग जगत को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि चालू वित्त वर्ष में जीएसटी के क्रियान्वयन के बाद सरकार के राजस्व में अपेक्षानुरूप वृद्धि नहीं हुई है, ऐसे में राजकोषीय घाटे को काबू रखने की जरूरत के बीच सरकार के हाथ बंधे होंगे।    

Dakhal News

Dakhal News 10 January 2018


लालू यादव को साढ़े तीन साल की सजा

रांची  में सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू यादव अलावा राजेंद्र प्रसाद, सुनील सिन्हा, सुशील कुमार समेत 6 दोषियों को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा कोर्ट ने लालू पर 5 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है जिसे ना भरने पर सजा 6 महीने के लिए बढ़ा दी जाएगी। कोर्ट ने लालू को यह सजा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनाई। खबरों के अनुसार कोर्ट ने घोटाले में सप्लायर्स को सात साल की सजा सुनाई है वहीं आईएएस और ट्रेजरी अधिकारियों को भी साढ़े तीन साल की सजा और 5 लाख का जुर्माना लगया गया है। साढे़ तीन साल की सजा होने पर अब लालू यादव को हाईकोर्ट से ही जमानत मिल पाएगी। अगर सजा तीन साल से कम होती तो उन्हें तत्काल जमानत मिल जाती। इसके पहले शुक्रवार को अदालत ने लालू यादव और पूर्व सांसद डॉ.आरके राणा सहित पांच दोषियों के खिलाफ सजा के बिंदु पर सुनवाई शुक्रवार को पूरी हो गई। इसके पहले दोषी करार पांच अन्य की सुनवाई गुरुवार को पूरी हो चुकी है। अब बचे छह दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई शनिवार को होगी। इसके बाद अदालत इन्हें सजा सुनाएगी। सभी अभियुक्त बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल में बंद हैं। दोषी करार जिन अभियुक्तों की ओर से शुक्रवार को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में सुनवाई हुई, उनमें लालू प्रसाद और राणा के अलावा फूलचंद सिंह, राजा राम जोशी व महेश प्रसाद शामिल हैं। कार्यवाही वीडियो कांफ्रेंसिंग ई-कोर्ट रूम से संचालित हुई। सुनवाई के दौरान महेश प्रसाद को छोड़ अन्य अभियुक्तों को बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। पेशी के दौरान लालू खामोश थे। कार्यवाही को गंभीरता से सुनने की कोशिश कर रहे थे। चेहरे का भाव सामान्य था। अभियुक्तों की ओर से उनके अधिवक्ता ने बहस की। स्वास्थ्य सहित अन्य व्यक्तिगत समस्या, ज्यादा उम्र, करीब 20 वर्षों से मुकदमा लड़ने को लेकर कम से कम सजा की अपील न्यायालय से की। वहीं सीबीआइ की ओर से वरीय विशेष लोक अभियोजक राकेश प्रसाद ने अधिक सजा की दलील दी। उन्होंने अपराध की प्रवृत्ति को देखते हुए कानून के प्रावधान के आधार पर अधिक से अधिक सजा देने की अपील न्यायालय से की। उल्लेखनीय है कि चारा घोटाले में 16 अभियुक्तों को अदालत ने 23 दिसंबर, 2016 को दोषी करार दिया था। इसके बाद सभी को न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल भेजा गया था। अदालत तीन जनवरी से सजा के बिंदु पर सुनवाई कर रही है। अभियुक्तों के नाम को अल्फाबेटिकल बांटकर सुनवाई हो रही है। यह मामला देवघर कोषागार से 89.04 लाख रुपये अवैध निकासी से संबंधित है।  

Dakhal News

Dakhal News 6 January 2018


तीन तलाक विधेयक

  एक साथ तीन तलाक विधेयक पर सियासी घमासान गुरुवार को राज्यसभा में लगातार दूसरे दिन जारी रहा। विपक्ष बिल को प्रवर समिति (सेलेक्ट कमेटी) में भेजने पर अड़ा रहा, तो सरकार ने भी इस मांग के आगे झुकने से इन्कार कर दिया। इस सियासी रस्साकशी में बिल के शीत सत्र में पारित होने की अब कोई गुंजाइश नहीं दिख रही। सरकार ने विपक्ष पर फिर इसकी राह रोकने का आरोप लगाया है। राज्यसभा में नेता सदन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तत्काल तलाक बिल को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग को इसे लटकाने का प्रयास करार दिया। उनका कहना था कि विपक्ष ने प्रवर समिति के लिए जिन सांसदों को आगे किया है, वे वास्तव में इस बिल को खत्म करना चाहते हैं। इतना ही नहीं प्रवर समिति के लिए विपक्ष का संशोधन 24 घंटे पहले नहीं आया। नियम के हिसाब से यह वैध नहीं है। प्रवर समिति के लिए सुझाए सदस्यों के नाम पूरे सदन के स्वरूप का प्रतिनिधित्व नहीं करते। वित्त मंत्री ने कहा कि विपक्ष ने इसे लटकाना पहले से तय कर रखा है। इसीलिए सरकार इसे प्रवर समिति में भेजने को तैयार नहीं है। राज्यसभा में यह मसला दूसरे दिन तब आया जब अर्थव्यवस्था पर अल्पकालिक चर्चा के बाद जीएसटी बिल पर बहस शुरू हो रही थी। सपा के नरेश अग्रवाल समेत विपक्ष के तमाम सदस्यों ने उपसभापति पीजे कुरियन से विपक्ष के दोनों वैध संशोधनों पर मतविभाजन की मांग पर फैसला देने को कहा। विपक्ष का कहना था कि पहले इस मुद्दे का निपटारा हो, तब जीएसटी बिल लिया जाए। सरकार ने गुरुवार को एजेंडे में तत्काल तलाक को जीएसटी के बाद रखा था। नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने जेटली के आरोपों पर कहा कि यह गलत प्रचार फैलाया जा रहा कि कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष तत्काल तलाक बिल के खिलाफ है। हमारी आपत्ति केवल इस पर है कि एक साथ तीन तलाक पर पति जेल जाएगा, तब उस दौरान पत्नी का गुजारा कौन चलाएगा। इस बिल के जरिये सरकार ने मुस्लिम औरतों को खत्म करने का प्रबंध कर दिया है। इसलिए हमारा आग्रह है कि गुजारे की व्यवस्था कर दीजिए। हमें बिल पर कोई एतराज नहीं है। अपने-अपने तर्कों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जमकर तकरार हुई। इस दौरान सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति इरानी ने कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष पर मुस्लिम महिलाओं को हक से वंचित करने का आरोप लगाया। तो तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन ने कहा कि सरकार एक साथ तीन तलाक पर राजनीति कर रही है और हक दिलाने का दिखावा कर रही। उपसभापति ने कहा कि बेशक तृणमूल के सुखेंदु शेखर राय और कांग्रेस के आनंद शर्मा का प्रस्ताव वैध है। सभापति ने भी इसे स्वीकार कर लिया है। लेकिन, सरकार के एजेंडे में जीएसटी बिल पहले है। इसके बाद ही तत्काल तलाक का बिल लिया जाएगा। मगर शाम साढ़े पांचे बजे पूरी हुई चर्चा के बाद विपक्ष तत्काल तलाक को पहले लेने पर अड़ा रहा। इसी तकरार में सदन को करीब पौने छह बजे पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया।  

Dakhal News

Dakhal News 4 January 2018


 नितिन पटेल

  गुजरात में भाजपा की सरकार बनने के बाद विभागों के बंटवारे को लेकर मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी और उप मुख्‍यमंत्री नितिन पटेल के बीच मतभेद की अटकलें थीं। मगर अब लगता है सब कुछ ठीक हो गया है। उन्‍होंने आज अपना पदभार संभाल लिया। बताया जा रहा है कि भाजपा राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह के फोन आने के बाद नितिन पटेल की नाराजगी दूर हुई है। अमित शाह ने उनकी मांगों पर विचार करने का आश्‍वासन दिया है। उनके फोन आने के कुछ देर बाद ही नितिन पटेल पदभार संभालने गांधीनगर पहुंचे। मीडिया से बात करते हुए नितिन पटेल ने कहा कि अमित शाह ने मुझ पर भरोसा जताया है, इसलिए मैंने पदभार संभाल लिया है। मैंने सुबह कैबिनेट की बैठक में मुख्‍यमंत्री रूपाणी के साथ हिस्सा भी लिया। नितिन पटेल ने स्‍पष्‍ट रूप से यह भी कहा, मैं कोई महत्वपूर्ण मंत्रालय नहीं चाहता था। मेरी बस यही इच्छा थी कि मैं जिन मंत्रालयों को पहले से देख रहा था, वो मुझे फिर से दे दिए जाए। मैंने 40 साल से भाजपा कार्यकर्ता के तौर पर काम किया है। मेरे योगदान को देखते हुए ही पार्टी ने मुझे उप मुख्‍यमंत्री बनाया है। मैं पार्टी छोड़ने के बारे में सोच भी नहीं सकता। हार्दिक पटेल के प्रस्ताव पर नितिन पटेल ने कहा, कांग्रेस कई मामलों में राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है। कांग्रेस की ओर से जो प्रस्ताव दिया गया है, मैं उस पर कभी विचार भी नहीं कर सकता हूं। गौरतलब है कि शनिवार को पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने कहा था कि अगर नितिन पटेल अपने साथ 10 भाजपा कार्यकर्ताओं को साथ ला साकते हैं तो उन्‍हें कांग्रेस पार्टी में शामिल हो जाना चाहिए। इस प्रस्‍ताव को लेकर भाजपा ने हार्दिक पटेल को खूब खरी-खरी भी सुनाई है।

Dakhal News

Dakhal News 31 December 2017


शिवराज सिंह चौहान

केरल के श्रंगेरी मठ में "एकात्म यात्रा" कार्यक्रम में मुख्यमंत्री चौहान  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पूरे विश्व में आदि शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन का प्रचार-प्रसार करने के लिये प्रदेश के ओंकारेश्वर में आदि गुरु शंकराचार्य सांस्कृतिक एकता न्यास की स्थापना की जायेगी। न्याय के जरिये अद्वैत दर्शन पर शोध और अध्ययन का काम होगा। वे आज केरल में श्रंगेरी मठ में 'एकात्म यात्रा' की श्रंखला में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शंकर संदेश वाहिनी को ध्वज दिखाकर रवाना किया। यह वाहिनी कालिडी, श्रंगेरी, काँची, द्वारका, जोशीमठ, हरिद्वार, वाराणसी से होते हुए 22 जनवरी को ओंकारेश्वर पहुँचेगी। श्री चौहान ने कहा कि अद्वैत दर्शन में विश्व की सभी समस्याओं का समाधान करने की क्षमता है। यह युग की धारा बदल देने वाला दर्शन है। आतंकवाद  और वैमनस्यता जैसी बुराइयों को समाप्त कर देगा। उन्होंने कहा कि अद्वैत दर्शन का ज्ञान होने पर ही पता चलता है कि इस जगत के सभी जीवों, अवयवों में एक ही चेतना का वास है। इसलिये सभी एक ही चेतना से आपस में जुडे हैं। इसी दर्शन के कारण भारत में प्रकृति की आराधना होती है। नदियों को पूजा जाता है। उन्हें परम चेतना से अलग नहीं मानते। उन्होंने कहा कि अद्वैत दर्शन आम लोगों के बीच जाना चाहिये। केवल मंदिरों, मठों और विद्वानों तक सीमित नहीं रहना चाहिये। इसका विस्तार ही कल्याणकारी है। आदि शंकराचार्य ने भारत की सांस्कृतिक एकता को स्थापित किया और मानवता को शांति और धर्म की राह दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि शंकराचार्य की जन्म-भूमि केरल है लेकिन उनकी ज्ञान-भूमि मध्यप्रदेश है। इसलिये चार एकात्म यात्राएँ ओंकारेश्वर, रीवा, अमरकंटक और उज्जैन से निकाली गई हैं। जिन स्थानों से ये एकात्म यात्राएँ गुजरेंगी उस स्थान से धातु कलश में वहाँ की मिट्टी इकट्ठी की जा रही है। आदिगुरू की प्रतिमा की स्थापना के समय नींव में इसका उपयोग किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को जीव, जगत और जगदीश की एकात्मकता को आत्मसात करने और एकात्मकता के माध्यम से बेहतर समाज, राष्ट्र और विश्व निर्माण करने में योगदान देने का संकल्प दिलाया।  

Dakhal News

Dakhal News 29 December 2017


 तीन तलाक बिल लॉक

  तीन तलाक का बिल लोकसभा से पारित हो गया है। यह बिल बिना किसी संशोधन के पारित किया गया। सारे संशोधन खारिज किए गए। लोकसभा से अब यह बिल राज्‍यसभा में जाएगा। शीतकालीन सत्र में गुरुवार को सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को राहत देने वाला तीन तलाक पर बिल लोकसभा में पेश कर दिया। बिल पेश होते ही विपक्ष के सासंदों ने इसका विरोध किया वहीं कांग्रेस ने इस बिल का समर्थन किया है लेकिन कुछ शर्तों के साथ। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम इस बिल का समर्थन करेंगे लेकिन इसमें कुछ मुद्दे हैं जिन्हें ठीक किया जाना है। हम बैठकर इस मुद्दे पर बात कर लेंगे। इस पर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बिल का समर्थन करने के लिए कांग्रेस का धन्यवाद और उनकी जो भी बातें हैं वो सुनकर बिल में जरूरी हुआ तो सुधार किया जाएगा। इससे पहले बिल पेश होते ही विपक्ष का कहना था कि इस बिल में तीन तलाक पर सजा के चलते परिवार प्रभावित होंगे। वहीं दूसरी तरफ खबर है कि कांग्रेस संसद में इस बिल का समर्थन कर सकती है लेकिन वो भी बिल में आपराधिक मामला दर्ज करने की बात को उठाएगी। इससे पहले सदन में बिल आते ही लोकसभा सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इसका विरोध किया। ओवैसी ने इस बिल को महिला विरोधी करार देते हुए कहा कि यह बिल मूलभूत अधिकारों का हनन करता है साथ ही इसमें कई कानूनी खामियां भी हैं। वही इससे पहले बिल पेश करते हुए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कि पीएम मोदी के रहते किसी मुस्लिम महिला के साथ अन्याय नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कानून बनाने को कहा था और उसी के आदेश का पालन हो रहा है। वहीं उन्होंने बिल का विरोध होने पर कहा कि जो लोग मानव अधिकारों की बात करते हैं वो बताएं की तीन तलाक की पीड़ित महिलाओं के मानव अधिकार नहीं है क्या। बता दें कि सदन में पेश हुए बिल के मुताबिक किसी भी तरीके से एक बार में दिया गया तीन तलाक अवैध तथा शून्य होगा और उसके लिए पति को तीन साल की सजा होगी। केंद्रीय कैबिनेट ने बिल को मंजूरी दे दी है। लेकिन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बिल का विरोध करते हुए उसे वापस लेने या रोकने की मांग की है। बोर्ड ने बिल को असंवैधानिक तथा महिला विरोधी करार दिया है। सत्तारूढ़ दल भाजपा ने लोकसभा में ट्रिपल तलाक का बिल पारित कराने के लिए अपने सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। बिल पेश होने के पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने सभी विपक्षी दलों से गुरुवार को संसद में ध्वनि मत से तीन तलाक विधेयक पारित कराने की अपील की है। संसद भवन के बाहर पत्रकारों से चर्चा में अनंत कुमार ने कहा कि विधेयक गुरुवार को संसद में पेश किया जाना है। अब तक संसद की कार्यवाही में मनमोहन सिंह के खिलाफ पीएम मोदी की टिप्पणी को लेकर बाधा डाली जा रही थी।  

Dakhal News

Dakhal News 28 December 2017


अटल बिहारी वाजपेयी को दी जन्म-दिन की बधाई

  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनके जन्म-दिन 25 दिसम्बर पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने श्री वाजपेयी के सुदीर्घ जीवन की मंगल-कामना की है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि श्री वाजपेयी देश के एक आदर्श राजनेता हैं। वे सुशासन के प्रतीक हैं। उनके जन्म-दिन को मध्यप्रदेश में सुशासन दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य शासन जिम्मेदार और प्रभावी सुशासन देने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री  ने क्रिसमस पर दी बधाई मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्रिसमस के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामना दी हैं। मुख्यमंत्री ने संदेश में कहा है कि‍आधुनिक समाज में नैतिक मूल्यों, विश्व शांति और मानव जीवन की गरिमा की स्थापना के लिये प्रभु ईसा मसीह के पवित्र वचनों की सार्वभौमिक प्रासंगिकता है।  मुख्यमंत्री ने कहा है कि क्रिसमस का त्यौहार भाईचारे की भावना और खुशि‍यों को बांटने का उत्सव है। यीशु मसीह के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला यह त्‍यौहार उनके बलि‍दान, सेवा,त्‍याग, प्रेम और करूणा जैसे आदर्शो का अनुसरण करने का संदेश देता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने क्रिसमस के अवसर पर प्रदेशवासियों की खुशहाली और प्रदेश की तरक्की की कामना की है।

