Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं का सीजन शुरू होते ही ठग एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। टेलीग्राम और व्हाट्सऐप पर फर्जी चैनल बनाकर 10वीं-12वीं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है। इन चैनलों के नाम और प्रोफाइल इस तरह तैयार किए जाते हैं कि वे असली लगें। ठग छात्रों से 500 से 2000 रुपये तक ऑनलाइन वसूली करते हैं, जबकि पेपर लीक से जुड़ा यह पूरा दावा पूरी तरह फर्जी होता है।
साइबर क्राइम पुलिस ने छात्रों और अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। साइबर सेल के एसआई अंकित नायक के अनुसार, हर साल बोर्ड परीक्षाओं से पहले इस तरह की ठगी के मामले सामने आते हैं। बीते दो वर्षों में भोपाल साइबर सेल ने ऐसे दो बड़े मामलों का खुलासा किया है। छिंदवाड़ा जिले के दमुआ से गिरफ्तार दीपांशु कोरी ने नीट की तैयारी के दौरान टेलीग्राम पर फर्जी पेपर लीक चैनल बनाया था, जिससे एक लाख से ज्यादा लोग जुड़े थे और उसने सैकड़ों छात्रों से पैसे ऐंठे थे।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रश्नपत्र बेचने या लीक करने का कोई भी दावा पूरी तरह झूठा है। छात्रों को किसी भी अनजान लिंक, ग्रुप या व्यक्ति से मिले प्रश्नपत्र पर भरोसा नहीं करना चाहिए। पैसे लेकर पेपर देने वाले ठग होते हैं और ऐसे मामलों में शामिल होना भी कानूनी अपराध है। पुलिस ने अपील की है कि केवल बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें और ऐसे किसी भी फर्जी दावे की तुरंत साइबर पुलिस में शिकायत करें।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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