Patrakar Priyanshi Chaturvedi
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट से पहले संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया, जिसमें संकेत दिए गए हैं कि अगले वित्त वर्ष (FY27) में भारत की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है। सर्वे के अनुसार FY27 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है, जबकि चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था के 7.4% की दर से बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। वैश्विक अनिश्चितताओं और व्यापारिक दबावों को इस नरमी की प्रमुख वजह माना गया है।
सर्वे में रोजगार के मोर्चे पर राहत की तस्वीर पेश की गई है। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में बेरोजगारी दर 2017-18 के 6% से घटकर 2023-24 में 3.2% रह गई है, जबकि शहरी बेरोजगारी में भी हल्का सुधार देखा गया है। सरकारी खर्च का बड़ा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा पर केंद्रित रहा, जहां पूंजीगत व्यय का करीब 75% रक्षा, रेलवे और सड़क परिवहन जैसे क्षेत्रों में लगाया गया। वहीं, आरएंडडी को लेकर चिंता जताई गई है और औद्योगिक अनुसंधान बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
सर्वे में वैश्विक चुनौतियों का भी जिक्र है, खासकर अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे टैरिफ और वैश्विक बाजारों की अस्थिरता को लेकर। इसके बावजूद भारत की मजबूती घरेलू मांग, मैन्युफैक्चरिंग में तेजी, सस्ता कर्ज और जीएसटी राहत को बताया गया है। सरकार ने यह भी रेखांकित किया कि भारत अब जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और चार ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है। साथ ही, यूरोपीय संघ और अन्य देशों के साथ व्यापार समझौतों के जरिए भारत ने अपने वैश्विक व्यापार विकल्पों को और मजबूत किया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.
Created By:
Medha Innovation & Development |