Dakhal News

Dakhal News 24 December 2017


दस रूपये किलो मूल्य पर दालें

कुपोषण दूर करने कराहल एवं खालवा विकासखण्ड से शुरू होगी योजना  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिये जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति के लोगों को दलहनों का वितरण किया जायेगा। यह कार्यक्रम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में श्योपुर जिले के कराहल एवं खण्डवा जिले के खालवा विकासखण्ड से शुरू किया जाएगा। इसके अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति को एक किलो दाल मात्र दस रूपये में उपलब्ध करायी जायेगी। इस अभिनव कार्यक्रम से दोनों विकासखण्ड के लगभग 75 हजार परिवारों के साढ़े तीन लाख लोग लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दलहन वितरण का यह महत्वाकांक्षी निर्णय आज यहाँ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया। उन्होंने अधिकारियों को दलहन वितरण की व्यवस्था करने और जनजातीय वर्ग के लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश दिये है। उन्होंने कहा कि जनसमुदाय की राय से ही तय किया जायेगा कि उन्हें दाल या खड़ी दाल के रूप में दलहनें उपलब्ध करायी जाये। श्री चौहान ने कहा कि जनजातीय लोगों को दलहन उपलब्ध कराने से उनके भोजन में दाल शामिल होगी जिससे उन्हें प्रोटीन की समुचित मात्रा मिलेगी। इससे कुपोषण दूर करने में मदद मिलेगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, एपीसी श्री पी.सी. मीणा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती नीलम शमी राव और प्रमुख सचिव सहकारिता श्री के.सी. गुप्ता उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 21 December 2017


modi

  पीएम मोदी द्वारा मनमोहन सिंह को लेकर दिए बयान पर शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को भी विपक्ष ने हंगामा किया। विपक्ष लगातार नारेबाजी कर रहा है और पीएम मोदी से माफी की मांग पर अड़ा हुआ है। इस बीच विपक्ष के हंगामे को लेकर उपराष्ट्रपति वैकेंया नायडू ने कहा कि मनमोहन सिंह पर बयान पीएम मोदी ने सदन में नहीं दिया था और इसलिए यहां वो कोई माफी नहीं मांगेंगे। इसके बाद सदन की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।  

Dakhal News

Dakhal News 21 December 2017


रणदीप सुरजेवाला

गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग पर तगड़ा निशाना साधा। कांग्रेस के गुजरात प्रभारी अशोक गहलोत और प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस बात पर आपत्ति ली कि अहमदाबाद में अपना वोट देने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने किस तरह रैली की शक्ल में वहां मौजूद लोगों का अभिवादन करते हुए रवाना हुए। कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे लगता है कि चुनाव आयोग मोदी के निजी सचिव की तरह काम कर रहा है। सुरजेवाला ने कहा, राहुल गांधी का इंटरव्यू दिखाने वाले चैनल पर एफआईआर दर्ज कर ली जाती है और मोदी फिक्की के कार्यक्रम को एक चुनावी रैली की तरह संबोधित करते हैं, इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एयरपोर्ट पर लोगों को संबोधित करते हैं और चुनाव आयोग कोई कार्रवाई नहीं करता है।  

Dakhal News

Dakhal News 14 December 2017


अमित शाह के बोल

गुजरात विधानसभा के लिए वोटों की गिनती होना है। लेकिन बयानबाजी जारी है। ताजा घटनाक्रम में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को ट्वीट के जरिये पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर हमला बोला। शाह ने तंज कसते हुए सवाल किया, 'गुजरात चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पद की गरिमा का खयाल न रखने का आरोप लगाने वाले मनमोहन सिंह अपने कार्यकाल में इस गरिमा को क्यों भूल गए थे? उनके प्रधानमंत्री रहते हुए लाखों करोड़ रुपये के घोटाले होते रहे, तब उन्हें गुस्सा क्यों नहीं आया?' भाजपा अध्यक्ष ने कहा, 'आखिर उन्हें तब गुस्सा क्यों नहीं आया, जब सोनिया गांधी ने देश के एक राज्य के मुख्यमंत्री को 'मौत का सौदागर' कहा। आखिर वह भी तो संवैधानिक पद था। उन्हें तब गुस्सा क्यों नहीं आया, जब पीएम को 'नीच' कहा गया। मनमोहन सिंह जी से ऐसी राजनीतिक की अपेक्षा नहीं थी।'शाह ने कहा, 'वह पहले भी गुजरात में प्रचार कर चुके हैं, लेकिन ऐसे गुस्से में कभी नहीं दिखे। यह उनका स्वभाव नहीं है। शायद इस बार उनके ऊपर पार्टी का दबाव कुछ ज्यादा था।'    

Dakhal News

Dakhal News 14 December 2017


भुजबल की 20 करोड़ की संपत्ति जब्त

मुंबई में  प्रवर्तन निदेशालय ने राकांपा नेता छगन भुजबल की 20.41 करोड़ रुपये कीमत की संपत्ति जब्त कर ली। ये संपत्ति प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जब्त की गई है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे छगन भुजबल पर दिल्ली स्थित न्यू महाराष्ट्र सदन के निर्माण एवं मुंबई के कालीना क्षेत्र के एक निर्माण में घोटाले का आरोप है। भुजबल को प्रवर्तन निदेशालय ने विगत 14 मार्च 2016 को गिरफ्तार कर लिया था। वह तभी से मुंबई के ऑर्थर रोड जेल में बंद हैं। भुजबल के पुत्र एवं राकांपा विधायक पंकज भुजबल एवं भतीजे समीर भुजबल भी इसी मामले में आरोपी हैं। प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि छगन भुजबल ने उक्त इमारतों के निर्माण में गलत तरीके से पैसा बनाया एवं उसका निवेश फर्जी कंपनियों के जरिए करवाया गया। आयकर विभाग एवं प्रवर्तन निदेशालय इससे पहले भी भुजबल की 300 करोड़ रुपयों से ज्यादा की संपत्तियां जब्त कर चुका है। भुजबल के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भी जांच की है। फरवरी 2016 में एसीबी भुजबल सहित 17 आरोपियों के विरुद्ध 20,000 पन्नों से ज्यादा का आरोपपत्र अदालत में पेश कर चुका है। आयकर विभाग ने इस मामले में ऐसी 44 कंपनियों को चिन्हित किया है, जिन्होंने बेनामी समझी जा रही तीन में से दो कंपनियों में निवेश किया। यह उस कानून का उल्लंघन है, जो बन तो 1988 में ही गया था, लेकिन अमल में पिछले वर्ष एक नवंबर से आना शुरू हुआ है। इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर सात वर्ष तक कठोर कारावास एवं बेनामी संपत्तियों के बाजार मूल्य का 25 फीसद तक जुर्माना हो सकता है। इन संपत्तियों की चार माह तक जांच करनेवाली आयकर विभाग की टीम का मानना है कि भुजबल परिवार द्वारा ये संपत्तियां अघोषित आय का उपयोग करके खरीदी गई हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 5 December 2017


चक्रवात ओखी अमित शाह

दक्षिण भारत में कहर बरपा कर चक्रवात ओखी अब गुजरात पहुंचा है। चुनाव में राजनीतिक सरगर्मी पर चक्रवात ओखी ने पानी बरसा दिया है। इसके चलते भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की तीन रैलियां रद्द कर दी गईं हैं। यह रैलियां तटीय इलाकों राजुला, माहुआ और शिहोर में होने वाली थीं। ओखी की चेतावनी को देखते हुए गुजरात सरकार ने प्रदेश के तमाम बंदरगाहों पर रेड नंबर सिंग्लन लगा कर दिया गया है। वहीं समुद्र में मछली पकड़ कर रहे मच्छुआरों वापस आने की सूचना दे दी गई है। सरकार समुद्र किनारे वाले क्षेत्रों में एनडीआरएफ की टीम तैनात कर 24 घंटे कंन्ट्रोल रुम भी शुरु किया है। पिछले दो दिनों से गुजरात में ओखी तुफान का असर दिखने को मिल रहा है। प्रदेश में अंधिकांश के शहरो में तेज हवाओं के साथ समुद्री किनारे वाले क्षत्रों में बारिश भी हुई है। अहमदाबाद , राजकोट , सूरत, वडोदरा जैसे बड़े शहरों में दिन भर बादली माहौल रहा है। सरकार ने बताया कि दक्षिण भारत में तबाही मचाने के बाद ओखी तुफान गुजरात की ओर आगे बढ़ रहा है। अगले 48 घंटों में ओखी तुफान में गुजरात में 60 से 70 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। गुजरात सरकार ने कहा कि ओखी तुफान से निपटने के लिए प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर व अधिकारियों के साथ एक बैठक की गई है। इसमें सावधानी तमाम कदम उठाये गये है। बंदरगाह पर रेड नंबर सिंग्लन लगाने के साथ मच्छुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई। सूरत , राजकोट, कच्छ , जूनागढ़ सहित समुद्री किनारे वाले एनडीआरएफ के जवानों को स्टैंडबाय रखा गया है। यहां समुद्र में से मछुआरों के बोटों को सुरक्षित स्थल पर ले जाया गया है। वहीं सरकार 24 घंटे कन्ट्रोल रुम भी शुरु किया है। सूचना पाते ही समुद्र में मछली पकड़ रहे 300 बोट के साथ मच्छुआरे वापस आ गये है। जबकि जाफराबाद में 139 बोट अभी भी समुद्र में है। जिससे उनका संपर्क किया जा रहा है।

Dakhal News

Dakhal News 5 December 2017


babulal gaur

  भोपाल गैंगरेप सहित प्रदेश के अन्य स्थानों पर महिलाओं के खिलाफ हो रही लगातार घटनाओं के मामले उठाते हुए विपक्ष ने प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला है। शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन आज विधानसभा में कांग्रेस के रामनिवास रावत, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सहित कई विधायकों ने भोपाल के शक्ति कांड का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर एक बार फिर अपनी ही सरकार के लिए परेशानी लेकर आए। गौर ने कुपोषण के मुद्दे पर सरकार पर सवाल उठाए। महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध को लेकर विपक्ष ने स्थगन भी लगाया। कांग्रेस विधायकों ने सदन में इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा ने आश्वस्त किया कि वे विषय का परीक्षण कर अपना फैसला सुनाएंगे। विपक्ष के हमले पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि सरकार दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध करने वालों के लिए फांसी की सजा का कानून ला रही है। इसके अलावा जबलपुर से विधायक तरुण भनोत सहित कई विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष से अफसरशाही की शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि अधिकारी उनके पत्रों का जवाब नहीं देते। प्रश्न काल में उठे इस विषय पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा ने भी विधायकों का पक्ष लेते हुए मंत्रियों को ताकीद किया कि वे इस बात को सुनिश्चित करें कि विधायकों द्वारा लिखे जाने वाले पत्रों के जवाब समय पर दिए जाएं और जो लोग इन दिशा निर्देशों का पालन नहीं करते हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इधर कुपोषण के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने विपक्ष के सुर में सुर मिलाते हुए अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए। गौर ने कहा प्रदेश में कुपोषण क्यों नहीं रुक रहा है और इसके लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं। इसके जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने कहा कि कुपोषण के स्तर में कमी आई है लेकिन कोई भी यह पूरी तरह दावे से नहीं कह सकता है कि समस्या से निजात पा लिया गया है।

Dakhal News

Dakhal News 28 November 2017


 पीएम मोदी ,इवांका मुलाकात

  हैदराबाद में मंगलवार से होने वाले वैश्विक उद्यमिता शिखर सम्मेलन (GES 2017) में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप पहुंच चुकी हैं। सम्मेलन शुरू होने से पहले इवांका ने पीएम मोदी से मुलाकात की साथ ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिली। इसके बाद पीएम मोदी और इवांका ट्रंप दोनों की इस सम्मेलन को संबोधित किया । पीएम मोदी और सुषमा स्वराज से इस मुलाकात के दौरान इवांका के साथ आए अधिकारियों का दल भी मौजूद था। इससे पहले इवांका मंगलवार तड़के हैदराबाद पहुंची तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक एम महेंदर रेड्डी ने बताया कि इवांका मंगलवार तड़के शमशाबाद में राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचीं और 29 नवंबर की शाम लौट जाएंगी।  

Dakhal News

Dakhal News 28 November 2017


bjp mp

वर्ष 2003 में कांग्रेस की दिग्विजय सिंह सरकार को उखाड़ फेंकने में अहम भूमिका निभाने वाले 'जावली' की तर्ज पर भाजपा ने एक बार फिर चुनाव प्रबंधन कार्यालय का शुभारंभ किया है। यह कार्यालय विधानसभा चुनाव 2018 और लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों पर उसी तर्ज पर काम करेगा, जैसे 2003 में 'जावली ' किया करता था । 'जावली' ने ही उस समय अक्रामक चुनाव प्रचार की शैली विकसित की थी । उसी टीम ने तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को मिस्टर बंटाधार के नाम से अलंकृत किया था। इस कार्यालय की कमान फिलहाल पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत संभालेंगे । शुक्रवार को विधिविधान पूजापाठ कर प्रदेश भाजपा कार्यालय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा सहित कई नेताओं की मौजूदगी में इस कार्यालय का उद्धाटन किया गया । सन 2003 में भाजपा ने तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष डॉ गौरीशंकर शेजवार के बंगले में जावली का निर्माण किया था। तब अनिल दवे जावली के प्रभारी हुआ करते थे। उनके साथ शैलेंद्र शर्मा, भारम भूषण, अतुल जैन और अजय मेहता भी चुनावी व्यूह रचना तैयार करने का काम करते थे। क्या है जावली का इतिहास जावली महाराष्ट्र की एक छोटी सी रियासत थी । इस जावली के किले में मुगल शासकों ने शिवाजी को मारने की योजना बनाई थी । 10 नवंबर 1659 को अफजल खां ने इसी जावली में शिवाजी को एकांत में मिलने बुलवाया था। जहां धोखे से वह शिवाजी की हत्या करना चाहता था, लेकिन शिवाजी ने उसे मार गिराया । इसी विजय गाथा की याद में भाजपा ने भी अपने चुनाव प्रबंधन कार्यालय के उद्धाटन के लिए 10 नवंबर की तारीख को चुना। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर कहा कि स्वर्णिम मध्यप्रदेश का जो सपना हमने देखा था, उसे भारतीय जनता पार्टी साकार कर रही है। हम समर्पण, समन्वय और एकजुटता से 2018 में प्रदेश में चौथी बार सरकार बनाएंगे। चुनाव में अभी एक वर्ष है, इसमें तैयारियों के 8 महीने और सघन चुनाव प्रचार के 4 माह सम्मिलित हैं। इस अवसर पर मध्य प्रदेश शासन के मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, उमाशंकर गुप्ता, श्रीमती माया सिंह, भूपेन्द्र सिंह, पारस जैन, जयभान सिंह पवैया, रामपाल सिंह, दीपक जोशी, रूस्तम सिंह, विश्वास सारंग, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष विजेश लुणावत, रामेश्वर शर्मा, अरविन्द भदौरिया, प्रदेश महामंत्री बंशीलाल गुर्जर, प्रदेश मंत्री पंकज जोशी, श्रीमती कृष्णा गौर, प्रदेश कार्यालय मंत्री राजेन्द्रसिंह राजपूत, प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर, प्रदेश सह मीडिया प्रभारीसंजय गोविन्द खोचे, गजेन्द्र पटेल, श्रीमती लता ऐलकर, अशोक सैनी, ताराचन्द बावरिया सहित प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित थे।  

Dakhal News

Dakhal News 11 November 2017


चित्रकूट चुनाव

  चित्रकूट उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचार के लिए कई मंत्रियों को मैदान में उतार दिया है। करीब आधा दर्जन मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि छह नवंबर तक सभी चित्रकूट में ही रहें। उपचुनाव में प्रचार के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव को नीदरलैंड दौरा बीच में छोड़कर वापस लौटना पड़ा। भार्गव को छह नवंबर को भोपाल लौटना था, लेकिन वे गुरुवार को ही दिल्ली पहुंच गए। भार्गव शुक्रवार को चित्रकूट चुनाव प्रचार के लिए जाएंगे। भार्गव के अलावा लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह, गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग राज्यमंत्री संजय पाठक और सहकारिता राज्यमंत्री विश्वास सारंग को भी चित्रकूट पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें से कुछ मंत्री चित्रकूट पहुंच भी चुके हैं। उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ल और खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे पहले से ही चित्रकूट में डेरा जमाए हुए हैं। इन सभी मंत्रियों को भाजपा ने स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया था। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव फूलों की खेती, जैविक खेती और डेयरी उद्योगों का अध्ययन करने के लिए विभाग के एक दल के साथ नीदरलैंड गए थे। नीदलैंड से सिर्फ गोपाल भार्गव वापस लौटे, उनके साथ गया अध्ययन दल पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक ही वापस आएगा।

