JLF में जावेद अख्तर ने बेबाक अंदाज में बोले, ‘सेक्युलर का कोई क्रैश कोर्स नहीं’
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जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) में बॉलीवुड के दिग्गज गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर ने भाषा, समाज और सिनेमा पर खुलकर चर्चा की। वरीशा फरासत के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि सेक्युलर मूल्यों को कोई क्रैश कोर्स नहीं सिखा सकता; यह व्यक्ति अपने माहौल और संस्कृति से सीखता है। अख्तर ने अपने बचपन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके नाना-नानी पढ़े-लिखे नहीं थे, अवधी बोलते थे और पांच वक्त की नमाज पढ़ते थे, जिसने उन्हें सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाया।

 

भाषा के सवाल पर जावेद अख्तर ने कहा कि संस्कृत हजारों साल पुरानी है, जबकि उर्दू कल की बच्ची है और तमिल सबसे पुरानी जीवित भाषा है। उन्होंने जोर दिया कि भाषाओं की तुलना करने के बजाय उनके इतिहास और विकास को समझना अधिक महत्वपूर्ण है। उनके शब्दों ने सत्र को पॉइंट्स ऑफ रियलिटीका अनुभव बना दिया और दर्शकों को गहराई से सोचने पर मजबूर किया।

Priyanshi Chaturvedi 15 January 2026

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