Patrakar Priyanshi Chaturvedi
केंद्रीय बजट 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकियों का करारा आर्थिक और कूटनीतिक पलटवार किया है। बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक दबावों से भारत को सुरक्षित रखने वाला ‘आर्थिक कवच’ बनकर उभरा है। अमेरिकी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति और संभावित आयात टैक्स की अनिश्चितताओं के बीच मोदी सरकार ने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात बढ़ाने पर जोर देकर भारत को आत्मनिर्भर बनाने की रणनीति अपनाई है।
बजट में आयात घटाने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया है। जिन चीजों के लिए भारत पर विदेशों की निर्भरता थी, उनके उत्पादन पर सब्सिडी और इंसेंटिव दिए गए हैं। इसके अलावा भारतीय कंपनियों को टैक्स में राहत दी गई है और इन्फ्रास्ट्रक्चर व लॉजिस्टिक्स पर खर्च बढ़ाकर उत्पादन लागत घटाने की योजना बनाई गई है। इससे वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पाद प्रतिस्पर्धी बने रहेंगे और देश विदेशी आर्थिक झटकों से बचा रहेगा।
बजट पर उद्योग संगठनों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, जबकि विपक्ष ने महंगाई और मोबाइल-गैजेट्स की कीमत बढ़ने की चिंता जताई। शेयर बाजार में भी उत्साह देखा गया। बजट अब सिर्फ अर्थशास्त्र नहीं, बल्कि जियो-पॉलिटिक्स का हथियार बन गया है। घरेलू उत्पादन बढ़ाकर भारत ने ट्रंप के साथ-साथ चीन को भी संदेश दिया कि वह वैश्विक दबाव में नहीं झुकने वाला। यह बजट ‘न्यू इंडिया’ के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की कहानी बयां करता है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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