Dakhal News

Dakhal News 3 November 2017


पूरी दुनिया में पहुंचेगी खिचड़ी

खिचड़ी देश के हर तबके की पसंद है लेकिन अब यह सिर्फ भारत नहीं बल्कि पूरी दुनिया में पहुंचेगी। दिल्ली में आज से होने वाले फूड इंडिया कार्यक्रम में इस खिचड़ी का स्वाद दुनिया भी चखेगी। पीएम मोदी ने सुबह इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने फूड प्रोसेसिंग उद्योग और किसानो पर अपनी बात रखी। पीएम ने कहा कि हमारे देश का किसान जिसे हम अन्नदाता भी कहते हैं वो फूड प्रोसेसिंग का केंद्र है। ट्रेनों में रोजाना लाखों लोग खाना खाते हैं और यह यात्री फूड प्रोसेसिंग उद्योग के संभावित ग्राहक हो सकते हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत आज विश्व की सबसे तेज उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। पीएम ने अपने संबोधन में सहूलियत 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर विश्व बैंक की रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग में हुए शानदार सुधार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत जीएसटी और अन्य आर्थिक सुधारों की वजह से भारत के कारोबारी माहौल में सुगमता आई है। बता दें कि फेस्ट के लिए 800 किलो खिचड़ी तैयार की जाएगी। यह कदम विश्व रिकार्ड बनाने के लिए भी उठाया जाएगा। इसे ब्रांड इंडिया फूड के रूप में चुना गया है। 800 किलो खिचड़ी तैयार करने के लिए 1000 लीटर क्षमता और सात फीट गहराई की विशाल कड़ाही का प्रबंध किया गया है। इस फेस्ट में 70 देशों के प्रतिभागी हिस्सा लेने वाले हैं। पाक कला के मशहूर विशेषज्ञ संजीव कपूर को तीन दिवसीय ग्रेट इंडियन फूड स्ट्रीट का ब्रांड अंबेसडर बनाया गया है। वही खिचड़ी तैयार करेंगे। यह कार्यक्रम खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय और सीआइआइ संयुक्त रूप से आयोजित कर रहे हैं। अनेकता में एकता की प्रतीक है खिचड़ी खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कार्यक्रम के बारे में कहा, 'खिचड़ी भारत का मुख्य भोजन है। इसे स्वास्थ्यवर्द्धक भोजन माना जाता है। देश भर में यह गरीबों और अमीरों का पसंदीदा खाना भी है।' उन्होंने कहा कि खिचड़ी भारत की महान संस्कृति अनेकता में एकता को भी प्रदर्शित करती है। यही कारण है कि इसे ब्रांड इंडिया फूड के रूप में चुना गया है। तैयार होने के बाद करीब 60,000 अनाथ बच्चों को खिचड़ी परोसी जाएगी। इसके साथ ही कार्यक्रम में मौजूद अतिथि भी इसका स्वाद ले सकेंगे। इतना ही नहीं भारत में दूसरे देशों के राजदूतों को खिचड़ी के साथ पाक विधि भी भेजी जाएगी। ब्रांड इंडिया खिचड़ी को विदेशों में भारतीय दूतावास प्रचारित करेंगे। पाक विधि के साथ तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले सामान की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि दुनिया भर में हर रेस्टोरेंट और रसोई में खिचड़ी तैयार होने लगेगी।  

Dakhal News

Dakhal News 3 November 2017


गुजरात में चुनाव दिसंबर में

  भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त एके जोति ने संकेत दिया है कि दिसंबर में गुजरात चुनाव कराए जा सकते हैं। जनवरी के तीसरे सप्ताह में विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। उनका कहना है कि गुजरात के सभी 50 हजार बूथों पर वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल होगा। गोवा में ये आजमाई जा चुकी हैं। आयोग पहली बार इन चुनावों में महिलाओं के लिए मतदान केंद्र बनाने जा रहा है। चुनाव आयुक्त ने भाजपा, कांग्रेस सहित विविध राष्ट्रीय दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर चुनाव सुधार संबंधी सुझाव मांगे। कांग्रेस ने संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी लगाने व वीवीपैट के 10 फीसदी वोट गिनकर ही परिणाम घोषित करने की मांग रखी थी। जबकि भाजपा ने दिसंबर के प्रथम सप्ताह में बड़ी संख्या में विवाह समारोह होने के कारण 14 दिसंबर के बाद विधानसभा चुनाव कराने की मांग रखी।  

Dakhal News

Dakhal News 11 October 2017


 रावण दहन

अधर्म पर धर्म व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस मौके पर रावण दहन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू के साथ दिल्ली के लालकिला मैदान पहुंचे। यहां श्री धार्मिक लीला कमेटी की ओर से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद का पुलता दहन किया गया । इससे पहले मोदी ने ट्विटर पर लिखा- 'विजयदशमी के पावन पर्व पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं।' गौरतलब है कि बीते साल दशहरा पर लखनऊ में होने की वजह से मोदी लालकिले के प्रोग्राम में शामिल नहीं हो पाए थे। रामलीला ग्राउंड पर आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के अलावा केद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, विजय गोयल, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी पहुंचे। रामलीला मैदान पहुंचे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री और अन्य अतिथियों ने परंपरा के अनुसार पूजा की। मान्यता है कि यहां देश के प्रधानमंत्री रावण दहन करते हैं। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी रामलीला मैदान पर नजर आए। वहीं पटना के गांधी मैदान में रावण दहन हो चुका है. इस दौरान रावण, मेघनाद और कुंभकरण का पुतला जला दिया गया है। राजधानी के दशहरा कमेटी द्वारा गांधी मैदान में आयोजित होने वाले लंकाधिपति रावण वध समारोह में जन सैलाब उमड़ पड़ा। इसके पहले गांधी मैदान में राम-लक्ष्‍मण की भव्‍य झांकी निकाली गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित अनेक गणमान्‍य लोग शामिल हुए। खास बात यह भी रही कि इस अवसर पर किन्‍नरों की टीम ने भी रंगारंग प्रस्‍तुतियां दीं।

Dakhal News

Dakhal News 30 September 2017


राज ठाकरे

मुंबई के एलफिंस्टन रोड स्टेशन से सटे फुट ओवरब्रिज पर मची भगदड़ में हुई मौतों के बाद सियासत भी तेज हो गई है। जहां राज्य और केंद्र की एनडीए सरकार हादसे के बाद जांच की बात कह रही है। वहीं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने सरकार पर हमला बोला है। राज ठाकरे ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि जब तक मुंबई लोकल के ढांचे में सुधार नहीं किया जाएगा तब तक मुंबई में बुलेट ट्रेन की एक ईंट भी नहीं रखने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुंबई लोकल से जुड़े मुद्दों की लिस्ट रेलवे को 5 अक्टूबर को दी जाएगी और इसकी समय सीमा भी बताई जाएगी। उन्होंने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि दुश्मनी के लिए हमें आतंकियों और पाकिस्तान की क्या जरूरत, जब हमारी रेलवे ही लोगों की जान लेने के लिए काफी है। राज ठाकने ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मुंबई में पहली बार बारिश नहीं हुई है और रेलवे कह रहा है कि इतनी बड़ी घटना बारिश की वजह से हुई है। 5 अक्टूबर को चर्चगेट से वेस्टर्न रेलवे के हेडक्वॉर्टर तक मार्च निकाला जाएगा और इन्फ्रास्टक्चर के बारे में सवाल भी पूछे जाएंगे। बता दें कि शुक्रवार की सुबह मुंबई के एलफिंस्टन ब्रिज पर मची भगदड़ की वजह से 22 लोगों की मौत हो गई थी। एक-दूसरे को कुचलते हुये लोग अपनी सलामती के लिए भागते रहे।एलफिंस्टन स्टेशन पर भगदड़ के लिए रेलवे ने सफाई दी कि बारिश की वजह से लोग ओवरब्रिज पर जरूरत से ज्यादा संख्या में आ गए और ब्रिज टूटने या शार्ट सर्किट की अफवाह से भगदड़ के हालात पैदा हो गए।

Dakhal News

Dakhal News 30 September 2017


सौभाग्य योजना

  दिल्ली में  मोदी सरकार ने देश के गरीबों को बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीनदयाल उर्जा भवन में ओएनजीसी के एक कार्यक्रम में 'सौभाग्य योजना' लॉन्च की है। इस योजना के तहत देश के गांव और शहर के गरीब परिवारों को 24 घंटे बिजली दी जाएगी। जनसंघ के संस्थापक सदस्य दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर इस योजना का शुभारंभ किया गया। इस योजना के तहत देश के 4 करोड़ परिवारों को बिजली मुहैया कराने का लक्ष्य है। योजना को 31 मार्च 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसपर कुल 16320 करोड़ रुपए खर्च आएगा। फिलहाल सरकार ने इसके लिए 12 हजार 320 करोड़ रुपये बजटीय आवंटन किया है। योजना से तीन करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। योजना के तहत हर घर को 5 एलईडी बल्ब, एक पंखा और एक बैटरी दी जाएगी। साथ ही सरकार बिजली उपकरणों के मरम्मत का खर्च भी पांच साल तक उठाएगी। इस योजना में भारत सरकार ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के सभी इच्छुक घरों को बिजली की पहुंच सुनिश्चित करेगी। इस योजना पर कुल परिव्यय 16320 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इसमें सरकारी बजटीय सहायता 12320 करोड़ रुपए होगी। इस योजना में ग्रामीण आवास परिव्यय 14025 करोड़ रुपए तथा ग्रामीण आवास परिव्यय 1732.50 करोड़ रुपए होंगे। इस योजना में राज्यों तथा संघ शासित क्षेत्रों में विद्युतीकरण का कार्य 31 मार्च 2019 तक पूरा होना अपेक्षित है। दीनदयाल विद्युत योजना के लिए हुए कार्यक्रम में राज्य मंत्री आरके सिंह ने की योजना की संक्षिप्त रूपरेखा को बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमत्री के संकल्प के अनुसार हम हर घर को बिजली उपलब्ध करेंगे। हम दिसंबर 2018 तक प्रत्येक घर को रोशन करेंगे। इसमें सौर उर्जा तथा जल विद्युत उर्जा को भी शामिल करेंगे। इसमें हम चौबीस घंटे बिजली प्रदान करने के लिए संकल्पित हैं। इसमें एक टोल फ्री नंबर होगा जिससे शिकायत कर सकेंगे तथा एक टीम होगी जो कि शिकायतों पर नजर रख उसे हल करेगी। इसमें स्मार्ट मीटर लगे होंगे जिससे लोग ऑनलाइन पेमेंट भी कर सकेंगे।  

Dakhal News

Dakhal News 25 September 2017


rahul gandhi

पीएम मोदी के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार से गुजरात दौरे पर हैं। यहां राहुल गांधी ने भगवान द्वारकाधीश के दर्शन किए। भगवान से आशीर्वाद लेने के बाद राहुल ने अपने रोड शो में पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के दिल में गरीबों के लिए कोई जगह नहीं है। लेकिन अमीर के लिए ये सब दरवाजे खोल देते हैं। राहुल ने कहा कि पीएम मोदी ने बिना किसी से पूछे भारत की अर्थव्यवस्था पर जबर्दस्त वार किया है। वो यहीं नहीं रूके, छोटे व्यापारी और दुकनादारों को जबर्दस्त चोट लगी और इसके बाद वो जीएसटी लेकर आ गए। इससे पहले राहुल ने द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन और पूजा की। इस साल गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में पार्टी को मजबूती प्रदान करने के इरादे से राहुल गांधी गुजरात पहुंचे हुए हैं। उनका ये दौरा सौराष्ट्र के इलाकों तक केंद्रित रहेगा। अपने इस दौरे पर राहुल गाँधी, छात्रों,किसानों, व्यापरियों से मुलाक़ात करेंगे और विधानसभा चुनावों के लिहाज से जनता की नब्ज टटोलेंगे। मालूम हो कि, राहुल गांधी हाल ही में अमेरिकी दौरे से भारत लौटे हैं। वो अगले तीन दिन गुजरात में रहेंगे। राज्य में इस साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। राहुल गांधी के गुजरात दौरे पर हार्दिक पटेल ने ट्विट कर स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी का गुजरात में हार्दिक स्वागत हैं। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उन्हें खुले जीप से 135 किलोमीटर लंबी यात्रा करने की इजाजत देने से मना कर दिया जिसके बाद वे सीसीटीवी कैमरों से लैस लग्जरी बस से अपनी यात्रा करेंगे। पल्भाई अंबालीया ने बताया, हालाँकि द्वारका से 25 किमी दूर हांजापार गांव में कांग्रेस नेता एक पारंपरिक बैलगाड़ी से यात्रा करेंगे। जहां उनका सौराष्ट्र की पारंपरिक शैली में स्वागत किया जाएगा। यहां आयोजित कार्यक्रम में तीन स्तर पर लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। पहले स्तर पर लोग नीचे बैठेंगे, वहां कोई कुर्सिंयां नहीं लगाई गई हैं।फिर अगले स्तर में लोगों के बैठने के लिए पारंपरिक खाट की व्यवस्था है। आखिरी स्तर में कुर्सियों की व्यवस्था है। राहुल गांधी के लिए भी विशेष पारंपरिक खाट की व्यवस्था है। वे हंसपारा गांव में 1,107 की मतदाताओं की आबादी वाले अहीर जनजाति से मिलेंगे। जामनगर में रात बिताने के बाद मंगलवार सुबह वे राजकोट, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी के गृह नगर और सौराष्ट्र क्षेत्र के महत्वपूर्ण दौर के लिए रवाना होंगे। बुधवार को कांग्रेस नेता सुरेंद्रनगर पहुंचेंगे। यहां लोकप्रिय पहाड़ी क्षेत्र चटिला मंदिर के लिए भी उनके जाने की उम्मीद है। अंतिम दिन अहमदाबाद जिले के वीरमगाम के दौरे के साथ ही वे अपनी यात्रा समाप्त करेंगे। बता दें कि यह क्षेत्र पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल का गृहनगर है। 2012 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने यहां 52 में से 12 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस ने उम्मीद जताई है कि इस क्षेत्र के पहले दौरे पर राहुल गांधी कार्यकर्ताओं को चुनाव में जीत के लिए संबोधित करेंगे। दिसंबर चुनाव से पहले कांग्रेस के उपाध्यक्ष के उत्तर, मध्य और दक्षिण गुजरात क्षेत्रों में इसी तरह के दौरे निर्धारित हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 25 September 2017


amrita -digvijay

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपनी पत्नी अमृता के साथ 30 सितंबर से शुरू हो रही नर्मदा परिक्रमा के लिए रिहर्सल शुरू कर चुके हैं। दिल्ली के लोधी गार्डन में वे रोज 10 से 15 किलोमीटर पैदल चल रहे हैं, ताकि परिक्रमा में चलने की आदत बनी रहे। अब तक गैर राजनीतिक बताई जा रही दिग्विजय सिंह की इस नर्मदा परिक्रमा का तीन-तीन दिन का कार्यक्रम तय किया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने 23 सितंबर को दिल्ली में इससे जुड़े साथियों की बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नर्मदा यात्रा के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह विजयादशमी पर 30 सितंबर से नर्मदा परिक्रमा शुरू कर रहे हैं। वे अब तक इस परिक्रमा को पूरी तरह धार्मिक बता रहे हैं और किसी को आमंत्रण देकर बुलाने से इनकार करते हुए कह रहे हैं कि कोई अगर शामिल होता है तो मना भी नहीं करेंगे। वहीं दिग्विजय समर्थक कांग्रेस नेता और प्रदेश कांग्रेस कमेटी यह कह चुकी है कि जो भी इसमें शामिल होना चाहे, जा सकता है। इससे दशहरे के बाद प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में हलचल होने की संभावना है, क्योंकि जब दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा समाप्त होगी, तब तक मप्र विानसभा के 2018 में होने वाले चुनाव की सरगर्मी शुरू हो चुकी होगी। अभी तक जो कार्यक्रम सामने आया है, उसके अनुसार दिग्विजय 26 व 27 सितंबर को डोंगरगढ़ की बमलेश्वरी देवी की पूजा करके 28 सितंबर को जबलपुर में त्रिपुर सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना में शामिल होंगे। अगले दिन 29 सितंबर को वे रात में झोतेश्वर पहुंचकर शंकराचार्य स्वरूपानंद महाराज का आशीर्वाद लेंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे। दिग्विजय 30 सितंबर को झोतेश्वर से बरमानघाट पहुंचकर सुबह 11 बजे अपनी नर्मदा परिक्रमा शुरू करेंगे। पहले दिन वे केवल तीन किलोमीटर चलेंगे और बरियाघाट में विश्राम करेंगे। नर्मदा परिक्रमा के लिए दिग्विजय सिंह ने मप्र सरकार से सुरक्षा, एंबुलेंस व चलित शौचालय की मांग की है। हालांकि दो सप्ताह पहले इसके लिए लिखे उनके पत्र का अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा -नर्मदा परिक्रमा में मेरे साथ पूरे समय पत्नी रहेंगी। जयवर्द्धन सिंह दशहरे के एक दिन पहले झोतेश्वर में आएंगे, क्योंकि दशहरे पर उन्हें राघौगढ़ में रहना होगा। लक्ष्मण सिंह और जयवर्द्धन सिंह बीच-बीच में भी शामिल होते रहेंगे। परिक्रमा में पैदल चलने की आदत बनाने के लिए अभी से हम दोनों प्रैक्टिस कर रहे हैं।   

