Patrakar Priyanshi Chaturvedi
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राज्यसभा में आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए उनके मानदेय को दोगुना करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ये महिलाएं सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उनके योगदान के अनुरूप मानदेय नहीं मिलता। सोनिया गांधी ने बढ़ती महंगाई का जिक्र करते हुए बताया कि वर्तमान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मात्र 4,500 रुपये और सहायिकाओं को 2,250 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं, जो उनके कार्यभार और जिम्मेदारियों के हिसाब से बेहद कम हैं।
सोनिया गांधी ने एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) के तहत बड़े पैमाने पर खाली पड़े पदों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देशभर में लगभग तीन लाख पद रिक्त हैं, जिसके चलते बच्चों और माताओं को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक देखभाल जैसी जरूरी सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आंगनवाड़ी और आशा वर्कर्स सीमित सामाजिक सुरक्षा और भारी कार्यभार के बीच काम करने को मजबूर हैं, इसलिए केंद्र सरकार को राज्यों के साथ मिलकर जल्द से जल्द सभी खाली पद भरने और कर्मचारियों को समय पर उचित मानदेय देने के ठोस कदम उठाने चाहिए।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.
Created By:
Medha Innovation & Development |