महाकाल के दर्शन को पहुंचीं अलका लांबा, बोलीं- पहचान नाम से नहीं, काम से होती है
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचीं। उन्होंने श्री महाकालेश्वर मंदिर में नंदी हाल और देहरी से भगवान महाकाल के दर्शन किए और नंदी मंडपम में बैठकर ध्यान लगाया। धार्मिक माहौल में हुआ यह दौरा पूरी तरह आध्यात्मिक नजर आया, जहां उन्होंने भगवान महाकाल से आशीर्वाद लिया।
मंदिर से बाहर आते ही अलका लांबा के तेवर सियासी हो गए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रदेश सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि नाम में “भगवान” जोड़ लेना ही काफी नहीं, असली पहचान इंसान के काम से होती है। लांबा ने आरोप लगाया कि आज कुछ नेता समाज को जोड़ने के बजाय तोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने भगवान शिव के नीलकंठ स्वरूप का उदाहरण देते हुए कहा कि शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए विष पिया, जबकि आज कुछ सत्ताधारी समाज में जहर घोल रहे हैं।
अलका लांबा ने अपनी यात्रा के दौरान देखी एक घटना का जिक्र करते हुए गंभीर सवाल भी उठाए। उन्होंने बताया कि इंदौर से उज्जैन आते समय एक ऑटो पर ऐसे दोषी अपराधी का प्रचार देखा गया, जिसे नाबालिगों से जुड़े जघन्य अपराधों में सजा हो चुकी है। इसे शर्मनाक बताते हुए उन्होंने कहा कि अपराधियों का महिमामंडन महिलाओं की सुरक्षा के लिए खतरनाक सोच है। लांबा ने साफ किया कि महिला कांग्रेस ऐसी मानसिकता के खिलाफ लगातार आवाज उठाती रहेगी।