Patrakar Priyanshi Chaturvedi
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,191 अंक टूटकर 72,391 पर आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 349 अंक फिसलकर 22,470 के नीचे पहुंच गया। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार की कमजोरी को और बढ़ा दिया। हालांकि, रुपये में हल्की मजबूती दर्ज की गई और यह डॉलर के मुकाबले 93.57 पर पहुंच गया।
सेंसेक्स की कंपनियों में बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे। एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक में गिरावट दर्ज हुई। वहीं, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, पावर ग्रिड, टीसीएस और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे शेयरों में कुछ बढ़त देखने को मिली। एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का माहौल रहा, जहां जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के प्रमुख सूचकांक गिरावट में रहे।
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार पर दबाव मुख्य रूप से वैश्विक कारणों से है, जिसमें पश्चिम एशिया का बढ़ता संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव शामिल हैं। मार्च महीने में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से 1.14 लाख करोड़ रुपये निकाले, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक बहिर्वाह है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है और आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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