Patrakar Priyanshi Chaturvedi
इंदौर में भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को चौंका दिया। सराफा इलाके में वर्षों से भीख मांगने वाला मांगीलाल दरअसल करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला। महिला एवं बाल विकास विभाग की रेस्क्यू टीम ने जब उसे पकड़ा, तो पता चला कि वह रोजाना 500 से 1000 रुपये तक की कमाई करता था और लोगों की सहानुभूति हासिल करने के लिए चुपचाप उनके सामने खड़ा हो जाता था। उसकी सादगी और मजबूरी का दिखावा पूरी तरह एक मुखौटा था।
पूछताछ में मांगीलाल ने खुलासा किया कि भीख से मिली रकम का इस्तेमाल वह सराफा बाजार के कुछ व्यापारियों को ब्याज पर कर्ज देने में करता था। वह एक दिन और एक सप्ताह के हिसाब से ऊंचे ब्याज पर पैसे देता और रोजाना वसूली के लिए बाजार पहुंचता था। रेस्क्यू टीम के अनुसार, मांगीलाल के पास इंदौर के अलग-अलग इलाकों में तीन पक्के मकान हैं, जिनमें भगत सिंह नगर का तीन मंजिला मकान भी शामिल है। इसके अलावा शिवनगर और अलवास में भी उसकी संपत्तियां दर्ज हैं।
हैरानी की बात यह है कि मांगीलाल के पास स्विफ्ट डिजायर कार है, जिसे चलाने के लिए उसने ड्राइवर रखा हुआ है। साथ ही उसके पास तीन ऑटो भी हैं, जिन्हें वह किराए पर चलवाता है। अलवास में वह अपने माता-पिता के साथ रहता है, जबकि उसके भाई अलग रहते हैं। प्रशासन के मुताबिक, इसी अभियान के तहत अब तक 1600 से ज्यादा भिक्षुकों को रेस्क्यू कर उज्जैन भेजा जा चुका है, लेकिन मांगीलाल का मामला भिक्षावृत्ति के पीछे छिपे इस ‘रईसी मॉडल’ की सबसे चौंकाने वाली मिसाल बन गया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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