Patrakar Priyanshi Chaturvedi
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज वामपंथी नेता वीएस अच्युतानंद को केंद्र सरकार ने मरणोपरांत पद्म विभूषण देने का ऐलान किया है, लेकिन उनके परिवार ने यह सम्मान स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। अच्युतानंद के बेटे वीए अरुणकुमार ने बताया कि उन्हें गृह मंत्रालय की ओर से इस फैसले की आधिकारिक सूचना मिली थी, लेकिन परिवार ने वामपंथी मूल्यों और पार्टी की परंपरा के अनुरूप अवॉर्ड न लेने का निर्णय किया है।
अरुणकुमार ने कहा कि उनके पिता को जनता से जो प्यार और सम्मान मिला, वही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि अच्युतानंद ने हमेशा पार्टी के फैसलों और कम्युनिस्ट विचारधारा का सम्मान किया और सरकारी सम्मानों को स्वीकार करने को लेकर वाम आंदोलन का एक स्पष्ट राजनीतिक रुख रहा है। परिवार का मानना है कि लोगों के दिलों में उनकी जगह किसी भी सरकारी सम्मान से कहीं बड़ी है।
यह पहली बार नहीं है जब किसी वामपंथी नेता या उनके परिवार ने नागरिक सम्मान लेने से इनकार किया हो। 1996 में तत्कालीन पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने भारत रत्न स्वीकार करने से मना कर दिया था, जिसके बाद प्रस्ताव वापस ले लिया गया। इसी तरह हरकिशन सिंह सुरजीत, बुद्धदेव भट्टाचार्य और ईएमएस नंबूदरीपाद के मामलों में भी पार्टी ने यही रुख अपनाया। वाम दलों का कहना रहा है कि उनके नेता समाज परिवर्तन के लिए काम करते हैं, न कि पुरस्कार पाने के लिए।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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