विनोद खन्ना: पिता की बंदूक से बॉलीवुड की चमक तक, स्टारडम और संन्यास की अनोखी कहानी
Vinod Khanna, father

Vinod Khanna हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा सितारों में से थे, जिनकी जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। कॉलेज के दिनों में ही उनकी शख्सियत और लुक्स की वजह से उन्हें फिल्मों का ऑफर मिला, लेकिन घर में इसका कड़ा विरोध हुआ। उनके पिता ने तो गुस्से में पिस्तौल तक तान दी थी, क्योंकि वे चाहते थे कि बेटा पारिवारिक बिजनेस संभाले। बाद में मां के समझाने और शर्तों के साथ विनोद को फिल्मों में कदम रखने की अनुमति मिली।

1968 में फिल्मों की शुरुआत करने के बाद विनोद खन्ना ने जल्दी ही अपनी पहचान बना ली।Amitabh Bachchan के साथ उनकी प्रतिस्पर्धा और ऑन-स्क्रीन टकराव भी खूब चर्चा में रहे। फिल्मी सेट से जुड़े एक किस्से में बताया जाता है कि एक बहस के दौरान अमिताभ बच्चन ने गुस्से में ग्लास फेंक दिया था, जिससे विनोद खन्ना को चोट लगी और टांके लगाने पड़े। यह घटना उनके बीच के तनावपूर्ण लेकिन पेशेवर रिश्तों को दर्शाती है।

 

Vinod Khanna नेमेरे अपने, हाथ की सफाई, इम्तिहानजैसी कई सुपरहिट फिल्मों से स्टारडम हासिल किया और इंडस्ट्री के टॉप एक्टर्स में शामिल हो गए। लेकिन करियर के चरम पर उन्होंने सबकुछ छोड़कर आध्यात्मिक जीवन अपना लिया और संन्यासी बन गए। बाद में वे फिर फिल्मों में लौटे, लेकिन उनका स्टारडम पहले जैसा नहीं रहा। 2017 में उनके निधन के साथ एक अनोखे और बहुआयामी फिल्मी सफर का अंत हो गया।

Priyanshi Chaturvedi 27 April 2026

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