राजनीति


मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले गैर भाजपाई महागठबंधन की कवायद तेज हो गई है। आगामी 2 अगस्त को आधा दर्जन छोटे दलों के भोपाल में होने वाले सम्मेलन में शिरकत को लेकर कांग्रेस और बसपा ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन गठबंधन के सूत्रधार पूर्व जदयू अध्यक्ष शरद यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती की कांग्रेस दिग्गजों से अलग-अलग मुलाकातें हो चुकी हैं। महागठबंधन की स्क्रिप्ट तैयार करने में जुटे समाजवादी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस कर्नाटक के अनुभव के बाद ज्यादा सतर्कता से कदम आगे बढ़ा रही है। उसकी चिंता है कि चुनाव बाद गठबंधन की स्थिरता पूरी विश्वसनीयता के साथ बनी रहे। मप्र के अलावा छत्तीसगढ़ और राजस्थान के लिए भी सैद्धांतिक चर्चा हुई है, लेकिन अभी सीटों की कोई बात नहीं हुई। मायावती की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी के अलावा अशोक गेहलोत से भी चर्चा हुई है। उधर, शरद यादव की भी कांग्रेस के दिग्गजों से मुलाकात में इसी मुद्दे पर लंबी चर्चा हो चुकी है। जदयू के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव गोविंद यादव का कहना है कि छग में कांग्रेस के साथ गोंगपा के हीरासिंह मरकाम मंच साझा कर चुके हैं। भोपाल सम्मेलन में मरकाम और फूलसिंह बरैया सहित राष्ट्रीय समानता दल को मिलाकर छह क्षेत्रीय दल शामिल होंगे। कांग्रेस और बसपा से अभी इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई है। इस सम्मेलन के बहाने गैर आदिवासी, गैर दलित और गैर कांग्रेसी हिन्दू वोटों पर फोकस किया जा रहा है। गठबंधन से जुड़े नेताओं का कहना है कि भाजपा के जनाधार में बड़ी संख्या ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य वर्ग से है। इनमें से एक हिस्सा कांग्रेस के पास भी है। इनके अलावा गैर कांग्रेसी हिन्दू में ज्यादातर कम आबादी वाले समाज और गरीब-ओबीसी वर्ग के लोग शामिल हैं। इस वर्ग को रिझाने के बाद ही महागठबंधन का उद्देश्य पूरा होगा।  

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Dakhal News 17 July 2018


pm narendr modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को किसान जन कल्याण रैली में हिस्सा लेने के लिए पश्चिम बंगाल के मिदनापुर पहुंचे। शहर के कॉलेज मैदान में आयोजित इस सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां किसानों के लिए सरकार द्वारा हाल में उठाए कदमों का जिक्र किया वहीं ममता सरकार पर ईशारों में जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि मां-माटी-मानुष की बात करने वालों का पिछले 8 साल में असली चेहरा, उनका सिंडिकेट सामने आ चुका है। सिंडिकेट की मर्जी के बिना पश्चिम बंगाल में कुछ भी करना मुश्किल हो गया है। यहां हर चीज के लिए सिंडिकेट बना हुआ है। कुछ भी काम करना हो तो यह सिंडिकेट ही तय करता है। पीएम ने कहा कि राज्य में सिंडिकेट सरकार है। जब तक इस सिंडिकेट की मंजूरी नहीं होती तब तक कोई काम नहीं होता। बंगाल में नई कंपनी खोलनी हो, नए अस्पताल खोलने हों, नए स्कूल खोलने हों, नई सड़क बनानी हो, बिना सिंडिकेट को चढ़ावा दिए, उसकी स्वीकृति लिए, कुछ भी नहीं हो सकता। इससे पहले पीएम मोदी ने कहा कि पीएम ने कहा कि किसानों को MSP सही मिले इसके लिए किसान मांग करते रहे, आन्दोलन करते रहे लेकिन दिल्ली में बैठी सरकार ने किसानों की एक न सुनी। केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद हमारी सरकार ने किसानों को डेढ़ गुणा समर्थन मूल्य देने का निर्णय ले लिया। किसान हमारे अन्नदाता और गांव हमारे देश की आत्मा हैं। कोई भी समाज तब तक आगे नहीं बढ़ सकता। अगर देश का किसान उपेक्षित हों तो कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता है। स्वतंत्रता आन्दोलन हो, सामाजिक सुधार के कार्यक्रम हो, सामान्य मानवीय का सशक्तिकरण हो या फिर शिक्षा के उच्च मापदंड मेदिनीपुर ने इतिहास में अपना एक विशेष स्थान बनाया है। देश आज परिवर्तन के बड़े दौर से गुजर रहा है, स्वतंत्रता आन्दोलन के समय जिस प्रकार एक संकल्प लेकर उसे सिद्ध किया गया था वैसे ही समग्र देश में आज 'संकल्प से सिद्धि' की यात्रा आगे बढ़ रही है। किसानों के लिए हमने इतना बड़ा फैसला किया है कि आज तृणमूल को भी इस सभा में हमारा स्वागत करने के लिए झंडे लगाने पड़े और उनको अपनी तस्वीर लगानी पड़ी, ये भाजपा की नहीं हमारे किसानों की विजय है।  

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Dakhal News 16 July 2018


pm modi

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज मिर्जापुर में उस बाण सागर परियोजना का लोकार्पण किया, जिसकी परिकल्पना 1956 में की गई थी। इसको मंजूरी मिली 1977 में तथा शिलान्यास 1978 में किया गया। इसके बाद चार दशक तक इसकी ओर किसी का ध्यान नहीं गया। इस दौरान उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों ने किसानों की चिंता नहीं की। उन्होंने कहा कि 300 करोड़ की परियोजना को पूरा करने में 3200 करोड़ रुपए में पूरा करना पड़ा। उन्होंने कहा कुछ लोग किसानों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाते हैं। अधूरी सिंचाई परियोजानाओं को पूरा क्यों नहीं किया गया। मोदी ने कहा कि देशभर में दशकों से अटकी परियोजनाओं को पूरा किया जा रहा है। सपा और बसपा की सरकार में विकास का एजेंडा था ही नहीं कभी। कांग्रेस की पूर्व सरकार ने कभी यूपी में स्वास्थ्य सुविधा का ख्याल नहीं किया, मोदी के नेतृत्व में 8 नए मेडिकल कालेज खुलने जा रहा है, एम्स और कैंसर संस्थान मिल रहा है। यूपी में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा और विकास तेज हुआ है। बताते चलें कि केंद्रीय जल विद्युत शक्ति आयोग से 1977 में इस परियोजना को स्वीकृति मिलने के बाद 14 मई 1978 को ही इसका शिलान्यास तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने किया। इसके बाद शासन-प्रशासन के दांव-पेंच के चलते अभी तक इसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका था। मगर,अब इस परियोजना को मौजूदा केंद्र व प्रदेश की सरकार ने परवान चढ़ाया। परियोजना से उत्तर प्रदेश के साथ ही बिहार व मध्य प्रदेश के भी लाखों किसानों को लाभ मिलेगा। करीब 3148.91 करोड़ रुपए की लागत से तैयार बाणसागर परियोजना के रामबाण से प्रधानमंत्री विकास का पूरे देश को नया संदेश दिया। इसके साथ ही विंध्य की धरती से आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर हुंकार भरेंगे। मोदी ने कहा कि अभी हाल ही में एक खबर आई है। अगर यह निगेटिव होती, तो कई दिनों तक इस पर हो हल्ला होता। मगर, खबर पॉजिटिव थी, तो यह आई-गई हो गई। दो सालों में पांच करोड़ लोग भीषण गरीबी से बाहर निकले हैं। इसके साथ ही आयुष्मान योजना का जिक्र भी पीएम ने किया, जिसके तहत पांच लाख रुपए के चिकित्सकीय बिल का भुगतान सरकार करेगी। स्वच्छ भारत पर मोदी ने कहा कि गांवों में शौचालय बनने से वहां के परिवारों की बीमारियों में कमी आई है। बाणसागर परियोजना का प्रधानमंत्री के हाथों लोकार्पण होने के मद्देनजर अदवा बैराज को दुल्हन की तरह सजाया गया है। यह परियोजना हलिया विकास खंड में अदवा नदी के कैमूर पहाड़ की तलहटी में 3148.91 करोड़ की लागत से वर्ष 1977-78 में प्रारंभ की गई थी। विंध्य पर्वत एवं कैमूर श्रृखंलाओं की बाधाओं को पार करते हुए 25.600 किलोमीटर अदवा मेजा लिंक नहर का निर्माण किया गया। इसमें 150132 हेक्टेयर सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अदवा, मेजा, जरगो बांध को पानी से भरने की योजना बनाई गई है। सिंचाई सुविधा को देखते हुए बैराज में आठ गेट अदवा नदी में पानी छोड़ने के लिए बनाए गए हैं वहीं दूसरी ओर तीन गेट बाणसागर नहर में पानी गिराने के लिए बने हैं। बाणसागर से अदवा बैराज मध्य प्रदेश के शहडोल जिले देवलोन बाणसागर बांध से अदवा बैराज के लिए पानी छोड़ा गया है। इससे मीरजापुर में 75309 हेक्टेयर तथा इलाहाबाद में 74823 हेक्टेयर यानी कुल 150132 हेक्टेयर सिंचाई करने की योजना है। नहरों की कुल लंबाई 171.80 किमी और क्षमता 46.46 क्युसेक पानी की होगी। इससे 170000 किसानों का परिवार लाभान्वित होगा। बाणसागर परियोजना से मध्यप्रदेश में 1.54 लाख हेक्टेयर तथा उत्तर प्रदेश में 1.50 लाख हेक्टेयर तथा बिहार राज्य में 94 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। केंद्र तथा प्रदेश सरकार ने विंध्य क्षेत्र की इस महत्वांकाक्षी अंतरराज्यीय परियोजना को पूरा करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। अब अदवा बैराज डाक-बंगले सहित भवन तथा पुल सहित पूरी परियोजना भगवा में रंग गए हैं। ऐसे में अब बाणसागर परियोजना का लोकार्पण कर प्रधानमंत्री एक तीर से कई निशाने साधेंगे।

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Dakhal News 15 July 2018


amit shah-ram mandir

हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने  कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का काम लोकसभा चुनावों से पहले शुरू हो जाएगा। शाह की पार्टी की तेलंगाना राज्य समिति के साथ हुई बैठक के संबंध में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पेराला शेखरजी ने शाह का हवाला देते हुए कहा कि इस संबंध में उठाए गए कदमों को देखें तो अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का काम लोकसभा चुनावों से पहले शुरू हो जाएगा। एक दिन की यात्रा पर हैदराबाद पहुंचे अमित शाह ने समय से पहले लोकसभा चुनाव कराए जाने की संभावनाओं से भी इन्कार किया है। शाह ने पार्टी नेताओं से राज्य में सरकार बनाने के लिए रणनीति तैयार करने को भी कहा। बता दें कि शुक्रवार को ही सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या केस पर सुनवाई के दौरान शिया वक्फ बोर्ड ने मुस्लिमों को मिली जमीन मंदिर के लिए दान देने की बात कही है।

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Dakhal News 14 July 2018


MP  नगरीय निकाय के चुनाव स्थगित, राज्य निर्वाचन आयोग का फैसला

   मप्र राज्य निर्वाचन आयोग ने 5 नगरीय निकाय के चुनाव को स्थगित कर दिया है। कलेक्टरों द्वारा वॉर्डों के आरक्षण में सही प्रक्रिया नहीं अपनाने और आरक्षित वॉर्डों की सूची राज्य शासन के गजट नोटिफिकेशन में प्रकाशित नहीं करने के चलते ये फैसला किया गया है। इस फैसले के बाद नगरपालिका परिषद अनूपपुर, नगर परिषद सांची (रायसेन), नगर परिषद भैंसदेही (बैतूल), नगर परिषद चुरहट (सीधी) और नगर परिषद नरवर (शिवपुरी) के चुनाव स्थगित हो गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के इस फैसले से सरकार को राहत मिली है। गौरतलब है कि सोमवार को ही आयोग ने इन 5 नगरीय निकायों के लिए निर्वाचन कार्यक्रम घोषित किया था। इसके तहत 3 अगस्त को मतदान और 7 अगस्त को मतगणना होना थी। लेकिन 9 जुलाई को नगरीय विकास व आवास विभाग ने शिवपुरी और रायसेन कलेक्टर को पत्र जारी कर उनके द्वारा किए गए आरक्षण में त्रुटियों की जानकारी दी। इसके अलावा नगरीय विकास विभाग ने आयोग को भी पत्र लिखकर जानकारी दी कि अनूपपुर, रायसेन, बैतूल, सीधी और शिवपुरी कलेक्टरों द्वारा किए गए वॉर्डों के आरक्षण की अधिसूचना का प्रकाशन राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित नहीं कराया गया। विभाग ने इस आधार पर निर्वाचन कार्यक्रम स्थगित करने का अनुरोध किया। मप्र नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 29 के तहत नगरीय निकायों के क्षेत्र विस्तार और वॉर्डों के आरक्षण का विषय शासन के अधिकार क्षेत्र का विषय है। आयोग ने नगरीय विकास विभाग के पत्र का परीक्षण किया और निष्कर्ष निकाला कि वॉर्डों का आरक्षण प्रक्रिया यदि सही तरीके से नहीं अपनाई गई तो निर्वाचन प्रक्रिया दूषित होने से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग ने मप्र नगरपालिका निर्वाचन नियम 1994 के नियम 23 और सहपठित नियम 11 (क) के अंतर्गत नगरपालिका परिषद अनूपपुर, नगर परिषद सांची (रायसेन), नगर परिषद भैंसदेही (बैतूल), नगर परिषद चुरहट (सीधी) और नगर परिषद नरवर (शिवपुरी) के चुनाव स्थगित करने का फैसला किया। इसके अलावा आयोग ने राज्य शासन को निर्देश दिए कि वॉर्डों के आरक्षण में सही प्रक्रिया अपनाकर उसकी अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित कर तत्काल आयोग को सूचित किया जाए जिससे इन स्थानों पर निर्वाचन की प्रक्रिया को नियमित किया जा सके।  

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Dakhal News 10 July 2018


बीजेपी  2200 पंचायतों में किसान चौपाल लगाएगी

भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश का किसान मोर्चा 11 जुलाई को प्रदेश की 2200 पंचायतों में एक साथ किसान चौपाल लगाएगा। इसमें युवा किसानों को बुलाया जा रहा है, ताकि उन्हें दिग्विजय शासनकाल में किसानों की बदहाल स्थिति से अवगत कराया जा सके। ये बात भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत ने कही। बकौल रावत, कुछ बहरूपिए हैं जो हमारे 19-20 साल के युवा किसानों को बरगला रहे हैं। इन युवाओं ने चूंकि दूसरी सरकार देखी नहीं हैं, इसलिए हम उन्हें कांगे्रस शासनकाल की हकीकत से अवगत कराएंगे। प्रदेश की 200 विधानसभाओं में प्रत्येक विधानसभा की 11 ग्राम पंचायतों में किसान चौपाल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा, प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह आदि शामिल होंगे।

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Dakhal News 10 July 2018


शिवराज बोले -किसानों को एक साल में दिये 35 हजार करोड़

  एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में एक साल में किसानों के खातों में विभिन्न योजनाओं में लगभग 35 हजार करोड़ रूपये की सहायता पहुँचाई गई है। राज्य सरकार ने नर्मदा के पानी को क्षिप्रा नदी में डालने के असंभव कार्य को संभव कर दिखाया है। आज नर्मदा मैया की कृपा से देवास को पीने का पानी सहजता से उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि देवास, उज्जैन, शाजापुर और आगर जिलों में सिंचाई के लिए नर्मदा-कालीसिंध पार्ट-1 व पार्ट-2 तथा नर्मदा मालवा-गंभीर पार्ट-01 और पार्ट-02 तथा नर्मदा मालवा-क्षिप्रा पार्ट-2 लिंक परियोजनाओं से सिंचाई की योजना तैयार की गई है। इसमें विभिन्न चरणों में लगभग 14 लाख 20 हजार एकड़ में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई की व्यवस्था होने से अगले पांच साल में इन जिलों में फसलों का पूरा पैटर्न ही बदल जाएगा। मुख्यमंत्री रविवार को देवास में ‘‘किसान महासम्मेलन’’ को संबोधित कर रहे थे। किसानों के 30 हजार बेटा-बेटियों के लिये ऋण की व्यवस्था श्री चौहान ने कहा कि किसानों को फसलों को लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए फसलों के निर्यात के भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिये एक्सपोर्ट प्रमोशन बोर्ड बनाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फुड प्रोसेसिंग इकाईयों की स्थापना को भी बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस साल किसानों के 30 हजार बेटा-बेटियों को इस योजना में ऋण दिलाने की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री चौहान ने असंगठित श्रमिकों और गरीबों के लिए लागू की गई मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना में मिलने वाले लाभों की जानकारी देते हुए कहा कि अगले चार साल में हर गरीब के पास अपना पक्का मकान होगा। गरीबों, श्रमिकों के बेटा-बेटियों की उच्च शिक्षा की फीस सरकार भरेगी। उन्होंने बताया कि बिजली बिल माफी योजना में सभी गरीबों और श्रमिकों के बिजली बिल माफ करने के लिए कैम्प लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मासूम बेटी के साथ अगर कोई दुराचार करेगा तो उसे फांसी की सजा देने का प्रावधान किया गया है। सागर में एक बच्ची के साथ हुई दुराचार की घटना में आरोपी को फांसी की सजा हो गई है। श्री चौहान ने महा-सम्मेलन में जनसैलाब से बेटी बचाने, बेटियों का मान-सम्मान करने, पानी बचाने, नया मध्यप्रदेश बनाने और खेती को लाभ का धंधा बनाने का आह्वान किया। महा-सम्मेलन में तकनीकी कौशल विकास (स्वतंत्र प्रभार) स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री दीपक जोशी, सांसद श्री मनोहर ऊंटवाल तथा विधायक श्रीमती गायत्रीराजे पवार ने भी विचार रखे। प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 34 करोड़ 81 लाख लागत की 3 सड़कों का भूमि-पूजन किया। देवास जिले के लगभग एक लाख 6 हजार किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ-2017 के 552 करोड़ रुपए से अधिक की दावा राशि के भुगतान प्रमाण-पत्र वितरण कार्य की शुरूआत की। प्रतीक स्वरूप हितग्राहियों को बीमा दावा राशि के प्रमाण-पत्र भी वितरित किए। महा-सम्मेलन में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में 2105 हितग्राहियों को 25 करोड़ 26 लाख के स्वीकृति पत्रों का वितरण किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री बिजली माफी योजना के पांच हितग्राहियों तथा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में दो महिलाओं को प्रतीक स्वरूप गैस कनेक्शन के प्रमाण-पत्र दिए गए। कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री सुरेंद्र पटवा, विधायक श्री आशीष शर्मा, श्री राजेंद्र वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह राजपूत, महापौर श्री सुभाष शर्मा, म.प्र. पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री रायसिंह सेंधव, मप्र खादी ग्रामोद्योग बोर्ड अध्यक्ष श्री सुरेश आर्य सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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Dakhal News 10 July 2018


manish sisodiya

  सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी दिल्ली का झगड़ा सुलझता नजर नहीं आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश आते ही केजरीवाल सरकार ने अफसरों के तबादलों की लंबी लिस्ट जारी कर दी थी। अब दिल्ली के सर्विसेज विभाग ने इस आदेश को मानने से इन्कार कर दिया है। इसके बाद गुरुवार सुबह केजरीवाल सरकार मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, यदि अफसर सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं मानेंगे तो अफरातफरी मचेगी। सिसोदिया ने अपील की कि केंद्र सरकार और उपराज्यपाल, सुप्रीम कोर्ट की वह बात मानें, जिसमें आपसी सामंजस्य के साथ काम करने की सलाह गई है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के बुधवार को अधिकारों के विवाद में फैसला आते ही केजरीवाल सरकार ने कैबिनेट बैठक के बाद ट्रांसफर और पोस्टिंग का अधिकार मंत्रियों को दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली के सर्विसेज विभाग ने केजरीवाल सरकार के आदेश को मानने से इन्कार कर दिया है। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने बुधवार की शाम को ही ट्रांसफर को लेकर आदेश दिए थे। सूत्रों के मुताबिक, सर्विसेज विभाग का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहीं भी अगस्त 2016 के उस नोटिफिकेशन को रद्द नहीं किया गया है, जिसमें ट्रांसफर पोस्टिंग का अधिकार उपराज्यपाल, मुख्य सचिव या सचिवों को दिया था। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अधिकारियों के ट्रांसफर अब मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री की इजाजत से होंगे। इस बीच, दिल्ली सरकार ने उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है, जो उसके निर्देशों में दिलचस्पी नहीं ले रहे थे। दिल्ली सरकार में काम कर रहे कई बड़े अधिकारियों के तबादले के आदेश गुरुवार तक जारी होने की संभावना है। उन्हें ऐसे विभागों में भेजा जा सकता है, जहां सीधे तौर पर सक्रिय भूमिका नहीं रहती है। इसमें उन अधिकारियों के नाम सबसे ऊपर हैं जो मुख्य सचिव के साथ मारपीट की घटना के बाद से अधिकारियों की ओर से विरोध में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। सूत्रों की मानें तो सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अपने हक में मानते हुए दिल्ली सरकार ने आईएएस और दानिक्स के 30 से 35 अधिकारियों की लिस्ट तैयार कर ली है। उनसे महत्वपूर्ण विभाग छीने जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली सरकार का दावा है कि अधिकारियों के तबादले का अधिकार उसके पास आ गया है, जबकि अभी तक ये तबादले उपराज्यपाल के निर्देश पर होते आ रहे हैं। वहीं, दिल्ली विधानसभा के पूर्व सचिव एसके शर्मा का कहना है कि अभी भी सेवाएं विभाग गृह मंत्रलय के पास है। जिस पर उपराज्यपाल ही तबादला व नियुक्तियों पर फैसला लेंगे। दिल्ली सरकार यदि इसमें कुछ कह रही है तो गलत है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी याद दिला दिया कि जनादेश का अर्थ यह नहीं कि वह अधिकार से बाहर जाकर या फिर संविधान से परे भी कुछ किया जा सकता है। काल्पनिक आदर्श के लिए कोई स्थान नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने याद दिलाया कि जनप्रतिनिधि पद ग्रहण करते वक्त संविधान की शपथ लेते हैं। ऐसे में उनसे यह अपेक्षा होती है कि वह संविधान की मर्यादा और उसकी व्याख्या का ध्यान रखें। वोटरों की अपेक्षाओं को नीतियों में बदलने, उसे कानून का स्वरूप देने का कर्तव्य है। लेकिन संविधान के बाहर जाकर नहीं। संविधान में किसी भी तरह के वैचारिक सिद्धांत या कल्पना के लिए स्थान नहीं है। वही किया जा सकता है जो संविधान के अनुसार व्यावहारिक हो। ध्यान रहे कि इसी क्रम में कोर्ट ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा से इन्कार कर दिया। पिछले दिनों में जिस तरह दिल्ली सरकार अनशन पर दिखी शायद उस पर भी कोर्ट ने असहमति जताई।  

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Dakhal News 5 July 2018


gurjar arkshan

  राजस्थान सरकार ने गुर्जरों की एक मांग और मानते हुए उन्हें बैकडेट (पूर्व प्रभावी) से एक प्रतिशत आरक्षण देने का आदेश जारी कर दिया है। गौरतलब है कि गुर्जरों ने सात जुलाई को प्रधानमंत्री की जयपुर में होने वाली सभा में विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी हुई है। राजस्थान सरकार की ओर से मंगलवार को जारी आदेश में कहा गया है कि गुर्जर सहित पांच अति पिछड़ी जातियों को दिसंबर, 2016 से सितंबर 2017 के बीच निकाली गई सरकारी भर्तियों में भी एक प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाए। इसके लिए यदि अतिरिक्त पद सृजित कराने हों तो उसकी अनुमति भी ले ली जाए। दरअसल, गुर्जरों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने का जो बिल राजस्थान सरकार ने 2015 में पारित किया था, उस पर हाई कोर्ट ने दिसंबर 2017 में रोक लगा दी थी। इसके चलते गुर्जरों के पास सिर्फ ओबीसी में ही आरक्षण रह गया था। यह स्थिति सितंबर 2017 तक रही। सितंबर 2017 में सरकार ने एक नया बिल पारित किया था, जिसमें गुर्जरों सहित पांच पिछड़ी जातियों को ओबीसी का 21 प्रतिशत का कोटा बढ़ा कर आरक्षण दिए जाने का प्रावधान था। गुर्जरों ने हाल में राजस्थान सरकार से जो समझौता किया था, उसमें उन्हें दिसंबर 2016 से सितंबर 2017 के बीच की भर्तियों में भी एक प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया था, लेकिन यह आदेश सोमवार को जारी नहीं किया गया था। गुर्जरों के विरोध प्रदर्शन के रूख को देखते हुए सरकार ने कैबिनेट से मंजूरी दिलवा कर यह आदेश भी जारी कर दिया। हालांकि, गुर्जरों की ओबीसी के वर्गीकरण के लिए राजस्थान में समिति बनाने की मांग पर सरकार ने अब भी कुछ नहीं किया है। गुर्जर नेता हिम्मत सिंह का कहना है कि विरोध-प्रदर्शन के निर्णय पर हम समाज के प्रतिनिधियों से बात कर निर्णय करेंगे।

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Dakhal News 5 July 2018


सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली में राज्य सरकार और केंद्र के बीच जारी अधिकारों की जंग पर सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने बुधवार को फैसला सुनाया। अपने फैसले में पांच जजों की बैंच ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की चुनी सरकार का महत्व है। इसलिए मंत्रिमंडल के पास फैसले लेने का अधिकार है। तीन जजों ने एकमत से कहा कि एलजी दिल्ली के प्रशासक हैं लेकिन वो कैबिनेट के साथ समन्वय के साथ काम करें। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जनता की जीत करार दिया है। सिसोदिया ने कहा कि यह एक लैंडमार्क फैसला है और अब सरकार को अपनी फाइले मंजूरी के लिए एलजी के पास नहीं भेजनी होंगी। कोर्ट ने कही यह अहम बातें राज्य में चुनी हुई सरकार है और एलजी उसके फैसले में बाधा नहीं डाल सकते। चुनी हुई सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही है। कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य में अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि शक्तियों का समन्वय होना चाहिए। शक्ति एक जगह केंद्रित नहीं हो सकती। कोई भी सरकार जनता को उपलब्ध होनी चाहिए। हमारी संसदीय प्रणाली है और और केंद्र संसद के प्रति जवाबदेह है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केंद्र और राज्य मिलकर काम करें। संघीय ढांचे में राज्यों को स्वतंत्रता है। कोर्ट ने कहा कि जनमत महत्वपूर्ण है और इसे तकनिकी मामलों में नहीं उलझाया जा सकता। एलजी दिल्ली के प्रशासक हैं क्योंकि और राज्यों के मुकाबले दिल्ली की स्थिति भिन्न है। अगर किसी मामले पर राज्य कैबिनेट से एलजी की राय मेल नहीं खाती है तो एलजी उसे खारिज करने की बजाय राष्ट्रपति को भेजे। कोर्ट ने कहा कि कैबिनेट को भी लिए गए फैसले के लिए एलजी की मंजूरी जरूरी नहीं है लेकिन उन्हे हर फैसला बाताया जाए। राज्य सरकार कोई भी फैसला अकेले लेकर उसे लागू कर दे यह ठीक नहीं है। संसद का बनाया कानून सर्वोच्च है, हालांकि, कुछ मामलों में राज्य सरकार कानून बना सकती है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने उप राज्यपाल को दिल्ली का प्रशासनिक मुखिया घोषित करने के हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अपीलीय याचिका में दिल्ली की चुनी हुई सरकार और उप राज्यपाल के अधिकार स्पष्ट करने का आग्रह किया गया है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एके सीकरी, न्यायमूर्ति एमएम खानविल्कर, न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से पेश दिग्गज वकीलों की चार सप्ताह तक दलीलें सुनने के बाद गत छह दिसंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। दिल्ली सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील गोपाल सुब्रमण्यम, पी. चिदंबरम, राजीव धवन, इंद्रा जयसिंह और शेखर नाफड़े ने बहस की थी जबकि केन्द्र सरकार का पक्ष एडीशनल सालिसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने रखा था। दिल्ली सरकार की दलील थी कि संविधान के तहत दिल्ली में चुनी हुई सरकार है और चुनी हुई सरकार की मंत्रिमंडल को न सिर्फ कानून बनाने बल्कि कार्यकारी आदेश के जरिये उन्हें लागू करने का भी अधिकार है। दिल्ली सरकार का आरोप था कि उप राज्यपाल चुनी हुई सरकार को कोई काम नहीं करने देते और हर एक फाइल व सरकार के प्रत्येक निर्णय को रोक लेते हैं। हालांकि दूसरी ओर केंद्र सरकार की दलील थी कि भले ही दिल्ली में चुनी हुई सरकार हो लेकिन दिल्ली पूर्ण राज्य नहीं है। दिल्ली विशेष अधिकारों के साथ केंद्र शासित प्रदेश है। दिल्ली के बारे में फैसले लेने और कार्यकारी आदेश जारी करने का अधिकार केंद्र सरकार को है। दिल्ली सरकार किसी तरह के विशेष कार्यकारी अधिकार का दावा नहीं कर सकती।

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Dakhal News 4 July 2018


अविश्वास प्रस्ताव- अमित जोगी

रायपुर में छत्तीसगढ़  विधानसभा में मंगलवार को स्पीकर गौरीशंकर अग्रवाल ने जिस समय सदन में अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दी, उस वक्त सदन में अमित जोगी व सियाराम कौशिक नहीं थे। केवल आरके राय ही सदन में मौजूद थे। इस पर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने आपत्ति की। कहा- अविश्वास प्रस्ताव की सूचना देकर सदन में उपस्थित नहीं होना दुर्भाग्यजनक और सदन का अपमान है। अमित की अनुपस्थिति पर कांग्रेसी सदस्यों ने टिप्पणी करते हुए उन्हें सरकार की बी टीम करार दिया। भूपेश बघेल ने कहा कि सत्ता पक्ष की तरफ इशारा करते हुए कहा कि आप ही लोगों के कहने पर यह प्रस्ताव लाया गया था। इस पर मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय ने कहा कि दो दिन में उनको भान हो गया कि यह सरकार विश्वास के लायक है। अविश्वास प्रस्ताव जुलाई 2015 के सत्र में पहला अविश्वास प्रस्ताव रखा गया। 24 व 25 जुलाई को 24 घंटे 25 मिनट चली चर्चा। दिसंबर 2017 के सत्र में आया दूसरा अविश्वास प्रस्ताव। 22 जुलाई को दोपहर 12ः22 पर चर्चा शुरू हुई, जो दूसरे दिन सुबह 07ः06 बजे तक कुल 18 घंटे 38 मिनट चली। एक मात्र अविश्वास प्रस्ताव दिसंबर 2011 में लाया गया। इस पर 16, 19 और 20 दिसंबर को कुल 23 घंटे 19 मिनट चर्चा चली। रमन सरकार के पहले कार्यकाल में दिसंबर 2007 में अविश्वास प्रस्ताव सदन में रखा। इस पर 03 और 04 दिसंबर को कुल 17 घंटे 50 मिनट तक चर्चा चली। तत्कालीन जोगी सरकार के खिलाफ पहला अविश्वास प्रस्ताव 2002 में लाया गया। इस पर 30 सितंबर व 01 अक्टूबर को कुल 17 घंटे 08 मिनट चर्चा हुई। राज्य की पहली सरकार के खिलाफ दूसरा अविश्वास प्रस्ताव जुलाई 2003 में सदन में लाया गया। इस पर 29 जुलाई को 11 घंटे 52 मिनट तक चर्चा चली।  

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Dakhal News 4 July 2018


रामदेव ने पहुंचाई ठेस , उमा भारती खफा

  बाबा रामदेव द्वारा गंगा की सफाई को लेकर दिए गए बयान से केंद्रीय मंत्री उमा भारती नाराज हो गईं हैं। उन्होंने इसके विरोध में पत्र भी लिखा है। अपने पत्र में उमा भारती ने लिखा है कि ऐसी बाते उन्हें नुकसान पहुंचा सकती हैं। उमा ने अपने पत्र में लिखा कि आपके द्वारा गंगा की विवेचना करते समय दो मंत्रियों की तुलना करना मुझे अजीब लगा। मैं खुद भी गडकरी जी की प्रशंसक हूं। लंदन में न्यूज चैनल पर मेरे बारे में टिप्पणी करते समय आपको यह ध्यान नहीं रहा कि आप मेरे आत्मसम्मान को ठेस पहुंचा रहे हैं। पत्र में आगे लिखा है कि आठ साल की उम्र से आज 50 साल तक के परिश्रम, विचार और राष्ट्रवाद मेरी शक्ति रहे हैं जिनकी विश्वसनीयता के चलते मुझे राजनीति में उचित स्थान मिला है। आप मेरे मार्गदर्शक हैं। बता दें कि बाबा रामदेव ने लंदन में एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान गंगा की स्वच्छता को लेकर कहा था कि उमा की फाइल ऑफिस में अटक जाती है जबकि गडकरी की नहीं। देश में सबसे ज्यादा किसी का काम दिखाई देता है तो वो गडकरी का है।  

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Dakhal News 2 July 2018


 छत्तीसगढ़ में मानसून सत्र के पहले दिन रिंकू खनूजा की मौत पर हुआ हंगामा

रायपुर में विधानसभा में मानसून सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहा। विपक्ष ने विधानसभा में रिंकू खनूजा की मौत मामले में जमकर हंगामा किया। कांग्रेस ने खनूजा की मौत को सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए स्थगन पेश कर चर्चा की मांग की, लेकिन आसंदी ने विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके बाद विपक्ष ने हंगामा किया और नारेबाजी करते हुए रिंकू खनूजा की मौत मामले में जांच कराए जाने की मांग की। विपक्ष के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि रिंकू खनूजा की पत्नी ने एसपी को पत्र लिखा है जिसमें कहा गया है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है और इस आत्महत्या मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस की भूमिका बेहद संदिग्ध है। बघेल ने कहा कि अब तक इस मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पेश नहीं की है। प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और ये बेहद गंभीर मामला है ।टी एस सिंहदेव ने इस मामले में कहा कि रिंकू खनूजा की मौत मामले की जांच पुलिस कर रही है जबकि रिंकू की मौत सीबीआई पूछताछ के दौरान हुई है। इस मामले पर बोलते हुए प्रेमप्रकाश पांडेय ने कहा कि सीबीआई केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाली संस्था है। सीबीआई जिस मामले की जांच कर रही है, उसकी चर्चा सदन में नहीं कराई जा सकती। जो मामला विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में नहीं है, उस पर चर्चा नहीं कराई जा सकती है। गौरतलब है बहुचर्चित सेक्स सीडी कांड मामले में सीबीआई जांच के घेरे में आने के बाद रिंकू खनूजा की कथित आत्महत्या पर सवाल उठाए जा रहे हैं।  

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Dakhal News 2 July 2018


वित्त मंत्री अरुण जेटली

स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा राशि में बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष के हमलों का वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तर्कों के साथ जवाब दिया है। उन्होंने इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया। कहा, जरूरी नहीं है कि स्विस बैंकों में जमा सारा पैसा कालाधन ही हो। फिर भी अगर कोई दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अपने ब्लॉग में जेटली ने बताया कि स्विस बैंकों में जमा धन किनका है। भारतीय मूल के उन लोग का, जिन्होंने दूसरे देश की नागरिकता ले रखी है या फिर अनिवासी भारतीय हैं। भारतीय भी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए स्विस बैंकों में पैसा जमा करा सकते हैं। इसलिए इन श्रेणियों के जमाकर्ताओं की राशि को कालाधन नहीं कहा जा सकता। कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने इस बीच मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कहा कि इसमें से करीब 40 फीसद राशि रुपए बाहर भेजने की उदार योजना (लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम-एलआरएस) की वजह से वहां पहुंची है। एलआरएस पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के कार्यकाल में लागू हुई थी। इसमें कोई भी व्यक्ति प्रतिवर्ष 2.50 लाख डॉलर तक बाहर भेज सकता है। राहुल ने सरकार को घेरा इस मामले पर कांग्रेस ने राजग सरकार पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट के जरिए प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, 2014 में उन्होंने कहा था स्विस बैंकों में जमा सारा कालाधन वापस लाएंगे और सभी भारतीयों के खातों में 15 लाख रुपए जमा कराए जाएंगे। इसी तरह 2016 में नोटबंदी के समय उन्होंने कहा था कि इस फैसले से भारत को कालेधन से छुटकारा मिल जाएगा। अब 2018 में वह स्विस बैंकों में भारतीयों के जमा धन में 50 फीसदी उछाल को साफ-सुथरी रकम बता रहे हैं।  

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Dakhal News 30 June 2018


चुनाव से पहले शिवराज की क्लास

  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गरीब को उसका जायज़ हक़ मिले। इसके लिये सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर प्रयास किये गये हैं। योजनाओं का क्रियान्वयन इस तड़प के साथ किया जाये कि कोई भी पात्र व्यक्ति इनके लाभ से वंचित नहीं रहे। क्रियान्वयन पंचायत स्तर तक प्रशासनिक कसावट के साथ हो। इसकी नियमित मॉनीटरिंग की जाये। लापरवाही के प्रकरणों में कठोर कार्रवाई की जाये। श्री चौहान ने अवैध खनन के प्रकरणों में वाहन नीलामी की कार्रवाई करने और महिलाओं पर होने वाले अपराधों को रोकने के लिये प्रभावी रणनीति बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आगामी पर्वों और मौसम को दृष्टिगत रखते हुए अग्रिम कार्य-योजना बनायें। श्री चौहान आज मंत्रालय में संभागायुक्तों और पुलिस महानिरीक्षकों की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह और पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि संबल योजना गरीबी दूर करने का सबसे प्रभावी प्रयास है। योजना का लाभ हर जरूरतमंद को मिले, इसकेलिये सजगता और सक्रियता के साथ योजना की मॉनीटरिंग की जाये। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन कार्य की वे स्वयं प्रतिदिन समीक्षा करेंगे। योजना का सीएम डैशबोर्ड बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब की आवश्यकताओं को पूरा करना ही गरीबी दूर करने का सबसे प्रभावी तरीका है। संबल योजना का क्रियान्वयन व्यापक स्तर पर करने के लिये जरूरी है कि आम आदमी योजना को भलीभांति समझें। इसके लिये व्यापक स्तर पर सभी प्रचार माध्यमों का उपयोग किया जाये। इसमें कोई कोर-कसर बाकी नहीं रहनी चाहिये। मुख्यमंत्री ने फ्लेट रेट विद्युत और बकाया बिल समाधान योजना की समीक्षा की। उन्होंने विद्युत कनेक्शन के नामांतरण कार्य के लिये स्टाम्प शुल्क की बाध्यता को समाप्त करवाने केलिये कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबल निगरानी समिति के सदस्यों को योजना के एम्बेसडर के रूप में स्थापित किया जाये। विद्युत बिल पंजीयन शिविरों में और मास्टर ट्रेनर के प्रशिक्षण कार्यक्रम में समिति सदस्यों को शामिल किया जाये। उन्होंने कहा कि इस वर्ष उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले द्वितीय और अंतिम वर्ष के अध्ययनरत छात्रों की फीस भी सरकार भरवा रही है। इस संबंध में व्यापक स्तर पर छात्र-छात्राओं को जानकारी दी जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहाकि प्रशासनिक व्यवस्थाएं इतनी चुस्त और दुरूस्त हों कि गरीब और अनूसूचित जनजाति के सदस्य के साथ कोई छल नहीं कर सके। उन्होंने सरकार के कल्याणकारी कार्यों के लाभ उन तक पहुँचाने और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करने के लिये निर्देशित किया। उन्होंने वनाधिकार पट्टे, कुपोषण, बँटवारे, जाति प्रमाण पत्र, वनोपज संग्रहण और विक्रय, निजी भूमि पर पेड़ काटने के अधिकार से संबंधित समस्याओं का परीक्षण करने और प्रभावी समाधान के लिये संभागायुक्तों को व्यक्तिगत उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने के लिये निर्देशित किया। कहा कि वनाधिकार दावों के पुन: परीक्षण के कार्य को और अधिक गति से संचालित करें ताकि अगस्त माह तक सभी पात्रों को वनाधिकार पट्टे मिल जायें। चरण पादुका योजना के अंतर्गत सभी पात्र व्यक्तियों को सामग्री मिलना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रहने लायक भूमि के टुकड़े का अधिकार पत्र 15 अगस्त से पूर्व सभी पात्र परिवारों को मिल जाये। नगरीय क्षेत्र की भूमि पर लम्बे समय से बसे परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिये विशेष दृष्टि के साथ प्रयास हो। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी राजस्व न्यायालय मॉनीटरिंग सिस्टम की समीक्षा समय-समय पर करेंगे। साथ ही बटाईदार कानून एवं भू-राजस्व संहिता में किये जा रहे क्रांतिकारी बदलाव का प्रचार-प्रसार करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अगर किसी किसान को गेहूँ, चना और मसूर का किसी कारणवश उपार्जन पोर्टल पर दर्ज नहीं हो सका है, उन प्रकरणों का परीक्षण स्वयं संभागायुक्त करें। उनके प्रतिवेदन के आधार पर छूट गये किसानों को दर्ज करने के लिये पोर्टल खुलवाया जायेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिये कि व्यवस्था से केवल वास्तविक किसान ही लाभान्वित हों। साथ ही, गेहूँ खरीदी की राशि का शीघ्र भुगतान भी सुनिश्चित किया जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंदसौर की घटना के अपराधियों को जल्द से जल्द दण्ड दिलाने के लिये सजगता के साथ प्रयासों की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि आगामी समय में पर्वों को दृष्टिगत रखते हुए संवदेनशील कार्य प्रणाली के साथ व्यवस्थाएं की जायें। हर हाल में साम्प्रदायिक सौहार्द्र को सुनिश्चित किया जाये। प्राकृतिक आपदाओं की आशंका के दृष्टिगत अग्रिम कार्य-योजना बनाई जाये, जिसमें राहत और बचाव के समुचित प्रबंध हों। उन्होंने कहा कि अवैध खनन के प्रकरणों में वाहन जप्त कर नीलामी की कार्रवाई की जानी चाहिये। इसी तरह असामाजिक तत्वों के विरूद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाये। मुख्यमंत्री ने विगत दिनों प्रदेश में की गई कार्रवाई के सकारात्मक परिणामों का उल्लेख भी किया। उन्होंने सायबर क्राईम और सोशल मीडिया की कड़ी निगरानी की जरूरत बताई। मादक पदार्थों के व्यापार को रोकने के लिये विशेष प्रयास करने के लिये कहा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 14 जुलाई से प्रदेश में जन-आशीर्वाद यात्रा का आयोजन किया जायेगा। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री आम जन के साथ सीधा संवाद करेंगे। गरीब बस्तियों में जाकर रहवासियों के साथ चर्चा करेंगे। शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत से परिचित होंगे। क्रियान्वयन कार्य की समीक्षा के लिये राजस्व न्यायालय, छात्रावास, चिकित्सालय, विद्यालय और निर्माण कार्यों का भी आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान बताया गया कि फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2017 के दावों की राशि का शीघ्र वितरण किया जायेगा। इससे प्रदेश के 17 लाख 77 हजार 300 किसानों को 5260 करोड़ रूपये की राशि मिलेगी। यह देश में किसानों को मिलने वाली अभी तक की सर्वाधिक राशि है। बैठक में अपर मुख्य सचिव कृषि श्री पी.सी. मीना, अपर मुख्य सचिव वन श्री के.के. सिंह, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री इकबाल सिंह बैस, श्रम, कृषि, ऊर्जा, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग, अनुसूचित जनजाति कल्याण, राजस्व, नगरीय प्रशासन आदि विभागों के प्रमुख सचिव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

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Dakhal News 30 June 2018


अब मजदूरों को शिवराज में सस्ती बिजली

  मध्यप्रदेश के लिये एक जुलाई 2018 ऐतिहासिक दिन साबित होने जा रहा है। इस दिन से मध्यप्रदेश सरकार लाखों पंजीकृत श्रमिकों और बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं को बिजली के मामले में बहुत बड़ी राहत देने जा रही है। कम आय वाले श्रमिक और बीपीएल उपभोक्ताओं को अब बिजली के बड़े बिल को लेकर चिंता नहीं करनी होगी। पंजीकृत श्रमिकों को प्रति माह बिजली बिल मात्र 200 रूपये का भुगतान करना होगा। इससे ज्यादा राशि का बिल आने पर उसकी पूर्ति राज्य शासन द्वारा सब्सिडी देकर की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पहल और मंशा के अनुरूप मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना-2018 में पंजीकृत श्रमिकों को बिजली बिलों में राहत देने के लिये एक जुलाई से व्यापक स्तर पर सरल बिजली बिल स्कीम एवं मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम को लागू किया जा रहा है। सरल बिजली बिल स्कीम का लाभ 88 लाख पंजीकृत श्रमिकों को मिलेगा। मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम से 77 लाख पंजीकृत श्रमिक और बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ता लाभांन्वित होंगे। सरल बिजली बिल स्कीम में शामिल होने के लिये कोई अंतिम तिथि नहीं होगी। वितरण केन्द्रों में हितग्राहियों को लाभ देने की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। जहां मीटर स्थापित होंगे, वहां उनमें अंकित खपत के आधार पर बिल की राशि की गणना की जायेगी। ग्रामीण क्षेत्रों के अनमीटर्ड संयोजनों पर विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित दरों से बिल की गणना की जायेगी। उपभोक्ता को केवल 200 रूपये प्रति माह देने होंगे, शेष राशि की सब्सिडी शासन द्वारा दी जायेगी। पात्रताधारी परिवारों को बिना कनेक्शन प्रभार लिये (नि:शुल्क) बिजली कनेक्शन की सुविधा दी जायेगी। राज्य शासन वार्षिक सब्सिडी के रूप में एक हजार करोड़ रूपये उपलब्ध करायेगा। हितग्राही के स्वयं उपभोक्ता होने पर स्कीम का लाभ मिलेगा। उपभोक्ता परिवार का सदस्य होने और साथ में निवास करने पर भी लाभ की पात्रता रहेगी। इसके लिये परिवार का सदस्य वही माना जायेगा, जो समग्र डाटाबेस में परिवार के रूप में दर्ज होगा। उपभोक्ता के चाहने पर 500 रूपये के स्टाम्प पर नामांतरण की सुविधा रहेगी। एयर कंडीशनर (ए.सी.), हीटर, एक हजार वॉट से अधिक के उपभोक्ता योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में स्कीम के तहत सुविधा केवल बल्ब, पंखा और टी.वी. चलाने पर ही मिलेगी। एक हजार वॉट में 4 बल्ब, 2 पंखे, एक टीवी और एक कूलर चल सकेंगे। हितग्राही को विद्युत वितरण कंपनी के केन्द्र या जोन या इसके लिये लगाये जा रहे केम्प में निर्धारित फार्म में आवेदन देना होगा। आवेदन में केवल श्रमिक पंजीयन नंबर ही देना होगा। स्कीम में शामिल होने के लिये कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। बिजली का बिल आवेदन का परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों का जुलाई का बिल जो अगस्त में आयेगा, उसमें अधिकतम 200 रूपये भुगतान करने का उल्लेख होगा। बिल में उपभोक्ता द्वारा दी जाने वाली राशि और शासन की सब्सिडी का भी उल्लेख होगा। मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम पंजीकृत श्रमिकों और बीपीएल उपभोक्ताओं को राहत पहुँचाने के लिये एक जुलाई से शुरू हो रही मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम में हितग्राहियों को लाभ दिलवाने की कार्रवाई भी वितरण केन्द्रों में लगातार जारी रहेगी। जून 2018 स्थिति में बिजली बिल की बकाया पूरी राशि माफ की जायेगी। इसमें मूल बकाया राशि एवं सरचार्ज भी शामिल रहेगा। शासन द्वारा इस योजना के लिये लगभग 1806 करोड़ रूपये की सब्सिडी दी जायेगी। योजना का लाभ 77 लाख पंजीकृत श्रमिकों और बीपीएल उपभोक्ताओं को मिलेगा। उपभोक्ता के पंजीकृत श्रमिक के सगे-सम्बधी होने और साथ में रहने पर ही लाभ मिलेगा। इस योजना में भी परिवार का सदस्य उन्हीं को माना जायेगा, जिनका नाम सम्रग डाटा बेस में परिवार के रूप में अंकित होगा। न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण तथा विद्युत अधिनियम की धारा 126, 135 एवं 138 में दर्ज प्रकरणों की स्थिति में भी लाभ दिया जायेगा। पिछली सामाधान योजना में लाभ ले चुके उपभोक्ता भी स्कीम का लाभ ले सकेंगे। हितग्राही को वितरण केन्द्र या जोन अथवा शिविरों में निर्धारित प्रपत्र में आवेदन देना होगा। विद्युत कंपनियों द्वारा वितरण केन्द्रवार जुलाई में शिविर लगाये जायेगे। फार्म में उपभोक्ता को केवल श्रमिक पंजीयन अथवा बीपीएल कार्ड का नंबर देना होगा। आवेदन के परीक्षण के बाद हितग्राहियों को बिल माफी का प्रमाण-पत्र दिया जायेगा।    

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Dakhal News 30 June 2018


narendr modi

  कबीर दास जी की जयंती पर कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को संत कबीर दास की परिनिर्वाण स्‍थली मगहर पहुंचे। यहां उन्होंने आयोजित एक कार्यक्रम को भी संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने इशारों में विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि कबीर धूल से उठे और माथे का चंदन बन गए, उन्होंने समाज में जाति का भेद मिटाने के साथ उस समाज को जागृत किया। कबीर का पूरा जीवन सत्‍य की खोज में बीता है। वह फक्‍कड़ स्‍वभाव के थे, लेकिन दिल के साफ थे। बाहर से कठोर और भीतर से कोमल थे। वह अपने जन्‍म से नहीं कर्म से महान बन गए। संत कबीर के बाद संत रैदास आए। अंबेडकर आए। सभी ने अपने-अपने तरीके से समाज को रास्‍ता दिखाया। बाबा साहब अंबेडकर ने हमें जीने का अधिकार दिया। आज समाज में राजनीतिक लाभ लेने के लिए समाज में असंतोष पैदा कर रहे हैं। कुछ दलों को शांति और विकास नहीं, कलह और अशांति चाहिए, उनको लगता है जितना असंतोष और अशांति का वातावरण बनाएंगे उतना राजनीतिक लाभ होगा। पीएम ने कहा कि सच्चाई यह है कि ऐसे लोग जमीन से कट चुके हैं। उन्‍होंने कहा कि देश के राजनेताओं को गरीबों की चिंता नहीं रही। उन्हें बंगले का मोह है। करोड़ों के बंगले बनाने वालों ने गरीबों के लिए कुछ नहीं कहा। उन्‍होंने कभी गरीबों के लिए घर का निर्माण नहीं कराया। जब मोदी सरकार आई तो गरीबों के लिए छत का इंतजाम शुरू करा दिया। अभी दो दिन पहले ही देश में आपाल काल के 47 साल हुए। सत्‍ता की लालच ऐसा हो गया है कि आपात काल लाने वाले और उसका विरोध करने वाले कंधा से कंधा मिला लिए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन तलाक के मामले में भी इन राजनीतिक दलों को देखा है। आज मुस्लिम महिलाएं भी तीन तलाक के खिलाफ हैं। लेकिन राजनीतिक दलों के लोग मुस्लिम महिलाओं की भलाई की कोई चिंता नहीं है। कबीरदास ने कहा था कि शासक वही है जो जनता की पीड़ा को समझता हो और उसका निदान करता हो। पर अफसोस कुछ परिवार आज कबीरदास की बात को पूरी तरह नकारने में लगे हैं। वह भूल गए हैं कि आज हमारे साथ कबीर दास हैं। कबीर दास मनुष्‍य-मनुष्‍य के बीच भेद पैदा करने वालों के खिलाफ थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि कबीर के दर्शन को लोग नहीं समझ रहे हैं। हमारी सरकार गरीब, दलित, पीडि़त, वंचित लोगों के लिए काम कर रही है। लगभग पांच करोड़ लोगों का खाता खुलवाया। करीब एक करोड़ लोगों को सुरक्षा बीमा का कवच देकर और यूपी के गांवों में सवा करोड़ शौचालय बनवाया। हमने सुलभ स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं देने का वीणा उठाया है। कबीर श्रमयोगी थे। कबीर ने कहा था कि काल करे सो आज कर---उसी के तहत तेजी के साथ बन रही सड़कें एवं कार्य कबीर के विचारों का प्रतिबिंब है। भारत का पूर्वी भाग काे विकास से अलग कर दिया था। आज काम हो रहा है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने कहा कि कबीर को समझने के लिए कोई भाषा नहीं गढ़ी। बोलचाल की भाषा का इस्‍तेमाल किया। बोलचाल की भाषा में ही उन्‍होंने जीवन दर्शन को बताया। उनके कई दोहों का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि समय के साथ समाज में आने वाली आंतरिक बुराइयों को समाप्‍त करने के लिए ऋृषियों, मुनियों ने हमें मार्ग दिखाया। देश की चेतना को बचाने का कार्य संतों ने समय समय पर किया। उन्‍होंने बल्‍लभाचार्य, रामानुजाचार्य, रामानंद, तुलसी आदि कई संतों का नाम लेते हुए कहा कि उस दौर में भी तमाम विपत्तियों से गुजरते हुए समाज को नई दिशा दी। रामानंद ने तो समाज के सभी वर्गों को जोड़कर जाति-पाति और छुआछूत को समाप्‍त किया। पीएम आगे बोले कि, प्रधानमंत्री ने कहा कि कबीर व्‍यक्ति से अभिव्‍यक्ति बन गए। उन्‍होंने समाज की चेतना को जागृत करने का काम किया। उन्‍होंने कहा था कि यदि हृदय में राम है तो क्‍या काशी क्‍या मगहर। कबीर दास कहते थे कि हम काशी में प्रकट भये हैं, रामानंद चेताए। कबीर भारत की आत्‍मा और रससार कहे जा सकते हैं। उन्‍होंने जाति-पाति के भेद तोड़ा। पीएम ने कहा कि सैकड़ों वर्षों की गुलामी के कालखंड में अगर देश की आत्मा बची रही, तो वो ऐसे संतों की वजह से ही हुआ। इससे पहले अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए पीएम ने उपस्थित जनसमुदाय को भोजपुरी में प्रणाम किया और कहा कि इस पावन भूमि को प्रणाम करत बानी। यह हमार सौभाग्‍य है कि आज हम यहां आइल बानी। उन्‍होंने कहा कि आज मुझे भी तीर्थ स्‍थल पर आने का मौका मिला। मैने कबीर की मजार पर चादर चढ़ाई, फूल चढ़ाया। कबीर दास की गुफा भी देखी। ऐसा कहा जाता है कि यहां पर गुरु गोरखनाथ, संतकबीर दास और गुरु नानक ने एक साथ बैठकर आध्‍यत्मिक चर्चा की थी। उन्‍होंने कहा कि तीरथ गए तो एक फल...कहकर कहा कि यह भूमि पूण्‍य फल देने वाला है। करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से कबीर के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जाएगा। इससे पहले पीएम ने यहां कबीर की समाधि और मजार पर चादर चढ़ाकर शीश नवाया। इसके बाद उन्होंने यहा 24.9375 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली संतकबीर शोध अकादमी का शिलान्यास किया। क्षेत्र के विकास के लिए कई अन्य परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जाएगी। मजार पर चादर चढ़ाने के बाद प्रधानमंत्री उस गुफा में भी गए जहां कहा जाता है कि कबीर दास जी ध्यान किया करते थे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। कबीर निर्वाण स्थली पर आयोजित इस समारोह में प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। कबीर की निर्वाण स्थली मगहर में प्रधानमंत्री का आगमन 2019 के आसन्न लोकसभा चुनावों के लिहाज से खास माना जा रहा है।  

