Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश में अप्रैल के दूसरे सप्ताह में मौसम ने उथल-पुथल मचा दी है। शनिवार को बैतूल, श्योपुर, मुरैना समेत 8-10 जिलों में ओलावृष्टि हुई, जिससे सड़कें बर्फ जैसी दिखीं। इसके साथ ही 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी और बारिश भी दर्ज की गई। मौसम विभाग (IMD) ने ग्वालियर समेत 27 जिलों में अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटे में इन जिलों में 30-60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी आने की संभावना है।
भिंड जिले में ओलावृष्टि और तेज आंधी से हजारों गौरैया मारी गईं, जबकि रायसेन में गेहूं और चने की खड़ी और कटाई हुई फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों का कहना है कि खेतों में पानी भरने से फसलें भीग गईं और कटाई में देरी होगी। अनुमान है कि इससे करीब 30% तक नुकसान हो सकता है। प्रदेश में सिस्टम की एक्टिविटी 8 अप्रैल तक जारी रहेगी, जिसके चलते आंधी और बारिश का दौर चलेगा।
एमपी के प्रमुख शहरों में गर्मी भी बढ़ती जा रही है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी और नौगांव-खजुराहो में तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में भी गर्मी और बारिश का मिश्रित मौसम देखने को मिलता है। पिछले साल और पिछले दस साल के रिकॉर्ड के अनुसार, इन शहरों में अप्रैल में लगातार तापमान 44-45 डिग्री तक पहुंच चुका है और बारिश भी हुई है, जिससे फसलों और जनजीवन पर असर पड़ा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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