Patrakar Priyanshi Chaturvedi
अमेरिका के फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट (FARA) के तहत सार्वजनिक हुए दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि पिछले साल अप्रैल में भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान बुरी तरह घबरा गया था। संघर्ष रोकने के लिए पाकिस्तान ने अमेरिका में अपने राजनयिकों के जरिए बड़े पैमाने पर लॉबिंग की और शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों, सांसदों, पेंटागन व विदेश विभाग के अफसरों से करीब 60 बार संपर्क किया। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने भारत पर अमेरिकी दबाव बनवाने के उद्देश्य से छह अमेरिकी लॉबिंग फर्मों को हायर किया, जिस पर करीब 45 करोड़ रुपये खर्च किए गए। यह संपर्क अभियान ऑपरेशन सिंदूर के दौरान और उसके चार दिन बाद तक जारी रहा।
अमेरिकी लॉबिंग फर्म एसएचडब्ल्यू पार्टनर्स एलएलसी ने दावा किया है कि भारतीय दूतावास ने भी अमेरिका में संपर्क बढ़ाने के लिए उसकी सेवाएं ली थीं। FARA में दर्ज जानकारी के अनुसार 10 मई 2025 को इस फर्म ने भारतीय दूतावास की ओर से व्हाइट हाउस, नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल और अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव से संपर्क कराने में मदद की, जहां भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी मीडिया कवरेज पर चर्चा हुई। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अमेरिका में लॉबिंग फर्मों के साथ काम करना कानूनी और दशकों से चली आ रही प्रक्रिया है, जिसका पूरा रिकॉर्ड न्याय विभाग की वेबसाइट पर मौजूद है। वहीं कांग्रेस ने 10 मई की गतिविधियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसी दिन सैन्य टकराव खत्म होने का ऐलान अमेरिका की ओर से हुआ था, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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