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Dakhal News 28 June 2018


राजनांदगांव  में भाजपा को झटका

छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय उपचुनाव में भाजपा को करारा झटका लगा है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निर्वाचन क्षेत्र राजनांदगांव में पार्षद के उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार एजाज अंसारी की जीत हुई है। अंसारी ने भाजपा के घनश्याम ताम्रकार को 107 वोट से हराया। हालांकि नगर पंचायत राहौद में अध्यक्ष की कुर्सी भाजपा की शैलबाई कश्यप ने बचा ली। यहां भाजपा के सीताराम कश्यप के निधन के बाद उपचुनाव हुआ था। नगरीय निकाय की 13 सीटों पर हुए उपचुनाव के परिणाम बुधवार को घोषित हुए। इसमें भाजपा ने छह, कांग्रेस ने पांच और दो सीट पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस के अवधेश शुक्ला ने तखतपुर, सीमा सिन्हा ने धमतरी, रश्मि मिश्रा ने नगर पंचायत बेमेतरा में जीत दर्ज की है। बोदरी से निर्दलीय रेखा सोनी व डोंडी से किरणकुमार गुवार्य ने जीत दर्ज की। आदिवासी क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार बाबूराव मरकाम ने कोंटा, बिमला बघेल व भूपेश ठाकुर ने अंतागढ़ में सीट बचाई है। चिरमिरी में भाजपा की चांदनी यादव व झगड़खान से बिंदू वर्मा जीती हैं।

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Dakhal News 28 June 2018


aapatkal

   केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने करीब चार दशक पूर्व (25 जून, 1975) इंदिरा गांधी सरकार द्वारा लागू "कपटपूर्ण" आपातकाल को याद करते हुए रविवार को कहा कि इसमें संवैधानिक प्रावधानों का इस्तेमाल लोकतंत्र को संवैधानिक आपातकाल में बदलने के लिए किया गया। "द इमरजेंसी रीविजिटेड" शीर्षक से फेसबुक पोस्ट की तीन भागों की श्रृंखला के पहले भाग में जेटली ने लिखा, "25-26 जून, 1975 की मध्य रात्रि को कई प्रमुख विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जहां हमने आपातकाल का पुतला जलाया। जो कुछ हो रहा था उसके खिलाफ मैंने भाषण दिया। बड़ी तादाद में पुलिस वहां पहुंच गई। मुझे मीसा के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। मुझे दिल्ली की तिहाड़ जेल ले जाया गया। इस तरह 26 जून, 1975 की सुबह मुझे आपातकाल के खिलाफ एक मात्र विरोध प्रदर्शन करने का मौका मिला था और मैं आपातकाल के खिलाफ पहला सत्याग्रही बन गया। 22 साल की उम्र में किए गए इस छोटे से कार्य से मुझे अहसास हुआ कि मैं उन घटनाक्रमों का हिस्सा बन रहा था जो इतिहास का भाग बनने जा रहे थे। मेरे लिए, इस घटना ने मेरी जिंदगी का भविष्य बदल दिया।" जेटली ने आगे लिखा कि इंदिरा गांधी की नीतियों का त्रासद पक्ष यह था कि उन्होंने ठोस और सतत नीतियों की बजाए लोकप्रिय नारों को प्राथमिकता दी। केंद्र और राज्यों में जबर्दस्त जनादेश के बावजूद सरकार उसी आर्थिक नीतियों पर चलती रही जो 1960 के आखिर में अपनाई गई थीं। वह मानती थीं कि देश की धीमी विकास दर का कारण तस्करी और आर्थिक अपराध हैं।

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Dakhal News 25 June 2018


 18 जुलाई से  शुरू होगा संसद का मानसून सत्र

  संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू होगा और 10 अगस्त तक चलेगा। कैबिनेट कमेटी ने सत्र की इन तारीखों पर फैसला किया है। इस सत्र में 18 कार्य दिवस होंगे। हालांकि, इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इस सत्र को लेकर देश को बड़ी उम्मीदें हैं क्योंकि संसद में इससे पहले का सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया था। उम्मीद की जा रही है कि इस सत्र में उन बिलों को पास किया जा सकेगा जो पिछले सत्र में हंगामे की वजह से पास नहीं हो सके थे।

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Dakhal News 25 June 2018


मध्यप्रदेश विधानसभा

मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत काफी हंंगामेदार रही। सरकार ने 11 हजार 190 करोड़ से ज्यादा का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त मानदेय देने के लिए 130 करोड़ का प्रावधान किया गया। हालांकि हंगामे और विपक्ष के विरोध के चलते सत्र समय से पहले ही स्थगित करना पड़ा। विधानसभा के 5 दिनी मानसून सत्र में सरकार ने अनुपूरक बजट पेश किया। साल के अंत में विधानसभा चुनाव के पहले ये विधानसभा का अंतिम सत्र है। अनुपूरक बजट में सरकार ने प्याज और लहसुन की फसल पर प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया। इसके लिए सरकार ने बजट में 448 करोड़ों रुपए का प्रावधान किया गया। इसके अलावा मनरेगा के लिए सरकार ने 500 करोड़ और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत सचिव व्यवस्था के लिए 360 करोड़ रुपए का प्रावधान किया। सरकार ने ये भी घोषणा की कि असंगठित मजदूरों के बेटे-बेटियों को शैक्षणिक शुल्क में छूट मिलेगी। इसके लिए सरकार ने 9 करोड़ रुपए, अध्यापक संवर्ग को 7वां वेतनमान का लाभ देने 299 करोड़, जनजातीय कार्य विभाग के अध्यापकों को 7वां वेतनमान के लिए 204 करोड़, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त विकास निगम नई दिल्ली की देनदारियों का भुगतान करने के लिए किसानों को सूखा फसल क्षति सहायता के लिए 150 करोड़, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और वीवीपैट के लिए वेयर हाउस बनाने के लिए 15 करोड़ रुपए सहित इस पहले अनुपूरक बजट में कई विभागों के लिए वित्तीय प्रावधान किए गए।  

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Dakhal News 25 June 2018


सैफुद्दीन सोज

कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज ने अपने बयान में कश्मीर की आजादी का समर्थन किया है जिसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। नई दिल्ली। कश्मीर को लेकर अक्सर विवादास्पद बयान आते रहते हैं और इस बार एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज ने विवादित बयान दे दिया है। सोज ने अपने बयान में कश्मीर की आजादी का समर्थन किया है जिसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। जानकारी के अनुसार कश्मीर को लेकर दिए एक बयान में सोज ने कहा है कि मुशर्रफ ने कहा था कि कश्मीरी पाकिस्तान में शामिल होना नहीं चाहते, उनकी पहली पसंद आजादी है। यह बयान तब भी सही था और आज भी। मैं भी आज यही कहूंगा लेकिन यह संभव नहीं है। कश्मीर को आजादी मिल जाएगी तो शांति भी होगी और लड़ाई भी नहीं होगी। सोज के इस बयान को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री के रूप में जब उनकी बेटी को जेकेएलएफ ने किडनैप किय था तो उन्हें कई लाभ मिले थे। इस तरह के लोगों की मदद करने का कोई फायदा नहीं। जो यहां रहना चाहता है वो लोकतंत्र को माने और अगर वो मुशर्रफ को पसंद करते हैं तो हम उन्हें एकतरफा यात्रा का टिकट दे देंगे।  

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Dakhal News 22 June 2018


ajay singh rahul

  शिवराज सरकार के खिलाफ कांग्रेस विधायक दल ने बुधवार को विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दे दी। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सुबह विधानसभा पहुंचे और उन्होंने प्रमुख सचिव विधानसभा अवधेश प्रताप सिंह को अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दी। अविश्वास प्रस्ताव की सूचना देने के लिए कांग्रेस विधायकों में से कोई भी मौजूद नहीं था, केवल नेता प्रतिपक्ष वहां थे। नेता प्रतिपक्ष ने आशंका जताई है कि सरकार प्रस्ताव पर चर्चा से बचने के लिए सत्र को समय से पूर्व समाप्त कर सकती है। नेता प्रतिपक्ष ने प्रमुख सचिव सिंह से सवाल किया कि अब तक कितने छोटे सत्र बुलाए गए हैं तो उन्होंने 1986 से लेकर अब तक बुलाए गए ऐसे सत्रों के बारे में बताया। 23 से 26 जून 1986, 17 से 21 दिसंबर 1990, 7 से 11 जुलाई 2008 और 16 से 20 मार्च 2009 चार से छह दिन के सत्र थे। विस के प्रमुख सचिव ने कहा कि पांच दिन के सत्र में भी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा पूरी कराई जा सकती है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने 2013 की तरह षड्यंत्र करना शुरू कर दिया है। पिछली बार एक विधायक को अपने साथ कर लिया था और इस बार मेरे परिवार को इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने मां (सरोज कुमारी) द्वारा अदालत में लगाए गए परिवाद को इसी षड्यंत्र का हिस्सा बताया है।  सदन के दस फीसदी सदस्यों का मत पक्ष में होने पर अविश्वास प्रस्ताव ग्राह्य होता है।आरोप पत्र सौंपने के बाद कम से कम दो दिन का समय सीएम या संबंधित मंत्रियों व सत्ता पक्ष को जवाब देने के लिए समय देना जरूरी है।

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Dakhal News 21 June 2018


प्रणब मुखर्जी

    प्रणब मुखर्जी के नागपुर स्थित संघ मुख्यालय जाने और कार्यक्रम में संबोधन देने को लेकर लगातार बयानबाजी जारी है। उनके इस कदम से जहां कांग्रेस में खलबली मची थी वहीं उनकी बेटी शर्मिष्ठा ने भी अपने पिता को ऐसा ना करने की नसीबत दी थी। इस सब के बावजूद प्रणब कार्यक्रम में शामिल हुए बल्कि संबोधन भी दिया। हालांकि, इसके बाद उनकी कुछ फर्जी तस्वीरें भी वायरल हुईं। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब प्रणब के बेटे अभिजीत ने नाराजगी जताई है। इंडियन एक्सप्रेस के कॉलम दिल्ली कॉन्फिडेंशियल में छपी रिपोर्ट के अनुसार अभिजीत मुखर्जी के टीएमसी में शामिल होने की अफवाहें उड़ रही हैं। फिलहाल अभिजीत अपने पिता की सीट जंगीपुर से सांसद हैं। रिपोर्ट के अनुसार हालांकि, टीएमसी ने पहले भी अभिजीत को संपर्क किया था लेकिन तब उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि टीएमसी में जाना उनके पिता के लिए अपमानजनक होगा। लेकिन प्रणब के नागपुर जाने के बाद अब कहा जा रहा है कि अभिजीत फिर से टीएमसी के ऑफर पर विचार कर रहे हैं। दूसरी तरफ शिवसेना नेता संजय राउत ने दावा किया है कि संघ प्रणब मुखर्जी को 2019 के चुनाव में पीएम उम्मीदवार बना सकता है। हालांकि, शिवसेना के इस दावे को उनकी बेटी शर्मिष्ठा ने यह कहते हुए खारिज किया है कि उनके पिता अप सक्रिय राजनीति में नहीं लौटेंगे।  

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Dakhal News 11 June 2018


अटल जी एम्स में भर्ती

  देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी को सोमवार को एम्स में भर्ती करवाया गया है। नई दिल्ली। देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी को सोमवार को एम्स में भर्ती करवाया गया है। वाजपेयी का स्वास्थ्य ठीक है और उन्हें रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। खबरों के अनुसार आज रात 8 बजे तक उन्हें डिस्चार्ज किया जा सकता है। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री लंबे समय से अस्वस्थ्य हैं और समय-समय पर उनका रूटीन चेकअप होता रहता है। इस बार भी डॉक्टरों की सलाह पर ही उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। अटल बिहारी वाजपेयी की आखिरी तस्वीर 2015 में तब सामने आई थी जब उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नावाजा गया था।  

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Dakhal News 11 June 2018


अमित शाह

  भाजपा के समर्थन के लिए संपर्क अभियान के तहत पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल के सरपरस्त प्रकाश सिंह बादल से मुलाकात की। इस दौरान वहां सुखबीर बादल भी मौजूद थे। इस मुलाकात के साथ शाह ने पंजाब में भाजपा के विस्तार का रास्ता बनाने की ओर कदम बढ़ाएं वहीं दोनों दिग्गज नेताओं ने 2019 लोकसभा चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा की। यह पहला बड़ा मौका है, जब दोनों दलों के नेताओं की आमने-सामने इस तरह मुलाकात हो रही है। शिरोमणि अकाली दल एनडीए का सबसे पुराना साथी है। 1998 में जब अटल बिहारी वाजपेयी सरकार बनाने को लेकर दूसरी पार्टियों का समर्थन जुटा रहे थे, तो प्रकाश सिंह बादल ने सबसे पहले बिना शर्त भाजपा को समर्थन दिया था। यही नहीं अकाली-भाजपा गठबंधन में अभी तक कोई खटास भी नहीं आई है। पंजाब में दोनों दलों ने मिलकर अभी तक तीन कार्यकाल पूरे किए हैं। 2014 में भी अकाली दल के पास सीटें कम होने के बावजूद नरेंद्र मोदी ने बीबी हरसिमरत कौर बादल को कैबिनेट में लेकर अपने गठजोड़ साथी पर विश्वास जताया। यह अलग बात है कि दोनों पार्टियों के प्रदेश स्तरीय नेतृत्व में खटपट लगी रहती है। अकाली दल पिछले चार साल से यह महसूस कर रहा है कि शीर्ष भाजपा नेतृत्व और केंद्र सरकार ने उन्हें वह सहयोग नहीं दिया, जिसकी उन्हें आस थी। अब कर्नाटक में सरकार बनाने में नाकाम रहने के बाद जिस तरह से अमित शाह पुराने सहयोगियों को मनाने की राह पर चल पड़े हैं, उससे अकाली दल की बांछें खिल गई हैं। शिरोमणि अकाली दल के सरपरस्त प्रकाश सिंह बादल के साथ मीटिंग कर अमित शाह भाजपा के सभी लोकसभा प्रभारियों व कोर ग्रुप के साथ बैठक करेंगे। इसमें पार्टी का प्रदेश नेतृत्व तीन की बजाय पांच सीटों की अकाली दल से मांग कर सकता है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी श्री आनंदपुर साहिब और लुधियाना सीटें अकाली दल से लेना चाहती है। उनका कहना है कि दोनों ही सीटें हिदू प्रभाव वाली हैं। लुधियाना सीट वैसे भी अकाली दल पिछले दो बार से लगातार हार रहा है, ऐसे में यह सीट भाजपा को देकर एक बार नया प्रयोग किया जा सकता है। इस अभियान को अमित शाह चंडीगढ़ में भी बढ़ाएंगे। इस अभियान के तहत वह देशभर में बड़ी हस्तियों से मिल रहे हैं। चंडीगढ़ में वह पूर्व ओलंपियन बलबीर सिंह से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों के माध्यम से पार्टी नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाना चाहती है। इसके अलावा वह शहर के व्यापारियों व अन्य प्रतिष्ठित लोगों से मिलेंगे।   

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Dakhal News 7 June 2018


नमो ऐप

नमो ऐप के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों से बात करने की प्रक्रिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को स्वास्थ्य योजनाओं के लाभार्थियों से बात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को फायदा हुआ है। पीएम ने इस बातचीत में उन लोगों के अनुभव भी पूछे जिन्हें भारतीय जनऔषिधि पारियोजना, किफायती कार्डियाक स्टेंट और घुटना प्रत्यारोपण का लाभ मिला है। बातचीत में लाभार्थियों ने भी खुलकर मोदी सरकार की योजनाओं की तारफी की। वहीं, पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने अच्छी और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं जो गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुंच सके इसके लिए अच्छे अस्पतालों का निर्माण और डॉक्टरों की सीटें बढ़ाने का काम किया है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए युवा उद्यमियों से बात की थी।स्टार्ट अप इंडिया के तहत अपना स्वरोजगार स्थापित करने वाले युवा उद्यमियों से उन्होंने कहा कि आज हमारा युवा रोजगार मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बन रहा है। उन्होंने कहा, 'हम दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक हैं। वार्ता के मुख्य अंश प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना के तहत हमने सुनिश्चित किया है कि देश की जनता को दवाइयां कम से कम कीमतों में मिल सके ,किसी भी बीमारी में गरीब के लिए सबसे बड़ी चिंता होती है दवाई, हमने यह सुनिश्चित किया है कि गरीबों को सस्ती दवाई मिल सकें। कटक से जन औषधि केंद्र के लाभार्थी मोहंती दास ने पीएम मोदी को बताया कि पहले उनका महीने में 3 हजार के करीब दवाई का खर्च था, जो अब सिर्फ 500 रुपये तक रह गया है।  ह्रदय रोगियों को सहूलियत देने के लिए हमारी सरकार ने स्टेंट के दामों में 80 से 90% तक की कमी की है। पहले जो स्टेंट 2 -2.5 लाख का मिलता था, अब वो ज़्यादा से ज़्यादा 25 हज़ार में मिलता है ,हर सफलता और समृद्धि का आधार स्वास्थ्य है और हमने विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा 'आयुष्मान भारत' योजना को लागू किया अलवर, राजस्थान से स्वास्थ्य योजना के तहत घुटना प्रत्यारोपण की लाभार्थी लक्ष्मी देवी ने बताया कि वो बहुत परेशान थीं, डॉक्टर्स करीब 4 लाख रुपये मांग रहे थे। फिर मोदी सरकार की योजना के बारे में सुना। आज उनकी जिंदगी खुशहाल है और बहुत सस्ते में उनका इलाज हो गया। स्वास्थ्य योजना के लाभार्थी विजय ने बताया कि डायलिसिस के लिए हर महीने 30-40 हजार रुपया ख़र्च करना पड़ता था लेकिन अब डायलिसिस योजना से इलाज एक दम फ़्री हो रहा है।  

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Dakhal News 7 June 2018


bjp india

  अपराधियों के भय से पलायन को लेकर देशभर में चर्चित कैराना में मोदी बनाम ऑल की लड़ाई में भाजपा हार गई। नूरपुर में भी यही हुआ। दोनों भाजपा की सिटिंग सीटें थीं। सांसद हुकुम सिंह के निधन से खाली हुई कैराना लोकसभा सीट पर उनकी बेटी मृगांका सिंह मैदान में थीं, तो विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह की असामयिक मृत्यु के बाद नूरपुर की सीट पर उनकी पत्नी अवनी सिंह को प्रत्याशी बनाया गया था। भाजपा को दोनों जगह बड़ी उम्मीद थी, लेकिन सहानुभूति की एक लहर तक नहीं उठी। मुख्यमंत्री ने सभा की, मंत्रियों ने डेरा डाला, भाजपा संगठन ने दिन-रात एक कर दिया लेकिन एकजुट विपक्ष के आगे पार्टी असहाय हो गई। भाजपा ने 44618 से कैराना और 5678 वोट से नूरपुर की सीट गंवा दी। भाजपा की सबसे ज्यादा दुर्गति राज्यमंत्री सुरेश राणा व धर्मवीर सिंह सैनी के गढ़ में हुई। हार की वजह कैराना व नूरपुर में मुस्लिमों का ध्रुवीकरण। गन्ना भुगतान को लेकर किसानों की नाराजगी। एससी-एसटी एक्ट में संशोधन को लेकर दलितों में नाराजगी। भाजपा की अंतर्कलह व बाहरी नेताओं को तरजीह देना। भाजपा के परम्परागत वोटर का उदासीन होना। कैराना लोकसभा व नूरपुर विधानसभा सीट पर 28 मई को मतदान हुआ था। सपा, बसपा, रालोद और कांग्रेस की एकजुटता से बने महागठबंधन से पूर्व तबस्सुम हसन को कैराना और नूरपुर से नईमुल हसन को प्रत्याशी बनाया गया था। महागठबंधन ने मुस्लिम, दलित, जाट समीकरण के आधार पर चुनावी रणनीति तैयार की थी। गुरुवार को आए परिणाम में महागठबंधन के प्रयोग पर जनता ने जीत की मोहर लगा दी। कैराना व नूरपुर में मतगणना के शुरुआत से अंत तक भाजपा पिछड़ती रही। 28 चक्र तक चली मतगणना में महागठबंधन प्रत्याशी तबस्मुम हसन ने मृगांका सिंह को 44618 वोट से शिकस्त दी। पांच में तीन विधानसभा में भाजपा की बड़ी दुर्गति हुई। राज्यमंत्री सुरेश राणा की थानाभवन विधानसभा में भाजपा 16336 वोट से हारी, जबकि इसी लोकसभा से दूसरे राज्यमंत्री धर्मवीर सिंह सैनी की नकुड़ विधानसभा से मृगांका सिंह 28117 वोट से पिछड़ गईं। गंगोह विधानसभा में अपना विधायक प्रदीप चौधरी होने के बाद भी भाजपा 12263 वोट से पिछड़ गई। कैराना विधानसभा में भाजपा को चौंकाने वाली 14203 वोट की बढ़त मिली। इसे सहानुभूति वोट के रूप में देखा जा रहा है। शामली में भाजपा किसी तरह 414 वोट से जीत हासिल कर अपनी इज्जत बचा पाई। कैराना लोकसभा सीट पर आए परिणामों को भाजपा की अंतर्कलह, कार्यकर्ताओं की उदासीनता, पिछड़ों में बंटवारे व सत्ता से नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है। दलितों की पसंद भी गठबंधन प्रत्याशी रहा। नूरपुर में नईमुल हसन ने 94866 तथा अवनी सिंह ने 89188 वोट हासिल किए। यहां भाजपा प्रत्याशी अवनी सिंह पिछले विधानसभा चुनाव से दस हजार ज्यादा वोट हासिल करने के बाद भी चुनाव हार गईं। कैराना में भाजपा के पूरी ताकत झोंकने के बाद भी जाट मतदाता रालोद के साथ खड़े दिखे। पूर्व केन्द्रीय मंत्री संजीव बालियान, केन्द्रीय मंत्री सत्यपाल व तमाम जाट विधायक यहां कोई करिश्मा नहीं दिखा पाए, जबकि रालोद सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह व जयंत चौधरी ने कैराना में दिन-रात प्रचार किया। नूरपुर में ज्यादातर जाट मतों के भाजपा के पाले में जाने की चर्चा है। भाजपा ने उपचुनाव नतीजों को ज्यादा महत्व नहीं देते हुए कहा है कि ऐसे चुनावों में लोग प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के लिए मतदान नहीं करते, बल्कि इनके परिणाम स्थानीय मुद्दों से तय होते हैं। पार्टी ने जोर देकर कहा कि 2019 का चुनाव वही जीतेगी। साथ ही पार्टी ने कहा है कि वह उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की अपनी कब्जे वाली सीटों पर हार के कारणों का विश्लेषण करेगी। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजनीति में वह दूसरे दर्जे की खिलाड़ी बनकर रह गई है। उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले हुए ज्यादातर उपचुनावों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इसके बावजूद पार्टी ने विधानसभा चुनावों में 325 सीटें हासिल की थीं। पार्टी के एक अन्य प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हाराव ने भी कहा कि उपचुनावों में स्थानीय मुद्दे और जातिवाद हावी रहता है। संबित पात्रा ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री बनने के लिए "पी" से परफॉरमेंस (प्रदर्शन) और "एम" से मेहनत की जरूरत होती है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास है। उन्होंने दावा किया प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2019 में भाजपा पिछले लोकसभा चुनाव से भी ज्यादा सीटें हासिल करेगी। भाजपा की सहयोगी रह चुकी तेलुगु देसम पार्टी (तेदेपा) ने कहा है कि उपचुनावों के परिणाम नरेंद्र मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण भाजपा के मुंह पर तमाचा हैं। आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री यनामला रामकृष्णनुडु ने कहा कि भाजपा की हार देश के मूड को प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक से भाजपा का पतन शुरू हो चुका है और यह उपचुनाव इसका दूसरा चरण है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का कहना है कि भंडारा-गोंदिया लोकसभा उपचुनाव में उसकी जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तानाशाही कार्यशैली के खिलाफ लोगों के आक्रोश को व्यक्त करती है। पार्टी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि अगर कांग्रेस ने बहुजन विकास अगाधी को समर्थन दिया होता तो भाजपा पालघर सीट भी नहीं जीत पाती।

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Dakhal News 1 June 2018


छत्तीसगढ़ में बीजेपी बदलेगी चुनावी रणनीति

कर्नाटक विधानसभा के बाद उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी की करारी हार के बाद अब पार्टी छत्तीसगढ़ में कोई कोर-कसर छोड़ने को तैयार नहीं है। रायपुर। कर्नाटक विधानसभा के बाद उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी की करारी हार के बाद अब पार्टी छत्तीसगढ़ में कोई कोर-कसर छोड़ने को तैयार नहीं है। विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर केंद्रीय नेताओं का दौरा तेज हो गया है। राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बाद अब केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले 15 दिनों में प्रदेश का दौरा करेंगे और पार्टी की चुनावी स्थिति के जमीनी आकलन के साथ जीत की रणनीति भी बनाएंगे। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान को जीत के छठवें द्वार के रूप में देख रही है। पार्टी ने कर्नाटक, गुजरात और उत्तर प्रदेश चुनाव, राजस्थान में उपचुनाव, कर्नाटक उपचुनाव को पांच द्वार माना है। पार्टी सूत्रों की मानें तो अब छठवें द्वार में जीत ही मिशन 2019 में भाजपा की नैया को पार कराने वाला होगा। यही कारण है कि जेपी नड्डा चार जून को न सिर्फ पत्रकारों से चर्चा करेंगे, बल्कि पार्टी पदाधिकारियों का फीडबैक भी लेंगे। पार्टी में अब तक हुए चुनावी सर्वे, बस्तर और सरगुजा में पार्टी की वर्तमान स्थिति, आइटी सेल और मोर्चा पदाकिारियों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। जेपी नड्डा को संगठन का करीबी माना जाता है, ऐसे में अमित शाह के दौरे से पहले नड्डा की बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नड्डा लंबे समय तक प्रदेश प्रभारी भी रहे हैं। माना जा रहा है कि उनके फीडबैक के बाद जब राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 10 जून को अंबिकापुर आएंगे, तो विकास यात्रा में उमड़ी जनता के मूड को भांपने के साथ संगठन की तैयारियों की भी जानकारी लेंगे। मिशन 2019 को देखते हुए दुर्ग लोकसभा क्षेत्र पर भाजपा ने अभी से फोकस कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भिलाई में 14 जून को कार्यक्रम है। वे यहीं से चुनावी बिगुल फूकेंगे। मोदी के कार्यक्रम को लेकर सरकार और संगठन अभी से सक्रिय हो गए हैं। पिछले चुनाव में दुर्ग लोकसभा से सरोज पांडेय की हार के लिए संगठन के नेताओं की गुटबाजी को जिम्मेदार पाया गया था। उत्तर प्रदेश के मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने भी अपनी रिपोर्ट में कैडर को मजबूत बताया, लेकिन नेताओं की आपसी गुटबाजी का हार का मुख्य कारण माना था। अब मोदी न सिर्फ संगठन को संदेश देंगे, बल्कि नेताओं को एकजुट करने की कोशिश भी करेंगे। भाजपा के आला नेताओं की मानें तो मिशन 2019 का रास्ता छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान से खुलेगा। पिछले चुनाव में पार्टी ने 11 में से दस लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। पार्टी के बड़े नेताओं के दौरे में सांसदों के रिपोर्ट कार्ड की जांच होगी और कमजोर परफार्मेंस वाले सांसदों को आखिरी अल्टीमेटम भी दिया जाएगा। साथ ही पार्टी 9 व 10 जून को केन्द्रीय योजना से लाभान्वित लोगों का सम्मेलन करने जा रही है, जिसमें अमित शाह भी शामिल होंगे। भाजपा के केंद्रीय नेता अगले 15 दिन में रायपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग की नब्ज टटोलेंगे। यहां की 34 विधानसभा सीटों पर भाजपा को जीत मिली है, जबकि कांग्रेस के खाते में 20 सीट है। इसमें दुर्ग संभाग में भाजपा की स्थिति कमजोर है, जबकि सरगुजा संभाग में सात-सात सीट कांग्रेस और भाजपा के पास है। रायपुर संभाग में कांग्रेस के मुकाबले भाजपा की स्थिति बेहतर है।    

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Dakhal News 1 June 2018


जोगी की हालत में सुधार

  छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अजीत जोगी को गुरुवार को वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया। अब उनका ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट, ऑक्सीजन सेचुरेशन, रेस्पिरेटरी रेट, यूरिन आउटपुट समेत सभी शारीरिक प्रक्रियाएं सामान्य हो गई हैं। जोगी संक्रमण मुक्त हो गए हैं। गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती होने के 39 घंटे बाद डॉक्टरों ने जोगी से पहली बार पत्नी डॉ. रेणु जोगी, पुत्र अमित जोगी और बहू रिचा जोगी को मुलाकात करने दी। मेदांता हॉस्पिटल से जारी मेडिकल बुलिटेन के अनुसार गुरुवार दोपहर 3.10 बजे जोगी का वेंटिलेटर सपोर्ट हटाया गया। अब वे खुद बिना किसी परेशानी के सांस ले पा रहे हैं। जोगी को दो महीनों से ब्लड और फेफड़े में संक्रमण था। भविष्य में इस तरह का संक्रमण न हो, इसका उपचार मेदांता के डॉक्टर नरेश त्रेहन और यतिन मेहता ने शुरू कर दिया है। अभी जोगी को आइसीयू के नेगेटिव प्रेशर रूम में रखा गया है। जोगी ने पत्नी, पुत्र और बहू के सामने अपने शुभचिंतकों के प्रति आभार जताया है। उन्होंने शायराना अंदाज में कहा है, 'पहाड़ों का सफर है, शीशे का बदन है, ठीक हो रहा हूं, आपकी दुआओं का असर है"।  बुवार रात को सोशल मीडिया में जोगी के स्वास्थ्य पर दुष्प्रचार करने वाला मैसेज पोस्ट किया गया। इससे नाराज जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ता गुस्र्वार को सिविल लाइन थाना पहुंचे और पुलिस से आइटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की मांग की।

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Dakhal News 1 June 2018


पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव हिंसा में 6 की मौत

पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए मतदान जारी है। सुबह 7 बजे से शुरू हुए मतदान के बाद 11 बजे तक 26.28 प्रतिशत वोट पड़े थे। इस बीच कड़े सुरक्षा इंतजामों के बावजूद हुई हिंसा में अब तक 6 लोगों की मौत हो गई है वहीं 50 से ज्यादा घायल हो गए हैं। जानकारी के अनुसार दक्षिण 24 परगना में टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई वहीं वाम नेता की पत्नी की हत्या कर दी गई। इसके अलावा अलीपुरद्वार में कई लोग घायल हुए हैं जबकि उत्तर 25 परगना में एक क्रूड बम धमाके में 20 लोग घायल हुए हैं। इससे पहले राज्य के कूच बिहार में हुई झड़प में 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए वहीं कई वाहनों को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों के अनुसार वो लोग मतदान करने के लिए गए थे लेकिन इस बीच टीएमसी के समर्थकों ने उ न पर हमला कर दिया। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। इसके अलावा मुर्शिदाबाद में बूथ कैप्चरिंग की घटना सामने आई है जबकि पनीहाटी में एक भाजपा कार्यकर्ता को चाकू मारकर घायल कर दिया गया है। राज्य चुनाव में हिंसा को लेकर भाजपा ने टीएमसी पर निशाना साधा है। भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह बेहद निंदनीय है। घटनाएं बताती हैं कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी के राज में राजनीतिक हिंसा ने पूरे राज्य को चपेट में ले लिया है और यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। बता दें कि चुनाव के पहले राज्य में हुई हिंसा को देखते हुए सभी बूथों पर सशस्त्र बलों की तैनाती की गई है। अतिसंवेदनशील व संवेदनशील बूथों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इस बार पंचायत चुनाव में सत्ताधारी टीएमसी और विपक्षी भाजपा के बीच जोरदार लड़ाई देखने को मिल रही है। अगले साल होने आम चुनावों से पहले के प्रमुख चुनाव होने के कारण इस चुनाव की अहमियत काफी बढ़ गई है। राजनीतिक दल इसे लोकसभा चुनावों से पहले अपनी ताकत के परीक्षण के तौर पर देख रहे हैं। चुनावों की गणना 17 मई को होगी। अगर किसी कारणवश जरूरत पड़ी तो 16 मई को पुनर्मतदान हो सकते हैं। पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, 3,358 ग्राम पंचायतों की 48,650 में से 16,814 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। वहीं 31 पंचायत समितियों की 9,217 में से 3,059 सीटों पर उम्मीदवारों को निर्विरोध चुना गया है। इसी तरह 20 जिला परिषदों की 825 में से 203 सीटों पर मुकाबला निर्विरोध रहा है। चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान हुई हिंसा को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस, भाजपा, और वाम मोर्चा के नेताओं ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। विपक्ष का आरोप है कि सत्तारूढ़ टीएमसी ने नामांकन प्रक्रिया के दौरान हिंसा की, वहीं तृणमूल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि विपक्ष का कोई जनाधार नहीं है और वह चुनाव से बचने का प्रयास कर रहे थे। तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों पर हिंसा का आरोप लगाते हुए विपक्षी पार्टियों हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी गुहार लगाई थी। वहीं नामांकन दाखिल करने से रोके जाने के विपक्ष के आरोपों के चलते हाईकोर्ट ने उम्मीदवारों को वाट्सऐप और ईमेल के जरिये भी नामांकन भरने की इजाजत दी थी।  

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Dakhal News 14 May 2018


चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा

  सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा लाए गए महाभियोग प्रस्ताव को उपराष्ट्रपति द्वारा खारिज किए जाने के बाद अब कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। खबरों के अनुसार कांग्रेस के राज्यसभा सांसदों प्रताप सिंह बाजवा और अमी हर्षाद्रे याज्ञिक ने सुप्रीम कोर्ट में उपराष्ट्रपति के इस फैसले को चुनौती दी है। अपनी याचिका में इन नेताओं ने कहा है कि एक बार सांसदों ने चीफ जस्टिस को हटाने के लिए मोशन प्रस्तुत कर दिया तो उपराष्ट्रपति के पास कोई विकल्प नहीं होता सिवाए इसके कि वो एक जांच कमेटी बनाएं जो चीफ जस्टिस के खिलाफ लगे आरोपों की जांच करे। इसके साथ ही कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने इस मामले की जस्टिस चेलमेश्वर के सामने अर्जेंट लिस्टिंगी की अपील की है। वहीं जस्टिस चेलमेश्वर ने इसे लेकर कहा है कि मास्टर ऑफ रोस्टर को लेकर संवैधानिक बेंच का फैसला है और ऐसे में याचिका चीफ जस्टिस के सामने पेश होनी चाहिए। इस पर सिब्बल ने कहा है कि महाभियोग प्रस्ताव खुद चीफ जस्टिस के खिलाफ है और ऐसे में सबसे वरिष्ठ जज इस याचिका की सुनवाई करे।  

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Dakhal News 7 May 2018


ajit jogi

  जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ सोमवार से 'हमर संग जोगी अभियान" शुरू करने जा रही है। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता दो महीने में 20 हजार गांवों में पहुंचेंगे और कैम्प लगाकर सात कामों को अंजाम देंगे। इसके अलावा, पार्टी के अध्यक्ष अजीत जोगी के शपथपत्र की प्रति भी जनता तक पहुंचाई जाएगी, जो कि पार्टी का मुख्य चुनावी घोषणापत्र होगा। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के मुख्य प्रवक्ता सुब्रत डे ने बताया कि 'हमर संगर जोगी अभियान" सात मई से सात जुलाई तक चलेगा। इस दौरान पार्टी के नेता और कार्यकर्ता गांवों में पहुंचेंगे। कैम्प लगाकर काबिज जमीन और घर पर सबको जोगी पट्टा देने का लिखित में वादा किया जाएगा। मोबाइल पर जॉब गारंटी का फॉर्म भेजा जाएगा। गांवों का जल इकट्ठा करके जल आरती होगी और प्रदेश के पानी पर छत्तीसगढ़ियों का पहला अकिार की शपथ ली जाएगी। बूथवार जोगी महिला वाहिनी का गठन किया जाएगा। पन्ना मितानों की बैठक ली जाएगी और बूथ जीतने की रणनीति बनेगी। सभी गांवों में पूर्ण शराबबंदी का संकल्प लिया जाएगा। गांवों की समस्याओं का संकलन करके पुलिंदा तहसील या जिला कार्यालय को सौंपा जाएगा और समस्याओं के निराकरण के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम देंगे। इस समयाि में समस्याएं दूर नहीं हुईं तो तहसील या जिला कार्यालय का घेराव किया जाएगा।  

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Dakhal News 7 May 2018


पीएम नरेंद्र मोदी

  कर्नाटक विधानसभा चुनाव के पहले पीएम नरेंद्र मोदी लगातार रैलियां और नमों ऐप के माध्यम से कार्यकर्ताओं से बात कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने सोमवार को भी ऐप के जरिए युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं से बात की। अपनी बातचीत में पीएम मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। पीएम बोले कि '1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हिंसा भड़की थी। ऐसा लगता है कि उसके बाद से ही यह हिंसा देश के राजनीतिक तंत्र का हिस्सा बन चुकी है। त्रिपुरा, केरल और कर्नाटक में हमारे कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है। यह लोकतंत्र में अच्छा नहीं लगता, इस हिंसा को रोका जाना चाहिए।' प्रधानमंत्री ने कहा कि 'जब एक व्यक्ति अपने आप में भरोसा खो देता है और उसमें सच बोलने और मानने की क्षमता नहीं होती तो वो राजनीतिक हिंसा का रास्ता चुनता है। ' इससे पहले पीएम ने कहा, ‘कर्नाटक का चुनाव भाजपा के कार्यकर्ता नही बल्कि कर्नाटक की जनता लड़ रही है।‘ युवाओं की तारीफ करते हुए पीएम ने कहा कि कर्नाटक के युवाओं ने हर क्षेत्र में खुद को साबित किया है। बता दें कि 1 मई से ही उन्होंने कर्नाटक में चुनाव प्रचार की कमान अपने हाथ में ले रखी है और अब वे पार्टी कार्यकर्ताओं को भी नमो मंत्र दे रहे हैं। इसकी जानकारी पीएम ने खुद अपने ट्विटर हैंडल पर दी। उन्होंने लिखा, 'हमारे युवा कार्यकर्ता जोश से लबरेज हैं और केंद्र सरकार के बेहतर काम को लोगों तक पहुंचाने में काफी अहम भूमिका निभा रहे हैं। ये कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर पार्टी के लिए काम कर रहे हैं और लगातार पार्टी की आगे पहुंचाने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं।' बता दें कि इससे पहले एक मई को पीएम मोदी ने भाजपा के किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं से भी नमो ऐप के जरिये संवाद किया था और उनका मनोबल बढ़ाने की कोशिश की थी। कर्नाटक चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री मोदी तमाम रैलियां कर रहे हैं। उन्होंने 1 मई से अपना चुनावी अभियान शुरू किया था पहले ही दिन धुआंधार तीन रैलियां की थी। वहीं, राज्य में पीएम की रैली में बढ़ते जनसैलाब के बाद उन्होंने रैलियों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। अब वे राज्य में 21 रैलियां करेंगे। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे भाजपा और कांग्रेस की आक्रमकता बढ़ती जा रही है। लगातार दोनों ही दल के शीर्ष नेता एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। गौरतलब है कि कर्नाटक में 12 मई को मतदान होगा, जबकि 15 मई को चुनाव के परिणाम घोषित किये जाएंगे।    

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Dakhal News 7 May 2018


कर्नाटक विधानसभा चुनाव

  कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए ज्यादा दिन नहीं बचे हैं और ऐसे में सियासी पारा चढ़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राज्य में चार रैलियां सबोधित करने पहुंचे। उन्होंने टुमकुर में अपनी पहली रैली को संबोधित किया और उनके निशाने पर एक बार फिर कांग्रेस थी। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पिछले कई सालों से गरीब, गरीब चिल्लाती आ रही है लेकिन आजतक उनकी जिंदगी बेहतर करने के लिए कुछ नहीं किया। अब उन्होंने गरीब कहना बंद कर दिया क्योंकि लोगों ने एक गरीब परिवार के शख्स को पीएम बना दिया। पीएम ने कहा कि कांग्रेस गरीब-गरीब की माला जपकर राजनीति कर रही है। कांग्रेस को 50 साल काम करने का मौका मिला लेकिन उनके लिए कुछ नहीं किया। अगर इस दौरान कांग्रेस किसान के खेत तक पानी पहुंचाती तो जमीन सोना उगलती। कांग्रेस रोज एक नया झूठ बोलती है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इंदिरा गांधी के समय से कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए लोगों को मूर्ख बनाती आ रही है। वो पार्टी झूठी है और वोट के लिए वो फिर झूठ बोलेंगे। वो किसानों के बारे में नहीं सोचते और ना ही गरीबों के बारे में। लोग कांग्रेस से परेशान हो गए हैं।  

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Dakhal News 5 May 2018


kamalanath

  मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और सांसद कमलनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राहुल गांधी के 15 साल में 15 मिनट भी नहीं बोलने पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री संसद में चर्चा कराने से बचते हैं। वे संसद में अपने सहयोगी दलों से खुद हंगामा कराते हैं। कमलनाथ ने यह बात बुधवार को अपने निवास पर मीडिया से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हो रहा है जो पार्टी सत्ता में है वही संसद नहीं चलने दे रही। संसद वो इसलिए नहीं चलने देना चाहते, क्योंकि उन्हें वहां जवाब देना होगा कि नीरव मोदी के मामले में कब स्वीकृति मिली। ये नहीं चाहते थे कि संसद में कोई खुलासा हो, क्योंकि कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होना है। साथ ही कमलनाथ ने ट्वीट भी किया, जिसमें उन्होंने शिवराज पर तंज कसा है कि कुछ लोग 15 साल भी लगातार बोलें तो भी उनके अलावा किसी को समझ नहीं आएगा। वे 13 साल से रटा रटाया ही बोल रहे हैं। कमलनाथ ने पदभार ग्रहण करने के दूसरे दिन की शुरूआत लालघाटी स्थित हनुमान मंदिर में पूजा के साथ की। यहां से वे उज्जैन में महाकाल मंदिर पहुंचे और वहां से दतिया में पीतांबरा पीठ के दर्शन करने पहुंचे। इसके पूर्व कमलनाथ ने मंगलवार को आयोजित रैली को लेकर कार्यकर्ताओं का आभार माना और आमजनों से परेशानी होने पर माफी मांगी है।

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Dakhal News 3 May 2018


amit shah

  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह शुक्रवार को सिर्फ दो घंटे के लिए भोपाल आएंगे। इस दौरान वे सिर्फ भेल दशहरा मैदान पर आयोजित भाजपा की प्रदेश विस्तृत बैठक को संबोधित करेंगे। वे सुबह साढ़े दस बजे विशेष विमान से भोपाल पहुंचेंगे और सीधे कार्यक्रम स्थल पर जाएंगे। इससे पहले प्रदेश भाजपा के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह के नेतृत्व में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक होगी। सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद शाह का यह पहला दौरा है। इसमें पार्टी के संगठन महामंत्री रामलाल भी मौजूद रहेंगे।  

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Dakhal News 3 May 2018


पीएम मोदी बोले -कांग्रेस सरकार ने कर्नाटक को कर्ज में डुबोया

  कर्नाटक चुनाव में धुआंधार प्रचार को जारी रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को बेल्लारी, कलबुर्गी और बेंगलुरु पहुंचे। यहां उन्होंने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। बेल्लारी में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने कांग्रेस पर इतिहास को बर्बाद करने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री बोले कि कांग्रेस ने बल्लारी का इतिहास और लिजेसी को बर्बाद किया। शहर को बदनाम कर कांग्रेस ने यहा के लोगों का अपमान किया है। आपका उत्साह दिखाता है कि कांग्रेस कर्नाटक में हारने वाली है। प्रधानमंत्री आगे बोले कि राज्य में बढ़ते खनन माफिया को देखें, कांग्रेस सरकार ने राज्य में इसस निपटने के लिए कोई पॉलिसी नहीं बनाई। कर्नाटक में अब सिद्दा-रुपया सरकार है। इस सरकार ने राज्य को कर्ज में डूबो दिया है। भाजपा को इससे पहले जब राज्य की सेवा का मौका मिला तो हमने कई विकास कार्य किए। लेकिन दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि राज्य में पानी के इतने स्त्रोत होने के बावजूद सरकार ने किसानों तक पानी नहीं पहुंचाया। इससे पहले कलबुर्गी में प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां मौजूद भीड़ को देखकर लगता है कि कर्नाटक की जनता को मई की गर्मी मंजूर है लेकिन राज्य में कांग्रेस की सरकार नहीं। पीएम ने आगे कहा कि यह चुनाव कर्नाटक का भविष्य तय करेगा। यह महिलाओं की सुरक्षा और किसानों के विकास के लिए है ना कि सिर्फ विधायक चुनने के लिए। पीएम ने आगे कहा कि कांग्रेस सैनिकों और उनके त्याग का सम्मान नहीं करती। जब हमारे सैनिकों ने पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक की तो कांग्रेस ने मुझसे पूछा की इसके सबूत कहां हैं। कर्नाटक की धरती वीरों की धरती है। लेकिन कांग्रेस ने फील्ड मार्श करिअप्पा और जनरल थिमैया के साथ कैसा व्यवहार किया? इतिहास इसका गवाह है। 1948 में पाकिस्तान को हराने के बाद उस समय के प्रधानमंत्री नेहरू और रक्षा मंत्री रक्षा मंत्री कृष्णा मेनन ने जनरल थीमय्या का अपमान किया। कांग्रेस चाहती थी कि हमारे सैनिक सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान बंदूकों की बजाय कैमरे लेकर जाते। प्रधानमंत्री आगे बोले कि कांग्रेस दलितों की बात करती है लेकिन वो धोखा दे रही है। पिछले चुनाव में उसने कहा था कि वो खड़गे को मुख्यमंत्री बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं किया। कांग्रेस इसी तरह से राजनीति करती है। राहुल गांधी के कैंडल मार्च पर तंज कसते हुए कहा कि मैं कांग्रेस के लोगों से पूछना चाहता हूं जिन्होंने दिल्ली में कैंडल मार्च निकाला था कि तब उनकी कैंडल्स कहां थीं जब बिदार में एक दलित लड़की पर अत्याचार हुआ। इससे पहले प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल को याद करते हुए कहा कि उनका कलबुर्गी से गहरा रिश्ता रहा है। सरदार पटेल ही थे जिन्होंने इसे देश के साथ जोड़ा। लेकिन सरदार पटेल के लिए तिरस्कार कांग्रेस के स्वभाव में है। कांग्रेस शहीदों और देशभक्तों को भुलाना चाहती है।    

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Dakhal News 3 May 2018


रिपोर्ट में खुलासा, राहुल के विमान के ऑटो पायलट में हुई थी खराबी

  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विमान में गुरुवार को आई खराबी को लेकर कांग्रेस ने छेड़छाड़ की आशंका जताई है वहीं ऑपरेटर की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिक्कत ऑटो पायलट मोड में थी। डीजीसीए ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि विमान के ऑटो पायलट मोड में कुछ दिक्कत आ गई थी जिसके बाद उसे मेन्यूअल मोड में डाला गया और विमान सुरक्षित रूप से लैंड हो गया। इसमें आगे कहा गया है कि ऑटो पायलट मोड के फेल होने की घटना आम है। घटना की जांच के लिए दो सदस्यों वाली कमेटी का गठन कर दिया गया है जो 2-3 हफ्ते में रिपोर्ट दे देगी। बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार करने हुबली पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विमान में उड़ान के दौरान गुरुवार सुबह अचानक खराबी आ गई थी। इस कारण विमान की लैंडिंग इतनी खराब रही कि अंदर बैठे राहुल समेत चारों यात्रियों की जान पर बन आई थी। पार्टी ने "जानबूझकर की गई छेड़छाड़" की आशंका जताते हुए इस मामले की गहराई से जांच कराने की मांग की थी। इस पर दिल्ली में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा कि वह मामले की जांच करेगा। कांग्रेस ने इस संबंध में गुरुवार को पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई। इसमें दो पायलटों को नामित किया गया है। कर्नाटक के पुलिस प्रमुख नीलमणि एन. राजू को दी गई शिकायत में कहा गया है कि दिल्ली से हुबली के लिए दो घंटे की उड़ान के दौरान विमान में कई "अस्पष्ट तकनीकी खामियां" सामने आईं। विमान में जबर्दस्त झटके लग रहे थे, जिसके बाद वह एक तरफ झुक गया और उसमें चरमराने की आवाज आने लगी। विमान का ऑटो पायलट सिस्टम भी काम नहीं कर रहा था। विमान तीसरी कोशिश में सुबह करीब 11.25 बजे हुबली एयरपोर्ट पर उतर पाया। इस दौरान वह बुरी तरह हिल रहा था। जबकि उस वक्त बाहर का मौसम बिल्कुल साफ था, धूप खिली हुई थी और हवा की रफ्तार भी सामान्य थी। इस दौरान चालक दल के सदस्य भी खासे सहम गए थे।

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Dakhal News 27 April 2018


रिपोर्ट में खुलासा, राहुल के विमान के ऑटो पायलट में हुई थी खराबी

  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विमान में गुरुवार को आई खराबी को लेकर कांग्रेस ने छेड़छाड़ की आशंका जताई है वहीं ऑपरेटर की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिक्कत ऑटो पायलट मोड में थी। डीजीसीए ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि विमान के ऑटो पायलट मोड में कुछ दिक्कत आ गई थी जिसके बाद उसे मेन्यूअल मोड में डाला गया और विमान सुरक्षित रूप से लैंड हो गया। इसमें आगे कहा गया है कि ऑटो पायलट मोड के फेल होने की घटना आम है। घटना की जांच के लिए दो सदस्यों वाली कमेटी का गठन कर दिया गया है जो 2-3 हफ्ते में रिपोर्ट दे देगी। बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार करने हुबली पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विमान में उड़ान के दौरान गुरुवार सुबह अचानक खराबी आ गई थी। इस कारण विमान की लैंडिंग इतनी खराब रही कि अंदर बैठे राहुल समेत चारों यात्रियों की जान पर बन आई थी। पार्टी ने "जानबूझकर की गई छेड़छाड़" की आशंका जताते हुए इस मामले की गहराई से जांच कराने की मांग की थी। इस पर दिल्ली में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा कि वह मामले की जांच करेगा। कांग्रेस ने इस संबंध में गुरुवार को पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई। इसमें दो पायलटों को नामित किया गया है। कर्नाटक के पुलिस प्रमुख नीलमणि एन. राजू को दी गई शिकायत में कहा गया है कि दिल्ली से हुबली के लिए दो घंटे की उड़ान के दौरान विमान में कई "अस्पष्ट तकनीकी खामियां" सामने आईं। विमान में जबर्दस्त झटके लग रहे थे, जिसके बाद वह एक तरफ झुक गया और उसमें चरमराने की आवाज आने लगी। विमान का ऑटो पायलट सिस्टम भी काम नहीं कर रहा था। विमान तीसरी कोशिश में सुबह करीब 11.25 बजे हुबली एयरपोर्ट पर उतर पाया। इस दौरान वह बुरी तरह हिल रहा था। जबकि उस वक्त बाहर का मौसम बिल्कुल साफ था, धूप खिली हुई थी और हवा की रफ्तार भी सामान्य थी। इस दौरान चालक दल के सदस्य भी खासे सहम गए थे।

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Dakhal News 27 April 2018


narmda

  महाकौशल और 1600 किमी की नर्मदा अब भाजपा और कांग्रेस के लिए गढ़ बन गई है। चुनाव से पूर्व महाकोशल में संगठन के 'कौशल' का दांव लग चुका है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा यात्रा की शुरुआत की थी। उन्होंने तकरीबन 1500 किमी की परिक्रमा की और नर्मदा को बचाने के लिए 6 करोड़ पौधे नर्मदा किनारे रोपे। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 6 माह 11 दिन नर्मदा परिक्रमा की। उन्होंने 110 विधानसभा क्षेत्रों की यात्रा की। इसके बाद नर्मदा से जुड़े मुद्दे राजनीति के मुद्दे बन गए। कितने पौधे रोपे गए और उसमें से कितने पौधे जीवित बचे, इन पर राजनीति शुरू हो गई। भाजपा और कांग्रेस ने संगठन की जवाबदारी महाकोशल के दो बड़े नेताओं को सौंप दी है। भाजपा ने महाकोशल क्षेत्र से राकेश सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है तो वहीं कांग्रेस ने भी एक सप्ताह के अंदर महाकोशल क्षेत्र के वरिष्ठ नेता कमलनाथ को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। इससे अब पूरे प्रदेश की राजनीति महाकोशल और नर्मदा से जुड़े मुद्दों पर टिक गई है। पिछले साल मंडला में एक कार्यक्रम में पहुंचे एक दर्जन विधायकों ने कमलनाथ को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने आवाज उठाई थी। इसके बाद सालभर में करीब दस बार कमलनाथ को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा चली, लेकिन कुछ नहीं हुआ। यहां तक कि विधायकों का एक प्रतिनिधि मंडल ने राहुल गांधी से मिलकर कमलनाथ को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने की मांग की, लेकिन उस वक्त राहुल गांधी ने कहा था कि अरुण यादव से मिलें। इससे सभी विधायक सकते में आ गए थे। महाकोशल क्षेत्र- जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, बालाघाट, सिवनी, डिंडौरी। कुल सीट - 38 भाजपा - 24 कांग्रेस - 13 निर्दलीय - 1 नर्मदा से जुड़े मुद्दे भाजपा और कांग्रेस के लिए राजनीति का केन्द्र बन गए हैं। दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा के दौरान कमलनाथ दो बार उनकी परिक्रमा में शामिल हुए। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और सांसद कमलनाथ के बीच गठजोड़ वहीं से शुरू हो गया था। नर्मदा परिक्रमा के समापन दिवस पर भी कमलनाथ पहुंचे। इसके बाद वे दोबारा शंकराचार्य स्वरूपानंद जी का आशीर्वाद लेने झोंतेश्वर आए। दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा के दौरान ही कमलनाथ को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने दिग्विजय सिंह का समर्थन मिल गया था। नर्मदा से जुड़े मुद्दों पर राजनीति करना है, इसके संकेत भी उन्हें मिल गए थे। विधिक विमर्श कार्यक्रम में कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह से मंच से ही पूछा था कि नर्मदा किनारे कितने पौधे आपको दिखाई दिए जोकि सीएम ने लगाए थे, दिग्जिवय सिंह ने कहा कि उन्हें कोई पौधा रोपा हुआ दिखाई नहीं दिया। वहीं मुख्यमंत्री ने नर्मदा घोटाला उजागर करने वालों को राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया। महाकोशल में भाजपा की 24 सीटें हैं, लेकिन जो गुप्त रिपोर्ट भाजपा के पास पहुंची है उसके अनुसार भाजपा अधिकतर सीटें विधानसभा चुनाव में हार रही है। यह जानकारी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास भी पहुंची है। इससे भाजपा ने महाकोशल क्षेत्र के ही नेता को प्रदेशाध्यक्ष बनाकर कुछ हद तक इस क्षेत्र का जनाधार खिसकने से रोकने की कोशिश की। भाजपा में प्रदेशाध्यक्ष महाकोशल का बनते ही कांग्रेस ने भी महाकोशल क्षेत्र के नेता कहे जाने वाले कमलनाथ पर अपना दांव चल दिया। कांग्रेस की महाकोशल में केवल 13 सीटें हैं।

