Patrakar Priyanshi Chaturvedi
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोथाबाड़ी हिंसा को लेकर एनआईए पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हिंसा के असली आरोपी फरार हैं, लेकिन एनआईए स्थानीय युवाओं और बेकसूरों को परेशान कर रही है। मुख्यमंत्री ने वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने पर हैरानी जताई और दावा किया कि इस एजेंसी ने जांच के नाम पर लगभग 50 मासूम लोगों को उठाया है। उनका इशारा कथित तौर पर आईएसएफ और एआईएमआईएम की ओर था।
ममता बनर्जी ने चुनावी रैली में उपस्थित जनता और पार्टी नेताओं को निर्देश दिए कि अब चुनावी रैलियां या बैठकें करने की बजाय, प्राथमिकता उन लोगों की मदद करना होनी चाहिए जिनके नाम वोटर लिस्ट से गलत तरीके से हटाए गए हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि सीधे न्यायिक अधिकारियों के पास जाने की बजाय ट्रिब्यूनल के माध्यम से कानूनी रास्ता अपनाएं ताकि उनके नाम वापस जुड़वाए जा सकें।
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर भी आरोप लगाया कि वह हिंसा भड़का कर केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करना चाहती है, जैसा कि मोथाबाड़ी में किया गया। बता दें कि बुधवार को मालदा के मोथाबाड़ी इलाके में प्रदर्शनकारियों ने वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने का विरोध किया और सात न्यायिक अधिकारियों को करीब 9 घंटे तक बंधक बना लिया। इस दौरान पुलिस पर भी हमला हुआ और राज्य की सीआईडी ने अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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