Patrakar Priyanshi Chaturvedi
भारत में पाकिस्तानी डिजिटल कंटेंट पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर यह कंटेंट लगातार देखा जा रहा है। साल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तानी फिल्मों, म्यूजिक, वेब सीरीज और पॉडकास्ट पर बैन लगा दिया था। लेकिन हालिया जांच में सामने आया कि ये प्रतिबंध केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है और ARY डिजिटल जैसे चैनल्स की वेबसाइट्स और कुछ यूट्यूब चैनल्स के जरिए भारतीय दर्शक आसानी से इस कंटेंट तक पहुंच बना रहे हैं।
जांच में यह भी पता चला कि करीब 15 यूट्यूब चैनल्स अभी भी पाकिस्तानी ड्रामों को भारत में दिखा रहे हैं और इससे कमाई भी हो रही है। इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भी स्टार्स के वैकल्पिक अकाउंट्स से कंटेंट भारतीय दर्शकों तक पहुंच रहा है। इस कंटेंट में कभी-कभी छिपा हुआ भारत विरोधी नैरेटिव भी होता है, जो अनजाने में दर्शकों के मनोविज्ञान को प्रभावित कर सकता है। रेडियो पाकिस्तान के यूट्यूब चैनल और DG ISPR जैसे पाकिस्तानी मीडिया अकाउंट्स का खुला संचालन भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
डिजिटल एनालिस्ट के अनुसार, जैसे शो ‘मेरी जिंदगी है तू’ और ‘मेरे हमसफर’ ने अकेले ही 1.8 करोड़ व्यूअरशिप हासिल की है। आईटी रूल्स 2021 के तहत सरकार ने एडवाइजरी जारी की थी, लेकिन तकनीकी खामियों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की ढीली मॉनिटरिंग के कारण यह कंटेंट अभी भी आसानी से सर्च किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ बैन करना काफी नहीं है, सरकार को कंटेंट-आधारित ब्लॉकिंग और साइबर सुरक्षा को मजबूत करना होगा और गूगल, फेसबुक और एक्स जैसी कंपनियों को बाध्य करना होगा कि वे ऐसे कंटेंट को तुरंत फिल्टर करें।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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