सीएमओ पर तानाशाही के आरोप, रामनगर में सफाई कर्मचारी सड़क पर उतरे
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मैहर जिले के रामनगर नगर परिषद में आउटसोर्स ठेका प्रथा के विरोध में बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ के बैनर तले 140 से अधिक सफाई कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया है, जिससे नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगने से स्वास्थ्य जोखिम बढ़ गया है और आम नागरिकों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है।

 

आंदोलनरत कर्मचारियों ने अनुविभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) रामनगर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) लखन लाल ताम्रकार पर तानाशाही और मनमानी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि नगर परिषद का गठन 16 जनवरी 2015 को हुआ था और वे पिछले दस वर्षों से बिना किसी शिकायत के सेवा दे रहे हैं, इसके बावजूद बिना लिखित आदेश, पूर्व सूचना और सरकारी नियमों के विपरीत उन्हें अचानक आउटसोर्स ठेका प्रथा में डाल दिया गया। साथ ही वेतन की अनियमितता और पिछले दो वर्षों से ईपीएफओ की कटौती खाते में जमा न होने का भी आरोप लगाया गया है।

 

संघ के जिलाध्यक्ष रामाकांत मिश्रा ने बताया कि 16 जनवरी 2026 से शुरू क्रमिक अनशन अब अनिश्चितकालीन हो चुका है। पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रामसुशील पटेल ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए इसे प्रशासन की मनमानी करार दिया है। संघ ने प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है और चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो भोपाल में धरना-प्रदर्शन सहित आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन या सीएमओ की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सभी की निगाहें मुख्यमंत्री कार्यालय पर टिकी हैं।

Priyanshi Chaturvedi 22 January 2026

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