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Dakhal News 27 April 2018


राहुल का मोदी पर हमला, कहा- खुद की बात करते हैं पीएम

   कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को "संविधान बचाओ" राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला। राहुल ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी को देश में हो रही घटनाओं से कोई मतलब नहीं, वो सिर्फ अपने मन की बात करते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष बोले कि पिछले 70 सालों में कांग्रेस ने इस देश को बनाने और सम्मान बढ़ाने का काम किया है लेकिन जब से भाजपा और आरएसएस सत्ता में आई है तब से दुनिया में भारत की छवि खराब हो रही है। संविधान ने हमें आईआईटी, आईआईएम और संसद दी, हम इतने सालों इनका सम्मान करते आए लेकिन भाजपा सरकार इनका सम्मान नहीं करती। राहुल गांधी ने कहा कि अपनी किताब कर्मयोग में पीएम मोदी वाल्मिकी समाज के लोगों द्वारा सफाई के काम को उन्होंने स्पिरिचुअल अनुभव करार दिया है, यह उनकी दलित विरोधी मानसिकता को दिखाता है राहुल ने आगे कहा कि पीएम ने अपने सांसदों को कहा है कि मीडिया को मसाला ना दें और चुप रहें, केवल मैं बोलूंगा और अपने मन की बात करूंगा। पीएम मोदी संसद में नहीं बोलते अगर मुझे संसद में 15 मिनट बोलने का मौका दे दिया जाए तो प्रधानमंत्री मेरे सामने खड़े नहीं हो सकते। राहुल आगे बोले कि देश में दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं, मीडिया को दबाया जा रहा है, बच्चियों के साथ दुष्कर्म होता है लेकिन मोदी जी को इससे कोई मतलब नहीं, वो सिर्फ यह जानते हैं कि पीएम कैसे बना जाता है। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दलितों में पैठ पुख्ता करने की रणनीति के तौर देखे जा रहे इस अभियान की शुरुआत के मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पार्टी महासचिव गुलाम नबी आजाद, वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खडगे, सुशील कुमार शिंदे समेत कई और वरिष्ठ नेताओं के मौजूद थे। इनके अलावा पार्टी के पूर्व और मौजूदा दलित सांसद, विधायक, जिला परिषद तथा पंचायत समितियों के सदस्य भी कार्यक्रम में शिरकत कर रहे हैं, जिन्हें दलितों के मौजूदा हालात के बारे में जागरूक किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक ये लोग ऐसे ही अभियान राज्यों में चलाएंगे। पार्टी के एक नेता ने कहा- "भाजपा शासन में संविधान खतरे में है। दलितों को शिक्षा और रोजगार के मौके देने से इनकार किया जा रहा है। कार्यक्रम इन मुद्दों को देश भर में उठाने के लिए है। मालूम हो कि देश भर में करीब 17 फीसदी दलित मतदाता हैं। लोकसभा में 84 सीटें अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए सुरक्षित हैं। भाजपा ने 2014 में इन सीटों में से करीब आधी सीटें जीती थीं। जबकि कांग्रेस को इनमें से सिर्फ तीन-चार सीटें ही मिलीं।  

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Dakhal News 23 April 2018


नायडू ने खारिज किया CJI के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव

  कांग्रेस समेत 7 विपक्षी दलों की सीजेआई दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग की कोशिशों को करारा झटका लगा है। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति वैकेंया नायडू ने कांग्रेस के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। जानकारी के अनुसार उपराष्ट्रपति ने इसे तकनीकी आधार पर खारिज किया है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के इस प्रस्ताव में 71 सांसदों के हस्ताक्षर थे जिनमें से 7 सांसद रिटायर हो चुके हैं और इसी को आधार बनाते हुए उपराष्ट्रपति ने इस प्रस्ताव को खारिज किया है। साथ ही उपराष्ट्रपति ने इस प्रस्ताव को राजनीति से प्रेरित भी बताया है। उन्होंने कहा है कि प्रस्ताव में चीफ जस्टिस पर लगाए गए सभी आरोपों को मैंने देखा और साथ ही उसमें लिखी अन्य बातें भी देखीं। प्रस्ताव में जो फैक्ट बताए गए हैं वो ऐसा केस नहीं बनाते जिससे इस बात को माना जा सकता की चीफ जस्टिस को इन बातों के आधार पर दुर्व्यवहार का दोषी माना जाए। उपराष्ट्रपति के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता नलीन कोहली ने कहा कि कांग्रेस की सारी बाते हवा में होती है। न्यायपालिका का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। इससे पहले उपराष्ट्रपति नायडू इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए अपना हैदराबाद का दौरा बीच में छोड़कर रविवार को ही दिल्ली लौट आए थे। रविवार की शाम जिनसे उनकी चर्चा हुई उनमें लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष कश्यप, पूर्व विधि सचिव पीके मलहोत्रा, पूर्व विधायी सचिव संजय सिंह व राज्यसभा सचिवालय के अधिकारी शामिल थे। बताते हैं कि देर शाम सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सुदर्शन रेड्डी से भी उनकी मुलाकात हुई। सूत्रों का कहना है कि यह एक प्राथमिक चर्चा थी जिसमें यह देखा गया कि सबकुछ कानून सम्मत है या नहीं।  

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Dakhal News 23 April 2018


rakesh singh bjp

  जबलपुर से 3 बार के सांसद राकेश सिंह भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए हैं। इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा के चुनाव उनकी पहली बड़ी परीक्षा होगी। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने पत्र जारी कर राकेश सिंह की अधिकृत नियुक्ति की घोषणा की। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों के ठीक पहले प्रदेश संगठन की कमान राकेश सिंह को सौंप दी है। राकेश सिंह नंदकुमार सिंह चौहान का स्थान लेंगे। हालांकि पार्टी ने नंदकुमार सिंह चौहान को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति का सदस्य नियुक्त कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर राकेश सिंह पर प्रदेश सरकार के लिए बन रहे एंटी इनकम्बंसी फेक्टर को खत्म करने की अहम जिम्मेदारी है। संगठन और सत्ता के बीच तालमेल बनाना भी राकेश सिंह के सामने बड़ी चुनौती है। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे पहले ही राकेश सिंह के नाम की पुष्टि कर चुके थे लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से पत्र जारी कर राकेश सिंह के नाम की अधिकृत घोषणा की गई। प्रदेश अध्यक्ष के लिए कैलाश विजयवर्गीय, नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह और राजेंद्र शुक्ला के नामों चर्चाएं थी, इतना ही नहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का नाम भी प्रमुखता से उठा था। लेकिन तमाम अटकलों को बुधवार सुबह विराम लग गया। बताया जा रहा है कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामलाल ने राकेश सिंह के नाम का प्रस्ताव रखा। जिस पर पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों और संगठन प्रमुखों में चर्चा हुई और फिर सहमति बनी। राकेश सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा की मंशा लोधी वोट बैंक को साधने की भी है। महाकौशल से आने वाले राकेश सिंह 2004 से जबलपुर से सांसद हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र भाजपा के प्रभारी भी हैं। बताया जा रहा है कि केंद्र के कई बड़े नेताओं से अच्छे संबंधों का भी उन्हें फायदा मिला है। आपको बता दें कि राकेश सिंह जबलपुर से 3 बार के सांसद हैं और उनकी पहचान जुझारु और प्रभावशाली नेता के रुप में है। पार्टी के लिए वे अच्छे कैंपेनर की भूमिका भी निभाते रहे हैं। जबलपुर सांइस कालेज में प्रहलाद पटेल के अगुवाई में राकेश सिंह की छात्र राजनीति शुरू हुई। वे 2004 से जबलपुर सीट से सांसद हैं। राकेश सिंह को मजबूत संगठनात्मक कौशल रखने वाले नेता के रूप में जाना जाता है। वे महाराष्ट्र भाजपा के प्रभारी भी हैं और संसदीय समिति के सदस्य भी हैं। राकेश सिंह सीएम शिवराज सिंह चौहान, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाते हैं। राकेश सिंह जबलपुर से पिछले 3 बार से सांसद हैं ,पहली बार 2004 में कांग्रेस के विश्वनाथ दुबे को 97 हजार वोट से हराया ,2008 में रामेश्वर नीखरा को 1 ला 6 हजार वोट से हराया , 2014 में विवेक तन्खा को 2 लाख 8 हजार वोटों से परास्त किया ,घर में पत्नी माला सिंह के अलावा 2 बेटियां, माता और छोटा भाई ,मूलत: जबलपुर के रहने वाले हैं और खेती-किसानी के साथ टिम्बर का व्यवसाय है ,2001 से 2004 तक ग्रामीण जिला अध्यक्ष जबलपुर ,2010 में प्रदेश के महामंत्री।  इधर मंगलवार रात को इस्तीफे के बाद नंदकुमार सिंह चौहान के सरकारी बंगले के बाहर लगी नाम पट्टिका पर स्टीकर लगाकर प्रदेश अध्यक्ष पद को छिपा दिया गया है। सुबह बंगले पर तैनात कर्मचारी नाम पट्टिका पर स्टीकर लगाता दिखाई दिया। गौरतलब है कि नंदकुमार सिंह चौहान को बदले जाने को लेकर काफी दिनों से चर्चाएं थी। मंगलवार को भीकनगांव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बात का खुलासा किया कि नंदकुमार सिंह चौहान अपने पद से हटना चाहते हैं क्योंकि वे अपने संसदीय क्षेत्र में समय देना चाहते हैं। ऐसे में नए प्रदेश अध्यक्ष की कवायद शुरू हो गई थी।  

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Dakhal News 18 April 2018


 राहुल गांधी

  अमेठी के दौरे पर गए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने यहां मीडिया से बात करते हुए कहा कि पीएम मोदी संसद में खड़े होने से डरते हैं, अगर मुझे 15 मिनट का भाषण मिल जाए तो पीएम खड़े नहीं हो पाएंगे फिर चाहे वो राफेल का मामला हो या नीरव मोदी का। देश में कैश की किल्लत को लेकर कहा कि पीएम मोदी ने बैंकिस सिस्टम को ध्वस्त कर दिया है। नीरव मोदी 30 हजार करोड़ लेकर भाग गया और पीएम ने एक शब्द नहीं कहा। वहीं जब उन्होंने नोटबंदी की तो हमें लाइन में खड़े होने के लिए मजबूर होना पड़ा। हमसे छीना पैसा नीरव मोदी की जेब में डाल दिया। अमेठी जगेसरपुर में सामुदायिक मिलन केंद्र सहित एक दर्जन विकास कार्यो का लोकार्पण करने के बाद अपने सम्बोधन में राहुल गांदी पीएम मोदी पर बरसे और कहा कि मोदी के 56 इंची सीने में गरीबों व किसानों के लिये कोई जगह नहीं। मोदी सरकार पूंजीपतियों की मददगार है। युवाओं को रोजगार देने का वादा पूरा नहीं किया। मोदी जहां जाते हैं जाति धर्म के नाम पर लड़ाते है। हमारी लड़ाई उनकी लड़ाने वाली विचारधारा से है। हम उन्हें हराकर रहेंगे।  

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Dakhal News 17 April 2018


असं‍गठित श्रमिक सम्मेलन

  असं‍गठित श्रमिक सम्मेलन में सीएम शिवराज सिंह चौहान भीकनगांव पहुंचे। यहां मौजूद लोगों ने उन्होंने कहा कि अमीरी और गरीबी का फासला खत्म होना चाहिए। मजदूर जरूर हो पर मजबूर नहीं। उन्होंने कहा कि हमने सभी तबकों का ख्याल रखा है। कपास पर टैक्स एक प्रतिशत कम कर दिया गया है। गरीब बच्चों को भी मुस्कुराने का हक है। सीएम ने इस दौरान कहा कि कांग्रेस प्रदेश को हिंसा की आग में झोंकना चाहती है, मध्यप्रदेश शांति का टापू है। कुछ बड़े लोग जाति के नाम पर झगड़ा करवाना चाहते हैं, सभी एकजुट रहें। कांग्रेस सरकार सिर्फ गरीब-गरीब करती थी, लेकिन गरीबों के लिए कुछ नहीं किया। सीएम ने कहा कि सभी को रहने के लिए जमीन का टुकड़ा चाहिए। प्रदेश में कोई भी गरीब बिना जमीन के टुकड़े के नहीं रहेगा। सब इस जमीन के हकदार हैं, इसका कानून हमने बना दिया। खरगोन जिले में एक लाख लोग आवास के मालिक होंगे। 2006 से हकदार लोगों को वन अधिकार पट्टे वितरित होंगे। सीएम ने कहा कि बिजली के पुराने बिल खुद की जेब से भर लूंगा, गरीबों को भारी भरकम बिल नहीं भरने देंगे। गर्भवती महिला को चार हजार रुपए दिए जाएंगे, जिससे उसे पौष्टिक भोजन मिले। सभी महिलाओं की अस्पताल में ही डिलेवरी हो। यह फायदा 2 डिलीवरी तक मिलेगा, जनता से पूछकर सीएम ने यह एलान किया। उन्होंने कहा कि एक करोड़ 92 लाख असंगठित श्रमिकों के पंजीयन हो चुके हैं। श्रमिक खुद फार्म भरेंगे और उसकी दी गई सभी जानकारियां सही मानी जाएंगी।  

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Dakhal News 17 April 2018


नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह

  मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने प्रीति रघुवंशी आत्महत्या मामले में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह उन्होंने कठुआ और उन्नाव की घटनाओं में 'गुनहगार बचेंगे नहीं, बेटियों को न्याय मिलेगा" बयान दिए, उनका पालन मध्यप्रदेश में भी कराएं। नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में प्रीति रघुवंशी आत्महत्या मामले और उससे जुड़े सारे पहलुओं की जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस ने पिछले 28 दिन में अगर कोई कार्रवाई की है तो वह सिर्फ मंत्री रामपाल सिंह को बचाने में की है। उन्होंने कहा कि प्रीति के परिजनों के बयान हुए, लेकिन रामपाल सिंह और उनके पुत्र के आज तक बयान दर्ज नहीं हुए। प्रीति के भाई का अपहरण हुआ और चार दिन बाद छोड़ दिया गया। सिंह ने पत्र में लिखा कि आपने प्रधानमंत्री बनते ही हरियाणा के हिसार से 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" का एक महाअभियान शुरू किया था, पर जो हालात पूरे देश में पैदा हो गए है उससे लोगों में फिर यह धारणा बन रही है कि बेटी होना कलंक है। मंत्री रामपाल सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटी बचाओ तो उसे या तो दरिंदे नोच लेते हैं और अगर वह बहू बन जाती है तो उसे आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ता है। सिंह ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि वे शिवराज सरकार को निर्देश दें कि रामपाल सिंह को मंत्री पद से हटाएं और उनके व उनके बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं।  

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Dakhal News 16 April 2018


 भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान

  बदलाव की चर्चा के बीच मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उनके बारे में फैसला पार्टी करेगी। चौहान ने कहा कि उनके जीवन का फैसला वे खुद नहीं करते हैं, बल्कि पार्टी करती है, इसलिए संगठन जो फैसला करेगा, वे उसका पालन करेंगे। चौहान से पूछा गया था कि पार्टी प्रदेशाध्यक्ष के बदलाव की लंबे समय से चर्चा चल रही है, क्या ये सही है। मीडिया के साथ बातचीत में चौहान ने बाबाओं को उपकृत किए जाने के सवाल पर कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। कांग्रेस के कार्यकाल में भी बाबाओं को मंत्री दर्जा देकर उपकृत किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि इन बाबाओं ने ही नर्मदा में पौधेे लगाने के दावे पर आरोप लगाए थे, इसलिए सरकार ने उन्हें ही जिम्मेदारी दे दी कि आप ही जांच करो और आप ही नर्मदा का संरक्षण करो। देवास सांसद मनोहर ऊंटवाल द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बारे में दिए गए आपत्तिजनक बयान पर चौहान ने कहा कि इस बारे में सांसद से बात की है। ऊंटवाल ने अपनी सफाई में कहा कि उनका आशय ये था कि दिग्विजय सिंह जादूगर टाइप के आदमी हैं। चुनाव से पहले वो कोई भी चौंकाने वाला फार्मूला ला सकते हैं। इसे उन्होंने आइटम कहा था। प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान दिनभर भोपाल में तो रहे, लेकिन पार्टी कार्यालय नहीं गए। उन्होंने आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में बोर्ड आफिस में प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, फिर अपने बंगले चले गए।  

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Dakhal News 16 April 2018


आम आदमी पार्टी (आप) मप्र

आम आदमी पार्टी (आप) मप्र विधानसभा चुनाव में सभी 230 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। पार्टी ने प्रत्याशियों से वेबसाइट पर आवेदन मांगे हैं, जिसमें निर्धारित फॉर्म भी दिया गया है। आप के प्रत्याशी के लिए कोई भी सामान्य नागरिक आवेदन कर सकता है। यह जानकारी आप के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने बुधवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए दी। अग्रवाल ने दावा किया है कि कोई भी व्यक्ति प्रत्याशी बनने के लिए फॉर्म भर सकता है, लेकिन इसके साथ दावेदार से 72 सवालों की जानकारी भी मांगी गई है। इसमें प्रत्याशी बनने के इच्छुक व्यक्ति की तार्किक, बौद्धिक और व्यावहारिक क्षमता का टेस्ट लिया जाएगा। अग्रवाल ने बताया कि 13 अप्रैल से 'किसान बचाओ, बदलाव लाओ" यात्रा में 42 हजार मतदान केंद्रों पर मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति भी की जाएगी। यात्रा के बाद 14 मई को सभी मतदान केंद्रों के प्रतिनिधि भोपाल आएंगे और अपनी समस्याएं रखेंगे।  

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Dakhal News 13 April 2018


मोदी बोले -उन्नाव-कठुआ रेप घटनाओं से पूरा देश शर्मशार

  संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 अलीपुर रोड स्थित डॉ. आंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक को देश को समर्पित किया। इस अवसर पर पीएम ने एक सभा को भी संबोधित किया। इस स्मारक की आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी ने ही 21 मार्च 2016 को रखी थी। दो साल में इसका निर्माण पूरा कर लिया गया। उन्नाव व कठुआ रेप केस पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि पिछले दो दिनों की घटनाओं से पूरा देश शर्मसार है। गुनाहगारों को सख्त सजा दिलाना हमारी जिम्मेदारी है। ज्ञात हो कि इन घटनाओं पर पूरे देश में रोष का माहौल है। पीएम मोदी ने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस को चुनौती देता हूं कि वह बाबा साहब के लिए किए गए एक भी काम के बारे में बताए। क्या उन्होंने बाबा साहब के सम्मान में कोई एक काम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन से मेट्रो ट्रेन के माध्यम से 26 अलीपुर रोड तक की यात्रा की। लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन पर पहुंचते ही यात्रियों ने पीएम के साथ सेल्फी लेने का कोई मौका नहीं छोड़ा। मेट्रो में सफर के दौरान यात्रियों ने पीएम मोदी से बात भी की। बता दें कि केंद्रीय मंत्रीमंडल से इस्तीफा देने के बाद डॉ. अंबेडकर दिल्ली विधानसभा के नजदीक सिरोही के महाराज के इस घर में रहने लगे थे। जहां 6 दिसंबर 1956 को वह महापरिनिर्वाण को प्राप्त हुए थे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 2 दिसंबर 2003 को इसे राष्ट्र को समर्पित किया था। करीब 200 करोड़ की लागत में बने इस स्मारक को पुस्तक का आकार दिया गया है, जो संविधान का प्रतीक है। इस इमारत में एक प्रदर्शनी स्थल, बुद्ध की प्रतिमा के साथ ध्यान केंद्र व डॉ. अंबेडकर की 12 फुट ऊंची प्रतिमा है। प्रवेश द्वार पर 11 मीटर का अशोक स्तंभ भी है। यह इमारत पर्यावरण हितैषी है। इसमें सीवेज शोधन संयंत्र, वर्षा जल सिंचाई प्रणाली व सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित है। संग्रहालय में मल्टी मीडिया तकनीक के माध्यम से अंबेडकर के जीवन और आधुनिक भारत को उनके योगदान की जानकारी मिलेगी। इस बारे में केंद्रीय मंत्री व चांदनी चौक के सांसद डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री दलितों को वोट बैंक नहीं समझते और चार साल के भीतर बाबा साहेब के नाम पर पांच तीर्थस्थल बना दिए।    

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Dakhal News 13 April 2018


छोले भटूरे की पार्टी के बाद कांग्रेस के उपवास

  दलितों के मुद्दे पर जारी सियासी संग्राम के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राजघाट पहुंचकर उपवास शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस पार्टी आज केंद्र सरकार के खिलाफ देश भर में उपवास और धरना कर रही है। राजघाट पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उपवास कार्यक्रम में दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन समेत कई अन्य नेता भी शामिल हैं। गौरतलब है कि राहुल गांधी के उपवास से पहले ही विवाद हो चुका है। राहुल गांधी के राजघाट पहुंचने से पहले ही कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार को मंच से हटा दिया  गया है। सूत्रों के अनुसार अजय माकन से बातचीत के बाद दोनों नेता वहां वापस गए। बता दें कि जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार 1984 में हुए सिख दंगों के आरोपी हैं। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उपवास पर भाजपा नेता ने निशान साधा है। नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि यह दलित हितों के लिए उपवास नहीं है, यह दलित हितों का उपहास है। बीजेपी नेता ने ट्वीट के जरिये राहुल के उपवास को 'कैमरे के लिए राजनीति ' करार दिया। साथ ही नरसिम्हा ने राहुल से पूछा, 'आप स्टंट की राजनीति और झूठ की राजनीति को कब रोकेंगे?' कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दलितों पर हो रहे कथित अत्याचार के खिलाफ आज महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर उपवास करेंगे। राहुल गांधी के साथ पार्टी के सभी आला नेता साथ होंगे। सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एक दिन का अनशन रखेंगे। देशभर में दलितों पर कथित अत्याचारों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी पूरे देश में उपवास रख रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी खुद राजघाट पर उपवास पर बैठे हैं। लेकिन इस बीच एक फोटो सामने आई है। भाजपा नेता हरीश खुराना ने एक तस्वीर पोस्ट की है जिसमें कांग्रेस नेता अजय माकन, हारुन युसुफ, अरविंदर सिंह लवली छोले-भटूरे खा रहे हैं। आपको बता दें कि हरीश खुराना दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता मदन लाल खुराना के बेटे हैं। हरीश खुराना ने ट्वीट कर लिखा कि कांग्रेस के नेताओं ने लोगों को राजघाट पर अनशन के लिए बुलाया है। खुद एक रेस्तरां में बैठकर छोले भटूरे के मज़े ले रहे हैं। सही बेवकूफ बनाते हैं। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी हरीश खुराना के इस ट्वीट को रिट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि उपवास या उपहास। 3 घंटे भी बिना खाए नहीं रह पाए। एक पखवाड़े पहले एससी एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विपक्ष ने इसका ठीकरा सरकार के सिर फोड़ा था। हालांकि सरकार की तरफ से भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से असहमति जताते हुए पुनर्विचार याचिका दायर की गई है लेकिन पिछले चुनावों में भाजपा के साथ बड़ी संख्या में जुड़े दलित समुदाय को अलग करने के प्रयास में जुट गई है। इसी क्रम में कांग्रेस पूरे देश में सोमवार को अनशन करेगी। कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि यह उपवास सांप्रदायिक सदभाव को संरक्षित करने और जातिगत हिंसा के खिलाफ है। दिल्ली के कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने ट्वीट कर जानकारी दी कि राहुल गांधी ने भी उपवास में शामिल होने की स्वीकृति दी है। कांग्रेस सूत्रों की मानी जाए तो सोमवार के देशव्यापी अनशन के बाद भी छोटे छोटे स्तर पर दलित सम्मान और अधिकार को लेकर कार्यक्रम होते रहेंगे। वहीं इस माह के अंत में रामलीला मैदान में कांग्रेस की बड़ी रैली का ऐलान पहले ही हो चुका है। जबकि 29 अप्रैल को रामलीला ग्राउंड में विशाल रैली होगी। कर्नाटक चुनाव से पहले यह एक तरह से कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन होगा। गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी का का उपवास भाजपा के उपवास से दो दिन पहले हो रहा है। भाजपा के सभी सांसद पीएम मोदी के निर्देश के बाद 12 अप्रैल को उपवास रखेंगे। दरअसल मोदी संसद नहीं चलने देने के लिए विपक्ष और खासतौर पर कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। शुक्रवार को बीजेपी संसदीय दल की बैठक में पीएम ने बीजेपी सांसदों से कहा कि वे कांग्रेस की विभेदकारी नीतियों के खिलाफ 12 तारीख को उपवास रखें।  

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Dakhal News 9 April 2018


राहुल का ट्वीट

  केंद्र सरकार द्वारा वायुसेना के लिए 114 लड़ाकू विमानों के लिए शुरू की गई टेंडर प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया है। उन्होंने अपने ट्वीट को स्कैम अलर्ट बताते हुए लिखा है कि इस डील की रेस में पीएम मोदी के दोस्त भी हैं। राहुल गांधी ने लिखा है, 'मोदी स्कैम अलर्ट, 15 बिलियन डॉलर की डील के लिए फिर से टेंडर किया गया है। पीएम मोदी के दोस्त स्ट्रेटेजिक पार्टनर टाई अप की रेस में आगे हैं।' यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने मोदी सरकार ने रक्षा सौदे पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले उन्होंने राफेल डील को लेकर भी मोदी सरकार को घेरा था । गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने वायुसेना में नए लड़ाकु विमान शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की है। यह सौदा 15 अरब डॉलर का होगा , जो दुनिया का सबसे बड़ा रक्षा सौदा होगा। इसके टेंडर की सार्वजनिक सूचना जारी होते ही दुनिया के हथियार बाजार में खलबली मच गई है। अमेरिका, रूस, फ्रांस, स्वीडन और योरपीय संघ की आधा दर्जन कंपनियां इस सौदे को पाने की दावेदार हैं। इन लड़ाकू विमानों के संयुक्त रूप से उत्पादन के सिलसिले में विदेशी कंपनियों से आरएफआइ (सूचना प्रेषित करने) वाली निविदाएं मांगी गई हैं।  

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Dakhal News 7 April 2018


ओली-मोदी के बीच समझौता

  भारत दौरे पर आए नेपाल के पीएम केपी ओली और पीएम मोदी के बीच शनिवार को हुई द्विपक्षीय वार्ता में कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें से एक भारत से काठमांडू के बीच रेल लाइन को लेकर भी है। वार्ता के बाद साझा बयान जारी हुआ। इस दौरान संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि नेपाल के विकास में भारत के योगदान का लंबा इतिहास है।मैंने पीएम ओली को आश्वासन दिया है कि भविष्य में भी यह जारी रहेगा। हम भारत और नेपाल के बीच वाटरवे और रेल नेटवर्क बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। सीमा सुरक्षा और खुली सीमा के दुरुपयोग को लेकर दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध हैं। हमने काठमांडू से भारत के बीच नई रेल लाइन पर काम करने का फैसला किया है। वहीं नेपाल के पीएम ओली ने कहा कि नेपाल और भारत के बीच सदियों पुराने संबंध हैं। हमारे पास एक दूसरे को देने के लिए कई चीजें हैं। मैंने पीएम मोदी को नेपाल आने का न्योता दिया है और उम्मीद है वो बहुत जल्द वहां आएंगे। इससे पहले शनिवार को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत हुआ। गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के बाद नेपाली पीएम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके लिए सबसे पहले दोस्ती है। ओली बोले कि दोस्ती सबसे महत्वपूर्ण है और इसकी कोई तुलना नहीं है। कोई भी ट्रीटी, समझौता दोस्ती से शुरू होता है। हम अपने पड़ोसी, खासतौर पर भारत से दोस्ती की उम्मीद करते हैं। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। बता दें कि भारत दौरे पर आए ओली, आज पीएम मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता करेंगे जो लगभग आठ महीने बाद दोनों देशों के बीच शीर्षस्तरीय होगी। तब नेपाल के पीएम शेर बहादुर देऊबा ने कहा था कि वह द्विपक्षीय रिश्तों में तनाव का कारण बन रहे हर कांटे को निकालने को तैयार हैं। लेकिन दिसंबर, 2017 मे हुए आम चुनाव में वामपंथी गठबंधन को मिली जीत ने हालात को बदल दिया। पूर्व में भारत के प्रति बेहद तल्ख दृष्टिकोण रखने वाले केपी ओली की अगुवाई वाली सरकार ने पिछले महीने पाकिस्तान के पीएम अब्बासी को आमंत्रित कर भारत की चिंताओं को और बढ़ाया है। विदेश मंत्रालयों के अधिकारियों व जानकारों के मुताबिक मोदी व ओली के बीच द्विपक्षीय वार्ता में उठने वाले मुद्दे काफी व्यापक हैं। भारत आने से ठीक एक दिन पहले नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली ने भारत और चीन को एक ही तराजू पर तौलने की बात कही है। साफ है कि श्रीलंका व मालदीव के बाद नेपाल में ड्रैगन की बढ़ती ताकत भारतीय कूटनीति के लिए बड़ी चुनौती है। इसके बावजूद भारतीय पक्ष यह मान रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी और ओली के बीच द्विपक्षीय वार्ता में चीन को लेकर भारत की चिंताओं पर वह ठोस आश्वासन देंगे। दूसरी तरफ, भारत ओली को इस बात का आश्वासन देने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा कि उसकी मदद से नेपाल में लगाई जा रही परियोजनाओं को अब समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। भारतीय पक्ष इस बात को छिपाने की कोई कोशिश नहीं करेगा कि नेपाल जिस तरह से चीन की वन बेल्ट-वन रोड (ओबोर) परियोजना में हिस्सा बनने जा रहा है उसे वह अपने रणनीतिक सुरक्षा के लिए हानिकारक मानता है। माना जा रहा है कि भारत की यात्रा के कुछ ही महीनों बाद ओली चीन भी जाएंगे जहां ओबोर के तहत नेपाल में शुरू की जाने वाली परियोजनाओं पर हस्ताक्षर होगा। चीन की योजना तिब्बत को सड़क व रेल नेटवर्क से नेपाल की राजधानी काठमांडू से जोड़ने की है। इस परियोजना के अलावा नेपाल में जिस आक्रामक तरीके से चीन की कंपनियों ने निवेश बढ़ाना शुरू किया है। वह भी भारत के लिए चिंता की वजह है। नेपाल के वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़े के मुताबिक जुलाई-फरवरी, 2018 के बीच चीन की कंपनियों ने नेपाल में 7.93 करोड़ डॉलर का निवेश किया है जो भारत की तरफ से किये गये 3.66 करोड़ डॉलर के निवेश से काफी ज्यादा है। इसके अलावा चीन की कंपनियों ने 8.3 अरब डॉलर के नए निवेश का प्रस्ताव किया है। जबकि भारतीय कंपनियों का प्रस्ताव महज 4 करोड़ डॉलर का है। ओली की तरफ से यह मुद्दा उठाये जाने के आसार हैं कि भारत नेपाल में परियोजना लगाने की घोषणा तो करता है लेकिन उसे पूरा नहीं करता। हाल ही में उन्होंने पंचेश्वर बांध का मुद्दा उठाया है जिसे भारत ने वर्ष 1981 में ही शुरु किया था। पिछले वर्ष दोनो सरकारों के बीच भारतीय मदद से बनने वाली दर्जन भर से ज्यादा परियोजनाओं पर चर्चा हुई थी। ओली चाहेंगे कि भारत इन सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करे। साथ ही ओली नेपाल के राष्ट्रीय बैंक में रखे हुए प्रतिबंधित भारतीय नोट का मुद्दा भी उठाएंगे।

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Dakhal News 7 April 2018


rajnath singh

हिंसा पर संसद में बोले राजनाथ, कहा- कानून में कोई बदलाव नहीं एस-एसटी एक्ट के खिलाफ दलित समूहों के भारत बंद के दौरान हुई हिंसा में 14 लोगों की मौत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को संसद में जानकारी दी। अपने संबोधन में गृह मंत्री ने कहा कि देश में तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। एससी-एसटी एक्ट में कोई बदलाव नहीं हुआ है बल्कि हमने इस कानून में और अपराधों को शामिल कर इसे मजबूत बनाया है। गृह मंत्री ने कहा कि देश में आरक्षण को लेकर भी कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं जिन पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए। हमने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है जिस पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयरा हो चुकी है और आज दोपहर 2 बजे इस पर सुनवाई करेगी। गृह मंत्री ने संसद के माध्यम से देश के लोगों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अपवाहों पर ध्यान ना दें। जिस वक्त गृह मंत्री लोकसभा में बोल रहे थे तब विपक्षी सासंद लगातार हंगामा कर रहे थे। उनके इसी हंगामे के चलते स्पीकर ने सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी है।  

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Dakhal News 3 April 2018


अमित शाह बोले - वोटों के ध्रुवीकरण में जुटी सिद्धारमैया सरकार

खबर मैसूर से । भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इन दिनों कर्नाटक दौरे पर हैं। राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा कर्नाटक जागृति यात्रा निकाल रही है। इस यात्रा में अमित शाह उन इलाकों में जा रहे हैं, जहां भाजपा की पकड़ मजबूत है। इसी दौरान वो मैसूर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मैसूर के कोटे श्री आन्जनेय स्वामी मंदिर में दर्शन किए। उस वक्त अनंत कुमार भी उनके साथ मौजूद थे। इससे पहले अमित शाह ने कहा कि, राज्य की सिद्धारमैया सरकार के खिलाफ जनता में काफी गुस्सा है। और चुनाव में जनता जवाब देगी। वहीं लिंगायत समुदाय को अलग धर्म का दर्जा देने का दांव खेलने वाली सिद्धारमैया सरकार को भी अमित शाह ने घेरा। अमित शाह ने कहा कि," कांग्रेस येदियुरप्पा को सीएम बनते नहीं देखना चाहती है। इसलिए उसने लिंगायत को अलग धर्म का दर्जा देने का दांव खेला है। कांग्रेस लिंगायत समुदाय के वोटों का धुव्रीकरण करना चाहती है। मगर जनता समझदार है और भाजपा चुनाव के बाद जनता से चर्चा करने के बाद फैसला लेगी।"

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Dakhal News 31 March 2018


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनावी रोडमैप का खुलासा करते हुए कहा कि टिकट परफार्मेंस के आधार पर कटेंगे। हारने के लिए टिकट थोड़ी ही देंगे। हमारा मुकाबला किससे है या सोचने वाला सवाल है, क्योंकि जहां जाता हूं वहां अबकी बार..सरकार का नारा सामने आ जाता है। सीएम के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। पूर्वोत्तर में इसकी झलक भी नजर आ गई है। प्रदेश में 'अबकी बार 200 पार" का लक्ष्य उपचुनाव नहीं बल्कि मूल चुनाव के लिए है, इसे देखेंगे। पुलिस कमिश्नर प्रणाली को लेकर चल रही अटकलों के बीच उन्होंने कहा कि मेरे दिमाग में आईएएस-आईपीएस नहीं है। दोनों ही हमारे हैं। जो जरूरी होगा, वो फैसला करेंगे। लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह की पुत्रवधू प्रीति रघुवंशी की आत्महत्या के मामले में कानून अपना काम करेगा। पांच साल का विजन- मुख्यमंत्री ने मीडिया के सामने शुक्रवार को अपना विजन बताने के साथ सवालों के इतमिनान से खुलकर जवाब दिए। उन्होंने कहा कि बिजली, सड़क और पानी (सिंचाई) के मामले में काफी काम हुआ है। सड़कों का जाल गांव-गांव तक बिछ गया है तो बिजली भरपूर है। सिंचाई का रकबा अगले पांच साल में एक लाख 10 हजार करोड़ रुपए खर्च करके 40 लाख हेक्टेयर बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री सरोवर योजना में नए तालाब खोदे जाएंगे। बढ़ता उत्पादन गर्व और चिंता भी- कृषि उत्पादन भरपूर हो रहा है। अब उपज के उचित दाम के लिए कृषि उत्पाद निर्यात एजेंसी और वेल्यू एडिशन नीति बनाई जा रही है। एक हजार की आबादी वाले गांवों को समूह नलजल योजना से जोड़ा जाएगा। चुनावी तैयारी और मुद्दे- हमारा मुद्दा विकास है। मंत्रियों और विधायकों के टिकट काटे जाने को लेकर कहा कि परफार्मेंस के आधार पर चीजें तय होंगी। हारने के लिए टिकट थोड़ी ही देंगे। महिलाओं को निकायों में पचास प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। विधानसभा का टिकट भी देेंगे। पुलिस आयुक्त प्रणाली- गंभीरता से विचार किया जा रहा है। जनता की सुरक्षा हमारे लिए सबसे प्रमुख है। इसके लिए जो भी आवश्यक कदम उठाना होगा वो उठाएंगे। पुलिस का खौफ होना चाहिए। महिलाओं से छेड़खानी और दुराचार करने वाले राक्षक हैं। इनके मानव अधिकार नहीं होते हैं। दुष्टों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है और आगे भी होती रहेगी। मुकाबले में कौन, सोचना पड़ेगा- विधानसभा चुनाव में मुकाबले के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रदेश के दौरे पर जाता हूं तो कहीं सिंधिया, कहीं भूरिया और कहीं कमलनाथ सरकार सुनने को मिलता है। अलग-अलग सरकार की बात हो रही है पर देखना पड़ेगा कि चुनाव में मुकाबला किस सरकार से होता है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और अपनी जोड़ी को लेकर उन्होंने कहा कि पद पर रहें या न रहें, तोमर-शिवराज की जोड़ी सलामत रहे। सिर्फ चार चुनाव हारे हैं। कोलारस और मुंगावली उपचुनाव में ऐसा बताया जा रहा था कि लैंड स्लाइड विक्ट्री होगी पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। तांक-झांक की इजाजत नहीं- मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सुरक्षा कानून को लेकर मंथन किया जा रहा है पर पुलिस को किसी के घर में तांक-झांक करने की अनुमति नहीं मिलेगी। पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए है पर निजता का पूरा सम्मान किया जाएगा।  

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Dakhal News 31 March 2018


sharad pawar

  2019 के लोकसभा चुनाव के पूर्व एकजुट विपक्ष और महागठबंधन की संभावनाएं तलाशने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी सोमवार को अपने चार दिवसीय प्रवास पर दिल्ली पहुंच गईं। अपने इस प्रवास के बीच ममता दिल्ली में गैर भाजपा व गैर कांग्रेसी कई पार्टियों के नेताओं से मुलाकात करेंगी। ममता ने सबसे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार से उनके आवास पर मुलाकात की। इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री शिवसेना के सांसद संजय राउत से मिलीं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संसद में आरजेडी की सांसद मीसा भारती से भी मुलाकात की है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एनसीपी शिवसेना और राजद के नेताओं के साथ बैठक के बाद कहा कि जब राजनीतिक लोग मिलते हैं तो निश्चित रूप से वे राजनीति पर चर्चा करेंगे, उसमें छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। 2019 के लोकसभा चुनाव निश्चित रूप से बहुत दिलचस्प होंगे। तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक ममता दिल्ली में जनता दल (यू) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव, आम आदमी पार्टी के प्रमुख व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत शिवसेना और तेलुगु देशम पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगी। सबसे खास बात यह कि विपक्ष के गठबंधन को एकजुट करने दिल्ली पहुंची ममता अपनी पुरानी सहयोगी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात नहीं करेंगी। हालांकि वह सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकती हैं। बताया जा रहा है कि ममता इस यात्रा के जब राजनीतिक लोग मिलते हैं तो निश्चित रूप से वे राजनीति पर चर्चा करेंगे, उसमें छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। 2019 के लोकसभा चुनाव निश्चित रूप से बहुत दिलचस्प होंगे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एनसीपी शिवसेना और राजद के नेताओं के साथ बैठक के बाद कहा कि संसद में विपक्ष के कई सांसदों के साथ संवाद भी करेंगी। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ममता को उनसे मिलने आने का आमंत्रण भेजा था, जिसे ममता ने स्वीकार कर लिया है। माना जा रहा है कि ममता अन्य विपक्षी पार्टियों के साथ 2019 में एकजुट होकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं, जिसके लिए उन्होंने विपक्षी पार्टियों को साधने के लिए अपना प्रवास शुरू किया है। वरिष्ठ तृणमूल नेता का यह भी कहना है कि वह एक स्पष्ट एजेंडा लेकर दिल्ली गई हैं। ममता ने तय किया है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) का हिस्सा नहीं बनेंगी। कांग्रेस व लेफ्ट एक साथ हैं, ऐसे में यह ठीक नहीं होगा कि तृणमूल गठबंधन का हिस्सा बने। बता दें कि भाजपा के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की दिशा में पूर्व में ममता ने तेलंगाना के सीएम के. चंद्रशेखर राव व राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल से मुलाकात की थी। साथ ही समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव व बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती का भी समर्थन किया था। ऐसे में ममता का दिल्ली दौरा लोकसभा चुनाव से पूर्व सियासी समझौतों की तमाम संभावनाओं की ओर इशारा कर रहा है।

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Dakhal News 27 March 2018


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मार्च 2018 की अंतिम रविवार यानी आज सुबह 11 बजे अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिये देश को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने देशवासियों को रामनवमी की बधाई दी। इसके बाद उन्होंने कहा कि मैंने सोचा है कि इस बार हेल्थ को लेकर विस्तार से बात करूं। 'फिट इंडिया' की बात करूं। पीएम ने कहा कि मन की बातें मौसम के साथ बदलती हैं। पीएम मोदी ने मन की बात में अहमद अली की अदम्य इच्छा शक्ति अौर डॉ अजीत मोहन चौधरी की बन्धु भाव की कहानी सुनाए। उन्होंने कहा कि जब मुझे कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं। तब इस देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिलता है । जब मुझे आपके पत्रों में पढ़ने को मिलता है कि कैसे असम के करीमगंज के एक रिक्शा-चालक अहमद अली ने अपनी इच्छाशक्ति के बल पर ग़रीब बच्चों के लिए नौ स्कूल बनवाये हैं - तब इस देश की अदम्य इच्छाशक्ति के दर्शन होते हैं। जब उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है - तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं। अनेक प्रेरणा-पुंज मेरे देश का परिचय करवाते हैं | आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे मां भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है।  आने वाले कुछ महीने किसान भाइयों और बहनों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। इसी कारण ढ़ेर सारे पत्र, कृषि को लेकर के आए हैं। महात्मा गांधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम अंग माना है। इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है। यह तय किया गया है कि अधिसूचित फसलों के लिए MSP, उनकी लागत का कम-से-कम डेढ़ गुणा घोषित किया जाएगा। इस वर्ष महात्मा गांधी की 150वीं जयंतीवर्ष के महोत्सव की शुरुआत होगी। यह एक ऐतिहासिक अवसर है। स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ भारत के लिए काम कर रहे हैं। देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहां पहले सिर्फ स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी होती थी, वहीं अब सभी अपनी जिम्मेदारी समक्ष रहे हैं। देशभर में 3 हजार से अधिक जन-औषधि केंद्र खोले गए हैं जहां 800 से ज्यादा दवाइयां कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं और भी नए केंद्र खोले जा रहे हैं। सालों पहले बाबा साहब आंबेडकर ने भारत के औद्योगिकीकरण की बात कही थी। ये मन की बात का 42वां संस्करण है। गौरतलब है कि पीएम मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को मन की बात करते हैं। इसका प्रसारण रेडियो के अलावा दूरदर्शन, नरेंद्र मोदी ऐप पर होता है। इसके अलावा फोन पर मिसकॉल के जरिए इस सुविधा को अपने मोबाइल पर उपलब्ध कराया जा सकता है। पिछले माह की मन की बात में मोदी ने वैज्ञानिकों के योगदान पर बात की थी। इसके अलावा वह कई बार बच्चों को भी सलाह देते हैं। कार्यक्रम का पहला प्रसारण 3 अक्तूबर 2014 को किया गया। जनवरी 2015 में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी उनके साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया तथा भारत की जनता के पत्रों के उत्तर दिए। इसका मूल प्रसारण आकाशवाणी, दिल्‍ली से होगा और यह सभी आकाशवाणी केंद्रों, सभी आकाशवाणी एफएम चैनलों एफएम गोल्‍ड व एफएम रेनबो, स्‍थानीय रेडियो स्‍टेशनों, विविध भारती स्‍टेशनों और पांच सामुदायिक रेडियो स्‍टेशनों से रिले किया जाएगा। ‘मन की बात’ का क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारण मुख्‍य आकाशवाणी केंद्रों से इसी दिन शाम आठ बजे किया जाएगा। संबंधित राज्यों में क्षेत्रीय भाषाओं में सभी आकाशवाणी केंद्रों और स्‍थानीय रेडियो स्‍टेशनों से भी इसे रिले किया जाएगा। इस महत्‍वपूर्ण प्रसारण का विशिष्‍ट पहलू यह है कि यह दूरदर्शन और अन्‍य निजी टीवी एवं समाचार चनलों द्वारा एक ही समय में प्रसारित किया जाता है। सभी डीटीएच ऑपरेटर भी इसको चलाते हैं। वैश्‍विक श्रोताओं के लिए इसका सीधा प्रसारण भी होता है जो कि मोबाइल ऐप, ऑल इंडिया रेडियो लाइव पर उपलब्ध होता है।  

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Dakhal News 25 March 2018


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मार्च 2018 की अंतिम रविवार यानी आज सुबह 11 बजे अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिये देश को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने देशवासियों को रामनवमी की बधाई दी। इसके बाद उन्होंने कहा कि मैंने सोचा है कि इस बार हेल्थ को लेकर विस्तार से बात करूं। 'फिट इंडिया' की बात करूं। पीएम ने कहा कि मन की बातें मौसम के साथ बदलती हैं। पीएम मोदी ने मन की बात में अहमद अली की अदम्य इच्छा शक्ति अौर डॉ अजीत मोहन चौधरी की बन्धु भाव की कहानी सुनाए। उन्होंने कहा कि जब मुझे कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं। तब इस देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिलता है । जब मुझे आपके पत्रों में पढ़ने को मिलता है कि कैसे असम के करीमगंज के एक रिक्शा-चालक अहमद अली ने अपनी इच्छाशक्ति के बल पर ग़रीब बच्चों के लिए नौ स्कूल बनवाये हैं - तब इस देश की अदम्य इच्छाशक्ति के दर्शन होते हैं। जब उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है - तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं। अनेक प्रेरणा-पुंज मेरे देश का परिचय करवाते हैं | आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे मां भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है।  आने वाले कुछ महीने किसान भाइयों और बहनों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। इसी कारण ढ़ेर सारे पत्र, कृषि को लेकर के आए हैं। महात्मा गांधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम अंग माना है। इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है। यह तय किया गया है कि अधिसूचित फसलों के लिए MSP, उनकी लागत का कम-से-कम डेढ़ गुणा घोषित किया जाएगा। इस वर्ष महात्मा गांधी की 150वीं जयंतीवर्ष के महोत्सव की शुरुआत होगी। यह एक ऐतिहासिक अवसर है। स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ भारत के लिए काम कर रहे हैं। देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहां पहले सिर्फ स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी होती थी, वहीं अब सभी अपनी जिम्मेदारी समक्ष रहे हैं। देशभर में 3 हजार से अधिक जन-औषधि केंद्र खोले गए हैं जहां 800 से ज्यादा दवाइयां कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं और भी नए केंद्र खोले जा रहे हैं। सालों पहले बाबा साहब आंबेडकर ने भारत के औद्योगिकीकरण की बात कही थी। ये मन की बात का 42वां संस्करण है। गौरतलब है कि पीएम मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को मन की बात करते हैं। इसका प्रसारण रेडियो के अलावा दूरदर्शन, नरेंद्र मोदी ऐप पर होता है। इसके अलावा फोन पर मिसकॉल के जरिए इस सुविधा को अपने मोबाइल पर उपलब्ध कराया जा सकता है। पिछले माह की मन की बात में मोदी ने वैज्ञानिकों के योगदान पर बात की थी। इसके अलावा वह कई बार बच्चों को भी सलाह देते हैं। कार्यक्रम का पहला प्रसारण 3 अक्तूबर 2014 को किया गया। जनवरी 2015 में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी उनके साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया तथा भारत की जनता के पत्रों के उत्तर दिए। इसका मूल प्रसारण आकाशवाणी, दिल्‍ली से होगा और यह सभी आकाशवाणी केंद्रों, सभी आकाशवाणी एफएम चैनलों एफएम गोल्‍ड व एफएम रेनबो, स्‍थानीय रेडियो स्‍टेशनों, विविध भारती स्‍टेशनों और पांच सामुदायिक रेडियो स्‍टेशनों से रिले किया जाएगा। ‘मन की बात’ का क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारण मुख्‍य आकाशवाणी केंद्रों से इसी दिन शाम आठ बजे किया जाएगा। संबंधित राज्यों में क्षेत्रीय भाषाओं में सभी आकाशवाणी केंद्रों और स्‍थानीय रेडियो स्‍टेशनों से भी इसे रिले किया जाएगा। इस महत्‍वपूर्ण प्रसारण का विशिष्‍ट पहलू यह है कि यह दूरदर्शन और अन्‍य निजी टीवी एवं समाचार चनलों द्वारा एक ही समय में प्रसारित किया जाता है। सभी डीटीएच ऑपरेटर भी इसको चलाते हैं। वैश्‍विक श्रोताओं के लिए इसका सीधा प्रसारण भी होता है जो कि मोबाइल ऐप, ऑल इंडिया रेडियो लाइव पर उपलब्ध होता है।  

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Dakhal News 25 March 2018


लालू यादव को  दुमका कोषागार मामले में 14 साल की सजा

  दुमका कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित चारा घोटाला मामले में लालू यादव के खिलाफ सजा का ऐलान हो चुका है। कोर्ट ने इस मामले में लालू को अब तक की सबसे बड़ी सजा सुनाते हुए आईपीसी और पीसी एक्ट के तहत 7-7 साल कैद का आदेश दिया है। कोर्ट ने इसके साथ ही कोर्ट ने लालू पर दोनों ही धाराओं 30-30 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है और जुर्माना ना देने पर सजा एक साल बढ़ जाएगी। लालू की इस सजा को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है कि यह साथ में चलेगी या एक सजा पूरी होने पर दूसरी शुरू होगी। अगर दोनो सजाएं साथ चलती हैं तो लालू को 7 साल ही जेल में रहना होगा वहीं अगर सजा आदेश नहीं हुआ तो लालू को कुल 14 साल जेल में गुजारने होंगे। लालू प्रसाद और ओमप्रकाश दिवाकर को आइपीसी की धारा में सात वर्ष की सजा और 30 लाख रुपए जुर्माना। वही पीसी एक्ट की धारा में 7 वर्ष की सजा और 30 लाख जुर्माना लगाया गया है। ऐसे में इन दोनों को 14 वर्ष की सजा काटनी होगी। 60 लाख रूपये जुर्माना देना होगा। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत ने 19 दोषियों को सजा सुनाई अदालत ने सप्लायर को साढे तीन वर्ष की सजा और 15 लाख रुपए जुर्माना लगाया है। वही डॉक्टर व अधिकारी को पीसी एक्ट की धारा में साढे तीन वर्ष और आईपीसी की धारा में साढे तीन वर्ष कुल 7 वर्ष की सजा और जुर्माने के रुप में 15-15 लाख रुपए लगाया गया है। कुल जुर्माना 30 लाख रुपए होगा। अदालत ने कहा है कि IPC और पीसी एक्ट में सुनाई गई सजा अलग-अलग चलेगी। कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद लालू यादव के वकील ने कहा है कि इस फैसले के खिलाफ वो उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। इससे पहले गुरुवार को दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी हो गई। इसके बाद कोर्ट आज लालू यादव समेत अन्य दोषियों के खिलाफ सजा का ऐलान करेगी। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई हुई। अंतिम दिन पांच दोषियों का मामला कोर्ट में था। अंत में अदालत ने बचाव पक्ष और सीबीआई की दलीलें सुनीं और तय किया कि पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद समेत 19 दोषियों को शनिवार को सजा सुनाई जाएगी। चारा घोटाला में यह चौथा मामला होगा जब लालू प्रसाद को सजा सुनाई जाएगी। सुनवाई के दौरान जज ने कई बिंदुओं पर मौखिक टिप्पणियां भी की। जज ने कहा कि ओपन जेल में क्यों नहीं चले जाते। इस पर अधिवक्ता ने कहा कि ओपन जेल में हार्ड कोर रखे जाते हैं। जज ने पूछा, किसने यह कहा। अधिवक्ताओं द्वारा अपने मुवक्किल की बीमारियों का हवाला देते हुए कम सजा की मांग पर जज ने कहा कि बीमारियां गरीबों को नहीं होतीं, सारी बीमारी बड़े लोगों को ही होती हैं। जज ने यह भी कहा कि समाज में जितने पढ़े-लिखे लोग हैं, वही धोखाधड़ी कर रहे हैं। कहा कि एक भी ऐसा उदाहरण बताएं जिसमें अनपढ़ लोगों ने धोखाधड़ी की हो। किसी ने कोई जवाब नहीं दिया तो जज ने कहा कि अनपढ़ क्लब बनाना चाहिए। वही लोग देश चलाएंगे और धोखाधड़ी भी रुकेगी। नेचुरल जस्टिस का पालन करेंगे तो अपराध नहीं होगा। जज ने वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर भी सवाल खड़ा किया। कहा कि लोगों में संवेदनशीलता खत्म हो रही है। सड़क पर दुर्घटना होती है और लोग हॉस्पिटल तक नहीं पहुंचाते हैं। यह कैसी शिक्षा पद्धति है, जिसमें मानवीय संवेदना खत्म हो गई है। लोगों में मानवीय संवेदना लानी होगी। सजा पर सुनवाई के दौरान इस मामले के एक दोषी आरके बगेरिया के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि वह लंबे समय से केस लड़े हैं। गरीबी के कारण दूसरे के यहां कर्मचारी थे। वहां इन्हें महज 1500 रुपये मिलता था। प्रतिदिन कमाने खाने वाले थे। इसलिए हुजूर कम से कम सजा दी जाए। गुड फेथ में बगेरिया से उसके मालिक ने हस्ताक्षर करा लिया और सीबीआइ ने फंसा दिया। इस पर जज ने कहा कि मालिक के कहने पर किसी का सिर काट लेंगे क्या? अदालत में शुक्रवार को पांच दोषियों के सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। इसमें राजा राम जोशी, राधा मोहन मंडल, सर्वेंदु कुमार दास, रघुनंदन प्रसाद व राजेंद्र कुमार बगेरिया शामिल थे। झारखंड हाई कोर्ट ने चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र की औपबंधिक जमानत की अवधि एक माह के लिए बढ़ा दी है। जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की कोर्ट ने शुक्रवार को डॉ. मिश्र को इलाज के लिए चार सप्ताह के लिए औपबंधिक जमानत प्रदान की है। कोर्ट ने उन्हें 28 अप्रैल को सरेंडर करने का निर्देश दिया है। दरअसल जगन्नाथ मिश्र को मल्टीपल मायोलामा और हृदय संबंधित बीमारी है। जिसका इलाज गुड़गांव स्थित मेदांता में हो रहा है। इनको कीमोथेरेपी भी दी जा रही है। इसलिए औपबंधिक जमानत की अवधि बढ़ाने की मांग की गई थी। गौरतलब है कि आरसी 68ए/96 में जगन्नाथ मिश्र को सीबीआइ कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई है। जिसे उन्होंने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव व झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। हालांकि दोनों का मामला हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था। गौरतलब है कि लालू प्रसाद ने चाईबासा कोषागार के मामले में मिली सजा को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। वहीं, सजल चक्रवर्ती ने भी अपनी उम्र का हवाला देते हुए जमानत दिए जाने की गुहार लगाई है। बिहार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पूर्व मुख्य सचिव वीएस दूबे और सीबीआइ अधिकारी एके झा को राहत मिल गई है। जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की कोर्ट ने शुक्रवार को सीबीआइ कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसके तहत उक्त सभी को चारा घोटाले मामले में आरोपी बनाने के लिए समन जारी किया गया था। अब इस मामले की सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।  