Dakhal News

Dakhal News 23 September 2017


पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय

    पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपनी पत्नी अमृता के साथ 30 सितंबर से शुरू हो रही नर्मदा परिक्रमा के लिए रिहर्सल शुरू कर चुके हैं। दिल्ली के लोधी गार्डन में वे रोज 10 से 15 किलोमीटर पैदल चल रहे हैं, ताकि परिक्रमा में चलने की आदत बनी रहे। अब तक गैर राजनीतिक बताई जा रही दिग्विजय सिंह की इस नर्मदा परिक्रमा का तीन-तीन दिन का कार्यक्रम तय किया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने 23 सितंबर को दिल्ली में इससे जुड़े साथियों की बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नर्मदा यात्रा के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह विजयादशमी पर 30 सितंबर से नर्मदा परिक्रमा शुरू कर रहे हैं। वे अब तक इस परिक्रमा को पूरी तरह धार्मिक बता रहे हैं और किसी को आमंत्रण देकर बुलाने से इनकार करते हुए कह रहे हैं कि कोई अगर शामिल होता है तो मना भी नहीं करेंगे। वहीं दिग्विजय समर्थक कांग्रेस नेता और प्रदेश कांग्रेस कमेटी यह कह चुकी है कि जो भी इसमें शामिल होना चाहे, जा सकता है। इससे दशहरे के बाद प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में हलचल होने की संभावना है, क्योंकि जब दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा समाप्त होगी, तब तक मप्र विानसभा के 2018 में होने वाले चुनाव की सरगर्मी शुरू हो चुकी होगी। अभी तक जो कार्यक्रम सामने आया है, उसके अनुसार दिग्विजय 26 व 27 सितंबर को डोंगरगढ़ की बमलेश्वरी देवी की पूजा करके 28 सितंबर को जबलपुर में त्रिपुर सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना में शामिल होंगे। अगले दिन 29 सितंबर को वे रात में झोतेश्वर पहुंचकर शंकराचार्य स्वरूपानंद महाराज का आशीर्वाद लेंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे। दिग्विजय 30 सितंबर को झोतेश्वर से बरमानघाट पहुंचकर सुबह 11 बजे अपनी नर्मदा परिक्रमा शुरू करेंगे। पहले दिन वे केवल तीन किलोमीटर चलेंगे और बरियाघाट में विश्राम करेंगे। नर्मदा परिक्रमा के लिए दिग्विजय सिंह ने मप्र सरकार से सुरक्षा, एंबुलेंस व चलित शौचालय की मांग की है। हालांकि दो सप्ताह पहले इसके लिए लिखे उनके पत्र का अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा -नर्मदा परिक्रमा में मेरे साथ पूरे समय पत्नी रहेंगी। जयवर्द्धन सिंह दशहरे के एक दिन पहले झोतेश्वर में आएंगे, क्योंकि दशहरे पर उन्हें राघौगढ़ में रहना होगा। लक्ष्मण सिंह और जयवर्द्धन सिंह बीच-बीच में भी शामिल होते रहेंगे। परिक्रमा में पैदल चलने की आदत बनाने के लिए अभी से हम दोनों प्रैक्टिस कर रहे हैं।   

Dakhal News

Dakhal News 20 September 2017


अमित शाह

  गुजरात के नरोदा पाटिया दंगों के मामले में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सोमवार को गवाही देने अहमदाबाद की विशेष एसआईटी कोर्ट पहुंचे। अपनी गवाही में शाह ने कोर्ट को कहा कि कोडनानी नरोदा गांव में नहीं थीं, माया कोडनानी सुबह 8 बजे मेरे साथ विधानसभा में मौजूद थीं। मैं सुबह 9.30 से 9.45 के बीच सिविल अस्पताल में था और माया कोडनानी से वहीं मिला। इसके बाद जब अस्पताल से निकला तो लोगों ने घेर लिया था। मुझे और माया कोडनानी को पुलिस अपनी जीप में बैठाकर हमारी गाड़ियों तक लेकर गई थी। बता दें कि शाह, कोडनानी की अपील पर कोर्ट द्वारा जारी हुए समन के बाद गवाही देने के लिए पहुंचे हैं। गौरतलब है कि 2002 में गुजरात में हुए दंगों के दौरान नरोदा पाटिया में 11 लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में माया कोडनानी पर आरोप लगा था कि उन्होंने मौके पर खड़े होकर दंगे भड़काने का काम किया। अपने बचाव में माया पहले कह चुकी हैं कि वो घटना के वक्त विधानसभा में अमित शाह के साथ थीं। मता दें कि माया तीन बार विधायक रह चुकी हैं और मोदी सरकार में मंत्री भी थीं।  

Dakhal News

Dakhal News 18 September 2017


 शिंजो आबे

  दो दिवसीय भारत दौरे पर आए जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और पीएम मोदी के बीच गुरुवार को अहमदाबाद में सालान शिखर बैठक हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा और परिवहन को लेकर कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। साथी ही मोदी-आबे ने पाकिस्तान को झटका देते हुए भारत में हुआ आतंकी हमलों के आरोपियों को सजा दिलाने की बात कही। दोनों ने कहा कि पाकिस्तान 2008 में हुए मुंबई हमलों और 2016 में हुए पठानकोट हमलों के दोषियों को सजा दे। इसके अलावा 5वां भारत-जापान शिखर सम्मेलन आतंकवाद के मुद्दे पर भी करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा जैश ए मुहम्मद, लश्कर ए तैयबा व अन्य आतंकी संगठनों के खिलाफ आपसी सहयोग को और मजबूत भी किया जाएगा। बैठक के बाद जारी हुए साझा बयान में पीएम मोदी ने बताया कि मेरे अनन्य मित्र शिंजो आबे का मुझे स्वागत करने का मौका मिला। हमने आज अहमदाबाद से मुंबई के बीच हाई स्पीड रेल नेटवर्क प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। पीएम ने कहा है कि हमले पहले से ही भारत आने वाले जापानियों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा दे रखी है और अब हम इंडिया पोस्ट और जापान पोस्ट की मदद से भारत में रहने वाले जापानी लोगों को एक और सुविधा देने जा रहे हैं। इसकी मदद से जापानी लोग सीधे उनके देश से अपनी पसंद का खाना मंगवा सकेंगे। पीएम ने आगे कहा कि मैं आज जिन समझौतों पर हस्ताक्षर हुए उनका दिल से स्वागत करता हूं। जापान ने भारत में 2016-17 में 4.7 मिलियन डॉलर का निवेश किया जो पिछले साल के मुकाबले 80 प्रतिशत ज्यादा है। चाहे वो फिर स्किल इंडिया हो, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस या फिर मेक इन इंडिया, भारत अब बदल रहा है। शिंजो आबे ने भारत को बुलेट ट्रेन की सौगात दी तो पाकिस्तान को खूब खरी खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को मुंबई और पठानकोट में हुए आतंकी हमले के गुनाहगारों को सजा देनी चाहिए। उन्होंने आतंक की आलोचना करते हुए पूरे विश्व में शांति की कामना भी की।

Dakhal News

Dakhal News 14 September 2017


rajkumari jatav

  भाजपा के संगठन महामंत्री रामलाल इन दिनों राजस्थान का दौरा कर पार्टी नेताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ा रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को करौली जिले में पार्टी के सांसदों और विधायकों को पढ़ाया। अनुशासन का मंत्र देकर रामलाल करौली से रवाना हुए ही थे कि कुछ घंटे बाद ही भाजपा की महिला विधायक और सांसद ने एक-दूसरे को अपशब्द कहना शुरू कर दिया। विधायक ने सांसद को चोरों का दलाल और अपने विधानसभा क्षेत्र हिंडौन में आने पर बाल नोच लेने तक की बात कह दी। यह सब कुछ शुक्रवार शाम करौली जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिले के प्रभारी मंत्री जसवंत यादव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के दौरान हुआ। बैठक में सांसद और सभी विधायक मौजूद थे। बैठक में सांसद मनोज राजोरिया बिजली विभाग के अधिकारी बीएस मीणा के कामकाज की तारीफ कर रहे थे। इसी बीच विधायक राजकुमारी जाटव ने मीणा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए गलत काम करने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। मामला बढ़ता देख प्रभारी मंत्री ने बीच में ही बैठक खत्म कर दी। इसी दौरान प्रभारी मंत्री ने विधायक राजकुमारी जाटव से कहा कि जब सांसद और अन्य लोग मीणा की तारीफ कर रहे हैं तो आप क्यों नाराज हो। इस पर विधायक आक्रोशित हो गई और सांसद राजोरिया को अपशब्द कहने लगीं। उन्होंने सांसद से कहा कि तुम चोर हो, चोरों की दलाली करते हो। तुम मेरे निर्वाचन क्षेत्र हिंडौन में आना बाल नोच लूंगी । इस बारे में सांसद राजोरिया का कहना है कि पूरा घटनाक्रम सभी के सामने हुआ है, सभी ने सुना है। मुझे इस बारे में कुछ भी नहीं कहना। वहीं प्रभारी मंत्री यादव ने कहा कि मैं पूरे घटनाक्रम की जानकारी पार्टी नेतृत्व को दूंगा। ऐसा नहीं होना चाहिए था।

Dakhal News

Dakhal News 10 September 2017


मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह

सीसीएफ की वेतनवृद्धि रोकी, कई कर्मचारियों को किया निलंबित  एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भ्रष्ट अधिकारियों को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की कार्यवाई की जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि सरकार लोगों के हित में काम करने वाली सरकार है। लोक सेवाओं के प्रदाय और शासन की योजनाओं के लाभ से लोगों को वंचित रखने वाले लापरवाह अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। श्री चौहान आज मंत्रालय में समाधान ऑनलाइन में शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समाधान करने के बाद कलेक्टरों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सीसीएफ स्तर के अधिकारी की वेतनवृद्धि रोकने, तहसीलदार, पटवारी, ब्लॉक स्तरीय शिक्षा अधिकारी और कई कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने झाबुआ जिले के मातासुला ग्राम पंचायत गांव की सरपंच श्रीमती कपना सडिया वसुनिया को अपनी पंचायत की पेयजल समस्या के लिये समाधान ऑन लाइन में आने की सराहना की। किसी एक विकास कार्य के लिये एक लाख रूपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की और बताया कि नल–जल प्रदाय योजना स्वीकृत कर दी गई है और इसी गर्मी से घरों में नल से पानी मिलने लगेगा। रतलाम के मथुरी गांव के किसान श्री बद्रीलाल पाटीदार ने मुख्यमंत्री को बताया कि सोयाबीन की फसल नुकसान की शिकायत के बावजूद बीमा कंपनी सर्वे के लिये नहीं पहुँची। कई किसान बीमा दावा राशि मिलने से वंचित रह गये। मुख्यमंत्री ने बीमा कंपनी को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि ऐसे प्रकरणों में किसानों की शिकायत पर तत्काल कार्यवाई करें। उन्होंने सभी कलेक्टरों की निर्देश दिये कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्रीमियम राशि जमा करने और बीमा संबंधी अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाये। फसल हानि के आंकलन के लिये फसल कटाई प्रयोग भी समय पर पूरा करें। इसमें लापरवाही बरतने पर कार्यवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस साल सूखे के संकट से फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इसलिये किसानों का फसल बीमा अवश्य करवा लें। पानी रोकने का काम प्राथमिकता से करें और इस संबंध में किसानों का भी सहयोग लें। कटनी के खितौली गांव के शेख अजमेर की शिकायत थी कि उन्हें बलराम तालाब बनाने की पहली किश्त मिली दूसरी नहीं मिली। मुख्यमंत्री की इसी गंभीरता से लेते हुए सहायक भू-संरक्षण अधिकारी को निलंबित कर दिया। उन्होंने सभी प्रकरणों में तालाब निर्माण की राशि का भुगतान का करने के निर्देश दिये। रीवा के दुबडा गांव के एक प्रकरण में श्री सुमधनधर शर्मा ने बताया कि उसकी भूमि गैर कानूनी तरीके से हडप कर बेच दी गई। भूमि की गैर कानूनी रूप से अदला बदली करने और दस्तावेज में हेराफेरी करने के मामले में लापरवाही बरतने पर उन्होंने तत्कालीन तहसीलदार, वर्तमान तहसीलदार, तत्कालीन एवं वर्तमान पटवारी को निलम्बित करने का निर्देश दिये। साथ ही आपराधिक कार्य कर जमीन खरीदने और उस पर लोन लेने वालों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने को कहा। उन्होंने इस पेचीदा मामले में सूक्ष्म छानबीन करने के लिये रीवा कलेक्टर को बधाई दी। खरगोन के अजनगांव में मिट्टी की खदान धसकने में तीन परिवारों के एक-एक सदस्य की मृत्यु हो गई थी। मुख्ममंत्री ने पीडि़त परिवार के प्रत्येक सदस्य को एक-एक लाख रूपये की सहायता राशि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से दी। खंडवा के रोहणी गांव के नानक राम ने बताया कि उसकी छह बकरियों को रीझ खा गया था। सीएम हेल्पलाइन 181 में शिकायत करने के बाद उसे मुआवजा की राशि मिल गई। मुख्यमंत्री ने पूछा कि इतनी देर क्यों लगी। असंतोषजनक जबाब मिलने पर उन्होंने सीसीएफ की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिये। इस प्रकरण को संतोषजनक कार्यवाही किये बिना बंद नहीं करने पर रेंजर के विरूद्ध विभागीय जांच कर सेवा से निकालने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये। मंडला के उमरिया गांव के श्री केशलाल ने शिकायत की कि पावर ग्रिड कारपोशन से संबंधित कंपनी ने ट्रांसमिशन लाइन लगाते समय पेड़ काट लिये और उन्हें मुआवजा भी शासन के निर्धारित मापदण्डों के अनुसार नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लेते हुये कहा कि इस संबंध में ऊर्जा मंत्रालय को अवगत कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिनके पेड़ कटे हैं उन्हें पर्याप्त मुआवजा दिलाया जायेगा। उन्होंने कलेक्टर से ऐसे सभी प्रकरणों पर निगरानी रखने और राज्य शासन के ध्यान में लाने के निर्देश दिये। छिंदवाडा के एक प्रकरण में शिकायतकर्ता श्री शैलेश श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 में शिक्षकों के शाला नहीं आने की शिकायत की थी। इसके बाद बीआरसीसी परासिया ने शिक्षकों को समझाइश देकर प्रकरण बंद कर दिया। मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लेते हुये कहा कि वे संबंधित अधिकारी को निलंबित करने के निर्देश दिये। जबलपुर के श्री सुरेन्द्र काछी ने बताया कि उन्हें जननी सुरक्षा योजना की प्रसूति सहायता राशि 16 अगस्त को मिल गई। मुख्यमंत्री ने पूछा कि दो साल बाद भुगतान क्यों हुआ। इस पर असंतोषजनक जबाव मिलने पर संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये। शहडोल की नदियाटोल गांव की सरस्वती महिला स्वसहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती ममता बहन ने बताया कि उन्हें 18 महीनों का रूका हुआ पैसा का भुगतान हो गया है। मुख्यमंत्री ने भुगतान में विलम्ब के लिये संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिये। स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया से लड़ने की तैयारी रखें मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिये कि वे स्वाइन फ्लू के फैलने के खतरे को देखते हुये अपने-अपने जिलों में पूरी तैयारी रखें। सभी विभाग मिलकर समन्वय के साथ युद्ध-स्तर पर काम करें। पड़ोसी राज्यों से स्वाइन फ्लू का संक्रमण प्रदेश में आने का खतरा है। अस्पतालों में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसलिये पूरी तरह सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने निजी अस्पतालों का भी सहयोग लेने और निजी अस्पतालों के चिकित्सक और मेडिकल स्टाफ को भी लगातार जागरूक रखने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि वे सभी जिलों में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिये टास्क फोर्स का सहयोग लें। यह सबकी साझा जिम्मेदारी है। इससे निपटने के लिये युद्ध-स्तर पर तैयारी रखें। हर दिन संभावित प्रकरणों पर निगरानी रखें। दवाईयों की कोई कमी नहीं है। आपात स्थिति में गरीब मरीजों के लिये मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से प्रकरण स्वीकृत किये जा सकते हैं। आम लोगों में स्वाइन फ्लू के लक्षण के प्रति जागरूक बनाने के लिये जिला-स्तरीय अभियान चलायें। आइसोलेशन बार्ड स्थापित करें और प्रायवेट अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं का भी उपयोग करें। उन्होंने डेंगू और मलेरिया के प्रकरणों पर निगरानी रखने के निर्देश दिये। सूखे के संकट से निपटने की रणनीति बनायें मुख्यमंत्री ने इस साल कम वर्षा से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिये सभी जिलों में आपात योजनायें बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने पानी रोकने के हर संभव प्रयास करने के निर्देश देते हुये कहा कि किसानों को समान जल-वितरण करने की कार्ययोजना तैयार रखें। पेय जल की संभावित समस्या को देखते हुये अभी से रणनीति तैयार रखें। प्रधानमंत्री का जन्मदिन स्वच्छता दिवस के रूप में मनेगा मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिले प्रधानमंत्री के ‘’संकल्प से सिद्धी’’ अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म-दिवस को स्वच्छता दिवस के रूप में मनाया जायेगा। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टर को 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन स्वच्छता दिवस पर कार्यक्रमों की श्रंखला बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन से पूरे देश में स्वच्छता के प्रति जागरूकता आई है। मुख्यमंत्री ने राजस्व के नामांतरण एवं बटवारे एवं अन्य प्रकरणों में अभियान चलाकर कार्यवाही करने के मुख्य सचिव की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण चुनौती के रूप में स्वीकार करें। यह सभी कलेक्टरों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिये कि वे ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की सूची बनायें जिन्होंने पचास साल की आयु और बीस साल की सेवा पूरी कर ली है। ऐसे अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया जायेगा। 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक किसान सम्मेलन श्री चौहान ने कहा कि 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक किसानों के सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। इसमें किसानों की आय दोगुनी करने की रणनीति करने पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी कृषि की विकास दर प्राथमिक रूप से 29.8 प्रतिशत रही है। इसके लिये किसान और जमीनी अमले को बधाई। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से ज्यादा से ज्यादा किसानों को कवर करने के निर्देश दिये। उन्होंन नर्मदा सेवा मिशन के अंतर्गत कार्य-योजनाओं को पूरी तरह से जमीन पर उतारने के लिये जिला-स्तरीय रणनीति बनाने के निर्देश देते हुये कहा कि नर्मदा के किनारे जितने भी पौधे लगाये गये हैं उनकी सुरक्षा के पूरे इंतजाम करें। मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्प लाइन 181 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि लोक सेवा प्रदाय गारंटी नियम के अंतर्गत 371 सेवाओं को शामिल किया गया है। जिनमें से 121 सेवायें ऑनलाइन हैं। उन्होंने कहा कि लोकसेवाओं के प्रदाय अधिनियम के क्रियान्वयन की जिलेवार समीक्षा की जायेगी।

