Patrakar Priyanshi Chaturvedi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित होने पर चिंता जताते हुए कहा कि हंगामे के कारण नए सांसदों को सदन में अपनी बात रखने का मौका नहीं मिल पा रहा है, जो उनके साथ अन्याय है। NCPI और शिवसेना सांसदों के साथ नाश्ते पर हुई बैठक में PM मोदी ने सांसदों से संसद की बहस में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने और संसदीय इतिहास को पढ़ने-समझने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि संसद में उपलब्ध पुराने दस्तावेजों और चर्चाओं का इस्तेमाल कर सांसद अपनी बहस की बेहतर तैयारी कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सदन सुचारू रूप से चलना जरूरी है, क्योंकि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर है।
बैठक में PM मोदी ने सांसदों को अपने संसदीय क्षेत्रों के विकास पर ध्यान देने और जरूरत पड़ने पर सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से संपर्क करने की सलाह दी। उन्होंने सांसदों से गरीबों, मजदूरों और किसानों के बीच जाकर उनकी समस्याएं समझने को कहा। साथ ही स्वास्थ्य का ध्यान रखने की बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा कि NDA को मजबूत करके देश के विकास को आगे बढ़ाना है और सरकार के लिए सांसदों की संख्या नहीं, बल्कि हर सांसद और हर दल महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि संसद को सुचारू चलाने के लिए विपक्ष से भी बातचीत की गई है, लेकिन हंगामे के कारण सत्ता और विपक्ष दोनों के सांसदों को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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