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मध्य प्रदेश में फिलहाल अक्टूबर की तेज धूप और गर्मी से लोग परेशान हैं, लेकिन आने वाले महीनों में मौसम का मिजाज बदलने का अनुमान जताया गया है। ग्वालियर के माधव इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (MITS) के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर अरुण कुमार वाधवानी ने एआई आधारित एक कोल्ड इंडेक्स मॉडल तैयार किया है। इस अध्ययन के मुताबिक, 17 नवंबर से ठंड की शुरुआत महसूस हो सकती है और दिसंबर में इसकी तीव्रता बढ़ने लगेगी। मॉडल में 29 दिसंबर से कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान जताया गया है, जबकि जनवरी को सर्दी का सबसे ठंडा दौर बताया गया है।
अध्ययन में 31 अक्टूबर को हल्की गुलाबी ठंड, 5 दिसंबर से ठंड बढ़ने के संकेत और 16 दिसंबर के बाद सर्दी में तेजी आने का अनुमान दिया गया है। मॉडल के अनुसार, 22 दिसंबर से ठंड का असर और बढ़ सकता है तथा 29 दिसंबर को कोल्ड इंडेक्स 0.8 तक पहुंचने की संभावना है। जनवरी में यह स्तर 0.85 से 0.88 तक रहने का अनुमान है। इसके बाद फरवरी के दौरान ठंड धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकती है और महीने के मध्य से इसकी विदाई शुरू होने की संभावना जताई गई है। अध्ययन में 9 मार्च से तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार जाने का भी अनुमान है। हालांकि, ये तारीखें एआई आधारित मॉडल के अनुमान हैं, इन्हें मौसम विभाग की आधिकारिक भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए।
प्रोफेसर वाधवानी के इस मॉडल में वर्ष 1900 से 2026 तक के शीतकालीन चक्रों का विश्लेषण किया गया है। इसमें भीषण ठंड वाले 13 चुनिंदा वर्षों के आंकड़ों को प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल करने और विभिन्न खगोलीय पिंडों की स्थितियों को एआई न्यूरल नेटवर्क में इनपुट देने की बात कही गई है। दूसरी ओर, अक्टूबर में अभी गर्मी का असर बना हुआ है और पिछले कई दिनों से दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। सोमवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 18.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञानी वीएस यादव के अनुसार, फिलहाल मौसम शुष्क है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 15 अक्टूबर के आसपास ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बादल छाने और हल्की बौछारें पड़ने की संभावना बन सकती है।
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