Dakhal News

Dakhal News 8 September 2017


मोदी कैबिनेट का विस्तार ,नौ नए मंत्री

  केंद्र में नरेंद्र मोदी कैबिनेट का तीसरा और संभवत: आखिरी विस्तार हो रहा है। सुबह 10.30 बजे राष्ट्रपति भवन में नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। नौ मंत्रियों को सरकार में शामिल किए जाने की संभावना है। इसमें शिव प्रताप शुक्ला, अश्विनी कुमार चौबे, वीरेंद्र कुमार, अनंत कुमार हेगड़े, राजकुमार सिंह, हरदीप सिंह पुरी, गजेंद्र सिंह शेखावत, सत्यपाल सिंह और अल्फोंस कन्ननथनम को सरकार में शामिल किया जा रहा है। माना जा रहा है कि तीन राज्य मंत्रियों का प्रमोशन किया जा सकता है। इनमें धर्मेंद्र प्रधान और पीयूष गोयल का नाम शामिल है। इससे पहले सहयोगी दलों की सरकार में भागीदारी को लेकर शनिवार शाम तक असमंजस बना रहा। जदयू और शिवसेना ने स्पष्ट कर दिया कि शनिवार शाम तक उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है। बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने पटना में कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में मुझे मीडिया से ही जानकारी मिली है। इस पर औपचारिक रूप से मेरी किसी से बात नहीं हुई है। शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भी कहा कि मैंने इसके बारे में किसी से कुछ नहीं पूछा है। न तो हमें किसी का संदेश मिला है और न ही हमें सत्ता की लालच है। पिछले विस्तार में भी शिवसेना ने कैबिनेट मंत्री का पद नहीं दिए जाने को लेकर विरोध जताया था। हालांकि, उनका एक कैबिनेट मंत्री पहले से सरकार में शामिल है। जदयू से भी आरसीपी सिंह और संतोष कुशवाहा को सरकार में शामिल किए जाने की चर्चा चल रही थी। शुक्रवार की रात संघ प्रमुख मोहन भागवत से चर्चा के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को दिनभर वरिष्ठ पदाधिकारियों और कुछ मंत्रियों के साथ मशविरा किया। रात में उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की। बताते हैं कि जिन्हें शामिल होना है, उन्हें शाम के बाद फोन जाने शुरू हुए।  नए मंत्रियों को सरकार में शामिल किए जाने के साथ ही तीन-चार मंत्रियों के विभाग भी बदले जा सकते हैं। शुक्रवार को भी केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर वित्त मंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी विचार-विमर्श में जुटे थे। शनिवार शाम गडकरी ने अलग से जाकर प्रधानमंत्री से मुलाकात की। संभावित मंत्रियों की लिस्ट -  शिव प्रताप शुक्ल : उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य। आठ वर्षों तक राज्य सरकार में मंत्री रहे हैं। आपातकाल के दौरान 19 महीने जेल में रहे। अश्विनी कुमार चौबे : बिहार के बक्सर से लोकसभा सदस्य। राज्य सरकार में आठ वर्षों तक मंत्री रहे। जेपी आंदोलन से राजनीति की शुरुआत। राजकुमार सिंह : 1975 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी। बिहार के आरा से लोकसभा में। केंद्रीय गृह सचिव और रक्षा उत्पादन सचिव रहे हैं। वीरेंद्र कुमार : मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से सांसद। दलित नेता कुमार छह बार सांसद और कई संसदीय समितियों के सदस्य रहे हैं। अनंत कुमार हेगड़े : कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ से लोकसभा में। 28 साल की उम्र में पहली बार सांसद बनने के बाद यह पांचवीं पारी है। हरदीप सिंह पुरी : 1974 बैच के आईएफएस अधिकारी। संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों में भारत के राजदूत रहे। हिंदू कॉलेज, दिल्ली में पढ़ाई के समय जेपी आंदोलन में सक्रिय रहे हैं।  गजेंद्र सिंह शेखावत : जोधपुर, राजस्थान से लोकसभा सदस्य। टेक्नो-सैवी और प्रगतिशील किसान माने जाते हैं। बास्केट बॉल के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे हैं।  सत्यपाल सिंह : उत्तर प्रदेश के बागपत से अजीत सिंह को हराकर सांसद बने। 1980 बैच के आईपीएस अधिकारी सिंह मुंबई, पुणे और नागपुर के पुलिस आयुक्त रह चुके हैं। अल्फोंस कन्ननथनम : 1979 बैच के आईएएस अफसर और केरल के भाजपा नेता। 1989 में उनके डीएम रहते कोट्टायम सौ फीसद साक्षरता वाला देश का पहला शहर बना था।  

Dakhal News

Dakhal News 3 September 2017


फोर्ब्स  घूसखोरी

फोर्ब्स ने एशिया के सबसे भ्रष्ट देशों की एक सूची जारी जो सोशल मीडिया पर बहस की वजह बनी हुई है। फोर्ब्स द्वारा जारी लिस्ट में एशिया के पांच सबसे ज्यादा भ्रष्ट देशों के नाम हैं। इसके रिपोर्ट के अनुसार घूसखोरी के मामले में भारत ने वियतनाम, पाकिस्तान और म्यांमार को भी इस मामले में पीछे छोड़ दिया है। इसको लेकर ही आप नेता व कवि कुमार विश्वास ने भी ट्वीट किया है और सरकार पर तंज कसा है। कुमार विश्वास ने लिखा है कि पहले ही कहा था कि नंबर वन बना दूंगा, बना दिया। कुमार विश्वास के इस तंजभरे ट्वीट पर बहुत से लोगो ने प्रतिक्रिया दी है। एक यूजर ने लिखा है कि पीएम मोदी के कार्यकाल में हम किसी चीज में तो नंबर वन आए। वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा है कि हां मोदी जी से पहले तो सारे अन्ना हजारे थे, कोई रिश्वत नहीं लेता था। एक अन्य यूजर ने ट्वीट किया है कि 2 साल बाकी हैं, सोमालिया की बराबरी में लाने के प्रयास चल रहे हैं। हालांकि जो स्टोरी फोर्ब्स ने शेयर की है वह मार्च 2017 की है। इसमें भारत को सबसे भ्रष्ट देश बताया गया है और पाकिस्तान इस लिस्ट में चौथे नंबर पर है। इस लिस्ट में पहले नंबर पर भारत, दूसरे पर वियतनाम, तीसरे पर थाईलैंड चौथे पर पाकिस्तान और पांचवें नंबर पर म्यांमार है। दूसरी तरफ, मैगजीन में छपे आर्टिकल में पीएम मोदी की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को लेकर प्रशंसा की गई है। इसमें लिखा है, हालांकि, पीएम मोदी की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई ने अपने निशान बनाए हैं। 53 प्रतिशत लोग मानते हैं कि मोदी सही कर रहे हैं और इससे लोगों में अपने पास ताकत होने का अहसास आया है वहीं 63 प्रतिशत लोग मानते हैं साधारण लोग बदलाव ला सकते हैं। लिस्ट में वियतनाम भारत के बाद है जहां घूसखोरी की दर 65 प्रतिशत है जबकि पाकिस्तान 40 प्रतिशत के साथ चौथे नंबर पर है। 18 महीने चला ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल का सर्वे 16 देशों के 20,000 लोगों पर किया गया है। बर्लिन स्थित वाचडॉग ने भारत को पिछले साल 168 देशों में 76 वें स्थान पर रखा था। सर्वे के अनुसार भारत में सबसे ज्यादा घूस स्कूलों में (58%) और स्वास्थ्य सेवाओं में (59%) दी जाती है। हालांकि फोर्ब्स द्वारा अपनी पुरानी स्टोरी को आज फिर से ट्वीट करने पर सवाल उठने लगे हैं। एक तरफ जहां नोटबंदी को लेकर सरकार पर सवाल उठ रहे हैं ऐसे में इस लिस्ट का दोबारा जारी होना भी चर्चा का विषय है।

Dakhal News

Dakhal News 1 September 2017


लालू की रैली

 पटना नगर के गांधी मैदान में 27 अगस्त को होने वाली राजद की भाजपा भगाओ रैली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी एवं बसपा प्रमुख मायावती शिरकत नहीं करेंगी। कांग्रेस की ओर से गुलाम नबी आजाद और सीपी जोशी सोनिया का संदेश लेकर आएंगे। जबकि मायावती ने रैली में शामिल होने के लिए सतीश मिश्रा को नामित किया है। चारा घोटाले में गवाही के लिए रांची रवाना होने से पहले बुधवार को अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने कहा कि उनकी बात सोनिया गांधी और मायावती से हुई है। उन्होंने अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को रैली में भेजने पर सहमति दी है। लालू ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आना तय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे को लेकर लालू ने कहा कि बाढ़ खत्म हो गई है तो पीएम क्यों आ रहे हैं। पिछले साल तो नहीं आए थे। इसी साल क्यों बिहार की याद आई? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी को कठघरे में खड़ा करते हुए लालू ने सृजन घोटाले से संबंधित कई सवाल पूछे। उन्होंने सीएम को मौनी बाबा बताया और कहा कि जब 2013 में आर्थिक अपराध शाखा के संज्ञान में यह मामला आया था, उसकी जांच रिपोर्ट का क्या हुआ? जांच का आदेश देने वाले डीएम को तुरंत क्यों बदल दिया गया? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर खुद को बचाने के लिए साक्ष्यों को खत्म कराने का आरोप लगाते हुए राजद प्रमुख ने एसआइटी जांच पर सवाल खड़ा किया। बिना किसी अधिकारी का नाम लिए लालू ने कहा कि नीतीश ने घोटाले की जांच का जिम्मा अपने चहेते अफसर को सौंपा है। जांच की निष्पक्षता पर संदेह जताते हुए उन्होंने कहा कि जांच करने वाला अफसर भागलपुर का एसएसपी रहते हुए सृजन के कार्यक्रमों में शरीक होता था। वह क्या जांच करेगा? लालू के मुताबिक महेश मंडल घोटाले की जांच के लिए सबसे बड़ा सुबूत था, जिसे नीतीश सरकार ने गायब कर दिया।

Dakhal News

Dakhal News 24 August 2017


राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपने दौरे के दूसरे दिन प्रेस कांन्फ्रेंस के दौरान कहा कि भोपाल आने का मकसद पार्टी को मजबूत करना है। राम मंदिर को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आपसी सहमति या कोर्ट के फैसले से राम मंदिर बनेगा। पार्टी की मीटिंग में हुई बातों को मीडिया को न बताने की बात पर उन्होंने कहा कि यह अनुशासन की बात है। पार्टी के अंदर लोकतंत्र है कोई भी व्यक्ति बैठक के अंदर अपनी बात रख सकता है, लेकिन वो बाते सार्वजनिक न हो इसे ही अनुशासन कहते हैं। जेडीयू के एनडीए में शामिल होने पर शाह ने कहा कि सभी दल सरकार में शामिल होते हैं। शाह ने कहा कि हर प्रदेश में वे दौरा किया कर रहे हैं। 2014 में जनता ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है, पहली बार किसी पार्टी को पूर्ण मिला। तीन साल में विरोधी भी हम पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगा पाए। उन्होंने कहा कि पहले की सरकार में प्रधानमंत्री पद की गरीमा नीचे जा रही थी। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन, जीएसटी से एक देश एक कर का सपना पूरा किया। दुनिया आज भारत को अलग नजर से देख रही है। इसके पहले शाह ने भाजपा के विभाग और प्रकल्प संयोजकों की बैठक में वन टू वन चर्चा की और मोर्चा अध्यक्षों से काम का ब्यौरा मांगा। लेकिन संगठन का गठन नहीं होने से उन्हें चुप करा दिया। भाजयुमो के प्रदेशाध्यक्ष अभिलाष पांडेय से जब मोर्चा गठन को लेकर सवाल पूछा गया तो वे कोई जवाब नहीं दे सके। इसके बाद शाह ने उन्हें फटकार दिया। उन्होंने नसीहत दी कि अगले 10 दिन के अंदर संगठन का गठन कर लिया जाए। इसके बाद शाह सीएम हाउस पहुंचे जहां उन्होंने साधु संतों का सम्मान किया और फिर उनके साथ भोजन किया।  

