भाजपा का आरोप: मध्यम वर्ग के 20 लाख मतदाता सूची से छूटे
Bhopal,BJP alleges 20 lakh middle class ,voters , out, voter list

भाजपा ने मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्ति जताई है। पार्टी का दावा है कि बूथ लेवल ऑफिसरों (बीएलओ) की लापरवाही के कारण लगभग 20 लाख मध्यम वर्गीय मतदाताओं के नाम सूची में शामिल नहीं किए गए। भाजपा नेताओं के अनुसार, मध्यम वर्ग पारंपरिक रूप से उनका स्थायी वोटर रहा है, इसलिए इतनी बड़ी संख्या में नाम छूट जाना पार्टी के लिए चिंता का विषय है। संगठन ने अपने सांसद-विधायकों को भी निर्देश दिया था कि वे बूथ स्तर पर सूची की समीक्षा करें, लेकिन उनके अनुसार कई जनप्रतिनिधियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।


2. आयोग पर आरोप: पारदर्शिता और अनुशासनहीनता की कमी

भाजपा ने कहा है कि 31,21,070 मतदाताओं के नाम स्थायी रूप से स्थानांतरित या अनुपस्थित श्रेणी में डालकर हटाए गए, लेकिन उन्हें पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर नहीं मिला। पार्टी ने नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी, फॉर्म डिजिटाइजेशन में देरी और सुनवाई के लिए मतदाताओं की लंबी प्रतीक्षा को गंभीर समस्या बताया। भाजपा का कहना है कि ऐसे मतदाताओं को पुनः अवसर दिया जाना चाहिए और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।


3. विपक्ष भी गंभीर: आयोग पर दबाव बढ़ा

 

एसआइआर में लापरवाही का आरोप केवल भाजपा ही नहीं, बल्कि कांग्रेस ने भी लगाया है। कांग्रेस ने भी दस्तावेजों के साथ आयोग में शिकायत करने की तैयारी कर ली है। पार्टी ने यह भी बताया कि एक ही परिवार के सदस्यों को अलग-अलग तिथियों पर बुलाने से मतदाताओं को असुविधा हुई। ऐसे मामलों में अनियमितताओं और नो-मैपिंग श्रेणी के 8.65 लाख मतदाताओं की सुनवाई में देरी ने चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि निर्वाचन आयोग को सभी शिकायतों का समय पर समाधान करना चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता को मताधिकार से वंचित नहीं होने देना चाहिए।

Priyanshi Chaturvedi 29 January 2026

Comments

Be First To Comment....

Video
x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.