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Dakhal News 24 March 2018


rampal singh

  विधानसभा में बुधवार को करीब साढ़े तीन घंटे सदन में सिर्फ हंगामा हुआ। हंगामे की वजह बना लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह की पुत्रवधू प्रीति रघुवंशी की आत्महत्या का मामला। सदन में न तो प्रश्नकाल हुआ और न ही शून्यकाल। कांग्रेस ने कार्यवाही शुरू होते ही काम रोककर चर्चा कराने की मांग उठा दी। सत्तापक्ष ने विरोध किया। हंगामा और शोर-शराबे के कारण मात्र सात मिनट में ही कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। कांग्रेस विधायक गर्भगृह में आकर सरकार और मंत्रियों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे तो भाजपा विधायक कांग्रेस के खिलाफ। इसी दौरान कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विधानसभा सचिवालय में लगा दिया। इससे माहौल और गरमा गया। हंगामे के बीच अध्यक्ष ने आधा घंटे में ही छह दिन का सरकारी काम पूरा कराया और संसदीय कार्यमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के प्रस्ताव पर सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। नेता प्रतिपक्ष ने सदन में हुए घटनाक्रम को प्रदेश के इतिहास का काला दिन बताया। बेटे ने स्वीकार कर लिया तो मुझे कोई परहेज नहीं-रामपाल प्रश्नकाल शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, रामनिवास रावत, आरिफ अकील और डॉ. गोविंद सिंह ने स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करने का अनुरोध किया। इसको लेकर संसदीय कार्यमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने आपत्ति उठा दी। उन्होंने कहा कि मंगलवार को भी कांग्रेस ने इसी तरह प्रश्नकाल नहीं चलने दिया था। विपक्ष सदन चलाना ही नहीं चाहता है। जिस विषय पर सबकुछ हो चुका है, उसे बिना मतलब उठाया जा रहा है। इस पर रावत ने कहा कि पीड़ित परिवार को धमकाया जा रहा है। पलटवार करते हुए डॉ. मिश्रा बोले कि क्या थाने में कोई रिपोर्ट डाली गई है। सिर्फ असत्य बातें कही जा रही हैं। सदन को राजनीति का अखाड़ा बनाया जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच जब तीखी बहस होने लगी तो कांग्रेस के सचिन यादव सहित अन्य विायक गर्भगृह में आ गए। हंगामा बढ़ता देख अध्यक्ष ने कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित कर दी। दोबारा कार्यवाही शुरू हुई तो फिर काम रोककर चर्चा कराने की मांग उठने लगी और शोर-शराबा बढ़ता देख अध्यक्ष ने 12 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। इस दौरान रामनिवास रावत और डॉ. नरोत्तम मिश्रा के बीच तीखी बहस हो गई। डॉ. मिश्रा ने कहा कि विपक्ष का व्यवहार अमर्यादित है। अध्यक्ष ने भी कहा कि आप विधायकों के विशेषाधिकार का हनन नहीं कर सकते हैं। तीसरी बार अध्यक्ष ने सदन का काम शुरू कराने की कोशिश की लेकिन दोनों पक्षों से आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला नहीं थमा। इस पर तीसरी बार दो बजे तक के लिए कार्यवाही को स्थगित कर दिया। चौथी बार भी जब विवाद नहीं रुका तो अध्यक्ष ने एकतरफा कार्यवाही को आगे बढ़ाते हुए सरकारी कामकाज निपटवाया और संसदीय कार्यमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के प्रस्ताव पर सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। प्रीति आत्महत्या केस : जान देने के बाद मिला मंत्री की 'बहू' का दर्जा जब रामपाल ने स्वीकार कर लिया बहू तो बचा क्या संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि जब रामपाल सिंह ने प्रीति रघुवंशी को बहू स्वीकार कर लिया तो फिर बचा क्या। कांग्रेस सदन की कार्यवाही को बाति करने की कोशिश कर रही है। इनकी चर्चा कराने में रुचि नहीं है। जनता इन्हें जवाब देगी। कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में चर्चा होनी थी पर सब हंगामे की भेंट चढ़ गया। फिर आमने-सामने आए मिश्रा-सिंह सदन में एक बार फिर संसदीय कार्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष आमने-सामने आ गए। तीसरी बार सदन की कार्यवाही शुरू होने पर डॉ. मिश्रा ने व्यवस्था का प्रश्न उठा दिया। इस पर नेता प्रतिपक्ष भी खड़े हो गए और कहा कि पहले मुझे बोलने का मौका मिलना चाहिए, क्योंकि जब सदन की कार्यवाही स्थगित हुई थी तब मैं खड़ा था। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि चूंकि पहले डॉ. मिश्रा खड़े हो गए थे, इसलिए पहले वे फिर नेता प्रतिपक्ष और बाद में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव बोलेंगे। इस बात को लेकर फिर हंगामा होने लगा और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।  

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Dakhal News 22 March 2018


पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर

अपने बेबाक बोल से अक्सर सुर्खियों में रहने वाले पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने एक बार फिर अपनी ही सरकार को घेरा है। इस बार गौर ने मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट पर हो रही लेटलतीफी पर सरकार पर हमला बोला है। गौर ने यहां तक कहा कि ये सरकार कभी मेट्रो ट्रेन नहीं चला पाएगी। पिछले दिनों प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को चौपट बताने वाले बाबूलाल गौर ने कहा कि सरकार मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर नहीं नजर आ रही। गौर ने कहा कि मेट्रो ट्रेन के नाम पर गोरखधंधा हो रहा है। उन्होंने ये तक कह दिया कि ये सरकार कभी मेट्रो ट्रेन नहीं चला पाएगी। उन्होंंने दावा किया कि मेट्रो को लेकर अभी की सभी रिपोर्ट निरस्त हुई है, ऐसे में मेट्रो प्रोजेक्ट खटाई में नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने मेट्रो को लेकर नई गाइडलाइन बना दी है। उन्होंने ये भी दावा किया कि मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाने में मेट्रो मैन कहे जाने वाले ई. श्रीधरन की सेवाएं भी नहीं ली गई।   

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Dakhal News 15 March 2018


मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला

  अपने बयानों के कारण विवादों में घिरे रहने वाले जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने इस बार कश्मीरी पंडितों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि कश्मीरी पंडित राज्य का हिस्सा हैं और एक दिन उनकी वापसी होगी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'कश्मीरी पंडित कश्मीर का अभिन्न हिस्सा हैं, उनके बिना राज्य अधूरा है। एक दिन ऐसा आएगा जब वे अपने असली घर की तरफ वापस आएंगे।' आपको बता दें कि पिछले हफ्ते ही फारूक अब्दुल्ला ने भारत के विभाजन को लेकर एक बार फिर से विवादित बयान दिया था। इतिहास के पन्नों को पलटते हुए उन्होंने कांग्रेस को भारत-पाक विभाजन का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि दुनिया कहती है कि जिन्ना ने पाकिस्तान का गठन किया लेकिन यह सही नहीं है। पंडित जवाहर लाल नेहरू के कारण भारत का विभाजन हुआ और पाकिस्तान का जन्म हुआ। जम्मू कश्मीर के सुंजवां आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद उन्होंने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा था, 'अगर पाकिस्तान भारत से अच्छे संबंध चाहता है तो उसे आतंकवाद बंद करना होगा। शांति कायम रखने के लिए पाकिस्तान को अपना रूख बदलना होगा और आतंकवाद बंद करना होगा, यदि पाकिस्तान नहीं माना तो बुरा नतीजा होगा और जंग हो जाएगी।'  

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Dakhal News 9 March 2018


धर्मेंद्र प्रधान और थावरचंद एमपी से राजयसभा जायेंगे

भाजपा ने की राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा इस महीने राज्यसभा की 58 सीटों के लिए होने वाले चुनाव के लिए बसपा और सपा के बाद अब भाजपा ने भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। भाजपा ने अरुण जेटली, रविशंकर प्रसाद, धर्मेंद्र प्रधान और प्रकाश जावड़ेकर को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है। अरुण जेटली जहां यूपी से राज्यसभा का चुनाव लड़ेंगे वहीं रविशंकर प्रसाद बिहार से मैदान में होंगे। धर्मेंद्र प्रधान और थावरचंद गेहलोत को भाजपा ने मध्य प्रदेश से मैदान में उतारने का फैसला किया है जबकि प्रकाश जावड़ेकर को महाराष्ट्र से उम्मीदवार तय किया है। गुजरात से मंनसुखभाई मांडविया और पुरषोत्तम रुपाला गुजरात से जबकि जेपी नड्डा को हिमाचल प्रदेश राज्यसभा सीट के लिए उम्मीदवार बनाया है।    

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Dakhal News 7 March 2018


योगी सरकार ने पेश किया बजट

लखनऊ में उत्तरप्रदेश के  वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार को भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को नमन करते हुए योगी सरकार के दूसरे बजट को पेश किया। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने 4 लाख 28 हजार 384 करोड़ का बजट पेश किया। यह पिछले साल की तुलना में 11.4 प्रतिशत ज्यादा है। पिछले साल 3.84 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया था। इसके पहले योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक में बजट को अनुमोदन मिला। इस बैठक में बजट अनुमोदन के अलावा सात प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। कुल व्यय: 3 लाख 21 हजार 520 करोड़ राजस्व लेखा, 1 लाख 6 हजार 864 करोड़. पूंजी लेखा. राजस्व बचत: 27 हजार 99 करोड़ 10 लाख राजस्व नसीहत अनुमानित हैं। वर्ष 2018-19 के बजट में 14 हजार 341 करोड़ 89 लाख रुपए की नई योजनाएं सम्मिलित की गई हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने पहले बजट में किसान कर्ज माफी पर सबसे ज्यादा जोर दिया था। इस बार किसी भी तरह की कर्जमाफी से सरकार बचने जा रही है। पिछले साल सरकार ने किसानों की कर्ज माफी के लिए 36 हजार करोड़ रुपए रखे थे। इस बार सरकार खासकर युवाओं को तवज्जो देने की दिशा में कदम बढ़ा सकती है। बजट में इस बार लड़कियों के लिए एक खास तोहफा हो सकता है। यह सरकार कन्या विद्या धन योजना और मुख्यमंत्री बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना शुरू कर सकती है। बजट में सरकार पूर्वांचल एक्सप्रेस के साथ-साथ कानपुर और वाराणसी में मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए भी धन आवंटित कर सकती है। इसके साथ माना जा रहा है कि सीएम योगी आदित्यनाथ अपने दूसरे बजट से भाजपा के लिए 2019 लोकसभा चुनाव की राह तैयार करेंगे। गरीब, किसान और बेरोजगार युवाओं को खास तवज्जो दी जा सकती है। उत्तर प्रदेश में विधान मंडल के बजट सत्र का आज सातवां दिन है। आज दिन में 12.20 बजे वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल उत्तर प्रदेश सरकार का बजट पेश करेंगे। अनुमान है कि चार लाख करोड़ से अधिक का बजट पेश करेगी। योगी आदित्यनाथ सरकार के इस बजट में किसान, गरीब, नौजवान, महिलाओं व निवेश पर विशेष सुविधा का प्रावधान होगा। विधान भवन में बजट पेश होने के बाद करीब दो बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मीडिया को संबोधित करेंगे। योगी सरकार को सत्ता में आए लगभग एक वर्ष होने जा रहा है। इस सरकार के सामने कानून व्यवस्था, सांस्कृतिक विकास के अलावा आधारभूत ढांचे के विकास को और रफ्तार देना भी बड़ी चुनौती है। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हम योजनाओं को समयबद्ध पूरा करना चाहते हैं। हम सभी योजनाओं को बजट दे रहे हैं, लेकिन काम समय से पूरा नहीं हुआ और इस नाते लागत बढ़ी तो जबाबदेही अफसर की होगी और उस पर कार्रवाई भी की जाएगी। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हमारा फोकस जनकल्याण हैं, हम प्रदेश की जनता की उम्मीदों को पूरा करने आए हैं। उत्तर प्रदेश के आम बजट का इतिहास विकास के इर्द-गिर्द ही घूमता नजर आया है। विकास के विभिन्न आयामों में वितरण कई बार संतुलित रहा तो कई बार सत्तारूढ़ दलों के प्रभाव वाले इलाकों को ज्यादा तवज्जो दी गई। इस बार सूबे में भाजपा की प्रचंड बहुमत वाली सरकार है। इतना ही नहीं सूबे से 73 सांसद भी बीजेपी के हैं। लिहाजा ऐसे में समग्र विकास और विकास में क्षेत्रवार संतुलन बेहद आवश्यक है। दरअसल देश के सबसे बड़े सूबे के आम बजट पर जनाकांक्षाओं और लोकसभा 2019 के चुनावों का बड़ा दबाव है। बजट हर बार की तरह ज्यादा बड़े आकार में होगा, लेकिन इसके सामने योजनाओं को जमीन पर उतारने की बड़ी चुनौती भी होगी। पिछली बार योगी सरकार ने जब अपना पहला बजट पेश किया था, तब संकल्प पत्र के वादों का उस पर भारी दबाव था। कर्जमाफी से लेकर वेतन आयोग की सिफारिशें खजाने पर भारी पड़ रही थी। पिछली बार सरकार ने 3.84 लाख करोड़ का बजट पेश किया था। इस बार भी बजट के भारी भरकम होने की उम्मीद की जा रही है। इस बार का बजट 4 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर सकता है। यूपी का पहला बजट सूबे के पहले मुख्यमंत्री गोविन्द बल्लभ पंत ने 14 मार्च 1952 को पेश किया था। उत्तर प्रदेश का पहला बजट कृषि आधारित था। आज एक बार फिर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार किसानों को समर्पित बजट पेश कर सकती है। इस सरकार पर लोकसभा चुनाव का भी दबाव रहेगा।  

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Dakhal News 16 February 2018


 कांग्रेस नहीं उतारेगी रमन और जोगी के सामने बड़ा चेहरा

  राजनांदगांव में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के सामने कांग्रेस कोई बड़ा चेहरा नहीं उतारेगी। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने यह साफ कर दिया है। पुनिया ने फिर से यह बात दोहराई है कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री का कोई चेहरा नहीं होगा। कांग्रेस सत्ता में आती है तो पार्टी का विधायक दल अपना नेता चुनेंगे। गुरुवार को पुनिया राजनांदगांव पहुंचे थे। सर्किट हाउस में बैठक के पहले उन्होंने यह साफ किया कि राजनांदगांव विधानसभा से कांग्रेस स्थानीय नेता को प्रत्याशी बनाएगी, वह कोई बड़ा चेहरा नहीं होगा। पुनिया ने यह भी कहा कि यह निर्देश पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मिला है। इसके पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल भी यह बयान दे चुके हैं कि राजनांदगांव से स्थानीय युवा नेता का नाम हाईकमान के सामने रखा जाएगा।  

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Dakhal News 16 February 2018


राहुल अब सोनिया के बॉस

राहुल गांधी को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने के इतने दिनों बाद अब सोनिया गांधी का बयान आया है। उन्होंने कांग्रेस की संसदीय समिति की बैठक में ना सिर्फ केंद्र सरकार पर निशाना साधा बल्कि गुजरात और राजस्थान की तर्ज पर कर्नाटक में भी जीत की उम्मीद जताई। उन्होंने इस दौरान यह भी साफ किया कि राहुल गांधी पार्टी के साथ अब उनके भी बॉस हैं।

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Dakhal News 8 February 2018


आनंदीबेन पटेल

एमपी की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल ने आज मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली में मध्यप्रदेश एवं गुजरात के सांसदों को चाय पर आमंत्रित किया। इस अवसर पर केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर, जहाजरानी, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्री मनसुख मांडविया, महिला-बाल विकास और अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के 14 लोकसभा एवं 6 राज्य सभा सांसद तथा गुजरात के 14 लोकसभा एवं 2 राज्यसभा सांसद मौजूद थे। श्री मनसुख मांडविया, श्री गणेश सिंह एवं डा. सत्यनारायण जटिया ने राज्यपाल को सांसदों का सत्कार करने के लिए विशेष रूप से धन्यवाद दिया।  

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Dakhal News 8 February 2018


पीएम मोदी

गुवाहाटी में पीएम मोदी ने शनिवार को गुवाहाटी में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन किया। इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समिट की टैगलाइन बड़ा संदेश देता है। एडवांटेज असम, आसियान के लिए भारत का एक्सप्रेस सिर्फ एक स्टेटमेंट नहीं बल्कि विजन है। जब नॉर्थ ईस्ट के लोग संतुलित रूप में तेज विकास देखेंगे तो भारत की विकास यात्रा को और रफ्तार मिलेगी। पीएम ने बजट का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने बजट में आयुष्मान भारत योजना पेश की है जो अपने तरह की है। जिन्होंने गरीबी देखी है और उसके दर्द से गुजरे हैं वो जानते हैं कि गरीबी में इलाज का खर्च कितना मुश्किल है। पीएम मोदी के साथ इस समिट में भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे भी उपस्थित रहे। शनिवार 3 फरवरी से शुरु होने जा रहे दो दिवसीय इस कार्यक्रम में राज्य के निर्माण अवसरों की उपलब्धता को दिखाया जाएगा। इसके साथ ही विदेशी और घरेलू निवेशकों के लिए भू-रणनीतिक लाभ के बारे में भी बताया जाएगा। बता दें कि समिट का आयोजन असम सरकार और केंद्र सरकार के फिक्की के तत्वाधान में किया गया है। मोदी के संबोधन की ख़ास बातें  पिछले साढ़े तीन वर्ष में केंद्र सरकार की तरफ से और पिछले डेढ़ वर्ष में, असम सरकार की तरफ से किए गए प्रयासों का परिणाम दिखाई देने लगा है। आज जितने व्यापक पैमाने पर ये आयोजन हो रहा है, वो कुछ वर्ष पहले तक कोई सोच भी नहीं सकता था। भारत के विकास की कहानी में और गति तभी आएगी जब देश के पूर्वोत्तर में रहने वाले लोगों का, इस पूरे क्षेत्र का संतुलित विकास भी तेज गति से हो। “देश में कुछ बदल नहीं सकता” कि सोच बदल गई है। लोगों में हताशा की जगह अब हौसला और आशा है। आज देश में दोगुनी रफ्तार से सड़कें बन रही हैं, दोगुनी रफ्तार से रेल लाइन का दोहरीकरण हो रहा है, लगभग दोगुनी रफ्तार से रेल लाइन का बिजलीकरण हो रहा है। सरकार ने बजट में ‘आयुष्मान भारत योजना’ का एलान किया है। अपनी तरह की दुनिया की ये सबसे बड़ी योजना है। साथियों, जो गरीबी में पला-बढ़ा है, जो गरीबी के कष्ट सहते हुए आगे बढ़ा है, उसे इस बात का हमेशा एहसास होता है कि गरीब के लिए सबसे बड़ी चिंता होती है - बीमारी का इलाज। इस योजना के तहत, हर गरीब परिवार को चिह्नित अस्पतालों में साल में 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। इस योजना से करीब-करीब देश के 45 से 50 करोड़ लोगों को फायदा होगा।आसियान देश हों, बांग्लादेश-भूटान-नेपाल हों, हम सभी एक तरह से कृषि प्रधान देश हैं। किसानों की उन्नति, इस पूरे क्षेत्र के विकास को नई ऊँचाई पर पहुंचा सकती है। इसलिए हमारी सरकार देश के किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। पीएम मोदी ने कहा- कुछ हफ्तों पहले हमने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है और आज मैं उत्तर-पूर्व में हूँ तो इस फैसले का जरूर जिक्र करना चाहता हूँ। उन्होंने कहा- वैज्ञानिक तौर पर बांस, घास की श्रेणी में आता है। लेकिन करीब 90 साल पहले हमारे यहां कानून बनाने वालों ने इसे पेड़ का दर्जा दिया था। इसका नतीजा ये हुआ कि बांस चाहे कहीं भी उगे, उसे काटने के लिए, उसे ट्रांसपोर्ट करने के लिए, परमिट की जरूरत पड़ती थी, मंजूरी चाहिए होती थी। मुझे लगता है, पूरे देश में अगर किसी क्षेत्र के लोगों को सब से ज्यादा नुकसान इस कानून से हुआ तो उत्तर-पूर्व के लोगों का ही नुकसान हुआ। पीएम मोदी ने कहा- अब हम लगभग 1300 करोड़ की लागत राशि से ‘National Bamboo mission’ को रीस्ट्रक्चर कर रहे हैं। उत्तर-पूर्व के लोगों को, खासकर यहां के किसानों को बजट के द्वारा एक और फायदा मिलने जा रहा है।सरकार ने affordable Housing के क्षेत्र में भी ऐसे-ऐसे नीतिगत निर्णय लिए हैं, सुधार किए हैं, जो देश के हर गरीब को घर देने के सरकार के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पिछले तीन वर्ष में इस सरकार में लगभग एक करोड़ घर बनाए गए हैं। हमने अभी बजट में ऐलान किया है कि इस वर्ष के साथ-साथ अगले वर्ष भी 51 लाख नए घर बनाए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा- इस वर्ष के बजट में सरकार ने मुद्रा योजना के द्वारा लोगों को स्वरोजगार के लिए 3 लाख करोड़ रुपए कर्ज देने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा स्टैंड अप इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, स्किल इंडिया मिशन के माध्यम से भी युवाओं को सशक्त करने का काम ये सरकार कर रही है।सरकार की ऐसी योजनाएं गरीबों को सशक्त कर रही हैं। लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान अगर किसी चीज से होता है, तो वो है भ्रष्टाचार, कालाधन.. दक्षिण एशियाई राष्ट्रों (आसियान) के लिए राज्य को भारत का एक्सप्रेसवे बनाना कार्यक्रम का उद्देश्य है। राज्य में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, जैविक खेती, बांस, हथकरघा, कपड़ा और हस्तशिल्प, अंतर्देशीय जल परिवहन, नदी विकास और रसद जैसे क्षेत्रों की पहचान की गई हैं। भारत के विकास के लिए यह जरुरी है कि उत्तर पूर्व राज्यों को विकसित किया जाए। और उत्तर पूर्वी राज्य से बिना संपर्क स्थापित किए इनका विकास नहीं किया जा सकता है। 'उड़ान' परियोजना के तहत गुवाहाटी, सिलचार और डिब्रूगढ़ को स्पाइस जेट के माध्यम से देश के अन्य भागों से जोड़ा गया है। हम बहुत जल्द ही लखीमपुर को जोरहट को भी इस दिशा में जोड़ेंगे। स्पाइस जेट के सीएमडी अजय सिंह ने कहा।  

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Dakhal News 3 February 2018


एमपी में शिवराज  मंत्रि-परिषद्

मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद् में तीन नये सदस्य नियुक्त किये गये हैं। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने इन नये सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने श्री नारायण सिंह कुशवाह को मंत्री एवं श्री बालकृष्ण पाटीदार तथा श्री जालम सिंह पटेल को राज्य मंत्री के पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह ने शपथ ग्रहण समारोह की कार्यवाही का संचालन किया। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष श्री सीतासरन शर्मा, मंत्रि-परिषद् के सदस्य, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद श्री नन्दकुमार सिंह चौहान भी उपस्थित थे।  

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Dakhal News 3 February 2018


बजट 2018

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को संसद में बजट पेश कर दिया। यह केंद्र सरकार का अंतिम पूर्ण बजट था। अपने पिटारे से वित्त मंत्री ने जहां गांव, गरीब, किसान और महिलाओं को फायदे पहुंचाए वहीं नौकरीपेशा और आम आदमी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वित्त मंत्री ने बजट में स्वास्थ्य, परिवहन, शिक्षा और कृषि से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में स्वास्थ्य क्षेत्र में दो बड़ी घोषणाएं की है। उन्होंने नेशनल हेल्थ स्कीम के अलावा स्वास्थ्य एवं देखभाल केंद्रों की घोषणा की। नेशनल हेल्थ स्कीम के तहत देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों को अस्पतालों में इलाज के लिए 5 लाख रुपए दिए जाएंगे। इससे देश के 50 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे। वहीं यह विश्व का सबसे बड़ा सरकारी वित्त पोषित कार्यक्रम होगा। वहीं 1200 करोड़ रुपए से स्वास्थ्य एवं देखभाल केंद्र विकसित करने की कोशिश की गई है। वित्त मंत्री ने आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया जिससे नौकरीपेशा वर्ग को मायूसी हुई है। हालांकि, उन्होंने स्टैंडर्ड डिडक्शन को फिर से पेश किया गया है और इसके तहत लोगों को मेडिकल खर्चों पर 40 हजार रुपए तक का फायदा हो सकेगा। किसानों को समर्थन मूल्य का तोहफा देते हुए वित्त मंत्री ने खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 1.5 गुना कर दिया है। साथ ही 2000 करोड़ रुपए की लागत से कृषि बाजार बनाने का भी प्रावधान भी किया है। कृषि प्रोसेसिंग सेक्टर को 1400 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इसके अलावा 500 करोड़ की लागत से ऑपरेशन ग्रीन शुरू किया जाएगा। किसानों को कर्ज के लिए बजट में 11 लाख करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी किया गया है। युवाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार इस साल देश में 70 लाख नए रोजगार पैदा करेगी। महिलाओं के लिए घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने आठ करोड़ गरीब महिलाओं को गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा ईपीएफ में महिलाओं का योगदान 12 से 8 प्रतिशत किया गया है। गांवों पर मेहरबान होते हुए वित्त मंत्री ने आधारभूत ढांचे को विकसित करने के लिए 2018-19 के बजट में सरकार ने 14 लाख करोड़ से ज्यादा का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में 2 करोड़ शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा है वहीं सौभाग्य योजना के तहत बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके अलावा 2022 तक हर गरीब को घर देने की योजना भी है। रेलवे को 1.48 लाख करोड़ देने का ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पूरे देश की रेल लाइनें ब्रॉडगेज करने के अलावा 2018-19 में 36000 किलोमीटर ट्रैक बदला जाएगा। सभी ट्रेनों में सीसीटीवी और वाईफआई लगेंगे। मुंबई लोकल पर 1100 करोड़ रूपये खर्च किए जाएंगे और 90 किलोमीटर पटरी का विस्तार होगा। 25000 से ज्यादा मुसाफिर वाले स्टेशनों पर एस्केलेटर लगेंगे। बेंगलुरू रेलवे नेटवर्क को 17 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। शिक्षा को लेकर घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि देश में 24 नए मेडिकल खोले जाएंगे वहीं आदिवासियों के लिए एकलव्य स्कूल खोले जाएंगे। प्री-नर्सरी से 12 वीं तक के लिए एक नीति बनेगी। अब तक प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के लिए अलग-अलग नीति होती थी लेकिन अब इसे समग्र रूप से देखना चाहते हैं। केंद्र सरकार स्कूली टीचरों के लिए एकीकृत बीएड कार्यक्रम शुरू करेगी। 18 आईआईटी और एनआईआईटी की घोषणा की गई। कस्टम मंत्री ने बजट में कस्टम ड्यूटी बढ़ाने की घोषणा कर दी है। उन्होंने इसे 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया है जिसके चलते टीवी, मोबाइल के अलावा कई चीजें महंगी हो जाएंगी। साथ ही उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य पर लगने वाला सेस भी 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दिया है। लॉन्ग टर्म कैपिटल टैक्स की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि एक लाख रुपए से अधिक दीर्घकालिक पूंजी लाभों पर किसी सूचकांक के बिना 10 प्रतिशत की दर से टैक्स लगाने का प्रस्ताव करता हूं। लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को लेकर बड़ी घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने 3974 करोड़ का प्रावधान किया है। उन्होंने कॉर्पोर्ट टैक्स को कम करते हुए 250 करोड़ के सालाना टर्नओवर वाले उद्योगों को 25 प्रतिशत के टैक्स के दायरे में रखा है। वरिष्ठ नागरिकों को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने बजट में बैंकों तथा डाकघरों में जमा राशि पर ब्याज में छूट की सीमा को 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दिया है। साथ ही 80 डी के तहत स्वास्थ्य बीमा या चिकित्सा व्यय के लिए कटौती की सीमा 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दी गई है। वित्त मंत्री ने बजट में राष्ट्रपति का वेतन 5 लाख रुपए, उपराष्ट्रपति का 4.5 लाख रुपए और राज्यपाल का वेतन 3.5 लाक रुपए किए जाने की घोषणा की। सड़क और हवाई यातायात को लेकर घोषणा करते हुए कहा कि भारतमाला परियोजना के अंतर्गत 35 हजार किमी सड़कों के निर्माण को मंजूरी देने की बात कही। साथ ही हवाई अड्डों की क्षमता 5 गुना करने की बात भी कही।  

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Dakhal News 1 February 2018


 शिवराज सिंह चौहान

  केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए गए साल 2018-19 के आम बजट को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नए भारत के निर्माण की मजबूत आधारशिला बताया। इसके अलावा प्रदेश के जनसम्पर्क मंंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र और नगरीय प्रशासन मंत्री माया सिंह ने भी बजट को बहुत लाभकारी बताया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ट्वीट करते करते हुए जेटली के बजट 2018 पर अपनी प्रतिक्रिया दी। ट्वीट करते हुए उन्होंने बजट में महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों को लेकर किए गए प्रावधान को काफी अच्छा बताया। उन्होंने कहा कि इस बजट में सभी वर्गों के लिए जो प्रावधान किए गए उनसे देश नए आर्थिक युग में प्रवेश करेगा।

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Dakhal News 1 February 2018


अन्त्योदय बजट

   जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने संसद में पेश किए गए केन्द्रीय बजट को मध्यम और निर्धन वर्ग के लिए लाभकारी बताया है। डॉ.मिश्र ने कहा है कि केन्द्रीय बजट, सरकार की जनहितकारी नीतियों की वास्तविक अभिव्यक्ति है। इस बजट में अन्त्योदय पर विशेष ध्यान दिया गया है जो सरकार का प्रमुख लक्ष्य भी है। जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा है कि केन्द्रीय बजट वर्ष-2018-19 के माध्यम से कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के साथ ही प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, जन-औषधि केन्द्रों को और कारगर बनाने, उज्जवला और सौभाग्य योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को अधिक सुविधाएं प्रदान करने, प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीबों को मकान उपलब्ध करवाने, मध्यम वर्ग के लिए भी आवास योजना में कम ब्याज दर की व्यवस्था, नया ग्रामीण बाजार बनाने के एलान और पासपोर्ट तैयार करने जैसे कार्यों को सीधे जनता के पक्ष में लागू करने की व्यवस्था की गई है। डॉ. मिश्र ने कहा है कि किसानों की आमदनी को आने वाले चार वर्ष में दोगुना करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं केन्द्र सरकार द्वारा की जा रही हैं। उन्होंने कहा है कि बजट में समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी, मेगा फूड पार्क निर्माण, किसानों के लिए पशुपालक कार्ड, बांस मिशन के माध्यम से नवीन गतिविधियों की शुरूआत, खेती के लिए कर्ज की बेहतर व्यवस्था और सब्जी उत्पादन के लिए आवश्यक वित्त व्यवस्था का ध्यान रखा गया है। यह बजट गांव के विकास की रफ्तार को तेज करने वाला बजट है। जनसम्पर्क मंत्री ने कल्याणकारी केन्द्रीय बजट के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को बधाई दी है।    

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Dakhal News 1 February 2018


निकाय चुनाव

नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायतराज संस्थाओं के लिए हुए चुनाव में कुछ पर कांग्रेस तो कुछ पर भाजपा ने बाजी मारी। भाजपा ने सेंधवा, पीथमपुर, नगर पालिका परिषद और ओंकारेश्वर, पलसूद, पानसेमल, कुक्षी, डही और धामनोद नगर परिषद सीट पर कब्जा किया। वहीं कांग्रेस ने धार, राघौगढ़ व नगर पालिका परिषद और अंजड़, खेतिया, धरमपुरी, राजगढ़, सरदारपुर नगर परिषद पर जीत दर्ज की। अनूपपुर की जैतहरी नगर परिषद सीट पर निर्दलीय नवरत्नी शुक्ला विजयी हुए। अकोड़ा नगर परिषद (भिंड) - भरी कुर्सी ( अध्यक्ष संगीता यादव की वापसी) करनावद नगर परिषद (देवास) - खाली कुर्सी (अध्यक्ष कांताबाई पाटीदार को हटाया) खिलचीपुर नगर परिषद (राजगढ़) - खाली कुर्सी ( अध्यक्ष दीपक नागर को हटाया) सेंधवा नगर पालिका चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार बसंती बाई निर्विरोध जीती हैं। इसी के साथ कुल 24 वार्डों में से 11 वार्डों पर निर्विरोध चुनाव हुए। अब केवल 13 वार्डों के लिए मतगणना हुई जिसमें वार्ड 9 में भाजपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। वार्ड 11 में कांग्रेस के वली को जीत मिली। वार्ड 15 में भाजपा के इमरान ने जीत दर्ज की। वार्ड 24 में भाजपा के शकील और वार्ड 3 में कांग्रेस के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। वार्ड 14 कांग्रेस इलमुद्दीन ने जीत दर्ज की। वार्ड 4, 22 और 18 बीजेपी जीती। अनूपपुर : जैतहरी नगर पंचायत चुनाव की मतगणना में निर्दलीय प्रत्याशी नवर्तनी शुक्ला ने जीत दर्ज की, उन्हें 2027 मत मिले। शुक्ला ने भाजपा की सुनीता जैन को 898 मतों से पराजित किया। सुनीता जैन को 1129 मत मिले, कांग्रेस की गीता सिंह 980 मत प्राप्त कर तीसरे नंबर पर रहीं। यहां भाजपा के 4, कांग्रेस के 6 और निर्दलीय 5 पार्षद जीते।ओंकारेश्वर नगर परिषद में भाजपा के अंतर सिंह 1622 मतों से जीते।15 वार्डों में 12 में भाजपा 3 में कांग्रेस जीते।  

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Dakhal News 20 January 2018


राज्यपाल होंगी आनंदीबेन पटेल

  गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल को मध्यप्रदेश का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को उन्हें इस पद पर नियुक्त किया है। जिस दिन वह अपना प्रभार ग्रहण करेंगी उस दिन से उनकी नियुक्ति प्रभावी होगी। इस आशय की जानकारी राष्ट्रपति भवन ने एक ट्वीट में दी है। 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से अगस्त 2016 तक 76 वर्षीया पटेल गुजरात की मुख्यमंत्री रही। उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। गुजरात विधानसभा चुनाव में नहीं उतरने के बाद से उन्हें मध्य प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किए जाने का अनुमान लगाया जा रहा था। अभी गुजरात के राज्यपाल ओमप्रकाश कोहली के पास ही मध्यप्रदेश के राज्यपाल का भी प्रभार है। आनंदीबेन पटेल मध्यप्रदेश की पूर्णकालिक राज्यपाल होंगी। सितंबर 2016 में रामनरेश यादव का कार्यकाल खत्म होने के बाद से राज्य में पूर्णकालिक राज्यपाल नहीं है। वे 22 मई 2014 से 7 अगस्त 2016 तक मुख्यमंत्री के पद रही। हाल ही के गुजरात विधानसभा चुनाव के समय जब आनंदी बेन ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था तभी से उन्हें मध्यप्रदेश का राज्यपाल बनाए जाने की चर्चा चल रही थी। आनंदीबेन पटेल का जन्म 21 नवम्बर 1941 को हुआ। वे गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी। वे 1998 से गुजरात की विधायक रही। आनंदी बेन 1987 से भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हैं और गुजरात सरकार में सड़क और भवन निर्माण, राजस्व, शहरी विकास और शहरी आवास, आपदा प्रबंधन और वित्त आदि महत्वपूर्ण विभागों की काबीना मंत्री का दायित्व निभा चुकी हैं। वे गुजरात की राजनीति में "लौह महिला" के रूप में जानी जाती हैं। आनंदीबेन को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार (1989),गुजरात में सबसे बेहतर शिक्षक के लिए राज्यपाल पुरस्कार (1988),पटेल जागृति मंडल मुम्बई द्वारा 'सरदार पटेल' पुरस्कार (1999),पटेल समुदाय द्वारा 'पाटीदार शिरोमणि' अलंकरण (2005),महिलाओं के उत्थान अभियान के लिए धरती विकास मंडल द्वारा विशेष सम्मान,महेसाणा जिला स्कूल खेल आयोजन में पहली रैंकिंग के लिए 'बीर वाला' पुरस्कार,श्री तपोधन ब्रह्म विकास मंडल द्वारा 'विद्या गौरव' पुरस्कार (2000),1994 में उन्होंने बिजिंग में चतुर्थ विश्व महिला सम्मेलन में भारत का नेतृत्व किया। नर्मदा नदी स्थित नवगाम जलाशय में डूबती हुई लड़की को बचाने हेतु वीरता पुरस्कार्।चारुमति योद्धा पुरस्कार, अहमदाबाद की विजेता ,अंबुभाई व्यायाम विद्यालय पुरस्कार (राजपिपला) की विजेता।   

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Dakhal News 20 January 2018


 तोगड़िया को एनकाउंटर की साजिश का शक

अहमदाबाद में  सोमवार को बेहोशी की हालत में मिले वीएचपी नेता प्रवीण तोगड़िया ने मंगलवार को होश में आने के बाद मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान तोगड़िया सोमवार की पूरी घटना को लेकर भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने इस दौरान अपने एनकाउंटर के अलावा अपनी आवाज दबाने की राजनीतिक साजिश का आरोप भी लगाया। उन्होंने मीडिया से कहा कि मैं सालों से हिंदू एकता, राम मंदिर व अन्य मुद्दे उठाता रहा हूं लेकिन पिछले कुछ समय से लगातार मेरी आवाज दबाने का प्रयास होता रहा। सोमवार को भी मेरे एनकाउंटर की खबर मिली जिसके बाद में दफ्तर से निकल गया। तोगड़िया ने पूरी घटना का सिलसिलेवार जिक्र करते हुए कहा कि मेरी आवाज दबाने के क्रम में सेंट्रल आईबी ने मेरे द्वारा तैयार किए गए डॉक्टरों को डराना शुरू किया जिसके बाद मैंने केंद्र सरकार को पत्र लिखा। लेकिन मेरे खिलाफ कई पुराने केस निकालकर डराने का काम शुरू हुआ। सोमवार को पुलिस गिरफ्तारी का काफिला लेकर आई। यह हिंदुओं और मेरी आवाज दबाने की कोशिश का एक हिस्सा है। तोगड़िया आगे बोले कि सोमवार को एक जनसभा को संबोधित करके लौटा और पुलिस को कहा कि 2.30 बजे आओ, लेकिन सुबह जब में पूजा कर रहा था तब एक व्यक्ति मेरे कमरे में आया और कहा कि मेरा एनकाउंटर करने पुलिस निकली है। लेकिन मैंने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस बीच मुझे फोन आया कि राजस्थान पुलिस के 16 थानों की पुलिस का काफिला निकला है। इसके बाद मैं उसी स्थिति मैं बाहर निकला और बाहर खड़े पुलिस वालों को बताकर ऑटो में कार्यकर्ताओं के साथ निकल गया। रास्ते में राजस्थान के मुख्यमंत्री का संपर्क करवाया जिन्होंने इस बात से इन्कार किया और कहा कि पुलिस नहीं गई है। इसके बाद मैं फोन बंद कर एक कार्यकर्ता के घर गया। वहां से मैंने राजस्थान में वकीलों और पुलिस से संपर्क किया। उन्हों ने सलाह दी कि आप गिरफ्तारी की बजाय राजस्थान आकर सरेंडर करें। इसके बाद मैं विमान से राजस्थान निकला लेकिन रास्ते में मुझे दिक्कत हुई जिसके बाद मुझे कुछ भी याद नहीं है। तोगड़िया बोले कि इस तरह के कई और मामले अलग-अलग राज्यों में निकाले जा रहे हैं और मुझे एक जेल से दूसरी जेल में ले जाने की साजिश है ताकि में हिंदुत्व की बात ना कर सकूं। तोगड़िया 11 घंटे लापता रहे और फिर देर रात अहमदाबाद के शाही बाग इलाके में बेहोशी की हालत में मिले। इसके बाद उन्हें नीय चंद्रमणि अस्पताल में भर्ती कराया गया। तोगड़िया का इस हालत में मिलने पर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि उन्हें जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा हासिल है। तोगड़िया का इलाज कर रहे डॉक्टरों के अनुसार तोगड़िया को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। लो ब्लड शुगर के कारण वो बेहोश थे और उनका तुरंत इलाज शुरू किया गया। दरअसल पुलिस उन्हें वीएचपी दफ्तर में गिरफ्तार करने के लिए पहुंची थी लेकिन तोगड़िया वहां नहीं मिले जिसके बाद पुलिस खाली हाथ लौटी। पुलिस इस बात पर आश्चर्य जता रही है कि तोगड़िया वीएचपी कार्यालय से 15 किमी दूर कैसे पहुंचे।    

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Dakhal News 16 January 2018


गोरखनाथ मंदिर

  गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरक्षनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में पहली बार आ रहे हैं। मै उनको सुझाव दूंगा कि वह देश-दुनिया की बातें छोड़ें और पहले अपने संसदीय क्षेत्र के विकास पर ध्यान दें। सकारात्मक राजनीति करें। संवाददाताओं से बातचीत में योगी बसपा सुप्रीमो मायावती को जन्मदिन की बधाई देना भी नहीं भूले। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को योगी ने नसीहत दी कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़ दें और अपने गुर्गों को लोगों की जान लेने के लिए खुले में विचरण न करने दें। जिस तरह से आजमगढ़ में निर्दोष ग्रामीणों को जहरीली शराब पिलाकर मारा गया है, हरदोई में उनके नेता जहरीली शराब बनाते हुए पकड़े गए हैं और लखनऊ के अंदर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है, यह ठीक नहीं है। आलू को लेकर हो रही सियासत पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित के लिए हमारी सरकार ने ढेर सारा काम किया है। अब तक हमारी सरकार ने पिछले नौ महीनों में किसानों को लगभग 80 करोड़ रुपये दिए हैं। चाहे वो कर्जमाफी हो, धान क्रय केंद्र हो, गेहूं हो या गन्ना या फिर विभिन्न प्रकार की सब्सिडी देने की बात हो। अकेले उत्तर प्रदेश सरकार ने 80 हजार करोड़ की राशि किसानों में वितरित की है। आलू किसानों के लिए पिछली बार हम लोगों ने एक पॉलिसी तैयार की थी। इस बार फिर हम लोग तैयार हैं। आलू किसान अगर परेशान हैं तो इसके लिए सपा और बसपा जिम्मेदार हैं। उन्होंने अपने शासन के 15 वषोर् में किसानों के हित के लिए कुछ नहीं किया। हमने तो एक कमेटी फिर से गठित की है, जिससे किसानों के बारे में कोई ठोस कार्ययोजना बन सके।  

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Dakhal News 15 January 2018


मोहन भागवत

    रायपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि पूरे विश्व को भारत पर भरोसा है। भारत को कभी किसी देश को जीतना नहीं है। हमको भारत को दुनिया का सिरमौर बनाना है, लेकिन किसी को डरा कर नहीं। जब तक भारत है, तब तक हम आप हैं। भारत नहीं रहेगा, तो हम आप नहीं रह सकते। उन्होंने कहा कि कल्चर का मतलब संस्कृति नहीं है। खानपान और कपड़े सभ्यता में आते हैं, संस्कृति नहीं है। सारी विविधता के बीच एक संस्कार है। भागवत ने रायपुर में आज सामाजिक समरसता सम्मेलन को संबोधित किया। भागवत ने कहा कि विविधता के बावजूद एक देश एक राष्ट्र के कारण ही भारत चल रहा है। कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए इसे तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन जब भारत की बात आती है तो सब एक हो जाते हैं। जितना जमावड़ा बनाओगे, उतना मजबूत रहोगे। सबको जोड़ने वाली भारत की संस्कृति है, भारत के पूर्वज जोड़ने वाले हैं। इससे पहले भागवत ने कहा कि संक्रान्ति का पर्व है। सब कुछ ध्वस्त करके कुछ नया आने वाली क्रांति नहीं, बल्कि सोच विचार करके एक लंबी प्रक्रिया से शांति साथ लेकर आती है। सबको सुरक्षा देती है, सब को प्रतिष्ठित करती है। सूर्य को एक चक्र वाले रथ को 7 घोड़े को सामंजस्य बिठाने पड़ता है। इतनी विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उन्‍होंने कहा कि महान कार्य को करने के लिए साधन कितना है ये जरूरी नहीं है। खुद को लायक बनाने से सब सिद्ध हो जाएगा। परिस्थिति आती- जाती रहती है। मनुष्य अगर प्रकृति के साधनों के सहारे जिये तो एक पल जिंदा नहीं रह सकता। एक मच्छर भी मनुष्यों को परेशान कर सकता है। भगवान ने मनुष्य को बुद्धि दी है, जिसके कारण जिंदा है और इसी बुद्धि के कारण अहंकार भी है। व्यक्ति के नाते हमें समूह बनाकर सुखमय जीवन जीने के लिए चलना होगा। भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि समान विश्वास वाले लोग एक साथ आते हैं, जिसकी संख्या ज्यादा होती है वो जीतते हैं। राज्य कृत्रिम चीज है, वो बदलती है।  

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Dakhal News 15 January 2018


सुप्रीम विवाद - CJI से मिले पीएम के प्रमुख सचिव

  सुप्रीम कोर्ट के चार जजों द्वारा फ्रेस कॉन्फ्रेस कर न्यायपालिका की स्थिति को लेकर उठाए गए सवालों के बाद अब इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। खबरों के अनुसार पीएम मोदी के प्रमुख सचिव ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा से उनके आवास पर मुलाकात की है वहीं बार एसोसिएशन ने भी बैठक बुलाई है। खबरों के अनुसार एसोसिएशन इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर बैठक करेगा और इसके बाद मीडिया को संबोधित भी किया जा सकता है। वहीं चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा भी सुप्रीम कोर्ट के जजों से मुलाकात कर अपना पक्ष रख सकते हैं। माना जा रहा है कि आज की इन कवायदों के बाद विवाद सुलझ सकता है। जजों के मतभेद का मामला जल्‍द सुलझ जाएगा: अटॉर्नी जनरल अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने समाचार एजेंसी को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के जजों से जुड़ा मामला कल सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'आज की प्रेस कांफ्रेस को टाला जा सकता था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों के पास अपार अनुभव और जानकारी है। मुझे पूरा यकीन है की इस पूरे मसले को कल सुलझा लिया जाएगा।' बता दें कि एक अभूतपूर्व घटना में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों ने मुख्य न्यायाधीश (सीजेआइ) दीपक मिश्रा के खिलाफ सार्वजनिक मोर्चा खोल दिया। आगाह किया कि संस्थान में सब कुछ ठीक नहीं है। स्थिति नहीं बदली तो संस्थान के साथ साथ लोकतंत्र भी खतरे में है। मीडिया के सामने आने के न्यायाधीशों के चौंकाने वाले फैसले ने न सिर्फ आंतरिक कलह को खोलकर सामने रख दिया है, बल्कि कानूनविदों को भी खेमे में बांट दिया।  

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Dakhal News 13 January 2018


budget 2018

  केंद्र सरकार अगले वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आयकर छूट सीमा को मौजूदा ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर सकती है और मौजूदा टैक्स स्लैबों में भी बदलाव होने की संभावना है। साथ ही कारपोरेट टैक्स की दरें घटाने की दिशा में कदम उठाकर सरकार उद्योगों को उपहार भी दे सकती है। मोदी सरकार का यह आखिरी पूर्ण बजट होगा। सूत्रों ने कहा कि प्रत्यक्ष कर व्यवस्था में सुधार सरकार की प्राथमिकता में सबसे ऊपर हैं। वित्त मंत्रालय एक समूह का गठन कर इस दिशा में पहले ही कदम उठा चुका है। इसका उद्देश्य आम लोगों खासकर मध्यम वर्ग और कारोबार जगत को राहत देना है। वित्त मंत्री अरुण जेटली एक फरवरी 2018 को आम बजट पेश करेंगे। सूत्रों ने कहा कि मध्यम वर्ग को कर राहत देने के जिन विकल्पों पर विचार हो रहा है उनमें सबसे प्रमुख आयकर की दरें कम करने के संबंध में है। सरकार कर की दरें कम कर टैक्स के बोझ से राहत दे सकती है। चालू वित्त वर्ष के आम बजट में भी पांच लाख रुपये से कम आय पर दस प्रतिशत टैक्स की दर को घटाकर पांच प्रतिशत करके किया गया था। हालांकि दूसरा विकल्प टैक्स से छूट की मौजूदा सीमा को बढ़ाकर राहत देने का है। फिलहाल ढाई लाख रुपये तक की सालाना आय करमुक्त है। इसे बढ़ाकर तीन लाख रुपये या इससे अधिक करने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। बहरहाल सूत्रों का यह भी कहना है कि सरकार आयकर स्लैब में भी बदलाव कर सकती है। दरअसल स्लैब में बदलाव के प्रस्ताव के पीछे दलील यह है कि बढ़ती महंगाई से राहत दिलाने के लिए यह जरूरी है। पांच से दस लाख रुपये के स्लैब में टैक्स की दर घटाकर 10 फीसद की जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि दस लाख रुपये से 20 लाख रुपये के बीच एक नया स्लैब बनाया जा सकता है। इसमें दर 20 फीसद होगी। इससे ऊपर के स्लैब में 30 फीसद टैक्स होगा। फिलहाल व्यक्तिगत आयकर की चार स्लैब हैं। पहली स्लैब ढाई लाख रुपये से कम है जिस पर शून्य आयकर है। दूसरी स्लैब ढाई से पांच लाख रुपये है जिस पर पांच प्रतिशत आयकर है। तीसरी स्लैब पांच से दस लाख रुपये है जिस पर 20 प्रतिशत टैक्स है और चौथी स्लैब दस लाख रुपये से अधिक की है जिस पर 30 प्रतिशत टैक्स है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने नवंबर में ही छह सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन प्रत्यक्ष करों में बदलाव पर विचार के लिए किया है। ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि आयकर और कॉरपोरेट टैक्स के संबंध में जो भी बदलाव आगामी बजट में होंगे, वे प्रत्यक्ष कर प्रणाली में बदलाव की दिशा और दशा तय करेंगे। सूत्रों ने कहा कि वित्त मंत्री कारपोरेट रेट टैक्स में कटौती की पूर्व घोषणा पर भी इस बजट में अमल कर सकते हैं। दरअसल नोटबंदी और जीएसटी के प्रभाव के चलते उद्योग जगत की सुस्ती को दूर करने के लिए प्रोत्साहन की दरकार है। ऐसे में सरकार कारपोरेट टैक्स की वर्तमान दर 30 प्रतिशत को नीचे लाने की दिशा में कदम उठाकर इस संबंध में प्रयास कर सकती है। इससे उद्योग जगत को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि चालू वित्त वर्ष में जीएसटी के क्रियान्वयन के बाद सरकार के राजस्व में अपेक्षानुरूप वृद्धि नहीं हुई है, ऐसे में राजकोषीय घाटे को काबू रखने की जरूरत के बीच सरकार के हाथ बंधे होंगे।    

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Dakhal News 10 January 2018


लालू यादव को साढ़े तीन साल की सजा

रांची  में सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू यादव अलावा राजेंद्र प्रसाद, सुनील सिन्हा, सुशील कुमार समेत 6 दोषियों को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा कोर्ट ने लालू पर 5 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है जिसे ना भरने पर सजा 6 महीने के लिए बढ़ा दी जाएगी। कोर्ट ने लालू को यह सजा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनाई। खबरों के अनुसार कोर्ट ने घोटाले में सप्लायर्स को सात साल की सजा सुनाई है वहीं आईएएस और ट्रेजरी अधिकारियों को भी साढ़े तीन साल की सजा और 5 लाख का जुर्माना लगया गया है। साढे़ तीन साल की सजा होने पर अब लालू यादव को हाईकोर्ट से ही जमानत मिल पाएगी। अगर सजा तीन साल से कम होती तो उन्हें तत्काल जमानत मिल जाती। इसके पहले शुक्रवार को अदालत ने लालू यादव और पूर्व सांसद डॉ.आरके राणा सहित पांच दोषियों के खिलाफ सजा के बिंदु पर सुनवाई शुक्रवार को पूरी हो गई। इसके पहले दोषी करार पांच अन्य की सुनवाई गुरुवार को पूरी हो चुकी है। अब बचे छह दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई शनिवार को होगी। इसके बाद अदालत इन्हें सजा सुनाएगी। सभी अभियुक्त बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल में बंद हैं। दोषी करार जिन अभियुक्तों की ओर से शुक्रवार को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में सुनवाई हुई, उनमें लालू प्रसाद और राणा के अलावा फूलचंद सिंह, राजा राम जोशी व महेश प्रसाद शामिल हैं। कार्यवाही वीडियो कांफ्रेंसिंग ई-कोर्ट रूम से संचालित हुई। सुनवाई के दौरान महेश प्रसाद को छोड़ अन्य अभियुक्तों को बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। पेशी के दौरान लालू खामोश थे। कार्यवाही को गंभीरता से सुनने की कोशिश कर रहे थे। चेहरे का भाव सामान्य था। अभियुक्तों की ओर से उनके अधिवक्ता ने बहस की। स्वास्थ्य सहित अन्य व्यक्तिगत समस्या, ज्यादा उम्र, करीब 20 वर्षों से मुकदमा लड़ने को लेकर कम से कम सजा की अपील न्यायालय से की। वहीं सीबीआइ की ओर से वरीय विशेष लोक अभियोजक राकेश प्रसाद ने अधिक सजा की दलील दी। उन्होंने अपराध की प्रवृत्ति को देखते हुए कानून के प्रावधान के आधार पर अधिक से अधिक सजा देने की अपील न्यायालय से की। उल्लेखनीय है कि चारा घोटाले में 16 अभियुक्तों को अदालत ने 23 दिसंबर, 2016 को दोषी करार दिया था। इसके बाद सभी को न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल भेजा गया था। अदालत तीन जनवरी से सजा के बिंदु पर सुनवाई कर रही है। अभियुक्तों के नाम को अल्फाबेटिकल बांटकर सुनवाई हो रही है। यह मामला देवघर कोषागार से 89.04 लाख रुपये अवैध निकासी से संबंधित है।  

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Dakhal News 6 January 2018


तीन तलाक विधेयक

  एक साथ तीन तलाक विधेयक पर सियासी घमासान गुरुवार को राज्यसभा में लगातार दूसरे दिन जारी रहा। विपक्ष बिल को प्रवर समिति (सेलेक्ट कमेटी) में भेजने पर अड़ा रहा, तो सरकार ने भी इस मांग के आगे झुकने से इन्कार कर दिया। इस सियासी रस्साकशी में बिल के शीत सत्र में पारित होने की अब कोई गुंजाइश नहीं दिख रही। सरकार ने विपक्ष पर फिर इसकी राह रोकने का आरोप लगाया है। राज्यसभा में नेता सदन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तत्काल तलाक बिल को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग को इसे लटकाने का प्रयास करार दिया। उनका कहना था कि विपक्ष ने प्रवर समिति के लिए जिन सांसदों को आगे किया है, वे वास्तव में इस बिल को खत्म करना चाहते हैं। इतना ही नहीं प्रवर समिति के लिए विपक्ष का संशोधन 24 घंटे पहले नहीं आया। नियम के हिसाब से यह वैध नहीं है। प्रवर समिति के लिए सुझाए सदस्यों के नाम पूरे सदन के स्वरूप का प्रतिनिधित्व नहीं करते। वित्त मंत्री ने कहा कि विपक्ष ने इसे लटकाना पहले से तय कर रखा है। इसीलिए सरकार इसे प्रवर समिति में भेजने को तैयार नहीं है। राज्यसभा में यह मसला दूसरे दिन तब आया जब अर्थव्यवस्था पर अल्पकालिक चर्चा के बाद जीएसटी बिल पर बहस शुरू हो रही थी। सपा के नरेश अग्रवाल समेत विपक्ष के तमाम सदस्यों ने उपसभापति पीजे कुरियन से विपक्ष के दोनों वैध संशोधनों पर मतविभाजन की मांग पर फैसला देने को कहा। विपक्ष का कहना था कि पहले इस मुद्दे का निपटारा हो, तब जीएसटी बिल लिया जाए। सरकार ने गुरुवार को एजेंडे में तत्काल तलाक को जीएसटी के बाद रखा था। नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने जेटली के आरोपों पर कहा कि यह गलत प्रचार फैलाया जा रहा कि कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष तत्काल तलाक बिल के खिलाफ है। हमारी आपत्ति केवल इस पर है कि एक साथ तीन तलाक पर पति जेल जाएगा, तब उस दौरान पत्नी का गुजारा कौन चलाएगा। इस बिल के जरिये सरकार ने मुस्लिम औरतों को खत्म करने का प्रबंध कर दिया है। इसलिए हमारा आग्रह है कि गुजारे की व्यवस्था कर दीजिए। हमें बिल पर कोई एतराज नहीं है। अपने-अपने तर्कों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जमकर तकरार हुई। इस दौरान सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति इरानी ने कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष पर मुस्लिम महिलाओं को हक से वंचित करने का आरोप लगाया। तो तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन ने कहा कि सरकार एक साथ तीन तलाक पर राजनीति कर रही है और हक दिलाने का दिखावा कर रही। उपसभापति ने कहा कि बेशक तृणमूल के सुखेंदु शेखर राय और कांग्रेस के आनंद शर्मा का प्रस्ताव वैध है। सभापति ने भी इसे स्वीकार कर लिया है। लेकिन, सरकार के एजेंडे में जीएसटी बिल पहले है। इसके बाद ही तत्काल तलाक का बिल लिया जाएगा। मगर शाम साढ़े पांचे बजे पूरी हुई चर्चा के बाद विपक्ष तत्काल तलाक को पहले लेने पर अड़ा रहा। इसी तकरार में सदन को करीब पौने छह बजे पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया।  

