Patrakar Priyanshi Chaturvedi
यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट भीमबेटका में देश का पहला ‘रॉक आर्ट ईको पार्क म्यूजियम’ विकसित किया जाएगा, जहां 30 हजार साल पुरानी शैल-कलाएं एक ही छत के नीचे देखने को मिलेंगी। मध्य प्रदेश पर्यटन निगम 1.12 हेक्टेयर क्षेत्र में इस अनूठे म्यूजियम का निर्माण करेगा, जिसकी अनुमानित लागत 19 करोड़ रुपये है और इसे वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें भीमबेटका की सात पहाड़ियों में फैले 750 से अधिक शैलाश्रयों की हूबहू प्रतिकृतियां अस्थायी और पर्यावरण-अनुकूल सामग्री से तैयार की जाएंगी, ताकि पर्यटक मूल परिवेश जैसा अनुभव कर सकें।
म्यूजियम में शैल चित्रों की जानकारी डिजिटल माध्यम से प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें फोटो, लिखित विवरण, ऑडियो-वीडियो, पुरातत्वविदों की टिप्पणी और प्रमाणित रिसर्च पेपर शामिल होंगे। एआई तकनीक के जरिए इन प्राचीन कलाओं को जीवंत और रचनात्मक रूप में दिखाया जाएगा। अभी भीमबेटका के लगभग 10 किलोमीटर क्षेत्र में फैले कई क्लस्टर आम पर्यटकों की पहुंच से बाहर हैं, लेकिन यह म्यूजियम जावरा, विनयका, भोंरावली और लाखा जुआर जैसे अनदेखे शैलाश्रयों की प्रतिकृतियों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित करेगा, जिससे पर्यटक पूरे भीमबेटका का समग्र अनुभव ले सकेंगे।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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