Patrakar Priyanshi Chaturvedi
एम्स भोपाल में अब मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल परिसर में भटकना नहीं पड़ेगा। यहां मोबाइल ऐप और क्यूआर कोड आधारित स्मार्ट मार्गदर्शन प्रणाली शुरू की जा रही है। ऐप खोलते ही या क्यूआर कोड स्कैन करते ही मोबाइल स्क्रीन पर संबंधित विभाग, डॉक्टर के केबिन और वार्ड तक पहुंचने का सटीक रास्ता दिखाई देगा। इस पहल से बड़े अस्पताल की जटिलता आसान हो जाएगी और मरीजों का समय भी बचेगा।
स्मार्ट मार्गदर्शन प्रणाली का पहला चरण वेब आधारित होगा। अस्पताल के प्रमुख प्रवेश द्वारों और महत्वपूर्ण स्थानों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। कोड स्कैन करते ही मोबाइल पर इंटरैक्टिव मानचित्र खुल जाएगा, जो चरण-दर-चरण सही दिशा बताएगा। इससे पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टर के कक्ष तक पहुंचना बेहद सरल हो जाएगा।
यह सिस्टम आईआईटी इंदौर की ‘दृष्टि’ टीम के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। भवनों के बीच मार्गदर्शन के लिए जीपीएस तकनीक का उपयोग होगा, जबकि भवनों के अंदर सटीक दिशा-निर्देशन के लिए हर 15 मीटर पर रिले उपकरण लगाए जाएंगे। अप्रैल के अंत तक इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने की योजना है। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और गंभीर मरीजों को विशेष राहत मिलेगी और बड़े अस्पताल को लेकर होने वाली झिझक भी कम होगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.
Created By:
Medha Innovation & Development |