प्रदेश के कानून व्यवस्था में लगातार सुधार
मध्यप्रदेश को भारत का दिल कहा जाता है .... और मध्यप्रदेश एक प्रमुख राज्य है जो न केवल सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि कानून व्यवस्था के क्षेत्र में भी निरंतर सुधार और प्रगति की दिशा में अग्रसर है.... पिछले कुछ सालों में राज्य सरकार ने कानून व्यवस्था को दृढ़ बनाने के लिए कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं....जिसमे मध्यप्रदेश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लाड़ली बहना सुरक्षा योजना और महिला हेल्प डेस्क जैसे विशेष सुबिधा शरू कि है ... साथ ही प्रदेश में महिला हेल्पलाइन 181 और डायल 100 सेवा को और अधिक प्रभावी बनाया गया है...... जिससे आम नागरिकों की त्वरित सहायता सुनिश्चित की जा सके....
राज्य में अपराध दर में गिरावट दर्ज की गई है....बता दे की 2024 में अपराधों में कुल मिलाकर 3.53% की गिरावट देखी गई है..... राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार संगठित अपराध.. हत्या, डकैती और महिलाओं के विरुद्ध अपराध में पिछले साल की तुलना में लगभग 12% की कमी देखने को मिली है...... पुलिस बल को आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है और साइबर क्राइम को रोकने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया है....जिससे पारदर्शिता और विश्वास में वृद्धि हो रही है.... कानून व्यवस्था को तकनीकी सहायता देने हेतु CCTV निगरानी, ड्रोन और AI आधारित निगरानी प्रणाली का उपयोग भी तेजी से बढ़ा है.... इन सभी उपायों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश आज एक सुरक्षित और न्यायिक दृष्टि से सक्षम राज्य के रूप में उभर रहा है... जहां कानून का राज सर्वोपरि है और नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हैं.... मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ने कहा है कि कैसे भी अपराध हों, उसके नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जाएं...... और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अविश्वास पूरी तरह खत्म करना है... साथ ही सभी वर्गों का विकास और सभी का हित सुनिश्चित करना है... .... मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि शहरों में प्रमुख मार्गों पर स्टंट करने वालों, हथियार लहराने वालों, गौवंश पर अत्याचार या नशे से जुड़े अपराधों में लिप्त लोगो के विरूद्ध सख्त कार्यवाही हो... और पुलिस की उपस्थिति सड़क से लेकर जनता के हृदय तक होना चाहिए...