Dakhal News
भोपाल में मेट्रो की अंडरग्राउंड लाइन के निर्माण के बीच भारत टॉकीज स्थित फूल माली समाज मंदिर की करीब 250 साल पुरानी बावड़ी सूखने की शिकायत सामने आई है। मंदिर और समाज से जुड़े हरिनारायण माली का दावा है कि बावड़ी पहले कभी नहीं सूखी थी, लेकिन पिछले एक सप्ताह से इसमें पानी पूरी तरह खत्म हो गया है। इस घटना के बाद मेट्रो निर्माण और ऐतिहासिक धरोहरों पर उसके संभावित असर को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इससे पहले बड़ा बाग कब्रिस्तान में भी अंडरग्राउंड निर्माण को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें जिला प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा था।
मामले को लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जताते हुए कहा है कि अंडरग्राउंड निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित क्षेत्रों का उचित अध्ययन किया जाना चाहिए था। उनका मानना है कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले स्थानों पर निर्माण के संभावित प्रभावों का आकलन जरूरी है। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के जरिए चल रही खुदाई को लेकर भविष्य में पर्यावरण और जल संकट की आशंका भी जताई गई है। बावड़ी सूखने की शिकायत कलेक्ट्रेट तक पहुंच गई है। हालांकि, बावड़ी में पानी खत्म होने और मेट्रो निर्माण के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
भोपाल मेट्रो परियोजना के तहत ऐशबाग से डीआईजी बंगला और सिंधी कॉलोनी की दिशा में करीब 3.36 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड लाइन बनाई जा रही है। इस कॉरिडोर में भोपाल स्टेशन और नादरा बस स्टैंड सहित दो अंडरग्राउंड स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनकी लंबाई लगभग 180-180 मीटर होगी। सुरंग निर्माण के लिए तीन मशीनों से काम शुरू करने की योजना थी, लेकिन फिलहाल एक मशीन ही उतारी गई है। बड़ा बाग के पास नादरा स्टेशन से आगे करीब 143 मीटर लंबे स्लोप के जरिए मेट्रो को दोबारा जमीन के ऊपर लाने की योजना है। अब बावड़ी सूखने की शिकायत के बाद निर्माण कार्य के संभावित प्रभावों और जलस्तर की स्थिति को लेकर जांच की मांग उठ रही है।
Dakhal News
|
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.
Created By:
Medha Innovation & Development |