Patrakar Priyanshi Chaturvedi
लाल किले में हुए हालिया विस्फोट और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यात्रा को देखते हुए दिल्ली में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पूरे शहर में मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत स्ट्रीट लेवल से लेकर एयरस्पेस तक कड़ी निगरानी रखी जा रही है। SWAT टीमें, स्नाइपर्स, एंटी-टेरर यूनिट्स, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां एक-दूसरे के साथ मिनट-टू-मिनट को-ऑर्डिनेशन में काम कर रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
पुतिन 4 और 5 दिसंबर को भारत में रहेंगे और उनकी सुरक्षा के लिए विशेष प्रोटोकॉल लागू किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, 5000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और उनकी मूवमेंट से जुड़े सभी मार्गों को पहले से सुरक्षित कर दिया गया है। पुतिन की विशेष सुरक्षा टीम भी भारतीय एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय में काम कर रही है। सुरक्षा बढ़ाने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय किए जा रहे हैं और संवेदनशील इलाकों में हाई-डेफिनिशन कैमरे लगाए गए हैं।
ट्रैफिक पुलिस भी लगातार सलाह जारी करेगी ताकि आम नागरिकों को न्यूनतम परेशानी हो। कुछ रास्तों पर अस्थायी रोक या पैदल आवाजाही पर प्रतिबंध संभव है, जिसकी जानकारी पहले से दी जाएगी। पुतिन भारत-रूस के 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए आ रहे हैं, और इस यात्रा के दौरान रक्षा, ऊर्जा और व्यापार से जुड़े कई अहम समझौते होने की संभावना है। यह दौरा उस समय हो रहा है जब अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल आयात कम करने का दबाव बढ़ाया है, जबकि यूक्रेन युद्ध को लेकर वैश्विक तनाव जारी है।
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