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Dakhal News 4 January 2018


 नितिन पटेल

  गुजरात में भाजपा की सरकार बनने के बाद विभागों के बंटवारे को लेकर मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी और उप मुख्‍यमंत्री नितिन पटेल के बीच मतभेद की अटकलें थीं। मगर अब लगता है सब कुछ ठीक हो गया है। उन्‍होंने आज अपना पदभार संभाल लिया। बताया जा रहा है कि भाजपा राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह के फोन आने के बाद नितिन पटेल की नाराजगी दूर हुई है। अमित शाह ने उनकी मांगों पर विचार करने का आश्‍वासन दिया है। उनके फोन आने के कुछ देर बाद ही नितिन पटेल पदभार संभालने गांधीनगर पहुंचे। मीडिया से बात करते हुए नितिन पटेल ने कहा कि अमित शाह ने मुझ पर भरोसा जताया है, इसलिए मैंने पदभार संभाल लिया है। मैंने सुबह कैबिनेट की बैठक में मुख्‍यमंत्री रूपाणी के साथ हिस्सा भी लिया। नितिन पटेल ने स्‍पष्‍ट रूप से यह भी कहा, मैं कोई महत्वपूर्ण मंत्रालय नहीं चाहता था। मेरी बस यही इच्छा थी कि मैं जिन मंत्रालयों को पहले से देख रहा था, वो मुझे फिर से दे दिए जाए। मैंने 40 साल से भाजपा कार्यकर्ता के तौर पर काम किया है। मेरे योगदान को देखते हुए ही पार्टी ने मुझे उप मुख्‍यमंत्री बनाया है। मैं पार्टी छोड़ने के बारे में सोच भी नहीं सकता। हार्दिक पटेल के प्रस्ताव पर नितिन पटेल ने कहा, कांग्रेस कई मामलों में राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है। कांग्रेस की ओर से जो प्रस्ताव दिया गया है, मैं उस पर कभी विचार भी नहीं कर सकता हूं। गौरतलब है कि शनिवार को पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने कहा था कि अगर नितिन पटेल अपने साथ 10 भाजपा कार्यकर्ताओं को साथ ला साकते हैं तो उन्‍हें कांग्रेस पार्टी में शामिल हो जाना चाहिए। इस प्रस्‍ताव को लेकर भाजपा ने हार्दिक पटेल को खूब खरी-खरी भी सुनाई है।

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Dakhal News 31 December 2017


शिवराज सिंह चौहान

केरल के श्रंगेरी मठ में "एकात्म यात्रा" कार्यक्रम में मुख्यमंत्री चौहान  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पूरे विश्व में आदि शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन का प्रचार-प्रसार करने के लिये प्रदेश के ओंकारेश्वर में आदि गुरु शंकराचार्य सांस्कृतिक एकता न्यास की स्थापना की जायेगी। न्याय के जरिये अद्वैत दर्शन पर शोध और अध्ययन का काम होगा। वे आज केरल में श्रंगेरी मठ में 'एकात्म यात्रा' की श्रंखला में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शंकर संदेश वाहिनी को ध्वज दिखाकर रवाना किया। यह वाहिनी कालिडी, श्रंगेरी, काँची, द्वारका, जोशीमठ, हरिद्वार, वाराणसी से होते हुए 22 जनवरी को ओंकारेश्वर पहुँचेगी। श्री चौहान ने कहा कि अद्वैत दर्शन में विश्व की सभी समस्याओं का समाधान करने की क्षमता है। यह युग की धारा बदल देने वाला दर्शन है। आतंकवाद  और वैमनस्यता जैसी बुराइयों को समाप्त कर देगा। उन्होंने कहा कि अद्वैत दर्शन का ज्ञान होने पर ही पता चलता है कि इस जगत के सभी जीवों, अवयवों में एक ही चेतना का वास है। इसलिये सभी एक ही चेतना से आपस में जुडे हैं। इसी दर्शन के कारण भारत में प्रकृति की आराधना होती है। नदियों को पूजा जाता है। उन्हें परम चेतना से अलग नहीं मानते। उन्होंने कहा कि अद्वैत दर्शन आम लोगों के बीच जाना चाहिये। केवल मंदिरों, मठों और विद्वानों तक सीमित नहीं रहना चाहिये। इसका विस्तार ही कल्याणकारी है। आदि शंकराचार्य ने भारत की सांस्कृतिक एकता को स्थापित किया और मानवता को शांति और धर्म की राह दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि शंकराचार्य की जन्म-भूमि केरल है लेकिन उनकी ज्ञान-भूमि मध्यप्रदेश है। इसलिये चार एकात्म यात्राएँ ओंकारेश्वर, रीवा, अमरकंटक और उज्जैन से निकाली गई हैं। जिन स्थानों से ये एकात्म यात्राएँ गुजरेंगी उस स्थान से धातु कलश में वहाँ की मिट्टी इकट्ठी की जा रही है। आदिगुरू की प्रतिमा की स्थापना के समय नींव में इसका उपयोग किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को जीव, जगत और जगदीश की एकात्मकता को आत्मसात करने और एकात्मकता के माध्यम से बेहतर समाज, राष्ट्र और विश्व निर्माण करने में योगदान देने का संकल्प दिलाया।  

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Dakhal News 29 December 2017


 तीन तलाक बिल लॉक

  तीन तलाक का बिल लोकसभा से पारित हो गया है। यह बिल बिना किसी संशोधन के पारित किया गया। सारे संशोधन खारिज किए गए। लोकसभा से अब यह बिल राज्‍यसभा में जाएगा। शीतकालीन सत्र में गुरुवार को सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को राहत देने वाला तीन तलाक पर बिल लोकसभा में पेश कर दिया। बिल पेश होते ही विपक्ष के सासंदों ने इसका विरोध किया वहीं कांग्रेस ने इस बिल का समर्थन किया है लेकिन कुछ शर्तों के साथ। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम इस बिल का समर्थन करेंगे लेकिन इसमें कुछ मुद्दे हैं जिन्हें ठीक किया जाना है। हम बैठकर इस मुद्दे पर बात कर लेंगे। इस पर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बिल का समर्थन करने के लिए कांग्रेस का धन्यवाद और उनकी जो भी बातें हैं वो सुनकर बिल में जरूरी हुआ तो सुधार किया जाएगा। इससे पहले बिल पेश होते ही विपक्ष का कहना था कि इस बिल में तीन तलाक पर सजा के चलते परिवार प्रभावित होंगे। वहीं दूसरी तरफ खबर है कि कांग्रेस संसद में इस बिल का समर्थन कर सकती है लेकिन वो भी बिल में आपराधिक मामला दर्ज करने की बात को उठाएगी। इससे पहले सदन में बिल आते ही लोकसभा सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इसका विरोध किया। ओवैसी ने इस बिल को महिला विरोधी करार देते हुए कहा कि यह बिल मूलभूत अधिकारों का हनन करता है साथ ही इसमें कई कानूनी खामियां भी हैं। वही इससे पहले बिल पेश करते हुए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कि पीएम मोदी के रहते किसी मुस्लिम महिला के साथ अन्याय नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कानून बनाने को कहा था और उसी के आदेश का पालन हो रहा है। वहीं उन्होंने बिल का विरोध होने पर कहा कि जो लोग मानव अधिकारों की बात करते हैं वो बताएं की तीन तलाक की पीड़ित महिलाओं के मानव अधिकार नहीं है क्या। बता दें कि सदन में पेश हुए बिल के मुताबिक किसी भी तरीके से एक बार में दिया गया तीन तलाक अवैध तथा शून्य होगा और उसके लिए पति को तीन साल की सजा होगी। केंद्रीय कैबिनेट ने बिल को मंजूरी दे दी है। लेकिन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बिल का विरोध करते हुए उसे वापस लेने या रोकने की मांग की है। बोर्ड ने बिल को असंवैधानिक तथा महिला विरोधी करार दिया है। सत्तारूढ़ दल भाजपा ने लोकसभा में ट्रिपल तलाक का बिल पारित कराने के लिए अपने सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। बिल पेश होने के पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने सभी विपक्षी दलों से गुरुवार को संसद में ध्वनि मत से तीन तलाक विधेयक पारित कराने की अपील की है। संसद भवन के बाहर पत्रकारों से चर्चा में अनंत कुमार ने कहा कि विधेयक गुरुवार को संसद में पेश किया जाना है। अब तक संसद की कार्यवाही में मनमोहन सिंह के खिलाफ पीएम मोदी की टिप्पणी को लेकर बाधा डाली जा रही थी।  

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Dakhal News 28 December 2017


अटल बिहारी वाजपेयी को दी जन्म-दिन की बधाई

  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनके जन्म-दिन 25 दिसम्बर पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने श्री वाजपेयी के सुदीर्घ जीवन की मंगल-कामना की है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि श्री वाजपेयी देश के एक आदर्श राजनेता हैं। वे सुशासन के प्रतीक हैं। उनके जन्म-दिन को मध्यप्रदेश में सुशासन दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य शासन जिम्मेदार और प्रभावी सुशासन देने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री  ने क्रिसमस पर दी बधाई मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्रिसमस के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामना दी हैं। मुख्यमंत्री ने संदेश में कहा है कि‍आधुनिक समाज में नैतिक मूल्यों, विश्व शांति और मानव जीवन की गरिमा की स्थापना के लिये प्रभु ईसा मसीह के पवित्र वचनों की सार्वभौमिक प्रासंगिकता है।  मुख्यमंत्री ने कहा है कि क्रिसमस का त्यौहार भाईचारे की भावना और खुशि‍यों को बांटने का उत्सव है। यीशु मसीह के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला यह त्‍यौहार उनके बलि‍दान, सेवा,त्‍याग, प्रेम और करूणा जैसे आदर्शो का अनुसरण करने का संदेश देता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने क्रिसमस के अवसर पर प्रदेशवासियों की खुशहाली और प्रदेश की तरक्की की कामना की है।

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Dakhal News 24 December 2017


दस रूपये किलो मूल्य पर दालें

कुपोषण दूर करने कराहल एवं खालवा विकासखण्ड से शुरू होगी योजना  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिये जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति के लोगों को दलहनों का वितरण किया जायेगा। यह कार्यक्रम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में श्योपुर जिले के कराहल एवं खण्डवा जिले के खालवा विकासखण्ड से शुरू किया जाएगा। इसके अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति को एक किलो दाल मात्र दस रूपये में उपलब्ध करायी जायेगी। इस अभिनव कार्यक्रम से दोनों विकासखण्ड के लगभग 75 हजार परिवारों के साढ़े तीन लाख लोग लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दलहन वितरण का यह महत्वाकांक्षी निर्णय आज यहाँ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया। उन्होंने अधिकारियों को दलहन वितरण की व्यवस्था करने और जनजातीय वर्ग के लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश दिये है। उन्होंने कहा कि जनसमुदाय की राय से ही तय किया जायेगा कि उन्हें दाल या खड़ी दाल के रूप में दलहनें उपलब्ध करायी जाये। श्री चौहान ने कहा कि जनजातीय लोगों को दलहन उपलब्ध कराने से उनके भोजन में दाल शामिल होगी जिससे उन्हें प्रोटीन की समुचित मात्रा मिलेगी। इससे कुपोषण दूर करने में मदद मिलेगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, एपीसी श्री पी.सी. मीणा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती नीलम शमी राव और प्रमुख सचिव सहकारिता श्री के.सी. गुप्ता उपस्थित थे।  

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Dakhal News 21 December 2017


modi

  पीएम मोदी द्वारा मनमोहन सिंह को लेकर दिए बयान पर शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को भी विपक्ष ने हंगामा किया। विपक्ष लगातार नारेबाजी कर रहा है और पीएम मोदी से माफी की मांग पर अड़ा हुआ है। इस बीच विपक्ष के हंगामे को लेकर उपराष्ट्रपति वैकेंया नायडू ने कहा कि मनमोहन सिंह पर बयान पीएम मोदी ने सदन में नहीं दिया था और इसलिए यहां वो कोई माफी नहीं मांगेंगे। इसके बाद सदन की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।  

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Dakhal News 21 December 2017


रणदीप सुरजेवाला

गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग पर तगड़ा निशाना साधा। कांग्रेस के गुजरात प्रभारी अशोक गहलोत और प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस बात पर आपत्ति ली कि अहमदाबाद में अपना वोट देने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने किस तरह रैली की शक्ल में वहां मौजूद लोगों का अभिवादन करते हुए रवाना हुए। कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे लगता है कि चुनाव आयोग मोदी के निजी सचिव की तरह काम कर रहा है। सुरजेवाला ने कहा, राहुल गांधी का इंटरव्यू दिखाने वाले चैनल पर एफआईआर दर्ज कर ली जाती है और मोदी फिक्की के कार्यक्रम को एक चुनावी रैली की तरह संबोधित करते हैं, इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एयरपोर्ट पर लोगों को संबोधित करते हैं और चुनाव आयोग कोई कार्रवाई नहीं करता है।  

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Dakhal News 14 December 2017


अमित शाह के बोल

गुजरात विधानसभा के लिए वोटों की गिनती होना है। लेकिन बयानबाजी जारी है। ताजा घटनाक्रम में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को ट्वीट के जरिये पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर हमला बोला। शाह ने तंज कसते हुए सवाल किया, 'गुजरात चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पद की गरिमा का खयाल न रखने का आरोप लगाने वाले मनमोहन सिंह अपने कार्यकाल में इस गरिमा को क्यों भूल गए थे? उनके प्रधानमंत्री रहते हुए लाखों करोड़ रुपये के घोटाले होते रहे, तब उन्हें गुस्सा क्यों नहीं आया?' भाजपा अध्यक्ष ने कहा, 'आखिर उन्हें तब गुस्सा क्यों नहीं आया, जब सोनिया गांधी ने देश के एक राज्य के मुख्यमंत्री को 'मौत का सौदागर' कहा। आखिर वह भी तो संवैधानिक पद था। उन्हें तब गुस्सा क्यों नहीं आया, जब पीएम को 'नीच' कहा गया। मनमोहन सिंह जी से ऐसी राजनीतिक की अपेक्षा नहीं थी।'शाह ने कहा, 'वह पहले भी गुजरात में प्रचार कर चुके हैं, लेकिन ऐसे गुस्से में कभी नहीं दिखे। यह उनका स्वभाव नहीं है। शायद इस बार उनके ऊपर पार्टी का दबाव कुछ ज्यादा था।'    

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Dakhal News 14 December 2017


भुजबल की 20 करोड़ की संपत्ति जब्त

मुंबई में  प्रवर्तन निदेशालय ने राकांपा नेता छगन भुजबल की 20.41 करोड़ रुपये कीमत की संपत्ति जब्त कर ली। ये संपत्ति प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जब्त की गई है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे छगन भुजबल पर दिल्ली स्थित न्यू महाराष्ट्र सदन के निर्माण एवं मुंबई के कालीना क्षेत्र के एक निर्माण में घोटाले का आरोप है। भुजबल को प्रवर्तन निदेशालय ने विगत 14 मार्च 2016 को गिरफ्तार कर लिया था। वह तभी से मुंबई के ऑर्थर रोड जेल में बंद हैं। भुजबल के पुत्र एवं राकांपा विधायक पंकज भुजबल एवं भतीजे समीर भुजबल भी इसी मामले में आरोपी हैं। प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि छगन भुजबल ने उक्त इमारतों के निर्माण में गलत तरीके से पैसा बनाया एवं उसका निवेश फर्जी कंपनियों के जरिए करवाया गया। आयकर विभाग एवं प्रवर्तन निदेशालय इससे पहले भी भुजबल की 300 करोड़ रुपयों से ज्यादा की संपत्तियां जब्त कर चुका है। भुजबल के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भी जांच की है। फरवरी 2016 में एसीबी भुजबल सहित 17 आरोपियों के विरुद्ध 20,000 पन्नों से ज्यादा का आरोपपत्र अदालत में पेश कर चुका है। आयकर विभाग ने इस मामले में ऐसी 44 कंपनियों को चिन्हित किया है, जिन्होंने बेनामी समझी जा रही तीन में से दो कंपनियों में निवेश किया। यह उस कानून का उल्लंघन है, जो बन तो 1988 में ही गया था, लेकिन अमल में पिछले वर्ष एक नवंबर से आना शुरू हुआ है। इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर सात वर्ष तक कठोर कारावास एवं बेनामी संपत्तियों के बाजार मूल्य का 25 फीसद तक जुर्माना हो सकता है। इन संपत्तियों की चार माह तक जांच करनेवाली आयकर विभाग की टीम का मानना है कि भुजबल परिवार द्वारा ये संपत्तियां अघोषित आय का उपयोग करके खरीदी गई हैं।  

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Dakhal News 5 December 2017


चक्रवात ओखी अमित शाह

दक्षिण भारत में कहर बरपा कर चक्रवात ओखी अब गुजरात पहुंचा है। चुनाव में राजनीतिक सरगर्मी पर चक्रवात ओखी ने पानी बरसा दिया है। इसके चलते भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की तीन रैलियां रद्द कर दी गईं हैं। यह रैलियां तटीय इलाकों राजुला, माहुआ और शिहोर में होने वाली थीं। ओखी की चेतावनी को देखते हुए गुजरात सरकार ने प्रदेश के तमाम बंदरगाहों पर रेड नंबर सिंग्लन लगा कर दिया गया है। वहीं समुद्र में मछली पकड़ कर रहे मच्छुआरों वापस आने की सूचना दे दी गई है। सरकार समुद्र किनारे वाले क्षेत्रों में एनडीआरएफ की टीम तैनात कर 24 घंटे कंन्ट्रोल रुम भी शुरु किया है। पिछले दो दिनों से गुजरात में ओखी तुफान का असर दिखने को मिल रहा है। प्रदेश में अंधिकांश के शहरो में तेज हवाओं के साथ समुद्री किनारे वाले क्षत्रों में बारिश भी हुई है। अहमदाबाद , राजकोट , सूरत, वडोदरा जैसे बड़े शहरों में दिन भर बादली माहौल रहा है। सरकार ने बताया कि दक्षिण भारत में तबाही मचाने के बाद ओखी तुफान गुजरात की ओर आगे बढ़ रहा है। अगले 48 घंटों में ओखी तुफान में गुजरात में 60 से 70 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। गुजरात सरकार ने कहा कि ओखी तुफान से निपटने के लिए प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर व अधिकारियों के साथ एक बैठक की गई है। इसमें सावधानी तमाम कदम उठाये गये है। बंदरगाह पर रेड नंबर सिंग्लन लगाने के साथ मच्छुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई। सूरत , राजकोट, कच्छ , जूनागढ़ सहित समुद्री किनारे वाले एनडीआरएफ के जवानों को स्टैंडबाय रखा गया है। यहां समुद्र में से मछुआरों के बोटों को सुरक्षित स्थल पर ले जाया गया है। वहीं सरकार 24 घंटे कन्ट्रोल रुम भी शुरु किया है। सूचना पाते ही समुद्र में मछली पकड़ रहे 300 बोट के साथ मच्छुआरे वापस आ गये है। जबकि जाफराबाद में 139 बोट अभी भी समुद्र में है। जिससे उनका संपर्क किया जा रहा है।

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Dakhal News 5 December 2017


babulal gaur

  भोपाल गैंगरेप सहित प्रदेश के अन्य स्थानों पर महिलाओं के खिलाफ हो रही लगातार घटनाओं के मामले उठाते हुए विपक्ष ने प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला है। शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन आज विधानसभा में कांग्रेस के रामनिवास रावत, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सहित कई विधायकों ने भोपाल के शक्ति कांड का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर एक बार फिर अपनी ही सरकार के लिए परेशानी लेकर आए। गौर ने कुपोषण के मुद्दे पर सरकार पर सवाल उठाए। महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध को लेकर विपक्ष ने स्थगन भी लगाया। कांग्रेस विधायकों ने सदन में इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा ने आश्वस्त किया कि वे विषय का परीक्षण कर अपना फैसला सुनाएंगे। विपक्ष के हमले पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि सरकार दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध करने वालों के लिए फांसी की सजा का कानून ला रही है। इसके अलावा जबलपुर से विधायक तरुण भनोत सहित कई विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष से अफसरशाही की शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि अधिकारी उनके पत्रों का जवाब नहीं देते। प्रश्न काल में उठे इस विषय पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा ने भी विधायकों का पक्ष लेते हुए मंत्रियों को ताकीद किया कि वे इस बात को सुनिश्चित करें कि विधायकों द्वारा लिखे जाने वाले पत्रों के जवाब समय पर दिए जाएं और जो लोग इन दिशा निर्देशों का पालन नहीं करते हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इधर कुपोषण के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने विपक्ष के सुर में सुर मिलाते हुए अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए। गौर ने कहा प्रदेश में कुपोषण क्यों नहीं रुक रहा है और इसके लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं। इसके जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने कहा कि कुपोषण के स्तर में कमी आई है लेकिन कोई भी यह पूरी तरह दावे से नहीं कह सकता है कि समस्या से निजात पा लिया गया है।

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Dakhal News 28 November 2017


 पीएम मोदी ,इवांका मुलाकात

  हैदराबाद में मंगलवार से होने वाले वैश्विक उद्यमिता शिखर सम्मेलन (GES 2017) में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप पहुंच चुकी हैं। सम्मेलन शुरू होने से पहले इवांका ने पीएम मोदी से मुलाकात की साथ ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिली। इसके बाद पीएम मोदी और इवांका ट्रंप दोनों की इस सम्मेलन को संबोधित किया । पीएम मोदी और सुषमा स्वराज से इस मुलाकात के दौरान इवांका के साथ आए अधिकारियों का दल भी मौजूद था। इससे पहले इवांका मंगलवार तड़के हैदराबाद पहुंची तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक एम महेंदर रेड्डी ने बताया कि इवांका मंगलवार तड़के शमशाबाद में राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचीं और 29 नवंबर की शाम लौट जाएंगी।  

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Dakhal News 28 November 2017


bjp mp

वर्ष 2003 में कांग्रेस की दिग्विजय सिंह सरकार को उखाड़ फेंकने में अहम भूमिका निभाने वाले 'जावली' की तर्ज पर भाजपा ने एक बार फिर चुनाव प्रबंधन कार्यालय का शुभारंभ किया है। यह कार्यालय विधानसभा चुनाव 2018 और लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों पर उसी तर्ज पर काम करेगा, जैसे 2003 में 'जावली ' किया करता था । 'जावली' ने ही उस समय अक्रामक चुनाव प्रचार की शैली विकसित की थी । उसी टीम ने तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को मिस्टर बंटाधार के नाम से अलंकृत किया था। इस कार्यालय की कमान फिलहाल पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत संभालेंगे । शुक्रवार को विधिविधान पूजापाठ कर प्रदेश भाजपा कार्यालय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा सहित कई नेताओं की मौजूदगी में इस कार्यालय का उद्धाटन किया गया । सन 2003 में भाजपा ने तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष डॉ गौरीशंकर शेजवार के बंगले में जावली का निर्माण किया था। तब अनिल दवे जावली के प्रभारी हुआ करते थे। उनके साथ शैलेंद्र शर्मा, भारम भूषण, अतुल जैन और अजय मेहता भी चुनावी व्यूह रचना तैयार करने का काम करते थे। क्या है जावली का इतिहास जावली महाराष्ट्र की एक छोटी सी रियासत थी । इस जावली के किले में मुगल शासकों ने शिवाजी को मारने की योजना बनाई थी । 10 नवंबर 1659 को अफजल खां ने इसी जावली में शिवाजी को एकांत में मिलने बुलवाया था। जहां धोखे से वह शिवाजी की हत्या करना चाहता था, लेकिन शिवाजी ने उसे मार गिराया । इसी विजय गाथा की याद में भाजपा ने भी अपने चुनाव प्रबंधन कार्यालय के उद्धाटन के लिए 10 नवंबर की तारीख को चुना। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर कहा कि स्वर्णिम मध्यप्रदेश का जो सपना हमने देखा था, उसे भारतीय जनता पार्टी साकार कर रही है। हम समर्पण, समन्वय और एकजुटता से 2018 में प्रदेश में चौथी बार सरकार बनाएंगे। चुनाव में अभी एक वर्ष है, इसमें तैयारियों के 8 महीने और सघन चुनाव प्रचार के 4 माह सम्मिलित हैं। इस अवसर पर मध्य प्रदेश शासन के मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, उमाशंकर गुप्ता, श्रीमती माया सिंह, भूपेन्द्र सिंह, पारस जैन, जयभान सिंह पवैया, रामपाल सिंह, दीपक जोशी, रूस्तम सिंह, विश्वास सारंग, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष विजेश लुणावत, रामेश्वर शर्मा, अरविन्द भदौरिया, प्रदेश महामंत्री बंशीलाल गुर्जर, प्रदेश मंत्री पंकज जोशी, श्रीमती कृष्णा गौर, प्रदेश कार्यालय मंत्री राजेन्द्रसिंह राजपूत, प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर, प्रदेश सह मीडिया प्रभारीसंजय गोविन्द खोचे, गजेन्द्र पटेल, श्रीमती लता ऐलकर, अशोक सैनी, ताराचन्द बावरिया सहित प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित थे।  

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Dakhal News 11 November 2017


चित्रकूट चुनाव

  चित्रकूट उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचार के लिए कई मंत्रियों को मैदान में उतार दिया है। करीब आधा दर्जन मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि छह नवंबर तक सभी चित्रकूट में ही रहें। उपचुनाव में प्रचार के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव को नीदरलैंड दौरा बीच में छोड़कर वापस लौटना पड़ा। भार्गव को छह नवंबर को भोपाल लौटना था, लेकिन वे गुरुवार को ही दिल्ली पहुंच गए। भार्गव शुक्रवार को चित्रकूट चुनाव प्रचार के लिए जाएंगे। भार्गव के अलावा लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह, गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग राज्यमंत्री संजय पाठक और सहकारिता राज्यमंत्री विश्वास सारंग को भी चित्रकूट पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें से कुछ मंत्री चित्रकूट पहुंच भी चुके हैं। उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ल और खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे पहले से ही चित्रकूट में डेरा जमाए हुए हैं। इन सभी मंत्रियों को भाजपा ने स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया था। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव फूलों की खेती, जैविक खेती और डेयरी उद्योगों का अध्ययन करने के लिए विभाग के एक दल के साथ नीदरलैंड गए थे। नीदलैंड से सिर्फ गोपाल भार्गव वापस लौटे, उनके साथ गया अध्ययन दल पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक ही वापस आएगा।

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Dakhal News 3 November 2017


पूरी दुनिया में पहुंचेगी खिचड़ी

खिचड़ी देश के हर तबके की पसंद है लेकिन अब यह सिर्फ भारत नहीं बल्कि पूरी दुनिया में पहुंचेगी। दिल्ली में आज से होने वाले फूड इंडिया कार्यक्रम में इस खिचड़ी का स्वाद दुनिया भी चखेगी। पीएम मोदी ने सुबह इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने फूड प्रोसेसिंग उद्योग और किसानो पर अपनी बात रखी। पीएम ने कहा कि हमारे देश का किसान जिसे हम अन्नदाता भी कहते हैं वो फूड प्रोसेसिंग का केंद्र है। ट्रेनों में रोजाना लाखों लोग खाना खाते हैं और यह यात्री फूड प्रोसेसिंग उद्योग के संभावित ग्राहक हो सकते हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत आज विश्व की सबसे तेज उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। पीएम ने अपने संबोधन में सहूलियत 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर विश्व बैंक की रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग में हुए शानदार सुधार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत जीएसटी और अन्य आर्थिक सुधारों की वजह से भारत के कारोबारी माहौल में सुगमता आई है। बता दें कि फेस्ट के लिए 800 किलो खिचड़ी तैयार की जाएगी। यह कदम विश्व रिकार्ड बनाने के लिए भी उठाया जाएगा। इसे ब्रांड इंडिया फूड के रूप में चुना गया है। 800 किलो खिचड़ी तैयार करने के लिए 1000 लीटर क्षमता और सात फीट गहराई की विशाल कड़ाही का प्रबंध किया गया है। इस फेस्ट में 70 देशों के प्रतिभागी हिस्सा लेने वाले हैं। पाक कला के मशहूर विशेषज्ञ संजीव कपूर को तीन दिवसीय ग्रेट इंडियन फूड स्ट्रीट का ब्रांड अंबेसडर बनाया गया है। वही खिचड़ी तैयार करेंगे। यह कार्यक्रम खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय और सीआइआइ संयुक्त रूप से आयोजित कर रहे हैं। अनेकता में एकता की प्रतीक है खिचड़ी खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कार्यक्रम के बारे में कहा, 'खिचड़ी भारत का मुख्य भोजन है। इसे स्वास्थ्यवर्द्धक भोजन माना जाता है। देश भर में यह गरीबों और अमीरों का पसंदीदा खाना भी है।' उन्होंने कहा कि खिचड़ी भारत की महान संस्कृति अनेकता में एकता को भी प्रदर्शित करती है। यही कारण है कि इसे ब्रांड इंडिया फूड के रूप में चुना गया है। तैयार होने के बाद करीब 60,000 अनाथ बच्चों को खिचड़ी परोसी जाएगी। इसके साथ ही कार्यक्रम में मौजूद अतिथि भी इसका स्वाद ले सकेंगे। इतना ही नहीं भारत में दूसरे देशों के राजदूतों को खिचड़ी के साथ पाक विधि भी भेजी जाएगी। ब्रांड इंडिया खिचड़ी को विदेशों में भारतीय दूतावास प्रचारित करेंगे। पाक विधि के साथ तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले सामान की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि दुनिया भर में हर रेस्टोरेंट और रसोई में खिचड़ी तैयार होने लगेगी।  

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Dakhal News 3 November 2017


गुजरात में चुनाव दिसंबर में

  भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त एके जोति ने संकेत दिया है कि दिसंबर में गुजरात चुनाव कराए जा सकते हैं। जनवरी के तीसरे सप्ताह में विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। उनका कहना है कि गुजरात के सभी 50 हजार बूथों पर वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल होगा। गोवा में ये आजमाई जा चुकी हैं। आयोग पहली बार इन चुनावों में महिलाओं के लिए मतदान केंद्र बनाने जा रहा है। चुनाव आयुक्त ने भाजपा, कांग्रेस सहित विविध राष्ट्रीय दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर चुनाव सुधार संबंधी सुझाव मांगे। कांग्रेस ने संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी लगाने व वीवीपैट के 10 फीसदी वोट गिनकर ही परिणाम घोषित करने की मांग रखी थी। जबकि भाजपा ने दिसंबर के प्रथम सप्ताह में बड़ी संख्या में विवाह समारोह होने के कारण 14 दिसंबर के बाद विधानसभा चुनाव कराने की मांग रखी।  

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Dakhal News 11 October 2017


 रावण दहन

अधर्म पर धर्म व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस मौके पर रावण दहन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू के साथ दिल्ली के लालकिला मैदान पहुंचे। यहां श्री धार्मिक लीला कमेटी की ओर से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद का पुलता दहन किया गया । इससे पहले मोदी ने ट्विटर पर लिखा- 'विजयदशमी के पावन पर्व पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं।' गौरतलब है कि बीते साल दशहरा पर लखनऊ में होने की वजह से मोदी लालकिले के प्रोग्राम में शामिल नहीं हो पाए थे। रामलीला ग्राउंड पर आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के अलावा केद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, विजय गोयल, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी पहुंचे। रामलीला मैदान पहुंचे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री और अन्य अतिथियों ने परंपरा के अनुसार पूजा की। मान्यता है कि यहां देश के प्रधानमंत्री रावण दहन करते हैं। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी रामलीला मैदान पर नजर आए। वहीं पटना के गांधी मैदान में रावण दहन हो चुका है. इस दौरान रावण, मेघनाद और कुंभकरण का पुतला जला दिया गया है। राजधानी के दशहरा कमेटी द्वारा गांधी मैदान में आयोजित होने वाले लंकाधिपति रावण वध समारोह में जन सैलाब उमड़ पड़ा। इसके पहले गांधी मैदान में राम-लक्ष्‍मण की भव्‍य झांकी निकाली गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित अनेक गणमान्‍य लोग शामिल हुए। खास बात यह भी रही कि इस अवसर पर किन्‍नरों की टीम ने भी रंगारंग प्रस्‍तुतियां दीं।

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Dakhal News 30 September 2017


राज ठाकरे

मुंबई के एलफिंस्टन रोड स्टेशन से सटे फुट ओवरब्रिज पर मची भगदड़ में हुई मौतों के बाद सियासत भी तेज हो गई है। जहां राज्य और केंद्र की एनडीए सरकार हादसे के बाद जांच की बात कह रही है। वहीं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने सरकार पर हमला बोला है। राज ठाकरे ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि जब तक मुंबई लोकल के ढांचे में सुधार नहीं किया जाएगा तब तक मुंबई में बुलेट ट्रेन की एक ईंट भी नहीं रखने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुंबई लोकल से जुड़े मुद्दों की लिस्ट रेलवे को 5 अक्टूबर को दी जाएगी और इसकी समय सीमा भी बताई जाएगी। उन्होंने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि दुश्मनी के लिए हमें आतंकियों और पाकिस्तान की क्या जरूरत, जब हमारी रेलवे ही लोगों की जान लेने के लिए काफी है। राज ठाकने ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मुंबई में पहली बार बारिश नहीं हुई है और रेलवे कह रहा है कि इतनी बड़ी घटना बारिश की वजह से हुई है। 5 अक्टूबर को चर्चगेट से वेस्टर्न रेलवे के हेडक्वॉर्टर तक मार्च निकाला जाएगा और इन्फ्रास्टक्चर के बारे में सवाल भी पूछे जाएंगे। बता दें कि शुक्रवार की सुबह मुंबई के एलफिंस्टन ब्रिज पर मची भगदड़ की वजह से 22 लोगों की मौत हो गई थी। एक-दूसरे को कुचलते हुये लोग अपनी सलामती के लिए भागते रहे।एलफिंस्टन स्टेशन पर भगदड़ के लिए रेलवे ने सफाई दी कि बारिश की वजह से लोग ओवरब्रिज पर जरूरत से ज्यादा संख्या में आ गए और ब्रिज टूटने या शार्ट सर्किट की अफवाह से भगदड़ के हालात पैदा हो गए।

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Dakhal News 30 September 2017


सौभाग्य योजना

  दिल्ली में  मोदी सरकार ने देश के गरीबों को बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीनदयाल उर्जा भवन में ओएनजीसी के एक कार्यक्रम में 'सौभाग्य योजना' लॉन्च की है। इस योजना के तहत देश के गांव और शहर के गरीब परिवारों को 24 घंटे बिजली दी जाएगी। जनसंघ के संस्थापक सदस्य दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर इस योजना का शुभारंभ किया गया। इस योजना के तहत देश के 4 करोड़ परिवारों को बिजली मुहैया कराने का लक्ष्य है। योजना को 31 मार्च 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसपर कुल 16320 करोड़ रुपए खर्च आएगा। फिलहाल सरकार ने इसके लिए 12 हजार 320 करोड़ रुपये बजटीय आवंटन किया है। योजना से तीन करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। योजना के तहत हर घर को 5 एलईडी बल्ब, एक पंखा और एक बैटरी दी जाएगी। साथ ही सरकार बिजली उपकरणों के मरम्मत का खर्च भी पांच साल तक उठाएगी। इस योजना में भारत सरकार ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के सभी इच्छुक घरों को बिजली की पहुंच सुनिश्चित करेगी। इस योजना पर कुल परिव्यय 16320 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इसमें सरकारी बजटीय सहायता 12320 करोड़ रुपए होगी। इस योजना में ग्रामीण आवास परिव्यय 14025 करोड़ रुपए तथा ग्रामीण आवास परिव्यय 1732.50 करोड़ रुपए होंगे। इस योजना में राज्यों तथा संघ शासित क्षेत्रों में विद्युतीकरण का कार्य 31 मार्च 2019 तक पूरा होना अपेक्षित है। दीनदयाल विद्युत योजना के लिए हुए कार्यक्रम में राज्य मंत्री आरके सिंह ने की योजना की संक्षिप्त रूपरेखा को बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमत्री के संकल्प के अनुसार हम हर घर को बिजली उपलब्ध करेंगे। हम दिसंबर 2018 तक प्रत्येक घर को रोशन करेंगे। इसमें सौर उर्जा तथा जल विद्युत उर्जा को भी शामिल करेंगे। इसमें हम चौबीस घंटे बिजली प्रदान करने के लिए संकल्पित हैं। इसमें एक टोल फ्री नंबर होगा जिससे शिकायत कर सकेंगे तथा एक टीम होगी जो कि शिकायतों पर नजर रख उसे हल करेगी। इसमें स्मार्ट मीटर लगे होंगे जिससे लोग ऑनलाइन पेमेंट भी कर सकेंगे।  

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Dakhal News 25 September 2017


rahul gandhi

पीएम मोदी के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार से गुजरात दौरे पर हैं। यहां राहुल गांधी ने भगवान द्वारकाधीश के दर्शन किए। भगवान से आशीर्वाद लेने के बाद राहुल ने अपने रोड शो में पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के दिल में गरीबों के लिए कोई जगह नहीं है। लेकिन अमीर के लिए ये सब दरवाजे खोल देते हैं। राहुल ने कहा कि पीएम मोदी ने बिना किसी से पूछे भारत की अर्थव्यवस्था पर जबर्दस्त वार किया है। वो यहीं नहीं रूके, छोटे व्यापारी और दुकनादारों को जबर्दस्त चोट लगी और इसके बाद वो जीएसटी लेकर आ गए। इससे पहले राहुल ने द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन और पूजा की। इस साल गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में पार्टी को मजबूती प्रदान करने के इरादे से राहुल गांधी गुजरात पहुंचे हुए हैं। उनका ये दौरा सौराष्ट्र के इलाकों तक केंद्रित रहेगा। अपने इस दौरे पर राहुल गाँधी, छात्रों,किसानों, व्यापरियों से मुलाक़ात करेंगे और विधानसभा चुनावों के लिहाज से जनता की नब्ज टटोलेंगे। मालूम हो कि, राहुल गांधी हाल ही में अमेरिकी दौरे से भारत लौटे हैं। वो अगले तीन दिन गुजरात में रहेंगे। राज्य में इस साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। राहुल गांधी के गुजरात दौरे पर हार्दिक पटेल ने ट्विट कर स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी का गुजरात में हार्दिक स्वागत हैं। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उन्हें खुले जीप से 135 किलोमीटर लंबी यात्रा करने की इजाजत देने से मना कर दिया जिसके बाद वे सीसीटीवी कैमरों से लैस लग्जरी बस से अपनी यात्रा करेंगे। पल्भाई अंबालीया ने बताया, हालाँकि द्वारका से 25 किमी दूर हांजापार गांव में कांग्रेस नेता एक पारंपरिक बैलगाड़ी से यात्रा करेंगे। जहां उनका सौराष्ट्र की पारंपरिक शैली में स्वागत किया जाएगा। यहां आयोजित कार्यक्रम में तीन स्तर पर लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। पहले स्तर पर लोग नीचे बैठेंगे, वहां कोई कुर्सिंयां नहीं लगाई गई हैं।फिर अगले स्तर में लोगों के बैठने के लिए पारंपरिक खाट की व्यवस्था है। आखिरी स्तर में कुर्सियों की व्यवस्था है। राहुल गांधी के लिए भी विशेष पारंपरिक खाट की व्यवस्था है। वे हंसपारा गांव में 1,107 की मतदाताओं की आबादी वाले अहीर जनजाति से मिलेंगे। जामनगर में रात बिताने के बाद मंगलवार सुबह वे राजकोट, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी के गृह नगर और सौराष्ट्र क्षेत्र के महत्वपूर्ण दौर के लिए रवाना होंगे। बुधवार को कांग्रेस नेता सुरेंद्रनगर पहुंचेंगे। यहां लोकप्रिय पहाड़ी क्षेत्र चटिला मंदिर के लिए भी उनके जाने की उम्मीद है। अंतिम दिन अहमदाबाद जिले के वीरमगाम के दौरे के साथ ही वे अपनी यात्रा समाप्त करेंगे। बता दें कि यह क्षेत्र पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल का गृहनगर है। 2012 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने यहां 52 में से 12 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस ने उम्मीद जताई है कि इस क्षेत्र के पहले दौरे पर राहुल गांधी कार्यकर्ताओं को चुनाव में जीत के लिए संबोधित करेंगे। दिसंबर चुनाव से पहले कांग्रेस के उपाध्यक्ष के उत्तर, मध्य और दक्षिण गुजरात क्षेत्रों में इसी तरह के दौरे निर्धारित हैं।  

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Dakhal News 25 September 2017


amrita -digvijay

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपनी पत्नी अमृता के साथ 30 सितंबर से शुरू हो रही नर्मदा परिक्रमा के लिए रिहर्सल शुरू कर चुके हैं। दिल्ली के लोधी गार्डन में वे रोज 10 से 15 किलोमीटर पैदल चल रहे हैं, ताकि परिक्रमा में चलने की आदत बनी रहे। अब तक गैर राजनीतिक बताई जा रही दिग्विजय सिंह की इस नर्मदा परिक्रमा का तीन-तीन दिन का कार्यक्रम तय किया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने 23 सितंबर को दिल्ली में इससे जुड़े साथियों की बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नर्मदा यात्रा के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह विजयादशमी पर 30 सितंबर से नर्मदा परिक्रमा शुरू कर रहे हैं। वे अब तक इस परिक्रमा को पूरी तरह धार्मिक बता रहे हैं और किसी को आमंत्रण देकर बुलाने से इनकार करते हुए कह रहे हैं कि कोई अगर शामिल होता है तो मना भी नहीं करेंगे। वहीं दिग्विजय समर्थक कांग्रेस नेता और प्रदेश कांग्रेस कमेटी यह कह चुकी है कि जो भी इसमें शामिल होना चाहे, जा सकता है। इससे दशहरे के बाद प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में हलचल होने की संभावना है, क्योंकि जब दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा समाप्त होगी, तब तक मप्र विानसभा के 2018 में होने वाले चुनाव की सरगर्मी शुरू हो चुकी होगी। अभी तक जो कार्यक्रम सामने आया है, उसके अनुसार दिग्विजय 26 व 27 सितंबर को डोंगरगढ़ की बमलेश्वरी देवी की पूजा करके 28 सितंबर को जबलपुर में त्रिपुर सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना में शामिल होंगे। अगले दिन 29 सितंबर को वे रात में झोतेश्वर पहुंचकर शंकराचार्य स्वरूपानंद महाराज का आशीर्वाद लेंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे। दिग्विजय 30 सितंबर को झोतेश्वर से बरमानघाट पहुंचकर सुबह 11 बजे अपनी नर्मदा परिक्रमा शुरू करेंगे। पहले दिन वे केवल तीन किलोमीटर चलेंगे और बरियाघाट में विश्राम करेंगे। नर्मदा परिक्रमा के लिए दिग्विजय सिंह ने मप्र सरकार से सुरक्षा, एंबुलेंस व चलित शौचालय की मांग की है। हालांकि दो सप्ताह पहले इसके लिए लिखे उनके पत्र का अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा -नर्मदा परिक्रमा में मेरे साथ पूरे समय पत्नी रहेंगी। जयवर्द्धन सिंह दशहरे के एक दिन पहले झोतेश्वर में आएंगे, क्योंकि दशहरे पर उन्हें राघौगढ़ में रहना होगा। लक्ष्मण सिंह और जयवर्द्धन सिंह बीच-बीच में भी शामिल होते रहेंगे। परिक्रमा में पैदल चलने की आदत बनाने के लिए अभी से हम दोनों प्रैक्टिस कर रहे हैं।   

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Dakhal News 23 September 2017


पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय

    पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपनी पत्नी अमृता के साथ 30 सितंबर से शुरू हो रही नर्मदा परिक्रमा के लिए रिहर्सल शुरू कर चुके हैं। दिल्ली के लोधी गार्डन में वे रोज 10 से 15 किलोमीटर पैदल चल रहे हैं, ताकि परिक्रमा में चलने की आदत बनी रहे। अब तक गैर राजनीतिक बताई जा रही दिग्विजय सिंह की इस नर्मदा परिक्रमा का तीन-तीन दिन का कार्यक्रम तय किया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने 23 सितंबर को दिल्ली में इससे जुड़े साथियों की बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नर्मदा यात्रा के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह विजयादशमी पर 30 सितंबर से नर्मदा परिक्रमा शुरू कर रहे हैं। वे अब तक इस परिक्रमा को पूरी तरह धार्मिक बता रहे हैं और किसी को आमंत्रण देकर बुलाने से इनकार करते हुए कह रहे हैं कि कोई अगर शामिल होता है तो मना भी नहीं करेंगे। वहीं दिग्विजय समर्थक कांग्रेस नेता और प्रदेश कांग्रेस कमेटी यह कह चुकी है कि जो भी इसमें शामिल होना चाहे, जा सकता है। इससे दशहरे के बाद प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में हलचल होने की संभावना है, क्योंकि जब दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा समाप्त होगी, तब तक मप्र विानसभा के 2018 में होने वाले चुनाव की सरगर्मी शुरू हो चुकी होगी। अभी तक जो कार्यक्रम सामने आया है, उसके अनुसार दिग्विजय 26 व 27 सितंबर को डोंगरगढ़ की बमलेश्वरी देवी की पूजा करके 28 सितंबर को जबलपुर में त्रिपुर सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना में शामिल होंगे। अगले दिन 29 सितंबर को वे रात में झोतेश्वर पहुंचकर शंकराचार्य स्वरूपानंद महाराज का आशीर्वाद लेंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे। दिग्विजय 30 सितंबर को झोतेश्वर से बरमानघाट पहुंचकर सुबह 11 बजे अपनी नर्मदा परिक्रमा शुरू करेंगे। पहले दिन वे केवल तीन किलोमीटर चलेंगे और बरियाघाट में विश्राम करेंगे। नर्मदा परिक्रमा के लिए दिग्विजय सिंह ने मप्र सरकार से सुरक्षा, एंबुलेंस व चलित शौचालय की मांग की है। हालांकि दो सप्ताह पहले इसके लिए लिखे उनके पत्र का अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा -नर्मदा परिक्रमा में मेरे साथ पूरे समय पत्नी रहेंगी। जयवर्द्धन सिंह दशहरे के एक दिन पहले झोतेश्वर में आएंगे, क्योंकि दशहरे पर उन्हें राघौगढ़ में रहना होगा। लक्ष्मण सिंह और जयवर्द्धन सिंह बीच-बीच में भी शामिल होते रहेंगे। परिक्रमा में पैदल चलने की आदत बनाने के लिए अभी से हम दोनों प्रैक्टिस कर रहे हैं।   

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Dakhal News 20 September 2017


अमित शाह

  गुजरात के नरोदा पाटिया दंगों के मामले में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सोमवार को गवाही देने अहमदाबाद की विशेष एसआईटी कोर्ट पहुंचे। अपनी गवाही में शाह ने कोर्ट को कहा कि कोडनानी नरोदा गांव में नहीं थीं, माया कोडनानी सुबह 8 बजे मेरे साथ विधानसभा में मौजूद थीं। मैं सुबह 9.30 से 9.45 के बीच सिविल अस्पताल में था और माया कोडनानी से वहीं मिला। इसके बाद जब अस्पताल से निकला तो लोगों ने घेर लिया था। मुझे और माया कोडनानी को पुलिस अपनी जीप में बैठाकर हमारी गाड़ियों तक लेकर गई थी। बता दें कि शाह, कोडनानी की अपील पर कोर्ट द्वारा जारी हुए समन के बाद गवाही देने के लिए पहुंचे हैं। गौरतलब है कि 2002 में गुजरात में हुए दंगों के दौरान नरोदा पाटिया में 11 लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में माया कोडनानी पर आरोप लगा था कि उन्होंने मौके पर खड़े होकर दंगे भड़काने का काम किया। अपने बचाव में माया पहले कह चुकी हैं कि वो घटना के वक्त विधानसभा में अमित शाह के साथ थीं। मता दें कि माया तीन बार विधायक रह चुकी हैं और मोदी सरकार में मंत्री भी थीं।  

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Dakhal News 18 September 2017


 शिंजो आबे

  दो दिवसीय भारत दौरे पर आए जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और पीएम मोदी के बीच गुरुवार को अहमदाबाद में सालान शिखर बैठक हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा और परिवहन को लेकर कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। साथी ही मोदी-आबे ने पाकिस्तान को झटका देते हुए भारत में हुआ आतंकी हमलों के आरोपियों को सजा दिलाने की बात कही। दोनों ने कहा कि पाकिस्तान 2008 में हुए मुंबई हमलों और 2016 में हुए पठानकोट हमलों के दोषियों को सजा दे। इसके अलावा 5वां भारत-जापान शिखर सम्मेलन आतंकवाद के मुद्दे पर भी करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा जैश ए मुहम्मद, लश्कर ए तैयबा व अन्य आतंकी संगठनों के खिलाफ आपसी सहयोग को और मजबूत भी किया जाएगा। बैठक के बाद जारी हुए साझा बयान में पीएम मोदी ने बताया कि मेरे अनन्य मित्र शिंजो आबे का मुझे स्वागत करने का मौका मिला। हमने आज अहमदाबाद से मुंबई के बीच हाई स्पीड रेल नेटवर्क प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। पीएम ने कहा है कि हमले पहले से ही भारत आने वाले जापानियों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा दे रखी है और अब हम इंडिया पोस्ट और जापान पोस्ट की मदद से भारत में रहने वाले जापानी लोगों को एक और सुविधा देने जा रहे हैं। इसकी मदद से जापानी लोग सीधे उनके देश से अपनी पसंद का खाना मंगवा सकेंगे। पीएम ने आगे कहा कि मैं आज जिन समझौतों पर हस्ताक्षर हुए उनका दिल से स्वागत करता हूं। जापान ने भारत में 2016-17 में 4.7 मिलियन डॉलर का निवेश किया जो पिछले साल के मुकाबले 80 प्रतिशत ज्यादा है। चाहे वो फिर स्किल इंडिया हो, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस या फिर मेक इन इंडिया, भारत अब बदल रहा है। शिंजो आबे ने भारत को बुलेट ट्रेन की सौगात दी तो पाकिस्तान को खूब खरी खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को मुंबई और पठानकोट में हुए आतंकी हमले के गुनाहगारों को सजा देनी चाहिए। उन्होंने आतंक की आलोचना करते हुए पूरे विश्व में शांति की कामना भी की।

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Dakhal News 14 September 2017


rajkumari jatav

  भाजपा के संगठन महामंत्री रामलाल इन दिनों राजस्थान का दौरा कर पार्टी नेताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ा रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को करौली जिले में पार्टी के सांसदों और विधायकों को पढ़ाया। अनुशासन का मंत्र देकर रामलाल करौली से रवाना हुए ही थे कि कुछ घंटे बाद ही भाजपा की महिला विधायक और सांसद ने एक-दूसरे को अपशब्द कहना शुरू कर दिया। विधायक ने सांसद को चोरों का दलाल और अपने विधानसभा क्षेत्र हिंडौन में आने पर बाल नोच लेने तक की बात कह दी। यह सब कुछ शुक्रवार शाम करौली जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिले के प्रभारी मंत्री जसवंत यादव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के दौरान हुआ। बैठक में सांसद और सभी विधायक मौजूद थे। बैठक में सांसद मनोज राजोरिया बिजली विभाग के अधिकारी बीएस मीणा के कामकाज की तारीफ कर रहे थे। इसी बीच विधायक राजकुमारी जाटव ने मीणा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए गलत काम करने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। मामला बढ़ता देख प्रभारी मंत्री ने बीच में ही बैठक खत्म कर दी। इसी दौरान प्रभारी मंत्री ने विधायक राजकुमारी जाटव से कहा कि जब सांसद और अन्य लोग मीणा की तारीफ कर रहे हैं तो आप क्यों नाराज हो। इस पर विधायक आक्रोशित हो गई और सांसद राजोरिया को अपशब्द कहने लगीं। उन्होंने सांसद से कहा कि तुम चोर हो, चोरों की दलाली करते हो। तुम मेरे निर्वाचन क्षेत्र हिंडौन में आना बाल नोच लूंगी । इस बारे में सांसद राजोरिया का कहना है कि पूरा घटनाक्रम सभी के सामने हुआ है, सभी ने सुना है। मुझे इस बारे में कुछ भी नहीं कहना। वहीं प्रभारी मंत्री यादव ने कहा कि मैं पूरे घटनाक्रम की जानकारी पार्टी नेतृत्व को दूंगा। ऐसा नहीं होना चाहिए था।

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Dakhal News 10 September 2017


मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह

सीसीएफ की वेतनवृद्धि रोकी, कई कर्मचारियों को किया निलंबित  एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भ्रष्ट अधिकारियों को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की कार्यवाई की जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि सरकार लोगों के हित में काम करने वाली सरकार है। लोक सेवाओं के प्रदाय और शासन की योजनाओं के लाभ से लोगों को वंचित रखने वाले लापरवाह अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। श्री चौहान आज मंत्रालय में समाधान ऑनलाइन में शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समाधान करने के बाद कलेक्टरों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सीसीएफ स्तर के अधिकारी की वेतनवृद्धि रोकने, तहसीलदार, पटवारी, ब्लॉक स्तरीय शिक्षा अधिकारी और कई कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने झाबुआ जिले के मातासुला ग्राम पंचायत गांव की सरपंच श्रीमती कपना सडिया वसुनिया को अपनी पंचायत की पेयजल समस्या के लिये समाधान ऑन लाइन में आने की सराहना की। किसी एक विकास कार्य के लिये एक लाख रूपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की और बताया कि नल–जल प्रदाय योजना स्वीकृत कर दी गई है और इसी गर्मी से घरों में नल से पानी मिलने लगेगा। रतलाम के मथुरी गांव के किसान श्री बद्रीलाल पाटीदार ने मुख्यमंत्री को बताया कि सोयाबीन की फसल नुकसान की शिकायत के बावजूद बीमा कंपनी सर्वे के लिये नहीं पहुँची। कई किसान बीमा दावा राशि मिलने से वंचित रह गये। मुख्यमंत्री ने बीमा कंपनी को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि ऐसे प्रकरणों में किसानों की शिकायत पर तत्काल कार्यवाई करें। उन्होंने सभी कलेक्टरों की निर्देश दिये कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्रीमियम राशि जमा करने और बीमा संबंधी अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाये। फसल हानि के आंकलन के लिये फसल कटाई प्रयोग भी समय पर पूरा करें। इसमें लापरवाही बरतने पर कार्यवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस साल सूखे के संकट से फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इसलिये किसानों का फसल बीमा अवश्य करवा लें। पानी रोकने का काम प्राथमिकता से करें और इस संबंध में किसानों का भी सहयोग लें। कटनी के खितौली गांव के शेख अजमेर की शिकायत थी कि उन्हें बलराम तालाब बनाने की पहली किश्त मिली दूसरी नहीं मिली। मुख्यमंत्री की इसी गंभीरता से लेते हुए सहायक भू-संरक्षण अधिकारी को निलंबित कर दिया। उन्होंने सभी प्रकरणों में तालाब निर्माण की राशि का भुगतान का करने के निर्देश दिये। रीवा के दुबडा गांव के एक प्रकरण में श्री सुमधनधर शर्मा ने बताया कि उसकी भूमि गैर कानूनी तरीके से हडप कर बेच दी गई। भूमि की गैर कानूनी रूप से अदला बदली करने और दस्तावेज में हेराफेरी करने के मामले में लापरवाही बरतने पर उन्होंने तत्कालीन तहसीलदार, वर्तमान तहसीलदार, तत्कालीन एवं वर्तमान पटवारी को निलम्बित करने का निर्देश दिये। साथ ही आपराधिक कार्य कर जमीन खरीदने और उस पर लोन लेने वालों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने को कहा। उन्होंने इस पेचीदा मामले में सूक्ष्म छानबीन करने के लिये रीवा कलेक्टर को बधाई दी। खरगोन के अजनगांव में मिट्टी की खदान धसकने में तीन परिवारों के एक-एक सदस्य की मृत्यु हो गई थी। मुख्ममंत्री ने पीडि़त परिवार के प्रत्येक सदस्य को एक-एक लाख रूपये की सहायता राशि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से दी। खंडवा के रोहणी गांव के नानक राम ने बताया कि उसकी छह बकरियों को रीझ खा गया था। सीएम हेल्पलाइन 181 में शिकायत करने के बाद उसे मुआवजा की राशि मिल गई। मुख्यमंत्री ने पूछा कि इतनी देर क्यों लगी। असंतोषजनक जबाब मिलने पर उन्होंने सीसीएफ की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिये। इस प्रकरण को संतोषजनक कार्यवाही किये बिना बंद नहीं करने पर रेंजर के विरूद्ध विभागीय जांच कर सेवा से निकालने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये। मंडला के उमरिया गांव के श्री केशलाल ने शिकायत की कि पावर ग्रिड कारपोशन से संबंधित कंपनी ने ट्रांसमिशन लाइन लगाते समय पेड़ काट लिये और उन्हें मुआवजा भी शासन के निर्धारित मापदण्डों के अनुसार नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लेते हुये कहा कि इस संबंध में ऊर्जा मंत्रालय को अवगत कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिनके पेड़ कटे हैं उन्हें पर्याप्त मुआवजा दिलाया जायेगा। उन्होंने कलेक्टर से ऐसे सभी प्रकरणों पर निगरानी रखने और राज्य शासन के ध्यान में लाने के निर्देश दिये। छिंदवाडा के एक प्रकरण में शिकायतकर्ता श्री शैलेश श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 में शिक्षकों के शाला नहीं आने की शिकायत की थी। इसके बाद बीआरसीसी परासिया ने शिक्षकों को समझाइश देकर प्रकरण बंद कर दिया। मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लेते हुये कहा कि वे संबंधित अधिकारी को निलंबित करने के निर्देश दिये। जबलपुर के श्री सुरेन्द्र काछी ने बताया कि उन्हें जननी सुरक्षा योजना की प्रसूति सहायता राशि 16 अगस्त को मिल गई। मुख्यमंत्री ने पूछा कि दो साल बाद भुगतान क्यों हुआ। इस पर असंतोषजनक जबाव मिलने पर संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये। शहडोल की नदियाटोल गांव की सरस्वती महिला स्वसहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती ममता बहन ने बताया कि उन्हें 18 महीनों का रूका हुआ पैसा का भुगतान हो गया है। मुख्यमंत्री ने भुगतान में विलम्ब के लिये संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिये। स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया से लड़ने की तैयारी रखें मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिये कि वे स्वाइन फ्लू के फैलने के खतरे को देखते हुये अपने-अपने जिलों में पूरी तैयारी रखें। सभी विभाग मिलकर समन्वय के साथ युद्ध-स्तर पर काम करें। पड़ोसी राज्यों से स्वाइन फ्लू का संक्रमण प्रदेश में आने का खतरा है। अस्पतालों में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसलिये पूरी तरह सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने निजी अस्पतालों का भी सहयोग लेने और निजी अस्पतालों के चिकित्सक और मेडिकल स्टाफ को भी लगातार जागरूक रखने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि वे सभी जिलों में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिये टास्क फोर्स का सहयोग लें। यह सबकी साझा जिम्मेदारी है। इससे निपटने के लिये युद्ध-स्तर पर तैयारी रखें। हर दिन संभावित प्रकरणों पर निगरानी रखें। दवाईयों की कोई कमी नहीं है। आपात स्थिति में गरीब मरीजों के लिये मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से प्रकरण स्वीकृत किये जा सकते हैं। आम लोगों में स्वाइन फ्लू के लक्षण के प्रति जागरूक बनाने के लिये जिला-स्तरीय अभियान चलायें। आइसोलेशन बार्ड स्थापित करें और प्रायवेट अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं का भी उपयोग करें। उन्होंने डेंगू और मलेरिया के प्रकरणों पर निगरानी रखने के निर्देश दिये। सूखे के संकट से निपटने की रणनीति बनायें मुख्यमंत्री ने इस साल कम वर्षा से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिये सभी जिलों में आपात योजनायें बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने पानी रोकने के हर संभव प्रयास करने के निर्देश देते हुये कहा कि किसानों को समान जल-वितरण करने की कार्ययोजना तैयार रखें। पेय जल की संभावित समस्या को देखते हुये अभी से रणनीति तैयार रखें। प्रधानमंत्री का जन्मदिन स्वच्छता दिवस के रूप में मनेगा मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिले प्रधानमंत्री के ‘’संकल्प से सिद्धी’’ अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म-दिवस को स्वच्छता दिवस के रूप में मनाया जायेगा। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टर को 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन स्वच्छता दिवस पर कार्यक्रमों की श्रंखला बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन से पूरे देश में स्वच्छता के प्रति जागरूकता आई है। मुख्यमंत्री ने राजस्व के नामांतरण एवं बटवारे एवं अन्य प्रकरणों में अभियान चलाकर कार्यवाही करने के मुख्य सचिव की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण चुनौती के रूप में स्वीकार करें। यह सभी कलेक्टरों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिये कि वे ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की सूची बनायें जिन्होंने पचास साल की आयु और बीस साल की सेवा पूरी कर ली है। ऐसे अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया जायेगा। 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक किसान सम्मेलन श्री चौहान ने कहा कि 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक किसानों के सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। इसमें किसानों की आय दोगुनी करने की रणनीति करने पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी कृषि की विकास दर प्राथमिक रूप से 29.8 प्रतिशत रही है। इसके लिये किसान और जमीनी अमले को बधाई। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से ज्यादा से ज्यादा किसानों को कवर करने के निर्देश दिये। उन्होंन नर्मदा सेवा मिशन के अंतर्गत कार्य-योजनाओं को पूरी तरह से जमीन पर उतारने के लिये जिला-स्तरीय रणनीति बनाने के निर्देश देते हुये कहा कि नर्मदा के किनारे जितने भी पौधे लगाये गये हैं उनकी सुरक्षा के पूरे इंतजाम करें। मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्प लाइन 181 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि लोक सेवा प्रदाय गारंटी नियम के अंतर्गत 371 सेवाओं को शामिल किया गया है। जिनमें से 121 सेवायें ऑनलाइन हैं। उन्होंने कहा कि लोकसेवाओं के प्रदाय अधिनियम के क्रियान्वयन की जिलेवार समीक्षा की जायेगी।

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Dakhal News 8 September 2017


मोदी कैबिनेट का विस्तार ,नौ नए मंत्री

  केंद्र में नरेंद्र मोदी कैबिनेट का तीसरा और संभवत: आखिरी विस्तार हो रहा है। सुबह 10.30 बजे राष्ट्रपति भवन में नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। नौ मंत्रियों को सरकार में शामिल किए जाने की संभावना है। इसमें शिव प्रताप शुक्ला, अश्विनी कुमार चौबे, वीरेंद्र कुमार, अनंत कुमार हेगड़े, राजकुमार सिंह, हरदीप सिंह पुरी, गजेंद्र सिंह शेखावत, सत्यपाल सिंह और अल्फोंस कन्ननथनम को सरकार में शामिल किया जा रहा है। माना जा रहा है कि तीन राज्य मंत्रियों का प्रमोशन किया जा सकता है। इनमें धर्मेंद्र प्रधान और पीयूष गोयल का नाम शामिल है। इससे पहले सहयोगी दलों की सरकार में भागीदारी को लेकर शनिवार शाम तक असमंजस बना रहा। जदयू और शिवसेना ने स्पष्ट कर दिया कि शनिवार शाम तक उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है। बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने पटना में कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में मुझे मीडिया से ही जानकारी मिली है। इस पर औपचारिक रूप से मेरी किसी से बात नहीं हुई है। शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भी कहा कि मैंने इसके बारे में किसी से कुछ नहीं पूछा है। न तो हमें किसी का संदेश मिला है और न ही हमें सत्ता की लालच है। पिछले विस्तार में भी शिवसेना ने कैबिनेट मंत्री का पद नहीं दिए जाने को लेकर विरोध जताया था। हालांकि, उनका एक कैबिनेट मंत्री पहले से सरकार में शामिल है। जदयू से भी आरसीपी सिंह और संतोष कुशवाहा को सरकार में शामिल किए जाने की चर्चा चल रही थी। शुक्रवार की रात संघ प्रमुख मोहन भागवत से चर्चा के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को दिनभर वरिष्ठ पदाधिकारियों और कुछ मंत्रियों के साथ मशविरा किया। रात में उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की। बताते हैं कि जिन्हें शामिल होना है, उन्हें शाम के बाद फोन जाने शुरू हुए।  नए मंत्रियों को सरकार में शामिल किए जाने के साथ ही तीन-चार मंत्रियों के विभाग भी बदले जा सकते हैं। शुक्रवार को भी केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर वित्त मंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी विचार-विमर्श में जुटे थे। शनिवार शाम गडकरी ने अलग से जाकर प्रधानमंत्री से मुलाकात की। संभावित मंत्रियों की लिस्ट -  शिव प्रताप शुक्ल : उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य। आठ वर्षों तक राज्य सरकार में मंत्री रहे हैं। आपातकाल के दौरान 19 महीने जेल में रहे। अश्विनी कुमार चौबे : बिहार के बक्सर से लोकसभा सदस्य। राज्य सरकार में आठ वर्षों तक मंत्री रहे। जेपी आंदोलन से राजनीति की शुरुआत। राजकुमार सिंह : 1975 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी। बिहार के आरा से लोकसभा में। केंद्रीय गृह सचिव और रक्षा उत्पादन सचिव रहे हैं। वीरेंद्र कुमार : मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से सांसद। दलित नेता कुमार छह बार सांसद और कई संसदीय समितियों के सदस्य रहे हैं। अनंत कुमार हेगड़े : कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ से लोकसभा में। 28 साल की उम्र में पहली बार सांसद बनने के बाद यह पांचवीं पारी है। हरदीप सिंह पुरी : 1974 बैच के आईएफएस अधिकारी। संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों में भारत के राजदूत रहे। हिंदू कॉलेज, दिल्ली में पढ़ाई के समय जेपी आंदोलन में सक्रिय रहे हैं।  गजेंद्र सिंह शेखावत : जोधपुर, राजस्थान से लोकसभा सदस्य। टेक्नो-सैवी और प्रगतिशील किसान माने जाते हैं। बास्केट बॉल के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे हैं।  सत्यपाल सिंह : उत्तर प्रदेश के बागपत से अजीत सिंह को हराकर सांसद बने। 1980 बैच के आईपीएस अधिकारी सिंह मुंबई, पुणे और नागपुर के पुलिस आयुक्त रह चुके हैं। अल्फोंस कन्ननथनम : 1979 बैच के आईएएस अफसर और केरल के भाजपा नेता। 1989 में उनके डीएम रहते कोट्टायम सौ फीसद साक्षरता वाला देश का पहला शहर बना था।  

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Dakhal News 3 September 2017


फोर्ब्स  घूसखोरी

फोर्ब्स ने एशिया के सबसे भ्रष्ट देशों की एक सूची जारी जो सोशल मीडिया पर बहस की वजह बनी हुई है। फोर्ब्स द्वारा जारी लिस्ट में एशिया के पांच सबसे ज्यादा भ्रष्ट देशों के नाम हैं। इसके रिपोर्ट के अनुसार घूसखोरी के मामले में भारत ने वियतनाम, पाकिस्तान और म्यांमार को भी इस मामले में पीछे छोड़ दिया है। इसको लेकर ही आप नेता व कवि कुमार विश्वास ने भी ट्वीट किया है और सरकार पर तंज कसा है। कुमार विश्वास ने लिखा है कि पहले ही कहा था कि नंबर वन बना दूंगा, बना दिया। कुमार विश्वास के इस तंजभरे ट्वीट पर बहुत से लोगो ने प्रतिक्रिया दी है। एक यूजर ने लिखा है कि पीएम मोदी के कार्यकाल में हम किसी चीज में तो नंबर वन आए। वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा है कि हां मोदी जी से पहले तो सारे अन्ना हजारे थे, कोई रिश्वत नहीं लेता था। एक अन्य यूजर ने ट्वीट किया है कि 2 साल बाकी हैं, सोमालिया की बराबरी में लाने के प्रयास चल रहे हैं। हालांकि जो स्टोरी फोर्ब्स ने शेयर की है वह मार्च 2017 की है। इसमें भारत को सबसे भ्रष्ट देश बताया गया है और पाकिस्तान इस लिस्ट में चौथे नंबर पर है। इस लिस्ट में पहले नंबर पर भारत, दूसरे पर वियतनाम, तीसरे पर थाईलैंड चौथे पर पाकिस्तान और पांचवें नंबर पर म्यांमार है। दूसरी तरफ, मैगजीन में छपे आर्टिकल में पीएम मोदी की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को लेकर प्रशंसा की गई है। इसमें लिखा है, हालांकि, पीएम मोदी की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई ने अपने निशान बनाए हैं। 53 प्रतिशत लोग मानते हैं कि मोदी सही कर रहे हैं और इससे लोगों में अपने पास ताकत होने का अहसास आया है वहीं 63 प्रतिशत लोग मानते हैं साधारण लोग बदलाव ला सकते हैं। लिस्ट में वियतनाम भारत के बाद है जहां घूसखोरी की दर 65 प्रतिशत है जबकि पाकिस्तान 40 प्रतिशत के साथ चौथे नंबर पर है। 18 महीने चला ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल का सर्वे 16 देशों के 20,000 लोगों पर किया गया है। बर्लिन स्थित वाचडॉग ने भारत को पिछले साल 168 देशों में 76 वें स्थान पर रखा था। सर्वे के अनुसार भारत में सबसे ज्यादा घूस स्कूलों में (58%) और स्वास्थ्य सेवाओं में (59%) दी जाती है। हालांकि फोर्ब्स द्वारा अपनी पुरानी स्टोरी को आज फिर से ट्वीट करने पर सवाल उठने लगे हैं। एक तरफ जहां नोटबंदी को लेकर सरकार पर सवाल उठ रहे हैं ऐसे में इस लिस्ट का दोबारा जारी होना भी चर्चा का विषय है।

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Dakhal News 1 September 2017


लालू की रैली

 पटना नगर के गांधी मैदान में 27 अगस्त को होने वाली राजद की भाजपा भगाओ रैली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी एवं बसपा प्रमुख मायावती शिरकत नहीं करेंगी। कांग्रेस की ओर से गुलाम नबी आजाद और सीपी जोशी सोनिया का संदेश लेकर आएंगे। जबकि मायावती ने रैली में शामिल होने के लिए सतीश मिश्रा को नामित किया है। चारा घोटाले में गवाही के लिए रांची रवाना होने से पहले बुधवार को अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने कहा कि उनकी बात सोनिया गांधी और मायावती से हुई है। उन्होंने अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को रैली में भेजने पर सहमति दी है। लालू ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आना तय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे को लेकर लालू ने कहा कि बाढ़ खत्म हो गई है तो पीएम क्यों आ रहे हैं। पिछले साल तो नहीं आए थे। इसी साल क्यों बिहार की याद आई? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी को कठघरे में खड़ा करते हुए लालू ने सृजन घोटाले से संबंधित कई सवाल पूछे। उन्होंने सीएम को मौनी बाबा बताया और कहा कि जब 2013 में आर्थिक अपराध शाखा के संज्ञान में यह मामला आया था, उसकी जांच रिपोर्ट का क्या हुआ? जांच का आदेश देने वाले डीएम को तुरंत क्यों बदल दिया गया? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर खुद को बचाने के लिए साक्ष्यों को खत्म कराने का आरोप लगाते हुए राजद प्रमुख ने एसआइटी जांच पर सवाल खड़ा किया। बिना किसी अधिकारी का नाम लिए लालू ने कहा कि नीतीश ने घोटाले की जांच का जिम्मा अपने चहेते अफसर को सौंपा है। जांच की निष्पक्षता पर संदेह जताते हुए उन्होंने कहा कि जांच करने वाला अफसर भागलपुर का एसएसपी रहते हुए सृजन के कार्यक्रमों में शरीक होता था। वह क्या जांच करेगा? लालू के मुताबिक महेश मंडल घोटाले की जांच के लिए सबसे बड़ा सुबूत था, जिसे नीतीश सरकार ने गायब कर दिया।

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Dakhal News 24 August 2017


राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपने दौरे के दूसरे दिन प्रेस कांन्फ्रेंस के दौरान कहा कि भोपाल आने का मकसद पार्टी को मजबूत करना है। राम मंदिर को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आपसी सहमति या कोर्ट के फैसले से राम मंदिर बनेगा। पार्टी की मीटिंग में हुई बातों को मीडिया को न बताने की बात पर उन्होंने कहा कि यह अनुशासन की बात है। पार्टी के अंदर लोकतंत्र है कोई भी व्यक्ति बैठक के अंदर अपनी बात रख सकता है, लेकिन वो बाते सार्वजनिक न हो इसे ही अनुशासन कहते हैं। जेडीयू के एनडीए में शामिल होने पर शाह ने कहा कि सभी दल सरकार में शामिल होते हैं। शाह ने कहा कि हर प्रदेश में वे दौरा किया कर रहे हैं। 2014 में जनता ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है, पहली बार किसी पार्टी को पूर्ण मिला। तीन साल में विरोधी भी हम पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगा पाए। उन्होंने कहा कि पहले की सरकार में प्रधानमंत्री पद की गरीमा नीचे जा रही थी। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन, जीएसटी से एक देश एक कर का सपना पूरा किया। दुनिया आज भारत को अलग नजर से देख रही है। इसके पहले शाह ने भाजपा के विभाग और प्रकल्प संयोजकों की बैठक में वन टू वन चर्चा की और मोर्चा अध्यक्षों से काम का ब्यौरा मांगा। लेकिन संगठन का गठन नहीं होने से उन्हें चुप करा दिया। भाजयुमो के प्रदेशाध्यक्ष अभिलाष पांडेय से जब मोर्चा गठन को लेकर सवाल पूछा गया तो वे कोई जवाब नहीं दे सके। इसके बाद शाह ने उन्हें फटकार दिया। उन्होंने नसीहत दी कि अगले 10 दिन के अंदर संगठन का गठन कर लिया जाए। इसके बाद शाह सीएम हाउस पहुंचे जहां उन्होंने साधु संतों का सम्मान किया और फिर उनके साथ भोजन किया।  

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Dakhal News 19 August 2017


गोरखपुर मेडिकल कॉलेज

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत के बाद शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वच्छता अभियान की शुरुआत करने गोरखपुर पहुंचे। इसकी शुरुआत करने के बाद उन्होंने राहुल गांधी के दौरे पर हमला बोला। योगी ने कहा कि दिल्ली में बैठा युवराज स्वच्छता अभियान का महत्व नहीं जानेगा। गोरखपुर उनके लिए पिकनिक स्पॉट बने उसकी इजाजत नहीं देना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने राज्य की हालत के लिए पूर्व सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पिछले 12-15 सालों में सरकारों ने संस्थानों को अपने स्वार्थ भरे उद्देश्यों के लिए भ्रष्टाचार को संस्थागत बनाते हुए बर्बाद कर दिया। लोगों को सुविधाओं से वंचित किया गया। सपा और कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह गोरखपुर को किसी लखनऊ के शहजादे या दिल्ली के युवराज का पिकनिक स्पॉट नहीं बनने देंगे। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सफाई के लिए सभी के अंदर प्रतिस्पर्धा की भावना बेहद जरूरी है। प्रतिस्पर्धा के माध्यम से हर व्यक्ति इस अभियान से जुड़ेगा और प्रदेश स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बन सकेगा। यह केवल भारतीय जनता पार्टी का नहीं बल्कि जन जन का अभियान है। उन्होंने कहा कि अब तक हम गंगा के किनारे 1627 गांव को खुले में शौचमुक्त कर चुके हैं। अब लक्ष्य है कि 30 दिसम्बर तक प्रदेश के 30 जिलों को ओडीएफ बनाया जाय। इंसेफ्लाइटिस की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महामारी में इलाज से ज्यादा महत्व बचाव का है और वह केवल सफाई से ही सम्भव है। जिसके लिये जन जन को लगना होगा।  

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Dakhal News 19 August 2017


एनडीए जेडीयू

  पटना में जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की शनिवार को हुई बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है। पार्टी ने सर्वसम्मति से तय किया है कि वो एनडीए में शामिल होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के घर हुई पार्टी की बैठक में यह फैसला लिया गया है। वहीं दूसरी तरफ पटना में शरद यादव समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं और नीतीश कुमार के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। माना जा रहा था कि जदयू की बैठक में इस बैठक में शरद यादव को लेकर कोई बड़ा फैसला हो सकता है लेकिन इसे लेकर कोई खबर नहीं आई। वहीं दूसरी तरफ शरद यादव भी पार्टी नेताओं की एक बैठक बुलाई है। इसके बाद यह दिलचस्प होगा कि जदयू का कौन सा नेता किस तरफ जाता है। बैठक से पहले शहर की सड़कों पर पोस्टर वार छिड़ती दिखी। नीतीश और शरद यादव दोनों के ही समर्थकों ने अपने-अपने होर्डिंग लगाकर खुद को असली जदयू बताया है।  

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Dakhal News 19 August 2017


MP /  निकाय चुनाव

  मध्यप्रदेश के 43 नगरीय निकायों में हुए चुनाव के परिणाम सामने आ गए हैं। इसमें कुछ जगह भाजपा और कुछ जगह कांग्रेस ने जीत हासिल की है। 26 सीटों पर बीजेपी 14 पर कांग्रेस और तीन स्थानों पर निर्दलीय विजयी हुए हैं । परिणाम आने के साथ ही जगह-जगह विजेताओं ने विजय जुलूस निकाले। अध्यक्ष पद के लिए जीते भाजपा 1- आलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर में भाजपा की निर्मला डावर जीतीं। 2- सतना के जैतवार में भाजपा के राम बहादुर धोहर जीते। 3- झाबुआ के राणापुर में भाजपा की सुनीता जीतीं। 4- झाबुआ के थांदला में भाजपा के बंटी सोहन नाना जीते। 5- शहडोल के बुढार में भाजपा के कैलाश विश्वानी जीते। 6- झाबुआ के पेटलावद में भाजपा के मनोहर भटेवरा जीते। 7- शहडोल में भाजपा की उर्मिला रानी जीतीं। 8- डिंडोरी में भाजपा के पंकज सिंह तोमर जीते। 9- बुरहानुपर के नेपानगर में भाजपा के राजेश चौहान जीते।10 - अनूपपुर के कोतमा में भाजपा की मोहनी धमेंद्र वर्मा जीतीं। 11- बैतूल के चिचोली में भाजपा के संतोष मालवीय जीते। 12- खंडवा के छनेरा में भाजपा की पुष्पाबाई रामनिवास पटेल जीतीं। 13- खरगोन के मंडलेश्वर में भाजपा की मनीषा मनोज शर्मा जीतीं। 14- शहडोल के जयसिंहनगर में भाजपा के अशोक भारतीय जीते।15- ग्वालियर के डबरा में भाजपा की आरती मौर्य विजयी।16- बैतूल के आठनेर में भाजपा के सूरज राठौर जीते।17- खरगोन के भीकनगांव में भाजपा के दीपकसिंह हीरासिंह ठाकुर जीते। कांग्रेस 1- छिंदवाडा़ के मोहगांव हवेली में कांग्रेस की सपना कलम्बे जीतीं। 2- खरगोन के सनावद में कांग्रेस की मंजुषा नरेंद्र शर्मा जीतीं। 3- खरगोन के महेश्वर में कांग्रेस की अमिता हेमंत जैन जीतीं।4- डिंडौरी के शहपुरा में कांग्रेस के राजेश गुप्ता जीते। 5- छिंदवाडा के सौंसर में कांग्रेस के लक्ष्मण चाके जीते। 6- छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव में कांग्रेस की पुष्पा साहू जीतीं।7- झाबुआ नगर पालिका परिष में कांग्रेस के मन्नू डोडिया जीते।8- छिंदवाड़ा के दमुआ में कांग्रेस के सुभाष गुलाबाके जीते। 9- बालाघाट के बैहर में कांग्रेस के गणेश मेरावी जीते। 10- रतलाम के सैलाना में कांग्रेस की नम्रता सिंह राठौर जीतीं। निर्दलीय 1- सिवनी के लखनादौन में निर्दलीय जितेंद्र राय जीते।2- छिंदवाड़ा के पांढुर्ना में निर्दलीय प्रवीण पालीवाल जीते।3- बैतूल के सारणी में निर्दलीय आशा भारती जीतीं। भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निकाय चुनाव में विभिन्न स्थानों पर हुई पार्टी की जीत पर प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त किया। कहां कौन जीता : बैहर नगर पंचायत अध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस बालाघाट की बैहर नगर पंचायत चुनाव में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। इस पद पर उम्मीदवार गणेश मेरावी ने भाजपा उम्मीदवार को गुड्डा मरकाम को पराजित किया है। जबकि निर्दलीय उम्मीदवार गुड्डू उईके तीसरे स्थान पर रहे। वहीं पार्षद निर्वाचन में 9 वार्डों में भाजपा, 5 वार्ड में कांग्रेस और 1 वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे हैं। सीएम के क्षेत्र में लाडकुई में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी की जीत सीहोर जिले के नसरूल्लागंज में ग्राम पंचायत लाडकुई में कांग्रेस समर्थित पप्पू मालवीय 1275 से अधिक वोटों से जीते। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने विजयी जुलूस निकाला। उल्लेखनीय है कि यह इलाका मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गृह क्षेत्र है। खंडवा के छनेरा-हरसूद में भाजपा प्रत्याशी पुष्पा रामनिवास पटेल जीतीं छेनरा हरसूद से भाजपा की पुष्पा रामनिवास पटेल निकटतम प्रत्याशी तारा सोभाग सांड से 49 वोटों से जीत गईं। पुष्पा रामनिवास पटेल (भाजपा) को 4730 वोट, तारा सोभाग सांड (निर्दलीय बागी कांग्रेस) को 4681, किरण कमलकांत भारद्वाज (कांग्रेस) को 1428, अर्चना धर्मेंद्र तिवारी (निर्दलीय बागी भाजपा) को 475 और नोटा को 204 वोट मिले। कोतमा नपा अध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा अनूपपुर की कोतमा नगर पालिका अध्यक्ष भाजपा पद पर मोहिनी धर्मेद्र वर्मा जीत गई। 15 वार्डों में 8 वार्डों में भाजपा, 5 वार्डों में कांग्रेस व 2 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी जीते वार्ड क्रमांक 1,5,6,8,9,10,11व14 में भाजपा के पार्षद हुए विजयी वहीं वार्ड क्रमांक 2,7,12,13 व 15 में कांग्रेस के पार्षद जीते, वार्ड क्रमांक 3,4 से निर्दलीय प्रत्याशी विजयी। शाजापुर के अरनिया कलां में दुर्गा प्रसाद सोनानिया जीतें अरनिया कलां सरपंच चुनाव में दुर्गा प्रसाद सोनानिया 1236 वोट से जीत गए। दुर्गाप्रसाद सोनानिया को 2442 वोट, विक्रम सोनानिया को 1206 वोट, शैलेंद्र पटेल को 310 वोट, श्याम सोनानिया को 228 को वोट और नोटा को 50 वोट मिले। झाबुआ कई जगह भाजपा की जीत राणापुर में 213 वोटों से भाजपा जीती, थादंला में 844 वोटों से भाजपा जीती। पेटलावद में 1917 वोटों से भाजपा, जोबट में 209 वोटों से भाजपा और आजादनगर में 390 से भाजपा ने जीत दर्ज की। डिंडोरी की शहपुरा नगर परिषद के अध्यक्ष पद पर कांग्रेस जीती शहपुरा में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस के राजेश गुप्ता ने जीत दर्ज की। वार्ड 1 में भाजपा के राजेश पाल, वार्ड 2 में भाजपा की सुनीता तिवारी, वार्ड 3 में भाजपा के अनूप गुप्ता, वार्ड 4 में भाजपा की दीपा साहू, वार्ड 5 भाजपा के हारून खान, वार्ड 6 में कांग्रेस के राजेश चौधरी, वार्ड 7 में निर्दलीय अनीता कछवाहा, वार्ड 8 में भाजपा के मधु बनवासी, वार्ड 9 में भाजपा के वंदना सोनी, वार्ड 10 में निर्दलीय गिरजा कारपेंटर, वार्ड 11 में कांग्रेस के अशोक पाठक, वार्ड 12 में कांग्रेस के फुक्कू ठाकुर, वार्ड 13 में निर्दलीय सावित्री यादव, वार्ड 14 में निर्दलीय रामजी गुप्ता, वार्ड 15 में कांग्रेस के अशोक बनवासी ने जीत दर्ज की। बुरहानपुर के नेपानगर में भाजपा प्रत्याशी की जीत नेपानगर नगर पालिका परिषद के चुनाव परिणाम में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के राजेश चौहान ने 243 मतों से जीत हासिल की। वहीं 24 वार्डों में से 12 पर कांग्रेस, 11 वार्डों पर भाजपा और एक पर निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मुरैना की कैलारस नगर परिषद के अध्यक्ष पद पर भाजपा की अंजना बंसल कांग्रेस की ज्योति दुबे से 1405 मतों से जीतीं। रतलाम के सैलाना नगर परिषद अध्यक्ष पद पर कांग्रेस का कब्जा, कांग्रेस की नम्रता राठौर 75 वोटों से जीतीं। यहां 15 पार्षद पदों में से 8 पर भाजपा, 4 पर कांग्रेस और 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार ने कब्जा जमाया। खंडवा के मूंदी नगर परिषद वार्ड क्रमांक 4 उप चुनाव में भाजपा की उम्मीदवार शमीना बी कांग्रेस उम्मीदवार रजाक मंसूरी से 68 वोट अधिक लेकर विजय घोषित हुईं। छिंदवाड़ा की जामई नगर पालिका में कांग्रेस प्रत्याशी 2200 वोट मिली विजय। छिंदवाड़ा में मोहगांव से कांग्रेस की सपना कलंबे 793 वोटों से जीत गईं। मंदसौर जिले के शामगढ़ में वार्ड 4, 9 के उपचुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी जीते। मंदसौर में गरोठ नगर परिषद में वार्ड 13 के उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार संगीता ललित चंदेल ने भाजपा प्रत्याक्षी विनोद ग्वाला लाला को 210 मतों से हराया। विदिशा की शमशमाबाद नगर परिषद में कांग्रेस की जीत। खरगोन के महेश्वर में कांग्रेस की अनीता जैन और सनावद से कांग्रेस की मंजूषा शर्मा विजयी हुईं।  

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Dakhal News 16 August 2017


रोहित वेमुला

खबर दिल्ली से। हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला के आत्महत्या मामले में जांच आयोग की एक रिपोर्ट सामने आई है। इसमें खुलासा किया गया है कि रोहित ने कॉलेज प्रशासन से तंग आकर अपनी जान नहीं दी थी, बल्कि निजी कारणों से परेशान होकर उसने आत्महत्या की थी। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, रिपोर्ट में कहा गया है कि रोहित व्यक्तिगत तौर पर परेशान था और कई वजहों से खुश नहीं था। रिपोर्ट के अनुसार, रोहित ने अपने सुसाइड नोट में किसी को भी अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है। सुसाइड नोट से साफ है कि उसकी अपनी खुद की कई समस्याएं थीं और वह अपनी जिंदगी से नाखुश था। सुसाइड नोट में कथित तौर पर रोहित ने यह भी लिखा है कि वह बचपन में अकेला रहता था और उसको सब नाकाबिल समझते थे। गौरतलब है कि यह रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग ने दी है, जिसमें इलाहबाद हाई कोर्ट के जज जस्टिस ए के रूपनवाल शामिल थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि तात्कालिक मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और भाजपा नेता बंडारू दत्तात्रेय का रोहित की मौत से कोई लेना-देना नहीं था। रोहित की आत्महत्या के बाद भाजपा नेताओं का नाम सामने आया था। कहा गया था कि भाजपा नेताओं के दबाव में आकर ही कॉलेज प्रशासन ने रोहित के खिलाफ कार्रवाई की थी, मगर रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर रोहित कॉलेज की कार्रवाई से दुखी होता तो सुसाइड नोट में इस बात का जरूर जिक्र करता। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रोहित दलित नहीं था। हालांकि रोहित की आत्‍महत्‍या के बाद प्रदर्शन कर रहे संगठनों की तरफ से उसको लगातार दलित बताया जाता रहा था। मगर रिपोर्ट के अनुसार, वह अति पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से था। उसके पिता वी. मणिकुमार बडेरा समुदाय से थे। हालांकि मां ने तर्क दिया कि वह माला समुदाय से है जो अनुसूचित जाति के तहत आता है। पति से तलाक के बाद वह वेमुला को लेकर अलग रहने लगी, मगर वह अपनी जाति के पक्ष में तथ्य प्रस्तुत नहीं कर पाई। रोहित ने 17 जनवरी, 2016 को हॉस्टल के कमरे में आत्‍महत्‍या कर ली थी। इससे पहले उसपर एबीवीपी के एक छात्र नेता को पीटने का आरोप लगा था। जिसके बाद नवंबर, 2015 में रोहित समेत पांच छात्रों को निष्कासित कर दिया गया था।  

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Dakhal News 16 August 2017


मोदी  न्यू इंडिया

देश आज अपना 71वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चौथी बार तिरंगा फहराया और देश की जनता को संबोधित किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने लाल किला की प्राचीर से अपने भाषण में कहा, 'देश की आजादी और आन, बान, शान और गौरव के लिए बलिदान दिया। ऐसे सभी महानुभाओं और माताओं-बहनों को मैं लाल किले की प्राचीर से नमन करता हूं। कभी-कभी प्राकृतिक आपदाएं हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौती बन जाती है। अच्‍छी वर्षा देश को फलने फूलने में बहुत ही योगदान देती है। लेकिन जलवायु परिवर्तन का नतीजा है कि कभी-कभी ये प्राकृतिक आपदा संकट भी मोल लेते हैं। पिछले दिनों देश के कई हिस्‍सों में प्राकृतिक आपदा का संकट आया। एक अस्‍पताल में मासूम बच्‍चों की जान गई। मैं यकीन दिलाता हूं कि ऐसे संकट के मौकों पर कुछ भी करने में हम कमी नहीं छोड़ेंगे।' भ्रष्‍टाचार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा, 'काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। सरकार की योजनाओं में रफ्तार बढ़ी है। सरकार की किसी योजना में विलंब होता है तो सबसे अधिक नुकसान हमारे गरीब परिवारों को होता है। मैं सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा हर महीने लेता हूं। 9 महीने में मंगलयान पहुंच सकते हैं, लेकिन 42 साल से रेल का एक प्रॉजेक्ट लटका पड़ा था। एक ऐसा माहौल था कि केंद्र बड़ा भाई है और राज्य छोटा। लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहा हूं और मैं जानता हूं कि राज्यों के विकास में मुख्यमंत्री का कितना योगदान रहता है। आज हम राज्यों को ताकत देकर बिजली के कारखानों के कारोबार में जो समस्याएं थीं उसका मिलकर समाधान किया।' जम्‍मू-कश्‍मीर पर पीएम मोदी ने कहा, 'आज भारत की साख विश्व में बढ़ रही है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में आज हम अकेले नहीं हैं। दुनिया के कई देश सक्रिय रूप से मदद कर रहे हैं। विश्व के देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर का विकास, सामान्य नागरिक के सपनों को पूरा करना जम्मू-कश्मीर की सरकार के साथ इस देशवासियों का संकल्प है। कश्मीर के अंदर जो कुछ होता है, आक्षेप भी बहुत होते हैं। मैं साफ मानता हूं कि कश्मीर में जो कुछ हो रहा है मेरे दिमाग में साफ है कि न गाली से समस्या सुलझेगी न गोली से परिवर्तन होगा कश्मीरियों को गले लगाकर। आतंकवादियों को बार-बार हमने कहा है कि आप मुख्यधारा में आइए। आतंकियों के साथ कोई नर्मी नहीं बरती जाएगी। आतंकवादियों को बार-बार हमने कहा है कि आप मुख्यधारा में आइए। आतंकियों के साथ कोई नर्मी नहीं बरती जाएगी। भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। अलगाववादी नए-नए पैंतरे आजमाते रहते हैं, लेकिन आतंकियों के साथ हम कोई नरमी नहीं बरतेंगे।' उन्‍होंने कहा, 'अभी पिछले सप्ताह ही क्विट इंडिया मूवमेंट के 70 साल पूरे हुए। यह वर्ष है जब चंपारण आंदोलन की शताब्दी मना रहे हैं। लोकमान्य तिलक जी ने सार्वजनिक गणेश उत्सव परंपरा को प्रारंभ किया था उसके भी इस साल 125 साल पूरे हो रहे हैं। आज आजादी का 70 और 2022 में आजादी का 75 साल मनाएंगे। 1942 से 47 के बीच देशवासियों ने अंग्रेजों के नाक में दम किया। अंग्रेजों को भारत छोड़कर जाना पड़ा।' प्रधानमंत्री ने कहा, 'हमें 2022 में आजादी के दीवानों के सपनों के अनुरूप भारत बनाने के लिए सवा सौ करोड़ देशवासियों के संकल्प और पुरुषार्थ से इस सपने को पूरा करना है। सामूहिकता की शक्ति बहुत बड़ी होती है। प्रभु श्रीकृष्ण एक लकड़ी लेकर खड़े हो गए और गोवर्धन पर्वत को उठा लिया। श्रीराम को लंका जाना था वानर सेना उनके साथ खड़ी हो गई। हर कोई अपनी जगह से 2022 के लिए एक नई ऊर्जा, नए संकल्प के साथ परिवर्तन ला सकते हैं। न्यू इंडिया जो सुरक्षित हो, समृद्धशाली हो। सबको समान अवसर उपलब्ध हों।' लाल किले की प्राचीर से पीएम ने कहा, 'आजादी का जब आंदोलन चल रहा था तब एक शिक्षक स्कूल में पढ़ाता था, एक मजदूर मजदूरी करता था, लेकिन हृदय में यह भाव था कि जो भी काम कर रहा हूं आजादी के लिए कर रहा हूं। हम परिश्रम करते हैं, लेकिन मां भारती की भव्यता-दिव्यता के लिए राष्ट्रभक्ति से समर्पित हो काम करते हैं तो उसकी ताकत कई गुणा बढ़ जाती है। 2018 के 1 जनवरी को मैं सामान्य 1 जनवरी नहीं मानता हूं। 21वीं शताब्दी में जन्मे नौजवानों के लिए यह वर्ष महत्वपूर्ण है। 21वीं सदी का भाग्य ये नौजवान बनाएंगे जो अब 18 साल के होने जा रहे हैं। मैं इन सभी नौजवानों से कहना चाहूंगा कि आइए देश के निर्माण में अपनी भूमिका निभाइए।' उन्‍होंने कहा, 'कृष्ण ने अरुजन को कुरुक्षेत्र के युद्ध में कहा था कि मन का विश्वास पक्का हो तो सफलता जरूर मिलती है। मैं मानता हूं कि चलता है, ठीक है इसको छोड़ना होगा। अब तो आवाज यही उठे बदलता है, बदल रहा है, बदल सकता है। साधन हो संसाधन हो, लेकिन जब यह त्याग और तपस्या से जुड़ जाते हैं तो बहुत बड़ा परिवर्तन आता है। संकल्प सिद्धि से जुड़ जाता है। देश की रक्षा-सुरक्षा आम जनता के दिल में बहुत बड़ी बात है। बलिदान की पराकाष्ठा करने में हमारे वीर कभी पीछे नहीं रहे। यूनिफॉर्म में रहने वाले लोगों ने त्याग किया है। सर्जिकल स्ट्राइक हुई तो दुनिया को हमारा लोहा मानना पड़ा। सर्जिकल स्ट्राइक पर दुनिया ने माना देश का लोहा। भारत अपने आप में सामर्थ्यवान है और देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को हम पस्त कर सकते हैं।' प्रधामंत्री ने कहा, 'मेरे प्यारे देशवासियों! आज ईमानदारी का उत्सव मनाया जा रहा है। बेईमानी के लिए सिर छुपाने की जगह नहीं मिल रही है। अब गरीबों को लूटकर अपनी तिजोरी भरने वाले चैन से नहीं सो सकते। अब गरीबों के मन में यह विश्वास पैदा हो रहा है कि यह देश ईमानदारों के लिए है। सेना के लिए सालों से लटके वन रैंक वन पेंशन को हमने लागू किया। GST जिस तरह से सफल हुआ उसके पीछे कोटि-कोटि लोगों का हाथ है। आज दोगुनी रफ्तार से सड़कें बन रही हैं, दोगुनी रफ्तार से रेल की पटरी बिछाई जा रही हैं। 14 हजार से ज्यादा गांवों को पहली बार बिजली मिली है। 29 करोड़ गरीबों के बैंक अकाउंट खुले हैं। युवाओं को रोजगार के लिए बैंक से लोन की स्वीकृति मिलती है। 2 करोड़ गरीब माताओं को लकड़ी के चूल्हे से मुक्ति मिलती है। वक्त बदल गया है। सरकार जो कहती है वही अब करने के लिए प्रतिबद्ध है।' उन्‍होंने कहा, लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहा हूं और मैं जानता हूं कि राज्यों के विकास में मुख्यमंत्री का कितना योगदान रहता है। आज हम राज्यों को ताकत देकर बिजली के कारखानों के कारोबार में जो समस्याएं थीं उसका मिलकर समाधान किया। आज सभी राज्य कंधे से कंधा मिलाकर केंद्र के साथ चल रहे हैं। न्यू इंडिया हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हमने लोकतंत्र को मतपत्र तक सीमित कर दिया है। न्यू इंडिया में हम लोगों से तंत्र चले, तंत्र से लोक नहीं उस दिशा में जाना चाहते हैं। स्वराज्य हम सबका दायित्व होना चाहिए। जब नोटबंदी की बात आई दुनिया को आश्चर्य हो रहा था। यहां तक लोग कह रहे थे कि अब मोदी गया। आज भ्रष्टाचार पर नकेल लगाने में हम एक के बाद एक कदम उठाने में सफल हो रहे हैं। लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान जय किसान का नारा दिया था। प्राकृतिक आपदाओं के बीच में हमारे देश के किसान नई-नई सिद्धियों को हासिल कर रहा है। इस बार मेरे देश के किसानों ने दाल उत्पादन किया तो सरकार ने 16 लाख टन दाल खरीदकर किसानों को बढ़ावा दिया। इतने कम समय में सवा करोड़ किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ गई है। आने वाले समय में 50 योजनाएं किसानों के लिए जुड़ जाएंगी। करोड़ों की सब्जियां, फसल बर्बाद हो जाती हैं। हमने FDI को बढ़ावा दिया ताकि किसानों की फसल बर्बाद न हो।' सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्‍होंने कहा, 'हमारे देश में नेचर ऑफ जॉब में भी बहुत बड़ा बदलाव आ रहा है। मानव संसाधन के विकास के लिए कई योजनाएं सरकार ने शुरू की। पिछले 3 साल में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के कारण करोड़ों युवाओं को स्वरोजगार की प्रेरणा मिली। पिछले 3 वर्षों में 6 नए IIM, 8 नए IIT का हमने निर्माण किया।' प्रधामंत्री ने कहा, 'भविष्य निर्माण में माताओं-बहनों का योगदान अहम होता है। मैं उन बहनों का अभिनंदन करना चाहता हूं कि जो बहनें तीन तलाक से पीड़ित थीं उन्होंने आंदोलन खड़ा किया। बुद्धिजीवियों को हिला दिया। इस आंदोलन को चलाने वाली बहनों का हृदय से अभिनंदन करता हूं। मुझे विश्वास है कि बहनों की इस लड़ाई में हिंदुस्तान इनकी पूरी मदद करेगा। कभी-कभी धैर्य के अभाव में कुछ लोग आस्था के नाम पर ऐसी चीजें कर देते हैं जिससे देश का ताना-बाना कमजोर होता है। आस्था के नाम पर हिंसा को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। यह देश बुद्ध का है, गांधी का है। यहां आस्था के नाम पर हिंसा के रास्ते को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। उस वक्त नारा था भारत छोड़ो और आज हमारा नारा है, 'भारत जोड़ो'। ट्रेन भी ट्रैक बदलती है तो ट्रेन की स्पीड कम हो जाती है। हम देश को नए ट्रैक पर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हमने स्पीड कम नहीं होने दी। 21वीं सदी में भारत को बढ़ाने का सबसे ऊर्जावान क्षेत्र है हमारा पूर्वी भारत है। अथाह सामर्थ्य वाला क्षेत्र है। हमारा पूरा ध्यान बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश, असम, नॉर्थ ईस्ट वाले हमारे राज्य हैं।' उन्‍होंने कहा, 'सरकार बनने के बाद हमने पहला काम किया था एसआइटी बनाने का। हमने काला धन सरेंडर कराया है। जो काला धन छिपा था उसे हम मुख्यधारा में लाने में सफल रहे। नोटबंदी के बाद 3 लाख करोड़ रुपया बैंकिंग सिस्टम में आया। 1.75 लाख करोड़ की राशि शक के घेर में हैं। अब व्यवस्था के साथ उन्हें अपना जवाब देना है। नए करदाताओं की संख्या इस साल दोगुनी से भी ज्यादा हुई है। 18 लाख से ज्यादा ऐसे लोगों को पहचाना गया है जिनकी आय उनके हिसाब-किताब से ज्यादा है। एक लाख लोग ऐसे सामने आए हैं जिन्होंने कभी इनकम टैक्स का नाम भी नहीं सुना था, लेकिन आज उन्हें इनकम टैक्स जमा करना पड़ रहा है। नोटबंदी के बाद जब डेटा माइनिंग की गई तो 3 लाख ऐसी कंपनियां पाईं गईं जो सिर्फ हवाला का कारोबार करती थीं। उनमें से पौन 2 लाख कंपनियों पर ताले लटक गए। कुछ तो ऐसी शेल कंपनियां थीं जिनके एक ही पते पर कई-कई कंपनियां चलती थीं। हमने उन पर कार्रवाई की। जीएसटी के कारण हजारों करोड़ की बचत हुई है समय की भी बचत हुई है। चेकपोस्ट खत्म हुए। नोटबंदी के बाद बैंकों के पास धन आया है।' डिजिटल लेन-देन पर जोर देते हुए मोदी ने कहा, 'विश्व का सबसे बड़ा युवा वर्ग हमारे देश में हैं। क्या अब भी हम उसी पुरानी सोच में रहेंगे? आज जो कागज के नोट हैं वो समय के साथ डिजिटल में बदलने वाला है। पिछले साल की तुलना में डिजिटल लेन-देन में 34 फीसदी का बढ़ावा हुआ है। हिंदुस्तान की कुछ योजनाएं ऐसी हैं जिससे लोगों का पैसा बचने वाला है। सस्ती दवाई गरीब के लिए बहुत बड़ी राहत है। हम गरीब और मध्यमवर्ग के लिए एक से बढ़कर एक योजनाएं शुरू कर रहे हैं। हमने जिला स्तर तक डायलिसिस को पहुंचाया है। हम तेजस हवाई जहाज के द्वारा दुनिया के अंदर अपनी धमक पहुंचा रहे हैं। जीएमसटी से देश की कार्यक्षमता 30 फीसदी बढ़ी है। सही समय पर कोई कार्य पूरा न किया गया तो इच्छित परिणाम कभी नहीं मिलते। ऐसा हमारे शास्त्रों में कहा गया है।' उन्‍होंने कहा, 'सही समय पर कोई कार्य पूरा न किया गया तो इच्छित परिणाम कभी नहीं मिलते। ऐसा हमारे शास्त्रों में कहा गया है। न्यू इंडिया में हम सब मिलकर ऐसा देश बनाएंगे जहां महिलाओं को अपने सपने पूरे करने की आजादी होगी। हम ऐसा भारत बनाएंगे जहां भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से कोई समझौता नहीं होगा। इस विकास की दौड़ में हम सब मिलकर आगे बढ़ने का काम करेंगे। एक दिव्य और भव्य भारत के सपने को लेकर सभी देशवासी चलें। इसी विचार के साथ मैं आजादी के मतवालों को प्रणाम करता हूं। इसी विचार के साथ मैं सवा सौ करोड़ देशवासियों का हृदय से अभिनंदन करता हूं। जय हिन्द! जय भारत।' मंच से पीएम मोदी ने वंदे मातरम का नारा लगाया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ। लाल किले आने से पहले प्रधानमंत्री राजघाट पहुंचे, जहां पर उन्होंने बापू को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वह करीब 7.20 बजे लालकिले के लौहारी गेट पहुंचे जहां पर रक्षा मंत्री अरुण जेटली, रक्षा राज्य मंत्री सुभाषा भामरे और रक्षा सचिव संजय मित्रा ने उनकी अगवानी की। इसके बाद सेना की दिल्ली एरिया के जीओसी जनरल ऑफिसर कमांडिंग ले. जनरल एम.एम नरवाने पीएम को सैल्यूटिंग गार्ड्स की तरफ लेकर गए जहां पर सेना की जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फ्रेंट्री के जवान और दिल्ली पुलिस के जवान गार्ड्स ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद पीएम लाल किले की प्रचीर पर पहुंचे जहां पर तीनों सेना के अध्यक्ष और रक्षा मंत्री एक बार फिर से उनकी अगवानी के लिए खड़े थे। लालकिले की प्राचीर पर ले. कर्नल कंचल कुल्हारी ने पीएम मोदी को झंडा फहराने में सहायता की। इस दौरान कैप्टन मो. हसाब खान और ले. विनय पीएम के डायस के दोनों तरफ एडीसी के तौर पर तैनात थे। झंडा फरहाते ही 21 तोपों की सलामी दी गई। उसके बाद पीएम का भाषण शुरू हुआ।  

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Dakhal News 15 August 2017


 रमन सिंह तिरंगा

छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री रमन सिंह ने स्‍वतंत्रता दिवस के मौके पर रायपुर में पुलिस परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराया। इसके बाद पुलिस परेड ग्राउंड में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस बीच वहां मौजूद लोगों का उन्‍होंने अभिवादन भी किया और इसके लिए वह पूरे ग्राउंड में गाड़ी से घूमते रहे। सलामी लेने के बाद वो मंच पर उपस्थित रहे और इस दौरान होने वाले कार्यक्रमों को देखा। इसके बाद मुख्‍यमंत्री रमन सिंह मंच से प्रदेश की जनता को स्‍वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही उन्‍होंने अपनी योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी। उन्‍होंने योजनाओं की भी जानकारी दी जिन्‍हें इस वर्ष लागू किया जाना है। इस दौरान सुरक्षा का विशेष ध्‍यान रखा गया है। देश आज अपना 71वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है और इस मौके पर पूरे प्रदेश में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। बच्‍चे सड़कों पर तिरंगा लेकर दौड़ते और भारत माता की जय के नारे लगाते हुए नजर आ रहे हैं।  

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Dakhal News 15 August 2017


शिवराज सिंह ने किया झंडारोहण

मध्‍यप्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सुबह स्‍वतंत्रता दिवस के अवसर पर भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में झंडारोहण किया। इसके बाद उन्‍हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। वो लोगों के बीच गए और उनका अभिवादन भी स्‍वीकार किया। समारोह में रंगविरंगे ड्रेस में बच्‍चों का उत्‍साह देखने लायक था। ध्‍वजारोहण के बाद सीएम शिवराज ने लोगों को संबोधित किया। वो बोले, जिस माता का अन्‍न हमने खाया, पानी पिया है और उसी का खून हमारी रगों में दौड़ रहा है। भारत माता को प्रणाम करते हुए उन्‍होंने कहा कि आप सभी बहिनों भाईयों ओर प्रदेशवासियों को स्‍वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं। सीएम ने कहा कि यह आजादी हमें बड़ी मुश्किलों से मिली इसके लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा। हमारे हजारों क्रांतीकारी हंसते-हंसते फांसी पर झूल गए मैं उन्‍हें नमन करता हूं। उन्‍होंने कहा कि मैं उन सभी माताओं को भी प्रणाम करता हूं जिन्‍हेांने अपने लालों को बॉर्डर पर देश की सुरक्षा के लिए भेजा है। इस दौरान उन्‍होंने शहीद बलराम तोमर को याद किया और कहा कि मैं उनको नमन करके यहां आया हूं। लाल परेड ग्राउंड लोगों से भरा हुआ था और इस दौरान सुरक्षा का विशेष ध्‍यान रखा गया है। देश आज अपना 71वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है और इस मौके पर पूरे प्रदेश में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। बच्‍चे सड़कों पर तिरंगा लेकर दौड़ते और भारत माता की जय के नारे लगाते हुए नजर आ रहे हैं।    

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Dakhal News 15 August 2017


गुजरात राज्यसभा चुनाव

अमित शाह की साख का सवाल बने गुजरात राज्यसभा चुनाव में आखिरकार उन्हें अहमद पटेल के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी। लाख कोशिशों और कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग के बावजूद अहमद पटेल को जरूरी वोट मिल गए और देर रात वो पांचवीं बार राज्यसभा के लिए चुन लिए गए। मंगलवार को हुए चुनाव हाई वोल्टेज ड्रामे में बदल गए। कांग्रेस के दो बागियों द्वारा वोट भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को दिखाए जाने पर कांग्रेस ने बवाल मचा दिया। चुनाव आयोग ने कांग्रेस की शिकायत पर रात 11.30 बजे दोनों वोट रद्द करते हुए मतगणना का आदेश दिया गया, लेकिन रात 1.30 बजे तक गांधीनगर में मतगणना शुरू नहीं हो सकी। अमित शाह खुद मतगणना स्थल पर डटे रहे। भाजपा नेताओं की मांग है कि उनकी शिकायत पर भी चुनाव आयोग सुनवाई करे। वह वीडियो सीडी सार्वजनिक की जाए, जिसके आधार पर दो वोट रद्द किए गए हैं। 176 वोट पड़े, आयोग ने 2 रद्द किए 1 सीट जीतने के लिए चाहिए 44 कांग्रेस के पास थे 44 वोट, एक ने क्रॉस वोटिंग की, शेष रहे 43 जदयू के छोटू वसावा ने पटेल को वोट देने का दावा किया।  भाजपा 121 विधायकों, 7 बागियों व अन्य के बल पर अमित शाह व स्मृति ईरानी की तय जीत के अलावा तीसरे प्रत्याशी बलवंत सिंह राजपूत को भी जीताना चाहती थी। दो वोट रद्द होने से भाजपा का गणित गड़बड़ाया और अहमद पटेल का पलड़ा भारी हो गया। बवाल की यही जड़ मानी जा रही थी। 10 विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग कांग्रेस के सात बागियों के अलावा राकांपा के दो और जदयू के एकमात्र विधायक छोटू वसावा ने दूसरे दलों को वोट दिए। जबकि एक निर्दलीय सोमवार रात ही भाजपा में शामिल हो गए थे। कांग्रेस को नहीं दिया वोट : वाघेला मतदान के बाद वाघेला ने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया, इसलिए अपने अजीज मित्र अहमद पटेल को वोट देने का कोई मतलब नहीं है। कांग्रेस डूबती नाव है, अहमद पटेल चुनाव हारने वाले हैं इसलिए अपना वोट खराब नहीं करूंगा। राघवजी पटेल (58 वर्ष): कभी भाजपा, कभी कांग्रेस ये जामनगर ग्रामीण से निर्वाचित होकर विधानसभा पहुंचे हैं। ये लेउवा पाटीदार हैं, जिन्होंने 1978 से राजनीति शुरू कर दी थी। हालांकि अपना पहचा चुनाव सन् 2000 में जसदन तालुका पंचायत से लड़ा था। इसके बाद पांच बार विधायक रहे। इसमें दो बार भाजपा के टिकट से मिली जीत शामिल है। इन्होंने मंत्री नहीं बनाए जाने से खफा होकर भाजपा छोड़ दी थी। 2007 और 2012 में कांग्रेस के टिकट से विधायक रहे। अब इनका मानना है कि पाटीदार गुजरात की राजनीति को बदल सकता है। इन पर दो आपराधिक केस हैं। दोनों ही मामले कोर्ट मे लंबित हैं। पिछले हलफनामे के मुताबिक, इनकी कुल संपत्ति 4.66 करोड़ है। भोलाभाई गोहेल (42 वर्ष): फोन आया और हो गए लापता ये जसदन से विधायक हैं और कोली समाज से हैं। इन्होंने रूरल स्टडीज में डिग्री हासिल की है। भोलाभाई ने पिछले माह ऐलान किया था कि वे इस साल के आखिरी में होने वाले चुनाव नहीं लड़ेंगे। राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने कुछ विधायकों को बागी होने से बचाने के लिए राजकोट के नील सिटी क्लब में रखा था, लेकिन भोलाभाई वहां से निकल आए थे। बताते हैं कि तब उनके पास किसी का फोन आया था। इसकी भनक लगने के बाद कांग्रेस ने कहा था कि भोलाभाई लापता है और उसकी सूचना देने वाले को ईनाम दिया जाएगा। भोलाभाई पर कोई आपराधिक केस नहीं है। उनकी कुस संपत्ति 26.85 लाख है।  

