Patrakar Priyanshi Chaturvedi
पाकिस्तान ने सऊदी अरब और तुर्की के साथ मिलकर एक बड़ी त्रिपक्षीय डिफेंस डील की योजना पर करीब एक साल तक बातचीत की है और इसका ड्राफ्ट भी तैयार किया गया है। पाकिस्तान के रक्षा उत्पादन मंत्री रजा हयात हरराज के अनुसार, यह प्रस्ताव क्षेत्र में बढ़ती हिंसा और अस्थिरता से निपटने के लिए एक मजबूत सुरक्षा ढांचा बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। हालांकि, डील को अंतिम रूप देने के लिए तीनों देशों की आपसी सहमति अभी नहीं बन पाई है।
तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने स्पष्ट किया कि तीनों देशों के बीच बातचीत जरूर हुई है, लेकिन अब तक कोई औपचारिक समझौता साइन नहीं हुआ है। उनका कहना है कि क्षेत्रीय सहयोग तभी संभव है जब देशों के बीच भरोसा और विश्वास मजबूत हो। फिदान ने एक व्यापक और समावेशी सुरक्षा मंच की जरूरत पर जोर दिया, जो बाहरी दखल, आतंकवाद और क्षेत्रीय अस्थिरता जैसी समस्याओं से निपटने में मदद कर सके।
इस संभावित डिफेंस डील में शामिल पाकिस्तान और तुर्की भारत-विरोधी रुख के लिए जाने जाते हैं, जबकि सऊदी अरब के भारत के साथ मजबूत आर्थिक और ऊर्जा संबंध हैं। अगर यह समझौता होता है, तो भारत को यह मानकर चलना होगा कि पाकिस्तान पूरी तरह अकेला नहीं है। हालांकि यह भारत के लिए सीधी घेराबंदी नहीं होगी, लेकिन बदलते क्षेत्रीय समीकरणों पर नजर रखना, अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत करना और रणनीतिक साझेदारियों का दायरा बढ़ाना भारत के लिए जरूरी होगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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