Dakhal News

Dakhal News 19 August 2017


गोरखपुर मेडिकल कॉलेज

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत के बाद शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वच्छता अभियान की शुरुआत करने गोरखपुर पहुंचे। इसकी शुरुआत करने के बाद उन्होंने राहुल गांधी के दौरे पर हमला बोला। योगी ने कहा कि दिल्ली में बैठा युवराज स्वच्छता अभियान का महत्व नहीं जानेगा। गोरखपुर उनके लिए पिकनिक स्पॉट बने उसकी इजाजत नहीं देना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने राज्य की हालत के लिए पूर्व सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पिछले 12-15 सालों में सरकारों ने संस्थानों को अपने स्वार्थ भरे उद्देश्यों के लिए भ्रष्टाचार को संस्थागत बनाते हुए बर्बाद कर दिया। लोगों को सुविधाओं से वंचित किया गया। सपा और कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह गोरखपुर को किसी लखनऊ के शहजादे या दिल्ली के युवराज का पिकनिक स्पॉट नहीं बनने देंगे। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सफाई के लिए सभी के अंदर प्रतिस्पर्धा की भावना बेहद जरूरी है। प्रतिस्पर्धा के माध्यम से हर व्यक्ति इस अभियान से जुड़ेगा और प्रदेश स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बन सकेगा। यह केवल भारतीय जनता पार्टी का नहीं बल्कि जन जन का अभियान है। उन्होंने कहा कि अब तक हम गंगा के किनारे 1627 गांव को खुले में शौचमुक्त कर चुके हैं। अब लक्ष्य है कि 30 दिसम्बर तक प्रदेश के 30 जिलों को ओडीएफ बनाया जाय। इंसेफ्लाइटिस की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महामारी में इलाज से ज्यादा महत्व बचाव का है और वह केवल सफाई से ही सम्भव है। जिसके लिये जन जन को लगना होगा।  

Dakhal News

Dakhal News 19 August 2017


एनडीए जेडीयू

  पटना में जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की शनिवार को हुई बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है। पार्टी ने सर्वसम्मति से तय किया है कि वो एनडीए में शामिल होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के घर हुई पार्टी की बैठक में यह फैसला लिया गया है। वहीं दूसरी तरफ पटना में शरद यादव समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं और नीतीश कुमार के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। माना जा रहा था कि जदयू की बैठक में इस बैठक में शरद यादव को लेकर कोई बड़ा फैसला हो सकता है लेकिन इसे लेकर कोई खबर नहीं आई। वहीं दूसरी तरफ शरद यादव भी पार्टी नेताओं की एक बैठक बुलाई है। इसके बाद यह दिलचस्प होगा कि जदयू का कौन सा नेता किस तरफ जाता है। बैठक से पहले शहर की सड़कों पर पोस्टर वार छिड़ती दिखी। नीतीश और शरद यादव दोनों के ही समर्थकों ने अपने-अपने होर्डिंग लगाकर खुद को असली जदयू बताया है।  

Dakhal News

Dakhal News 19 August 2017


MP /  निकाय चुनाव

  मध्यप्रदेश के 43 नगरीय निकायों में हुए चुनाव के परिणाम सामने आ गए हैं। इसमें कुछ जगह भाजपा और कुछ जगह कांग्रेस ने जीत हासिल की है। 26 सीटों पर बीजेपी 14 पर कांग्रेस और तीन स्थानों पर निर्दलीय विजयी हुए हैं । परिणाम आने के साथ ही जगह-जगह विजेताओं ने विजय जुलूस निकाले। अध्यक्ष पद के लिए जीते भाजपा 1- आलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर में भाजपा की निर्मला डावर जीतीं। 2- सतना के जैतवार में भाजपा के राम बहादुर धोहर जीते। 3- झाबुआ के राणापुर में भाजपा की सुनीता जीतीं। 4- झाबुआ के थांदला में भाजपा के बंटी सोहन नाना जीते। 5- शहडोल के बुढार में भाजपा के कैलाश विश्वानी जीते। 6- झाबुआ के पेटलावद में भाजपा के मनोहर भटेवरा जीते। 7- शहडोल में भाजपा की उर्मिला रानी जीतीं। 8- डिंडोरी में भाजपा के पंकज सिंह तोमर जीते। 9- बुरहानुपर के नेपानगर में भाजपा के राजेश चौहान जीते।10 - अनूपपुर के कोतमा में भाजपा की मोहनी धमेंद्र वर्मा जीतीं। 11- बैतूल के चिचोली में भाजपा के संतोष मालवीय जीते। 12- खंडवा के छनेरा में भाजपा की पुष्पाबाई रामनिवास पटेल जीतीं। 13- खरगोन के मंडलेश्वर में भाजपा की मनीषा मनोज शर्मा जीतीं। 14- शहडोल के जयसिंहनगर में भाजपा के अशोक भारतीय जीते।15- ग्वालियर के डबरा में भाजपा की आरती मौर्य विजयी।16- बैतूल के आठनेर में भाजपा के सूरज राठौर जीते।17- खरगोन के भीकनगांव में भाजपा के दीपकसिंह हीरासिंह ठाकुर जीते। कांग्रेस 1- छिंदवाडा़ के मोहगांव हवेली में कांग्रेस की सपना कलम्बे जीतीं। 2- खरगोन के सनावद में कांग्रेस की मंजुषा नरेंद्र शर्मा जीतीं। 3- खरगोन के महेश्वर में कांग्रेस की अमिता हेमंत जैन जीतीं।4- डिंडौरी के शहपुरा में कांग्रेस के राजेश गुप्ता जीते। 5- छिंदवाडा के सौंसर में कांग्रेस के लक्ष्मण चाके जीते। 6- छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव में कांग्रेस की पुष्पा साहू जीतीं।7- झाबुआ नगर पालिका परिष में कांग्रेस के मन्नू डोडिया जीते।8- छिंदवाड़ा के दमुआ में कांग्रेस के सुभाष गुलाबाके जीते। 9- बालाघाट के बैहर में कांग्रेस के गणेश मेरावी जीते। 10- रतलाम के सैलाना में कांग्रेस की नम्रता सिंह राठौर जीतीं। निर्दलीय 1- सिवनी के लखनादौन में निर्दलीय जितेंद्र राय जीते।2- छिंदवाड़ा के पांढुर्ना में निर्दलीय प्रवीण पालीवाल जीते।3- बैतूल के सारणी में निर्दलीय आशा भारती जीतीं। भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निकाय चुनाव में विभिन्न स्थानों पर हुई पार्टी की जीत पर प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त किया। कहां कौन जीता : बैहर नगर पंचायत अध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस बालाघाट की बैहर नगर पंचायत चुनाव में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। इस पद पर उम्मीदवार गणेश मेरावी ने भाजपा उम्मीदवार को गुड्डा मरकाम को पराजित किया है। जबकि निर्दलीय उम्मीदवार गुड्डू उईके तीसरे स्थान पर रहे। वहीं पार्षद निर्वाचन में 9 वार्डों में भाजपा, 5 वार्ड में कांग्रेस और 1 वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे हैं। सीएम के क्षेत्र में लाडकुई में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी की जीत सीहोर जिले के नसरूल्लागंज में ग्राम पंचायत लाडकुई में कांग्रेस समर्थित पप्पू मालवीय 1275 से अधिक वोटों से जीते। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने विजयी जुलूस निकाला। उल्लेखनीय है कि यह इलाका मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गृह क्षेत्र है। खंडवा के छनेरा-हरसूद में भाजपा प्रत्याशी पुष्पा रामनिवास पटेल जीतीं छेनरा हरसूद से भाजपा की पुष्पा रामनिवास पटेल निकटतम प्रत्याशी तारा सोभाग सांड से 49 वोटों से जीत गईं। पुष्पा रामनिवास पटेल (भाजपा) को 4730 वोट, तारा सोभाग सांड (निर्दलीय बागी कांग्रेस) को 4681, किरण कमलकांत भारद्वाज (कांग्रेस) को 1428, अर्चना धर्मेंद्र तिवारी (निर्दलीय बागी भाजपा) को 475 और नोटा को 204 वोट मिले। कोतमा नपा अध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा अनूपपुर की कोतमा नगर पालिका अध्यक्ष भाजपा पद पर मोहिनी धर्मेद्र वर्मा जीत गई। 15 वार्डों में 8 वार्डों में भाजपा, 5 वार्डों में कांग्रेस व 2 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी जीते वार्ड क्रमांक 1,5,6,8,9,10,11व14 में भाजपा के पार्षद हुए विजयी वहीं वार्ड क्रमांक 2,7,12,13 व 15 में कांग्रेस के पार्षद जीते, वार्ड क्रमांक 3,4 से निर्दलीय प्रत्याशी विजयी। शाजापुर के अरनिया कलां में दुर्गा प्रसाद सोनानिया जीतें अरनिया कलां सरपंच चुनाव में दुर्गा प्रसाद सोनानिया 1236 वोट से जीत गए। दुर्गाप्रसाद सोनानिया को 2442 वोट, विक्रम सोनानिया को 1206 वोट, शैलेंद्र पटेल को 310 वोट, श्याम सोनानिया को 228 को वोट और नोटा को 50 वोट मिले। झाबुआ कई जगह भाजपा की जीत राणापुर में 213 वोटों से भाजपा जीती, थादंला में 844 वोटों से भाजपा जीती। पेटलावद में 1917 वोटों से भाजपा, जोबट में 209 वोटों से भाजपा और आजादनगर में 390 से भाजपा ने जीत दर्ज की। डिंडोरी की शहपुरा नगर परिषद के अध्यक्ष पद पर कांग्रेस जीती शहपुरा में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस के राजेश गुप्ता ने जीत दर्ज की। वार्ड 1 में भाजपा के राजेश पाल, वार्ड 2 में भाजपा की सुनीता तिवारी, वार्ड 3 में भाजपा के अनूप गुप्ता, वार्ड 4 में भाजपा की दीपा साहू, वार्ड 5 भाजपा के हारून खान, वार्ड 6 में कांग्रेस के राजेश चौधरी, वार्ड 7 में निर्दलीय अनीता कछवाहा, वार्ड 8 में भाजपा के मधु बनवासी, वार्ड 9 में भाजपा के वंदना सोनी, वार्ड 10 में निर्दलीय गिरजा कारपेंटर, वार्ड 11 में कांग्रेस के अशोक पाठक, वार्ड 12 में कांग्रेस के फुक्कू ठाकुर, वार्ड 13 में निर्दलीय सावित्री यादव, वार्ड 14 में निर्दलीय रामजी गुप्ता, वार्ड 15 में कांग्रेस के अशोक बनवासी ने जीत दर्ज की। बुरहानपुर के नेपानगर में भाजपा प्रत्याशी की जीत नेपानगर नगर पालिका परिषद के चुनाव परिणाम में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के राजेश चौहान ने 243 मतों से जीत हासिल की। वहीं 24 वार्डों में से 12 पर कांग्रेस, 11 वार्डों पर भाजपा और एक पर निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मुरैना की कैलारस नगर परिषद के अध्यक्ष पद पर भाजपा की अंजना बंसल कांग्रेस की ज्योति दुबे से 1405 मतों से जीतीं। रतलाम के सैलाना नगर परिषद अध्यक्ष पद पर कांग्रेस का कब्जा, कांग्रेस की नम्रता राठौर 75 वोटों से जीतीं। यहां 15 पार्षद पदों में से 8 पर भाजपा, 4 पर कांग्रेस और 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार ने कब्जा जमाया। खंडवा के मूंदी नगर परिषद वार्ड क्रमांक 4 उप चुनाव में भाजपा की उम्मीदवार शमीना बी कांग्रेस उम्मीदवार रजाक मंसूरी से 68 वोट अधिक लेकर विजय घोषित हुईं। छिंदवाड़ा की जामई नगर पालिका में कांग्रेस प्रत्याशी 2200 वोट मिली विजय। छिंदवाड़ा में मोहगांव से कांग्रेस की सपना कलंबे 793 वोटों से जीत गईं। मंदसौर जिले के शामगढ़ में वार्ड 4, 9 के उपचुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी जीते। मंदसौर में गरोठ नगर परिषद में वार्ड 13 के उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार संगीता ललित चंदेल ने भाजपा प्रत्याक्षी विनोद ग्वाला लाला को 210 मतों से हराया। विदिशा की शमशमाबाद नगर परिषद में कांग्रेस की जीत। खरगोन के महेश्वर में कांग्रेस की अनीता जैन और सनावद से कांग्रेस की मंजूषा शर्मा विजयी हुईं।  

Dakhal News

Dakhal News 16 August 2017


रोहित वेमुला

खबर दिल्ली से। हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला के आत्महत्या मामले में जांच आयोग की एक रिपोर्ट सामने आई है। इसमें खुलासा किया गया है कि रोहित ने कॉलेज प्रशासन से तंग आकर अपनी जान नहीं दी थी, बल्कि निजी कारणों से परेशान होकर उसने आत्महत्या की थी। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, रिपोर्ट में कहा गया है कि रोहित व्यक्तिगत तौर पर परेशान था और कई वजहों से खुश नहीं था। रिपोर्ट के अनुसार, रोहित ने अपने सुसाइड नोट में किसी को भी अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है। सुसाइड नोट से साफ है कि उसकी अपनी खुद की कई समस्याएं थीं और वह अपनी जिंदगी से नाखुश था। सुसाइड नोट में कथित तौर पर रोहित ने यह भी लिखा है कि वह बचपन में अकेला रहता था और उसको सब नाकाबिल समझते थे। गौरतलब है कि यह रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग ने दी है, जिसमें इलाहबाद हाई कोर्ट के जज जस्टिस ए के रूपनवाल शामिल थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि तात्कालिक मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और भाजपा नेता बंडारू दत्तात्रेय का रोहित की मौत से कोई लेना-देना नहीं था। रोहित की आत्महत्या के बाद भाजपा नेताओं का नाम सामने आया था। कहा गया था कि भाजपा नेताओं के दबाव में आकर ही कॉलेज प्रशासन ने रोहित के खिलाफ कार्रवाई की थी, मगर रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर रोहित कॉलेज की कार्रवाई से दुखी होता तो सुसाइड नोट में इस बात का जरूर जिक्र करता। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रोहित दलित नहीं था। हालांकि रोहित की आत्‍महत्‍या के बाद प्रदर्शन कर रहे संगठनों की तरफ से उसको लगातार दलित बताया जाता रहा था। मगर रिपोर्ट के अनुसार, वह अति पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से था। उसके पिता वी. मणिकुमार बडेरा समुदाय से थे। हालांकि मां ने तर्क दिया कि वह माला समुदाय से है जो अनुसूचित जाति के तहत आता है। पति से तलाक के बाद वह वेमुला को लेकर अलग रहने लगी, मगर वह अपनी जाति के पक्ष में तथ्य प्रस्तुत नहीं कर पाई। रोहित ने 17 जनवरी, 2016 को हॉस्टल के कमरे में आत्‍महत्‍या कर ली थी। इससे पहले उसपर एबीवीपी के एक छात्र नेता को पीटने का आरोप लगा था। जिसके बाद नवंबर, 2015 में रोहित समेत पांच छात्रों को निष्कासित कर दिया गया था।  