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Dakhal News 9 August 2017


कर्ज- मध्यप्रदेश सरकार

मध्यप्रदेश सरकार एक बार फिर बाजार से कर्ज लेने की शुरूआत करने जा रही है। इस सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से डेढ़ हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष में ये पहला मौका होगा, जब सरकार विकास कार्यों के लिए बाजार से कर्ज लेगी। प्रदेश सरकार 2017-18 में 25 हजार करोड़ रुपए तक बाजार से कर्ज उठा सकती है। वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक विकास की कई परियोजनाओं को गति देने के लिए कुछ विभागों को अतिरिक्त राशि देने की जरूरत है। कुछ परियोजनाओं के लिए अनुपूरक बजट में प्रावधान भी किए गए हैं। राशि का इंतजाम करने के लिए बाजार से कर्ज उठाने का फैसला किया गया है। इसकी शुरुआत अगले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक के जरिए बाजार से डेढ़ हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेकर होगी। बताया जा रहा है कि अब लगभग हर महीने सरकार कर्ज उठाएगी। राजकोषीय उत्तरदायित्व अधिनियम (एफआरबीएफ) के तहत सरकार राजकीय सकल घरेलू उत्पाद के साढ़े तीन फीसदी तक कर्ज ले सकती है। ये सीमा लगभग 25 हजार करोड़ रुपए है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश सरकार के ऊपर अब कर्ज डेढ़ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो जाएगा। सरकार हर साल लगभग 13 हजार करोड़ रुपए सिर्फ ब्याज चुकाने में खर्च कर रही है। ज्यादातर कर्ज 10 साल के लिए लिया जा रहा है। विधानसभा में सरकार की ओर से दिए जवाब के मुताबिक प्रदेश के हर व्यक्ति पर 13 हजार रुपए से ज्यादा का कर्ज चढ़ चुका है।

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Dakhal News 9 August 2017


नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि किसी भी विवाद का हल केवल बातचीत से हो सकता है। दुनियाभर में लोगों को एक-दूसरे से अलग करने वाली धार्मिक रूढ़िवादी जड़ों और पूर्वाग्रहों को खात्म करे के लिए बातचीत ही विकल्प है। पीएम मोदी ने यह बातें यांगोन में आयोजित 'सम्वाद-ग्लोबल इनिशिएटिव ऑन कॉन्फ्लिक्ट अवॉयडेंस एंड एंटरटेनमेंट कॉन्शियसनेस' नाम के कार्यक्रम के दूसरे संस्करण में एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए कही हैं। पीएम ने अपने संबोधन में कहा, 'आप सभी जानते हैं कि 21 वीं सदी में विश्व आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन जैसे कई वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहा है, मुझे पूरा भरोसा है कि इन सबका समाधान एशिया की सबसे पुरानी परंपरा बहस और बातचीत के जरिए निकलेगा।प्राचीन भारतीय परंपरा कठिन मुद्दों का हल निकालने के लिए बातचीत में दृढ़ विश्वास करती है।' प्राचीन भारतीय पद्धति 'तर्कशास्त्र' के बारे में बात करते हुए पीएम ने कहा कि यह मॉडल बातचीत और बहस पर आधारित था जिसमें आपसी मुद्दों को बातचीत के जरिए हल किया जाता था। भगवान राम, भगवान कृष्ण, भगवान बुद्ध और भक्त प्रह्लाद का उदाहरण देते हुए पीएम ने कहा कि इन सबका एक ही उद्देश्य था और वह था कर्तव्य का पालन करना। पर्यावरण के बारे में बात करते हुए पीएम ने कहा कि मनुष्य को अपने आप को प्रकृति के साथ जोड़ना चाहिए और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को रोकना चाहिए। यदि मनुष्य प्रकृति की रक्षा नहीं करेगा तो प्रकृति जलवायु परिवर्तन के रूप में प्रतिक्रिया देगी। उन्होंने कहा कि किसी भई आधुनिक समाज के लिए यह जरूरी है कि पर्यावरण की रक्षा करें।  

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Dakhal News 5 August 2017


rahul gandhi बनासकांठा

कई दिनों तक बाढ़ के पानी में डूबे रहने के बाद गुजरात के बनासकांठा की हालत खराब है। घरों में कीचड़ भरा है और लोग परेशान हैं। इस बीच बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा करने गए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को लोगों को गुस्से का शिकार होने पड़ा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बनासकांठा में लोगों से मिलने के बाद वो एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने उन्हें काले झंडे दिखाए। जिसके बाद राहुल बोले की मैं इन काले झंडों से नहीं डरता। दावा है कि कुछ देर बाद इनकी कार पर पथराव भी किया गया। राहुल गांधी पिछले दिनों से बाढ़ प्रभावित असम और गुजरात के दौरे पर हैं। बनासकांठा में राहुल गांधी ने कहा कि मैं आपके बीच आना चाहता था और कहना चाहता था कि कांग्रेस पार्टी आपके साथ है।  

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Dakhal News 4 August 2017


विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज

  विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने राज्‍यसभा में कहा है कि आतंकवाद और बातचीत दोनों एक साथ नहीं हो सकते। बांग्‍लादेश के साथ रिश्‍ते अच्‍छे हैं, हमने पाक से भी शांति की बातें की थीं पर नतीजा नहीं निकला। उन्‍होंने कहा कि पीएम मोदी ने भारत को पूरी दुनिया में सम्‍मान दिलाया है। हमने 3 घंटे में मालदीव को पानी दिया। राजीव गांधी 17 साल तक नेपाल नहीं गए लेकिन मोदी गए। राहुल गांधी पर भी सुषमा ने निशाना साधते हुए कहा कि संकट के समय वे चीन के राजदूत से क्‍यों‍ मिले।सुषमा ने कहा कि विदेश नीति की चिंता की जन्मदाता हम नहीं बल्कि कांग्रेस है। विपक्ष बताए कि किस देश से हमारे संबंध खराब है। सुषमा ने कहा कि पीएम मोदी ने विदेश नीति से सम्मान दिलाया है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू ने सिर्फ निजी तौर पर नाम कमाया है।  

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Dakhal News 3 August 2017


मुलायम सिंह यादव

संसद में मानसून सत्र को दौरान रोजाना किसी ना किसी मुद्दे पर हंगामा होता रहता है। लेकिन सोमवार को सदन में जब मुलायम सिंह यादव बोलने उठे तो माहौल हल्का-फुल्का हो गया। हालांकि वो एक गंभीर मुद्दे पर अपनी बात रख रहे थे। दरअसल मुलायम सिंह यादव ने सदन में महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों को मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इसे खत्म करने की शुरुआत हमें अपने घर से करनी होगी। जानकारी के अनुसार सोमवार को लोकसभा में नियम 193 के तहत देश में अत्याचारों और मॉब लिंचिंग पर चर्चा के दौरान सपा नेता ने कहा कि आप में से कौन-कौन सांसद अपनी पत्नी को दबा कर नहीं रखते, हाथ खड़े करें। जब किसी सदस्य ने हाथ खड़ा नहीं किया तो मुलायम सिंह बोले कि देख लीजिए, जब सदन में यह स्थिति है तो देश में क्या हाल होगा। इस पर सदन में ठहाके गूंज उठे। सपा प्रमुख ने लोकसभा में दलितों पर जारी एक चर्चा के दौरान कहा कि महिलाओं का शोषण और अत्याचार काफी बढ़ गया है। पहले परिवार में इसका अंत होना चाहिए। फिर यह आपके इलाके, गांव और शहरों में बंद हो जाएगा। सपा नेता ने मानसिकता में बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया। उन्‍होंने कहा, धर्म और भाषा के नाम पर गरीबों पर अत्याचार रोकने के लिए लोगों को अपनी मानसिकता बदलनी होगी। समाज में विदेशी मूल के लोगों के लिए मौजूद छूआछूत जैसी कुरीतियों पर नियंत्रण करना होगा।  

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Dakhal News 1 August 2017


छत्तीसगढ़ विधानसभा

छत्तीसगढ़ विधानसभा में मानसून सत्र मंगलवार सुबह शुरू हो गया। सदन में अनिल माधव दवे, विजय बहादुर सिंह और 10 जुलाई को अमरनाथ यात्रा के दौरान अनंतनाग में यात्रियों की सड़क हादसे में मौत पर विधानसभा में श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान सत्यनारायण शर्मा ने बस्तर के बुर्कापाल में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों का जिक्र नहीं होने पर आपत्ति ली। इसके बाद स्पीकर ने सदन में बुर्कापाल शहीदों को श्रद्धांजलि दी। दिवंगतों के सम्मान में 5 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित की गई। इसके बाद विपक्ष ने प्रदेश में किसानों की आत्महत्या का मुद्दा उठाया, जिस पर जमकर हंगामा हुआ। हंगामा के बीच 5 मिनट के लिए फिर सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। विधानसभा के मानसून सत्र में सूखा से लेकर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के जमीन का मामला उठेगा। सत्ताधारी दल भाजपा को घेरने के लिए कांग्रेस ने पूरी तैयारी की है। वहीं, भाजपा ने आरोपों का जवाब देने के लिए मंत्रियों को मैदान में उतारने का प्लान तैयार किया है। सत्र के लिए 1235 सवाल लगाए गए हैं। कांग्रेस विधायकों के आरोपों का तथ्य के साथ जवाब देने की तैयारी की गई है। एक से 11 अगस्त के बीच विधानसभा की आठ बैठकें होंगी। सरकार पहला अनुपूरक बजट लाएगी। आठ नए विधेयक मंजूरी के लिए रखे जाएंगे। कई विभागों का वार्षिक प्रतिवेदन पटल पर रखा जाएगा।  

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Dakhal News 1 August 2017


मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार

  दिल्ली से खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र  मोदी अपने मंत्रिमंडल का इस माह विस्तार कर सकते हैं। उनके इस विस्तार में 12 मंत्रियों को कैबिनेट में जगह दी जाने की खबर है।  मीडिया में आर रही रिपोर्ट्स के अनुसार जिन लोगों को मंत्री मंडल में शामिल किया जाना है उनके नाम पीएम मोदी और अमित शाह तय करेंगे। कुल 12 मंत्री इस विस्तार में कैबिनेट का हिस्सा बन सकते हैं जिनमें से 9 भाजपा के होंगे वहीं 3 अन्य सहयोगी दलों के। इसके अलावा दो मंत्रियो को प्रमोशन मिल सकता है जबकि उन लोगों की छुट्टी भी हो सकती है जिनका प्रदर्शन अच्छा नहीं है। इनके अलावा कुछ मंत्रियों को विभाग बदले जा सकते हैं। बता दें कि फिलहाल मोदी कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के लिए पूर्णकारिक मंत्री नहीं है। वित्त मंत्री अरुण जेटली रक्षा और वित्त मंत्रालय दोनो देख कर रहे हैं वहीं स्मृति ईरनी और नरेंद्र सिंह तोमर को भी एक-एक मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जा चुकी है। अनिल माधव दवे के निधन के बाद से पर्यावरण मंत्रालय भी अधूरा पड़ा है।

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Dakhal News 31 July 2017


तृणमूल कांग्रेस

  गुजरात में कांग्रेस और यूपी में समाजवादी पार्टी के नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद अब ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस में फूट पड़ गई है। खबर है कि त्रिपुरा में टीएमसी के छह विधायक अगस्त में भाजपा में शामिल हो जाएंगे। ये वे विधायक हैं, जिन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में पार्टी सप्रीमो ममता बनर्जी का फैसला ठुकराते हुए एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को वोट दिया था। वैसे इन विधायकों के भाजपा में शामिल होने की अटकलें लंबे समय से चल रही हैं। इससे पहले भाजपा ने इन्हें 31 मई 2017 तक की डेडलाइन दी थी। अब प्रदेश के बडे़ टीएमसी नेता सुदीप रॉय बर्मन के हवाले से कहा गया है कि वे अपनी साथी विधायकों के साथ 6 या 7 अगस्त को भाजपा में शामिल हो जाएंगे। खबर तो यह भी है कि 1 अगस्त को ये विधायक दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात करेंगे।  9 अगस्त को भाजपा ने अगरतला में बड़ी रैली बुलाई है। त्रिपुरा में अब तक वामदलों का राज रहा है और यहां अगले साल चुनाव होने हैं।  

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Dakhal News 31 July 2017


केजरीवाल- राम जेठमलानी

  मानहानि मामले में केजरीवाल का केस छोड़ चुके मशहूर वकील राम जेठमलानी ने दावा किया है कि अरुण जेटली के खिलाफ अपशब्दों का उपयोग करने के लिए केजरीवाल ने ही कहा था। जेठमलानी के दावे के अनुसार केजरीवाल ने तो जेटली के खिलाफ और ज्यादा अपमानजनक शब्दों के उपयोग के लिए कहा था। बता दें कि पिछले दिनों राम जेठमलानी ने खुद को केजरीवाल के केस से अलग करते हुए फीस के 2 करोड़ मांगे थे। लेकिन केजरीवाल जब यह कहा कि वकील ने खुद ही अपमानजनक शब्दों का उपयोग गिया था तो जेठमलानी नाराज हो गए। इसके बाद अपने खत में जेठमलानी ने कहा कि अपनी अंतरआत्मा से पूछिए आपने कितनी बार जेटली के लिए अपमानजनक शब्दों का उपयोग करने के लिए कहा। बता दें कि इसी अपशब्द के उपयोग के बाद जेटली ने केजरीवाल पर एक और मानहानि का केस दर्ज करवाया था।    

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Dakhal News 29 July 2017


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बहुमत साबित कर दिया। नीतीश के पक्ष में 131 वोट जबकि विरोध में 108 वोट पड़े। सुबह 11 बजे पेश होने वाला यह प्रस्ताव राजद के हंगामे के चलते 12 बजे के बाद पेश हो सका। प्रस्ताव पेश होने से पहले तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला। सदन में विश्वास प्रस्ताव रखने के बाद नीतीश ने सदन को संबोधित करते हुए तेजस्वी को जवाब दिया। पक्ष-विपक्ष के विवाद के बीच सदन में नीतीश कुमार ने विश्वासमत पर बोलते हुए कहा कि सदन की मर्यादा का पालन करना चाहिए। हम एक-एक बात का सबको जवाब देंगे। सत्ता सेवा के लिए होता है, मेवा के लिए नहीं। नीतीश ने कहा कि मैंने महागठबंधन धर्म का हमेशा पालन किया, लेकिन जब मेरे लिए मुश्किल आई तो इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस पर तंज कसते हुए नीतीश ने कहा कि पच्चीस सीट नहीं मिल रही थी कांग्रेस को हमने चालीस दिलाई।सत्ता धन अर्जित करने के लिए नही होता। मैंने जनता के लिए ये फैसला लिया है, वोट देने वाली जनता परेशान थी और यह सरकार बिहार की जनता के लिए काम करेगी। मुझे कोई सांप्रदायिकता का पाठ ना पढाए। आज जुम्मे का दिन है और मैं कोई हंगामा नहीं चाहता। बिहार विधानसभा के विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही के भीतर भी राजद विधायक हंगामा किया और इसी बीच राजद की तरफ से तेजस्वी यादव को विरोधी दल का नेता मनोनीत किया गया । विधानसभा अध्यक्ष को प्रस्ताव दिया गया, जिसे उन्होंने मंजूर कर लिया । नेता विपक्ष बनते ही तेजस्वी यादव ने नीतीश के खिलाफ हमला बोला । उन्होंने कहा कि जनता ने महागठबंधन को पांच साल के लिए चुना था लेकिन हमारे साथ, बिहार की जनता के साथ धोखा देकर महागठबंधन को तोड़ दिया। नीतीश जी का ये कौन सा सिद्धांत है। आपको शर्म नहीं आती आज सुशील मोदी के बगल में बैठने में।नीतीश जी का इस्तीफा और भाजपा का तुरत समर्थन ये सब पूरी प्लानिंग की गई थी और नैतिकता की बात करते हैं, ये कौन सी नैतिकता है आपकी? कौन सी विचारधारा है इसे अब पूरी दुनिया जानना चाहती है। तेजस्वी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नीतीश कुमार जी रणछोड़ हो गए हैं, हे श्रीराम से जय श्रीराम कह पलटी मार गए। नीतीश के बगल में बैठे थे तो पता नहीं था इनका असली चेहरा अब नजर आया है। सुशील मोदी और नीतीश पर भी तो केस चल रहा है फिर इनदोनों ने शपथ कैसे ले ली? तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अाप तो इधर भी हैं और उधर भी, आपने समझा ही नहीं लालू यादव को अगर पुत्रमोह होता तो एेसा नहीं होता, लालू जी को पुत्रमोह नहीं भाई मोह था। आप एक बार बोल देते तो मैं इस्तीफा दे देता। तेजस्वी ने कविता सुनाकर नीतीश को पुुरानी बातें याद दिलाईं और कहा कि कहां गये वो पीएम मोदी के लिए बोले गए शब्द-बहती हवा सा था वो दाऊद को लाने वाला था वो...क्या सबकुछ भूल गए आप? तेजस्वी ने उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी से कहा कि आपको शर्म नहीं आती एेसी साजिश रच डाली। उन्होंने सुशील मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि आपने मेरे और मेरे परिवार पर झूठे आरोप लगाए उसे माफ नहीं करूंगा। तेजस्वी के इन गंभीर आरोपों के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने तेजस्वी को भाषण खत्म करने का निर्देश दिया। भाजपा नेता नंदकिशोर यादव ने तेजस्वी के बयान का पलटवार करते हुए कहा कि अगर लालू को पुत्रमोह नहीं होता तो अब्दुल बारी सिद्दीकी उपमुख्यमंत्री होते। उन्होंने कहा कि तेजस्वी थे उपमुख्यमंत्री और फैसला लेते थे लालू। नंदकिशोर यादव ने कहा कि जो आरोप लगा रहे हैं वो सब हमारे भाई हैं और कई हमारे संपर्क में हैं। आरजेडी की बातों का मैं बुरा नहीं मानता। नंदकिशोर यादव ने नीतीश कुमार के लिए शायरी पढ़ी- नहीं गया मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता... राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने नंदकिशोर यादव को जवाब देते हुए कहा कि जब मैं सीएम बनूंगा तो आप मेरे साथ होंगे क्या? कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह ने कहा कि नीतीश के महागठबंधन तोड़ने का दुख है और पार्टी बदलने वालों से क्या बात करें? नीतीश का पूरा खेल सुनियोजित था। पूरी सुनियोजित तरीके से नीतीश ने यह सब किया है। पहले उन्होंने कोविंद को समर्थन किया और फिर भोज में शामिल हुए। सदानंद सिंह के बाद उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने अपने संबोधन में राजद को धन्यवाद देते हुए कहा कि आपकी वजह से ही मैं आज चार साल के बाद फिर से पक्ष की ओर बैठा हूं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी ने अगर इस्तीफा दे दिया होता तो मैं डिप्टी सीएम नहीं बन पाता। शुक्रगुजार हूं राजद और कांग्रेस का जिनकी वजह से मैं डिप्टी सीएम बना। सुशील मोदी ने कहा कि जनादेश बेनामी संपत्ति को बचाने के लिए नहीं था 26 साल में 26 बेनामी संपत्ति के मालिक बनने के लिए नहीं था। सुशील मोदी के बयान को सुनकर तेजस्वी यादव आक्रोशित हो गए और दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। तेजस्वी ने कहा कि जब जांच चल रही है तो बेनामी संपत्ति कैसे बोल सकते हैं? आरजेडी विधायकों ने सुशील मोदी के बयान के बाद हंगामा शुरू कर दिया और कुर्सी पर खड़े होकर विरोध जताया। नीतीश पर आरोप लगाने के साथ ही एनडीए और जदयू के विधायक भी आक्रोशित हो गए और वेल में आकर हंगामा शुरू कर दिया । नीतीश कुमार के पहुंचते ही राजद विधायकों ने जमकर नारेबाजी की और नीतीश कुमार इस्तीफा दो, नीतीश कुमार वापस जाओ, के नारे लगाए। राजद के साथ कांग्रेस के विधायक भी हंगामे में शामिल है। सदन के बाहर और सदन के अंदर भी जबर्दस्त हंगामा जारी रहा। बिहार में गुरुवार को राजग की नई सरकार बन गई। अब नीतीश कुमार इस सरकार का बहुमत साबित करने के लिए विधानसभा पहुंच चुके हैं। वो 11 बजे सदन में फ्लोर टेस्ट से गुजरेंगे। आंकड़ों पर नजर डालें तो जदयू और एनडीए को मिलाकर कुल 132 विधायकों के समर्थन का दावा है जबकि बहुमत के लिए 122 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। इस पूरे मामले में खास बात यह है कि जदयू के नेता नाराज हैं और ऐसे में किसी विधायक ने बगावत नहीं की तो सरकार अपना बहुमत साबित कर देगी। वहीं दूसरी तरफ खबर है कि राज्य में महागठबंधन को दूसरा झटका लग सकता है और कांग्रेस के 18 विधायक पार्टी का दामन छोड़ सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो महज 27 विधायकों के साथ गठबंधन में शामिल कांग्रेस के पास सिर्फ 9 विधायक बचेंगे। गुरुवार को ही नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री और सुशील कुमार मोदी ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही शासन की बागडोर संभाल ली। केंद्र व बिहार में 21 साल बाद एक जैसी गठबंधन सरकार है। तब बिहार व केंद्र में संयुक्त मोर्चा की सरकार थी। राजग ने बीती रात राज्यपाल त्रिपाठी के समक्ष 132 विधायकों के समर्थन की सूची सौंपी थी। इसमें जदयू 71, भाजपा 53, आरएलएसपी 2, लोजपा 2, हम 1 व 3 निर्दलीय शामिल हैं। वहीं 243 सदस्यीय बिहार विस में राजद के 80, कांग्रेस के 27 व भाकपा माले के 3 सदस्य हैं। शुक्रवार सुबह होने वाले शक्ति परीक्षण में जदयू के 5 मुस्लिम व 11 यादव परिवारों पर खास नजर रहेगी। माना जा रहा है कि ये नीतीश के फैसले से असंतुष्ट हैं। केरल की जदयू इकाई ने नीतीश द्वारा भाजपा से हाथ मिलाने का विरोध करते हुए खुद को पार्टी से अलग कर लिया है। केरल इकाई के अध्यक्ष व सांसद वीरेंद्र कुमार ने यह जानकारी दी। बिहार में राजग के विस्तार के साथ ही केंद्र में भी जदयू राजग का हिस्सा होगा। अगले महीने नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार लगभग तय है। इसमें जदयू से शरद यादव व एक अन्य को मंत्री बनाया जा सकता है। सबसे बड़े दल के नाते राजद को सरकार बनाने का मौका नहीं देने के खिलाफ गुरुवार को पटना हाई कोर्ट में को दो अलग-अलग जनहित याचिका दायर की गईं। शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ तय करेगी कि याचिका को सुना जाए या नहीं।  

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Dakhal News 28 July 2017


नीतीश बने छठी बार मुख्यमंत्री

बुधवार रात से बिहार में मचे सियासी घमासान के बाद नई सरकार का गठन हो गया है. पटना में नीतीश कुमार  ने छठी बार सीएम पद की शपथ ली है. उनके साथ बीजेपी के सीनियर नेता सुशील कुमार मोदी ने भी डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है. बता दें कि बिहार में भ्रष्टाचार के एक मामले में फंसे उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव को लेकर हुए विवाद के बीच बुधवार (26 जुलाई) को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके साथ ही महागठबंधन की 20 महीने पुरानी सरकार गिर गई. देर रात में ही नीतीश कुमार ने बीजेपी विधायकों के साथ राज्यपाल से मुलाकात की थी. राज्यपाल से मुलाकात के बाद सुशील कुमार मोदी ने संवाददाताओं को बताया कि गठबंधन को समर्थन करने वाले 132 विधायकों की एक सूची राज्यपाल को सौंपी गई. उन्होंने बताया कि राज्यपाल ने नीतीश को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है. इन विधायकों में जदयू के 71, भाजपा के 53, रालोसपा के दो, लोजपा के दो, हम के एक और तीन निर्दलीय शामिल हैं. उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10 बजे होगा. यह मुख्यमंत्री के तौर पर कुमार का छठा कार्यकाल होगा. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार (26 जुलाई) को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. बीते कई महीनों से महागठबंधन में चल रहे विवाद के बीच नीतीश ने राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को अपना इस्तीफा सौंप दिया. इसके साथ ही बिहार की 20 महीने पुरानी महागठबंधन की सरकार गिर गई. महागठबंधन में नीतीश की पार्टी जनता दल (युनाइटेड) के अलावा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस शामिल थीं. बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बुधवार (26 जुलाई) को कहा कि जितना संभव हो सका, उन्होंने गठबंधन धर्म का पालन करने की कोशिश की, लेकिन बीते घटनाक्रम में जो चीजें सामने आईं उसमें काम करना मुश्किल हो गया था. नीतीश ने कहा, "जब मुझे ऐसा लग गया कि वे कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं, तो ऐसी स्थिति में मैं जवाब नहीं दे सकता. मैं सरकार का नेतृत्व कर रहा हूं. लेकिन सरकार के अंदर के व्यक्ति के बारे में कुछ बातें कही जाती हैं और मैं उस पर कहने की स्थिति में नहीं हूं तो ऐसी स्थिति में इस सरकार को चलाने का, मेरे हिसाब से कोई आधार नहीं है." उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने लालू प्रसाद और उनके बेटे तेजस्वी सहित उनके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है. सीबीआई ने सात जुलाई को पटना सहित देशभर में 12 स्थानों पर छापेमारी की थी. यह मामला वर्ष 2004 का है, जब लालू प्रसाद देश के रेलमंत्री थे. आरोप है कि उन्होंने रेलवे के दो होटल को एक निजी कंपनी को लीज पर दिलाया और उसके एवज में उन्हें पटना में तीन एकड़ जमीन दी गई. इस घटनाक्रम के बाद उनके (तेजस्वी यादव के) इस्तीफे की मांग उठी थी, जिसे लेकर महागठबंधन में दरारें पैदा हो गई थीं. तेजस्वी ने इस्तीफा देने से मना कर दिया था, जिससे यह दरार चौड़ी होती गई और अंतत: नीतीश ने इस्तीफा दे दिया. लालू बोले-नीतीश कुमार भस्मासुर निकला लालू यादव ने नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा है कि हमने उन पर विश्वास किया लेकिन वह तो भस्मासुर निकला. उन्होंने कहा कि वह नीतीश को सपोर्ट नहीं देना चाहते थे लेकिन नीतीश उनके घर आए और उन्होंने उनसे समर्थन मांगा. लालू ने कहा कि नीतीश बहुत बड़े अवसरवादी हैं. उन्होंने सुशील मोदी को लगाया कि वो रोज मेरे खिलाफ आवाज उठाते रहें.  लालू ने कहा कि नीतीश बहुत बड़े अवसरवादी हैं. सुशील मोदी को लगाया कि वो रोज मेरे खिलाफ आवाज उठाते रहें. नीतीश कुमार फार्म हाउस में अमित शाह से मिलते रहे हैं. उन्होंने कहा कि नीतीश ने यह ऑन रिकॉर्ड बोला था कि मैं मिट्टी में मिल जाऊंगा लेकिन बीजेपी के साथ नहीं जाऊंगा मगर आज वह उन्हीं के पास जा रही हैं. लालू ने कहा कि अगर हम चाहते तो विधानसभा चुनाव का नतीजा आने के बाद नीतीश को सीएम नहीं बनने देते क्योंकि हमारी पार्टी की सीटें ज्यादा थी लेकिन हमने ऐसा नहीं किया.मैंने नीतीश के माथे पर तिलक लगाया और कहा कि जाओ राज करो, मैंने कभी कभी नीतीश को नहीं परेशान किया. उन्होंने कहा कि नीतीश ने दो साल में कुछ काम नहीं. बिहार में शराब बंदी का नाटक किया जिसका नतीजा यह हुआ कि बिहार में शराब की होमडिलिवरी शुरू हो गई.हमारे गठबंधन को बीजेपी के खिलाफ जनमत मिला. हमें जनता ने बिहार से सांप्रदायिक ताकतों को दूर करने का जनमत मिला था लेकिन नीतीश कुमार आज सांप्रदायिक ताकतों से जाकर मिल गए।  राहुल ने कहा -नीतीश कुमार ने दिया धोखा बिहार में मचे सियासी घमासान पर राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया देते हुए इसका सारा ठीकरा नीतीश कुमार पर फोड़ दिया है. उन्होंने नीतीश कुमार पर सीधे हमले करते हुए कहा कि नीतीश ने हम सबको धोखा दिया है. उन्होंने कहा कि यह सब पिछले चार महीने से चल रहा था, नीतीश ने ऐसा स्वार्थ के चलते किया है. गौरतलब है कि बुधवार शाम को नीतीश कुमार ने विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस और आरजेडी के साथ  गठबंधन खत्म करने का फैसला लेते हुए सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था और रात में बीजेपी के साथ सरकार बनाने का फैसला कर लिया था. भारतीय राजनीति की सबसे बड़ी समस्या यही है कि स्वार्थ के लिए आदमी कुछ भी कर सकता  है. राहुल ने यह भी कहा कि नीतीश उनसे दिल्ली में  मिले थे लेकिन जब उनसे मिले तब तक वह मोदी से डील हो चुकी थी. नीतीश कुमार को सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने का जनमत मिला था लेकिन अब उन्होंने निजी हितों के लिए उनसे ही हाथ मिला लिया है. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहाकि 3-4 महीनों से हमें पता था कि ये प्लानिंग चल रही है. अपने स्वार्थ के लिए व्यक्ति कुछ भी कर जाता है. उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए व्यक्ति कुछ भी कर जाता है, कोई नियम, क्रेडेबिलिटी नहीं है. तेजस्वी ने भी साधा नीतीश पर निशाना : नीतीश कुमार के फैसले से बौखलाए तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी इसके खिलाफ राजभवन के बाहर धरना देगी. उन्होंने काह कि राजद, कांग्रेस सहित जितनी भी पार्टियां है जो कि भाजपा और संघ का विरोध करती है, विरोध प्रदर्शन करेंगे और जगह-जगह धरना देंगे. 27 जुलाई की आधी रात में ही तेजस्वी यादव राजद समर्थकों के साथ पैदल मार्च कर राजभवन पहुंचे और नीतीश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. नीतीश पर तीखा हमला करते हुए तेजस्वी ने कहा, इसी मोदी ने नीतीश को डीएनए वाली बात कही थी, गाली दी थी. अब ये गोडसे के वंशज के साथ सरकार बना रहे हैं. जेडीयू में भी उठे विरोध के सुर : बीजेपी के साथ सरकार बनाने के फैसले पर जेडीयू में भी विरोध की आवाजें उठने लगी हैं. जेडीयू के राज्यसभा सांसद अली अनवर ने कहा कि नीतीश कुमार अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर बीजेपी के साथ सरकार बना रहे हैं, लेकिन मेरी अंतरात्मा इस बात को नहीं मानती है. अगर मुझे अपनी बात कहने का मौका मिलेगा, तो मैं पार्टी के मंच पर अपनी बात जरूर रखूंगा.

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Dakhal News 27 July 2017


मानसून सत्र समाप्त

मानसून सत्र समाप्त भोपाल में मानसून सत्र के दौरान बुधवार को विधानसभा में विपक्ष ने सरदार सरोवर बांध के कारण विस्थापित हुए लोगों का मामला उठा। कांग्रेस ने इस पर चर्चा कराने की मांग करते हुए हंगामा किया। इस दौरान आधे घंट में 6 विधेयक पारित हो गए। लगातार हंगामे के बाद विधानसभा की कार्रवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। समय से दो दिन पहले ही विधानसभा का सत्र खत्म हो गया। समय से पहले सदन स्थगित होने के बाद भी कांग्रेस विधायक वहीं बैठकर नारे लगाते रहे, इसके बाद पैदह ही सीएम हाउस के लिए रवाना हो गए। इस बीच उन्हें पत्रकार भवन के पास रोक लिया गया और गिरफ्तार कर गांधी नगर जेल भेज दिया गया। उधर सीएम हाउस की सुरक्षा बढ़ा दी गई। कुछ कांग्रेस विधायक हंगामा करते हुए अपनी सीटों से खड़े होकर आगे तक पहुंच गए। इस दौरान दस मिनट के लिए सदन स्थगित कर दिया गया। कार्रवाई शुरू होने के साथ बाला बच्चन ने डूब प्रभावित परिवारों का मामला उठाया। स्पीकर ने इस मामले में प्रश्नकाल पर बात करने को कहा। इस पर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने स्थगन की मांग की।

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Dakhal News 26 July 2017


अमित जोगी तीन जगह पैदा हुए

अदालत ने भेजा सरकार को नोटिस  मरवाही विधायक अमित जोगी का जन्म अलग-अलग दस्तावेज में अमेरिका, इंदौर व जोगीसार सारबहरा में बताए जाने और फर्जी जाति प्रमाण पत्र को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। मामले में कोर्ट ने केंद्र सरकार, राज्य शासन व राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग समेत अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष समीरा पैकरा समेत मरवाही क्षेत्र के 200 आदिवासियों ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी व मरवाही विधायक अमित जोगी की जाति की सीबीआई जांच कराने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि अजीत जोगी ने 1967 में पेंड्रा तहसीलदार कार्यालय से कंवर आदिवासी होने का प्रमाण पत्र बनवाया था। जबकि उस समय पेंड्रा में तहसीलदार, नायब तहसीलदार का कार्यालय ही नहीं था। इसी प्रकार अमित जोगी ने तीन अलग-अलग स्थान में जन्म होने का प्रमाण पत्र दिया है। भारतीय नागरिकता लेने अमेरिका, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए इंदौर और जाति प्रमाण पत्र के लिए पेंड्रा क्षेत्र के जोगीसार सारबहरा में जन्म बताया गया। सभी में जन्म तिथि भी अलग-अलग है। इसी प्रकार अमित जोगी ने अपनी चचेरी बहन नेहा जोगी का वंशावली के आधार पर पेंड्रा एसडीएम कार्यालय से जाति प्रमाण पत्र बनवाया है। नेहा जोगी ने 2008 में एसडीएम कार्यालय में जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन दिया था। एसडीएम ने उसके आवेदन को खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने 2012 में फिर से आवेदन दिया। इस बार उनको कंवर आदिवासी का प्रमाण पत्र दिया गया। इसके बाद अमित जोगी ने नेहा कंवर को बहन बताते हुए जाति प्रमाण पत्र बनाने आवेदन दिया। इसी आधार पर उनका भी जाति प्रमाण पत्र बनाया गया। याचिका में पूरे मामले की सीबीआई या उच्च स्तरीय जांच समिति से जांच कराने की मांग की गई है। याचिका में मंगलवार को जस्टिस आरसीएस सामंत के कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार, राज्य शासन, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग, अमित जोगी, अजीत जोगी, पेंड्रा थाना, कलेक्टर बिलासपुर, एसडीएम पेंड्रा सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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Dakhal News 26 July 2017


14वें राष्ट्रपति बने रामनाथ कोविंद

 भारत के 14वें राष्ट्रपति बने रामनाथ कोविंद  रामनाथ कोविंद भारत के 14वें राष्ट्रपति बन चुके हैं। चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने उन्हें शपथ ग्रहण करवाई। शपथ के बाद अपने पहले संबोधन में उन्होंने पद ग्रहण करते हुए कहा कि मैं देश के 125 करोड़ लोगों का आभार जताता हूं। मैं एक मिट्टी के घर में पला हूं और आज इस पथ पर बढ़ने वाला हूं जिस पर डॉ. राधाकृष्णन, डॉ. अब्दुल कलाम और प्रणब मुखर्जी जैसी विभूतियां चलीं हैं। हमें भरोसा है कि यह भारत की सदी है, हमें ऐसा भारत बनाना है जो आर्थिक नेतृत्व दे। राष्ट्र निर्माण का आधार है राष्ट्रीय गौरव। हमें गर्व है देश के प्रत्येक नागरिक पर, हमें गर्व है हर छोटे से छोटे काम पर जो हम करते हैं। आज पूरे विश्व में भारत का महत्व, विश्व समुदाय अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के लिए हमारी ओर देख रहा है। विविधता ही हमारे देश की ताकत है। हम अलग हैं फिर भी एक हैं। इस देश के राष्ट्र निर्माता किसान, जवान, युवा पुलिस और वैज्ञानिक, शिक्षक हैं। हमें गांधी जी और दीनदयाल उपाध्याय के सपनों के भारत का निर्माण करना है। इससे पहले कोविंद, प्रणब मुखर्जी से मुलाकात के बाद संसद भवन पहुंचे। उनके शपथ ग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा राज्यसभा के सभापति, लोकसभा अध्यक्ष, मंत्रि परिषद के सदस्य, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राजनयिक मिशनों के प्रमुख, संसद सदस्यों के अलावा कोविंद के परिजन भी संसद के सेंट्रल हॉल में मौजूद रहे। शपथ के बाद रामनाथ कोविंद प्रणब मुखर्जी की कुर्सी पर बैठे जबकि प्रणब दा कोविंद की कुर्सी पर। इसके बाद उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई। सेंट्रल हॉल में समारोह सम्पन्न होने पर राष्ट्रपति भवन के लिए प्रस्थान किया , जहां प्रांगण में सेना के तीनों अंगों द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ आनर दिया जाएगा और सेवा-निवृत हो रहे राष्ट्रपति को भी सौहार्दपूर्ण शिष्टाचार प्रदान किया जाएगा।  

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Dakhal News 25 July 2017


शिवराज का पुतला जलाया

  ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान द्वारा की गई टिप्पणी के विरोध में प्रदेशभर में प्रदर्शन हुआ। भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कमेटी दफ्तर के सामने कार्यकार्ताओं ने सीएम शिवराजसिंह चौहान और नंदकुमार सिंह चौहान का पुतला जलाया। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। इंदौर में राजवाड़ा पर कांग्रेसियों ने सीएम और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का पुतला फूंका और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दतिया में कांग्रेसियों ने किला चौक से पहले तांगा स्टैंड पर पुतलों में आग लगा दी। इस दौरान पुलिस ने पुतला छीनने की भी कोशिश की। जबलपुर में कांग्रेस के प्रदर्शन में एक युवक बंदूक लेकर पहुंचा था, पुलिस उसे पकड़कर ले गई।

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Dakhal News 25 July 2017


रामनाथ कोविंद

भारत को अपना नया राष्ट्रपति मिल गया है। वैसे राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही ये साफ हो गया था कि अगले पांच वर्ष के लिए राष्ट्रपति भवन में रामनाथ कोविंद ही विराजमान होंगे। दरअसल, इस हकीकत से विपक्ष और विपक्षी उम्मीदवार मीरा कुमार भी वाकिफ थे। तभी उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव को वैचारिक संघर्ष का रूप देने की कोशिश की। उन्होंने इस चुनाव को भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा के विरोधी दलों की गोलबंदी का मौका बनाने का प्रयास किया। लेकिन परिणाम से स्पष्ट है, इसमें उन्हें सफलता नहीं मिली। उल्टे उनके अंदर की कमजोरियां उभरकर सामने आ गईं। नीतीश कुमार तो आरंभ में ही विपक्षी जमावड़े से छिटक गए। अब सामने आए मतदान का संकेत है कि कई राज्यों में विपक्ष अपने सभी सदस्यों को साथ नहीं रख पाया। वहां कोविंद को भाजपा की ताकत से ज्यादा वोट मिले। दरअसल, कोविंद को प्रत्याशी बनाकर भाजपा नेतृत्व ने विपक्षी एकता या 2019 के आम चुनाव के लिए भाजपा विरोधी राष्ट्रव्यापी महागठबंधन बनने की संभावनाओं की हवा निकाल दी।  बहरहाल, फौरी सियासत इस चुनाव का सिर्फ एक पहलू है। राष्ट्रपति चुनाव को महज दलगत समीकरण के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। राष्ट्रपति देश के संवैधानिक प्रमुख होते हैं। उन्हें संवैधानिक मूल्यों का प्रतीक एवं संविधान का संरक्षक समझा जाता है। देश के प्रथम नागरिक के रूप में वे देशवासियों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। कोविंद जब 25 जुलाई को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे, तब उनके कंधों पर उपरोक्त सारी जिम्मेदारियां आ जाएंगी। बिहार के राज्यपाल के रूप में उनके रिकॉर्ड को देखते हुए इसमें कोई शक नहीं कि वे इन दायित्वों को बखूबी निभाएंगे।  उल्लेखनीय है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी जमात से अलग होने का कारण कोविंद के साथ काम करने के अपने बेहतर तजुर्बे को बताया था। कहा था कि राज्यपाल के रूप में कोविंद ने निष्पक्ष आचरण किया। अब देश की यही अपेक्षा है कि बतौर राष्ट्रपति कोविंद अपने उसी उदाहरण का अनुपालन करेंगे। इस उम्मीद की वजह यह भी है कि कोविंद कानून के जानकार हैं और उनका व्यक्तित्व विवादों से परे रहा है। लोकतंत्र में स्वस्थ परंपराएं बेहद अहम होती हैं। पिछले राष्ट्रपतियों ने ऐसी कई रवायतों को कायम किया, जिससे देश के सर्वोच्च पद पर आसीन व्यक्ति के लिए मर्यादाएं एवं मिसालें तय हुईं। पिछले अनेक राष्ट्रपतियों ने अपनी खास विरासत निर्मित की। वो राष्ट्रपति ऐसा बेहतर ढंग से कर पाए, जिन्होंने अपने निर्णयों को अपनी पुरानी पार्टी के हितों या विचारों से प्रभावित नहीं होने दिया। राष्ट्रपति से अपेक्षित होता है कि उनकी एकमात्र आस्था संविधान और संवैधानिक उसूलों में हो। कोविंद से भी यही उम्मीद रहेगी। देशभर के निर्वाचित जन-प्रतिनिधियों ने उनमें भारी विश्वास जताया है। यह विश्वास रखने का ठोस आधार है कि नए राष्ट्रपति इस भरोसे पर खरे उतरेंगे।  

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Dakhal News 24 July 2017


रमन सरकार

रायपुर में सोमवार को हुई रमन सरकार की कैबिनेट बैठक में आठ नए विधेयकों को मंजूरी दे दी गई है। मिली जानकारी के मुताबिक मानसून सत्र में ही आबकारी विधेयक को पेश किया जाएगा। बैठक में राज्य सामान्य भविष्य निधि और अंशदायी भविष्य निधि पर एक जुलाई 2017 से 30 सितंबर 2017 तक की अवधि के लिए ब्याज दर 7.8 फीसदी रखने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि भविष्य में भारत सरकार की अधिसूचना के अनुरूप ही ब्याज दर निर्धारित करने के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया जाएगा। सरकार ने छत्तीसगढ़ निराश्रित व निर्धन व्यक्तियों की सहायता, छत्तीसगढ़ नगर पालिका संशोधन विधेयक, आबकारी विधेयक सहित आठ विधेयकों को अनुमोदित कर दिया है।

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Dakhal News 24 July 2017


prakash javdekar

कोलकाता में  मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा है कि फेल नहीं करने की नीति के कारण देश के कई सरकारी स्कूल मध्योह्न भोजन के केंद्र बन गए हैं। पांचवीं व आठवीं कक्षा में फेल छात्रों को प्रमोट करने से रोकने के लिए केंद्र जल्द ही संसद में विधेयक लाएगा। जावडेकर ने शनिवार को इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स की परिचर्चा में कहा कि बच्चों को पहली से आठवीं कक्षा तक नहीं रोके जाने की नीति से बच्चे ही सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। परीक्षा नहीं होने से देश के कई सरकारी स्कूल महज मिड डे मिल स्कूल बनकर रह गए हैं। बच्चे वहां सिर्फ दोपहर का भोजन करने जाते हैं और फिर घर लौट आते हैं। उन्होंने कहा कि इसे रोकने के लिए विधेयक लाया जाएगा। जावडेकर ने बताया कि प्रस्तावित बिल में राज्य सरकारों को पांचवीं एवं आठवीं के छात्रों के लिए मार्च में परीक्षा आयोजित करने का अधिकार दिया जाएगा। उसमें फेल होने वाले बच्चों को मई में अंतिम मौका दिया जाएगा। दोनों परीक्षाओं में फेल होने पर बच्चों को उसी कक्षा में रोक दिया जाएगा। जावडेकर के मुताबिक अब तक 25 राज्यों ने इस बिल पर सहमति जताई है। हमने सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के साथ बैठक कर संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगले साल से मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा में सभी भाषाओं के प्रश्न-पत्र एक समान होंगे। इस साल अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं के प्रश्न-पत्र एक समान नहीं थे। परीक्षार्थियों का कहना था कि अंग्रेजी का प्रश्न-पत्र क्षेत्रीय भाषाओं के प्रश्न-पत्र से आसान था। इसे लेकर पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों ने केंद्र से शिकायत की थी। जावडेकर ने कहा है कि कॉलेजों की मार्कशीट के साथ आधार कार्ड को जोड़ा जाएगा। मार्कशीट पर छात्रों की तस्वीर भी रहेगी।  

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Dakhal News 23 July 2017


अबकी बार-200 पार करेंगे शिवराज

भोपाल में भाजपा कार्यसमिति की शनिवार को हुई बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और कार्यकार्ता इसमें शामिल हुए। कार्यसमिति ने राजनीतिक प्रस्ताव में जीएसटी लागू होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इसे लागू करने में सहयोग देने वाले दलों का आभार माना। राजनीतिक प्रस्ताव रामेश्वर शर्मा ने पेश किया, इसमें विधानसभा चुनाव के लिए 'अबकी बार-200 पार' का नारा दिया गया। इसके साथ ही प्रस्ताव में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का जिक्र किया गया है। उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा कि पहले एक बजरंगी बोला अब दूसरे बजरंगी को बुलाया है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि सदन का तापमान बढ़ गया है, मैंने पुराने रंग में भाषण दिया तो यहां आग लग जाएगी। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा कि कांग्रेस अब भारतीय राजनीति में अप्रासंगिक हो गई है। पार्टी के लिए हर चुनाव चुनौतीपूर्ण हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि मंदसौर में किसान क्रांति नहीं, दंगा हुआ था। जो मुठ्ठी भर लोगों ने किया था। आग लगाने के लिए कुछ लोग ही काफी हैं। मुट्ठी भर कांग्रेसियों ने किसान आंदोलन में आग लगाने की पूरी कोशिश कीः तोमर इस बैठक की खास बात यह रही कि यहां आने वाले नेताओं का स्वागत फूलों से नहीं बल्कि अंगोछा और पुस्तक देकर किया गया।। इसमें केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंदसौर में हुई हिंसा के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताया। बैठक में उन्होंने कहा कि, किसान आंदोलन के दौरान मंदसौर में जो कुछ भी हुआ वह कांग्रेस की देन है। वह किसानों का नहीं बल्कि कांग्रेस का आंदोलन था। मुट्ठी भर कांग्रेसियों ने किसान आंदोलन में आग लगाने की पूरी कोशिश की थी। प्रभारी और सांसद विनय सहस्रुद्धे ने बैठक का शुभारंभ किया। बैठक में सीएम शिवराज सिंह, पार्टी प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास कुमार भगत, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, थावरचंद गेहलोत,फग्गन सिंह कुलस्ते, प्रभात झा सहित प्रदेश भर लगभग 5 सौ पार्टी नेता शामिल हुए हैं।  

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Dakhal News 22 July 2017


rahul gandhi

नई दिल्ली में कश्मीर मामले को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर से पीएम मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि केंद्र में पीएम मोदी की नीतियों के चलते कश्मीर जह रहा है। इस दौरान उन्होंने फारुक अब्दुल्ला के कश्मीर पर तीसरे पक्ष के दखल की बात भी नकारी। मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मैं काफी समय से कह रहा हूं कि पीएम मोदी अौर एनडीए की नीतियों ने कश्मीर को जला दिया है। इसके साथ ही राहुल ने कहा कि जो कहा जा रहा है कि कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान से अौर चीन से बात होनी चाहिए, मैं बार बार कहता हूं कि कश्मीर भारत है अौर भारत कश्मीर है। यह भारत का अांतरिक मामला है इस मुद्दे पर किसी तीसरे पक्ष के दखल की कोई जरूरत नहीं है। बता दें कि इससे पहले फारुक अब्दुल्ला ने कहा था कि कश्मीर मुद्दा सुलझाने के लिए भारत को अमेरिकी और चीन की मदद लेनी चाहिए। यह दोनों देश मुद्दा सुलझाने के लिए हस्तक्षेप के लिए तैयार हैं।

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Dakhal News 21 July 2017


शंकर सिंह वाघेला

अहमदाबाद में  गुजरात में कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता शंकर सिंह वाघेला ने शुक्रवार को अपना शक्ति प्रदर्शन किया।विधानसभा चुनाव से पहले अपने जन्मदिन पर उन्होंने एक सामरोह का आयोजन किया जिसमें उन्होंने कहा कि बापू रिटायर होने वाला नहीं है, कांग्रेस ने मुझे निकाल दिया है। कयास लगाए जा रहे थे कि वाघेला शुक्रवार को संन्यास की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि उनके बेटे ने वाघेला के संन्यास से इन्कार करते हुए कहा है कि वो कभी रिटायर नहीं होंगे। गुजरात की राजनीति में बापू के नाम से मशहूर वाघेला का आज जन्मदिन है और इसी बहाने वो एक बड़ा कार्यक्रम करते हुए शक्ति प्रदर्शन करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इसी कार्यक्रम के दौरान वाघेला बड़ा ऐलान कर सकते हैं। बता दें कि वाघेला लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे हैं। हालांकि कुछ समय पहले ही उन्होंने भाजपा में जाने की खबरों का खंडन किया था। हालांकि गुजरात में राष्ट्रपति चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग को लेकर वाघेला को जिम्मेदार माना जा रहा है।

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Dakhal News 21 July 2017


मुलायम सिंह यादव

सपा नेता मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में चीन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान नहीं बल्कि चीन हमारा सबसे बड़ा दुश्मन है। हमने चीन को तिब्बत देकर गलती कर दी। मुलायम ने कहा कि चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है क्या हम इसके लिए तैयार है। दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच उन्होंने कहा कि चीन अगर हमला करता है तो वो चीन के रास्ते ही करेगा, हमें तिब्बत की आजादी का मुद्दा उठाना चाहिए। मुलायम ने आगे कहा कि भूटान की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है और सरकार बताए की हमारी क्या तैयारी है। बता दें कि डोकलाम में भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर विवाद जारी है। चीन लगातार भारत को अपने सैनिक पीछे करने के लिए कह रहा है वहीं भारत ने अपने कदम पीछे हटाने से इन्कार कर दिया है।

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Dakhal News 19 July 2017


संसद  मॉनसून सत्र

संसद के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को सदन में गोरक्षकों द्वारा हिंसा का मामला सदन में उठा। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि गोरक्षा के नाम पर देश में लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।वहीं भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि जिसने इस तरह के अपराध किए हैं क्या उसने बोर्ड लगा रखा था कि मैं गोरक्षक हूं? कहा था क्या कि मैं गोरक्षा का ठेकेदार हूं? इससे पहले विपक्ष ने जहां भीड़ द्वारा हत्या को लेकर कानून की मांग की वहीं सरकार ने कहा कि कानून पहले से है, राज्य सरकारें सख्त कार्रवाई करें। लोकसभा में किसानों की आत्महत्या का मुद्दा भी गूंजा। विपक्ष ने सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद इस मुद्दे को उठाया। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर चुप है। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। पूरे हंगामे के दौरान पीएम मोदी सदन में मौजूद थे। कांग्रेस सांसदों ने इसके अलावा संसद के प्रांगण में बाढ़ ग्रस्त उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए विशेष पैकेज की मांग के साथ प्रदर्शन किया। इससे पहले मंगलवार को गोवध को लेकर कथित तौर पर पीट पीट कर मार डालने की हालिया घटनाओं, किसानों और अन्य मुद्दों को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई और स्थगित हो गई थी। इसके बाद बसपा प्रमुख मायावती ने भी राज्यसभा में नाराजगी जताते हुए इस्‍तीफा दे दिया था। बसपा प्रमुख ने सहारनपुर में दलित विरोधी हिंसा के मुद्दे पर आसन द्वारा उनको पूरी बात कहने की अनुमति नहीं दिये जाने के कुछ ही घंटों बाद राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस आज राज्यसभा में मायावती के इस्तीफे को लेकर सरकार को घेरेगी। राज्यसभा में आज दोपहर 2 बजे भीड़ द्वारा पीटकर मारे जाने के मामले और दलितों के उत्पीड़न के मामले पर चर्चा होगी। बुधवार को सत्र शुरू होने से पहले संसद में ही बीजेपी संसदीय दल की बैठक हुई। बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हाल ही में हुई पीएम मोदी कि विदेश यात्रा की तारीफ की, वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी पर अपनी बात रखी। सुषमा ने कहा कि हाल ही में जो पीएम की यात्राएं रही हैं, वह ऐतिहासिक थी। बीजेपी संसदीय दल की बैठक खत्म होने के बाद संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने बताया कि वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बैठक में जीएसटी की तारीफ की और उससे होने वाले फायदों को गिनाया। अनंत कुमार ने कहा कि अभी तक 75 लाख जीएसटी से जुड़ गए हैं, आने वाले दिनों में 1 करोड़ लोग और भी जुड़ेंगे। GST के बाद इंस्पेक्टर राज पूरी तरह से खत्म होगा। उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि विपक्ष सदन चलने देगा, सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।

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Dakhal News 19 July 2017


नियाज मुहम्मद खान

     मध्यप्रदेश शासन द्वारा  नियाज मुहम्मद खान को म.प्र. राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इंदौर के श्री कमाल भाई, बालाघाट के डॉ. टी.डी. वैद्य और जबलपुर के श्री आनंद बर्नाड को आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है। अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से 3 वर्ष होगा।  

