Patrakar Priyanshi Chaturvedi
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े हिजाब प्रकरण का विवाद अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। नए-नए बयान और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस मुद्दे को और उलझा रही हैं। आयुष महिला चिकित्सक की कथित ज्वाइनिंग को लेकर किए गए दावे भी अब तक साफ नहीं हो पाए हैं। इसी बीच राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बयानों ने बहस को और हवा दे दी है। राज्यपाल ने इसे बेवजह तूल देने का मामला बताया और कहा कि नीतीश कुमार लड़कियों को बेटी की तरह देखते हैं, ऐसे में उनके इरादों पर सवाल उठाना गलत है।
मांझी के बयान से बढ़ी नाराजगी, मामला पहुंचा दूसरे राज्यों तक
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी इसे गैर-जरूरी विवाद बताया, लेकिन अपने बयान के चलते वह खुद आलोचनाओं में घिर गए। उन्होंने निजी अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि किसी महिला से चेहरा खुला रखने को कहना गलत नहीं है, खासकर जब ऐसा कहने वाला 74 साल का बुजुर्ग हो। हालांकि “कठमुल्ला” जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर राजनीतिक और सामाजिक नाराजगी भी देखने को मिली। विवाद यहीं नहीं रुका और झारखंड तक पहुंच गया, जहां एक मंत्री ने महिला चिकित्सक को नौकरी का ऑफर दे दिया। कुल मिलाकर यह मामला अब सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि राजनीति, धर्म और सामाजिक सोच के टकराव का मुद्दा बन चुका है, जिस पर आने वाले दिनों में सियासत और तेज होने के आसार हैं।
Patrakar Vandana Singh
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