Dakhal News

Dakhal News 16 August 2017


मोदी  न्यू इंडिया

देश आज अपना 71वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चौथी बार तिरंगा फहराया और देश की जनता को संबोधित किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने लाल किला की प्राचीर से अपने भाषण में कहा, 'देश की आजादी और आन, बान, शान और गौरव के लिए बलिदान दिया। ऐसे सभी महानुभाओं और माताओं-बहनों को मैं लाल किले की प्राचीर से नमन करता हूं। कभी-कभी प्राकृतिक आपदाएं हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौती बन जाती है। अच्‍छी वर्षा देश को फलने फूलने में बहुत ही योगदान देती है। लेकिन जलवायु परिवर्तन का नतीजा है कि कभी-कभी ये प्राकृतिक आपदा संकट भी मोल लेते हैं। पिछले दिनों देश के कई हिस्‍सों में प्राकृतिक आपदा का संकट आया। एक अस्‍पताल में मासूम बच्‍चों की जान गई। मैं यकीन दिलाता हूं कि ऐसे संकट के मौकों पर कुछ भी करने में हम कमी नहीं छोड़ेंगे।' भ्रष्‍टाचार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा, 'काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। सरकार की योजनाओं में रफ्तार बढ़ी है। सरकार की किसी योजना में विलंब होता है तो सबसे अधिक नुकसान हमारे गरीब परिवारों को होता है। मैं सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा हर महीने लेता हूं। 9 महीने में मंगलयान पहुंच सकते हैं, लेकिन 42 साल से रेल का एक प्रॉजेक्ट लटका पड़ा था। एक ऐसा माहौल था कि केंद्र बड़ा भाई है और राज्य छोटा। लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहा हूं और मैं जानता हूं कि राज्यों के विकास में मुख्यमंत्री का कितना योगदान रहता है। आज हम राज्यों को ताकत देकर बिजली के कारखानों के कारोबार में जो समस्याएं थीं उसका मिलकर समाधान किया।' जम्‍मू-कश्‍मीर पर पीएम मोदी ने कहा, 'आज भारत की साख विश्व में बढ़ रही है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में आज हम अकेले नहीं हैं। दुनिया के कई देश सक्रिय रूप से मदद कर रहे हैं। विश्व के देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर का विकास, सामान्य नागरिक के सपनों को पूरा करना जम्मू-कश्मीर की सरकार के साथ इस देशवासियों का संकल्प है। कश्मीर के अंदर जो कुछ होता है, आक्षेप भी बहुत होते हैं। मैं साफ मानता हूं कि कश्मीर में जो कुछ हो रहा है मेरे दिमाग में साफ है कि न गाली से समस्या सुलझेगी न गोली से परिवर्तन होगा कश्मीरियों को गले लगाकर। आतंकवादियों को बार-बार हमने कहा है कि आप मुख्यधारा में आइए। आतंकियों के साथ कोई नर्मी नहीं बरती जाएगी। आतंकवादियों को बार-बार हमने कहा है कि आप मुख्यधारा में आइए। आतंकियों के साथ कोई नर्मी नहीं बरती जाएगी। भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। अलगाववादी नए-नए पैंतरे आजमाते रहते हैं, लेकिन आतंकियों के साथ हम कोई नरमी नहीं बरतेंगे।' उन्‍होंने कहा, 'अभी पिछले सप्ताह ही क्विट इंडिया मूवमेंट के 70 साल पूरे हुए। यह वर्ष है जब चंपारण आंदोलन की शताब्दी मना रहे हैं। लोकमान्य तिलक जी ने सार्वजनिक गणेश उत्सव परंपरा को प्रारंभ किया था उसके भी इस साल 125 साल पूरे हो रहे हैं। आज आजादी का 70 और 2022 में आजादी का 75 साल मनाएंगे। 1942 से 47 के बीच देशवासियों ने अंग्रेजों के नाक में दम किया। अंग्रेजों को भारत छोड़कर जाना पड़ा।' प्रधानमंत्री ने कहा, 'हमें 2022 में आजादी के दीवानों के सपनों के अनुरूप भारत बनाने के लिए सवा सौ करोड़ देशवासियों के संकल्प और पुरुषार्थ से इस सपने को पूरा करना है। सामूहिकता की शक्ति बहुत बड़ी होती है। प्रभु श्रीकृष्ण एक लकड़ी लेकर खड़े हो गए और गोवर्धन पर्वत को उठा लिया। श्रीराम को लंका जाना था वानर सेना उनके साथ खड़ी हो गई। हर कोई अपनी जगह से 2022 के लिए एक नई ऊर्जा, नए संकल्प के साथ परिवर्तन ला सकते हैं। न्यू इंडिया जो सुरक्षित हो, समृद्धशाली हो। सबको समान अवसर उपलब्ध हों।' लाल किले की प्राचीर से पीएम ने कहा, 'आजादी का जब आंदोलन चल रहा था तब एक शिक्षक स्कूल में पढ़ाता था, एक मजदूर मजदूरी करता था, लेकिन हृदय में यह भाव था कि जो भी काम कर रहा हूं आजादी के लिए कर रहा हूं। हम परिश्रम करते हैं, लेकिन मां भारती की भव्यता-दिव्यता के लिए राष्ट्रभक्ति से समर्पित हो काम करते हैं तो उसकी ताकत कई गुणा बढ़ जाती है। 2018 के 1 जनवरी को मैं सामान्य 1 जनवरी नहीं मानता हूं। 21वीं शताब्दी में जन्मे नौजवानों के लिए यह वर्ष महत्वपूर्ण है। 21वीं सदी का भाग्य ये नौजवान बनाएंगे जो अब 18 साल के होने जा रहे हैं। मैं इन सभी नौजवानों से कहना चाहूंगा कि आइए देश के निर्माण में अपनी भूमिका निभाइए।' उन्‍होंने कहा, 'कृष्ण ने अरुजन को कुरुक्षेत्र के युद्ध में कहा था कि मन का विश्वास पक्का हो तो सफलता जरूर मिलती है। मैं मानता हूं कि चलता है, ठीक है इसको छोड़ना होगा। अब तो आवाज यही उठे बदलता है, बदल रहा है, बदल सकता है। साधन हो संसाधन हो, लेकिन जब यह त्याग और तपस्या से जुड़ जाते हैं तो बहुत बड़ा परिवर्तन आता है। संकल्प सिद्धि से जुड़ जाता है। देश की रक्षा-सुरक्षा आम जनता के दिल में बहुत बड़ी बात है। बलिदान की पराकाष्ठा करने में हमारे वीर कभी पीछे नहीं रहे। यूनिफॉर्म में रहने वाले लोगों ने त्याग किया है। सर्जिकल स्ट्राइक हुई तो दुनिया को हमारा लोहा मानना पड़ा। सर्जिकल स्ट्राइक पर दुनिया ने माना देश का लोहा। भारत अपने आप में सामर्थ्यवान है और देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को हम पस्त कर सकते हैं।' प्रधामंत्री ने कहा, 'मेरे प्यारे देशवासियों! आज ईमानदारी का उत्सव मनाया जा रहा है। बेईमानी के लिए सिर छुपाने की जगह नहीं मिल रही है। अब गरीबों को लूटकर अपनी तिजोरी भरने वाले चैन से नहीं सो सकते। अब गरीबों के मन में यह विश्वास पैदा हो रहा है कि यह देश ईमानदारों के लिए है। सेना के लिए सालों से लटके वन रैंक वन पेंशन को हमने लागू किया। GST जिस तरह से सफल हुआ उसके पीछे कोटि-कोटि लोगों का हाथ है। आज दोगुनी रफ्तार से सड़कें बन रही हैं, दोगुनी रफ्तार से रेल की पटरी बिछाई जा रही हैं। 14 हजार से ज्यादा गांवों को पहली बार बिजली मिली है। 29 करोड़ गरीबों के बैंक अकाउंट खुले हैं। युवाओं को रोजगार के लिए बैंक से लोन की स्वीकृति मिलती है। 2 करोड़ गरीब माताओं को लकड़ी के चूल्हे से मुक्ति मिलती है। वक्त बदल गया है। सरकार जो कहती है वही अब करने के लिए प्रतिबद्ध है।' उन्‍होंने कहा, लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहा हूं और मैं जानता हूं कि राज्यों के विकास में मुख्यमंत्री का कितना योगदान रहता है। आज हम राज्यों को ताकत देकर बिजली के कारखानों के कारोबार में जो समस्याएं थीं उसका मिलकर समाधान किया। आज सभी राज्य कंधे से कंधा मिलाकर केंद्र के साथ चल रहे हैं। न्यू इंडिया हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हमने लोकतंत्र को मतपत्र तक सीमित कर दिया है। न्यू इंडिया में हम लोगों से तंत्र चले, तंत्र से लोक नहीं उस दिशा में जाना चाहते हैं। स्वराज्य हम सबका दायित्व होना चाहिए। जब नोटबंदी की बात आई दुनिया को आश्चर्य हो रहा था। यहां तक लोग कह रहे थे कि अब मोदी गया। आज भ्रष्टाचार पर नकेल लगाने में हम एक के बाद एक कदम उठाने में सफल हो रहे हैं। लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान जय किसान का नारा दिया था। प्राकृतिक आपदाओं के बीच में हमारे देश के किसान नई-नई सिद्धियों को हासिल कर रहा है। इस बार मेरे देश के किसानों ने दाल उत्पादन किया तो सरकार ने 16 लाख टन दाल खरीदकर किसानों को बढ़ावा दिया। इतने कम समय में सवा करोड़ किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ गई है। आने वाले समय में 50 योजनाएं किसानों के लिए जुड़ जाएंगी। करोड़ों की सब्जियां, फसल बर्बाद हो जाती हैं। हमने FDI को बढ़ावा दिया ताकि किसानों की फसल बर्बाद न हो।' सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्‍होंने कहा, 'हमारे देश में नेचर ऑफ जॉब में भी बहुत बड़ा बदलाव आ रहा है। मानव संसाधन के विकास के लिए कई योजनाएं सरकार ने शुरू की। पिछले 3 साल में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के कारण करोड़ों युवाओं को स्वरोजगार की प्रेरणा मिली। पिछले 3 वर्षों में 6 नए IIM, 8 नए IIT का हमने निर्माण किया।' प्रधामंत्री ने कहा, 'भविष्य निर्माण में माताओं-बहनों का योगदान अहम होता है। मैं उन बहनों का अभिनंदन करना चाहता हूं कि जो बहनें तीन तलाक से पीड़ित थीं उन्होंने आंदोलन खड़ा किया। बुद्धिजीवियों को हिला दिया। इस आंदोलन को चलाने वाली बहनों का हृदय से अभिनंदन करता हूं। मुझे विश्वास है कि बहनों की इस लड़ाई में हिंदुस्तान इनकी पूरी मदद करेगा। कभी-कभी धैर्य के अभाव में कुछ लोग आस्था के नाम पर ऐसी चीजें कर देते हैं जिससे देश का ताना-बाना कमजोर होता है। आस्था के नाम पर हिंसा को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। यह देश बुद्ध का है, गांधी का है। यहां आस्था के नाम पर हिंसा के रास्ते को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। उस वक्त नारा था भारत छोड़ो और आज हमारा नारा है, 'भारत जोड़ो'। ट्रेन भी ट्रैक बदलती है तो ट्रेन की स्पीड कम हो जाती है। हम देश को नए ट्रैक पर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हमने स्पीड कम नहीं होने दी। 21वीं सदी में भारत को बढ़ाने का सबसे ऊर्जावान क्षेत्र है हमारा पूर्वी भारत है। अथाह सामर्थ्य वाला क्षेत्र है। हमारा पूरा ध्यान बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश, असम, नॉर्थ ईस्ट वाले हमारे राज्य हैं।' उन्‍होंने कहा, 'सरकार बनने के बाद हमने पहला काम किया था एसआइटी बनाने का। हमने काला धन सरेंडर कराया है। जो काला धन छिपा था उसे हम मुख्यधारा में लाने में सफल रहे। नोटबंदी के बाद 3 लाख करोड़ रुपया बैंकिंग सिस्टम में आया। 1.75 लाख करोड़ की राशि शक के घेर में हैं। अब व्यवस्था के साथ उन्हें अपना जवाब देना है। नए करदाताओं की संख्या इस साल दोगुनी से भी ज्यादा हुई है। 18 लाख से ज्यादा ऐसे लोगों को पहचाना गया है जिनकी आय उनके हिसाब-किताब से ज्यादा है। एक लाख लोग ऐसे सामने आए हैं जिन्होंने कभी इनकम टैक्स का नाम भी नहीं सुना था, लेकिन आज उन्हें इनकम टैक्स जमा करना पड़ रहा है। नोटबंदी के बाद जब डेटा माइनिंग की गई तो 3 लाख ऐसी कंपनियां पाईं गईं जो सिर्फ हवाला का कारोबार करती थीं। उनमें से पौन 2 लाख कंपनियों पर ताले लटक गए। कुछ तो ऐसी शेल कंपनियां थीं जिनके एक ही पते पर कई-कई कंपनियां चलती थीं। हमने उन पर कार्रवाई की। जीएसटी के कारण हजारों करोड़ की बचत हुई है समय की भी बचत हुई है। चेकपोस्ट खत्म हुए। नोटबंदी के बाद बैंकों के पास धन आया है।' डिजिटल लेन-देन पर जोर देते हुए मोदी ने कहा, 'विश्व का सबसे बड़ा युवा वर्ग हमारे देश में हैं। क्या अब भी हम उसी पुरानी सोच में रहेंगे? आज जो कागज के नोट हैं वो समय के साथ डिजिटल में बदलने वाला है। पिछले साल की तुलना में डिजिटल लेन-देन में 34 फीसदी का बढ़ावा हुआ है। हिंदुस्तान की कुछ योजनाएं ऐसी हैं जिससे लोगों का पैसा बचने वाला है। सस्ती दवाई गरीब के लिए बहुत बड़ी राहत है। हम गरीब और मध्यमवर्ग के लिए एक से बढ़कर एक योजनाएं शुरू कर रहे हैं। हमने जिला स्तर तक डायलिसिस को पहुंचाया है। हम तेजस हवाई जहाज के द्वारा दुनिया के अंदर अपनी धमक पहुंचा रहे हैं। जीएमसटी से देश की कार्यक्षमता 30 फीसदी बढ़ी है। सही समय पर कोई कार्य पूरा न किया गया तो इच्छित परिणाम कभी नहीं मिलते। ऐसा हमारे शास्त्रों में कहा गया है।' उन्‍होंने कहा, 'सही समय पर कोई कार्य पूरा न किया गया तो इच्छित परिणाम कभी नहीं मिलते। ऐसा हमारे शास्त्रों में कहा गया है। न्यू इंडिया में हम सब मिलकर ऐसा देश बनाएंगे जहां महिलाओं को अपने सपने पूरे करने की आजादी होगी। हम ऐसा भारत बनाएंगे जहां भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से कोई समझौता नहीं होगा। इस विकास की दौड़ में हम सब मिलकर आगे बढ़ने का काम करेंगे। एक दिव्य और भव्य भारत के सपने को लेकर सभी देशवासी चलें। इसी विचार के साथ मैं आजादी के मतवालों को प्रणाम करता हूं। इसी विचार के साथ मैं सवा सौ करोड़ देशवासियों का हृदय से अभिनंदन करता हूं। जय हिन्द! जय भारत।' मंच से पीएम मोदी ने वंदे मातरम का नारा लगाया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ। लाल किले आने से पहले प्रधानमंत्री राजघाट पहुंचे, जहां पर उन्होंने बापू को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वह करीब 7.20 बजे लालकिले के लौहारी गेट पहुंचे जहां पर रक्षा मंत्री अरुण जेटली, रक्षा राज्य मंत्री सुभाषा भामरे और रक्षा सचिव संजय मित्रा ने उनकी अगवानी की। इसके बाद सेना की दिल्ली एरिया के जीओसी जनरल ऑफिसर कमांडिंग ले. जनरल एम.एम नरवाने पीएम को सैल्यूटिंग गार्ड्स की तरफ लेकर गए जहां पर सेना की जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फ्रेंट्री के जवान और दिल्ली पुलिस के जवान गार्ड्स ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद पीएम लाल किले की प्रचीर पर पहुंचे जहां पर तीनों सेना के अध्यक्ष और रक्षा मंत्री एक बार फिर से उनकी अगवानी के लिए खड़े थे। लालकिले की प्राचीर पर ले. कर्नल कंचल कुल्हारी ने पीएम मोदी को झंडा फहराने में सहायता की। इस दौरान कैप्टन मो. हसाब खान और ले. विनय पीएम के डायस के दोनों तरफ एडीसी के तौर पर तैनात थे। झंडा फरहाते ही 21 तोपों की सलामी दी गई। उसके बाद पीएम का भाषण शुरू हुआ।  

Dakhal News

Dakhal News 15 August 2017


 रमन सिंह तिरंगा

छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री रमन सिंह ने स्‍वतंत्रता दिवस के मौके पर रायपुर में पुलिस परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराया। इसके बाद पुलिस परेड ग्राउंड में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस बीच वहां मौजूद लोगों का उन्‍होंने अभिवादन भी किया और इसके लिए वह पूरे ग्राउंड में गाड़ी से घूमते रहे। सलामी लेने के बाद वो मंच पर उपस्थित रहे और इस दौरान होने वाले कार्यक्रमों को देखा। इसके बाद मुख्‍यमंत्री रमन सिंह मंच से प्रदेश की जनता को स्‍वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही उन्‍होंने अपनी योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी। उन्‍होंने योजनाओं की भी जानकारी दी जिन्‍हें इस वर्ष लागू किया जाना है। इस दौरान सुरक्षा का विशेष ध्‍यान रखा गया है। देश आज अपना 71वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है और इस मौके पर पूरे प्रदेश में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। बच्‍चे सड़कों पर तिरंगा लेकर दौड़ते और भारत माता की जय के नारे लगाते हुए नजर आ रहे हैं।  

