Patrakar Priyanshi Chaturvedi
फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के ‘GOAT टूर 2025’ के तहत कोलकाता दौरे के दौरान मची अव्यवस्था अब सियासी मुद्दा बन गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने पश्चिम बंगाल सरकार पर कड़ा हमला करते हुए इसे राज्य में कानून-व्यवस्था की पूरी तरह नाकामी बताया है। उन्होंने कहा कि इस घटना की जिम्मेदारी राज्य के गृह मंत्री, जो खुद मुख्यमंत्री हैं, और कोलकाता पुलिस कमिश्नर की बनती है। सरमा ने साफ कहा कि जवाबदेही ऊपर से तय होनी चाहिए। उन्होंने अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि गुवाहाटी में जुबीन गर्ग के निधन के बाद लाखों लोगों की भीड़ रही, फिर भी शांति बनी रही। पोस्ट मालोन के कार्यक्रम और मुंबई में महिला वर्ल्ड कप फाइनल का आयोजन भी बिना किसी परेशानी के हुआ, जबकि बंगाल में हालात अनिश्चित हो चुके हैं और वीआईपी संस्कृति चरम पर है।
वीआईपी भीड़, नाराज फैंस और पुलिस की कार्रवाई
मेसी के कोलकाता पहुंचने को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह था, लेकिन आरोप है कि वीआईपी और नेताओं की भीड़ मैदान में पहुंच गई, जिससे टिकट खरीदने वाले आम दर्शकों को मेसी की ठीक से झलक तक नहीं मिल पाई। बताया जा रहा है कि मेसी के जल्दी कार्यक्रम स्थल छोड़ने के बाद फैंस भड़क गए। नारेबाजी शुरू हुई, स्टेडियम में तोड़फोड़ की गई, बोतलें और कुर्सियां फेंकी गईं, टेंट और गोलपोस्ट को नुकसान पहुंचा और सुरक्षा घेरा भी तोड़ दिया गया। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। बाद में राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने बताया कि कार्यक्रम आयोजक को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना के बाद विपक्ष ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया है और कहा है कि प्रशासन की लापरवाही से एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन की छवि खराब हुई और आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
Patrakar Vandana Singh
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