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मध्य प्रदेश में एक बार फिर अलग विंध्य प्रदेश के गठन और नई राजधानी की मांग तेज होने जा रही है। बघेलखंड विंध्य आदर्श समाज ने इस मांग को लेकर 1 नवंबर से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। संगठन की ओर से भोपाल के तुलसी नगर स्थित आंबेडकर पार्क में सुबह 11 बजे से अनशन और सत्याग्रह किया जाएगा। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी सूरज के मुताबिक, 31 अक्टूबर 1956 की रात तत्कालीन विंध्य प्रदेश का मध्य प्रदेश में विलय कर दिया गया था, जिसके बाद क्षेत्र की अलग राजनीतिक पहचान समाप्त हो गई। अब संगठन एक बार फिर उस पहचान को बहाल करने की मांग उठा रहा है।
संगठन की प्रमुख मांग है कि बघेलखंड और बुंदेलखंड के जिलों को मिलाकर अलग विंध्य प्रदेश बनाया जाए और इसकी नई राजधानी घोषित की जाए। इसके साथ ही बघेली और बुंदेली भाषाओं को संवैधानिक मान्यता देने, प्राथमिक शिक्षा और प्रशासनिक कामकाज में इनका उपयोग करने तथा स्थानीय युवाओं को रोजगार में 75 प्रतिशत प्राथमिकता देने की मांग भी शामिल है। संगठन ने क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय खेल अकादमी स्थापित करने, रीवा मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों का उन्नयन करने, नई रेल लाइनों और बेहतर सड़कों का निर्माण करने के साथ किसानों के लिए सिंचाई सुविधाएं मजबूत करने की मांग रखी है।
बघेलखंड विंध्य आदर्श समाज ने कुल नौ सूत्रीय मांगें सामने रखी हैं। इनमें कोयला, सीमेंट और अन्य खनिज संसाधनों से मिलने वाले राजस्व का बड़ा हिस्सा स्थानीय विकास पर खर्च करने, नए मेडिकल और तकनीकी संस्थान खोलने, बघेली लोक संस्कृति को संरक्षण देने तथा रीवा और शहडोल संभाग में प्रशासनिक सुविधाएं बढ़ाने की मांग भी शामिल है। इसके अलावा प्रस्तावित रीवा परमाणु संयंत्र को रद्द करने, बक्सवाहा जंगल की कटाई रोकने और सिंगरौली में प्रदूषण की समस्या का समाधान करने की मांग उठाई गई है। संगठन के पदाधिकारियों ने राजनीतिक दलों से आगामी विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में इन मांगों को शामिल करने की अपील की है।
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