Patrakar Priyanshi Chaturvedi
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को नेताजी इंडोर स्टेडियम में तृणमूल कांग्रेस के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में वोटर लिस्ट की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कई खामियां हैं और चुनाव आयोग राज्य सरकार को जानकारी दिए बिना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर रहा है। ममता बनर्जी का आरोप है कि आयोग बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जो टीएमसी पार्षद निष्क्रिय रहेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने दावा किया कि SIR सुनवाई के लिए भेजे गए कई केंद्रीय अधिकारियों को स्थानीय भाषा का सही ज्ञान नहीं है, जिससे जांच और सत्यापन की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
वोटर लिस्ट से नाम हटाने की साजिश का आरोप
ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी करीब डेढ़ करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की कोशिश कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्धमान जिले में बिहार समेत अन्य राज्यों से बाइकें लाई जा रही हैं और चुनाव के लिए बाहरी लोगों को लाने की तैयारी हो रही है। सीएम ने सवाल उठाया कि क्या मतुआ और आदिवासी समुदाय के लोग अब वोट नहीं दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि दो साल का काम दो महीने में करने की कोशिश हो रही है। ममता बनर्जी ने परिसीमन के बाद वार्डों की संख्या घटने और बीएलओ को पर्याप्त प्रशिक्षण न मिलने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी ने सभी एजेंसियों को अपना एजेंट बना लिया है, जो लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश है।
Patrakar Vandana Singh
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