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Dakhal News 19 July 2017


पीएम मोदी, सोनिया गांधी

  देश के 14वें राष्ट्रपति को चुनने के लिए मतदान हुआ । यह मतदान सुबह 10 बजे से शुरू हुआ जो शाम 5 बजे तक चला। मतदान के लिए पीएम मोदी सुबह संसद भवन पहुंचे और अपने मताधिकार का उपयोग किया। उनके अलावा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरलीमनोहर जोशी, कांग्रेस  अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी व अन्य अन्य सभी राजनीतिक दलों के सांसद भी वोट डालने के लिए पहुंचे।रायसीना की इस रेस में मीरा कुमार के मुकाबले एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का पलड़ा आंकड़ों में भारी है। इसके अलावा सभी राज्यों की विधानसभाओं में भी मतदान हुआ । यूपी में भी सीएम योगी आदित्यनाथ ने मतदान किया। मतपत्र से होने वाले मतदान के बाद बैलेट बॉक्स हवाई जहाज से दिल्ली ले जाया जाएगा। यह बैलेट बॉक्स हवाई जहाज से दिल्ली जाने वाले भारत निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधि अपनी बगल की सीट पर रखकर ले जाएंगे। इसके लिए बाकायदा सीट आरक्षित की जाती है। ऐसे चुने जाते हैं राष्ट्रपति देश में राष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से इलेक्टोरल कॉलेज द्वारा किया जाता है। यह लोकसभा के 543 सदस्यों, राज्यसभा के चुने गए 233 सदस्यों और 21 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 4120 विधायकों से बनता है। वर्तमान चुनाव में वोटों का गणित 4120 राज्य विधानसभा के कुल विधायक 5,49,495 राज्य विधानसभाओं के वोटों की कुल वैल्यू संसद सदस्यों के प्रत्येक वोट की वैल्यू लोकसभा के कुल सदस्य (543)+राज्यसभा के कुल सदस्य (233)= 776 प्रत्येक वोट की वैल्यू बराबर 708 सभी 776 वोटों की वैल्यू=708 X 776 = 5,49,408 कुल इलेक्टोरल कॉलेज= विधायक (4120) + सांसद (776)= 4896 2017 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए 4896 इलेक्टोरल की कुल वैल्यू= 5,49,474+54,94,408= 10,98,903 कोटा निर्धारण इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों की कुल वैल्यू को दो से विभाजित किया जाता है और जीत के लिए अपेक्षित कोटे को निर्धारित करने के लिए भागफल में एक जोड़ दिया जाता है। इस प्रकार यह कोटा 549452 होगा। वोट डालने वाले 1,581 जनप्रतिनिधि दागी  एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स एंड नेशनल इलेक्शन वॉच (एडीआर) ने 4,896 में से 4,852 विधायकों व सांसदों के हलफनामे के विश्लेषण से बताया है कि 1,581 ऐसे सांसद और विधायक राष्ट्रपति के लिए वोट करेंगे, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। 4,852 सांसद व विधायकों में से 993 (20 फीसदी) ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, 543 लोकसभा सदस्यों में से 184 (33 फीसदी), 231 राज्यसभा सदस्यों में से 44 सांसदों और सभी राज्य व केंद्र शासित प्रदेश 4,078 विधायकों में से 1353 (33 फीसदी) पर आपराधिक मुकदमा चल रहा है। इनका वोट 3,67,393 (34 फीसदी) है, जबकि कुल वोट 10,91,472 है। 4,852 सांसदों व विधायकों में से 3,460 (71 फीसदी) ने चुनाव लड़ते वक्त दी जानकारी में खुद को करोड़पति बताया है। भाजपा के 31 प्रतिशत विधायकों-सांसदों पर प्रकरण मतदाता में शामिल होने वाले भाजपा के 31 फीसदी, कांग्रेस के 26 फीसदी, तृणमूल कांग्रेस के 29 फीसदी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के 49 फीसदी तथा भाकपा के 58 फीसदी विधायकों-सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। निर्वाचक मंडल में महिलाएं केवल नौ फीसदी हैं। 4,852 सांसदों व विधायकों में महिलाओं की संख्या केवल 451 है। निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए 33 पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। दो पर्यवेक्षक संसद में, जबकि एक-एक पर्यवेक्षक हर राज्य की विधानसभा में तैनात रहेगा। भले ही प्रधानमंत्री मोदी और सोनिया गांधी ने अलग-अलग उम्मीदवार खड़े किए हैं, लेकिन दोनों अपने मत का प्रयोग एक ही टेबल पर किया । राहुल गांधी भी अपना मत उसी टेबल पर डाला ।  आयोग ने पांच विधायकों को संसद में तथा पांच अन्य विधायकों को दूसरे राज्यों की विधानसभा में मतदान करने की इजाजत दी । 23 जुलाई को शाम सा़ढ़े पांच बजे संसद के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को दोनों सदनों के सांसद विदाई देंगे। 25 जुलाई की सुबह सेंट्रल हॉल में देश के प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर जनए राष्ट्रपति को शपथ दिलाएंगे।  

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Dakhal News 17 July 2017


 नगरीय निकाय निर्वाचन 9 अगस्त

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 9 अगस्त को प्रस्तावित 44 नगरीय निकायों के मतदान में 8 लाख 51 हजार 732 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे। इनमें 4 लाख 39 हजार 609 पुरुष, 4 लाख 12 हजार 61 महिला और 64 अन्य मतदाता हैं। आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग  आर. परशुराम ने जानकारी दी है कि 44 नगरीय निकायों में 18 नगरपालिका परिषद और 26 नगर परिषद् हैं। नगरपालिका परिषदों में 390 वार्ड में 734 मतदान केन्द्र बनाये गए हैं। नगर परिषदों में 390 वार्ड में 425 मतदान केन्द्र बनाये गए हैं। इस तरह से 780 वार्ड में 1159 मतदान केन्द्र बनाये गए हैं। औसत मतदाता प्रति मतदान केन्द्र 735 है। दावा आपत्ति के बाद मतदाता बढ़े मतदाता सूची के प्रकाशन के समय लिंगानुपात 929 था। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के समय लिंगानुपात 937 हो गया। इस तरह से महिला मतदाताओं की संख्या में प्रति हजार में 8 की वृद्धि हुई है।

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Dakhal News 17 July 2017


 शिवराज सरकार -काम रोको प्रस्ताव

     148 ध्यानाकर्षण में से आधे किसानों से जुड़े मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र इस बार किसानों को लेकर खासा हंगामाखेज रहने वाला है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए तगड़ी नाकेबंदी कर रही है। कांग्रेस की ओर से अब तक छह काम रोको प्रस्ताव की सूचना विधानसभा सचिवालय को दी गई है। ये सभी किसानों से जुड़े हैं। कांग्रेस इस विधानसभा में तत्काल चर्चा की मांग करेगी।  17 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में पहले दिन राष्टÑपति पद के चुनाव के लिए मतदान होना है। 18 जुलाई से विधानसभा की कार्यवाही विधिवत शुरू होगी। दस दिनी विधानसभा सत्र में सचिवालय को अब तक छह स्थगन की सूचनाएं मिल चुकी हैं। ये किसान आंदोलन और किसानों के ही अन्य दूसरे मुद्दों से जुड़ी हैं। विधानसभा सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह समेत कई विधायकों ने ये स्थगन लगाए हैं। इसके अलावा किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस के दो दर्जन से अधिक एमएलए भी ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से सदन में किसानों से जुड़े मसलों पर सरकार से चर्चा कराने की मांग करेंगे। गौरतलब है कि विधानसभ को इस सत्र के लिए 32 से अधिक प्रश्न मिले हैं। इन प्रश्नों में भी अधिकांश प्रश्न किसानों की समस्याओं से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा अब तक विधानसभा सचिवालय को 37 अशासकीय संकल्पों की भी सूचना मिली है। विपक्ष की मंशा को भांपते हुए सरकार भी इस मुद्दे पर पूरी तैयारी कर रही है। कल कैबिनेट बैठक के बाद विधानसभा सत्र की तैयारियों को लेकर मंत्रियों के साथ हुई बैठक में सीएम ने मंत्रियों से साफ कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में ऐतिहासिक काम किए हैं। कांग्रेस के सवालों का ऐसा सटीक जबाव दें कि प्रश्न करने वाला ही घिरता नजर आए। सीएम ने कहा के किसानों के मुद्दे पर हम हर तरह की चर्चा को तैयार हैं और विपक्ष को तथ्यों के साथ जवाब दिया जाएगा।  

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Dakhal News 16 July 2017


आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत

संसद के मानसून सत्र शुरू होने से पहले एक बड़ा खुलासा सामने आया है, जिससे संसद में हंगामा तय है. पता चला है कि कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए की सरकार अपने अंतिम दिनों में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को आतंकवादियों की सूची में डालना चाहती थी. 'चैनल टाइम्स नाउ' के पास मौजूद दस्तावेजों के मुताबिक यूपीए सरकार अपने अंतिम दिनों में आरएसएस चीफ मोहन भागवत को आतंकवादियों की सूची में डालना चाहती थी. इसमें बताया गया कि भागवत को 'हिंदू आतंकवाद' के जाल में फंसाने के लिए कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार के मंत्री कोशिश में जुटे थे. अजमेर और मालेगांव ब्लास्टके बाद यूपीए सरकार ने 'हिंदू आतंकवाद' थ्योरी दी थी. इसी के तहत सरकार मोहन भागवत को फंसाना चाहती थी. इसके लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के बड़े अधिकारियों पर दबाव डाला जा रहा था. जांच अधिकारी और कुछ आला ऑफिसर अजमेर और कई अन्य बम विस्फोट मामले में तथाकथित भूमिका के लिए भागवत से पूछताछ करना चाहते थे. ये अधिकारी यूपीए के मंत्रियों के आदेश पर काम कर रहे थे, जिसमें तत्कालीन गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे भी शामिल थे. ये अधिकारी भागवत को पूछताछ के लिए हिरासत में लेना चाहते थे. करंट अफेयर मैगजीन कारवां में फरवरी 2014 में संदिग्ध आतंकी स्वामी असीमानंद का इंटरव्यू छपा था. उस समय वो पंचकुला जेल में थे.  इस इंटरव्यू में कथित तौर पर भागवत को हमले के लिए मुख्य प्रेरक बताया. इसके बाद यूपीए ने एनआईए पर दबाव बनाना शुरू किया, लेकिन जांच एजेंसी के मुखिया शरद यादव ने इससे इनकार कर दिया. वह इंटरव्यू के टेप की फ़रेंसिक जांच करना चाहते थे. जब चीजें आगे नहीं बढ़ीं तो एनआईए ने केस को बंद कर दिया. रिपोर्ट के बारे में टाइम्स नाउ से बात करते हुए, केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, "सरकार को इस पत्राचार को सार्वजनिक करने पर एक नजर रखना होगा, लेकिन मैं मानता हूं कि इस खुलासे के बाद, यह पूरी तरह सार्वजनिक क्षेत्र में आना चाहिए.  

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Dakhal News 16 July 2017


महबूबा मुफ्ती

अमरनाथ यात्रियों पर अनंतनाग में हुए आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। मुलाकात के बाहर आई सीएम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कश्मीर में हम लॉ एंड ऑर्डर की लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं। हम विदेशी ताकतों से लड़ रहे हैं और इसमे चीन भी शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के हालात बिगाड़ने में बाहर की ताकतें शामिल हैं। जब तक सभी राजनीतिक दल और पूरा मुल्क साथ नहीं देता तब तक ये जंग हम नहीं जीत सकते। हमला कर मुल्क की फिजा बिगाड़ने की कोशिश की गई लेकिन देश की और लोगों की शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने संयम रखा। धारा 370 और जीएसटी को लेकर कहा कि इसके बीच जीएसटी लागू करना बड़ी बात थी। धारा 370 देश के हमारी भावनाओं से जुड़ी हुई है।  

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Dakhal News 15 July 2017


 नरोत्तम मिश्रा

  दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग के आदेश के खिलाफ मध्यप्रदेश के मंत्री नरोत्तम मिश्रा द्वारा लगाई गई याचिका को खारिज कर दिया है। मिश्रा को वर्ष 2008 के दौरान पेड न्यूज (पैसा देकर वोट डालना) का दोषी पाते हुए उन्हें तीन साल के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। जिसके बाद वह आगामी राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लेने से भी वंचित हो गए थे। राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने की अनुमति के लिए मिश्रा ने जल्द से जल्द उनकी याचिका पर सुनवाई करने की मांग की थी। न्यायमूर्ति इंद्रमीत कौर की पीठ ने सभी तथ्यों का अध्यन करने के बाद याचिका को निराधार पाया। साथ ही तीन साल तक चुनाव लड़ने से प्रतिबंध के आदेश को भी हाई कोर्ट ने बरकरार रखा है। बृहस्पतिवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया थ्ाा। नरोत्तम मिश्रा की तरफ से कहा गया कि चुनाव आयोग ने अपनी जांच पूरी करने में काफी देरी की है। बहुत पहले उन्हें अयोग्य घोषित करने को लेकर निर्णय ले लेना चाहिए था। दलील दी गई कि उस समय छपी खबरें, संपादकीय व अग्रलेख उनके कहने पर नहीं छापे गए थे। वहीं, शिकायतकर्ता कांग्रेस नेता राजेंद्र भाटी की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि निश्चित तौर पर इस मामले की जांच पूरी करने में चुनाव आयोग ने जरूरत से ज्यादा समय लिया, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त लोगों पर बिना कार्रवाई करे ही उन्हें छोड़ दिया जाए। चुनाव आयोग द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी ने पेड न्यूज के आरोप सही पाए हैं। राष्ट्रपति के चुनाव 17 जुलाई को होने हैं। चुनाव आयोग के 13 जून के तीन साल प्रतिबंधित के फैसले को मिश्रा ने पहले मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने इसपर तत्काल सुनवाई से इंकार किया तो मिश्रा ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट के कहने पर दिल्‍ली हाई कोर्ट ने इस मामले पर तत्काल सुनवाई की। इस मामले में नरोत्‍तम मिश्रा ने कहा कि न्‍यायपालिका का वे पूरा सम्‍मान करते हैं। हम कानून विशेषज्ञों से राय लेकर सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे ताकि हमें न्‍याय मिल सके। उन्‍होंने अनेक सवालों के जवाब में कहा कि वे न्‍यायालयीन मामलों पर कोई टिप्‍पणी नहीं करेंगे। इस मामले में याचिकाकर्ता राजेंद्र भारती ने कहा कि लोकतंत्र में जो हमारे सिद्धांत और मूल्‍य हैं इस फैसले से उन्‍हें मजबूती मिली है। राज्‍यपाल को तत्‍काल प्रभाव वे मंत्री को बर्खास्‍त कर निर्वाचन आयोग के फैसले का सम्‍मान करना चाहिये।

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Dakhal News 14 July 2017


मातोश्री नहीं जायेंगे रामनाथ कोविंद

  राष्ट्रपति पद के लिए राजग के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद 15 जुलाई को मुंबई आ रहे हैं। एक दिन के दौरे में वह राजग के सभी घटक दलों से सामूहिक मुलाकात करेंगे, लेकिन शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के निवास मातोश्री जाने का उनका कोई कार्यक्रम नहीं है। रामनाथ कोविंद मुंबई आने के बाद विमानतल से सीधे दक्षिण मुंबई स्थित गरवारे क्लब जाएंगे। वहां राजग के सभी घटक दलों के प्रतिनिधियों के साथ उनकी मुलाकात होनी है। इस प्रतिनिधिमंडल में शिवसेना के प्रतिनिधि रहेंगे या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। न ही शिवसेना की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया दी गई है। लेकिन, कोविंद के कार्यक्रम की सूची में उद्धव ठाकरे के बांद्रा स्थित निवास मातोश्री जाने का कोई उल्लेख नहीं है। कोविंद का मातोश्री न जाना पिछले दो बार से राष्ट्रपति उम्मीदवारों के मातोश्री जाने की परंपरा को विराम देगा। पिछले राष्ट्रपति चुनाव में संप्रग उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी ने मातोश्री जाकर शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे से मुलाकात की थी। शिवसेना तब भी राजग का हिस्सा थी। तब भाजपा से उसके रिश्ते भी इतने खराब नहीं थे। इसके बावजूद शिवसेना ने प्रणब दा के राजनीतिक अनुभव एवं बालासाहब ठाकरे से उनके निजी संबंधों को अहमियत देते हुए उन्हें समर्थन देने का फैसला लिया था। इसी प्रकार उससे पहले 2007 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में भी शिवसेना ने राजग में रहते हुए ही संप्रग उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल का समर्थन किया था। प्रतिभा पाटिल का समर्थन शिवसेना ने उनके महाराष्ट्रियन होने के कारण किया था। इस बार के राष्ट्रपति चुनाव में शिवसेना ने पहले तो रामनाथ कोविंद के नाम पर नाखुशी जाहिर की थी. लेकिन उद्धव ठाकरे ने पार्टी नेताओं से विचार-विमर्श कर दो दिन बाद राजग उम्मीदवार का साथ देने की घोषणा की। कोविंद का नाम घोषित होने से पहले ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मातोश्री जाकर उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर चुके हैं। कोविंद का नाम घोषित होने के बाद भी शाह फोन पर उद्धव ठाकरे से संपर्क कर समर्थन मांग चुके हैं। माना जा रहा है कि इसीलिए अब रामनाथ कोविंद शनिवार को अपनी मुंबई यात्रा के दौरान मातोश्री जाना जरूरी नहीं समझ रहे हैं।    

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Dakhal News 13 July 2017


पेड न्यूज  नरोत्तम मिश्रा

 केस पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार पेड न्यूज मामले में चुनाव आयोग द्वारा अयोग्य करार दिए जाने के मामले में मप्र सरकार के मंत्री नरोत्तम मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अब इस मामले को सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट भेज दिया है और 17 जुलाई तक याचिका पर फैसला देने के निर्देश दिए हैं। पहले इसी मामले में मप्र हाईकोर्ट ने भी सुनवाई से इनकार करते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट भेज दिया था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इसे दिल्ली हाईकोर्ट में भेज दिया है। ऐसे में बार-बार सुनवाई लंबित होने के नरोत्तम मिश्रा के लिए एक झटका माना जा रहा है। गौरतलब है कि मप्र हाईकोर्ट इस संबंध में जल्द सुनवाई की याचिका को यह कह कर टाल दिया था इस संबंध में एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में भी लगी हुई है इसलिए दोनों याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ही सुनवाई करेगा। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद नरोत्तम मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई के लिए याचिका लगाई है। मिश्रा ने अपनी याचिका में कहा है कि 17 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव है और उन्हें वोटिंग करनी है, इसलिए हाइकोर्ट को जल्द सुनवाई के निर्देश दिए जाएं। साथ ही यह भी कहा कि जब तक सुनवाई चले, तब तक चुनाव आयोग के आदेश पर रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट ने मंगलवार को मामले की सुनवाई टाल दी थी। मिली जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट बुधवार को इस संबंध में सुनवाई कर सकता है। गौरतलब है कि मंत्री नरोत्तम मिश्रा को चुनाव आयोग ने अयोग्य घोषित करार दिया था। मिश्रा पर 2008 चुनाव के दौरान पेड न्यूज के आरोप लगाए गए थे। चुनाव आयोग ने उनके तीन साल के लिए चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है।  

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Dakhal News 12 July 2017


 योगी सरकार  3.84 लाख करोड़ का बजट

लखनऊ में 19 मार्च को बनी योगी सरकार ने  करीब 3 महीने बाद मंगलवार को 3.84 लाख करोड़ का बजट पेश क‍िया। इसमें 55,781 करोड़ रुपए की नई योजनाएं हैं। व‍ित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने बजट पेश करते हुए कहा, ''गरीबी को खत्म करना हमारा लक्ष्य है। गरीबों, बेरोजगारों, किसानों के लिए हमारा बजट है। सरकार जल्द ही टेक्सटाइल पॉलिसी लेकर आएगी। बजट में शहर और ग्रामीण दोनों वर्गों का ध्यान रखा गया है। राज्य में गरीबी को खत्म करना हमारी प्राथमिकता है। किसान उत्पादों पर टैक्स की दर जीरो रखी गई है। बुंदेलखंड को दिल्ली से एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए केंद्र से अनुरोध क‍िया गया है। राजमार्गों को नेशनल हाईवे घोषित करने का प्रस्ताव है।'' बता दें, अख‍िलेश सरकार ने 2016-17 में 3 लाख 46 हजार 935 करोड़ का बजट पेश क‍िया था। इस ह‍िसाब से इस बार बजट में 11% की ग्रोथ हुई है। राजेश अग्रवाल ने कहा, ''55,781 करोड़ रुपए की नई योजनाओं को बजट में शामिल किया गया है। 2017-18 में दीन दयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के लिए 300 करोड़ का बजट रखा गया है। यूपी में अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को स्कॉलरश‍िप के लिए 791 करोड़ 83 लाख का बजट है। यूपी में 1.50 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती की योजना है। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लिए 3 हजार करोड़, मलिन बस्ती विकास योजना के लिए 385 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। चीनी उद्योगाें को बढ़ावा देने के ल‍िए 273 करोड़ का बजट है।मेट्राे रेल पर‍ियाेजनाओं के ल‍िए 288 करोड़, सब्ज‍ियों के उत्पादन-प्रबंधन के ल‍िए 25 करोड़, ड‍िस्ट्र‍िक्ट हेडक्वार्टर्स को फोरलेन से जोड़ने के ल‍िए 71 करोड़ का प्रस्ताव है। कानपुर, वाराणसी, आगरा, गोरखपुर में मेट्रो का प्रस्ताव है।  पूर्वांचल की व‍िशेष योजनाओं के ल‍िए 300 करोड़, बुंदेलखंड की व‍िशेष योजनाओं के ल‍िए 200 करोड़ का प्रस्ताव है। शहीदों के नाम पर स्कूल खोले जाएंगे। 24 जनवरी को यूपी द‍िवस के रूप में मनाया जाएगा। जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया जाएगा। कानपुर, फैजाबाद, मेरठ, बांदा, इलाहाबाद में फसलों पर शोध होगा। आलू किसानों से एक लाख मीट्र‍िक टन आलू खरीदने का हमारा लक्ष्य है।'' इससे पहले सीएम योगी आद‍ित्यनाथ ने सदन में बोलते हुए कहा, ''अमरनाथ यात्रा पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। यात्रियों पर कायराना हमला हुआ है। आतंक पर लड़ाई किसी एक राज्य की नहीं है। राज्य में सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। यूपी में कांवड़ यात्रा को लेकर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। कांवड़ यात्रियों से मैं सहयोग की अपील करता हूं। वे अपने साथ आईडी कार्ड जरूर रखें, ताकि उन्हें क‍िसी तरह की कोई द‍िक्कत न हो।'' इससे पहले अखिलेश सरकार ने 2016-17 के लिए 3 लाख 46 हजार 935 करोड़ का बजट पेश किया था। योगी सरकार तीन महीने तक अंतरिम बजट पर सरकार चला रही थी। हालांकि, इन तीन महीनों में कोई नई योजना शुरू नहीं की गई। इस तरह अखिलेश सरकार के मुकाबले इस बार 11% बड़ा बजट है।  

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Dakhal News 11 July 2017


गोपालकृष्ण गांधी

नई दिल्ली से खबर है कि उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार तय करने के लिए कांग्रेस और बाकी बड़ी अपोजिशन पार्टियों ने मंगलवार को मीटिंग की। सूत्रों के मुताबिक मीटिंग में गोपालकृष्ण गांधी का नाम विपक्ष के उम्मीदवार के तौर पर तय किया गया। गोपालकृष्ण महात्मा गांधी के पोते हैं। वहीं, बीजेपी की ओर से कैंडिडेट 13 या 14 जुलाई को तय किए जाने की उम्मीद है। 18 पार्टियों ने सर्वसम्मति से तय किया गाँधी का नाम ।  अपोजिशन की मीटिंग पार्लियामेंट लाइब्रेरी बिल्डिंग में हुई। जिसमें कांग्रेस, जेडीयू समेत 18 पार्टियां शामिल हुईं। सभी पार्टियों ने सर्वसम्मति से गांधी का नाम तय किया। मीटिंग की शुरुआत में अमरनाथ यात्रा पर हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले लोगों के लिए मौन रखा गया। राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद जबकि विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार हैं। राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग 17 जुलाई को होगी। मीरा कुमार और रामनाथ कोविंद नॉमिनेशन कर चुके हैं। गोपालकृष्ण महात्मा गांधी के पोते हैं। वे रिटायर्ड आईएएस अफसर और डिप्लोमैट भी रहे हैं। गोपालकृष्ण 2004 से 2009 तक वेस्ट बंगाल के 22वें गवर्नर भी थे। उपराष्ट्रपति उम्मीदवार तय करने के लिए हुई अपोजिशन की मीटिंग में नीतीश कुमार शामिल नहीं हुए। उनकी पार्टी की ओर से इसमें सीनियर लीडर शरद यादव मौजूद रहे।जेडीयू ने एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का सपोर्ट करने का एलान किया है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मनमोहन सिंह, टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन, सीपीआईएम के सीताराम येचुरी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, जेडीएस के देवगौड़ा, सपा के नरेश अग्रवाल, बीएसपी के सतीश चंद्र मिश्रा और आरएलडी के अजीत सिंह। इनके अलावा आरजेडी के जय प्रकाश यादव, जेएमएम के हेमंत सोरेन, सीपीआई के डी राजा के साथ ही सीएमके, एनसीपी और केरल कांग्रेस के रिप्रेजेंटेटिव्स भी शामिल हुए। अपोजीशन पार्टियों की मीटिंग में लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती के ठिकानों पर पड़े सीबीआई छापों, जीएसटी, नोटबंदी, किसानों की आत्महत्या के अलावा संसद के मानसून सत्र के एजेंडे पर भी चर्चा की गई।संसद का मानसून सत्र 17 जुलाई से शुरू होगा। इस दौरान अपोजीशन मीसा भारती और उनके पति के ठिकानों पर पड़े सीबीआई और ईडी के छापों पर विरोध दर्ज करा सकता है।  

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Dakhal News 11 July 2017


amit jogi

कांग्रेस के तर्क के अनुसार उनकी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी पर मुकदमा चलना चाहिए। यह कहना है विधायक अमित जोगी का। उनका कहना है कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के संस्थापक अध्यक्ष अजीत जोगी जब कांग्रेस में थे तब 16 साल तक सोनिया गांधी ने उन्हें आदिवासी माना। इसी आधार पर उन्होंने जोगी को कांग्रेस के आदिवासी विभाग का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनाया था। पार्टी के दूसरे पदाधिकारियों ने भी संयुक्त बयान जारी किया है कि जिन आदिवासी विधायकों की मांग पर ही जोगी को प्रदेश का पहला मुख्यमंत्री बनाया गया था, उन्हीं में से कई अब जोगी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अमित जोगी का कहना है कि हाईपावर कमेटी के फैसले में थोड़ी भी सच्चाई है तो कांग्रेस को न केवल जोगी बल्कि, सोनिया गांधी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजना चाहिए। सोनिया गांधी ने ही जोगी को आदिवासी मानकर कई जिम्मेदारियां दी थीं। 2004 से 2016 तक जोगी को आदिवासी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद दिया था। अमित के मुताबिक 2000 में दिग्विजय मंत्रिमंडल ने जोगी के आदिवासी न होने की लिखित शिकायत की थी, जिसे सोनिया गांधी ने खारिज कर दिया था। 29 अक्टूबर 2000 को दिग्विजय सिंह को दिल्ली बुलाकर सोनिया गांधी ने कहा था, जोगी काबिल और अनुभवी आदिवासी नेता हैं। इस बात को दिग्विजय भी नहीं झुठला सकते, क्योंकि सोनिया गांधी के निवास में रजिस्टर में दिग्विजय के आने का रिकॉर्ड है। इसी तरह जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के महासचिव गौरीशंकर पांडेय, युवा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद तिवारी और प्रदेश प्रवक्ता भगवानू नायक ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि आठ सितंबर 2000 को कांग्रेस के 21 विधायकों ने छत्तीसगढ़ का पहला मुख्यमंत्री आदिवासी को बनाने की मांग की थी। इसमें मनोज मंडावी, कवासी लखमा, मंतुराम पवार, गुलाब सिंह, गोपाल राम, डोमेंद्र भेड़िया समेत अन्य विधायक शामिल थे। तब न केवल मनोज मंडावी बल्कि, अरविंद नेताम को भी जोगी सच्चे आदिवासी लगते थे। जब राजनीति में बदलाव आया तो उन्हें जोगी नकली आदिवासी लगने लगे हैं।

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Dakhal News 10 July 2017


तेजस्वी यादव

पटना में लालू यादव के ठिकानों पर सीबीआई छापों के बाद पहली बार हुई राजद की बैठक में सोमवार को यह फैसला हुआ है कि तेजस्वी यादव अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। छापों के बाद से ही भाजपा लगातार इसके लिए दबाव बना रही थी। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि बैठक में तय हुआ है कि तेजस्वी इस्तीफा नहीं देंगे। राजद प्रमुख लालू यादव बोले कि जिस घोटाले की बात की जा रहै इस समय तेजस्वी महज 13 साल के थे। सिद्दीकी के अनुसार भाजपा ने बदले के लिए राजद को निशाना बनाया है। सरकार गिराने की साजिश हुई है। 27 अगस्त को होने वाली रैली में हम अपनी ताकत दिखाएंगे। नीतीश की चुप्पी को लेकर उन्होंने कहा कि हाल ही में लालू यादव और नीतीश कुमार की फोन पर बातचीत हुई है। राजद की बैठक हो चुकी है लेकिन जदयू की बैठक मंगलवार को होनी है और इस पर अब भी सबकी नजर है। राजद के प्रमुख लालू प्रसाद के घर सीबीआई छापे पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खामोश हैं और यह खामोशी बिहार की राजनीति में हलचल मचाए हुए है। छापों के बाद से ही नीतीश की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। हलचल इस बात की भी है कि मुख्यमंत्री कोई ठोस वक्तव्य दे सकते हैं। सीबीआई ने जिस मामले में छापेमारी की, उसमें नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी प्रमुख आरोपी हैं। इस लिहाज से नीतीश के स्टैंड का सबको इंतजार है। राजग के दौरान नीतीश की छवि यह रही है कि उन्होंने अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगी पर किसी भी तरह के मुकदमे के बाद कार्रवाई की। नीतीश रविवार दोपहर राजगीर से पटना लौट आए। उन्होंने सोमवार तक के अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय से इस संबंध में जानकारी दी गई है कि अभी वह अस्वस्थ हैं लेकिन अब खबर है कि वो मंगलवार को विधायक दल की बैठक करने जा रहे हैं।

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Dakhal News 10 July 2017


सुषमा स्वराज  9 ट्वीट

सरताज पर भड़की सुषमा स्वराज, किए 9 ट्वीट   पाकिस्तानी महिला द्वारा कैंसर के इलाज के लिए भारतीय वीजा मांगे जाने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर उनके प्रति सहानुभूति जताई है। वहीं उन्होंने कुलभूषण जाधव की मां को वीजा देने की अपील पर सरताज अजीज की प्रतिक्रिया ना मिलने पर एक के बाद एक 9 ट्वीट किए हैं। उन्होंने मेडिकल वीजा को लेकर लिखा है कि उन्हें इस मामले में सरताज अजीज की तरफ से कोई सिफारिश नहीं मिली है। विदेश मंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा है, ‘भारत में इलाज के लिए मेडिकल वीजा चाहने वाले पाकिस्‍तानी नागरिकों के प्रति मेरी सहानुभूति है। मुझे यकीन है कि सरताज अजीज भी अपने देश के नागरिकों के लिए विचार कर रहे होंगे। उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा है पाकिस्‍तानी नागरिकों के लिए मेडिकल वीजा पर मंजूरी देने के लिए हमें उनके सिफारिश की जरूरत होगी। मुझे इसमें कोई वजह नहीं दिखाई देता की वे इसके लिए किसी तरह का संकोच करेंगे। वहीं कुलभूषण जाधव की मां को वीजा ना दिए जाने के लेकर उन्होंने लिखा है कि हमारे पास भी भारतीय नागरिक अवंतिका जाधव का वीजा आवेदन लंबित है जो पाकिस्‍तान में अपने बेटे से मिलने जाना चाहतीं हैं जिन्‍हें मृत्‍युदंड दिया गया है। उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा है अवंतिका जाधव ने व्‍यक्‍तिगत तौर पर सरताज अजीज को पाकिस्‍तान के लिए उनके वीजा आवेदन पर मंजूरी देने को कहा है। हालांकि अजीज ने इस मामले में किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी है और न ही इस संबंध में मेरे पत्र पर ही उनका कोई जवाब आया है।

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Dakhal News 10 July 2017


डिप्‍टी सीएम तेजस्‍वी यादव

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ सीबीआई छापेमारी के बाद राजनीति तेज हो गई है। भाजपा नेता सुशील मोदी ने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार से कहा है कि वे मामले में आरोपित अपने डिप्‍टी सीएम तेजस्‍वी यादव को मंत्रिमंडल से हटाएं। इस पर राजद नेता रघुनाथ झा व रघुवंश प्रसाद ने पलटवार किया है। रघुनाथ झा ने कहा है कि आरोपित होना कोई अपराध नहीं, भाजपा में तो चार्जशीटेड उमा भारती मंत्री हैं, जिन्‍हें वह बर्खास्‍त करे। उधर, रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि सीबीआई कार्रवाई भाजपा व केंद्र सरकार की साजिश है। रविवार को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद से मिलकर वापस लौटते वक्‍त रघुनाथ झा ने कहा कि डिप्‍टी सीएम तेजस्‍वी यादव इस्‍तीफा नहीं देंगे। केंद्र सरकार लालू प्रसाद को दबाना चाहती है, लेकिन ऐसा होने नहीं जा रहा है। भाजपा को पहले बाबरी कांड में अपने चार्जशीटेड पूर्व डिप्‍टी पीएम लालकृष्‍ण आडवाणी तथा केंद्र सरकार में मंत्री उमा भारती पर कार्रवाई करनी चाहिए, न कि केवल आरोप के घेरे में आए तेजस्‍वी का इस्‍तीफा मांगना चाहिए। राजद के उपाध्‍यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि लालू के खिलाफ सीबीआई कार्रवाई केंद्र की साजिश है। केंद्र सरकार व पीएम मोदी के इशारे पर छापेमारी पर छापेमारी की जा रही है, लेकिन मिल कुछ नहीं रहा। उन्‍होंने भी तेजस्‍वी के इस्‍तीफे के सवाल को खारिज कर दिया।

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Dakhal News 9 July 2017


मोदी भक्त

 बीएमसी में हर समय मोदी-मोदी के नारों को सुनकर भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना नाराज हो गई है।शिवसेना ने इस पर रोष जाहिर करते हुए कहा कि मोदी के 'भक्त' प्रधानमंत्री को उसी तरह डुबा देंगे, जैसे इंदिरा गांधी का पतन हो गया था। शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र 'सामना' और 'दोपहर का सामना' में लिखे संपादकीय में कहा कि आज देश ऐसे नीच लोगों से सबसे बड़े खतरे का सामना कर रहा है। ये जो 'मोदी-मोदी' चिल्लाने वाले लोग हैं, वास्तव में प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। गौरतलब है कि शुक्रवार को बीएमसी में राज्य के वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार जीएसटी से बीएमसी को हुए राजस्व की नुकसान भरपाई का चेक देने के लिए आए थे। उस वक्त शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भी उपस्थित थे। उस कार्यक्रम में भाजपा के नगरसेवकों ने 'मोदी-मोदी' के नारे लगाए, तो शिवसेना के नगरसेवकों ने जवाब में 'चोर हैं-चोर हैं' का नारा लगाया। शिवसेना का कहना है कि हमने मोदी का हमेशा प्रधानमंत्री के रूप में सम्मान किया है। उनका नाम लोगों के बीच गर्व से लिया जाना चाहिए, लेकिन इस तरह सनकी तरीके से नहीं। पार्टी ने याद दिलाया कि 1971 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। तब इंदिरा ने पूर्वी पाकिस्तान को उससे अलग कर बांग्लादेश बनवा दिया था। उस वक्त उनके भक्त भी 'भारत ही इंदिरा है' का नारा लगाने लगे थे। इसके बावजूद उन्हें चुनावों में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था और इंदिरा के भक्तों ने ही उन्हें डुबा दिया था।  

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Dakhal News 8 July 2017


राजभवन

उमेश त्रिवेदी बंगाल में राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी और मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी के टकराव के बीच पुडुचेरी की उप राज्यपाल किरण बेदी के खिलाफ कांग्रेस के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी की नाराजी ने देश में राजभवनों की भूमिकाओं को एक मर्तबा फिर विवादों के घेरे में ले लिया है। कोलकाता और पुडुचेरी के राज भवनों के ताजा विवादों की ’राजनीतिक-एल्फाबेट’ में वही पुराने ककहरे ’पी फॉर पोलिटिक्स’ और ’पी फॉर पार्टी’ की आवाजें साफ सुनाई पड़ रही हैं। केशरीनाथ त्रिपाठी और किरण बेदी के राजनीतिक-कृत्यों की कहानी नई नहीं है, लेकिन 9 अप्रैल 2017 को दिल्ली में सम्पन्न अंतर्राज्यीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में राज्यपाल की भूमिका से जुड़े सवालों और सुझावों ने इसे गौरतलब बना दिया है।  स्थायी समिति की बैठक में सभी गैर भाजपा शासित राज्यों की ओर से सुझाव दिया गया था कि राज्यपालों की नियुक्ति में सिर्फ उन्हीं नामों पर विचार किया जाना चाहिए, जो किसी भी राजनीतिक विवाद से परे हों। स्थायी समिति सरकार द्वारा केन्द्र और राज्यों के रिश्तों की समीक्षा के लिए गठित पंछी-आयोग की रिपोर्ट पर विचार कर रही है। पंछी आयोग का गठन 2005 में हुआ था और 2010 में इसकी रिपोर्ट पेश हुई थी। सात खंडों की रिपोर्ट के दूसरे खंड में राज्यपालों की भूमिका का ब्योरा है। पिछले कुछ माहों में अरुणाचल से गोवा तक, राज्यपालों से जुड़ी घटनाओं को लेकर विपक्ष का रुख आक्रामक रहा है। इनके हवाले से आन्ध्र के वित्त मंत्री वाय.कृष्णनुडु ने कहा कि गैर-भाजपाई राज्यों द्वारा व्यक्त विचार के मुताबिक राज्यपाल को निष्पक्ष और राजनीति से ऊपर होना चाहिए। बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी और पुडुचेरी की उप-राज्यपाल किरण बेदी की भूमिकाओं को राजनीतिक रूप से निरापद और निष्पक्ष मानना संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी के खिलाफ त्रिपाठी के तेवरों में बंगाल विधानसभा के चुनाव अंगड़ाई लेते स्पष्ट दिख रहे हैं, जबकि किरण बेदी ने संवैधानिक परम्पराओं को दरकिनार करते हुए भाजपा के पदाधिकारियों और समर्थकों को विधानसभा में नॉमीनेट कर दिया। सामान्य परम्परा है कि उप-राज्यपाल निर्वाचित सरकारों के मुख्यमंत्रियों से परामर्श करने के बाद ही इस प्रकार की नामजदगी करते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि किरण बेदी ने नामजदगी को रहस्य के काले परदों के पीछे छिपा कर रखा था कि कानों-कान किसी को खबर नहीं हो। उप राज्यपाल ने नामजद विधायकों के शपथ-विधि समारोह की खबर न तो कैबिनेट को लगने दी, ना ही स्पीकर को इसका पता चलने दिया। किरण बेदी ने भाजपा हायकमान के इशारे पर चुनाव में हारे हुए लोगों को भी नामजद कर दिया है। कांग्रेस ने उप राज्यपाल की नॉमीनेशन्स को मद्रास हाईकोर्ट में चुनौती भी दी है। किरण बेदी की कार्रवाई के खिलाफ सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी दल अन्ना द्रमुक ने विधानसभा में प्रस्ताव पारित करते हुए राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि उन्हें वापस बुलाया जाए। इस मामले मे किरण बेदी ने सिर्फ इतना कहा है कि उन्होंने यह कार्रवाई ’यूनियन टेरीटरीज एक्ट’ के तहत प्रदत्त अधिकारों के दायरे में की है।  किरण बेदी की तर्ज पर केशरीनाथ त्रिपाठी के पास भी बचाव में यह दलील है कि कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर वो मुख्यमंत्री से जवाब-तलब कर सकते हैं। त्रिपाठी मानते हैं कि ममता बैनर्जी को इस बात को गोपनीय रखना था। ममता इस बातचीत में राज्यपाल के रवैये को अपमानजनक मान रही हैं। फेसबुक के संदेश पर भड़के दंगों के संदर्भ में भाजपा और विश्व हिन्दू परिषद ने राज्यपाल से शिकायत की थी। इसके बाद राज्यपाल ने लगभग आठ मिनट तक फोन पर तलब करते हुए ममता से पूछा था कि दंगाग्रस्त इलाकों में अर्द्ध सैनिक बलों को अभी तक क्यों तैनात नहीं किया है। इस बातचीत से उद्वेलित ममता बैनर्जी ने प्रेस कांफ्रेंस करके खुद को अपमानित किए जाने का आरोप लगाया था। ममता का कहना था कि दंगे के पीछे आरएसएस और भाजपा का हाथ है। भाजपा बंगाल में सधे कदमों से आगे बढ़ रही है। बांग्लादेशी-घुसपैठ से पैदा असंतुलन की जमीन पर वह हिन्दुत्व रोपना चाहती है। ये घटनाएं हिन्दुत्व के लिए ’केटेलिटिक-एजेण्ट’ का काम करती हैं। राज्यपालों का दुरुपयोग लगभग सभी केन्द्र सरकारों ने किया है। राजभवनों की नियुक्तियां राजनीतिक होती हैं। इसलिए गलतफहमी नहीं पालना चाहिए कि राज्यपाल राजभवन के रामघाटों पर खारे पानी के झरनों में गंगा-स्नान करेंगे।  ममता बैनर्जी और नारायणसामी की यह अपेक्षा बेमानी है कि त्रिपाठी उनके लिए हनुमान चालीसा पढ़ेंगे और किरण बेदी खिचड़ी पकाएंगी...। राजभवन भी राजनीति का ही अड्डा होते हैं...। [लेखक उमेश त्रिवेदी सुबह सवेरे के प्रधान संपादक है।]  

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Dakhal News 8 July 2017


चुनाव आयोग

उमेश त्रिवेदी देश के 21 वें मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर गुजरात काडर के पूर्व आयएएस अधिकारी अचल कुमार जोती की नियुक्ति के साथ ही चुनाव आय़ोग की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और निष्पक्षता से जुड़े दो बड़े सवाल पंख पसार कर राजनीतिक-फलक पर उड़ने लगे हैं। पहला सवाल ईवीएम में वीवीपीएटी प्रणाली जोड़ कर मतदाताओं को पावती उपलब्ध कराने से संबंधित है, जबकि दूसरा मुद्दा चुनाव-आयुक्तों की नियुक्ति-प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसके नियम सुनिश्चित नही हैं। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि केन्द्र सरकार चुनाव आयोग में नियुक्ति के लिए कोई कानून नहीं लाती है, तो सुप्रीम कोर्ट इसमें हस्तक्षेप करेगा। सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका विचाराधीन है, जिसमें चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए नेता,प्रतिपक्ष और मुख्य न्यायाधीश का एक संवैधानिक पैनल गठित करने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट भी समय-सीमा में इनका निपटारा चाहती है। मोदी-सरकार ने इन मुद्दों को हाशिए पर ही पटक रखा है। फिलवक्त अचल कुमार दूसरे नम्बर के चुनाव आयुक्त हैं। वरिष्ठता के नाते वो मुख्य चुनाव आयुक्त बने हैं।  डॉ. नसीम जैदी के स्थान पर जोती की नियुक्ति को लेकर लोगों के कान यूं ही नहीं खड़े हुए हैं। नरेन्द्र मोदी के मुख्यमंत्री काल में जोती गुजरात के मुख्य सचिव थे। मोदी ने उन्हें 8 मई 2015 को चुनाव आयोग का सदस्य बनाया था। गुजरात से उनकी पुरानी नातेदारी और मोदी-सरकार से उनके रागात्मक-रिश्ते कतिपय आशंकाओं को गहरा रहे हैं। राजनीतिक हलके महसूस कर रहे है कि जोती वीवीपीएटी प्रणाली और नियुक्तियों की प्रक्रियाओं को मोदी-सरकार की मंशाओं के अनुरूप ढीला छोड़ सकते हैं। जोती मात्र 6 माह बाद जनवरी 2018 में रिटायर हो जाएंगे, लेकिन 6 महीनों की यह बाधा-दौड़ प्रशासकीय प्रक्रियाओं को लंबा खींच सकती है।  गुजरात के ही पूर्व आयपीएस अधिकारी संजीव भट्ट ने ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी है कि जोती के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद भारत में स्वतंत्र और स्वच्छ चुनाव को अलविदा कह देना चाहिए। भट्ट की प्रतिक्रियाओं को इसलिए अनसुना नहीं करना चाहिए कि वो मोदी और अचल कुमार जोती की जुगलबंदी से भलीभांति वाकिफ हैं। गुजरात में दंगों के समय संजीव भट्ट की भूमिका से तत्कालीन मोदी-सरकार नाखुश थी। इसलिए उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।  गुजरात विधानसभा के अलावा 2019 के लोकसभा और महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव का सिलसिला भी तेजी पकड़ रहा है। पिछले दिनों  मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. नसीम जैदी ने मोदी-सरकार को आगाह किया था वो पेपर ट्रेल मशीनों की समयबध्द खरीद के लिए तुरंत धन जारी करे, ताकि 2019 के लोकसभा निर्वाचन में इनका उपयोग हो सके। मौजूदा राजनीतिक माहौल में ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर उठे सवालों का हवाला देते हुए जैदी ने कहा था कि चुनाव मशीनरी की विश्वसनीयता के लिए वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) मशीनों की प्रणाली का उपयोग जरूरी हो गया है। उप्र चुनाव के बाद देश के 16 प्रमुख राजनीतिक दलों ने चुनाव में पारदर्शिता लाने की गरज से मत-पत्र से मतदान की चुनाव प्रणाली अपनाने का आग्रह किया था।  जैदी के अनुसार 2019 के लोकसभा निर्वाचन में देश के सभी मतदान केन्द्रों को पेपर ट्रेल प्रणाली से जोड़ने के लिए 16 लाख वीवीपीएटी मशीनों की जरूरत होगी। फरवरी 2017 तक आर्डर नहीं देने के कारण सितम्बर 2018 तक ये मशीनें उपलब्ध नहीं हो सकेंगी। डॉ. जैदी ने मार्च 2017 में भी कानून मंत्री से धन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। वीवीपीएटी के निर्माण के लिए न्यूनतम 30 माह की अवधि जरूरी है। उनका कहना है कि मौजूदा राजनीतिक माहौल के मद्देनजर वीवीपीएटी मशीनें खरीदने में देर नहीं की जाना चाहिए। क्योंकि चुनाव आयोग भविष्य में ईवीएम के साथ वीवीपीएटी मुहैया कराने के लिए प्रतिबध्द है। ताकि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाई जा सके, मतदाता की निष्ठा को सुरक्षित रखा जा सके और मतदान प्रक्रिया में लोगों का भरोसा बढ़ाया जा सके। चुनाव आयोग जून 2014 के बाद वीवीपीएटी के बारे में 11 मर्तबा केन्द्र सरकार को पत्र लिख चुका है। सात अप्रैल को सरकार ने लोकसभा में बताया था कि यह प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन है। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी अलग से पत्र लिखा जा चुका है। वीवीपीएटी पर 3174 करोड़ रुपए की लागत आने वाली है। इस मसले पर चुनाव आयोग की मामूली सी सुस्ती भी लोकतंत्र की विश्वसनीयता के लिए आत्मघाती सिध्द होगी।[लेखक उमेश त्रिवेदी सुबह सवेरे के प्रधान संपादक है।]

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Dakhal News 7 July 2017


मंदसौर कांग्रेस का जेल भरो

किसान आंदोलन में मारे गए किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए कांग्रेस ने मल्हारगढ़ [मंदसौर]के बहीचौपाटी में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि पीएम गोली कांड के दिन जर्मनी में प्रियंका चोपड़ा के साथ फोटो खिंचवा रहे थे। उन्होंने किसानों के प्रति कोई संवेदना नहीं दिखाई। कांग्रेस जेल भरो आंदोलन करेगी, जिसमें शामिल होने के लिए दिग्गज नेता मल्हारगढ़ पहुंच गए हैं। प्रशासन ने उन्हें श्रद्धांजलि सभा की इजाजत दी है। कांग्रेस के आंदोलन को देखते हुए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया है। आंदोलन में कांग्रेस के अभा महासचिव मोहन प्रकाश, राजीव गांधी पंचायत राज प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मीनाक्षी नटराजन सहित अन्य कांग्रेस नेता शामिल हो रहे हैं। मल्हारगढ़ से कांग्रेस प्रदेशभर में होने वाले आंदोलनों की शुरुआत करेगी।

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Dakhal News 6 July 2017


नरोत्तम मिश्रा नोटिस

चुनाव आयोग द्वारा नरोत्तम मिश्रा का निर्वाचन शून्य घोषित होने के बाद भी वे पद से नहीं हटे हैं। इसके विरोध में लगी एक याचिका को जबलपुर हाईकोर्ट ने स्वीकार करते हुए नोटिस जारी किए हैं। नोटिस चुनाव आयोग, नरोत्तम मिश्रा, मध्यप्रदेश सरकार और राजेंद्र भारती के नाम जारी किया गया है। हाईकोर्ट ने इसमें पूछा है कि अभी तक नरोत्तम मिश्रा को विधायक पद से क्यों नही हटाया गया, इसका जवाब 11 जुलाई से पहले देना है। मामले में अगली सुनवाई भी इसी दिन होगी। गौरतलब है कि पेड न्यूज मामले में चुनाव आयोग ने नरोत्तम मिश्रा का 2008 में हुआ निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया है। इसके साथ ही उन पर तीन साल के लिए चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद नरोत्तम मिश्रा ने ग्वालियर हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिका लगाई थी। उनकी इस याचिका पर बुधवार को ही सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।  

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Dakhal News 6 July 2017


किसान मुक्ति यात्रा

मंदसौर में गुरुवार को ग्राम बूढ़ा से प्रारंभ हुई किसान मुक्ति यात्रा को पुलिस ने पिपलियामंडी पहुंचने से पहले ही रोक दिया। यहां लगभग 130 किसान संघटनों के पदाधिकारी और सैकड़ों किसान एकत्र हुए।  इनमें योगेंद्र यादव, मेघा पाटकर, सांसद राजू शेट्टी सहित महाराष्ट्र, उड़ीसा, पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, राजस्थान से आए किसान नेता भी शामिल थे। यात्रा को गुडभेली गांव में रोक दिया गया। इसके बाद सभी ने पुलिस को गिरफ्तारी दे दी। सभी को बसों से मंदसौर सहित अन्य जेलों में भेजा गया। एएसपी व एडीएम ने कहा कि गिरफ्तारी दो या वापस लौट जाओ। इसके बाद सड़क पर ही महापंचायत शुरू हो गई थी। सैकड़ों की संख्या में लोग अपने हाथों में मृत किसानों के फोटो लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

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Dakhal News 6 July 2017


पेड़ न्यूज़  नरोत्तम मिश्रा

  ग्वालियर में  चुनाव आयोग द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ नरोत्तम मिश्रा ने हाईकोर्ट में लगाई अपनी याचिका की पैरवी खुद की। बार एसोसिएशन की हड़ताल की वजह से कोई भी वकील कोर्ट में नहीं पहुंचा। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अखबारों की कटिंग के आधार पर मुझ पर लगाए गए पेड न्यूज के आरोप साबित नहीं हो पाए हैं। इस पर राजेंद्र भारती ने कहा कि चुनाव आयोग ने पूरी जांच के बाद ही मिश्रा के खिलाफ फैसला सुनाया है। नरोत्तम मिश्रा ने राष्ट्रपति चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि मुझे चुनाव में वोट डालना है, इसके लिए स्टे दिया जाए। उन्होंने कहा कि मुझे जनता ने दोबारा चुना है। इस पर राजेंद्र भारती ने कोर्ट से कहा कि अगर मिश्रा को एक बार स्टे मिल जाता है तो यह हमेशा के लिए हो जाएगा। इसके बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी। वकीलों की हड़ताल की वजह से सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग के वकील भी कोर्ट में पेश नहीं हुए।

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Dakhal News 5 July 2017


लालू प्रसाद यादव

  खबर पटना से । बिहार में नीतीश के साथ हाथ मिलाकर भाजपा को टक्कर देने के बाद लालू प्रसाद यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर 2019 के लोकसभा चुनाव में मायावती और अखिलेश यादव साथ आ जाएं तो भाजपा का गेम ओवर हो जाएगा। लालू ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हर कोई महसूस करता है की चाहे वो मायावती जी हों, अखिलेश हों, रॉबर्ट वाड्रा, प्रियंका कांधी, ममता दीदी हों या लालू यादव वो सभी को तोड़ना चाहते हैं। उन्हें पता है कि अगर सभी विपक्षी पार्टियां साथ आ गईं तो 2019 में फिर सरकार बनाने का उनका सपना टूट जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश और मायावती साथ आ जाएं तो भाजपा के लिए अगले चुनाव में कोई चांस नहीं है। मोदी सरकार के आने के बाद रोजगार शून्य पर पहुंच गया है और राम रहीम के नाम पर देश में नफरत फैलाई जा रही है।

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Dakhal News 5 July 2017


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

उमेश त्रिवेदी देश की जनता के लिए मृग-मरीचिका बने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अच्छे दिनों की तरह उनका चुनाव-सुधार का वादा भी गफलतों में उलझता जा रहा है। चुनाव-आयोग ने इलेक्टोरल-बॉण्ड की पारदर्शिता के सवाल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के सामने कुछ ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब चुनाव-सुधार के उनके सारे दावों को खोखला साबित कर रहे हैं। इलेक्टोरल-बॉण्ड के नाम पर चुनाव-सुधार के रंगमंच पर मोदी-सरकार के राजनीतिक-एकांकी का कमजोर कथानक बिखरने लगा है। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने चुनावी-चंदे की पारदर्शिता और नैतिकता को काले परदों के पीछे ढकेल  दिया है।  अरुण जेटली चुनाव-चंदे देने वाली कम्पनियों को कई छूट प्रदान कर रहे हैं। मोदी-सरकार ने कार्पोरेट घरानों पर चंदा देने की अधिकतम सीलिंग भी खत्म कर दी है। अब राजनीतिक दल कार्पोरेट-घरानों से भरपूर पैसा भी लेंगे और उनका नाम भी नहीं बताएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी वित्त मंत्री की इस पहल को चुनाव-सुधार के खिलाफ मानते हैं। उनका मत है कि जनता को राजनीतिक-दलों को मिलने वाले हर प्रकार के चंदे का ब्यौरा जानने का हक है। लेकिन जेटली के नए प्रस्तावों ने पारदर्शिता के इस सवाल को गोपनीयता की कैद में जकड़ दिया है। मोदी-सरकार यह व्यवस्था भी कर रही है कि राजनीतिक दल चुनाव आयोग को इलेक्टोरल-बॉण्ड की जानकारी देने के लिए बाध्य नहीं होंगे। विरोधाभास यह है कि दलों के लिए 2000 से ज्यादा  नगद चंदा देने वाले व्यक्ति और 20 हजार से ज्यादा नगद चंदा देने वाली कंपनियों का नाम बताना जरूरी है। चुनाव-चंदे के मौजूदा कानून में बदलाव के बाद राजनीतिक दलों को चंदा देने वाले कार्पोरेट-घराने उनका नाम बताने के लिए बाध्य नहीं होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भ्रष्टाचार विरोधी एजेण्डे के महत्वपूर्ण बिन्दुओं में राजनीतिक-चंदे के सवाल को सबसे ऊपर रखा है। मोदी मानते हैं कि देश को काले धन के जंजाल से मुक्त करने के लिए राजनीतिक-चंदे को नियोजित और नियंत्रित करना जरूरी है। लेकिन मोदी राजनीति को काले धन से मुक्त करने की बात करते वक्त यह भूल जाते हैं कि 2014 में सबसे महंगा चुनाव लड़ने वाली पार्टी के रूप में उनकी पार्टी भाजपा का ही नाम दर्ज है। चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मान से भाजपा ने 2014 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में 714 करोड़ रुपए खर्च किए थे। जबकि इसी दरम्यान कांग्रेस ने 516 करोड़ रुपए व्यय किए थे। चुनाव-आयोग की बंदिशों के कारण राजनीतिक दलों के लिए चुनाव-अभियानों में होने वाले खर्चों का ब्यौरा देना मजबूरी है, लेकिन उन पर यह बंदिश नहीं है कि चुनाव में खर्च होने वाले ये सैकड़ों करोड़ रुपए उन्होंने कहां से और कैसे जुटाए हैं। जनवरी 2017 में एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 11 वर्षों के दरम्यान कांग्रेस में 83 प्रतिशत और भाजपा में 63 प्रतिशत चंदा अज्ञात स्रोतों से जमा हुआ है। चुनाव-फंडिंग के इन अज्ञात स्रोतों को खंडित करने की गरज से ही वित्तमंत्री ने चंदे की सीमा 20 हजार से घटाकर 2 हजार की थी, लेकिन इलेक्टोरल-बॉण्ड को गोपनीयता का कवच देकर उन्होंने चुनावी-चंदे की धांधलियों को पनाह देने का काम किया है। इस प्रावधान के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दावे खुद-ब-खुद खारिज हो जाते हैं कि वो चुनाव-अभियानों में पारदर्शिता लाना चाहते हैं।    राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों और चुनाव अभियानों में काले धन की खपत की ला