
Dakhal News

खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिला मुख्यालय पर 10 अप्रैल को रामनवमी के दिन सांप्रदायिक हिंसा के दौरान मिले युवक के शव की शिनाख्त आठ दिन बाद शिनाख्त हो पाई है। सोमवार सुबह पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच मुक्तिधाम के पास इस्लामपुरा में युवक काे दफनाया गया। इसके चलते पूरे शहर में निगरानी बढ़ा दी गई है। इसी बीच प्रशासन ने सोमवार को कर्फ्यू में छूट का समय बदल कर दोपहर 12 से 2 बजे तक दो घंटे की ढील दी गई है।
पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने सोमवार को बताया कि 10 अप्रैल को रामनवमी के दिन हिंसा के बाद देर रात एक युवक के घायल अवस्था में पड़े होने की सूचना मिली थी। तत्काल उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। युवक की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। इसलिए खरगोन में शव रखने की कोई व्यवस्था न होने के कारण इंदौर के एमवाय अस्पताल के शवगृह में उसका शव रखवा दिया गया था।
उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल को कर्फ्यू में पहली बार दो घंटे की ढील गई थी, तब 28 वर्षीय युवक इब्रेश उर्फ सद्दाम खान के गुमशुदा होने की रिपोर्ट परिजनों ने दर्ज कराई गई थी। इस पर पुलिस ने रविवार देर रात परिजनों को इंदौर भेजकर शव की शिनाख्त करवाई थी। परिजनों ने शव की शिनाख्त इब्रेश खान के रूप में की थी। पुलिस अधीक्षक काशवानी ने बताया कि युवक की मौत सिर पर चोट लगने की वजह से हुई है। इस मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। उनसे जब पूछा कि क्या युवक की मौत को खरगोन हिंसा के साथ जोड़कर देखा जा सकता है तो उन्होंने कहा कि यह जांच करने के बाद ही साफ हो पाएगा।
इसी बीच जिला प्रशासन ने सोमवार को सुबह 8 से 12 तक कर्फ्यू में ढील को निरस्त कर दिया है और अब दोपहर 12 से दोपहर 2 बजे तक की छूट दी गई है। यह छूट सिर्फ किराना, मेडिकल और दूध के लिए ही होगी। महिलाएं और पुरुष दोनों खरीदारी कर सकते हैं।
Dakhal News
All Rights Reserved © 2025 Dakhal News.
Created By:
![]() |