Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मार्च महीना सोना-चांदी निवेशकों के लिए झटका साबित हुआ है। एमसीएक्स पर सोने की कीमत करीब 20,000 रुपये टूटकर 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गई, जबकि चांदी में 56,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। Nippon India ETF Gold BeES में 18% और Nippon India Silver ETF में 27% की गिरावट आई, जो इसे पारंपरिक “सेफ हेवन” निवेश के उलट स्थिति में ले आई।
इस गिरावट की मुख्य वजह वैश्विक आर्थिक संकेतक हैं। ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष के चलते तेल की कीमतों में उछाल आया, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका गहरी हुई। इसके कारण ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर पड़ीं और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 4-5% तक पहुंच गई। ऐसे में निवेशकों का रुझान सोने की बजाय सुरक्षित और ब्याज देने वाले बॉन्ड की ओर बढ़ गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। लंबी अवधि के निवेशक गिरावट को खरीदारी के मौके के रूप में देख सकते हैं, जबकि शॉर्ट टर्म निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। अगर आपके पास पहले से निवेश है तो घबराकर बेचने के बजाय “होल्ड” रणनीति बेहतर मानी जा रही है। हालांकि, नई खरीदारी धीरे-धीरे और चरणबद्ध तरीके से करना ही सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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