Patrakar Priyanshi Chaturvedi
यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद अयोध्या के परमहंस आचार्य का एक बयान तेजी से चर्चा में आ गया है। लंबे समय से इन नियमों का विरोध कर रहे आचार्य ने दावा किया कि ये नियम देशहित में नहीं थे और इनके पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ अदृश्य प्रभाव काम कर रहे थे। कोर्ट के फैसले के बाद जहां कई संगठनों ने राहत जताई, वहीं आचार्य के बयान ने एक नई बहस छेड़ दी है।
परमहंस आचार्य ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंत्र-मंत्र के जरिए वशीकरण कराया था, जिसके प्रभाव में आकर यूजीसी जैसे फैसले सामने आए। उन्होंने यह भी दावा किया कि वैदिक मंत्रों और विशेष पूजा-पाठ के माध्यम से प्रधानमंत्री को अब उस प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है। आचार्य के अनुसार अयोध्या में इसके लिए विशेष साधना की गई।
आचार्य ने चेतावनी दी कि ऐसे नियम लागू होने से सामाजिक टकराव बढ़ सकता था और महिलाओं की सुरक्षा व सामाजिक सौहार्द पर असर पड़ता। उन्होंने कहा कि यदि नियम वापस नहीं लिए जाते तो वे इच्छामृत्यु की मांग तक कर सकते थे। अब सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री की कुशलता और देश में शांति बनाए रखने के लिए पूजा-पाठ जारी रखने की बात कही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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