मजदूर विरोधी कानूनों को लेकर संयुक्त मोर्चा का हमला, केंद्र सरकार को दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

संयुक्त मोर्चा ने केंद्र सरकार पर नए कानूनों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। मोर्चा का कहना है कि सरकार द्वारा लाए जा रहे भूमि और श्रम से जुड़े नए कानून पूंजीपतियों के हित में हैं और इससे किसान व मजदूर वर्ग को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां आम मेहनतकश लोगों के अधिकारों पर सीधा हमला हैं।

संयुक्त मोर्चा ने कहा कि निजीकरण की नीति के चलते न सिर्फ मजदूर बल्कि सरकारी कर्मचारी भी आक्रोशित हैं। नए श्रम कानूनों से श्रमिकों की सुरक्षा, अधिकार और स्थायित्व पर खतरा मंडरा रहा है। मोर्चा का आरोप है कि सरकार कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता देते हुए मजदूरों को शोषण के दलदल में धकेल रही है।

 

यूनियन नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मजदूर विरोधी काले कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। एक यूनियन नेता ने कहा, “सरकार मजदूरों को गुलाम बनाने वाले काले कानून ला रही है, ईंट का जवाब पत्थर से देंगे।” संयुक्त मोर्चा ने इसे सरकार के लिए अंतिम चेतावनी बताते हुए देशभर में बड़े आंदोलन का ऐलान किया है।

Vandana Singh 10 February 2026

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