Dakhal News

Dakhal News 15 August 2017


शिवराज सिंह ने किया झंडारोहण

मध्‍यप्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सुबह स्‍वतंत्रता दिवस के अवसर पर भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में झंडारोहण किया। इसके बाद उन्‍हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। वो लोगों के बीच गए और उनका अभिवादन भी स्‍वीकार किया। समारोह में रंगविरंगे ड्रेस में बच्‍चों का उत्‍साह देखने लायक था। ध्‍वजारोहण के बाद सीएम शिवराज ने लोगों को संबोधित किया। वो बोले, जिस माता का अन्‍न हमने खाया, पानी पिया है और उसी का खून हमारी रगों में दौड़ रहा है। भारत माता को प्रणाम करते हुए उन्‍होंने कहा कि आप सभी बहिनों भाईयों ओर प्रदेशवासियों को स्‍वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं। सीएम ने कहा कि यह आजादी हमें बड़ी मुश्किलों से मिली इसके लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा। हमारे हजारों क्रांतीकारी हंसते-हंसते फांसी पर झूल गए मैं उन्‍हें नमन करता हूं। उन्‍होंने कहा कि मैं उन सभी माताओं को भी प्रणाम करता हूं जिन्‍हेांने अपने लालों को बॉर्डर पर देश की सुरक्षा के लिए भेजा है। इस दौरान उन्‍होंने शहीद बलराम तोमर को याद किया और कहा कि मैं उनको नमन करके यहां आया हूं। लाल परेड ग्राउंड लोगों से भरा हुआ था और इस दौरान सुरक्षा का विशेष ध्‍यान रखा गया है। देश आज अपना 71वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है और इस मौके पर पूरे प्रदेश में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। बच्‍चे सड़कों पर तिरंगा लेकर दौड़ते और भारत माता की जय के नारे लगाते हुए नजर आ रहे हैं।    

Dakhal News

Dakhal News 15 August 2017


गुजरात राज्यसभा चुनाव

अमित शाह की साख का सवाल बने गुजरात राज्यसभा चुनाव में आखिरकार उन्हें अहमद पटेल के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी। लाख कोशिशों और कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग के बावजूद अहमद पटेल को जरूरी वोट मिल गए और देर रात वो पांचवीं बार राज्यसभा के लिए चुन लिए गए। मंगलवार को हुए चुनाव हाई वोल्टेज ड्रामे में बदल गए। कांग्रेस के दो बागियों द्वारा वोट भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को दिखाए जाने पर कांग्रेस ने बवाल मचा दिया। चुनाव आयोग ने कांग्रेस की शिकायत पर रात 11.30 बजे दोनों वोट रद्द करते हुए मतगणना का आदेश दिया गया, लेकिन रात 1.30 बजे तक गांधीनगर में मतगणना शुरू नहीं हो सकी। अमित शाह खुद मतगणना स्थल पर डटे रहे। भाजपा नेताओं की मांग है कि उनकी शिकायत पर भी चुनाव आयोग सुनवाई करे। वह वीडियो सीडी सार्वजनिक की जाए, जिसके आधार पर दो वोट रद्द किए गए हैं। 176 वोट पड़े, आयोग ने 2 रद्द किए 1 सीट जीतने के लिए चाहिए 44 कांग्रेस के पास थे 44 वोट, एक ने क्रॉस वोटिंग की, शेष रहे 43 जदयू के छोटू वसावा ने पटेल को वोट देने का दावा किया।  भाजपा 121 विधायकों, 7 बागियों व अन्य के बल पर अमित शाह व स्मृति ईरानी की तय जीत के अलावा तीसरे प्रत्याशी बलवंत सिंह राजपूत को भी जीताना चाहती थी। दो वोट रद्द होने से भाजपा का गणित गड़बड़ाया और अहमद पटेल का पलड़ा भारी हो गया। बवाल की यही जड़ मानी जा रही थी। 10 विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग कांग्रेस के सात बागियों के अलावा राकांपा के दो और जदयू के एकमात्र विधायक छोटू वसावा ने दूसरे दलों को वोट दिए। जबकि एक निर्दलीय सोमवार रात ही भाजपा में शामिल हो गए थे। कांग्रेस को नहीं दिया वोट : वाघेला मतदान के बाद वाघेला ने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया, इसलिए अपने अजीज मित्र अहमद पटेल को वोट देने का कोई मतलब नहीं है। कांग्रेस डूबती नाव है, अहमद पटेल चुनाव हारने वाले हैं इसलिए अपना वोट खराब नहीं करूंगा। राघवजी पटेल (58 वर्ष): कभी भाजपा, कभी कांग्रेस ये जामनगर ग्रामीण से निर्वाचित होकर विधानसभा पहुंचे हैं। ये लेउवा पाटीदार हैं, जिन्होंने 1978 से राजनीति शुरू कर दी थी। हालांकि अपना पहचा चुनाव सन् 2000 में जसदन तालुका पंचायत से लड़ा था। इसके बाद पांच बार विधायक रहे। इसमें दो बार भाजपा के टिकट से मिली जीत शामिल है। इन्होंने मंत्री नहीं बनाए जाने से खफा होकर भाजपा छोड़ दी थी। 2007 और 2012 में कांग्रेस के टिकट से विधायक रहे। अब इनका मानना है कि पाटीदार गुजरात की राजनीति को बदल सकता है। इन पर दो आपराधिक केस हैं। दोनों ही मामले कोर्ट मे लंबित हैं। पिछले हलफनामे के मुताबिक, इनकी कुल संपत्ति 4.66 करोड़ है। भोलाभाई गोहेल (42 वर्ष): फोन आया और हो गए लापता ये जसदन से विधायक हैं और कोली समाज से हैं। इन्होंने रूरल स्टडीज में डिग्री हासिल की है। भोलाभाई ने पिछले माह ऐलान किया था कि वे इस साल के आखिरी में होने वाले चुनाव नहीं लड़ेंगे। राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने कुछ विधायकों को बागी होने से बचाने के लिए राजकोट के नील सिटी क्लब में रखा था, लेकिन भोलाभाई वहां से निकल आए थे। बताते हैं कि तब उनके पास किसी का फोन आया था। इसकी भनक लगने के बाद कांग्रेस ने कहा था कि भोलाभाई लापता है और उसकी सूचना देने वाले को ईनाम दिया जाएगा। भोलाभाई पर कोई आपराधिक केस नहीं है। उनकी कुस संपत्ति 26.85 लाख है।  

Dakhal News

Dakhal News 9 August 2017


कर्ज- मध्यप्रदेश सरकार

मध्यप्रदेश सरकार एक बार फिर बाजार से कर्ज लेने की शुरूआत करने जा रही है। इस सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से डेढ़ हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष में ये पहला मौका होगा, जब सरकार विकास कार्यों के लिए बाजार से कर्ज लेगी। प्रदेश सरकार 2017-18 में 25 हजार करोड़ रुपए तक बाजार से कर्ज उठा सकती है। वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक विकास की कई परियोजनाओं को गति देने के लिए कुछ विभागों को अतिरिक्त राशि देने की जरूरत है। कुछ परियोजनाओं के लिए अनुपूरक बजट में प्रावधान भी किए गए हैं। राशि का इंतजाम करने के लिए बाजार से कर्ज उठाने का फैसला किया गया है। इसकी शुरुआत अगले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक के जरिए बाजार से डेढ़ हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेकर होगी। बताया जा रहा है कि अब लगभग हर महीने सरकार कर्ज उठाएगी। राजकोषीय उत्तरदायित्व अधिनियम (एफआरबीएफ) के तहत सरकार राजकीय सकल घरेलू उत्पाद के साढ़े तीन फीसदी तक कर्ज ले सकती है। ये सीमा लगभग 25 हजार करोड़ रुपए है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश सरकार के ऊपर अब कर्ज डेढ़ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो जाएगा। सरकार हर साल लगभग 13 हजार करोड़ रुपए सिर्फ ब्याज चुकाने में खर्च कर रही है। ज्यादातर कर्ज 10 साल के लिए लिया जा रहा है। विधानसभा में सरकार की ओर से दिए जवाब के मुताबिक प्रदेश के हर व्यक्ति पर 13 हजार रुपए से ज्यादा का कर्ज चढ़ चुका है।

Dakhal News

Dakhal News 9 August 2017


नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि किसी भी विवाद का हल केवल बातचीत से हो सकता है। दुनियाभर में लोगों को एक-दूसरे से अलग करने वाली धार्मिक रूढ़िवादी जड़ों और पूर्वाग्रहों को खात्म करे के लिए बातचीत ही विकल्प है। पीएम मोदी ने यह बातें यांगोन में आयोजित 'सम्वाद-ग्लोबल इनिशिएटिव ऑन कॉन्फ्लिक्ट अवॉयडेंस एंड एंटरटेनमेंट कॉन्शियसनेस' नाम के कार्यक्रम के दूसरे संस्करण में एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए कही हैं। पीएम ने अपने संबोधन में कहा, 'आप सभी जानते हैं कि 21 वीं सदी में विश्व आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन जैसे कई वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहा है, मुझे पूरा भरोसा है कि इन सबका समाधान एशिया की सबसे पुरानी परंपरा बहस और बातचीत के जरिए निकलेगा।प्राचीन भारतीय परंपरा कठिन मुद्दों का हल निकालने के लिए बातचीत में दृढ़ विश्वास करती है।' प्राचीन भारतीय पद्धति 'तर्कशास्त्र' के बारे में बात करते हुए पीएम ने कहा कि यह मॉडल बातचीत और बहस पर आधारित था जिसमें आपसी मुद्दों को बातचीत के जरिए हल किया जाता था। भगवान राम, भगवान कृष्ण, भगवान बुद्ध और भक्त प्रह्लाद का उदाहरण देते हुए पीएम ने कहा कि इन सबका एक ही उद्देश्य था और वह था कर्तव्य का पालन करना। पर्यावरण के बारे में बात करते हुए पीएम ने कहा कि मनुष्य को अपने आप को प्रकृति के साथ जोड़ना चाहिए और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को रोकना चाहिए। यदि मनुष्य प्रकृति की रक्षा नहीं करेगा तो प्रकृति जलवायु परिवर्तन के रूप में प्रतिक्रिया देगी। उन्होंने कहा कि किसी भई आधुनिक समाज के लिए यह जरूरी है कि पर्यावरण की रक्षा करें।  

Dakhal News

Dakhal News 5 August 2017


rahul gandhi बनासकांठा

कई दिनों तक बाढ़ के पानी में डूबे रहने के बाद गुजरात के बनासकांठा की हालत खराब है। घरों में कीचड़ भरा है और लोग परेशान हैं। इस बीच बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा करने गए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को लोगों को गुस्से का शिकार होने पड़ा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बनासकांठा में लोगों से मिलने के बाद वो एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने उन्हें काले झंडे दिखाए। जिसके बाद राहुल बोले की मैं इन काले झंडों से नहीं डरता। दावा है कि कुछ देर बाद इनकी कार पर पथराव भी किया गया। राहुल गांधी पिछले दिनों से बाढ़ प्रभावित असम और गुजरात के दौरे पर हैं। बनासकांठा में राहुल गांधी ने कहा कि मैं आपके बीच आना चाहता था और कहना चाहता था कि कांग्रेस पार्टी आपके साथ है।  

Dakhal News

Dakhal News 4 August 2017


विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज

  विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने राज्‍यसभा में कहा है कि आतंकवाद और बातचीत दोनों एक साथ नहीं हो सकते। बांग्‍लादेश के साथ रिश्‍ते अच्‍छे हैं, हमने पाक से भी शांति की बातें की थीं पर नतीजा नहीं निकला। उन्‍होंने कहा कि पीएम मोदी ने भारत को पूरी दुनिया में सम्‍मान दिलाया है। हमने 3 घंटे में मालदीव को पानी दिया। राजीव गांधी 17 साल तक नेपाल नहीं गए लेकिन मोदी गए। राहुल गांधी पर भी सुषमा ने निशाना साधते हुए कहा कि संकट के समय वे चीन के राजदूत से क्‍यों‍ मिले।सुषमा ने कहा कि विदेश नीति की चिंता की जन्मदाता हम नहीं बल्कि कांग्रेस है। विपक्ष बताए कि किस देश से हमारे संबंध खराब है। सुषमा ने कहा कि पीएम मोदी ने विदेश नीति से सम्मान दिलाया है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू ने सिर्फ निजी तौर पर नाम कमाया है।  

Dakhal News

Dakhal News 3 August 2017


मुलायम सिंह यादव

संसद में मानसून सत्र को दौरान रोजाना किसी ना किसी मुद्दे पर हंगामा होता रहता है। लेकिन सोमवार को सदन में जब मुलायम सिंह यादव बोलने उठे तो माहौल हल्का-फुल्का हो गया। हालांकि वो एक गंभीर मुद्दे पर अपनी बात रख रहे थे। दरअसल मुलायम सिंह यादव ने सदन में महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों को मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इसे खत्म करने की शुरुआत हमें अपने घर से करनी होगी। जानकारी के अनुसार सोमवार को लोकसभा में नियम 193 के तहत देश में अत्याचारों और मॉब लिंचिंग पर चर्चा के दौरान सपा नेता ने कहा कि आप में से कौन-कौन सांसद अपनी पत्नी को दबा कर नहीं रखते, हाथ खड़े करें। जब किसी सदस्य ने हाथ खड़ा नहीं किया तो मुलायम सिंह बोले कि देख लीजिए, जब सदन में यह स्थिति है तो देश में क्या हाल होगा। इस पर सदन में ठहाके गूंज उठे। सपा प्रमुख ने लोकसभा में दलितों पर जारी एक चर्चा के दौरान कहा कि महिलाओं का शोषण और अत्याचार काफी बढ़ गया है। पहले परिवार में इसका अंत होना चाहिए। फिर यह आपके इलाके, गांव और शहरों में बंद हो जाएगा। सपा नेता ने मानसिकता में बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया। उन्‍होंने कहा, धर्म और भाषा के नाम पर गरीबों पर अत्याचार रोकने के लिए लोगों को अपनी मानसिकता बदलनी होगी। समाज में विदेशी मूल के लोगों के लिए मौजूद छूआछूत जैसी कुरीतियों पर नियंत्रण करना होगा।  

Dakhal News

Dakhal News 1 August 2017


छत्तीसगढ़ विधानसभा

छत्तीसगढ़ विधानसभा में मानसून सत्र मंगलवार सुबह शुरू हो गया। सदन में अनिल माधव दवे, विजय बहादुर सिंह और 10 जुलाई को अमरनाथ यात्रा के दौरान अनंतनाग में यात्रियों की सड़क हादसे में मौत पर विधानसभा में श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान सत्यनारायण शर्मा ने बस्तर के बुर्कापाल में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों का जिक्र नहीं होने पर आपत्ति ली। इसके बाद स्पीकर ने सदन में बुर्कापाल शहीदों को श्रद्धांजलि दी। दिवंगतों के सम्मान में 5 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित की गई। इसके बाद विपक्ष ने प्रदेश में किसानों की आत्महत्या का मुद्दा उठाया, जिस पर जमकर हंगामा हुआ। हंगामा के बीच 5 मिनट के लिए फिर सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। विधानसभा के मानसून सत्र में सूखा से लेकर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के जमीन का मामला उठेगा। सत्ताधारी दल भाजपा को घेरने के लिए कांग्रेस ने पूरी तैयारी की है। वहीं, भाजपा ने आरोपों का जवाब देने के लिए मंत्रियों को मैदान में उतारने का प्लान तैयार किया है। सत्र के लिए 1235 सवाल लगाए गए हैं। कांग्रेस विधायकों के आरोपों का तथ्य के साथ जवाब देने की तैयारी की गई है। एक से 11 अगस्त के बीच विधानसभा की आठ बैठकें होंगी। सरकार पहला अनुपूरक बजट लाएगी। आठ नए विधेयक मंजूरी के लिए रखे जाएंगे। कई विभागों का वार्षिक प्रतिवेदन पटल पर रखा जाएगा।  

Dakhal News

Dakhal News 1 August 2017


मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार

  दिल्ली से खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र  मोदी अपने मंत्रिमंडल का इस माह विस्तार कर सकते हैं। उनके इस विस्तार में 12 मंत्रियों को कैबिनेट में जगह दी जाने की खबर है।  मीडिया में आर रही रिपोर्ट्स के अनुसार जिन लोगों को मंत्री मंडल में शामिल किया जाना है उनके नाम पीएम मोदी और अमित शाह तय करेंगे। कुल 12 मंत्री इस विस्तार में कैबिनेट का हिस्सा बन सकते हैं जिनमें से 9 भाजपा के होंगे वहीं 3 अन्य सहयोगी दलों के। इसके अलावा दो मंत्रियो को प्रमोशन मिल सकता है जबकि उन लोगों की छुट्टी भी हो सकती है जिनका प्रदर्शन अच्छा नहीं है। इनके अलावा कुछ मंत्रियों को विभाग बदले जा सकते हैं। बता दें कि फिलहाल मोदी कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के लिए पूर्णकारिक मंत्री नहीं है। वित्त मंत्री अरुण जेटली रक्षा और वित्त मंत्रालय दोनो देख कर रहे हैं वहीं स्मृति ईरनी और नरेंद्र सिंह तोमर को भी एक-एक मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जा चुकी है। अनिल माधव दवे के निधन के बाद से पर्यावरण मंत्रालय भी अधूरा पड़ा है।

Dakhal News

Dakhal News 31 July 2017