Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश में शिक्षक तैनाती को लेकर उठ रहे सवालों के बीच राजधानी भोपाल में जिला शिक्षा विभाग ने 500 शिक्षकों का दफ्तरों से अटैचमेंट समाप्त कर दिया है। अब ये शिक्षक अपनी मूल संस्थाओं में लौटकर बच्चों को पढ़ाई कराएंगे। यह कदम परीक्षा को देखते हुए उठाया गया है, क्योंकि अगले महीने दो लाख से ज्यादा छात्रों की दसवीं-बारहवीं बोर्ड परीक्षा और पांचवीं से आठवीं की कक्षाओं की परीक्षा होनी है। बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होगी।
शिक्षकों की कमी के बावजूद कई शिक्षक कार्यालयों में तैनात थे और मूल संस्थाओं में नहीं थे। हाल में निरीक्षण और बच्चों की शिकायत के बाद यह स्थिति सामने आई। जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र अहिरवार ने बताया कि अब शिक्षक अपनी मुख्य कक्षाओं में लौटेंगे, अन्यथा उनका वेतन रोक दिया जाएगा। राजधानी में कुल 3,500 शिक्षक हैं, जो पहली से बारहवीं तक पढ़ाई करा रहे हैं और इनमें से कुछ एसआइआर में भी ड्यूटी करते हैं।
एमपी माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इस बार परीक्षा को लेकर नियमों में बदलाव किए हैं। नकल रोकने और प्रश्नपत्र लीक होने से बचाने के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं। जिन शिक्षकों के बच्चे परीक्षा में हैं, उन्हें पर्यवेक्षक या नया केंद्राध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा। गंभीर बीमारी वाले शिक्षक परीक्षा कार्य में नहीं लगाए जाएंगे और हायर सेकेंडरी स्कूलों के शिक्षकों को उनके विषय के प्रश्नपत्रों में पर्यवेक्षक नहीं बनाया जाएगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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