Patrakar Priyanshi Chaturvedi
भारतीय रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर से उबरते हुए डॉलर के मुकाबले 128 पैसे मजबूत होकर 93.57 पर पहुंच गया। यह मजबूती रिजर्व बैंक के सख्त कदम के बाद देखने को मिली, जिसमें बैंकों के लिए ओवरनाइट नेट ओपन पोजिशन (NOP) की सीमा घटाकर 100 मिलियन डॉलर कर दी गई। इस फैसले से बैंकों को अपनी विदेशी मुद्रा पोजिशन कम करनी पड़ी, जिससे बाजार में डॉलर की सप्लाई बढ़ी और रुपये को सहारा मिला।
इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया 93.62 पर खुला और धीरे-धीरे 93.57 तक मजबूत हुआ। इससे पहले शुक्रवार को रुपया 94.85 के अपने ऐतिहासिक निचले स्तर पर बंद हुआ था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मजबूती फिलहाल तकनीकी कारणों से आई है। सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के एमडी अमित पाबरी के अनुसार, बैंकों द्वारा पोजिशन घटाने से डॉलर की बिकवाली बढ़ी है, जिससे अल्पावधि में रुपये को राहत मिली है।
हालांकि, रुपये पर अभी भी दबाव बना हुआ है। डॉलर इंडेक्स 100 के ऊपर बना हुआ है और कच्चे तेल की कीमतें भी ऊंचे स्तर पर हैं, जिससे भारत में डॉलर की मांग बढ़ती है। ब्रेंट क्रूड करीब 115 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है। वहीं घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का माहौल है, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी बाजार पर असर डाल रही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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