फ्रांस का राफेल प्रस्ताव भारत के पास, 114 जेट की डील से बढ़ेगी एयर पावर
भारत के 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों की मेगा डील अब अहम चरण में पहुंच गई है। फ्रांस की Dassault Aviation ने इस प्रस्ताव का तकनीकी और व्यावसायिक ऑफर भारत को सौंप दिया है। करीब 3.25 लाख करोड़ रुपए की इस संभावित डील में 114 राफेल शामिल हैं, जिनमें से 94 विमानों का निर्माण भारत में किए जाने की योजना बताई जा रही है। मौजूदा 36 राफेल और नौसेना के लिए प्रस्तावित 26 राफेल-M को मिलाकर 114 नए विमान शामिल होने के बाद भारत के पास 176 राफेल हो जाएंगे। अगर नौसेना के लिए भविष्य में 31 और राफेल-M की योजना भी आगे बढ़ती है, तो कुल संख्या 200 के पार जा सकती है।
राफेल की संख्या बढ़ाने की योजना को भारत की दो-मोर्चे वाली सुरक्षा चुनौती से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पाकिस्तान के पास J-10C, JF-17 और F-16 जैसे लड़ाकू विमान हैं, जबकि चीन J-20, J-16 और J-10C जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म के साथ अपनी एयर पावर बढ़ा रहा है। ऐसे में भारत राफेल के साथ Tejas Mk-1A, Tejas Mk-2, सुखोई और भविष्य के AMCA जैसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म पर भी जोर दे रहा है। प्रस्तावित 114 राफेल में भारतीय उद्योग की भागीदारी के साथ Astra जैसी स्वदेशी मिसाइलों और भारतीय सेंसर सिस्टम को इंटीग्रेट करने की योजना भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे भारत की फाइटर फ्लीट की संख्या के साथ उसकी नेटवर्क-सेंट्रिक और लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता भी मजबूत हो सकती है।