पेयजल संकट गहराया: 2.5 लाख आबादी पानी को तरसी, 2000 हैंडपंप सूखे
 Drinking water crisis , deepens: 2.5 lakh people thirst , water, 2000 hand pumps dry

मध्यप्रदेश के जिले में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। जलस्तर 160 से 250 फीट तक नीचे खिसकने से 10 से अधिक नल-जल परियोजनाएं प्रभावित हो गई हैं, जबकि करीब 2000 हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। इनमें 711 सरकारी हैंडपंप शामिल हैं। 45 डिग्री तापमान के बीच 50 से अधिक पंचायतों में जल जीवन मिशन की योजनाएं पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहीं, जिससे करीब ढाई लाख लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीण इलाकों में हालात बेहद चिंताजनक हैं। हरसूद के धनौरा और करौली गांव में तीन साल से नल-जल योजना की टंकियां सूखी पड़ी हैं, जबकि खालवा के काला आम खुर्द पंचायत में डेढ़ महीने से 3 हजार आबादी पानी के लिए संघर्ष कर रही है। ग्रामीणों को एक डिब्बा पानी भरने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। कई जगहों पर महिलाएं और बुजुर्ग तपती गर्मी में दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने योजनाओं में लापरवाही और अधूरे कार्यों को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।

 

जल जीवन मिशन के तहत जिले में 2.31 लाख परिवारों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब भी 10 हजार से अधिक परिवार पाइपलाइन सुविधा से वंचित हैं। करीब एक हजार करोड़ रुपए की लागत वाली कई परियोजनाएं अधूरी या प्रभावित हैं। वहीं, खंडवा-बुरहानपुर जल प्रदाय योजना के ड्रॉप आउट होने से 17 गांवों पर संकट और बढ़ गया है। प्रशासन को कई प्रस्ताव भेजे गए हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकल पाया है।

Priyanshi Chaturvedi 19 May 2026

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