Patrakar Priyanshi Chaturvedi
ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे पर सवाल उठने लगे हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने ईरान की वायुसेना को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया है और उसके आसमान पर कब्जा कर लिया है। हालिया घटनाओं में अमेरिकी विमानों को हुए नुकसान ने इन दावों को चुनौती दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में अमेरिकी लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर ईरानी हमलों का शिकार हुए हैं, जो इस संघर्ष के बदलते हालात को दिखाते हैं।
जानकारी के अनुसार, अमेरिकी F-15E Strike Eagle को ईरान के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में मार गिराया गया। इसके बाद बचाव मिशन के लिए पहुंचे A-10 वज्र II पर भी हमला हुआ, जिससे उसे आपात स्थिति में उतरना पड़ा। इसके अलावा रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे ब्लैक हॉक हेलीकाप्टर पर भी निशाना साधा गया, हालांकि इनमें सवार सैनिक सुरक्षित बताए जा रहे हैं। इस संघर्ष में अब तक कई अमेरिकी विमान क्षतिग्रस्त या नष्ट हो चुके हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अपनी ‘असिमेट्रिक वॉरफेयर’ रणनीति के जरिए अमेरिका को चुनौती दे रहा है। इस्लामिक क्रांतिकारी गार्ड कोर द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ‘मजीद’ जैसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों को निशाना बनाने में सक्षम हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि F-35 Lightning II को भी मार गिराया गया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह स्थिति दर्शाती है कि संघर्ष में अमेरिका को अभी भी पूरी बढ़त हासिल नहीं हो पाई है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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