वोट के अधिकार पर विपक्ष का हल्लाबोल, रामलीला मैदान में जुटेंगे नेता
  Opposition launches offensive over voting rights; leaders to gather at Ramlila Maidan

 

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष की प्रस्तावित मुहिम और रामलीला मैदान में होने वाली रैली को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। लगातार बारिश के चलते विपक्ष ने सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम को एक दिन के लिए स्थगित करने का फैसला किया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बताया कि बारिश के कारण वरिष्ठ नेताओं और कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को परेशानी हो सकती थी, इसलिए सभी की सहमति से तारीख आगे बढ़ाई गई है। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया कि कार्यक्रम केवल एक दिन के लिए टाला गया है और आंदोलन की रणनीति में कोई बदलाव नहीं होगा। राहुल गांधी के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्तावित कार्यक्रम अगले दिन उसी समय आयोजित किया जाएगा।

रामलीला मैदान में होने वाली रैली को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि इसमें राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक संगठन, नागरिक समाज, पत्रकार और आम लोग भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने इसे किसी एक पार्टी का आंदोलन न बताते हुए संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा साझा प्रयास बताया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और पंजाब से दिल्ली आने वाले लोगों को रोकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान में जुटने वाली भीड़ और लोगों को दिल्ली पहुंचने से रोकने की कथित कोशिशें इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीर सामने रखेंगी। ये आरोप राहुल गांधी की ओर से लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं हुई है।

विपक्ष के इस आंदोलन का मुख्य मुद्दा वोट देने के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता है। राहुल गांधी ने कहा कि मताधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और हर नागरिक के वोट देने के अधिकार की सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, उद्योगपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी के साथ-साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत का नाम लेते हुए राजनीतिक और कारोबारी गठजोड़ के आरोप लगाए। इसके अलावा उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयोग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जिसकी जिम्मेदारी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है। ऐसे में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष की प्रस्तावित कार्रवाई और रामलीला मैदान की रैली से चुनावी पारदर्शिता तथा आयोग की जवाबदेही को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।

 

Dakhal News 30 October 2026

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