Patrakar Priyanshi Chaturvedi
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद भोपाल प्रशासन अलर्ट हो गया है। सुरक्षित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने बड़ा फैसला लेते हुए करीब 250 ट्यूबवेल बंद करने की योजना बनाई है। भूजल के दूषित पाए जाने के बाद इन ट्यूबवेलों पर निर्भर इलाकों को नगर निगम के मुख्य जल आपूर्ति नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। साथ ही शहर में अवैध जल कनेक्शनों की पहचान के लिए सघन सर्वे शुरू किया गया है, ताकि लीकेज और प्रदूषण की आशंका खत्म की जा सके।
डिजिटल निगरानी के लिए नगरीय प्रशासन विभाग ने ‘अमृत रेखा’ नाम से नया वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप तैयार किया है। इसके जरिए शहर के 174 ओवरहेड टैंकों की रियल टाइम ट्रैकिंग की जाएगी। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, फील्ड इंजीनियर ऐप के माध्यम से पाइपलाइन और पानी की गुणवत्ता की जांच करेंगे। किसी भी खराबी या प्रदूषण की शिकायत पर डिजिटल मैप के जरिए तुरंत मरम्मत की जाएगी।
इसके अलावा नगर निगम सीवरेज और वाटर सप्लाई नेटवर्क का पूरा रूट-मैप ऑनलाइन अपलोड कर रहा है, जिससे भविष्य में जल संकट या दूषित पानी जैसी स्थिति पर समय रहते नियंत्रण किया जा सके। वहीं, इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से मौतों का आंकड़ा बढ़कर 25 पहुंच गया है और एक हजार से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं। इस घटना ने प्रदेशभर में जल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर प्रशासन को सतर्क कर दिया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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