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पत्रकार माइकल वॉल्फ की किताब में जि़क्र
डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति नहीं बनना चाहते थे। वहीं पत्नी मेलानिया को जब अपने पति की अचंभित करने वाली जीत का पता चला तो वह रोने लगीं थीं।
इसका जिक्र अमेरिकी पत्रकार माइकल वॉल्फ ने अपनी पुस्तक 'फायर एंड फ्यूरीः इनसाइड द ट्रंप व्हाइट हाउस' में किया है। पुस्तक के अनुसार ट्रंप ने चुनाव अभियान की शुरुआत में ही अपने सहयोगी सैम ननबर्ग को बता दिया था कि उनका अंतिम लक्ष्य कभी चुनाव जीतना नहीं रहा।
हालांकि वह दुनिया के सबसे मशहूर शख्स बन सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने लंबे समय के दोस्त फॉक्स न्यूज के पूर्व प्रमुख रोजर एलायस से मजाकिया लहजे में कहा था कि अगर टेलीविजन के क्षेत्र में कॅरियर बनाना चाहते हो तो पहले राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ो।
किताब में कहा गया है, 'जूनियर ट्रंप ने अपने एक दोस्त को बताया था कि चुनाव परिणाम की रात आठ बजे के बाद जब अप्रत्याशित रुझानों ने ट्रंप की जीत की पुष्टि कर दी तो कि उनके पिता ऐसे लग रहे थे जैसे उन्होंने भूत देख लिया हो। मेलानिया खुश होने की बजाय रो रही थीं।'
एच1बी वीजा के समर्थन में थेः अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव जीतने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय पेशेवरों में लोकप्रिय एच1बी का समर्थन किया था। उन्होंने 14 दिसंबर 2016 को आइटी क्षेत्र के दिग्गजों के साथ बैठक में माना था कि उनकी कंपनियों के लिए एच1बी वीजा काफी अहम है।
माइकल वॉल्फ की पुस्तक में बताया गया है कि डोनाल्ड टं्रप के अपने दोस्तों की पत्नियों के साथ करीबी संबंध थे।
डेली मेल में छपी किताब के अंश के अनुसार ट्रंप मित्रों की बीवियों की हमदर्दी हासिल कर उनके पास जाते थे। यह वह समय होता था, जब ट्रंप के दोस्त अपने घर पर नहीं होते थे।फिर वह अपने दोस्तों से फोन को स्पीकर पर रख बात करते थे। इसमें तमाम तरह की अश्लील बातें होती थीं।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने पुस्तक की बातों को खारिज किया है। सैंडर्स ने कहा कि यह किताब झूठ से भरी है | इसमें उन लोगों के हवाले से भ्रामक तथ्य रखे गए हैं जिनकी व्हाइट हाउस तक पहुंच ही नहीं थी। ज्ञात हो कि पुस्तक अगले सप्ताह आने वाली है।
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