Patrakar Priyanshi Chaturvedi
जमीयत-उलमा-ए-हिंद के सचिव जनरल मौलाना महमूद मदनी की टिप्पणी एक बार फिर चर्चा में है। इस बार उन्होंने कहा है कि जिस घर में शौचालय न हो, वहां मौलवी और मुफ्ती निकाह पढऩे न जाएं। महमूद मदनी ने कहा कि हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के मौलवियों और मुफ्तियों ने यह फैसला ले लिया है। अब देश के दूसरे राज्यों के भी मौलवी और मुफ्ती इसे अमल में लाएं।
गुवाहाटी [असम] में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि इन 3 राज्यों में निकाह के लिए शर्त के तौर पर शौचालय होना जरूरी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि देश के दूसरे धर्म के लोगों को भी इस तरह का फैसला लेना चाहिए। मदनी ने कहा कि 2 तरह की सफाई होती है। एक बाहरी और एक भीतर की। शरीर साफ होने पर ही भीतर की सफाई की जा सकती है। इसलिए न सिर्फ असम, बल्कि पूरे देश को स्वच्छ बनाएं।
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