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लखनऊ । अवैध धर्मांतरण मामले में बलरामपुर जिले से गिरफ्तार जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को एनआईए/एटीएस कोर्ट में बुधवार को पेशी के बाद जेल भेज दिया गया। इससे पहले एटीएस ने दोनों का मेडिकल परीक्षण कराया। इस दौरान छांगुर ने पत्रकारों से कहा कि वो निर्दोष है।
अवैध धर्मांतरण के मुख्य आरोपित छांगुर और सहयोगी नसरीन की एक सप्ताह की पुलिस कस्टडी रिमांड की अवधि बुधवार शाम को पूरी हो गई थी। एटीएस ने दोनों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्र लेकर आई। यहां पर उनका मेडिकल परीक्षण हुआ। इसके बाद इन्हें एनआईए/एटीएस की विशेष अदालत में पेश किया गया। इससे पहले पूछताछ के लिए दोनों को एटीएस ने सात दिन की कस्टडी रिमांड पर लिया था। पूछताछ के दौरान दोनों से एटीएस को अवैध धर्मांतरण, विदेशी फंडिंग को लेकर कई अहम जानकारियां मिली हैं। इसके बाद दोनों को कोर्ट में पेशी के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें लखनऊ की जेल में भेज दिया गया है।
जिला कारागार के वरिष्ठ अधिकारी आरके जायसवाल ने बताया कि एटीएस टीम छांगुर और नसरीन को यहां लेकर आई थी। तलाशी और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें अलग-अलग बैरक में रखा गया है। नसरीन का पति नवीन उर्फ जमालुद्दीन भी जेल के बैरक में बंद हैं। बैरकों में सुरक्षा-व्यस्था चाक चौबंद रखा गया है। वहीं, आरोपितों से पूछताछ के दौरान एटीएस को मिले जानकारी के बाद अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। विदेशी फंडिंग को लेकर ईडी भी अपनी जांच शुरू कर सकती है।
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