एमपी कैबिनेट ने UCC विधेयक को दी मंजूरी, विधानसभा में होगा पेश
मध्य प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि विधेयक को 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, यूसीसी के मसौदे पर 9.58 लाख सुझाव प्राप्त हुए, जिनमें 93.54 प्रतिशत लोगों ने इसका समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय से भी समान नागरिक कानून के पक्ष में सुझाव मिले। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इस विषय पर आयोजित बैठक में कांग्रेस ने हिस्सा नहीं लिया।
प्रस्तावित यूसीसी में विवाह, तलाक और उत्तराधिकार से जुड़े समान प्रावधान शामिल किए गए हैं। विधेयक के अनुसार एक समय में केवल एक ही विवाह मान्य होगा, तलाक कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा और महिला-पुरुष को समान उत्तराधिकार अधिकार मिलेंगे। लिव-इन रिलेशनशिप का एक महीने के भीतर पंजीकरण अनिवार्य होगा, जबकि शादीशुदा व्यक्ति के लिव-इन में रहने पर सजा का प्रावधान रखा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि आदिवासी समुदाय को इस कानून से छूट दी गई है और विवाह पंजीकरण को ग्रामीण स्तर तक अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव है। सरकार ने विपक्ष से इस विधेयक का समर्थन करने की अपील भी की है।